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निर्मला सप्रे की सदस्यता समाप्त करने को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाई गई याचिका हाई कोर्ट ने स्वीकार कर ली, खतरे में विधायकी

बीना एमपी के सागर जिले के बीना की कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे की विधायकी पर खतरा मंडराने लगा है. निर्मला सप्रे की सदस्यता समाप्त करने को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाई गई याचिका हाई कोर्ट ने स्वीकार कर ली है. इंदौर हाई कोर्ट में याचिका पर सुनवाई के लिए 9 दिसंबर तारीख निर्धारित की गई है. उल्लेखनीय है कि सागर जिले के बीना की एकमात्र कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे को विधानसभा की सदस्यता से बर्खास्त करने के लिए कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र सौंपा था. इस पत्र में उल्लेख किया गया था कि लोकसभा चुनाव के पहले निर्मला सप्रे में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है, इसलिए उन्हें विधानसभा की सदस्यता से निष्कासित किया जाए. इसी मुद्दे को लेकर अभी तक फैसला नहीं हुआ है. मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष की ओर से फैसला नहीं लिए जाने पर उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.  हाई कोर्ट की ओर से उनकी याचिका स्वीकार कर ली गई है. अब 9 दिसंबर को सुनवाई होना है. जानिए क्या है पूरा मामला कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे विधानसभा चुनाव के बाद अचानक बीजेपी के मंच पर दिखाई दीं. उन्हें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बीजेपी की पट्टिका भी पहनाया. यह पूरा घटनाक्रम लोकसभा चुनाव के पहले घटित हुआ. हालांकि निर्मला सप्रे की ओर से दूसरी पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बावजूद अभी तक विधानसभा से इस्तीफा नहीं दिया गया है. उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को लिखित में यह पत्र दिया है कि उन्होंने बीजेपी ज्वाइन नहीं किया, जबकि उनका कांग्रेस से मोह भंग हो चुका है. अब कांग्रेस उनकी सदस्यता समाप्त करना चाहती है. बीजेपी ने भी किनारा किया और कांग्रेस भी विरोध में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा के मुताबिक निर्मला सप्रे लिखित में दिया है कि उन्होंने बीजेपी की औपचारिक सदस्यता ग्रहण नहीं की है. यदि वे बीजेपी में आना चाहे तो उनका स्वागत है. दूसरी तरफ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि निर्मला सप्रे को बीजेपी की ओर से आने वाले समय में बीना से चुनाव लड़ना चाहिए. उन्होंने भाजपा ज्वाइन की है लेकिन अब निर्मल सप्रे अपनी बात से मुकर रही है. हाई कोर्ट में जो याचिका दायर की गई है उसमें सबूत के तौर पर कांग्रेस ने वीडियो फोटो और समाचार पत्रों में प्रकाशित की गई ख़बरों को आधार बनाकर निर्मला सप्रे की विधानसभा की सदस्यता समाप्त करने की गुहार लगाई है. याचिका पर 9 दिसंबर को पहली सुनवाई होना है. यदि दल बदल कानून के तहत सदस्यता समाप्त होने का फैसला सामने आता है तो बीना में उपचुनाव होना तय है.

राज्य शासन सभी ट्राइबल ब्लॉक में विद्यालयों में 3800 शिक्षकों की भर्ती समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने की ओर अग्रसर

भोपाल राज्य सरकार प्रदेश के सभी जनजातीय विकासख़डों में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) के निर्माण के लिये ठोस प्रयास कर रही है। राज्य शासन केन्द्र सरकार के साथ मिलकर सभी ट्राइबल ब्लॉक में ईएमआरएस की स्थापना के साथ इन विद्यालयों में 3800 शिक्षकों की भर्ती समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने की ओर अग्रसर है। प्रदेश में 89 ट्राइबल ब्लॉक हैं। इनमें से वर्तमान में 50 ट्राइबल ब्लॉक में ईएमआरएस संचालित हैं। 8 ट्राइबल ब्लॉक में ईएमआरएस के नये भवन निर्माण की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। शेष 31 ट्राइबल ब्लॉकस् में ईएमआरएस की स्वीकृति का प्रस्ताव राज्य शासन द्वारा केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय को भेजा जा चुका है। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन एवं भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने विभागीय अधिकारियों को केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के सतत् सम्पर्क में रहकर शेष 31 जनजातीय विकासखंडों में भी ईएमआरएस की स्थापना के लिये प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिये हैं। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश में संचालित ईएमआरएस के लिये स्वीकृत कुल 3800 शिक्षकों के पदों के विरूद्ध अब तक 2008 शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों पर चयनितों की पदस्थापना की जा चुकी है। चयनित अभ्यर्थियों में से 1790 पदों पर अभ्यर्थियों द्वारा अपनी उपस्थिति भी दे दी गई है। ईएमआरएस के कुशल संचालन के लिये यहां आउटसोर्स पर 39 स्टाफ नर्सेस एवं 4 काउंसलर्स भी रखे गये हैं।  

77 आश्रम शालाएं और 278 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भी निर्माणाधीन

