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मातगुंवा पुलिस ने 4 किलो गांजा व मोटरसाइकिल समेत, 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार

 मातगुंवा पुलिस ने 4 किलो गांजा व मोटरसाइकिल समेत, 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार  आरोपी राम अवतार विश्वकर्मा के विरुद्ध पूर्व से थाना सुनवानी जिला पन्ना में अवैध गांजा का अपराध दर्ज छतरपुर छतरपुर पुलिस द्वारा नशा मुक्ति अभियान के तहत निरंतर कार्यवाही की जा रही है, अवैध मादक पदार्थ जप्त कर आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है, अवैध मादक पदार्थ गांजा की विधिवत विनिष्टीकरण की कार्यवाही की जा रही है। थाना मातगुंवा पुलिस को रात्रि रोड पेट्रोलिंग के दौरान मातगुंवा बिजावर रोड से अवैध मादक पदार्थ गांजा की तस्करी की सूचना प्राप्त हुई। थाना मातगुंवा पुलिस त्वरित कार्यवाही करते बिजावर मातगुंवा रोड ग्राम कूड़न के पास पहुंची, पुलिस टीम को देखकर संदेही ने मोटरसाइकिल लौटाने का प्रयास किया। संदेह के आधार पर रोककर चेक किया गया। बैग की तलाशी लेने पर अवैध मादक पदार्थ गांजा भरा मिला। अवैध मादक पदार्थ गांजा मात्रा करीब 4 किलोग्राम कीमत करीब 60 हज़ार रुपए एवं तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित कुल कीमत करीब 1 लाख 25 हज़ार रुपये जप्त कर दोनों आरोपी को अभिरक्षा में लिया गया। अवैध मादक पदार्थ बेचने हेतु तस्करी कर रहे दो आरोपी 1. राम अवतार विश्वकर्मा पिता रामदीन विश्वकर्मा 2. भैयन चौधरी पिता सुमेरा चौधरी दोनों निवासी ग्राम शिरशी पटना थाना सुनवानी जिला पन्ना के विरुद्ध थाना मातगुंवा में एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। पूछताछ पर अन्य आरोपियों के संलिप्त होने की जानकारी प्राप्त हुई है। आरोपी राम अवतार विश्वकर्मा के विरुद्ध पूर्व से थाना सुनवानी जिला पन्ना में अवैध गांजा का अपराध दर्ज है। अभियुक्तों को न्यायालय पेश किया जा रहा है। अन्य आरोपियों की तलाश व विवेचना कार्यवाही जारी है। उक्त कार्यवाही में एसडीओपी बिजावर श्री शशांक जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उप निरीक्षक वीरेंद्र रैकवार सहायक उप निरीक्षक धनीराम तिवारी प्रधान आरक्षक राममिलन, मुकेश कुशवाहा, आरक्षक कुलदीप, राजेंद्र, पंकज एवं सतीश की मुख्य भूमिका रही।

25 हजार की रिश्वत लेते जे.ई. अरेस्ट, लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथों दबोचा, डिमांड बनाने के नाम पर मांगी थी घूस, मचा हड़कंप

कटनी जिले मे 25 हजार की रिश्वत लेते जे.ई. के साथ अन्य प्राइवेट कर्मी को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने रंगे हाथों दबोचा है। जानकारी के अनुसार आवेदक बलराम दास पटेल एवं नवनीत की शिकायत पर लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने छापामार कार्रवाई की, इस दौरान आरोपी डीई.एमपीईबी कटनी राजीव चतुर्वेदी एवं एई खितौली चंचल गुप्ता, रवि कुमार बर्मन को रिश्वत राशि 25000 के साथ पकड़ा गया है। पीड़ित बलराम दास पटेल ने बताया की एमपीईबी कटनी में ठेकेदार ग्राम लोहरवारा जिला कटनी के उपभोक्ता राजेश पटेल के राइस मिल के लिए 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए एस्टीमेट एवं डिमांड नोट तैयार करने के संबंध में आरोपी डी ई राजीव चतुर्वेदी से मिला। जिसने इस कार्य के लिए 80000 की रिश्वत की मांग की। एई खितौली चंचल गुप्ता से भी मिला तो उसके द्वारा इस कार्य के लिए 40000 की मांग की गई। जिसमें 25000 की राशि प्रार्थी द्वारा आरोपी चंचल गुप्ता को देने पर लोकायुक्त पुलिस द्वारा रंगे हाथों पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई मे लोकायुक्त टीम उप पुलिस अधीक्षक सुरेखा परमार, निरीक्षक कमल सिंह उईके, निरीक्षक भूपेंद्र दीवान एवं अन्य चार सदस्य की टीम द्वारा कार्रवाई की गई। वहीं टीम के द्वारा सघन पडताल की जा रही है।

कुठला में सटोरिए का दबदबा आज भी बरकरार, दीवार खड़ी करने के दावों की निकली हवा, धड़ल्ले से संचालित हो रहा सट्टा व्यापार

