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प्रियंका गांधी ने शपथ ली: राहुल की तरह हाथ में संविधान की कॉपी पकड़ी

Priyanka Gandhi took oath: held a copy of the Constitution in her hand like Rahul. नई दिल्ली । संसद के शीतकालीन सत्र का गुरुवार को तीसरा दिन है। प्रियंका गांधी पहली बार संसद पहुंचीं। उन्होंने लोकसभा में सांसद पद की शपथ ली। इस दौरान हाथ में संविधान की कॉपी ली। प्रियंका के साथ उनकी मां सोनिया और राहुल गांधी भी संसद पहुंचे। प्रियंका वायनाड सीट से उपचुनाव जीती हैं। प्रियंका के साथ नांदेड़ से उपचुनाव जीतने वाले रविंद्र चव्हाण ने भी शपथ ली। लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही अडाणी मुद्दे पर हंगामा होने लगा। राज्यसभा में भी हंगामा हुआ। इसके बाद दोनों सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राहुल ने बुधवार को संसद के बाहर कहा था कि अडाणी पर अमेरिका में 2 हजार करोड़ की रिश्वत देने का आरोप है। उन्हें जेल में होना चाहिए। मोदी सरकार उन्हें बचा रही है। पहली बार संसद में गांधी परिवार के तीन सदस्य केरल के वायनाड लोकसभा उपचुनाव में प्रियंका गांधी की जीत के बाद लोकसभा में दोबारा कांग्रेस के 99 सांसद हो गए हैं। वायनाड सीट राहुल गांधी ने छोड़ी थी, जबकि नांदेड़ सीट कांग्रेस सांसद बसंतराव चव्हाण के निधन के चलते खाली हुई थी। इन पर हाल ही में उपचुनाव हुए हैं और दोनों ही सीटें कांग्रेस के पास वापस आ गई हैं। यह पहली बार हुआ है कि कांग्रेस पार्टी से जुड़े गांधी परिवार के 3 सदस्य एक साथ संसद के सदस्य होंगे। राहुल गांधी रायबरेली से और प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड से लोकसभा सांसद हैं। जबकि सोनिया गांधी राजस्थान से राज्य सभा सांसद हैं।

पदाधिकारियों के लिए संगठन ने तय कर दी है गाइड लाइन, 40 वर्ष तक उम्र के कार्यकर्ता ही मंडल अध्यक्ष बनेंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश में संगठन चुनाव के तहत दिसंबर में भाजपा के मंडल और जिला अध्यक्ष बना दिए जाएंगे। चुनाव दो चरणों में होंगे। इसकी तैयारी के लिए बुधवार शाम प्रदेश कार्यालय में कार्यशाला आयोजित की जाएगी। पार्टी संगठन ने केंद्रीय नेतृत्व की तय गाइडलाइन के तहत कार्ययोजना बनाई है। जिन पर आर्थिक और आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, ऐसे नेताओं को जिला और मंडल अध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा। ऐसे नेता संगठन चुनाव में ही हिस्सा नहीं ले सकेंगे। आयुसीमा तय वहीं, मंडल और जिला अध्यक्ष के लिए क्रमश: 40 और 60 वर्ष की आयु सीमा भी निर्धारित की गई है, यानी पार्टी युवा और वरिष्ठता दोनों ही श्रेणी के नेताओं को अवसर देगी। इसी तरह, अपने चहेतों को मंडल और जिला अध्यक्ष बनाने के लिए सांसद, विधायक या मंत्री की अनुशंसा भी नहीं चलेगी। इसको लेकर पार्टी संगठन ने पहले ही गाइड लाइन तय कर दी है। कार्यशाला में ये रहेंगे उपस्थित भाजपा के प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी ने बताया कि बुधवार को होने वाली कार्यशाला को पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, पार्टी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडे, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश प्रभारी डा. महेंद्र सिंह एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद संबोधित करेंगे। कार्यशाला में प्रदेश कोर कमेटी, पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी, संभाग प्रभारी, लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद, विधायक, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, महापौर, नेता प्रतिपक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष व महामंत्री, प्रदेश निर्वाचन टोली, प्रदेश सक्रिय सदस्यता टोली, जिला निर्वाचन टोली, बूथ प्रबंधन जिला प्रभारी उपस्थित रहेंगे। बूथ समितियों के गठन की सराहना वहीं, मप्र के भाजपा संगठन की बूथ समितियों के गठन की शीर्ष नेतृत्व ने सराहना की है। अब पार्टी का फोकस मंडल और जिला अध्यक्ष के संगठन चुनाव पर है। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई बैठक में मिली गाइडलाइन के बाद प्रदेश संगठन ने यह कार्यशाला आयोजित की है। कार्यशाला के बाद पार्टी संगठन बुधनी और विजयपुर उपचुनाव को लेकर भी चर्चा करेगा।

भाजपा नेतृत्व कुछ अन्य नामों पर भी विचार कर रही, ओबीसी और मराठा समुदाय से किसी नेता को CM बनाने के विकल्प भी शामिल