भोपाल जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन एवं भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने जनजातीय कार्य विभाग के अधीन सभी निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिये हैं। विभागीय निर्माण कार्यों की गत दिवस समीक्षा करते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि शासन द्वारा जनजातीय विकासखंडों के लिये मंजूर 94 सीएम राइज स्कूल शीघ्रतापूर्वक पूर्ण कर हेण्डओवर कराये जायें, ताकि जनजातीय विद्यार्थियों को इन स्कूलों में आधुनिक तरीके से शिक्षा प्राप्त करने का लाभ मिले। राज्य शासन द्वारा जनजातीय विकासखंडों में 94 सीएम राइज स्कूल खोलने के निर्णय पर तेजी से काम जारी है। मंजूर सीएम राइज स्कूलों में से लोक निर्माण विभाग (पीआईयू) द्वारा 40 स्कूल, म.प्र. भवन विकास निगम के जरिये 40 स्कूल और शेष 14 स्कूल म.प्र. पुलिस हाउसिंग एवं अधोसंरचना विकास निगम द्वारा निर्मित किये जा रहे हैं। बीते 9 वित्त वर्षों में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में विभिन्न श्रेणी के 16 निर्माण कार्य, 77 आश्रम शालाओं, 278 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, 84 कन्या शिक्षा परिसर, 8 क्रीडा परिसर, 4 गुरूकुलम, 43 जूनियर छात्रावास, 19 पीवीटीजी सीनियर छात्रावास, 23 संयुक्त छात्रावास, 3 सांस्कृतिक भवन, संग्रहालय एवं कम्युनिटी सेंटर, 206 सीनियर छात्रावास, 12 महाविद्यालयीन छात्रावास, पीएम जन-मन योजना के अंतर्गत 125 बहुउद्देशीय केन्द्र, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में विभिन्न श्रेणी के 16 निर्माण कार्य, इन्हीं विद्यालयों में सीबीएसई मापदंड के अनुसार 12 उन्नयन संबंधी निर्माण कार्य एवं 8 उन्नयन संबंधी अतिरिक्त निर्माण कार्य, 30 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में ऑडिटोरियम भवन का निर्माण कार्य एवं वर्तमान वित्त वर्ष में विभिन्न प्रकार के 163 नवीन कार्यों सहित कुल 1205 निर्माण कार्य मंजूर किये गये। इस कार्यों के लिये 86 करोड़ 60 लाख 46 हजार रूपये निर्माण राशि भी मंजूर की गई। मंजूर सभी निर्माण कार्यों पर काम जारी है और अब तक इन निर्माण कार्यों पर 39 करोड़ 14 लाख 78 हजार रूपये व्यय किये जा चुके हैं। इन सभी निर्माण कार्यों के लिये निर्माण एजेंसी भी नियुक्त हैं। लोक निर्माण विभाग (पीआईयू), म.प्र. भवन विकास निगम, म.प्र. पुलिस हाऊसिंग एवं अधोसंरचना विकास निगम एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के माध्यम से यह सभी निर्माण कार्य पूरे कराये जा रहे हैं। कुछ कार्य विभागीय टेक्निकल विंग द्वारा कराये जा रहे हैं। बताया गया कि नवम्बर 2024 माह के अन्त तक जनजातीय कार्य विभाग के लिये शासन द्वारा कुल स्वीकृत 1205 निर्माण कार्यों में से 387 निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। विभिन्न श्रेणी के 606 निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं और शेष अप्रारंभ निर्माण कार्यों को इसी वर्ष प्रारंभ करने की तैयारी अंतिम चरण में है।  

आजीविका मिशन के जुड़कर लखपति दीदी अनुसुईया ने रचे सफलता के नए आयाम

बुरहानपुर मध्यप्रदेश का बुरहानपुर केले की खेती के लिए प्रसिद्ध है, अब अपने नवाचारों के लिए भी जाना जा रहा है। यहां की महिलाओं ने अपने हुनर से न केवल अपने जीवन को संवारा, बल्कि जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। इन महिलाओं में से एक हैं एकझिरा गांव की अनुसुईया चौहान, जिन्होंने केले के तने के रेशे से टोपी बनाकर लंदन तक अपनी पहचान बनाई है। बुरहानपुर में आयोजित बनाना फेस्टिवल ने अनुसुईया दीदी को नई ऊर्जा और प्रेरणा दी। आजीविका मिशन ने दी नई दिशा अनुसुईया दीदी का जीवन बदलने की कहानी आजीविका मिशन से शुरू होती है। लव-कुश स्व- सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने केले की खेती के साथ-साथ केले के तने का भी उपयोग करना शुरू किया। मिशन के सहयोग से उन्होंने रेशा निकालने की मशीन खरीदी और तने से रेशा निकालकर टोपी बनाने का काम शुरू किया। केले के तने से रेशा निकालने, उसे सुखाने और बुनाई करने के बाद विभिन्न आकार और डिज़ाइन की टोपियाँ तैयार की जाती हैं। इन टोपियों की कीमत 1100 से 1200 रुपये तक होती है। अनुसुईया दीदी अपने परिवार के साथ मिलकर यह कार्य करती हैं। इस काम से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उन्होंने अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है। लंदन में बनाई पहचान अनुसुईया दीदी द्वारा बनाई गई टोपियाँ लंदन तक पहुँची हैं। लालबाग क्षेत्र के परिवार के सदस्यों ने यह टोपियाँ खरीदीं और विदेश तक पहुँचाया। यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि सही दिशा और प्रोत्साहन मिले, तो स्थानीय उत्पाद अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ सकते हैं। सरकार के प्रयास और महिलाओं का आत्मनिर्भर सफर बुरहानपुर जिले में सरकार की मंशा के अनुसार, स्व सहायता समूह की महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाने का प्रयास जारी है। अनुसुईया दीदी इस सपने को साकार करने वाली मिसाल बन चुकी हैं। उनका कहना है, “जब हुनर को सही मंच मिलता है, तो सपने भी साकार होते हैं।” आज वे महिलाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन गई हैं। उनका सफर इस बात का उदाहरण है कि कैसे नवाचार और मेहनत से आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाए जा सकते हैं।  

