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पूरे विश्व को महात्मा बुद्ध की शिक्षाएं ग्रहण कर शांति की राह पर चलना चाहिए: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि पूरे विश्व को महात्मा बुद्ध की शिक्षाएं ग्रहण कर शांति की राह पर चलना चाहिए, क्योंकि दुनिया को युद्ध में नहीं, बल्कि बुद्ध में समाधान मिल सकता है। श्री मोदी ने दिल्ली के विज्ञान भवन में अंतरराष्ट्रीय अभिधम्म दिवस और पाली को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता देने के लिए आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया अस्थिरता से ग्रस्त है, बुद्ध न केवल प्रासंगिक हैं, बल्कि एक जरूरत भी हैं। उन्होंने कहा, “मैं आज अभिधम्म पर्व पर पूरे विश्व का आवाहन करता हूं- बुद्ध से सीखिए…युद्ध को दूर करिए…शांति का पथ प्रशस्त करिए…क्योंकि, बुद्ध कहते हैं- “नत्थि-संति-परम-सुखं” अर्थात्, शांति से बड़ा कोई सुख नहीं है।”उन्होंने कहा, “नही वेरेन वैरानि सम्मन्तीध कुदाचनम्, अवेरेन च सम्मन्ति एस धम्मो सनन्ततो” अर्थात वैर से वैर, दुश्मनी से दुश्मनी शांत नहीं होती। वैर अवैर से, मानवीय उदारता से खत्म होता है। बुद्ध कहते हैं- “भवतु-सब्ब-मंगलम्”।। यानी, सबका मंगल हो, सबका कल्याण हो- यही बुद्ध का संदेश है, यही मानवता का पथ है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि हर देश अपनी विरासत को अपनी पहचान से जोड़ता है, लेकिन भारत इस मामले में बहुत पीछे रह गया है। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले आक्रमणकारियों ने भारत की पहचान को मिटाने की कोशिश की। बाद में गुलाम मानसिकता से ग्रसित लोगों ने ऐसा किया। आजादी के बाद एक ऐसे समूह ने देश पर कब्जा कर लिया, जो इसे अपनी विरासत की विपरीत दिशा में ले गया। उन्होंने कहा कि पाली को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता देना भगवान बुद्ध की महान विरासत का सम्मान है। भाषा सभ्यता और संस्कृति की आत्मा है। पाली भाषा को जिंदा रखना, भगवान बुद्ध के शब्दों को जिंदा रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “अभिधम्म दिवस हमें याद दिलाता है कि करुणा और सद्भावना से ही हम दुनिया को और बेहतर बना सकते हैं। इससे पहले 2021 में कुशीनगर में ऐसा ही आयोजन हुआ था। वहां उस आयोजन में भी मुझे शामिल होने का सौभाग्य मिला था और ये मेरा सौभाग्य है कि भगवान बुद्ध के साथ जुड़ाव की जो यात्रा मेरे जन्म के साथ ही शुरू हुई है, वो अनवरत जारी है। मेरा जन्म गुजरात के उस वडनगर में हुआ, जो एक समय बौद्ध धर्म का महान केंद्र हुआ करता था। उन्हीं प्रेरणाओं को जीते-जीते मुझे बुद्ध के धम्म और शिक्षाओं के प्रसार के इतने सारे अनुभव मिल रहे हैं।” श्री मोदी ने कहा, “पिछले 10 वर्षों में भारत के ऐतिहासिक बौद्ध तीर्थ-स्थानों से लेकर दुनिया के अलग-अलग देशों तक नेपाल में भगवान बुद्ध की जन्मस्थली के दर्शन, मंगोलिया में उनकी प्रतिमा के अनावरण से लेकर श्रीलंका में वैशाख समारोह तक….मुझे कितने ही पवित्र आयोजनों में शामिल होने का अवसर मिला है। मैं मानता हूँ, संघ और साधकों का ये संग, ये भगवान बुद्ध की कृपा का ही परिणाम है। मैं आज अभिधम्म दिवस के इस अवसर पर भी आप सभी को और भगवान बुद्ध के सभी अनुयायियों को अनेक-अनेक शुभकामनाएँ देता हूँ। आज शरद पूर्णिमा का पवित्र पर्व भी है। आज ही, भारतीय चेतना के महान ऋषि वाल्मीकि जी की जन्म जयंती भी है। मैं समस्त देशवासियों को शरद पूर्णिमा और वाल्मीकि जयंती की भी बधाई देता हूं” उन्होंने कहा कि इस वर्ष अभिधम्म दिवस के आयोजन के एक साथ, एक ऐतिहासिक उपलब्धि भी जुड़ी है। भगवान बुद्ध के अभिधम्म, उनकी वाणी, उनकी शिक्षाएँ, जिस पाली भाषा में ये विरासत विश्व को मिली हैं, इसी महीने भारत सरकार ने उसे क्लासिकल लैंग्वेज (शास्त्रीय भाषा) का दर्जा दिया है। इसलिए, आज ये अवसर और भी खास हो जाता है। पाली शास्त्रीय भाषा का ये दर्जा, पाली भाषा का ये सम्मान भगवान बुद्ध की महान विरासत का सम्मान है। श्री मोदी ने कहा, “आप सभी जानते हैं, अभिधम्म धम्म के निहित है। धम्म को, उसके मूल भाव को समझने के लिए पाली भाषा का ज्ञान आवश्यक है। धम्म यानी, बुद्ध के संदेश, बुद्ध के सिद्धान्त…धम्म यानी, मानव के अस्तित्व से जुड़े सवालों का समाधान…धम्म यानी, मानव मात्र के लिए शांति का मार्ग…धम्म यानी, बुद्ध की सर्वकालिक शिक्षाएँ…..और, धम्म यानी, समूची मानवता के कल्याण का अटल आश्वासन! पूरा विश्व भगवान बुद्ध के धम्म से प्रकाश लेता रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि दुर्भाग्य से पाली जैसी प्राचीन भाषा, जिसमें भगवान बुद्ध की मूल वाणी है, आज सामान्य प्रयोग में नहीं है। भाषा केवल संवाद का माध्यम भर नहीं होती। भाषा सभ्यता और संस्कृति की आत्मा होती है। हर भाषा से उसके मूल भाव जुड़े होते हैं। इसलिए, भगवान बुद्ध की वाणी को उसके मूल भाव के साथ जीवंत रखने के लिए पाली को जीवंत रखना, ये हम सबकी ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि हमारी सरकार ने बड़ी नम्रता पूर्वक ये ज़िम्मेदारी निभाई है। भगवान बुद्ध के करोड़ों अनुयायियों को, उनकी लाखों भिक्षुकों की अपेक्षा को पूरा करने का हमारा नम्र प्रयास है। मैं इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए भी आप सबको बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। भाषा, साहित्य, कला, आध्यात्म…,किसी भी राष्ट्र की ये धरोहरें उसके अस्तित्व को परिभाषित करती हैं। इसीलिए, आप देखिए, दुनिया के किसी भी देश में कहीं कुछ सौ साल पुरानी चीज भी मिल जाती है, तो उसे पूरी दुनिया के सामने गर्व से प्रस्तुत करता है।”

रेल मंडल की ओर से आरओएच शेड तैयार किया जा रहा, वंदे भारत ट्रेन का मेंटेनेंस भोपाल में होगा

