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मध्य प्रदेश के मंत्रियों को मिला जिले का प्रभार, जानें- स्वतंत्रता दिवस पर आपके यहां कौन करेगा झंडारोहण?

Ministers of Madhya Pradesh got the charge of the district

Ministers of Madhya Pradesh got the charge of the district, know- who will hoist the flag in your place on Independence Day? मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले सोमवार (12 अगस्त) को जिले के प्रभारी मंत्रियों के नामों का ऐलान किया. मध्य प्रदेश के मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी गई है. प्रदेश के के 32 मंत्रियों लगभग सभी जिलों की जिम्मेदारी मिल गई है. कई मंत्रियों को एक से ज्यादा जिले दिए गए हैं. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 8 महीने बाद मध्य प्रदेश के सभी जिलों में प्रभारी मंत्री बनाने का ऐलान कर दिया है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खुद जबलपुर, इंदौर जिले का प्रभार अपने पास रखा है. मुख्यमंत्री ने उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को जबलपुर और देवास और राजेंद्र शुक्ल को सागर और शहडोल की जिम्मेदारी दी गई है. जैसा कि पहले ही कहा जा रहा था कि सीनियर मंत्रियों को बड़े जिलों की जिम्मेदारी दी जाएगी, ठीक उसी प्रकार से प्रभार वितरित किए गए हैं. कैबिनेट मंत्रियों को किन जिलों का मिला प्रभार?कुंवर विजय शाह को रतलाम और झाबुआ, कैलाश विजयवर्गीय को सतना और धार, प्रहलाद सिंह पटेल को भिंड और रीवा, राकेश सिंह को छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम, करण सिंह वर्मा को मुरैना और सिवानी, उदय प्रताप सिंह को बालाघाट और कटनी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसी तरह संपतिया उईके को सिंगरौली और अलीराजपुर, तुलसी सिलावट को ग्वालियर और बुरहानपुर, एदल सिंह कंसाना को दतिया और छतरपुर, निर्मला भूरिया को मंदसौर और नीमच, गोविंद सिंह राजपूत को नरसिंहपुर और गुना, विश्वास सारंग को हरदा और खरगोन का जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा नारायण सिंह कुशवाहा को शाजापुर और निवाड़ी, नागर सिंह चौहान को आगर और उमरिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर को शिवपुरी और पांढुरना, चैतन्य कश्यप को भोपाल और राजगढ़, इंदर सिंह परमार को पन्ना और बड़वानी, राकेश शुक्ला को श्योपुर और अशोक नगर, रामनिवास रावत को मंडला और दमोह का प्रभार मिला है. राज्य मंत्रियों को मिला इन जिलों का प्रभारमध्य प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री कृष्णा गौर को सीहोर और टीकमगढ़, धर्मेंद्र सिंह लोधी को खंडवा, दिलीप जायसवाल को सीधी और गौतम टेटवाल पर मुख्यमंत्री मोहन यादव के गृह जिला उज्जैन का प्रभार दिया गया है. इसी क्रम मेंलखन पटेल को विदिशा और मऊगंज, नारायण सिंह पवार को रायसेन, नरेंद्र पटेल को बैतूल, प्रतिमा बागरी को डिंडौरी, दिलीप अहिरवार को अनूपपुर और राधा सिंह को मेहर का प्रभार दिया गया है.

स्वतंत्रता दिवस में महज 4 दिन और प्रदेश के जिलों को नहीं मिले प्रभारी मंत्री? ऐसा क्यों

Only 4 days left for Independence Day and the districts of the state did not get minister in-charge? Why so