चेन पुलिंग समस्या को समाप्त करने RPF ने विशेष अभियान शुरू किया, रेलवे लेगा मोटा जुर्माना

 भोपाल बिना किसी वैध कारण के ट्रेन की चेन खींचना अब आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला है. पश्चिम मध्य रेलवे ने चेन पुलिंग करने पर जुर्माने के साथ अब ट्रेन जितनी देर रुकेगी उसका खर्चा भी अवैध रूप से चेन पुलिंग करने वाले से वसूला जाएगा. पश्चिम मध्य रेलवे में भोपाल मंडल के रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी ने बताया, अक्सर देखा गया है कि कुछ यात्रियों द्वारा बिना उचित कारण अलार्म चेन पुलिंग करने से न केवल गाड़ियां देरी से चलती हैं, बल्कि रेलवे को भारी नुकसान का सामना भी करना पड़ता है. इस समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए 06 दिसंबर 2024 से रेल सुरक्षा बल (RPF) द्वारा एक विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है. इसमें अवैध अलार्म चेन पुलिंग पर जुर्माने के साथ ट्रेन रोकने का खर्च वसूला जाएगा. अब अगर किसी यात्री ने बिना उचित कारण के अलार्म चेन खींचीं तो उसे ₹1000 का जुर्माना ही नहीं बल्कि ट्रेन को रोकने (डिटेंशन) का खर्च भी चुकाना होगा. रेलवे ने यह लागत ₹8,000 प्रति मिनट निर्धारित की है. उदाहरण के तौर पर अगर ट्रेन 5 मिनट के लिए रुकी तो जुर्माना ₹8,000x 5=₹40,000 और इसमें चेन पुलिंग का ₹1000 जोड़ने पर कुल जुर्माना ₹41000 होगा. अगर ट्रेन 10 मिनट के लिए रुकी तो कुल जुर्माना ₹1000+₹8,000×10=₹81000. यह लागत और भी बढ़ सकती है, क्योंकि चेन पुलिंग से प्रभावित अन्य गाड़ियों का भी डिटेंशन चार्ज चेन पुलिंग करने वाले से वसूला जाएगा जो ₹1 लाख तक पहुंच सकता है. इन दो कारणों पर मान्य होगी अलार्म चेन पुलिंग भोपाल मंडल के मुताबिक, केवल दो विशेष परिस्थितियों में अलार्म चेन पुलिंग मान्य मानी जाएगी. पहला, अगर यात्री की जान को खतरा हो जैसे गिरने की स्थिति में दुर्घटना टालने के लिए. दूसरा मान्य कारण होगा, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों या 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति का छूट जाना जैसे अगर वह चढ़ नहीं पाए और ट्रेन चल पड़ी. इनके अलावा हर अन्य कारण को अवैध माना जाएगा.  

प्रदेश में कानून व्यवस्था में कसावट लाने पुलिस मुख्यालय से लेकर ग्राउंड लेवल तक तबादलों की तैयारी

