ट्रांसफर , IAS and IPS अधिकारीयों के बाद पुलिस अधिकारीयों का लगा नम्बर
After transfer, IAS and IPS officers, number of police officers started
After transfer, IAS and IPS officers, number of police officers started
SDM and Tehsildar should immediately resolve the pending cases of Revenue Department. समय-सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक संपन्न भोपाल ! कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के निर्देशन में जिला पंचायत सीईओ श्री ऋतुराज सिंह ने सोमवार को टीएल बैठक में राजस्व अभियान की समीक्षा की। समीक्षा में उन्होंने एसडीएम एवं तहसील कार्यालयों में लंबित अधिक से अधिक राजस्व प्रकरणों का अगले तीन दिन में संतुष्टिपूर्वक शीघ्र निराकरण करने एवं प्रदेश में भोपाल जिले को उत्कृष्ट स्थान दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 29 फरवरी तक आयोजित किए जा रहे राजस्व अभियान में आरसीएमएस पोर्टल पर लंबित अविवादित नामांतरण, सीमांकन एवं नक्शे में तरमीम आदि प्रकरणों का अगले एक सप्ताह में अधिक से अधिक निराकरण करें। सीईओ श्री सिंह ने बताया कि आगामी 29 फरवरी को विकसित भारत की तर्ज पर विकसित मध्यप्रदेश के विशेष राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन लाल परेड़ ग्रांउड भोपाल में किया जाना प्रस्तावित है जिसमें प्रधानमंत्री श्री मोदी वर्चुअल शामिल होंगे एवं लोक कल्याण से जुड़े अनेक निर्माण कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास भी होंगे। कार्यक्रम व्यापक जन भागीदारी के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं के संबंध में सभी एसडीएम से वन टू वन चर्चा कर उनके दायित्वों को उत्कृष्ट तरीके से निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संपूर्ण कार्यक्रम अनुशासन, गरिमा और शालीनता का प्रतीक होना चाहिए, इसके लिए सभी एसडीएम एवं प्रशासनिक अमलें को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। सीईओ श्री सिंह ने सीएम हेल्पलाइन एवं कलेक्टर लॉगिन पर लंबित शिकायतों की समीक्षा की एवं समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम सुश्री अंकिता धाकरे, श्री भूपेन्द्र गोयल, संयुक्त कलेक्टर सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
Active workers will get responsibility, those who are not active will be out: Jitu भोपाल। मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव और न्याय यात्रा को लेकर कांग्रेस में बैठक हुई। इस बैठक में कार्यकर्ताओं को एकजुट करने पर मंथन हुआ। वीसी के बैठक में शामिल हुए पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि पदाधिकारी चुनाव के लिए कमर कस लें, उन्होंने कहा कि संगठन जितना मजबूत होगा। लोकसभा चुनाव में जीत भी उतनी बड़ी होगी। कार्यकारिणी के गठन पर जीतू पटवारी ने कहा कि एक्टिव कार्यकताओं को संगठन में काम करने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही सक्रिय नहीं रहने वालों को बाहर किया जाएगा। जीतू ने स्पष्ट किया उनकी टीम में युवाओं की संख्या ज्यादा होगी। बैठक में मंडलम-सेक्टर, ब्लॉक, जिला अध्यक्ष और प्रभारी, सभी प्रकोष्ठों के अध्यक्ष, विभाग के प्रमुख वर्चुअली जुड़े। बैठक को पूर्व सीएम कमलनाथ, राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कमलेश्वर पटेल और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने संबोधित किया। बैठक में लोकसभा चुनाव को लेकर जनता से संपर्क करने को लेकर चर्चा हुई। इसमें कार्यकतार्ओं को केंद्र की मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के साथ ही बेरोजगारी, महंगाई जैसे मुद्दों को घर-घर तक पहुंचाने को कहा गया। साथ ही सभी कार्यकतार्ओं और पदाधिकारियों को राहुल की न्याय यात्रा में एकजुटता के साथ शामिल होने के लिए कहा गया। बैठक में राहुल की रैली में पांच से छह जिलों के कार्यकतार्ओं शामिल होंगे। प्रदेश में पांच दिन रहेगी यात्रा यात्रा न्याय के लिए संघर्ष की यात्रा : पटवारीपीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस के सारे कार्यकर्ता यात्रा से जुड़ें। चुनाव और यात्रा को लेकर प्लानिंग हुई है। राहुल गांधी की यात्रा देश को जोड़ने और न्याय के लिए संघर्ष करने की यात्रा है। इसमें ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने को लेकर चर्चा हुई। इसके अलावा बैठक में बूथ स्तर तक चर्चा हुई। वहीं, प्रत्याशी चयन को लेकर भी चर्चा हुई। इसके अलावा पार्टी में अनुशासन को लेकर चर्चा हुई।
