LATEST NEWS

वन विभाग में बड़े ट्रांसफर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक को हटाया

Major transfers in the forest department, Principal Chief Forest Conservator removed भोपाल। मध्यप्रदेश शासन ने गुरुवार रात वन विभाग के दो बड़े अधिकारियों का तबादला कर दिया है. इस ट्रांसफर ऑर्डर को भी बांधवगढ़ मामले से जाेड़कर देखा जा रहा है. दरअसल, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत के मामले के बाद लगातार अधिकारियों के तबादले हो रहे हैं. वहीं अब मोहन यादव सरकार ने भारतीय वन सेवा के दो अधिकारियों को प्रशासकीय हित का हवाला देते हुए स्थानांतरित किया है. किन IFS के हुए ट्रांसफर मध्य प्रदेश शासन ने गुरुवार को एक आदेश जारी किया है, जिसमें प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) मुख्यालय भोपाल वीएन अम्बाड़े का ट्रांसफर कर दिया गया है. उनकी जगह वित्त एवं बजट शाखा के प्रधान मुख्य वन संरक्षक शुभरंजन सेन को प्रदेश का नया प्रधान मुख्य वन संरक्षक नियुक्त किया गया है. वहीं वीएन अम्बाड़े को वन राज विकास निगम भोपाल में प्रबंध संचालक बनाकर भेजा गया गया है. हाथियों की मौत के बाद प्रशासनिक सर्जरी गौरतलब है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व कुछ दिन पहले एक-एक करके 11 हाथियों की मौत हो गई थी. घटना के कुछ समय बाद ही बांधवगढ़ के दो अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया था. वहीं अब वाइल्डलाइफ वार्डन को भी हटा दिया गया है, और उन्हें नई जिम्मेदारी सौंप दी गई है.

RGPV में घोटाला: स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के नाम पर बड़ा घपला, छात्रों ने उच्च शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन

Scam in RGPV: Big scam in the name of sports complex, ABVP students submitted memorandum to Higher Education Minister भोपाल। राजधानी भोपाल का राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) एक बार फिर सुर्ख़ियों में आ गया है। अब यहां स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के नाम पर बड़ा घोटाला किया गया है। जिसकी शिकायत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को ज्ञापन सौंपकर की है। साथ ही इस मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। ABVP के छात्रों ने आरोप लगाते हुए कहा कि RGPV यूनिवर्सिटी में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के नाम पर करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा कि 2015 में विश्वविद्यालय द्वारा आउटडोर-इनडोर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के निर्माण के लिए 16 करोड़ 50 लाख की राशि स्वीकृत की गई थी। साल 2019 में इस राशि को बढ़ाकर 19 करोड़ 16 लाख रुपए कर दिया गया। इसके निर्माण की जिम्मेदारी सीपीए को दी गई थी। वह निर्माण कार्य आज भी चल रहा है। ABVP के छात्रों का कहना है कि कोटेशन में दिखाए गए 10 एग्जॉस्ट फैन के स्थान पर एक भी एग्जॉस्ट फैन नहीं लगाया गया। वुडन फ्लोरिंग मे भी खराब प्लास्टिक का उपयोग किया गया है। उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पूरे मामले की जांच करने की मांग की है।