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार की तबादला एक्सप्रेस एक बार फिर शुरू होने की तैयारी की जा ही है. प्रदेश में कानून व्यवस्था में कसावट लाने के लिए पुलिस मुख्यालय से लेकर ग्राउंड लेवल तक तबादलों की तैयारी की जा रही है. हालांकि राज्य सरकार बीते 4 माह में 19 पुलिस अधीक्षकों, 4 जोन के आईजी, डीआईजी को बदल चुकी है. कई जिलों के अधिकारी अभी और बदले जा सकते हैं. उधर प्रदेश पुलिस के नए मुखिया बनने के बाद डीजीपी कैलाश मकवाना जिलावार रिव्यू करने जा रहे हैं. इसके बाद थाना स्तर तक बदलाव किए जाएंगे. पुलिस मुख्यालय में भी दिखाई देंगे बदलाव डीजीपी कैलाश मकवाना कार्यभार संभालने के बाद से ही काम में जुट गए हैं. जिलों के एसपी और आईजी स्तर के अधिकारियों के साथ डीजीपी ने बैठक की है. बताया जा रहा है कि जल्द ही डीजीपी जोन स्तर पर जिला बार कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक करने जा रहे हैं. माना जा रहा है कि इसके बाद कानून व्यवस्था के आधार पर रैंकिंग के आधार पर अधिकारियों को बदला जाएगा. बदलाव जिलों में थाना स्तर तक दिखाई देगा. हालांकि डीजीपी कैलाश मकवाना का कहना है कि काम को लेकर किसी को भी समय दिया जाना चाहिए, लेकिन बेहतर रिजल्ट न आने पर बदलाव जरूरी होता है. जाहिर है कानून व्यवस्था न संभाल पाने वाले अधिकारियों पर तबादले की तलवार चलेगी. भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर शिकायतों में मैदानी पुलिस अधिकारियों को हटाया जाएगा. पुलिस मुख्यालय में भी होंगे बदलाव डीजीपी कैलाश मकवाना ने जिलों और रेंज के अलावा अब पुलिस मुख्यालय की अलग-अलग ब्रांच की समीक्षा शुरू कर दी है. समीक्षा बैठकों के बाद पुलिस मुख्यालय में भी सीनियर आईपीएस अधिकारियों की नई पदस्थापनाएं होगी.     सरकारी कर्मचारियों का घर बैठे होगा ट्रांसफर, तबादले के लिए नहीं काटने होंगे भोपाल के चक्कर     एक्शन में नए DGP कैलाश मकवाना, SP-IG की बुलाई बैठक, बोले-अनुशासन में रहे पुलिस, न लगे कोई दाग पिछले चार माह में कौन-कौन बदला     18 नवंबर को राज्य सरकार ने शहडोल, सिंगरौली, छिंदवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक और ग्वालियर, नर्मदापुरम के आईजी को बदल दिया.     22 अक्टूबर को राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री के ओएसडी सहित 7 आईपीएस अधिकारियों को बदला. इनमें बड़वानी, देवास, जबलपुर के एसपी को बदल दिया गया.     13 अक्टूबर को विदिशा, सीहोर और टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक को बदल दिया गया.     24 सितंबर को 15 आईपीएस अधिकारियों को नई पदस्थापना दी गई. इसमें लोकायुक्त डीजी को बदल दिया गया.     10 सितंबर को राज्य सरकार ने रतलाम, नरसिंहपुर और भोपाल रेल एसपी को बदल दिया.     3 सितंबर को राज्य सरकार ने लोकायुक्त कार्यालय के विशेष पुलिस स्थापना में करीब 6 अधिकारियों के तबादले किए.     10 अगस्त को 21 आईपीएस के तबादले किए गए. इनमें शहडोल आईजी के अलावा, जबलपुर, ग्वालियर, खरगौन के डीआईजी और मऊगंज, बालाघाट, मुरैना, रायसेन, पांढुर्णा, मंदसौर, अनूपपुर के पुलिस अधीक्षक को बदल दिया गया.

मध्यप्रदेश सरकार का एक वर्ष मनेगा जनकल्याण पर्व के रूप में, मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई गई

भोपाल  मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के नेतृत्व में सत्तासीन बीजेपी सरकार का प्रदेश में 1 साल पूरा हो गया है. प्रदेश सरकार के 1 साल पूरे होंने पर प्रदेश में 11 से 26 दिसंबर के बीच जन कल्याण पर्व के रूप में मनाया जाएगा. इस दौराने सभी जिलों में महिला, किसान, युवा व गरीब कल्याण समेत विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. मोहन सरकार के 1 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने 11 से 26 दिसंबर के बीच जन कल्याण पर्व के रूप में मनाने का निर्णय लिया है. एक पखवाड़े तक मनाए जाने वाले जन कल्याण पर्व के आयोजन के लिए मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई गई हैं. कैलाश विजयवर्गीय को बनाया गया युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष रिपोर्ट के मुताबिक मोहन सरकार के एक वर्ष पूरे होने के आयोजन के लिए किसानों के लिए गठित समिति का अध्यक्ष किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना को बनाया गया है, युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को नियुक्ति किया गया है. निर्मला भूरिया को बनाया गया महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष जन कल्याण पर्व के रूप में मनाने के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रम में गरीब कल्याण से जुड़ी समिति का अध्यक्ष पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को बनाया गया है. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में प्रचंड जीत के साथ सत्ता में लौटी बीजेपी ने मध्य प्रदेश में डा. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया था. बतौर सीएम मोहन यादव ने गत 13 दिसंबर, 2023 को मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली थी. 11 दिसंबर से प्रदेश के सभी जिलों में मनाया जाएगा जन कल्याण पर्व गौरतलब है मोहन सरकार एक वर्षीय उपलब्धि के रूप में मनाए जाने वाले जन कल्याण पर्व 11 दिसंबर से शुरू होगा. इस दौरान राजधानी भोपाल समेत सभी जिलों में गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. वहीं, ग्वालियर में 15 से 19 दिसंबर तक तानसेन समारोह आयोजित होगा.