भोपाल भोपाल रेल मंडल की ओर से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास में आरओएच शेड (रुटीन ओवर हालिंग) तैयार किया जा रहा है। इस शेड में वंदे भारत ट्रेन का मेंटेनेंस किया जा सकेंगे। इसके साथ अन्य ट्रेनों का भी मेंटेनेंस होगा। इसके लिए पिट लाइन भी लगभग तैयार है, जो कि फरवरी तक शुरू की जाएगी। साथ ही वाशिंग पिट से एलएचबी कोच सहित अन्य ट्रेनों के कोचों की धुलाई की जाएगी। इसे बनाने में लगभग ढाई करोड़ की लागत से यह पिट बनाई जा रही है, जिसमें सभी आधुनिक सुविधा मौजूद रहेंगी। एलएचबी कोच के अनुसार तैयार हो रही पिट लाइन ट्रेनों का मेंटेनेंस अलग पिट लाइनों पर होगा। अभी रानी कमलापति के पास यार्ड में तीन पिट लाइन हैं। इस पिट लाइन को जर्मन कंपनी लिंक हाफ मैन बुश के तकनीकी सहयोग से तैयार एलएचबी कोच का मेंटेनेंस करने के हिसाब से बनाया जा रहा है। एलएचबी कोच वाली ट्रेनों की ओवर हालिंग होगा। भोपाल मंडल के एससीएम व प्रवक्ता नवल अग्रवाल ने बताया कि रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास आरओएच शेड बनाया जा रहा है, जहां वंदे भारत ट्रेन का मेंटेनेंस किया जा जाएगा। साथ ही अन्य ट्रेनों का भी मेंटेनेंस होगा, जो कि फरवरी तक शुरू की जाएगी। हाई क्‍वालिटी के वाटर पंप होंगे मेंटेनेंस रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास बन रही ऑटोमेटिक वाशिंग पिट पर एलएचबी कोच वाली ट्रेनों की पीरियोडिक ओवर हालिंग (पीओएच) के साथ प्रारंभिक मेंटेनेंस भी हो सकेगा। वहीं ट्रेन की धुलाई के लिए उच्च क्षमता वाले वाटर प्रेशर पंप और स्वचालित ब्रश मशीन रहेगी। ऑटोमेटिक वाशिंग मशीनों से होगी धुलाई रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के आउटर के पास रेलवे की ओर से यह पिट बनाई जा रही है। फरवरी से ट्रेनों की धुलाई आटोमेटिक वाशिंग मशीनों से होगी। अभी ऑटोमेटिक वाशिंग पिट लाइन का काम लगभग 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है। यह करीब 680 मीटर लंबी पिट बनाई जा रही है। इस लाइन पर 24 कोच वाली एक ट्रेन 15 से 20 मिनट में बाहर से धूल जाएगी। अभी यह काम सफाईकर्मी करते हैं। इस तरह एक ट्रेन को चार सफाईकर्मी चार से पांच घंटे में धोते हैं। सबसे बड़ी बचत पानी की होगी। अभी एक ट्रेन के धुलने में अधिकतम 15 हजार लीटर पानी लग जाता है। जब यही ट्रेन मशीन से धुलेगी तो तीन से पांच हजार लीटर पानी लगेगा। इस तरह एक ट्रेन की धुलाई में लगभग 10 हजार लीटर पानी बचेगा।  

सेंट्रल इंडिया के सबसे बड़े ब्यूटी पेजेंट मिस एंड मिसेज का आयोजन 17अक्टूबर को

भोपाल सेंट्रल इंडिया के सबसे बड़े ब्यूटी पेजेंट मिस एंड मिसेज वर्सेटाइलबल मध्य प्रदेश 3 का ग्रैंड फिनाले 17 अक्टूबर को होने जा रहा है। जो कि झीलों की नगरी भोपाल में होगा और इस बैंड फिनाले के लिए ऑर्गेनाइजर द्वारा पूरे एम पी से टॉप 10 टॉप 20 में मिस एंड मिसेज का चयन किया गया। इन सभी प्रतिभागियों को दिन की वर्कशॉप दी गई जो कि आदित्य शर्मा द्वारा कोरियोग्राफ किया गया। सायनासोर ऐसे इवेंट लगातार 15 साल से करता आ रहा है और आगे भी करता रहेगा । हमारी आज कल की भारतीय नारी और गृहणियों को इस तरह के कार्यक्रम में बहुत दिलचस्पी है और वो सब बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे है, आयोजन द्वारा बताया गया सभी प्रतिभागियों को ३ दिन पहले बुला है वर्कशॉप दी गई जिसमें उन्हें पर्सनेलिटी डेवलेपमेंट, हेल्थ केयर, फिटनेस केयर, डेंटल केयर टाइप की वर्कशॉप दी गई। सभी प्रतिभागियों का ग्रैंड फिनाले के लिए चयन किया जाएगा एवं विनर की घोषणा की जाएगी ।

शिवराज के घर जल्द बजेगी शहनाई, पीएम मोदी केंद्रीय मंत्री के बेटों की शादी में शामिल होंगे

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दोनों बेटों की शादी जल्द ही होने वाली है। पीएम नरेंद्र मोदी को उन्होंने शादी का न्योता दिया है। शादी में आमंत्रित करने शिवराज अपनी पत्नी साधना सिंह और दोनों बेटे कार्तिकेय-कुणाल के साथ पहुंचे थे। बता दें कि शिवराज सिंह चौहान के दोनों बेटे कार्तिकेय और कुणाल की जल्द ही शादी होने वाली है। शिवराज सिंह चौहान के बड़े समधी अनुपम आर बंसल देश की जानी-मानी कंपनी लिबर्टी शूज कंपनी के निदेशक हैं। इसके अलावा भी वे कई कारोबार से जुड़े हुए हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के छोटे समधी भोपाल के बड़े डॉक्टर हैं। शादी का न्योता देने की जानकारी खुद शिवराज सिंह चौहान ने अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा की है। तस्वीरों में शिवराज पीएम मोदी को फूलों का गुलदस्ता और गणेश प्रतिमा भेंट करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान पूरा परिवार साथ है। शिवराज ने जानकारी साझा करते हुए लिखा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से अपनी धर्मपत्नी साधना और दोनों बेटों कार्तिकेय-कुणाल के साथ भेंट की। हमने प्रधानमंत्री जी को दोनों बेटों की शादी में आने का निमंत्रण दिया और उनसे आशीर्वाद लिया। स्नेह, प्रेम, आत्मीयता और अपनेपन से भरे आदरणीय प्रधानमंत्री जी अभिभावक और बड़े भाई हैं। वह मानवीय संवेदनाओं से भरे अत्यंत सहज और सरल हैं। प्रधानमंत्री जी से मिलकर मन भावुक हो गया। उनके साथ देश और किसानों के लिए काम करना जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। कौन हैं कार्तिकेय और अमानत? कार्तिकेय चौहान पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे हैं। कार्तिकेय को पिता का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता है। 2013 से कार्तिकेय राजनीति में सक्रिय हैं। हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में पिता शिवराज के लिए उन्होंने जमकर प्रचार किया था। इसकी पूरी संभावना है कि आने वाले समय में कार्तिकेय खुद चुनावी मैदान में उतरेंगे। वहीं, शिवराज सिंह की होने वाली बड़ी बहू अमानत बंसल लिबर्टी शूज कंपनी के निदेशक और कारोबारी अनुपम आर बंसल की बेटी हैं। अमानत ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है, उन्होंने मनोवैज्ञानिक शोध में एमएससी किया है। बताया जाता है कि अमानत को शास्त्रीय नृत्य का भी बहुत शौक है। अमानत की मां रुचिता बंसल ‘इजहार’ नाम की एक संस्था चलाती है। कौन हैं कुणाल और रिद्धी? कुणाल चौहान शिवराज सिंह चौहान के छोटे बेटे हैं। कुणाल का राजनीति से कोई नाता नहीं है, उनका पूरा फोकस अपने कारोबार पर ही रहता है। वे मेसर्स सुंदर फूड्स एंड डेयरी के मैनेजिंग पार्टनर हैं। उनकी डेयरी से दूध, घी, पनीर, लस्सी, दही और पानी भी भोपाल व आसपास के जिलों में सप्लाई किया जााता है। इससे पहले कुणाल ने भोपाल में फूलों की दुकान भी खोली थी। शिवराज की छोटी बहू रिद्धी जैन परिवार से आती हैं। उनके पिता संदीप जैन हैं, जो भोपाल में बड़े डॉक्टर हैं। रिद्धी के दादा इंदरमल जैन भी डॉक्टर हैं। डॉ. इंदरमल जैन का निवास भोपाल के 74 बंगले के पास निषाद कॉलोनी में है। अमेरिका में पढ़ाई के दौरान कुणाल और रिद्धी एक दूसरे से मिले थे। दोनों करीब दो साल से दोस्त रहे, इसके बाद दोनों परिवारों की मौजूदगी में दोनों का रोका कार्यक्रम हुआ था। शिवराज सिंह चौहान की ओर से इस कार्यक्रम गोपनीय रखा गया था, लेकिन जैन परिवार की ओर से रोका कार्यक्रम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर दी गईं, जिससे यह जानकारी सामने आ गई।  