Only 4 days left for Independence Day and the districts of the state did not get minister in-charge? Why so प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए 8 महीने का समय हो चुका है. प्रदेश में मोहन यादव की अगुवाई में सरकार भी बनी, मंत्री बने और वर्तमान में प्रदेश सरकार का सभी कामकाज सुचारू रूप से पटरी पर चल रहा है. भोपाल ! हालांकि आठ महीने बीतने के बावजूद अब तक जिलों को प्रभारी मंत्री नहीं मिल सके हैं. जबकि मध्य प्रदेश सरकार के जरिये दावा किया गया था कि 15 अगस्त से पहले मंत्रियों को जिले का प्रभार दे दिया जाएगा, लेकिन अब 15 अगस्त में महज 4 दिन ही शेष बचे हैं और प्रभारी मंत्री नहीं बन सके. राष्ट्रीय पर्व पर मंत्री करते हैं झंडा रोहणबता दें, प्रदेश में होने वाले राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त और 26 जनवरी के विशेष मौके पर जिले के प्रभारी मंत्री झंडा रोहण और सलामी परेड करते हैं. इसके अलावा भी कई तरह से संबंधित जिलों के कामकाज पर विशेष नजर बनाए हुए होते हैं. तमाम दावों और कयासों के बावजूद विडंबना यह है कि सरकार बने 7 महीने से अधिक समय बीत गया है, लेकिन अब तक प्रदेश में मंत्रियों को प्रभार वाले जिले नहीं सौंपे गए हैं. जबकि अब 15 अगस्त में महज 4 दिन का ही समय शेष रह गया है. 55 जिले और सीएम सहित 33 मंत्रीमध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के अलावा, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, राजेन्द्र शुक्ल, कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, करण सिंह वर्मा, उदयप्रताप सिंह, सम्पतिया उईके, तुलसीराम सिलावट, एदल सिंह कंषाना और निर्मला भूरिया सरकार के अगुवा हैं. इसके अलावा गोविंद सिंह राजपूत, विश्वास सारंग, नारायण सिंह कुशवाह, नागर सिंह चौहान, प्रद्युम्न सिंह तोमर, रामनिवास रावत, राकेश शुक्ला, चेतन्य काश्यप, इंदर सिंह परमार, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभारी, कृष्णा गौर, धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी, दिलीप जायसवाल, गौतम टेटवाल, लखन सिंह पटेल, नारायण सिंह पंवार, राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, प्रतिमा बागरी, अहिरवार दिलीप, राधा सिंह शामिल हैं. प्रदेश में कुल 55 जिले हैं. जबकि भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली मोहन यादव सरकार में मुख्यमंत्री सहित कुल 33 मंत्री ही हैं. ऐसे में 22 जिलों के लिए अभी मंत्रियों का ऐलान नहीं हुआ है. 78वें स्वतंत्रता दिवस में महज चार दिन बाकी हैं और सबकी नजरे नए जिला मंत्रियों पर टिकी हैं.

‘दुनिया की सारी ताकतें भी अगर…’, मनीष सिसोदिया का बीजेपी पर करारा हमला

'Even if all the powers in the world...', Manish Sisodia's scathing attack on BJP

‘Even if all the powers in the world…’, Manish Sisodia’s scathing attack on BJP दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने रिहाई के बाद शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस दौरान बीजेपी पर हमला करते हुए सिसोदिया ने कहा, ” दुनिया की सारी ताकतें भी अगर इकट्ठी हो जाएं तो सच्चाई को नहीं हरा सकती है.” सिसोदिया ने सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया है और साथ ही उन वकीलों को भी धन्यवाद कहा है जिन्होंने उनके लिए कोर्ट में केस लड़ा था. सिसोदिया ने कहा, ”बजरंगबली की कृपा है कि 17 महीने बाद मैं रिहा हो गया. एक ही सफलता का मंत्र है. दिल्ली के एक-एक बच्चों के लिए शानदार स्कूल बनाना है. हम तो रथ के घोड़े हैं. हमारा असली सारथी जेल में बंद है और वह बाहर आ जाएगा. जेल के ताले टूटेंगे और केजरीवाल छूटेंगे.” बीजेपी कुछ भी साबित नहीं कर पाई- सिसोदियापूर्व मंत्री सिसोदिया ने कहा, ”ED-CBI का ताना बाना इसलिए नहीं बना गया क्योंकि बेईमानी हो गई है, इसलिए बुना गया क्योंकि केजरीवाल का नाम पूरे देश में ईमानदारी का प्रतीक बन गया. बीजेपी जो ख़ुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहती है, एक राज्य में यह साबित नहीं कर पाई कि उनके एक राज्य में ईमानदारी से काम हो रहा है.” सिसोदिया ने आगे कहा, ” भगवान के घर देर है लेकिन अंधेर नहीं. उन्होंने तो बहुत कोशिश की मेरे ऊपर, संजय सिंह के ऊपर… ऐसी ऐसी धाराएं लगाने की जो आतंकियों, ड्रग माफिया पर लगाई जाती है ताकि जेल में सड़ जाएं. लेकिन आपके आंसुओं का असर है कि जेल के ताले पिघल गए. बजरंग बली का आशीर्वाद है कि मैं आज आपके सामने हूं. आज पंडित जी ने बजरंग बली की तरफ़ से आशीर्वाद दिया कि विजयी भवः” नेताओं को तोड़ना बीजेपी की विशेषज्ञता – सिसोदियामनीष सिसोदिया ने कहा कि बीजेपी की एक ही विशेज्ञता है. वह है कि नेताओं को तोड़ने, साम दाम दंड भेद लगाकर उन्हें जेल भेजना, उनपर हमले करवाना लेकिन उसके बावजूद एक-एक आदमी टिका रहा और ना टूटा और ना झुका. सिसोदिया ने वकील अभिषेक मनु सिंघवी का आभार जताते हुए कहा, ”उनका धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने बीजेपी के झूठ का पर्दाफाश किया.” बीजेपी की जमानत जब्त कराएंगे – सिसोदियासिसोदिया ने कहा कि मुझसे कहा गया कि 17 महीने बाद जेल से आए हैं तो कुछ दिन छुट्टी ले लीजिए. मैंने कहा कि छुट्टियां मनाने नहीं, खून पसीना बहाने आया हूं. हम बीजेपी की जमानत जब्त कराएंगे. बीजेपी वालों ढूंढते रह जाओगे कि वोट कहां चले गए. आज से ही लग जाना है. दिल्ली, हरियाणा और देश के एक-एक नागरिक को लगना होगा. तानाशाही की लड़ाई सिर्फ आप कार्यकर्ताओं की नहीं है बल्कि देश के एक-एक आम आदमी की है.

