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बीजापुर में नेशनल पार्क मुठभेड़ में 2 नक्सली ढेर, अब तक 4 नक्सली ढेर, टॉप कमांडर भास्कर भी मारा गया, हथियार बरामद

 बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में दो दिन से जारी अभियान में सुरक्षा बलों ने 45 लाख रुपये के इनामी तेलंगाना स्टेट कमेटी सदस्य व मंचेरियल कोमाराम भीम (एमकेबी) सचिव भास्कर उर्फ माइलारापु अडेल्लु (45) को मार गिराया है। छत्तीसगढ़ में उस पर 25 लाख व तेलंगाना में 20 लाख का इनाम घोषित था। वह तेलंगाना के आदिलाबाद जिले के उरुमादला का रहने वाला था। मुठभेड़ स्थल से जवानों ने एके-47 असाल्ट राइफल व विस्फोटक भी बरामद किए हैं। शुक्रवार देर रात तक चली मुठभेड़ में 2 और नक्सली मारे जाने की खबर है. मौके से ऑटोमैटिक हथियार बरामद हुए हैं. इससे पहले शुक्रवार को 25 लाख के इनामी नक्सली भास्कर और एक करोड़ के इनामी सुधाकर मारे जा चुके हैं. यानी अब तक इस ऑपरेशन में चार नक्सली, जिनमें दो टॉप कमांडर भी शामिल हैं, मारे जा चुके हैं. इस ऑपरेशन को DRG, STF और कोबरा बटालियन मिलकर अंजाम दे रही हैं. यह वही इलाका है जिसे कभी नक्सलियों का अभेद्य किला माना जाता था, लेकिन अब वही इलाका उनके लिए मौत का मैदान बनता जा रहा है. इंद्रावती नेशनल पार्क, जो करीब 2799 वर्ग किमी में फैला है, उसमें अब छिपने की जगह भी नहीं बची. पार्क का कोर जोन 1258 वर्ग किमी और बफर जोन 1540 वर्ग किमी में फैला है, लेकिन ड्रोन, सेटेलाइट और पैदल गश्त के दम पर जवानों ने हर कोने को कवर कर रखा है. जानकारी के अनुसार, जंगल में अभी भी 25 से 30 हार्डकोर नक्सली फंसे हुए हैं. वे इधर-उधर छिपने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फोर्स लगातार उन्हें ट्रैक कर रही है. ऐसा माना जा रहा है कि अगले 2-3 दिनों में और मुठभेड़ हो सकती है और यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है. बस्तर के माड़ क्षेत्र के बाद अब नेशनल पार्क में नक्सलियों की ताकत लगातार कमजोर हो रही है. एक समय जो जगह रेड कॉरिडोर का दिल मानी जाती थी, वहां अब भारत के जवानों का कंट्रोल बनता जा रहा है. कल भी मारा गया एक ईनामी नक्सली एक दिन पहले गुरुवार को इसी क्षेत्र में 40 लाख रुपये के इनामी केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम) माओवादी सुधाकर को भी मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया था। दो दिन के अंदर दो बड़े माओवादी आतंकियों के मारे जाने से माओवादियों को बड़ा झटका लगा है। डीआरजी और एसटीएफ ने चलाया संयुक्त ऑपरेशन सुधाकर की मौजूदगी की पक्की सूचना मिलने के बाद जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और विशेष कार्य बल (STF) की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को नेशनल पार्क इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सघन जंगल और कठिन इलाके में हुई इस मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने बेहद सूझबूझ और रणनीतिक तरीके से कार्रवाई करते हुए सुधाकर को मार गिराया। इस अभियान में कई आधुनिक हथियार और दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। बसव राजू के मारे जाने के बाद भगदड़ की स्थिति पिछले महीने 21 तारीख को नक्सल इतिहास की सबसे बड़ी सफलता फोर्स को मिली। अबूझमाड़ के जंगल में नक्सलियों का चीफ और सेंट्रल कमेटी का महासचिव बसव राजू ढेर कर दिया गया। उसके साथ 27 अन्य नक्सली भी मारे गए थे। बसव राजू के मारे जाने के बाद से नक्सल संगठन में भगदड़ की स्थिति है। नक्सली जिस भी इलाके में मूवमेंट कर रहे हैं वे फोर्स के निशाने पर आ जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने की खोजबीन पुलिस के अनुसार अबूझमाड़ व इंद्रावती टाइगर रिजर्व (आईटीआर) क्षेत्र में शीर्ष माओवादी तेलंगाना राज्य समिति बांदी प्रकाश व दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य (डीकेएसजेडसी) पप्पा राव समेत अन्य माओवादियों के छिपे होने की सूचना पर डिस्टि्रक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी), स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) व कोबरा बटालियन के जवानों को अभियान पर भेजा गया था। इस दौरान गुरुवार को सुरक्षा बलों का सामना माओवादियों की एक टुकड़ी से हुआ था। जवाबी फायरिंग में शीर्ष माओवादी सुधाकर मारा गया था। इसके दूसरे दिन शुक्रवार को भाग रहे माओवादियों का पीछा करते हुए जवानों ने एक अन्य शीर्ष माओवादी को मार गिराया है। मुठभेड़ में कई अन्य माओवादियों के मारे जाने की बात कही जा रही है। सात माओवादियों ने किया समर्पण सुरक्षा बलों की ओर से जारी आक्रामक अभियान व सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित सात माओवादियों ने शुक्रवार को दंतेवाड़ा में समर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है। इनमें जुगलू, दशा, भोजाराम माड़वी, लखमा उर्फ सुती, रातू उर्फ ओठे कोवासी, सुखराम पोडि़याम, पंडरुराम पोडि़याम शामिल हैं।  