इंदौर के 1037 सरकारी स्कूलों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीन लगाई जायेगी, मशीन की शीट देखकर ही सैलरी बनेगी

इंदौर  सरकारी स्कूलों को धर्मशाला समझने और मनमर्जी से स्कूल आने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बुरी खबर है। कुछ माह पहले कलेक्टर आशीष सिंह ने कलेक्टर कार्यालय में बायोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य कर दिया था। इसके साथ इंदौर जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में भी बायोमेट्रिक लगाने के निर्देश जारी किए थे। लेकिन शिक्षा विभाग में इसका पालन नहीं हुआ। दो दिन पहले जिला पंचायत कार्यालय में सरकारी स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीन लगाने को लेकर बैठक हुई थी। जिसमें सीईओ सिद्धार्थ जैन ने सभी सरकारी स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीन लगाने के लिए कहा है। बता दे कि जिले के 1037 स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीनें लगाई जाना है। अधिकतर स्कूलों में रजिस्टर पर दर्ज होती है उपस्थिति अब तक अधिकांश सरकारी स्कूलों में रजिस्टर में ही शिक्षक उपस्थिति दर्ज करते हैं। कई शिक्षक अपनी मनमर्जी के हिसाब से ही स्कूल आते और चले जाते हैं। इसी तरह जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी कर्मचारी अपनी मर्जी के अनुसार ही कार्यालय आ रहे हैं। इसी महीने में लग जाएगी बायोमेट्रिक मशीन इंदौर जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन ने बताया कि शिक्षा विभाग के कार्यालय और स्कूलों में अब बायोमेट्रिक मशीन से ही उपस्थिति दर्ज की जाना है। इसके लिए जिले के सभी सरकारी स्कूल परिसरस, पंचायत आदि में बायोमेट्रिक मशीन लगाई जाना है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तत्काल बायोमेट्रिक मशीन लगाने के लिए कहा गया है। इसी माह यह काम पूरा होना जाना चाहिए। 1037 स्कूलों में लगेगी मशीन जानकारी के अनुसार जिले में जो स्कूल पंचायत कार्यालय के करीब है, वहां पंचायत में बायोमेट्रिक मशीन लगाई जाना है। वहीं अन्य स्कूल परिसर में ही लगाई जाएगी। इंदौर शहरी क्षेत्र में 182, इंदौर ग्रामीण क्षेत्र में 230, महू में 186, सांवेर में 239 और देपालपुर में 200 परिसरों में बायोमेट्रिक मशीन लगना हैं। शहरी क्षेत्र में यह जिम्मेदारी नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत के पास रहेगी। अफसरों के अनुसार इसी बायोमेट्रिक मशीन शुरू होने के बाद महीने के अंत में मशीन की शीट के आधार पर ही कोषालय से वेतन जारी होगा।

वन मंत्री रामनिवास रावत का त्यागपत्र स्वीकार, वन विभाग मुख्यमंत्री के पास रहेगा,

भोपाल वन मंत्री रामनिवास रावत का त्यागपत्र राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने स्वीकार कर लिया है। विजयपुर विधानसभा के उपचुनाव में पराजित होने के बाद उन्होंने मतगणना के दिन 23 नवंबर की ही देर शाम मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव को त्यागपत्र भेज दिया था। विदेश प्रवास से लौटने पर मुख्यमंत्री ने इसे स्वीकार करने की अनुशंसा राज्यपाल से की थी। जब तक किसी मंत्री को इसका प्रभार नहीं दिया जाता है, तब तक विभाग मुख्यमंत्री के पास रहेगा।   छह बार कांग्रेस से विधायक रहे रामनिवास रावत ने लोकसभा चुनाव के समय भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया और सचिवालय ने सीट रिक्त घोषित करके उपचुनाव कराने का प्रस्ताव भेज दिया। आठ नवंबर, 2024 को उन्हें मंत्रिमंडल में बतौर कैबिनेट मंत्री शामिल किया गया। विधानसभा उपचुनाव में उन्हें कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा ने पराजित किया। मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि जब तक मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं होता या फिर किसी मंत्री को वन विभाग का प्रभार सौंपने के आदेश नहीं होते तब तक विभाग मुख्यमंत्री के पास रहेगा। मुख्यमंत्री समेत मंत्रिमंडल में अब 31 मंत्री रामनिवास रावत के त्यागपत्र के बाद अब मोहन मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत मंत्रियों की संख्या 31 रह गई है। नियमानुसार 35 मंत्री बनाए जा सकते हैं। संभावना जताई जा रही है कि नए वर्ष में मोहन मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, जिसमें क्षेत्रीय, जातीय और दलीय समीकरणों को देखते हुए नए चेहरों को मंत्रिमंडल में स्थान मिल सकता है।

