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पाकिस्तान आतंकी हमले करता रहा, कांग्रेस सरकार लव लेटर भेजती रही; पीएम मोदी

Pakistan kept carrying out terrorist attacks, Congress government kept sending love letters: PM Modi पीएम मोदी ने कहा जनता के एक वोट ने सब बदल दिया। एक ऐसा वक्त था जब भारत दूनियाभर में जाकर रोता था, आज वो स्थिति पाकिस्तान की है। झारखंड के पलामू में जनसभा को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तब पाकिस्तान भारत में आतंकी हमलों की साजिश रचता था और कांग्रेस सरकार उन्हें लव लेटर भेजती थी और अमन की आस लगाती थी। उन्होंने कहा, वो जितने ज्यादा लव लेटर भेजते थे उतने ही आतंकी पाकिस्तान से भारत में आते थे। लेकिन फिर जनता के एक वोट ने सब बदल दिया। पीएम मोदी ने कहा, एक ऐसा वक्त था जब दुनियाभर में कमजोर कांग्रेस सरकारी की बात होती थी, आज वो स्थिति पाकिस्तान की है। आज पाकिस्तान दूनिया भर में रो रहा है और बचाओ बचाओ चिल्ला रहा है। उन्होंने कहा, कांग्रेस सरकार में बम धमाके होते थे, आतंकवादी गोलियां चलाते थे और सरकार उन्हें प्रेम पत्र भेजती थी। उनके पास ‘अमन की आस’ थी। कांग्रेस जितने लव लेटर भेजती थी पाकिस्तान उससे ज्यादा आतंकी भेजता था। पीएम मोदी ने आगे कहा कि आपके एक वोट ने मुझे इतनी ताकत दी कि मैंने आते ही कहा ‘बहुत हो गया’। ये नया भारत है, ‘घर में घुस के मारता है’। सर्जिकल और बालाकोट स्ट्राइक के तमाचे से पाकिस्तान हिल गया था। उन्होंने कहा, एक समय था जब किसी आतंकी हमले के बाद कमजोर कांग्रेस सरकार की पूरी दुनिया में दुहाई दी जाती थी। अब पाकिस्तान पूरी दुनिया में रो रहा है और चिल्ला रहा है ‘बचाओ, बचाओ’। पाकिस्तान में नेता दुआ कर रहे हैं कि कांग्रेस के शहजादा पीएम बनें। लेकिन सशक्त भारत अब केवल एक मजबूत सरकार चाहता है।”

समीकरण..राजगढ़ में दिग्विजय समर्थक कान्फिडेंट, भाजपा के रोडमल से उनके कार्यकर्ता नाराज