The land is being leveled after the Bhadbhada settlement was vacated. Along with leveling the land, the Municipal Corporation staff is also removing the broken debris from encroachments. पौध रोपण के लिए की जाएगी फेंसिंग अतिक्रमण हटने के बाद रविवार को कई परिवार वहां आकर बैठ गए भोपाल। भदभदा क्षेत्र में होटल ताज के सामने 386 अतिक्रमण हटाने के बाद नगर निगम अमले ने भूमि समतल करने का काम शुरू कर दिया है। यहां तोड़े अतिक्रमण के मलबे को भी ट्राली में भरकर दूसरी जगह भेजा जा रहा है। क्योंकि खाली हुई भूमि पर अब फेंसिंग के बाद पौधरोपण किया जाना है।इस भूमि को खाली कराने के लिए एनजीटी ने जुलाई 2023 के बाद दोबारा आदेश जारी किया था। इसका पालन करना जरूरी हो गया था। इसका सबसे बड़ा एक कारण यह भी है कि यह क्षेत्र रामसर साइड भोजवेटलेंड में चिन्हित किया गया था। नगर निगम द्वारा इस संबंध में मुनादी करा दी गई थी और उसके बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई थी। पहले तीन दिन का समय दिया गया थाए अतिक्रमण हटाने के लिए बिजली कंपनी ने बस्ती की बिजली व नगर निगम ने पानी की सप्लाई भी बंद कर दी थी। एनजीटी से जुड़े मामलों की समीक्षा पिछले दिनों नगरीय प्रशासन विभाग ने की थी। इसके बाद ही अतिक्रमण अधिकारियों ने बस्ती में मुनादी पिटवाई थी। समीक्षा बैठक में भदभदा की झुग्गी बस्ती को जल्द से जल्द हटाने का निर्णय लिया गया था।12 मार्च को सुनवाई में पेश होगी रिपोर्टनगर निगम व जिला प्रशासन के द्वारा भदभदा बस्ती खाली करने की जानकारी एनजीटी में 12 मार्च को होने वाली सुनवाई में दी जाएगी। इसके फोटो और पूरी रिपोर्ट सुनवाई में प्रस्तुत होगी। अभी पौघ रोपणनगर निगम अधिकारियों के अनुसार भूमि समतल करने के बाद अब पौध रोपण की तैयारी की जा रही है। इसके बाद ही इस सबंध कोई प्लानिंग बन पाएगीए लेकिन एनजीटी के आदेश पर भूमि खाली हुई हैए तो यहां कोई निमार्ण नहीं हो सकता है। जिला प्रशासन का काम भूमि खाली कराना थाएडीएम हरेंद्र नारायण के अनुसार अनुसार जिला प्रशासन को भूमि खाली कराना था। यह काम पूरा हो गयाए अब आगे की जानकारी नगर निगम के पास होगी।
Jitu Patwari said on Shah’s visit – Fulfill PM Modi’s guarantee, if you lie to ask for votes, thank you केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मध्य प्रदेश के दौरे पर है। इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि अमित शाह जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरी करें। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रविवार को कहा कि अमित शाह जी मोदी गारंटी पूरी करो। प्रबुद्धजनों से मिलना अच्छी बात है। देश के गृहमंत्री है उनको मिलना चाहिए। साथ में इस बात को भी व्यक्त करना होगा कि 2014 की मोदी गारंटी पूरी नहीं हुई है। 2023 में मध्य प्रदेश की जनता से किए वादे तभी पूरे हो सकते है, जब प्रदेश को एक लाख करोड़ रुपए दें। यदि झूठ बोलकर फिर वोट लेने आ गए है तो उनको धन्यवाद। अब मध्य प्रदेश की जनता जाग गई है। जनता से अनुरोध है कि इनके झूठ को समझो। भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इससे सिर्फ देश या सिर्फ मध्य प्रदेश में खुशी नहीं है। पूरे ब्रह्माण में खुशी है। लेकिन भगवान राम के भक्तों से सरकार ने जो वादे किए उनको पूरा करें।
Prepare Congress free booths, add 370 new voters at every booth “Amit Shah” गृहमंत्री जिस रूट से निकलेंगे, वहां सुरक्षा में करीब 500 जवान रहेंगे। कार्यक्रम स्थल के आसपास क्षेत्र से लेकर एयरपोर्ट तक नो फ्लाइंग जोन रहेगा। ग्वालियर। देश के गृहमंत्री अमित शाह रविवार को ग्वालियर पहुंचे। वह दोपहर करीब 12 बजे ग्वालियर आएंगे और डेढ़ घंटे तक यहां रहेंगे। गृहमंत्री अमित शाह आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक ली। उन्होंने इस दौरान कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया। इस दौरान अमित शाह ने कहा कि सरकार की जनहित की अच्छी योजनाओं और कामों को जन-जन तक पहुंचाएं इसके अलावा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को भी जोड़ने का काम करें। कांग्रेस में कुछ बचा नहीं है। कार्यकर्ता फ्रस्ट्रेटेड हो चुका है। भ्रमित हो रहा है इसलिए उन्हें जोड़ने का काम करें। कांग्रेस मुक्त बूथ के लिए काम करें। हर बूथ पर 370 नए मतदाताओं को जोड़ना है । कांग्रेस मुक्त बूथ तैयार करने हैं। मतदाताओं से अधिक से अधिक संवाद करें, योजनाओं के बारे में बताएं और लोगों को ज्यादा से ज्यादा जोड़ें। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ,केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और वीडी शर्मा भी बैठक में रहे। केंद्रीय गृहमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारी से संवाद किया। आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देने के उद्देश्य से ग्वालियर चंबल अंचल की चार लोकसभा सीटों की क्लस्टर बैठक आयोजित की गई है। ग्वालियर और चंबल क्लस्टर प्रबंध समिति की बैठक के बाद अमित शाह यहां से खजुराहो जाएंगे। जानकारी के अनुसार इस बैठक में ग्वालियर के साथ ही भिंड, मुरैना, गुना-शिवपुरी लोकसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हुए । इनसे अमित शाह ने संवाद किया।
Bhopal did not get a cancer hospital, long queue of patients in the only AIIMS एम्स में एक साल पहले शुरू हुए कैंसर विभाग में पहुंच गए 41 हजार से अधिक रोगी। लंबी हुई प्रतीक्षा सूची। इलाज की आस में बेइंतहा दर्द भोग रहे हजारों पीड़ित। भोपाल। देश-दुनिया की तरह प्रदेश में भी कैंसर तेजी से पैर पसार रहा है। साल दर साल महिलाओं व पुरुषों में कैंसर के मामले बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या तो यह है कि भोपाल में आज तक अलग अस्पताल तैयार करना तो दूर मेडिकल कालेज में इसका विभाग ही पूरी सुविधाओं के साथ शुरू नहीं हो सका। इस बीच कैंसर मरीजों की संख्या बढ़ते-बढ़ते हजारों में पहुंच चुकी है। इधर भोपाल एम्स में एक वर्ष पूर्व से कैंसर विभाग ने विधिवत काम करना शुरू कर दिया है लेकिन यहां पहले ही वर्ष में 41 हजार से अधिक रोगी पहुंचने से मौजूदा संसाधन कम पड़ रहे हैं। यहां प्रतीक्षा सूची इतनी लंबी हो चुकी है कि महीनों पहले उपचार मिलना मुश्किल है। राजधानी में एम्स सहित अन्य अस्पतालों में हर साल कैंसर के 44 से 45 हजार मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सिविल अस्पताल के साथ एक कैंसर स्पेशलिटी अस्पताल भी बनाना जरूरी है। जिससे कैंसर मरीजों को इलाज के लिए भटकना ना पड़े। हमीदिया बन सकता था कैंसर अस्पतालएनएचएम के पूर्व संचालक डा. पंकज शुक्ला कहते हैं, प्रदेश की राजधानी में ही सरकार की ओर से कैंसर उपचार की व्यवस्था सबसे कमजोर है। हमीदिया में आसानी से कैंसर अस्पताल विकसित किया जा सकता था, लेकिन इसके लिए कभी पूरी ताकत से प्रयास नहीं किए गए। प्रदेश सरकार ने प्रत्येक जिले में कीमोथैरेपी की व्यवस्था की। लेकिन राजधानी में एक सुविधाओं से सुसज्जित कैंसर अस्पताल की जरूरत है।दोनों विभाग के विशेषज्ञों का सही उपयोगशुक्ला बताते हैं, शासन ने चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग को एक विभाग बनाने का फैसला किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों विभागों के विशेषज्ञ, स्थान, सुविधाएं और बजट का सही उपयोग करना जरूरी है। यह एक समय है जिससे कैंसर जैसे गंभीर रोग से ग्रसित मरीजों को एक स्थान पर पूर्ण और सटीक इलाज उपलब्ध कराया जा सकता है। शहर के लिए कैंसर अस्पताल बनाना अच्छा विकल्प हो सकता है। शहर में कैंसर मरीज हमीदिया अस्पताल में साल 2021 में कैंसर के 5096 मरीज इलाज के लिए आए। वहीं साल 2022 में यह आंकड़ा 6533 दर्ज किया गया। साल 2023 में 7121 कैंसर के मरीज इलाज के लिए हमीदिया के आन्कोलाजी विभाग पहुंचे। यानी 20 से 25 मरीज रोजाना ओपीडी में आए। एम्स भोपाल में बीते साल प्रदेश भर से 41 हजार 323 कैंसर के मरीज इलाज के लिए पहुंचे। एम्स अस्पताल में रोजाना आनकोलाजी सर्जरी और रेडियोलाजी विभाग के मिलाकर रोजाना 200 से 250 मरीज पहुंच रहे हैं।कैंसर का उपचार शुरू करने के लिए 25 से 30 करोड़ की यूनिट लगाई जाती है। इसे सरकार तीन साल में वसूल कर सकती है। लेकिन आयुष्मान के पैसों को सरकार ऐसे भी बचा सकती है। सरकार के लिए कोई यह बड़ी रकम भी नहीं है। – डा.ओपी सिंह, कैंसर विशेषज्ञ ऐसे बढ़ रहे मरीज,(हमीदिया अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे कैंसर रोगियों की संख्या) वर्ष 2021 – 5096 रोगीवर्ष 2022 – 6533 रोगीवर्ष 2023- 7121 रोगी एम्स की स्थितिवर्ष 2023 – 41 हजार 323 रोगी
