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नकुलनाथ बोले- न मैं, न कमलनाथ भाजपा में जा रहेः BJP में जाने की अटकलों को किया खारिज, बोले- अफवाहें फैलाई जा रही

Nakul Nath said – Neither I nor Kamal Nath are joining BJP: Rejected the speculations about joining BJP, said – rumors are being spread पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बाद अब उनके सांसद बेटे नकुलनाथ ने भी भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज कर दिया है। नकुलनाथ ने कहा- ‘भाजपा के लोग अफवाहें फैला रहे हैं कि कमलनाथ जी भाजपा में जा रहे हैं। मैं भाजपा में जा रहा हूं। मैं आज इस सभा में स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ना ही कमलनाथ जी भाजपा में जा रहे हैं और ना ही नकुलनाथ भाजपा में जा रहा है। छिंदवाड़ा सांसद नकुलनाथ गुरुवार को जुन्नारदेव विधानसभा के नवेगांव में आयोजित जनसभा और कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मंच पर पूर्व सीएम कमलनाथ भी मौजूद थे। नकुलनाथ ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली जीत का धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी कार्यकर्ताओं की मेहनत के कारण हम जुन्नारदेव विधानसभा में चुनाव जीते हैं। मैंने कभी कहा मैं भाजपा में जा रहा हूं। मैं क्या पागल हो गया हूं इससे पहले बुधवार को कमलनाथ ने भी भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज किया था। वे चौरई विधानसभा क्षेत्र के चांद में ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा- भाजपा वाले भड़काने आएंगे। तरह-तरह की अफवाहें। कमलनाथ आ रहे हैं भाजपा में। अरे, कभी मैंने कहा मैं भाजपा में जा रहा हूं। मैं क्या पागल हो गया हूं।

साइबर तहसील और उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का शुभारंभ, PM ने MP को दी 17000 करोड़ की सौगात

