LATEST NEWS

मध्य प्रदेश को कैपिटल ऑफ माइंस बनाने की तैयारी, जानें क्या है सीएम मोहन यादव का प्लान, माइनिंग कॉन्क्लेव में क्या हो…

 भोपाल राजधानी भोपाल में आज से दो दिवसीय माइनिंग कॉन्क्लेव शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव माइनिंग कॉन्क्लेव में उद्योगपतियों से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री का कहना है कि माइनिंग कॉन्क्लेव से विकसित भारत 2047 का सपना पूरा होगा। मध्य प्रदेश सरकार राज्य को खनन की राजधानी बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसके लिए 17-18 अक्टूबर को भोपाल में माइनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव माइनिंग क्षेत्र के उद्योगपतियों से संवाद करेंगे। भोपाल के कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाले इस माइनिंग कॉन्क्लेव का उद्देश्य मध्य प्रदेश को खनन क्षेत्र में प्रमुख केंद्र बनाना है। मुख्यमंत्री मोहन यादव का कहना है कि प्रदेश में खनन की असीमित संभावनाएं हैं और यह आयोजन राज्य को आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के नए अवसरों की ओर ले जाएगा। उनका मानना है कि इस कॉन्क्लेव से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की प्राप्ति में मदद मिलेगी। प्रदेश में खनन की संभावनाएं मध्य प्रदेश खनिज संसाधनों के मामले में देश का एक प्रमुख राज्य है। यह भारत का एकमात्र राज्य है जो हीरे का उत्पादन करता है। इसके अलावा, मैग्नीज, तांबा अयस्क, चूना पत्थर, रॉक-फास्फेट, और कोयला उत्पादन में भी प्रदेश अग्रणी है। माइनिंग कॉन्क्लेव के माध्यम से राज्य सरकार खनन और खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। 600 से अधिक निवेशक होंगे शामिल इस कॉन्क्लेव में केंद्रीय खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी, राज्य मंत्री एससी दुबे, और केंद्रीय खान मंत्रालय के सचिव वीएल कांता राव शामिल होंगे। साथ ही एनसीएल, एचसीएल, एनएमडीसी, ओएनजीसी और जीएआईएल जैसी प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि और अन्य राज्यों के उद्योगपतियों सहित 600 से अधिक प्रतिभागी इस कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन से राज्य में खनन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

सक्रिय सदस्यता अभियान में भी रिकॉर्ड बनाएंगे मध्यप्रदेश भाजपा के कार्यकर्ता-विष्णुदत्त शर्मा

– कार्यकर्ताओं की मेहनत, लगन और प्लानिंग से रचा सदस्यता का नया इतिहास – दूसरे चरण में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पार किया डेढ़ करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य – सक्रिय सदस्यता अभियान में भी रिकॉर्ड बनाएंगे मध्यप्रदेश भाजपा के कार्यकर्ता – सदस्यता में लक्ष्य प्राप्त करने वाला चौथा राज्य बना मध्यप्रदेश, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री ने दी बधाई – कांग्रेस को समझना होगा कि सिर्फ झूठ परोसना ही राजनीति नहीं होती – विष्णुदत्त शर्मा   भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने संगठन पर्व को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को किया संबोधित भोपाल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने संगठन पर्व को लेकर बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि सदस्यता अभियान की पहली कार्यशाला में हमने यह कहा था कि मध्यप्रदेश में हम सभी कार्यकर्ता मिलकर इतिहास बनाएंगे। संगठन पर्व के पहले चरण में हमने 1 करोड़ का आंकड़ा पार किया था और अब मुझे यह बताते हुए गर्व की अनुभूति हो रही है कि सदस्यता अभियान के दूसरे चरण के अंतिम दिन हमने सदस्यता का लक्ष्य पार कर लिया है। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपनी मेहनत, लगन और माइक्रोप्लानिंग के बल पर डेढ़ करोड़ का लक्ष्य पार करते हुए 1 करोड़ 50 लाख, 28 हजार 107 सदस्य बनाकर नया इतिहास रच दिया है। इसके लिए मैं पार्टी कार्यकर्ताओं और केंद्रीय नेतृत्व के प्रति आभार जताता हूं, धन्यवाद देता हूं। अब सक्रिय सदस्यता का अभियान शुरू हो गया है, मध्यप्रदेश भाजपा सक्रिय सदस्यता में भी रिकॉर्ड बनाएगी। झूठ, छल-कपट की राजनीति करने वाले कांग्रेस नेताओं को यह समझना होगा कि सिर्फ झूठ परोसना ही राजनीति नहीं होती। भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए डेढ़ करोड़ से अधिक सदस्य बनाए हैं। डेढ करोड का लक्ष्य प्राप्त करने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा का पार्टी पदाधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। ऑफलाइन का डाटा आने पर और बढ़ेगा सदस्यता का आंकडा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि संगठन पर्व, सदस्यता अभियान के दूसरे चरण की समाप्ति तक प्रदेश के सभी 64871 बूथों पर जो 1 करोड़ 50 लाख, 28 हजार 107 सदस्य बनाए गए हैं, उनमें से 1 करोड़ 22 लाख, 74 हजार 300 सदस्य ऐसे हैं, जिन्होंने ऑनलाइन डिजिटल फार्म भरा है। डिजिटल फॉर्म भरने के मामले में मध्यप्रदेश देश के अन्य राज्यों में अग्रणी रहा है, लेकिन मध्यप्रदेश के कई अंचल ऐसे भी हैं, जहां सही तरीके से मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क नहीं मिल पाता। कई घरों में मोबाइल फोन ही नहीं है। कुछ घरों में एक मोबाइल है और सदस्यता ग्रहण करने वाले चार-पांच सदस्य हैं। ऐसे अंचलों व घरों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर ऑफलाइन सदस्य बनाए हैं। अभी ऑफलाइन सदस्यता का आंकड़ा तैयार हो रहा है, इसका परीक्षण किया जा रहा है। जब यह आंकड़ा आएगा, तो एक और इतिहास रचा जाएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि सदस्यता अभियान के पहले दिन देश भर में 40 हजार ऑफलाइन फॉर्म भरे गए थे और हमारे लिए गर्व का विषय है कि इनमें से 23 हजार फॉर्म मध्यप्रदेश के थे। उन्होंने कहा कि आज से सक्रिय सदस्यता का अभियान शुरू हो चुका है और सक्रिय सदस्य बनने के लिए 100 प्राथमिक सदस्य बनाना आवश्यक है। इसलिए सक्रिय सदस्यता के मामले में भी पार्टी कार्यकर्ता एक और इतिहास रचने में जुट गए हैं। भाजपा संविधान में सक्रिय सदस्यता के लिए 50 प्राथमिक सदस्य बनाना ही निर्धारित है, लेकिन मध्यप्रदेश में सक्रिय सदस्य बनने के लिए 100 प्राथमिक सदस्य बनाना निर्धारित किया गया है। लेकिन ऐसा नहीं है कि 50 प्राथमिक सदस्य बनाने वालों को सक्रिय सदस्य बनने का अधिकार नहीं है। सिर्फ झूठ ही नहीं होता राजनीति का आधार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि जो लोग लगातार झूठ बोलते हैं और झूठ की ही राजनीति करते हैं, उन्हें मैं यह बता देना चाहता हूं कि सिर्फ झूठ ही राजनीति का आधार नहीं होता। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने जमीन पर उतरकर माइक्रोप्लानिंग करके सदस्यता अभियान में दिए गए लक्ष्य को प्राप्त करके दिखाया है। मध्यप्रदेश में वैसे तो हमारे 41 लाख कार्यकर्ता हैं, लेकिन इनमें से 3 लाख कार्यकर्ता पूरी तरह से सदस्यता अभियान में जुटे हुए हैं। इनमें बूथ के कार्यकर्ता से लेकर पन्ना समिति के लोग और पन्ना प्रमुख तक शामिल हैं। हमारा सदस्यता अभियान 2 सितंबर से शुरू हुआ था और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती 25 सितंबर को हमने 12 लाख से ऊपर सदस्यता करके रिकॉर्ड बनाया था। अभियान का दूसरा चरण 1 अक्टूबर से शुरू हुआ था और इस चरण के अंतिम दिन यानी 15 अक्टूबर को भी हमने 11 लाख से अधिक सदस्य बनाए हैं। शर्मा ने कहा कि इस अभियान के दौरान केंद्रीय नेतृत्व से लेकर प्रदेश की टोली और जिलों से लेकर शक्तिकेंद्र तथा बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता लगातार जुटे रहे। हर दिन शाम 7.00 बजे से जिलों की बैठक होती थी और सदस्यता अभियान में जुटे कार्यकर्ता इस बैठक में रिपोर्ट देते थे। इसके बाद शाम 8.00 बजे से संभाग की बैठक होती थी संभाग प्रभारी के साथ सभी जिलाध्यक्ष तथा सदस्यता अभियान में लगे कार्यकर्ता इसमें शामिल होते थे। रात्रि 9.00 बजे से प्रदेश स्तर की बैठक होती थी और हमारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, सह प्रभारी सतीश उपाध्याय, संगठन महामंत्री हितानंद जी तथा सदस्यता अभियान की टोली के सभी सदस्य बैठक करते थे और यह चर्चा होती थी कि किस विधानसभा में सदस्यता की क्या स्थिति रही। शर्मा ने कहा कि जो लोग झूठ की राजनीति करते हैं, उन्हें मैं यह बता देना चाहता हूं कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता परिश्रम और ईमानदारी से अपने संगठन तंत्र की मजबूती के लिए काम करते हैं और यही भाजपा की ताकत भी है। युवाओं, महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि संगठन पर्व के पहले चरण में एक करोड़ से अधिक सदस्य बनाए गए थे, जिसमें 60 प्रतिशत से अधिक युवाओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। मध्यप्रदेश में युवाओं के साथ महिलाएं, … Read more