भोपाल में बनाया जा रहा है विशेष औषधि पार्क : महापौर श्रीमती राय

भोपाल आयुर्वेद उपचार की प्राचीन पद्धती है। यह वर्तमान में भी उपचार की एक महत्वपूर्ण पद्धति है। यह बात पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कही। राज्यमंत्री श्रीमती गौर शरद पूर्णिमा के अवसर पर अयोध्या नगर दशहरा मैदान में आयोजित 34वें आयुर्वेदिक नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित कर रहीं थी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि परमार्थ और परोपकार करनेवालों के साथ अपने आप लोग जुडते जाते हैं। उन्होंने कहा कि नाड़ी वैद्य पंडित चंद्रशेखर तिवारी जी शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर का आयोजन कर परोपकार का कार्य कर रहें हैं। श्रीमती गौर ने शिविर में भाग लेने वाले नागरिकों से कहा कि हमें उपचार की प्राचीन पद्धति आयुर्वेद पर विश्वास करना चाहिए। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से रोगों का स्थाई समाधान होता है। श्रीमती गौर ने नागरिकों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने का आग्रह भी किया। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय ने कहा कि आयुर्वेद से उपचार के लिए लगाया गया नि:शुल्क शिविर सराहनीय है। उन्होंने बताया कि भोपाल में विशेष औषधि पार्क बनाया जा रहा है। महापौर श्रीमती राय ने कहा कि भोपाल के 150 मंदिरों के लिए 11-11 पौधे मंदिर परिसर में लगाने के लिए दिए गए है। कार्यक्रम के प्रारंभ में नाड़ी वैद्य पंडित तिवारी ने बताया कि शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले शिविर में श्वास संबंधी रोगों के मरीजों को नाड़ी परीक्षण कर नि:शुल्क आयुर्वेदिक औषधि दी जाती है। औषधि, गाय के दूध से बनी चावल की खीर केले के पत्ते पर दी जाती है। शिविर में हजारों की संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। शिविर का आयोजन अखंड आयुर्वेद भवन महौबा ने किया। श्रीराम जानकी हनुमान मंदिर के महंत श्रीराम दास, पार्षद श्रीमती उर्मिला मौर्य और श्रीमती शिरोमणी शर्मा सहित अन्य गणमान्य शामिल थे।

दिल्ली में आने वाली है कड़ाके की ठंड, गिर गया रात का पारा, हवा भी खराब, बीमारियों का बढ़ेगा कहर

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में लगातार तीसरे दिन वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में रहने के साथ चौथे दिन भी यही स्थिति बनी हुई है. आज यानी 17 अक्टूबर को दिल्ली के कई इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गया है. हालांकि, सुबह 7 बजे तक कहीं भी प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में नहीं मापा गया है. बता दें कि कल (16 अक्टूबर) कुछ इलाकों में एक्यूआई गंभीर श्रेणी में मापा गया था. प्रदूषण की वजह की बात करें तो दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए केंद्र की निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, परिवहन से होने वाला उत्सर्जन दिल्ली के वायु प्रदूषण का लगभग 19.2 प्रतिशत है. इसके अलावा पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना भी है. सैटेलाइट डेटा से बुधवार को पंजाब में 99, हरियाणा में 14, उत्तर प्रदेश में 59 और दिल्ली में एक आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं. आज दिल्ली का एक्यूआई 267 मापा गया. वहीं कई इलाकों में आज एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में है. दिल्ली के इलाके AQI अलीपुर 261 आनंद विहार – अशोक विहार 276 आया नगर 251 बवाना – बुराड़ी – डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज 227 द्वारका सेक्टर-8 339 आईजीआई एयरपोर्ट 280 दिलशाद गार्डन 202 आईटीओ 195 जहांगीरपुरी 343 जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम 218 लोधी रोड – मंदिर मार्ग – मुंडका 370 द्वारका एनएसआईटी 262 नजफगढ़ 192 नरेला 281 नेहरू नगर 261 नॉर्थ कैंपस 242 ओखला फेस-2 290 पटपड़गंज 322 पंजाबी बाग 289 पूसा DPCC 214 पूसा IMD 214 आरके पुरम 266 रोहिणी 315 शादीपुर 315 सिरीफोर्ट 252 सोनिया विहार 268 अरबिंदो मार्ग 206 विवेक विहार 285 वजीरपुर 323 जैसे-जैसे सर्दियां आ रही हैं, दिल्लीवासी पहले से ही हवा की बिगड़ती गुणवत्ता का असर महसूस कर रहे हैं. बुधवार सुबह 4 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक की रीडिंग 230 थी, जो मुख्य निगरानी स्टेशन पर मंगलवार की रीडिंग 207 से कम है. मौसम की बात करें तो अब न्यूनतम तापमान ने भी गोता लगाना शुरू कर दिया है, जिससे हल्की ठंड का एहसास होने लगा है. आईएमडी ने गुरुवार को मुख्य रूप से साफ आसमान रहने का अनुमान लगाया है, अधिकतम और न्यूनतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है. NCR की बात करें तो यहां की स्थिति दिल्ली से कुछ बेहतर है. जहरीली हवा बढ़ा सकती है मेंटल प्रॉब्लम्स डॉक्टर की मानें तो हद से ज्यादा एयर पॉल्यूशन आंखों की बीमारियों की वजह बन सकता है और इससे मेंटल हेल्थ बुरी तरह प्रभावित हो सकती है. पॉल्यूशन की वजह से लोगों का स्ट्रेस लेवल बढ़ सकता है और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. कई रिसर्च में यह साबित हो चुका है कि जहरीली हवा से मूड स्विंग्स, एंजायटी, डिप्रेशन और अन्य मेंटल डिसऑर्डर का खतरा बढ़ सकता है. प्रदूषित हवा में मौजूद नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड के संपर्क में आने पर मेंटल प्रॉब्लम से जूझ रहे लोगों की तबीयत बिगड़ सकती है, क्योंकि एयर पॉल्यूशन से मेंटल प्रॉब्लम ट्रिगर हो सकती हैं. फरीदाबाद-165 गाजियाबाद-251 ग्रेटर नोएडा-236 गुरुग्राम-170 नोएडा-224 कैसे मापी जाती है एयर क्वालिटी? अगर किसी क्षेत्र का AQI जीरो से 50 के बीच है तो AQI ‘अच्छा’ माना जाता है, 51 से 100 AQI होने पर ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’माना जाता है, अगर किसी जगह का AQI 201 से 300 के बीच हो तो उस क्षेत्र का AQI ‘खराब’ माना जाता है. अगर AQI 301 से 400 के बीच हो तो ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच AQI होने पर ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है. वायु प्रदूषण से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. बता दें कि राजधानी में कल प्रदूषण के स्तर में मामूली सुधार के बाद भी GRAP-1 की पाबंदियां लगी हैं. GRAP-1 के तहत नीचे दी गई पाबंदियां लगाई जाती हैं. सड़कों पर समय-समय पर मशीनीकृत सफाई और पानी का छिड़काव निर्माण स्थलों पर धूल शमन का उपयोग प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कड़ी जाँच, बेहतर यातायात प्रबंधन और उद्योगों, बिजली संयंत्रों और ईंट भट्टों में उत्सर्जन नियंत्रण खुले में कचरा जलाने पर प्रतिबंध, डीजल जनरेटर का सीमित उपयोग और भोजनालयों में कोयले या जलाऊ लकड़ी का उपयोग नहीं प्रदूषणकारी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए 311 एपीपी, ग्रीन दिल्ली ऐप, समीर ऐप और ऐसे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर शिकायतों के निवारण के लिए त्वरित कार्रवाई सड़क पर यातायात कम करने के लिए कार्यालयों को कर्मचारियों के लिए एकीकृत आवागमन शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करें पटाखों से परहेज कर पर्यावरण अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने की सलाह बता दें कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता के आधार पर GRAP को चार चरणों में वर्गीकृत किया गया है:  स्टेज I – ‘खराब’ (AQI 201-300);  स्टेज II – ‘बहुत खराब’ (AQI 301-400);  स्टेज III – ‘गंभीर’ (AQI 401-450);  स्टेज IV – ‘गंभीर प्लस’ (AQI >450). फर्टिलिटी बर्बाद कर सकता है एयर पॉल्यूशन हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो हवा में मौजूद पॉल्यूशन के बेहद छोटे कण शरीर में पहुंच जाते हैं और हमारे खून में मिल जाते हैं. इससे शरीर के सभी अंगों पर बुरा असर पड़ता है. कई रिसर्च में पता चला है कि ज्यादा पॉल्यूशन लोगों की फर्टिलिटी को बुरी तरह प्रभावित करता है और इसकी वजह से इनफर्टिलिटी की परेशानी बढ़ सकती है. पॉल्यूशन से बच्चे और बुजुर्ग बुरी तरह प्रभावित होते हैं, क्योंकि इससे उनके फेफड़ों पर बुरा असर पड़ता है. प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए भी पॉल्यूशन बेहद खतरनाक है. अगर आपको किसी भी तरह की बीमारी है, तो पॉल्यूशन से हर हाल में बचाव करना चाहिए. एयर पॉल्यूशन से कैसे करें बचाव? – एयर पॉल्यूशन घर के बाहर ही नहीं, घर के अंदर भी होता है. ऐसे में घर के अंदर एयर क्वालिटी सुधारने की कोशिश करें. खिड़कियां खोलें और ताजा हवा आने दें. पॉल्यूशन कम करने के लिए घर के अंदर एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें. घर के अंदर इनडोर प्लांट्स रख लें, जो हवा को शुद्ध करते हैं. – जब हवा में प्रदूषण का स्तर अधिक हो, तो घर से बाहर कम से कम निकलें. बाहर जाने से पहले मौसम की जानकारी लेना भी जरूरी है. अगर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ज्यादा स्तर खराब हो, तो बाहर जाने से … Read more