मनीष सिसोदिया को मिली जमानत, 17 महीने बाद जेल से बाहर आएंगे

Manish Sisodia gets bail, will come out of jail after 17 months

Manish Sisodia gets bail, will come out of jail after 17 months सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति कथित घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में शुक्रवार (9 अगस्त 2024) को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया की जमानत दे दी. न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने इस मामले में फैसला सुनाया. इससे पहले अदालत ने 6 अगस्त को सिसोदिया की याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. मनीष सिसोदिया को रद्द की जा चुकी दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के निर्माण व कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं में संलिप्तता के लिए 26 फरवरी, 2023 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. जांच एसेंसी को बताया देरी के लिए जिम्मेदार सुनवाई के दौरान मनीष सिदोतिया के वकील ने कहा कि अक्टूबर में हमें बताया गया था कि 6-8 महीने में मुकदमा पूरा हो सकता है. हमने कहा था कि अगर ऐसा न हुआ तो आरोपी दोबारा ज़मानत की मांग कर सकता है. आरोपी लंबे समय से जेल में है. ऐसे में इन्हें PMLA सेक्शन 45 में दी गई ज़मानत की कड़ी शर्तों से रियायत की मांग की गई. वहीं जांच एजेंसी ने आरोपी को मुकदमे में देरी के लिए जिम्मेदार बताया. ED ने कहा कि आरोपी गैरजरूरी दस्तावेज मांग रहे हैं. सैकड़ों आवेदन दाखिल किए, लेकिन कोई भी ऐसा रिकॉर्ड नहीं दिखाते. ED और CBI दोनों मामलों में बहुत अधिक आवेदन दाखिल नहीं हुए, इसलिए मुकदमे में देरी के लिए आरोपी को ज़िम्मेदार मानने के निचली अदालत और हाई कोर्ट के निष्कर्ष से हम सहमत नहीं हैं. ‘आरोपी को दस्तावेज देखने का अधिकार है’ सिसोदिया के वकील ने आग कहा, ED के वकील ने 3 जुलाई तक जांच पूरी करने की बात कही गई थी. यह अक्टूबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट को बताए गई 6-8 महीने की सीमा के परे है. इस देरी के चलते निचली अदालत में मुकदमा शुरू हो पाने का सवाल ही नहीं था. व्यक्तिगत स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है. इसका बिना उचित वजह के हनन नहीं हो सकता है. डेढ़ साल से जेल में बंद हैं मनीष सिसोदिया सीबीआई ने दिल्ली आबकारी नीति के निर्माण एवं कार्यान्वयन में अनियमितताओं में कथित संलिप्तता को लेकर सिसोदिया को 26 फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया था. ईडी ने उन्हें नौ मार्च 2023 को सीबीआई की प्राथमिकी से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया था. सिसोदिया ने 28 फरवरी, 2023 को दिल्ली मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था.

