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मत्स्य क्षेत्र के विस्तार के लिये बजट में 412 करोड़ 89 लाख रूपये का प्रावधान

भोपाल मत्स्य विकास एवं मछुआ कल्याण मंत्री  नारायण सिंह पंवार ने बजट का स्वागत करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में यह बजट मत्स्य क्षेत्र में ‘ब्लू रिवॉल्यूशन’ (नीली क्रांति) को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने कहा कि बढ़ा हुआ बजट आवंटन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और मछुआ समुदाय के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री  जगदीश देवड़ा द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में गरीब कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। बजट में मत्स्य पालन और मछुआ कल्याण विभाग के लिए 412 करोड़ 89 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 70 करोड़ रुपये अधिक है। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  पंवार ने बताया कि बजट में केन्द्र और राज्य की योजनाओं में संतुलन बनाया गया है ताकि अधोसंरचना का विकास तेजी से हो सके। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए 181 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे मत्स्य पालन में आधुनिक तकनीक, कोल्ड चेन और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के लिए 150 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि का उपयोग मछुआरों को उपकरण वितरण, प्रशिक्षण और स्वरोजगार से जोड़ने में किया जाएगा। राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि सरकार के 2025-26 में किए गए नीतिगत सुधारों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। दिसंबर 2025 तक प्रदेश में 3 लाख मीट्रिक टन से अधिक मत्स्य उत्पादन दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त, 218 करोड़ स्टैंडर्ड फ्राई मत्स्य बीज का उत्पादन भी एक बड़ी उपलब्धि है, जो प्रदेश की बढ़ती क्षमता का परिचायक है। राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि नवीन बजट प्रावधानों से प्रदेश में तालाबों और जलस्रोतों का विस्तार होगा। आधुनिक तकनीक और उन्नत प्रशिक्षण के माध्यम से न केवल मछली उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि इससे जुड़े परिवारों की आय में भी ठोस वृद्धि होगी। यह बजट प्रदेश को देश में मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।  

ऊर्जा आत्मनिर्भरता से विकास को मिलेगी नई गति : मंत्री श्री शुक्ला

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री  जगदीश देवड़ा द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का स्वागत करते हुए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के गरीब कल्याण, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति, इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और इंडस्ट्री के सर्वांगीण विकास के संकल्प को धरातल पर साकार करने वाला है। उन्होंने कहा कि ‘रोलिंग बजट’ जैसी नवाचारी पहल से वित्तीय योजना अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुखी बनेगी, जिससे दीर्घकालिक परियोजनाओं का सकारात्मक परिणाम मिलेगा। मंत्री शुक्ला ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा, कृषि क्षेत्र में, औद्योगिक निवेश और अधोसंस्थनात्मक विकास के संतुलित संयोजन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए किए गए प्रावधान राज्य को आत्मनिर्भर विकास की दिशा में आगे बढ़ाएंगे। सौर ऊर्जा विस्तार और हरित अधोसंरचना को मजबूत आधार मंत्री  शुक्ला ने विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के अंतर्गत 343 करोड़ रुपए का प्रावधान किसानों को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे सौर ऊर्जा आधारित सौर कृषि पंपों को बढ़ावा मिलेगा। मंत्री  शुक्ला ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन कार्यक्रम में विद्युतीकरण कार्यों के लिए 96 करोड़ रुपए का प्रावधान दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों तक विद्युत पहुंच सुनिश्चित करेगा। मंत्री  शुक्ला ने कहा कि यह बजट पारंपरिक ऊर्जा के साथ नवकरणीय ऊर्जा के संतुलित विस्तार का मार्ग प्रशस्त करता है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक विकास को गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट वर्ष 2047 के विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य की दिशा में सशक्त आधार सिद्ध होगा।  

धुम्मा गोडरी नदी में रेत का अवैध खनन, प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

अनूपपुर जिले के भालूमाड़ा थाना तथा फुनगा चौकी क्षेत्र अंतर्गत धुम्मा गोडरी नदी में इन दिनों अवैध रेत उत्खनन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार एक-एक दिन छोड़कर लगातार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रेत माफिया सक्रिय रहते हैं और ट्रैक्टरों के माध्यम से नदी का दोहन किया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रात भर ट्रैक्टर नदी से रेत निकालकर विभिन्न स्थानों तक पहुंचाते हैं। आरोप है कि स्थानीय पुलिस प्रशासन एवं खनिज विभाग की शिथिल कार्यप्रणाली के कारण रेत चोरों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो नदी का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि रेत माफिया प्रशासन से एक कदम आगे रहते हुए रणनीति के तहत काम करते हैं। नदी से मुख्य सड़क तक आने वाले तिराहों और रास्तों पर उनके लोग निगरानी में तैनात रहते हैं। किसी भी प्रकार की आशंका होते ही वे ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार हो जाते हैं। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रात्रि गश्त बढ़ाई जाए और अवैध खनन पर तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