स्कूलों में ज्वाइन करने लगे युक्तियुक्त शिक्षक, ग्रामीणों व बच्चों में खुशी का माहौल

सफलता की कहानी स्कूलों में ज्वाइन करने लगे युक्तियुक्त शिक्षक, ग्रामीणों व बच्चों में खुशी का माहौल शिक्षकों की व्यवस्था से सुचारू होगी बच्चों की पढ़ाई, ग्रामीणों ने जताई खुशी बिलासपुर जिले में युक्तियुक्त शिक्षकों ने अपने नई पदस्थापना स्कूलों में ज्वाइनिंग देना शुरू कर दिया है। शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक आधे से अधिक युक्तियुक्त शिक्षकों ने स्कूलों में ज्वाइनिंग दे दी है। 824 में से 400 से अधिक शिक्षकों ने आदेश के दूसरे दिन तक कार्यभार ग्रहण कर लिया है। कार्यभार ग्रहण करने का 09 जून 2025 दिन सोमवार को अंतिम दिन है। इसके साथ ही वे आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारी में जुट गए हैं। नए शिक्षकों के आने से गांव के पालकों और बच्चों में खुशी का माहौल है। बेहतर शिक्षा और अपने भविष्य को लेकर वे आशावान है।       शासन की मंशानुरूप स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों की पढ़ाई को व्यवस्थित करने के प्रयास शिक्षकों ने शुरू कर दिए हैं। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत शिक्षकविहीन स्कूलों में शिक्षकों की प्रभावी नियुक्ति की गई है। इस पहल से अब तक शिक्षकविहीन या एकल शिक्षकीय स्थिति में संचालित स्कूलों में बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाई का लाभ मिल सकेगा, शिक्षकविहीन गांवों में शिक्षकों की नियुक्ति से ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहा कि युक्त युक्तिकरण की प्रक्रिया से अब उनके गांव के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सकेगी।       जिले के कोटा विकासखंड के दूरस्थ गांव खपराखेल एवं कुसुमखेड़ा, मस्तूरी ब्लॉक के सबरियाडेरा एवं लोहर्सी और तखतपुर ब्लॉक के डिलवापारा जैसे आदिवासी बैगा बाहुल्य ग्रामों में पूर्व में शिक्षक नहीं थे। इन सभी गांवों के प्राथमिक विद्यालयों में अब दो-दो शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा, एकल शिक्षकीय स्थिति में संचालित पूर्व माध्यमिक शाला चितवार (तखतपुर), जैतपुर (मस्तूरी), तरवा एवं नगोई (कोटा) में तीन-तीन शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। वहीं, शासकीय हाईस्कूल कुकुदा (मस्तूरी) में पाँच शिक्षक, सैदा (तखतपुर) में चार, और कुकुर्दीकला (मस्तूरी) में तीन शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। इन विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति से ग्रामीणों में खुशी की लहर है। ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से स्कूलों में शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। अब शिक्षक आने से बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से हो पाएगी और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।       कोटा विकासखंड के खपराखेल व कुसुमखेड़ा के निवासियों ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण ये स्कूल लंबे समय से शिक्षकविहीन थे। बच्चों को पढ़ाई के लिए अपने गांव से दूर दूसरे स्कूलों में जाना पड़ता था जिससे बच्चों को आने-जाने में अधिक समय लगता था वहीं छोटे बच्चों को थकान भी होती थी साथ ही स्कूल दूर होने से परिवार को उनकी सुरक्षा की भी चिंता बनी रहती थी। अब गांव के ही स्कूल में पर्याप्त शिक्षक होने से गांव के बच्चों को अपने ही गांव में अच्छी शिक्षा मिल सकेगी साथ ही परिवार की चिंता भी दूर होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए किए गए युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया से शिक्षक मिलने से ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से ही दूरस्थ और पिछड़े गांवों में शिक्षा की स्थिति में सुधार आ सकता है।  

हारून मेमन को सांसद प्रतिनिधि के रूप में मिली महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी, कांग्रेस संगठन में उत्साह की लहर