Vikramaditya Vedic Clock inaugurated in Cyber ​​Tehsil and Ujjain, PM gives a gift of Rs 17000 crore to MP प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश को वर्चुअली 17 हजार करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने विकसित भारत, विकसित मप्र कार्यक्रम को वचुअली संबोधित किया। साथ ही साइबर तहसील परियोजना और उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का शुभारंभ किया। उज्जैन !प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘विकसित भारत विकसित मध्य प्रदेश’ कार्यक्रम को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने मध्यप्रदेश में करीब 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनमें सिंचाई, बिजली, सड़क, रेल, जल आपूर्ति, कोयला, उद्योग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश में सरकारी सेवाओं के प्रदाय में सुधार के लिए मध्य प्रदेश में साइबर तहसील परियोजना और विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का शुभारंभ रिमोट का बटन दबा कर किया। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगु भाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत 29 लोकसभा और 230 विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि भी वीडिया कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डिंडौरी में सड़क दुर्घटना मृतकों के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की लोकसभा और विधानसभा सीट पर विकसित मध्य प्रदेश के संकल्प के साथ लाखों साथी जुड़े है। उन्होंने कहा कि भारत तभी विकसित होगा, जब राज्य विकसित होंगे। आज इस संकल्प यात्रा से मध्य प्रदेश जुड़ रहा है। मैं सभी का अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि कल से एमपी में 9 दिन का विक्रमोत्सव शुरू होने वाला है। यह हमारी गौरवशाली विरासत और वर्तमान के विकास का उत्सव है। हमारी सरकार विरासत और विकास को कैसे एकसाथ लेकर चलते है इसका प्रमाण उज्जैन में लगी वैदिक घड़ी भी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी कभी पूरी दुनिया के लिए काल गणना का केंद्र थी, लेकिन इस महत्व को भुला दिया गया और हमने विश्व की पहली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी फिर से स्थापित की है। पीएम ने कहा कि यह सिर्फ अपने समद्ध अतित को याद करने का उस काल चक्र की भी साक्षी बनने वाली है, जो भारत को विकसित बनाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज MP की सभी लोकसभा सीटों को एक साथ 17,000 करोड़ के विकास परियोजनाओं एक साथ मिली है। इसमें पेयजल और सिंचाई की परियोजनाएं, सड़क, रेल, खेल परिसर, सामुदायिक सभागार समेत अन्य है। कुछ दिन पहले एमपी के 30 से अधिक रेलवे स्टेशनों के आधुनिकरण का काम शुरू हुआ है। भाजपा की डबल इंजन की सरकार ऐसे ही डबल स्पीड से विकास कर रही है। यह परियोजनाएं एमपी के लोगों का जीवन आसान बनाएंगी। यहां निवेश और नौकरी के नए अवसर बनाएंगी। इसलिए आप सभी को बहुत बहुत बधाई। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज चारों तरफ एक ही बात सुनाई देती है। अपकी बार 400 पार। पहली बार ऐसा हुआ है कि जब जनता ने खुद अपनी प्रिय सरकार की वापसी के लिए ऐसा नारा बुलंद कर दिया है। यह नारा भाजपा नहीं बल्कि देश की जनता जनार्दन का दिया हुआ है। मोदी की गारंटी पर देश का इतना विश्वास भाव विभोर करने वाला है। साथियों हमारे लिए यह सिर्फ तीसरी बार सरकार बनाने का सिर्फ लक्ष्य है ऐसा नहीं है। हम तीसरी बार देश को तीसरी बड़ी आर्थिक शक्ति बनाने के लिए चुनाव में उतर रहे है। हमारे लिए सरकार बनाना अंतिम लक्ष्य नहीं है। हमारे लिए सरकार बनाना देश बनाने का माध्यम है। यही हम मध्य प्रदेश में भी देख रहे है। बीते दो दशक से निरंतर आप हमें अवसर दे रहे है। आज भी विकास के लिए कितनी उमंग और उत्सा है। यह आपने नई सरकार के बीते कुछ माह में देखा है। मध्य प्रदेश के भाईयो के प्यार को नमन करता हूं और आपके आशीर्वाद को प्रणाम करता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित मध्य प्रदेश के निर्माण के लिए सरकार खेती, उद्योग, पर्यटन तीनों पर बहुत बल दे रही है। है। आज मां नर्मदा पर बन रही तीन जल परियोजनाओं का भूमिपूजन हुआ है। इन परियोजनाओं से आदिवासी क्षेत्रों में सिचांई के साथ साथ पेयजल की समस्या का भी समाधान होगा। सिंचाई के क्षेत्र में मध्य प्रदेश में हम एक नई क्रांति होते देख रहे है। केन बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड के लोगों परिवारों का जीवन बदलने वाला है। जब किसान के खेत तक पानी पहुंचता है तो इससे बड़ी सेवा उसकी क्या हो सकती है। भाजपा की सरकार और कांग्रेस की सरकार में क्या अंतर होता है कि इसका उदाहरण सिंचाई परियोजना भी है। बीते 10 साल में भाजपा की सरकार में 90 लाख हैक्टेयर खेती को सूक्ष्म सिंचाई से जोड़ा गया है, जो 10 साल पहले से दो गुना है। छोटे किसानों की एक बड़ी परेशानी गोदाम की रही है। इसके कारण किसानों को अपनी उपज औने पौने दाम में बेचनी पड़ती थी। अब हम भंडारण क सबसे बड़ी योजना पर काम कर रही है। आने वाले समय में देश में हजारों की संख्या में 700 लाख मैट्रिक टन अनाज के भंडारण की क्षमता देश में बनेगी। इस पर सरकार सवा लाख करोड़ से ज्यादा खर्च करने जा रही है। हमारी सरकार गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर बहुत बल दे रही है। इसके लिए सहकारिता पर ध्यान दिया जा रहा है। भाजपा सरकार अनाज, फल सब्जी, मछली ऐसे हर सेक्टर में सहकारिता पर बल दे रही है। इसलिए लाखों गांव में सहकारी संस्थाओं का गठन किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि खेती, मुर्गी पालन, मछली पालन हो हर प्रकार से गांव की आय बढ़े। गांव का विकास हो। गांव की एक बहुत बड़ी समस्या रही है। उसकी जमीन को लेकर बहुत विवाद रहते थे। गांव के लोगों को छोटे छोटे काम के लिए तहसील के चक्कर लगाने पड़ते थे। मध्यप्रदेश स्वामित्व योजना के तहत अच्छा काम कर रहा है। एमपी में 20 लाख से अधिक स्वामित्व योजना के स्वामित्व कार्ड बांटे गए हैं। एमपी के सभी 55 जिलों में आज साइबर तहसील से जोड़ा जा रहा है। इससे ग्रामीण परिवारों का समय और खर्च बांचेगा। पीएम ने फर्स्ट टाइम वोटर्स और बेरोजगार युवाओं को मोदी का संदेश दिया। … Read more

कांग्रेस का आरोप: स्कूल शिक्षा विभाग में टैक्सी घोटाला, इनोवा के नाम पर दिया स्कॉर्पियो का किराया

