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प्रदेश की 218 विधानसभाओं में निकलीं भाजयुमो की भव्य तिरंगा बाइक रैलियां मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष केवलारी, बरघाट एवं सिवनी की बाइक रैलियों में हुए शामिल

भोपाल। भारतीय जनता युवा मोर्चा ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश की 218 विधानसभाओं में विशाल तिरंगा बाइक रैलियां निकालीं। रैली में युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ स्थानीय नेतागण, जनप्रतिनिधि एवं आमजन भी शामिल हुए। हाथों में तिरंगा थामकर और देशभक्ति गीतों के साथ बाइक पर निकले मोर्चा कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम् और भारत मां के जयकारे लगाए। इन रेलियों में 2 लाख 96 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्री वैभव पवार सिवनी जिले की केवलारी, बरघाट एवं सिवनी विधानसभा की तिरंगा बाइक रैलियों में शामिल हुए। रैली के उपरांत उन्होंने वीर शहीदों को नमन किया और नुक्कड़ सभाओं को संबोधित किया। उन्होंने 77 वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए गौरव का दिन है। यह शहीदों के बलिदान के यशगान का दिन है। यह दिन उस स्वर्णिम भारत के निर्माण के प्रति हमारे कर्तव्यों का स्मरण कराता है, जिसका सपना अमर बलिदानियों ने देखा था। इसलिए आजादी के अमृतकाल में हम देश की एकता और समृद्धि में अपना अधिक से अधिक योगदान देने का संकल्प लें। श्री पवार ने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत का यशगान विश्व में हो रहा है, यह हमारे लिए गौरव की बात है। जब नेतृत्व सशक्त होता है तो देश परम वैभव की ओर जाता है और आज भारत इस दिशा में आगे बढ़ रहा है।

नवम्बर मे होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा ने जारी की पहली सूची यहाँ देखें

मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्यों मे होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिए पहली सूची जारी कर दी है, भाजपा ने समयपूर्व सूची जारी कर यह सन्देश देने की कोशिश भी की है कि वह चुनाव के पूरी तरह से तैयार है और पार्टी एकजुट है उसके नेताओं मे किसी तरह का विरोध और गुटबाज़ी नहीं है

भाजपा ने आज प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी की है लिस्ट जारी होने के बाद अब विरोध के स्वर भी दिखाई पड़ रहे हैं! छतरपुर से अर्चना गुड्डू सिंह के समर्थकों ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया

मप्र भाजपा ने आज प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी की है लिस्ट जारी होने के बाद अब विरोध के स्वर भी दिखाई पड़ रहे हैं! छतरपुर से अर्चना गुड्डू सिंह के समर्थकों ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया है। अर्चना सिंह छतरपुर नपा की दो बार अध्यक्ष रह चुकी है पिछला चुनाव वह कम वोटो से हारी थी।

CAG मूर्मू ने मोदी सरकार के भ्रष्टाचार के ये तीन साहसी खुलासे किए हैं

वर्तमान CAG गिरीशचंद्र मुर्मू इन्होंने बिना डरे सच बोलकर मोदी सरकार के भ्रष्टाचार की पर्ते खोलने का साहस किया है। CAG मूर्मू ने मोदी सरकार के भ्रष्टाचार के ये तीन साहसी खुलासे किए हैं.. 1. पेंशन योजना के फंड में हेराफेरी 2. आयुष्मान भारत योजना का स्कैम 3. अयोध्या डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में अनियमितताएं इससे पहले ये गुजरात कैडर के 1985 बैच के ईयेज़ अधिकारी हैं गुजरात के सीएम के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव तथा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के पहले लेफ्टिनेंट गवर्नर थे।

MP में ‘मां नर्मदा कॉरिडोर’ बनेगा, सीएम शिवराज ने की घोषणा; सिंधिया समर्थक रघुराज सिंह धाकड़ कांग्रेस में वापसी करेंगे

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ‘मां नर्मदा कॉरिडोर’ बनाने की घोषणा की है। सीएम अनूपपुर जिले के दो दिन के दौरे पर हैं। आज वे अमरकंटक में हैं, यहां मां नर्मदा की पूजा अर्चना की। सीएम ने कहा कि मां नर्मदा कि लाखों लोग परिक्रमा करते हैं, इसलिए मां नर्मदा की पवित्र धरा पर कॉरिडोर बनाया जाएगा। सीएम शिवराज ने कहा कि मां नर्मदा महालोक बनेगा तो लाखों लोग अमरकंटक आएंगे। अमरकंटक में जगह सीमित है, यहां अमरकंटक को नया सैटेलाइट शहर बनाया जाएगा। यह सैटेलाइट शहर नीचे बनेगा, जहां होटल, खाने-पीने जैसी सभी तरह की दुकानें रहेंगी। सिंधिया समर्थक रघुराज सिंह धाकड़ कांग्रेस में वापसी करेंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में गए रघुराज सिंह धाकड़ गुरुवार को कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं। भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में धाकड़ समाज के नेता रघुराज सिंह धाकड़ पार्टी की सदस्यता लेंगे। कमलनाथ की मौजूदगी में वे कांग्रेस जॉइन करेंगे। विधायक जयवर्धन सिंह के साथ धाकड़ भोपाल पहुंचे हैं। कोलारस (शिवपुरी) से करीब 200 गाड़ियों का काफिला साथ आया है। इससे पहले सिंधिया समर्थक बैजनाथ सिंह यादव और राकेश गुप्ता भी BJP छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं।

राहुल गांधी ने क्या आख़िरी पलों में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने की रणनीति बदल ली?