‘डायल 112 में मर्सिडीज?’—भारी खर्च पर हाई कोर्ट की नाराज़गी, सरकार से मांगा जवाब

जबलपुर  मध्य प्रदेश में डायल 112 फेज-2 प्रोजेक्ट को लेकर छिड़ा विवाद अब हाई कोर्ट की दहलीज पर पहुंच गया है। 972 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत और टेंडर की शर्तों को लेकर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार पर तीखी टिप्पणी की है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान परियोजना की लागत पर हैरानी जताई। जब यह तथ्य सामने आया कि 1200 वाहनों के इस प्रोजेक्ट पर 972 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं, तो कोर्ट ने मौखिक रूप से पूछा- ‘क्या आप डायल 112 में मर्सिडीज कार चला रहे हैं?’ यह टिप्पणी सीधे तौर पर सरकारी धन के उपयोग और प्रोजेक्ट की प्लानिंग पर सवाल उठाती है। अदालत ने 6 करोड़ 29 लाख रुपए के सीएडी (कंप्यूटर आधारित प्रेषण) सॉफ्टवेयर के लिए जारी नए टेंडर पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने सरकार को एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है और पुलिस विभाग से वर्तमान सॉफ्टवेयर की कार्यक्षमता पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। विवाद की क्या है मुख्य वजह? ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विसेज (EMRI) के अनुसार, उन्हें मार्च 2025 में सिस्टम इंटीग्रेटर नियुक्त किया गया था और सितंबर 2025 से सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। कंपनी का आरोप है कि दिसंबर 2025 में सॉफ्टवेयर के लिए अलग टेंडर जारी करना मूल अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन है। राज्य सरकार और पुलिस विभाग का तर्क है कि 972 करोड़ रुपए में केवल वाहन ही नहीं, बल्कि डेटा सेंटर, तकनीकी ढांचा और परिचालन लागत भी शामिल है। उनका दावा है कि वर्तमान सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामियां हैं, जिन्हें दूर करने के लिए नया टेंडर अनिवार्य था। प्रोजेक्ट की क्या है स्थिति? फेज-2 के तहत 1200 वाहनों के माध्यम से पुलिस सहायता को आधुनिक बनाने का लक्ष्य है। हालांकि, तकनीकी और कानूनी पेच ने फिलहाल इस महत्वाकांक्षी परियोजना की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।

बजट 2026-27 “समृद्ध मध्यप्रदेश @2047” के लक्ष्य की प्राप्ति में सशक्त कदम: राज्यमंत्री पटेल

भोपाल लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को दूरदर्शी, समावेशी और जनकल्याणकारी बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के सशक्तिकरण के साथ औद्योगिकीकरण और अधोसंरचना विकास को गति देने वाला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सशक्त, नेतृत्व में यह बजट “समृद्ध मध्यप्रदेश @2047” के लक्ष्य की प्राप्ति में यह सशक्त कदम है। उन्होंने सर्वस्पर्शी भविष्योन्मुख बजट के लिए उप मुख्यमंत्री  देवड़ा का आभार व्यक्त किया है। राज्यमंत्री  पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वर्ष 2026-27 के लिए 23,747 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, सुपरस्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक प्रावधान किए गए है। राज्यमंत्री  पटेल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त कर वर्ष-2047 तक मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने में सहायक होगा।  

लीलाटोला में शराब दुकान हटाने को लेकर जोरदार धरना प्रदर्शन, ग्रामीणों में आक्रोश

राजेन्द्रग्राम. थाना करनपठार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लीलाटोला में संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर बुधवार, 18 फरवरी 2026 को ग्रामीणों ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और युवा इस आंदोलन में शामिल हुए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। धरना प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गांव में शराब दुकान संचालित होने से सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है और हाल ही में सामने आए छेड़छाड़ एवं मारपीट के आरोपों ने ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ा दिया है। धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि 13 फरवरी की रात आदिवासी युवतियों के साथ कथित अभद्रता और उनके परिजनों के साथ मारपीट की घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है। मामले में थाने में शिकायत भी दी गई है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है । प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, शराब दुकान की जांच और उसे तत्काल हटाने की मांग की। आंदोलन के दौरान “नशा मुक्त गांव” और “शराब दुकान हटाओ” जैसे नारे गूंजते रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र उचित कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