Jitu Patwari took online meeting of leaders in view of Lok Sabha elections and Bharat Jodo Nyay Yatra. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में लोकसभा चुनाव एवं भारत जोड़ो न्याय यात्रा के संबंध में ऑनलाइन बैठक जारी। इस अवसर पर मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह जी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार जी, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी, राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह जी एवं विवेक तन्खा जी सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेतागण मुख्य रूप से बैठक में उपस्थित।
Transfer of many administrative officers including Deputy Collector मध्य प्रदेश में कई जिलों के ज्वाइंट कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर बदल दिए गए हैं. इन अधिकारियों को प्रशासकीय आधार पर तत्काल प्रभाव से ट्रांसफर किया गया है. आगामी लोकसभा चुनाव से पहले मध्यप्रदेश में बड़े स्तर पर प्रशासिनक अधिकारियों के फेरबदल किए गए हैं. कई जिलों के डिप्टी कलेक्टर बदल दिए गए हैं. मध्यप्रदेश शासन की ओर से 64 प्रशासनिक सेवा के अफसरों के तबादले किए गए है. इसमें सामान्य प्रशासनिक विभाग, नर्मदा घाटी, राजस्व सहित कई डिप्टी कलेक्टर शामिल हैं. मध्य प्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से स्टेट प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों के तबादले को लेकर लिस्ट जारी की गई है. मध्य प्रदेश में कई जिलों के ज्वाइंट कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर बदल दिए गए हैं. बताया जा रहा है कि इनमें से कई अधिकारी लंबे वक्त से एक जिले में तैनात थे. इन अधिकारियों को प्रशासकीय आधार पर तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित किया गया है. कमलेश पुरी, जो वर्तमान में उमरिया के डिप्टी कलेक्टर हैं. इन्हें मउगंज का डिप्टी कलेक्टर बनाया गया है. एमपी में प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले तबादला सूची के मुताबिक नंदा भलावे कुशरे को उप सचिव सामान्य प्रशासन विभाग से उप संचालक आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल की जिम्मेदारी दी गई है. जबकि कमलेश पुरी को डिप्टी कलेक्टर उमरिया से डिप्टी कलेक्टर मउगंज, सपना अनुराग जैन अर संचालक नर्मदा घाटी विकास प्रधिकरण इंदौर से कार्यकारी संचालक औद्योगिक केन्द्र विकास निगम इंदौर, अभिषेक दुबे अपर कलेक्टर रायसेन से उप सचिव मप्र शासन लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है.विशाल चौहान अपर कलेक्टर मंदसौर से कार्यकारी संचालक औद्योगिक केन्द्र विकास निगम भोपाल, एकता जायसवाल क्षेत्रीय उपायुक्त भू अभिलेख सागर से भू प्रबंधन अधिकारी देवास, श्वेता पंवार उप सचिव मप्र शासन गृह विभाग से अपर कलेक्टर रायसेन, श्यामेन्द्र जायसवाल उपायुक्त राजस्व सागर से अपर आयुक्त नगर पालिका निगम इंदौर, राजेश राठौड़ कार्यकारी संचालक मप्र औद्योगिक केन्द्र विकास निगम इंदौर से कार्यकारी संचालक औद्योगिक केन्द्र विकास निगम उज्जैन, शैलेन्द्र सिंह अपर कलेक्टर सागर से अपर कलैक्टर मैहर, अंकुर मेश्राम उपायुक्त भू अभिलेख ग्वालियर से अपर कलेक्टर भोपाल, चिरोंजीलाल चनाप अपर कलेक्टर सिवनी से अपर कलेक्टर अनूपपुर, अभिषेक गेहलोत आयुक्त नगर पालिका निगम सतना से मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन एवं प्रशासन भोपाल की जिम्मेदारी दी गई है. किन्हें क्या मिली जिम्मेदारी? इसके साथ ही राकेश सिंह मरकाम को डिप्टी कलेक्टर निवाड़ी से डिप्टी कलेक्टर दमोह, शिखा पोरस नरवाल उप सचिव मप्र शासन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से महाप्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम भोपाल, इकबाल मोहम्मद संयुक्त कलेक्टर भोपाल से संयुक्त कलेक्टर भिण्ड, सुलेखा सुदेश उईके महाप्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम भोपाल से अपर कलेक्टर सिवनी, मनोज कुमार वर्मा अपर आयुकत नगर पालिका निगम इंदौर से महाप्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम भोपाल, दिनेश चंद्र शुक्ला अपर कलेक्टर निवाड़ी से अपर कलेक्टर शिवपुरी, विनोद भार्गव उप सचिव समान्य प्रशासन विभाग से अपर कलेक्टर सागर, अविनाश रावत ज्वाइंट कलेक्टर दमोह से ज्वाइंट कलेक्टर रीवा बनाया गया है. विकास कुमार सिंह ज्वाइंट कलेक्टर भिण्ड से ज्वाइंट कलेक्टर मैहर, प्रमोद कुमार सेन गुप्ता ज्वाइंट कलेक्टर जबलपुर से ज्वाइंट कलेक्टर सिंगरौली, वंदना जाट ज्वाइंट कलेक्टर सिवनी से ज्वाइंट कलेक्टर नरसिंहपुर, राजेश कुमार गुप्ता ज्वाइंट कलेक्टर विदिशा से संचालक अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति संस्थान भोपाल, आकाश श्रीवास्तव कार्यकारी संचालक औद्योगिक केन्द्र विकास निगम भोपाल से कार्यकारी संचालक औद्योगिक केन्द्र विकास निगम भोपाल, देवदत्त शर्मा डिप्टी कलेक्टर ग्वालियर से डिप्टी कलेक्टर भिण्ड, बलवीर रमन सिंह संयुक्त कलेक्टर छतरपुर से संयुक्त कलेक्टर रीवा, रामबाबू सिण्डोस्कर संयुक्त कलेक्टर दतिया से संयुक्त कलेक्टर अशोकनगर, मुनीष सिंह सिकरवार संयुक्त कलेक्टर ग्वालियर से अपर आयुक्त नगर पालिका निगम ग्वालियर, अनुराग सिंह संयुक्त कलेक्टर जबलपुर से संयुक्त कलेक्टर डिण्डौरी की जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा राजीव समाधिया ज्वाइंट कलेक्टर शिवपुरी से ज्वाइंट कलेक्टर ग्वालियर, शिराली जैन अवर सचिव मप्र शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग से अवर सचिव कार्मिक मप्र शासन सामान्य प्रशासन विभाग, सुरेश जादव संयुक्त कलेक्टर मैहर से संयुक्त कलेक्टर सिंगरौली, मोहिनी शर्मा संयुक्त कलेक्टर राजगढ़ से ज्वाइंट कलेक्टर विदिशा, रमेशचंद्र खतेडिय़ा डिप्टी कलेक्टर धार से डिप्टी कलेक्टर खण्डवा, अखिल राठौर संयुक्त कलेक्टर शाजापुर से ज्वाइंट कलेक्टर छतरपुर, अंकिता त्रिपाठी संयुक्त कलेक्टर पांढुर्णा से ज्वाइंट कलेक्टर छिंदवाड़ा, फरहीन खान ज्वाइंट कलेक्टर सागर से अवर सचिव कार्मिक मप्र शासन सामान्य प्रशासन विभाग, कामिनी ठाकुर ज्वाइंट कलेक्टर बालाघाट से ज्वाइंट कलेक्टर छिंदवाड़ा, पूजा तिवारी ज्वाइंट कलेक्टर नरसिंहपुर से ज्वाइंट कलेक्टर बैतूल, नेहा सोनी ज्वाइंट कलेक्टर छिंदवाड़ा से ज्वाइंट कलेक्टर पांढुर्णा बनाए गए हैं. वहीं, रवि मालवीय ज्वाइंट कलेक्टर भिण्ड से ज्वाइंट कलेक्टर दतिया, प्रमोद सिंह गुर्जर डिप्टी कलेक्टर नर्मदापुरम से डिप्टी कलेक्टर धार, भारती मरावी डिप्टी कलेक्टर रीवा से डिप्टी कलेक्टर डिण्डौरी, राहुल सिलाडिय़ा डिप्टी कलेक्टर पन्ना से डिप्टी कलेक्टर सतना, उमेश चंद्र कौरव प्रभारी डिप्टी कलेक्टर बालाघाट से डिप्टी कलेक्टर शिवपुरी, स्वाति उपाध्याय प्रभारी डिप्टी कलेक्ट खरगोन से डिप्टी कलेक्टर सीहोर, संतोष बिटोलिया डिप्टी कलेक्टर भोपाल से डिप्टी कलेक्टर विदिशा, राजाराम करजरे प्रभारी डिप्टी कलेक्टर ग्वालियर से डिप्टी कलेक्टर उज्जैन सहित अन्य अफसरों के तबादले किए गए हैं.
Sant Shiromani Guru Ravidas Jayanti Special Publication Ravidas Jayanti 2024: गुरु रविदास जी का जन्म कब और कहां हुआ ? संत गुरु रविदास जी को प्रेम और करुणा की शिक्षाओं और समाज से जाति के भेदभाव को दूर करने के लिए जाना जाता है. हर साल माघ पूर्णिमा को रविदास जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है.भारत के प्रसिद्ध संत रविदास को रैदास के नाम से भी जाना जाता है. रविदास ऐसे संत और कवि थे, जिनका भक्ति आंदोलन में अहम योगदान रहा. समाज विभाजन को दूर करने पर इन्होंने जोर दिया और व्यक्तिगत आध्यात्मिक आंदोलन के लिए एकता को बढ़ावा दिया. रविदास जी के जन्मदिन को ही हर साल रविदास जयंती के रूप में मनाया जाता है, जोकि आज शनिवार, 24 फरवरी 2024 को है. संत रविदास ईश्वर को पाने का केवल एक रास्ता जानते थे और वो है ‘भक्ति’. इसलिए उनका एक मुहावरा ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ वर्तमान में काफी प्रसिद्ध है. संत रविदास जी ने अपना सारा जीवन समाज सुधार कार्य, समाज कल्याण और समाज से जाति भेदभाव को दूर करने के कार्यों में समर्पित कर दिया. आइये जानते हैं गुरु रविदास जी का जन्म कब और कहां हुआ था? कब और कहां हुआ संत रविदास का जन्म संत गुरु रविदास एक महान कवि, दार्शनिक और समाज सुधारक थे. संत रविदास का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी क्षेत्र में माघ पूर्णिमा को 1377 में हुआ था. इसलिए हर साल माघ पूर्णिमा के दिन रविदास जयंती मनाई जाती है. लेकिन इनके जन्म को लेकर विद्वानों के बीच अलग-अलग मत हैं. इनकी माता का नाम कर्मा देवी और पिताजी का नाम संतोष दास था. संत रविदास का जन्म एक मोची परिवार में हुआ था और इनके पिता जूते बनाने का काम किया करते थे. रविदास जी बचपन से बहादुर और ईश्वर के भक्त थे. पंडित शारदानंद गुरु से इन्होंने शिक्षा प्राप्त की. जैसे-जैसे रविदास जी की उम्र बढ़ने लगी भक्ति के प्रति इनकी रुचि भी बढ़ गई. आजीविका के लिए रविदास जी ने पैतृक काम को करते हुए भगवान की भक्ति में भी लीन रहे. चर्मकार कुल के होने के कारण वे जूते बनाया करते थे और अपने पैतृक