एमसीबी/मनेंद्रगढ़ कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए हारून मेमन को खनिज संसाधन विभाग के लिए अपना सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया है। यह नियुक्ति न केवल संगठनात्मक दृष्टिकोण से अहम मानी जा रही है, बल्कि इससे क्षेत्र में विकास कार्यों और जनसमस्याओं के निराकरण को भी गति मिलने की उम्मीद की जा रही है। हारून मेमन: निष्ठा, सेवा और संगठन के प्रतीक हारून मेमन जी लंबे समय से कांग्रेस पार्टी से जुड़े एक सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं। वे क्षेत्र की सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में निरंतर भागीदारी निभाते आए हैं। चाहे वह स्थानीय समस्याओं का समाधान हो या संगठन को मजबूती देना, हर मोर्चे पर उनकी भूमिका सराहनीय रही है। उनकी सादगी, व्यवहार-कुशलता और क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ उन्हें जनसंपर्क में एक विश्वसनीय चेहरा बनाती है। खनिज संसाधन जैसे संवेदनशील और रणनीतिक विभाग में उनकी नियुक्ति को क्षेत्र के लिए लाभकारी माना जा रहा है। क्षेत्र में खुशी की लहर, बधाइयों का तांता सांसद महंत के इस फैसले का स्वागत करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने हारून मेमन जी को बधाइयाँ और शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक, यह नियुक्ति चर्चा का विषय बनी हुई है। संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने उम्मीद जताई है कि मेमन जी की यह नई भूमिका एमसीबी क्षेत्र में कांग्रेस के जनसंपर्क और विकास कार्यों को नई दिशा देगी। सांसद का भरोसा, जनता की उम्मीद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत द्वारा लिया गया यह निर्णय यह दर्शाता है कि वे क्षेत्र के सशक्त, समर्पित और जनसेवाभावी कार्यकर्ताओं को आगे लाकर संगठन को मजबूत करने की दिशा में गंभीर हैं। हारून मेमन को मिली यह जिम्मेदारी न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का सम्मान है, बल्कि यह उन तमाम जमीनी कार्यकर्ताओं के लिए भी प्रेरणा है जो निष्ठा से पार्टी की सेवा में लगे हैं।

जिले में पर्यावरण दिवस पर 6300 पौधे रोपे गए, 15 जून तक 15,000 आवासों में वृक्षारोपण का लक्ष्य

एमसीबी  जिला पंचायत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी भरतपुर द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के घरों पर 6,300 पौधे लगाए गए, साथ ही जिले के अमृत सरोवर में 300 पौधों का रोपण किया गया।   बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान जिला प्रशासन ने 5 से 15 जून तक 15,000 प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम जन मन के लाभार्थियों के घरों पर वृक्षारोपण करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, मनरेगा योजना के तहत निर्मित 25 अमृत सरोवर’’ के किनारे 2,500 पौधे लगाए जाएंगे।   शिक्षण संस्थानों और सरकारी परिसरों में हरियाली इस अभियान के तहत सभी विद्यालयों, छात्रावासों, आंगनबाड़ी केंद्रों और शासकीय भवनों में फलदार व औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही, महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत 11 हेक्टेयर भूमि पर 5,000 पौधे रोपित किए जाएंगे।     सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा जिले के सभी विकासखंडों में CLF (क्लस्टर लेवल फेडरेशन) को एजेंसी बनाकर 5-5 एकड़ भूमि पर 1,000-1,000 फलदार पौधे लगाने की तैयारी की गई है। यह कार्य बारिश के मौसम को ध्यान में रखकर पूरा किया जाएगा। जिला प्रशासन का यह प्रयास न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय लोगों की आजीविका में भी सुधार करेगा। इस अभियान में जनभागीदारी को विशेष महत्व दिया जा रहा है।

एम्स में न्यूक्लियर मेडिसिन से कैंसर का इलाज, ऐसा करने वाला प्रदेश का एकमात्र अस्पताल

 रायपुर  राजधानी रायपुर स्थित एम्स प्रदेश के सबसे बड़े अस्पतालों में से है। जहां लगभग हर तरह के रोगों का इलाज किया जाता है। रायपुर का एम्स अब कैंसर जैसी बीमारियों का पता लगाने और उनका इलाज करने में और भी आगे बढ़ गया है। बता दें कि एम्स ने अपने न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में एक खास मशीन लगाई है, जिसे आटोमेटेड रेडियो सिंथेसाइजर और गैलियम जनरेटर कहते हैं। इस नई मशीन के आने से एम्स रायपुर छत्तीसगढ़ का एकमात्र ऐसा सरकारी अस्पताल बन गया है, जहां कैंसर का पता लगाने वाले खास इंजेक्शन (जिन्हें रेडियोट्रेसर कहते हैं) खुद ही बनाए जा सकेंगे। पहले ये इंजेक्शन बाहर से मंगवाने पड़ते थे। मरीजों का इलाज होगा आसान डाक्टरों का कहना है कि ये नए इंजेक्शन बीमारियों का पता लगाने में बहुत सटीक हैं, खासकर उन बीमारियों में जो जटिल होती हैं। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि अपनी दवाएं खुद बनाने से मरीजों को जल्दी इलाज मिल पाएगा और बाहर की कंपनियों पर निर्भरता भी कम होगी। यह नई सुविधा कैंसर के इलाज में एक नई क्रांति लाएगी, खासकर प्रोस्टेट, पेट और स्तन कैंसर में।

सुधाकर की पत्नी, ककरला गुरु स्मृति भी सक्रिय नक्सली, नक्सलियों का ‘माइंड’ था सुधाकर