मध्यप्रदेश के नगरों के युगांतकारी परिवर्तन और आधुनिक अधोसंरचना का मार्ग प्रशस्त करेगा यह बजट : मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश के शहरी परिदृश्य में अभूतपूर्व परिवर्तन लाने वाला एक दूरदर्शी रोडमैप बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश के नगरों के सुनियोजित विकास हेतु पूर्णतः संकल्पित है, जिसकी स्पष्ट झलक विभागीय बजट प्रावधानों में परिलक्षित होती है। यह बजट न केवल नगरीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता को संवर्धित करेगा, बल्कि विकास की उपलब्धता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाकर नागरिकों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित करेगा। मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि आगामी ‘सिंहस्थ-2028’ को वैश्विक भव्यता और दिव्यता प्रदान करने के लिए बजट में 3060 करोड़ रूपये का ऐतिहासिक प्रावधान किया गया है, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक पर्यटन के प्रति शासन की अटूट आस्था को दर्शाता है। नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से स्वावलंबी और प्रशासनिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रवेश कर के हस्तांतरण हेतु 3600 करोड़ रूपये तथा 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुरूप स्थानीय निकायों हेतु 2057 करोड़ रूपये के अनुदान का प्रावधान किया गया है, जिससे स्थानीय स्वशासन की नींव और अधिक सुदृढ़ होगी। अधोसंरचना विकास और जन-कल्याणकारी योजनाओं के मध्य अनूठे समन्वय पर बल देते हुए मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (अर्बन) बी.एल.सी. के अंतर्गत आवंटित 2000 करोड़ रूपये शहरी निर्धनों के ‘निज निवास’ के स्वप्न को साकार करने में निर्णायक सिद्ध होगी। साथ ही, अमृत 2.0 (मिलियन प्लस शहरों हेतु) 1418 करोड़ रूपये और स्थानीय निकायों को मूलभूत सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु 1058 करोड़ रूपये के विशेष अनुदान की व्यवस्था की गई है। महानगरों में त्वरित, सुगम एवं प्रदूषण मुक्त यातायात सुनिश्चित करने हेतु मेट्रो रेल परियोजना के लिए 656 करोड़ रूपये तथा सांस्कृतिक-आध्यात्मिक केंद्रों के उत्थान हेतु गीता भवन योजना के अंतर्गत 60 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। मंत्री  विजयवर्गीय ने विश्वास जताया कि यह बजट प्रदेश के ‘सर्वस्पर्शी समावेशी विकास’ का आधार स्तंभ बनेगा और ‘समृद्ध मध्यप्रदेश @2047’ के दूरगामी लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक सशक्त एवं निर्णायक कदम सिद्ध होगा।  

स्टूडेंट्स से विकास तक लाभ, भविष्य निर्माण का बजट : स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह

भोपाल. स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि उसे डॉ. मोहन यादव जैसे संवेदनशील मुख्यमंत्री मिले हैं। उनके नेतृत्व में वित्त मंत्री  जगदीश देवड़ा ने वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया। यह बजट समाज के हर वर्ग का कल्याण करने वाला बजट है। चाहे किसान हो, युवा हो, महिलाएं हों, सभी के विकास पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है।  सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश के विजनरी मुख्यमंत्री  डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। सरकार ने स्कूल शिक्षा का बजट 11 फीसदी बढ़ा दिया है। यह बजट न केवल स्कूली विद्यार्थियों का भविष्य सुनहरा बनाएगा, प्रदेश और देश के विकास के लिए बच्चों को तैयार करेगा। यह छात्रों के बेहतर भविष्य और मध्यप्रदेश के समग्र विकास की नींव को मजबूती देने वाला बजट है। मध्यप्रदेश के स्कूली बच्चों को भविष्य में नई दिशा मिलेगी। सरकार उनकी हर समस्या का समाधान करने के लिए तत्पर है और उन्हें प्रदेश-देश के विकास के लिए तैयार करेगी। मंत्री  सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा बजट में जो प्रावधान किए हैं, उनसे स्कूलों के नए भवन, सांदीपनि विद्यालय, खेलखूद भवन, प्रयोगशालाओं सहित कई नए निर्माण किए जाएंगे। इन नवाचारों से विद्यार्थियों को स्कूल में पढ़ाई में तो मदद मिलेगी ही, साथ ही उनका व्यक्तित्व विकास भी होगा। मध्यप्रदेश सरकार ने प्राथमिक शालाओं के लिए 11 हजार 444 करोड़ रुपये का बजट दिया है। यह बजट छात्रों की नींव मजबूत करेगा। इसी तरह माध्यमिक शालाओं के लिए 7 हजार 129 करोड़ रुपये का बजट है।  सिंह ने कहा कि भविष्य में सांदीपनि विद्यालयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यही कारण है कि इन विद्यालयों के लिए बजट में 3 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट दिया गया है। अशासकीय विद्यालयों की ट्यूशन फीस भी सरकार देगी। इसके लिए सरकार ने 546 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि पीएम  योजना के लिए सरकार ने विभाग को 530 करोड़ रुपये दिए हैं। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को 250 करोड़ रुपये के लैपटॉप दिए जाएंगे। इसी तरह मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय छात्राओं को 210 करोड़ की साइकिलें देगी। मंत्री  सिंह ने कहा कि बच्चों की शिक्षा को बेहतर करने के लिए 101 करोड़ की पाठ्य सामग्री दी जाएगी। हमारी सरकार मेधावी छात्रों को 100 करोड़ रूपये की स्कूटी प्रदान करेगी। सरकार 5 हजार 649 करोड़ रुपये से समग्र शिक्षा अभियान को और गति प्रदान करेगी। 4 हजार 233 करोड़ रुपये से शासकीय हाई-हायर सेकेण्डरी शालाओं का निर्माण और विकास किया जाएगा।  सिंह ने कहा कि सरकार ने अतिथि शिक्षकों का भी पूरा ध्यान रखा है। उनके मानदेय के लिए 1141 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। गौरतलब है कि सरकार ने धरती आबा जन जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 208 करोड़ रुपये, शासकीय स्कूल-छात्रावास-पुस्तकालय-आवासीय खेलकूद भवनों के निर्माण-विस्तार के लिए 200 करोड़, हाई-हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पढ़ने-लिखने की बैठक व्यवस्था एवं प्रयोगशाला के लिए 200 करोड़, पंचायती राज संस्थाओं के अध्यापक-संविदा शाला शिक्षकों को वेतन-मानदेय के लिए 146 करोड़, अशासकीय शालाओं को अनुदान देने के लिए 120 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया है। परि‍वहन व्‍यवस्‍था पर विशेष जोर  सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व वित्त मंत्री  जगदीश देवड़ा ने परिवहन के लिए भी विशेष प्रावधान किए हैं। वर्ष 2026-27 के लिए 230 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है। इसमें मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए 54 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

