कुलगाम में मुठभेड़ जारी, आठ आतंकियों का हो चुका खात्मा
Encounter continues in Kulgam, eight terrorists eliminated
Encounter continues in Kulgam, eight terrorists eliminated
5 people from Sidhi, Madhya Pradesh were among the dead in Surat building accident
Union Minister Bhupendra Yadav visited Mahakal with Chief Minister Dr. Mohan Yadav
भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में एक वृक्ष का महत्व दस पुत्रों के समान माना गया है। वनस्पति के साथ-साथ नदी, पहाड़ आदि को जीवंत मानना हमारी संवदेनशील सांस्कृतिक परम्परा का प्रतीक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में संचालित “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान में सरकार ने भी प्रदेश में वृहद पौध-रोपण का संकल्प लिया है। इस क्रम में प्रदेश में पाँच करोड़ 50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। इंदौर में 51 लाख, भोपाल और जबलपुर जिले में 12-12 लाख पौधे लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जंबूरी मैदान पर आयोजित एक पेड़ मां के नाम-वृहद पौध-रोपण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नेदीप प्रज्वलित कर एवं अपनी माताजी स्व. श्रीमती लीला बाई यादव की स्मृति में पौधा लगाकर अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने जंबूरी मैदान में आँवले का पौधा लगाया। इससे पहले उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता पर बनाए गए चित्रों का अवलोकन भी किया। पौध-रोपण के लिए विद्यार्थियों का उत्साह सराहनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की प्रशंसा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उनका स्मरण करते हुए कहा कि अंग्रेजों के बंग-भंग के षड़यंत्र और कश्मीर की समस्या का पूर्वानुमान लगाकर देश को सचेत करने में डॉ. मुखर्जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पौध-रोपण अभियान में विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनसीसी, एनएसएस द्वारा सक्रिय रूप से भाग लेने की सराहना करते हुए कहा कि सम्पूर्ण प्रदेश में पौध-रोपण के लिए लोग उत्साहित हैं और वे स्वयं पौधरोपण के लिए आगे आ रहे हैं। भोपाल नगर निगम लगाएगा एक लाख 20 हजार पौधे महापौर श्रीमती मालती राय ने बताया कि भोपाल नगर निगम ने वृहद पौध-रोपण अभियान के अंतर्गत एक लाख 20 हजार पौधे लगाने का संकल्प लिया है। आज के अभियान में जनभागीदारी से 26001 पौधे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर जल स्त्रोतों के संरक्षण के लिए आरंभ जल-गंगा अभियान के अंतर्गत भोपाल शहर के 12 जलाशयों से 128 डम्पर गाद निकाला गया तथा 54 बावड़ियों और 42 कुंओं के संरक्षण का कार्य किया गया। सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने कहा कि प्रदेशवासी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान के अनुरूप, अपनी माँ के नाम एक पेड़ अवश्य लगाएं तथा उसकी देखभाल भी करें। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, पंचायत और ग्रामीणविकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह, सांसद श्री वी.डी. शर्मा, सांसद श्री आलोक शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री भगवान दास सबनानी तथा अन्य जनप्रतनिधि उपस्थित थे।
भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से दो दुर्घटनाओं में 10 व्यक्तियों की मृत्यु पर 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। एक जुलाई को श्योपुर जिले के ग्राम टर्राखुर्द, अर्रोदरी बलावली का पटरा भूतकछा के 7 व्यक्तियों की करोली माता दर्शन के लिये राजस्थान जाते समय सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गयी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके परिजन को चार-चार लाख रुपए प्रति मृत व्यक्ति के मान से कुल 28 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 24 जून को दमोह जिले के ग्राम वांसातारखेड़ा में हुई घटना में तीन व्यक्तियों की मृत्यु होने पर उनके परिजन को चार-चार लाख रुपए कुल 12 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है।
