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एलएनआईपीई मैदान पर 3 दिसंबर तक चलेगी प्रतियोगिता

भोपाल सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने मंगलवार को ग्वालियर में इंटर स्टेट वुमन ब्लाइंड क्रिकेट टूर्नामेंट का उदघाटन किया। मंत्री  कुशवाह ने कहा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दिव्यांग प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पबद्ध होकर काम कर रही है। सरकार द्वारा दिव्यांग खिलाड़ियों को हर संभव खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। मंत्री कुशवाह ने टूर्नामेंट में भाग ले रहीं  क्रिकेट टीम के सदस्यों  से परिचय प्राप्त कर उन्हें प्रोत्साहित किया।  ग्वालियर के  एलएनआईपीई  क्रिकेट मैदान पर  मध्यप्रदेश की क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित प्रतियोगिता 03 दिसंबर तक चलेगी। इसमें गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान एवं मध्यप्रदेश की टीमें हिस्सा ले रहीं हैं। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर अध्यक्ष क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड के अध्यक्ष डॉ. राघवेंद्र शर्मा, अतुल अतरौली, एस.के. अग्रवाल सहित अतिथियों ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया एवं मैच का आनंद लिया।  

राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 26 नवंबर के अवसर पर कृषक परमार को मानेकशॉ सेंटर, नई दिल्ली में यह पुरस्कार प्रदान किया गया

शाजापुर जिले का किसान गोपाल रत्न राष्ट्रीय पुरस्कार 2024 से सम्मानित केंद्रीय पशुपालन मंत्री ने  देवेन्द्र परमार को दिल्ली में प्रदान किया पुरस्कार राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 26 नवंबर के अवसर पर कृषक परमार को मानेकशॉ सेंटर, नई दिल्ली में यह पुरस्कार प्रदान किया गया भोपाल केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह द्वारा शाजापुर जिले के शुजालपुर कैंप की पटलावदा दुग्ध समिति के डेयरी किसान देवेन्द्र परमार को ‘गोपाल रत्न’ राष्ट्रीय पुरस्कार-2024 से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 26 नवंबर के अवसर पर कृषक परमार को मानेकशॉ सेंटर, नई दिल्ली में यह पुरस्कार प्रदान किया गया। पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में उपलब्धि के लिए प्रदेश के शाजापुर जिले के किसान देवेंद्र परमार का केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2024 के लिए चयन हुआ। उन्हें बेस्ट डेरी फार्मर वर्ग में देसी पशु नस्ल सुधार के लिए द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया है। कृषक देवेंद्र शाजापुर जिले के पटलावदा के दुग्ध उद्यमी किसान हैं, जो भोपाल दुग्ध संघ के अंतर्गत शुजालपुर दुग्ध उत्पादन समिति के सदस्य हैं। वे बड़ी संख्या में दुधारू पशुओं का पालन करते है और देसी गायों की नस्ल सुधार में उल्लेखनीय कार्य किया है। वे देव डेयरी के नाम से पैकेज्ड दूध बेचते हैं। उन्होंने अपने खेत में गोबर गैस संयंत्र भी लगा हुआ है, जिससे बड़ी मात्रा में गोबर गैस उत्पन्न करते हैं, साथ ही जैविक खाद बेचकर भी अच्छी आमदनी लेते हैं।  

वन विभाग द्वारा सागौन की अवैध कटाई करने वाले वन माफियाओं को गिरफ्तार करने की मुहिम चलायी जा रही