Congress alleges: Taxi scam in School Education Department, Scorpio fare given in the name of Innova भोपाल। कांग्रेस ने स्कूल शिक्षा विभाग में वाहन बिल घोटाले का आरोप लगाया है। लाइट नहीं होने पर कैंडल लाइट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाते हुए बताया कि तत्कालीन विभागीय मंत्री इंदर सिंह परमार के स्टाफ के लिए इस्तेमाल छह वाहनों के बिल में फर्जीवाड़ा किया गया। एक वाहन के लिए 13 महीने में 8 लाख 62 हजार 236 रुपए का भुगतान किया गया। राज्य शिक्षा केंद्र में इस गाड़ी का नाम मारुति सियाज और रजिस्ट्रेशन नंबर एमपी04-सीडब्ल्यू-9950 दर्ज है। परिवहन विभाग से पता करने पर यह रजिस्ट्रेशन नंबर हुंडई क्रेटा को अलॉट मिला। यही नहीं मंत्री के नाम पर आवंटित एक अन्य वाहन को 11 महीने में कुल 17,92,133 रुपए का भुगतान किया गया। इस मामले में लोकायुक्त को संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की है। मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा, मप्र कांग्रेस के उपाध्यक्ष जेपी धनोपिया और मप्र कांग्रेस सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पुनीत टंडन ने बताया कि राज्य शिक्षा केंद्र से सूचना के अधिकार में मिली जानकारी के अनुसार केंद्र में लगे प्राइवेट वाहनों के नाम पर 13 महीनो में करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपए का भुगतान श्री ट्रैवल एजेंसी को किया गया। स्कार्पियों को एक माह का 1.80 लाख रुपए का भुगतानस्कूल शिक्षा मंत्री के नाम पर आवंटित वाहन क्रमांक एमपी 04 बीसी 7480 बिल में गाड़ी इनोवा किस्टा दर्ज है, जबकि परिवहन विभाग में संबंधित नंबर की गाड़ी स्कार्पियों दर्ज है। उक्त वाहन का एक माह का बिल भुगतान 01 अप्रैल 2023 से 30 अप्रैल 2023 तक का 1,80,628 रू. का भुगतान किया गया। जबकि वाहन स्कार्पियों है। अनुबंध के अनुसार इनोवा किस्टा को प्रतिमाह लगभग 75,000 रू. प्रतिमाह किराया एवं अतिरिक्त चलने पर 18.50 रू. प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया गया, जो बिल में उल्लेखित है। सरकार के निर्देशों का खुला उल्लंघनकांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार के वित्त विभाग की तरफ से जारी सर्कुलर के अनुसार विभाग और कार्यालय क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में टैक्सी कोटे में रजिस्टर्ड वाहन ही किराए पर ले सकते है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य शिक्षा केंद्र ने वाहन कार्यालय/ स्कूल शिक्षा मंत्री और मंत्री के स्टाफ के लिए ट्रेवल एजेंसी से टैक्सी कोटे की जगह प्राइवेट वाहन लिए गए।

अब नर्सरी में 3 और पहली में प्रवेश के लिए न्यूनतम उम्र 6 साल जरूरी

Now the minimum age required for admission in nursery is 3 years and for admission in first class it is 6 years. भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूलों में प्रवेश के लिए उम्र सीमा तय करते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब प्रदेश के स्कूलों में नर्सरी में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 3 वर्ष एवं अधिकतम आयु 4 वर्ष 6 माह तक हो सकती है। केजी-1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 4 वर्ष एवं अधिकतम आयु 5 वर्ष 6 माह तक हो सकती है। केजी-2 में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 5 वर्ष एवं अधिकतम आयु 6 वर्ष 6 माह तक होगी। वहीं कक्षा पहली के लिए न्यूनतम आयु 6 वर्ष एवं अधिकतम आयु 7 वर्ष 6 माह तक रहेगी। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव प्रमोद सिंह ने दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के पत्र के परिपालन में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ओदश जारी करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुसार पूर्व प्राथमिक और प्राथमिक कक्षा में प्रवेश के लिए आयु सीमा निर्धारित की गई थी। उक्त विभागीय आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए यह आयु सीमा निर्धारित की गई है। शेष शर्तें यथावत रहेंगी। राज्य शिक्षा केंद्र ने आरटीई पोर्टल पर दी सुविधाइधर राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अर्न्तगत गैर अनुदान मान्यता प्राप्त अशासकीय स्कूलों में कमजोर वर्ग एवं वंचित समूह के बच्चों के ऑनलाइन निःशुल्क प्रवेश के लिए आयुसीमा अनुसार संशोधन की सुविधा पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रवेश संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिसके पालन में राज्य शिक्षा केन्द के द्वारा तत्काल आरटीई पोर्टल पर नर्सरी कक्षा में प्रवेश हेतु जारी आदेश के अनुसार आयु अंकित करने की सुविधा दी गई है। आवेदन में सुधार की रहेगी सुविधासंचालक राज्य शिक्षा केंद्र ने बताया कि ऐसे आवेदक, जिन्होंने पूर्व में अपने बच्चों के निःशुल्क प्रवेश के लिए आवेदन किया है, वह पोर्टल पर पूर्व आवेदन में आयु, प्रवेशित कक्षा और चयनित स्कूलों संबंधी प्राथमिकता क्रम संबंधी सुधार कर सकेंगे। इसके साथ ही नवीन आवेदन के समय भी कक्षावार निर्धारित आयुसीमा ही लागू होंगी। तीन मार्च, 2024 तक आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन और त्रुटि सुधार के लिए विकल्प उपलब्ध रहेगा। ऑनलाइन आवेदन करने के पश्चात आवेदक 24 फरवरी से 5 मार्च, 2024 तक पावती डाउनलोड और मूल दस्तावेजों का सत्यापन निर्धारित संकुल केंद्रों में करा सकेंगे। इसलिए थी जरूरतबच्चों को स्कूलों में प्रवेश को लेकर अभी तक नियम का सख्ती से पालन नहीं होता था। कई स्कूलों में बच्चों को ढाई साल की उम्र से ही नर्सरी में प्रवेश दे दिया जाता था। कई स्कलों में 5 साल में ही बच्चों को कक्षा पहली में प्रवेश दिया जा रहा था। आमतौर पर इस तरह की स्थिति प्राइवेट स्कूलों में ज्यादा देखने में आ रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति जारी हुए चार साल हो गए हैं। मध्यप्रदेश इस नीति को अपनाने वाला कर्नाटक के बाद दूसरा राज्य है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्कूलों में प्रवेश की उम्र तय की गई है।

