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जब जीवन दे इम्तिहान—ऋण, रोग और शत्रु से बचने के चाणक्य नीति के 10 अमोघ उपाय

लाइफ में सक्सेज के साथ जीना बहुत ही मुश्किल होता है। कई बार हमें असफलता, निराशा और लोगों के विरोध का सामना करना पड़ता है। कुछ मौके ऐसे आते हैं जब लोग बिना अपने विवेक का इस्तेमाल किए बड़ी मुसीबत में फंस जाते हैं। उन सारी समस्याओं से निकलने के लिए बड़ों की बातों पर अमल करना जरूरी है। जैसे चाणक्य नीति में कही गई ये 10 बातें, जो आपको लाइफ में केवल सक्सेज नहीं देंगी बल्कि दुश्मनों से बचने और सही-गलत के पहचान का फर्क भी सिखाएगी। चाणक्य नीति की ये बात बहुत ही काम की है। अगर जीवन में सफलता और सुकून चाहिए तो कर्ज नहीं रखना चाहिए। शरीर के रोग को जड़ से खत्म करने का प्रयास करना चाहिए। नहीं तो ये बड़े दुख देते हैं। वन की अग्नि चन्दन की लकड़ी को भी जला देती है इसका मतलब है कि अगर आप गलत और नीच प्रवृत्ति का इंसान किसी का भी बुरा कर सकता है। जैसे जंगल की आग चंदन की लकड़ी को भी नहीं छोड़ती। आपातकाल में स्नेह करने वाला ही मित्र होता है मुसीबत के समय जो आपके साथ बना रहे वहीं सच्चा दोस्त होता है। ऐसे इंसान की परख जरूर करनी चाहिए। जो धैर्यवान नहीं है, उसका न वर्तमान है न भविष्य इंसान को धैर्य रखना जरूर आना चाहिए। तभी आप लाइफ में सक्सेजफुल बनेंगे। एक बिगड़ैल गाय सौ कुत्तों से ज्यादा श्रेष्ठ है। कहने का मतलब है कि सौ चापलूसी करने वाले लोगों से भला एक विपरीत स्वभाव का हितैषी है। कल के मोर से आज का कबूतर भला चाणक्य की नीति उन लोगों के लिए है जो कल के बेहतर में अपने आज को गंवा देते हैं। मतलब संतोष सबसे बड़ा धन है। आज जो भी है उसमे संतोष करना सीखें। कल क्या होगा इसके चक्कर में आज के पल को खराब ना करें। आग सिर में स्थापित करने पर भी जलाती है चाणक्य की ये नीति सिखाती है कि आप दुष्ट इंसान को कितना भी सम्मान देंगे वो आपका अहित ही करेगा। जैसे आग को सिर पर रखने पर भी वो जलाने का काम ही करेगी। भूख के समान कोई दूसरा शत्रु नहीं है चाणक्य नीति की इस लाइन का मतलब है कि भूख से बेबस होकर इंसान बड़े से बड़ा पाप कर सकता है। भूखा इंसान खुद का और दूसरों का सबसे बड़ा दुश्मन हो सकता है। विद्या ही निर्धन का धन है अगर आप गरीब हैं और पैसे कमाना चाहते हैं तो आपकी जानकारी और ज्ञान ही इस काम में सबसे ज्यादा मदद करेगी। इसलिए खुद को काबिल बनाने के लिए पढ़ना जरूरी है। संकट में बुद्धि ही काम आती है चाणक्य नीति में लिखी ये बात सिखाती है कि मुसीबत के समय सबसे पहले अपनी बुद्धि और विवेक पर भरोसा करें। बुद्धि की मदद से ही आप मुसीबत से बाहर निकल सकते हैं।  