रायपुर  पुलिस और सुरक्षा बलों की मोस्ट वांटेड लिस्ट में प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति के कम से कम 15 सदस्य अभी भी शामिल हैं। इन 15 सदस्यों पर जिनकी अलग-अलग भूमिकाएं काफी बड़ा इनाम है। इस लिस्ट के नक्सलियों पर ₹40 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक के इनाम घोषित हैं। सोमवार को बीजापुर में मुठभेड़ में मारा गया वरिष्ठ नेता सुधाकर इस लिस्ट में 16वें नंबर पर था। सबसे वांछित व्यक्ति मुप्पल्ला लक्ष्मणा राव उर्फ गणपति सेंट्रल कमेटी सदस्य और पूर्व महासचिव है। गणपति नंबला केशवा राव उर्फ बसवराजू से पहले केंद्रीय कमेटी का महासचिव था, जो 21 मई को एक मुठभेड़ में मारा गया था। लिस्ट में खूंखार महिला नक्सली भी लिस्ट में एक और नाम सुजाता उर्फ कल्पना का है, इसकी उम्र 60 वर्ष से अधिक मानी जा रही है। वह माओवादी नेता किशन की विधवा है जो 2011 में पश्चिम बंगाल में एक मुठभेड़ में मारा गया था। अधिकारियों ने बताया कि सुजाता अभी भी सेंट्रल कमेटी सदस्य है और दक्षिण बस्तर डिवीजनल कमेटी की प्रभारी भी है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर ₹40 लाख का इनाम घोषित किया है, लेकिन अन्य राज्यों से उनकी गिरफ्तारी पर कुल इनाम ₹1 करोड़ से अधिक हो सकता है। 2025 की नक्सली घटनाएं 5 जून – बीजापुर में 1 करोड़ इनामी नक्सली ढेर 21 मई – नारायणपुर में 27 नक्सली ढेर, डेढ़ करोड़ का इनामी बसवा राजू भी मारा गया। 14 मई – कुर्रेगुट्टा पहाड़ पर चला देश का सबसे बड़ा ऑपरेशन, 31 नक्सली ढेर। 10 फरवरी – बीजापुर 31 नक्सली ढेर, इनमें 11 महिलाएं और 20 पुरुष शामिल 2 फरवरी- बीजापुर के गंगालूर में मुठभेड़, 8 नक्सली ढेर 20-21 जनवरी- गरियाबंद जिले में मुठभेड़, 16 नक्सलियों के शव बरामद 16 जनवरी- छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर, कांकेर पुजारी गांव में 18 नक्सली ढेर 12 जनवरी- बीजापुर के मद्देड़ इलाके में मुठभेड़, 2 महिला नक्सली समेत 5 नक्सली ढेर 9 जनवरी- सुकमा-बीजापुर बॉर्डर में 3 नक्सली ढेर 6 जनवरी – IED ब्लास्ट की चपेट में जवानों की गाड़ी आई, 8 जवान शहीद, एक ड्राइवर की भी मौत 4 जनवरी- अबूझमाड़ के जंगल में मुठभेड़, एक महिला नक्सली समेत 5 नक्सली ढेर, एक DRG जवान शहीद पुलिस प्रशासन के प्रयास जारी सुरक्षा बलों की मोस्ट वांटेड लिस्ट में भाकपा (माओवादी) के 15 सदस्य अभी भी शामिल हैं। इनमें गणपति, सुजाता और अभय जैसे बड़े नाम हैं। इन पर लाखों रुपये के इनाम हैं। ये लोग पार्टी के थिंक टैंक हैं और रणनीति बनाते थे। अब इनकी संख्या घट गई है। पुलिस इन लोगों को पकड़ने की कोशिश कर रही है। नक्सलियों के लिए बड़ा झटका सुधाकर की मौत को मध्य और दक्षिणी भारत में विद्रोही समूह के राजनीतिक और ऑपरेशनल कोर के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। मौत के समय, सुधाकर CPI (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी में तकनीकी टीम का प्रुमख था। साथ ही दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के तहत रीजनल पॉलिटिकल स्कूल (RePoS) चलाते था। ये दोनों ही कैडर को विचारधारा सिखाने और ट्रेनिंग देने के लिए बहुत जरूरी थे। आंध्र प्रदेश में हुआ था जन्म सुधाकर का जन्म आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले के प्रागदावरम गांव में हुआ था। वह वेलामा परिवार से था। उसने एलुरु के सी. आर. रेड्डी कॉलेज में पढ़ाई की। फिर विजयवाड़ा में आयुर्वेदिक मेडिसिन कोर्स में दाखिला लिया, लेकिन पढ़ाई छोड़ दी। 1980 के दशक के मध्य तक, वह वामपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर 1986 में पीपुल्स वॉर ग्रुप में शामिल हो गया। इस तरह से वह माओवादी के रूप में 40 साल का सफर पूरा किया है। शांति वार्ता के दौरान लोगों के सामने आया सुधाकर 2004 में आंध्र प्रदेश सरकार और नक्सलियों के बीच हुई शांति वार्ता के दौरान लोगों के सामने आया। रामाकृष्ण और गणेश जैसे बड़े नेताओं के साथ, वह गुत्तीकोंडा बिलम में एक जनसभा को संबोधित करने के लिए जंगलों से बाहर आया। हैदराबाद में 15 से 18 अक्टूबर, 2004 तक चली बातचीत में युद्धविराम, भूमि अधिकार और कैदियों की रिहाई पर ध्यान दिया गया। हालांकि, बातचीत जल्द ही टूट गई। इसके बाद सुधाकर वापस भूमिगत हो गया। इस बार वह मध्य भारत के घने जंगलों में शिफ्ट हो गया। माड क्षेत्र में एक्टिव था सुधाकर 2007 से, सुधाकर मुख्य रूप से माड क्षेत्र में सक्रिय था। वह माओवादी विचारधारा के प्रशिक्षण स्कूल RePoS और MoPoS (मोबाइल पॉलिटिकल स्कूल) की देखभाल करता था। उसने CPI (माओवादी) के तकनीकी विंग में भी अहम भूमिका निभाई। वह संचार और उपकरण लॉजिस्टिक्स का काम संभालता था। जो गुरिल्ला युद्ध के लिए बहुत जरूरी था। उसे तेलुगु, हिंदी और गोंडी भाषाएं आती थी। माओवादियों को टेक्निकल एजुकेशन और तकनीकी ज्ञान से जुड़ा है। यह सुधाकर की दुर्लभ क्षमता थी। पत्नी भी है सक्रिय माओवादी सुधाकर की पत्नी, ककरला गुरु स्मृति उर्फ उमा भी एक सक्रिय माओवादी है। वह दंडकारण्य क्षेत्र में राज्य समिति की सदस्य है। आंध्र और ओडिशा में कई मामले दर्ज सुधाकर पर आंध्र प्रदेश और ओडिशा में कई मामले दर्ज थे। इनमें मुठभेड़, विस्फोट और शस्त्र और विस्फोटक अधिनियमों के उल्लंघन जैसे मामले शामिल थे। ये मामले सिलेरू, पाडेरू और कोरापुट जैसे इलाकों में हुए थे। 2003 में, बल्लुनिरि गांव के पास एक मुठभेड़ में दो माओवादी मारे गए थे। इस मामले में सुधाकर का नाम भी था। मलकानगिरी और अन्य वन क्षेत्रों में समन्वित विस्फोटों और घात लगाकर किए गए हमलों में उनकी भूमिका ने उन्हें एक टॉप लेवल का ऑपरेटिव बना दिया। उस पर 50 लाख रुपए का नकद इनाम था। आंध्र प्रदेश के एक वरिष्ठ एंटी-नक्सल खुफिया अधिकारी ने बताया कि सुधाकर की मौत माओवादी आंदोलन के लिए एक गंभीर झटका है। खासकर राजनीतिक शिक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में। सुधाकर का एक छात्र विद्रोही से टॉप माओवादी रणनीतिकार बनने का सफर, नक्सली आंदोलन के इतिहास को दर्शाता है। यह राजनीतिक बातचीत और सशस्त्र विद्रोह के बीच झूलता रहा। उसकी मौत सुरक्षा बलों के लिए एक सामरिक जीत है। लेकिन इसका गहरा असर माओवादी रैंकों के भीतर वैचारिक गहराई और तकनीकी तालमेल की कमी के रूप में दिख सकता है।