Equation…Digvijay supporters confident in Rajgarh, their workers angry with BJP’s Rodmal. भोपाल। छिंदवाड़ा के बाद राजगढ़ दूसरी ऐसी हाई प्रोफाइल लोकसभा सीट है, जिस पर सभी की नजर है। छिंदवाड़ा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ के कारण चर्चा में थी और राजगढ़ दिग्विजय सिंह के कारण। छिंदवाड़ा की ही तरह राजगढ़ का चुनाव भी रोचक और कड़े मुकाबले का है। छिंदवाड़ा से कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ मैदान में हैं जबकि राजगढ़ में खुद दिग्विजय कांग्रेस प्रत्याशी। छिंदवाड़ा के लिए पहले चरण में मतदान हो चुका है जबकि राजगढ़ में तीसरे चरण में 7 मई को मतदान होना है। राजगढ़ में भाजपा की ओर से सांसद रोडमल नागर फिर मैदान में हैं। दिग्विजय समर्थक सोशल मीडिया में कान्फिडेंट दिखते हैं और जीत का दावा कर रहे हैं, दूसरी तरफ भाजपा को नागर के जीत की उम्मीद है। भाजपा की तुलना में कांग्रेस की प्रचार शैली अलगराजगढ़ में भाजपा के रोडमल और कांग्रेस के दिग्वजय की प्रचार शैली में बड़ा फर्क है। दिग्विजय सिंह जब से प्रत्याशी घोषित हुए तब से ही पदयात्रा कर रहे हैं। हर दिन वे 15 से 20 किमी तक पैदल चलते हैं और रात्रि विश्राम गांव में ही करते हैं। गांव में समर्थक चंदा कर सामूहिक भोजन की व्यवस्था करते हैं और साथ बैठकर खाते हैं। इस दौरान दिग्विजय लोगों से संपर्क और बातचीत करते हैं। दिग्विजय खासतौर पर भाजपा के गढ़ों को टारगेट कर रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा के रोडमल नागर कभी पदयात्रा करते दिखाई नहीं पड़े। वे रोड शो पर भरोसा करते हैं और एक दिन में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। कह सकते हैं कि दिग्विजय की प्रचार शैली भाजपा के रोडमल की तुलना में ज्यादा प्रभावी है। नाराज लोगों को भी मना रहे हैं दिग्विजय राजगढ़ क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस के नेता प्रत्याशियों के लिए एकजुट नजर आते हैं। सांसद रोडमल को प्रत्यााशी बनाए जाने से लोगों में नाराजगी है। पार्टी के एक पदाधिकारी का कहना है कि कार्यकताओं को रोडमल से नाराजगी है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नहीं। इसलिए बाद में सभी लोग वोट भाजपा को ही देंगे। दिग्विजय के लिए कांग्रेस नेता भी एकजुट हैं लेकिन उनके भाई लक्ष्मण सिंह प्रचार में नहीं दिख रहे थे। खबर है कि दिग्विजय ने उन्हें मना लिया है। अब वे प्रचार में जुट गए हैं। दिग्विजय ने भाजपा की पूर्व विधायक ममता मीना को भी अपने पक्ष में कर लिया है। चाचौड़ा क्षेत्र में वे कांग्रेस का काम कर रही हैं। बता दें, कि विधानसभा में टिकट न मिलने से ममता ने भाजपा छोड़ दी थी और आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं। उन्हें लगभग 27 हजार वोट मिले थे। ममता के कांग्रेस के पक्ष में आने का लाभ दिग्विजय को मिल सकता है। राजगढ़ में इसलिए मुकाबला कड़ा लोकसभा के इस चुनाव में राजगढ़ में मुकाबला कड़ा दिख रहा है क्योंकि यह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का गृह क्षेत्र है। वे यहां से सांसद रह चुके हैं और विधायक के साथ 10 साल तक मुख्यमंत्री। इस नाते क्षेत्र में उनके पास अच्छी टीम है और अच्छा संपर्क भी। कांग्रेस एकजुट है ही। दिग्विजय की इस टीम का मुकाबला सरकार, संघ और भाजपा के बड़े संगठन से है। संघ और दिग्विजय एक दूसरे के पसंदीदा हैं। इसीलिए दिग्विजय को हराने के लिए सरकार और भाजपा संगठन के साथ संघ ने भी पूरी ताकत झोंक रखी है। दिग्विजय को राम द्रोही और मुस्लिम तुष्टिकरण का अगुवा बताया जा रहा है। जवाब में दिग्विजय खुद को सबसे बड़ा सनातनी बता रहे हैं। दिग्विजय यह भी कहते हैं कि भाजपा राम के नाम पर वोट मांगती है। उसका सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। राजगढ़ की जय-पराजय इस मुद्दे पर जनता का फैसला माना जाएगा। अमित शाह ने विधायकों को दिया यह ऑफरजैसे कमलनाथ ने छिंदवाड़ा किसी बड़े कांग्रेस नेता को नहीं बुलाया था, उसी तरह दिग्विजय भी राजगढ़ में अकेले अपनी टीम के साथ प्रचार कर रहे हैं। आज जरूर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने राजगढ़ के जीरापुर में दिग्विजय के समर्थन में सभा की है और कल शनिवार को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आ रहे हैं। भाजपा की ओर से लगभग हर प्रमुख नेता पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव कई बार जा चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जिन कुछ क्षेत्रों में प्रचार के लिए गए हैं, उनमें राजगढ़ शामिल है। भाजपा के शीर्ष नेता अमित शाह भी राजगढ़ होकर गए हैं। उन्होंने मंच से ही विधायकों को ऑफर दिया कि जिनके क्षेत्र का परफारमेंस अच्छा होगा, आने वाले समय में उन्हें मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी। शाह के इस ऑफर के बाद पार्टी के सभी 5 विधायक रोडमल के लिए प्राण-प्रण से जुट गए हैं। भाजपा- कांग्रेस के बीच जातियो का बंटवारालोकसभा चुनाव में आमतौर पर राजगढ़ क्षेत्र में जातिगत आधार पर मतदान नहीं होता। बावजूद इसके भाजपा और कांग्रेस द्वारा समाजों की बहुलता को देखकर नेताओं को प्रचार के लिए तैनात किया जा रहा है। क्षेत्र में सबसे ज्यादा मतदाता सोंधिया, दांगी और तंवर समाज के हैं। ये आमतौर पर भाजपा के साथ रहते हैं। इसके बाद ब्राह्मण, यादव और मीना समाज आते हैं। इनकी भी स्थित वही है। हालांकि दिग्विजय के कारण हर समाज मे बंटवारा देखने को मिल रहा है। अनुसूचित जाति-जनजाति के मतदाताओं की तादाद भी कम नहीं है। कांग्रेस और भाजपा ने जातिगत आधार पर नेताओं को मैदान में उतार रखा है। ब्राह्मण मतदाताओं का रुझान भाजपा की ओर है और अजा-जजा वर्ग का कांग्रेस की ओर। शेष सभी जातियां भाजपा- कांग्रेस के बीच बंटी दिखाई पड़ रही हैं। ऐसे में यह कहना कठिन है कि आखिर, जीत किसके पाले बैठेगी।

लोकसभा चुनाव 2024 : कांग्रेस का जनता को गारंटी पत्र, जाने क्या?

Lok Sabha Elections 2024: Congress’s guarantee letter to the public, know what? कांग्रेस की गारंटी युवा न्याय नारी न्याय किसान न्याय श्रमिक न्याय हिस्सेदारी न्याय 1.गिनती करो – सामाजिक व आर्थिक समानता के लिए हर व्यक्ति, हर वर्ग की गिनती2.आरक्षण का हक – संवैधानिक संशोधन द्वारा 50% सीमा हटाकर SC/ST/OBC को आरक्षण का पूरा हक3.⁠SC/ST सब प्लान की कानूनी गारंटी – जितनी SC/ST जनसंख्या, उतना बजट; यानी ज़्यादा हिस्सेदारी4.जल-जंगल-ज़मीन का क़ानूनी हक़ – वन अधिकार क़ानून वाले पट्टों का 1 साल में फैसला5.अपनी धरती, अपना राज – कांग्रेस उन बस्तियों को अनुसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित करेगी जहां आदिवासी सबसे बड़ा सामाजिक समूह हैं

आप सभी अवैध खनन करों हम तुम्हारे साथ है, कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, विडियो वायरल