हरियाणा में आज नई सरकार का शपथ ग्रहण, नायब सिंह सैनी लेंगे CM पद की शपथ…

चण्डीगढ़ नायब सिंह सैनी दूसरी बार आज हरियाणा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के कई दिग्गज नेता इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। सैनी के अलावा कई विधायकों को मंत्री पद की शपथ भी दिलाई जा सकती है। सैनी के सियासी सफर पर एक नजर डालें तो 2009 के विधानसभा चुनाव में नारायण गढ़ सीट पर उनका जमानत जब्त हो गया था। करीब 15 वर्षों के बाद वह हरियाणा की दूसरी बार कमान संभालने जा रहे हैं। नायब सिंह सैनी 54 साल के हैं। 2014 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नारायणगढ़ सीट से ही 24,361 के अंतर से जीत हासिल की थी। वह अपने मिलनसार व्यवहार के लिए जाने जाते हैं। किस्मत ने उन्हें मुख्यमंत्री पद पर बिठा दिया है। वह पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के शिष्य भी हैं। सैनी भाजपा के लिए हरियाणा में एक ओबीसी चेहरा हैं। वह भाजपा के जाट-गैर जाट समीकरण में पूरी तरह से फिट बैठते हैं। इस चुनाव में भाजपा का यह दांव आखिरकार कामयाब रहा। उनके नेतृत्व में 90 में से 48 सीटें जीतकर अभूतपूर्व तीसरी बार सत्ता में वापसी की। खट्टर के करीबी होने के कारण उन्हें 2014-19 के खट्टर के कार्यकाल में राज्य मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया। 2019 के लोकसभा चुनाव में सैनी ने कुरुक्षेत्र सीट पर भारी अंतर से जीत हासिल कर राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा। सैनी को 27 अक्टूबर 2023 को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने भाजपा के जाट चेहरा ओम प्रकाश धनखड़ की जगह ली थी। हरियाणा के अंबाला के पास एक गांव मिजापुर माजरा में 25 जनवरी, 1970 को सैनी का जन्म हुआ था। उन्होंने 1996 में आरएसएस के प्रचारक से राजनेता बने खट्टर के नीचे अपनी राजनीति शुरू की। उन्हें 2002 में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का अंबाला जिला सचिव नियुक्त किया गया। बाद में उन्हें अंबाला जिला अध्यक् बनाया गया। आरएसएस से जुड़े नायब सिंह की संपत्ति करोड़ों में है। उन्होंने अपनी संपत्ति का ब्योरा चुनाव आयोग में जमा कराए गए हलफनामे में दिया था। मुख्यमंत्री ने अपने चुनावी हलफनामे में अपनी चल और अचल संपत्ति क्रमशः 72.68 लाख रुपये और 4.85 करोड़ रुपये घोषित की थी। नायब सिंह सैनी के नामांकन पत्र के अनुसार, सैनी के पास 1.75 लाख रुपये नकद हैं, जबकि उनकी पत्नी के पास 1.40 लाख रुपये हैं। सैनी के पास तीन टोयोटा कारें भी हैं, जिनमें दो इनोवा कार भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री के पास अपने पैतृक गांव में कृषि भूमि का एक टुकड़ा और एक आवासीय भवन है, जबकि उनकी देनदारियां 74.82 लाख रुपये हैं। शपथ ग्रहण में शामिल होंगी पीएम बता दें कि नायब सिंह सैनी शपथ समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेतृत्व के अलावा अन्य लोग भी शामिल होंगे। सैनी (54) ने बुधवार को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मुलाकात की और पंचकूला में पार्टी कार्यालय में आयोजित एक बैठक में भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में सर्वसम्मति से चुने जाने के बाद अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया था। बीजेपी ने 48 सीटें जीत लगाई हैट्रिक हरियाणा में पांच अक्टूबर को हुए चुनावों में भाजपा ने 90 सदस्यीय विधानसभा में 48 सीट जीतकर राज्य में ऐतिहासिक तीसरा कार्यकाल हासिल किया। वहीं कांग्रेस ने 37 सीट पर जीत दर्ज की। हरियाणा में लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार बनने के साथ-साथ सैनी दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। पार्टी नेताओं ने कहा कि इस बड़े कार्यक्रम में लगभग 50,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

अमेरिका में साल 2024 में अब तक 512 बड़ी कंपनियां बंद हुई, भीषण वित्तीय संकट से जूझ रहा US