भुवनेश्वर के लोअर पीएमजी स्क्वायर में हजारों जूनियर शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

भुवनेश्वर जूनियर शिक्षकों ने दो सूत्री मांगों को लेकर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. भुवनेश्वर के लोअर पीएमजी स्क्वायर में हजारों जूनियर शिक्षकों ने प्रदर्शन किया. वित्तीय वर्ष 2023-24 में चयनित जूनियर शिक्षकों को अभी तक नियमित नहीं किया गया है. शिक्षकों ने अपनी नौकरियों में नियमितीकरण की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया.   इसी तरह, उन्होंने ओडिशा में नव-स्थापित बाल वाटिका के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की भी मांग की है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के कार्यान्वयन के तहत ओडिशा में बाल वाटिका शुरू की गई हैं. NEP का एक प्रमुख घटक फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN) प्रारंभिक स्तर के छात्रों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगा. इसके लिए, ओडिशा सरकार ने कहा है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में गोदाबरिश आदर्श प्राथमिक स्कूल खोले जाएंगे.

नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की मुलाकात

नई दिल्ली/रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में माओवादी विरोधी अभियानों की अब तक की सफलताओं और बस्तर अंचल में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की नई रणनीति और केंद्र के सहयोग से नक्सल उन्मूलन अभियान को निर्णायक मोड़ पर पहुंचाया गया है। विगत डेढ़ वर्ष में चलाए गए सघन अभियानों के सकारात्मक परिणाम मिले हैं। 1,428 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो बीते पांच वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। मुख्यमंत्री साय ने अवगत कराया कि 205 मुठभेड़ों में 427 माओवादी मारे गए, जिनमें संगठन के शीर्ष नेता महासचिव बसवा राजू और सेंट्रल कमेटी सदस्य सुधाकर जैसे कुख्यात माओवादी शामिल हैं। इसके साथ ही, राज्य में 64 नए फॉरवर्ड सुरक्षा कैंपों की स्थापना की गई है, जिससे सुरक्षा नेटवर्क मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि इन सुरक्षा कैंपों के आसपास बसे गांवों तक अब बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुँचाई जा रही हैं। ‘नियद नेल्लानार योजना’ के अंतर्गत चिन्हित 146 ग्रामों में एकीकृत रूप से 18 प्रकार की सामुदायिक सेवाएं और 25 प्रकार की शासकीय योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों का विश्वास शासन तंत्र में बढ़ा है। गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री साय द्वारा प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से माओवादी गतिविधियों पर निर्णायक नियंत्रण संभव हो रहा है और केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहायता देती रहेगी।