जमीन बेचना …. ‘अखिलेश यादव ने बीजेपी का किया नामकरण ? जाने नाम

Selling land…'Akhilesh Yadav named BJP? know name

Selling land…’Akhilesh Yadav named BJP? know name समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वक्फ बोर्ड संशोधक बिल को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला किया है. सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा इस वक्फ बोर्ड संशोधन के बहाने जमीन को हथियाना चाहती है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा एक रियल स्टेट कंपनी की तरह काम कर रही है. इस दौरान उन्होंने नजूल संपत्ति और अन्य जमीनों को लेकर भी हमला किया. अखिलेश यादव ने वक्फ बिल का विरोध करते हुए एक्स पर लिखा- ‘वक्फ बोर्ड’ का ये सब संशोधन भी बस एक बहाना है. रक्षा, रेल, नज़ूल लैंड की तरह जमीन बेचना निशाना है. वक्फ बोर्ड की जमीनें, डिफेंस लैंड, रेल लैंड, नज़ूल लैंड के बाद ‘भाजपाइयों के लाभार्थ योजना’ की शृंखला की एक और कड़ी मात्र हैं. भाजपा क्यों नहीं खुलकर लिख देती:‘भाजपाई-हित में जारी’ सपा अध्यक्ष ने कहा कि, ‘इस बात की लिखकर गारंटी दी जाए कि वक्फ बोर्ड की जमीनें बेची नहीं जाएंगी. भाजपा रियल स्टेट कंपनी की तरह काम कर रही है. उसे अपने नाम में ‘जनता’ के स्थान पर ‘जमीन’ लिखकर नया नामकरण कर देना चाहिए: भारतीय जमीन पार्टी. #नहींचाहिएभाजपा.’ बता दें कि आज केंद्र सरकार लोकसभा में वक्फ बोर्ड में बदलाव के लिए संशोधन बिल पेश करेगी. इस विधेयक को लेकर आज सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिल सकता है. किरण रिजिजु इस बिल को सदन में पेश कर सकते हैं. सरकार का कहना है कि विधेयक वक्फ की संपत्तियों की देखरेख के लिए लाया जा रहा है. वहीं विपक्षी दलों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन ने वक्फ बोर्ड बिल का विरोध करने का फैसला किया है. जिसके बाद इस बिल को लेकर आज भी सदन में हंगामा देखने को मिल सकता है. विपक्षी दलों ने इस विधेयक को स्थायी समिति के पास भेजने की अपील की. वहीं मुस्लिम संगठनों में इसका विरोध देखने को मिल रहा है. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है कि वक्फ बोर्डों की कानूनी स्थिति और शक्तियों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

गृह जिले के बाहर रहने वाले युवाओं को ऑनलाइन वोटिंग का अधिकार हो : गणेश सिंह

Youth living outside their home district should have the right to vote online: Ganesh Singh

Youth living outside their home district should have the right to vote online: Ganesh Singh भोपाल। सतना सांसद गणेश सिंह ने लोकसभा में सरकार से आग्रह किया है कि गृह जिले से बाहर रह रहे युवाओं को बैलेट पेपर या ऑनलाइन वोटिंग करने का अधिकार दिया जाना चाहिए। बीजेपी सांसद सिंह ने लोकसभा में कहा कि वोटिंग प्रतिशत गिरने के कारणों में एक वजह यह भी है कि अधिकांश युवा पढ़ने अथवा जॉब करने के सिलसिले में बाहर रहते है। वे वोटिंग नहीं कर पाते है। सतना सांसद गणेश सिंह ने गुरुवार को लोकसभा में सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवा वर्ग जो नव मतदाता 18 से 25 साल तक के हैं, वे अपने गृह जिले से बाहर कोचिंग करने या पढ़ाई के लिये बड़े महाविद्यालयों में पढ़ने तथा निजी कम्पनियों में नौकरी करते हैं, जो घर से दूर रहने के कारण वोट करने नही आ पाते हैं। वोटिंग प्रतिशत कम होने का एक बड़ा कारण यह भी है। सिंह ने कहा कि ऐसे युवाओ को चुनाव के समय वापस घर आने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जैसे कि तत्काल टिकट न मिल पाना, पढ़ाई के कारण समय का अभाव, छुट्टी न मिल पाना तथा आवागमन में आर्थिक व्यय की क्षति होती है। इसलिये वे अपने मताधिकार का उपयोग नहीं कर पाते है। सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष के माध्यम से सरकार से अनुरोध है कि जिस प्रकार केन्द्रीय कर्मचारियों को गृह जिले से बाहर अन्यत्र स्थानों से वोटिंग के लिये बैलट पेपर की व्यवस्था की जाती है, उसी प्रकार यदि इन युवाओं के लिये उसी स्थान में बैलेट पेपर या ऑनलाइन वोटिंग अथवा अन्य उपयुक्त माध्यम से वोटिंग का अधिकार दिलाने की व्यवस्था की जाय। इससे निश्चित ही वोट प्रतिषत बढ़ेगा और युवाओं में चुनाव प्रति उत्साह भी बढ़ेगा।

राज्यसभा की 12 सीटों पर चुनाव, INDIA या NDA, किसका पलड़ा भारी?

Review of 12 mainstream elections, India or NDA, who has the upper hand?