All of you do illegal mining, we are with you, Agriculture Minister Aidal Singh Kansana, video goes viral MP के मंत्री कंसाना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और बताया जा रहा है कि चुनावी प्रचार प्रसार के दौरान एक समाज की पंचायत में ऐदल सिंह कंसाना यह कहते हुए नजर आ रहे हैं। ग्वालियर चंबल अंचल में लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना चुनावी पंचायत में कथित तौर से लोगों से कह रहे हैं कि चुनाव के बाद न तो किसी का पत्थर का ट्रैक्टर पकड़ा जाएगा न रेत का। अगर किसी का ट्रैक्टर पकड़ा जाए तो मुझे फोन करना, मेरी जवाबदारी है। कंसाना एक वायरल वीडियो में ये सब कहते दिख रहे हैं। वीडियो नूराबाद क्षेत्र स्थित करह धाम मंदिर परिसर का बताया जा रहा है। वीडियो में वे लोगों से कह रहे हैं, ‘हमें मालूम है कि हमारे लोग धंधा करते हैं। पत्थर का, रेत का ये अपराध नहीं है। अगर इसको नहीं करेंगे तो हमारे समाज के लोग, रिश्तेदार गलत काम यानी चोरी- चपाटी में चले जाएंगे। उससे हमारे समाज की बदनामी होगी, बच्चों की जिंदगी खराब होगी।’ कंसाना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और बताया जा रहा है कि चुनावी प्रचार प्रसार के दौरान एक समाज की पंचायत में ऐदल सिंह कंसाना यह कहते हुए नजर आ रहे हैं। बता दें कि चंबल रेत माफियाओं के लिए पूरे प्रदेश भर में जाना जाता है। सुप्रीम कोर्ट की पाबंदी के बावजूद भी यहां पर आज तक सरकार से लेकर प्रशासन अवैध उत्खनन को नहीं रोक पाया है और जिस अधिकारी ने इन माफिया को रोकने की कोशिश की है उसे मौत के घाट उतार दिया गया है। मुरैना में लगातार बढ़ रहे अवैध उत्खनन को लेकर सबसे ज्यादा आवाज कृषि मंत्री कंसाना पर लगाते रहे हैं और विपक्ष भी लगातार इन्हीं पर आरोप लगाता रहा है। ऐसे में कृषि मंत्री कंसाना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और विपक्ष को इस चुनाव में एक बड़ा मुद्दा मिल गया है।

पीएम मोदी पर राहुल गांधी का आरक्षण वाला अटैक, ‘बैक डोर से नौकरियां खत्म ‘

Rahul Gandhi’s reservation attack on PM Modi, ‘Jobs are being destroyed through back door’ राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस की गारंटी देश के युवाओं के लिए है, जिसमें हम सभी युवाओं को भर्ती की गारंटी देते हैं. इसके तहत केंद्र में करीब 30 लाख खाली पदों को भरा जाएगा. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया है. उन्होंने आरक्षण को लेकर जमकर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के आरक्षण हटाओ अभियान का मंत्र है- न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी, मतलब न रहेगी सरकारी नौकरी, न मिलेगा आरक्षण. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजपी सरकार अंधे निजीकरण से सरकारी नौकरियों को खत्म कर चुपके-चुपके दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों से आरक्षण छीन रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा कि नरेंद्र मोदी के आरक्षण हटाओ अभियान का मंत्र है न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी, मतलब न रहेगी सरकारी नौकरी, न मिलेगा आरक्षण. वहीं, बीजेपी सरकार अंधे निजीकरण से सरकारी नौकरियों को खत्म कर चुपके-चुपके दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों से आरक्षण छीन रही है. साल 2013 में पब्लिक सेक्टर में 14 लाख स्थायी पद थे, जो 2023 तक आते आते सिर्फ 8.4 लाख ही बचे. 6 लाख पक्की नौकरियां पब्लिक सेक्टर से हुई खत्म- राहुल गांधी राहुल गांधी ने बीजेपी को निशाने पर लेते हुए कहा कि बीएसएनएल, सेल, भेल जैसे टॉप PSU’s को बर्बाद कर लगभग 6 लाख पक्की नौकरियां सिर्फ पब्लिक सेक्टर से ही खत्म कर दी गई. उन्होंने कहा कि ये वही पद हैं जहां आरक्षण का लाभ मिलता है. सरकारी कामों को ठेके पर देकर रेलवे जैसे संस्थानों में जो नौकरियां बैक डोर से खत्म की जा रही हैं उनकी तो कोई गिनती ही नहीं है. भरे जाएंगे 30 लाख रिक्त पद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी मॉडल का निजीकरण देश के संसाधनों की लूट है, जिसके जरिए वंचितों का आरक्षण छीना जा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की गारंटी है कि हम पब्लिक सेक्टर्स को मजबूत करेंगे और 30 लाख खाली पड़े सरकारी पदों को भर कर हर वर्ग के लिए रोजगार के दरवाजे खोल देंगे. इसके साथ ही परीक्षा के आयोजन से भर्ती होने तक की एक निश्चित समयसीमा होगी.

भाजपा ने षड्यंत्र कर बम को मजबूर किया नामांकन वापस लेने पर

BJP conspired and forced Bam to withdraw his nomination. यह तीन दबाव पड़ गए बम पर भारी 1- सबसे बड़ा दबाव बम पर महिला संबंधी मामले का था। इसमें एक पुरानी शिकायत को हवा दी जा रही थी और इसमें एक गंभीर मामले में केस दर्ज कराने की तैयारी हो गई थी। इस दबाव को बम सहन नहीं कर पाए। यह सबसे बड़ी वजह बनी। 2- खजराना थाने में 17 साल पुराने मामले में हाल ही में गवाह के बयान बाद उन पर मारपीट, जान से मारने की धमकी के बाद गंभीर धारा हत्या के प्रयास 307 को बढ़ाने की प्रक्रिया शुरु हो गई थी। यह भी एक दूसरी वजह बनी। 3- एक तीसरा कारण बीजेपी ने उनके नाम घोषित होने के बाद ही कॉलेज की गड़बड़ियों में घेरना शुरु कर दिया था। यहां पर फैकल्टी की अनियमतिता है, मरे हुए प्रोफेसर को फैकल्टी बताया है। कई फैकल्टी है ही नहीं और उनके नाम कॉलेज में बताए गए हैं। इस तरह कॉलेज की मंजूरी ही खटाई में पड़ जाती।