एसीबी की कार्रवाई, 15 हजार रुपए रिश्वत लेते नायब तहसीलदार गिरफ्तार

कोंडागांव भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB-EOW की कार्रवाई लगातार जारी है. कोंडागांव में एसीबी ने नायब तहसीलदार दिनेश सिंह ठाकुर को 15 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है. प्रार्थी राधाकृष्ण देवांगन से भूमि को बेजा कब्जा से मुक्त कराने के बदले नायब तहसीलदार ने पैसे की डिमांड की थी. जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता राधाकृष्ण देवांगन ने अपनी भूमि को कब्जा मुक्त कराने आवेदन दिया था. इस कार्य के बदले में नायब तहसीलदार ठाकुर ने उनसे 15,000 रुपए की मांग की थी. शिकायतकर्ता ने मामले की जानकारी एसीबी को दी. एसीबी की टीम ने ट्रैप कर नायब तहसीलदार को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा. एसीबी की टीम आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रही है.

दूरस्थ इलाकों में पहुंचेगी शिक्षा की रौशनी

 युक्तियुक्तकरण से बच्चों को मिला बेहतर शिक्षा का भरोसा रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई युक्तियुक्तकरण नीति ने दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की बेहतर व्यवस्था की नई उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया को तेज़ी से और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा रहा है। कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जिले में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया बेहद सुचारू और निष्पक्ष तरीके से पूरी कर ली गई है। अब तक जिन स्कूलों में या तो शिक्षक नहीं थे या केवल एक शिक्षक की तैनाती थी, अब वहां विषय-विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध हो गए हैं। इससे गणित, विज्ञान और अन्य विषयों अध्ययन-अध्यापन अच्छे से हो सकेगा। शिक्षकों ने जताया भरोसा और आभार इस प्रक्रिया से शिक्षक भी बेहद संतुष्ट नज़र आ रहे हैं। शिक्षिका श्रीमती सिंधु श्रीवास्तव ने बताया कि काउंसलिंग के दौरान स्क्रीन पर रिक्त पदों की जानकारी दी गई, जिससे स्कूल चयन में कोई दिक्कत नहीं हुई। उन्होंने सरकार और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। वरिष्ठ शिक्षक श्री मनोज कुमार जैन, जो पहले माध्यमिक शाला देवडोंगर में पदस्थ थे, ने कहा कि सेवानिवृत्ति के करीब होने के बावजूद उनकी इच्छानुसार और पारदर्शी तरीके से स्कूल चयन करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से अब ग्रामीण स्कूलों में गणित, रसायन और जीवविज्ञान जैसे विषयों के विशेषज्ञ शिक्षक मिल सकेंगे, जिससे बच्चों की पढ़ाई में सुधार होगा। शिक्षक आत्माराम मंडावी ने बताया कि उन्हें उनके ही ब्लॉक के विद्यालय में युक्तियुक्तकरण के माध्यम से पदस्थ किया गया है, उन्हें यह उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब कलेक्टर, सीईओ और जिला शिक्षा अधिकारी स्वयं काउंसलिंग प्रक्रिया में उपस्थित रहे, तो प्रक्रिया की विश्वसनीयता स्वतः सिद्ध हो गई। समावेशी शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम शिक्षक वर्ग का मानना है कि इस पारदर्शी तरीके से युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी हुई है। इससे जरूरत वाली शालाओं में शिक्षकों की पदस्थापना होने से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों का सरकारी स्कूलों पर विश्वास भी मजबूत होगा। यह पहल समावेशी शिक्षा व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम है। राज्य शासन की युक्तियुक्तकरण नीति ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की नींव भी मजबूत की है। शिक्षक समुदाय ने इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन कांकेर को धन्यवाद दिया है।

सीआरपीएफ नक्सल इलाकों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से भी जोड़ने का प्रयास