मुंबई महाराष्ट्र में भाजपा नेतृत्व वाली महायुति की सरकार के गठन में अभी कुछ समय लग सकता है। भाजपा नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मंथन जारी है। जैसे ही नाम तय होगा, भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी। इसके बाद नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। इस बीच, शिवसेना और एनसीपी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री के नाम का निर्णय भाजपा नेतृत्व पर छोड़ दिया है। दोनों दलों ने कहा है कि जो भी निर्णय लिया जाएगा वह दोनों घटक दलों के लिए मान्य होगा। महायुति की भारी जीत के बाद भाजपा के पास मुख्यमंत्री पद के लिए पूर्व मुख्यमंत्री और महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे देवेंद्र फडणवीस का नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहा है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व अभी तक इस पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सका है और अटकलें हैं कि भाजपा नेतृत्व कुछ अन्य नामों पर भी विचार कर रहा है। इनमें ओबीसी और मराठा समुदाय से किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाने के विकल्प भी शामिल हैं। यह लगभग स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री भाजपा का ही होगा, जबकि एनसीपी और शिवसेना से उपमुख्यमंत्री पद पर नेता होंगे। भाजपा के मुख्यमंत्री रहे देवेंद्र फडणवीस पिछली सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे थे। अब यह संभावना जताई जा रही है कि नई सरकार में एकनाथ शिंदे को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि, इस बारे में अभी तक केंद्रीय स्तर पर औपचारिक विचार-विमर्श नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार, शिवसेना अपने विधायकों को साधने के लिए एकनाथ शिंदे को राज्य के नेतृत्व में बनाए रखना चाहती है। शिंदे को केंद्र में भेजने से शिवसेना को नुकसान हो सकता है। इसलिए संभावना है कि शिंदे राज्य सरकार में भी शामिल रहें। इसके अलावा, एक फॉर्मूला यह भी चर्चा में है कि शिंदे को केंद्र में भेजा जाए और राज्य में उनके बेटे को उपमुख्यमंत्री बना दिया जाए। अब देखना यह है कि भाजपा और महायुति के अन्य घटक दलों के बीच इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय कब और कैसे लिया जाएगा।

महाराष्ट्र चुनाव में विजयी निर्दलीय उम्मीदवार ने भाजपा को बिना शर्त समर्थन दिया

मुंबई  महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में विजयी निर्दलीय विधायक शिवाजी पाटिल ने निवर्तमान उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की। पार्टी के एक पदाधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। महाराष्ट्र में 20 नवंबर को हुए राज्य विधानसभा चुनाव से पहले पाटिल कोल्हापुर जिले की चांदगढ़ सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के इच्छुक थे। हालांकि, महायुति सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे के तहत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने इस सीट से अपना उम्मीदवार खड़ा कर दिया। शिवाजी पाटिल ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और राकांपा के राजेश पाटिल को हराया। पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि उन्होंने रविवार रात फडणवीस से मुलाकात कर भाजपा को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की और इस आशय का एक पत्र सौंपा। फडणवीस ने आभार स्वरूप उन्हें शॉल भेंट की। शनिवार को घोषित राज्य चुनाव परिणामों में महायुति गठबंधन ने 288 विधानसभा में से 230 सीट हासिल कीं। महायुति गठबंधन में भाजपा, निवर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा शामिल है। सहयोगी दलों में भाजपा ने 149 सीट पर चुनाव लड़कर 132 सीट जीतीं, जबकि शिवसेना और राकांपा को क्रमशः 57 और 41 सीट मिलीं। राज्य में सरकार बनाने को लेकर किसी पार्टी या गठबंधन के लिए बहुमत का आंकड़ा 145 है। सबका ध्यान फडणवीस पर है, जिन्हें तीसरी बार राज्य के शीर्ष पद पर आसीन होने के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा है।  

निर्मला सप्रे की सदस्यता पर फैसला अगले हफ्ते

Decision on Nirmala Sapre’s membership next week भोपाल। रामनिवास रावत के साथ लोकसभा चुनाव में भाजपा का समर्थन करने वाली बीना विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता पर निर्णय अगले सप्ताह होगा। विधानसभा सचिवालय ने उन्हें अपनी बात रखने का अंतिम अवसर दिया है। वहीं, सप्रे ने कहा है कि वे विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के समक्ष उपस्थित होकर अपनी बात रखेंगी। उधर, कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा अध्यक्ष तोमर से मांग की है कि 16 दिसंबर से विधानसभा का शीतकालीन सत्र है। इसलिए आवेदन का निराकरण शीघ्र करें। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लोकसभा चुनाव के समय भाजपा में शामिल होने की घोषणा करके पार्टी प्रत्याशी के विरुद्ध काम करने वाली बीना से विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता समाप्त करने का आवेदन दिया है। सदस्यता त्यागने का निर्णय नहीं कर पा रहीं सप्रे आवेदन में सप्रे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंच साझा करने के साथ भाजपा का हाथ थामने की घोषणा करते हुए वीडियो, विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर आदि दस्तावेज लगाए हैं। साथ ही भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित बैठक में उनके शामिल होने के फोटो भी फिर से दिए आवेदन के साथ लगाए हैं। उधर, सप्रे सदस्यता त्यागने को लेकर निर्णय नहीं कर पा रही हैं। यही कारण है कि उन्होंने पहले दो बार के नोटिस पर विभिन्न कारण बताते हुए समय मांगा और फिर कहा कि वे अध्यक्ष के समक्ष प्रत्यक्ष उपस्थित होकर अपनी बात रखेंगी। अनाश्यक खींचा जा रहा मामला- उपनेता प्रतिपक्ष सूत्रों का कहना है कि इस मामले में निर्णय अध्यक्ष को ही करना है, इसलिए अगले सप्ताह सप्रे की बात सुनकर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। वहीं, विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे का कहना है कि इस मामले को अनाश्यक खींचा जा रहा है। दस्तावेज गुम होने की बात कहते हुए दोबारा आवेदन मांगा गया, जबकि स्थितियां बिलकुल स्पष्ट हैं। सभी प्रमाण विधानसभा सचिवालय को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। यदि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले सप्रे की सदस्यता पर निर्णय नहीं लिया गया, तो हम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उधर, विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह का कहना है कि सप्रे ने अध्यक्ष से भेंट करके अपनी बात रखने का कहा है। जल्द ही इस पर फैसला हो जाएगा। टल सकता है निर्मला का मामला सूत्रों का कहना है कि रामनिवास रावत के उपचुनाव हारने के बाद अब निर्मला सप्रे का मामला टल भी सकता है। दरअसल, सप्रे बीना को जिला बनाने की मांग कर रही थीं। सरकार के स्तर पर इसकी तैयारी भी हो गई थी, पर खुरई में विरोध होने के कारण मामला टल गया। खुरई से विधायक पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह कह चुके हैं कि भले ही पार्टी कांग्रेस से आए लोगों को स्वीकार कर ले, पर वे नहीं करेंगे। सागर जिले में पार्टी के अधिकतर नेता व कार्यकर्ताओं के बीच सप्रे को लेने पर एकराय नहीं है।

