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भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत महाविद्यालय स्तरीय अकादमिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का हुआ समापन कार्यक्रम

भोपाल शासकीय कन्या महाविद्यालय सिवनी मालवा में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ द्वारा प्राचार्य डॉ.उमेश कुमार धुर्वे के मार्गदर्शन में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ प्रभारी श्रीमती काजल रतन, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ.बाऊ पटेल के निर्देशन में महाविद्यालय स्तरीय 18 नवंबर से 23 तक आयोजित अकादमिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का हुआ समापन। श्री रजनीश जाटव द्वारा भारतीय लोक संस्कृति और आधुनिक शिक्षा में उसके महत्व के बारे में बताया।विभिन्न प्रतियोगिता में प्रथम,द्वितीय,तृतीय एवं सहभागिता करने वाली समस्त छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।मंच संचालन श्रीमती काजल रतन द्वारा एवं आभार डॉ.बाऊ पटेल द्वारा दिया गया।कार्यक्रम में श्री रजनीश जाटव,श्री मनोज कुमार प्रजापति,डॉ.नीरज विश्वकर्मा,श्री प्रवीण साहू,डॉ.वर्षा भृंगारकर,डॉ.दुर्गा मीना,डॉ.रीमा नागवंशी,डॉ.मनीष दीक्षित,श्रीमती संगीता कहार,महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं छात्राएं उपस्थित रही।

ईमानदार और साफ़ छवि है जिनकी पहचान, यह है MP पुलिस के नये कप्तान

भोपाल 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना को मध्यप्रदेश का नया डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) नियुक्त किया गया है। यह आदेश गृह विभाग ने शनिवार देर रात जारी किया। मकवाना 1 दिसंबर 2024 को पदभार ग्रहण करेंगे और वे 32वें डीजीपी के रूप में कार्यभार संभालेंगे। तेजतर्रार अफसरों में होती है मकवाना की गिनती कैलाश मकवाना वर्तमान में मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन हैं। शिवराज सरकार के दौरान मकवाना लोकायुक्त के डीजी भी रहे। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कई अहम कदम उठाए और लंबित जांचों को तेज किया।   एसीआर विवाद के बाद सरकार ने लिया निर्णय मकवाना ने लोकायुक्त डीजी रहते हुए अपनी एसीआर (गोपनीय चरित्रावली) खराब किए जाने की शिकायत की थी। उन्होंने सरकार से अपील की थी कि उनकी एसीआर को दुरुस्त किया जाए। वरिष्ठ सचिवों की कमेटी ने नियुक्ति प्रक्रिया से कुछ महीने पहले उनकी एसीआर सुधार दी।   2026 तक रहेंगे डीजीपी जानकारी के अनुसार, नए डीजीपी कैलाश मकवाना का रिटारमेंट 2025 में है, लेकिन डीजीपी बनने के बाद उन्हें 2 साल का कार्यकाल मिलेगा। ऐसे में वह 30 November 2026 तक डीजीपी रहेंगे। 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं सुधीर कुमार   बीते दिनों दिल्ली में यूपीएससी के चेयरमैन की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के दो जॉइंट सेक्रेटरी के अलावा एमपी के मुख्य सचिव अनुराग जैन और मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए थे। बैठक में भेजे गए 9 आईपीएस अधिकारियों में से तीन नामों के पैनल पर मोहर लगी थी। अब मुख्यमंत्री मोहन यादव इनमें से कैलाश मकवाना के नाम पर मोहर लगा दी है। आपको बता दें कि मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना 30 नवंबर 2024 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सक्सेना को 4 मार्च 2020 को डीजीपी नियुक्त किया गया था। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद कैलाश मकवाना इस पद को संभालेंगे। ये तीन नाम किए गए थे तय नए DGP के पद के लिए यूपीएससी ने तीन नामों के पैनल पर मोहर लगाई थी। ये तीन नाम 1988 बैच के आईपीएस अफसर अरविंद कुमार (DG होमगार्ड), कैलाश मकवाना (पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन) और 1999 बैच के अजय शर्मा (DG EOW)  थे।   ऐसे हैं MP पुलिस के नए मुखिया मकवाना 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना को मध्यप्रदेश का नया डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विदेश यात्रा पर रवाना होने से पहले उनके नाम को मंजूरी दी। मकवाना अपने तेजतर्रार और बेदाग छवि के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। वह भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए भी जाने जाते हैं। उज्जैन के रहने वाले हैं मकवाना जानकारी के अनुसार, कैलाश मकवाना मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के रहने वाले हैं। मकवाना ने भोपाल स्थित मैनिट (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) से पढ़ाई की है। वे पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन के साथ-साथ लोकायुक्त संगठन में डीजी और स्पेशल डीजी (सीआईडी और इंटेलिजेंस) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।   ईमानदार और साफ छवि वाले अधिकारी मकवाना को उनकी ईमानदार और साफ छवि के लिए जाना जाता है। एक कर्मठ और निष्पक्ष अधिकारी के रूप में, उनकी नियुक्ति से राज्य की कानून व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है। कैलाश मकवाना ने पुलिस सेवा में अपने शुरुआती कार्यकाल में विभिन्न जिलों में एसपी और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। उनकी कड़ी मेहनत और ईमानदारी ने उन्हें तेजी से पहचान दिलाई।   लोकायुक्त में डीजी शिवराज सिंह चौहान सरकार के कार्यकाल में मकवाना को लोकायुक्त संगठन में पुलिस महानिदेशक (डीजी) नियुक्त किया गया। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी अभियानों को तेज किया और कई लंबित मामलों की जांच फिर से शुरू की। हालांकि, वे इस पद पर केवल छह महीने तक रहे। लोकायुक्त के डीजी रहते हुए उन्होंने कई लंबित जांच फाइलों को फिर से खोला और उन पर तेजी से कार्रवाई शुरू की। एनके गुप्ता से विवाद आया था चर्चा में 2022 में कैलाश मकवाना को लोकायुक्त का डीजी बनाया गया था, लेकिन 6 माह के अंदर उन्हें पद से हटाकर मप्र पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन का चेयरमैन नियुक्त कर दिया गया। बताया जा रहा था कि मकवाना और लोकायुक्त जस्टिस रहे एनके गुप्ता के बीच कई विषयों को लेकर मतभेद थे, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया था। एसीआर विवाद मकवाना ने लोकायुक्त डीजी रहते हुए अपनी एसीआर (गोपनीय चरित्रावली) खराब किए जाने की शिकायत की थी। उन्होंने सरकार से अपील की थी कि उनकी एसीआर को दुरुस्त किया जाए। वरिष्ठ सचिवों की कमेटी ने नियुक्ति प्रक्रिया से कुछ महीने पहले उनकी एसीआर सुधार दी। पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन वर्तमान में, मकवाना मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन के पद पर हैं। इस पद पर रहते हुए उन्होंने पुलिस आवासीय योजनाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए काम किया।   साढ़े तीन साल में हुए सात बार तबादले कैलाश मकवाना का करियर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। साढ़े तीन साल के भीतर उनका सात बार तबादला हुआ। खासकर, कमलनाथ सरकार के दौरान तीन बार उनकी पोस्टिंग बदली गई।  उनके करियर में राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण साढ़े तीन वर्षों में सात बार स्थानांतरण हुआ। इसके बावजूद वे अपने कार्यों में प्रतिबद्ध रहे।