भोपाल मुख्यमंत्री डॉ.. मोहन यादव ने शनिवार को उज्जैन के इस्कॉन मंदिर में भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर आरती की। इस अवसर पर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और इस्कॉन मंदिर के पुजारी उपस्थित रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि श्री कृष्णा पाथेय योजना के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं के सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उज्जैन में 2007 से शुरू भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की परंपरा जारी हैं। बड़े ही हर्ष और आनंद का विषय है कि इस बार भगवान जगन्नाथ, बलदाऊ और बहन सुभद्रा के अलग-अलग तीन रथ निकलने जा रहे हैं। इसी प्रकार प्रदेश के अलग-अलग 17 स्थानों पर भी जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के इंद्रध्युमन महाराज ने ही पुरी, उड़ीसा में जाकर जगन्नाथ धाम विकसित किया। उन्होंने ही उज्जैन से पूरी तक की सांस्कृतिक संबंध की परंपरा भी स्थापित की थी। भारत की एकता को अटूट बनाने में यह ऐतिहासिक प्रसंग महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब भगवान श्री कृष्णा 5000 वर्ष पूर्व अपने भाई बलदाऊ के साथ आए थे, तब वे सांदीपनी आश्रम पैदल ही गए थे। भगवान श्री कृष्ण की उज्जैन सहित प्रदेश के अन्य स्थानों से कई लीलाएं जुड़ी है। इसलिए मध्यप्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश में जहां-जहां भगवान श्री कृष्ण के चरण पग पड़े हैं, उन स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस्कॉन मंदिर के सभी संस्थापकों और पुजारियों को धन्यवाद भी दिया। कार्यक्रम का संचालन इस्कॉन के श्री राघव पंडित द्वारा किया गया।
मझौली. आम जनों के आशीर्वाद से आशीष दुबे नवनिर्वाचित सांसद बने और बनने के बाद नगर मझौली में प्रथम आगमन हुआ जहां कार्यक्रम में उन्होंने शिरकत ली तथा कार्यकर्ताओं ने पुष्पकुंज से स्वागत किया तथा कार्यकर्ताओं की काफी लंबी कतार देखने को मिली और लोग भाग उत्साहित होकर सांसद जी से साजन भेंट कर अपनी अपनी समस्याओं से अवगत कराया इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी के साथ-साथ उनके क्षेत्र की जनता भी उपस्थित रही साथ ही युवा वर्ग भी काफी उत्साहित दिख एवं अपने सांसद का स्वागत अभिनंदन करते नजर आए
भोपाल. उप-मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि ग्लोबल वार्मिंग विश्व-व्यापी समस्या है। इसके नियंत्रण के लिए आवश्यक है कि हम अधिक से अधिक पौधे लगाएं। उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि वृक्ष बैठे हुए संत होते हैं और संत चलते हुए वृक्ष होते हैं। आज बहुत ही अच्छा संयोग है कि संतजनों की उपस्थिति में धरती मां के शृंगार में पौध-रोपण अभियान शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि प्रदेश में वृहद स्तर के पौध-रोपण अभियान में इंदौर शहर में 51 लाख से अधिक पौधे लगाये जा रहे हैं। इंदौर ने पौध-रोपण अभियान को जन-आंदोलन बनाया है। इंदौर को पर्यावरण संरक्षण में नंबर वन बनाना है- मंत्री श्री विजयवर्गीय नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में “एक पेड़ मां के नाम अभियान” के क्रम में इंदौर शहर में आज से 51 लाख पौधे लगाने का अभियान प्रारंभ किया गया है। इंदौर को पर्यावरण संरक्षण में नंबर वन बनाने के लिए पौध-रोपण अभियान का संकल्प लिया गया है। इंदौर शहर में प्रतिवर्ष वृहद् पौध-रोपण कर तापमान कम करने के लिए हम सभी प्रतिबद्ध है। पितृ पर्वत पर पूर्व में किए गये तीन लाख पौधों के रोपण से यहां का तापमान भी कम हुआ है। अभियान में 14 जुलाई तक वृहद स्तर पर पौध-रोपण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को रेवती रेंज में एक साथ 11 लाख पौधे रोपित किए जाएंगे। गुप्त नवरात्रि के पहले दिन पितृ पर्वत इंदौर में साधु-संतों के सानिध्य में उप-मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव एवं महामंडलेश्वर स्वामी द्वारा पौध-रोपण