किसानों की समृद्धि को समर्पित है बजट 2026-27 : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल  किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि विधानसभा में प्रस्तुत बजट 2026 -27 में प्रदेश के अन्नदाताओं के सशक्तिकरण और कृषि विकास को नई ऊँचाई देने का संकल्प है। बजट में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के लिए 31 हजार 758 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मंत्री  कंषाना ने कहा कि प्रदेश में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन को मूल्य संवर्धन से जोड़कर किसानों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। प्रदेश कृषि उत्पादन और किसान कल्याण के स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है। दाल उत्पादन में प्रथम, गेहूं, तिलहन में द्वितीय और सोयाबीन में 35 प्रतिशत योगदान के साथ मध्यप्रदेश अग्रणी है। औद्योगीकरण, अधोसंरचना, रोजगार, शिक्षा और किसान समृद्धि पर विशेष फोकस के साथ वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित किया गया है।

ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर छाने को तैयार भारतीय डेंटिस्ट, स्किल और प्रशिक्षण पर उप मुख्यमंत्री का जोर

भोपाल. उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि दंत चिकित्सा स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है। अच्छा मौखिक स्वास्थ्य समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रशिक्षित दंत चिकित्सक दंत चिकित्सा क्षेत्र में वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल एलएन मेडिकल कॉलेज भोपाल में “इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ग्लोबल डेंटिस्ट्री–2026” के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि यह पहल “ब्रेन ड्रेन” नहीं बल्कि “ग्लोबल गेन” का उदाहरण है। सही मार्गदर्शन , पारदर्शी प्रक्रिया और नैतिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से भारतीय डेंटिस्ट वैश्विक मंच पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं तथा देश की प्रतिष्ठा को सशक्त बना सकते हैं। सम्मेलन में पहली बार भारत में यूके डेंटल भर्ती एवं प्लेसमेंट पर संरचित मंच प्रस्तुत किया गया। ओआरई, एलडीसी, एमएफडीएस परीक्षाओं, जनरल डेंटल काउंसिल (जीडीसी) रजिस्ट्रेशन, वीज़ा/स्पॉन्सरशिप प्रक्रिया, यूके क्लिनिकल स्टैंडर्ड्स, रोगी सुरक्षा और प्रोफेशनल एथिक्स पर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को गलत सूचना और फर्जी एजेंसियों से बचने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया समझाई गई। सम्मेलन में भारत एवं यूके की आय संभावनाओं की तुलनात्मक जानकारी भी प्रस्तुत की गई। यूके से आए विशेषज्ञों द्वारा वन-टू-वन मार्गदर्शन, पैनल डिस्कशन और दो दिवसीय सीपीडी एवं पर्सनलाइज्ड क्लिनिक का आयोजन किया जायेगा। कार्यक्रम में डेंटल सर्जन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. चंद्रेश शुक्ला, डॉ. अनुपम चौकसे,  धर्मेन्द्र गुप्ता, सहित दंत चिकित्सा विशेषज्ञ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। लंदन से आए विशेषज्ञ डॉ. रूथ चेसमोर-होस्कर, डॉ. गौरी प्रधान, डॉ. शिवानी भंडारी, डॉ. दलिप कुमार,  विलियम नील कार्माइकल एवं डॉ. टिमोथी ओ’ब्रायन ने प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दंत छात्र-छात्राओं, इंटर्न्स, प्रैक्टिसिंग दंत चिकित्सकों एवं फैकल्टी सदस्यों ने सहभागिता की और विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपने कैरियर संबंधी प्रश्नों के समाधान प्राप्त किए।