रायपुर केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति तथा जवानों के पराक्रम से बस्तर में नक्सलवाद का धुंध अब छटने लगा है. बस्तर संभाग के 7 जिलों में दो – तीन जिलों को छोड़कर बाकी सभी जिलों में नक्सलियों का सफाया हो चुका है. इसके साथ अब वहां शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास की बात होने लगी है. बस्तर शिक्षा के क्षेत्र में एक अलग तरह का पहला मॉडल बनकर उभर रहा है. यहां सीआरपीएफ नक्सल इलाकों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से भी जोड़ने का प्रयास कर रही है. पहली बार नक्सली संगठन के सीसी मेंबर नक्सली हिड़मा के गांव पूवर्ती में सीआरपीएफ ने गुरुकुल की स्थापना की. इन गांवों तक पहुंचने साल 2005 में सड़क ही नहीं थी, ऐसे में ये गांव मुख्यधारा से कटे हुए थे. अब करीब 19 साल बाद 2024 में अफसर इन गांवों तक पहुंच पाए. सिलगेर, पूवर्ती, टेकलगुड़ेम में शिक्षा का माहौल कभी नक्सलियों का गढ माने जाने वाले पूवर्ती, टेकलगुडेम शिक्षा का अलग माहौल है. सीआरपीएफ ने यहां गुरुकुल की स्थापना की. इससे पूवर्ती, टेकलगुड़ेम में करीब 80 से ज्यादा बच्चे गुरुकुल से जुड़ चुके हैं, जिन्हें शिक्षादूत एक साल से शिक्षा दे रहे हैं. पूवर्ती में सीआरपीएफ ने शुरू किया गुरुकुल 10 से ज्यादा बच्चे 100 किमी दूर कुआकोंडा के पोटा केबिन में रहकर पढ़ रहे हैं. ये वो बच्चे हैं, जिनके पालक क्षेत्र के खराब हो चुके माहौल को देखते हुए बच्चों को आश्रम-छात्रावासों में शिफ्ट कर दिया. डीआईजी आनंद सिंह राजपुरोहित ने बताया कि तीन गुरुकुल चल रहे हैं. इसमें बच्चों के लिए कॉपी-किताब की व्यवस्था सीआरपीएफ कर रही है. पढ़ाने के साथ खेल-कूद के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. सुकमा जिला शिक्षा अधिकारी जीआर मंडावी ने बताया कि बच्चों का सर्वे किया जा रहा है. पूवर्ती में स्कूल का निर्माण किया जा रहा है. पढ़ाई छोड़ चुके 35 बच्चों को स्कूलों से जोड़ने पालकों से बात की जा रही है.

शिक्षकों की पदस्थापना की खबर पाकर खुश हैं गांव के बच्चे

बच्चों के चेहरे पर दिखने लगी पढ़ाई की ललक रायपुर, कभी शिक्षक की कमी से जूझ रहा बालोद ज़िले का छोटा-सा गांव तरौद में शिक्षा की एक नई उम्मीद जगी है। जहां पहले सिर्फ एक ही शिक्षक के भरोसे पूरा स्कूल चल रहा था, अब यहां चार विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति की खबर से गांव में उत्साह का माहौल है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल ने बच्चों, अभिभावकों और पूरे गांव में शिक्षा को लेकर एक नई ऊर्जा भर दी है। लगभग 60 विद्यार्थियों वाला यह शासकीय हाईस्कूल बीते दो वर्षों से शिक्षकों की कमी से जूझ रहा था। पढ़ाई बाधित होती थी, एक शिक्षक से सभी विषयों की जिम्मेदारी निभा पाना नामुमकिन था। बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ती जा रही थी। लेकिन मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में युक्तियुक्तकरण की पहल ने इस अंधेरे को आशा की किरण दिखाई है। युक्ति युक्तकरण वास्तव में शिक्षकों और संसाधनों के असमान वितरण को दूर करने की एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया है, जिसमें जरूरतमंद स्कूलों में योग्य शिक्षकों की तैनाती की जाती है। इसी योजना के तहत अब तरौद के हाईस्कूल में चार नए शिक्षक पदस्थ किए गए हैं, जो अलग-अलग विषयों के हैं। इससे अब हर विषय की पढ़ाई नियमित और गुणवत्ता पूर्ण हो सकेगी। गांव के सरपंच श्री धर्मेंद्र कुमार रामटेके की बातों से ग्रामीणों की भावनाएं झलकती हैं। पहले स्कूल में पढ़ाई की स्थिति अच्छी नहीं थी। जनभागीदारी समिति कई बार गांव के युवाओं को बुलाकर बच्चों के अध्ययन अध्यापन की व्यवस्था करती थी। शासन ने अब हमारे गांव के स्कूल को चार नए शिक्षक देकर बच्चों के अध्ययन-अध्यापन की बेहतर व्यवस्था कर दी है। इसके लिए हम मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आभारी हैं। श्रीमती महेश्वरी ठाकुर, स्कूल की जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष कहती हैं कि शिक्षा बच्चों का अधिकार है, और शासन ने यह अधिकार लौटाया है। अब हमें चिंता नहीं करनी पड़ेगी कि हमारे बच्चों को कौन पढ़ाएगा। स्कूल में शिक्षकों की पदस्थापना की खबर पाकर गांव के बच्चे भी बेहद खुश हैं। पढ़ाई को लेकर उनमें ललक और उत्साह दिखाई देने लगा है। बच्चों को हर विषय में अलग-अलग शिक्षक मिलना किसी सौगात से कम नहीं है। अब वह अच्छी पढ़ाई लिखाई करके डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक या अधिकारी बनने के सपने देखने लगे हैं। तरौद अब केवल एक गांव नहीं रहा, बल्कि छत्तीसगढ़ के शिक्षा सुधारों का उदाहरण बन गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युक्तियुक्तकरण की यह पहल पूरे जिले के स्कूलों में चल रही है। शासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि हर स्कूल में शिक्षक हों, और हर बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। शिक्षा की रोशनी जब दूर-दराज के गांवों तक पहुंचती है, तो उसका असर सिर्फ किताबों तक नहीं रहता। वह पूरे समाज को एक नई दिशा देती है। ग्राम तरौद का यह बदलाव इसी सकारात्मक सोच और योजनाबद्ध प्रयास का नतीजा है। छत्तीसगढ़ में शिक्षा की यह नई सुबह, निश्चित ही पूरे प्रदेश को प्रगति की ओर ले जाएगी।