विधायक जी ने अपनी फॉर्च्यूनर से दुल्हा-दुल्हन को पहूंचाया घर,घर वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

The MLA took the bride and groom to their home in his Fortuner, the happiness of the family members knew no bounds. राघोगढ़ ! दूल्हा-दुल्हन को महंगे फॉर्च्यूनर वाहन में आता देखकर परिजन भी हैरान रह गए. कांग्रेस विधायक जयवर्द्धन सिंह ने खुद ही गाड़ी का दरवाजा खोलकर नवदंपती को घर पर उतारा. जयवर्द्धन ने दुल्हन को अपनी बहन बताया. गुना जिले के राघोगढ़ में शादी सम्मेलन के बाद दूल्हा-दुल्हन बाइक पर सवार होकर घर जा रहे थे. इसी दौरान क्षेत्र में जनसंपर्क कर रहे .कांग्रेस विधायक जयवर्द्धन सिंह ने जब नवदंपती को देखा तो उन्होंने अपने वाहन को रोका और दूल्हा-दुल्हन को फॉर्च्यूनर कार में बैठाकर उनके घर तक पहुंचाया , अब इस पूरे वाकए का वीडियो अब वायरल हो रहा है. नवल धाकड़ नवविवाहिता पत्नी को साथ लेकर पूजा-पाठ करने गया था. भीषण गर्मी में बाइक सवार नवल धाकड़ और उसकी पत्नी को जब क्षेत्रीय विधायक ने देखा तो अपने फॉर्च्यूनर वाहन को रोककर  बैठने को कहा. जयवर्द्धन के साथ विधायक पंकज उपाध्याय भी मौजूद थे. दूल्हा-दुल्हन को महंगे फॉर्च्यूनर वाहन में आता देखकर नवल के परिजन भी हैरान रह गए.  जयवर्द्धन सिंह ने खुद ही गाड़ी का दरवाजा खोलकर नवदंपती को घर पर उतारा. जयवर्द्धन ने दुल्हन को अपनी बहन बताया. दूल्हा बने नवल धाकड़ ने बताया कि जयवर्द्धन सिंह शादी सम्मेलन में भी पहुंचे थे. नवल के परिजन साफा बांधकर सम्मान करने के लिए आगे बढ़े तो जयवर्द्धन ने कहा, “मैं तो आपके परिवार का हूं. पंकज उपाध्याय का सम्मान कीजिए.” जयवर्द्धन सिंह का ये वीडियो वायरल हो रहा है. महंगे वाहन में बैठकर घर तक पहुंचे नवदंपती की खुशी का ठिकाना नहीं है.

महात्मा गांधी पर, कैलाश विजयवर्गीय ने कसा तंज

Kailash Vijayvargiya took a dig at Mahatma Gandhi इंदौर में आयोजित पत्रकारवार्ता में विजयवर्गीय ने कहा कि आज कांग्रेस एसटी, एससी और ओबीसी का आरक्षण छीनकर मुस्लिमों को दे रही है। कर्नाटक में यह ऐसा कर चुकी है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह महात्मा गांधी की कांग्रेस नहीं है। यह नक्सलियों वामपंथियों और मुस्लिम लीग के लोगों से घिरी हुई है। कांग्रेस के लोग आरोप लगाते हैं कि हमने आरक्षण छीना है जबकि यह काम खुद कांग्रेस ने किया है। जिस कांग्रेस ने कश्मीर में दलितों से आरक्षण छीना और धारा 370 लगाई वह ऐसी बात करती है। यह महात्मा गांधी की कांग्रेस नहीं है। यह नक्सलियों, वामपंथियों और मुस्लिम लीग के लोगों से घिरी हुई है। कांग्रेस के लोग आरोप लगाते हैं कि हमने आरक्षण छीना है, जबकि यह काम खुद कांग्रेस ने किया है। जिस कांग्रेस ने कश्मीर में दलितों से आरक्षण छीना और धारा 370 लगाई वह ऐसी बात करती है। यह बात कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सोमवार को इंदौर में कही।

कांग्रेस नेता मोती सिंह पहुंचे हाईकोर्ट, कहा- मुझे पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया जाए