भारतीय मीडिया में यह ख़बर पिछले दो दिनों से सुर्खियों में थी कि राहुल गांधी ही चर्चा की शुरुआत करेंगे. मंगलवार को राहुल गांधी का नाम भी लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के पास पहले वक़्ता के तौर पर भेजा गया था. मीडिया में इस बात की चर्चा ज़ोरों पर थी कि राहुल गांधी सांसदी बहाल होने के बाद लोकसभा में किस तेवर में बोलेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आख़िरी मिनटों में राहुल गांधी ने चर्चा की शुरुआत करने से इनकार कर दिया. अभी तक यह रहस्य बना हुआ है कि राहुल गांधी ने ऐसा क्यों किया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ राहुल के इनकार के बाद कांग्रेस के फ्लोर मैनेजरों ने ओम बिड़ला को सूचित किया कि असम से पार्टी के सांसद गौरव गोगोई चर्चा की शुरुआत करेंगे. गौरव गोगोई ने ही अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था. छोड़कर ये भी पढ़ें आगे बढ़ें ये भी पढ़ें समाप्त कांग्रेस नेता चर्चा की शुरुआत राहुल गांधी की ओर से नहीं होने पर कोई ठोस कारण नहीं बता रहे हैं लेकिन सत्ताधारी बीजेपी इससे ज़रूर हरकत में आ गई. संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा में चर्चा शुरू होने के दौरान ही पूछा कि राहुल गांधी का नाम स्पीकर के पास भेजा गया था लेकिन उनका नाम वापस क्यों लिया गया? इस पर गोगोई ने जवाब दिया कि “स्पीकर के चैंबर में हुई बातों को सार्वजनिक करना ठीक नहीं है, क्या ये भी बता जाएगा कि प्रधानमंत्री और स्पीकर के बीच क्या बात हुई.” इमेज स्रोत,ANI इस बयान पर ट्रेज़री बेंच, अमित शाह सहित केंद्रीय मंत्रियों ने कड़ी आपत्ति जताई. अमित शाह ने कहा, “ ये गंभीर आरोप है. आपको बताना चाहिए पीएम और स्पीकर के बीच क्या बात हुई.” प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस की ओर से कौन बहस शुरू करेगा इसे लेकर पैदा हुए कंफ्यूजन पर कहा, “ये सबको पता था कि बहस की शुरुआत कौन करेगा.” मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में बोलने वाले दूसरे नेता थे निशिकांत दुबे. उन्होंने तंज़ वाली भाषा में कहा, “हमें उम्मीद थी की राहुल गांधी विपक्ष की ओर से पहले वक्ता होंगे लेकिन लगता है वो तैयारी करके नहीं आए और देर से सोकर उठे.” इमेज स्रोत,ANI कांग्रेस में भी कंफ्यूज़न छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें छोटी उम्र बड़ी ज़िंदगी उन चमकते सितारों की कहानी जिन्हें दुनिया अभी और देखना और सुनना चाहती थी. दिनभर: पूरा दिन,पूरी ख़बर समाप्त ऐसा लग रहा था कि कांग्रेस के सांसदों को भी इसका अंदाज़ा नहीं था कि राहुल गांधी प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत नहीं करेंगे, सभी अपने-अपने कारण बता रहे थे. अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए एक कांग्रेस के सांसद ने कहा, “शायद उन्हें लगा कि गोगोई को बहस शुरू करनी चाहिए क्योंकि वह पूर्वोत्तर से हैं और उन्होंने मणिपुर का दौरा किया था. गोगोई ने ही सदन को नोटिस दिया था और वही चर्चा शुरू करने वाले थे. राहुल गांधी की लोकसभा में वापसी ही एक दिन पहले हुई है.” एक अन्य सांसद ने अख़बार से दावा किया कि गांधी ने पहले नहीं बोलने का फ़ैसला किया क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी सदन में मौजूद नहीं थे. वहीं तीसरे सांसद ने कहा कि राहुल गांधी “असहज” महसूस कर रहे थे इसलिए नहीं बोला. कांग्रेस के कुछ सांसद ये भी कह रहे थे कि वो सरकार को सरप्राइज़ करना चाहते थे. एक सांसद ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “हमने उनका (राहुल गांधी) नाम एक चाल के तहत दिया था. हमें पता था जैसे ही सरकार को पता चलेगा कि राहुल गांधी बोल रहे हैं, ट्रेज़री बेंच अपनी पूरी तैयारी के साथ आएगा और उनकी बहस को मुद्दे से भटकाना चाहेगा. लेकिन जब हमने ऐन मौक़े पर तय किया कि गोगोई बोलेंगे तो वो लोग हैरान परेशान हो गए, वो (सत्ता पक्ष के सांसद) लोग इसके लिए तैयार इमेज स्रोत,ANI राहुल गांधी के भाषण ना देने पर बीजेपी की आपत्ति मोदी सरकार के खिलाफ़ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर जब राहुल गांधी ने मंगलवार को भाषण नहीं दिया तो उस पर बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि कांग्रेस ने सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर एक पत्र दिया, जिसमें कहा गया कि राहुल गांधी बोलेंगे, बहस दोपहर में शुरू हुई, मुझे आश्चर्य है कि पाँच मिनट में ऐसी क्या समस्या आ गई कि उन्होंने भाषण ना देने का फ़ैसला ले लिया. इसके जवाब में कांग्रेस सांसद रंजन गोगोई ने कहा कि “सत्ता पार्टी के मंत्रियों को लोकसभा स्पीकर के चेंबर में हुई बातों को सार्वजनिक रूप से सामने नहीं लाना चाहिए.” चेतावनी वाले लहजे में उन्होंने कहा कि “अगर इस तरह स्पीकर से हुई हमारी बात को सामने लाया जा रहा है तो फिर चेंबर में प्रधानमंत्री और स्पीकर के बीच क्या बात हुई है ये भी आपको बताना होगा.” गोगोई के इस बयान पर गृहमंत्री अमित शाह ग़ुस्से मे अपनी सीट से उठ गए और गोगोई से कहा, “ ये गंभीर आरोप है, आपको बताना चाहिए कि पीएम ने क्या कहा है.” प्रह्लाद जोशी ने स्पीकर से कहा, “आप स्पीकर और प्रधानमंत्री को लेकर ऐसे बेबुनियाद आरोप नहीं लगा सकते. यह एक गंभीर मामला है.” इस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने गौरव गोगोई से कहा मेरा चेंबर भी लोकसभा का हिस्सा है इसलिए ऐसे कोई बयान मत दीजिए जिसके पीछे सच्चाई ना हो. इमेज स्रोत,ANI निशिकांत दुबे का ‘बेटे और दामाद’ वाला बयान सत्ताधारी पक्ष की ओर से अविश्वास प्रस्ताव का विरोध करते हुए झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने अपने पूरे भाषण में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के विरोधाभासों पर ज़ोर दिया. उन्होंने टीएमसी, डीएमके, जेडीयू और नेशनल कॉन्फ्रेंस जैसे दलों के कांग्रेस के साथ अतीत के टकराव का विस्तार से ज़िक्र किया, उन्होंने तंज़ करते हुए कहा कि इस गठबंधन के ज़्यादातर लोग गठबंधन ‘इंडिया’ का “फुल फॉर्म नहीं बता पाएँगे”. निशिकांत दुबे ने अविश्वास प्रस्ताव को ‘ग़रीब के बेटे’ और ‘लोगों के लिए घर बनाने वाले’ व्यक्ति पर हमला बताया. दुबे ने सोनिया गांधी का नाम लेकर उनके बेटे और दामाद का ज़िक्र किया, उन्होंने अपने भाषण में कई बार ‘दामाद’ शब्द का प्रयोग किया जिस पर विपक्ष ने कई बार विरोध किया, उन्होंने कहा कि किसी का भी दामाद … Read more