डीजीपी सुधीर सक्सेना के बाद पद की कमान संभालेंगे कैलाश मकवाना, बने मध्य प्रदेश के नए DGP

भोपाल मध्य प्रदेश डीजीपी के पद पर नए आईपीएस अफसर की नियुक्ति हुई है. सीनियर आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना को डीजीपी नियुक्त किया गया है. मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं, जिसके बाद पद की कमान कैलाश मकवाना संभालेंगे. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के विदेश जाते ही गृह विभाग ने नए डीजीपी की नियुक्ति का आदेश जारी किया है. शनिवार की देर रात यह आदेश जारी किया गया है. आईपीएस कैलाश मकवाना 1 दिसंबर 2024 को प्रदेश के डीजीपी के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे. मकवाना की तेज तर्रार IPS में होती है गिनती 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना वर्तमान में मध्य प्रदेश हाउसिंग कारपोरेशन के अध्यक्ष के पद पर कार्यरत है. मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव एसएन शर्मा ने बताया कि 1 दिसंबर से मध्य प्रदेश के नए पुलिस मुखिया के रूप में आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना पुलिस महानिदेशक के पद पर कार्यभार संभालेंगे. नए डीजीपी कैलाश मकवाना पूर्व में मुरैना, जबलपुर, मंदसौर, बैतूल आदि जिलों में सेवाएं दे चुके हैं. मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ अलग होने से पहले कैलाश मकवाना मंदसौर, बस्तर, बैतूल और दंतेवाड़ा जैसे जिलों के एसपी भी रह चुके हैं.उनकी नियुक्ति डीआईजी इंटेलिजेंस के पद पर भी हुई थी. वे सीआईडी इंटेलीजेंस में एडीजी के पद पर भी रह चुके है. उनकी गिनती मध्य प्रदेश के तेज तर्रार आईपीएस अधिकारियों में होती है. शिवराज सरकार में भी कैलाश मकवाना कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके हैं. 2 आईपीएस थे डीजीपी की दौड़ में शामिल पुलिस महानिदेशक पद की दौड़ में दो और आईपीएस शामिल थे लेकिन आधी रात को जारी हुए आदेश स्पष्ट रूप से स्थिति साफ हो गई कि अब 1 दिसंबर 2024 से आईपीएस कैलाश मकवाना मध्य प्रदेश की कमान संभालेंगे. वे मध्य प्रदेश के 32 वें डीजीपी के रूप में कार्यभार संभालने वाले हैं.