 कटनी  कुठला थाना क्षेत्र के अंतर्गत इंदिरा नगर में एक सटोरिए के व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा निर्देशन में कुठला थाना प्रभारी अभिषेक चौबे ने सट्टा व्यापारी के ठिकाने की ओर जाने वाले रास्ते में दीवार खड़ी कराकर सट्टा व्यापार को पूरी तरह बंद कराने के जो बड़े-बड़े दावे किए अब उन दावों की हवा निकल चुकी है। सूत्र बताते है की इंदिरा नगर निवासी सटोरिया एक बार फिर संबंधित थाने की पुलिस को चुनौती देते हुए सट्टा व्यापार को धड़ल्ले से चलाने लगा है। ऐसा नहीं है कि इंदिरा नगर में संचालित हो रहा सट्टा व्यापार पुलिस की जानकारी में नहीं है, सब कुछ जानते हुए भी स्थानीय पुलिस सटोरिए की परछाई भी छू नहीं पा रही। एक अदने से सटोरिए के अवैध ठिकाने को बंद कराने में कुठला पुलिस के पसीने छूट रहे हैं। एसपी के निर्देशन में खड़ी हुई थी दीवाल आपको याद दिला दें कि लगभग 1 वर्ष पूर्व कुठला थाना प्रभारी अभिषेक चौबे ने पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार रंजन के निर्देश पर इंदिरा नगर के कबरा नामक सटोरिए के सट्टा व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए उसके घर की पीछे मौजूद गली के दोनों तरफ दीवार खड़ी करा दी थी। पुलिस का दावा था की दीवार खड़ी होने के बाद गली की तरफ खुलने वाली खिड़की से संचालित होने वाले सट्टा व्यापार पर पूरी तरह अंकुश लग जाएगा। दावे निकले खोखले कुठला पुलिस ने दीवार खड़ी कराने के बाद मीडिया में खूब वाहवाही बटोरी और अपनी पीठ खुद ही थपथपाई, लेकिन सूत्र बताते हैं की दीवार खड़ी करा देने के बावजूद कभी भी सट्टा व्यापार बंद नहीं हुआ। यहां पर सट्टा व्यापार निरंतर चालू है और आज भी लगातार सटोरिया पुलिस को चुनौती देते हुए अपने अवैध व्यापार को बिना किसी रोक-टोक संचालित कर रहा है। हां फर्क सिर्फ इतना पढ़ा है कि अब पुलिस सटोरिए को पकड़ना तो दूर, उसके ठिकाने को बंद कराना तो दूर उसको छू भी नहीं पा रही। इनका कहना है इस संबंध में बातचीत करते हुए कुठला थाना प्रभारी अभिषेक चौबे ने कहा कि कबरा नामक सटोरिए के द्वारा सट्टा खिलाए जाने की सूचनाएं मिली हैं। मीडिया के माध्यम से जो सूचनाऐं सामने आ रही हैं उसे संज्ञान में लेकर सट्टा व्यापार को बंद कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। पहले भी कार्यवाही करते हुए सट्टा व्यापार बंद कराया जा चुका है। इस तरह के किसी भी अवैध धंधे को थाना क्षेत्र में संचालित नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए पुलिस ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रखी है।

नॉलेज टॉक: ग्लोबल स्किल पार्क में एचवीएसी इंडस्ट्री के लिए ज्ञान का अनोखा संगम

भोपाल संत शिरोमणी रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल में आईएसएचआरएइ भोपाल चैप्टर के सहयोग से आयोजित नॉलेज टॉक और वर्कशॉप सीरीज़ सफलतापूर्वक संपन्न हुई। एचवीएसी उद्योग के विभिन्न क्षेत्रों से 140 से अधिक प्रतिभागियों ने इसमें भाग लिया, जिसमें आरएसी और एमइएस कोर्स के छात्रों के साथ-साथ अन्य तकनीकी पाठ्यक्रमों के प्रधान प्रशिक्षक, प्रशिक्षण अधिकारी, ओइएम और प्रमुख निर्माण कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे। इस अवसर पर आईएसएचआरएइ भोपाल टीम के अध्यक्ष, चेयरमैन और अन्य सदस्य उपस्थित थे। इस ज्ञानवर्धक सत्र में एचवीएसी (वीआरएफ) तकनीक के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास और उद्योग तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने वीआरएफ सिस्टम के उपयोग, ऊर्जा दक्षता, आधुनिक सुविधाओं और अनुकूलन के तरीकों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी, जिससे प्रतिभागियों को अपने कौशल को और अधिक निखारने तथा उद्योग में नई संभावनाओं को समझने का अवसर मिला। छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए यह एक विशेष मंच रहा, जहां उन्होंने विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया और उद्योग जगत के अन्य महत्वपूर्ण सदस्यों के साथ नेटवर्किंग का मौका भी मिला। आईएसएचआरएइ और संत शिरोमणी रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क के इस सहयोग से यह आयोजन एचवीएसी उद्योग के लिए एक अच्छा कदम है। उल्लेखनीय है कि आईएसएचआरएइ, इंडियन सोसायटी ऑफ हीटिंग, रेफ्रिजरेटिंग एण्ड एयर कंडीशनिंग इंजीनियर्स है। यह संस्था भारत में एचवीएसी एण्ड आर (हीटिंग, वेंटिलेशन, एयर कंडीसनिंग एण्ड रेफीरिजिरेशन) उद्योग से जुड़े इंजीनियरों, विशेषज्ञों और पेशेवरों का प्रतिनिधित्व करती है। आईएसएचआरएइ का उद्देश्य एचवीएसी एण्ड आर क्षेत्र में नवीनतम तकनीकी जानकारी, शिक्षा, और मानकों को बढ़ावा देना और इस क्षेत्र के विशेषज्ञों को एक मंच प्रदान करना है, जहां वे ज्ञान साझा कर सकें और उद्योग की उन्नति में योगदान दे सकें।  