जबलपुर मे है स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल.. अनुराग तिवारी

मध्य प्रदेश जबलपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रदेश सरकार बिलकुल ही उदासीन है । प्रदेश शासन के द्वारा जबलपुर जैसे 28 लाख की आबादी वाले शहर में जिला मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ संजय मिश्रा जी को पदस्थ करके रखा गया है जो की नियमित पदस्थापना नहीं है । यह की बड़े अचरज की बात है की , जबलपुर में लगातार स्वास्थ्य विभाग की अनियमितताओं के कारण मेडिकल सिंडीकेट के खासम खास एवम जबलपुर के एक माननीय के वरद हस्त के कारण , डॉ संजय मिश्रा जी को हर प्रकार से संरक्षित किया जा रहा है । इससे बड़ी बात ये है की , डॉ संजय मिश्रा को उपकृत करने स्वास्थ्य माफिया के द्वारा ज्वाइंट डायरेक्टर स्वास्थ्य सेवाएं जबलपुर का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है । जबलपुर के स्वास्थ्य विभाग के इतिहास में सबसे बड़ा घोटाला “आयुष्मान भारत योजना का घोटाला ” में ऐसे पहली बार हुआ की जिस अधिकारी डॉ संजय मिश्रा एवम “आयुष्मान भारत ” के मैनेजर भुवनेश साहू की देखरेख में सारा घोटाला हुआ फर्जी बिल पास हुए अस्पताल संचालकों को जेल भेजा गया वो दोनो अधिकारियों को आरोपी नही बनाया गया । युवा क्रांति के अनुराग तिवारी ने बताया की युवा क्रांति द्वारा दोनो अधिकारियों की इस घोटाले में भूमिका की जांच के लिए एक आवेदन एस आई टी को सौंपा जाएगा साथ ही दोनो अधिकारियों की संपत्ति की जांच का आवेदन लोकायुक्त महोदय मध्य प्रदेश को सौंपा जाएगा । ज्ञात हो कि स्वास्थ्य विभाग के अंदरूनी सूत्रों ने जानकारी दी है की दोनो अधिकारी जबलपुर से संचालित एक हॉस्पिटल सिंडीकेट के कमाऊ पूत है और दोनो ने अनुपातहीन संपत्ति अर्जित कर के रखी हुई है । दोनो के द्वारा सिडीकेट के इशारे पर छोटे अस्पताल संचालकों को इरादतन परेशान किया जा रहा है । साथ ही नए अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन के लिए भी अनाप शनाप मांग की जा रही है । डॉ संजय मिश्रा जानबूझकर भोपाल अग्रेषित किए जाने वाले सारे दस्तावेज भेजने में आनाकानी कर रहे इस गोरखधंधे में दोनो तरफ से भ्रष्टाचार किए जाने की आशंका भी व्यक्त की जा रही है । आज दिनांक 7 अगस्त 2023 को युवा क्रांति का एक डेलिगेशन भोपाल में इस प्रकरण की सघन जांच के लिए ज्ञापन भी सौंपा है

सर्वोच्च न्यायालय से राहुल गाँधी को सुप्रीम राहत..

