‘मध्य प्रदेश! अजब-गजब प्रदेश का अजीबोगरीब शपथ ग्रहण!’
‘Madhya Pradesh! Strange swearing in of a strange state!’
‘Madhya Pradesh! Strange swearing in of a strange state!’
Priyanka Gandhi attacked on the ongoing border dispute with China
Rahul Gandhi seems to be changing, is there a plan to conquer UP with the help of Rae Bareli?
चंडीगढ़ हरियाणा के लोकसभा चुनाव में भले ही भाजपा को करारा झटका लगा है और उसे 5 सीटें ही हासिल हो सकीं, जबकि 2019 में उसे सभी 10 पर जीत मिली थी। फिर भी उसे 44 विधानसभा सीटों पर लोकसभा चुनाव में बढ़त मिली थी। ये सीटें आमतौर पर गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल जैसे शहरी क्षेत्रों की सीटें हैं। इसे लेकर भाजपा 90 सीटों वाली हरियाणा विधानसभा में भी खुद के तीसरी बार मजबूती से सरकार में लौटने की उम्मीदें संजोये हुए है। वहीं कांग्रेस उसकी इसी ताकत पर वार करना चाहती है। ऐसे में कांग्रेस ने अब शहरी क्षेत्रों में पदयात्रा शुरू करने का फैसला लिया है। इसका नेतृत्व कुमारी सैलजा करेंगी। पार्टी का कहना है कि पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में कांग्रेस को मजबूत करना और भाजपा पर निर्णायक बढ़त हासिल करना है। बयान में कहा गया है कि 2024 के लोकसभा चुनाव परिणामों पर गौर करने से पता चला है कि भाजपा को राज्य के 44 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त मिली है, जिनमें से अधिकतर शहरी हैं। हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों में से भाजपा और कांग्रेस ने हाल में संपन्न आम चुनावों में पांच-पांच सीटें जीतीं। बयान में कहा गया है, ‘विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही कांग्रेस को नई रणनीति के साथ शहरी विधानसभा क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। इसलिए कुमारी सैलजा ने पार्टी को मजबूत करने के लिए शहरी क्षेत्रों में पदयात्रा निकालने का फैसला किया है।’ लोकसभा चुनाव से पहले भी निकाली थी जनसंदेश यात्रा पार्टी ने कहा कि इस पदयात्रा के माध्यम से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का संदेश प्रत्येक शहरी मतदाता तक पहुंचाया जाएगा और उन्हें पिछले 10 वर्षों में भाजपा के कुशासन के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। सिरसा से सांसद सैलजा के हवाले से बयान में कहा गया है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में पदयात्रा शुरू करने की योजना बनाई जा रही है और इसके मार्ग की घोषणा जल्द की जाएगी। सैलजा ने लोकसभा चुनाव से पहले जनवरी में राज्य में कांग्रेस की जनसंदेश यात्रा शुरू की थी। राहुल गांधी के मार्च को बताया देश के इतिहास की सबसे बड़ी यात्रा सैलजा ने राहुल गांधी की दो देशव्यापी यात्राओं का जिक्र करते हुए उन्हें ‘देश के इतिहास की सबसे बड़ी यात्रा’ बताया। सैलजा ने कहा, ‘उन्होंने आम लोगों की लड़ाई लड़ने के लिए कन्याकुमारी से कश्मीर और मणिपुर से महाराष्ट्र तक की यात्रा की। उन्होंने समाज के हर वर्ग से बात की, उनके दर्द को समझा और उन तक कांग्रेस का संदेश पहुंचाया।’ सैलजा ने कहा, ‘उनसे (राहुल गांधी की यात्रा) प्रेरित होकर जनवरी-फरवरी में राज्य में जनसंदेश यात्रा निकाली गई, जिसका परिणाम लोकसभा चुनाव में साफ तौर पर देखने को मिला।’ उन्होंने दावा किया कि शहरी इलाकों में उनकी पार्टी उतनी कमजोर नहीं है, जितना भाजपा दिखाने की कोशिश करती है।
Shankaracharya’s big statement on Rahul Gandhi,
Rahul Gandhi reached a relief camp in Phulratal
Congress showed strength on Amarwada seat, Nakul Nath reached the fields during campaigning.
Rahul Gandhi wrote a letter to CM Yogi in Hathras stampede case, made this big demand
Press Conference: BJP is anti-village and anti-farmer, took loan and indulged in corruption: Jeetu Patwari
नई दिल्ली कांग्रेस ने शुक्रवार को टेलिकॉम कंपनियों द्वारा बढ़ाए गए प्लान्स के दामों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने दावा किया है कि प्राइवेट टेलिकॉम कंपनियों ने वार्षिक शुल्क बढ़ाकर जनता की जेब से 34,834 करोड़ रुपये वसूले हैं। इसके अलावा, मोदी 3.0 में प्राइवेट टेलिकॉम कंपनियों की एक बार फिर से मुनाफाखोरी बढ़ने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने सवाल किया है कि आखिर क्यों मोदी सरकार ने अपनी आंखें बंद कर रखी हैं? कांग्रेस सांसद व महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि तीन जुलाई से देश की प्राइवेट सेलफोन कंपनियों यानी कि रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने एक साथ अपना टैरिफ औसतन 15 फीसदी बढ़ा दिया है। इन तीनों प्राइवेट कंपनियों का मार्केट शेयर 91.6 फीसदी है यानी कि 119 करोड़ यूजर्स में से 109 करोड़ यूजर्स इन्हीं तीन कंपनियों के हैं। कांग्रेस ने कहा कि 23 अप्रैल को पेश की गई ट्राई रिपोर्ट के अनुसार, देश में सेलफोन इस्तेमाल करने वाले प्रति ग्राहक से प्रतिमाह औसत कमाई 152 रुपये की है। तीन जुलाई से रिलायंस जियो ने अपने यूजर्स के लिए शुल्क 12 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी तक बढ़ा दिया। वहीं, एयरटेल ने भी 11 फीसदी से 21 फीसदी तक की वृद्धि की है। वोडाफोन इंडिया ने 10 फीसदी से 24 फीसदी तक कीमतें बढ़ा दीं। इससे साफ है कि कीमतें बढ़ाने की तारीख तीनों कंपनियों ने आपस में मिलकर तय की। मोदी सरकार से सवाल करते हुए कांग्रेस ने कहा है कि बिना रेगुलेशन, नियम या निगरानी के बिना प्राइवेट कंपनियों को एकतरफा मर्जी व मनमानी से कीमतें बढ़ाने की अनुमति क्यों दी? क्या सरकार ने कीमतों में होने वाली वृद्धि को चुनाव पूरा होने तक रोक कर नहीं रखा था, ताकि उनसे अतिरिक्त वसूली के लिए जवाब न मांगा जाए? ऐसा कैसे हो सकता है कि सभी निजीी कंपनियां अपना औसत टैरिफ समान रूप से 15-16 फीसदी बढ़ाएं, जबकि उनकी प्रॉफिटेबिलिटी, निवेश, कैपेक्स की जरूरत अलग-अलग हैं। फिर भी मोदी सरकार ने इस पर अपनी आंखें क्यों मूंद रखी हैं।
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Rahul Gandhi reached the house of the victims, hugged and consoled
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‘PM Modi lied…’, clash in Rajya Sabha on Constitution