राजगढ़: ऑटो रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया , सास-बहू की मौत

राजगढ़. जिला मुख्यालय पर शनिवार को एक ऑटो रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में ऑटो रिक्शा में सवार सास-बहू की मौत हो गई। यह परिवार खिलचीपुर में बड़े और छोटे महाराज का दर्शन कर लौट रहा था, तभी आरोग्य अस्पताल के पास यह हादसा हो गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे की जांच शुरू कर दी हे। ब्यावरा के सुठालिया रोड रविशंकर नगर में रहने वाला साहू परिवार शनिवार सुबह बड़े व छोटे महाराज के दर्शन करने के लिए खिलचीपुर गए थे। परिवार के घनश्याम साहू (35) ने बताया कि खिलचीपुर पहुंचकर मां रमाबाई (60) पत्नी सोनूबाई (30) के साथ दर्शन किए। इसके बाद करीब 11 बजे बाद वह ब्यावरा लौटने के लिए ऑटो रिक्शा में सवार होकर निकले थे। जैसे ही ऑटो रिक्शा ब्यावरा रोड पर आरोग्य अस्पताल के समीप पहुंचा, तभी ड्राइवर ने मोड़ पर अचानक गियर बदला। इसके साथ ही ऑटो रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में रमाबाई व घनश्याम ऑटो रिक्शा से उछलकर बाहर जा गिरे, जबकि सोनूबाई उसके नीचे दब गई थीं। हादसा होते देख आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े और ऑटो को सीधा कर उसके नीचे फंसे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद जिला अस्पताल भिजवाया गया, यहां जांच के दौरान डॉक्टरों ने सास रमाबाई और बहू सोनूबाई को मृत घोषित कर दिया। घायल घनश्याम ने बताया कि हम घर के लिए लौट रहे थे। नहीं सोचा था कि इस तरह का हादसा होगा। हम घर पहुंचते, इसके पहले ही हमारा परिवार उजड़ गया। सबकुछ खत्म हो गया। अब कुछ नहीं बचा। घटना की जानकारी लगने पर ब्यावरा से भी समाजजन व मिलने वाले राजगढ़ पहुंच गए थे।

भाजपा की महाराष्ट्र व उप्र उपचुनाव में हुई शानदार जीत का मनाया गया जश्न

टीकमगढ़. आज नवीन भाजपा कार्यालय पर भाजपा की जीत पर जश्न मनाया गया। भाजपा मीडिया प्रभारी स्वप्निल तिवारी व प्रफुल्ल द्विवेदी ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव व उत्तर प्रदेश के उपचुनाव पर शानदार जीत पर नवीन भाजपा कार्यालय पर जश्न मनाया गया जिसमें प्रमुख रूप से भाजपा जिला अध्यक्ष अमित नुना , वरिष्ठ नेता विवेक चतुर्वेदी उपस्थित रहे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी का झंडा लहराते हुए, भाजपा जिंदाबाद के नारे लगाते हुए आतिशबाजी की व सभी को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दी। भाजपा जिला अध्यक्ष अमित नुना ने कहा कि भाजपा अपने वादों पर खड़ा उतरती है, अपने जनता के बीच में काम के द्वारा पहचानी जाती है और जनता का आशीर्वाद स्पष्ट रूप से भाजपा के साथ है, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन की 225 के ऊपर सीटें आ रही है व वहीं उत्तर प्रदेश उपचुनाव में पार्टी को शानदार जीत मिली, हमारे संगठन के कार्यकर्ताओं की मेहनत व भाजपा सरकार की रीति नीति से जनता खुश हैं , जिसका परिणाम है भाजपा की शानदार जीत। कार्यक्रम में भाजपा जिला महामंत्री अश्विनी चढ़ार व आशुतोष भट्ट, जिला उपाध्यक्ष अभिषेक खरे रानू, अनीश खान, मंडल अध्यक्ष रोहित वैसाखिया, नरेश तिवारी, पंकज प्रजापति, रविंद्र श्रीवास्तव, संजू यादव, अरविंद खटीक, अंकित पाराशर, आकाश अवस्थी ,स्वप्निल तिवारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

एनआरएमयू का कार्यकर्ता सम्मेलन सोमवार ,महामंत्री वेणु पी नायर आमला में विशाल आम सभा को करेंगे संबोधित।

NRUM workers conference on Monday, General Secretary Venu P Nair will address a huge public meeting in Amla. हरिप्रसाद गोहे आमला। एनआरएमयू का कार्यकर्ता सम्मेेलन आज 25 नवंबर सोमवार को एनआरएमयू प्रांगण आमला में आयोजित होगा। कार्यक्रम में महामंत्री वेणु पी नायर भी मौजूद रहेगे। चुनाव प्रभारी राजेश रावत ने बताया सम्मेलन मे एलईडी स्क्रीन के माध्यम से एआईआरएफ, एनआरएमयू के गौरवशाली इतिहास की जानकारी भी दी जाएगी। साथ ही साथ मुख्यालय और मंडल के पदाधिकारियों की उपस्थिति रहेगी। मान्यता चुनाव प्रभारी नॉर्थ (साइड) राजेश आर.रावत ने सभी साथियों से कार्यक्रम में उपस्थित होने का आग्रह किया है।

कर्मचारी हित में किए कार्यों को दृष्टिगत रख एन. आर.एम.यू के पक्ष में मतदान करने कर्मचारियों कर रहे अपील ।