मोदी सरनेम केस में सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को बड़ी राहत देते हुए गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए सजा पर रोक लगा दी है. अब राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल होगी. सुप्रीम कोर्ट ने अपील लंबित रहने तक सजा पर रोक लगाई है. कोर्ट ने कहा कि राहुल गांधी को मैक्सिम दो साल की सजा दी गई. निचली अदालत ने ये कारण नहीं दिए कि क्यों पूरे दो साल की सजा दी गई. हाईकोर्ट ने भी इस पर पूरी तरह विचार नहीं किया. सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही ये भी कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी गुड टेस्ट में नहीं थी. पब्लिक लाइफ में इस पर सतर्क रहना चाहिए. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के फैसले दिलचस्प बताया था. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा है कि हाईकोर्ट का फैसला बेहद दिलचस्प है. इस फैसले में ये बताया गया है कि आखिर एक सांसद को कैसे बर्ताव करना चाहिए. कोर्ट में सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए.

Yogi on I.N.D.I.A: विपक्षी एकता को CM योगी ने बताया डॉट-डॉट ग्रुप, कहा- चोला बदलकर कर्मों से मुक्ति नहीं मिलती

नई दिल्ली, एजेंसी। CM Yogi on Opposition INDIA विपक्षी पार्टियों का गुट ‘इंडिया’ 2024 के लोकसभा चुनाव को साधने में जुटा है। विपक्षी नेता विभिन्न मुद्दों पर साथ आते भी दिख रहे हैं और केंद्र को घेर रहे हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने ‘इंडिया’ गठबंधन पर निशाना साधा है। Play Unmute Loaded: 9.02% Remaining Time -10:09 चोला बदलने से कर्म नहीं छुपते सीएम योगी आदित्यानाथ ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि इंडिया ग्रुप एक डॉट-डॉट ग्रुप है। उन्होंने कहा कि कोई भी अगर चोला बदल ले तो उसको अपने पिछले कर्मों से मुक्ति नहीं मिलती है। ज्ञानवापी मामले में दो-टूक योगी ने ज्ञानवापी मामले में दो टूक जवाब द‍िया है। उन्‍होंने काशी विश्वनाथ मंद‍िर पर बोलते हुए कहा कि अगर उसे मस्‍ज‍िद कहेंगे तो फ‍िर व‍िवाद होगा। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि परिसर की दीवारें च‍िल्‍ला च‍िल्‍लाकर अपना सबूत दे रही है। सीएम ने आगे कहा कि त्र‍िशूल मंद‍िर के अंदर मिलना क्या दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वहां ज्योतिर्लिंग हैं, देव प्रत‍िमायें हैं। हर चीज सच बता रही हैं। एतिहासिक गलती माने मुस्लिम समाज योगी ने आगे कहा, मुझे लगता है कि मुस्‍ल‍िम समाज एक प्रस्ताव लाए कि इस मामले में एत‍िहास‍िक गलती हुई है। इसके लिए हम चाहते हैं समाधान हो। ज्ञानवापी केस क्या है? काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारियों के वंशजों ने 1991 में इस मामले को सामने लाया था। उन्होंने जिला अदालत में एक याचिका डाली थी, कि ज्ञानवापी परिसर का निर्माण मुगल सम्राट औरंगजेब के आदेश पर भगवान विश्वेश्वर मंदिर को नष्ट करने के बाद किया गया था। उन्होंने दावा किया था कि ये मस्जिद नहीं, बल्कि मंदिर था।