Congress leader Moti Singh reached High Court, said- I should be declared the authorized candidate of the party कांग्रेस नेता मोती सिंह पटेल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर खुद को कांग्रेस का अधिकृत प्रत्याशी घोषित करने की मांग की है। इंदौर । इंदौर में कांग्रेस पर फूटे बम से घायल होने के बाद अब कांग्रेस के नेताओं ने मोती सिंह पर दाव लगाने पर जोर तो शुरू कर दिए है। मोती सिंह ने हाईकोर्ट में मंगलवार को याचिका लगाई है और अपील की है कि उन्हें कांग्रेस का चुनाव चिन्ह आवंटित कर उम्मीदवार माना जाए। याचिका पर आज दोपहर बाद सुनवाई होने की उम्मीद है । इस मुद्दे पर गए पटेल पटेल के अधिवक्ता विवरंडेलवाल ने बताया कि मोती सिंह ने कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर में अपना नामांकन भरा था, लेकिन अक्षय बम के होने के बाद उनका फॉर्म रिजेक्ट कर दिया गया था। नियम अनुसार यदि फार्म वाले प्रत्याशी का नामांकन वापस हो जाता है तो वह फॉर्म भी दूसरे प्रत्याशी को मिलना चाहिए इसलिए उनका अधिकार बनता है कि वह कांग्रेस के औपचारिक प्रत्याशी माना जाए। इसी आधार पर हमने याचिका लगाई थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है और यह दोपहर बाद बेंच में लिस्टेड होगी। 13 मई को होना है मतदान इंदौर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए 26 प्रत्याशियों ने नामांकन फार्म जमा किए थे। जांच के बाद कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकाटी आशीष सिंह ने तीन उम्मीदवारों सुनील तिवारी (निर्दलीय), रविंद्र लोखंडे (निर्दलीय) तथा मोती सिंह (इंडियन नेशनल कांग्रेस) के नामांकन निरस्त कर दिए थे। इसके बाद 23 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। आपको बता दें कि इंदौर में 13 मई को वोटिंग होना है। भाजपा ने षड्यंत्र कर बम को मजबूर किया नामांकन वापस लेने पर, यह तीन दबाव पड़ गए बम पर भारी 1- सबसे बड़ा दबाव बम पर महिला संबंधी मामले का था। इसमें एक पुरानी शिकायत को हवा दी जा रही थी और इसमें एक गंभीर मामले में केस दर्ज कराने की तैयारी हो गई थी। इस दबाव को बम सहन नहीं कर पाए। यह सबसे बड़ी वजह बनी। 2- खजराना थाने में 17 साल पुराने मामले में हाल ही में गवाह के बयान बाद उन पर मारपीट, जान से मारने की धमकी के बाद गंभीर धारा हत्या के प्रयास 307 को बढ़ाने की प्रक्रिया शुरु हो गई थी। यह भी एक दूसरी वजह बनी। 3- एक तीसरा कारण बीजेपी ने उनके नाम घोषित होने के बाद ही कॉलेज की गड़बड़ियों में घेरना शुरु कर दिया था। यहां पर फैकल्टी की अनियमतिता है, मरे हुए प्रोफेसर को फैकल्टी बताया है। कई फैकल्टी है ही नहीं और उनके नाम कॉलेज में बताए गए हैं। इस तरह कॉलेज की मंजूरी ही खटाई में पड़ जाती।

दलबदलू देवाशीष ने बिगाड़ा फूल सिंह का गणित, कड़े मुकाबले में फंसी संध्या

Defector Devashish spoils Phool Singh’s mathematics, Sandhya trapped in tough competition मुरैना। चंबल-ग्वालियर अंचल की मुरैना सीट की तरह भिंड में भी कांग्रेस के बागी ने चुनावी समीकरण प्रभावित कर दिए हैं। मुरैना में कांग्रेस के रमेश गर्ग बसपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं तो भिंड से कांग्रेस के टिकट पर पिछला लोकसभा चुनाव लड़ चुके देवाशीष जरारिया ने बागी होकर बसपा के हाथी की सवारी की है। दलबदलू देवाशीष के बसपा का प्रत्याशी घोषित हाेने से पहले तक भिंड का चुनाव कांग्रेस के पक्ष में जाता दिख रहा था। पहली वजह भाजपा सांसद संध्या राय की निष्क्रियता से लोग नाराज थे और दूसरा वे पड़ोस के जिले मुरैना से हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया भिंड जिले से हैं। 4 माह पहले भांडेर से विधानसभा चुनाव बड़े अंतर से जीते हैं और उनकी छवि बड़े दलित नेता की है। अचानक देवाशीष की बगावत और बसपा के टिकट पर मैदान में उतरने से कांग्रेस का गणित गड़बड़ाया है। माना जा रहा है कि देवाशीष कांग्रेस का ज्यादा नुकसान करेंगे। बसपा ने प्रचार तेज भी किया है हालांकि तब भी मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही माना जा रहा है। भाजपा की संख्या कड़े मुकाबले में फंसी दिख रही हैं। हार के बाद भी सक्रिय रहे थे बागी देवाशीषकांग्रेस छोड़कर बसपा से चुनाव लड़ रहे देवाशीष लोकसभा का पिछला चुनाव बड़े अंतर लगभग दो लाख वोटों से हारे थे। लेकिर हार कर वे घर नहीं बैठे थे। क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे। वे पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह के नजदीक हैं। लेकिन इस बार पार्टी ने उनका टिकट काट दिया तो उन्होंने बगावत कर दी। गोविंद सिंह ने भी अपनी पहली प्रतिक्रिया में टिकट वितरण पर नाराजगी व्यक्त की थी। कांग्रेस में लगातार काम करने के कारण वे चुनाव में इस पार्टी को ही नुकसान पहुंचाएंगे। लोगों से बातचीत में भी वे वोट काटने वाले बताए जा रहे हैं। वे मुकाबले में नहीं रहेंगे लेकिन नुकसान कांग्रेस का करेंगे। इसलिए भी क्योंकि वे भी भिंड जिले से हैं, जहां से कांग्रेस प्रत्याशी बरैया हैं। विधानसभा क्षेत्रों में अलग-अलग स्थितिदो जिलों भिंड और दतिया की विधानसभा सीटों को मिला कर बने इस लोकसभा क्षेत्र में कहीं भाजपा मजबूत दिखती है तो कहीं कांग्रेस। दतिया जिले की तीन सीटों में भांडेर से फूल सिंह खुद विधायक हैं इसलिए यहां कांग्रेस बढ़त में दिखती है। दतिया में कांग्रेस ने नरोत्तम मिश्रा जैसे दिग्गज को हराया था, इसलिए यहां भी पार्टी कमजोर नहीं है। सेवढ़ा में मुकाबला बराबरी का बताया जाता है। भिंड जिले की पांच विधानसभा सीटों में से तीन भाजपा और दो कांग्रेस के पास हैं। लेकिन कांग्रेस के फूल सिंह और बसपा के देवाशीष यहां के रहने वाले हैं। भाजपा के अपने तीन विधायक हैं ही। ऐसी स्थिति में तीनों दलों को इस जिले में अच्छे वोट मिल सकते हैं पर मुकाबला भाजपा-कांग्रेस के बीच ही होना तय है। क्षत्रिय भाजपा से नाराज, ब्राह्मण-वैश्य का समर्थनभिंड क्षेत्र के जातीय समीकरणों पर नजर डालने से पता चलता है कि यहां दलित, पिछड़े, क्षत्रिय, ब्राह्मण और वैश्य वर्ग के मतदाताओं का बोलबाला है। दलित मतदाताओं का ज्यादा हिस्सा कांग्रेस और बसपा के साथ दिखाई पड़ता है। क्षत्रिय भाजपा से नाराज हैं। भिंड जिले में इनकी तादाद ज्यादा है। इनका झुकाव कांग्रेस की ओर है। ब्राह्मण और वैश्य के साथ पिछड़े वर्ग की ज्यादा जातियां भाजपा के साथ दिखाई पड़ती हैं। कांग्रेस के फूल सिंह बरैया पहले बसपा के प्रदेश प्रमुख हुआ करते थे। उन्होंने अपना अलग दल बनाकर भी दलितों के बीच ज्यादा काम किया है। हालांकि उनके कई बयान विवादास्पद रहे हैं। इसकी वजह से ब्राह्मण समाज बरैया को पसंद नहीं करता। चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी और हेमंत कटारे समाज का कितना वोट बरैया को दिला पाते हैं। यह देखने लायक होगा। कई नेता सक्रिय, कई का रुख साफ नहीभिंड लोकसभा सीट में कड़ी टक्कर के बीच कांग्रेस- भाजपा नेताओं की सक्रियता को लेकर भी चर्चा चलने लगी है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह पहले प्रत्याशी चयन को लेकर नाराज थे लेकिन अब सक्रिय नजर आ रहे हैं। फूल सिंह बरैया की नैया पार लगाने की जवाबदारी उनके कंधों पर ही है। उन्होंने ऐलान कर दिया है कि विधानसभा में हार का बदला इस चुनाव में लेंगे। चौधरी राकेश सिंह भी प्रचार में जुटे दिखते हैं। अटेर में अच्छे अंतर से जीते हेमंत कटारे भिंड की बजाय बाहर ज्यादा दिखाई पड़ते हैं। दूसरी तरफ विधानसभा चुनाव मे भाजपा से बसपा मे गए डॉ रामलखन सिंह वापस भाजपा मे आ गए हैं। भाजपा से बागी होकर बसपा से विधानसभा चुनाव लड़े रसाल सिंह ने भी बसपा छोड़ दी है। हालाकि रसाल सिंह और एक अन्य बागी मुन्ना सिंह भदौरिया का रुख अब तक साफ नही है। ये किसी का प्रचार करते नजर नहीं आ रहे हैं।