अवैध कटाई में संलिप्त वन माफियाओं को पकड़ने की मुहिम जारी सागौन के अवैध परिवहन का आरोपी गिरफ्तार वन विभाग द्वारा सागौन की अवैध कटाई करने वाले वन माफियाओं को गिरफ्तार करने की मुहिम चलायी जा रही भोपाल वन विभाग द्वारा सागौन की अवैध कटाई करने वाले वन माफियाओं को गिरफ्तार करने की मुहिम चलायी जा रही है। इसी क्रम में वन मण्डलाधिकारी, उत्तर बैतूल, सामान्य वन मण्डल नवीन गर्ग ने बताया कि उत्तर बैतूल, सामान्य वन मण्डल के परिक्षेत्र बैतूल सामान्य वन मण्डल में 18 एवं 19 नवम्बर को वन विभाग द्वारा रात्रि गश्त के दौरान खारी बीट में जाँच करने पर सागौन की लकड़ी से भरा अशोक लीलेण्ड मिनी ट्रक जप्त कर वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। वाहन की जाँच करने पर वाहन में रामकुमार वल्द पुरुषोत्तम मेहरा के नाम के ड्रायविंग लायसेंस की छायाप्रति प्राप्त हुई। इसके आधार पर वन मण्डलाधिकारी उत्तर बैतूल नवीन गर्ग सामान्य वन मण्डल के निर्देशन में उप वन मण्डलाधिकारी श्रेयस श्रीवास्तव और परिक्षेत्र अधिकारी ए.एस. बघेल के नेतृत्व में अलग-अलग दल गठित कर विभिन्न स्थलों पर छापामार कार्रवाई की गयी। छापामार कार्रवाई में वाहन मालिक रामकुमार मेहरा निवासी राहुल नगर मण्डीदीप जिला रायसेन को गिरफ्तार कर बयान दर्ज किये गये। आरोपी रामकुमार मेहरा ने बयान में यह बताया कि उसके द्वारा राजू वाड़ीवा निवासी ग्राम पाठई तहसील शाहपुर के साथ में सागौन कटाई कर परिवहन किया गया। वन विभाग द्वारा पूर्व में 27 अक्टूबर को 3 आरोपियों में राजा पिता राजू वाड़ीवा, शेख अफजल और पाढर के सोनू मुईनुद्दीन की गिरफ्तारी की जा चुकी है। वन विभाग की टीम द्वारा 22 नवम्बर को आरोपी को न्यायालय द्वारा उसके बयान के आधार पर पूछताछ एवं मौका निरीक्षण के लिये 3 दिवस के लिये फॉरेस्ट रिमाण्ड पर भेजा गया है। आरोपी रामकुमार मेहरा को 25 नवम्बर को मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण की विवेचना में आरोपी द्वारा किये गये अपराध के आधार पर 7 दिसम्बर 2024 तक ज्यूडीशियल रिमाण्ड पर भेजा गया है। प्रकरण में आगामी कार्रवाई की जा रही है।  

महिला सुरक्षा संवाद का दूसरा दिन कार्यात्मक दृष्टिकोण और युवा केंद्रित समाधानों के साथ संपन्न हुआ

हम होंगे कामयाब पखवाड़ा भोपाल “हम होंगे कामयाब” पखवाडा में आयोजित कार्यशाला ‘महिला सुरक्षा संवाद’ के दूसरे दिन उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकारी विभागों और नागरिक समाज के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिये प्रतिबद्ध है, जहां महिलाएं हिंसा और भेदभाव के बिना आगे बढ़ सकें। कार्यशाला के स्काई सोशल की संस्थापक सृष्टि प्रगट ने युवा पीढ़ी की बदलाव लाने की अपार क्षमता को उजागर किया और महिलाओं के खिलाफ हिंसा से मुक्त एक भविष्य बनाने में उनके योगदान की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने सामूहिक प्रयासों और सक्रिय युवा भागीदारी की बात की, जिससे प्रणालीगत समस्याओं का समाधान किया जा सके, और यह सुनिश्चित किया जा सके। रेडियो बुन्देलखण्ड की आर.जे. सुवर्षा ने कैसे युवा सामाजिक परिवर्तन के प्रेरक बन सकते हैं पर चर्चा की। इसमें यूनिसेफ के अधिकारियों के साथ-साथ ‘आरंभ’ और ‘उदय’ के युवाओं ने अपनी परिवर्तनकारी कहानियाँ और लिंग आधारित हिंसा के खिलाफ जमीनी स्तर पर संघर्ष की रणनीतियाँ साझा कीं। इस सत्र ने युवाओं को समुदाय विकास और लिंग आधारित हिंसा के खिलाफ सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। डॉ. वंचना सिंह परिहार ने महिला हिंसा से प्रभावित व्यक्तियों के लिए एक समग्र सहायता प्रदान करने वाली वन स्टॉप सेंटर्स की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने इन केंद्रों के संचालन को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि ये अधिक सुलभ और पीड़ित केंद्रित हो सकें। अधिवक्ता योगेश पंडित ने साइबर हिंसा से उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने महिलाओं को ऑनलाइन उत्पीड़न से बचाने के लिए कार्यात्मक दृष्टिकोण प्रदान किए और कानून व्यवस्था के तहत अपराधियों को जिम्मेदार ठहराने के तरीकों पर चर्चा की। क्लिनिकल साइकॉलाजिस्ट सुगर्गी कन्हेरे द्वारा संचालित “लिंग आधारित हिंसा का मानसिक प्रभाव” सत्र में लिंग आधारित हिंसा युवाओं पर मानसिक प्रभाव कितना गहरा हो सकता है पर चर्चा की गई। सत्र में इस तरह के मानसिक आघात को समझने, सहनशीलता का निर्माण करने और सहानुभूतिपूर्ण समर्थन प्रणालियाँ विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि युवा मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और जीबीटी से प्रभावित साथियों का समर्थन करने के लिए क्या रणनीतियाँ और उपकरण अपना सकते हैं। डॉ. दीपल मेहरोत्रा ने शिक्षा संस्थानों में सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए आंतरिक शिकायत समितियों जैसी संस्थागत उपायों का खाका प्रस्तुत किया। साथ ही उन्होंने छात्रों और शिक्षकों के बीच लिंग संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के सर्वोत्तम अभ्यासों को साझा किया। लिंग आधारित हिंसा जागरूकता बढ़ाने मनोचा और चिन्मय गोड़ ने संचालित किया, इस बात पर चर्चा की गई कि सोशल मीडिया का किस प्रकार उपयोग किया जा सकता है जिससे लिंग आधारित हिंसा के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके, संवाद शुरू किया जा सके और समुदायों को क्रियान्वयन के लिए प्रेरित किया जा सके।  