थाना टीलाजमालपुरा पुलिस ने चंद घंटों में किया नकबजनी का पर्दा-फाश

Police station Tilajamalpura exposed Nakbajani in a few hours भोपाल ! पुलिस आयुक्त महोदय नगरीय पुलिस भोपाल श्रीमान हरिनारायण चारी (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस आयुक्त(का.व्य.) महोदय नगरीय पुलिस जिला भोपाल श्रीमान अवधेश कुमार गोस्वामी (भा.पु.से.) , पुलिस उपायुक्त महोदय जोन 03 भोपाल श्रीमान रियाज इकबाल(भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त महोदय जोन 03 भोपाल श्रीमति शालिनी दीक्षित (रा.पु.से.), सहायक पुलिस आयुक्त महोदय शाह.बाद संभाग भोपाल श्रीमान निहित उपाध्याय (रा.पु.से.) के मार्गदर्शन मे अपराधो की रोकथाम एवं चोरी/नकबजनी/वाहन चोरो की धडपकड का अभियान चलाया जा रहा है ।घटना का विवरण :- दिनांक 18/11/24 को फरियादिया श्रीमती लता सिरमोरिया पति मनोज सिरमोरिया उम 36 साल निवासी म.न. 365 गली न. 04 कबीटपुरा थाना टीलाजमालपुरा भोपाल ने थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट किया कि वह दिनाँक 17/11/2024 के रात्री नौ बजे मैं अपने पति के साथ घर के दरवाजे मे ताला लगाकर अपने अपने पति के साथ रिश्तेदार के यहाँ शादी में छोला भोपाल गऐ थे दिनांक 18/11/2024 को सुबह 06/00 बजे घर आए तो देखा की लगा हुआ दरवाजे पर ताला नही था दरवाजे खुले थे अन्दर जा कर देखा तो गोदरेज की अलमारी के लॉकर टूटा हुआ था लाकर में रखे हुए सोने चाँदी के नये व इस्तेमाली आभूषण कीमती करीबन 5,00,000/- रूपये कोई अज्ञात चोर चौरी करके ले गया है। कि रिपोर्ट पर थाना टीलाजमालपुरा में असल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। एवं सूचना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया जिनके मार्गदर्शन में टीम घठित कर अज्ञात चोरो की तलाश मुखविर तंत्र विकसित कर निगरानी गुण्डा बदमाशो की चैकिंग व पूछताछ की गयी। संदेहियों (1)अजहर अली पिता अनवर अली, (2)सरवर अली पिता अनवर अली को अभिरक्षा मे लेकर ‍हिकमतअमली व सख़्ती से पूछताछ करने पर संदेहियों के द्वारा उक्त चोरी नकबजनी की घटना कारित करना स्वीकार किए। आरोपीगणों से चोरी गये सोने चांदी के आभूषण व नगदी रूपये कुल कीमती 5,00,000/- रूपये बरामद किये गये।नकबजनों से बरामद नगदी व आभूषण –(01) मगलंसूत्र बडा लोकेट 06 चपटे मोती वाला (10 ग्राम करीबन)(02) मंगलसूत्र मिडियम लोकेट 06 चावल मोती 06 छोटे गोल मोती वाला। (6 ग्राम करीबन)(03) एक छोटे लोकेट वाला मंगलसूत्र 06 चावल दाने लगे है। (2 ग्राम करीबन)(04) 4 सोने के कडे (25 ग्राम करीबन)(05) सोने के एक जोड झुमकी (7 ग्राम करीबन)(06) सोने के एक जोड झुमकी (6 ग्राम करीबन)(07) सोने के एक जोड टॉप्स (4 ग्राम करीबन)(08) सोने के एक जोड टॉप्स (3 ग्राम करीबन)(09) दो लोकेट सोने के गणेश जी के छोटे बडे । (1 ग्राम करीबन)(10) नाक की चार नत्थ छोटी एक नाक की लोंग सोने की नग लगे हुए। (1 ग्राम करीबन)(11) एक मोती ढोलक सोने की परत चढी हुई । (1 ग्राम करीबन)(12) एक सोने की चेन (06 ग्राम करीबन)(13) एक सोनी हाय चंद्रमा लोकेट चार सोने की मोती छोटे । (1 ग्राम करीबन)(14) बडी पायल एक जोड (250 ग्राम करीबन)(15) मझौली पायल एक जोड (125 ग्राम करीबन)(16) छोटी पायल एक जोड (150 ग्राम करीबन)(17) एक जोड चाँदी के कढे एक जोड बडे एक जोड नग लगे (60 ग्राम करीबन)(18) एक जोड चाँदी के कढे एक जोड बडे एक जोड नग लगे (40 ग्राम करीबन)(19) चार चूडी पतली (20 ग्राम करीबन)(20) बच्चो के कडे 08 (50 ग्राम करीबन)(21) 01 हाफ करधन (250 ग्राम करीबन)(22) 01 पतला चाँदी का फुल करधन (50 ग्राम करीबन)(23) 01 जोड हाथ फुल (40 ग्राम करीबन)(24) 01 कमर गुच्छा चाँदी का (100 ग्राम करीबन)(25) 02 चाँदी की चेन (20 ग्राम करीबन)(26) 04 चाँदी की अंगुठी (10 ग्राम करीबन)(27) 11 जोड बिछिया (70 ग्राम करीबन)(28) 02 ब्रेसलेट चाँदी के बच्चो के (20 ग्राम करीबन)(29) 02 चाँदी के सिक्के (20 ग्राम करीबन)(30) 02 बच्चो के कंमर डोरा (50 ग्राम करीबन)(31) 5000/- रूपये नकदी (पांच हजार रूपये)(32) कुल कीमती 5,00,000/- रुपये (पांच लाख रूपये) का माल बरामद किया गया । गिरफ्तारशुदा आरोपी- सराहनीय भूमिका – थाना प्रभारी निरीक्षक सरिता बर्मन, उनि बी पी विश्वकर्मा, सउनि अमर सिंह, प्रआर 749 लोकेश जोशी, आर 4599 जितेन्द्र पाल, आर 1295 हरिओम, की सराहनीय भूमिका रही।

शादी कैंसिल होने पर मैरिज गार्डन संचालक लौटाएंगे पूरी राशि : ‘आगे एडजस्ट कर लेंगे’ कह कर पैसे नहीं रख सकते; कंज्यूमर आयोग का फैसला