पानी संकट की तैयारी: इंदौर में तीन दिनों तक जलापूर्ति ठप

 इंदौर वाचू पाइंट पर 1200 एमएम व्यास की पुरानी पाइप लाइन बदलकर नई लाइन बिछाने और नर्मदा प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य कार्यों के लिए नगर निगम 48 घंटे का मेगा शटडाउन लेगा। इसके चलते शहर में 19, 20 और 21 फरवरी को जलापूर्ति बाधित रहेगी। शटडाउन 19 फरवरी को सुबह से शुरू हो जाएगा। नगर निगम शटडाउन के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों से पानी सप्लाई करेगा। इसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नगर निगम जलकार्य प्रभारी बबलू शर्मा ने बताया कि वाचू पाइंट पर पहले से बिछी पाइप लाइन पिछले दिनों क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसकी वजह से बहुत ज्यादा मात्रा में पानी का अपव्यय हो रहा है। इस लाइन को बदलकर नया किया जा रहा है। शटडाउन के दौरान प्रथम, द्वितीय चरण के सभी पंप बंद रहेंगे। शटडाउन के दौरान यह काम करेगा निगम     वाचू पाइंट पर क्षतिग्रस्त 1200 एमएम व्यास की पाइप लाइन बदलना     प्रथम एवं द्वितीय चरण 180 एमएलडी के सब-स्टेशन 132 केवी छोटी खरगोन में ट्रांसफार्मर आइल टापअप, सीटी ट्रांसफार्मर, आइसोलेटर, इंसुलेटर की सर्विसिंग, ट्रांसमिशन लाइन 33 केवी का संधारण, सभी 400 केवी वीटी मोटर पंप की सर्विसिंग     नदी में लगे सभी सबमर्सिबल पंपों की साफ-सफाई, चैनलों की सफाई, सभी वीटी पंपों की सर्विसिंग     363 एमएलडी भकलाई प्लांट में चैनल की साफ-सफाई, नाडल चैंबर क्लेरिफायर टैंक सफाई यह प्रभाव पड़ेगा     नर्मदा प्रथम एवं द्वितीय चरण की पाइप लाइन का शटडाउन होने की वजह से 19 और 20 फरवरी को अन्नपूर्णा टंकी एवं बिलावली टंकी क्षेत्र अंतर्गत होने वाला सीधा सप्लाई बाधित रहेगा।     20 और 21 फरवरी को अन्नपूर्णा, छत्रीबाग, राजमोहल्ला, एमओजी लाइन, लोकमान्य नगर, द्रविड़ नगर, महाराणा प्रताप नगर, जिंसी हाट मैदान, नरवल, टिगरिया बादशाह, सुभाष चौक, सदर बाजार, गांधी हाल, मल्हार आश्रम, स्कीम 103, कुशवाह मोहल्ला, बाणगंगा, जय हिंद नगर की टंकियां खाली रहेंगी। इन टंकियों से सप्लाई नहीं होगी।  

आधुनिक राजस्व तंत्र और मजबूत आपदा प्रबंधन पर जोर, सुशासन का रोडमैप है यह बजट : मंत्री वर्मा

भोपाल  राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट प्रदेश में सुशासन, आपदा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था और राजस्व तंत्र के आधुनिकीकरण को समर्पित है।यह बजट सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने के संकल्प का सशक्त प्रमाण है और केंद्र सरकार के मूल मंत्र “ज्ञान” के अनुरूप गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं के कल्याण को समर्पित है। साथ ही औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार को नई गति देगा। राजस्व मंत्री  वर्मा ने बताया कि बजट में राजस्व विभाग के लिए व्यापक एवं दूरदर्शी प्रावधान किए गए हैं। स्वामित्व योजना में अभिलेखों के पंजीकरण के लिए 3800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) के लिए 2258 करोड़ रुपये और राज्य आपदा शमन निधि (एसडीएमएफ) के लिए 564 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।उप संभागीय स्थापना के लिए 2098 करोड़ रुपये, आपदा प्रबंधन योजनाओं के निर्माण के लिए 1449 करोड़ रुपये और बाढ़ एवं अतिवृष्टि पीड़ितों को राहत के लिए 715 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जिला स्थापना के लिए 657 करोड़ रुपये और तहसील, जिला एवं संभाग स्तर पर भवन एवं आवासीय परिसरों के निर्माण के लिए 411 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। राजस्व मंत्री  वर्मा ने कहा कि ओला पीड़ितों को राहत के लिए 363 करोड़ रुपये, 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत क्षमता निर्माण के लिए 314 करोड़ रुपये और राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 में आपदा में आर्थिक सहायता के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आदेशिका वाहक स्थापना के लिए 252 करोड़ रुपये और डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण के लिए 125 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।सर्पदंश पर आर्थिक सहायता के लिए 121 करोड़ रुपये और महामारी एवं रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (सीबीआरएन) आपदाओं की रोकथाम संबंधी कार्यों के लिए 88 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही क्षतिग्रस्त सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण निर्माण कार्यों की मरम्मत एवं पुनर्स्थापना के लिए 55 करोड़ रुपये निर्धारित हैं। राजस्व मंत्री  वर्मा ने कहा कि इन प्रावधानों से प्रशासनिक ढांचा मजबूत बनेगा और नागरिकों को त्वरित और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।  