स्वास्थ्य सहायता समूह की महिलाओं को समर्थन मूल्य में 33% भागीदारी देने एवं 0% पर बैंक लोन दिए जाने की रखी मांग

भोपाल नगरीय प्रशासन एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से दिल्ली प्रवास के दौरान सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, महिलाओं के आर्थिक उत्थान और स्वावलंबन को प्रोत्साहन देने के लिए दो महत्वपूर्ण मांगें रखीं। श्रीमती बागरी ने आग्रह किया कि समर्थन मूल्य पर संचालित खरीदी केंद्रों में महिला स्वसहायता समूहों को 33% आरक्षण दिया जाए। वर्तमान में, स्वसहायता समूहों को केवल उन खरीदी केंद्रों का संचालन सौंपा जाता है, जो शेष रह जाते हैं। इस नीति में संशोधन कर महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करने से समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिलेगा। साथ ही महिला स्वसहायता समूहों के आर्थिक बोझ को कम करने के लिए उन्होंने सहकारी बैंकों से जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण देने की योजना प्रारंभ करने का भी मांग रखी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में महिलाएं उच्च ब्याज दर पर ऋण लेकर कार्य कर रही हैं, जिससे उनके लाभ का बड़ा हिस्सा ब्याज चुकाने में चला जाता है। सहकारी बैंकों से जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण देने की योजना के माध्यम से महिलाओं को अपने व्यवसाय और योजनाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने का अवसर मिलेगा। राज्यमंत्री श्रीमती बागरी ने कहा कि इस योजना के क्रियान्वयन से महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकेंगी और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगी। महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह पहल न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश की महिलाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी।  