का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर श्री क्षेत्र वाल्मिकी धाम पीठाधीश्वर और राज्यसभा सदस्य श्री बाल योगी उमेशनाथ महाराज, महामंडलेश्वर श्री अरुण स्वामी महाराज, माँ कनकेश्वरी देवी, पद्मश्री जनक पल्टा, विधायक श्री रमेश मेंदोला और बड़ी संख्या में संत समाज एवं नागरिकगण उपस्थित थे। इस अवसर पर उपस्थित लोगों द्वारा वृहद् पौध-रोपण किया गया। सभी लोग पौधे लगाएं एवं उनके संरक्षण का भी ध्यान रखें महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि संकल्प से ही सिद्धि प्राप्त होती है और यह संकल्प का परिणाम है कि इस बंजर भूमि पर 3 लाख से अधिक पौधे जीवित है। महापौर श्री भार्गव ने अभियान को सफल बनाने में सभी इंदौर वासियों से सहयोग की अपील की। श्री क्षेत्र वाल्मिकी धाम पीठाधीश्वर एवं राज्यसभा सदस्य श्री बाली उमेश नाथ जी महाराज ने कहा कि हम सभी संकल्प लें कि सभी लोग पौधे लगाएं और उसके संरक्षण का भी ध्यान रखें और प्रतिदिन उसमें जल अर्पण करें। परिवार का प्रत्येक सदस्य पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधा जरूर लगाये।
भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी युगदृष्टा थे। उन्होंने देश के सामने मौजूद समस्याओं का पूर्वानुमान लगाकर देश की एकता बनाए रखने और देशवासियों को जागरूक करने का अद्भुत कार्य किया। अंग्रेजों के बंग-भंग के षड़यंत्र का भंडाफोड़ करने और कश्मीर की समस्या के दूरगामी दु:खद परिणामों से जन-जन को अवगत कराने के लिए देश उनका सदैव आभारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के विकास भवन में निर्मित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागृह के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण किया। उल्लेखनीय है कि डॉ. मुखर्जी की आज जयंती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनकी स्मृति में विकास भवन में मंत्रोच्चार के बीच पौध-रोपण किया तथा शिलापट्टिका का अनावरण कर सभागृह का लोकार्पण किया। उन्होंने सभागृह में निर्मित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र का भी अनावरण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने की। प्रधानमंत्री श्री मोदी के दृढ़-संकल्प ने देश को धारा-370 से दिलाई मुक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का 33 साल की आयु में वाइस चांसलर बनना उनकी प्रतिभा को दर्शाता है। उनके द्वारा कश्मीर समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करने के बाद भी देश में धारा-370 का कलंक जारी रहा एवं 40 हजार निरपराध लोग पीड़ा और हिंसा के शिकार हुए। अंतत: प्रधामनंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दृढ़-संकल्प ने देश को धारा-370 से मुक्ति प्रदान की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विकास दर में निरंतर सुधार हो रहा है। ग्रामीण विकास गतिविधियों तथा पंचायतों की कार्य-प्रणाली से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रगति स्पष्ट परिलक्षित हो रही है। विकास भवन में बना डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागृह पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। देश को चितरंजन रेल कारखाना डॉ. मुखर्जी की देन – मंत्री श्री पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा कश्मीर की समस्या के संबंध में देश का ध्यान आकर्षित करने और धारा-370 हटाने की मांग से कई युवा देश सेवा के लिए आगे आए। उनके बलिदान के परिणाम स्वरूप ही धारा-370 हटाने का मार्ग प्रशस्त हुआ। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के विकास भवन में निर्मित सभागृह का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया गया है। सभागृह में लगभग 450 व्यक्तियों की बैठक व्यवस्था है। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद श्री वी.डी. शर्मा, श्री आलोक शर्मा, जन-प्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।
भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को उज्जैन में 6 करोड़ 40 लाख की लागत से नवनिर्मित संयुक्त भवन तहसील कार्यालय का फीता काटकर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यालय के विभिन्न कक्षों का अवलोकन भी किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय परिसर में बादाम का पौधा रोपा। नवीन भवन में उज्जैन नगर तहसील और कोठी महल तहसील कार्यालय संचालित किया जाएगा। संयुक्त तहसील कार्यालय भवन का निर्माण 6 करोड़ लाख रूपये की लागत से किया गया है। इसका निर्माण 2450 वर्गमीटर में किया गया। जिसमें भू-तल 1180 वर्गमीटर, प्रथम तल 1180 वर्गमीटर एंव वरांडा व पोर्च 90 वर्गमीटर में निर्मित किया गया है। क्षेत्रीय सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद श्री बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूखेड़ा, पूर्व विधायक श्री राजेंद्र भारती सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा संभागायुक्त उज्जैन श्री संजय गुप्ता, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह, एसपी श्री प्रदीप शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहें।
भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय एकता व अखंडता के पर्याय, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक तथा जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर प्रतिमा का अनावरण कर नमन किया। उनकी आदमकद प्रतिमा डॉ. मुखर्जी की लालघाटी चौराहे पर स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता-अखंडता को लेकर राष्ट्रवादी विचारधारा का दृष्टिकोण अंतर्राष्ट्रीय पटल पर रखा। देश में बंग-भंग के षड़यंत्र तथा कश्मीर को लेकर विभाजन की नीति के प्रति लोगों को जागरूक एवं एक करने में डॉ. मुखर्जी का महत्वपूर्ण योगदान है। डॉ. मुखर्जी की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण राजधानी के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा के अनावरण अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, महापौर मालती राय, सांसद वी.डी. शर्मा, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी अजय जामवाल और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
जबलपुर जबलपुर में छात्रा की हत्या कर भागे आरोपी का शव शनिवार सुबह जंगल में मिला। जेब से जहर की शीशी मिली है। 4 जून की शाम 16 साल की छात्रा घर में थी। आरोपी उसे चाकू मारकर भागा था। शुरुआती जांच में यही माना जा रहा है कि आरोपी ने सुसाइड किया है। घटना चरगंवा थाने के क्लोन गांव की है। छात्रा यहां अपने नाना-नानी के घर रहकर सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर रही थी। इसी साल उसने 11वीं में एडमिशन लिया था। आरोपी यशवंत उर्फ ईसू पटेल (21) भी क्लोन गांव का ही रहने वाला था। दरअसल, जबलपुर में गुरुवार के दिन एक आशिक ने अपनी नाबालिग प्रेमिका को चाकू मार दिया. जिससे 17 वर्षीय नाबालिग की मौके पर ही मौत हो गई. लिहाजा आरोपी जंगल में भाग गया और छुप गया. पुलिस भी आरोपी का पीछा करती रही. लेकिन पुलिस उस जंगल में आरोपी को ढूंढ नहीं पाई. लिहाजा शाम हो गई लेकिन पुलिस ने जंगल के चारों तरफ घेराबंदी कर दी. शुक्रवार की सुबह पुलिस ने फैसला लिया कि गांव के 40 लोगों की मदद से हत्यारे आशिक को ढूंढा जाएगा. लिहाजा गांव में भी एक टीम बनाई गई और अब पुलिस के साथ गांव के 40 लोग मिलकर घने जंगल में आरोपी को ढूंढ रहे हैं. नानी के घर में रहकर 11वीं क्लास पढ़ रही थी 11वीं क्लास में पढ़ने वाली 16 साल की किशोरी अपने नानी के घर में रहकर पढ़ा करती थी. किशोरी की दोस्ती आरोपी यशवंत उर्फ ईशु से थी. जिसका खुलासा कॉल डिटेल से भी हुआ हैं. जहां दोनों लंबे समय तक बातें किया करते थे. आशंका है दोनों प्रेमी-प्रेमिका थे या फिर आरोपी रिया को शिद्दत से चाहता था. लेकिन गुरुवार की दोपहर कुछ ऐसा हुआ कि आरोपी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. और आरोपी मृतिका के घर पहुंचा. जहां मृतिका अपने कमरे में थी. आरोपी ने चाकू निकाला और रिया पर हमला कर दिया. जिससे रिया घायल हो गई. लिहाजा मेडिकल अस्पताल ले जाने के दौरान किशोरी ने दम तोड़ दिया.