कमजोर वर्गों को अंतिम पंक्ति से प्रथम पंक्ति में लाने का संकल्प दोहराया

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में राज्य सरकार निर्धन एवं कमजोर वर्गों को अंतिम पंक्ति से प्रथम पंक्ति में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जनता के साथ मिलकर सरकार ”संकट को समाधान” में, ”मुश्किल को मुमकिन” में और ”असंभव को संभव” में बदल देगी। उन्होने कहा कि गरीब, युवा, अन्नदाता तथा नारी को केन्‍द्र में रखकर प्रारंभ की गई यात्रा को और अधिक सार्थक व परिणामजनक बनाने के लिए क्रमश: “आई” फॉर इंडस्ट्रियलाइजेशन एवं “आई” फॉर इंफ्रास्ट्रक्चर को भी शामिल किया है, जिससे ज्ञान (GYAN) से प्रारंभ यात्रा का अगला पड़ाव ‘ज्ञानी’ (GYANII) के स्वरूप में लक्षित है। इसी इसी विचार को बजट का आधार बनाया गया है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में मध्यप्रदेश के वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत कर यह बात कही। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में कुल विनियोग की राशि 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ है। वर्ष के अंत में राजस्‍व आधिक्‍य रहना अनुमा‍नित है। पूंजीगत परिव्‍यय राज्‍य के सकल घरेलू उत्‍पाद का 4.80 प्रतिशत अनुमानित है। बजट 2026-27 बजट का आकार 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ कुल राजस्‍व प्राप्तियां 3 लाख 8 हजार 703 करोड़ राज्‍य कर एवं करेत्तर राजस्‍व 1 लाख 42 हजार 61 करोड़ केंद्रीय करों में हिस्‍सा 1 लाख 12 हजार 137 करोड़ केन्‍द्र से सहायता अनुदान 54 हजार 504 करोड़ पूंजीगत प्राप्तियां 80 हजार 694 करोड़ कुल राजस्‍व व्‍यय 3 लाख 8 हजार 658 करोड़ पूंजीगत परिव्‍यय 80 हजार 266 करोड़ राजस्‍व आधिक्‍य 44 करोड़ राजकोषीय घाटा 71 हजार 460 करोड़ जी.एस.डी.पी. 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ राजकोषीय घाटा का प्रतिशत जी.एस.डी.पी. से 3.87 प्रतिशत बजट में प्रतिशत वृद्धि :- ग्रामीण विकास विभाग 37 प्रतिशत नगरीय विकास एवं आवास विभाग 16 प्रतिशत महिला एवं बाल विकास विभाग 26 प्रतिशत राजस्‍व विभाग 43 प्रतिशत स्‍कूल शिक्षा विभाग 11 प्रतिशत बजट प्रावधान:- स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में 23 हजार 747 करोड़ कृषि एवं सम्‍बद्ध क्षेत्र 88 हजार 910 करोड़ कृषि एवं सम्‍बद्ध क्षेत्र में गैर बजटीय स्‍त्रोतों को सम्मिलित करते हुए 1 लाख 15 हजार करोड़ प्रमुख योजनाओं में बजट प्रावधान:- लाडली बहना योजना लगभग 23 हजार 800 करोड़ वी.बी.जी. राम जी योजना लगभग 10 हजार 400 करोड़ मुख्‍यमंत्री किसान कल्‍याण योजना लगभग 5 हजार 500 करोड़ राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन लगभग 4 हजार 600 करोड़ सिंहस्‍थ आयोजन लगभग 3 हजार करोड़ प्रमुख नवीन योजनाओं में बजट प्रावधान:- द्वारका योजना अगले 3 वर्षों में 5 हजार करोड़ का निवेश स्‍वामित्‍व योजना लगभग 3 हजार 800 करोड़ यशोदा दुग्‍ध प्रदाय योजना 700 करोड़ सामाजिक एवं आर्थिक उत्‍थान की योजनाओं में बजट प्रावधान :- कुल प्रावधान 1 लाख 83 हजार 708 करोड़ अनुसूचित जनजाति वर्ग 47 हजार 428 करोड़ (कुल प्रावधान का 26 प्रतिशत) अनुसूचित जाति वर्ग 31 हजार 192 करोड़ (कुल प्रावधान का 17प्रतिशत) जी.एस.डी.पी. वर्ष 2025-26 16 लाख 69 हजार 750 करोड़ वर्ष 2026-27 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ प्रतिबद्ध देयता ऋण भुगतान 34 हजार 437 करोड़ ब्‍याज भुगतान 33 हजार 735 करोड़ पेंशन भुगतान 29 हजार 449 करोड़ वेतन भत्ते लगभग 67 हजार करोड़ कर्ज की स्थिति (अनुमानित) 31 मार्च 2025 की स्थिति 4 लाख 14 हजार 611 करोड़ 31 मार्च 2026 की स्थिति 4 लाख 88 हजार 714 करोड़ 31 मार्च 2027 की स्थिति 5 लाख 59 हजार 336 करोड़ 31 मार्च 2026 की स्थिति में प्रदेश का कुल कर्ज जी.एस.डी.पी का लगभग 29 प्रतिशत है। जो कि निर्धारित सीमा में है।

कौन सी योजना और सेक्टर में क्या मिला? मोहन सरकार ने किसानों, विद्यार्थियों और खेल प्रेमियों को दी बड़ी सौगात