न्यूयॉर्क  दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देश अमेरिका में छोटी कंपनियों का बुरा हाल है। रसेल 2000 इंडेक्स में शामिल कंपनियों में से 43% घाटे में चल रही हैं। यह साल 2020 की महामारी के बाद सबसे अधिक है। यह 2008 के वित्तीय संकट से भी अधिक है। तब 41 फीसदी छोटी कंपनियां घाटे में चल रही थीं। इतना ही नहीं इन कंपनियों का ब्याज के भुगतान पर भारी रकम खर्च करनी पड़ रही है। यह 2003 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। उच्च ब्याज दरों के कारण इन कंपनियों के लिए ब्याज चुकाना भी मुश्किल हो रहा है। अमेरिका में छोटी कंपनियां ही नहीं बल्कि बड़ी कंपनियां भी मुश्किल में हैं। इस साल अब तक 512 बड़ी कंपनियां खुद को दिवालिया घोषित कर चुकी हैं। यह 2020 की महामारी के दौरान से बस 6 कम है। महामारी के दौर को हटा दिया जाए तो यह 14 साल में सबसे बड़ी संख्या है। सितंबर में जहां 59 कंपनियां दिवालिया हुईं, वहीं अगस्त में 63 कंपनियों ने खुद को बैंकरप्ट घोषित किया। सबसे ज्यादा 81 कंपनियां कंज्यूमर सेक्टर में बैंकरप्ट हुई हैं। इंडस्ट्रियल में 60 और हेल्थकेयर में 48 कंपनियां इस साल बैंकरप्ट हुई हैं। अमेरिका पर कर्ज इस बीच अमेरिका का कर्ज तेजी से बढ़ता जा रहा है। यह 35.7 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है जो उसकी इकॉनम का करीब 125 फीसदी है। साल 2000 में अमेरिका पर 5.7 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज था जो साल 2010 में 12.3 ट्रिलियन डॉलर और 2020 में 23.2 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा था। यूएस कांग्रेस के बजट दस्तावेजों के मुताबिक अगले दशक तक देश का कर्ज 54 ट्रिलियन डॉलर पहुंचने का अनुमान है। पिछले तीन साल में ही देश का कर्ज 10 ट्रिलियन डॉलर से अधिक बढ़ चुका है। स्थिति यह हो गई है कि अमेरिका को रोज 1.8 अरब डॉलर ब्याज के भुगतान में खर्च करने पड़ रहे हैं।

प्रयागराज कुंभ में नई पहल सुरक्षा, जिम्मेदारी और तकनीक का अद्भुत संगम, जो सुरक्षित और सुखद अनुभव बना देगी

प्रयागराज  भारतीय सिनेमा में कुंभ मेला का जिक्र होते ही हमारे दिमाग में सबसे पहले वही क्लासिक कहानियां आती हैं, जहां भाई-भाई, मां-बेटा या प्रेमी-प्रेमिका भीड़ में एक-दूसरे से बिछड़ जाते थे। यह बिछड़ने का दृश्य बॉलीवुड की कई पुरानी फिल्मों में बड़े भावनात्मक मोड़ के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। योगी सरकार ‘फिल्मी महाकुंभ’ में लोगों के खोने और फिर सालों बाद मिलने की इस धारणा को तोड़ने की पूरी तैयारी कर ली है। अब कुंभ मेले में हर व्यक्ति का ध्यान रखा जाएगा, कोई भी अब अपनों से नहीं बिछड़ेगा और ऐसा हुआ भी तो वह जल्द से जल्द अपने परिवार से मिल सकेगा। प्रयागराज मेला प्राधिकरण और पुलिस विभाग ने मिलकर इस बार के महाकुंभ मेले में एक उच्च तकनीक से युक्त खोया-पाया पंजीकरण प्रणाली से तीर्थयात्रियों को सुरक्षित करेगा। यह नई पहल सुरक्षा, जिम्मेदारी और तकनीक का अद्भुत संगम है, जो महाकुंभ मेला को सुरक्षित और सुखद अनुभव बना देगी। योगी सरकार की पहल अब उस ‘फिल्मी ड्रामे’ को हकीकत से दूर ले जाकर सुरक्षा और पुनर्मिलन की नई कहानी लिखने को तैयार है। कुंभ मेले में आने वाले करोड़ों तीर्थयात्रियों को अब भीड़ में खोने का डर नहीं रहेगा, क्योंकि सरकार की यह नई प्रणाली खोए हुए तीर्थयात्रियों को सुरक्षित और शीघ्र उनके परिजनों से मिलाने का भरोसा देगी। अब नहीं होंगे ‘कुंभ के मेले में बिछड़ने’ वाले दृश्य भारतीय सिनेमा में कुंभ मेले की भीड़ से अलग हुए लोगों की कहानियां एक स्थायी कथानक रही हैं। फिल्मों में गंभीर संवाद हो या हास्य, कहीं न कहीं कुंभ मेले में बिछड़ने वाले डायलॉग सुनने को मिल ही जाते हैं। चाहे वो 1943 में आई फिल्म ‘तकदीर’ हो या 70 के दशक में आई फिल्म ‘मेला’। इनमें भाइयों का मेले में बिछड़ने की कहानी सिनेमा के पर्दे पर वर्षों तक दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी। इन कहानियों का मुख्य आधार यही था कि भीड़ में खो जाने के बाद, अपने प्रियजनों को खोज पाना लगभग असंभव होता था। लेकिन अब इस हाई-टेक खोया-पाया केंद्र की बदौलत, महाकुंभ मेले में ऐसा ‘फिल्मी’ बिछड़ने वाला दृश्य शायद ही देखने को मिले। इन केंद्रों में खोए हुए व्यक्तियों का डिजिटल पंजीकरण होगा, जिससे उनके परिवार या मित्र आसानी से उन्हें खोज सकेंगे। साथ ही सभी लापता व्यक्तियों के लिए केंद्रों पर उद्घोषणा की जायेगी। पहले जहां एक मेला कई परिवारों के लिए बिछड़ने और असहाय खोज की दुखभरी गाथा लेकर आता था, अब वही मेला उनके पुनर्मिलन की एक नई कहानी लिखने जा रहा है। तकनीक के साथ नई कहानी महाकुंभ 2025 में शामिल होने वाले तीर्थयात्रियों के लिए सरकार ने ऐसे डिजिटल खोया-पाया केंद्रों की स्थापना करेगा जो खोए हुए व्यक्तियों को उनके परिजनों से मिलाने के लिए तकनीक का सहारा लेते हैं। इसमें हर खोए हुए व्यक्ति का पंजीकरण तुरंत किया जाएगा और उसकी जानकारी को अन्य केंद्रों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक और एक्स (पहले ट्वीटर) पर भी प्रसारित किया जाएगा। यह व्यवस्था महाकुंभ मेले को न केवल सुरक्षित बनाएगी, बल्कि परिवारों को जल्दी और आसानी से अपने प्रियजनों से जोड़ने का काम करेगी। जहां फिल्मी कहानियों में खोए हुए व्यक्तियों को ढूंढने में सालों लग जाते थे, वहीं अब 12 घंटे के भीतर अगर कोई अपने खोए हुए सदस्य का दावा नहीं करता है, तो पुलिस हस्तक्षेप करके उन्हें सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी व्यक्ति लंबे समय तक खोया हुआ महसूस न करे, और वह जल्द से जल्द अपने परिवार से मिल सके। तीर्थयात्रियों के लिए नई सुरक्षा व्यवस्था पुरानी फिल्मों में, कुंभ मेले में बिछड़ने के बाद अक्सर परिवारों का मिलन संयोग पर आधारित होता था—किसी चमत्कार या किस्मत के भरोसे। लेकिन अब योगी सरकार की इस नई पहल के तहत हर खोए हुए व्यक्ति की पहचान और सुरक्षा की जिम्मेदारी खोया-पाया केंद्र और पुलिस की होगी। खासतौर पर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। किसी भी वयस्क को बच्चे या महिला का दावा करने पर पहले उनकी पहचान की पुष्टि करनी होगी। अगर कोई संदेह होता है तो तत्काल पुलिस को सूचित किया जाएगा ताकि बच्चा या महिला सुरक्षित हाथों में जाए। यह व्यवस्था उन फिल्मी कहानियों को पूरी तरह बदल देती है, जहां खोए हुए बच्चे को गलत हाथों में सौंप दिया जाता था और उसके जीवन में नाटकीय बदलाव आते थे। पहचान प्रमाणित करने पर ही प्रशासन सौंपेगा खोया व्यक्ति अब, जब कोई व्यक्ति कुंभ मेले में खोता है तो उसे सुरक्षित, व्यवस्थित और जिम्मेदार प्रणाली के तहत उसका ख्याल रखा जाएगा। किसी भी वयस्क को बच्चे या महिला को ले जाने से पहले सुनिश्चित करना होगा कि वह उसे पहचानते हैं और उनकी पहचान प्रमाणित है। इससे पहले की कहानियों में जहां बिछड़ने का दर्द और फिर मिलने की खुशी का एक लंबा सफर होता था, अब सरकार की इस पहल ने इस प्रक्रिया को सरल, तेज और सुरक्षित बना दिया है।  