बहराइच हिंसा के 2 आरोपियों का एनकाउंटर, आरोपी बहराच हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा की हत्या में शामिल थे

बहराइच उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में हुई हिंसा के 2 आरोपियों का एनकाउंटर हो गया है. दोनों आरोपी नेपाल भागने की फिराक में थे. घटना वाले दिन से पुलिस इनके पीछे लगी हुई थी. आज पुलिस को इनकी लोकेशन लगी, जिसके बाद इनको ट्रैक किया गया. आरोपियों के नाम सरफराज और तालिब है. दावा किया जा रहा है कि दोनों आरोपी बहराच हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा की हत्या में शामिल थे. इन्होंने ही साथियों संग मिलकर रामगोपाल पर गोली चलाई थी. घटना के वक्त के कुछ वीडियोज सामने आए हैं, जिनमें अब्दुल हामिद की छत पर चार से पांच लोग नजर आ रहे हैं.   बहराइच में ऐसे भड़की थी हिंसा आपको बता दें कि बहराइच के थाना हरदी क्षेत्र के रेहुआ मंसूर गांव निवासी रामगोपाल मिश्रा बीते रविवार की शाम करीब 6 बजे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए निकले जुलूस में शामिल था. ये जुलूस जब महराजगंज बाजार में समुदाय विशेष के मोहल्ले से गुजर रहा था तो दो पक्षों में कहासुनी हो गई. आरोप है कि इस दौरान छतों से पत्थर फेंके जाने लगे, जिससे विसर्जन में भगदड़ मच गई. इस बीच रामगोपाल को एक घर की छत पर गोली मार दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई. रामगोपाल की मौत की खबर के बाद महराजगंज कस्बे में बवाल शुरू हो गया. आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के घर समेत कई वाहनों में तोड़फोड़ की और उसमें आग लगा दी. हिंसा के दौर अगले दिन भी जारी रहा. जिसके चलते जिले में भारी पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी. खुद सीएम योगी ने मामले का संज्ञान लिया. फिलहाल, हालात सामान्य हैं.

विधायक बाबू जंडेल एक बार फिर विवादित बयानों से सुर्खियों में, भगवान भोलेनाथ का नाम लेते हुए अपशब्द कहे

श्योपुर  मध्य प्रदेश के श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल एक बार फिर अपने विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में हैं. गुरुवार को सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हुआ. इस वीडियो में कांग्रेस नेता भगवान भोलेनाथ को लेकर काफी आपत्तिजनक बयान देते हुए नजर आ रहे हैं. विधायक ने भगवान शिव के लिए अपशब्द का इस्तेमाल किया. हालांकि एमएलए बाबू जंडेल ने वीडियो वायरल होने के बाद दावा किया कि ये वीडियो फेक है. इसे गलत तरीके से पेश करने की कोशिश की गई है. वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने काफी नाराजगी जाहिर की. वीडियो में कांग्रेस विधायक भगवान शिव को लेकर आपत्तिजनक बातें कहते हुए दिखाई दे रहे हैं. अब इसे लेकर महाकाल मंदिर के पुजारी और अखिल भारतीय पुजारी महासंघ के अध्यक्ष महेश शर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पुजारी बोले- कार्रवाई होनी चाहिए महाकाल मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने बाबू जंडेल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है. महाकाल मंदिर के पुजारी और पुजारी महासंघ के अध्यक्ष महेश शर्मा ने कहा कि यह बयान अत्यंत निंदनीय है. विधायक नशे में भगवान शिव का अपमान कर रहे हैं. हम सरकार से मांग करते हैं कि इनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई हो. सनातन धर्म का अपमान करने वाले लोगों के लिए सख्त कानून बनना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत न करे.’ इस बीच भाजपा नेताओं ने भी इस वीडियो को लेकर कांग्रेस पर तीखे हमले किए हैं. भाजपा नेताओं ने इसे एक्स पर शेयर करते हुए कांग्रेस को घेरने की कोशिश की है. अब देखना होगा कि इस विवादित बयान पर क्या कार्रवाई होती है और यह मुद्दा राज्य की राजनीति में किस ओर रुख करता है. कांग्रेस बोली- पुराना है वीडियो कांग्रेस मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक का कहना है कि वीडियो 5 साल पुराना है. वीडियो मजाक में बनाया गया. शंकर भगवान के मंदिर के लिए खुद बाबू जंडेल ने दान किया था. उनके एक दोस्त, जो बीजेपी में चले गए हैं उन्होंने चुनावी फायदे के लिए वीडियो को अब पब्लिक किया है. विधायक ने कहा- वीडियो के साथ छेड़छाड़ कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने भाजपा की ओर से लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। लाइव हिन्दुस्तान से फोन पर बातचीत में उन्होंने कहा कि भोलेनाथ उनके भी आराध्य हैं। जंडेल ने कहा, ‘मैं भगवान भोलेनाथ को पूजता हूं, इस तरह की बात भगवान भोलेनाथ के प्रति मैं कहना तो दूर सोच भी नहीं सकता। जो वीडियो वायरल किया है वह कांट, छांट करके रामनिवास रावत के लोगों ने मुझे बदनाम करने वायरल किया है।’

‘वक्फ की जमीन पर बनी है संसद’, बदरुद्दीन अजमल बोले- बिना वक्फ की जमीन को खाली कराए इस्तेमाल करना गलत