इन्दौर : कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने नामांकन लिया वापस, भाजपा की ले सकते हैं सदस्यता

Indore: Congress candidate Akshay Kanti Bam withdraws nomination, can take membership of BJP. इंदौर ! लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने आज पार्टी को झटका देते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद इंदौर सीट पर अब भाजपा के लिए मैदान लगभग साफ हो गया है उसके सामने निर्दलीय और अन्य दलों के अलावा कोई प्रत्याशी नहीं बचा। लोकसभा चुनाव से पहले ही इंदौर में कांग्रेस का बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने आज पार्टी को झटका देते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद इंदौर सीट पर अब भाजपा के लिए मैदान लगभग साफ हो गया है, उसके सामने निर्दलीय और अन्य दलों के अलावा कोई प्रत्याशी नहीं बचा। BJP की ले सकते हैं सदस्यताजानकारी के अनुसार, कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम भाजपा विधायक रमेश मेंदोला के साथ निर्वाचन कार्यालय पहुंचे थे, जहां उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विधायक मेंदोला के साथ भाजपा कार्यालय के लिए रवाना हो गए। माना जा रहा है कि बम भाजपा की सदस्‍यता लेंगे। अक्षय कांति बोले- कांग्रेस नहीं दे रही थी साथ?नामांकन वापस लेने के बाद अक्षय कांति बम ने कहा कि जब से उन्होंने नामांकन जमा किया था, तब से ही कांग्रेस की ओर से उन्हें कोई सपोर्ट नहीं मिल रहा था। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि फॉर्म भरने के बाद से ही कांग्रेस अक्षय कांति पर दबाव बना रही थी। सूरत जैसा खेल हो सकताकांग्रेस प्रत्याशी अक्षय के नामांकन वापस लेने के बाद यहां भी सूरत जैसा खेल होने की चर्चा होने लगी है। दरअसल, इससे पहले गुजरात के सूरत में भी ऐसा ही घटनाक्रम हुआ था। वहां, कांग्रेस प्रत्याशी ने अपना नामांकन वापस ले लिया था, इसके साथ ही अन्य दलों की उम्मीदवार और निर्दलीय प्रत्याशी अपना पर्चा वापस ले चुके थे। जिसके बाद सूरत में भाजपा ने निर्विरोध चुनाव जीत लिया था।

बलात्कार पीड़िता आदिवासी बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले भाजपा के मंत्री के रिश्तेदार इसलिए संबंधित मंत्री का इस्तीफा लें मुख्यमंत्री : जीतू पटवारी