मान्यता नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों पर होगी कार्यवाही

Action will be taken against schools that do not follow recognition rules भोपाल। मान्यता नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग सख्त रवैया अपनाया है। अब मान्यता नवीनीकरण और मापदंड पूरे नहीं करने वाले स्कूलों पर कार्यवाही की तैयारी है। इसको लेकर लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेशभर के संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर कहा गया है कि ऐसे शैक्षणिक संस्थाओं के विरूद्ध कार्यवाही की जाए, जिन्होंने वर्ष 2024-25 में मान्यता नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है। आयुक्त ने संभागीय और जिला अधिकारियों से अपने संबंधित क्षेत्र में इस संबंध में प्रमाणीकरण रिपोर्ट भी मांगी है। रिपोर्ट में यह बताने के लिये कहा गया है कि उनके क्षेत्र में वर्ष 2024-25 में कोई भी ऐसी संस्था नहीं जिसने मान्यता नवीनीकरण के लिये आवेदन नहीं दिया है। ऐसी शैक्षणिक संस्थाओं की सूची भेजी जाने के निर्देश दिये गए हैं। ऐसी अशासकीय संस्थाओं के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही करते हुए तत्काल बंद करने के लिए कहा है। जिला शिक्षा अधिकारियों से अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं का सतत् निरीक्षण करने के लिए भी कहा गया है।

एंबुलेंस में आक्सीजन नहीं मिलने गर्भवती की मौत, स्वास्थ्य आयुक्त को जांच के निर्देश

Pregnant woman dies due to lack of oxygen in ambulance, instructions to Health Commissioner to investigate मप्र मानव अधिकार आयोग ने इलाज त्रुटि पर कार्यवाही के संबंध में मांगा स्पष्ट प्रतिवेदन भोपाल। मप्र मानव अधिकार आयोग ने भोपाल जिले के 11 मामलों में संज्ञान लिया है। भोपाल में पहले एंबुलेंस नहीं मिलने और फिर एंबुलेंस में आक्सीजन नहीं मिलने से एक गर्भवती महिला की मौत होने के मामले में आयोग ने आयुक्त, स्वास्थ्य सेवाएं मप्र संचालनालय, को जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग ने की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ ही उपलब्ध कराई जा रही एम्बुलेंस में आक्सीजन सुविधा आवश्यक रूप से सदैव उपलब्ध रहे यह सुनिश्चित करने एवं ईलाज त्रुटि पर कार्यवाही के संबंध में भी स्पष्ट प्रतिवेदन मांगा है। आयोग के संज्ञान में आया है कि गर्भवती महिला को जय प्रकाश अस्पताल में ईलाज के लिये भर्ती कराया गया, तबीयत बिगड़ने पर उसे हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन जेपी से हमीदिया जाने के लिये पहले तो एंबुलेंस नहीं मिली, फिर जो एंबुलेंस मिली उसमे आक्सीजन ही नहीं था। जिसके कारण गर्भवती महिला की हमीदिया में ईलाज के दौरान मृत्यु हो गई। इन मामलों में भी जवाब तलबआयोग ने भोपाल के हमीदिया अस्पताल में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग की लापरवाही से मरीज के हाथ कटवाने, आरिफ नगर में दीवार गिरने से श्रमिक की मृत्यु होने की घटना, कोहेफिजा इलाके में एक शुगर की पेशेंट 24 वर्षीय युवती की मृत्यु होने, कमला नगर इलाके में रहकर फार्मेसी की पढ़ाई कर रही एक छात्रा के साथ उसके मकान मालिक द्वारा छेड़छाड़ करने, नगर निगम में उपभोक्ताओं से चैक नहीं लेने, कोहेफिजा इलाके की हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी को जोड़ने वाली सड़क के पिछले छह सालों से खराब होने के मामले में संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है।

प्रधानमंत्री मोदी आज वीसी से करेंगे आंवलिया एवं पारसडोह सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण

Prime Minister Modi will inaugurate Anwalia and Parsdoh irrigation projects today with VC. भोपाल ! प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 29 फरवरी को “विकसित भारत, विकसित मध्यप्रदेश” कार्यक्रम में वीसी के माध्यम से मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग की 809.67 करोड़ रूपए की 2 मद्यम-सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं आंवलिया एवं पारसडोह का लोकार्पण करेंगे। मुख्य कार्यक्रम लाल परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में अपरान्ह 4 बजे से आयोजित होगा।

भोपाल जिला पंचायत की मीटिंग में हंगामा: DEO के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव; पीएचई से जुड़े मुद्दों पर सदस्यों की नाराजगी

Uproar in Bhopal District Panchayat meeting: No-confidence motion against DEO; Displeasure of members on issues related to PHE भोपाल जिला पंचायत की साधारण सभा की मीटिंग में हंगामा हो गया। अध्यक्ष रामकुंवर बाई गुर्जर, उपाध्यक्ष मोहन जाट समेत सदस्यों ने डीईओ एके त्रिपाठी के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पास किया। सभी का कहना है कि डीईओ उनकी कॉल रिसीव नहीं करते। पीएचई से जुड़े मुद्दों पर भी सदस्यों ने नाराजगी जताई। मीटिंग बुधवार दोपहर 1 बजे से शुरू हुई। करीब 15 महीने के बाद हो रही मीटिंग में स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएचई, कृषि, पीडब्ल्यूडी, आदिम जाति, वन, महिला एवं बाल विकास विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई। उपाध्यक्ष जाट ने कई विषयों पर नाराजगी जताई। सदस्य विनय मेहर ने कहा कि पीएचई में ठेकेदारी प्रथा है। कई गांवों में नल-जल योजना शुरू नहीं हुई है। लोग पानी को तरस नहीं है। गांवों में ट्यूबवेल खनन के लिए कहते हैं, लेकिन अफसर काम नहीं करते। मेहर ने बताया कि मीटिंग में डीईओ त्रिपाठी के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव भी पारित किया है। स्कूल से जुड़े मुद्दे पर किससे बात करें? इसलिए उनके विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित किया है। इससे पहले सामान्य प्रशासन समिति की मीटिंग भी हुई। जिसमें प्रतिनिधियों की एंट्री नहीं की गई। बता दें कि बता दें कि 29 जुलाई 2022 को जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए चुनाव हुए थे। इसके बाद पहली मीटिंग हुई थी। फिर मीटिंग नहीं हुई। बीच में बैठक की तारीख भी प्रस्तावित भी की गई, लेकिन मीटिंग टल गई थी। अब यह मीटिंग बुधवार को हुई। इसलिए जरूरी है मीटिंग जानकारी के अनुसार, मीटिंग ही एक ऐसा प्लेटफार्म होता है, जब सभी विभागों के अफसरों से जिपं अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य रूबरू होते हैं। पिछली बैठक में तो उपाध्यक्ष और सदस्यों की अधिकारियों पर भड़ास भी निकली थी। इसके बाद कामों में थोड़ी तेजी आई, लेकिन मीटिंग नहीं होने से गांव के विकास से जुड़े काम अटक गए। सदस्यों का कहना है कि मीटिंग नहीं होने से वे गांव से जुड़े पानी, सड़क, नाला-नाली निर्माण, बिजली कनेक्शन समेत जनता से जुड़े अन्य विषय नहीं उठा पा रहे थे। दो महीने में होनी चाहिए मीटिंग पिछली मीटिंग को एक साल से भी अधिक समय हो गया है। नियमानुसार मीटिंग हर दो महीने में होनी चाहिए।

राममंदिर का पट्टा क्या सिर्फ BJP के पास है, ये हमें पाठ पढ़ाएंगे धर्म का ,, कमलनाथ

Is the lease of Ram temple only with BJP, they will teach us the lesson of religion, Kamal Nath मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ इन दिनों छिंदवाड़ा दौरे पर हैं. बुधवार को अपने दौरे के दूसरे दिन कमलनाथ आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हर्रई पहुंचे. यहां आयोजित कार्यकर्ताओं सम्मेलन में संबोधित करते हुए कमलनाथ ने बीजेपी पर हमला बोला.  छिन्दवाड़ा ! मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ इन दिनों छिंदवाड़ा दौरे पर हैं. बुधवार को अपने दौरे के दूसरे दिन कमलनाथ आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हर्रई पहुंचे. यहां आयोजित कार्यकर्ताओं सम्मेलन में संबोधित करते हुए कमलनाथ ने बीजेपी पर हमला बोला. पूर्व पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कहा, ”क्या राम मंदिर का पट्टा बीजेपी के पास है? ये तो आपका और मेरा है. आपके पैसों से बना है. कोर्ट ने अपना जजमेंट दिया .और सरकार ने बनाया. अब ये चीख-चीखकर राम कहते हैं. अरे भाई! क्या हम राम को राजनीतिक मंच पर ले आएं? राम जी की तो हम सब पूजा करते हैं. 14 साल पहले मैंने तो सबसे बड़ा हनुमान मंदिर बनवाया. कोई सरकारी जमीन पर नहीं, मैंने अपनी जगह पर बनवाया. ये हमें पाठ पढ़ाएंगे धर्म का? हम सब धार्मिक हैं. हमारी धार्मिक भावनाएं हैं.  हमारी संस्कृति धार्मिक है. हम अपनी संस्कृति का पालन करते हैं. हमारी संस्कृति भाईचारे की है. इसको सुरक्षित रखें.’

