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बैतूल के मरीज श्री शेकलाल को उपचार के लिये एयर एम्बुलेंस से भेजा भोपाल

Betul patient Mr. Shekalal was sent to Bhopal by air ambulance for treatment.

Betul patient Mr. Shekalal was sent to Bhopal by air ambulance for treatment. भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर शुरू की गई पीएमश्री नि:शुल्क एयर एम्बुलेंस योजना में बैतूल के चकोला निवासी श्री शेकलाल हर्ले को बुधवार सुबह 11.44 बजे बैतूल जिले से एयरलिफ्ट कर हमीदिया चिकित्सालय भोपाल में उपचार के लिये भर्ती कराया गया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में मरीजों को आपात स्थिति में तुरंत राहत प्रदान करने के उद्देश्य से नि:शुल्क एयर एम्बुलेंस की सुविधा प्रारंभ की गई है। श्री हर्ले प्रदेश में पीएमश्री नि:शुल्क एयर एम्बुलेंस योजना से लाभान्वित होने वाले 13वें मरीज है। बैतूल के पट्टन तहसील के ग्राम चकोला निवासी 51 वर्षीय शेकलाल हर्ले एक दिन पूर्व छज्जे पर प्लास्टर करते हुए गिर गए थे। गिरने से श्री हर्ले को स्पाइनल फ्रैक्चर हो जाने के कारण ऑपरेशन की जटिलता को देखते हुए भोपाल हमीदिया चिकित्सालय में रेफर किया गया था। कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा श्री हर्ले को एयर एम्बुलेंस से भेजने की तैयारी की गई। इससे समय रहते मरीज श्री शेकलाल को एयर लिफ्ट कर कम समय में उपचार के लिये भोपाल लाया गया। जहां वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में श्री शेकलाल का उपचार प्रारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का परिजन ने माना आभार श्री हर्ले के परिजन ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि मरीजों के हित में चलाई गई एयर एम्बुलेंस योजना की सुविधा गरीबों की जिन्दगी के लिए रोशनी की किरण साबित हो रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उईके ने बताया कि बैतूल से भोपाल सामान्य रूप से 4 से 5 घंटे का समय लगता है। परंतु एयर एम्बुलेंस से यह दूरी मात्र 35 मिनट में पूरी हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव द्वारा इस सुविधा से एयर एम्बुलेंस अभी तक आर्थिक रूप से संपन्न मरीजों को ही मिल पाती थी। एयर एम्बुलेंस पर होने वाला व्यय राज्य शासन द्वारा उठाया जाता है।

अंतरिक्ष विज्ञान की नई तकनीक से प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर संरक्षण एवं संवर्धन : मंत्री श्री सिलावट

Better conservation and promotion of natural resources through new technology of space science: Minister Shri Silavat

Better conservation and promotion of natural resources through new technology of space science: Minister Shri Silavat भोपाल : जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि अंतरिक्ष विज्ञान की नई तकनीक के प्रयोग से हम हमारे प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर संरक्षण एवं संवर्धन कर सकते हैं और हमारा देश एवं प्रदेश अधिक सक्षम और समृद्धिशाली बन सकता है। अंतरिक्ष सूचनाओं के आधार पर आज हम प्रदेश के जल संसाधनों का योजनाबद्ध तरीके से प्रबंधन कर सकते हैं। जल संसाधनों के विकास, योजना निर्माण तथा निर्मित संरचनाओं की निगरानी एवं उनके प्रबंधन में यह विज्ञान अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ है। हमें इसका अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के प्रांगण में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 23 अगस्त के परिप्रेक्ष्य में “जल के क्षेत्र में अंतरिक्ष विज्ञान का उपयोग” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला का आयोजन जल संसाधन विभाग एवं मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम में इसरो सहित अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के वैज्ञानिक, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा जल एवं पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाले शोधार्थी शामिल हुए। मंत्री श्री सिलावट ने शोधार्थियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। भारत ने 23 अगस्त 2023 को चंद्र दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र में अपने चंद्रयान-तीन विक्रम लैंडर को सफलता पूरक उतारा था। भारत की इस महान उपलब्धि के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रतिवर्ष देश में 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह पूर्वक मनाया जाने की घोषणा की गई। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर पूरे प्रदेश के महाविद्यालय /विद्यालयों में अंतरिक्ष दिवस कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें वैज्ञानिक छात्र संवाद, अंतरिक्ष विज्ञान आधारित कथन, प्रश्नोत्तरी एवं फिल्मों का प्रदर्शन आदि गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि आज भारत में अंतरिक्ष कार्यक्रमों की निरंतर उपलब्धि के चलते समय-समय पर भेजे गए उपग्रहों के माध्यम से हमें कई महत्वपूर्ण सूचनाऐं एवं जानकारी प्राप्त हो रही हैं। नदियों के बहाव के साथ-साथ बाढ़ का प्रबंध करने में अंतरिक्ष सूचनाओं से पूर्व-सूचना तंत्र विकसित किया जा रहा है, जो बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिये अति महत्वपूर्ण निर्णय प्रणाली है। अल्प वर्षा की स्थिति में सूखे से निपटने के लिए भी इस तकनीकी से सूखे का आकलन एवं प्रबंधन किया जाना संभव हो पाता है। इस तकनीक से मौसम विज्ञान के क्षेत्र में भी मौसम के सटीक पूर्व -अनुमान प्राप्त हो रहे हैं।

वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ दर्शन कराने 14 सितम्बर से शुरू होंगी ट्रेनें