Marriage garden operators will return the entire amount if the wedding is cancelled: They cannot keep the money saying ‘we will adjust it later’; Consumer Commission’s decision भोपाल। अगर आप शादी हॉल या मैरिज गार्डन बुक करते हैं और किसी कारणवश कार्यक्रम कैंसिल हो जाए, तो मैरिज गार्डन या शादी हॉल संचालक को बुकिंग कैंसिल होने के तुरंत बाद रकम लौटानी होगी। संचालक एडवांस राशि वापस करने से यह कहकर इनकार नहीं कर सकते कि ‘आगे एडजस्ट कर लेंगे’ या ‘जब कार्यक्रम होगा, तब एडजस्ट कर लेंगे’। दरअसल, भोपाल कंज्यूमर आयोग की बेंच-1 ने ऐसा ही एक फैसला सुनाया हैं। आयोग ने कहा कि विपक्षी द्वारा बुकिंग राशि वापस न करना सेवा में कमी के तहत आता है। यह फैसला अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल ने सुनाया। कोलार के वैभव मैरिज गार्डन के खिलाफ सुनाया फैसला शिवाजी नगर निवासी राजरूप पटेल ने अपनी बेटी की शादी के लिए नवंबर 2022 में कार्यक्रम रखा था। इसके लिए उन्होंने जून 2022 में 21 हजार रुपये में कोलार स्थित वैभव मैरिज गार्डन बुक किया। बाद में विवाह कैंसिल हो गया, और उन्होंने जुलाई 2022 में बुकिंग निरस्त कर दी। उन्होंने बार-बार गार्डन प्रबंधन से जमा राशि वापस करने की गुजारिश की। गार्डन प्रबंधन ने कहा कि भविष्य में होने वाले विवाह के समय राशि एडजस्ट कर दी जाएगी। इसके बावजूद लगभग दो वर्ष बीत गए, और विवाह गार्डन में आयोजित नहीं हुआ। इसके बाद भी गार्डन प्रबंधन ने राशि वापस करने से इनकार कर दिया। दूसरी तरफ नोटिस जारी होने के बाद भी गार्डन प्रबंधन की ओर से कोई भी आयोग में उपस्थित नहीं हुआ। आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया उपभोक्ता ने 21 हजार रुपये एडवांस के तौर पर दिए थे। मामले में विपक्षी ने बुकिंग राशि वापस करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। नोटिस के बावजूद विपक्षी ने न तो आयोग में उपस्थिति दर्ज कराई और न ही कोई दस्तावेज प्रस्तुत किए। आयोग ने कहा कि बुकिंग राशि वापस न करना सेवा में कमी का प्रमाण है। अब देना होगी ब्याज सहित राशि आयोग ने आदेश दिया कि विपक्षी, आदेश की प्रति प्राप्ति दिनांक से 2 माह के भीतर परिवादी को 21,000 रुपये की राशि 9% वार्षिक ब्याज सहित अदा करे। साथ ही, मानसिक कष्ट के लिए 5,000 रुपये और परिवाद व्यय के लिए 3,000 रुपये भी अदा किए जाएं। यदि राशि तय समय पर अदा नहीं की जाती, तो परिवाद प्रस्तुति दिनांक से अदायगी दिनांक तक 9% वार्षिक ब्याज देय होगा।

मध्यप्रदेश: 10 हाथियों के मरने की वजह आई सामने, मिलेट का फंगी कनेक्शन

Madhya Pradesh: Reason for death of 10 elephants revealed, understand the fungal connection of millet भोपाल: मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पिछले महीने 10 हाथियों की मौत का कारण कोदो में फफूंद संक्रमण बताया जा रहा है। हैदराबाद के ICRISAT के वैज्ञानिकों ने यह जानकारी राज्य सरकार को दी है। वन अधिकारियों का कहना है कि ICRISAT की फाइनल रिपोर्ट का इंतजार है। तीन तरह के फंगस मिले ICRISAT ने शुरुआती जांच में कोदो के नमूनों में तीन तरह के फफूंद – एस्परजिलस फ्लेवस, एस्परजिलस पैरासिटिकस और पेनिसिलियम साइक्लोपियम की मौजूदगी की पुष्टि की है। इन फफूंदों से साइक्लोपिआज़ोनिक एसिड नामक जहरीला पदार्थ पैदा होता है, जिसके सेवन से हाथियों की मौत होने की आशंका है। फाइनल रिपोर्ट का इंतजार वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हमें ICRISAT की फाइनल रिपोर्ट का इंतजार है। उन्होंने पुष्टि की है कि हाथियों द्वारा खाए गए कोदो में ये फफूंद मौजूद थे। घटना की जांच के लिए, एमपी के अधिकारियों ने ICRISAT सहित पूरे भारत में 10 प्रयोगशालाओं में नमूने भेजे थे। ICRISAT, हैदराबाद स्थित एक गैर-लाभकारी अनुसंधान संगठन है, जो विशेष रूप से अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में कृषि प्रणालियों को बेहतर बनाने में माहिर हैं। बरेली से आ गई है रिपोर्ट बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) ने भी अपनी विषाक्तता परीक्षा रिपोर्ट में पुष्टि की है कि कोदो में फफूंद विषाक्त पदार्थों, विशेष रूप से साइक्लोपिआज़ोनिक एसिड के कारण हाथियों की मौत हुई। जहर की नहीं हुई थी पुष्टि हाथियों के लीवर, किडनी, तिल्ली और आंतों सहित विभिन्न अंगों के नमूने विश्लेषण के लिए IVRI भेजे गए थे। परीक्षणों में साइनाइड, भारी धातुओं, या ऑर्गनोफॉस्फेट या पाइरेथ्रोइड जैसे सामान्य कीटनाशकों का कोई निशान नहीं पाया गया। हालांकि, सभी नमूनों में साइक्लोपिआज़ोनिक एसिड पाया गया, जिसकी सांद्रता 100 पार्ट्स प्रति बिलियन (ppb) से अधिक थी। सात एकड़ में कोदो की खेती हाथियों ने जिस कोदो की फसल को खाया था वह बांधवगढ़ के अंदर 7 एकड़ जमीन पर थी। असामान्य फफूंद वृद्धि के संकेतों के बावजूद, जांचकर्ताओं को इस बात का कोई सबूत नहीं मिला कि उस क्षेत्र में कीटनाशकों का उपयोग किया गया था। स्थानीय किसानों ने भी ऐसे किसी भी रसायन के उपयोग से इनकार किया है। हाथियों की मौत 29 अक्टूबर, 2024 को शुरू हुई थी। शुरुआत में फफूंद संक्रमण पर ही संदेह जताया गया था। अधिकारी अभी भी इस मामले की जांच कर रहे हैं, ताकि फंगस की पूरी सीमा और क्षेत्र के वन्यजीवों पर इसके प्रभाव को समझा जा सके।