पटवारी भर्ती रद करने की मांग को लेकर भोपाल में प्रदर्शन, पुलिस ने प्रदर्शनकारी युवाओं को हिरासत में लिया

Demonstration in Bhopal demanding cancellation of Patwari recruitment, police detained protesting youth. प्रर्दशनकारी युवाओं की मांग है कि पटवारी भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच के लिए विशेष जांच दल ( एसआइटी) का गठन किया जाए। नियुक्ति प्रक्रिया रद हो। भोपाल। एक तरफ जहां पटवारी भर्ती परीक्षा में उत्तीर्ण प्रतिभागियों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया जारी है, वहीं इसका विरोध एक बार फिर शुरू हो गया है। पटवारी भर्ती रद करने की मांग को लेकर बुधवार को राजधानी में प्रदेशभर से अभ्यर्थी पहुंचे। बड़ी संख्या में युवा एमपी नगर में ज्योति टाकीज के पास स्थित शेड में एकत्र हुए और यहां से रैली की शक्ल में वल्लभ भवन (मंत्रालय) का घेराव करने निकले। इन प्रर्दशनकारी युवाओं में अनेक महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका, हिरासत में लियायुवाओं के इस प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने कर्मचारी चयन मंडल कार्यालय की ओर जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी। ये प्रदर्शनकारी युवा बोर्ड आफिस चौराहे से होते हुए जैसे ही व्यापमं चौराहे तक पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोक लिया। ये युवा मप्र कर्मचारी चयन बोर्ड के दफ्तर से वल्लभ भवन की ओर कूच रहे थे। पुलिस उन्हें गाड़ियों में भरकर थाने ले गई। नेशनल एजुकेडेट यूथ यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे युवाओं की मांग है कि बगैर निष्पक्ष जांच के की जा रही पटवारियों क नियुक्तियों पर रोक लगाई जाए क्योंकि सरकार ने भ्रष्टाचार किया है। उनका कहना है कि पूर्ववर्ती सरकार ने शंका को सही ठहराते हुए जांच के आदेश दिए थे। अभ्यर्थियों ने छात्रों ने जांच आयोग को सबूत ले जाकर दिए थे। किंतु बिना जांच रिपोर्ट जारी किए नियुक्ति की जा रही है। पटवारी भर्ती में जमकर धांधलीउनका आरोप है कि बिना जांच रिपोर्ट जारी किए सरकार पिछले दरवाजे से 10 से 15 लाख में पेपर खरीदने वालों को नियुक्ति दे रही है। इस पूरी परीक्षा में 45 से 50% घोटाला हुआ है। यदि निष्पक्ष जांच होती तो यह तमाम लोग जेल में होते। सरकार डाक्युमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर चंद फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले अभ्यर्थियों पर कार्रवाई की बात कर रही है, लेकिन प्रदेश में फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का जो गोरख धंधा जो अलग- अलग जिलों में जारी है, उन एक भी अधिकारियों के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी करने और ओबीसी आरक्षण मुद्दे का समाधान जैसी कुछ अन्य मांगें भी कर रहे हैं। कमल नाथ ने बोला सरकार पर हमलाराजधानी में बेरोजगार युवाओं के इस प्रदर्शन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमल नाथ ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की भर्तियों में हो रहे भ्रष्टाचार और बहुत से सरकारी पदों पर भर्ती न होने के खिलाफ प्रदेश के नौजवान आज भोपाल में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इन युवकों की मांग है कि पटवारी भर्ती परीक्षा को दी गई क्लीन चिट सही नहीं है और गलत तरीके से पास हुए लोगों पर कार्रवाई की जाए। प्रदेश में शिवराज सरकार के दौरान लगातार नौजवान यह मुद्दे उठाते रहे और डा. मोहन यादव सरकार में भी युवाओं को सरकारी नौकरियों में होने वाले इस भ्रष्टाचार और सरकार के उदासीन रवैये से जूझना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश का नौजवान बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सरकारी उदासीनता की तिहरी मार से परेशान है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि भाजपा सरकार ने युवाओं को नौकरी न देने का मन बना लिया है और प्रदेश को भ्रष्टाचार के रास्ते पर धकेल दिया है। बता दें कि बीते दिनों ऐसी ही मांग को लेकर इंदौर पटवारी भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर कार्यालय तक रैली भी निकाली थी।