नई दिल्ली पूर्व सांसद बदरुद्दीन अजमल ने वक्फ से संबंधित नए विधेयक का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि देश भर में वक्फ संपत्तियों को लेकर जो चर्चाएँ हो रही हैं, उनमें दिल्ली की प्रमुख जगहों पर स्थित इमारतों और क्षेत्रों को भी शामिल किया जा रहा है। अजमल का दावा है कि संसद भवन, उसके आसपास का क्षेत्र, और वसंत विहार से लेकर एयरपोर्ट तक का इलाका वक्फ की संपत्ति पर स्थित है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग यह मानते हैं कि दिल्ली का एयरपोर्ट भी वक्फ की जमीन पर बनाया गया है। इस तरह के बयान से वक्फ संपत्तियों को लेकर चल रही चर्चाओं में और अधिक विवाद जुड़ गया है। वक्फ की संपत्तियों का उपयोग आमतौर पर धार्मिक और सामाजिक उद्देश्यों के लिए होता है, और इन संपत्तियों के स्वामित्व के सवाल अक्सर जटिल कानूनी और राजनीतिक विवादों का विषय बनते हैं। अजमल के इस बयान से यह मुद्दा और अधिक संवेदनशील हो सकता है, और सरकार की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी, खासकर अगर इसे संसद में चर्चा का विषय बनाया जाता है।उन्होंने आगे कहा, “बिना अनुमति के वक्फ की जमीन का इस्तेमाल करना गलत है। वक्फ बोर्ड के इस मुद्दे पर वे (मोदी सरकार) बहुत जल्द अपनी सरकार खो देंगे।” इस बीच, विपक्षी सांसदों ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति की बैठक के दौरान संसदीय आचार संहिता के घोर उल्लंघन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है। पूर्व सांसद अजमल ने वक्फ बिल का विरोध किया है और कहा, “इस बारे में आवाजें उठ रही हैं और दुनिया भर में वक्फ संपत्तियों की सूची सामने आ रही है। संसद भवन, उसके आसपास के इलाके और वसंत विहार से लेकर एयरपोर्ट तक का पूरा इलाका वक्फ की संपत्ति पर बना है। लोगों का यह भी कहना है कि एयरपोर्ट वक्फ की संपत्ति पर बना है।” उन्होंने आगे कहा, “बिना अनुमति के वक्फ की जमीन का इस्तेमाल करना गलत है। वक्फ बोर्ड के इस मुद्दे पर वे (मोदी सरकार) बहुत जल्द अपनी सरकार खो देंगे।” इस बीच, विपक्षी सांसदों ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति की बैठक के दौरान संसदीय आचार संहिता के घोर उल्लंघन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है। इस पत्र में विपक्षी सांसदों ने 14 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित JPC की बैठक के दौरान समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल द्वारा संसदीय आचार संहिता और प्रक्रिया के नियमों के कई उल्लंघनों का आरोप लगाया है। लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में विपक्षी सांसदों ने कहा, “समिति की कार्यवाही अध्यक्ष जगदंबिका पाल द्वारा पक्षपातपूर्ण तरीके से संचालित की गई। अध्यक्ष द्वारा अनवर मणिप्पाडी को समिति के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए दिया गया निमंत्रण समिति के दायरे और अधिकार क्षेत्र में नहीं है।” विपक्षी सांसदों ने यह भी दावा किया कि “कर्नाटक वक्फ घोटाला रिपोर्ट 2012 पर आधारित वक्फ विधेयक 2012 पर प्रस्तुति” शीर्षक वाले नोट में वक्फ विधेयक पर कोई टिप्पणी नहीं थी, बल्कि इसमें मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कर्नाटक कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ केवल राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोप थे। विपक्षी सांसदों ने 14 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक के दौरान अध्यक्ष जगदंबिका पाल पर संसदीय आचार संहिता और प्रक्रिया के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि जगदंबिका पाल ने समिति की कार्यवाही को पक्षपातपूर्ण तरीके से संचालित किया। विशेष रूप से, विपक्षी सांसदों ने आपत्ति जताई है कि अध्यक्ष ने अनवर मणिप्पाडी को समिति के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए बुलाया, जो उनके अनुसार समिति के दायरे और अधिकार क्षेत्र में नहीं आता था। यह विवाद इस बात पर केंद्रित है कि समिति की कार्यवाही निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, और विपक्षी सांसदों का आरोप है कि इस बैठक में ऐसा नहीं हुआ। संसदीय समितियों में इस प्रकार के आरोप गंभीर माने जाते हैं, क्योंकि ये समितियाँ महत्वपूर्ण नीतिगत और विधायी मामलों पर विचार करती हैं। ऐसे मामलों में लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि उन्हें इन आरोपों का मूल्यांकन करना होता है और यह सुनिश्चित करना होता है कि संसदीय प्रक्रियाओं का पालन हो। विपक्षी सांसदों ने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि जिस नोट का शीर्षक “कर्नाटक वक्फ घोटाला रिपोर्ट 2012 पर आधारित वक्फ विधेयक 2012 पर प्रस्तुति” था, उसमें वक्फ विधेयक पर कोई ठोस टिप्पणी या विश्लेषण नहीं था। इसके बजाय, उन्होंने दावा किया कि उस नोट में कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख नेताओं, विशेष रूप से मल्लिकार्जुन खड़गे, के खिलाफ राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोप लगाए गए थे। सांसदों का कहना है कि इस प्रस्तुति का असल उद्देश्य वक्फ विधेयक से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था, लेकिन इसके बजाय इसे राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए इस्तेमाल किया गया। विपक्षी नेताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि ऐसे मुद्दों पर निष्पक्ष और तथ्यात्मक चर्चा होनी चाहिए, न कि राजनीतिक लाभ के लिए विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जाना चाहिए।  

राज्यपाल पटेल केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय अखिल भारतीय स्पर्धा के शुभारम्भ कार्यक्रम में शामिल हुए

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रतियोगिता में भाग लेने से नया जोश और मनोबल तो मिलता ही है, साथ ही अपने और दूसरों के प्रदर्शन के अनुभव से कौशल का नया स्तर प्राप्त होता है। प्रतियोगिता में ज्ञान और कौशल के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि हार-जीत से कही अधिक महत्वपूर्ण हमारी संस्कृति, सुसंस्कृत जीवनशैली की गरिमा और गौरव का सम्मान है। राज्यपाल पटेल आज केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के भोपाल परिसर में आयोजित अखिल भारतीय क्रीड़ा, सांस्कृतिक, शैक्षिक स्पर्धा, युवा महोत्सव 2024 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित विशिष्ट ग्रंथों, “सर्वसमावेशी शिक्षा के परिप्रेक्ष्य में महर्षि दयानन्द सरस्वती” और “भारतीय ज्ञान परम्परा शिक्षक शिक्षा” का लोकार्पण किया। महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर मिथिला प्रसाद त्रिपाठी, युव संसद जयपुर के संस्थापक आशुतोष जोशी मंचासीन थे।     राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आधुनिक मानव जीवन से जुड़े क्षेत्रों शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी जीवन आदि कई विषयों में संस्कृत ज्ञान निधि की प्रासंगिकता आज बढ़ रही है।दुनिया में संस्कृत भारत की सॉफ्ट पावर का सबसे प्रमुख ज़रिया है। हमें ऐसा वातावरण तैयार करना होगा जिसमें संस्कृत के ज्ञान को आधुनिक और शोध परक दृष्टि से देखा जाए और ज्ञान के नए स्वरूप को प्रकाशित किए जाए। समय की आवश्यकता है कि हमारे पास ऐसे युवा हो, जिनमें संस्कृत के साथ कम्प्यूटर कोडिंग की तकनीक और अनुसंधान का सामर्थ्य हो। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत निर्माण प्रयासों के लिए जड़ों से जुड़ें वैश्विक प्रतिस्पर्धा हेतु सक्षम युवाओं का निर्माण समय की जरूरत है। विश्वविद्यालय को संस्कृत भाषा की भारतीय ज्ञान परम्परा को भविष्य की दृष्टि से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ समन्वय से भारत को ज्ञान की महाशक्ति बनाने की जिम्मेदारी लेना होगी। विश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों को संस्कृत के अध्ययन और अनुसंधान के द्वारा राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों के समाधान खोजने के अवसर उपलब्ध कराने होंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों के समग्र, सर्वांगीण विकास में ऐसे शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल स्पर्धाओं के आयोजन अत्यन्त महत्त्वपूर्ण होते है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारतीय ज्ञान परम्परा के संरक्षण एवं संवर्धन में अग्रणी भूमिका निभाने और अखिल भारतीय प्रतियोगिता के आयोजन के लिए केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की सराहना की है। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर मदन मोहन झा ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सांस्कृतिक गतिविधियों का विवरण दिया। बताया कि राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान से प्रारम्भ होकर 55वीं वर्ष गांठ के अवसर तक विश्व में संस्कृत का पर्याय बन गया है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय मल्टी डिसिप्लिनरी, बहुपरिसरीय विश्वविद्यालय है, जिसमें 12 परिसर, 28 महाविद्यालय और 105 से अधिक मान्यता प्राप्त संस्थाएं शामिल है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में भारतीय विधिशात्र, नाट्य शास्त्र के पाठ्यक्रम के साथ ही बी.ए. ऑनर्स, संस्कृत, सिविल सर्विसेज, शुरू किया गया है, जिसमें संस्कृत एवं सिविल सर्विसेज के पाठ्यक्रम का अध्ययन कराया जाता है। विद्यार्थी पाठ्यक्रम के 5 में से किसी एक विषय में स्नातकोत्तर की एक वर्षीय उपाधि भी प्राप्त कर सकते है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय को नेक द्वारा A++ की ग्रेडिंग प्राप्त है। विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति विगत 2 वर्षों से सफलता पूर्वक क्रियान्वित की जा रही है। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर के निदेशक प्रोफेसर रमाकांत पांडेय ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय देश के 12 प्रांतों में प्रस्तारित है। आयोजित, प्रतियोगिता में राज्य स्तरीय स्पर्धा के विजेता शामिल हो रहे है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के निर्णायक मण्डल में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए विषय विशेषज्ञ विद्वान शामिल है। धन्यवाद ज्ञापन भोपाल परिसर के सहायक निदेशक प्रोफेसर नीलाभ तिवारी ने किया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में अतिथियों द्वारा भगवती सरस्वती का दीप प्रज्ज्वलन कर पूजन किया। परिसर के छात्रों द्वारा वैदिक मंगलाचरण एवं नाट्य अनुसंधान विभाग के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। अतिथियों का शॉल, शंख और पौधा भेंट कर स्वागत किया गया।  

शेख हसीना ने बांग्लादेश से हेलिकॉप्टर पर सवार होकर देश छोड़ा था, अब गिरफ्तारी वॉरंट हुआ जारी