Chief Minister: Jitu Patwari, relatives of the BJP minister who raped the tribal girl, hence the concerned minister should resign. मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, रतलाम लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया एवं विधायक विक्रांत भूरिया ने आज अलीराजपुर के जोबट में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता 11 वर्षीय आदिवासी बच्ची के परिवारजनों से मुलाकात की एवं ढांढस बंधाया। पटवारी ने कहा कि दुख एवं पीड़ा के इस समय में पूरी कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है एवं हम सब इस परिवार के लिए न्याय की लड़ाई लड़ेंगे। इसके पश्चात पटवारी एवं विधायक विक्रांत भूरिया ने एक अन्यत्र स्थान पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा से जुड़े बाहुबली राजनैतिक परिवार के सदस्य ने उस बेटी की अस्मत लूटी और यहां से उस बेटी को इंदौर रेफर करना पड़ा इतनी स्थिति भयावह है, क्या मुख्यमंत्री मोहन यादव में इतनी सद्बुद्धि नही की राजनैतिक प्रभाव का दुरुपयोग हो रहा है और पीड़ित परिवार से जब मैं मिलने गया तो वहां बहनों ने मुझे बताया कि उनके साथ अक्सर ऐसी वारदातों को अंजाम दिया जाता है, इसका अर्थ यह है कि भारतीय जनता पार्टी आदिवासियों की महिलाओं और बेटियों से होने वाली दुष्कर्म और छेड़छाड़ की घटनाओं को लेकर आंख-कान बंद कर चुकी है। पटवारी ने कहा कि भाजपा और उसके विचार और हमारे मुख्यमंत्री मोहन यादव बार-बार एहसास कराते हैं कि वे आदिवासियों के विरोधी हैं। कुछ दिन पहले श्री राहुल गांधी आए थे उन्होंने महुआ बीनने वाली महिलाओं से बात की, उनके दर्द को समझा तो मोहन यादव जी ने आदिवासियों का अपमान किया, अभी 4 दिन पहले मोहन यादव जब झाबुआ में आए तो उन्होंने आदिवासियों को कहा है कि आपको फोकट का अनाज हम देते हैं यह कहकर फिर से अपमान किया, मोहन यादव बार-बार आदिवासियों का अपमान कर रहे हैं। मोहन यादव जी को माफी मांगनी चाहिए। आदिवासियों के इस अपमान के लिए आदिवासी समाज उनको कभी क्षमा नहीं करेगा। पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश आज आदिवासी बच्चियों-महिलाओं के खिलाफ अपराध में सर्वप्रथम है, इसका कारण बीजेपी सरकार के लगातार कई वर्षों का जंगलराज है। मध्य प्रदेश में 17 बहनों की रोज अस्मत लूटी जाती है। बलात्कार में मामलों में मध्य प्रदेश टॉप 3 राज्यों में शामिल है, 3 हजार से ज्यादा महिलाओं से बलात्कार के मामले पिछले वर्ष आए एवं इसमें हर साल बढ़ोतरी हो रही है खासकर आदिवासी बहनों के साथ, पीड़ित बेटी के पिता रोजगार के लिए बाहर थे यहां को यह बड़ी समस्या है झाबुआ अलीराजपुर में पलायन करना पड़ता है रोजगार के लिए यह भाजपा की सरकार है। 6459 बालिका एवम बुजुर्ग महिलाओं से कुल दुष्कर्म के मामले हुए ऐसे में मोहन यादव सरकार को चुल्लूभर पानी में डूब जाना चाहिए, ये आदिवासियों को मुफ्त अनाज की बात कहते हैं परंतु खुद के मुफ्त के हेलीकॉप्टर, हवाई जहाज, सरकारी आवास एवं अन्य सुविधाएं पर कुछ नहीं बोलते। पटवारी ने कहा कि मुझे पीड़ित परिवार से मिलकर उनकी वेदना का एहसास हुआ, बोलते हुए भी रोना आ रहा है, सरकार का ऐसा रवैया है कि पीड़ित परिवार से कलेक्टर, एसडीएम मिलने तक नही गए। जिस परिवार ने वारदात की उस परिवार को भाजपा की सरकार का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है इसलिए मुख्यमंत्री को संबंधित मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए अन्यथा आदिवासी विरोधी भाजपा , आरक्षण विरोधी भाजपा, संविधान विरोधी भाजपा, लोकतंत्र विरोधी भाजपा, वोट के अधिकार की विरोधी से जनता बदले लेगी। आदिवासियों के अपमान का बदला लेगी, भाजपा के राज में 2 लाख आदिवासी बहने गायब हुई उसका बदले लेगी, रोजगार के लिए पलायन का बदला लेगी,बैकलॉग के पद 20 साल से नही भरे उनका बदला लेगी, आदिवासीयों के खिलाफ टिप्पणीका बदला लेगी।

चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी को दिया झटका, कैंपेन गीत पर लगाई रोक; AAP ने केंद्र को घेरा

Election Commission gave a blow to Aam Aadmi Party, banned its campaign song; AAP surrounded the center चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी को झटका देते हुए उसके चुनावी कैंपेन सॉन्ग पर रोक लगा दी है। हाल ही में पार्टी ने अपना कैंपेन गीत लॉन्च किया था। वहीं आप ने इसे केंद्र की तानाशाही बताया है। उन्होंने कहा कि इसमें कहीं भी भाजपा का नाम नहीं है फिर इसपर रोक कैसे लगाई जा सकती है? नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका दिया है। दरअसल, आयोग ने पार्टी के कैंपेन गीत पर रोक लगा दी है। बता दें, हाल ही में पार्टी ने अपना कैंपेन गीत लॉन्च किया था। दो मिनट के इस कैंपेन सॉन्ग में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी दिखे थे। इस गीत को पार्टी विधायक दिलीप पांडेय ने लिखा था। वहीं आयोग के इस कदम को आप ने केंद्र की तानाशाही बताया है। आप की वरिष्ठ नेता और मंत्री आतिशी ने कहा कि कैंपेन गीत में कहीं भी भाजपा का नहीं है। चुनाव आयोग को जेल का जवाब वोट से पर आपत्ति है जो कि सरासर गलत है। इसमें कुछ भी ऐसी आपत्तिजनक बातें नहीं है जिससे गीत पर रोक लगाई जानी चाहिए। इस गीत से कहीं भी चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं हो रहा है। इसमें जो पिक्चर हैं वे सच हैं। आतिशी ने कहा कि भारत का चुनाव आयोग एक प्रतिष्ठित संस्था है। जब इसके आयुक्त टीएन शेषन थे, तब उन्होंने इसकी मर्यादा को अधिक बढ़ाया था। उन्हें देश में निष्पक्ष चुनाव कराने का श्रेय दिया जाता है। उनके काम के जरिए उन्हें आज भी याद किया जाता है। विपक्ष का प्रचार न रोके चुनाव आयोग: आतिशीउन्होंने कहा कि मैं आज के आयुक्त से यह अपील करती हूं कि वह ऐसा काम न करे जिससे आगे आनेवाले समय में 2024 के चुनाव को इस रूप में याद करे कि 2024 के चुनाव में लोकतंत्र खत्म हो गया। 2024 के चुनाव में भारत का चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं रहा और 2024 में भारत का चुनाव पाकिस्तान का चुनाव बन गया। इसलिए चुनाव आयोग से अपील करती हूं कि विपक्ष का प्रचार रोकना बंद करे और BJP द्वारा जो आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, उस पर भी एक्शन ले। गीत में केबल प्रोग्राम कोड का उल्लंघन: चुनाव आयोगदिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय का कहना है कि आम आदमी पार्टी के कैंपेन गीत ‘जेल का जवाब वोट से’ में केबल प्रोग्राम कोड का उल्लंघन किया गया है। कोई भी राजनीतिक दल अपने कैंपेन गीत या चुनाव प्रचार के वीडियो में न्यायपालिका पर सवाल खड़े नहीं कर सकते हैं। किसी को जेल में होना न्यायपालिका से संबंधित मामला होता है।