छिंदवाड़ा, शहडोल और सिंगरौली के एसपी बदले: 10 आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर

SP of Chhindwara, Shahdol and Singrauli changed: 10 IPS officers transferred भोपाल ! मध्यप्रदेश शासन ने सोमवार को 10 आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी की। साथ ही राज्य पुलिस सेवा के भी दो अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। देखिए लिस्ट

एनसीएल की बड़ी योजना: सिंगरौली में बस्ती का पुनर्वास और 60 करोड़ टन कोयला खनन का लक्ष्य

NCL’s big plan: rehabilitation of settlement in Singrauli and target of mining 60 crore tonnes of coal सिंगरौली  । कोल इंडिया की शाखा एनसीएल एक बड़ी पुनर्वास और पुनर्स्थापन (आरएंडआर) परियोजना की योजना बना रही है। कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) बी साईराम ने कहा कि इसके तहत मध्य प्रदेश के सिंगरौली में एक बस्ती के निवासियों को स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है, जिसके नीचे 60 करोड़ टन खनन योग्य कोयला है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि मध्य प्रदेश के सिंगरौली में मोरवा बस्ती 927 हेक्टेयर में फैली हुई है। यह एक बड़ी परियोजना है, जिसमें नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की मोरवा बस्ती को पूरी तरह स्थानांतरित किया जाएगा। साईराम ने कहा, अच्छी बात यह है कि इस अधिग्रहण में लोग पुनर्वास के लिए तैयार हैं। इसलिए आधी समस्या हल हो गई है, क्योंकि पहला प्रतिरोध लोगों की तरफ से ही आता है। उन्होंने कहा कि अब केवल मुआवजे की दरों और आरएंडआर लाभ को अंतिम रूप देना बाकी है। पिछले छह महीनों से एनसीएल पुनर्वास और पुनर्स्थापन पर लोगों के साथ नियमित रूप से बातचीत कर रही है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन एनसीएल की मदद कर रहा है और पुनर्वास के पहले चरण का ब्यौरा तैयार किया जाना है। सीएमडी ने कहा, मई से हम मुआवजे का पहला चेक देना शुरू कर देंगे। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 572.5 हेक्टेयर कृषि भूमि खाली कराई जानी है। सूत्रों के अनुसार कंपनी अभी भी योजना के विवरणों पर काम कर रही है, जिसमें वित्तीय पक्ष भी शामिल हैं। मोरवा बस्ती पुनर्वास और पुनर्स्थापन परियोजना बहुत बड़ी होगी और इस पर 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का अनुमानित व्यय होने का अनुमान है। इस परियोजना से 30 हजार परिवार प्रभावित होंगे और इसमें 22 हजार घरों, संरचनाओं का स्थानांतरण शामिल होगा।

भोपाल को झुग्गी मुक्त करने कलस्टरों में विभाजित करने की योजना, पीपीपी माेड के तहत बनाए जाएंगे पक्के मकान