Keeping in view the work done in the interest of the employees, N.R.M.U. is being appealed to the employees to vote in favour of it. एन आर एम यू शाखा जुनारदेव ने किया जनसंपर्क शुरू, चुनाव प्रभारी राजेश आर रावत के मार्गदर्शन में कर रहे प्रचार प्रसार । हरिप्रसाद गोहे  आमला/जुनारदेव । आगामी दिनांक 4,5,6 दिसंबर को प्रस्तावित रेल्वे यूनियन मान्यता चुनाव सरगर्मियां बढ़ने लगी है । इधर नार्थ क्षेत्रांतर्गत आने वाली एनआरएमयू शाखा जुनारदेव ने मान्यता चुनाव को द्रतिगत रख क्षेत्र में चुनावी दौरे की शुरुवात कर कर्मचारियों के बीच पहुंच सघन जन संपर्क कर प्रचार प्रसार शुरू कर दिया है । एन आर एम यू की मान्यता चुनाव प्रचार प्रसार मुहिम का असर क्षेत्र के छिंदवाड़ा,गांगीवाड़ा खीरसाडोह की गैंग यूनिट में देखा गया ।प्राप्त जानकारी अनुसार नेशनल रेलवे मजदूर युनियन शाखा जुन्नारदेव द्वारा आज आगामी 4,5 एवं 6 दिसम्बर को प्रस्तावित रेलवे युनियन मान्यता चुनाव के मद्देनजर शाखा क्षेत्र के छिंदवाड़ा, गांगीवाड़ा एवं खीरसाडोह की गैंग यूनिट में प्रचार एवं जनसंपर्क कर NRMU कर्मचारी हित में किए गए कार्यों को ध्यान में रखते हुए आगामी चुनाव में नेशनल रेलवे मजदूर युनियन के पक्ष में मतदान करने की अपील की गई । उक्त प्रचार कार्यक्रम में मंडल कार्यालय नागपुर से पधारे उत्तर चुनाव क्षेत्र के प्रभारी कॉम. राजेश आर. रावत, शाखा के सचिव कॉम. राकेश सूर्यवंशी, शाखा के कॉम. के.पी. बेहेरा, कॉम. एस.के. वर्मा, कॉम. अश्विनी सोनी, कॉम. आशीष गढ़वाल,कॉम. अनिल सोनी, कॉम. आशीष सूर्यवंशी, कॉम. हरीश बघेल, कॉम. निश्चय चौहान, कॉम. मोहन पाटिल इत्यादि ने भाग लिया  इस दौरान महामंत्री कॉमरेड वेणु पी नायर जी का जो विचार हैं,उसे पूरा करने के लिए नागपूर मंडल परिषद,कॉम मनोज चोइथानी जी पूरी टीम में जोश का संचार कर रहे एक रेल एक यूनियन… एक रेल नेक यूनियन… इंकलाबी यूनियन NRMU  नहीं चाहिए अनेक यूनियन…

मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव आज से 30 नवंबर तक छह दिवसीय विदेश दौरे पर जाएंगे, MP में निवेशकों को करेंगे आमंत्रित

भोपाल फरवरी-2025 में भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों को आमंत्रित करने और निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव रविवार 24 नवंबर से 30 नवंबर तक छह दिवसीय विदेश दौरे पर जाएंगे। उनके साथ उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारी भी रहेंगे। सीएम के दौरे की शुरुआत लंदन से होगी। यहां से 27 नवंबर को जर्मनी पहुंचकर निवेशकों से चर्चा करेंगे। विदेश यात्रा के दौरान तीन दिन यूनाइटेड किंगडम (यूके) के लंदन, बर्मिंघम और दो दिन जर्मनी के म्यूनिख और स्टटगार्ट शहर का दौरा करेंगे। इन स्थानों पर वह औद्योगिक सहयोग के प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों से चर्चा करेंगे। 25 को वेस्टमिंस्टर में ब्रिटिश संसद का दौरा मुख्यमंत्री 25 नवंबर को वेस्टमिंस्टर स्थित ब्रिटिश संसद, किंग्स क्रास और पुनर्विकास स्थलों का दौरा करेंगे। लंदन में फ्रेंड्स आफ मध्य प्रदेश (प्रवासी भारतीयों) द्वारा आयोजित रात्रि-भोज कार्यक्रम में शामिल होंगे। 26 नवंबर को उद्योगपतियों एवं भारत के उच्चायुक्त विक्रम के दोरईस्वामी से संवाद करेंगे। इन्वेस्टमेंट अपार्चुनिटीज इन मध्य प्रदेश, इंटरैक्टिव सेशन में लगभग 120 प्रतिभागियों से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री राउंट टेबल मीटिंग्स में इलेक्ट्रिक व्हीकल एवं आटो, एजुकेशन, रिन्युएबल एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर्स में निवेश पर चर्चा करेंगे। उद्योगतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग भी करेंगे। 27 नवंबर को वारविक यूनिवर्सिटी का भ्रमण करने के बाद वारविक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप के डीन, फैकल्टी मेंबर्स और शोधार्थियों से संवाद करेंगे। इसके म्यूनिख पहुंचेंगे। दो दिन जर्मनी में तलाशेंगे निवेश की संभावनाएं मुख्यमंत्री 28 और 29 नवंबर को जर्मनी प्रवास पर रहेंगे। म्यूनिख और स्टटगार्ट में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। पहली सुबह बवेरिया राज्य सरकार के नेताओं और म्यूनिख में कौंसुल जनरल आफ इंडिया से चर्चा करेंगे। एसएफसी एनर्जी का भ्रमण करेंगे। बेयरलोचर ग्रुप द्वारा आयोजित भोज में शामिल होंगे।एक सत्र में काउंसिल जनरल आफ इंडिया, सीआईआई और इंवेस्ट इंडिया, इंडो जर्मन चैंबर आफ कामर्स के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। फ्रेंड्स आफ एमपी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे, रात्रि भोज काउंसिल जनरल आफ इंडिया द्वारा आयोजित रात्रि भोज में शामिल होंगे। 29 नवंबर को स्टटगार्ट स्थित लेप्प ग्रुप की फैक्ट्री का दौरा करेंगे और अधिकारियों से निवेश संबंधी चर्चा करेंगे। उद्योग प्रतिनिधियों से राउंडटेबल मीटिंग होगी, जिसमें लगभग 20 प्रतिनिधि शामिल होंगे। स्टटगार्ट के स्टेट म्यूजियम आफ नेचुरल हिस्ट्री का भ्रमण भी करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री फ्रैंकफर्ट के लिए रवाना होंगे। फ्रैंकफर्ट से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