ढाका बांग्लादेश में तख्तापलट और खूनी हिंसा के बाद देश छोड़कर निकलीं शेख हसीना के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया गया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार देश की एक अदालत ने उन पर मानवता के खिलाफ अपराध किए जाने के आरोपों में गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया है। शेख हसीना ने बांग्लादेश से हेलिकॉप्टर पर सवार होकर देश छोड़ा था और दिल्ली के पास स्थित हिंडन एयरबेस पर उतरी थीं। उसके बाद से वह भारत में ही रह रही हैं, लेकिन उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। शेख हसीना के खिलाफ अदालत में अर्जी डालने वाले वकील मोहम्मद ताजुल इस्लाम ने कहा कि यह यादगार दिन है। वहीं बांग्लादेश में आंदोलन के दौरान मारे गए सैकड़ों लोगों में से एक के परिजनों ने कहा कि यह अच्छी खबर है। हम उम्मीद करते हैं कि अब शेख हसीना के खिलाफ ट्रायल आगे बढ़ेगा और हमें न्याय मिलेगा। शेख हसीना बीते 15 सालों से बांग्लादेश की सत्ता पर काबिज थीं। उन पर आरोप है कि पीएम रहते हुए उनके शासनकाल में बड़े पैमाने पर लोगों की गिरफ्तारी हुई। इसके अलावा राजनीतिक विरोधियों को चुन-चुनकर मार डाला गया। बांग्लादेश इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल के मुख्य अधिवक्ता ताजुल इस्लाम ने कहा कि शेख हसीना को 18 नवंबर को अदालत ने पेश करने का आदेश दिया है। इस्लाम ने कहा, ‘शेख हसीना उन लोगों का नेतृत्व कर रही थीं, जिन्होंने देश में जुलाई से अगस्त तक हिंसा फैलाई, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए।’ अदालत ने शेख हसीना के अलावा उनकी पार्टी अवामी लीग के महासचिव कायदुल कादर को भी अरेस्ट करने को कहा है। इन दोनों नेताओं के अलावा 44 अन्य के लिए भी गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया गया है। इन 44 लोगों के नाम जारी नहीं किए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने धारा 6A को वैध करार दिया, नागरिकता कानून पर सरकार की बड़ी जीत

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने सिटीजनशिप एक्ट की धारा 6A की वैधता पर अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने धारा 6A की वैधता को बरकरार रखा है. CJI डीवाई चंद्रचूड़ का कहना था कि 6A उन लोगों को नागरिकता प्रदान करता है जो संवैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत नहीं आते हैं और ठोस प्रावधानों के अंतर्गत नहीं आते हैं. दरअसल, सिटीजनशिप एक्ट की धारा 6A को 1985 में असम समझौते को आगे बढ़ाने के लिए संशोधन के बाद जोड़ा गया था. असम समझौते के तहत भारत आने वाले लोगों की नागरिकता के लिए एक विशेष प्रावधान के रूप में नागरिकता अधिनियम में धारा 6ए जोड़ी गई थी. इस धारा में कहा गया है कि जो लोग 1985 में बांग्लादेश समेत क्षेत्रों से 1 जनवरी 1966 या उसके बाद लेकिन 25 मार्च 1971 से पहले असम आए हैं और तब से वहां रह रहे हैं, उन्हें भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए धारा 18 के तहत अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा. इस प्रावधान ने असम में बांग्लादेशी प्रवासियों को नागरिकता देने की अंतिम तारीख 25 मार्च 1971 तय कर दी. इससे पहले दिसंबर 2023 में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामे दायर किया था और कहा था कि वो भारत में अवैध प्रवास की सीमा के बारे में सटीक डेटा नहीं दे पाएगा क्योंकि प्रवासी चोरी-छिपे आए हैं. गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा, 6ए उन लोगों को नागरिकता प्रदान करता है जो जुलाई 1949 के बाद प्रवासित हुए, लेकिन नागरिकता के लिए आवेदन नहीं किया. सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा, S6A उन लोगों को नागरिकता प्रदान करता है जो 1 जनवरी 1966 से पहले प्रवासित हुए थे. इस प्रकार यह उन लोगों को नागरिकता प्रदान करता है जो अनुच्छेद 6 और 7 के अंतर्गत नहीं आते हैं. SC ने गुरुवार को नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 6ए की वैधता बरकरार रखी और 4:1 के बहुमत से फैसला दिया. जस्टिस जे पारदीवाला ने असहमति जताई. जस्टिस पारदीवाला का कहना था कि यह संभावित प्रभाव से असंवैधानिक है. सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस सूर्यकांत, एमएम सुंदरेश और मनोज मिश्रा बहुमत में रुख रहा. नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 6ए को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. इन याचिकाओं पर SC की पांच जजों की संविधान पीठ ने सुनवाई की और फैसला सुनाया. कोर्ट का कहना था कि असम में 40 लाख प्रवासियों का प्रभाव पश्चिम बंगाल में जनसंख्या के कारण 56 लाख प्रवासियों के प्रभाव से ज्यादा है. असम को अलग करना वैध है. 1971 की कटऑफ तिथि तर्कसंगत विचार पर आधारित है. ऑपरेशन सर्चलाइट के बाद पूर्वी पाकिस्तान से पलायन बढ़ा है. कोर्ट ने कहा, 6A (3) का उद्देश्य दीर्घकालिक समाधान प्रदान करना है. असम समझौता वहां के निवासियों के अधिकारों को कमजोर करना था. बांग्लादेश और असम समझौते के बाद प्रावधान का उद्देश्य भारतीय नीति के संदर्भ में समझा जाना चाहिए. इसे हटाने से वास्तविक कारणों की अनदेखी होगी. भारत में नागरिकता प्रदान करने के लिए पंजीकरण व्यवस्था जरूरी नहीं है. S 6A को सिर्फ इसलिए अमान्य नहीं कहा जा सकता, क्योंकि यह पंजीकरण व्यवस्था का अनुपालन नहीं करता है. सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि संसद बाद की नागरिकता के लिए शर्तें निर्धारित करने के लिए अलग-अलग शर्तें निर्धारित करने में सक्षम है. जस्टिस सूर्यकान्त ने कहा, संविधान और उदाहरणों को पढ़ने से पता चलता है कि बंधुत्व के लिए सभी पृष्ठभूमि के लोगों से अपेक्षा की जाती है कि जियो और जीने दो. भाईचारे का चयनात्मक आवेदन संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है. याचिकाकर्ता का तर्क है कि 6A असंवैधानिक है, क्योंकि यह संविधान के अनुच्छेद 6 और 7 की तुलना में नागरिकता के लिए अलग-अलग तारीखें निर्धारित करता है. अलग-अलग तारीख निर्धारित करने की संसद की क्षमता संविधान में है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, प्रत्येक नागरिक को अनिवार्य रूप से भारत के कानून और संविधान का पालन करना होगा. नागरिकता प्रदान करने से पहले निष्ठा की शपथ का स्पष्ट अभाव कानून का उल्लंघन नहीं है. कोर्ट ने कहा, हम हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं. S6A स्थायी रूप से संचालित नहीं होता है. 1971 के बाद प्रवेश करने वालों को नागरिकता प्रदान नहीं करता है. SC ने कहा, 1 जनवरी 1966 और 24 मार्च 1971 के बीच आए प्रवासियों के लिए नागरिकता नियम कानून के साथ सामंजस्यपूर्ण भूमिका के लिए बनाए गए थे. S6A उन लोगों के निर्वासन की अनुमति देता है जो कट ऑफ तिथि के बाद अवैध रूप से प्रवेश करते हैं. यह नहीं कह सकते कि आप्रवासन ने असम के नागरिकों के वोट देने के अधिकार को प्रभावित किया है. याचिकाकर्ता किसी भी अधिकार का उल्लंघन साबित करने में विफल रहे हैं. कोर्ट ने कहा, S6A को यह कहने के लिए प्रतिबंधात्मक तरीके से समझने की जरूरत नहीं है कि किसी भी व्यक्ति का पता लगाया जा सकता है और सिर्फ विदेशी अधिनियम के तहत निर्वासित किया जा सकता है. हमें कोई कारण नहीं दिखता कि विदेशियों का पता लगाने के उद्देश्य से IEAA के तहत वैधानिक पहचान का उपयोग 6A के साथ संयोजन में क्यों नहीं किया जा सकता है. IEAA और 6A के बीच कोई विरोध नहीं है. IEAA और धारा 6A को सामंजस्य में पढ़ा जा सकता है.  