इमरान खान के सांसद की उम्र 49 साल, 18 वर्षीय युवती से रचाई शादी

इस्लामाबाद। पाकिस्तान (Pakistan) में इमरान खान (Imran Khan) की पार्टी पीटीआई के सांसद और पॉपुलर टेलीविजन होस्ट डॉ आमिर लियाकत हुसैन (Dr Aamir Liaquat Hussain) ने 18 वर्षीय लड़की के साथ तीसरी बार शादी रचा ली है. 49 वर्षीय हुसैन ने 18 वर्षीय सईदा दानिया शाह (Syeda Dania Shah) से बुधवार को निकाह किया. इमरान की सत्ताधारी पार्टी के सांसद की इस शादी को लेकर पड़ोसी मुल्क में खूब चर्चा हो रही है. यहां गौर करने वाली बात ये है कि जिस दिन आमिर ने शादी रचाई, उसी दिन पाकिस्तानी सांसद ने अपनी दूसरी पत्नी को तलाक भी दिया था. डॉ आमिर लियाकत हुसैन ने इंस्टाग्राम पर अपनी नई पत्नी को लेकर लिखा, ‘पिछली रात 18 साल की सईदा दानिया शाह के साथ शादी रचाई है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘वह दक्षिण पंजाब के लोधरण के एक सम्मानीय नजीब उत तरफैन सादात परिवार से ताल्लुक रखती हैं.’ पाकिस्तान सांसद ने अपने पोस्ट में अपनी तीसरी पत्नी के तारीफों के पुल बांधें. उन्होंने आगे कहा, ‘सईदा बेहद प्यारी, खूबसूरत, सिंपल और डार्लिंग हैं. मैं अपने सभी शुभचिंतकों से निवेदन करना चाहूंगा कि वो हमारे लिए दुआ करें. मैंने अभी-अभी जिंदगी के बुरे समय को पीछे छोड़ा है. वो गलत फैसला था.’ आमिर लियाकत हुसैन की दूसरी पत्नी ने क्या कहा? महीनों की अटकलों के बाद बुधवार को इमरान की पार्टी के सांसद की दूसरी पत्नी और अभिनेत्री तुबा आमिर ने पुष्टि की कि उन्होंने हुसैन से तलाक लेने का फैसला किया है. इसके लिए अर्जी डाल दी गई है. इंस्टाग्राम पर एक बयान साझा करते हुए तुबा ने खुलासा किया दोनों लोग 14 महीने पहले ही अलग हो चुके हैं. सुलह की कोई उम्मीद नहीं होने का हवाला देते हुए तुबा ने आगे कहा कि उन्होंने अदालत से तलाक लेने का विकल्प चुना है. तुबा आमिर ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘बहुत भारी मन से मैं आप सभी लोगों को मेरे जीवन में हो रही घटनाओं के बारे में बताना चाहती हूं. मेरे करीबी परिवार और दोस्तों को पता है कि 14 महीने पहले अलग होने के बाद यह स्पष्ट हो गया था कि हमारे बीच सुलह की कोई उम्मीद नहीं थी. इसलिए मैंने अदालत से तलाक को लेने का विकल्प चुना.’ उन्होंने बयान में आगे कहा गया, ‘मैं यह बता नहीं कर सकती हूं कि ये कितना कठिन रहा है, लेकिन मुझे अल्लाह और उसके प्लान पर भरोसा है. मैं सभी से अपील करूंगी कि इस कठिन समय में मेरे फैसले का सम्मान किया जाए.’

कालीचरण 2 दिन की रिमांड पर, कोर्ट के बाहर जमकर हुआ हंगामा

रायपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को अपशब्द कहने वाले कालीचरण महाराज को 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रायपुर पुलिस ने 1 जनवरी तक कालीचरण महाराज की रिमांड मांगी थी। ​​​​​कालीचरण समर्थकों को हाथ दिखाते हुए एक सेलिब्रिटी की तरह करीब 6.32 मिनट पर कोर्ट में दाखिल हुआ था। इस दौरान कोर्ट परिसर में जमकर हंगामा भी हुआ। कालीचरण की पेशी को देखते हुए पहले से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कोर्ट के अंदर 4-5 वकीलों ने कालीचरण की ओर से पक्ष रखा और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट और कई राज्यों की हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए पुलिस की कार्रवाई को गलत ठहराया। इससे पहले पुलिस ने रायपुर पुलिस लाइन में कालीचरण के सभी टेस्ट करवाए। शुगर, बीपी की रिपोर्ट के साथ-साथ कालीचरण की कोरोना जांच भी निगेटिव आई। कालीचरण ने किसी भी पुरानी बीमारी से इनकार किया। उसे जिला न्यायालय में जस्टिस चेतना ठाकुर की कोर्ट में