छत्‍तीसगढ़ में भाजपा संगठन की रूपरेखा तय, अब चुनेजाएंगे पदाधिकारी

रायपुर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठन चुनाव की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया है। छत्तीसगढ़ में यह चुनाव 1 से 15 दिसंबर के बीच मंडल स्तर पर और 15 से 30 दिसंबर तक जिला स्तर पर आयोजित होंगे। इसके पहले, 30 नवंबर को एक अहम बैठक होगी, जिसमें संगठनात्मक विषयों और चुनाव प्रक्रिया पर चर्चा की जाएगी। दिल्ली में आयोजित सदस्यता अभियान की समीक्षा बैठक में भाजपा को दिशा-निर्देश मिले हैं। बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में सदस्यता अभियान के तहत 60 लाख सदस्यों के लक्ष्य में से 53 लाख सदस्य बनाए जा चुके हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, सदस्यता अभियान की सफलता पार्टी नेताओं के भविष्य को तय करेगी। आगामी निकाय चुनावों में उन्हीं नेताओं को महत्व मिलेगा, जिन्होंने अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया होगा बैठक में दिग्‍गज नेता शामिल बैठक में कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे, जिनमें क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय, और विधायक लता उसेंडी शामिल थे। राष्ट्रीय स्तर पर सदस्यता अभियान के आंकड़े सदस्यता अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने सदस्यता से जुड़े आंकड़े साझा किए। उनके अनुसार, देशभर में भाजपा के 11 करोड़ 96 लाख 16 हजार 392 सदस्य हैं, जबकि सात लाख आठ हजार 29 सक्रिय सदस्य हैं। बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम और राष्ट्रीय चुनाव प्रभारी डॉ. के. लक्ष्मण ने भी अपने विचार रखे। प्रदेश संगठन चुनाव पर जानकारी भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश स्तर पर संगठन चुनाव 1 दिसंबर से शुरू होंगे और पूरे महीने चलेंगे। छत्तीसगढ़ में सक्रिय सदस्यों की संख्या 52,110 है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संगठन चुनाव प्रक्रिया जल्द शुरू करने के लिए सभी आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे। नेताओं का प्रदर्शन अहम यह स्पष्ट हो गया है कि सदस्यता अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नेताओं को संगठन में प्राथमिकता दी जाएगी। इससे न केवल संगठन को मजबूती मिलेगी, बल्कि आगामी चुनावों में पार्टी की रणनीति भी तय होगी।

अडानी मुद्दे पर चर्चा की विपक्षी मांग, शशि थरूर ने सरकार पर उठाए सवाल

Opposition demands discussion on Adani issue, Shashi Tharoor makes serious allegations against the government नई दिल्ली ! कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने अडानी समूह से जुड़े मामलों पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं थी। उन्होंने कहा, “दोनों सदनों के सत्र स्थगित कर दिए गए हैं। देशहित में संसद का सुचारू रूप से चलना बेहद महत्वपूर्ण है और सदन में सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।” थरूर ने विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों को दबाने के आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार का कर्तव्य है कि वह संवाद और चर्चा को प्राथमिकता दे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह संसद के अगले सत्र में इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति दे, ताकि देशहित से जुड़े सवालों के जवाब सामने आ सकें। विपक्षी दल लंबे समय से अडानी समूह के मामलों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, सरकार ने इन आरोपों को बार-बार खारिज किया है। अब देखना होगा कि संसद का अगला सत्र इस मुद्दे पर कोई ठोस समाधान लेकर आता है या नहीं।

11 हजार से अधिक मतों से बुधनी विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी रमाकांत भार्गव की हुई जीत