Trains will start from September 14 to take senior citizens on pilgrimage

Trains will start from September 14 to take senior citizens on pilgrimage भोपाल ! मध्यप्रदेश सरकार की अनूठी “मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन” योजना का आगामी शयड्यूल जारी कर दिया गया है। आगामी 14 सितम्बर से 26 फरवरी 2025 तक प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न शहरों में धार्मिक यात्रा कराई जाएगी। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा तीर्थ दर्शन योजना में इस बार नागरिकों को वाराणसी (काशी), रामेश्वरम, मथुरा-वृंदावन, कामाख्या, अमृतसर, अयोध्या, द्वारका, जगन्नाथपुरी, शिर्डी और नागपुर जैसे धार्मिक स्थल निर्धारित किये गये हैं। उक्त अवधि में 15 हजार से ज्यादा तीर्थ यात्री विभिन्न तीर्थ-स्थलों की यात्रा करेंगे। योजना का लाभ प्रदेश के ऐसे वरिष्ठ नागरिक जो आयकरदाता नहीं है और 60 वर्ष या इससे अधिक आयु के हैं। योजना का लाभ ले सकेंगे। महिला तीर्थ-यात्रियों के मामले में आयु वर्ग में 2 वर्ष की छूट दी गई है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में पहली ट्रेन 14 सितम्बर को उज्जैन से वाराणसी (काशी)- अयोध्या के लिये रवाना होगी। इसमें उज्जैन जिले के 300, सीहोर के 200 और विदिशा के 279 श्रद्धालु यात्रा करेंगे। यह ट्रेन 19 सितम्बर को लौटेगी। दूसरी ट्रेन 21 सितम्बर को रामेश्वरम के लिये रवाना होगी। इसमें इंदौर से 300, उज्जैन 200 और सीहोर से 279 तीर्थ यात्री रवाना होंगे। यह ट्रेन 26 सितम्बर को लौटेगी। मथुरा-वृदावन तीर्थ के लिये 19 सितम्बर को मेघनगर से तीसरी ट्रेन रवाना होगी और 2 अक्टूबर को वापस लौटेगी। इसमें झाबुआ से 200, रतलाम से 279 और उज्जैन से 300 दर्शनार्थी यात्रा करेंगे। तीर्थ दर्शन के लिये जाने वाली चौथी ट्रेन उज्जैन से 13 अक्टूबर को कामाख्या तीर्थदर्शन के लिये रवाना होगी। इसमें उज्जैन से 300, शाजापुर से 200 और सीहोर से 279 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 18 अक्टूबर को वापस लौटेगी। योजना के तहत 5वीं ट्रेन इंदौर से अमृतसर के लिये 21 अक्टूबर को रवाना होगी। इसमें इंदौर से 200, धार से 100, उज्जैन से 200 और शिवपुरी से 279 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 24 अक्टूबर को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये 5 नवम्बर को विदिशा से छटवी ट्रेन 300 यात्रियों के साथ रवाना होगी। इसमें सागर से 279 और दमोह से 200 यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 10 नवम्बर को लौटेगी। सातवीं ट्रेन से भोपाल से 13 नवम्बर को रामेश्वरम के लिये 300 यात्री, सीहोर से 200 और नर्मदापुरम से 279 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 18 नवम्बर को वापस लौटेगी। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 21 नवम्बर को आठवीं ट्रेन रीवा से द्वारका के लिये रवाना होगी। इसमें रीवा से 279, सतना से 300 और दमोह से 200 यात्री रवाना होगें जो 26 नवम्बर को वापस लौटेगे। दमोह से 29 नवम्बर को नौवीं ट्रेन वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये यात्री रवाना होगी। जिसमें दमोह से 279, मैहर से 200 और सतना से 300 यात्री जायेंगे। यह ट्रेन 4 दिसम्बर को लौटेगी। दसवीं ट्रेन कटनी से 7 दिसम्बर को द्वारका तीर्थ स्थल के लिये 200 तीर्थ यात्री के साथ रवाना होगी। इसमें दमोह से 279 और सागर से 300 यात्री शामिल रहेंगे। यह ट्रेन 12 दिसम्बर को लौटेगी। योजना के तहत 15 दिसम्बर को सतना से ग्यारहवीं ट्रेन में रामेश्वरम तीर्थ स्थल के लिये 279 यात्री रवाना होगें। इसमें कटनी से 200 और जबलपुर से 300 यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 30 दिसम्बर को वापस लौटेगी। बारहवीं ट्रेन में उडीसा स्थित जगन्नाथपूरी तीर्थ स्थल की यात्रा 23 दिसम्बर को खण्डवा से रवाना होगी जो 28 दिसम्बर को लौटेगी इसमें खंडवा से 279, नरसिंहपुर से 200 और जबलपुर से 300 यात्री रवाना होगी। तेहरवीं ट्रेन 31 दिसम्बर को बैतूल से 279 यात्री कामाख्या तीर्थ स्थल के लिये ट्रेन रवाना होगी। इसमें विदिशा से 300 और दमोह से 200 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 5 जनवरी को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये चौदवीं ट्रेन सिवनी से 8 जनवरी को रवाना होगी। जिसमें सिवनी से 279, छिंदवाड़ा से 300 और बैतूल से 200 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 13 जनवरी को वापस लौटेगी। छिंदवाड़ा से 16 जनवरी को 200 यात्री के साथ रामेश्वरम के लिये पंद्रहवीं ट्रेन रवाना होगी । जिसमें सिवनी-बैतूल से 200 और पंढुर्णा से 179 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 21 जनवरी को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये अनूपपुर से सोलहवीं ट्रेन 279 यात्रियों के साथ 24 जनवरी को रवाना होगी। जिसमें शहडोल से 300 और उमरिया से 200 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 29 जनवरी को वापस लौटेगी। सत्रवीं ट्रेन उमरिया से शिर्डी के लिये 279 तीर्थ यात्री को लेकर 1 फरवरी को रवाना होगी। जिसमें कटनी से 200 और जबलपुर से 300 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 4 फरवरी को वापस लौटेगी। रामेश्वरम तीर्थ स्थल के लिये 7 फरवरी को अठ्ठारवीं ट्रेन मुरैना से रवाना होगी, जिसमें मुरैना से 279, ग्वालियर से 300 और दतिया से 200 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 12 फरवरी को लौटेगी। छतरपुर से द्वारका के लिये 15 फरवरी को उन्नीसवीं ट्रेन रवाना होगी। जिसमें छतरपुर से 279, टीकमगढ़ से 200 और उज्जैन से 300 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 20 फरवरी को वापस लौटेगी। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की 20वीं ट्रेन नागपुर के लिये भिंड से 279 तीर्थ यात्रियों के साथ 23 फरवरी को रवाना होगी। जिसमें ग्वालियर से 300 और दतिया से 200 तीर्थ यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 26 फरवरी को लौटेगी।