भोपाल  मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 का बजट पेश करते हुए किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखा है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 1 लाख सोलर पंप, श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़, 11,277 जनजातीय गांवों के विकास, ग्रामीण कनेक्टिविटी, छात्रवृत्ति योजनाओं और महिला कल्याण के लिए 1.27 लाख करोड़ से अधिक के प्रावधान की घोषणा की। बजट में कृषि, सामाजिक सुरक्षा और नारी सशक्तिकरण पर विशेष फोकस दिखाई दिया।  देवड़ा ने कहा- एमपी में यह पहला रोलिंग बजट है। 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए 3600 करोड़ का विशेष प्रावधान किया गया है। विधायक निधि नहीं बढ़ाने पर विपक्ष ने हंगामा कर दिया। स्व-सहायता समूह, उज्ज्वला योजना समेत नारी कल्याण की विविध योजनाओं के लिए 1 लाख 27 हजार 555 करोड़ के प्रावधान किए हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए 40062 करोड़ रुपए की घोषणा की। लाड़ली बहनों के लिए 23,882 करोड़ के प्रावधान का ऐलान किया। युवाओं के लिए 15 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया। 8वीं तक के बच्चों को फ्री टेट्रा पैक दूध देने की घोषणा की। प्रदेश में कोई नया टैक्स नहीं लगेगा। वित्त मंत्री देवड़ा ने जी राम जी के लिए 10428 करोड़ और पीएम जनमन के लिए 900 करोड़ रुपए के प्रावधान का ऐलान किया। वहीं, 1 लाख किसानों को सोलर पंप देने की घोषणा की। इसके अलावा श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। सड़कों की मरम्मत के लिए 12690 करोड़, जल जीवन मिशन के लिए 4 हजार 454 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि ये पीएम के सपने को साकार करने वाला बजट है। हर नारी को न्याय हमारी सरकार का उद्देश्य है। हम देश के तीसरे युवा प्रदेश हैं। युवाओं के हाथ को काम मिले ये हमारा संकल्प है। वित्त मंत्री देवड़ा ने शायरी भी पढ़ी… “हर हाथ को काम, हर उपज को दाम। नारी को निर्णय का अधिकार, युवाओं के हौसलों का प्रसार। अब संरचना का विस्तार, हर घर जल आपके द्वार। स्वास्थ्य-सेवाओं में सुधार, जनकल्याण सुदृढ़।” “मौकों के घोड़े के इरादे, जो साहस पर एक बार चढ़ते हैं, वो लोग कभी अपनी मंजिल से नहीं उतरते हैं।” प्रजासुखे सुखम् राजः, प्रजानाम् च हितम् हितम्” अर्थात “प्रजा के सुख में ही राजा का सुख है, प्रजा के हित में ही राजा का हित है।” किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे 3000 करोड़ रुपए की लागत से किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। किसान परिवारों को किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष कुल 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। भावांतर योजना की सफलता से प्रभावित होकर अन्य राज्यों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। कृषक उन्नति योजना की घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत किसानों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। वहीं, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लिए 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पंजीकृत किया गया है। देवड़ा ने कहा कि हमारा प्रदेश दाल उत्पादन में प्रथम और गेहूं तिलहन में द्वितीय स्थान रखता है। प्रदेश का संतरा, धनिया और लहसुन में भी अग्रणी है। खेतों में उत्पादन से विक्रय तक में किसानों को सहायता दी जा रही है।     पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।     सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।     किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।     वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है।     6.69 लाख किसानों को 337 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जाएगी।     1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान   वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया है। इस बजट का उद्देश्य मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक राज्य में 4 करोड़ 61 लाख से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं।  इससे बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अब तक 3 करोड़ 64 लाख लोगों का पंजीयन हो चुका है। इस योजना के तहत दुर्घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा दी जाती है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से भी बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। इस योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोगों ने पंजीयन कराया है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट सीएम युवा शक्ति योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्र में सर्व सुलभ स्टेडियम बनाए जाने की व्यवस्था की जा रही है. कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट तय किया गया है। लाड़ली लक्ष्मी योजना में 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभान्वित किया गया है।   महिला सशक्तिकरण और नारी कल्याण को सौगात इस बजट में महिला सशक्तिकरण और नारी कल्याण को केंद्र में रखा गया है। बजट में महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 8,801 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण अभियान को मजबूत करने के लिए 80 लाख दूध पैकेट वितरित किए जाएंगे। इस योजना के लिए 6,700 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। कामकाजी महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में ‘सखी भवन’ का निर्माण किया जा रहा है, ताकि बाहर से आने वाली महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास मिल सके। सरकार ने नारी कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए कुल 1,27,555 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। सरकार का … Read more