मेडिकल ब्रेकथ्रू: AIIMS दिल्ली ने स्ट्रोक इलाज को बनाया आसान और सस्ता

नई दिल्ली भारत में आज स्ट्रोक एक गंभीर और तेजी से बढ़ती हुई स्वास्थ्य समस्या बन चुका है. बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ता स्ट्रेस, गलत खान-पान और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण स्ट्रोक के मामले हर साल लगातार बढ़ रहे हैं. हालात इतने गंभीर हैं कि हर साल लाखों भारतीय स्ट्रोक का शिकार होते हैं, जिनमें से कई लोगों की जान चली जाती है. जेरोधा के को-फाउंडर नितिन कामथ और एक्टर मिथुन चक्रवर्ती, हाल के कुछ सालों में कई जानी-मानी हस्तियां स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारी का सामना कर चुकी हैं. इससे साफ है कि यह बीमारी अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. स्ट्रोक के बाद कई मरीजों में शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या लकवा, बोलने-समझने में परेशानी, चलने-फिरने में दिक्कत और रोजमर्रा के कामों में दूसरों पर निर्भरता बढ़ जाती है.  AIIMS की नई स्टडी से नई उम्मीद ऐसे में AIIMS दिल्ली की एक नई स्टडी स्ट्रोक के मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है. इस स्टडी के अनुसार, रोजाना सिर्फ 30 मिनट धूप में समय बिताना स्ट्रोक से उबर रहे मरीजों की रिकवरी, नींद और मूड में सुधार कर सकता है. वो भी बिना किसी अधिक खर्च के… एम्स की यह स्टडी नवंबर 2023 से अप्रैल 2025 के बीच की गई और इसे संस्थान के पांचवें रिसर्च डे पर पेश किया गया. इसमें पाया गया कि जिन स्ट्रोक मरीजों को नियमित इलाज और फिजियोथेरेपी के साथ सनलाइट थेरेपी दी गई, उनकी जिंदगी की गुणवत्ता उन मरीजों की तुलना में काफी बेहतर रही जिन्हें केवल सामान्य इलाज दिया गया.  कैसे की गई स्टडी? इस स्टडी में 18 से 80 वर्ष के उन मरीजों को शामिल किया गया, जिन्हें पिछले एक महीने के अंदर मिडियम लेवल का स्ट्रोक हुआ था.     200 से ज्यादा मरीजों की स्क्रीनिंग के बाद 40 मरीजों को चुना गया और फिर उन्हें दो ग्रुप में बांटा गया.      पहला ग्रुप सिर्फ स्टैंडर्ड मेडिकल ट्रीटमेंट और रिहैबिलिटेशन और दूसरा ग्रुप स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट और करीब दो हफ्तों तक हर दूसरे दिन 30 मिनट धूप में बैठना.      धूप की तीव्रता 10,000 से 25,000 लक्स के बीच रखी गई, जो हल्की आउटडोर डे-लाइट के बराबर होती है. सुरक्षा के लिए लक्स मीटर से लगातार निगरानी की गई.     तीन महीने तक मरीजों की शारीरिक क्षमता, मूड, नींद, रोजाना के काम करने की शक्ति और ओवरऑल वेल-बीइंग को देखा गया. स्टडी का नतीजा क्या हुआ? डॉक्टरों के मुताबिक, सनलाइट थेरेपी लेने वाले मरीजों में नींद की क्वालिटी  बेहतर हुई. नींद के साथ मूड और मानसिक स्थिति में सुधार देखा गया और खुद रोजाना के काम में आत्मनिर्भरता बढ़ी. एक्सपर्ट्स का मानना है कि धूप शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक को ठीक करती है, विटामिन D बढ़ाने में मदद करती है और सूजन को कम कर सकती है, जो स्ट्रोक रिकवरी में अहम रोल निभाते हैं.  भारतीयों के लिए क्यों है खास? भारत में स्ट्रोक रिकवरी एक लंबा और महंगा प्रोसेस माना जाता है, जिसकी वजह से कई बार लोग इसको अफोर्ड नहीं कर पाते हैं. कई मरीजों को लंबे समय तक फिजियोथेरेपी और देखभाल की जरूरत होती है, जो हर किसी के लिए पॉसिबल नहीं. ऐसे में 30 मिनट की धूप जैसी फ्री, सुरक्षित और आसानी से मौजूद थेरेपी खासतौर पर गांव के इलाकों और घर पर रिकवरी कर रहे मरीजों के लिए बेहद  उपयोगी हो सकती है. हालांकि स्टडी का सैंपल साइज छोटा था और यह एक ही सेंटर पर की गई, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि अगर आगे बड़े लेवल पर इस पर रिसर्च होती है, तो सनलाइट थेरेपी पोस्ट-स्ट्रोक केयर का अहम हिस्सा बन सकती है. स्ट्रोक पर क्या कहते हैं ICMR के आंकड़े ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज के आंकड़ों के अनुसार, साल 2021 में भारत में करीब 12 लाख नए स्ट्रोक के मामले सामने आए. इतना ही नहीं, लगभग 94 लाख लोग ऐसे थे जो स्ट्रोक के बाद इसके लंबे समय तक रहने वाले असर जैसे कमजोरी, बोलने में दिक्कत या याददाश्त की समस्या से जूझ रहे थे. ICMR के 2021 के आंकड़े बताते हैं कि भारत में स्ट्रोक आज मौत का तीसरा सबसे बड़ा कारण बन चुका है. यह डिसेबिलिटी की छठी सबसे बड़ी वजह भी है, यानी बड़ी संख्या में लोग स्ट्रोक के बाद नॉर्मल जिंदगी नहीं जी पाते हैं. 2023 में लैंसेट जर्नल में पब्लिश एक स्टडी, जो भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के साथ की गई थी. उस रिपोर्ट के मुताबिक, अगर हालात नहीं सुधरे तो साल 2050 तक कम और मिडियम इनकम वाले देशों में करीब 1 करोड़ लोगों की मौत स्ट्रोक की वजह से हो सकती है, और इस खतरे से भारत भी बाहर नहीं है.

पानी के बाद अब सब्जियों में भी जहर! प्रदूषण बोर्ड का खुलासा; हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी रिपोर्ट

After water, now vegetables are also poisoned! Pollution Board reveals; High Court asks government for report सार मप्र हाईकोर्ट में प्रदूषण नियंत्रण मंडल की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि जबलपुर के नालों का पानी सीवेज से अत्यंत दूषित है। इस पानी से उगाई जा रही सब्जियां मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं। युगलपीठ ने सरकार को तत्काल कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। विस्तार हाईकोर्ट में मप्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल की तरफ से तरफ से पेश की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि नाले के दूषित पानी से उगाई जाने वाली सब्जी मानव जीवन के लिए खतरनाक हैं। शहर के लगभग सभी नालों के पानी में भारी मात्रा में सीवेज मिलता है। जिस कारण वह अत्यंत दूषित हो गया है और उसका उपयोग निस्तार और सिंचाई के लिए किया जाना मानव जीवन के लिए खतरनाक है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सरकार को निर्देशित किया है कि प्रदूषण बोर्ड के सुझावों पर तत्काल अमल करते हुए रिपोर्ट पेश करें। याचिका पर अगली सुनवाई 2 फरवरी को नियत की गई है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को एक विधि छात्र के द्वारा पत्र लिखकर बताया गया था कि जबलपुर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को नाले के दूषित पानी का उपयोग की सब्जी की खेती होती है। ऐसी सब्जी का उपयोग मानव जीवन के लिए खतरनाक है। चीफ जस्टिस ने पत्र की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में करने के आदेश जारी किये थे। युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी करते हुए मप्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल नाले की पानी की जांच कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किये थे। याचिका की सुनवाई के दौरान बुधवार को पेश की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर कृषि अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी और प्रदूषण बोर्ड की संयुक्त टीम ने 23 नवंबर 2025 को ओमती नाला, मोती नाला , खूनी नाला, उदरना नाला सहित अन्य नालों से पानी का सैंपल लेकर जांच की थी। जांच के बाद इनके पानी में बीओडी, टोटल कोलीफार्म या फेकल कोलीफॉर्म की मात्रा निर्धारित मानक सीमा से अधिक है। नमूना रिपोर्ट और जांच से स्पष्ट है कि यह अनुपचारित सीवर का जल है जो पीने, नहाने या खेती सहित किसी भी अन्य उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया था कि जबलपुर में 174 मेगा लीटर प्रतिदिन वेस्ट वॉटर नालों में जाता है, जिसमें से नगर निगम द्वारा 13 सीवेज प्लांट्स के जरिए केवल 58 मेगालीटर प्रतिदिन पानी का ट्रीटमेंट किया जाता है। यह पानी नर्मदा तथा हिरन नदी में मिलाया जाता है। प्लांट्स की कुल क्षमता 154.38 मेगा लीटर प्रतिदिन की है। इसके लिए समय-समय पर करोड़ों रुपये की राशि का आवंटन भी किया गया है। हाल ही में नगर निगम जबलपुर को अमृत 2.0 सीवर योजना अंतर्गत 1202.38 करोड़ राशि स्वीकृत हुई है। पीबीसी की तरफ से नाले के पानी को दूषित होने के बचाने के लिए सुझाव भी दिये गये थे। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी किये।