भाजपाइयों के बाबा महाकाल…प्रदेश अध्यक्ष, संगठन प्रभारी, विधायक से लेकर तमाम भाजपा पदाधिकारी उड़ा रहे मंदिर नियम की धज्जियां

BJP's Baba Mahakal…State President, Organization Incharge, MLA flouted temple rules

BJP’s Baba Mahakal…State President, Organization Incharge, MLA flouted temple rules वैसे तो कालों के काल बाबा महाकाल सभी के हैं, लेकिन पिछले 44 दोनों की बात की जाए तो लगता है जैसे बाबा महाकाल अब सिर्फ भाजपाइयों के हो चुके हैं। मंदिर में हजारों किलोमीटर दूर से दर्शन करने आने वाले भक्तों को तो बेरिकेट से ही बाबा महाकाल के दर्शन करना पड़ते हैं, लेकिन श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के नियम उसे समय शिथिल हो जाते हैं, जब कोई भाजपा नेता भगवान के दर्शन करने के लिए मंदिर पहुंचता है। सहारा समाचार समय-समय पर मंदिर में श्रद्धालुओं को हो रही अवस्था पर सवाल उठाता है, लेकिन आज बात मंदिर के नियमों की है, जिनकी पिछले 44 दिनों में चार बार धज्जियां उड़ाई गई। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, संगठन प्रभारी और विधायक कैसे मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे इसका जवाब देने वाला मंदिर में कोई नहीं है। कहने वाली बात तो यह भी है कि इन सत्ताधारियों ने खुद तो गर्भगृह में पहुंचकर भगवान का पूजन अर्चन अभिषेक तो किया ही, लेकिन इसके साथ ही यह अपने चहेतो को भी गर्भगृह में ले गए, जिन्हें गर्भ गर्भगृह में ले जाने का इन्हें कोई अधिकार नहीं था। 8 जुलाई से 19 अगस्त तक कई बार उड़ी नियमों की धज्जियांसबसे पहले बात की जाए तो 8 जुलाई 2024 को भाजपा के प्रदेश संगठन प्रभारी महेंद्र सिंह भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल का पूजन अर्चन करने के लिए अपनी पत्नी के साथ गर्भगृह में पहुंचे थे। इन्होंने भगवान का पूजन अर्चन अभिषेक किया था जिस पर जमकर बखेड़ा खड़ा हुआ था, लेकिन बाद में इस पूरे मामले में जिम्मेदार ने यह नहीं बता पाए कि आखिर भाजपा के प्रदेश संगठन प्रभारी मंदिर के गर्भगृह में कैसे पहुंचे। 10 अगस्त 2024 को उज्जैन उत्तर के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा अपने जन्मदिन पर बाबा महाकाल के गर्भगृह में भगवान महाकाल का पूजन अर्चन अभिषेक करते दिखाई दिए थे। जिसका वीडियो जमकर वायरल हुआ था। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने बाबा महाकाल के दर्शन तो किए थे, लेकिन इस दौरान वे अपने साथ भाजपा के सराफा मंडल अध्यक्ष अजय तिवारी को भी गर्भगृह में ले गए थे। इस मामले ने भी जमकर तूल पकड़ा था, लेकिन श्री महाकालेश्वर मंदिर के जिम्मेदार इस मामले पर भी चुप्पी साधे रहे, जबकि इस मामले में भी मंदिर के नियमों की धज्जियां उड़ाई गई थी। 19 अगस्त 2024 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पत्नी के साथ बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे थे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी को प्रोटोकॉल के तहत दर्शन करवाना फिर भी मंदिर के नियमों के तहत आता है, लेकिन इस दौरान यह देखने को आया था कि मुख्यमंत्री अपने साथ लगभग आधा दर्जन अन्य लोगों को भी गर्भगृह में ले गए थे जो कि नियमों के विरुद्ध है। 19 अगस्त 2024 श्रावण के अंतिम सोमवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा उज्जैन पहुंचे थे, जहां उन्होंने गर्भगृह में पहुंचकर भगवान का पूजन अर्चन किया था। इस दौरान उनके साथ भाजपा जिला अध्यक्ष बहादुर सिंह बोरमुंडला और दो अन्य लोग भी भगवान की पूजा अर्चना करते दिखाई दिए थे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का यही वीडियो अब वायरल हो रहा है, जिसको लेकर यह सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही जिला अध्यक्ष और दो अन्य लोगों को किस प्रोटोकॉल के नियम के तहत मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करवाया गया। तो नियमों में भेदभाव क्यों….?वैसे तो यह किसी को बताने की बात नहीं है कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आम श्रद्धालुओं से दर्शन व्यवस्था के नाम पर कितने नियमों का पालन करवाया जाता है। अगर कोई श्रद्धालु मंदिर के नियमों का थोड़ा भी उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ त्वरित कार्रवाई कर दी जाती है, लेकिन यह कार्रवाई सिर्फ और सिर्फ आम श्रद्धालुओं पर ही होती है वीआईपी श्रद्धालु चाहे जो भी करें उन पर लगता है श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के नियम काम नहीं करते हैं। कोई नहीं बात पता किसकी परमिशन से हुआ गर्भगृह में प्रवेश पिछले 44 दिनों में भाजपा के कई पदाधिकारी ने गर्भगृह में पहुंचकर खुद तो दर्शन किए ही साथ ही वह अपने चहेतों को भी गर्भगृह में ले गए, जिसकी जानकारी वीडियो वायरल होने के बाद मीडिया और प्रशासन तक जरूर पहुंची, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद मंदिर के जिम्मेदार यह नहीं बता पाए कि आखिर किसकी परमिशन से गर्भगृह में इन लोगों को प्रवेश दिया गया था। आज भी जब महाकाल मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ से इस बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि हमने ऐसी कोई अनुमति नहीं दी है। मैं दिखवाता हूं कि किसकी अनुमति से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दर्शन करने गर्भगृह में पहुंचे थे। जबकि एडीएम अनुकूल जैन का कहना है कि प्रशासनिक प्रोटोकॉल से कोई परमिशन नहीं करवाई गई है इस बारे में प्रशासक ही बता पाएंगे।

भोपाल में भारत बंद का मिला-जुला असर, कुछ दुकानें खुलीं, पुलिस भी हाई अलर्ट पर

Mixed effect of Bharat Bandh in Bhopal, some shops opened, police also on high alert

Mixed effect of Bharat Bandh in Bhopal, some shops opened, police also on high alert भोपाल ! सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी/एसटी के आरक्षण में वर्गीकरण का आदेश दिया गया है. उसके विरोध में आज 21 अगस्त को भारत के सभी अनुसूचित जाति एवं जनजाति संगठनों द्वारा भारत बंद का अव्हान किया गया था. हालांकि एमपी के ज्यादातर शहरों में भारत बंद का मिला जुला असर ही देखा जा रहा है. ज्यादातर दुकानें खुली हैं तो कुछ दुकानें ही बंद हैं. इधर भारत बंद के आव्हान के बाद पुलिस भी अलर्ट है. पुलिस सोशल मीडिया पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं तो वहीं आमजनों से अफवाहों से बचने की अपील भी की गई. कांग्रेस विधायक बंद के समर्थन मेंग्वालियर में कलेक्टर ने मंगलवार की रात से ही धारा 144 लागू कर दी थी. वहीं ग्वालियर में कई स्कूलों ने आज छुट्टी घोषित कर दी थी. बता दें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के संगठनों का जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन भी समर्थन कर रहा है. कांग्रेस विधायक और जयस के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. हीरालाल अलावा और भांडेर से कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया इस बंद के समर्थन में हैं. हालांकि कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट नहीं दिख रही है. पुलिस की आमजनों से अपील

विरूद्व वन अपराध प्रकरण क्रमांक 31/12 दिनांक 24 फरवरी 24 के माध्यम से पंजीबद्ध किया गया,अनुमति के विरुद्ध 27.9 हेक्टेयर पर निर्माण किया

construction was done on 27.9 hectares against the permission.

Forest offence case number 31/12 dated 24 February 24 was registered against him, construction was done on 27.9 hectares against the permission. (विशेष संवाददाता ) भोपाल। कंपनी द्वारा स्थल पर कक्ष कमांक पी-546 में 182.00 हेक्टेयर में निर्माण कार्य किया गया है, जिसमें सीमेन्ट फैक्ट्री प्लांट, रिहायसी कॉलोनी, स्कूल, रेस्टहाउस आदि सम्मिलित हैं। कक्ष कमांक पी-546 में 182 हेक्टेयर में निर्माण कार्य के अतिरिक्त कंपनी द्वारा कक्ष कमांक पी-555 में 27.9 हेक्टेयर में बैंक, लेबर कॉलोनी, कॉलेज, हॉस्पिटल, बाजार आदि का निर्माण किया गया है। अतएव फैक्ट्री प्रबंधन को कुल आवंटित 188.23 हेक्टेयर वनभूमि में से कन्वेयर बेल्ट हेतु आवंटित 5.855 हेक्टेयर वनभूमि को हटाकर कुल 182.375 हेक्टेयर में निर्माण कार्य करने की अनुमति प्राप्त थी किंतु कंपनी द्वारा आवंटित 182.375 हेक्टेयर वन भूमि के विरुद्ध बीट सगमनिया के कक्ष क्रमांक पी-546 में 182 हेक्टेयर तथा बीट बम्हनी के कक्ष क्रमांक पी-555 मैं 27.9 हेक्टेयर में निर्माण कार्य किया गया। इस प्रकार कंपनी को निर्माण कार्य हेतु कुल आवंटित वन भूमि 182.375 हेक्टेयर के विरुद्ध कुल 209.9 हेक्टेयर वन भूमि में फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा निर्माण कार्य किया गया। अतएव कंपनी द्वारा 27.9 हेक्टेयर वन भूमि अतिरिक्त अवैध निर्माण कार्य किया गया है।  वर्किंग प्लान में भी अतिक्रमण का था उल्लेख  वनमण्डल सतना की कार्य आयोजना में वर्ष 2008-09 से 2017-18 में 30 हेक्टेयर तथा वर्तमान कार्य आयोजना वर्ष 2019-20 से 2028-29 भाग-3 आलेख में 24.94 हेक्टेयर अतिक्रमण कक्ष कमांक पी-555 में लेख किया गया है। जो 2005 के पूर्व का है। कार्य आयोजना (वर्ष 2008-09 से 2017-18) एवं वर्तमान कार्य आयोजना (वर्ष 2019-20 से 2028-29) के अनुसार भी कक्ष कमांक पी-555 में कंपनी प्रबंधन द्वारा किये गये 27.9 हेक्टेयर में निर्माण कार्य अतिक्रमण के रूप में अंकित है एवं यह अतिक्रमण वर्ष 2005 से पूर्व का है।  गूगल इमेजरी में भी अतिक्रमण उजागर  गूगल अर्थ इमेजरी वर्ष 2002 तक ही उपलब्ध है एवं वर्ष 2002 के पूर्व की गूगल इमेजरी उपलब्ध नहीं है। वर्ष 2002 की गूगल इमेजरी में यह अतिक्रमण देखा जा सकता है। अतएव यह अतिक्रमण वर्ष 2002 के पूर्व का है। फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा इनके निर्माण वर्ष के सम्बन्ध में कोई भी दस्तावेज तथा कथन प्रदाय नहीं किये गये हैं। जांच के समय स्थानीय बुजुर्गों से पूछतांछ की गई, जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि अस्पताल, कॉलोनी एवं ग्राउन्ड वर्ष 1981 से 1984 के मध्य में बना है तथा कॉलेज एवं बाजार 2000 से 2002 के मध्य प्रारंभ किया गया है तथा कॉलेज को वर्ष 2005 में मान्यता प्राप्त हुई है।  किसी राजस्व अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं  अल्ट्राटेक सीमेण्ट फैक्ट्री द्वारा उक्त भूमि के संबंध में आज दिनांक तक केवल कलेक्टर, सतना द्वारा वर्ष 1993 में (1977 से 2078, 99 वर्ष की अवधि के लिए) दी गई लीज डीड की छायाप्रति प्रदाय की गई है। साथ ही फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा वर्ष 1990 के एक नक्शे की छायाप्रति प्रदाय की गई है, जिसमें किसी भी राजस्व के अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं, इसमें केवल एसएन नाचने तत्कालीन डीएफओ सतना के हस्ताक्षर है। यह कोई मानचित्र नहीं है, बल्कि कंपनी द्वारा स्थल पर किये गये निर्माण कार्य का लेआउट प्लान है, जो कि उन्होंने अतिक्रमण पश्चात् बनाया है, जिसकी कोई वैधता नहीं है। साथ ही लेख है कि इस क्षेत्र के राजस्व मानचित्र भू-अभिलेख कार्यालय जिला सतना एवं मैहर में उपलब्ध नहीं है। साथ ही कलेक्टर जिला सतना द्वारा वर्ष 1993 में प्रदाय की गई लीज डीज की मूल फाइल तथा संबंधित अन्य अभिलेख भी अद्यतन स्थिति में प्राप्त नहीं हुए है।

व्हाट्सएप, ई-मेल और टेक्स्ट मैसेज से भेजे जाएंगे वारंट, नोटिफिकेशन जारी

Warrants will be sent through WhatsApp, e-mail and text message, notification issued

मध्यप्रदेश में न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक सुगम और प्रभावी बनाने के लिए एक नया नियम लागू किया गया है। इस नियम के तहत अब समन और वारंट ऑनलाइन माध्यमों जैसे व्हाट्सएप, ई-मेल, और टेक्स्ट मैसेज के जरिए भेजे जाएंगे और उन्हें तामील माना जाएगा। इस नई पहल के साथ मध्यप्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इसको लेकर गृह विभाग ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। बता दें मध्यप्रदेश सरकार ने नए कानून के लिए डेढ़ महीने में यह नियम तैयार किया है, जिसके अनुसार अब कोर्ट से सीधे समन और वारंट जारी किए जा सकेंगे। ई-मेल के जरिए भेजे गए समन और वारंट की तामील तब मानी जाएगी, जब ई-मेल बाउंस बैक नहीं होता। इसका मतलब है कि अगर ई-मेल डिलीवर हो जाता है, तो समन या वारंट तामील माना जाएगा। हालांकि, यह नया नियम उन लोगों पर लागू नहीं होगा जो ई-मेल, फोन नंबर, या मैसेजिंग एप्लिकेशन का उपयोग नहीं करते हैं। ऐसे मामलों में पारंपरिक तरीका अपनाया जाएगा और संबंधित थाने का स्टाफ समन या वारंट की तामील करवाएगा। गृह विभाग ने इस नए नियम को लागू करने के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी किया है। इस कदम से न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है और डिजिटल युग में न्याय व्यवस्था को और सशक्त बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस नए नियम के लागू होने से न्यायिक प्रक्रियाओं में समय और संसाधनों की बचत होगी, साथ ही अदालती आदेशों की तामील अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।

पैसो का कमाल :- आनलाईन स्थानांतरण प्रक्रिया मे खेला,आधाअधूरा सीएचसी मे कर दिया ट्रांसफर ,सीएचसी मे सुख रहे कपडे स्वास्थ्य मंत्री के बंगले से लेकर एनएचएम की बिल्डिंग में बैठकर होते है नाम तय

Miracle of money:- Played in the online transfer process

Miracle of money:- Played in the online transfer process, half-finished transfer was made to CHC, clothes were drying in CHC, names were finalized from the Health Minister’s bungalow to the NHM building. भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार द्वारा संचालित नेशनल स्वास्थ्य मिशन में दावों को लेकर अधिकारियों की मनमानी खुले आम चल रही है। यूं तो मध्य प्रदेश सरकार ने अभी तबादलों पर से बैन नहीं हटाया है लेकिन यह योजना केंद्र सरकार के अंतर्गत आता है इसलिए इसमें बहुत सारे फैसले लेने के अधिकार मिशन संचालक के हाथों में है उन्ही अधिकारों का उपयोग करते हुए नेशनल स्वास्थ्य मिशन योजना में अधिकारी – कर्मचारियों की भर्ती कर्मचारियों व तबादले से लेकर विभाग में होने वाली सप्लाई सामग्री सभी में मनमानी करने पर उतारू है। मध्य प्रदेश सरकार का चुकी हस्तक्षेप काम है इसलिए यहां पदस्थ अधिकारी अपनी मोनोपोली चलाते हैं । कोई सुनने और देखने वाला नहीं है |मध्य प्रदेश सरकार में तबादलो पर प्रतिबंध है लेकिन नेशनल स्वास्थ्य मिशन की मिशन संचालक ने जिलो व ब्लाक स्तर पर तैनात सीएचओ की दो तबादला सूचिया जारी कर दी है। इसमें एक 72 और एक 60 सीएचओ की सूची है इस सूचि में कुछ ऐसे नाम भी शामिल है उन स्थानों पर पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं जहां अभी स्वास्थ्य केंद्र बने ही नहीं है। उदाहरण के तौर पर बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी ब्लाक मे सुखाढाना है उस स्वास्थ्य केंद्र का अभी निर्माण कार्य ही पूरा नहीं हुआ है वहां निर्माण काम चल रहा है पर बिना केंद्र के बने ही इस उप स्वास्थ्य केंद्र पर सीएचओ का तबादला कर पदस्थापना कर दी । इस सेंटर पर एक और बात सामने आई जब इस सेंटर पर कुछ कर्मचारी आवेदन कर रहे थे तो वहा पर आवेदन स्विकार ही नही हो रहा था याने सेंटर ही नही दिख रहा था अब सवाल जब आनलाईन प्रक्रिया चल रही है और आनलाईन मे सेंटर शो ही नही कर रहा तो यहा स्थानांतरण कैसे हो गया । यह इस बात का प्रमाण है कि यह तबादला लेनदेन या किसी अन्य व्यवस्था के अंतर्गत किया गया है । कि जैसे ही यह उप स्वास्थ्य केंद्र बनकर तैयार हो जाएगा तब तक यह कर्मचारी छतरपुर के उसे उप स्वास्थ्य केंद्र पर काम करेगा और जैसे ही एक केंद्र बनकर तैयार होगा उसे वहां से रिव्यू होकर बैतूल जिले में भेज दिया जाएगा ऐसे और भी कई उदाहरण हो सकते हैं मध्य प्रदेश सरकार के अधिकारियों को विशेष कर प्रमुख सचिव जिनके अधीन पूरा प्रदेश प्रशासन है प्रदेश के सभी वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों से लेकर कनिष्ठ अधिकारी उनके अधीन है तो उन्हें ऐसे मामलों में संज्ञान लेना चाहिए और इस तरह अधिकारियों द्वारा की जा रही मनमानी पर ब्रेक लगाना चाहिए माना कि यह योजना केंद्र सरकार की है लेकिन संचालित मध्य प्रदेश सरकार के अधिकारियों और मध्य प्रदेश सरकार के अधीन होती है तो मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला से लेकर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और प्रमुख सचिव मध्य प्रदेश सरकार की भी यह जवाबदारी बनती है कि इस विभाग में भी अधिकारियों द्वारा इस तरह की तानाशाही और मनमानी नहीं की जा सके इस पर सरकार को और प्रमुख सचिव को लगाम लगाना चाहिए। आधूरे निर्माणाधिस Chc पर सुख रहे कपडे कुछ दिन पहले जो स्थानांतरण सूची आई उसमे सुखाढाना सीएससी भी है जहा स्थानंतरण होकर कर्मचारी तो चला गया पर उसे काम करने के लिये जगह नही है इस मामले की तहकिकात करने हमारा संवादताता गया तो वहा आज की तारिख मे आधाअधूरा निर्माण कार्य है और उस निर्माण कार्य पर कपडे सुख रहे है ।

आदिवासी युवक की पिटाई के मामले पर कांग्रेस ने मोहन सरकार सरकार को घेरा

Congress cornered Mohan Sarkar government on the issue of beating of tribal youth

Congress cornered Mohan Sarkar government on the issue of beating of tribal youth भोपाल ! ट्रेनी अग्निवीर लूट का मास्टरमाइंड निकला और 50 लाख की लूट की वारदात को अंजाम दिया. वहीं, इंदौर में आदिवासी युवक के साथ हुई मारपीट की घटना सामने आई. इसको लेकर अब कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार पर निशाना साधा है. एमपी कांग्रेस चीफ जीतू पटवारी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बीजेपी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. दूसरी तरफ, बीजेपी दोनों ही मामलों में कड़ी कार्रवाई की बात कह रही है. इंदौर में आदिवासी युवक के साथ मारपीटइंदौर के भंवर कुवा थाना क्षेत्र में आदिवासी युवक के साथ बाइक को कट करने की बात को लेकर मारपीट की घटना हुई. आरोपी रितेश राजपूत के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. वह इलाके का लिस्टेड गुंडा है. उसके एक साथी के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जारी करते हुए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार मध्य प्रदेश में आदिवासियों पर अत्याचार की घटनाएं नहीं रोक पा रही है. उन्होंने एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए. इंदौर में आदिवासी युवक के साथ मारपीट करने और जूते के फीते बँधवाने के मामले पर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि इंदौर में पुलिस कमिश्नरी लागू के होने के बाद आपराधिक मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं उन्होंने ज़िले के प्रभारी मंत्री होने के नाते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर भी सवाल उठाए हैं। उमंग सिंघार ने लगाए आरोपये पूरी घटना सीसीटीवी में क़ैद हो गई सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो गया। अब इस मामले को लेकर कांग्रेस ने आदिवासी उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स पर लिखा है कि ‘इंदौर के भंवरकुआं इलाके में सड़क पर ठीक से न चलने की बात पर एक आदिवासी युवक के साथ अकारण मारपीट की गई। बदमाश ने आदिवासी युवक की पिटाई करने के साथ उससे अपने जूते के लेस भी बंधवाए। आश्चर्य है कि इस बदमाश पर दर्जनभर मुकदमें दर्ज हैं, फिर भी वो खुला घूम रहा था। इंदौर में पुलिस कमिश्नरी लागू होने के बाद शहर में आपराधिक मामले लगातार बढ़ रहे हैं। एमपी के गृहमंत्री का प्रभार सीएम के पास है और अब तो वे इंदौर के प्रभारी मंत्री भी हैं। इसके बाद भी शहर में कानून व्यवस्था की हालत कैसी है, इसे समझा जा सकता है!

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस केन्द्रीय जेल में रक्षा बंधन पर्व पर विशेष मुलाकात कार्यक्रम 

Raksha Bandhan festival in Netaji Subhash Chandra Bose Central Jail

Special meeting program on Raksha Bandhan festival in Netaji Subhash Chandra Bose Central Jail जीतेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता) जबलपुर ‌। रक्षा बंधन पर्व के अवसर पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस केन्द्रीय जेल जबलपुर म.प्र. में श्री अखिलेश तोमर जेल अधीक्षक के निर्देशन में बंदियों को अपनी बहनों एवं बहनों को अपने भाईयों से रक्षा बंधन त्यौहार में राखी बांधने के लिए विशेष मुलाकात की व्यवस्था की गई साथ ही जेल की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जेल अधिकारी/कर्मचारियों को मुलाकात व्यवस्था का अलग-अलग दायित्व सौंपा गया । 1244 बंदी / हवालाती पुरूष बंदियों से दूर दराज से आई लगभग 2705 माताओं / बहनों एवं उनके साथ 899 बच्चों ने अपने-अपने भाईयों को कुमकुम का तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधकर मिष्ठान खिलाया और उनसे बुराईयों के रास्ते को छोड़ने का संकल्प लिया एवं मुलाकात की। जेल में परिरूद्ध 50 बंदी/ हवालाती महिला बंदियों से भाईयो ने राखी बंधवाई । कुल 3604 बहनों/भाईयो एवं परिजनों ने कुल 1294 पुरुष / महिला बंदी से जेल पर आकर रक्षा बंधन का पवित्र त्यौहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जेल कैंटीन के माध्यम से बंदियों के लिए राखी, मिठाई, कुमकुम एवं फल की व्यवस्था जेल प्रशासन द्वारा की गई। जेल अधीक्षक द्वारा जेल की सुरक्षा व्यवस्था के लिए जेल स्टाफ, पुलिस प्रशासन एवं मीडिया का भी सहयोग सराहनीय रहा। इस अवसर पर डॉ. लक्ष्मण शाह (जेल चिकित्सक), श्री मदन कमलेश (जेल उप अधीक्षक), श्री नारायण सिंह राणा (जेल उप अधीक्षक), श्री गणेश सिंह (जेल उप अधीक्षक), श्रीमति रूपाली मिश्रा (जेल उप अधीक्षक) एवं समस्त सहायक जेल अधीक्षक एवं समस्त अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहें एवं सहयोग किया गया ।

जीतू पटवारी ने काफिला लेकर चलने वालों नेताओं की लगा दी क्लास, बताई चुनाव में हार की वजह

President Jitu Patwari organized a class for the leaders carrying

President Jitu Patwari organized a class for the leaders carrying the convoy. विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब कांग्रेस मैदान में नजर आ रही है. यही कारण है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस पिछले करीब 1 महीने से लगातार प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन कर रही है. इस बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का बयान खूब वायरल हो रहा हे. जिसमें वो टिकट लेने वालों पर तंज कसते नजर आ रहे हैं. क्या बोले जीतू पटवारी?दरअसल विधानसभा चुनाव के समय कई बीजेपी नेताओं बड़े दम-खम के साथ कांग्रेस ज्वाइन की थी. जिस वक्त वो पार्टी का दामन थामते उस वक्त लंबा काफिला प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन जाता, जीतू पटवारी एक बार फिर पूरी तरीके से सक्रिय नजर आ रहे हैं. मध्य प्रदेश के तमाम इलाकों में जा रहे हैं. सरकार को घेरने के लिए मुद्दे उठा रहे हैं. लेकिन इस बार बीजेपी नहीं कांग्रेस के नेता उनके निशाने पर आ गए हैं. वे नेता जो काफिला लेकर चलते हैं. विधानसभा का टिकट मांगते हैं. सबके सामने जीतू पटवारी ने काफिला लेकर चलने वाले नेताओं को नसीहत दे दी है. यह भी कह दिया 100- 200 गाड़ी से आने वाले यह लोग टिकट मांगते हैं. जमीन पर हकीकम कुछ और ही होती है. यही कारण है कि हम आज 66 पर आ गए हैं. कब होगी जीतू की टीम तैयार?जीतू पटवारी ने अब एक बार फिर मध्य प्रदेश में कांग्रेस का संगठन मजबूत कर रहे हैं. इसी को लेकर वे पूरे प्रदेश भर में दौरा कर रहे हैं. आपको बता दें कि इस समय प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पंचायत कमेटी की गठन के काम में जुटे हुए हैं. तो वहीं भी प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. आपको बता दें कि पिछले दिनों भंवर जितेंद्र सिंह ने दावा किया था कि आने वाले 15 दिनों में प्रदेश कार्यकारिणी गठित हो जाएगी. लेकिन, इस बात को भी एक महीने से ज्यादा बीत गया है. अब देखना होगा कि जीतू अपनी टीम कब तक तैयार कर पाते हैं.

श्रावण माह की आखिरी सवारी में भगवान महाकाल पांच रूप में दर्शन देंगे

Lord Mahakaal will appear in five forms in the last ride of Shravan month.

Lord Mahakaal will appear in five forms in the last ride of Shravan month. सावन माह में निकलने वाली अंतिम सवारी में भगवान महाकाल पांच रूपों में दर्शन देंगे. सावन की अंतिम सवारी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे. सवारी को भव्य रूप देने के लिए इसमें सीआरपीएफ का बैंड भी शामिल होगा. महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष और कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि महाकालेश्वर भगवान की श्रावण माह में निकलने वाली सवारी के क्रम श्रावण माह की आखिरी सवारी 19 जुलाई रक्षाबंधन के पर्व पर निकलेगी. इस दौरान पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिवतांडव, नन्दी रथ पर श्री उमा-महेश और डोल रथ पर श्री होल्कर स्टेट के मुखारविंद सम्मिलित रहेगा. पालकी में विराजित भगवान को दी जाएगी सलामीमहाकालेश्वर भगवान की सवारी निकलने के पूर्व श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर का विधिवत पूजन-अर्चन होगा. उसके पश्चात भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे. मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान को सलामी दी जाएगी. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बताया कि सावन माह की अंतिम सवारी में सीआरपीएफ का बैंड शामिल होगा. वह खुद भी सवारी में शामिल होंगे. गोण्ड जनजातीय का दल सवारी में सम्मिलित होगाश्री महाकालेश्वर की सवारी में जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद के माध्यम से कलाकारों का दल भी सहभागिता करेगा. सवारी में शामिल होने वाले दल के प्रमुख प्रताप सिंह धुर्वे ने बताया कि आदिवासी गोड़ जनजाति का मैला करमा नृत्य कर्म की प्रेरणा देने वाला नृत्य है. ग्राम वासियों में श्रम का महत्व है, श्रम को ही कर्मदेवता के रूप में मानते है..पूर्वी मध्यप्रदेश में कर्मपूजा का उत्सव मनाया जाता है. उसमें करमा नृत्य किया जाता है. इस नृत्य में युवक-युवतियाँ दोनों भाग लेते है और उनके बीच गीत रचना होड़ लग जाती है.

आवारा पशुओं को लेकर सरकार सख्त, सड़कों से हटाने के लिए 15 दिन का विशेष अभियान चलेगा

Government is strict about stray animals, a special 15-day campaign will be run to remove them from the roads

Government is strict about stray animals, a special 15-day campaign will be run to remove them from the roads भोपाल (विशेष संवाददाता) । प्रदेश सरकार ने प्रमुख मार्गों से आवारा मवेशियों को हटाने के लिए 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाएगी। इस अभियान के तहत सड़कों से मवेशियों को हटाने के लिए एक समिति बनाई गई है, जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को शामिल किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस विशेष अभियान के लिए आईएएस अधिकारियों को अध्यक्ष और सदस्य के रूप में नियुक्त किया है। ये अधिकारी 15 दिनों के भीतर अभियान चलाकर सड़कों से आवारा मवेशियों को हटाने का काम करेंगे। समिति में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अध्यक्ष, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव सदस्य, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव सदस्य सचिव, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सदस्य और पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव सदस्य होंगे।

NCL के CMD के पीए और सप्लायर रवि के ठिकाने पर CBI का छापा

CBI also raided the house of NCL CMD's PA Subedar Ojha

CBI raids the residence of NCL CMD’s PA and supplier Ravi भोपाल। प्रदेश के सिंगरौली जिले के एनसीएल (नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ) क्षेत्र में रविवार की सुबह सीबीआई की टीम ने अनेक ठिकानों पर छापामारी की। इस दौरान जहां कुछ अफसरों के घर सीबीआई के अफसर पहुंचे, तो कुछ बड़े सप्लायरों को सीबीआई की टीम ने रडार पर लिया। इस कार्रवाई से एनसीएल सिंगरौली में हड़कंप व्याप्त है। जबलपुर से आई सीबीआई की टीम ने सुबह-सुबह एनसीएल के दो अधिकारियों समेत एक ठेकेदार के यहां दबिश दी। टीम सबसे पहले एनसीएल के सीएमडी बी. साईराम के पीए सूबेदार ओझा के आवास पर पहुंची और यहां उसने पूछताछ का सिलसिला शुरू किया। सूबेदार ओझा के आफिस में भी सीबीआई अफसरों ने खुर्दबीनी की। इसी दौरान सीबाआई टीम के कुछ सदस्य सुरक्षा विभाग में पदस्थ वरिष्ठ अधिकारी बीके सिंह के यहां भी पहुंचकर जांच में जुट गए।  एनसीएल के इन दोनों बड़े अधिकारियों के यहां दबिश के साथ ही सीबीआई की की टीम ने एनसीएल के एक बड़े सप्लायर रवि सिंह के जयंत स्थित घर पर भी धावा बोला। रवि सिंह को उनके आवास से गिरफ्तार किए जाने की भी अपुष्ट सूचना मिली है। रवि सिंह से कुछ देर की पूछताछ के बाद ही सीबीआई की टीम ने उन्हें सिंगरौली कोतवाली के सुपुर्द कर दिया। इसी बीच रवि सिंह ने खुद के अस्वस्थ होने की बात कही, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती करा दिया। फिलहाल सीबीआई टीम के सदस्यों ने इस बारे में कुछ नहीं बताया है कि वहां जांच किस बात की चल रही है। कौन है रवि सिंह सप्लायर रवि सिंह के बारे में कहा जाता है कि वो एनसीएल का सबसे बड़ा सप्लायर है। वो कंपनी को विभिन्न प्रकार की महंगी मशीनें और उनके पार्ट उपलब्ध कराता है। वो सिंगरौली के बड़े रसूखदारों में शुमार है। इसके रसूख का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सीबीआई ने जैसे ही रवि सिंह को कोतवाली पुलिस के भरोसे छोड़ा, वो बीमार हो गया और उसे ट्रामा सेंटर तक पहुंचा दिया गया।

NCL सीएमडी के पीए सूबेदार ओझा के यहा भी सीबीआई की रेड

CBI also raided the house of NCL CMD's PA Subedar Ojha

CBI also raided the house of NCL CMD’s PA Subedar Ojha भोपाल। सिंगरौली के एनसीएल  में छापेमारी के दौरान सीबीआई को लगभग 4 करोड रुपए नगद मिलने की खबर है, सीबीआई ने इस मसले पर NCL के सप्लायर रवि सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, रवि सिंह के यहां से भी डेढ़ करोड़ रुपए नगद मिले हैं, सीबीआई ने रवि सिंह को गिरफ्तार करके बैढन थाने में रखा है।

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