कार्य में उन्हें आनंद भी मिलता था. वे अपना काम ईमानदारी, परिश्रम और पूरे लगन से करते थे. साथ ही लोगों को धर्म के मार्ग पर चलने की शिक्षा भी दिया करते थे. संत शिरोमणि गुरु रविदास कौन थे, समाज के लिए क्या है इनका योगदान भारत में कई संतों ने लोगों को आपसी प्रेम, सौहार्द और गंगा जमुनी तहजीब सिखाई. इन्हीं में एक थे संत रविदास, जिनका भक्ति आंदोलन और समाज सुधार में विशेष योगदान रहा. संत गुरु रविदास भारत के महान संतों में से एक हैं, जिन्होंने अपना जीवन समाज सुधार कार्य के लिए समर्पित कर दिया. समाज से जाति विभेद को दूर करने में रविदास जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा. वो ईश्वर को पाने का एक ही मार्ग जानते थे और वो है ‘भक्ति’, इसलिए तो उनका एक मुहावरा आज भी बहुत प्रसिद्ध है कि, ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’. रविदास जी का जन्म रविदास जी के जन्म को लेकर कई मत हैं. लेकिन रविदास जी के जन्म पर एक दोहा खूब प्रचलित है- चौदस सो तैंसीस कि माघ सुदी पन्दरास. दुखियों के कल्याण हित प्रगटे श्री गुरु रविदास. इस पंक्ति के अनुसार गुरु रविदास का जन्म माघ मास की पूर्णिमा को रविवार के दिन 1433 को हुआ था. इसलिए हर साल माघ मास की पूर्णिमा तिथि को रविदास जयंती के रूप में मनाया जाता है जोकि इस वर्ष 24 फरवरी 2024 को है. रविदास जी का जन्म 15वीं शताब्दी में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक मोची परिवार में हुआ. उनके पिताजी जाति के अनुसार जूते बनाने का पारंपरिक पेशा करते थे, जोकि उस काल में निम्न जाति का माना जाता था. लेकिन अपनी सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद भी रविदास जी भक्ति आंदोलन, हिंदू धर्म में भक्ति और समतावादी आंदोलन में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उजागर हुए. 15 वीं शताब्दी में रविदास जी द्वारा चलाया गया भक्ति आंदोलन उस समय का एक बड़ा आध्यात्मिक आंदोलन था. समाज के लिए गुरु रविदास का योगदान संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी एक महान संत और समाज सुधारक थे. भक्ति, सामाजिक सुधार, मानवता के योगदान में उनका जीवन समर्पित रहा. आइये जानते हैं गुरु रविदास के महत्वपूर्ण योगदानों के बारे में- धार्मिक योगदान: भक्ति और ध्यान में गुरु रविदास का जीवन समर्पित रहा. उन्होंने भक्ति के भाव से कई गीत, दोहे और भजनों की रचना की, आत्मनिर्भरता, सहिष्णुता और एकता उनके मुख्य धार्मिक संदेश थे. हिंदू धर्म के साथ ही सिख धर्म के अनुयायी भी गुरु रविदास के प्रति श्रद्धा भाव रखते हैं. रविदास जी की 41 कविताओं को सिखों के पांचवे गुरु अर्जुन देव ने पवित्र ग्रंथ आदिग्रंथ या गुरुग्रंथ साहिब में शामिल कराया था.सामाजिक योगदान: समाज सुधार में भी गुरु रविदास जी का विशेष योगदान रहा. इन्होंने समाज से जातिवाद, भेदभाव और समाजिक असमानता के खिलाफ होकर समाज को समानता और न्याय के प्रति प्रेरित किया.शिक्षा और सेवा: गुरु रविदास जी ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और अपने शिष्यों को उच्चतम शिक्षा पाने के लिए प्रेरित किया. अपने शिष्यों को शिक्षत कर उन्होंने शिष्यों को समाज की सेवा में समर्थ बनाने के लिए प्रेरित किया. मध्यकाल की प्रसिद्ध संत मीराबाई भी रविदास जी को अपना आध्यात्मिक गुरु मानती थीं. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि SAHARA SAMACHaar.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
Madhya Pradesh Tourism Board received the Best State Tourism Board award मध्य प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों के प्रचार-प्रसार नवाचार करने पर्यटकों को अनुभव आधारित पर्यटन प्रदान करने एवं पर्यावरण अनुकूल पर्यटन के क्षेत्र में सबसे बेहतर काम करने के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।