भारतीय टीम 46 रन पर ढेर, 5 बल्लेबाज खाता तक नहीं खोल पाए, बना सबसे शर्मनाक रिकॉर्ड

 बेंगलुरु भारत और न्यूजीलैंड के बीच 3 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला टेस्ट बेंगलुरु में खेला जा रहा है. आज (17 अक्टूबर) मैच का दूसरा द‍िन है. भारतीय टीम महज 46 रनों पर ऑलआउट हो गई. यह भारत का अपना तीसरा सबसे न्यूनतम स्कोर है. अब न्यूजीलैंड टीम अपनी पहली पारी में बल्लेबाजी कर रही है. डेवोन कॉन्वे और टॉम लैथम बल्लेबाजी कर रहे हैं. न्यूजीलैंड का स्कोर 30 रन के करीब है. 46 रन भारत की धरती पर क‍िसी का सबसे कम टीम का स्कोर है. भारतीय टीम के पांच बल्लेबाज 0 पर आउट हुए. वहीं न्यूजीलैंड की ओर से मैट हेनरी सबसे सफल गेंदबाज रहे. ज‍िन्होंने कुल 5 व‍िकेट हास‍िल क‍िए. विलियम ओरोर्के को कुल 4 सफलताएं म‍िली. इस मैच से जुड़े अपडेट और स्कोरकार्ड  लिए इस पेज को रिफ्रेश करते रहे. न्यूजीलैंड की टीम अब तक भारतीय जमीन पर कोई भी द्विपक्षीय टेस्ट सीरीज नहीं जीत सकी है. इस बार दोनों टीमों के बीच 13वीं टेस्ट सीरीज खेली जाएगी. भारतीय टीम की कप्तानी रोहित शर्मा के हाथों में है. जबकि कीवी टीम की कमान टॉम लैथम संभाल रहे हैं. बेंगलुरु टेस्ट में भारतीय टीम ने बेहद शर्मनाक खेल द‍िखाया और पूरी टीम महज 46 रनों पर 31.2 ओवर्स में ऑलआउट हो गई.  यह भारत का अपना तीसरा सबसे न्यूनतम स्कोर है. वहीं भारत की धरती पर यह सबसे कम क‍िसी टीम का स्कोर है. इसके बाद ऋषभ पंत और यशस्वी जायसवाल (13) ने कुछ देर तक पारी संभाली. लेकिन जायसवाल विलियम ओरोर्के की गेंद पर एजाज पटेल को कैच थमा बैठे. भारतीय टीम को इस तरह 31 रन पर चौथा झटका लगा. इसके कुछ देर बाद ही केएल राहुल (0) भी पांचवे विकेट के रूप में 33 रन पर आउट हो गए. टीम इंड‍िया के स्कोर में महज 1 रन और जुड़ा था और गैरज‍िम्मेदाराना शॉट खेलकर रवींद्र जडेजा भी डक पर आउट हो गए. लंच के बाद आए रव‍िचंद्रन अश्व‍िन (0) पहली ही गेंद पर मैट हेनरी की गेंद पर ग्लेन फ‍िल‍िप्स को कैच दे बैठे. भारत के 5 बल्लेबाज खाता ही नहीं खोल सके भारतीय पारी में 5 बल्लेबाज ऐसे रहे, जो खाता ही नहीं खोल सके। किकेट के किंग कहे जाने वाले विराट कोहली शून्य पर आउट होने वाले पहले बल्लेबाज रहे, जबकि सरफराज खान, केएल राहुल, रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन भी बिना स्कोर किए पवेलियन लौट गए। विराट को विलियम ओ राउरकी ने ग्लेन फिलिप्स के हाथों कैच कराया, जबकि उन्हीं की गेंद पर केएल राहुल को टॉम ब्लंडेल ने कैच किया। रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन को दो लगातार गेंदों पर मैट हेनरी ने आउट किया। भारतीय टीम का टेस्ट में सबसे छोटा स्कोर-टॉप-10 स्कोर ओवर विपक्षी ग्राउंड कब 36 21.2 v ऑस्ट्रेलिया एडिलेड 17 दिसंबर 2020 42 17 v इंग्लैंड लॉर्ड्स 20 जून 1974 58 21.3×8 v ऑस्ट्रेलिया ब्रिस्बेन 28 नवंबर 1947 58 21.4 v इंग्लैंड मैनचेस्टर 17 जुलाई 1952 66 34.1 v दक्षिण अफ्रीका डरबन 26 दिसंबर 1996 67 24.2×8 v ऑस्ट्रेलिया मेलबर्न 6 फरवरी 1948 75 30.5 v वेस्टइंडीज दिल्ली 25 नवंबर 1987 76 20 v दक्षिण अफ्रीका अहमदाबाद 3 अप्रैल 2008 78 40.4 v इंग्लैंड लीड्स 25 अगस्त 2021 81 35.5 v वेस्टइंडीज ब्रिजटाउन 27 मार्च 1997

नायब सैनी फिर हरियाणा के बने मुख्यमंत्री, CM की शपथ ली, बीजेपी ने दिखाया पावर शो

चंडीगढ़ नायब सिंह सैनी ने एक बार फिर हरियाणा के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है. नायब सिंह सैनी के साथ उनकी कैबिनेट के मंत्रियों ने भी शपथ ली है. नायब सिंह सैनी ने लगातार दूसरी बार हरियाणा के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है. शपथ ग्रहण समारोह के मौके पर पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी समेत भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे. इस मौके पर बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे. नायब सिंह सैनी के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन पंचकूला में किया गया था. अनिल विज ने भी ली कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ नायब सिंह सैनी के शपथ ग्रहण के मौके पर हरियाणा बीजेपी के वरिष्ठ नेता और अंबाला कैंट से विधायक अनिल विज ने भी कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली. अनिल विज के बाद कृष्ण लाल पंवार जो इसराना से विधायक हैं शपथ लिया. कृष्णलाल के बाद राव नरवीर सिंह कैबिनेट मंत्री पद की शपथ लिया. वो बादशाहपुर से एमएलए हैं. इनके बाद महिपाल ढांडा भी शपथ ली. ढांडा पानीपत ग्रामीण से विधायक हैं. विपुल गोयल को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. डॉ. अरविंद शर्मा गोहाना भी कैबिनेट मंत्री बने. वहीं, श्याम सिंह राणा को राज्य मंत्री बनाया गया है. वो रादौर से विधायक हैं. बरवाला से रणवीर सिंह गंगवा को भी राज्यमंत्री बना गया. रणवीर सिंह के बाद कृष्ण बेदी नरवाना राज्य मंत्री के तौर पर शपथ लिया. श्रुत चौधरी को भी राज्य मंत्री बनाया गया है. आरती राव ने भी राज्यमंत्री का पदभार संभाला है. राजेश नागर और गौरव गौतम को भी राज्य मंत्री बनाया गया है.  पंचकूला में आयोजित इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेतृत्व के अलावा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के अन्य नेता भी शामिल थे। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सैनी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सैनी लगातार दूसरी बार हरियाणा के मुख्यमंत्री बने हैं। इस दौरान सैनी के मंत्रिमंडल के सदस्यों को भी शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान बीजपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम और केंद्रीय मंत्री मौजूद थे। अनिल विज सहित इन मंत्रियों ने ली शपथ सीएम सैनी के साथ सीनियर बीजेपी नेता अनिल विज ने मंत्री पद की शपथ ली। अनिल विज मनोहर लाल सरकार में गृह मंत्री थे। इसके अलावा कृष्ण लाल पंवार, राव नरबीर सिंह, महिपाल ढांडा, विपुल गोयल, अरविंद शर्मा, श्याम सिंह राणा, रणबीर गंगवा, कृष्ण कुमार बेदी, श्रुति चौधरी, आरती सिंह राव, राजेश नागर (स्वतंत्र प्रभार) और गौरव गौतम (स्वतंत्र प्रभार) ने मंत्री पद की शपथ ली। हरियाणा में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 14 मंत्री हो सकते हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम पंचकूला में हुए शपथ ग्रहण समारोह के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। समारोह से कुछ घंटे पहले सैनी वाल्मीकि भवन गए और उन्होंने पंचकूला स्थित गुरुद्वारे एवं मनसा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से कहा कि बीजेपी की नई सरकार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हरियाणा को तीव्र गति से आगे ले जाने की दिशा में काम करेगी। सैनी ने विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर कहा कि हरियाणा की जनता ने मोदी सरकार की नीतियों में विश्वास दिखाया है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि बीजेपी के संकल्प पत्र को पूरी तरह लागू किया जाएगा। हरियाणा में पांच अक्टूबर को हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने 90 सदस्यीय विधानसभा में 48 सीट जीतकर राज्य में ऐतिहासिक तीसरा कार्यकाल हासिल किया। वहीं, कांग्रेस ने 37 सीट पर जीत दर्ज की। मार्च में मनोहर लाल खट्टर की जगह हरियाणा के मुख्यमंत्री बने नायब सिंह सैनी राज्य विधानसभा चुनावों में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद का चेहरा थे। 54 वर्षीय सैनी ने बुधवार (16 अक्टूबर) को दत्तात्रेय से मुलाकात की थी। उन्होंने पंचकूला में पार्टी कार्यालय में आयोजित एक बैठक में सर्वसम्मति से बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया। हरियाणा में लगातार तीसरी बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के साथ-साथ सैनी दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। बीजेपी ने हरियाणा में रचा इतिहास भारतीय जनता पार्टी ने हरियाणा के चुनावी महाभारत में सत्ता विरोधी लहर को लेकर राजनीतिक पंडितों के अनुमानों को धत्ता बताते हुए ऐतिहासिक प्रदर्शन किया और लगातार तीसरी बार जीत हासिल की। पिछले विधानसभा में राज्य में गठबंधन की सरकार चलाने वाली बीजेपी ने इस बार 90 सदस्यीय विधानसभा में अकेले 48 सीटों पर स्पष्ट बहुमत हासिल करके 10 साल बाद सत्ता में वापसी के मुख्य विपक्षी कांग्रेस के मंसूबों पर पानी फेर दिया। कांटे के सीधे मुकाबले में भगवा पार्टी कांग्रेस पर भारी पड़ी और कांग्रेस 37 सीटों तक ही पहुंच पाई है। वर्ष 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 40 और कांग्रेस को 31 सीटें मिली थीं। हरियाणा से महाराष्ट्र और झारखंड के लिए भी दिया मैसेज भारतीय जनता पार्टी ने पंजकूला के दशहरा मैदान में आयोजित नायब सैनी के शपथ ग्रहण समारोह से एक मैसेज देने की कोशिश कर रही थी. बीजेपी के लिए नायब सिंह सैनी का शपथ ग्रहण समारोह एक शक्तिप्रदर्शन की तरह था. इसकी एक सबसे बड़ी वजह आने वाले समय में महाराष्ट्र और झारखंड में होने वाले चुनाव भी हैं. बीजेपी इस शपथ ग्रहण समारोह से इन दोनों राज्यों की जनता को संदेश देने की कोशिश करते दिखी कि अगर महाराष्ट्र और झारखंड में भी बीजेपी को मौका मिलता है तो वो जनता के हित में फैसले लेने में जरा भी देरी नहीं करेगी. नायब सिंह सैनी ने पूरा किया अपना वादा नायब सिंह सैनी ने शपथ लेने से पहले 24 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटने का वादा किया था. उन्होंने बुधवार को कहा था कि वह 17 अक्टूबर को शपथ लेने से पहले इन युवाओं को नियुक्ति पत्र देंगे. उसके बाद ही शपथ लेंगे. इस दौरान सैनी ने कहा कि था कि हमने चुनाव प्रचार के दौरान प्रदेश के युवाओं से ये वादा किया था. अब जब हम सत्ता में दोबारा आए हैं तो हम पहले जनता से किया अपना वादा पहले पूरा कर … Read more