मुख्यमंत्री ने निवेश आकर्षित करने यूके में किया रोड-शो

मुख्यमंत्री यूके दौरा देश में सबसे बड़े लैंड बैंक में से एक है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव एग्रीकल्चर ग्रोथ और माइनिंग प्रकिया में टॉप पर हम मुख्यमंत्री ने निवेश आकर्षित करने यूके में किया रोड-शो भोपाल दुनिया भर के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए फरवरी-2025 को भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आमंत्रित करने के अभियान पर निकले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को यूके (लंदन) के रोड-शो में उद्योगपतियों के इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित किया। डॉ. यादव ने देश भर में औद्योगिक विकास में आई तेजी के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डायनामिक व्यक्तित्व की सराहना की। उन्होंने आमंत्रित उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए बताया कि प्रदेश का लैंड बैंक देश के सबसे बड़े लैंड बैंक्स में से एक है। मध्यप्रदेश में निवेश नीतियां स्पष्ट और निवेशकों के लिए अनुकूल हैं। माइनिंग एवं कृषि क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में सबसे आगे है। यूके की राजधानी लंदन में उद्योगपतियों के साथ इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपदाओं के बाद भी भारत और यूके के संबंधों में निरंतरता है क्योंकि लोकतंत्र की हमारी साझी विरासत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत में राजनीतिक स्थिरता और तेज विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी के चमत्कारी व्यक्तित्व को आधार बताया। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड की आपदा को कम समय में निपटने की चुनौती में सक्षम भारत प्रमाणित करने का अवसर बना दिया था। उनके नेतृत्व ने न सिर्फ देश को बचाया था, बल्कि पूरी दुनिया को बचाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और विश्व में भारत की साख बनाई। उनकी साफगोई और दृढ़ संकल्प ने देश में औद्योगिक निवेश के लिए माहौल विकसित किया। यूके रोड शो में “इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश” विषय पर हुए इन्टरैक्टिव सेशन में उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विदेश में निकलने से पहले हमने राज्य की स्थितियों को सुधारा और देश भर के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करने का अभियान चलाया। परिणामस्वरूप प्रदेश में हजारों करोड़ का निवेश संभव हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्टील किंग के नाम से जाने जाने वाले उद्योगपति मित्तल ने भी मुलाकात के दौरान मध्यप्रदेश में निवेश के खुले अवसरों की सरहाना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए बताया कि यूके के एक भारतवंशी रीयल एस्टेट कारोबारी ने मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर चिप उद्योग शुरू करने के लिए 25 हजार करोड़ रुपए निवेश करने की मंशा जाहिर की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूके के भारतवंशी उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में रोज़गार की उम्मीदें बढ़ेंगीं, आपका व्यवसाय बढ़ेगा और आप हमेशा के लिए प्रदेश के सहयोगी बनेंगे। देश के हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश में हैं औद्योगिक निवेश की अपार संभावनाएं भारत के उच्चायुक्त विक्रम के दोराईस्वामी ने मध्यप्रदेश को औद्योगिक निवेश के अवसरों के लिए आदर्श बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा उनके कार्यकाल में भारत व्यापार करने के लिए सबसे बेहतर स्थलों में से एक सिद्ध हुआ है। अब सिर्फ केंद्रीय प्रशासन ही नहीं राज्य भी उद्योग मित्र नीतियां बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश ईज-ऑफ-डूइंग बिजिनेस की दृष्टि से देश के टॉप-5 राज्यों में शामिल है। दोराईस्वामी ने कहा कि भूमि की उपलब्धता, सबसे अधिक कृषि विकास दर और उद्योग प्रेरक नीतियों को देखते हुए मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश की सफलता के लिए उम्मीदों से भरपूर है। दोराईस्वामी ने कहा कि मध्यप्रदेश सचमुच देश का हृदय है और यहां निवेश करने पर देश ही नहीं निवेशक दुनिया भर में आसानी से व्यापार का प्रसार कर सकता है। ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त दोराईस्वामी ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के ठीक मध्य में स्थित है, इसलिए यहां उद्योग स्थापित करने पर उत्पादों को देश-दुनिया में आसानी से भेजा जा सकता है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है साथ ही यहां अपेक्षाकृत कम प्रतिस्पर्धा है। इसलिए निवेशकों को मध्यप्रदेश सरकार की साफ-सुथरी नीतियों का लाभ लेकर मध्यप्रदेश में निवेश करेंगे तो प्रदेश की निवेश संभावनाओं को वैश्विक विस्तार मिलेगा, साथ ही निवेशक के व्यापार को भी वृहद स्तर पर बाजार उपलब्ध होगा। प्रदेश में एवीजीसी नीति हो रही है तैयार अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे ने आईटी/आईटीएस एवं ईएसडीएम सेक्टर में निवेश की संभावनाओं पर प्रेजेन्टेशन देकर बताया कि मध्यप्रदेश में वायब्रेन्ट टेक इको सिस्टम राज्य सरकार आईटी में निवेश के लिये सहायता प्रदान करती है। मध्यप्रदेश की आईटी/आईटीएस एवं ईएसडीएम नीति-2023 एवं स्टार्टअप नीति से इन क्षेत्रों में उद्यमियों को कई सुविधाएँ दी जा रही हैं। नीति के अंतर्गत उद्यमियों को पूँजीगत व्यय सहायता एवं गैर वित्तीय लाभ प्रदान किया जाता है। हम एवीजीसी (एनीमेशन, विजुअल इफेक्टस, गेमिंग और कॉमिक्स) नीति तैयार कर रहे हैं। प्रदेश में 1200 से अधिक आईटी स्टार्ट अप्स हैं, जिनमें से 2 यूनिकार्न बन गये हैं। राज्य में प्लग-एंड-प्ले इन्फ्रॉस्ट्रक्चर है। अपर मुख्य सचिव दुबे ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश में रेन्टल भुगतान की कीमत बहुत कम है। मध्यप्रदेश में ईज ऑफ लिविंग और एक्यूआई स्तर देश के अन्य शहरों की तुलना में बहुत कम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईटी, आईटीएस, ईएसडीएम और डेटा सेन्टर की आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न प्रोत्साहन देने की बात कही। एसईटी क्षेत्र में 20 मिलियन पाउंड से अधिक का निवेश करने पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में केबिनेट समिति अतिरिक्त प्रोत्साहन देने की अनुशंसा करती है। भौगोलिक, आर्थिक, प्राकृतिक और अन्य आधारभूत सुविधाओं से समृद्ध मध्यप्रदेश प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्द्धन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश अपनी भौगोलिक, प्राकृतिक और आर्थिक क्षमताओं के चलते निवेश के लिए एक आदर्श स्थल है। प्रदेश में भारत का सबसे बड़ा भूभाग (308 हजार वर्ग किमी), 77.5 हजार वर्ग किमी का विशाल वन क्षेत्र और हीरे, तांबे तथा मैंगनीज अयस्क जैसे खनिज संसाधनों की प्रचुरता है। साथ ही यह देश का दूसरा सबसे बड़ा खाद्यान्न उत्पादक और सबसे बड़ा गेहूं निर्यातक प्रदेश है। प्रदेश पॉवर सरप्लस राज्य है, यहां 31 गीगावाट विद्युत उत्पादन होता है। यहां किफायती दरों पर बिजली आपूर्ति की जाती है। प्रदेश में इन सब आधारभूत सुविधाओं से उद्योग को आसानी … Read more