सीहोर बुधनी विधानसभा उपचुनाव की भाजपा प्रत्याशी रमाकांत भार्गव ने कांग्रेस के प्रत्याशी राजकुमार पटेल को 11 हजार से अधिक मतों से हराया। 12वें राउंड मतगणना में भाजपा प्रत्याशी रमाकांत भार्गव 13901 वोटों से आगे चल रहे थे। भाजपा प्रत्याशी को कुल 107478 वोट मिले, तो वहीं कांग्रेस के राजकुमार पटेल को 93577 वोट मिले। बहुत धीमी चल रही वोटों की गिनती पहले राउंड के बाद कांग्रेस के राजकुमार पटेल 6479 मतों से आगे चल रहे थे। भाजपा उम्मीदवार रमाकांत भार्गव को पहले राउंड में 4728 वोट, वहीं कांग्रेस के राजकुमार पटेल को 11207 वोट मिले। बुधनी में कुल 13 राउंड में गिनती होनी है। हालांकि, यहां काफी धीमी गति से काउंटिंग चल रही है, वहीं दूसरी तरफ सुबह 10 बजे तक विजयपुर उपचुनाव में 9 राउंड की गिनती पूरी हो चुकी थी। बुधनी में 20 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा है। मुख्य मुकाबला पूर्व भाजपा सांसद रमाकांत भार्गव और कांग्रेस के राजकुमार पटेल के बीच है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सांसद चुने जाने के बाद इस्तीफे से बुधनी सीट खाली हुई थी। भाजपा प्रत्याशी अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 5362 मतों से आगे। छठवें राउंड की मतगणना में बीजेपी के रमाकांत भार्गव कांग्रेस के राजकुमार पटेल से 6678 मतों से आगे रहे। सातवें राउंड में भाजपा के रमाकांत भार्गव कांग्रेस के राजकुमार पटेल से 8347 वोटों से आगे रहे। शिवराज सिंह चौहान की इस्तीफे के बाद खाली हुई थी सीट उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतगणना शांतिपूर्ण व सुचारू रूप से संपन्न कराई जा रही है। बुधनी विधानसभा क्षेत्र के 363 मतदान केन्द्रों में मतदाताओं द्वारा ईवीएम में डाले गए मतों की गणना के लिए 2 कक्षों में 14-14 टेबल लगाई गई हैं। बुधनी में 20 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा है। बुधनी विधानसभा उपचुनाव में मुख्य मुकाबला पूर्व भाजपा सांसद रमाकांत भार्गव और कांग्रेस के राजकुमार पटेल के बीच है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सांसद चुने जाने के बाद इस्तीफे से बुधनी सीट खाली हुई थी। मतगणना में लगे हैं 112 कर्मचारी बुधनी विधानसभा उपचुनाव की मतगणना 112 मतगणना कर्मी सहित लगभग 200 अधिकारी कर्मचारी तथा 300 से अधिक पुलिसकर्मी मतगणना की व्यवस्था में तैनात किए गए हैं। मतगणना हाल में प्रत्येक मतगणना टेबल पर एक काउंटिंग सुपरवाईजर, एक काउंटिंग असिस्टेंट, एक काउंटिंग स्टाफ तथा एक माइक्रो आर्ब्जवर हैं। एक टेबल डाक मतों की गिनती के लिए अलग से लगाई गई है। मतगणना 13 राउंड में सम्पन्न कराई जा रही है। मतगणना स्थल पर मिनी आईसीयू मतगणना स्थल पर मिनी आईसीयू बनाया गया है, इसमें विशेषज्ञ चिकित्सक सहित समुचित स्टाफ उपलब्ध है। ताकि किसी भी कर्मचारी को स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या आए तो तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। बुधनी विधानसभा सीट पर यह 20 उम्मीदवार मैदान में रमाकांत भार्गव भाजपा, राजकुमार पटेल कांग्रेस, अर्जुन आर्य समाजवादी पार्टी, आनंद कुमार श्याम राष्ट्रीय गोंडवाना पार्टी, धर्मेंद्र सिंह पंवार राइट टू रिकॉल पार्टी, राम प्रसाद पटेल क्रांति जनशक्ति पार्टी, साधना उइके भारत आदिवासी पार्टी, अजय सिंह राजपूत निर्दलीय, अब्दुल राशिद निर्दलीय, आरती शर्मा, गजराज सिंह, दिलीप सिंह, दुर्गा प्रसाद सेन, प्रदीप कुमार, भीम सिंह, राजकुमार गौर, रामपाल भुसरिया, विवेक दुबे, सुजीप कीर, सुधीर कुमार जैन सभी निर्दलीय प्रत्याशी हैं।

भाजपा 25 नवंबर को महाराष्ट्र विधायक दल की बैठक बुला सकती है, 26 को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने की संभावना