सिंहस्थ के लिए शिप्रा नदी किनारे 29.21 किलोमीटर घाट बनेंगे, बांध निर्माण आदि को मिली मंजूरी

उज्जैन  महाकुंभ सिंहस्थ-2028 से पहले ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर के नवविस्तारित क्षेत्र श्री महाकाल महालोक में स्थापित फाइबर-रिइंफोर्स्ड प्लास्टिक की मूर्तियां हटाकर पाषाण की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। सिंहस्थ के लिए गठित मंत्री मंडल समिति ने इस काम के लिए 75 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। साथ ही उज्जैन से इंदौर जाने के लिए एक और फोरलेन बनाने सहित चार हजार करोड़ रुपये के विभिन्न प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी है। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बनी समिति ने शिप्रा नदी किनारे 29.21 किलोमीटर घाट बनाने को 779 करोड़ की योजना, शिप्रा नदी को शिप्रा के ही जल से प्रवाहमान रखने को 614 करोड़ रुपये की सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध निर्माण योजना, कान्ह नदी पर साढ़े 43 करोड़ रुपये की 11 बैराजों के निर्माण की योजना, उज्जैन शहर में 198 करोड़ रुपये से सीवरेज पाइपलाइन बिछाने की योजना, उच्चदाब विद्युत उपकेंद्र बनाने एवं भूमिगत केबल बिछाने को 345 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की है। सिंहस्थ क्षेत्र में दो नए फोरलेन का प्रस्ताव भी मंजूर इसके अलावा 36 करोड़ रुपये से सिंहस्थ क्षेत्र में दो नए फोरलेन बनाने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया है। एक फोरलेन खाकचौक से वीरसावरकर चौराहा, गढ़कालिका होकर भर्तृहरि गुफा तक बनाया जाएगा और दूसरा फोरलेन कार्तिक मेला मैदान से दत्त अखाड़ा, भूखी माता मंदिर, उजड़खेड़ा हुनमान मंदिर से बड़नगर मार्ग तक बनाया जाएगा। समिति ने उज्जैन से इंदौर जाने को एक नया फोरलेन बनाने को 950 करोड़ की योजना भी स्वीकृत की है। ये मार्ग उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर मार्ग जुड़कर चंद्रावतीगंज, अजनोद, खजूरिया, हातोद, गांधी नगर के रास्ते इंदौर एयरपोर्ट तक बनेगा। लंबाई 65 किलोमीटर होगी। 25 करोड़ रुपये से कुंभ संग्रहालय सह कालगणना शोध केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए अभी जमीन चयनित की जाना है। इंतजार अब कैबिनेट से मंजूरी मिलने का है। मंजूरी मिलते ही ठेकेदार चयन के लिए निविदा प्रक्रिया की जाएगी। पाषण की मूर्तियों का निर्माण जारी महाकाल महालोक में स्थापित करने को विक्रम कीर्ति मंदिर परिसर में भगवान शिव की और जिला पंचायत के संभागीय हाट बाजार परिसर में सप्त ऋषि की मूर्तियों का निर्माण हो रहा है। दो मूर्तियां छह माह में आकार भी ले चुकी हैं। पिछले साल गिर गई थी मूर्तियां पिछले साल तेज हवा चलने पर महाकाल महालोक में स्थापित फाइबर-रिइंफोर्स्ड प्लास्टिक से बनी सप्त ऋषियों की छह मूर्तियां गिरकर खंडित हो गई थी। तब भाजपा ने कहा था कि फाइबर की मूर्तियां लगाने की योजना कांग्रेस की कमलनाथ सरकार की थी। भाजपा शास्त्र सम्मत पाषाण की मूर्तियां स्थापित करेगी। इस घटना के कुछ महीने बाद सरकार ने ताबड़तोड़ नई फाइबर की मूर्तियां स्थापित कराई थी। इसी साल गुड़ी पड़वा के बाद पत्थर की नई मूर्तियों का निर्माण भी शुरू कराया।

Diwali से पहले ठंड की दस्तक, Uttar Pradesh में सर्दियों की तैयारी शुरू

लखनऊ/ नईदिल्ली  उत्तर प्रदेश में धीरे-धीरे मौसम करवट बदल रहा है। दिवाली से पहले प्रदेश में करीब-करीब मौसम पूरी तरह से बदलने के आसार जताए गए हैं। हालांकि दिन की तुलना में रात के समय मौसम पूरी तरह से बदल चुका है। रात के समय तापमान में धीरे-धीरे कमी आने के चलते हल्की-हल्की ठंड पड़ने लगी है। आलम ये है कि अभी तक जो लोग एसी चलाकर काम चला रहे थे। वो अब पंखा चलाकर ही काम चला ले रहे हैं। दिन में धूप में निकलने से गर्मी हो रही है। प्रदेश में अभी कुछ दिन तक मौसम जस का तस बना रह सकता है। प्रदेश में अगले 24 घंटे के दौरान कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। क्योंकि मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 16 अक्टूबर को पश्चिमी व पूर्वी यूपी में मौसम शुष्क रह सकता है। जिसके कारण प्रदेश में कहीं भी बारिश होने की चेतावनी नहीं है। इसी तरह करीब एक हफ्ते तक प्रदेश में कहीं भी किसी तरह की चेतावनी नहीं जारी हुई है। प्रदेश के दोनों हिस्सों में मौसम साफ रहने वाला है। हालांकि तापमान में जरूर उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का भी मानना है कि जैसे जैसे दिन गुजरेंगे, वैसे वैसे तापमान में कमी देखने को मिल सकती है। आने वाले दिनों में रात के समय धीरे धीरे ठंड बढ़ सकती है। कई जिलों में तापमान 20 से नीचे प्रदेश में तापमान की बात करें तो कई जिलों में न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिली है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, नजीबाबाद, शाहजहांपुर और बरेली समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे आ गया है। नजीबाबाद में सबसे कम 18 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकार्ड किया गया है, जबकि मुजफ्फरनगर में 18.6 डिग्री, बरेली में 18.9 डिग्री, मेरठ में 19 डिग्री, शाहजहांपुर में 19.6 डिग्री और अलीगढ़ में 19.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है। उधर हमीरपुर और बस्ती में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के नीचे लुढ़क गया है। बस्ती में 29 डिग्री और हमीरपुर में 29.2 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है। कुछ जिलों को छोड़कर बाकी सभी जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री से नीचे है। लखनऊ में बुधवार को दिन में धूप निकलने के बाद गर्मी और उमस का असर दिखने की उम्मीद है।

2521 करोड़ रुपए की लैब में चीन शुरू करेगा प्रयोग, ब्रह्मांड को चलाने वाले रहस्यमयी कण की होगी टेस्टिंग