नकल रोकने सीसीटीवी कैमरा और इंटरनेट जैसी सुविधाएं जरुरी : शिक्षा विभाग

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल 10वीं 12वीं की परीक्षाएं फरवरी माह में शुरू होने जा रही है इससे पहले शिक्षा विभाग स्कूलों में नकल रोकने के पुख्ता इंतजाम कर रहा है। प्रदेश भर में करीब 4000 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि शिक्षा विभाग ने इस बार अधिकारियों को साफ निर्देश दिया है कि सभी सुविधाएं होने पर ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए। इसकी जिम्मेदारी जिला पंचायत सीईओ को दी गई है। इन सुविधाओं में मुख्य रूप से फर्नीचर, पेयजल, शौचालय, बिजली, इंटरनेट, सीसीटीवी कैमरों की सुविधा होना अनिवार्य बताया गया है। 25 फरवरी से शुरू होंगी एमपी बोर्ड की परीक्षाएं   गौरतलब है कि 10वीं व 12वीं की परीक्षाएं आगामी 25 फरवरी से शुरू हो जाएंगी। इन परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए बोर्ड ने प्रत्येक केंद्र पर अधिकतम 250 परीक्षार्थियों को ही शामिल करने के निर्देश दिये हैं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को केंद्र तय करने की जिम्मेदारी दी गई है। वे जिला शिक्षा अधिकारी और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के साथ प्रस्तावित केंद्रों में खुद जाकर सुविधाएं देखेंगे। उनके अनुमोदन के साथ यह प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा मंडल को भेजा जाएगा। यहां से मंजूरी मिलने के बाद ही परीक्षा केंद्रों पर मुहर लगेगी। शिकायत के बाद बदली व्यवस्था शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई बार मंडल में शिकायत मिली है कि केंद्रों पर परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण परेशानी होती है। वे एक साथ बैठ जाते हैं और नकल होने लगती है। बेंच व डेस्क पर जगह नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को नीचे बैठाया जाता था, जिससे समुचित निगरानी करना संभव नहीं हो पाती। इस कारण इस बार निजी स्कूलों में अधिक केंद्र बनाए जाएंगे। मंडल खुद करेगा उड़न दस्तों की निगरानी माध्यमिक शिक्षा मंडल इस बार बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। बोर्ड एप के जरिए सीधे परीक्षा केदो और उड़ान दसों पर निगरानी करेगा। दअरसल अभी तक अलग-अलग स्तर पर उड़नदस्ते बनाए जाते थे। इनमें ब्लॉक लेवल, जिला स्तर पर डीईओ, संयुक्त संचालक सहित स्कूल शिक्षा के अन्य अधिकारी भी उड़नदस्ते में शामिल होते हैं। इनमें से सभी पर निगरानी मंडल लेवल पर नहीं हो पाती थी।  

जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री यादव से सौजन्य भेंट की

भोपाल जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव से सौजन्य भेंट की। मंत्री डॉ. शाह ने केन्द्रीय मंत्री यादव को मध्यप्रदेश मे वन अधिकार अधिनियम का कारगर रूप से अमल कर सभी पात्र व्यक्तियों को उनका वाजिब हक दिलाने के लिए उठाये जा रहे कदमों एवं अन्य गतिविधियों की जानकारी दी।  