भोपाल एयरपोर्ट पर करेंसी एक्सचेंज काउंटर शुरू, पैसेंजर्स को होगी सहूलियत

भोपाल राजधानी के राजा भोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए एक नई सुविधा शुरू हो गई है। अब यहां करंसी एक्सचेंज काउंटर भी खुल गया है। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने शुक्रवार इस काउंटर का विधिवत पूजन कर उद्घाटन किया। यात्रियों को सहूलियत राजा भोज एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल सुविधाओं की दृष्टि से यह अहम सुविधा है। इससे अब एयरपोर्ट पर आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अपनी मुद्रा बदलने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। इस काउंटर के खुलने के साथ राजा भोज एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें जल्द शुरू होने की संभावना को भी बल मिला है। धीरे-धीरे सुविधाएं बढ़ाई जा रहीं गौरतलब है कि फिलहाल भोपाल से एक भी इंटरनेशनल उड़ान नहीं है। कुछ माह पहले ही इस एयरपोर्ट को कस्टम दर्जा मिला था। यहां इमिग्रेशन विंग भी बना लिया गया है और ई-गेट भी बनकर तैयार हो गए हैं। फिलहाल, जो यात्री भोपाल से दिल्ली एवं मुंबई से होते हुए इंटरनेशनल कनेक्टिंग उड़ानों से विदेश जाते हैं, उन्हें यहां पर करंसी एक्सचेंज काउंटर खुलने से सुविधा हो जाएगी। ऐसे यात्रियों को संबधित देश की करंसी भोपाल में ही मिल जाएगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा। क्लब सेवन कंपनी करेगी संचालन पीआरएस सिद्धार्थ यादव ने बताया कि राजा भोज एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधाओं को लेकर विमानपत्तन प्राधिकरण पूरी तरह सजग है और इस दिशा में निरंतर नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। क्लब सेवन नामक कंपनी करंसी एक्सचेंज काउंटर को चलाएगी। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी के अनुसार दो साल में राजा भोज एयरपोर्ट पर यात्रियों को कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अब यह इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ देश का प्रमुख एयरपोर्ट बन गया है। इस काउंटर के उद्घाटन मौके पर कमांडेंट अतुल कुमार, मानसिंह ,आलोक त्रिपाठी, शिवनारायण पटेल, कॉमर्शियल हेड केपी सिकरवार समेत कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।

भोपाल में पारा लुढ़कते हुए 8.8 डिग्री सेल्सियस पर, उमरिया समेत छह जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे, चली शीत लहर

भोपाल मध्यप्रदेश में नवंबर माह में ही ठंड तीखे तेवर दिखाने लगी है। उत्तर की ओर से आ रही सर्द हवाओं के असर से तापमान में लगातार गिरावट हो रही है। शनिवार को मध्य प्रदेश में हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं प्रदेश के मैदानी इलाकों में 7.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ मंडला सबसे सर्द रहा। राजधानी भोपाल, उमरिया, राजगढ़ समेत छह जिलों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। भोपाल में 9 डिग्री से नीचे पारा भोपाल में रात का पारा लुढ़ककर 8.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो पिछले दिन के मुकाबले 0.6 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा, साथ ही यह सामान्य से 4.8 डिग्री सेल्सियस कम रहा और यहां शीत लहर चली। यहां एक दिन पहले रात का तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था, जो पिछले 10 वर्ष में नवंबर माह का सबसे कम तापमान रहा। उत्तर के पहाड़ों में बर्फबारी मौसम विज्ञानियों के अनुसार कश्मीर व लद्दाख में हो रही बर्फबारी के कारण मध्य प्रदेश में ठिठुरन बढ़ गई है। वहीं पश्चिम-उत्तर भारत में जेट स्ट्रीम (12.6 किमी की ऊंचाई पर पश्चिम से पूर्व की तरफ 250 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाओं का चलना) भी बना हुआ है, जिसके कारण उत्तरी हवाएं प्रदेश में दाखिल हो रही है। यही वजह है कि रात का पर लगातार लुढ़क रहा है। इसके अलावा मध्य पाकिस्तान पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बरकरार है। राजस्थान पर एक प्रति चक्रवात भी बना हुआ है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, हवाओं का रुख बदलने से रविवार रात के तापमान में बढ़ोतरी होने के आसार हैं। आ रहीं सर्द हवाएं वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि जेट स्ट्रीम और प्रति चक्रवात के प्रभाव से लगातार सर्द हवाएं मध्य प्रदेश की तरफ आ रही हैं, जिससे तापमान में गिरावट का सिलसिला बना हुआ है। हालांकि प्रति चक्रवात कुछ कमजोर पड़ गया है। उधर, बंगाल की खाड़ी में भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। इस मौसम प्रणाली के शनिवार को कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना है। इसके प्रभाव से हवाओं का रुख बदलने लगेगा, जिसके चलते रविवार से प्रदेश में न्यूनतम तापमान में कुछ बढ़ोतरी होने की संभावना है।