बीजिंग ये शब्द दिमाग में आते ही सबसे पहले याद आती है साल 2009 में आई हॉलीवुड फिल्म 2012. एक साइंस फिक्शन जिसे रोलैंड एमरिच ने निर्देशित किया था. दुनिया न्यूट्रीनो की मात्रा बढ़ने की वजह से कई तरह की प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रही थी. लीड कैरेक्टर यानी हीरो जॉन क्यूसेक अपने परिवार को बचाने के लिए चीन पहुंचता है. अब असली कहानी … चीन अपने गुआंगडॉन्ग प्रांत के जियांगमेन शहर में जमीन से 700 मीटर नीचे यानी 2300 फीट नीचे नया प्रयोग करने जा रहा है. यह जियांगमेन अंडरग्राउंड न्यूट्रीनो ऑब्जरवेटरी (JUNO) बनाई गई है. जिसमें ब्रह्मांड में पाए जाने वाले सबसे रहस्यमयी कण न्यूट्रीनो की खोज की जाएगी. उनके व्यवहार और सक्रियता के असर की स्टडी की जाएगी. JUNO में जमीन के 2300 फीट नीचे एक बड़ा गोला बना है. जिसमें हजारों लाइट-डिटेक्टिंग ट्यूब्स हैं. इस गोले और ट्यूब्स को 12 मंजिला ऊंचे सिलेंडर जैसी जगह के अंदर रखा गया है. जिसमें पानी भरा है. इस ऑब्जरवेटरी को बनाने में 300 मिलियन डॉलर्स यानी 2521 करोड़ रुपए से ज्यादा लगे हैं. जल्द ही लैब में प्रयोग शुरू होंगे. पहले जानते हैं क्या होते हैं न्यूट्रीनो? हम आपको यहां पर पार्टिकल फिजिक्स नहीं बताएंगे. सामान्य भाषा में समझाते हैं. पिछले साल लार्ज हैड्रन कोलाइडर में वैज्ञानिकों को दुनिया का सबसे ताकतवर और भूतिया कण Neutrinos मिला था. जब किसी परमाणु का केंद्र टूटता या किसी अन्य से जुड़ता है, तब न्यूट्रिनो निकलते हैं. न्यूट्रीनों ही ब्रह्मांड को चलाते हैं. माना जाता है कि इनसे ही ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई है. यह एक सबएटॉमिक कण है, जो दिखता नहीं. फोटोन के बाद ब्रह्मांड में इनकी संख्या सबसे ज्यादा है. लेकिन इन कणों में कोई इलेक्ट्रिक चार्ज नहीं होता. जिस समय आप यह स्टोरी पढ़ रहे होंगे, आपके शरीर से अरबों-खरबों न्यूट्रिनो आरपार आ-जा रहे होंगे. न्यूट्रिनो का वजन लगभग कुछ नहीं होता. यानी एकदम जीरो. ये आमतौर पर न्यूक्लियर फ्यूजन के समय निकलते हैं. इनके पैदा होने के लिए तारे, ग्रह और सुपरनोवा विस्फोट भी जिम्मेदार हैं. इनसे ग्रहों की ग्रैविटी पर असर पड़ता है. जब न्यूट्रिनो आपस में टकराते हैं तो तेज रोशनी पैदा करते हैं. चीन इनके साथ क्या करने वाला है? चीन अपने JUNO लैब में सबसे हल्के और भारी न्यूट्रीनो की खोज करेगा. ब्रह्मांड कैसे बना ये पता करेगा. इस लैब में सिर्फ चीन के ही वैज्ञानिक नहीं बल्कि पूरी दुनिया के वैज्ञानिक काम करने आने वाले हैं. ये लैब दो गुआंगडॉन्ग न्यूक्लियर पावर प्लांट्स के पास है. यहां यह लैब छह साल तक पावर प्लांट की वजह से निकलने वाले न्यूट्रीनो की स्टडी करेगा. इसके लिए वह यूरेनियम और थोरियम के रेडियोएक्टिव डिके की स्टडी भी कर सकता है. उम्मीद है कि अगले साल के दूसरे हिस्से में JUNO अपना काम करना शुरू कर देगा. यह अमेरिका में डीप अंडरग्राउंड न्यूट्रीनो एक्सपेरीमेंट (DUNE) से कई गुना बड़ा है. ड्यून को ऑनलाइन आने में अभी छह साल का समय लगेगा. ड्यून को फर्मीलैब और एलबीएनएफ मिलकर संचालित कर रहे हैं.

भारत खालिस्तान समर्थक भारतीय मूल केकानाडाई नागरिकों के OCI रद्द कर, संपत्ति के अधिकार को खत्म कर सकता है

नई दिल्ली भारत और कनाडा के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अब कनाडा ने भारत के खिलाफ संभावित प्रतिबंधों के संकेत दिए हैं। इधर, भारत ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। हाल ही में कनाडा ने एक मामले की जांच में कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त रहे संजय कुमार वर्मा को ‘पर्सन ऑफ इंटरेस्ट’ बनाया था। इसका मतलब ऐसे व्यक्ति से होता है, जो संदिग्ध है, लेकिन अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। दोनों ही देशों ने 6-6 राजनयिकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। दोनों देशों में तनाव बढ़ने के बीच कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने भारत के खिलाफ पाबंदी लगाने की संभावना को खारिज नहीं किया और कहा कि ‘सभी विकल्प विचाराधीन हैं’। भारत ऐसे दे सकता है जवाब  रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल, कनाडा में लाखों भारतीय छात्र हैं। अगर भारत ने छात्रों पर कनाडा में शिक्षा लेने पर रोक लगा दी, तो इसका गहरा असर हो सकता है। यह फैसला कनाडा के शिक्षा से जुड़ी आर्थिक व्यवस्था पर गहरी चोट दे सकता है। इसके अलावा भारत खालिस्तान समर्थक भारतीय मूल के सभी कानाडाई नागरिकों के OCI यानी ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया कार्ड रद्द कर सकता है। इनके साथ भारत खालिस्तान समर्थकों के संपत्ति के अधिकार को खत्म कर सकता है। साथ ही वह नए वीजा में देरी और गहनता से जांच करना बढ़ा सकता है। ऐसे में खालिस्तान समर्थकों पर दबाव पड़ सकता है। भारत भारतीय मूल के ऐसे कनाडाई नागरिकों के मल्टिपल एंट्री वीजा पर भी रोक लगा सकता है। अगर यह फैसला लिया जाता है, तो असर भारतीय कनाडाई समुदाय पर पड़ सकता है। इससे कनाडा की स्थानीय राजनीति पर भी असर हो सकता है। कनाडा को जवाब में भारत भी व्यापार स्तर पर प्रतिबंध लगा सकता है। टॉप 10 ट्रेडिंग पार्टनर होने के नाते भारत कनाडा की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। साथ ही भारत में निवेश वाले कनाडा के आर्थिक संस्थानों और पेंशन फंड को फ्रीज कर सकता है। कनाडा की पुलिस ने लगाए थे ये आरोप कनाडा की सार्वजनिक प्रसारणकर्ता कनाडियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (सीबीसी) की रिपोर्ट के अनुसार, देश के राष्ट्रीय पुलिस बल रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के प्रमुख ने भारत के संदर्भ में चौंकाने वाले आरोप लगाए कि भारत सरकार के एजेंट कनाडा में हत्याओं सहित ‘व्यापक हिंसा’ में भूमिका निभा रहे हैं और चेतावनी दी थी कि इससे ‘देश की सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर खतरा’ है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘इनमें गोपनीय सूचना जुटाने की तकनीक, दक्षिण एशियाई कनाडाई लोगों को निशाना बनाकर उनके साथ दंडात्मक व्यवहार करना और हत्या सहित एक दर्जन से अधिक धमकी भरे और हिंसक कृत्यों में संलिप्तता शामिल है।’ कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के साथ काम करने के उनकी सरकार के प्रयास के कोई परिणाम नहीं निकले। उन्होंने कहा, ‘इसलिए, इस सप्ताहांत, कनाडाई अधिकारियों ने एक असाधारण कदम उठाया। उन्होंने आरसीएमपी के उन साक्ष्यों को साझा करने के लिए भारतीय अधिकारियों से मुलाकात की, जिनके आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि भारत सरकार के छह एजेंट आपराधिक गतिविधियों में शामिल व्यक्ति हैं।’ RCMP ने आरोप लगाया है कि बिश्नोई गिरोह के तार भारत सरकार के उन ‘एजेंटों’ से जुड़े हैं, जो देश में दक्षिण एशियाई समुदाय, विशेष रूप से ‘खालिस्तान समर्थक तत्वों’ को निशाना बना रहे हैं। भारत सरकार के सूत्रों ने कहा कि कनाडाई अधिकारियों का यह दावा सच नहीं है कि कनाडा ने निज्जर मामले में भारत को प्रामाणिक सबूत दिए हैं।