वन विभाग ने राज्य सरकार की सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की

भोपाल वन विभाग ने राज्य सरकार की सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। नर्मदापुरम् जिले के मड़ई स्थित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के पर्यटकों के लिये सोलर बोट का संचालन शुरू किया गया है। प्रदेश की यह पहली बोट होगी, जो सौर ऊर्जा से संचालित होगी। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य-प्राणी और क्षेत्र संचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व श्रीमती राखी नंदा ने 10 नवम्बर को सोलर बोट का उद्घाटन किया। सोलर बोट की क्षमता 12+1 व्यक्तियों की है, जिसमें 2 KW के सोलर पैनल, 8 KW के दो इलेक्ट्रिक इंजिन, 16.5 KWH क्षमता के 2 लिथियम ऑयन बैटरी सिस्टम से लैस है। सोलर बोट नवगथी मरीन डिजाइन एवं कंस्स्ट्रक्शन प्रा.लि. इरनाकुलम केरल की कम्पनी द्वारा 37.5 लाख की लागत से निर्मित की गयी है। उन्होंने बताया कि सोलर बोट के संचालन से न केवल पेट्रोल की बचत होगी, वरन् प्रदूषण भी नहीं होगा। श्री कृष्णमूर्ति ने बताया कि सोलर बोट में इलेक्ट्रिक इंजिन के कम आवाज होने से पर्यटकों को पक्षियों के दर्शन में एक बेहतर अनुभव होगा और वन्य-प्राणियों को प्रदूषण मुक्त वातावरण मिलेगा।  

वर्ल्ड यूनिवर्सिटी शूटिंग चैम्पियनशिप में अकादमी ने हासिल किये 3 पदक

वर्ल्ड यूनिवर्सिटी शूटिंग चैम्पियनशिप में अकादमी ने हासिल किये 3 पदक खेल मंत्री सारंग ने दी बधाई भोपाल वर्ल्ड यूनिवर्सिटी शूटिंग चैम्पियनशिप-2024 का आयोजन 9 से 13 नवंबर तक दिल्ली में किया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर की इस चैम्पियनशिप में सोमवार को खेल अकादमी की खिलाड़ी कु. नीरू ढांडा ने रजत पदक और खिलाड़ी ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने रायफल में एक स्वर्ण और एक रजत पदक 10 नवंबर को हासिल किया था। चैम्पियनशिप में खेल अकादमी के खिलाड़ियों ने अब तक कुल 3 पदक प्राप्त किये हैं। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर और नीरू ढांडा को पदक प्राप्त करने पर बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। प्रतियोगिता में चेक रिपब्लिक की जीना हार्डलीकोवा ने स्वर्ण और भारत की कीर्ति गुप्ता ने काँस्य पदक प्राप्त किया। नीरू ढांडा ने कुल 43 अंक अर्जित कर फायनल में रजत पदक प्राप्त किया। फायनल जीतने वाली चैक रिपब्लिक की खिलाड़ी ने 45 अंक अर्जित किये। कांस्य पदक प्राप्त करने वाली कीर्ति गुप्ता ने 32 अंक अर्जित किये। ऑल इण्डिया इंटर यूनिवर्सिटी चैम्पियनशिप में काँस्य ऑल इण्डिया इंटर यूनिवर्सिटी चैम्पियनशिप का आयोजन 6 से 10 नवंबर तक जम्मू में किया गया। इस चैम्पियनशिप में खेल अकादमी के खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए टीम इवेंट में कांस्य पदक प्राप्त किया। खेल अकादमी के फेंसिंग खिलाड़ी खुशी दभाड़े, प्रज्ञा सिंह, अंजलि बाथरे और अंजू परिहार ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए ईपी महिला टीम स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने खेल अकादमी के सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी है।  