बिना स्क्रीनशॉट लिए इस तरह व्हाट्सएप पर किसी भी मैसेज को करें सेव

आज यूजर्स के बीच व्हाट्सएप काफी लोकप्रिय हो चुका है। इससे टेक्सट मैसेज ही नहीं बल्कि वीडियो और वॉयस कॉलिंग भी की जा सकती है। किसी को फोटो भेजने से लेकर वीडियो और अहम डॉक्यूमेंट भेजने तक यूजर्स इससे कई काम आसानी से कर सकते हैं। पिछले वर्ष एफ8 डेवलपर कॉन्फ्रेंस में फेसबुक ने बताया था कि व्हाट्सएप यूजर रोजाना 65 बिलियन मेसेज भेजते हैं और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। कई बार ऐसा होता है कि हम किसी से कोई चैट करते हैं तो उसे सेव करना चाहते हैं जिसके लिए हम स्क्रीनशॉट ले लेते हैं। हालांकि, इसका एक तरीका और है जिसके जरिए आप बिना स्क्रीनशॉट लिए किसी के मैसेज को सेव कर सकते हैं। इस फीचर के जरिए यूजर्स ग्रुप चैट या प्राइवेट चैट से मेसेज को बुकमार्क कर सकते हैं। इस फीचर को एंड्रॉइड, आईओएस और विंडोज यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है। एंड्रॉइड यूजर्स इस तरह कर सकते हैं मैसेज सेव: सबसे पहले आपको व्हाट्सएप ओपन करना होगा। इसके बाद जिस चैट को आप सेव करना चाहते हैं उस पर जाएं। अब उस मैसेज को सेलेक्ट करे जिसे आप बुकमार्क करना चाहते हैं। इसके लिए आपको मैसेज को टैप कर होल्ड करना होगा। अब आपकी स्क्रीन पर ऊपर की तरफ के स्टार आइकन दिखाई देगा। इस पर टैप कर दें। इससे आपका मैसेज स्टार मार्क यानी बुकमार्क हो जाएगा। आईओएस यूजर्स इस तरह कर सकते हैं मैसेज सेव: सबसे पहले व्हाट्सएप पर जाएं। इसके बाद जिस चैट को आप सेव करना चाहते हैं उसे ओपन करें। अब मैसेज को टैप कर होल्ड करें और स्टार आइकन पर क्लिक करें। इससे आपका मैसेज सेव हो जाएगा।  

तेज गर्मी में बारिश और मौसम के बदलाव से बढ़ा मलेरिया का खतरा, जानें कैसे करें बचाव

तेज गर्मी के बीच अचानक बारिश और तापमान में जल्दी-जल्दी बदलाव के कारण मलेरिया का खतरा बढ़ गया है। देश के कई हिस्सों से मलेरिया के मरीजों की रिपोर्ट सामने आ रही हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए मलेरिया बहुत खतरनाक हो सकता है। यह तो आप भी जानते हैं कि मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियां मच्छरों के काटने से फैलती हैं। मौसम में नमी और गर्मी एक साथ होने पर मच्छरों को प्रजनन के लिए अनुकूल माहौल मिलता है। वैसे भी बैक्टीरिया और जीवाणुओं के पलने के लिए बारिश का मौसम अनुकूल होता है। आइए आपको बताते हैं मलेरिया फैलने का कारण और इससे बचाव के लिए जरूरी टिप्स। 27 डिग्री सेल्सियस पर सबसे तेज फैलता है मलेरिया हाल में हुए एक शोध में बताया गया है कि आमतौर पर मच्छर जनित रोगों का खतरा 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान होने पर बढ़ जाता है, इसलिए जिन इलाकों में 25-30 डिग्री सेल्सियस तापमान है, वहां मलेरिया फैलने का ज्यादा खतरा होता है। इसके अलावा बारिश के मौसम में जगह-जगह जमा होने वाला पानी में मच्छर तेजी से प्रजनन करते हैं और आसपास के इलाकों में मलेरिया, डेंगू फैलने का कारण बनते हैं। मलेरिया के लक्षण सिद्धार्थ नगर के चिकित्साधिकारी डॉ. राम आशीष बताते हैं कि आजकल ओपीडी में रोजाना 30-40 मरीज ऐसे आते हैं जो बुखार से पीड़ित होते हैं। इनमें से कई मरीज मलेरिया टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। आमतौर पर मलेरिया होने पर बुखार आता है और शरीर में कंपकंपी होती है। डॉ. आशीष के अनुसार मलेरिया से सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित होते हैं। आजकल इमरजेन्सी वार्ड में रोजाना मलेरिया से प्रभावित 8-10 बच्चे भर्ती हो रहे हैं। टायफाइड और वायरल बुखार का खतरा डॉ. राम आशीष के अनुसार इस मौसम में टायफाइड और वायरल बुखार के मामले बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं। इसका कारण यह है कि बारिश के बाद सड़कों और जगह-जगह गंदगी बढ़ जाती है। शहरों के किनारे बसी जगहों पर जमा पानी के कारण मच्छर पनपते हैं, तो गांवों और जंगलों के आसपास के इलाकों में भी डेंगू-मलेरिया का प्रकोप बढ़ने लगता है। मलेरिया से बचाव के लिए क्या करें? अपने घर के आसपास साफ-सफाई रखें और पानी न जमा होने दें। गंदगी से मच्छर बढ़ेंगे और फिर मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां बढ़ेंगी। रात में सोते समय मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी या कॉइल, मस्कीटो रिपेलेंट का प्रयोग करें। खाने से पहले खुद भी साबुन से धोएं और बच्चों के हाथ भी धुलवाएं। बारिश के मौसम में भीगे और नम कपड़े देर तक न पहनें। खुले में बिकने वाली चीजें, बासी खाना आदि न खाएं।  