Review of 12 mainstream elections, India or NDA, who has the upper hand? Rajya Sabha Election 2024: राज्यसभा की 12 सीटों के लिए 3 सितंबर को उपचुनाव होगा. 9 राज्यों की इन 12 सीटों पर होने वाले मतदान के लिए चुनाव आयोग ने बुधवार को कार्यक्रम का एलान किया. तारीखों की घोषणा के साथ ही अब राजनीतिक दल जीत का फॉर्म्युला निकालने में जुट गए हैं. इन 12 सीटों पर जीत किसकी होगी, ये तो वक्त ही बताएगा लेकिन इस बार इन 12 सीटों में से करीब 10 पर कड़े मुकाबले की बात कही जा रही है. हालांकि कुछ सीटों पर कांग्रेस का तो कुछ पर बीजेपी का पलड़ा भारी नजर आ रहा है. आइए जानते हैं कि इस चुनाव के बाद कैसे बदलेगा राज्यसभा का गणित. पहले जानिए कहां-कहां खाली हैं ये सीटें महाराष्ट्र में राज्यसभा की 2 सीटें, बिहार में 2 सीटें, असम में 2 सीटें, त्रिपुरा में 1, हरियाणा में 1, राजस्थान में 1 और मध्य प्रदेश में 1, ओडिशा में 1 और तेलंगाना में 1 सीट खाली है. क्यों खाली हुईं ये सीटें? इन 12 खाली सीटों में 10 ऐसी हैं जो उच्च सदन के सदस्यों के लोकसभा चुनाव में जीतने के बाद खाली हुईं, जबकि तेलंगाना और ओडिशा से एक-एक राज्यसभा सदस्य ने अपनी पार्टी से इस्तीफा देकर दूसरी पार्टी जॉइन की इसलिए राज्यसभा से भी इस्तीफा दे दिया. पहले इन 12 सीटों में क्या थी स्थिति? अगर इन 12 सीटों पर पहले की स्थिति की बात करें तो बीजेपी सबसे आगे थी. उसके सात साज्यसभा सांसद थे. महाराष्ट्र की दोनों सीटों पर बीजेपी का कब्जा था. बिहार में एक सीट पर बीजेपी तो एक सीट पर आरजेडी का कब्जा था. असम की दोनों ही सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. मध्य प्रदेश की 1 सीट पर बीजेपी, त्रिपुरा की एक सीट पर बीजेपी, हरियाणा की एक सीट पर कांग्रेस और राजस्थान की एक सीट पर भी कांग्रेस ने ही जीत दर्ज की थी. इसके अलावा तेलंगाना में हाल में के. केशव राव ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) छोड़कर कांग्रेस जॉइन किया था, इसलिए उन्होंने इस्तीफा दिया, जबकि ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) की सांसद ममता मोहंता ने बीजेपी की सदस्यता लेने के बाद राज्यसभा सीट छोड़ दी थी. मध्य प्रदेश और त्रिपुरा में बीजेपी मजबूत राजनीतिक एक्सपर्ट बताते हैं कि बात लोकसभा चुनाव की हो या विधानसभा चुनाव की हो, जिस तरह से मध्य प्रदेश में बीजेपी ने अब तक प्रदर्शन किया है, उससे साफ है कि यहां भी बीजेपी एकतरफा जीत दर्ज करते हुए एक सीट फिर से जीत दर्ज कर लेगी. इसके अलावा त्रिपुरा में भी बीजेपी मजबूत स्थिति में नजर आ रही है. असम में भी एकतरफा मुकाबले की बात राजनीतिक एक्सपर्ट कहते हैं कि बीजेपी असम में अभी काफी मजबूत स्थिति में नजर आती है. इसके अलावा पिछली बार भी दोनों सीटों पर उसी का कब्जा था. ऐसे में एक्सपर्ट कह रहे हैं कि इस बार भी असम की दोनों सीटों पर बीजेपी जीत दर्ज कर सकती है. राजस्थान में बीजेपी आगे राजस्थान की एक सीट पर राज्यसभा के उपचुनाव होने हैं. इस सीट पर बीजेपी मजबूत बताई जा रही है. एक्सपर्ट बताते हैं कि पहले विधानसभा चुनाव और फिर लोकसभा चुनाव 2024 में पार्टी ने जिस तरह राजस्थान में प्रदर्शन किया है उससे बीजेपी एक बार फिर यहां जीत दर्ज कर सकती है. महाराष्ट्र और बिहार में कड़ी टक्कर महाराष्ट्र और बिहार की बात करें तो यहां कड़े मुकाबले की उम्मीद है. पिछली बार बिहार में एक सीट पर आरजेडी और एक पर बीजेपी को जीत मिली थी. इस बार भी काफी कड़ा मुकालब हो सकता है. वजह है विपक्षी दलों के पास भी पर्याप्त सीट होना. ओडिशा में बीजेपी तो तेलंगाना में कांग्रेस को बढ़त राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बीजेपी ने इस बार ओडिशा में बीजेडी को विधानसभा चुनाव में सत्ता से उखाड़ फेंका है. इस बार उसके पास नंबर ज्यादा हैं इसलिए ओडिशा में बीजेपी का पलड़ा भारी है. वहीं तेलंगाना की बात करें तो यहां रेवंत रेड्डी की अगुवाई में कांग्रेस ने सरकार बनाई थी. पार्टी के पास विधायकों की अच्छी संख्या है. एक्सपर्ट कहते हैं कि तेलंगाना में कांग्रेस बाजी मार सकती है. हरियाणा में इसलिए सबसे कठिन मुकाबला सभी राज्यों में से हरियाणा में ही सबसे कठि मुकाबला माना जा रहा है. दरअसल, 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में अब 87 सदस्य हैं. पार्टी के हिसाब से देखें तो भाजपा के पास 41 विधायक हैं. इनके अलावा दो विधायकों -निर्दलीय नयन पाल रावत और हरियाणा लोकहित पार्टी (एचएलपी) के गोपाल कांडा का भी भाजपा को समर्थन है. बीजेपी के पास कुल 44 विधायकों का समर्थन है. वहीं विपक्ष पर नजर डालें तो उनके पास 43 विधायक हैं. इनमें कांग्रेस के पास 28 विधायक, जननायक जनता पार्टी (जजपा) के पास 10 और तीन निर्दलीय (रणधीर गोलान, धर्म पाल गोंदर और सोमवीर सांगवान), चौथे निर्दलीय बलराज कुंडू और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के अभय चौटाला शामिल हैं. तीन निर्दलीय रणधीर गोलान, धर्म पाल गोंदर और सोमवीर सांगवान ने पहले सरकार को समर्थन दिया था लेकिन हाल ही में उन्होंने कांग्रेस का समर्थन कर दिया.