मसाले, दूध, तेल में मिलावट पर कानून का शिकंजा: जानें सजा और प्रावधान

Now you will get 10 years imprisonment for selling adulterated milk and ghee, know what the law says भोपाल। भारत में मिलावटी चीजों की भरमार है.। खासतौर से जब आप खाद्य पदार्थों की बात करते हैं तो उसमें सबसे ज्यादा मिलावट देखने को मिलती है। मसाले, दूध, घी, तेल हर चीज में मिलावट होती है. चलिए आज इस खबर में जानते हैं कि अगर कोई मिलावट खोर खाने की चीजों में मिलावट करता पकड़ा गया तो उसे भारतीय कानून के तहत कितनी सजा होगी। क्या कहता है नियम-कानून भारत में मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा से संबंधित मामलों को देखने के लिए, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 (Food Safety and Standards Act, 2006) बनाया गया है. इसके अलावा इसके तहत बनाए गए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के नियमों का भी पालन किया जाता है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 को भारतीय खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है। इस कानून के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट को प्रतिबंधित किया गया है और अगर कोई व्यक्ति मिलावटी सामान बेचता पाया जाता है, तो उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होती है। कितनी मिलती है सजा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति मिलावटी खाद्य पदार्थों का उत्पादन, बिक्री या वितरण करते पाया गया तो इसे गंभीर अपराध माना जाता है। दोषी पाए जाने पर जुर्माना, सजा या दोनों का प्रावधान है. जुर्माने की बात करें तो मिलावटी खाद्य पदार्थों को बनाने और बेचने पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। जबकि, अपराध के गंभीरता को देखते हुए, इस तरह के मामलों में 6 महीने से लेकर 7 साल तक की सजा भी हो सकती है। वहीं अगर मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने से किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो मिलावटखोर को आजीवन कारावास या 10 साल तक की सजा हो सकती है। धारा 272 और 273 के तहत भी मिलती है सजा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के अलावा भारतीय दंड संहिता (IPC) में भी मिलावटखोरी से संबंधित अपराधों के लिए दंडात्मक प्रावधान हैं। खासतौर से धोखाधड़ी और आम जनता के जीवन को खतरे में डालने के मामले में है। दरअसल, अगर किसी व्यक्ति द्वारा मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री की जाती है, जिससे किसी जान जाने का खतरा ना हो तो यह धोखाधड़ी के अंतर्गत आता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 272 और 273 के तहत इसमें, मिलावटी खाद्य पदार्थों को बेचने वाले को 6 महीने से लेकर 2 साल तक की सजा हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जबकि, अगर मिलावटी खाद्य पदार्थ से किसी व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर हो जाती है या कोई बीमारी फैल जाती है या किसी के जान पर बन आती है तो यह एक गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में, संबंधित व्यक्ति को 3 से 7 साल तक की सजा हो सकती है और उस पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

“कश्मीर” ही नहीं अब “इंदौर ” में भी उगने लगी “केसर”…तीन माह में हुआ कमाल

इंदौर  देश में केसर का उत्पादन खासकर कश्मीर में होता है, लेकिन बर्फीली वादियों वाले इस क्षेत्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर इंदौर के एक प्रगतिशील किसान ने ‘एयरोपॉनिक्स’ पद्धति की मदद से अपने घर के कमरे में बिना मिट्टी के केसर उगाया है. किसान के घर की दूसरी मंजिल के इस कमरे में इन दिनों केसर के बैंगनी रंग के खूबसूरत फूलों की बहार है. नियंत्रित वातावरण वाले कमरे में केसर के पौधे प्लास्टिक की ट्रे में रखे गए हैं. ये ट्रे खड़ी रैक में रखी गई हैं ताकि जगह का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जा सके. केसर उत्पादक अनिल जायसवाल ने को बताया, ‘‘मैं कुछ साल पहले अपने परिवार के साथ कश्मीर घूमने गया था. वहां पम्पोर में केसर के खेत देखकर मुझे इसके उत्पादन की प्रेरणा मिली.’’ जायसवाल ने बताया कि उन्होंने अपने घर के कमरे में केसर उगाने के लिए ‘एयरोपॉनिक्स’ तकनीक के उन्नत उपकरणों से तापमान, आर्द्रता, प्रकाश और कार्बन डाइऑक्साइड का नियंत्रित वातावरण तैयार किया ताकि केसर के पौधों को कश्मीर जैसी मुफीद आबो-हवा मिल सके. कश्मीर के पम्पोर से मंगाए थे बीज उन्होंने बताया कि 320 वर्ग फुट के कमरे में केसर की खेती का बुनियादी ढांचा तैयार करने में उन्हें करीब 6.50 लाख रुपये की लागत आई. जायसवाल ने बताया कि उन्होंने केसर के एक टन बीज (बल्ब) कश्मीर के पम्पोर से मंगाए थे और इसके फूलों से वह इस मौसम में 1.50 से दो किलोग्राम केसर प्राप्त करने की उम्मीद कर रहे हैं. लगभग डेढ़ महीने में खिलने लगे फूल उन्होंने कहा कि चूंकि उनकी उगाई केसर पूरी तरह जैविक है, इसलिए उन्हें उम्मीद है कि घरेलू बाजार में वह अपनी उपज करीब पांच लाख रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर बेच सकेंगे, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उन्हें इसके 8.50 लाख रुपये तक मिल सकेंगे. जायसवाल ने बताया, ‘‘ मैंने अपने घर के कमरे के नियंत्रित वातावरण में केसर के ये बीज सितंबर के पहले हफ्ते में रखे थे और अक्टूबर के आखिरी हफ्ते से इन पर फूल खिलने लगे.’’ केसर की खेती में जायसवाल का पूरा परिवार उनका हाथ बंटाता है. यह परिवार केसर के पौधों को गायत्री मंत्र और पक्षियों की चहचहाहट वाला संगीत भी सुनाता है. इसके पीछे परिवार का अपना फलसफा है. जायसवाल की पत्नी कल्पना ने कहा,‘‘पेड़-पौधों में भी जान होती है. हम केसर के पौधों को संगीत सुनाते हैं ताकि बंद कमरे में रहने के बावजूद उन्हें महसूस हो कि वे प्रकृति के नजदीक हैं.’’ मांग के मुकाबले इसका उत्पादन होता है कम केसर, दुनिया के सबसे महंगे मसालों में एक है और अपनी ऊंची कीमत के लिए इसे ‘‘लाल सोना’’ भी कहा जाता है. इसका इस्तेमाल भोजन के साथ ही सौंदर्य प्रसाधनों और दवाओं में भी किया जाता है. भारत में केसर की बड़ी मांग के मुकाबले इसका उत्पादन कम होता है. नतीजतन भारत को ईरान और दूसरे देशों से इसका आयात करना पड़ता है. ‘सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक करना चाहिए इस्तेमाल’ ‘एयरोपॉनिक्स’ पद्धति की कृषि के जानकार प्रवीण शर्मा ने बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में इस पद्धति से बंद कमरों में केसर उगाई जा रही है, लेकिन इसे फायदे का टिकाऊ धंधा बनाने के लिए उत्पादकों को खेती की लागत कम से कम रखनी होगी. उन्होंने कहा,‘‘एयरोपॉनिक्स पद्धति से खेती करने में काफी बिजली लगती है. लिहाजा इस पद्धति से केसर उगाने वाले लोगों को अपने बिजली बिल में कटौती के लिए सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक इस्तेमाल करना चाहिए.’’