भगवानों को गर्म वस्त्र शाल ओढ़ाना शुरू किया, गर्म तासीर के व्यंजनों का लगाया जायेगा भोग

भोपाल नवंबर माह के अंत की ओर आते-आते शहर में ठंड ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। भोपाल शहर में शीत लहर जैसे हालात हैं। ऐसे में लोगों ने ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों को पहनना शुरू कर दिया है। बढ़ती हुई ठंड को देखते हुए अलग-अलग मंदिर समितियों व ट्रस्टों के पदाधिकारियों ने भी भगवान श्रीराम, मां दुर्गा, श्रीराधा-कृष्ण, गणेश जी सहित सभी भगवानों को गर्म वस्त्र शाल ओढ़ाना शुरू कर दिया है। वहीं ठंड के चलते भगवान जी को गर्म खाद्य पदार्थ खजूर, गुड़ सहित अन्य पदार्थों का भोग लगाना शुरू कर दिया है। समय में भी बदलाव आगामी दिनों में अधिक ठंड बढ़ती है तो मंदिरों के गर्भगृह में हीटर लगाए जाएंगे। समितियों व मंदिर ट्रस्ट के पदधिकारियों का कहना है कि जब हम लोगों को ठंड लगती है तो इसी भाव से भगवान जी को गर्म कपड़े धारण कराए जाते हैं कि उन्हें भी ठंड लगती है। इसी के चलते मंदिरों में देव प्रतिमाओं को शाल ओढ़ाई गई हैं। गर्म कपड़े भी धारण कराए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, सुबह आरती का समय भी बदला जा रहा है। सुबह सात व आठ की जगह नौ बजे आरती होने लगी है। मंदिर खुलने के समय में भी सुबह 5:30 बजे से 6:30 व सात बजे तक किया जा रहा है। इन मंदिरों में बदली व्यवस्था     श्रीजी मंदिर : पुराने शहर के लखेरापुरा श्रीजी मंदिर के प्रमुख पंडित श्रीकांत शर्मा ने बताया कि प्रभु श्रीनाथ को शाल ओढ़ानी शुरू कर दी है। जैसे-जैसे सर्दी बढ़ेगी, वैसे ही भगवान के लिए हीटर भी लगाए जांएगे।     टीन शेड : मां वैष्णो देवी आदर्श दुर्गा मंदिर में मातारानी को शाल ओढ़ाई गई है। वहीं भगवान श्रीराम, हनुमान जी की प्रतिमाओं को भी शाल धारण कराया गया है। मंदिर के व्यवस्थापक चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि भगवान को इसी भाव से शाल ओढ़ाई जा रही है, ताकि ठंड से बचाव हो सके।     श्रीबड़वाले महादेव मंदिर : मंदिर के मुख्य पदाधिकारी संजय अग्रवाल व प्रमोद नेमा ने बताया कि दिसंबर से मंदिर में बाबा श्री बटेश्वर के समक्ष हीटर लगाया जाएगा। भगवान को ऊन से निर्मित वस्त्र धारण कराए जाएंगे। गर्म पदार्थों का भोग भी लगाया जाएगा।     माता मंदिर : मां शीतला को शाल ओढ़ाई गई है। वहीं भगवान श्रीराम को भी शाल ओढ़ाई गई है। मंदिर के पुजारी राजीव चतुर्वेदी ने बताया कि मंदिर के खुलने व बंद होने के समय भी बदलाव किया गया है।  