पेश किया गया। बड़ी संख्या में लोग कोर्ट परिसर में मौजूद रहे। इस दौरान कालीचरण महाराज समर्थन में जय श्री राम और गोडसे जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए। लगभग 500 पुलिसकर्मी और अलग-अलग थानों के प्रभारी डीएसपी रैंक के अफसर कोर्ट परिसर की सुरक्षा में तैनात रहे। कालीचरण महाराज को रायपुर पुलिस ने गुरुवार तड़के मध्य प्रदेश के खजुराहो से गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ रायपुर, पुणे और अकोला में केस दर्ज किए गए थे। महात्मा गांधी के खिलाफ बयानबाजी के बाद से ही वह फरार था। मध्यप्रदेश के गृहमंत्री ने गिरफ्तारी के तरीके पर आपत्ति जताई है। हालांकि जवाब में छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने इसे नियमों के तहत एक्शन करार दिया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कालीचरण के परिवार और वकील को उसकी गिरफ्तारी की जानकारी दे दी गई। उसे जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा। रायपुर पुलिस ने उसे गुरुवार तड़के 4 बजे खजुराहो से 25 किलोमीटर दूर बागेश्वर धाम स्थित लॉज से गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि कालीचरण ने अपने छिपने के लिए एक कॉटेज भी बुक कराया था। पुलिस को देखकर अकड़ने लगा कालीचरण पुलिस जब बागेश्वर स्थित लॉज में पहुंची तो कालीचरण यहां अपने 4 चेलों के साथ आराम फरमा रहा था। अचानक पुलिस को देख कालीचरण ने बहसबाजी शुरू कर दी। रायपुर पुलिस के अफसरों ने कहा- चलना तो पड़ेगा, विरोध करने का कोई फायदा नहीं है। (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…) कालीचरण पर राजद्रोह का केस भी दर्ज रायपुर की पुलिस ने राजद्रोह की धाराएं भी इस केस में जोड़ी हैं। कालीचरण अकोला महाराष्ट्र का रहने वाला है। धर्म संसद में दिए गए विवादित बयानों को देखकर पहले धारा 294, 505(2) के तहत मामला दर्ज हुआ था। अब धारा 153 A (1)(A), 153 B (1)(A), 295 A ,505(1)(B) , 124A इन धाराओं को भी जोड़ा गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें कहा था- गांधी ने देश का सत्यानाश किया, नाथूराम गोडसे को नमस्कार रायपुर में हुई धर्म संसद के समापन के दिन शनिवार को महाराष्ट्र से आए कालीचरण ने मंच से गांधीजी के बारे में गलत बातें कहीं। उन्होंने कहा कि इस्लाम का मकसद राजनीति के जरिए राष्ट्र पर कब्जा करना है। सन् 1947 में हमने अपनी आंखों से देखा कि कैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश पर कब्जा किया गया। मोहनदास करमचंद गांधी ने उस वक्त देश का सत्यानाश किया। नमस्कार है नाथूराम गोडसे को, जिन्होंने उन्हें मार दिया। शिवराज के मंत्री बोले- एक्शन की जानकारी MP पुलिस की देनी चाहिए थी मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कालीचरण की गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर ऐतराज जताया है। उन्होंने ट्वीट किया- छत्तीसगढ़ पुलिस को अपने एक्शन की जानकारी मध्यप्रदेश पुलिस को देनी चाहिए थी। इससे इंटरस्टेट प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ है। मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ पुलिस से आपत्ति दर्ज कराएंगे। अपने बयान पर कालीचरण को पछतावा नहीं गिरफ्तारी से पहले कालीचरण का एक बयान सामने आया था। इसमें वह कह रहा है- गांधी को अपशब्द कहने के लिए मुझ पर FIR हुई है, मुझे उसका कोई पश्चाताप नहीं है। मैं गांधी से नफरत करता हूं, मेरे हृदय में गांधी के प्रति तिरस्कार है। अपने ताजा बयान में कालीचरण ने गोडसे को महात्मा बताते हुए कहा कि मैं गोडसे को कोटि-कोटि नमस्कार करता हूं उनके चरणों में मेरा साष्टांग प्रणाम है।