मंत्री टेटवाल एवं मंत्री काश्यप की उपस्थिति में हुए एमओयू साइन

भोपाल कौशल विकास और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल और एमएसएमई मंत्री श्री चैतन्य काश्यप की उपस्थिति में संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क (जीएसपी) में चार एडवांस्ड ट्रेड प्रारंभ करने के लिये जीएसपी एवं आईआईटी दिल्ली और आईआईटी रोपड़ के मध्य एमओयू हुए। इस पहल के तहत साइबर एण्ड नेटवर्क सिक्यूरिटी, एनीमेशन-मोशन ग्राफिक्स, गेमिंग टेक्नोलॉजी और एआर एण्ड वीआर जैसे एडवांस्ड ट्रेड शीघ्र ही प्रारंभ किये जायेंगे, जो प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा प्रदान करेंगे। साथ ही राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय साइबर एण्ड नेटवर्क सिक्यूरिटी के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता प्रदान करेगा। आईआईटी रोपड़ के साथ समझौते के अंतर्गत ड्रोन टेक्नोलॉजी से संबंधित अल्पकालिक पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे। इनमें डीजीसीए सर्टिफाइड ड्रोन पायलट ट्रेनिंग, जीआईएस फॉर ड्रोन डाटा प्रोसेसिंग के लिए जीआईएस, ड्रोन्स इन एग्रीकल्चर, ड्रोन्स एण्ड डिजास्टर मैनेजमेंट, एरियल सिनेमेटोग्राफी, पाइथॉन फॉर जीआईएस और ड्रोन बिल्डिंग जैसे कोर्स शामिल होंगे। मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि यह विभाग का एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें युवाओं को वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा और कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बना रहे हैं। ग्लोबल स्किल्स पार्क में छात्रों को न केवल प्रशिक्षित किया जाएगा, बल्कि उन्हें रोजगार के बेहतरीन अवसर भी मिलेंगे। इस कदम से हमारे प्रदेश के युवाओं का भविष्य और उज्जवल होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस पहल का उद्देश्य भारतीय युवाओं को विश्व के प्रतिस्पर्धात्मक माहौल के लिये तैयार करना है। यह प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा उत्कृष्ट संस्थानों में रोजगार प्राप्त कर पायेंगे। साथ ही स्व-रोजगार प्रारंभ कर अन्य युवाओं को भी रोजगार देने वाले बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह संस्थान उन युवाओं के लिये बहुत बड़ा सुअवसर है, जो बड़े-बड़े प्रायवेट संस्थानों में लाखों की फीस देकर पढ़ने में असमर्थ हैं। यहाँ गरीब से गरीब तबके का प्रतिभावान युवा अपने सपनों को साकार कर सकता है। इस संस्थान में डेढ़ लाख के विरुद्ध केवल 15 हजार रुपये फीस ली जाती है। मंत्री श्री टेटवाल विद्यार्थियों के साथ रूबरू भी हुए। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ काफी समय बिताया एवं उनके प्रशिक्षण के संबंध में अनुभव जाने। मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि यह एक नई शुरुआत है, जिसमें प्रदेश के युवाओं को एकजुट कर हम उन्हें बेहतर कौशल और प्रशिक्षण देने जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से हम उन्हें तकनीकी विशेषज्ञ बनाने के साथ-साथ उनके रोजगार के अवसरों को भी बढ़ा रहे हैं। हमारे लिए यह जरूरी है कि हम हर युवा को कौशल के साथ एक बेहतर भविष्य की दिशा प्रदान करें। ग्लोबल स्किल्स पार्क में इन पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए आईआईटी दिल्ली और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं। मंत्री द्वय ने इस विशेष अवसर पर सिंगापुर प्रशिक्षण पर जा रही फैकल्टी टीम के वाहन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। यह टीम सिंगापुर के प्रतिष्ठित संस्थान आईटीईईएस में जाकर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। सिंगापुर से प्रशिक्षण प्राप्त कर फैकल्टी मेंबर प्रदेश के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मक माहौल के अनुसार विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर सकेंगे। साथ ही युवा संगम वाहन को भी हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। यह वाहन विभिन्न जिलों में पहुँचकर युवाओं को प्रदेश के आईटीआई एवं ग्लोबल स्किल पार्क में चल रहे विभिन्न ट्रेड की जानकारी देगा। अपर सचिव टीडीईएसडीई परियोजना निदेशक, एमपीएसडीपीसीओ श्री गिरीश शर्मा, जीएसपी के डायरेक्टर एवं प्रशिक्षक आईआईटी रोपड़ के डायरेक्टर प्रो. राजीव आहूजा, एसोसिएट डीन डॉ. अथर्व पौंड्रिक तथा आईआईटी दिल्ली के प्रो. गौरव शर्मा, सीईओ श्री आशुतोष दत्त शर्मा एवं एजुकेशन और ट्रेनिंग हेड श्री पीयूष प्रसाद उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 1300 से अधिक युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण का लाभ

भोपाल मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना “मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना” के तहत पंजीयन कराकर मध्‍यप्रदेश के 1 हजार 305 युवाओं को ऑन द जॉब ट्रेनिंग दी जायेगी। इसके लिए कंपनी द्वारा “मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना” में लगभग एक हजार 305 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने के उदृदेश्‍य से विभिन्‍न विषयों के इच्‍छुक युवाओं से 16 दिसम्‍बर 2024 तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। कंपनी ने बताया है कि ‘’मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना’’ में आवेदन करने के लिए इच्‍छुक अभ्‍यर्थी प्रशिक्षण से संबंधित अर्हताओें, रिक्‍त स्‍थानों के विवरण तथा अन्‍य आवश्‍यक जानकारी कंपनी की बेवसाइट portal.mpcz.in पर देख सकते हैं। “मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना” में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा आईटीआई, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन पास बेरोजगार युवाओं को इलेक्ट्रिशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर, लाइनमैन, स्टेनोग्राफर (हिंदी/अंग्रेजी),इंजीनियरिंग (सिविल/ इलेक्ट्रिकल),एग्जीक्यूटिव (एच आर/अकाउंट) आदि पदों पर 01 हजार 305 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने कहा है कि “मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना” के तहत व्यापक स्तर पर औपचारिक शिक्षा प्राप्त युवाओं को कंपनी में छात्र प्रशिक्षणार्थी के रूप में ऑन द जॉब ट्रैनिंग की सुविधा मिलेगी।  