प्रदर्शनी में बोर्ड ने प्रमुखता से सहभागिता कर देश एवं विदेशों से आए ट्रेवल एजेंट्स टूर आपरेर्ट्सहोटेलियर्स एवं विभिन्न हितधारकों के समक्ष प्रदेश के पर्यटन स्थलों एवं उत्पादों को प्रचारित किया। भोपाल। मध्य प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों के प्रचार-प्रसार, नवाचार करने, पर्यटकों को अनुभव आधारित पर्यटन प्रदान करने एवं पर्यावरण अनुकूल पर्यटन के क्षेत्र में सबसे बेहतर काम करने के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड (एमपीटीबी) को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। ग्रेटर नोएडा में आयोजित प्रमुख ट्रेवल प्रदर्शनी एसएटीटीई (साउथ एशियन ट्रेवल एंड टूरिज्म एक्सचेंज) में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड को ‘बेस्ट टूरिज्म स्टेट बोर्ड के अवार्ड से सम्मानित किया गया है। युवराज पडोले ने ग्रहण किया पुरस्कारवहीं, राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किए जाने पर प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने इस खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग सदैव ही प्रदेश में भ्रमण के लिए पहुंचने वाले पर्यटकों की सुलभता, सुगमता एवं सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। बोर्ड की ओर से यह सम्मान उपसंचालक युवराज पडोले ने ग्रहण किया। इस आधार पर मिला परस्कार एमपीटीबी स्टाल पर आगंतुकों को सांची, अमरकंटक, नर्मदा के घाटों और अन्य गंतव्यों के वर्चुअल टूर का अनुभव करने का भी मौका मिला। बोर्ड को यह सम्मान पर्यटन, बुनियादी ढांचे के विकास, स्थानीय समुदाय के आर्थिक विकास, राज्य की संस्कृति और विरासत के संरक्षण इत्यादि क्षेत्र में उच्च स्तरीय प्रदर्शन के आधार पर दिया गया है।
Food department conducted surprise inspection in city shops, took samples for milk and milk production materials. नैनपुर ! मिलावट से मुक्ति अभियान के अंतर्गत कलेक्टर के निर्देश पर मिलावटी खाद्य पदार्थ के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने के संबंध में जिला स्तर पर गठित निगरानी समिति के द्वारा विभिन्न दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया विशेष कर दूध एवं दूध उत्पादन में होने वाली मिलावट को रोकने हेतु विभिन्न दुकानों में मिलावट की आशंका पर दूध एवं दूध उत्पादन के नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान श्याम स्वीट्स से खोवा एवं रसगुल्ला, प्रेम लस्सी सेंटर से खोवे के पेड़े एवं लस्सी, जैन किराना स्टोर से पापड़ एवं सरसों तेल के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए वही श्याम स्वीट्स में घरेलू गैस का व्यवसायिक दुरुपयोग पाए जाने पर जब्ती की कार्यवाही कर प्रकरण बनाया गया। सभी नमूने प्रयोगशाला भोपाल भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर विक्रेताओं के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी कार्रवाई के दौरान नापतोल निरीक्षक एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे। यह कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी बाइट – आर एस वरकड़े कनिस्ट आपूर्ति अधिकारी
Children should not be deprived of exams under any circumstances, otherwise action will be taken निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ पहुंची शिकायत, कलेक्टर का अल्टीमेंटम भोपाल। आरटीई के तहत पढ़ने वाले बच्चों की फीस और पढ़ाई को लेकर निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलने के बाद कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निजी स्कूलों को अल्टीमेटम दिया है। कलेक्टर ने सभी स्कूलों को आदेश दिए कि किसी भी स्थिति में स्कूल में प्रवेशित छात्र-छात्राओं को स्कूल से तथा आयोजित होने वाली परीक्षाओं से वंचित न किया जाए। अन्यथा की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसके लिए स्कूल खुद जिम्मेदार होंगें। मामले में अभिभावकों को लेकर राहत देते हुए कहा गया है कि निजी स्कूलों की इस तरह की किसी भी शिकायत के लिए कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है। यह है पूरा मामला दरअसल, शास, अशास, अल्पसंख्यक, सीबीएससी स्कूलों में पढ़ने वाले कई विद्यार्थियों के अभिभावकों द्वारा जनसुनवाई के दौरान और विभिन्न आवेदनों के माध्यम से इसको लेकर कलेक्टर सहित अन्य कार्यालयों में शिकायतें की गई हैं। इस शिकायत में बताया गया है कि संबंधित शाला द्वारा उनके बच्चों की आर.टी.ई. प्रावधान अंतर्गत फीस प्रतिपूर्ति न होने, पूर्व संस्था द्वारा टी.सी. प्रदाय न करने, समग्र पोर्टल में नाम अंकित न होने अथवा त्रुटिपूर्ण होने, शाला में फीस जमा न कर पाने के कारण बच्चों को शाला में अध्ययन न कराते हुए परीक्षा से वंचित किया जा रहा है एवं अलग से फीस की मांग की जा रही है, जबकि आर.टी.ई. के अंतर्गत आने वाले छात्रों को पूर्णतः निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है।