मध्‍य प्रदेश के टाइगर रिजर्व में अगले दो महीनों तक पर्यटकों का प्रेशर बढ़ने वाला, तेजी से बुकिंग

उमरिया  दिसंबर साल का आखिरी महीना होने के साथ ही उल्लास और मौज-मस्ती का भी महीना होता है, जिसमें छुट्टियां मनाने लोग पर्यटन स्थलों पर जाते हैं। दिसंबर में एक लाख से ज्यादा पर्यटक प्रदेश के टाइगर रिजर्व में बाघ का दीदार करेंगे। टाइगर रिजर्व में अभी तक 10812 जिप्सियों के परमिट बुक हो चुके हैं प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में अभी तक 10812 जिप्सियों के परमिट बुक हो चुके हैं। एक जिप्सी में छह पर्यटक पार्क घूम सकते हैं और अभी तक की बुकिंग के हिसाब से प्रदेश के टाइगर रिजर्व में कुल 64 हजार 872 पर्यटक बाघ का दीदार करने पहुंचेंगे। दिसंबर का पूरा महीना बाकी है पार्कों में एक लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचेंगे बुकिंग अभी जारी है और दिसंबर का पूरा महीना बाकी है, जिससे अनुमान लगाया जा सकता है कि दिसंबर में प्रदेश के अलग -अलग पार्कों में एक लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचेंगे। दिसंबर के लिए बुकिंग प्रदेश के टाइगर रिजर्व में अगले दो महीनों तक पर्यटकों का प्रेशर बढ़ने वाला है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि अभी से पर्यटकों ने तेजी से बुकिंग कराना शुरू कर दिया है। दिसंबर के दूसरे पखवाड़े के लिए अभी से तीन हजार से ज्यादा बुकिंग कोर और बफर जोन के लिए हो चुकी है। पर्यटक कितनी भारी संख्या में यहां आने वाले हैं जनवरी के पहले पखवाड़े के लिए भी इसी तरह तेजी से बुकिंग हो रही है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पर्यटक कितनी भारी संख्या में यहां आने वाले हैं। बफर में भी होगा सफर दीपावाली की छुटि्टयों में पर्यटकों की भीड़ कुछ बढ़ी थी और इस दौरान भी जमकर पर्यटक पहुंचे। इसका लाभ छोटे स्तर पर कारोबार करने वाले स्थानीय व्यापारियों को भी मिला। गेट से प्रवेश के लिए पर्यटक बुकिंग करा रहे हैं बांधवगढ़ सहित प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व के न सिर्फ कोर जोन के गेट से प्रवेश के लिए पर्यटक बुकिंग करा रहे हैं। बफर जोन से प्रवेश के लिए भी भारी संख्या में बुकिंग हो रही है बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप संचालक पीके वर्मा का कहना है कि इस बार दिसंबर और जनवरी में पिछले साल से ज्यादा पर्यटकों के बांधवगढ़ पहुंचने की संभावना है। बफर जोन से प्रवेश के लिए भी भारी संख्या में पर्यटकों की बुकिंग हो रही है।

रीजनल इंडस्ट्रीज कान्क्लेव के माध्यम से प्रदेश में निवेश का माहौल बना, MP निवेश बढ़ाने के लिए नवंबर में CM का विदेश दौरा