‘प्लानिंग’ में 20 साल पीछे है भोपाल, नए सिरे से बनेगा भोपाल का मास्टर प्लान …

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अलावा इंदौर और जबलपुर का मास्टर प्लान भी नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। इसमें ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट (टीडीआर) यानी हस्तांतरणीय विकास अधिकार, 24 मीटर की सड़कों की नीति, शहरों में हरियाली बढ़ाने और हाईराइज भवनों पर विशेष ध्यान दिया गया है। शहर के फैलाव को रोकने का प्रयास करने के साथ ही निकायों को सड़क, बिजली और पानी सहित कई सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ज्यादा धनराशि भी खर्च न करनी पड़े, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है। वर्षों से अटके हैं प्रस्ताव बता दें, जबलपुर और इंदौर का मास्टर प्लान वर्ष 2041 तक के लिए और भोपाल का वर्ष 2047 तक के लिए तैयार किया जा रहा है। यह भोपाल और इंदौर का तीसरा, जबकि जबलपुर का चौथा मास्टर प्लान होगा। इससे पहले कई संशोधनों के चलते भोपाल का मास्टर प्लान 19 वर्ष और जबलपुर व इंदौर का तीन वर्ष से अटका हुआ है। धारा 16 में कॉलोनी की अनुमति भोपाल, इंदौर और जबलपुर में जब तक मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ, तब तक धारा 16 के तहत कॉलोनी विकसित करने की अनुमति दी जा रही थी। जिला स्तर पर नगर और ग्राम निवेश के ज्वाइंट डायरेक्टर को धारा 16 के तहत अनुमति देने का अधिकार था, लेकिन सरकार ने सात माह पहले इसे बदल दिया। यह अधिकार नगर तथा ग्राम निवेश के आयुक्त को दे दिया गया है। प्रदेश में कालोनाइजरों के 40 से अधिक आवेदन लंबित हैं। सड़कों को जोड़ने पर विशेष फोकस भोपाल और इंदौर के मास्टर प्लान में मेट्रोपोलिटिन रीजन प्लान को भी शामिल किया जाएगा। इसके तहत भोपाल में सीहोर, मंडीदीप, औबेदुल्लागंज, बंगरसिया को मास्टर प्लान में शामिल किया जाएगा। जबकि इंदौर के मास्टर प्लान में पीथमपुर, देवास और उज्जैन को भी शामिल किया जाएगा। सड़कों को जोड़ने पर विशेष फोकस किया जाएगा। यह है नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट नए सिरे से तैयार हो रहे प्लान के तहत कॉलोनाइजर को कॉलोनी काटने पर करीब एक तिहाई हिस्से में हरियाली तैयार करनी होगी। इसके अलावा रोड के दोनों तरफ और कॉलोनी के बाउंड्रीवाल के चारों तरफ पौधारोपण करना होगा। कॉलोनी में अंडरग्राउंड वायरिंग का भी प्रविधान किया जाएगा, जिससे पेड़ों की कटाई न करना पड़े। आईटी पार्क के लिए तैयार किया जाएगा बाजार शहरों में मिश्रित भूमि उपयोग को शामिल किया जाएगा। मुख्य मार्गों के बीच में व्यवसायिक क्षेत्र के लिए जगह तय की जाएगी। इसके अलावा दो से तीन किमी के बीच में बिना प्रदूषण वाला औद्योगिक क्षेत्र तय होगा। इससे शहर के लोगों को रोजगार मिलेगा। आइटी पार्क के लिए अलग ही बाजार तैयार किया जाएगा, जहां इससे जुड़ी सुविधाएं देना कॉलोनाइजर की जिम्मेदारी होगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि भोपाल, इंदौर और जबलपुर के मास्टर प्लान के नए सिरे से बनाए जा रहे ड्राफ्ट में सरकार द्वारा लागू नीतियों को शामिल किया जा रहा है। पर्यावरण, हरियाली और हाईराइज भवनों के प्रविधान के साथ ही मेट्रोपोलिटन रीजन प्लान को भी शामिल किया जाएगा।

ओरछा की समृद्ध विरासत व धरोहर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचान- प्रमुख सचिव श्री शुक्ला