जिले को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में फूड पार्क महत्वपूर्ण कदम- मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम एवं भिण्ड जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल के मुख्य आतिथ्य में भिण्ड में पहली बार इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जिला पंचायत कार्यालय के सभागृह में आयोजित किया गया। इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला सहित विधायक, जनप्रतिनिधि, कलेक्टर, इन्वेस्टर्स, विभिन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि अपार संभावनाएं भी खुलेंगी। इस क्षेत्र में निवेश जिले की कृषि उत्पादकता को बढ़ाएगा।किसानों की आय में वृद्धि होगी और मूल्य संवर्धन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त होगी। ऐसे प्रयास जिले को आर्थिक रूप से समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।निवेशकों की हर संभव मदद की जाएगी है। उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त किया कि सरकार राज्य में विभिन्न उद्योगों में निवेश बढ़ाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है, मध्यप्रदेश को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा कि आज भिण्ड के ब्रांड को दुनिया में पहुंचाने की जरूरत है। जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के लगातार प्रयासों से एमएसएमई विभाग के अंतर्गत ग्राम नुन्हाटा में लगभग 300 हैक्टेयर भूमि पर फूड पार्क प्रस्तावित है। इन्वेस्टर्स मीट कार्यक्रम में बताया गया कि जिले के औद्योगिक विकास एवं रोजगार को सृजित करने के उद्देश्य से यह फूड पार्क विकसित किया जा रहा है, जिसका लाभ जिले के किसानों को मिलेगा एवं उन्हें प्रशिक्षण के माध्यम से प्राकृतिक खेती, सब्जियों की इंटरक्रापिंग, फलोद्यान विकास के लिये प्रोत्साहित किया जाएगा। कृषि उत्पाद आदि की बिक्री एवं अच्छे दाम दिलवाने की व्यवस्था फ़ूड पार्क में उद्योग स्थापित करने वाले उद्यमियों के साथ लिंक कर की जाएगी, जिससे कृषक क्राप डायवर्सिफिकेशन, वेजीटेबल इंटरक्रापिंग के प्रति भी आकर्षित होकर अपनी आमदनी को बढ़ा सकें। फूड पार्क कन्वर्जेंस मॉडल पर आधारित रहेगा, जिसके तहत फूड प्रोसेसिंग से संबंधित विभिन्न प्रकार के उद्योग स्थापित किए जाएंगे, जिससे लगभग 5 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। परियोजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए नाबार्ड से सब्सिडी, अनुदान आदि के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे बेहतर उपकरण, इंक्यूबेशन सेंटर, कॉमन फैसिलिटेशन सेंटर, खाद्य उत्पादों की सैंपलिंग, टैस्टिंग, पैकेजिंग आदि की बेहतर सुविधा फूड पार्क में ही उपलब्ध हो सके। समिट में एमएसएमई, एपीडा, डीजीएफटी आदि के विशेषज्ञ इन्वेस्टर्स को विभिन्न फूड प्रोसेसिंग से एवं इंडस्ट्री से संबंधित विभिन्न लाभकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी साझा की गई।  

जिले में मुक्तिधाम एवं मंदिरों पर कोई अतिक्रमण न हो – मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम और भिण्ड जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला योजना समिति की बैठक जिला पंचायत सभागार भिण्ड में की गई। इस दौरान नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, विधायकगण, जनप्रतिनिधि, कलेक्टर एवं जिला अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री श्री पटेल ने महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में देखें कि अगर कोई इस योजना का पात्र हितग्राही है तो आप उसकी किस प्रकार से मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिले में कुल 12 ऐसे बच्चे हैं जिनके माता पिता की मृत्यु कोरोना काल के दौरान हो गई थी। कोरोना काल के अलावा 55 ऐसे बच्चे हैं, जिनके माता-पिता नहीं हैं, ऐसे बच्चों के लिए सभी जन-प्रतिनिधि हर 6 माह में जाकर मानवीय आधार पर देखें कि उन बच्चों को वास्तविकता में मदद मिल रही है या नहीं। मंत्री श्री पटेल ने प्रधानमंत्री सड़क योजना के चौथे चरण अंतर्गत जिले में वर्तमान में प्रगतिरत सड़कों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने जिले की कौन सी विधानसभा में कितने किलोमीटर की सड़कें बनी है, और कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण किया गया है, इस संबंध में जानकारी ली। मंत्री श्री पटेल ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा कर के दौरान किसानों से एग्रीमेंट, पानी पहुंचने की स्थिति, मेंटेनेंस कार्य, टेल एरिया में पानी कहां तक पहुंचा है, इस संबंध में जानकारी ली और निर्देश दिए। उन्होंने जिले में प्रगतिरत पांच परियोजनाओं के संबंध में जानकारी ली, परियोजनाओं के टेंडर, टाईम लाईन के संबंध में जानकारी ली, मां रतनगढ़ परियोजना में कितने हैक्टेयर वन भूमि के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने राजस्व महाअभियान में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, आधार सीडिंग, लक्ष्य के विरुद्ध प्रगति की भी जानकारी ली। मंत्री श्री पटेल ने जिले में मुक्तिधाम कितने हैं, कितने मुक्तिधाम पर अतिक्रमण है और भूमिहीन मुक्तिधाम के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किए कि जिन मुक्तिधाम और मंदिरों पर अतिक्रमण है उन्हें शीघ्र अतिक्रमण मुक्त कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने मैदानी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन संबंधित आवश्यक निर्देश दिए।  