भोपाल फरवरी, 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट से पहले संभाग स्तर पर रीजनल इन्वेस्टर्स कान्क्लेव का क्रम पूरा हो जाएगा। सात दिसंबर को नर्मदापुरम में कान्क्लेव होगी, जिसमें देशभर के उद्योगपति जुटेंगे। इसके लिए आइटी, स्वास्थ्य, एजुकेशन, टूरिज्म, भारी उद्योग, एमएसएमई, लघु कुटीर उद्योग सहित सभी क्षेत्र के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है। प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री प्रतिनिधि मंडल के साथ इसी माह जर्मनी और इंग्लैंड जाएंगे। यह बतौर मुख्यमंत्री उनका पहला विदेश दौरा होगा। उन्होंने मीडिया संदेश में बताया कि रीजनल इंडस्ट्रीज कान्क्लेव के माध्यम से प्रदेश में निवेश का माहौल बना है। उद्योग मित्र नीतियां तैयार की जा रही हैं तो ऐसे रोजगारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिनमें रोजगार की अधिक संभावनाएं हैं। प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए नवंबर में विदेश का दौरा भी किया जाएगा। इसमें वहां के उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए सरकार की नीतियों के साथ औद्योगिक वातावरण से अवगत कराकर आमंत्रित करेंगे। नर्मदापुरम में होने वाले कान्क्लेव से क्षेत्र के विकास को पंख लगेंगे। 2.76 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 3.28 लाख से अधिक लोगों मिलेगा रोजगार प्रदेश में अब तक उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव के साथ मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरू और कोलकाता में रोड-शो एवं इंटरेक्टिव सेशन हो चुके हैं। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के दो लाख 76 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे तीन लाख 28 हजार 670 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाएगा। इस वर्ष सात-आठ फरवरी 2025 को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का आयोजन होगा।

प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिये इसी माह मुख्यमंत्री विदेश भी जायेंगे, बदलेगी राज्य की तस्वीर?

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के संतुलित औद्योगिक विकास और रोजगार संवर्धन के लिए संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और प्रदेश के बाहर महानगरों में निवेश के लिये हुए रोड-शो से देशभर से सकारात्मक परिणाम मिले हैं। फरवरी 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट तक यह क्रम जारी रहेगा। आगामी 7 दिसम्बर को नर्मदापुरम में संभाग स्तरीय इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होगी, जिसमें निवेशकों को नर्मदापुरम क्षेत्र की संभावनाओं से जोड़ते हुए, प्रदेश की आर्थिक बेहतरी के लिए गतिविधियां प्रस्तावित हैं। कॉन्क्लेव में सभी सेक्टर्स के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है, जिससे आईटी, हेल्थ, एजुकेशन, टूरिज्म, भारी उद्योग, एमएसएमई, लघु कुटीर उद्योग सहित सभी प्रकार के उद्योग धंधों के माध्यम से राज्य के लोगों के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकें। राज्य सरकार के इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिये इसी माह हम विदेश भी जाने वाले हैं। जहाँ विदेशी उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिये राज्य सरकार की नीतियों और यहाँ के औद्योगिक वातावरण से अवगत करा कर आमंत्रित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में बेहतर आर्थिक वातावरण बने, लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें, युवाओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के अनुरूप स्थानीय स्तर पर काम मिलें, उन्हें रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़े, इस दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से मीडिया को जारी संदेश में यह बात कही। निवेशकों के लिये उद्योग मित्र नीतियाँ मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि सरकार ने उद्योग क्षेत्र के लिये वर्ष 2024-25 में 4 हजार 190 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। औद्योगिक निवेश को प्रोत्सहन देने के लिये प्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश प्रोत्सहन और कस्टमाइज पैकेज जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। नये निवेशकों को उद्योग मित्र नीतियों के साथ सरल और सुगम निवेश प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश के प्रत्येक जिले में इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। कई जिलों में शुरू भी हो चुके हैं। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये इन सेंटर में जिला कलेक्टर्स को नोडल अधिकारी बनाया गया है। मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के लिये पिछले 8 माह में जो प्रयास हुए, उसमें उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव एवं मुंबई, कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में हुए रोड-शो के साथ हुए इंटरेक्टिव सेशन के काफी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। इनमें विभिन्न सेक्टर्स में 2 लाख 76 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 3 लाख 28 हजार 670 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाएगा। इस वर्ष 7-8 फरवरी 2025 को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा। निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है म.प्र. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश न सिर्फ औद्योगिक हब बन रहा है बल्कि हर क्षेत्र में उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है। प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, उद्योग अनुकूल नीतियों और मजबूत अधोसंरचना से मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है।

IAS TRANSFER 26 अफसरों का तबादला, उमाकांत उमराव को मिली ये अहम जिम्मेदारी, देखें पूरी लिस्ट