भोपाल मध्य प्रदेश सरकार के बजट प्रबंधन पर बड़े सवाल उठ गए हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक सीएजी ने प्रदेश सरकार के बजटीय प्रबंधन को खराब माना है, साथ ही उस पर कई गंभीर प्रश्न भी खड़े किए हैं। कैग ने सरकार को राजस्व व्यय को पूरा करने के लिए पूंजीगत प्राप्तियों उधारी से बचने के लिए आगाह किया है। वहीं स्वयं के राजस्व में वृद्धि करने का सुझाव भी दिया है। विधानसभा में प्रस्तुत की गई सीएजी की रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2022-23 तक बजट बनाने से लेकर व्यय की निगरानी और उपयोग को लेकर प्रश्न उठाए गए हैं। कैग ने गंभीर आपत्ति जताते हुए सलाह दी है कि अवास्तविक प्रस्ताव, व्यय निगरानी तंत्र के ठीक से काम नहीं करने और योजनाओं का क्रियान्वयन ठीक से नहीं होने के कारण बजट का संतुलन सही नहीं होता। क्या कहती है सीएजी रिपोर्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रबंधन ठीक न हो ने से कई विभाग तो व्यय ही नहीं कर पाते हैं। वहीं कई विभागों के पास काम करने के लिए बजट ही नहीं रहता है। कैग की रिपोर्ट के अनुसार फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में तीन लाख 21 हजार करोड़ रुपये के बजट में से 50 हजार 543 करोड़ (15.71 प्रतिशत ) रुपये बच गए थे। इसमें 22 हजार 984 करोड़ रुपये विभागों द्वारा वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन शासन को लौटाए गए, पर बाकी राशि समर्पित नहीं करने से लैप्स हो गई। सीएजी ने यहां बताई खामियां आपदा राहत, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, सहकारिता, ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य और अनुसूचित जाति कल्याण विभाग में 6 हजार 744 करोड़ रुपये एकमुश्त राशि का प्रावधान किया गया था। जिसमें 64 प्रतिशत राशि का उपयोग नहीं हो पाया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि केंद्र से देरी से राशि जारी होने और एजेंसियों द्वारा आवंटित कार्य में देरी से यह स्थिति बनी है। साल 2022-23 में शुरू की गई 50 करोड़ रुपये से अधिक बजट प्रावधान वाली 18 नई योजनाओं में 6 हजार 117 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया था, जिसमें तीन हजार 498 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो सके हैं। वहीं साल 2018-19 से वित्तीय वर्ष 2022-23 के बीच 30 गैर-परिचालन योजनाओं के लिए 10 हजार 344 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान कर दिया गया। इन रुपयों का भी उपयोग नहीं हो सका है। कृषि बजट में से किसान कल्याण एवं कृषि विकास के लिए आवंटित बजट में से वित्तीय वर्ष 2018-19 में 42 प्रतिशत, 2019-20 में 33 प्रतिशत, 2021-22 में 3.7 प्रतिशत और 2023-24 में 14 प्रतिशत राशि खर्च नहीं हुई है। उधार को लेकर दिया सुझाव कैग ने सलाह दी है कि नए उधार लेने से पहले राज्य शासन जरूरत आधारित उधार लेने और मौजूदा नकदी शेष का उपयोग करने पर विचार करें। राजस्व व्यय को पूरा करने के लिए उधारी से बचना चाहिए। वहीं शासन को स्वयं के राजस्व में वृद्धि करनी चाहिए। बजट तैयार करने की प्रक्रिया ऐसी हो कि बजट अनुमानों और वास्तविक के बीच का अंतर कम किया जा सके। सीएजी ने यहां बताई खामियां आपदा राहत, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, सहकारिता, ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य और अनुसूचित जाति कल्याण विभाग में छह हजार 744 करोड़ रुपये एकमुश्त राशि का प्रावधान किया गया था, जिसमें 64 प्रतिशत राशि का उपयोग