कौनसा मोबाइल कवर हैं आपके फोन के लिए सही

नई दिल्ली अपने फोन के साथ मोबाइल कवर हर कोई इस्तेमाल करता है लेकिन एक सवाल सबके मन में आता है कि क्या स्मार्टफोन के लिए महंगे कवर लेने चाहिए? दरअसल मार्केट में आपका 100 रुपये से लेकर 6000 रुपये तक के मोबाइल कवर देखने को मिल जाते हैं। ऐसे में क्या स्मार्टफोन कवर पर इतना पैसा खर्च करने का कोई मतलब बनता है? या फिर जो सस्ते कवर आमतौर पर लोग इस्तेमाल करते हैं उनसे स्मार्टफोन को कोई नुकसान होता है। इस सवाल का जवाब आज हमेशा-हमेशा के लिए जान लेते हैं। इंश्योरेंस का विकल्प हैं महंगे कवर सस्ते और महंगे कवर के बीच जो सबसे बड़ा फर्क होता है वह प्रोटेक्शन का होता है। एक महंगा कवर, सस्ते कवर के मुकाबले में और कुछ अलग भले न कर पाए लेकिन प्रोटेक्शन के मामले में काफी अच्छा होता है। इसे आप अपने फोन के लिए इंश्योरेंस का विकल्प मान सकते हैं। अगर आप अपने फोन की सुरक्षा के लिए 2 से 4 हजार का इंश्योरेंस लेते हैं, तो उसकी जगह एक अच्छे फोन कवर में इनवेस्ट करके फोन को लाइफटाइम के लिए सिक्योर कर सकते हैं। दरअसल Spigen, ESR, Ringke, Totem जैसे ब्रांड के कवर खास ड्रॉप टेस्टिंग के साथ बनाए जाते हैं। इनका इस्तेमाल करते हुए आपका फोन अगर ऊंचाई से गिर भी जाए, तो फोन खराब होने के चांस काफी कम होते हैं। मन की यह शांति आपको सस्ते कवर्स के साथ नहीं मिलती। फिटिंग और डिजाइन में बेस्ट ब्रांडेड कवर फिटिंग और डिजाइन में बेस्ट होते हैं। अगर आप एक ब्रांडेड कवर इस्तेमाल करते हैं, तो आपके फोन के किसी भी सेंसर के कवर में छिप जाने का डर नहीं रहता। इन कवर्स को फोन की हर डायमेंशन और सेंसर को ध्यान में रखकर बनाया जाता है। वहीं अगर आप एक नॉन ब्रांडेड या सस्ते कवर इस्तेमाल करते हैं, तो हो सकता है कि आपके फोन का कोई सेसंर या माइक कवर के नीचे छिप जाए और फोन की परफॉर्मेंस पर असर डाले। जैसे कि अगर आपके फोन का माइक कवर के नीचे छिपा रह जाए, तो सामने वाले तक आपकी आवाज पहुंचने में परेशानी हो सकती है। इस वजह से ब्रांडेड कवर फोन के लिए अच्छे रहते हैं। बेहतर हीट मैनेजमेंट गिरने के अलावा जिस चीज से आपके फोन को सबसे ज्यादा खतरा होता है वह है हीटिंग। जब-जब आपका फोन गर्म होता है, तब-तब उसकी बैटरी की हेल्थ पर खराब असर पड़ता है। बता दें कि फोन की हीटिंग की सबसे बड़ी वजह आपका फोन का कवर भी हो सकता है। अगर आपके फोन का कवर फोन के ऐसे हिस्सों को कवर कर देता है, जहां से फोन की हीट बाहर निकलती है, तो आपके फोन की बैटरी जल्द खराब हो सकती है। ब्रांडेड फोन कवर बनाने वाली कंपनियां इन बारीकियों का ख्याल रखती हैं। वहीं लोकल या सस्ते फोन कवर फोन में हीटिंग की बड़ी वजह साबित हो सकते हैं। कितना पैसा लगाना है सही? अब सवाल उठता है कि एक फोन कवर पर कितना पैसा खर्च किया जाना चाहिए। दरअसल मार्केट में तो 6 हजार रुपये तक के भी फोन कवर मिल जाते हैं, लेकिन इतना पैसा फोन कवर पर लगाना कहीं से भी समझदारी नहीं हो सकता। दरअसल फोन कवर पर पर कितना खर्च करना चाहिए इसका अंदाजा आप फोन के इंश्योरेंस के दाम को ध्यान में रखकर लगा सकते हैं। नए फोन का इंश्योरेंस 2 से 4 हजार रुपये में मिलता है। इसमें आपके फोन को एक साल की सुरक्षा दी जाती है। ऐसे में अगर आप फोन की लाइफटाइम सुरक्षा चाहते हैं, तो दो हजार रुपये तक ब्रांडेड कवर पर खर्च कर सकते हैं। बता दें कि अच्छे कवर 1000 रुपये तक में भी मिल जाते हैं, यह आप अपने बजट और पसंद के हिसाब से चुन सकते हैं।

दुनिया का सबसे स्लिम फोल्ड फोन जल्द आ रहा , 2 जुलाई को लॉन्च होगा, Samsung Fold 7 से होगा मुकाबला

मुंबई  फोल्ड हैंडसेट की थिकनेस एक बड़ी प्रोब्लम है, कई हैंडसेट की मोटाई तो 2 स्मार्टफोन के बराबर होती. अब Honor ने कंफर्म कर दिया है कि वह 2 जुलाई को HONOR Magic V5 लॉन्च करने जा रहा है. इस हैंडसेट को लेकर कंपनी का दावा है कि यह दुनिया का सबसे स्लिम और लाइटवेट फोल्ड स्मार्टफोन होगा. यह लॉन्चिंग चीन में होगी.  MWC Shanghai 2025 के दौरान HONOR के CEO James Li ने अपने अपकमिंग फोल्डेबल हैंडसेट की ऑफिशियल लॉन्च डेट का ऐलान कर दिया है. उन्होंने बताया है कि उनका यह हैंडसेट सबसे पावरफुल AI फोल्ड स्मार्टफोन होगा. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि यह दुनिया का सबसे स्लिम और लाइटवेट फोल्ड स्मार्टफोन होगा.  HONOR Magic V3 की थिकनेस  बताते चलें कि कंपनी की रेंज में पहले से एक स्लिम हैंडसेट मौजूद है, जिसका नाम Magic V3 है. अनफोल्ड होने पर इसकी थिकनेस 4.35mm है, वहीं फोल्ड होने के बाद इसकी थिकनेस 9.2mm की है. इसका वजन 226 ग्राम है. HONOR Magic V5 की थिकनेस पुराने वर्जन की तुलना में ज्यादा होगी.  Samsung Galaxy Z Fold7 से होगा मुकालबा  कंपनी ने बताया है कि उनके इस अपकमिंग हैंडसेट का सीधा मुकाबला Samsung Galaxy Z Fold7 से होगा, जो 8 जुलाई में लॉन्च हो सकता है. कंपनी का दावा है कि HONOR Magic V5 के अंदर पावरफुल परफोर्मेंस, बेहतरीन टेक्नोलॉजी और पोर्टेबिलिटी देखने को मिलेगी.  HONOR Magic V5 में मिलेगा ये प्रोसेसर  पुरानी रिपोर्ट्स में इस हैंडसेट की कई लीक्स सामने आ चुके हैं. Honor का अपकमिंग फोल्ड फोन Snapdragon 8 Elite के साथ लॉन्च हो सकता है. इसमें 7.95 Inch का 2K+LTPO foldable स्क्रीन मिलेगा. इसमें 50MP का रियर कैमरा और 6100mAh की बैटरी मिलेगी, जो थर्ड जेनेरेशन सिलिकन कार्बन बैटरी होगी. इसके साथ 66W का फास्ट चार्जर दिया जा सकता है. आने वाले दिनों में इस हैडंसेट को लेकर और भी डिटेल्स सामने आएंगी.  