भोपाल। IAS TRANSFER BREAKING: मध्य प्रदेश में एक बार फिर देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। शासन ने 26 आईएएस अफसरों का थोकबंद तबादला कर दिया है। नीरज मंडलोई को ऊर्जा एवं पावर मैनेजमेंट का जिम्मा मिला है। मनु श्रीवास्तव को नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। संजय कुमार शुक्ला नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव बनाए गए हैं। राघवेंद्र सिंह को उद्योग विभाग का जिम्मा सौंपा गया है। उमाकांत उमराव खनिज साधन विभाग के प्रमुख सचिव बनाए गए हैं। गुलशन बामोरा को जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। नवनीत मोहन कोठारी पर्यावरण विभाग के सचिव बनाए गए हैं। श्रीमन शुक्ल को आदिवासी विकास विभाग आयुक्त का प्रभार सौंपा गया है।

सरकार ने लिया फैसला, प्रदेश में सौ से अधिक लोग इकट्ठा होते हैं, वहां सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा

भोपाल इंदौर में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सरकार ने सार्वजनिक और व्यावसायिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की अनिवार्यता लागू की है। यह प्राविधान मध्य प्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की उप विधि के अंतर्गत किया गया है। अब गृह विभाग ने लोक सुरक्षा अधिनियम लाने की तैयारी शुरू कर दी है। कुल चार विधेयक प्रस्तुत करने की योजना है। इन विधेयकों का प्रारूप तैयार कर विधि एवं विधायी विभाग को भेजा गया है। प्रदेश सरकार ने यह फैसला लिया है कि कॉलेजों, स्कूलों, मॉल, रेस्टोरेंट, अस्पतालों और उन स्थानों पर जहां सौ से अधिक लोग इकट्ठा होते हैं, वहां सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। इसके लिए विधायिका में प्रस्तावित विधेयक को दिसंबर के शीतकालीन सत्र में प्रस्तुत किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर संभाग की समीक्षा के दौरान इस प्रस्ताव को जल्द लागू करने के निर्देश दिए थे। इंदौर में यह व्यवस्था नगर पालिक निगम अधिनियम के उप-विधि के अंतर्गत पहले ही लागू की जा चुकी है। अब गृह विभाग पूरे प्रदेश के लिए एक अलग से कानून लाने की तैयारी कर रहा है। इस नए कानून के तहत, उन संस्थानों के संचालकों को यह जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम दो महीने तक सुरक्षित रखें। इस कानून का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा को मजबूत करना और कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करना है। बदलेंगे मकान मालिक और किराएदार के अधिकार नगरीय विकास एवं आवास विभाग किराएदारी अधिनियम को लागू करने की भी तैयारी कर रहा है। इस अधिनियम का उद्देश्य मकान मालिक और किराएदार के बीच के रिश्तों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना है। इसके तहत किराए पर रहने वाले व्यक्ति को अनुबंध में निर्धारित अवधि के बाद मकान खाली करना होगा। अगर, किराएदार ऐसा नहीं करता, तो मकान मालिक शिकायत कर किराया प्राधिकारी से बेदखली की कार्रवाई करवा सकेगा। किराएदार की मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को वहां रहने का अधिकार होगा, लेकिन उसे भी अनुबंध का पालन करना होगा। इसके अतिरिक्त मकान मालिक को किराएदार को तंग करने की अनुमति नहीं होगी। मकान मालिक को जल, विद्युत, पाइप गैस, मार्ग, लिफ्ट, सीढ़ियों की सफाई, पार्किंग, स्वच्छता और सुरक्षा सुविधाओं की आपूर्ति बाधित नहीं करनी होगी। किराएदार के परिसर में प्रवेश का मकान मालिक को कोई अधिकार नहीं होगा। प्रदेश का नया फायर एक्ट तैयार भारत सरकार के निर्देश पर प्रदेश में नया फायर एक्ट तैयार किया गया है, जिसे जल्द लागू किया जाएगा। यह एक्ट पहले ही 2016 में तैयार किया गया था, लेकिन 2019 में माडल एक्ट को कैबिनेट से मंजूरी नहीं मिल पाई थी। अब इसे नए सिरे से तैयार किया गया है। इस फायर एक्ट में कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसमें प्रॉपर्टी टैक्स और बिल्डिंगों में फायर सेस लगाने का प्रस्ताव है। यदि कोई भवन मालिक आग की सूचना प्रशासन को नहीं देता है, तो उसे सजा दी जाएगी। इसके अलावा, राज्य स्तर पर फायर-इमरजेंसी सर्विस बनाने और नए अग्निशमन सेवा केंद्र खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। बहुमंजिला इमारतों की जांच, अग्निकांड से बचाव के उपाय, और अग्निशमन की प्रक्रिया में रुकावट डालने पर अर्थदंड एवं सजा के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।