नहीं हो पाया। केंद्र से देरी से राशि जारी होने और एजेंसियों द्वारा आवंटित कार्य में देरी से यह स्थिति बनी। वित्तीय वर्ष 2022-23 में शुरू की गई 50 करोड़ रुपये से अधिक बजट प्रावधान वाली 18 नई योजनाओं में छह हजार 117 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया था, जिसमें तीन हजार 498 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो सके। वित्तीय वर्ष 2018-19 से वित्तीय वर्ष 2022-23 के बीच 30 गैर-परिचालन योजनाओं के लिए 10 हजार 344 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान कर दिया गया, जो उपयोग नहीं हो सका। कृषि बजट में से किसान कल्याण एवं कृषि विकास के लिए आवंटित बजट में से वित्तीय वर्ष 2018-19 में 42 प्रतिशत, 2019-20 में 33 प्रतिशत, 2020-21 में 3.7 प्रतिशत, 2021-22 में 3.7 प्रतिशत और 2023-24 में 14 प्रतिशत राशि खर्च नहीं हुई। विद्युत वितरण कंपनियों में 1700 करोड़ से अधिक का घाटा 31 मार्च 2023 की स्थित में राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के 73 में से 41 उपक्रम निष्क्रिय थे। बाकी 32 ने 95 हजार 645 करोड़ का कारोबार दर्ज किया, जो प्रदेश के जीडीपी का 7.23 प्रतिशत था। इस वर्ष मप्र वेयर हाउस कारपोरेशन ने 208 करोड़ रुपये, मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने 141 करोड़ रुपये, वन विकास निगम ने 59 करोड़ रुपये का लाभ कमाया, लेकिन ऊर्जा क्षेत्र के तीन सार्वजनिक उपक्रमों ने 1779 करोड़ रुपये की हानि की। मप्र पूर्व क्षेत्र, मध्य क्षेत्र और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियां घाटे में रहीं। बजटीय प्रबंधन को लेकर सीएजी ने ये की अनुशंसाएं विधानसभा द्वारा अनुमोदित अनुदान से अधिक व्यय विधानसभा की इच्छा का उल्लंघन है, इसलिए इसे गंभीरता से लेने और जल्द से जल्द नियमित करने की आवश्यकता है। नए उधार लेने से पहले राज्य शासन आवश्यकता आधारित उधार लेने और मौजूदा नकदी शेष का उपयोग करने पर विचार करें। राजस्व व्यय को पूरा करने के लिए पूंजीगत प्राप्तियों (उधारी) से बचना चाहिए। स्वयं के राजस्व में वृद्धि करनी चाहिए। बजट तैयार करने की प्रक्रिया ऐसी हो कि बजट अनुमानों और वास्तविक के बीच का अंतर कम किया जा सके। भारी नुकसान उठा रहे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कामकाज की समीक्षा की जानी चाहिए और लाभ के लिए मजबूत रणनीति की रणनीति बनानी चाहिए।
पौधे लगाए और पेड़ों की सुरक्षा भी करें-कमिश्नर पौधे लगाना पुण्य का कार्य -कमिश्नर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने किया पौधारोपण शहडोल धरती मां को हरा भरा, स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने एवं पर्यावरण का संरक्षण करने हेतु मध्य प्रदेश शासन ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाकर सार्थक पहल की शुरुआत की है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेश भर में पौधारोपण का कार्य किया जा रहा है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी पौधारोपण कर सहभागिता निभा रहे है। इस अभियान के तहत कमिश्नर शहडोल संभाग श्री बीएस जामोद के नेतृत्व में शहडोल संभाग में भी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज शहडोल संभाग के उमरिया जिले की जनपद पंचायत करकेली की ग्राम पंचायत पठारी में कमिश्नर शहडोल संभाग श्री बीएस जामोद, एडीजीपी शहडोल जोन श्री डीसी सागर,विधायक बांधवगढ़ श्री शिव नारायण सिंह,एवं कलेक्टर उमरिया श्री धर्णेन्द कुमार जैन सहित काफी संख्या में