Bad condition of Capital’s Model Hospital JP: Even medicine written on OPD prescription is not available. भोपाल। कहने को जय प्रकाश अस्पताल (जेपी) राजधानी का मॉडल अस्पताल हैं, लेकिन सुविधाओं के मामले में वह किसी सामुदायिक केंद्र के बराबर है। जेपी अस्पताल में दवा ही नहीं है। आधी दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। यह पीड़ा जेपी अस्पताल में इलाज कराने आई मीना नागराज ने सुनाई। उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने ओपीडी पर्चे पर पांच दवाएं लिखी थी, जिनमें से तीन दवाएं उन्हें बाहर से खरीदने के लिए कहा गया, क्योंकि उक्त दवाओं का स्टाक खत्म हो गया था। उन्हीं की तरह अन्य मरीजों ने दवा नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। ओपीडी में आए मरीजों से बात की तो पता चला कि कई दवाएं अस्पताल में मिली ही नहीं। इनमें लेवोसालबूटामाल, आइंट मिंट जैसी महत्वपूर्ण दवाएं भी शामिल हैं। ब्लड प्रेशर की सामान्य दवा भी नहीं मिल रहीबुजुर्ग रोशन मौर्य ने बताया कि मुझे हार्ट से संबंधित, ब्लड प्रेशर, जोड़ों की समस्या रहती है। जेपी अस्पताल के डाॅक्टर अच्छे हैं, इसलिए यहां इलाज के लिए आया हूं। यहां मुझे कुछ दवाएं मिली हैं, लेकिन बाकी बाहर से खरीदने के लिए कहा गया है। पांच में सिर्फ दो दवाएं मिलीहाथ में दर्द होने के बाद उपचार के लिए ओपीडी में आए मोहन मीणा ने बताया कि डॉक्टर ने पांच दवाएं लिखी थी, पर मुझे दो ही दवाएं मिली। मैं तो सक्षम हूं बाहर से खरीद लूंगा, लेकिन कई लोग ऐसे हैं, जिनके पास अस्पताल तक आने का किराया भी नहीं होता, वे कहां से दवा खरीदेंगे। संबंधित पर कार्रवाई करेंगेजेपी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि अगर अस्पताल में दवाओं की कमी है, तो फार्मासिस्टों को तुरंत रिक्वायरमेंट स्टोर को भेजना चाहिए। हमने नई व्यवस्था बनाई है, अगर अब चूक होती है तो तुरंत संबंधित पर कार्रवाई करेंगे।
Supply of smelly dirty water at Bhopal and Rani Kamlapati stations यात्रियों को मजबूरी में खरीदना पड़ रही बोतल भोपाल। रेलवे स्टेशन पर 40 लाख रुपए का आरओ प्लांट सालों से बंद गंदा पानी पीने से यात्रियों के बीमार होने का खतरा रानी कमलापति स्टेशन पर पानी की लाइन टूटी हरिभूमि न्यूज,भोपाल। भोपाल व रानी कमलापति स्टेशन पर यात्री गंदा पानी पीने को मजबूर है। पिछले कुछ दिनों से वर्ल्ड क्लास रानी कमलापति व भोपाल स्टेशन पर इसी तरह के गंदे पानी की सप्लाई की जा रही है। दो दिन से यह परेशानी अधिक बढ़ गई है। गंदा पानी पीने से यात्री संक्रमित बीमारी का शिकार हो सकते हैं, लेकिन रेलवे अधिकारियों का इस ओर ध्यान ही नहीं है। इस संबंध में कुछ यात्रियों ने गंदे पानी को लेकर सोशल मीडिया पर शिकायत की है। इस संबंध में भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया का कहना है कि जल्द ही मामले को दिखवा लेता हूं। जो भी समस्या होगी, उसको ठीक करा लिया जाएगा। 40 लाख रुपए का आरओ प्लांट सालों से बंद भोपाल स्टेशन पर कई सालों से 40 लाख रुपए का आरओ प्लांट बंद पड़ा है। इसके चलते रेलवे यात्रियों को शुद्ध पानी मुहैया नहीं हो पा रहा है। सालों से आरओ प्लांट ठीक नहीं कराने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि आरओ प्लांट वर्ष 2015 में लगाया गया था। अप्रैल 2017 से यह बंद है। इसके पहले भी ये कई बार बंद हुआ। इस तरह यह प्लांट सिर्फ 200 दिन ही चल पाया। जानकारों का कहना है कि आरओ प्लांट को ठीक नहीं कराया जाना लापरवाही का मामला है। अब गर्मी का सीजन दस्तक दे रहा है तो पिछले कुछ दिनों से लगातार गंदे पानी की प्लेटफार्म पर लगे नलों में सप्लाई की जा रही है। ऐसे में यात्रियों को मजबूरी में रेल नीर का बोतल बंद पानी खरीदना पड़ रहा है। पानी माफिया सक्रिय गर्मी के सीजन में भोपाल रेलवे स्टेशन पर बोतलबंद पानी की बिक्री के लिए पानी माफिया सक्रिय रहता है। रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, गर्मियों में प्रतिदिन 30 से 40 हजार बोतलबंद पानी बिक जाता है। ऐसे में यदि यात्रियों को रेलवे से आरओ वाटर भरपूर मिलने लगेगा तो पानी माफिया की बिक्री सीमित हो जाएगी। रानी कमलापति पर नलों में आ रहा गंदा पानी रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर पिछले कुछ दिनों से गंदा पानी आ रहा था। इससे यात्रियों को शुद्ध पानी को लेकर परेशान होना पड़ रहा है। नगर निगम की पानी की लाइन टूटी हुई थी। जिनको मरम्मत के लिए बोला है। मोहित सोमय्या, प्रोजेक्ट मैनेजर, बंसल पाथ-वे हबीबगंज प्राइवेट लिमिटेड