अमृतकाल 2047 के लिए विकास का पैमाना है राज्य सरकार का यह बजट

भोपाल. मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ज्ञान आधारित विकास के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के कल्याण के ज्ञान (GYAN) के संकल्प में हमारी सरकार ने अब इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर के आई (I) को भी शामिल किया है। वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश का यह बजट ज्ञानी (GYANII) के मार्गदर्शी सिद्धान्त पर तैयार किया गया है। जिसमें गरीब कल्याण, युवा शक्ति के कौशल विकास एवं रोज़गारोन्मुखी प्रशिक्षण, अन्नदाता की आय में वृद्धि, नारी सशक्तिकरण, आधारभूत सुविधाओं का विकास एवं प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करने का संकल्प है। वर्ष 2026-27 के 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए के बजट में विकास के लिए पर्याप्त धन राशि रखी गई है, यह विकास और जनकल्याण के संकल्प की पूर्ति का परिचायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बजट ”समृद्ध मध्‍यप्रदेश, सम्‍पन्‍न मध्‍यप्रदेश, सुखद मध्‍यप्रदेश, सांस्‍कृतिक मध्‍यप्रदेश” के सपने को साकार करने वाला है। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी प्रदेश की जनता पर किसी नए कर बोझ नहीं डाला गया है। सुशासन और सुप्रबंधन के लिए निरंतर नवाचार और विकास के सभी पैमानों को पूरा करता यह बजट अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत होने के बाद यह विचार व्यक्त किए। प्रति व्यक्ति आय में वर्ष 2024-25 की तुलना में वर्ष 2025-26 में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने रोलिंग बजट को अपनाते हुए वार्षिक बजट को दीर्घकालिक दृष्टि से जोड़ा गया है। रोलिंग बजट प्रस्तुत करने वाला संभवतः मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है। इस बजट से अगले तीन वर्ष के विकास का खाका खीचा जाएगा और यह बजट विकास के लिए सतत् रूप से पर्याप्त धन राशि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेगा। यह बजट अमृतकाल 2047 के लिए विकास का पैमाना सिद्ध होगा। वर्ष 2026-27 में राज्य का सकल घरेलु उत्पाद 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ रुपए अनुमानित है, जो वर्ष 2025-26 के अनुमान में 10.69 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में वर्ष 2024-25 की तुलना में वर्ष 2025-26 में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2026-27 में पूंजीगत परिव्यय राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4.80 प्रतिशत अनुमानित है। कृषि वर्ष में किसान कल्याण के लिए किया गया 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता वृद्धि के लिए 28 हजार 158 करोड़ रूपए, आदान व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए 64 हजार 995 करोड़ रूपए, उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए 8 हजार 91 करोड़ रूपए, सुरक्षा चक्र के लिए 13 हजार 769 करोड़ रूपए सहित कृषि कल्याण के लिए कुल 1 लाख 15 हजार 13 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित है, जो किसान कल्याण वर्ष के लिए पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि बहुआयामी गरीबी सूचकांक आधारित बजट व्यवस्था राज्य की एक अभिनव और दूरदर्शी पहल है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार अधोसंरचना विकास के लिए एक लाख करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार अधोसंरचना विकास में बजट अनुमान 2026-27 का पूंजीगत परिव्यय रुपये 1 लाख करोड़ रूपये से अधिक है। राज्य सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के समुचित प्रावधान किए हैं। प्रदेश के गठन के बाद पहली बार इतनी बड़ी राशि का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा फोकस सर्वस्‍पर्शी, समावेशी विकास, सुशासन, पर्यावरण, पर्यटन एवं सांस्‍कृतिक पुनर्उत्‍थान पर है। सभी क्षेत्रों में विकास के लिए पर्याप्त प्रावधान है। राज्य सरकार ने विकसित भारत के लक्ष्य के साथ समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 के लक्ष्‍य तय किए हैं और यह बजट इसे पूर्ण करने की ओर प्रभावी कदम है। उन्होंने कहा कि मुख्‍यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के लिए 21 हजार 630 करोड़ की स्‍वीकृति के बाद वित्‍तीय वर्ष 2026-27 के लिए रूपये 800 करोड़ का प्रावधान है। राज्य में क्षतिग्रस्त पुलों का पुर्ननिर्माण योजना” में  4 हजार 572 करोड़ की स्‍वीकृति के बाद वित्‍तीय वर्ष 2026-27 के लिए रूपये 900 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। शहरों में अधोसंरचना विकास के लिए ‘द्वारका योजना’ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्‍थ महापर्व से संबंधित 13 हजार 851 करोड़ के कार्य स्‍वीकृत किए गए हैं, जिसके अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए 3 हजार 60 करोड़ रूपये का प्रावधान है। शहरों में अधोसंरचना विकास के लिए ”द्धारका योजना” में आगामी तीन वर्षों में 5 हजार करोड़ रूपये का निवेश संभावित है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में आबादी भूमि पर मालिकाना अधिकार की योजना है, जिसमें मुद्रांक एवं पंजीयन का समस्‍त शुल्‍क राज्‍य शासन वहन करेगा। यह देश में अपने तरह का पहला नवाचार है। इसके लिए 3 हजार 800 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।    बच्चों को बेहतर पोषण के लिए यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना में 700 करोड़ रूपए का प्रावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बच्चों को बेहतर पोषण मिले, इसके लिए यशोदा दुग्‍ध प्रदाय योजना के लिए 700 करोड़ रूपये का प्रावधान है। इस योजनातंर्गत आगामी पांच वर्षों में 6 हजार 600 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार 883 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। किसी भी लाड़ली बहना को उसके अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा और सरकार निर्धारित समय-सीमा में लाड़ली बहनाओं को दी जाने वाली राशि का लक्ष्य प्राप्त करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत-गांरटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए 10 हजार 428  करोड़ रुपये का प्रावधान है। युवा कल्याण के लिए बजट में विशेष प्रावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना के लिए पर्याप्त धनराशि दी जा रही है। मध्यप्रदेश देश के सबसे युवा तीन प्रदेशों में से एक है। युवा कल्याण के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय, पीएम  महाविद्यालय, चिकित्सा महाविद्यालयों का निर्माण किया जा रहा है। राज्य में औद्योगिक विकास के साथ हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए जोर दिया जा रहा है। पर्यटकों के लिए प्रदेश में पहली बार पीएम हेली … Read more

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