मंत्री पटेल ने बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ पर हस्ताक्षर अभियान में सहभागिता की

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम और भिण्ड जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने गुरुवार को भिण्ड में “हम होंगे कामयाब” पखवाड़े के अन्तर्गत बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ पर हस्ताक्षर अभियान में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने घरेलू हिंसा से बचाव और जेंडर असमानता उन्मूलन पर तैयार सेल्फी पॉइंट पर सेल्फी भी ली। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में राजय सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केवल पखवाड़े तक ही सीमित न रहे। हमारी मानसिकता में हमेशा महिलाओं के लिए बराबरी का दर्जा, सम्मान एवं महिला सशक्तिकरण की भावना होनी चाहिए। इस अवसर विधायक, जनप्रतिनिधि, कलेक्टर और जिलाधिकारी उपस्थित रहे।  

विच्छेदित कनेक्शन बिल भरते ही अपने आप जुड़ जाएगा : मंत्री श्री तोमर

भोपाल मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्मार्ट मीटर से संबंद्ध उपभोक्ताओं को गुरुवार से एक और सुविधा प्रदान की है। यदि किसी स्मार्ट मीटर से संबंधित उपभोक्ता का कनेक्शन बकाया बिल राशि तय समय तक जमा नहीं करने पर ऑटोमेटिक कटता है, तो ऑन लाइन बिल भरते ही उसका कनेक्शन कुछ मिनट में ही पुनः जुड़ जाएगा। उसे बिजली कार्यालय आने या किसी को फोन करने, जमा रसीद भेजने की आवश्यकता नहीं होगी। मप्र में सबसे पहले इंदौर से स्मार्ट मीटर कन्ज्यूमर ऑटोमेशन प्रक्रिया प्रारंभ होने और नई उपभोक्ता सुविधा प्रदान करने पर ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई ने कार्मिकों को बधाई दी। मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर की प्रबंध निदेशक सुश्री रजनी सिंह ने बताया कि सबसे पहले ऑटोमेशन की यह सुविधा 2020 से 2024 तक लगे स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को प्रदान की गई है। इसके लिए कंपनी की सूचना प्रौद्योगिकी शाखा, पेमेंट गेटवे सिस्टम और स्मार्ट मीटर परियोजना शाखा को एक दूसरे से रियल टाइम संबद्ध किया गया है। बिजली कंपनी उपभोक्ताओं को नियत तिथि तक बिल राशि जमा करने की सुविधा व राशि जमा करने का संदेश देती है, इसके बाद भी यदि स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं की बकाया राशि जमा नहीं होने पर बिजली ऑटोमेटिक रूप से कटती, तो बिल राशि एवं बिजली कनेक्शन काटने, जोड़ने की राशि सहित कुल बिल मोबाइल/कम्प्यूटर पर दिखेगा। कुल बिल राशि जमा करते ही कनेक्शन अपने आप जुड़ जाएगा। इस सुविधा के लिए पेमेंट गेटवे से सूचनाएं तुरंत ही बिजली कंपनी की सूचना प्रौद्योगिकी शाखा के पास आएगी, कुछ सेकंड में यह सूचना अपने आप स्मार्ट मीटर परियोजना के सर्वर तक पहुंच जाएगी उसके बाद कनेक्शन ऑटोमेटिक जुड़ जाएगा। पहले चरण में यह सुविधा 2020 से 2024 के बीच लगे 7.25 लाख स्मार्ट मीटर से संबद्ध उपभोक्ताओं को दी गई है। इस अवधि के पहले के स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को भी यह सुविधा प्रदान करने के लिए विभागीय तौर पर कार्य किया जा रहा है। समय पर बिल राशि भरने की अपील मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा कि शासन के आदेशानुसार कृषि क्षेत्र के लिए 10 घंटे एवं अन्य सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावी है। ऐसे में उपभोक्ता बकाया बिजली बिल समय पर जमा करें, कैशलेस बिजली बिल जमा करने पर नियामक आयोग के आदेशानुसार प्रति बिल छूट दी जाती है। वहीं राशि जमा नहीं करने पर अधिभार एवं कनेक्शन काटने, जोड़ने की राशि वसूल की जाती है।  

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