महाराष्ट्र महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए जारी मतगणना में भाजपा नीत महायुति गठबंधन बड़ी जीत हासिल करता नजर आ रहा है। भाजपा-शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का महायुति गठबंधन महाराष्ट्र की 288 सीट में से 218 पर आगे है। यह सत्तारूढ़ गठबंधन के पक्ष में एक बड़ी लहर का संकेत है। कांग्रेस, राकांपा-शरदचंद्र पवार और शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे का महा विकास आघाडी (MVA) गठबंधन को मात्र 50 सीटों पर बढ़त हासिल है। इस बीच, सूत्रों ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी 25 नवंबर को महाराष्ट्र विधायक दल की बैठक बुलाएगी। 26 तारीख को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने की संभावना है। इसके बीच महायुति गठबंधन की एक और बड़ी बैठक भी हो सकती है, जहां मुख्यमंत्री पद से लेकर तमाम मंत्रालयों के बारे में विस्तार से चर्चा होगी। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पश्चिमी राज्य महाराष्ट्र लोकसभा में 48 सांसद भेजता है। संसदीय चुनाव में एमवीए ने निर्णायक 30 सीटों पर विजय हासिल की, लेकिन इस बार रुख बदला नजर आया है। भाजपा 125 सीट पर आगे है। शिवसेना 56 और राकांपा 35 सीट पर आगे है। कांग्रेस सिर्फ 21, शिवसेना (UBT) 17 और एनसीपी (SP) 13 सीट पर आगे है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, अजित पवार अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में आगे हैं। कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले साकोली निर्वाचन क्षेत्र से मामूली अंतर से आगे हैं। शिवसेना (यूबीटी) नेता और मौजूदा विधायक आदित्य ठाकरे वर्ली विधानसभा सीट पर टक्कर का सामना कर रहे हैं। किस पार्टी ने कितनी सीटों पर लड़ा चुनाव कांग्रेस के विधायक दल के नेता और पूर्व मंत्री बालासाहेब थोराट संगमनेर में पीछे हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण कराड दक्षिण विधानसभा सीट पर पीछे हैं। महायुति गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी ने 149 विधानसभा सीट पर, शिवसेना ने 81 सीट पर और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने 59 निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारे थे। विपक्ष के एमवीए गठबंधन में कांग्रेस ने 101 उम्मीदवार, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने 95 और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) ने 86 उम्मीदवार खड़े किए। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (AIMIM) जैसे दलों ने भी चुनाव लड़ा, जिसमें बसपा ने 237 उम्मीदवार और एआईएमआईएम ने 17 उम्मीदवार खड़े किए। वर्तमान राज्य विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो रहा है।

कुंदरकी में 31 साल बाद बमबम बीजेपी की एकतरफा जीत, बर्क परिवार की अनदेखी समाजवादी पार्टी के लिए पड़ गई भारी

मुरादाबाद यूपी उपचुनाव में मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट पर बड़ा उलटफेर होता दिख रहा है. मुस्लिम बाहुल्य कुंदरकी में एकमात्र हिंदू प्रत्याशी ने बड़ी बढ़त बना ली है. यहां बीजेपी के रामवीर ठाकुर 50 हजार से अधिक वोटों से लीड कर रहे हैं. वहीं, सपा के कद्दावर नेता और प्रत्याशी हाजी मोहम्मद रिजवान 12 बजे तक सिर्फ 7 हजार वोट ही पा सके. जारी रुझानों के मुताबिक, कुंदरकी से बीजेपी के रामवीर ठाकुर की जीत लगभग तय मानी जा रही है. गौरतलब हो कि कुंदरकी उपचुनाव में 11 मुस्लिम उम्मीदवारों के बीच बीजेपी ने अकेले हिंदू उम्मीदवार को मैदान में उतारा. वहीं, सपा ने जिन हाजी मोहम्मद रिजवान को अपना प्रत्याशी बनाया उनका राजनैतिक अनुभव करीब 40 साल का है. वह पहली बार 2002 में कुंदरकी सीट से चुनाव जीते थे. हालांकि, 2007 में बसपा के हाजी अकबर से हार गए थे. लेकिन 2012 और 2017 में उन्होंने वापसी करते हुए लगातार दो बार कुंदरकी सीट पर जीत दर्ज की. ये सीट सपा का गढ़ मानी जाती रही है लेकिन इस बार बीजेपी ने सपा के गढ़ में सेंध लगा दी है, जो अखिलेश यादव के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है.   कैसे बीजेपी ने बनाई बढ़त नतीजों को देखकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या कुंदरकी में मुस्लिम वोट के बंटवारे का फायदा बीजेपी को मिला? साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ के एग्रेसिव कैम्पेन का भी पार्टी को फायदा हुआ. खुद रामवीर ठाकुर भी मुस्लिम मतदाताओं के बीच पैठ बनाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे थे. बीजेपी की मुस्लिम विंग और मुस्लिम नेताओं ने कुंदरकी में डेरा डाल रखा था और जमकर चुनाव प्रचार किया था. वहीं, समाजवादी पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ एंटीइनकंबेसी भी देखने को मिली. लोकल नेताओं में गुटबाज़ी की बात भी कही जा रही है.  11 मुस्लिम प्रत्याशी, सिर्फ बीजेपी ने उतारा हिंदू उम्मीदवार कुंदरकी उपचुनाव में बीजेपी से रामवीर ठाकुर, बसपा से रफ़्तुल्लाह जान, AIMIM से हाफिज वारिस और आजाद समाज पार्टी से चांद बाबू मैदान में थे. जबकि, सपा के हाजी मोहम्मद रिजवान सबसे मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे थे. हालांकि, नतीजों में ये नजर नहीं आया. बता दें कि इस बार के यूपी के उपचुनाव में सबसे अधिक मतदान कुंदरकी में ही हुआ था. यहां 57.7% वोटिंग हुई थी. इस सीट पर 60% से ज्यादा मुस्लिम वोटर हैं. ऐसे में जिस सीट पर सबसे अधिक मुसलमान वोटर हैं, जिस सीट पर सबसे अधिक मतदान हुआ, जिस सीट पर सपा ने मुस्लिम नेता को टिकट दिया और जिस सीट पर बीजेपी साल 1993 से चुनाव नहीं जीत पाई है. उस सीट पर इतना बड़ा उलटफेर होना विपक्ष को चौंका रहा है. हाजी रिजवान का बयान कुंदरकी रिजल्ट पर सपा प्रत्याशी हाजी रिजवान ने रिएक्ट किया. उन्होंने कहा कि चुनाव में धांधली हुई है. सरकार ने वोट ही नहीं पड़ने दिया, अब क्या मतगणना के लिए तैयार रहें. इस सरकार में अल्पसंख्यक अनसेफ है. कुंदरकी में चुनाव फिर से करवाया जाए. यूपी पुलिस पर कोई भरोसा नहीं है.  