सागर: दीवार गिरने से 9 बच्चों कि मौत पर जीतू पटवारी ने व्यक्त किया शोक एवं परिजनों से कि मुलाकात

Sagar: Jitu Patwari expressed grief over the death of 9 children due to wall collapse and met the families.

Sagar: Jitu Patwari expressed grief over the death of 9 children due to wall collapse and met the families. सागर के पार्थिव शिवलिंग निर्माण के दौरान मकान की दीवार गिरने से हुए हादसे पर जीतू पटवारी ने परिजनों से हादसे की बिंदुवार जानकारी ली। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि शाहपुर में इतना बड़ा हादसा हुआ है। हमारे 9 मासूम बच्चों की मौत हो गई, लेकिन मुख्यमंत्री सिर्फ अखबारों की हेडलाइन बनाने में लगे हुए हैं। अगर उनमें संवेदनशीलता है तो वह शाहपुर आकर बच्चों के परिजनों से मिलकर उनका दुख बांटे। साथ ही पूरे प्रदेश में इस तरह जर्जर भवनों को लेकर निर्देश देकर कार्रवाई करें उन्होंने कहा कि सागर जिले का चाहे बरोदिया नौनागिर मामला हो चाहे मानसिंह पटेल वाला मामला हो, लगातार पिछड़े दलित लोगों पर अत्याचार किया जा रहा है। जिसको लेकर 12 अगस्त को वह सागर पहुंचकर कलेक्टर और SP से बात करेंगे और उनसे जवाब मांगेंगे।

इंदौर को भाजपा नेताओं ने करप्शन का केंद्र बना दिया: जीतू पटवारी ने कैलाश विजयवर्गीय को घेरा को घेरा

BJP leaders have made Indore the center of corruption: Jitu Patwari cornered Kailash Vijayvargiya

BJP leaders have made Indore the center of corruption: Jitu Patwari cornered Kailash Vijayvargiya दौर को BJP के नेताओं ने करप्शन का केंद्र बना दिया है! 11 लाख पौधे लगाने का दावा करने वाले कैलाश जी को मेरी चुनौती है कि वो 5 लाख पौधे गिनवा कर बताएँ।

गजब है बिहार! न सड़क, न नदी, 3 करोड़ की लागत से खेत में बना डाला पुल

Bihar is amazing! No road, no river, bridge built in the field at a cost of Rs 3 crore