संजीव खन्ना देश के 51वें चीफ जस्टिस होंगे, कार्यकाल सिर्फ 6 महीने का, 13 मई को रिटायर होंगे

नई दिल्ली CJI डीवाई चंद्रचूड़ नवंबर में कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। खबर है कि भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश के तौर पर उन्होंने जस्टिस संजीव खन्ना के नाम की सिफारिश की है। खास बात है कि जस्टिस खन्ना सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज हैं। खास बात है कि जस्टिस खन्ना भी मई 2025 में रिटायर हो रहे हैं। उन्होंने वकील के तौर पर साल 1983 में शुरुआत की थी। अगले CJI केंद्र सरकार को लिखे पत्र में सीजेआई चंद्रचूड़ ने जस्टिस खन्ना को उनका उत्तराधिकारी बनाने की सिफारिश की है। CJI चंद्रचूड़ 13 मई 2016 में पहली बार शीर्ष न्यायालय के जज बने थे। वहीं, जस्टिस खन्ना 18 जनवरी 2019 में सुप्रीम कोर्ट के पहली बार जज बने थे। इससे पहले वह दिल्ली हाईकोर्ट समेत कई ट्रिब्युनल्स में सेवाएं दे चुके हैं। 6 महीने बाद है रिटायरमेंट NALSA यानी नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की लिस्ट में शामिल जस्टिस खन्ना 13 मई 2025 को रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में अगर वह नवंबर में पद संभालते हैं, तो वह करीब 6 महीने CJI के तौर पर अदालत में सेवाएं देंगे। अगले कौन जस्टिस खन्ना के बाद अगले CJI के तौर पर जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई का नाम चर्चा में है। वह मई 2025 में यह पद संभाल सकते हैं। खास बात है कि देश के दूसरे CJI हो सकते हैं, जो अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं। सुप्रीम कोर्ट को पहला दलित CJI जस्टिस केजी बालकृष्ण के रूप में मिला था। वह 11 मई 2010 को रिटायर हो गए थे। जस्टिस गवई भी 6 महीने में होंगे रिटायर खास बात है कि मई में CJI बनने के बाद जस्टिस गवई भी अगले 6 महीने में रिटायर हो जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, 16 मार्च 1985 को कानूनी पेशे की शुरुआत करने वाले जस्टिस गवई 23 नवंबर 2025 को रिटायर होने जा रहे हैं। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि उनके बाद जस्टिस सूर्यकांत यह पद संभाल सकते हैं। दिल्ली हाईकोर्ट में 14 साल तक जज रहे जस्टिस संजीव खन्ना का जन्म 14 मई 1960 को हुआ था। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के कैंपस लॉ सेंटर से कानून की पढ़ाई की। ग्रेजुएशन के बाद, उन्होंने 1983 में दिल्ली बार काउंसिल में एक वकील के रूप में रजिस्ट्रेशन कराया। सुप्रीम कोर्ट जज बनाए जाने से पहले वे दिल्ली हाईकोर्ट में 14 साल तक जज रहे। उन्हें 2019 में सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किया गया था। सुप्रीम कोर्ट जज बनने पर भी हुआ था विवाद 32 जजों की अनदेखी करके जस्टिस खन्ना को सुप्रीम कोर्ट जज बनाने पर जमकर विवाद हुआ था। 10 जनवरी 2019 को कॉलेजियम ने उनकी जगह जस्टिस माहेश्वरी और वरिष्ठता में 33वें स्थान पर जस्टिस खन्ना को प्रमोट करने का फैसला किया। इसके बाद सिफारिश पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दस्तखत कर दिए थे। वरीयता को अनदेखा करते हुए CJI बनाने के दो मामले, दोनों इंदिरा सरकार के अप्रैल 1973 में सुप्रीम कोर्ट के तीन सीनियर जजों को दरकिनार करते हुए एएन रे को CJI बनाया गया था।1977 में जब जस्टिस रे रिटायर हुए तो जस्टिस एचआर खन्ना सबसे सीनियर थे। लेकिन, उनकी जगह जस्टिस एमएच बेग को चुना गया। इमरजेंसी के दौरान जस्टिस खन्ना ने इंदिरा सरकार के खिलाफ फैसले सुनाए थे, जस्टिस संजीव खन्ना उन्हीं के भतीजे हैं। जस्टिस संजीव खन्ना के पिता जस्टिस देवराज खन्ना भी दिल्ली हाईकोर्ट के जज थे। उनके चाचा जस्टिस हंसराज खन्ना भी सुप्रीम कोर्ट जज रहे। यह दुर्लभ संयोग था कि जस्टिस संजीव खन्ना ने सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर अपना पहला दिन उसी कोर्ट रूम से शुरू किया, जहां से उनके चाचा, दिवंगत जस्टिस एचआर. खन्ना रिटायर हुए थे। सेम सेक्स मैरिज केस की सुनवाई से खुद को अलग किया अगस्त 2024 में समलैंगिक विवाह पर 52 रिव्यू पिटीशन पर सुनवाई होनी थी। लेकिन सुनवाई से ठीक पहले जस्टिस संजीव खन्ना ने खुद को केस से अलग कर लिया था। सूत्रों के मुताबिक जस्टिस खन्ना ने इसके पीछे निजी कारणों का हवाला दिया था। जस्टिस खन्ना के अलग होने से रिव्यू पिटीशंस पर विचार करने के लिए पांच जजों की नई बेंच बनाना जरूरी हो जाएगा। इसके बाद ही इन पर सुनवाई हो सकेगी।

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