बीआरटीएस के पांच प्रमुख जंक्शन पर ब्रिज के लिए प्री फिजिबिलिटी सर्वे शुरू

इंदौर इंदौर के बीआरटीएस को प्रदेश सरकार ने हटाने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पिछली इंदौर यात्रा के दौरान बीआरटीएस तोड़ने की घोषणा की थी। अभी नगर निगम ने बीआरटीएस हटाने का काम शुरू नहीं किया, लेकिन बीआरटीएस के पांच प्रमुख जंक्शन पर ब्रिज के लिए प्री फिजिबिलिटी सर्वे शुरू करने के लिए नगर निगम ने टेंडर जारी किए है। जनवरी माह में सर्वे शुरू करने की तैयारी है, हालांकि नगर निगम को बीआरटीएस की बस लेन हटाने के लिए हाईकोर्ट से अनुमति लेना होगी। इन चौराहों पर होगा सर्वे बीआरटीएस के ब्रिज के लिए एलआईजी, पलासिया चौराहा, गीता भवन चौराहा, शिवाजी वाटिका, नवलखा चौराहा पर ब्रिज के लिए सर्वे होगा। सभी ब्रिज बीआरटीएस के मध्य हिस्से में बनाए जाएंगे। बीआरटीएस के भंवरकुआं पर ब्रिज बनकर तैयार हो चुका है, जबकि निरंजनपुर चौराहा पर ब्रिज का निर्माण शुरू हो चुका है। बीआटीएस के सबसे व्यस्त विजय नगर चौराहे पर ब्रिज नहीं बन पाएगा,क्योकि चौराहे से मेट्रो ट्रेन रुट क्रास कर रहा है। इसके अलावा पलासिया चौराहा से भी मेट्रो का रुट क्रास होगा। इस कारण यहां ब्रिज की ऊंचाई ज्यादा रखना होगी। टूटने और लाइन शिफ्टिंग पर भी खर्च होंगे करोड़ों बीआरटीएस ब्रिज तीन सौ करोड़ रुपये में बना है, लेकिन बीआरटीएस की बस लेन और स्टेशनों को तोड़कर ब्रिज बनाने के लिए भी करोड़ों रुपये की राशि खर्च होगी, क्योकि बीआरटीएस के दोनो तरफ सीवरेज लाइन बिछाई गई है, जबकि मध्य हिस्से में नर्मदा लाइन बिछी है। चौराहों पर नर्मदा लाइन भी शिफ्ट करना होगी। इसमें भी तगड़ा खर्च आना है। बीआरटीएस की बस लेन के मध्य हिस्से में बस स्टेशन भी बने है, जो चार फीट ऊचें प्लेटफार्म पर बनाए गए है। बस लेन की रैलिंग हटाने के साथ उन्हें भी तोड़ना होगा। मेयर पुष्य मित्र भार्गव का कहना है कि बीआरटीएस को लेकर कोर्ट में याचिका विचाराधीन है। बीआरटीएस हटाने का फैसला नीतिगत है। हम कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे। बीआरटीएस के जंक्शनों पर ब्रिज के लिए जल्दी सर्वे शुरू होगा। जयपुर में भी बीआरटीएस प्रोजेक्ट रहा फ्लाॅट राजस्थान सरकार ने जयपुर में भी बीआरटीएस के दो काॅरिडोर बनाए थे, लेकिन उसका उपयोग नहीं हो सका। सरकार ने 439 करोड़ रुपये खर्च कर 39 किलोमीटर का बीआरटीएस बनाया था,लेकिन अफसरों ने जितना दिमाग बजट को खपाने में लगाया, उतना बीआरटीएस के सफल संचालन में नहीं लगाया गया। न ठीक से बसें खरीदी गई और न ही ट्रैफिक स्टडी हो पाई। वर्ष 2010 में गेहलोत सरकार के समय यह प्रोजेक्ट अमल में आया था। बाद में वंसुधरा सरकार ने इस प्रोजेक्ट से किनारा कर लिया।  

केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह से जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने की सौजन्य भेंट

भोपाल जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से सौजन्य भेंट की। मंत्री डॉ. शाह ने केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह को मध्यप्रदेश में निवासरत् सभी जनजातियों और प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जन-मन) के तहत विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों (पीवीटीजी) के समग्र कल्याण एवं नवाचारों के बारे में जानकारी दी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रंगोली कला में विश्व रिकार्ड बनाने पर प्रदेश की बेटी शिखा को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर की बेटी शिखा और उनके कलाकार साथियों द्वारा नीमच में 84 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में महान विभूतियों पर केन्द्रित 100 चित्रों की रंगोली बनाने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटी शिखा ने अद्भुत और अनूठी रंगोली कला का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटी शिखा और उनके साथियों ने एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड और इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाया है, जो मध्यप्रदेश और देश को गौरवान्वित करने वाला रचनात्मक कार्य है। ऐसी युवा प्रतिभाओं पर प्रदेशवासियों को गर्व है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना में हुई दुर्घटना पर दु:ख व्यक्त किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना में हुई दुर्घटना पर दु:ख व्यक्त किया प्रभावित परिवारों को सहायता राशि देने के निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुरैना जिले के थाना कोतवाली अंतर्गत राठौर कॉलोनी में सोमवार और मंगलवार की मध्यरात्रि एक मकान में विस्फोट की घटना पर दु:ख व्यक्त किया है। इस घटना में 4 लोगों की असामयिक मृत्यु होने और 5 लोगों के घायल होने का समाचार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री सहायता कोष से मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला प्रशासन मुरैना को घटना के मूल कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर घायलों को तत्काल ग्वालियर रेफर किया गया। घायलों का समुचित उपचार भी किया गया।  