Bihar is amazing! No road, no river, bridge built in the field at a cost of Rs 3 crore अररिया ! बीते कई महीनों से बिहार पुलों की वजह से बदनाम हो रहा है. आए दिन गिरते पुल भ्रष्टाचार की पोल खोल रहे हैं. पुल को लेकर अब एक नया मामला ऐसा सामने आया है जिसे सुन और देखकर लोग हैरान हो रहे हैं. राज्य के अररिया जिले के एक गांव में अनोखा पुल बना डाला. इसके लिए 3 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे. पुल के दोंनो ओर सड़क ही नहीं है. हैरान करने की दूसरी वजह ये है कि अक्सर पुलों का निर्माण नदी, नहर और नालों के लिए किया जाता है, लेकिन जिस जगह यह पुल बनाया गया है वहां इनमे से कुछ भी नहीं है. सोशल मीडिया पर इस अनोखे पुल की तस्वीरें जमकर शेयर हो रहीं हैं. अररिया के जिलाधिकारी ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं. पुल को एक खेत के बीच में बनाया गया है. उसके दोनों ओर ग्रामीणों की निजी जमीन है. ये पुल क्यों और किस लिए बनाया गया इसकी जांच की जा रही है. इसके लिए जिलाधिकारी ने जांच टीम बनाई है. मौके पर जाकर जानकारी इकट्ठा की जाएगी. उनका साफ कहना है कि जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. 6 महीने पहले हुआ अनोखे पुल का निर्माणयह अनोखा पुल जिले के रानीगंज ब्लॉक के गांव परमानंदपुर में किया गया है. सोशल मीडिया पर इस अनोखे पुल की तस्वीरें और वीडियो जमकर वायरल हो रही हैं. लोग इसको पोस्ट कर बिहार सरकार पर तीखे सवाल कर रहे हैं. गांव के ग्रामीणों के मुताबिक, 6 महीने पहले इस पुल का निर्माण रुरल वर्क्स डिपार्टमेंट्स (RWD) ने किया था. हैरत की बात यह है कि इस पुल के लिए कोई कनेक्टिविटी नहीं है. दोनों ओर कोई सड़क नहीं बनाई गई है. विभाग द्वारा इस पुल के साथ करीब 3 किलोमीटर लंबी सड़क बननी थी. लेकिन पुल के आसपास सरकारी जमीन नहीं है बल्कि किसानों की निजी जमीन है. ऐसे में यहां पुल तो बन गया लेकिन कोई सड़क नहीं बनी. दोनों ओर नहीं हैं सड़कग्रामीणों का कहना है कि यह पुल किसी इस्तेमाल का नहीं है. 6 महीने से यह सिर्फ शोपीस बना हुआ है. उन्होंने बताया कि जहां पुल बना है एक मृत प्राय नदी दुलरदेई के लिए बनाया गया है. इस नदी में बरसात के दिनों में ही पानी नजर आता है. वहीं पुल निर्माण करने वाले विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि जमीनी विवाद के कारण आगे का काम रुका हुआ है. उनका कहना है कि यह पुल नहीं बल्कि एक बॉक्स कलवर्ट है जिसका इस्तेमाल जल मार्गों के लिए किया जाता है. उन्होंने बताया कि इसका निर्माण ग्रामीण सड़क योजाना के अंतर्गत किया गया है. अररिया जिलाधिकारी इनायत खान ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं.

भाजपा पार्षद के पति ने युवक को बेरहमी से पिटा, सड़क पर घसीटा

BJP councilor's husband beats young man brutally, drags him on the road

BJP councilor’s husband beats young man brutally, drags him on the road जबलपुर । जबलपुर में वार्ड नंबर 58 की भाजपा पार्षद माधुरी सोनकर के पति बाबू ऊर्फ राजेश सोनकर ने युवक को जमकर पीटा। पिटाई का वीडियो इंटरनेट में बहुप्रसारित हो रहा है जिसके बाद पीड़ित के स्वजन पुलिस अधीक्षक से मिला। कर्मचारियों के साथ युवक की कहासुनी हुई थीवार्ड नंबर 58 की पार्षद माधुरी सोनकर के पति बाबू ऊर्फ राजेश सोनकर पर 20 साल के अमन चौधरी को पीटने का आरोप है। युवक ने सोमवार को वार्ड में बन रही नाली निर्माण की सामग्री सड़क पर फैले होने पर अपत्ति की थी। जिसके बाद कर्मचारियों के साथ कहासुनी हुई। पार्षद पति पीटने के बाद सड़क पर घसीटापार्षद पति ने कर्मचारियों के साथ मिलकर उसे पीटना शुरू कर दिया। सड़क पर घसीटा गया। मारपीट में अमन बुरी तरह से घायल हो गया। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से पीड़ित परिवार मिला। एसपी ने थाना हनुमानताल को इस मामले में कार्रवाई के लिए निर्देश दिए, जिसके बाद मामला दर्ज किया जा रहा है। अमन चौधरी पंखा बनवाने गया थापीडि़त के मुताबिक सोमवार को राधाकृष्णन वार्ड के रविदास नगर के पास नाली बन रही थी। समान सड़क पर पड़ा हुआ था। पिता श्यामलाल के कहने पर अमन चौधरी पंखा बनवाने गया था। लौटकर जब वह वापस आ रहा था, उसी दौरान नाली बनाने के लिए रखा रेत, सीमेंट सड़क पर फैला हुआ था। पीड़ित थाने गया था, लेकिन सुनवाई नहींअमन ने जैसे ही वहां पर काम करने वाले कर्मचारियों से कहा कि पूरे सड़क पर ये समान फैला हुआ है कहां से निकलें, कर्मचारियों ने पार्षद पति को बुला लिया, जिसके बाद अमन के साथ जमकर मारपीट की गई। घटना के बाद पीड़ित थाने गया था, लेकिन वहां उनकी सुनवाई नहीं हुई थी।

कॉलिंग दर को सस्ता किये जाय : गणेश सिंह

Youth living outside their home district should have the right to vote online: Ganesh Singh