भोपाल सतपुड़ा भवन से हटकर अब उज्जैन जाएगा धर्मस्व विभाग का मुख्यालय

The headquarter of endowment department will now move from Bhopal Satpura Bhavan to Ujjain. बताया जा रहा है कि मुख्यालय की शिफ्टिंग के पीछे का कारण उज्जैन में आयोजित होने वाला सिंहस्थ है. हर 12 वर्ष में उज्जैन में सिंहस्थ का आयोजन होता है. भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग को लेकर बड़ा निर्णय लिया है. इस विभाग का डायरेक्ट्रेट अब भोपाल से हटाकर सीएम डॉ. मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन में शिफ्ट किया जाएगा. सीएम ने इस संबंध में एक नोटशीट विभाग को भेजी है. विभाग ने प्रशासकीय स्वीकृति के लिए मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी के पास प्रस्ताव भेजा है. बता दें यह संचालनालय तीर्थ दर्शन सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक मेलों का आयोजन करता है. वर्तमान में धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग का संचालनालय सतपुड़ा भवन, भोपाल में संचालित होता है. शिफ्टिंग के पीछे सिंहस्थमुख्यालय की शिफ्टिंग के पीछे का कारण उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ को बताया जा रहा है. हर 12 वर्ष में उज्जैन में सिंहस्थ का आयोजन होता है. अगस्त सिंहस्थ 2028 में होना है, इसमें धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग की बड़ी भूमिका रहेगी. धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग का मुख्यालय उज्जैन में शिफ्ट होने के बाद पूरा स्टाफ वहीं बैठेगा. हालांकि विभाग के प्रमुख सचिव व अन्य स्टाफ भोपाल में ही बैठेगा. शिफ्टिंग की तैयारी की जा रहीधार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग के प्रमुख सचिव ई रमेश के अनुसार सरकार की मंशा अनुसार धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग डायरेक्ट्रेट उज्जैन में शिफ्ट करने की कार्रवाई की जा रही है.

भोपाल में बारिश का 5 साल का रिकॉर्ड टूटा: तेज आंधी के साथ ओले भी गिरे

5 year record of rain broken in Bhopal: hailstorm also fell along with strong storm भोपाल में मंगलवार दोपहर 3.30 बजे के बाद अचानक मौसम बदला और तेज आंधी के साथ बारिश हुई। लालघाटी, कोलार इलाके में छोटे आकार के ओले भी गिरे हैं। कई इलाकों में बिजली गुल हो गई, टीन शेड उखड़ गए। बीजेपी ऑफिस के बाहर लगे फ्लैक्स-बैनर भी उड़ गए। कई इलाकों में पेड़ भी गिरे हैं। इस कारण पीएचक्यू ऑफिस के पास और अयोध्या बायपास समेत कई जगहों पर गाड़ियां रेंगती हुई गुजरी। इससे पहले साल 2018 में फरवरी महीने में आखिरी बार बारिश हुई थी। मंगलवार को बारिश होते ही 5 साल का रिकॉर्ड भी टूट गया है। 74 KM प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं भोपाल में 3 से 4 बजे के बीच 74 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। हवा की यह रफ्तार राजा भोज एयरपोर्ट के एटीसी टॉवर में रिकार्ड की गई। एयरपोर्ट स्थित एटीसी कंट्रोल रूम की रिपोर्ट के अनुसार हवाएं उत्तर से दक्षिण की ओर चली। इसलिए बदला मौसम IMD, भोपाल के सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, बिहार के आसपास और छत्तीसगढ़ से तेलंगाना तक भी ट्रफ लाइन गुजर रही है। प्रति चक्रवात की वजह से आंधप्रदेश और ओडिशा तट के आसपास हवाएं भी चल रही हैं। जिससे मध्यप्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में नमी आ रही है। इस कारण बारिश, ओले और आंधी का दौर चल रहा है। गर्मी, बारिश और ठंड का रहता है ट्रेंड राजधानी में फरवरी के महीने में रात में ठंड, दिन में गर्मी और बारिश होने का ट्रेंड है। पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डाले तो 20 फरवरी के बाद दिन का टेम्प्रेचर 43 31 डिग्री के पार पहुंच जाता है। वहीं, रातें भी ठंडी रहती हैं। इस बार भी अब तक ऐसा ही मौसम रहा। कई दिन तक पारा 30 डिग्री के पार ही रहा। हालांकि, पिछले पांच साल से बारिश नहीं हुई है, लेकिन इस बार मौसम विभाग ने बारिश का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, 74 साल पहले 11 फरवरी 1950 की रात में टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 1.7 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, पिछले 10 साल में पारा सामान्य से 2 से 6 डिग्री तक कम रहता है।