आयुष्मान कार्ड में ओटीपी बन रहा बड़ी मुसीबत, परेशानियों के बीच जारी है आयुष्मान कार्ड बनाने का काम

राजगढ़ भारत सरकार द्वारा बनाए जा रहे आयुष्मान कार्ड को गति जरूर मिल रही है, लेकिन वेरिफिकेशन के लिए आने वाला वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) अब कर्मचारियों के लिए सिरदर्द बन चुका है। दरअसल, कभी मोबाइल नेटवर्क कमजोर होने के कारण ओटीपी नहीं आता, तो कभी मोबाइल में बैलेंस नहीं होने के कारण इनकमिंग सेवा बंद हो जाने के कारण भी मैसेज नहीं आ पा रहा है। ऐसे में कार्ड बनाने वाले परेशान होकर वापस लौटने को मजबूर हो जाते हैं। परेशानियों के बीच जारी है आयुष्मान कार्ड बनाने का काम नगर परिषद के संजय शर्मा बताते हैं कि आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी फिलहाल परेशानी बना हुआ है। वेरीफाई और आयुष्मान कार्ड को एक्टिवेट करने के लिए ओटीपी आवश्यक होता है। हालांकि टीम लगातार काम कर रही है। इसी का नतीजा है कि 400 से अधिक आयुष्मान कार्ड बन भी चुके हैं। विडंबना यह है कि बुधवार से लेकर शनिवार तक कार्ड जरूर बने, लेकिन दिक्कत आती जा रही है। मूल रूप से आयुष्मान कार्ड बनाने की बड़ी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का अमला निश्चित दिनों पर टीकाकरण में लग जाता है। ऐसे में नगर परिषद के अमले को ही मैदान में उतरना पड़ रहा है। संजय शर्मा ने बताया कि सोमवार को सिर्फ एक एएनएम और नगर परिषद के कर्मचारियों ने कार्ड बनाने की प्रक्रिया की। नगर परिषद के प्रतीक यादव, यश मकवाना, विशाल मेवाती, मुकेश यादव आदि मौजूद रहे। 400 कार्ड और बनना बाकी नगर परिषद के अनुसार, अधिकांश लोगों के कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके तहत बुधवार को जहां सिर्फ पांच कार्ड बने थे, तो वहीं गुरुवार को 71, शुक्रवार को 104 और शनिवार को 102 कार्ड बनाए जा चुके हैं। अब भी करीब 400 लोगों के कार्ड बनाने का काम बाकी है। माना जा रहा है कि एक सप्ताह के भीतर इस कार्य को पूर्ण कर दिया जाएगा। एसडीएम और सीएमओ लगातार बनाए हुए हैं नजर एसडीएम और सीएमओ इस काम को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं। दरअसल, पिछले दिनों एसडीएम आशा परमार ने नगर में पहुंचकर इस कार्य की प्रगति को देखते हुए जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करने के लिए निर्देश भी दिए थे। नगर परिषद के संजय शर्मा के मुताबिक सीएमओ आरती गरवाल के मार्गदर्शन में तेजी से काम करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का निवेश को लेकर गंभीर दृष्टिकोण: यूके में निवेशकों को किया आमंत्रित