भोपाल  राजधानी को झुग्गी मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।दरअसल मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के निर्देश पर शहर को नौ कलस्टरों में विभाजित करने की योजना बनाई है।इसके तहत सभी झुग्गी क्षेत्रों का सर्वे कर चिह्नांकन किया जाएगा और कुल कितनी शासकीय भूमि पर झुग्गी बनी हुई हैं इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। इन सभी विषयों पर चर्चा करने के लिए कलेक्ट्रेट में गुरुवार को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बैठक ली। जिसमें नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायन सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। जिसमें तय किया गया कि झुग्गी हटाने के पहले चरण की शुरूआत मंत्रालय वल्लभ भवन से की जाएगी। यहां करीब 39 हेक्टेयर भूमि में बनी नौ झुग्गी बस्तियों को हटाया जाएगा और रहवासियों को पीपीपी मोड (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत पक्के मकान बनाकर दिए जाएंगे। बता दें कि नवदुनिया ने पूर्व में शासकीय भूमि पर झुग्गियों से संबंधित खबरें प्रकाशित की हैं। 12 हेक्टेयर में बनाए जाएंगे पक्के मकान पहले कलस्टर के प्रथम चरण में मंत्रालय के पास बनी नौ झुग्गी बस्तियों को चिह्नित किया गया है।इनमें ओम नगर, वल्लभ नगर, भीम नगर, दुर्गा नगर, अशोक सम्राट नगर, कुम्हार पुरा, झदा कॉलोनी और वल्लभ नगर दो के छह हजार 534 परिवारों को पक्के मकानों में शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए अधिकारियों सर्वे पूरा कर लिया है और अब इसके आधार पर ही डीपीआर, डिजाइन, प्लानिंग पालिसी, एस्टीमेट और टेंडर तैयार किए जाएंगे। यह काम अधिकारियों को एक सप्ताह में पूरा करना है।यहां स्थित 39 हेक्टेयर भूमि में से 12 हेक्टेयर पर झुग्गीवासियों के लिए पीपीपी मोड पर पक्के मकान बनाए जाएंगे। बाकि 27 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर सुराज अभियान और रिडेंसीफिकेशन नीति के तहत आवासीय परियोजनाओं में माल, व्यवसायिक कांप्लेक्स, प्राइम डेवलेपमेंट कार्य भी किए जाएंगे। दो महीने में करना है पूरी तैयारी जिले में साढ़े चार लाख मकान हैं,जिनमें से डेढ़ लाख झुग्गियां है।इन डेढ़ लाख झुग्गियों को शासकीय भूमि से हटाने के लिए दो महीने में पूरी तैयारी करनी है।इस दौरान अधिकारियों के द्वारा सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नौ कलस्टर के तहत झुग्गी हटाने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। जिसे पहले सरकार को दिखाया जाएगा। सरकार से अनुमति मिलते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। पांच वर्ष का रखा गया है लक्ष्य शहर को झुग्गी मुक्त बनाने के लिए पांच वर्ष का लक्ष्य रखा गया है।अगले एक वर्ष में करीब 25 हजार झुग्गी हटाने का प्रयास जिला प्रशासन, नगर निगम द्वारा किया जा रहा है।अधिकारियों ने दावा किया है कि दो महीने बाद ही पहले कलस्टर पर काम शुरू कर दिया जाएगा।इसके तहत झुग्गी पुनर्वास कार्यक्रम के तहत भी पक्के मकान लोगों को दिए जाएंगे। फैक्ट फाइल शहर में कुल मकान – 450000 शहर में कुल झुग्गियां – 150000 हटाने के लिए बनाए कलस्टर – 09

सर्दियों में जंगल सफारी: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में प्रकृति और वन्यजीवों का अद्भुत संगम

Jungle Safari in Winter: Amazing confluence of nature and wildlife in Bandhavgarh Tiger Reserve Kanha and Bandhavgarh tiger reserve घने वन के बीच घास के लंबे-लंबे मैदान और वन्य जीवों की गतिविधियों के बीच सर्दी के मौसम में जंगल सफारी का आनंद अलग है। अगर आप भी इस सर्दी के मौसम में प्रकृति के निकट कुछ समय व्यतीत करना चाहते हैं तो टाइगर स्टेट कहे जाने वाले मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ कान्हा पेंच और संजय दुबरी टाइगर रिजर्व स्वागत को तैयार हैं। उमरिया। Kanha and Bandhavgarh tiger reserve ऊंचे-ऊंचे साल के वृक्षों के बीच से होकर धरती को चूमती सूर्य रश्मियां, पक्षियों के कलरव, कुलांचे मारते हिरणों के झुंड और उन्मुक्त विचरण करते बाघ। घने वन के बीच घास के लंबे-लंबे मैदान और वन्य जीवों की गतिविधियों के बीच सर्दी के मौसम में जंगल सफारी का आनंद अलग है।अगर आप भी इस सर्दी के मौसम में प्रकृति के निकट कुछ समय व्यतीत करना चाहते हैं तो टाइगर स्टेट कहे जाने वाले मध्य प्रदेश के बांधवगढ़, कान्हा, पेंच और संजय दुबरी टाइगर रिजर्व स्वागत को तैयार हैं।पर्यटकों से संकोच नहीं करते बजरंग और छोटा भीमटाइगर स्टेट में सर्वाधिक बाघों की संख्या वाला बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व है। 165 बाघों वाले इस राष्ट्रीय उद्यान में बजरंग और छोटा भीम नाम के बाघ लोगों को सर्वाधिक आकर्षित करते हैं। यह दोनों पर्यटकों के समक्ष आने में संकोच नहीं करते। बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान पहुंचने वाले पर्यटक एक ही दिन में कम से कम दो टाइगर रिजर्व की सफारी कर सकते हैं। बांधवगढ़ में सुबह की सफारी करने के बाद पर्यटक कान्हा टाइगर रिजर्व, संजय धुबरी टाइगर रिजर्व अथवा मुकुंदपुर टाइगर सफारी का भ्रमण आसानी से कर सकते हैं। इन सभी स्थानों की दूरी चंद घंटों की है। टाइगर स्टेट के टाइगर रिजर्व की बुकिंग के आंकड़ों के अनुसार दिसम्बर के दूसरे पखवाड़ा से जनवरी के पहले पखवाड़ा तक एक लाख से ज्याद पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। अन्य प्रमुख स्थल बांधवगढ़ से कान्हा की दूरी महज 210 किलोमीटर है और सड़क बेहद शानदार है। पर्यटक रास्ते में पड़ने वाले घुघुवा जीवाश्म पार्क का भ्रमण भी कर सकते हैं। बांधवगढ़ आने वाले पर्यटक मुकुंदपुर टाइगर सफारी इसलिए जाना चाहते हैं क्योंकि उन्हें वहां सफेद बाघ की सतवीं-आठवीं पीढ़ी के दर्शन सुगम होते हैं। यहां से 129 किमी की दूरी पर मुकुंदपुर टाइगर सफारी तथा 84 किमी की दूरी पर संजय धुबरी टाइगर रिजर्व है। इस तरह पहुंचे कान्हा, बांधवगढ़, पेंच और दुबरी टाइगर रिजर्व तक पहुंचने के लिए जबलपुर केंद्र बिंदु है। जबलपुर हवाई अड्डे से सभी प्रमुख शहरों की कनेक्टिवटी है। जबलपुर और कटनी रेलवे स्टेशन से भी पर्यटक बांधवगढ़ पहुंच सकते हैं इसके लिए उमरिया स्टेशन उतरना होता है। कान्हा नेशनल पार्क जबलपुर से 160 किमी तथा पेंच पार्क 170 किमी दूर है। वहीं संजय दुबरी टाइगर रिजर्व जबलपुर से 350 किमी की दूरी पर है। ठहरने की व्यवस्था बांधवगढ़, पेंच, कान्हा और संजय दुबरी में रुकने के लिए अच्छे होटल और सर्वसुविधा संपन्न होम स्टे सुविधा है। यहां मध्य प्रदेश टूरिज्म कार्पोरेशन के गेस्ट हाउस भी पर्यटकों की अच्छी आवभगत करता है।