विजयपुर में मुरझाया कमल, मंत्री रामनिवास रावत को मिली करारी हार, कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा जीते

Lotus withered in Vijaypur, Minister Ramniwas Rawat got a crushing defeat, Congress’s Mukesh Malhotra won. श्योपुर। Vijaypur By-Election Result 2024: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की विजयपुर (Vijaypur) विधानसभा सीट पर कांग्रेस (Congress) ने कब्जा कर लिया है। भाजपा प्रत्याशी (BJP candidate) और सरकार में वनमंत्री (Forest Minister) रामनिवास रावत (Ramniwas Rawat) की बड़ी हार हुई है। मुकेश मल्होत्रा (Mukesh Malhotra) ने रावत को 7 हजार 228 वोटों से हरा दिया।

मंदिर परिसर में अतिक्रमण को लेकर हुए बवाल में 5 घायल, बीजेपी विधायक गिरफ्तार

मऊगंज  मऊगंज जिले के देवरा गांव में मंगलवार को एक मंदिर परिसर पर अतिक्रमण को लेकर दो समूहों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें पांच से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि झड़प के दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक झोपड़ी में भी आग लगा दी। यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक समूह ने कथित रूप से मंदिर परिसर में अतिक्रमण कर बनाई गई दीवार को गिरा दिया। दो पुलिसकर्मी समेत 5 घायल पुलिस के मुताबिक, इस दौरान गांव में तनाव बढ़ गया और दोनों समूहों के बीच पथराव हुआ। इस हिंसा में दो पुलिसकर्मियों समेत पांच लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। विवाद में बीजेपी विधायक प्रदीप पटेल का भी नाम सामने आया है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया, क्योंकि वह घटना के बाद अपने समर्थकों के साथ देवरा गांव पहुंचे थे। इसके बाद स्थिति को काबू में लाने के लिए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम मऊगंज के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रसना ठाकुर ने बताया कि विधायक को रीवा स्थित पुलिस के सामुदायिक हॉल में नजरबंद कर दिया गया है और शांति बनाए रखने के लिए गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सभी प्रयासों के बावजूद, गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है और पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। अतिक्रमण हटाने को लेकर दो समूहों में विवाद उनका कहना है कि सभी प्रयासों के बावजूद, गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है और पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि देवरा गांव में महादेवन मंदिर परिसर से अतिक्रमण (दीवार) हटाने को लेकर दो समूहों के बीच हुए विवाद में पथराव के बाद पांच लोग घायल हो गए. रसना ठाकुर ने बताया कि घायल होने वालों में दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. जानकारी के अनुसार, हिंदू नेता संतोष तिवारी ने प्रशासन से अतिक्रमण हटाने की मांग की थी, लेकिन दो दिन तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार शाम करीब चार बजे जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचने का फैसला किया. इसके बाद बीजेपी विधायक प्रदीप पटेल भी वहां पहुंचे और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए खुद ही अतिक्रमण हटाने की घोषणा की. विधायक पटेल का कहना था कि चार महीने पहले उन्होंने इस मुद्दे को उठाया था और कलेक्टर ने उन्हें आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कुछ भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई.      

स्कूल जा रही छात्राओं को देख पशुपालन मंत्री ने रोका काफिला, पूछा- पैदल क्यों जा रही हो? छात्राएं बोली…