Chief Minister Dr. Yadav’s serious view on investment: Invited investors to UK भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूके यात्रा में मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए लंदन के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-ऑन-वन मीटिंग कर व्यक्तिगत तौर पर निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने सेक्टर केंद्रित राउंड-टेबल मीटिंग कर निवेश संबंधी विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने वन-ऑन-वन बैठकों में प्रत्येक निवेशक की परियोजना और आवश्यकताओं को ध्यानपूर्वक सुना और मध्यप्रदेश में निवेश के लिए बेहतर अवसर और नीतिगत समर्थन का भरोसा दिलाया। राउंड-टेबल चर्चाओं में इलेक्ट्रिक वाहन, नवकरणीय ऊर्जा, शिक्षा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंडोरामा ग्रुप, एसआरएएम एंड एमआरएएम ग्रुप, सायनकॉननोड, हाइब्रिड एयर व्हीकल्स लिमिटेड, क्लिनीसप्लाईज, औरोरा एनर्जी रिसर्च, एल्सेवियर, वीडिलीवर, कैपरो, वेबसाइट, द मोंटकैल्म लग्ज़री होटल्स, फाइला अर्थ, एम्पर्जिया लिमिटेड, अयाना कंसल्टिंग, पैंजिया डेटा लिमिटेड, इनवर्जी, बीईएम ग्रुप लिमिटेड, डैक्स फर्स्ट, रैनसैट ग्रुप, कोगो इकोटेक सॉल्यूशंस, एम्पैटी.एआई, मनी फॉर बिजनेस लिमिटेड, डीएएम हेल्थकेयर लिमिटेड और हेलियन जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। बैठक में औद्योगिक विकास को गति देने और संभावित सहयोग के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में अनुकूल व्यावसायिक माहौल और निवेश के लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विभिन्न क्षेत्रों पर केंद्रित राउंड-टेबल परिचर्चाओं में भाग लिया। इन परिचर्चाओं में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), ऑटोमोबाइल और नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा और फूड प्रोसेसिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह पहल राज्य को एक वैश्विक निवेश स्थल बनाने और उद्योगपतियों के साथ मजबूत साझेदारी विकसित करने में परिणामोन्मुखी साबित होगी। साथ ही ये बैठकें औद्योगिक विशेषज्ञों और निवेशकों के साथ मध्यप्रदेश के विकास के लिए नई संभावनाओं को आकार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।

बैरागढ़ जोन में एक भी रैन बसेरा नहीं, सर्दी जोर पकड़ने लगी, नहीं मिल रहा अलाव का सहारा

भोपाल नगर निगम के बैरागढ़ जोन में एक भी रैन बसेरा नहीं है। उधर, सर्दी जोर पकड़ने लगी है। ऐसे में गरीब एवं बेसहारा लोगों के लिए रेलवे स्टेशन, आरक्षण केंद्र एवं फुटपाथ ही आसरा बने हुए हैं। सर्दी लगातार बढ़ रही है, पर अभी तक अलाव की व्यवस्था भी नहीं की गई है। कड़ाके की ठंड शुरू हो चुकी है। आने वाले दिनों में पारा और लुढ़कने की संभावना है। ऐसे में बेसहारा, गरीब बुजुर्गों के पास खुले आसमान में रात बिताने का अलावा कोई विकल्प नहीं है। बैरागढ़ जोन में वार्ड क्रमांक तीन, चार एवं पांच हैं। किसी भी वार्ड में रैन बसेरा नहीं है। पिछले साल नगर निगम ने थद्धाराम ज्ञानचंदानी सामुदायिक भवन में अस्थायी रैन बसेरा बनाया था। सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से यहां चादर एवं गद्दों की व्यवस्था की गई थी। इस बार अभी तक यह व्यवस्था नहीं की गई है। आरक्षण केंद्र के बाहर कंपकपाते मिले बुजुर्ग सोमवार रात्रि करीब नौ बजे संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र परिसर में बुजुर्ग ठंड से कंपकपाते नजर आए। कोई आशियाना नहीं है। इसलिए यहां रात गुजारना मजबूरी है। स्टेशन के टिकट काउंटर के पास भी देर रात को बेसहारा लोग सोते नजर आते हैं। बैरागढ़ मेन रोड पर रात्रि करीब 11 बजे कपड़े की दुकानें बंद होती हैं। दुकानों के सामने खाली जगह पर भी मुसाफिर एवं बेसहारा लोग आराम करते नजर आते हैं। सिविल अस्पताल के गेट के पास भी अस्थायी आश्रय स्थल नजर आता है।   हलालपुर बस स्टैंड पर 15 बेड नगर निगम ने पांच साल पहले हलालपुर बस स्टैंड पर सामुदायिक आश्रय स्थल बनाया था। जोन क्रमांक 20 में शामिल इस रैन बसेरे में 15 बेड हैं। बस स्टैंड पर रात के समय कई कई गरीब यात्री भी बसों से उतरते हैं। दिसंबर से फरवरी माह तक यहां लोगों को रात गुजारने के लिए जगह नहीं मिलती। बैरागढ़ एवं गांधीनगर बस स्टैंड के पास भी नया रैन बसेरा बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है। जोनल अधिकारी जोन एक  के विक्रम झा ने बताया बैरागढ़ के थद्धाराम कम्युनिटी हॉल में जल्द ही अस्थायी रैन बसेरा बनाया जाएगा। हॉल अभी खाली है। यहां दो कर्मचारी भी तैनात किए जाएंगे, ताकि बेसहारा लोगों को कोई परेशानी नहीं हो। फिलहाल जोन क्षेत्र में स्थायी रैन बसेरा बनाने का प्रस्ताव नहीं है।

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