जानलेवा हो सकता है डायरिया, जानें उल्टी-दस्त होने पर क्या करें

डायरिया या दस्त  लगना पेट की गड़बड़ी से जुड़ी एक आम समस्या  है। यह बड़ी असहज स्थिति होती है, लेकिन अगर आप अपने खानपान पर ध्या़न नहीं देंगे तो आपको यह समस्याह होती रहेगी। आमतौर पर दस्त् दो या तीन दिन में ठीक हो जाते हैं लेकिन कभी-कभी हालात खराब हो जाते हैं और डॉक्ट री देखरेख की जरूरत पड़ती है। कारण डायरिया में कहने को तो उल्टी दस्त ही होता है, लेकिन शरीर का सारा पानी निकल जाने की वजह से यह कभी-कभी जानलेवा भी हो जाता है। कमजोरी की वजह से मरीज बिस्तर पकड़ लेता है। डायरिया प्रमुख रूप से बैक्टीरिया और वायरस की वजह से होता है। इसके कई और भी कारण होते हैं- -घबराहट -संक्रमण -खानपान में बदलाव -बदहजमी -किसी दवा का साइड इफेक्ट ये हैं डायरिया के लक्षण -दस्त -उल्टी -पेट में दर्द -कमजोरी और थकान -बुखार -चक्कर आना छोटे बच्चे में डायरिया के लक्षण -बच्चे का मुंह सूख रहा हो -बच्चे का पेट, आंख और गाल सिकुड़े से हों -बच्चे ने काफी देर से पेशाब न किया हो -बुखार हो -बच्चा रो रहा हो लेकिन आंसू न निकल रहे हों क्या करें जब डायरिया हो? -डायरिया से शरीर में हुई पानी की कमी को तुरंत पूरा करना चाहिए। इसके लिए खूब पानी पिएं। -ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) लें -खाना कम खाएं -पानी/जूस पर्याप्त मात्रा में लेते रहें -अनाज खाने से बचें -फैटी, मसालेदार खाना न खाएं बचाव खाने से पहले फल और सब्जियों को अच्छे से धो लें। जितनी भूख हो उससे थोड़ा कम खाएं और साफ पानी पीएं। खुले में बिकने वाले खाने से परहेज करें। नाखून छोटे रखें और उनकी साफ-सफाई का ध्यान रखें।  

अगर आप भी चाहते हैं कि लोग आपका साथ पसंद करें, तो करें ये काम

कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें देखकर चेहरे पर मुस्कान अपने आप आ जाती है। उनके आने भर से माहौल हल्का हो जाता है, वहीं कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके साथ बैठना भी भारी लगने लगता है। इसका सिर्फ एक कारण है कि इंसान सोच, बोलने का तरीका और बरताव कैसा है। यही वह चीज है जिससे एक इंसान सबका प्रिय, तो दूसरा अप्रिय हो जाता है। अगर आप भी चाहते हैं कि लोग आपका साथ पसंद करें, आपके आने से उनके चेहरे पर मुस्कान आ जाए, तो यहां कुछ ऐसी आदतों के बारे में बताया गया है, जिन्हें अपनाकर आप भी हर किसी के अजीज बन सकते हैं। मुस्कुराकर जीतें लोगों का दिल मुस्कान एक ऐसी चीज है जो बिना कुछ कहे आपके बारे में बहुत कुछ कह जाती है। ये आत्मविश्वास, अपनापन और पॉजिटिविटी दिखाती है। जब आप मुस्कुराते हैं, तो सामने वाला व्यक्ति आपके साथ कंफर्टेबल महसूस करता है। मुस्कुराने से आपके चारों ओर एक हल्का और प्यारा सा माहौल बना देती है। जब आप मुस्कुरा कर लोगों से मिलते हैं, तो इससे ना केवल दूसरों को खुशी मिलती है, बल्कि आप खुद भी स्ट्रेस से दूर रहते है। इसलिए होठों पर एक प्यारी सी मुस्कान रखें और फिर देखें कैसे लोग खुद-ब-खुद आपकी ओर खिंचने लगेंगे। कुछ अच्छा लगे तो जरूर करें तारीफ लोगों की गलतियों पर ध्यान देने की बजाय उनकी अच्छाइयों की तारीफ करें। अगर आप हर बार किसी की गलती बताने के बजाय, उसकी सराहना करते हैं, तो लोग आपके साथ ज्यादा सहज महसूस करते हैं। जब आप दूसरों को महसूस कराते हैं कि वे खास हैं, तो वे आपको दिल से पसंद करने लगते हैं। इसके अलावा तारीफ करने की आपकी आदत रिश्तों को मजबूत बनाती है और इससे आपकी एक पॉजिटिव इमेज भी बनती है। अच्छे श्रोता बनें अधिकतर लोग बस बोलने में लगे रहते हैं, लेकिन जो व्यक्ति ध्यान से सुनता है, वो सबका दिल जीत लेता है। जब आप सामने वाले की बातों को तवज्जो देते हैं, तो वह महसूस करता है कि आप उसकी भावनाओं की कद्र कर रहे है। इसलिए किसी को बीच में टोकने की बजाय उसकी पूरी बात सुनें और आंखों में आंखें डालकर रिस्पॉन्स दें। इससे आपके व्यवहार में अपनापन झलकता है और लोग आपको एक सच्चे दोस्त के रूप में देखने लगते हैं। हल्के-फुल्के मजाक के साथ माहौल को रखें पॉजिटिव खुशमिजाज लोग अक्सर हल्के-फुल्के मजाक से माहौल को खुशनुमा बना देते हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपके आसपास पॉजिटिविटी बनी रहे और लोग आपके साथ को एंजॉय करें, तो हल्का-फुल्का मजाक का माहौल बनाकर रखें। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि कोई ऐसा मजाक ना करें जिससे किसी का अपमान हो। आपकी पॉजिटिव सोच और मजाकिया अंदाज आपको लोगों को जरूर पसंद आएगा और आपको देखकर लोगों को खुशी जरूर होगी।  