पटवारी: किसानों के सेवक और योजनाओं के आधारस्तंभ, लेकिन सरकार का ‘दुश्मन’?

Patwari: Servant of farmers and pillar of schemes, but ‘enemy’ of the government? मध्यप्रदेश के पटवारी—एक ऐसा अनोखा प्राणी, जिसे देख के किसान को तो राहत मिलती है, लेकिन सरकार की भृकुटियाँ तन जाती हैं। यह वो कर्मचारी है जो कागज़ों में सरकारी योजनाओं को मिट्टी में मिलाने का माद्दा रखता है, ताकि वो असल में किसान की ज़मीन पर उतर सकें। पटवारी, जो सीमांकन से लेकर नामांतरण तक के काम में हर किसान के लिए खड़ा होता है, उसे ही “दुश्मन” का तमगा मिल जाता है! और वेतन? अरे भाई, 5200-20200 ग्रेड पे में तो पटवारी अपनी रोटी-सब्जी और चाय का खर्च भी संभाल लें, यही क्या कम है! बाकी राज्यों में अगर उन्हें मोटी तनख्वाह मिलती है, तो वो बेकार की बात है, आखिर ये तो मप्र के पटवारी हैं। अब 24 सालों से एक ही वेतन पर डटे रहना भी तो एक मिसाल है, न? उनके लिए सिर्फ़ 258 रु का आवास भत्ता और 300 रु का यात्रा भत्ता काफी है। सरकारी योजनाओं की वाहवाही लूटने में भले सरकार आगे हो, पर ज़मीन पर इन्हें लागू करवाने का सारा दायित्व पटवारियों पर है। राजस्व महाअभियान की बात करें, तो पहले और दूसरे चरण में 80 लाख से अधिक मामलों का पटवारियों ने समाधान कर किसानों और आम जनता को राहत दी। लेकिन क्या मजाल कि सरकार ने कभी उनके इस योगदान का ढोल पीटा हो? तीसरे चरण में भी पटवारियों की भूमिका अहम रहेगी, लेकिन शायद फिर भी उनकी मेहनत का श्रेय कोई और ले जाएगा। सरकारी तकनीक की हालत यह है कि ई-बस्ता में काम ऑनलाइन होते हैं, मगर पटवारी के पास उपकरणों की किल्लत ऐसी कि कुछ को 2017 में मोबाइल दिए गए थे, जो अब कबाड़ बन चुके हैं। साफ्टवेयर ऐसे हैं कि जैसे कठिनाइयों की मीनार खड़ी कर दी गई हो। हर रोज़ नए-नए प्रयोगों के बीच पटवारी, किसानों की सेवा में लगा हुआ है, फिर भी उसे “दुश्मन” कहना कितना उचित है? यही तो विरोधाभास है कि किसान हितैषी को दुश्मन कहा जा रहा है। वो पटवारी जो सरकार की रीढ़ है, हर किसान के हक़ में खड़ा है, और जो बिना किसी नाम के सिर्फ़ अपने फर्ज को निभाता है, क्या उसे ये दुश्मनी का तमगा चाहिए?

थाईलैण्ड के धम्मकाया फ़ाउण्डेशन ने मध्यप्रदेश के बौद्ध भिक्षु संघ को बौद्धगया में किया संघदान