ग्रामीणों ने पौधरोपण किया। इस दौरान कमिश्नर शहडोल संभाग श्री बीएस जामोद ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि हमें धरती मां को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण जितना स्वच्छ एवं सुंदर होगा उतना ही हमारा शरीर स्वस्थ होगा। कमिश्नर ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि पेड़ पौधे एवं पर्यावरण के बिना मानव जीवन असंभव है। हमें अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाने चाहिए एवं पौधों की रक्षा भी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें हर एक घर, हर एक खेत में पौधे लगाने चाहिए। इस दौरान कमिश्नर ने पेड़ पौधों का महत्व बताते हुए ग्रामीणों को कविता भी सुनाई। कमिश्नर ने कविता के माध्यम से पौधों का महत्व बताते हुए कहा कि हमें चारों दिशाओं में पौधे लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि पौधे प्राणियों को भोजन देने के साथ-साथ हमें मीठे फल भी देते हैं, पेड़ पौधे ही बारिश को लाते हैं और हमें मीठा जल भी देते हैं। इस दौरान विधायक बांधवगढ़ श्री शिव नारायण सिंह ने भी ग्रामीणों को पेड़ पौधे एवं पर्यावरण संरक्षण के महत्व को बताया और ग्रामीणों से पौधे लगाने एवं पेड़ों की सुरक्षा करने हेतु अपील भी की। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल,जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रियंका मून सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत उमरिया श्री अभय सिंह, डी एफ ओ विवेक सिंह, अपर कलेक्टर श्री शिव गोविंद सिंह मरकाम, एस डी एम बांधवगढ़ रीता डेहरिया, सहित काफी संख्या में ग्रामीणों एवं बच्चों ने भी पौधारोपण किया।
लाड़ली बहना, गैस रिफिल अनुदान, सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के हितग्राहियों को सिंगल क्लिक के माध्यम से मुख्यमंत्री ने किया राशि का अंतरण टीकमगढ़ के ग्राम छिपरी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के सजीव प्रसारण को देखने एवं सुनने जिले में रही व्यवस्था अनूपपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिला टीकमगढ़ के ग्राम छिपरी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से लाडली बहना योजना की जुलाई 2024 की किश्त तथा पीएम उज्ज्वला योजना अंतर्गत उपभोक्ताओं व पात्र लाडली बहनों को गैस रिफिल अनुदान राशि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना तथा मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना अंतर्गत वर्ष 2024-25 की प्रथम किश्त का हितग्राहियों के खाते में अंतरण किया। इस कार्यक्रम को कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी कक्ष सहित जिले के जनपद व नगरीय एवं ग्रामीण निकायों में देखने एवं सुनने के लिए आवष्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थी। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगणों के साथ ही बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित थे। जिला स्तर पर एनआईसी कक्ष में कलेक्टर श्री आशीष वशिष्ठ, संयुक्त कलेक्टर श्री दिलीप कुमार पाण्डेय, विंध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष श्री रामदास पुरी, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती पार्वती राठौर, जिला आपूर्ति अधिकारी श्री बी.एस. परिहार, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विनोद परस्ते सहित लाडली बहना योजना, पीएम उज्ज्वला योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राही उपस्थित थे।