Calling rates should be made cheaper: Ganesh Singh भोपाल। भाजपा के वरिष्ठ सांसद गणेश सिंह ने मोबाईल फोन की कॉलिंग दर को सस्ता किये जाए। सतना सांसद सिंह ने मंगलवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज की सबसे बड़ी जरूरत मोबाईल फोन है, आज की दुनिया में मोबाईल फोन सबसे ज्यादा इस्तेमाल करने वाला गैजेट है, मोबाईल फोन गांव-गांव, हर घर, प्रत्येक व्यक्ति बच्चे से लेकर बड़े-बूढ़ों तक इसका उपयोग किया जाता है। अब तो शासकीय निजी दस्तावेजों में मोबाईल नंबर अनिवार्य कर दिया गया है तथा शासन की अधिकांशतः हितग्राही योजनाओं का लाभ मोबाईल नम्बर के माध्यम से दिया जाता है। बीजेपी सांसद ने कहा है कि मोबाईल फोन की कॉलिंग दर दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, जिस कारण ग्रामीणजन रिचार्ज की बजाय नया सिम ले लेते हैं, क्योंकि मोबाईल कम्पनियां शुरूआत में तो दो-तीन महीने तक फी ऑफर देते हैं, और फिर रिचार्ज में वसूलते हैं। सिंह ने कहा कि रिचार्ज पूरे महीने का न होकर 28 दिन 24 दिन या उससे भी कम दिनों का होता है। रिचार्ज न करने पर नम्बर बंद कर दिया जाता है, इसलिये नया सिम लेना सहज होता है। हितग्राहियों के नम्बर बदलने के कारण वे सरकार की योजनाओं से वंचित हो जाते हैं।

मप्र की अजब-गजब खबरें-अमेरिका में छुट्टी मना रहें sp को सागर से हटाया

Strange news of MP- SP enjoying holidays in America removed from Sagar

Strange news of MP- SP enjoying holidays in America removed from Sagar उदित नारायण भोपाल। मप्र अजब-गजब खबरें पढ़ने-सुनने को मिल जाती है। ताजी खबर सागर से जुड़ी है। राज्य सरकार ने 9 बच्चों की मौत के बाद सागर जिले के एसपी अभिषेक तिवारी को भी वहां से हटा दिया। खास बात यह कि साल 2013 बैच के IPS, एसपी अभिषेक तिवारी सरकारी अनुमति के बाद ही पिछले 15 दिन से अमेरिका में छुट्‌टी मना रहे हैं।  सरकार ने 27 जुलाई से 8 अगस्त तक उनकी छुट्‌टी अप्रूव की थी। IPS अभिषेक तिवारी को मार्च 2024 में नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (एनटीआरओ) में प्रतिनियुक्ति मिल गई थी, लेकिन लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उन्हें गृह विभाग ने रिलीव नहीं किया। चुनाव के बाद उन्होंने फिर असफल प्रयास किए। अंतत: 9बच्चों की मौत के बाद उन्हें हटा दिया गया।

Pragya Thakur: के बयान से गर्मा गई मध्य प्रदेश की राजनीति , वह हिंदू नहीं

Politics of Madhya Pradesh heated up due to Pragya Thakur's statement. he is not a hindu

Politics of Madhya Pradesh heated up due to Pragya Thakur’s statement. he is not a hindu Pragya Thakur News: बीते कुछ दिनों से दुकानों पर नाम लिखे जाने की राजनीति ठंडी पड़ी थी, लेकिन अब इसे भोपाल से पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने फिर से हवा दे दी है. पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने हिंदू व्यापारियों से अपील की है कि वह अपने प्रतिष्ठान-दुकानों पर नाम लिखे. बता दें, पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने दुकान/प्रतिष्ठान पर नाम लिखे जाने को लेकर कहा, ‘नाम लिखने से कोई नहीं रोक सकता क्योंकि देश आपका ही है, जो नाम लिखे वह हिंदू और जो नाम न लिखे वह हिंदू नहीं.’ सोशल मीडिया पर जारी अपीलपूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने सोशल मीडिया पर दुकानदारों के नाम यह अपील जारी की है. उन्होंने कहा, ‘मेरा हर हिंदू से आव्हान है कि अपने प्रतिष्ठान पर अपना नाम अवश्य लिखें.’ पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर की इस अपील के बाद राजनीति भी गर्मा गई है. बता दें, उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा के मार्ग पर दुकानदारों से नाम लिखने के आदेश दिए थे. इसके बाद नाम लिखने की यह राजनीति मध्य प्रदेश में भी सुर्खियों में आ गई.

राहुल गांधी की बात पर भरी संसद में शिवराज ने बोल दी बड़ी बात: देखें विडियो

Shivraj said a big thing in the Parliament filled with Rahul Gandhi's words

Shivraj said a big thing in the Parliament filled with Rahul Gandhi’s words राहुल की बात पर भरी संसद में शिवराज ने कह दी ऐसी बात कि कांग्रेसी बस सुनते रह गए…!

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