सीटीईटी एडमिट कार्ड जल्द ही जारी होने की संभावना, उम्मीदवार नोट कर लें डेट

नई दिल्ली सीटीईटी परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए अहम सूचना है। परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जल्द ही जारी होने की संभावना है। फिलहाल, सीबीएसई बोर्ड ने इस बारे में कोई सूचना तो नहीं दी है लेकिन आमतौर पर परीक्षा से चार या पांच दिन पहले प्रवेश पत्र आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए जाते हैं तो इसी आधार पर यह उम्मीद जताई जा रही है कि हॉल टिकट 10 या 11 दिसंबर तक जारी हो सकते हैं, क्योंकि सीटीईटी परीक्षा 14 दिसंबर, 2024 के लिए निर्धारित है। परीक्षार्थी को प्रवेश पत्र जारी होने की सटीक डेट मालूम करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करना चाहिए। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से देश भर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर 14 दिसंबर, 2024 को केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) का आयोजन किया जाएगा। यह परीक्षा दो पालियों में कंडक्ट कराई जाएगी। इसके अनुसार, पहली शिफ्ट सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक संचालित की जाएगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगी। बता दें कि पेपर II सुबह की पाली में और पेपर I शाम की पाली में आयोजित किया जाएगा। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए नीचे आसान स्टेप्स दिए जा रहे हैं, जिनको फॉलो करके अभ्यर्थी आसानी से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। सबसे पहले कैंडिडेट्स को आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाना होगा। अब, होम पेज पर “केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) हॉल टिकट लिंक” पर क्लिक करें। होम पेज पर लिंक पर अपना लॉगिन क्रेडेंशियल प्रदान करें। उम्मीदवारों को एक नई विंडो में प्रवेश पत्र खुलकर आ जाएगा। अब भविष्य के संदर्भ के लिए इसे डाउनलोड करें और सहेजें। इस तारीख से शुरू हुई सीटीईटी परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया केंद्रीय शिक्षक पात्रत परीक्षा (CTET Exam 2024) परीक्षा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 17 सितंबर से शुरू हुई थी। कैंडिडेट्स को 16 अक्टूबर तक आवेदन करने का मौका दिया गया था। आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों को आवेदन फॉर्म में करेक्शन का मौका दिया गया था। वहीं, अब उम्मीदवारों को एग्जाम सिटी स्लिप और प्रवेश पत्र का इंतजार है, जिसके जल्द ही जारी होने की उम्मीद है। बता दें कि परीक्षा को कई बार रीशेड्यूल किया गया है।

पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की पदयात्रा श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह, विदेशों से‌ भी आ रहे भक्त

छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों ‘हिंदू जोड़ो पदयात्रा’ काफी सुर्खियों में है. इस दौरान बागेश्वर धाम आश्रम का दावा है कि यात्रा में शामिल होने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के अनुयायी आ रहे हैं. खास तौर पर विदेश में भी हिंदू धर्म के प्रति जो आस्था बढ़ी है, वह यात्रा में शामिल होने वाले लोगों में साफ देखी जा सकती है. जाहिर है कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों को जोड़ने के लिए यात्रा निकाल रहे हैं. इस यात्रा में बड़ी संख्या में नेता से लेकर अभिनेता शामिल हो रहे हैं. दूसरी तरफ बागेश्वर धाम आश्रम ने एक दावा किया है कि हिंदू जोड़ो यात्रा में शामिल होने के लिए विदेश से भी लोग आ रहे हैं. बागेश्वर धाम आश्रम में ऑस्ट्रेलिया से आधा दर्जन से ज्यादा लोगों पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हिंदू सनातन यात्रा में शामिल होने के लिए आ रहे हैं. पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में विदेशी अनुयायी है. ऐसे में हिंदू जोड़ो यात्रा का प्रचार विदेश तक भी पहुंच गया है. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने दिया नया नारा पर्चियों के माध्यम से लोगों की समस्या का हल करने वाले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यात्रा के दौरान रोज नया नारा दे रहे हैं. उन्होंने यात्रा के दौरान नारा देते हुए कहा कि, “मैं हिंदू हूं, मैं हिंदू हूं और मैं हिंदुस्तान हूं.” धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हिंदुओं को एक करने के लिए लंबे समय से भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग कर रहे हैं. यात्रा में राजनेता भी शामिल पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के द्वारा छतरपुर से ओरछा तक निकाली जा रही यात्रा में बड़ी संख्या में राजनेता शामिल हो रहे हैं. इस यात्रा में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ नेता भी लगातार यात्रा में शामिल हो रहे हैं. इस वजह से भी ये यात्रा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