आधार कार्ड के लिए आ रहा नया ऐप, अब घर बैठे ही बदल पाएंगे मोबाइल नंबर और बहुत कुछ

नई दिल्ली चाहे कोई सरकारी काम हो या फिर प्राइवेट, आजकल भारत में सभी जगहों पर लोगों को आधार कार्ड  की जरूरत होती है। इस कारण उन्हें हर जगह अपने साथ आधार कार्ड रखना होता है। कई जगहों पर आधार कार्ड की फोटो कॉपी भी देना पड़ती है। हालांकि, जल्द एक ऐसी सुविधा आने वाली है, जिसके बाद लोगों को अपने आधार की फोटो कॉपी की जरूरत नहीं होगी। जी हां, वे आधार कार्ड की फोटोकॉपी की जगह इलेक्ट्रॉनिक आधार कार्ड शेयर कर पाएंगे। ऐसा एक नए QR Code बेस्ड ऐप के जरिए हो पाएगा। आइये, इस नए तरह के आधार कार्ड की पूरी डिटेल जानते हैं। इस नए ऐप से लोगों के कई काम आसान हो जाएंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नवंबर तक आपको अपना बायोमेट्रिक डिटेल जमा करने के अलावा, पता अपडेट करने और अन्य डिटेल जमा करने के लिए आधार सेंटर पर जाने की जरूरत नहीं होगी। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक नया प्रोटोकॉल तैयार किया है। यह जन्म प्रमाण पत्र, मैट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, पैन, पीडीएस और मनरेगा डेटाबेस से आपका पता और अन्य डिटेल ले लेगा। इससे न केवल लोगों का काम आसान होगा, बल्कि आधार बनवाने के लिए नकली दस्तावेजों के यूज होने पर भी काफी हद तक रोक लगेगा। इतना ही नहीं, UIDAI बिजली बिल डेटाबेस तक पहुंचने की कोशिश में लगा हुआ है। इससे और भी सुविधा होगी। एक रिपोर्ट के अनुसार, UIDAI के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर भुवनेश कुमार ने बताया है कि एजेंसी के द्नारा नया ऐप डेवलप किया जा रहा है और एक लाख मशीन में से लगभग 2 हजार मशीन अब नए टूल में मूव हो गई हैं। घर बैठे ही दे पाएंगे फिंगरप्रिंट अधिकारी का कहना है कि आप जल्द ही घर बैठे फिंगरप्रिंट और आईरिस देने के अलावा बाकी सभी काम कर सकेंगे। इसमें पता अपडेट करना, फोन नंबर, नाम बदलना और गलत जन्मतिथि में सुधार करना भी शामिल होगा। आधार के क्यूआर कोड बेस्ड मोबाइल-टू-मोबाइल या ऐप-टू-ऐप ट्रांसफर की सुविधा को, आधार के गलत उपयोग से रोकने के लिए जरूरी माना जा रहा है। इसका यूज कई उद्देश्यों के लिए किया जाना है, जिसमें होटलों में चेक-इन से लेकर चलती ट्रेन में आइडेंटिटी कार्ड तक, काफी कुछ शामिल है। कुमार ने कहा है कि यह आपके अपने डेटा पर अधिकतम यूजर्स कंट्रोल देता है। इसे केवल सहमति से ही शेयर किया जा सकता है। इतना ही नहीं, इसका यूज सब-रजिस्ट्रार और रजिस्ट्रार द्वारा प्रोपर्टी रजिस्ट्रेशन के समय भी किया जा सकता है। यहां अक्सर धोखाधड़ी होती है। कुमार ने कहा कि यूआईडीएआई राज्य सरकारों को प्रोपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिए आने वाले लोगों की वेरिफिकेशन करने के लिए आधार का यूज करने के लिए जागरूक कर रहा है, ताकि धोखाधड़ी को रोका जा सके।

सेल्फ कॉन्फिडेंस के लिए लाइफ से निकाल दें ये आदतें

हर इंसान में सेल्फ कॉन्फिडेंस का होना जरूरी है। ये एक ऐसी जरूरी चीज है जिसके बल पर वो दुनिया में कुछ भी हासिल कर सकता है। जिस इंसान में सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी होती है वो ज्यादातर सक्सेज नहीं पाते। अगर आपके अंदर भी सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी रहती है तो जरा इन 5 आदतों पर गौर करें। अगर ये आदते आपकी लाइफ का हिस्सा हैं तो फौरन इन्हें दूर कर दें। तभी आत्मविश्वास बढ़ पाएगा। खुद के बारे में निगेटिव सोचना अगर आप खुद के बारे में हमेशा निगेटिव बातें बोलते और सोचते हैं। खुद की कमियां निकालते हैं तो इससे आपकी सेल्फ एस्टीम प्रभावित होती है। और आपके अंदर का आत्मविश्वास कमजोर होने लगता है। आपको खुद पर विश्वास नहीं रहता कि कोई काम आप अकेले कर सकते हैं। इसलिए सेल्फ वैल्यूएशन करने और खुद को क्रिटिसाइज करने के बीच का फर्क समझकर निगेटिव सोचना बंद करें। हमेशा परफेक्ट बनने की चाह किसी भी काम में परफेक्शन अच्छी बात है लेकिन यहीं परफेक्शन की चाह कई बार आत्मविश्वास को कमजोर कर देती है। क्योंकि जरा सी कमी भी बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं और कई बार सेल्फ कॉन्फिडेंस पर निगेटिव असर पड़ता है। दूसरों से तुलना दूसरों से तुलना करना अगर आदत बन जाती है तो खुद में केवल कमियां ही कमियां नजर आती हैं। जिसकी वजह से आत्मविश्वास कमजोर होता है। नए चैलेंज एक्सेप्ट ना करना अगर आप लाइफ में आने वाले नए चैलेंज को एक्सेप्ट नहीं करते हैं तो ये आपकी ग्रोथ को रोक सकती है। क्योंकि मन में बात आती है कि मुझसे ये काम नहीं होगा, जो कि पूरी तरह से कमजोर आत्मविश्वास की निशानी है। खुद को जिम्मेदार ठहराना लाइफ में और अपने आसपास आपसे जुड़े लोगों के जीवन में हो रही किसी भी समस्या के लिए अगर आप खुद को जिम्मेदार ठहराते हैं, तो ये सेल्फ कॉन्फिडेंस को कमजोर बना देती है।  