UP Election 2022 : बीजेपी से क्यों नाराज हैं ब्राह्मण, किसे देंगे वोट – पढ़ें विश्लेषण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में चुनावी साल है और चुनावी शोर में अब सबसे ज्यादा पूछ बहुत ही अहम माने जाने वाले बाह्मण (Brahmin) की होने लगी है. भले ही यूपी में बाह्मण सियासी तौर पर हाशिए पर हों, लेकिन हर सियासी दल ब्राह्मण को जरिए ही चुनावी वैतरणी को पार करना चाहता है. तभी तो यूपी में बीएसपी ने नारा दिया है कि ‘ब्राह्मण शंख बजाएगा और हाथी बढ़ता जाएगा’. आज यूपी में ब्राह्मणों की स्थिति भी हाथी की तरह हो गई है और किसी भी सियासी दल सत्ता में रहने के दौरान ब्राह्मण पांच साल तक उस बंधे हुए हाथी की रहते हैं, जो कुछ नहीं कर सकता है. जब चुनाव आते हैं तो ब्राह्मणों की पूजा जाती है और उसे माला पहनाई जाती है और उसे तिलक लगाकर पैर छूए जाते हैं और हर सियासी दल चाहे समाजवादी पार्टी हो या बीएसपी या फिर बीजेपी और या कांग्रेस, कहते हैं कि आपका आशीर्वाद चाहिए और सुदामा की तरह खाली हाथ रहने वाला ब्राह्मण फिर खुश होकर आशीर्वाद देकर पांच साल तक फिर खाली हाथ ही रहता है. ऐसा नहीं है कि ब्राह्मण नेता सियासी मलाई का स्वाद नहीं चखते हैं. वह सत्ता की मलाई का स्वाद चखते हैं और इसकी सियासी मलाई की जूठन भी उनके परिवार और करीबी लोगों के अलावा किसी अन्य को नसीब नहीं होती है. सच्चाई ये है कि यूपी नहीं कमोवेश देश में ब्राह्मण की यही स्थिति है. हाल ही में उत्तर प्रदेश में बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में ब्राह्मणों का सम्मेलन हुआ और इस सम्मेलन को आयोजित कराने वाले थे, समाजवादी पार्टी के नेता और पार्टी में ब्राह्मण चेहरा माने जाने वाले ओम प्रकाश बाबा दुबे. जो दावा करते हैं कि वह ब्राह्मणों को संगठित करने के लिए कार्य कर रहे हैं. काशी में हुए ब्राह्मणों के सम्मेलन में लोकहित सप्तसमिति का गठन किया गया और जल्द ही दो लाख ब्राह्मणों का ब्रहमादेश समागम महासभा करने करने का संकल्प लिया गया. लेकिन चुनावी साल में ब्राह्मण सम्मेलन को लेकर भी सवाल उठ रहे है. दूबे दावा करते हैं कि वह पिछले कुछ सालों से ब्राह्मणों को लेकर कार्य कर रहे हैं और पिछले दो साल से उन्होंने ब्राह्मण समाज के उत्थान और सामाजिक और राजनैतिक तौर पर उसे मजबूत करने के लिए अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. इस बात को नकारा नहीं जा सकता है कि समाजवादी पार्टी में ब्राह्मण नेताओं की वो पूछ नहीं जो यादव और मुस्लिमों की है. दुबे साफगोई से कहते हैं कि जो कार्य वह कर रहे हैं उसमें राजनीति भी है. क्योंकि राजनैतिक ताकत के बगैर कुछ हासिल नहीं किया जासकता है. जबकि अन्य सियासी दलों के नेता इस बात को स्वीकार नहीं करते हैं कि ब्राह्मणों को लेकर राजनीति की जा रही है. दुबे कहते हैं कि यूपी में ब्राह्मण वोट बैंक 18 से 20 फीसदी है. भले ही आंकड़े यूपी में 9 से 11 फीसदी बताते हों. लिहाजा आज के समय में ब्राह्मणों को एकजुटकर अपनी ताकत का अहसास करना चाहिए. अगर हम एसपी की बात करें तो 2012 के चुनाव में भी पार्टी को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए भगवान परशुराम जी की प्रतिमा स्थापित करने का वादा किया था. लेकिन करीब एक दशक बीतने, और चुनाव की दस्तक के बाद एसपी को अपना वादा फिर याद आया है. ब्राह्मणों को साधने को बीजेपी भी हुई एक्टिव वहीं यूपी में बीजेपी भी ब्राह्मण वोट बैंक को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए एक्टिव हो गई है. बीजेपी ने पिछले दिनों राज्य के बीजेपी के बड़े ब्राह्मण नेताओं को बुलाया और राज्य में बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाने को कहा. बीजेपी का दावा है कि ब्राह्मण उससे नाराज नहीं है. जबकि विपक्षी दल कहते हैं कि यूपी में पिछले पांच साल में बीजेपी ने ब्राहामणों के लिए कुछ नहीं किया. हालांकि विपक्ष के तर्कों में ज्यादा दम भी नहीं दिखता है. क्योंकि 2017 के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा ब्राह्मण बीजेपी के टिकट पर जीत कर आए और बीजेपी ने ही सबसे ज्यादा ब्राह्मणों को टिकट दिए. एसपी परशुराम जी के जरिए ब्राह्मणों को साधने में जुटी राज्य में समाजवादी पार्टी में कई बाह्मण नेता शामिल हो चुके हैं. पिछले दिनों ही गणेश शंकर पांडे और विनय शंकर तिवारी समेत कई नेता शामिल हुए हैं. जबकि पार्टी में ही कई बड़े ब्राह्मण नेता है. एसपी के ब्राह्मणों को जोड़ने ने रायबरेली से पार्टी के एकमात्र विधायक मनोज पांडे काफी दिनों से कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं. वहीं पार्टी यूपी के सभी शहरों में भगवान परशुराम की मूर्ति को स्थापित कर रही है. ताकि 2012 की तरह ब्राह्मणों के आशीर्वाद के जरिए फिर से सत्ता पर काबिज हुआ जा सके. हालांकि राज्य में परशुराम जी की प्रतिमा स्थापित करने का वादा समाजवादी पार्टी ने ब्राह्मण समाज से किया था. ब्राह्मण सम्मेलनों से बीएसपी को उम्मीद वहीं अगर बीएसपी की बात करें तो बीएसपी चीफ मायावती ने पार्टी के ब्राह्मण नेता माने जाने वाले सतीश चंद्र मिश्रा को आगे किया. अगर बीएसपी की पिछली सरकार की बात करें तो सतीश चंद्र मिश्रा पार्टी में मजबूत माने जाते थे और समय के साथ वह पार्टी में और ज्यादा मजबूत होते गए. हालांकि परिवारवाद को लेकर मिश्रा पर आरोप लगते आए हैं. चुनाव को देखते हुए सतीश चंद्र मिश्रा राज्य में ब्राह्मण सम्मेलन करा रहे हैं और ब्राह्मणों को झुकाव बीएसपी की तरफ करने का दावा कर रहे हैं. बीएसपी को इस बार अपने दलित और ब्राह्मण समीकरण पर उम्मीद है. प्रियंका कर रही हैं मंदिर दर्शन कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी मंदिरों के दर्शन कर ब्राह्मणों को साधने की कोशिश कर रही है. ये तो समय ही बताएगा कि प्रियंका गांधी के प्रयास कितने सफल होंगे. लेकिन पार्टी दावा कर रही है कि ब्राह्मण एक बार फिर कांग्रेस में आएगा क्योंकि ये कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक हैं और यूपी में कांग्रेस ने ही छह सीएम ब्राह्मण समाज से दिए हैं. हालांकि सच्चाई ये है कि पिछले दिनों कांग्रेस को छोड़ने वाले ज्यादातर नेता ब्राह्मण समाज के ही हैं. यूपी में 2017 में जीते से 58 ब्राह्मण विधायक अगर आंकड़ों की बात करें तो 2017 के विधानसभा में यूपी में … Read more