मोहन कैबिनेट बैठक में जनता से जुड़े करीब दर्जनभर प्रस्तावों पर चर्चा

About a dozen proposals related to the public discussed in Mohan cabinet meeting मप्र में पीपीपी माडल पर शुरू होगी पर्यटन विमान सेवा, उज्जैन समेत पांच शहरों में चलेंगी पीएम ई-बसेंमंत्रालय में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक। इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। भोपाल। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक बुलाई। दोपहर 12 बजे मंत्रालय में सीएम डा. मोहन यादव की अध्यक्षता में बैठक आरंभ हुई, जिसमें कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि मध्य प्रदेश में पीपीपी माडल पर पर्यटन विमान सेवा शुरू की जाएगी। यानी हवाई मार्ग के जरिए प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों को आपस में जोड़ा जाएगा। 20 सीटर तक होंगे विमान। पांच शहरों की सड़कों पर दौड़ेंगी ई-बसेंइसके साथ-साथ कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दी कि प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन जिले में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा शुरू होगी। इन शहरों की सड़कों पर ई-बसें दौड़ेंगी। इसके लिए केंद्र सरकार ई-बस उपलब्ध कराएगी। 17000 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यउप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कैबिनेट बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णयों के बारे में मीडियाकर्मियों को जानकारी देते हुए यह भी बताया कि 29 फरवरी को प्रदेश में 17000 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास किया जाएगा। विकसित भारत संकल्प यात्रा के समापन अवसर पर विशेष कार्यक्रम होंगे। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपने-अपने गृह जिले में रहने के निर्देश दिए हैं।

मुरैना-ग्वालियर के दौरा पर रहेंगे पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ को लेकर करेंगे बैठक

PCC Chief Jitu Patwari will be on tour to Morena-Gwalior today, will hold a meeting regarding ‘Bharat Jodo Nyaya Yatra’ ग्वालियर ! पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, बोले- करप्सन, क्राइम और कर्ज पर काम कर रही भाजपा सरकारमध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी आज ग्वालियर के दौरे पर हैं. वो ट्रेन के जरिए भोपाल से ग्वालियर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर्ची से निकले हैं. यह सरकार थ्री सी पर ही काम कर रही है. इनका तीन पर ही फोकस है करप्सन, क्राइम और कर्ज. मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा करप्सन है. एमपी में अभी सबसे ज्यादा क्राइम चल रहा है और कर्ज की हालत तो ये कि जब से मुख्यमंत्री आये है रोज कर्ज लेते हैं. दो महीनों में उन्होंने 15 हजार करोड़ का कर्ज लिया है. मध्य प्रदेश कांग्रेस राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ की तैयारियों में जुट गई है. इसके लिए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी 27 फरवरी से एक मार्च तक मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, धार और उज्जैन जिले के दौरे पर रहेंगे, जहां जोड़ो न्याया यात्रा की तैयारियों के संबंध में बैठक लेंगे. तय कार्यक्रम के अनुसार, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी मंगलवार की सुबह 11 बजे मुरैना पहुंचेंगे, जहां ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ कार्यक्रम स्थल का जायजा लेंगे. इसके बाद दोपहर 12 बजे मुरैना में वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक लेंगे.

नगर निगम अधिनियम की धज्जियां उड़ाते हुए शहर में तन रही बिल्डिंग

Buildings being built in the city flouting the Municipal Corporation Act कटनी। नगर निगम अधिनियम की धज्जियां उड़ाते हुए बैगेर स्वीकृति के निर्माण कार्य जारी है नगर निगम के अधिकारियों के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं हो रही है जिससे सदेह की स्थिति उत्पन्न होती है जानकारी के अनुसार बाल गंगाधर तिलक वार्ड स्थित साई मंदिर के पीछे गली नंबर 7 एवं 8 में एवं गली नंबर पांच में जिस तेजी से मल्टियां बनाई जा रही हैं जिस तेजी से खाली पड़े प्लाटों में मकान बनाई जा रहे हैं ना तो नगर निगम से उनके द्वारा नक्शा पास कराया गया और ना ही नगर निगम का यह टैक्स देते हैं और मकान बन बनकर मल्टी बन बनकर 10,5 लाख कमाते हुए बेच रहे हैं इससे नगर निगम को राजस्व की हानी हो रही है और जिस तरह जनता को बेवकूफ बनाकर इन मल्टी एवं प्लाटों की बिक्री की जा रही है उसके लिए फिर पार्षद को परेशान किया जाएगा ना तो वह रोड बना रहे हैं ना नाली बना रहे हैं और ना ही लाइट के खंभे उपलब्ध करा रहे हैं मेरा उच्च अधिकारियों से एवं नगर निगम प्रशासन से अनुरोध है की तत्काल ऐसे अवैध रूप से बनाई जा रहे मल्टी एवं मकान पर रोक लगाई जावे जब तक यह नगर निगम से नक्शा स्वीकृत नहीं कर लेते और ना नगर निगम की टैक्स भर देते तब तक पार्षद ने नगर निगम के उच्च अधिकारियों का ध्यान आकर्षण कराया है कार्य करने से तत्काल रोका जावे श्रीमती वंदना राज किशोर यादव पार्षद वार्ड क्रमांक अब देखना यह होगा कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस पर क्या संज्ञान लेते हैं

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