Apple iPhone 17 की कीमत लॉन्च से पहले लीक

नई दिल्ली Apple iPhone 17 सीरीज पिछले काफी समय से चर्चा में बना हुआ है। इस सीरीज में कंपनी कई स्मार्टफोन आईफोन 17, आईफोन 17 प्रो, आईफोन 17 प्रो मैक्स और आईफोन 17 एयर लेकर आ सकती है। अभी तक कंपनी ने सीरीज की लॉन्च डेट अनाउंस नहीं की है। हालांकि, हर साल की तरह ही इस साल भी सितंबर में सीरीज को लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। लीक रिपोर्ट्स में लॉन्च से पहले ही सीरीज के स्मार्टफोन्स की डिटेल पता चल गई है। फोन्स के खास स्पेसिफिकेशन का खुलासा भी हो गया है। अब एक लेटेस्ट रिपोर्ट में आईफोन 17 की भारत समेत अन्य देशों में कीमत और लॉन्च डेट रिवील हुई है। आइये, जानें किस देश में सबसे सस्ता मिलेगा आईफोन 17। भारत में इतनी होगी आईफोन 17 की कीमत मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईफोन 17 की कीमत 89,900 रुपये से शुरू होगी। अगर ऐसा हुआ को यह आईफोन 16 से लगभग 10 हजार रुपये मंहगा होगा। अमिरका की बात करे तो फोन को 899 डॉलर में पेश किए जाने की उम्मीद है। वहीं, UAE में फोन की कीमत AED 3,799 हो सकती है। आईफोन 17 सितंबर की इस तारीख को लेगा मार्केट में एंट्री Apple के अभी तक के शेड्यूल को देखकर लग रहा है कि आईफोन 17 सीरीज 11 से 13 सितंबर, 2025 के बीच लॉन्च की जाएगी। हालांकि, ध्यान रखें कि कंपनी ने अभी लॉन्चिंग को लेकर कोई ऑफिशियल घोषणा नहीं की है। उम्मीद है कि जल्द कंपनी की ओर ने सीरीज की लॉन्चिंग को टीज किया जाना शुरू हो जाएगा। आईफोन 17 के खास स्पेसिफिकेशन लीक रिपोर्ट की मानें तो आईफोन 17 में 6.3 इंच का डिस्प्ले मिल सकता है। इसका रिफ्रेश रेट 120Hz हो सकता है। इसके अलावा, फोन में कंपनी की नई इन-हाउस चिपसेट A19 मिलने की उम्मीद है। साथ ही, आईफोन 17 को दो रैम वेरिएंट में लाया जा सकता है। फोन के बेस वेरिएंट में 8जीबी रैम और दूसरे वेरिएंट में 12जीबी रैम मिलने की उम्मीद है। स्मार्टफोन 33वॉट फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आ सकता है। इस फोन को कंपनी कैमरा अपग्रेड के साथ ला सकती है। फोन में सेल्फी और वीडियो कलिंग के लिए लिए 12 की जगह 24एमपी का मेन कैमरा मिल सकता है। इसके बैक में 48एमपी मेन कैमरा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, रियर में 12एमपी अल्ट्रा वाइड एंगल सेंसर मिल सकता है। स्मार्टफोन को एक या दो नहीं 5 कलर ऑप्शन में लॉन्च किया जा सकता है।

आधार कार्ड से जुड़ी किसी भी समस्या से निजात दिलाएगा mAadhaar ऐप

नई दिल्ली अगर आप भी आधार कार्ड से जुड़ी किसी समस्या से दो-चार हो रहे हैं, तो mAadhaar ऐप आपके लिए रामबाण इलाज साबित हो सकता है। दरअसल यह सरकारी ऐप आधार से जुड़े आपके सभी कामों को आसान बना देता है। इस ऐप की मदद से आप घर बैठे-बैठे आधार से जुड़ी कई जरूरी सेवाओं का फायदा उठा सकते हैं, जैसे कि आधार डाउनलोड करना, अपडेट की स्थिति चेक करना, या किसी डिटेल को ठीक कराना। यह ऐप न सिर्फ सुरक्षित है बल्कि इस्तेमाल में बेहद आसान भी है। चलिए जानते हैं इस ऐप के उन खास फीचर्स के बारे में जो आधार से जुड़े हर काम को आसान बना देंगे। आधार डाउनलोड करना mAadhaar ऐप से आप अपना आधार कार्ड कभी भी, कहीं भी मोबाइल पर डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए बस रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ओटीपी की जरूरत होती है। यह डिजिटल आधार पीडीएफ फॉर्म में होता है। इसे आप जरूरत पड़ने पर कहीं भी दिखा सकते हैं। पता अपडेट करना अगर आपके आधार कार्ड में पता गलत है या आपने घर बदला है, तो mAadhaar ऐप से आप अपना पता अपडेट के लिए ऑनलाइन अनुरोध कर सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ वैध एड्रेस प्रूफ की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी। अपडेट स्टेटस चेक करना आधार में किए गए किसी भी अपडेट जैसे नाम, पता या जन्मतिथि में बदलाव का स्टेटस आप इस ऐप के जरिए ट्रैक कर सकते हैं। आपको सिर्फ अपना आधार नंबर और ओटीपी दर्ज करना होगा, और कुछ ही सेकंड में अपडेट का स्टेटस सामने आ जाता है। बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक करना अगर आप अपने आधार की सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं, तो ऐप से बायोमेट्रिक डिटेल्स जैसे कि फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन को लॉक या अनलॉक कर सकते हैं। लॉक करने पर कोई भी आपकी अनुमति के बिना आधार का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। ये फीचर सुरक्षा के लिहाज से बेहतरीन है। परिवार के आधार प्रोफाइल जोड़ना इस ऐप की मदद से आप एक ही मोबाइल पर अपने परिवार के अधिकतम 3 लोगों के आधार प्रोफाइल जोड़ सकते हैं। इससे आप बच्चों, माता-पिता या जीवनसाथी के आधार से जुड़े काम भी एक जगह से कर सकते हैं। यह सुविधा खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों के लिए मददगार साबित होती है। ऐसे करें इस्तेमाल इस ऐप को इस्तेमाल करने के लिए आपको सबसे पहले Google Play Store या Apple App Store से इसे ऐप को डाउनवोड करना होगा। इसके बाद अपने रजिस्टर्ड फोन नंबर का इस्तेमाल करके आप इस ऐप में एक OTP के जरिए लॉगइन कर पाएंगे। इसके बाद आप Aadhaar से जुड़ी तमाम सर्विसेद का लाभ घर बैठे उठा सकेंगे।

6000mAh की बैटरी के साथ आज भारत में लॉन्च होगा Realme Narzo 80 Lite 5G फोन

नई दिल्ली नया स्मार्टफोन खरीदने का प्लान है, तो आपके लिए अच्छी खबर है। Realme आज भारत में अपना नया फोन Realme Narzo 80 Lite 5G फोन लॉन्च करने के लिए तैयार है। लॉन्च के बाद इसे अमेजन पर बेचा जाएगा, क्योंकि कंपनी ने फोन की माइक्रोसाइट को अमेजन पर लाइव कर दिया है। जहां कंपनी ने इसके कुछ खास फीचर्स को भी टीज किया है। कहा जा रहा है कि अपकमिंग फोन के बजट प्राइस टैग के साथ आने की उम्मीद है। कंपनी ने कंफर्म कर दिया है कि फोन में 6000mAh की बैटरी होगी और इसकी मोटाई 7.94 एमएम होगी। यह कम से कम ब्लैक और पर्पल कलर ऑप्शन में आएगा। Amazon पर कंपनी ने इसे ‘इंडिया का लॉन्ग लास्टिंग 5G बैटरी चैंपियन’ टैगलाइन के साथ टीज किया है। फोन में 6000mAh बैटरी होगी, जिसे लेकर कंपनी का दावा है कि इसे एक बार फुल चार्ज कर पूरे दिन इस्तेमाल किया जा सकेगा। 6000 एमएएम की बड़ी बैटरी होने के बावजूद इसकी मोटाई केवल 7.94 एमएम होगी। टीजर में कंपनी ने इसके कलर ऑप्शन और बैक पैनल डिजाइन को भी टीज कर दिया है। टीजर इमेज में इसे ब्लैक और लाइट पर्पल कलर में देखा जा सकता है। बैटरी लाइफ को लेकर कंपनी का दावा है कि इसमें 46.6 घंटे का कॉलिंग टाइम और 13.3 घंटे तक लगातार कैंडी क्रैश गेम खेला जा सकता है। इसमें रिवर्स चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलेगा। इससे आप दूसरे गैजेट्स जैसे कि ईयरबड्स चार्ज कर सकेंगे। प्रमोशनल इमेज से पता चलता है कि Realme Narzo 80 Lite 5G में एक रैक्टेंगुलर कैमरा मॉड्यूल के अंदर एक डुअल रियर कैमरा सेटअप होगा। स्मार्टफोन में सामने की तरफ पतले बेजल्स के साथ एक फ्लैट डिस्प्ले और स्क्रीन के बीचोंबीच एक सेंटर्ड होल-पंच कैमरा कटआउट होगा, जिसमें सेल्फी कैमरा लगा होगा। फोन के दाएं किनारे पर वॉल्यूम रॉकर और पावर बटन है। मजबूती के लिए फोन को मिलिट्री-ग्रेड MIL-STD-810H सर्टिफिकेशन दिया गया है। इतनी हो सकती है अलग-अलग वेरिएंट की कीमत टिप्स्टर पारस गुगलानी ने बताया कि Realme Narzo 80 Lite 5G 120 हर्ट्ज डिस्प्ले, मीडियाटेक डाइमेंसिटी 6300 चिपसेट, 15W चार्जिंग के साथ 6000 एमएएच बैटरी, 4GB/6GB रैम के साथ 12GB डायनामिक रैम सपोर्ट, 64GB/128GB स्टोरेज ऑप्शन, 32-मेगापिक्सेल का प्राइमरी रियर कैमरा, IP64 रेटिंग, AI फीचर्स, रियलमी यूआई 6.0, 5G+5G डुअल मोड एचडी प्लस रिजॉल्यूशन सपोर्ट वाली स्क्रीन के साथ आ सकता है। इसकी शुरुआती कीमत 9,999 रुपये हो सकती है।

मौसमी बुखार जरा संभलकर

बदलते मौसम में वायरल फीवर होना आम बात है। मौसम बदलने और तापमान के उतार-चढाव के कारण हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर हो जाता है और वायरस से शरीर संक्रमित हो उठता है। आमतौर पर लोग वायरल फीवर को आम बुखार समझ कर घर में पडी कोई भी दवा खा लेते हैं लेकिन इसे ज्यादा दिनों तक नजरअंदाज कर देने से गंभीर परेशानियां भी हो सकती हैं। गले में दर्द या खराश, शरीर में टूटन और खांसी का रह-रह कर आना वायरल फीवर के शुरुआती लक्षण हैं। इन लक्षणों को इग्नोर करने पर इसके वायरस पनपने लगते हैं। इसके बाद सप्ताह भर तक शरीर बुखार की चपेट में घिरा रहता है वायरल फीवर के लक्षण… 1. गले में दर्द होना 2. बदन दर्द या मसल्स पेन 3. खांसी आना 4. सिरदर्द या त्वचा में रैशेज होना 5. सर्दी-गर्मी लगना 6. आंखों में जलन 7. थकान महसूस होना 8. तेज बुखार। आम फीवर से अलग:- वायरस शरीर पर हमला करता है तो शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता उस वायरस को खत्म करने की कोशिश करती है। संक्रमित व्यक्ति के छींकने और खांसने से हवा में फैलने वाले वायरस के संपर्क में आने से दूसरा व्यक्ति भी इसकी चपेट में आ जाता है। ऐसे कई तरह के वायरल फीवर होते हैं, जिनमें प्रमुख हैं डेंगू, चिकनगुनिया और मच्छरों के काटने से होने वाले कई तरह के बुखार आदि। क्या है इसका इलाज:- वायरल होने पर शरीर में थकान का एहसास होता है और बहुत कमजोरी महसूस होती है। तेज बुखार होने पर पैरासिटामोल जैसी दवा ही लेनी चाहिए। बुखार के दौरान गला काफी सूखता है, इसलिए ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए और खूब पानी पीना चाहिए। गले में खराश या दर्द हो तो गर्म पानी में नमक डाल कर उससे गरारा करें। सुबह-शाम ऐसा करने पर राहत महसूस होगी। जितना हो सके, आराम करें। इसके अलावा दिन भर हलका गुनगुना पानी पीते रहें। ध्यान रखें कि इस दौरान किसी भी एंटीबायोटिक दवा का सेवन न करें क्योंकि एंटीबायोटिक लेने से बुखार पर इसका असर नहीं होता, बल्कि शरीर में थकान और कमजोरी का एहसास ज्यादा होने लगता है। तीन दिन से अधिक बुखार रहे तो अपने नजदीकी चिकित्सक से जांच कराएं। बरतें सावधानी… -विटमिन सी का सेवन अधिक करें। यह हमारे इम्यून सिस्टम को सही रखता है। -हलका खाना ही खाएं -पत्तेदार सब्जियां, फूलगोभी और अरबी न खाएं -हल्दी, अजवाइन, अदरक और हींग का अधिक सेवन करें -ठंडे पानी की जगह गुनगुना पानी पिएं -रेस्ट करें और बासी खाना न खाएं -गर्म पानी की भाप लें -छींकते वक्त मुंह पर रूमाल बांधें -घर पर इलाज न करें, तुरंत चिकित्सक को दिखाएं  

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