कैरियर बदलने से पहले सोचें कई बार

किसी भी कैरियर में बहुत आगे बढ़ने के बाद कई युवा साथी कैरियर शिफ्ट करने की इच्छा रखते हैं। वे एक तरह की जिंदगी से कुछ अलग करना चाहते हैं जो उनके दिल को पसंद हो। इस प्रकार के कैरियर शिफ्ट में न केवल जोखिम रहता है बल्कि यह कैरियर का एक ऐसा मोड़ रहता है जहां से आप पर आर्थिक रूप से बहुत बोझ भी रहता है।    ऐसे में अगर आप बदलाव कर रहे हैं तब इन बातों का जरूर ख्याल रखें। ऐसा न हो कि महज बदलाव के लिए आपने कैरियर शिफ्ट कर लिया पर बाद में लगा कि अपने हाथों से पैर पर कुल्हाड़ी मार ली। पैसा सब कुछ नहीं कैरियर में बदलाव करते समय अगर आप यह सोचते हैं कि जो वर्तमान में कार्य कर रहे हैं उसमें पैसा कम है और कैरियर शिफ्ट के बाद ज्यादा पैसा मिल जाएगा तब आप गलत दिशा में सोच रहे हैं। प्रत्येक कैरियर में अलग-अलग तरह की प्रक्रियाएं रहती हैं आगे बढ़ने के लिए। इस कारण पैसे को ही देखकर करियर शिफ्ट न करें। किसी और ने किया इसलिए आप भी करें यह अकसर देखा गया है कि कोई व्यक्ति लगातार पांच-आठ वर्षों तक एक ही कंपनी में कार्य कर रहा है और कंपनी में काम करने वाले उसके एक साथी ने कैरियर शिफ्ट किया क्योंकि उसे मीडिया में काम करने की इच्छा थी। साथी ने कैरियर शिफ्ट किया है इसलिए आप भी करें यह जरूरी नहीं। आप अपनी सहूलियत देखें। अपनी क्षमता को पहचानें कई बार युवा साथी जोश में आकर कैरियर शिफ्ट करने के बारे में विचार करते हैं और उस पर अमल भी कर देते हैं। जब वे दूसरे कैरियर के लिए काम करने जाते हैं तब असहज महसूस करते हैं। यह इस कारण भी होता है क्योंकि आप अपनी क्षमता से परिचित नहीं हैं। कैरियर शिफ्ट करने के पहले इस ओर जरूर ध्यान दें कि क्या वाकई आपमें उतनी क्षमता है। किसी विकल्प का चयन मात्र इसलिए न करें क्योंकि वह आपके लिए अंतिम विकल्प है। यदि आप इस संबंध में किसी उलझन में हैं तो खुद का आंकलन पहले करें। नई डिग्री लें या नहीं युवा साथी पांच वर्ष के कैरियर के बाद अपने पसंद के कैरियर को अपनाने के लिए नई डिग्री लेने के लिए भी तैयार हो जाते हैं। पर इस बात का ध्यान दें कि आप पांच वर्षों बाद पुनः पढ़ाई करने जा रहे हैं। डिग्री आपको फायदेमंद भी साबित हो सकती है और नुकसान भी हो सकता है क्योंकि आप डिग्री प्राप्त करने के लिए अलग ध्यान लगा रहे हैं और वर्तमान में जो काम कर रहे हैं उस पर आपका ध्यान नहीं होता। ऐसे में आप न इधर के रहते हैं न उधर के। कैरियर में बदलाव संबंधी बड़े फैसले अपने आप न करें। इस संबंध में अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों से बात करें। हो सकता है आपकी इस समस्या में वे आपको बेहतर विकल्प दें।  

शहर में इस साल कड़ाके की ठंड में अलाव नहीं जलाए जाएंगे, आबोहवा रहे स्वच्छ लिया निगम ने फैसला

 भोपाल  शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए इस बार शहर में अलाव नहीं जलाए जाएंगे । नगर निगम प्रशासन ने यह निर्णय पहली बार लिया है ताकि वायु प्रदूषण का स्तर कम किया जाए सके। लिहाजा शहर के वह 500 स्थान जहां पर हर साल कड़ाके की ठंड पड़ते ही अलाव जलाए जाते थे, वहां इस बार अलाव नहीं जलाए जाएंगे। नगर निगम की इस पहल से यकीनन वायु प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी, लेकिन अहम बात यह है कि जो लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते थे। वह किस तरह इस कड़ाके की ठंड से अपना अब बचाव करेंगे। लोगों से अपील इसको लेकर भी निगम ने नागरिकों से अपील की है कि बेवजह ठंडे में बाहर नहीं रहें। रैन बसेरों में पर्याप्त कमरे और गर्म रजाई-गद्दे हैं। वह आराम से वहां सोए। अस्पतालों में भर्ती मरीजों के संग सिर्फ एक अटेंडर परिसर में रुके। बाकी के लोग अपने घरों में रहें। प्राइवेट कॉलोनियों में जो लोग अलाव जलाते रहे हैं, वे हीटर का उपयोग करें। ताकि लोग ठंडे से भी बचे रहें और शहर की हवा भी स्वच्छ हो सके। अलाव के लिए नहीं किए आदेश जारी शहर में अलाव जलाने के लिए नगर निगम द्वारा कड़ाके की ठंड पड़ते ही अलाव के लिए लकड़ियां मुहैया करवाने के आदेश जारी किए जाते थे, लेकिन इस बार निगमायुक्त ने ऐसा कोई आदेश नहीं जारी किया। अलाव जलाने के लिए निगम के स्टोर से लकड़ियां मुहैया करवाई जाती थीं। इन लकड़ियों को निगम के वाहनों से सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचाया जाता था। जिसमें डीजल खर्च के अलावा निगम को कोई अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ता था, लेकिन इस बार अलाव नहीं जलाए जाएंगे। लिहाजा लाखों रुपये के डीजल खर्च की बचत भी होगी। इसलिए लिया निर्णय शहर की हवा की सेहत को सुधारने के लिए निगम प्रशासन ने यह निर्णय लिया है, क्योंकि तमाम प्रयास के बाद भी शहर में बढ़ता वायु प्रदूषण कम नहीं हो रहा। शुक्रवार को भी शहर का एक्यूआई 300 पार हो गया था। शाम सात बजे पर्यावरण परिसर क्षेत्र में एक्यूआई 305, टीटी नगर में 285 और कलेक्ट्रेट में 236 दर्ज किया गया थे। शहर की हवा में अभी भी पीएम 2.5 धूल कण अधिक मात्रा में है, जो कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को बीमार करने के लिए काफी है। इस हवा में सांस लेना बीमारियों को न्योता देने के बराबर है। सर्दी ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड हालांकि राजधानी में कड़ाके की ठंड पड़ना शुरू हो चुकी है। भोपाल में सर्दी का 10 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। नवंबर में सबसे ठंडी शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात रही, जब पारा लुढ़ककर 8.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे एक दिन पहले भोपाल में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। इससे पता चलता है कि सर्दी लगातार जोर पकड़ रही है।

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