Seeing the girl students going to school, the Animal Husbandry Minister stopped the convoy and asked – Why are you going on foot? The girls said… पैदल स्कूल जा रहीं छात्राओं को देखकर पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने अपना काफिला रोककर पूछा कि पैदल क्यों जा रही हो। छात्राओं ने जवाब दिया कि साइकिलें नहीं मिलीं। यह जवाब सुनकर मंत्री पटेल ने छात्राओं को साइकिल देने की बात कही और अन्य समस्यायों भी जानी। इस बातचीत का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।एक छात्रा दीपा लोधी ने बताया कि जब वह कक्षा 9वीं में पढ़ती थी। उस दौरान लॉकडाउन लग गया, तभी से साइकिल नहीं मिलीं। छात्रा ने बताया कि गांव में सड़क नहीं है, खेत से होकर जाना पड़ता है। मंत्री पटेल ने पूछा कि कितनी सहेलियों को जरूरत है। दीपा ने कहा 20 से 25 छात्राओं को चाहिए। मंत्री ने छात्रा दीपा से पांच छात्राओं के नाम लिखकर देने को कहा और वहां से चले गए। बता दें शासन द्वारा उपलब्ध कराईं साइकिलें स्कूल परिसरों में पड़ी-पड़ी धूल खा रही हैं। वितरण न होने से साइकिलों पर अब जंग लगने लगी है। पथरिया ब्लॉक की बात करें तो यहां 1200 से अधिक साइकिलें किंद्रहो स्कूल परिसर में रखी हैं। वितरण में देरी होने के कारण इनमें जंग लगती जा रही है। कई छात्र-छात्राएं पैदल स्कूल जाने को मजबूर हैं। इसकी हकीकत स्थानीय विधायक व मंत्री लखन पटेल ने खुद महसूस की। दरअसल मंत्री पटेल पथरिया विधानसभा अंतर्गत खजरी गांव के दौरे पर थे। कई जगह रुक कर उन्होंने लोगों से जानकारी भी ली। 5 महीने पहले आ चुकी है साइकिलपथरिया ब्लॉक के 48 स्कूलों के लिए 5 महीने पहले साइकिल आ चुकी हैं। कक्षा 8 वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को यह दी जाना है, लेकिन अब जंग लगने से खराब होने लगी हैं। इस संबंध में पथरिया विधायक और पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने कहा साइकिलों का वितरण क्यों नहीं हुआ है, यह मालूम कराता हूं, लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा ने विपक्षी गठबंधन पर लगाया आरोप, महाराष्ट्र से लेकर झारखंड तक वोट जिहाद और तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं

महाराष्ट्र भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने विपक्षी गठबंधन पर आरोप लगाया है कि ये महाराष्ट्र से लेकर झारखंड तक वोट जिहाद और तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं। ये घुसपैठियों का वोट मांगेंगे और वोट जिहाद भी करेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय में शन‍िवार को मीडिया को संबोधित करते हुए गौरव भाटिया ने कहा कि चुनाव की बेला है। भाजपा, महायुति और एनडीए गठबंधन विकास की और नागरिकों के सशक्तिकरण की बात कर रहा है। झारखंड में हुए पहले चरण के मतदान से यह स्पष्ट हो गया है कि राज्य में भारी बहुमत से भाजपा-एनडीए की सरकार आ रही है। भाट‍िया ने कहा, महाराष्ट्र में भी जो हवा चल रही है,उससे स्पष्ट हो चुका है कि वहां पर महायुति की ही जीत होगी। लेकिन दूसरी तरफ झारखंड में हेमंत सोरेन एवं कांग्रेस और महाराष्ट्र में अघाड़ी गठबंधन ( कांग्रेस, शरद पवार और उद्धव ठाकरे गठबंधन ) है जो घुसपैठियों का वोट मांग रहे हैं। इन दोनों राज्यों में तुष्टिकरण की पराकाष्ठा हो रही है और वोट जिहाद चलाया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट से इन अपीलों का स्वतः संज्ञान लेकर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सकारात्मक नारे ‘एक रहोगे तो सेफ रहोगे’ पर विपक्षी दलों ने आपत्ति की लेकिन झारखंड और महाराष्ट्र, दोनों राज्यों में वोट जिहाद चलाया जा रहा है, मुस्लिम संगठन इंडी गठबंधन को वोट देने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया ​मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मौलाना सज्जाद नोमानी ने महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी गठबंधन को समर्थन देने की बात कही है तो वहीं झारखंड में जमीयत उलेमा- लोहरदगा ने मुसलमानों से इंडी गठबंधन को वोट करने की अपील की है । यह आज मजबूती से पूछा जाएगा कि क्या यह वोट जिहाद, संविधान का उल्लंघन और चुनाव आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है ? उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड और महाराष्ट्र दोनों राज्यों में लैंड जिहाद भी चलाया जा रहा है। झारखंड में रोटी, माटी और बेटी मुख्य मुद्दा है। कांग्रेस के केंद्र में रहने के दौरान देश की सीमाओं पर घुसपैठियों को रोकने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। वहीं झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार ने भी आदिवासियों की बेटियों और उनकी जमीन को बचाने के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने आगे कहा कि साहिबगंज की आबादी 1961 में 4.14 लाख थी। उस समय, साहिबगंज में मुस्लिमों की आबादी लगभग 20 प्रतिशत थी। अब साहिबगंज की आबादी 11.5 लाख हो गई है और मुस्लिम आबादी 4 लाख पहुंच गई है, जो कुल आबादी का करीब 35 प्रतिशत है। यहां पर मुस्लिमों की आबादी 15 प्रतिशत बढ़ गई है। उन्होंने झारखंड के कई अन्य जिलों में भी इसी तरह से मुस्लिमों की जनसंख्या में बढ़ोतरी का दावा करते हुए यह भी कहा कि ये घुसपैठिए राष्ट्र की सुरक्षा के साथ-साथ आदिवासी समाज के लिए भी खतरा हैं। झारखंड में हेमंत सोरेन और कांग्रेस का सूपड़ा साफ होने जा रहा है। झारखंड में दो-तिहाई बहुमत से भी ज्यादा सीटों के साथ भाजपा नीत एनडीए और महाराष्ट्र में भी पूर्ण बहुमत के साथ महायुति की सरकार बनने जा रही है। ओवैसी के बयान को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दोनों भाइयों में भारतीयता की भावना नहीं है , ये भारत की मिट्टी और भारत के लोगों को अपना नहीं मानते हैं क्योंकि इनकी रगों में रजाकारों का खून है। ओवैसी बंधु की राजनीतिक हैसियत क्या है,यह हम सबको पता है। उन्होंने ममता बनर्जी के बयान पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि घुसपैठियों के साथ बैठकर ममता बनर्जी बिरयानी खाती हैं और घुसपैठियों की सबसे बड़ी समस्या,पश्चिम बंगाल में है। अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अपने मुख्यमंत्री के कार्यकाल को याद करना चाहिए जब वह पूरी तरह से फेल हो गए थे। उत्तर प्रदेश की जनता ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया है और अखिलेश यादव को आत्मचिंतन करना चाहिए।