भोपाल यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में ओरछा के ऐतिहासिक समूह को नामांकित कराने के लिये म.प्र. टूरिज्म बोर्ड द्वारा तैयार कराये गए डोजियर (संकलित दस्तावेज) को केंद्र सरकार ने यूनेस्को की विश्व धरोहर कमेटी को सौंप दिया है। वर्ष 2027-28 के लिये केंद्र द्वारा ओरछा के ऐतिहासिक समूह को विश्व धरोहर स्थल घोषित करने हेतु अनुशंसा की है। पेरिस स्थित यूनेस्को कार्यालय में भारतीय राजदूत श्री विशाल वी शर्मा ने यूनेस्को विश्व विरासत केंद्र के निदेशक श्री लाज़ारे एलौंडौ असोमो को ओरछा का डोजियर सौंपा है। यूनेस्को की आधिकारिक घोषणा के बाद ओरछा देश की ऐसी एकमात्र विश्व धरोहर स्थली होगी, जो राज्य संरक्षित है। प्रमुख सचिव पर्य़टन एवं संस्कृति और प्रबंध संचालक म.प्र. टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने और पर्यटकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के सतत प्रयास किये जा रहे है। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने यूनेस्को द्वारा डोजियर को स्वीकार किए जाने पर हर्ष जताते हुए कहा कि, यह प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है। ओरछा अपनी अद्वितीय स्थापत्य शैली और समृद्ध ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। विश्व धरोहर सूची में नामांकित होने से ओरछा की ऐतिहासिक धरोहरों की वैश्विक पहचान को और मजबूती मिलेगी। साथ ही ओरछा अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण केंद्र बनेगा। उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष केंद्र सरकार देश की एक धरोहर को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में नामांकित कराने के लिए यूनेस्को (यूनाइटेड नेशंस एजुकेशनल, साइंटिफिक एंड कल्चरल आर्गेनाइजेशन) को अनुशंसा करती हैं। यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में प्रदेश के 14 स्थल शामिल है। खजुराहों के मंदिर समूह, भीमबेटका की गुफाएं एवं सांची स्तूप यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल स्थायी सूची में शामिल है। यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खूनी भंडारा, चंबल घाटी के शैल कला स्थल, भोजपुर का भोजेश्वर महादेव मंदिर, मंडला स्थित रामनगर के गोंड स्मारक, धमनार का ऐतिहासिक समूह, मांडू में स्मारकों का समूह, ओरछा का ऐतिहासिक समूह, नर्मदा घाटी में भेड़ाघाट-लमेटाघाट, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और चंदेरी शामिल है। पिछले 5 वर्षों के सतत प्रयासों से मिली सफलता म.प्र. टूरिज्म बोर्ड द्वारा ओरछा और भेड़ाघाट को यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में शामिल कराने के लिए क्रमशः वर्ष 2019 एवं 2021 में प्रस्ताव तैयार कराया गया था। जिसको भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ए.एस.आई.) द्वारा योग्य मानते हुए यूनेस्को के विश्व धरोहर अनुभाग को अग्रेषित किया और फिर टेंटेटिव लिस्ट में सम्मिलित करने की घोषणा की गई थी। घोषणा के बाद टूरिज्म बोर्ड द्वारा विशेषज्ञ संस्थाओं के सहयोग से ओरछा, मांडू, भेड़ाघाट के डोजियर तैयार कर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को भेजा गया। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार ने प्रारंभिक निरीक्षण कर ओरछा का डोजियर अनुशंसा कर यूनेस्को के विश्व धरोहर अनुभाग को सौंपा गया। मानवता की साझा विरासत में योगदान भारतीय राजदूत श्री विशाल वी शर्मा ने यूनेस्को विश्व विरासत केंद्र के निदेशक श्री लाज़ारे एलौंडौ असोमो को डोजियर सौंपते हुए कहा कि, विश्व धरोहर समिति की वर्ष 2027-2028 की बैठक में विचार के लिये मध्यप्रदेश में ओरछा के ऐतिहासिक समूह के नामांकन डोजियर प्रस्तुत करना बहुत सम्मान की बात है। उन्होंने सांस्कृतिक मंत्रालय, भारत सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, मध्यप्रदेश राज्य सरकार और उनके अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट समन्वय और इस नामांकन डोजियर को समय पर प्रस्तुतिकरण के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ओरछा का ऐतिहासिक समूह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक ओर स्थापत्य विरासत को प्रदर्शित करता है। ओरछा के नामांकन डोजियर को प्रस्तुत करके हम मानवता की साझा विरासत में योगदान करने और इसके अद्वितीय सांस्कृतिक महत्व की वैश्विक मान्यता को बढ़ावा देने की आशा करते है। उन्होंने यूनेस्को की सराहना करते हुए विश्व धरोहर समिति से ओरछा के डोजियर पर सकारात्मक विचार करने की आशा की है। ओरछा को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट के रूप में नामांकित होने पर होने वाले प्रमुख फायदे यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर का दर्जा मिलने से ओरछा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थल के रूप में मान्यता मिलेगी। नामांकन के बाद अंतरराष्ट्रीय और घरेलू पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पर्यटन के विकास से स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट बनने पर ओरछा को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों और संस्थाओं से संरक्षण और विकास के लिए सहयोग मिल सकेगा। स्थानीय शिल्प, हस्तकला और अन्य सांस्कृतिक उत्पादों का प्रचार-प्रसार बढ़ेगा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और  अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट बनने से ओरछा पर शिक्षा, शोध और अध्ययन के नए अवसर खुलेंगे, जिससे इतिहासकारों और शोधकर्ताओं का ध्यान आकर्षित होगा। यूनेस्को की मान्यता से ओरछा में स्थायी और पर्यावरण संवेदनशील पर्यटन विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लंबे समय तक पर्यटन की संभावनाओं को मजबूती मिलेगी।  

केंद्रीय कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला, डीए में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान

नई दिल्ली केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशन धारकों को सरकार की ओर से दीपावली का तोहफा मिलने जा रहा है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को हुई अपनी बैठक के दौरान महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को अपनी मंजूरी दे दी है। इस बढ़ोतरी के बाद डीए मूल वेतन का 50 प्रतिशत से बढ़कर 53 प्रतिशत हो गया है। केंद्र सरकार के इस फैसले का लाखों सरकारी कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। महंगाई भत्ते की गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर की जाती है। डीए को लेकर हर 6 महीने में संशोधन होता है। महंगाई राहत सेवानिवृत्त केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दी जाती है। डीए में बढ़ोतरी के बाद जनवरी और जुलाई में एडजस्टमेंट प्रभावी होता है। डीए को लेकर मार्च और सितंबर में घोषणा की जाती है। जनवरी में डीए में बढ़ोतरी की घोषणा मार्च तक जाती है। इसी तरह जुलाई में डीए में बढ़ोतरी की घोषणा दीपावली तक जाती है। तीन प्रतिशत डीए बढ़ोतरी के बाद एंट्री लेवल सरकारी कर्मचारी के मूल वेतन में मासिक आधार पर 540 रुपये की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। सरकार के इस फैसले से करीब एक करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशन धारकों को राहत मिलेगी। कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर का एरियर मिलने की भी उम्मीद की जा रही है। 9 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद डीए में बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही थी। हालांकि, केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशन धारकों को इस संशोधन के लिए कुछ लंबा इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को घोषणा की कि दीपावली और त्योहारी सीजन से पहले राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 4% की बढ़ोतरी की जाएगी। जिससे यह मूल वेतन का 50% हो जाएगा। यह वृद्धि 1 अक्टूबर से लागू होगी।

नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले सैनी ने रोजगार को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया, कहा- पहले रोजगार फिर शपथ ग्रहण

हरियाणा हरिणाया में एक बार फिर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ही सत्ता की बागडोर थामेंगे। सौनी को सर्वसम्मति से हरियाणा में भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। अब हरियाणा में नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले सैनी ने रोजगार को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले 24 हजार युवाओं को नौकरी देंगे उसके बाद शपथ ग्रहण करेंगे। नायब सिंह सैनी ने एक्स पर पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कहा, “मैंने संकल्प लिया था शपथ बाद में लूंगा पहले 24 हजार युवाओं को ज्वाइनिंग दूंगा। वादे को पूरा करते हुए कल नतीजे घोषित किए जाएंगे। भाजपा जो कहती है वो करती है।” सैनी पेश किया सरकार बनाने का दावा नायब सिंह सैनी ने बुधवार को हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से राजभवन में मुलाकात की और राज्य में अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया। इससे कुछ घंटे पहले ही पंचकूला में हुई बैठक में सैनी को सर्वसम्मति से हरियाणा में भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हुए। नवनिर्वाचित विधायकों कृष्ण कुमार बेदी और अनिल विज ने सैनी के नाम का प्रस्ताव दिया था। राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 48 सीट पर जीत मिली है जबकि कांग्रेस ने 37 सीट प्राप्त की हैं। सैनी गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे। विधायक दल का नेता चुने जाने पर क्या बोले सैनी हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बुधवार को विधायक दल का नेता चुने जाने पर पार्टी के नेताओं और प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त किया है। सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कुशल मार्गदर्शन, राष्ट्रीय नेतृत्व का निरंतर प्रोत्साहन और हरियाणा की देवतुल्य जनता द्वारा चुने गये सभी विधायकों के समर्थन से विधायक दल का नेता चुना गया हूं और सभी के भरोसे पर शत-प्रतिशत खरा उतरूंगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मेरे परिजनों को यह विश्वास दिलाता हूं, “आपका यह भाई, आपका यह बेटा, आपका यह सेवक हर समय आपके लिए आपकी सेवा में उपलब्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण जिम्मेवारी के लिए मैं पुनः केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल तथा शीर्ष नेतृत्व सहित अपने उन सभी कार्यकर्ताओं को भी धन्यवाद देना चाहता हूं, जिनके अथक परिश्रम के बल पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तीसरी बार हरियाणा में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है।”