गरियाबंद में सड़क हादसा :पेड़ से टकराई मजदूरों की पिकअप, एक की मौत, 3 घायल

गरियाबंद छत्तीसगढ़ में लोग दुर्घटनाओं से सबक नहीं ले रहे हैं. रोक के बावजूद पिकअप में श्रमिक ढोए जा रहे हैं. गरियाबंद जिले में शुक्रवार को दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है. मजदूरों से भरी पिकअप अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई. बारूका मोड़ के पास हुए भीषण हादसे में 1 मजदूर की मौत हो गई है. वहीं 3 लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है. जानकारी के अनुसार, केबल बिछई कार्य में लगे 7 श्रमिक पिकअप में सवार होकर पोंड से गरियाबाद की ओर आ रहे थे. नेशनल हाइवे 130 सी में बारूका मोड के पास तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गया. वाहन सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई. जिला अस्पताल में घायलों का उपचार जारी है. घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है.  

दुकान में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर हुआ खाक

दुर्ग सुपेला होजियरी मार्केट स्थित एक दुकान में आज अचानक आग लग गई. आग इतनी भीषण थी कि दुकान में रखा चप्पल जूते का रॉ मटेरियल  लाखों का सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया. आगजनी की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंची, और 1 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. घटना की शुरुआती जांच में सामने आया कि आग दुकान में शॉर्ट सर्किट होने से लगी. दुकान संचालक ने बताया कि दुकान में वेल्डिंग मशीन लगाकर टूटे हुए चेयर को वेल्डिंग कर रहा था. इसी दौरान वेल्डिंग मशीन चालू करने पर अंदर शॉर्ट सर्किट हुआ. इसके बाद जूता चिपकाने में इस्तेमाल होने वाले सॉल्यूशन में आग लग गई.  धीरे-धीरे आग फैली, दुकान के बाहर धुआं आने लगा. वहीं जब दुकान का शटर खोला गया, तो भीषण आग का गुबार बाहर निकला.

लोन वर्राटू अभियान के तहत दो इनामी समेत सात नक्सलियों ने किया सरेंडर

दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ में जवानों के आक्रमक एंटी नक्सल ऑपरेशन का असर साफ नजर आ रहा है. नक्सली अब घुटने टेकने को मजबूर हो चुके हैं. दंतेवाड़ा में शुक्रवार को सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है. 2 इनामी समेत 7 नक्सलियों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है. इनमें से 2 पर कुल 1 लाख का इनाम घोषित था. समाज के मुख्यधारा में जुड़ने का संकल्प लेते हुए लोन वर्रा टू के तहत नकस्ल दन्तेवाड़ा डिप्टी आईजी, एसपी गौरव राय समेत कई वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष आत्मसमर्पण किया है. सरेंडर करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. इसके साथ ही सरकार से स्किल डेवलपमेंट के लिए प्रशिक्षण, कृषि भूमि जैसे अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी. लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 238 इनामी सहित कुल 991 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज के मुख्यधारा में जुड़ चुके हैं। इन्होंने किया सरेंडर      जुगलू उर्फ सुंडुम कोवासी  23 वर्ष निवासी कुड़मेर थाना मिरतुर जिला बीजापुर, पोमरा आरपीसी सीएनएम सदस्य 50 हजार इनाम     विज्ञापन     दशा उर्फ बुरकू पोड़ियाम 26 वर्ष निवासी कुड़मेर थाना मिरतुर जिला बीजापुर, पोमरा आरपीसी सीएनएम सदस्य 50 हजार इनाम     भोजाराम माड़वी 48 वर्ष  निवासी सालेपाल भटवेड़ा थाना मालेवाही जिला बस्तर। बोदली आरपीसी जनताना सरकार सदस्य     लखमा उर्फ सुती उर्फ लखन मरकाम 26 वर्ष निवासी टेटम स्कूलपारा थाना कटेकल्याण जिला दन्तेवाड़ा उतला आरपीसी मिलिशिया सदस्य     रातू उर्फ ओठे कोवासी 25 वर्ष निवासी कुड़मेर थाना मिरतुर जिला बीजापुर बेचापाल आरपीसी मूलवासी बचाओं मंच सदस्य     सुखराम पोड़ियाम 25 वर्ष निवासी करकावाड़ा थाना बांगापाल जिला बीजापुर, पल्लेवाया आरपीसी अन्तर्गत करकावाड़ा जीआरडी सदस्य     पण्डरू राम पोड़ियाम 45 वर्ष निवासी पुसालामा थाना ओरछा जिला नारायणपुर, डुंगा आरपीसी मिलिशिया सदस्य  

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