श्रीराम मंदिर निर्माण कर मोदी जी ने हमारा 500 वर्षों का सपना पूरा किया – रामेश्वर शर्मा 

By building the Shri Ram temple, Modi ji has fulfilled our 500-year-old dream – Rameshwar Sharma शनिवार को विधायक रामेश्वर शर्मा के साथ भोपाल लोकसभा के भाजपा प्रत्याशी आलोक शर्मा ने हुजूर विधानसभा में जनसंपर्क किया। जनसंपर्क के दौरान रातीबड़ एवं फंदा के दो दर्जन से अधिक गाँव पहुँचे साथ ही संत हिरदाराम नगर एवं गांधीनगर मण्डल के विभिन्न क्षेत्रों में भी जनसंपर्क करने पहुँचे। इस दौरान लोकसभा प्रत्याशी आलोक शर्मा एवं विधायक रामेश्वर शर्मा ने लोकसभा चुनाव के लिए नागरिक बंधुओं का आशीर्वाद लिया । विधायक रामेश्वर शर्मा ने जनसंपर्क के दौरान नागरिक बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ग़रीब का पक्का मकान भी बनाया ओर दूसरी तरफ़ करोड़ों हिंदुओं के आस्था का केंद्र जिसकी प्रतीक्षा हमे 500 से थी श्रीराम मंदिर का निर्माण भी कराया। श्री शर्मा ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों का कार्यकाल विकास और कल्याण को समर्पित रहा। श्री शर्मा ने बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिक बंधुओं से आने वाली 7 मई को आलोक शर्मा को कमल के फूल के सामने वाला बटन दबाकर विजय बनाने का आग्रह किया।  रविवार को मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव का रोड शो  कोलार में विधायक रामेश्वर शर्मा में बताया लोकसभा प्रत्याशी श्री आलोक शर्मा के समर्थन में मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव रविवार को शाम 7 बजे कोलार के सर्वधर्म शादी हॉल से सर्वधर्म पुल तक रोड शो कर जनता का आशीर्वाद लेंगे। मुख्यमंत्री के रोड शो के लिए कोलार में विशेष तैयारीयां भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा की जा रही है।

बसपा प्रमुख मायवती की मध्य प्रदेश में दूसरी जनसभा रविवार को मुरैना में

BSP chief Mayawati’s second public meeting in Madhya Pradesh on Sunday in Morena भोपाल। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती की रविवार को मुरैना में दोपहर 12 बजे जनसभा होने जा रही है। प्रदेश में उनकी यह दूसरी सभा है। इसके पहले 19 अप्रैल को रीवा में उन्होंने जनसभा को संबोधित किया था। पार्टी ने मुरैना से रमेश चंद्र गर्ग को उम्मीदवार बनाया है। वह इसी माह पार्टी में शामिल हुए थे। गर्ग पहले कांग्रेस से टिकट मांग रहे थे, पर पार्टी ने सत्यपाल सिंह सिकरवार को टिकट दे दिया तो वह बसपा से लड़ गए। भाजपा से यहां शिवमंगल सिंह तोमर उम्मीदवार हैं। कांग्रेस और भाजपा से क्षत्रिय वर्ग के उम्मीदवार होने पर बसपा ने जातिगत समीकरण देखते हुए ब्राह्मण प्रत्याशी उतारा है। 2019 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से बसपा प्रत्याशी करतार सिंह को एक लाख 29 हजार 380 (11.38 प्रतिशत) मत मिले थे। भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मुरैना में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा हो चुकी हो तो कांग्रेस से दो मई को प्रियंका गांधी की जनसभा का प्रस्ताव है। भाजपा और कांग्रेस के बाद अन्य किसी दल से मायावती पहली बड़ी नेता हैं जिनकी प्रदेश में चुनावी सभा हो रही है। उनके बाद पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद की भी ग्वालियर -चंबल या मध्य भारत में सभा का प्रस्ताव है। मत प्रतिशत के हिसाब से प्रदेश में ‘आइएनडीआइए’ के सबसे बड़े घटक दल समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की प्रदेश में खजुराहो और अन्य सीटों पर कांग्रेस के समर्थन सभा का प्रस्ताव था पर अभी तक कोई कार्यक्रम निर्धारित नहीं हुआ है। तीसरे चरण में शामिल किसी सीट पर कांग्रेस के समर्थन में उनकी सभा हो सकती है।

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