मध्यप्रदेश राज्य सिविल सेवा शतरंज चैम्पियनशिप सम्पन्न

भोपाल खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित मध्यप्रदेश राज्य सिविल सेवा शतरंज चैम्पियनशिप 2024 का समापन इंदौर पब्लिक स्कूल में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में राज्य के विभिन्न जिलों से आए सिविल सेवा अधिकारियों ने भाग लेकर अपनी बौद्धिक क्षमता का परिचय दिया। महिला वर्ग में शीर्ष स्थान पर निशाद मोनिका ने शानदार प्रदर्शन कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनके बाद पद्मजा नायडू ने दूसरा स्थान और स्नेहलता नागेश ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इनके अतिरिक्त छाया हरदिया, वैशाली रामटेके और मंजू डोंगरे ने भी प्रतियोगिता में बेहतरीन खेल प्रदर्शन करते हुए क्रमशः चौथा, पाँचवाँ, और छठवाँ स्थान हासिल किया। छह राउंड के बाद शेखर वर्मा 5.5 अंकों के साथ प्रथम, सिद्धार्थ जैन और दीपक चिवांडे ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 अंकों के साथ क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस चैम्पियनशिप में बी.के.चौधरी, विवेकानंद यादव और अशोक तुरकिया ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया और शीर्ष छह स्थानों में जगह बनाई। यह सभी चयनित खिलाड़ी राष्ट्रीय सिविल सेवा शतरंज प्रतियोगिता 2024 में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस आयोजन में टूर्नामेंट डायरेक्टर के रूप में सुनील सोमानी तथा मुख्य निर्णायक के रूप में सौरभ सोनी ने अपनी अहम भूमिका निभाई। इस प्रतियोगिता ने राज्य में शतरंज के प्रति रुचि को बढ़ावा दिया और खेल संस्कृति को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर देवास कलेक्टर श्री ऋषभ गुप्ता, अपर कलेक्टर भोपाल श्री सिद्धार्थ जैन, मध्यप्रदेश अड हॉक कमिटी के संयोजक अंतरराष्ट्रीय मास्टर अक्षत खमरिया, ओरिएंटल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर सुनील सोमानी, इंदौर शतरंज संघ के अनिल फतेहचंदानी एवं मंदसौर के नंदकिशोर जोशी उपस्थित रहे|  

‘पुष्पा 2’ में साउथ ब्यूटी श्रीलीला की एंट्री, दिखाएंगी डांस का जलवा

मुंबई, साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की सुपरहिट फिल्म पुष्पा की दूसरी किस्त इसी साल सिनेमाघरों में दस्तक देने को तैयार है। ऐसे में दर्शक फिल्म से जुड़ी हर एक अपडेट को लेकर एक्साइट हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर फिल्म के न‍िर्माताओं ने जानकारी दी है कि फिल्म में साउथ ब्यूटी श्रीलीला आइटम सॉन्ग पर डांस करेंगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर श्रीलीला का एक पोस्टर शेयर कर फिल्म के न‍िर्माताओं ने जानकारी दी है। उन्हों ने कैप्शन में लिखा “टीम ‘पुष्पा 2 द रूल’ में डांसिंग क्वीन श्रीलीला का सॉन्ग ‘ऑफ द ईयर’ बनने के लिए स्वागत करती है। आगे लिखा “यह गाना डांस और संगीतमय आनंद देने वाला है। फिल्म इसी साल 5 दिसंबर को दुनिया भर में ग्रैंड रिलीज के लिए तैयार है।” फिल्म में अल्लू अर्जुन, रश्मिका मंदाना, श्रीलीला, फहाद फासिल मुख्य रोल में हैं। वहीं, श्रीलीला ने सामंथा रुथ प्रभु की जगह ले ली है। सामंथा ने ‘पुष्पा’ में ‘ऊं अंटावा’ गाने पर आइटम नंबर किया था। अपकमिंग फिल्मे ‘पुष्पा  2’ का निर्देशन सुकुमार कर रहे हैं। एक्शन-थ्रिलर फिल्म की पहली किस्त ‘पुष्पा: द राइज’ है, जो 2021 में रिलीज हुई थी और बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने में कामयाब रही थी। फिल्म का हर एक गाना चाहे वह “तेरी झलक श्रीवल्ली” हो या “ऊं अंटावा” सफलता की अलग ही कहानी लिखने में कामयाब रही। पुष्पा 2 फि‍ल्म 5 दिसंबर को इसी साल तेलुगू, तमिल, हिंदी, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में बड़े पर्दे पर रिलीज होगी। ‘पुष्पा 2: द रूल’ का नया पोस्टलर हाल ही में रिलीज किया गया है। इसमें अल्लू अर्जुन का जबरदस्त अंदाज सामने आया है। पोस्टर में अल्लू अर्जुन के प्रतिष्ठित किरदार ‘पुष्पा राज’ को एक आकर्षक लुक में दिखाया गया है। यह पोस्ट्र दिखाता है कि पुष्पा के साथ दुश्मनी का अंत बहुत रोमांचक होने वाला है। माइथ्री मूवी मेकर्स के सोशल मीडिया हैंडल पर अपलोड किए गए पोस्टर पर कैप्शन दिया गया है ‘पुष्पा 2: द रूल’ के लिए 100 दिन शेष हैं, 6 दिसंबर 2024 को सिनेमाघरों में एक शानदार बॉक्स ऑफिस अनुभव के लिए तैयार हो जाइए।” तेलुगू एक्शन फिल्म का लेखन सुकुमार ने किया है। वहीं नवीन यरनेनी और यालामनचिली रविशंकर ने अपने माइथ्री मूवी मेकर्स बैनर के तले इसका निर्माण किया है।

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