भारतीय सड़क कांग्रेस और लोक निर्माण विभाग के सहयोग से शिविर का आयोजन

भोपाल सड़क और पुल निर्माण के क्षेत्र में उभरती नवीनतम प्रवृत्तियों और तकनीकों पर दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन रवीन्द्र भवन भोपाल में 19 और 20 अक्टूबर को किया जा रहा है। इसमें सड़क और पुल निर्माण की नवीनतम तकनीकों, सामग्रियों और अनुबंध निष्पादन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञ अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) और मध्यप्रदेश शासन के लोक निर्माण विभाग (PWD) के सहयोग से होगा। सेमिनार के पहले दिन 19 अक्टूबर को उद्घाटन-सत्र में केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, लोकनिर्माण मंत्री राकेश सिंह सहित अन्य विशिष्टजन उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन सत्र के बाद विभिन्न तकनीकी-सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें देशभर से आए हुए विशेषज्ञ नई तकनीकों, निर्माण सामग्रियों और ईपीसी(EPC इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन)) अनुबंध निष्पादन की चुनौतियों पर अपने विचार साझा करेंगे। पहले दिन की प्रमुख चर्चाओं में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नई तकनीकों का कार्यान्वयन, पुल निर्माण में नई मशीनरी का उपयोग, और सड़क निर्माण में उपयोग होने वाली नई सामग्रियों पर फोकस रहेगा। सड़क सुरक्षा, परियोजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए आईटी तकनीकों का उपयोग, और सीमांत सामग्रियों के उपयोग पर भी गहन मंथन किया जाएगा। दूसरे दिन 20 अक्टूबर को ईपीसी (EPC इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन)) अनुबंधों की संरचना शेड्यूलिंग, अनुबंध निष्पादन में ठेकेदारों की भूमिका और सहायक अभियंताओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा होगी। इसमें अनुबंधों से जुड़े विवादों और चुनौतियों के समाधान पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। समापन सत्र में विभिन्न विशेषज्ञ और प्रतिनिधि पैनल चर्चा के माध्यम से सड़क और पुल निर्माण में नई तकनीकों के उपयोग पर अपने विचार रखेंगे। सेमिनार का उद्देश्य प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण की गुणवत्ता को सुधारने और नवीनतम तकनीकों के माध्यम से समयबद्ध और टिकाऊ अवसंरचना का विकास सुनिश्चित करना है। सरकारी और निजी क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर अनुभवों और नवाचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा, जिससे प्रदेश की अवसंरचना परियोजनाओं को नई दिशा और मजबूती मिल सके। इस दो दिवसीय आयोजन से मध्यप्रदेश के अवसंरचना विकास को नई ऊर्जा मिलेगी और यह आयोजन राज्य की निर्माण परियोजनाओं में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने में सहायक साबित होगा।  

जॉनसन एंड जॉनसन को देना होगा ₹126 करोड़, पाउडर से कैंसर होने की कही थी बात

नई दिल्ली जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) के नाम से लगभग हर कोई परिचित है और बेबी केयर से जुड़े इसके प्रोजेक्ट्स घर-घर में इस्तेमाल किए जाते हैं. इस बड़ी कंपनी को लेकर अब बड़ी खबर आई है, इसमें कहा गया है कि J&J को एक शख्स को 15 मिलियन डॉलर या करीब 126 करोड़ रुपये से ज्यादा देना पड़ेगा. दरअसल, इस शख्स ने साल 2021 में एक मुकदमा दायर कर कंपनी के बेबी पाउडर पर गंभीर सवाल उठाए थे और दावा किया था इसके लगातार इस्तेमाल से कैंसर का खतरा होता है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला… कंपनी के बेबी पाउडर पर ये गंभीर आरोप सबसे पहले बात कर लेते हैं उन आरोपों की, जो जॉनसन एंड जॉनसन पर लगाए गए थे. तो बता दें कि कनेक्टिकट के एक शख्स इवान प्लॉटकिन ने J&J के बेबी पाउडर पर आरोप लगाया था कि इस टैल्क पाउडर का दशकों तक इस्तेमाल करने के चलते उसे मेसोथेलियोमा जैसा दुर्लभ कैंसर (Mesothelioma Cancer) हो गया. इस व्यक्ति ने अपनी बीमारी के निदान के बाद साल 2021 में कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. कनेक्टिकट के शख्स ने दर्ज कराया था मुकदमा इवान प्लॉटकिन ने अपनी बीमारी के उपचार और इससे निजात पाने के बाद जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के खिलाफ मैदान में उतरने के लिए कमर कसी और फेयरफील्ड काउंटी, कनेक्टिकट सुपीरियर कोर्ट में एक मुकदमा दायर कराया, जिसमें कहा गया कि इस बेबी पाउडर के इस्तेमाल से उसे गंभीर बीमारी हो गई थी. जूरी ने इस मामले को गंभीरता से लिया और पाया कि Johnson & Johnson कंपनी को हर्जाना देना चाहिए, जिसे बाद में मामले को देखने वाले न्यायाधीश द्वारा निर्धारित किया जाएगा. अब कंपनी को 15 मिलियन डॉलर का पेमेंट करने के लिए कहा गया है. कंपनी ने कहा, गलत फैसले की खिलाफ अपील करेंगे रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जॉनसन एंड जॉनसन के बेबी पाउडर को लेकर इतने गंभीर आरोप लगाने वाले इवान प्लॉटकिन के वकील बेन ब्रेली ने एक ईमेल में कहा है कि उनकी ट्रायल टीम इस बात से उत्साहित है कि जूरी ने एक बार फिर जॉनसन एंड जॉनसन को बेबी पाउडर उत्पाद की मार्केटिंग और सेल के लिए जवाबदेह ठहराने का फैसला किया है, जिसमें एस्बेस्टस (एक प्रकार का हानिकारक फाइबर) है. वहीं दूसरी ओर जूरी के निर्णय पर j&J की ओर से एरिक हास (मुकदमेबाजी के मामलों के वाइस प्रेसिडेंट) ने एक बयान में कहा कि कंपनी ट्रायल जज के गलत फैसलों के खिलाफ अपील करेगी. उन्होंने कहा कि जूरी को इस मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को सुनने से रोका गया है. उन्होंने ये भी कहा कि साइंटिफिक जांचों में इस बात की पुष्टि पहले ही हो चुकी है कि जॉनसन एंड जॉनसन का बेबी टैल्क सुरक्षित है और इसमें एस्बेस्टस नहीं है. ऐसे में ये किसी भी तरह के कैंसर का कारण नहीं बनता है. भारत में भी बड़ा है कारोबार अमेरिकी फॉर्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन का भारत में भी बड़ा कारोबार है और लंबे समय से देश में बेबी पाउडर बेच रही है. कंपनी का जॉनसन बेबी पाउडर भारतीय मार्केट में काफी पॉपुलर है. ज्यादातर घरों में छोटे बच्चों के लिए बड़े पैमाने पर इस पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है. भारत में कंपनी बेबी पाउडर के अलावा बेबी शैम्पू, बेबी सोप और बेबी ऑयल भी बेचती है और उनकी बड़ी डिमांड है.  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet