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संगठन शास्त्र की सगुण मूर्ति कुशाभाऊ ठाकरे –सुरेन्द्र शर्मा

Kushabhau Thackeray, the embodiment of organization science – Surendra Sharma

Kushabhau Thackeray, the embodiment of organization science – Surendra Sharma जन्मदिवस (श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष)भारतीय जनता पार्टी 18 करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ आज भारत ही नहीं विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है लगातार तीसरी बार केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है तो मध्य प्रदेश सहित देश के 21 राज्यों में भी भाजपा एवं उसके सहयोगी दलों की सरकार हैं संपूर्ण भारत के कोने-कोने तक आज कमल पुष्पित एवं पल्लवित हो रहा है भारतीय जनता पार्टी रूपी इस विशाल भवन को तैयार करने में जो नींव के पत्थर हैं उनमें शशिकांत सुंदर राव ठाकरे उपाख्य “कुशा भाऊ ठाकरे” अग्रणी हैं।राजा भोज की प्राचीन नगरी धार में 15 अगस्त 1922 को जन्माष्टमी के पावन पर्व पर डॉक्टर सुंदर राव ठाकरे एवं श्रीमती शांताबाई ठाकरे के घर एक बालक ने जन्म लिया जो अपनी प्रतिभा विनय शीलता और राष्ट्र को समर्पित व्यक्तित्व के कारण देश के लाखों कार्यकर्ताओं का चहेता कुशाभाऊ बन गया ।कुशा भाऊ के पिताजी एवं माताजी अपने सादा जीवन उच्च विचार तथा गरीबों की चिकित्सा के लिए विख्यात थे ।अपने अपने छात्र जीवन से ही कुशा भाऊ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिये जीवनदान करने का संकल्प लिया जिससे वह कभी नहीं डिगे ।1938 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने धार में हाई स्कूल की शिक्षा प्राप्त कर 1939 में ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज (वर्तमान में महारानी लक्ष्मी बाई महाविद्यालय) में प्रवेश लिया ।इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज या संघ कार्य में से एक विकल्प चुनने को कहा गया उन्होंने संघ कार्य को चुना । 5 जुलाई 1942 को डाक्टरी की पढ़ाई का मोह छोड़कर देश सेवा करने के लिए वह संघ के प्रचारक बन गये।ठाकरे जी की उच्च शिक्षा ग्वालियर से हुई उन्होंने नीमच से अपने प्रचारक जीवन की शुरुआत की उसके बाद रतलाम विभाग प्रचारक उज्जैन विभाग प्रचारक रहे 1951 में जनसंघ के गठन के साथ ही उन्हें दक्षिण मध्य भारत के संगठन मंत्री का दायित्व दिया गया 1956 में जब मध्य प्रदेश बना तो उन्हें संपूर्ण मध्य प्रदेश के संगठन मंत्री की जिम्मेदारी दी गई 1967 में वह जनसंघ के अखिल भारतीय मंत्री के साथ-साथ उड़ीसा एवं गुजरात के प्रभारी भी बने 1974 में उन्हें अखिल भारतीय संगठन मंत्री बनाया गया 1975 में जब आपातकाल लगा तब अन्य विपक्षी नेताओं के साथ ठाकरे जी को भी जेल में बंद कर दिया गया वह 19 माह तक जेल में बंद रहे उसके बाद 1977 में जनता पार्टी का गठन हुआ और ठाकरे जी मध्य प्रदेश के पहले अध्यक्ष बने 1979 में खंडवा लोकसभा उपचुनाव में पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी बनाया और वह विजयी हुये।ठाकरे जी 1980 से 1984 तक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री तथा गुजरात एवं उड़ीसा व मध्य प्रदेश के प्रभारी रहे 1984 से 1986 तक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष 1986 से 1992 तक राष्ट्रीय महामंत्री तथा उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के प्रभारी भी रहे 1992 में उन्हें राष्ट्रीय संगठन महामंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई 1998 में श्री लालकृष्ण आडवाणी ने संगठन के आदर्शों का पालन करते हुए लगातार तीसरी बार अध्यक्ष बनने से इनकार कर दिया तब पार्टी के सामने आडवाणी जी के उत्तराधिकारी का प्रश्न था स्वाभाविक तौर पर सभी को कुशा भाऊ इस जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त लगे और 14 अप्रैल 1998 को उन्हें भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया ।अपनी पढ़ाई के दौरान ठाकरे जी स्वामी विवेकानंद के विचारों से अत्यधिक प्रभावित हुए विवेकानंद के साहित्य ने उनकी जीवन धारा में मानवता,उष्मता त्याग, समर्पण,संवेदनशीलता की जो धारा प्रवाहित की वह उनमें जीवन भर अविरल बहती रही ।देश भक्ति ठाकरे जी में कूट-कूट कर भरी हुई थी जब वह ग्वालियर के विक्टोरिया महाविद्यालय (वर्तमान में महारानी लक्ष्मीबाई महाविद्यालय) में पढ़ाई कर रहे थे उसे समय महाविद्यालय के सभागार में मंच के ऊपर दोनों तरफ यूनियन जैक (ब्रिटिश ध्वज) लगे हुए थे ठाकरे जी एवं उनके मित्रों ने यूनियन जैक हटा दिया इस घटना से सनसनी फैल गई खूब-खोज बीन हुई लेकिन कुछ पता ना चल सका क्योंकि “पूर्व योजना पूर्ण योजना ” ठाकरे जी की कार्यशैली की विशेषता थी इससे उत्साहित होकर ठाकरे जी एवं उनके मित्रों ने कॉलेज लाइब्रेरी से महारानी विक्टोरिया एवं जॉर्ज पंचम के चित्र हटाने का निर्णय लिया निर्धारित योजना अनुसार यह काम भी संपन्न हो गया इस कांड की सख्ती से जांच हुई किंतु सीआईडी भी कुछ पता ना लगा सकी।इस घटना के बाद ठाकरे जी एवं उनके मित्रों ने एक प्रतिज्ञा पत्र लिखा और रक्त से हस्ताक्षर कर देश की स्वतंत्रता के लिए आजीवन लड़ने का संकल्पलिया ।ठाकरे जी के पिताजी उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे घर की आर्थिक स्थिति मेडिकल की पढ़ाई का बोझ उठाने की नहीं थी होल्कर रियासत से छात्रवृत्ति मिल सकती थी किंतु रियासत के अधिकारी की शर्त थी कि अगर रियासत की छात्रवृत्ति चाहिए तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को छोड़ना होगा ठाकरे जी ने स्पष्ट उत्तर दिया “श्रीमान जी संघ तो मेरी आस्था का विषय है श्रद्धा का विषय है उसे मैं किसी कीमत पर नहीं छोड़ सकता ” संघ ठाकरे जी की आत्मा थी जिससे उनके साथ तव छूटा जब काया पंचभूत में विलीन हो गई ।व्यक्तिगत सुख सुविधा की दृष्टि से अलग-अलग घरौंदा बनाने की साधारण मानव की अभिलाषा उनके मन को छू भी ना सकी थी मां भारती की गोद यही उनका घर ईश्वर प्रदत्त नील गगन यही उनका छप्पर, भारत के समस्त नर नारी उनके भाई-बहन उनके सहोदर सगे संबंधी देश की एकता अखंडता स्वतंत्रता यही उनके मन की धुन समाज के हर व्यक्ति की खुशहाली के लिए अपना जीवन का हर पल दांव पर लगाना यही उनके मन की एक मात्र इच्छा आकांक्षा थी ।अपनी समग्र प्रतिभा,कर्म चेतना और जीवन का सब कुछ देश को न्योछावर करना यही भावना उनके मन में थी “राष्ट्रकाज कीजे बिना मोहि कहां विश्राम “की धुन उन्हें हमेशा लगी रहती थी ।जिस जिस निरपेक्ष और निस्वार्थ बुद्धि से उन्होंने अपने आप को संगठन के कार्य के लिए समर्पित किया था उसके कारण वह समस्त कार्यकर्ताओं का विश्वास अर्जित करने में सफल हुए थे कि “ठाकरे जी जो कुछ कहेंगे जो कुछ करेंगे वह संगठन हित में ही होगा उनका अपना कुछ है ही नहीं … Read more

सृष्टि स्कूल जंबबाड़ा में धूमधाम से मनाया गया श्री कृष्ण जन्म उत्सव ।

Shri Krishna's birth anniversary was celebrated with great pomp at Srishti School Jambada.

Shri Krishna’s birth anniversary was celebrated with great pomp at Srishti School Jambada. हरिप्रसाद गोहेआमला । भगवान श्री कृष्ण जन्म उत्सव की धूम शहर सहित अंचल के विभिन्न ग्रामों में देखी गई। वहीं इस बार निजी स्कूलों में अध्यनरत नोनिहालो का उत्साह श्री कृष्ण जन्म उत्सव पर देखते ही बन रहा था। राधा और कृष्ण की वेशभूषा धारण किए बच्चे लोगो का मन मोह रहे थे साथ ही बच्चों द्वारा सजाई गई झांकी लोगो के आकर्षण का केंद्र रही । इधर अंचल के ग्राम जंबबाड़ा स्थित सृष्टि स्कूल में दिनांक 26 /08/2024 को श्री कृष्ण भगवान का जन्म दिन धूम ,,धाम से मनाया गया । इस शुभ अवसर पर श्री कृष्ण भगवान की पूजा अर्चना के बाद नन्हे,,मुन्ने स्कूल के छात्रों ने राधा कृष्ण बनकर कृष्ण लीला का मंचन किया । श्री कृष्ण के सभी अवतारों के स्वरूप बच्चो के द्वारा आज अवतरित किए गए । इस दौरान भगवान श्री कृष्ण की झाकी निकाली गई बाद मटकी फोड का भी आयोजन आयोजित किया गया। कार्य कर्म का समापन श्री कृष्ण भगवान की आरती के साथ हुआ । इस मौके पर स्कूल के सभी छात्र,शिक्षक,शिक्षिका, उपस्थित थे। शाला संचालक श्री विजय सोलंकी की उपस्थित में सभी बालक,बालिका शिक्षक,शिक्षिका को श्री कृष्ण जन्म अष्टमी की बधाई प्रेषित की गई । बाद श्री कृष्ण भगवान के जय कारे लगाकर, छात्रों और नगर बंधुओ ने भगवान श्री कृष्ण के प्रति भक्ति भावना का जोश हर उल्लास नजर आया ।

मध्य प्रदेश: दलित-आदिवासियों पर अत्याचार के विरोध में कांग्रेस का भोपाल में प्रदर्शन

Madhya Pradesh: Congress's demonstration in Bhopal against atrocities on Dalits and tribals.

Madhya Pradesh: Congress’s demonstration in Bhopal against atrocities on Dalits and tribals. भोपाल। प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रही है। नर्सिंग कॉलेज घोटाले का मुद्दा ठंडा पड़ने के बाद अब कांग्रेस दीगर मुद्दों को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश में जुटी है। इसी सिलसिले में अब कांग्रेस ने दलित और आदिवासी समाज अन्याय, भेदभाव और शोषण का आरोप कांग्रेस ने लगाया है। कांग्रेस इसके विरुद्ध आज रोशनपुरा चौराहे पर धरना प्रदर्शन कर रही है। प्रदर्शन में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व विधायक व मंत्री पीसी शर्मा सहित बड़े नेता उपस्थित हैं। कुछ देर में कांग्रेसी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकलेंगे। संगठन के उपाध्यक्ष मुकेश बंसल ने बताया कि प्रदेश की भाजपा सरकार में अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर दिखावा किया जा रहा है। न तो रोजगार की व्यवस्था हो रही है और न ही सुरक्षा के लिए कोई कदम उठाए जा रहे हैं। इसके विरोध में मंगलवार को भोपाल में प्रदर्शन किया जा रहा है।

आदित्य अस्पताल जबलपुर स्थित डॉक्टर की लापरवाही से युवक कि मौत 

A young man died due to the negligence of a doctor at Aditya Hospital, Jabalpur

A young man died due to the negligence of a doctor at Aditya Hospital, Jabalpur जीतेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता) जबलपुर । ग़लत इंजेक्शन लगाने से जान गंवानी पड़ी उसका पोस्टमार्टम भी नहीं कराया और शव रिश्तेदारों व परिवार वालों को सौंप दिया

करोड़ों की रॉयल्टी नुकसान पर वन -राजस्व सीमा विवाद में ढाई दशक से अटका है कटनी की झिन्ना खदान

Katni's Jhinna mine is stuck for two and a half decades in forest revenue border dispute over royalty loss worth crores.

Katni’s Jhinna mine is stuck for two and a half decades in forest revenue border dispute over royalty loss worth crores. भोपाल। वन-राजस्व सीमा विवाद के चलते 30 में कटनी के झिन्ना की खदान का प्रकरण का निराकरण नहीं हो पाया है। इस मसले पर राज्य शासन और वन विभाग असमंजस में है। फरवरी 2020 में मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दे चुके हैं कि इस प्रकरण में न्यायालयीन प्रक्रिया से प्रदेश के राजस्व में सतत हानि हो रही है। बावजूद इसके, 2017 से सुप्रीम कोर्ट में कटनी का झिन्ना खदान विवाद लंबित है। इससे जहां सरकार को करोड़ों की रेती का नुकसान हो रहा है वही 20 गांव के 2000 से अधिक लोग रोजगार से मेहरूम है। दिलचस्प पहलू यह है कि समय-समय पर अधिकारियों के सुर आदेश बदलते रहे।शिकायती पत्र के मुताबिक, कटनी के खनन कारोबारी आनंद गोयनका मेसर्स सुखदेव प्रसाद गोयनका को मध्य प्रदेश की तत्कालीन दिग्विजय सरकार के कार्यकाल में 1994 से 2014 तक की अवधि के लिए 48.562 हेक्टेयर भूमि पर खनिज करने का पट्टा मिला था। खनिज पट्टा आवंटित होने की पीछे भी बहुत कुछ छिपा है। दरअसल मध्य प्रदेश शासन ने ग्राम झिन्ना तहसील ढीमरखेड़ा जिला कटनी के वन क्षेत्र की 48.562 हेक्टेयर भूमि पुराना खसरा नम्बर 310, 311, 313, 314/1, 314/2, 315, 316, 317, 318, 265, 320 में खनिज के लिए एक अप्रैल 1991 में 1994 से लेकर 2014 तक की अवधि के लिए निमेष बजाज के पक्ष में खनिज पट्टा स्वीकृत किया था। जिसे वर्ष 1999 में मध्य प्रदेश शासन के खनिज विभाग के आदेश से 13 जनवरी 1999 को उक्त खनिज पट्टा मेसर्स सुखदेव प्रसाद गोयनका प्रोप्राइटर आनंद गोयनका के पक्ष में हस्तांतरित किया गया। लेकिन साल 2000 में वन मंडल अधिकारी कटनी के पत्र के आधार पर कलेक्टर कटनी ने आदेश पारित कर लेटेराइट फायर क्ले और अन्य खनिज के खनन पर रोक लगा दी थी।खदान से संबंधित फैक्ट फाइल नौकरशाह और आईएफएस अफसर के सुर बदलते रहेइस मामले में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि आईएएस अफसर हो या फिर आईएफएस समय-समय पर सभी के सुर बदलते रहे। मसलन जब अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल दूसरी बार वन मंत्रालय संभाला तो एक आदेश जारी कर पूर्व एसीएस वन जेएन कंसोटिया के उस आदेश को पलट दिया, जिसमें कटनी जिले की तहसील ढीमरखेड़ा के ग्राम झिन्ना की खदान के मामले में सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी वापस लेने का आदेश दिया था। अपने आदेश को तत्काल अमल में लाने के लिए कंसोटिया ने बाकायदा डीएफओ कटनी को कारण बताओं नोटिस की तलब किया था। यहां यह भी तथ्य भी गौरतलब है कि जब वर्णवाल प्रमुख सचिव वन थे तब उन्होंने भी एसएलपी वापस लेने का आदेश जारी किया था। अब वही बता सकते है कि वे तब सही थे या फिर अब..? फिलहाल पिछले महीने वन विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने वन मुख्यालय को निर्देश दिये हैं कि यदि यह केस अब तक वापस नहीं लिया गया है तो केस वापस लेने की कार्रवाई आगामी आदेश तक रोक दी जाये। वर्णवाल के आदेश के बाद जंगल महकमे में लाख टके का सवाल उठ रहा है कि आखिर किस अदृश्य शक्ति के दबाव में आकर पूर्व एसीएस कंसोटिया ने एसएलपी वापस लेने का आदेश जारी किया था। इसी प्रकार रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी जेपी शर्मा जब भू-अभिलेख शाखा में एपीसीसीएफ थे तब उन्हें विवादित खदान भूमि वन भूमि का हिस्सा दिखा करती थी पर जब रिटायर हो गए तो उन्हें भी विवादित भूमि राजस्व भूमि नजर आने लगी है। अफसरों की कमेटी ने लिया था एसएलपी वापस लेने का निर्णयएसएलपी वापस लेने संबंधित आदेश जारी करने के पूर्व 13 अक्टूबर 23 को अपर मुख्य सचिव वन कंसोटिया की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक बुलाई गई थी। बैठक में अतुल कुमार मिश्रा सचिव वन, अशोक कुमार पदेन सचिव, आरके गुप्ता तत्कालीन वन बल प्रमुख, अतुल कुमार श्रीवास्तव तत्कालीन पीसीसीएफ वर्किंग प्लान और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक भू अभिलेख डॉ वीएस अन्नागिरी भी उपस्थित थे। यह बैठक में ग्राम झिन्ना एवं हरैया तहसील ढीमरखेड़ा जिला कटनी में स्वीकृत खनिज पट्टे विवाद के निराकरण के लिए बुलाई गई थी। इस कमेटी के निर्णय के बाद ही तत्कालीन एसीएस कंसोटिया ने एसएलपी वापस आदेश जारी किया। यह बात अलग है कि इसी आदेश के चलते ही उनसे वन मंत्रालय से हटा दिया गया।

मदरलैंड स्कूल आमला मे हुआ विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन ।

Legal literacy camp was organised in Motherland School, Amla.

Legal literacy camp was organised in Motherland School, Amla. हरिप्रसाद गोहे  आमला । सीबीएसई से नवीन मान्यता प्राप्त मदरलैंड पब्लिक स्कूल अकेड्मी मे विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन मा. राकेश सनोडिया जी जे.एम.सी. सिविल कोर्ट आमला की उपस्तिथि मे आयोजित किया गया । समिति सचिव  कविश देशमुख  ने मा.सनोडिया जी का पुष्पहार से स्वागत किया वहीं वराठे जी का स्वागत देवेंद्र सोनी द्वारा तथा शीतल कवडे का स्वागत सपना इंग्ले द्वारा किया गया।  कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छाया चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, इसके पश्चात मा. न्याधीश  सनोडिया जी ने अपने संबोधन मे छात्रो को भारतीय संविधान उसकी महत्ता, संबिधान का देश मे परिपालन , नागरिको के मौलिक अधिकार ,नशा मुक्ति, पास्को एक्ट, ड्राइविंग लाईसेंस कि अनिवार्यता , वाटर हार्वेस्टिंग जीवन मे वृक्षो का महत्व आदि विषयो पर विस्तार से समझाईस दी गई। छात्रो से परीक्षा पर चर्चा करते हुये मा. सनोडिया जी ने कहा कि छात्रो को पढाई के दौरान प्रजेंट माईण्ड रहना चाहिए शत प्रतिशत अंक लाने के लिए कडी मेहनत करना चाहिये ।समिति सचीव कविश देशमुख ने अपने संबोधन मे कहा कि मा. सनोडिया जी द्वारा जो छात्रो के लिये उद्बोधन दिया गया वह छात्रो के लिये जीवन पर्यांत तक अनुकरणिय है , छात्रो का एक मात्र उद्देश्य लक्ष्य प्राप्ती होना चाहिए। इसके पश्चात माननीय सनोडिया जी दवारा स्कूल परिसर मे एक पेड मां के नाम अभियान के तहत वृक्षा रोपण का पुनित कार्य भी किया गया । छात्र एवं शिक्षको कि उपस्तिथि मे विधालय परिसर मे 20-25 फलदार वृक्षो का रोपण किया गया। प्रत्येक छात्र को रोपित वृक्ष कि जिम्मेदारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन नरेंद्र जी सोनी द्वारा किया गया ,विधिक साक्षरता शिविर व एक पेड मां के नाम कार्यक्रम के आयोजन मे विधालय स्टाफ के श्रीमती विनिता सिकरवार , सारिका जैन, प्रिया सोनी , सपना इंग्ले , पूजा सोलंकी,सोनाली मगरदे, दिपिका सोनी सुभांगी बिंजवे, रोशनी डांगरे, दुर्गा चौहान,संगीता टिकारे  अभिराम यादव आदि के सहयोग से संपन्न हुआ।

ग्राम इकाई तक मनाई जाएगी बलराम जयंती जिला बैठक में बनाई कार्य योजना ।

Balaram Jayanti will be celebrated till village level; action plan made in district meeting.

Balaram Jayanti will be celebrated till village level; action plan made in district meeting. हरिप्रसाद गोहे आमला । भारतीय किसान संघ की जिला बैठक शनिवार को कृषि उपज मंडी बैतूल में सम्पन्न हुई । जिसमें सितम्बर माह में होने वाले आयोजन की  कार्ययोजना बनाई गई । मासिक बैठक में जिला और तहसील समिति शामिल हुईं  जिला अध्यक्ष मनोज नावंगे ने बताया प्रांत से मिले निर्देश का पालन करते हुए सितम्बर माह में बलराम जयंती  महोत्सव प्रांत अधिवेशन ज्ञापन दिवस करना है ग्राम इकाई तक कार्यकर्ता पहुँचकर बलराम जयंती महोत्सव मनाना हैं । तहसील समिति से भी जयंती महोत्सव को भव्य बनाने के लिए चर्चा की गई कार्ययोजना बनाकर सभी तहसील ने सितम्बर माह में आयोजन की तारीख तय की गई  बलराम जयंती के लिए तहसील प्रभारी नियुक्त किए गए । जिला मंत्री ध्रुव मलैया ने बताया 16 सितंबर को ज्ञापन दिवस पर जिला सहित तहसील इकाई में ज्ञापन देना है 12 सितम्बर को प्रदेश अधिवेशन  में भी जिले से कार्यकर्ता पहुंचेगे बैठक मे अशोक मलैया नकुल सिंह चंदेल  लक्ष्मीनारायण मालवीय संतोष यादव हरिओम पूंदे नकुल भूसारे ओमकार साहू विजय विजय चङोकार गोविन्द दास ख़ैरवा संतोष पाल अमरनाथ चौधरी आशा राम ढावले राहुल हारोड़े लखनलाल फटेकर संतोष यादव उपस्थित रहे । भव्य मनाई जाएगी जयंती  बलराम जयंती कार्यक्रम एक पखवाड़ा में मनाया जाएगा  बैठक में हुई तय तारीख को तहसील पर आयोजन किया जाएगा बलराम जयंती कार्यक्रम बैतूल में 24,आमला 20,घोड़ाडोंगरी10, चिचोली22, पट्टन11, मुलताई 19,आठनेर 8,भीमपूर 14,शाहपुर7, भैसदैही 9  सितम्बर को मनाई जाएगी ।

भोपाल: औषधि निरीक्षक एवं CMHO की सयुंक्त टीम ने शहर के क्लिनिक पर की कार्यवाही से शहर में मचा हड़कंप । 

A young man died due to the negligence of a doctor at Aditya Hospital, Jabalpur

The joint team of drug inspector and CMHO created a stir in the city due to the action taken against the city clinic. भोपाल, ड्रग इंस्पेक्टर तबस्सुम मेरोठा ने शुक्रवार को  दोपहर बाद भोपाल शहर के बाणगंगा क्षेत्र में संचालित विकास क्लिनिक पर कार्यवाही की जिसमे उन्होंने पाया की फर्जी तरीके से क्लिनिक जिसका नाम विकास क्लिनिक का आकस्मिक निरीक्षण किया। जहाँ करीब 6 बॉक्स भरकर एलॉपथी की दवाईया मिली,  उन्होंने विभिन्न दवाओं के खरीद के बिल चेक किए, रजिस्टर चेक किए। विकास क्लिनिक के संचालक डॉक्टर अनिल शर्मा इन सभी के कोई भी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाए. जिसके तहत फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट ने क्लिनिक पर एलॉपथी दवाई पाए जाने पर उचित कार्यवाही की गयी।  CMHO एवं निरयंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन की सयुक्त टीम ने यह कार्यवाही की, टीम में DHO मनोज हुरमाडे व् सदस्य, ड्रग इंस्पेक्टर मौजूद थे।  उन्होंने इसके अलावा टीम ने आस पास के क्षेत्र में भी मेडिकल चेक किये तथा अपनी रूटीन कार्यवाही को अंजाम दिया।  ड्रग इंस्पेक्टर भोपाल तबस्सुम मेरोठा ने बताया कि दवा मेडिकल स्टोर पर दवाओं की खरीद और बिक्री का विवरण रखें, शेड्यूल एच 1 का रजिस्टर बनाएं, फ्रिज रखें, मेडिकल स्टोर लाइसेंस चस्पा करके रखें, इसके अलावा पशुओं की दवा बेचते हैं तो वह दवा रखने के स्थान पर बोर्ड भी लगाएं। ड्रग इंस्पेक्टर कन्हैया लाल अग्रवाल एवं तबस्सुम मेरोठा से मिली जानकारी के अनुसार पिछले एक महीने में अनेक कार्यवाहियां खाघ एवं औषधि प्रशासन  के आदेश कार्यक्षेत्र में संचालित औषधि विक्रय संस्थानों के द्वारा औषधियों पर अंकित एम.आर.पी. से अधिक मूल्य पर औषधियों का विक्रय न हो एवं आम जनता को उचित मूल्य पर औषधियों उपलब्ध हो सके, साथ ही औषधि विक्रय संस्थान द्वारा बेची जाने वाली ऐसी औषधियों जिनका दुरूपयोग नशे के रूप में हो सकता है। औषधि विक्रय संस्थानों द्वारा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियमावली, रजिस्टर्ड मेडिकल प्रेक्टीशनर के पर्चे के बिना यदि कोई शेडयूल एथ, एच। एवं एक्स का विक्रय किये जाने के संबंध में कोई प्रकरण पाया जाता है तो औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियमावली, 1945 के तहत् कठोर कार्यवाही की जाएगी सभी निजी चिकित्सालयों/ नर्सिंग होम परित्तर में संचालित औषधि विक्रय संस्थानों के मालिक, कर्मचारी, स्टॉफ अथवा चिकित्सालयों के स्टॉफ द्वारा मरीजों को अथवा मरीजों के परिजन को उनके ही औषधि विक्रय संस्थान से ही औषधि क्रय किये जाने हेतु बाध्य नहीं कर सकते । इस प्रकार का कृत्य करते पाए जाने औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत कठोर कार्यवाही की जाएगी।  

कोलकाता की घटना के बाद मध्य प्रदेश प्रशासन सख्त, सरकारी अस्पतालों के कर्मचारियों का पता लगाया जाएगा बैकग्राउंड

Madhya Pradesh administration strict after Kolkata incident, background of government hospital employees will be ascertained

Madhya Pradesh administration strict after Kolkata incident, background of government hospital employees will be ascertained भोपाल। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत की घटना के बाद मप्र में भी स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतलों की सुरक्षा- व्यवस्था पुख्ता करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सरकारी अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारियों की कुंडली जांची जाएगी। स्वास्थ्य आयुक्त ने सरकारी अस्पताल के सफाईकर्मी, सुरक्षाकर्मी सहित अन्य कर्मचारियों के बैकग्राउंड की जांच के आदेश दिए हैं। इससे यह पता चल जाएगा कि अस्पतालों में काम करने वालों में से कोई किसी आपराधिक प्रवृत्ति का तो नहीं है। इसके अलावा सभी अस्पतालों के अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि अस्पताल की सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरों की जानकारी उपलब्ध करवाएं। इससे अस्पताल में सुरक्षा-व्यवस्था पुख्ता हो सकेगी। क्योंकि इन अस्पतालों में बड़ी संख्या में महिला डॉक्टर दिन-रात ड्यूटी करती हैं। हमीदिया हो या फिर जेपी अस्पताल, इनमें डाक्टर एक साथ ड्यूटी रूम साझा करने के लिए मजबूर हैं, क्योंकि यहां पुरुष और महिला डॉक्टरों के लिए अलग-अलग कमरे नहीं हैं।जेपी अस्पताल में कमरों के दरवाजे टूटे, कैमरा भी नहींराजधानी के मॉडल जिला अस्पताल जेपी में बने ड्यूटी रूम में कोई सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। कमरों के दरवाजे भी टूटे हुए हैं। कई बार कोई गार्ड भी ड्यूटी पर नहीं होता है। अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार मेडिसिन विभाग में 15 ड्यूटी डाक्टर हैं और एक समय में 10 से अधिक ड्यूटी पर रहते हैं, लेकिन यहां सिर्फ एक सामान्य ड्यूटी रूम हैं, जो काफी छोटे हैं। शौचालय की स्थिति खराब है, टूटे हुए बिस्तर हैं और वेंटिलेशन के लिए कोई जगह नहीं है। कई बिस्तरों पर तो सिर्फ सामान ही रखा जा रहा है।शिकायत के बावजूद सुनवाई नहींचिकित्सक महासंघ के मुख्य संयोजक डॉ. राकेश मालवीय ने बताया कि डॉक्टरों ने सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से कई बार शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई फायदा नहीं हुआ। अस्पताल में डॉक्टरों के लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। कोई भी घूमते हुए किसी भी वार्ड में घुस सकता है।डॉ. राकेश मालवीय के अनुसार, बड़ी संख्या में स्वजन और कई असामाजिक तत्व बिना किसी जांच के गलियारों में बैठे रहते हैं। इतना ही नहीं मरीजों के स्वजन द्वारा दुर्व्यवहार के समय भी मौके पर गार्ड नहीं होता है, हमें उसे ढूंढना पड़ता है। सुरक्षा बढ़ाने और CCTV की जांच के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में पृष्ठभूमि तैयार, उद्योगों के विकास के लिए बन रहा बेहतर माहौल

Under the guidance of Chief Minister Dr. Mohan Yadav, the background is ready

Under the guidance of Chief Minister Dr. Mohan Yadav, the background is ready, a better environment is being created for the development of industries. ग्वालियर। मार्च में उज्जैन और जुलाई में जबलपुर में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ मुंबई कोयम्बटूर और बंगलौर में हुई कॉन्क्लेव मध्य प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए महत्वपूर्ण मंच बनी ग्वालियर में 28 अगस्त को हो रही रीजनल कॉन्क्लेव लघु उद्योगों के विकास का सशक्त माध्यम बनेगी। ग्वालियर में खाद्य प्र-संस्करण, टेक्सटाइल एवं गारमेंट उद्योग के साथ ही फुटवेयर एवं लैदर सेक्टर में निवेश प्राप्ति की संभावनाएं फिलहाल 73 औद्योगिक इकाईयों को भूमि आवंटन 345 करोड़ रूपए के निवेश से लगभग तीन हजार लोगों को रोजगार। ग्वालियर कॉन्क्लेव में विभिन्न 27 औद्योगिक इकाइयों के लोकार्पण और भूमिपूजन भी सम्पन्न होंगे। करीब 1420.39 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव क्रियान्वित होंगे और 3451 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। कॉन्क्लेव में एमएसएमई के साथ ही पर्यटन, आई.टी., स्टार्टअप, हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग, फुटवेयर, कौशल विकास एवं उच्च शिक्षा से संबंधित-सत्र होंगे। ग्वालियर रीजन में सूचना प्रौदयोगिकी जनित सेवाओं के विस्तार का पुख्ता प्लान मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आईटी सेक्टर पर फोकसग्वालियर रीजन में सूचना प्रौदयोगिकी के साथ इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन और मैन्यूफेक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिये निवेश के लिये प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्वालियर में 28 अगस्त रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में आई टी सेक्टर में निवेश बढ़ाने पी प्रमुख कंपनियों से चर्चा करेंगे। मध्यप्रदेश की जीडीपी में आईटी सेक्टर का योगदान पांच बिलियन डॉलर है। फिलहाल प्रदेश में 15 आईटी पार्क के साथ ग्वालियर में 75 एकड़ में आईटी पार्क है। आईटी बिल्डिंग 73 हजार वर्ग फीट में है और इसमें 20 हजार 400 वर्ग फीट स्थान खाली है। कॉन्क्लेव के माध्यम से निवेशकों को गवालियर-चंबल क्षेत्र की औद्योगिक क्षमताओं और अवसरों की जानकारी दी जाएगी। कॉन्क्लेव में नीदरलैण्ड, घाना, कनाडा एवं मैक्सिकों सहित अन्य कई देशो के प्रतिनिधि सहभागिता कर रहे ।

बैगा परिवारों को पीएम जन-मन योजना से दिलाएं पक्का आवास : राज्यपाल मंगुभाई पटेल

Provide permanent housing to Baiga families through PM Jan Man Yojana: Governor Mangubhai Patel

Provide permanent housing to Baiga families through PM Jan Man Yojana: Governor Mangubhai Patel भोपाल ! राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गरीब एवं अत्यंत पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिये पीएम जन-मन योजना प्रारंभ की है। योजना से बैगा, भारिया, सहरिया परिवारों को आवास, उज्जवला गैस, पीएम किसान सम्मान निधि, जल जीवन मिशन के तहत हर-घर नल से जल, छात्रवृत्ति, शिष्यवृत्ति आदि सुविधाएं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बैगा परिवारों को पीएम जन-मन आवास के माध्यम से झोपड़ी से मुक्ति दिलाकर पक्का आवास दिलाएँ। राज्यपाल श्री पटेल उमरिया जिले के डोड़का ग्राम पीएम जन-मन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाएं स्व-सहायता समूह से जुडकर आर्थिक उत्थान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जहां शिक्षा होगी, वही समाज आगे बढ़ेगा। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 2025 तक टीबी मुक्त भारत तथा 2047 तक सिकल सेल मुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया है। उन्होने आव्हान किया कि टीबी मरीजों को सम्पन्न व्यक्ति गोद लें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सेल अनुवांशिक बीमारी है, इसे जड़ से मिटाने का समन्वित प्रयास आवश्यक है। इसके लिए 15 हजार करोड रूपये का प्रावधान किया गया है। स्कूली बच्चों तथा आंगनबाडी के बच्चों एवं गर्भवती माताओं की सिकल सेल की जांच कराएँ। विवाह के समय सिकल सेल पीडित जोडो का विवाह नही कराएँ। राज्यपाल श्री पटेल ने ग्राम डोडका में आयोजित कार्यक्रम में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने ग्राम डोडका में गौ-शाला का निरीक्षण किया। गौमाता का पूजन कर चना, गुड़, घास तथा केला खिलाया। उमरिया कलेक्टर श्री धरणेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि जिले में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) अंतर्गत सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से कार्यक्रम आरंभ होने से वर्तमान समय तक 368 आधार कैम्प लगाये गये है। डोर-टू-डोर सर्वे किया जा कर अन्य योजनाओं के सैचुरेशन हेतु जिले अंतर्गत 500 से अधिक कैम्प लगाये गये। जिले की मानपुर जनपद पंचायत जनमन आवास बनाये जाने में प्रदेश में पहले स्थान पर है। यहां 1598 आवास बनाये जा चुके है। इस अवसर पर विधायक सुश्री मीना सिंह, विधायक श्री शिवनारायण सिंह, आयुक्त शहडोल संभाग श्री श्रीमन शुक्ला, पुलिस महा निरीक्षक शहडोल श्री अनुराग शर्मा सहित स्थानीय जन-प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास से मनाया जायेगा ,शासन ने जारी किए दिशा-निर्देश

The festival of Janmashtami will be celebrated with enthusiasm, government issued guidelines

The festival of Janmashtami will be celebrated with enthusiasm, government issued guidelines मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रदेश में आगामी 26 अगस्त 2024 को जन्माष्टमी पर्व हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिये आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिये है। निर्देश में जन्माष्टमी पर्व पर भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों और उनसे जुड़े स्थलों पर आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जन्माष्टमी पर्व पर प्रत्येक जिले में भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों की साफ-सफाई कार्य एवं सांस्कृतिक कार्यकमों का आयोजन किया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा एवं मित्रता के प्रसंग तथा जीवन दर्शन के साथ भारतीय सांस्कृतिक परम्पराओं, योग आदि पर आधारित विभिन्न विषयों पर विद्वानों के व्याख्यान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम सभी शासकीय/अशासकीय स्कूल/कॉलेज में आयोजित कराये जाएंगे। प्रदेश के ऐसे स्थल जहाँ भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में जुड़े विशेष प्रसंग स्थलों जैसे कि जानापाव, अमझेरा, नारायणा एवं सांदीपनी आश्रम उज्जैन में जन्माष्टमी के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। जन्माष्टमी पर्व को दृष्टिगत रखते हुए शास्त्र सम्मत मंदिर निर्माण के स्थापत्य एवं उनकी विशेषताओं से अधिक से अधिक लोगो को अवगत कराया जाएगा। इसके साथ ही हमारे गौरवशाली इतिहास के प्रसंगो, कथानकों, आख्यानों से सभी वर्गों को अवगत कराने के लिये भी समुचित कार्यवाही की जाएगी।

निवेश के लिए सबसे बड़ी संभावनाओं वाला क्षेत्र है ग्वालियर-चंबल अंचल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Gwalior-Chambal region is the area with the biggest potential for investment: Chief Minister Dr. Yadav

Gwalior-Chambal region is the area with the biggest potential for investment: Chief Minister Dr. Yadav ग्वालियर ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्वालियर – चंबल क्षेत्र पूरे प्रदेश में निवेश के लिये सबसे अच्छी व बड़ी संभावनाओं वाला क्षेत्र है। ग्वालियर शहर देश की राजधानी नई दिल्ली के नजदीक होने के साथ-साथ उत्कृष्ट हवाई, रेलवे व सड़क सेवाओं से पूरे देश से जुड़ा है। हमें भरोसा है कि ग्वालियर में 28 अगस्त को आयोजित होने जा रही “रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव” से इस क्षेत्र के लिए बड़ा औद्योगिक निवेश प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर व चंबल संभाग के जिलों के उद्योगपतियों व औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा सरकार का प्रयास है कि निवेश केवल बड़ी इकाईयों में ही नहीं, अपितु रोजगारपरक इण्डस्ट्रीज में हो, जिससे ज्यादा से ज्यादा स्थानीय लोगों को रोजगार मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में आयोजित होने जा रही “रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव” के सिलसिले में गुरुवार को ग्वालियर कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष से भिण्ड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, गुना, अशोकनगर व शिवपुरी जिले के उद्योगपतियों से वर्चुअल संवाद किया। ग्वालियर के उद्योगपति बैठक में प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहे। केन्द्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया वर्चुअल रूप से इस बैठक में शामिल हुए। यहाँ कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला एवं क्षेत्रीय सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, स्थानीय उद्यमियों के प्रोत्साहन एवं बड़े पैमाने पर स्थानीय लोगों को रोजगार दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश भर में श्रृंखलाबद्ध रूप से इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्वालियर में 28 अगस्त को रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन की गई है। इस कॉन्क्लेव से पहले से कार्यरत औद्योगिक इकाईयों को विस्तार देने में मदद मिलेगी ही, साथ ही क्षेत्र को बड़े पैमाने पर नया औद्योगिक निवेश प्राप्त होगा। उन्होंने कहा सरकार का प्रयास है कि बाहर के निवेशक आकर हमारे प्रदेश में औद्योगिक निवेश करें, स्थानीय उद्यमियों को अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिये अनुकूल वातावरण मिले और पूर्व से संचालित इकाईयों का विस्तार हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर-चंबल अंचल के बीहड़ क्षेत्र की जमीन पर डिफेन्स सेक्टर में निवेश के लिये विशेष प्रयास किए जायेंगे। इसके लिए केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह से जल्द ही चर्चा की जायेगी। उन्होंने कहा अडानी समूह व अन्य बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने डिफेंस सेक्टर में निवेश करने के लिये रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैंगलोर में उद्योगपतियों को आमंत्रित करने के लिये किए गए रोड़ शो का जिक्र करते हुए कहा कि हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक लिमिटेड को प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में निवेश करने के लिये आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में आईटी, पर्यटन, एथेनॉल उत्पादन, लैदर फुट वियर, खाद्य प्रसंस्करण व दुग्ध आधारित इकाईयों के निवेश को भी पूरा प्रोत्साहन देगी। हर जिले में कलेक्टर डेस्क लगाकर करायेंगे उद्योगपतियों की समस्याओं का समाधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवाद के दौरान उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि ओद्योगिक इकाईयों से संबंधित उनकी हर समस्या का समाधान तत्परता से कराने के लिये सरकार कटिबद्ध है। इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं कि वे उद्यमियों की समस्याओं का समाधान विशेष हैल्पडेस्क लगाकर करें। सभी जिला कलेक्टर से निराकरण की हर माह रिपोर्ट ली जायेगी। ग्वालियर की इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव नया इतिहास रचेगी – केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया केन्द्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसमें रीजनल स्तर पर इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही हैं। इससे देशभर के उद्योगपतियों में सकारात्मक संदेश गया है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति जताया। साथ ही कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर इण्डस्ट्री समिट के आयोजन से हर संभाग की अलग-अलग क्षमताओं के आधार पर औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। श्री सिंधिया ने विश्वास जताया कि ग्वालियर की इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में नया इतिहास रचेगी। रोजगारपरक इण्डस्ट्रीज को बढ़ावा देना सराहनीय पहल – विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि औद्योगिकीकरण के लिये जिन आधारभूत चीजों की जरूरत होती है वह सभी ग्वालियर-चंबल संभाग में प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं। साथ ही यहाँ की कनेक्टिविटी भी उत्कृष्ट है। खुशी की बात है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से खासतौर पर रोजगारपरक इण्डस्ट्रीज को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि ग्वालियर की समिट से ग्वालियर – चंबल क्षेत्र को बड़ा औद्योगिक निवेश प्राप्त होगा। उन्होंने डिफेंस सेक्टर मे निवेश के लिये विशेष प्रयास करने व साडा क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। साडा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश के लिये जमीन मुहैया कराई जायेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर के साडा क्षेत्र (विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण) में औद्योगिक निवेश के लिये सरकार जमीन उपलब्ध करायेगी। औद्योगिक गतिविधियों के लिये सरकार जमीन उपलब्ध कराने में रियायत भी देगी। इसके लिये शासन स्तर से तत्परता से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि साडा क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने से इस क्षेत्र का तेजी से विकास हो सकेगा। उद्योगपति बोले मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीति से पूरे देश में हमारा सम्मान बढ़ा उद्योगपतियों ने संवाद के दौरान प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिये उपलब्ध कराए जा रहे बेहतर वातावरण व उत्कृष्ट अधोसंरचनागत सुविधाएँ एवं प्रोत्साहन की खुलकर सराहना की। ग्वालियर के बड़े उद्योगपति एवं सीआईआई के प्रतिनिधिगण श्री आशीष वैश्य व श्री पुनीत डावर का कहना था कि मध्यप्रदेश की उद्योग फ्रेंडली नीति की बदौलत अन्य राज्यों के उद्योगपति मध्यप्रदेश में निवेश के लिये लालायित हैं। अन्य राज्यों की इण्डस्ट्रीज समिट में मध्यप्रदेश की उद्योग नीति की सराहना हो रही है। उन्होंने इसके लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार जताया। संवाद के दौरान ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिलों के उद्योगपतियों ने अपनी बात रखी और सुझाव दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को भरोसा दिलाया कि वे अपने औद्योगिक … Read more

जिसे ब्लैकलिस्ट किया उसकी शिकायत पर ही डीएफओ के खिलाफ जांच शुरू

Investigation started against DFO only on the complaint of the person who was blacklisted

Investigation started against DFO only on the complaint of the person who was blacklisted उदित नारायणभोपाल। जंगल महकमे के एक डीएफओ के खिलाफ जांच इसलिए शुरू हो गई, क्योंकि उसके फर्म को डीएफओ ने ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इस प्रकरण से विजिलेंस शाखा की कर शैली पर सवाल उठने लगे है कि शिकायत की तब्शीश किए बिना ही जांच का फरमान जारी कर दिया।प्रभारी डीएफओ अनूपपुर श्रद्धा पेंद्रे ने मे० रॉयल टेक इन्डस्ट्रियल कॉर्पोरेशन चचाई एम.पी.ई.व्ही. चचाई जिला अनुपपूर को वर्ष 2023-24 द्वारा समयावधि में सामग्री प्रदाय नही करने एवं निर्देशों का पालन नही करने के कारण मे० रॉयल टेक इन्डस्ट्रियल कॉर्पोरेशन चचाई अनूपपुर फर्म को 5 वर्ष (वर्ष 2024-25 से 28-29) की अवधि के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया और उनके द्वारा जमा की गई प्रतिभूति राशि ढाई लाख रुपए भी राजसात कर लिए है। डीएफओ की कार्यवाही से बौखलाए मे० रॉयल टेक इन्डस्ट्रियल कॉर्पोरेशन चचाई फर्म के संचालक ने डीएफओ श्रद्धा पेंद्रे के खिलाफ विभागीय विजिलेंस से लेकर सीसीएफ से शिकायत की। शिकायत में टेंडर की औचित्यहीन शर्तों का उल्लेख किया है। शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि का परीक्षण किए बिना ही वरिष्ठ आईएफएस अधिकारियों ने डीएफओ के खिलाफ जांच प्रारंभ करवा दी है। वर्किंग प्लान ऑफिसर शैलेंद्र गुप्ता को जांच दी गई है।फर्म को इन सामग्री का मिला था ठेकावनमण्डल दक्षिण शहडोल अंतर्गत विभिन्न परिक्षेत्रों में वित्तीय वर्ष 2023-24 में वानिकी कार्यों एवं निर्माण कार्यों में उपयोग हेतु सामग्री क्रय करने हेतु गोबरखाद, रेत सोन नदी का साफ और सीमेन्ट आदि सामग्री प्रदाय करने हेतु मे० रॉयल टेक इन्डस्ट्रियल कॉर्पोरेशन चचाई को वर्क ऑडर दिया गया था। फर्म ने सामग्री समय पर प्रदाय नहीं किया। सामग्री प्रदाय न करने बाबत् स्पष्टीकरण देने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही उप वनमण्डलाधिकारी सोहागपुर के पत्र क्रमांक/4348, वन परिक्षेत्राधिकारी मोहपास के पत्र पत्र क्रमांक/2391, पत्र क्रमाक/2393, पत्र क्रमांक / 2345, पत्र क्रमाक/2397, के अलावा वन परिक्षेत्राधिकारी खन्नीधी, जैतपुर, बुढ़ार और परिक्षाधिकारी शहडोल सामग्री प्रदाय करने हेतु बार-बार निर्देशित किया गया किन्तु मे० रॉयल टेक इन्डस्ट्रियल कॉर्पोरेशन चचाई एम.पी.ई.व्ही. चचाई जिला अनुषपूर (म०प्र०) द्वारा सामग्री ही आज दिनांक तक प्रदाय नहीं किया। इसके कारण वानिकी कार्य एवं निर्माण कार्य आज दिनांक तक पूर्ण नही हो पाया है। वर्तमान में क्षेत्र तैयारी अन्तर्गत भू-जल संरक्षण कार्य, गड्‌या खुदाई, विकृत पौधा कटाई आदि कार्य प्रगति पर है जिससे क्षेत्र तैयारी आदि कार्य में काफी विलंब हो रहा है। सामग्री तत्काल प्रदाय करने हेतु फर्म को लेख किया गया किन्तु कार्यालय से जारी पत्रों के किसी भी पत्र का प्रति उत्तर/बचाव उत्त्तर प्रस्तुत नहीं किया गया।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश एपीएआर संबंधित आदेश सरकार वापस लें नहीं तो अवमानना कार्यवाही शुरू करेंगे

Supreme Court's order: Government should withdraw APAR related order or else we will initiate contempt proceedings

Supreme Court’s order: Government should withdraw APAR related order or else we will initiate contempt proceedings भोपाल। उच्चतम न्यायालय न्यायमूर्ति बी दवाई की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य को चेतावनी दी यदि 29 जून को जारी आईएफएस अधिकारियों की प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट संबंधित आदेश वापस लें नहीं तो  प्रदेश सरकार के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जहां आईएफएस अधिकारियों की जीत हुई है वहीं नौकरशाही की फजीहत हुई है। एक अधिकारी ने कोर्ट के फैसले के बाद अपनी प्रक्रिया में कहा कि सत्यमेव जयते।   यह आदेश न्यायमूर्ति बीआर गवई की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ ने गौरव कुमार बंसल, वकील द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया । न्यायमूर्ति बीआर गवई की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मध्य प्रदेश राज्य की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता को इस मुद्दे को गंभीरता से देखने का निर्देश दिया और आगे कहा कि यदि दिनांक 29 जून 24 का आदेश वापस नहीं लिया गया तो न्यायालय उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू कर सकता है। सनद रहे कि 29 जून 2024 के अपने आदेश के तहत, मध्य प्रदेश राज्य ने डीएफओ से लेकर पीसीसीएफ तक के भारतीय वन सेवा अधिकारियों के लिए एपीएआर चैनल के संबंध में एक नई व्यवस्था शुरू की। बंसल ने न्यायमूर्ति गवई की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ को यह भी अवगत कराया कि 29 जून 2024 के आक्षेपित आदेश ने न केवल डीएफओ से लेकर पीसीसीएफ तक सभी आईएफएस अधिकारियों के एपीएआर जमा करने के चैनल को बदल दिया है, बल्कि यह भी निर्देश दिया है कि संयुक्त से संबंधित कार्य वन प्रबंधन, वन अधिकार अधिनियम से संबंधित मामले, भूमि अधिग्रहण, इकोटूरिज्म, वन क्षेत्रों में खनन गतिविधियाँ, और डीएफओ , वन संरक्षक और मुख्य वन संरक्षक द्वारा किए गए अन्य महत्वपूर्ण कार्यों का मूल्यांकन संबंधित जिला कलेक्टर और संभागीय आयुक्त द्वारा किया जाएगा। एपीएआर में उनकी टिप्पणी के साथ दस में से नंबर देकर, जो उनकी भूमिका के बिल्कुल विपरीत है। बंसल ने तर्क दिया कि मध्य प्रदेश राज्य द्वारा जारी दिनांक 29 जून 24 का आदेश टी.एन. के फैसले में इस माननीय न्यायालय द्वारा निर्धारित स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन करता है। बंसल ने  न्यायमूर्ति गवई की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ को यह भी सूचित किया कि मूल्यांकन प्रक्रिया में गैर-वन विभाग के अधिकारियों को शामिल करने से न केवल भारतीय वन सेवाओं के प्राथमिक जनादेश यानी वैज्ञानिक प्रबंधन, संरक्षण और वनों का संरक्षण कमजोर होगा। वन्यजीवन के संरक्षण और सुरक्षा पर भी प्रभाव डालेगा, इसलिए वर्तमान आदेश मध्य प्रदेश सरकार वापस ले।

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