Dhammakaya Foundation of Thailand donated Sangha to the Buddhist monks of Madhya Pradesh in Gaya. भोपाल ! बुद्धभूमि धम्मदूत संघ के अध्यक्ष और मध्यप्रदेश के वरिष्ठ बौद्ध धम्मगुरु भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो के विशेष आग्रह पर मध्य प्रदेश के 1) बुद्धभूमि माहाविहार मोनेस्ट्री,चुनाभट्टी भोपाल, 2) पुष्फ बुद्धविहार ग्वालियर,3) सारिपुत्र बुद्ध विहार मुरेना,4) करुणामैत्री बुद्ध विहार,सेमई,भिड़ और 5) सम्यक बुद्धविहार दतिया मध्यप्रदेश के पाँच बुद्ध विहारों के पाँच-पाँच बौद्ध भिक्षुसंघ को थाईलैण्ड का विश्व स्तरीय सबसे बड़ा बौद्धों का संस्थान “धम्मकाया फ़ाउंडेशन” द्वारा बौद्धगया के पावन ज्ञान स्थली में भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो,भोपाल, भंते सुभद्रबोधि महाथेरो, मुरेना,भंते विश्वज्योति थेरो ,दतिया,भंते श्रद्धातिलक, सेमई ,भिड़,भिक्षुणी पुष्फश्रद्धा,ग्वालियर के भिक्षु संघ को चिवर दान,आर्थिकदान और संघदान किया.इस अवसर थाईलैंड के अंतरराष्ट्रीय स्तर के बौद्ध भिक्खू डॉ पोर्नचाई पिनयापोंग ,अध्यक्ष विश्व बौद्ध गठबंधन (WAB) (अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संगठनों का एक नेटवर्क है)डॉ मिथिला चौधरी अध्यक्ष -विश्व बौद्ध गठबंधन (यूथविंग) थाईलैण्ड और अन्य थाईलैण्ड के बौद्ध उपासक/उपासिका उपस्थित थे.इस अवसर पर भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो ने विश्व धरोहर साँची का प्रतिरूप के रूप में मोमेंटो देकर साधुवाद प्रदान किया. भोपाल कल दिनांक 15 नवंबर 2024 को बुद्धभूमि महाविहार उपासक संघमैत्रेय बुद्ध महाविहार उपासिका संघ द्वारा वर्षावास समापन समारोह के पावन अवसर पर पुण्य महोत्सव स्थान-: बुद्धभुमि महाविहार मोनेस्ट्री,चुनाभट्टी कोलार रोड भोपाल म.प्र.,दिनांक -: कार्तिक पूर्णिमा 15 नवम्बर 2024 दिन शुक्रवार, समय सुबह 10:00 बजे से पूज्य भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो, अध्यक्ष- दी बुद्धभूमि धम्मदूत संघ ,भोपाल उनके शिष्य भंते राहुलपुत्र और भंते संघशील,डबरा* के वर्षावास समापन पर भव्य पुण्य महोत्सव का आयोजन किया गया हैं. जिसनें सामूहिक भिक्षु संघ का भोजनदान ,कठिन चिवर दान रैली, परित्राणपाठ, धम्मदेशना, भिक्षु संघ को चिवर दान, आशीर्वाद, मंगल मैत्री,साधुवाद

मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 दिसंबर से, पांच दिन चलेगा

Winter session of Madhya Pradesh Assembly will run for five days from December 16. मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस वर्ष पांच दिन का होगा, जो 16 दिसंबर से शुरू होकर 20 दिसंबर तक चलेगा। विधानसभा सचिवालय द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस दौरान तीन नए विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी और राज्य सरकार का अनुपूरक बजट प्रस्तुत कर मंजूरी हासिल की जाएगी। शीतकालीन सत्र के पहले दिन छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा से नवनिर्वाचित विधायक कमलेश शाह और 23 नवंबर को बुधनी और विजयपुर उपचुनावों के परिणामस्वरूप निर्वाचित विधायकों को भी शपथ दिलाई जाएगी। राज्य सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी, जिसके लिए सभी विभागों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। वित्त विभाग द्वारा प्रस्तावों का परीक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा सरकार तीन से चार महत्वपूर्ण विधेयकों को भी सदन में पेश किए जाने की संभावना है। विधानसभा में गैर-सरकारी विधेयकों और संकल्पों के लिए 20 दिसंबर का दिन निर्धारित किया गया है। अशासकीय विधेयकों के प्रस्तावों को 20 नवंबर तक और अशासकीय संकल्पों की सूचना 5 दिसंबर तक सचिवालय को दी जा सकेगी। स्थगन प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण सूचनाएं, नियम 267 क के तहत सूचनाएं, और अविश्वास प्रस्ताव संबंधी सूचनाएं 10 दिसंबर से कार्यदिवस में विधानसभा सचिवालय में दी जा सकेंगी, जिन पर विधानसभा अध्यक्ष विचार करेंगे। वहीं, विधानसभा सचिवालय ने विधायकों को सूचित किया है कि वे विधानसभा से संबंधित किसी भी सूचना को अब विधानसभा अध्यक्ष के बजाय प्रमुख सचिव को संबोधित कर प्रस्तुत करेंगे। विधानसभा के नियम 236 के तहत विधायकों को इस प्रक्रिया से अवगत कराया गया है।