जनविश्वास यात्रा की जनसभा में BJP नेताओं के बीच चले लात-घूंसे

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) को लेकर सरगर्मी तेज हैं. ऐसे में सियासी दल एक दूसरे पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं. लेकिन इस बीच कन्नौज (Kannauj) में बीजेपी की जनविश्वास यात्रा (BJP Jan Vishwas Yatra) के दौरान पार्टी के कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए. माहौल ऐसा गरमाया कि देखते ही देखते भाजपा नेताओं के समर्थकों में लात-घूंसे चलने लगे. दरअसल बुधवार को कन्नौज के छिबरामऊ स्थित कॉलेज में भाजपा की ‘जन विश्वास यात्रा’ की जनसभा आयोजित की गई थी. आजतक ऑनलाइन मीडिया के मुताबिक इसी दौरान वर्तमान विधायक अर्चना पांडे और बीजेपी जिला उपाध्यक्ष के समर्थकों में मंच पर बैठने को लेकर विवाद हो गया. अर्चना पांडे के समर्थकों पर बीजेपी जिला उपाध्यक्ष और उनके समर्थकों पर हमला करने का आरोप है. कार्यकर्ताओं में गाली-गलौज के साथ शुरू हुई हाथापाई मामले ने इतना तूल पकड़ गया, कि गाली-गलौज के साथ हाथापाई भी शुरू हो गई. लोगों के मुताबिक दोनों गुटों के नेता पार्टी से टिकट की जुगत में लगे हैं. इस वजह से मनमुटाव चल रहा है. मंच से ही जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत ने कार्यकर्ताओं को फटकार लगाई. सांसद सुब्रत पाठक ने भी समझाकर शांत कराया. जन विश्वास यात्रा में ऊर्जा मंत्री ने विपक्ष पर बोला हमला भाजपा की ‘जन विश्वास यात्रा’ को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा इत्रनगरी कन्नौज पहुंचे थे. इस दौरान ऊर्जा मंत्री ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला. ऊर्जा मंत्री ने कहा- 2017 में जो मैनोफेस्ट्रो जारी किया था, लगभग लगभग पूरे मैनोफोस्ट्रो पर सरकार ने काम किया है. कहा- राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे, लेकिन तारीख नहीं बताएंगे. ऐसा सवाल अखिलेश एंड कंपनी करती थी. मंत्री ने आगे कहा कि आज अयोध्या में मंदिर बन रहा है. सांस्कृति राष्ट्रवाद, देश की सुरक्षा व गरीब कल्याण की योजनाएं हमारे कुछ मुद्दे हैं, जिन हम खरे उतरे हैं. कहा- हम सौभाग्यशाली हैं हमारे भगवान राम हैं, भगवान श्रीकृष्ण हैं, हमारे साथ बाबा विश्वनाथ भी हैं. हमारी सरकार चौमुखी विकास कर रही है. दीवारों से रुपए निकल रहे हैं. इसीलिए कुछ लोग नोटबंदी का विरोध कर रहे थे.

NCP चीफ शरद पवार ने की पीएम मोदी की तारीफ, बोले – पीएम मोदी की प्रशासन पर अच्छी पकड़ है

मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के चीफ शरद पवार (NCP Chief Sharad Pawar) ने पीएम मोदी नरेंद्र मोदी (PM Modi) की जमकर तारिफ की है. मुंबई में बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम में एनसीपी चीफ ने कहा कि पीएम मोदी की प्रशासन (Administration) पर अच्छी पकड़ है. यही उनका पक्ष काफी मजबूत करता है. शरद पवार ने कहा कि पीएम के कामकाज की शैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक बार जब कोई कार्य करते हैं तो वो इसे पूरा करना सुनिश्चित करते हैं. पवार ने कहा कि मोदी बहुत प्रयास करते हैं और काम पूरा करने के लिए पर्याप्त समय देते हैं. उन्होंने कहा कि मोदी का स्वभाव ऐसा है कि एक बार जब वो किसी भी कार्य को हाथ में लेते हैं, तो वो ये सुनिश्चित करेंगे कि जब तक वो अपने निष्कर्ष पर नहीं पहुंच जाता, तक तक वो नहीं रुकेगा. सहयोगियों को साथ ले जाने का एक अलग तरीका एनसीपी चीफ ने आगे कहा कि पीएम इस बात पर भी जोर देते हैं कि उनकी सरकार की नीतियों के प्रभावी कार्यान्यवयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और उनके सहयोगी एक साथ कैसे आ सकते हैं. मोदी के पास अपने सहयोगियों को साथ ले जाने का एक अलग तरीका है और वो शैली मनमोहन सिंह जैसे पूर्व प्रधानमंत्रियों में नहीं थी. पवार ने कहा कि मेरी और तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह की राय थी कि तत्कालीन गुजरात के सीएम मोदी के खिलाफ प्रतिशोध की राजनीति नहीं की जानी चाहिए. पवार ने कहा कि जब मोदी गुजरात के सीएम थे, मैं केंद्र में था. जब पीएम सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाते थे, तब मोदी बीजेपी शासित राज्यों के सीएम के एक समूह का नेतृत्व करते थे और केंद्र पर हमला करते थे. मोदी लगातार सरकार पर हमला करते थे उन्होंने कहा कि तो ऐसी स्थिति में मोदी को कैसे जवाब दिया जाए, इस पर रणनीति बनाई जाती थी. मेरे अलावा यूपीए सरकार में कोई अन्य मंत्री नहीं था जो मोदी से बातचीत कर सके क्यों कि वो मनमोहन सिंह सरकार पर लगातार हमला करते थे. राज्यसभा सांसद ने कहा कि यूपीए की आंतरिक बैठकों मे वह उपस्थित सभी लोगों से कहते थे कि भले ही उनके और मोदी और उनकी पार्टी भाजपा के बीच मतभेद हों, किसी को ये नहीं भूलना चाहिए कि वो सीएम थे. उन्होंने कहा कि मैं बैठकों में कहा करता था कि हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि वो एक राज्य के सीएम हैं और लोगों ने उन्हें जनादेश दिया है, अगर वो यहां मुद्दों के साथ आ रहे हैं, तो ये सुनिश्चित करना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है कि मतभेदों का समाधान हो और हित उनके राज्य के लोग प्रभावित नहीं है. उन्होंने कहा कि तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह ने उनकी राय का समर्थन किया.

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