बीजेपी के 2 पार्षद 6 साल के लिए निष्कासित, अनुशासनहीनता के लिए कारण बताओ नोटिस संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद कारवाई

छिंदवाड़ा  भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव ने भाजपा के पार्षदों समेत 4 नेताओं को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। नगर निगम चुनाव में अध्यक्ष के विरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बाद भाजपा दफ्तर में चार पार्षदों ने अभद्रता की थी। इन चारों पार्षदों को भाजपा जिलाध्यक्ष ने 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इनमें भाजपा नेता संतोष राय, शिव मालवी और पार्षद किरण हरिओम सोनी और पूर्णिमा मालवी शामिल हैं। सारा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब 8 अक्टूबर को नगर निगम अध्यक्ष सोनू मागो के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, ये प्रस्ताव गिर गया था। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद ये कारवाई की गई अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद आरोप लगाया गया था कि है कि इन पार्षदों ने पार्षदों से गली गालोच की और कार्यकर्ताओं के लिए गद्दार और दोगले जैसे अपशब्दों का प्रयोग किया था। इस अनुशासनहीनता के लिए पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था जिसके बाद संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद ये कारवाई की गई। कलेक्टर शीलेंद्र सिंह के मौजूदगी में गुप्त वोटिंग हुई     8 अक्टूबर को छिंदवाड़ा नगर निगम में हुआ था घमासान।     अध्यक्ष सोनू मागो के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिर गया था।     कलेक्टर शीलेंद्र सिंह के मौजूदगी में गुप्त वोटिंग हुई है।     कांग्रेस के निगम अध्यक्ष सोनू मांगो के पक्ष में 21 वोट पडे़     वोटिंग में विपक्ष महापौर सहित 27 पार्षदों ने मत दिए थे। सावनेर विधानसभा चुनाव भाजपा प्रत्याशी की सौसर थाने में शिकायत वहीं सीमावर्ती महाराष्ट्र राज्य में विधानसभा चुनाव आगामी 20 नवंबर को है। इस चुनाव में सौसर क्षेत्र के बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सावनेर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं। शनिवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सौसर ने सौसर थाना में सावनेर भाजपा प्रत्याशी की शिकायत की है कहा- क्षेत्रिय कांग्रेस कार्यकर्ताओं को धमकाने तथा जान से मारने की धमकी मिली है। चुनावी सभा में सीधे कार्यकर्ताओं को धमकी दी सौसर विधायक विजय रेवनाथ चौरे के नेतृत्व में दिए ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा है कि, विधानसभा चुनाव प्रचार में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा हिस्सा लिया जा रहा है। इस दौरान 15 नवंबर को ग्राम बडेगांव में भाजपा प्रत्याशी की चुनावी सभा थी। उनने सीधे कार्यकर्ताओं को धमकी दी गई। चुनावी आचार सहिता के उल्लंघन का भी मामला दर्ज किया जाए किसी जिम्मेदार दल के प्रत्याशी द्वारा कार्यकर्ताओं को धमकाना निंदनीय है। हमारी मांग है कि, संबंधित प्रत्याशी के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाये। साथ ही चुनावी आचार सहिता के उल्लंघन का भी मामला दर्ज किया जाए। इस अवसर पर ब्लाॅक अध्यक्ष डाॅ राजेन्द्र याम्दे, पूनाराम बाविस्टाले भागवत महाजन, केशव बोढे, संजय ठाकरे, विठठल गायकवाड, अरविंद डहाके, दिलीप गुर्वे, ज्ञानेश्वर गावंढे, पंकज दातारकर, विलास बुले सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। भाजपा की गुटबाजी उभरकर सामने आई थी भाजपा को पहले ही गुटबाजी का अंदाजा था। ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव के पहले पार्षदों को एकजुट करने में बीजेपी नेता जुटे रहे थे। भाजपा प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भगवान दास सबनानी ने मोर्चा संभालते हुए भाजपा कार्यालय में पार्षदों से अलग-अलग चर्चा भी की थी। सबनानी पार्षद दिवाकर सदारंग के घर भी पहुंचे थे। उन्होंने पूर्व मंत्री चौधरी चंद्रभान के गुट के पार्षदों से भी बात की थी। हालांकि इन सबके बाद भी हाउस में गुटबाजी नजर आई, क्योंकि वोटिंग के दौरान विपक्ष के 7 पार्षदों ने कांग्रेस अध्यक्ष के पक्ष में वोट डाले थे।

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