पुलिस कमिश्नर की फर्जी FB आईडी से ठगी : बैंक खातों में मिला 92 लाख का लेनदेन

Police Commissioner cheated with fake FB ID: Transaction worth Rs 92 lakh found in bank accounts भोपाल। मध्य प्रदेश के भोपाल पुलिस कमिश्नर की फर्जी फेसबुक आईडी से ठगी मामले में अपडेट सामने आया हैं। दो बैंक खातों में 92 लाख रुपये का लेनदेन मिला है। यह दोनों खाते किराये पर लिए गए थे। पकड़े गए आरोपियों से 10 खाते मिले है। आरोपियों ने पूछताछ में 100 से ज्यादा ठगी की वारदात कबूली है। लड़की की आवाज़ में बातचीत, फिर रिकॉर्डिंग और ब्लैकमेल कर भी ठगी की गई। मध्य प्रदेश समेत उत्तर प्रदेश, असम, ओडिशा और दिल्ली तक से अकाउंट में पैसे आने के सबूत मिले है। दरअसल, भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों के साथ ठगी करने वाले दो शातिर बदमाशों को भोपाल क्राइम ब्रांच की टीम ने राजस्थान से गिरफ्तार किया था। दोनों ही आरोपी बड़े पदों पर पदस्थ अधिकारियों के फोटो और नाम से फर्जी फेसबुक ID बनाते थे। इसके बाद उनके सोशल मीडिया अकाउंट में जुड़े लोगों से फर्जी आईडी से दोस्ती कर लेते थे। क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आए आरोपी के नाम शकील पिता आशु उर्फ़ आश मोहम्मद (24) निवासी नगला बंजरिका सदन का बांस थाना बगड़ तिराहा। वहीं दूसरे का नाम सुनील कुमार पिता सूरज कुमार (26) निवासी नगला बंजरिका सदन का बांस थाना बगड़ तिराहा है। दोनों ठग इतने शातिर थे कि अधिकारियों को ट्रांसफर होने का बताकर सस्ते दामों में फर्नीचर बेचने का झांसा देते थे। इसके बाद बिल बनवाने और ट्रांसपोर्ट से भेजने के नाम पर लोगों से पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे। भोपाल क्राइम ब्रांच को आरोपियों से लगभग 100 लोगों से धोखाधड़ी करने के सबूत मिले थे। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

आधी रात को मध्य प्रदेश में बड़े प्रशासनिक फेरबदल पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

Full force at midnight…Sudden transfer of IAS officers: Congress expressed objection MP IAS Transfer: मध्य प्रदेश में एक बार फिर दो दर्जन से ज्यादा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का आधी रात तबादला कर दिया गया है. ट्रांसफर लिस्ट में मुख्यमंत्री मोहन यादव के दोनों प्रमुख सचिव का भी नाम शामिल है. रात में अधिकारियों के तबादला आदेश पर कांग्रेस ने सवाल उठाये हैं. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि आधी रात पूरी ताकत से चल रहा ‘तबादला उद्योग’ अब प्रशासनिक मशीन में खड़खड़ाहट की तेज आवाज पैदा कर रहा है. पटवारी ने कहा कि नियमों के विपरीत लगातार हो रहे तबादले डरी हुई सरकार की कमजोर इच्छाशक्ति और अनिर्णय की स्थिति को दर्शाता है. पटवारी के आरोप पर बीजेपी ने पलटवार किया है. बीजेपी नेता राजपाल सिंह ने कहा कि जीतू पटवारी अभी तक के सबसे असफल प्रदेश अध्यक्ष साबित हुए हैं. लगता है कि कांग्रेस सरकार का कार्यकाल शायद याद नहीं रहा. उन्होंने कहा कि 15 महीने में कमलनाथ सरकार ने तबादला उद्योग चला दिया था. एक अधिकारी को एक महीने में तीन बार बदला जा रहा था. रात में तबादले का आदेश जारी होने पर कांग्रेस ने उठाये सवाल प्रदेश की बीजेपी सरकार नियम अनुसार पोस्टिंग कर रही है. कांग्रेस को मध्य प्रदेश के विकास से शायद घृणा है, शायद इसलिए जीतू पटवारी झूठे आरोप लगा रहे हैं. प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया का दावा है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यकाल में अभी तक सबसे कम तबादले हुए हैं. कार्यकाल पूरा होने के बाद अधिकारियों को नियमानुसार इधर से उधर भेजा गया है. उन्होंने मोहन यादव सरकार के आदेश का बचाव किया. बीजेपी नेता ने कहा कि उपचुनाव होने की वजह से कांग्रेस को हर आदेश में राजनीति दिख रही है. सरकार कोई भी आदेश दिन-रात देखकर नहीं निकालती है. सरकार का आदेश जनहित को देखते हुए जारी होता है.

IAS TRANSFER 26 अफसरों का तबादला, उमाकांत उमराव को मिली ये अहम जिम्मेदारी, देखें पूरी लिस्ट

भोपाल। IAS TRANSFER BREAKING: मध्य प्रदेश में एक बार फिर देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। शासन ने 26 आईएएस अफसरों का थोकबंद तबादला कर दिया है। नीरज मंडलोई को ऊर्जा एवं पावर मैनेजमेंट का जिम्मा मिला है। मनु श्रीवास्तव को नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। संजय कुमार शुक्ला नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव बनाए गए हैं। राघवेंद्र सिंह को उद्योग विभाग का जिम्मा सौंपा गया है। उमाकांत उमराव खनिज साधन विभाग के प्रमुख सचिव बनाए गए हैं। गुलशन बामोरा को जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। नवनीत मोहन कोठारी पर्यावरण विभाग के सचिव बनाए गए हैं। श्रीमन शुक्ल को आदिवासी विकास विभाग आयुक्त का प्रभार सौंपा गया है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet