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साय केबिनेट का फैसला : दिवंगत शिक्षक (पंचायत) संवर्ग के कर्मचारियों के अनुकम्पा हेतु पात्र आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने का लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिसमें खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन तथा कस्टम मिलिंग की नीति का अनुमोदन किया गया। मंत्रिमण्डलीय उप समिति की अनुशंसा के आधार पर राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान समर्थन मूल्य पर राज्य के किसानों से नगद एवं लिंकिंग में धान खरीदी 14 नवम्बर 2024 से प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। राज्य में धान खरीदी 31 जनवरी 2025 तक की जाएगी। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए कृषि विभाग द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से किसान पंजीयन की प्रक्रिया जारी है, जो 31 अक्टूबर 2024 तक चलेगी। वर्ष 2024-25 में 160 लाख टन धान के उपार्जन का अनुमान है। समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था पूर्व वर्ष की भांति लागू रहेगी। मंत्रिपरिषद में खरीदी केन्द्रों में धान के नियंत्रित एवं व्यवस्थित रूप से उपार्जन हेतु सीमांत एवं लघु कृषकों को अधिकतम दो टोकन तथा दीर्घ कृषकों को अधिकतम तीन टोकन प्रदाय करने का निर्णय लिया गया। सभी खरीदी केन्द्रों में इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र के माध्यम से धान खरीदी होगी। धान खरीदी के लिए 4.02 लाख गठान नये जूट बारदाना जूट कमिश्नर के माध्यम से क्रय करने की स्वीकृति दी गई है। धान खरीदी के लिए कुल 8 लाख गठान बारदाने की जरूरत होगी। मंत्रिपरिषद की बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में सहकारी समितियों में कार्यरत डाटाएन्ट्री आॅपरेटरों को 18,420 रूपए प्रतिमाह के मान से कुल 12 माह का मानदेय भुगतान का निर्णय लिया गया। इस पर कुल 60 करोड़ 54 लाख रूपए का व्यय भार आएगा। जिसके भुगतान के लिए पूर्व वर्षों की भांति राशि मार्कफेड को प्रदाय की जाएगी।   विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लिये जाने के संबंध में गठित मंत्रिपरिषद की उपसमिति द्वारा अनुशंसित 49 प्रकरणों को माननीय न्यायालय से वापस लिए जाने का निर्णय लिया गया है। मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यपालिक (अराजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2021 के नियम 8 (2) में सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमाण्डर के पद पर नियुक्ति हेतु भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2024 में केवल एक बार के लिए अभ्यार्थियों की निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सभी छूटों को मिलाकर अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष से अधिक नहीं होगी। राज्य के सभी ग्राम पंचायतों के प्रत्येक घर में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु छत्तीसगढ़ ग्रामीण पेयजल संचालन एवं संधारण नियम, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत पंचायत की सामान्य प्रशासन समिति अपने दायित्वों के साथ-साथ ग्रामीण पेयजल व्यवस्था के संचालन एवं संधारण का कार्य भी देखेगी। ग्राम सभा के अनुमोदन से जल प्रभार का निर्धारण के अलावा नये कनेक्शन का निर्णय, वित्तीय प्रबंधन, मरम्मत, पेयजल गुणवत्ता का निर्धारण एवं शिकायतों का निराकरण करेगी। दिवंगत शिक्षक (पंचायत) संवर्ग के कर्मचारियों के अनुकम्पा हेतु पात्र आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके तहत ऐसे शिक्षक (पंचायत) संवर्ग के कर्मचारी जिनकी मृत्यु सेवाकाल में हो गई थी और जिनके आश्रित नियमानुसार अनुकम्पा हेतु पात्र है, उन्हें छत्तीसगढ़ शिक्षक (पंचायत) संवर्ग नियम 2018 के आधार पर पात्रता अनुसार अनुकम्पा नियुक्ति दी जाएगी। ऐसी स्थिति में स्कूल शिक्षा विभाग से पद पूर्ति के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को पद प्रदाय करने के पूर्व के आदेश को शिथिल करने का निर्णय भी लिया गया है, ताकि दिवंगत के पात्र आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की जा सके। लोकनायक जयप्रकाश नारायण (मीसा/डी.आई.आर. राजनैतिक या सामाजिक कारणों से निरूद्ध व्यक्ति) सम्मान निधि नियम, 2008 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों का राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्ठि की जाएगी तथा अंत्येष्ठि के लिए उनके परिवार को 25 हजार रूपए की सहायता राशि दी जाएगी। देशी/विदेशी मदिरा बोतलों पर चस्पा किये जाने हेतु उत्पाद शुल्क चिपकने वाला लेबल (होलोग्राम ) में अधिक सुरक्षात्मक फीचर्स उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार के उपक्रम भारत प्रतिभूति मुद्रणालय, नासिक रोड  (महाराष्ट्र) से होलोग्राम क्रय करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ राज्य की औद्योगिक नीति 2019-24 के तहत स्टील डाउन स्ट्रीम प्रोजेक्ट्स, एथेनॉल इकाईयों एवं कोर सेक्टर के सीमेंट उद्योगों के लिये विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज के निर्धारण का अनुमोदन किया गया।

सहारा अफ्रीका में सबसे ज़्यादा लड़कियां यौन शोषण का शिकार, 79 मिलियन महिलाएं और लड़कियां इससे प्रभावित : UNICEF रिपोर्ट

नईदिल्ली दुनिया भर में, आठ में से एक लड़की के साथ 18 साल की उम्र से पहले बलात्कार समेत यौन शोषण होता है, UNICEF की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, 370 मिलियन से ज़्यादा महिलाएं और लड़कियां 18 साल की उम्र से पहले इस तरह के अत्याचारों से गुज़र चुकी हैं। आंकड़े जारी किए गए अगर मौखिक या ऑनलाइन उत्पीड़न को भी शामिल किया जाए, तो ये आंकड़ा और भी बढ़ जाएगा। रिपोर्ट बताती है कि आठ में से एक का आंकड़ा, पाँच में से एक हो जाएगा। रिपोर्ट बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए दुनिया भर में सक्रिय हस्तक्षेप की ज़रूरत पर ज़ोर देती है। सहारा अफ्रीका में सबसे ज़्यादा लड़कियां यौन शोषण का शिकार होती हैं, जहाँ 79 मिलियन महिलाएं और लड़कियां इससे प्रभावित हैं। अन्य क्षेत्र जहाँ सबसे ज़्यादा पीड़ित हैं, वो हैं पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी एशिया (75 मिलियन), मध्य और दक्षिण एशिया (73 मिलियन), यूरोप और उत्तरी अमेरिका (68 मिलियन), और लैटिन अमेरिका और कैरिबियन (45 मिलियन)। मुख्य रूप से युद्ध और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों को ज़्यादा अत्याचारों का सामना करना पड़ा है। शरणार्थी शिविरों में भी सबसे ज़्यादा अत्याचार दर्ज किए गए हैं। ज़्यादातर 14-17 साल की लड़कियों को इस तरह के अत्याचारों का सामना करना पड़ता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बचपन में होने वाले इस तरह के अत्याचार इन पर गहरा मानसिक असर डालते हैं और कई तरह की समस्याएं पैदा करते हैं। रिपोर्ट में सिर्फ़ महिलाओं और बच्चियों पर ही नहीं, बल्कि लड़कों पर होने वाले अत्याचारों का भी ज़िक्र है। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 240-310 मिलियन लड़कों को यौन शोषण का सामना करना पड़ता है। UNICEF की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल ने कहा, “बच्चों के साथ यौन शोषण हमारी अंतरात्मा पर एक दाग है। जहाँ बच्चों को सुरक्षित महसूस करना चाहिए, वहाँ और जिन लोगों पर वे भरोसा करते हैं, उनके द्वारा इस तरह के अनुभव होने से उन पर गहरा और अमिट प्रभाव पड़ता है।”    

मंत्री विजयवर्गीय ने करीब 14 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का किया लोकार्पण

भोपाल नगरीय विकास और सतना जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि जिले में विकास की अनेक संभावनाएँ है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से टीम भावना के साथ मिलकर विकास का मास्टर प्लान तैयार करने के लिये कहा। मंत्री वियजवर्गीय ने मंगलवार को सतना में करीब 14 करोड़ रूपये के 5 विकास कार्यों का लोकार्पण करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुई कही। लोकार्पण कार्यों में 10 करोड़ 56 लाख रूपये की लागत से नवनिर्मित दादा सुखेन्द्र सिंह स्टेडियम का कार्य भी शामिल है। मंत्री विजयवर्गीय ने नगर निगम के 8 करोड़ 69 लाख रूपये के 9 विकास कार्यों का भूमि-पूजन भी किया। प्रभारी मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि शहर और जिले का विकास हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सतना में विकास के अच्छे कार्य हुए है। अब सतना को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करना है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार से विकास को तेज गति मिलती है। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने कहा कि प्रभारी मंत्री विजयवर्गीय के मार्ग दर्शन में सतना जिला औद्योगिक और विकसित जिले के रूप में उभरेगा। उन्होनें बताया कि टमस नदी के सौंदर्यीकरण के लिये जल संसाधन विभाग ने 65 करोड़ रूपये का डीपीआर तैयार कराया है। सतना हवाई अड्डे में 1200 मीटर रन-वे को बढ़ाकर 1800 मीटर करने और नाइट लैडिंग कराने का भी प्रस्ताव है। राज्यमंत्री श्रीमती बागरी ने बताया कि सतना मेडिकल कॉलेज में 450 करोड़ रूपये लागत का सुपर स्पेशयलिटी हॉस्पीटल का भी प्रस्ताव है। सतना और मैहर जिले में 1 लाख 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा वाली बरगी नहर का कार्य भी तेजी के साथ किया जा रहा है। कार्यक्रम में सांसद गणेश सिंह, विधायक विक्रम सिंह, सुरेन्द्र सिंह गहरवार, महापौर योगेश ताम्रकार, जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे। विकास परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करें प्रभारी मंत्री विजयवर्गीय ने गत दिवस कलेक्ट्रेट सतना में जिले के निर्माण और विकास परियोजनाओं की बैठक में समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में चल रहे निर्माण और विकास परियोजनाएँ गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा पूर्ण हो। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता के लिये तकनीकी इंजीनियरिंग से संबंधित टीम बनाकर पब्लिक ऑडिट कराने का भी सुझाव दिया। बैठक में बताया गया कि सतना स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट के 941 करोड़ रूपये के 72 प्रोजेक्ट मंजूर हुए है। इनमें से 368 करोड़ रूपये के 48 प्रोजेक्ट कार्य पूरे कर लिये गये है। जिले में 55 गौ-शालाओं का काम पूरा कर लिया गया है। इनमें से 48 गौ-शालाएँ स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित की जा रही है।

दिवाली से पहले मोदी सरकार ने किसानों को दिया बड़ा तोहफा! 6 रबी फसलों की बढ़ाई MSP

नईदिल्ली किसानों को मोदी सरकार ने दिवाली पर बड़ा गिफ्ट दिया है. सरकार ने रबी फसलों की MSP बढ़ा दी है. केंद्र सरकार ने 2025-26 सीजन के लिए रबी की 6 फसलों का न्यूनतम  समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की घोषणा की है. इस फैसले के तहत अलग-अलग फसलों के MSP में वृद्धि की गई है, जिससे किसानों को उनकी फसलों के बेहतर दाम मिल सकेंगे. कैबिनेट में चने का MSP 210 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाने का फैसला किया गया है। चने का नया MSP अब 5,650 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है जो पहले 5440 रुपए प्रति क्विंटल था। वहीं सरसों की MSP 300 रुपए प्रति क्विटंल बढ़ाया गया है। सरसों का मौजूद MSP अभी 5650 रुपए प्रति क्विंटल था। जबकि नया भाव अब 5950 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। गेहूं की MSP में भी 150 रुपए प्रति क्विटंल का इजाफा किया गया है। इसकी MSP 2275 रुपए प्रति क्विटंल से बढ़कर 2425 रुपए प्रति क्विटंल हो चुकी है। रबी फसल का सीजन अक्टूबर-नवंबर से लेकर मार्च-अप्रैल तक रहता है। इन फसलों में गेहूं, जौ, सरसों, चना आदि की खेती शामिल हैं। MSP के मायने उस रेट से होता है जिस पर सरकार किसानों से खरीदारी करती है। आज रबी फसल की MSP तय हो सकती है। नए अधिसूचना के अनुसार:     गेहूं का MSP ₹2,425 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹2,275 था।     जौ का MSP ₹1,980 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹1,850 था।     चना का MSP ₹5,650 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹5,440 था।     मसूर (लेंस) का MSP ₹6,700 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹6,425 था।     सरसों का MSP ₹5,950 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹5,650 था।     कुसुम (सफ्लॉवर) का MSP ₹5,940 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹5,800 था। सरकार का यह कदम किसानों को उनकी फसलों के उचित मूल्य दिलाने के मकसद से उठाया गया है.  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कर्मचारियों को दिया दिवाली का तौफा, महंगाई भत्ते में 4 फीसदी की बढ़ोतरी

रायपुर राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कैबिनेट की बैठक से पहले बुधवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने का ऐलान किया। अब तक राज्य के कर्मचारियों को 46 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलता था जो बढ़कर 50 फीसदी हो जाएगा। राज्य के कर्मचारियों को यह लाभ 1 अक्टूबर से मिलेगा। राज्य के कर्मचारी बीते कुछ समय से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता दिए जाने की मांग करते आ रहे थे। अब राज्य सरकार ने उनके महंगाई भत्ते में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान ही महंगाई भत्ता कर दिया है। दीपावली के मौके पर विष्णु देव सरकार ने कर्मचारियों को यह तोहफा दिया है। सरकार के फैसले से राज्य के तीन लाख से अधिक कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। ज्ञात हो कि राज्य सरकार ने मार्च माह में कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में चार प्रतिशत का इजाफा किया था, जिससे उनका भत्ता 42 प्रतिशत से बढ़कर 46 प्रतिशत किया था। जिसे एक मार्च से लागू किया गया था। उस दौरान सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सातवें वेतनमान की बकाया अंतिम किस्त दिए जाने का भी ऐलान किया था। लगभग सात माह बाद एक बार फिर राज्य सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की है और अब उन्हें केंद्रीय कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता मिलने लगेगा। रक्षाबंधन के समय कर्मचारियों को उम्मीद थी कि राज्य सरकार उनके महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी करेगी मगर तब ऐसा नहीं हुआ था और अब राज्य सरकार ने दीपावली के मौके पर उन्हें यह तोहफा दिया है। राज्य सरकार के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी कर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान किए जाने पर कर्मचारियों ने प्रसन्नता जाहिर की है। कर्मचारी सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों के हित में लिया गया फैसला करार दे रहे है।  

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष अष्टमी पर गुरुवार, 24 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र का संयोग रहेगा

 रोशनी का पर्व यानी कि दिवाली आने में अब कुछ दिन ही शेष बचे हैं और इसकी तैयारी बाजारों में दिखाई देने लगी है. वहीं लोगों ने भी खरीददारी की तैयारी शुरू कर दी है. इसकी शुरुआत तो नवरात्रि से ही हो गई थी, लेकिन सबसे बड़ा और शुभ मुहूर्त 24 अक्टूबर को बनने जा रहा है.  इस दिन गुरु पुष्य योग रहेगा. आपको बता दें कि, गुरु पुष्य योग में आभूषण, भूमि, घर और वाहनों से लेकर इलेक्ट्रिक सामानों की खरीददारी करना बेहद ही शुभ माना जाता है. हालांकि, इसके अलावा भी कई सारे मुहूर्त दिवाली से पहले आएंगे. आइए जानते हैं इनके बारे में. शुभ मुहूर्त अक्टूबर के इस महीने में दिवाली से पहले 15 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि एवं सूर्य योग बन रहा है. वहीं 16 अक्टूबर को रवि योग का निर्माण होगा. इसी प्रकार 17 और 18 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग और 21 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ अमृत सिद्धि योग बनेगा. वहीं 22 अक्टूबर को त्रिपुष्कर योग, 24 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि बनेगा. इसी दिन सबसे बड़ा मुहूर्त यानि कि गुरु पुष्य योग बन रहा है. इसके बाद 29 अक्टूबर को त्रिपुष्कर योग और 30 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग के अलावा 2 नवंबर को त्रिपुष्कर योग बनेगा. ‘दीपावली के पहले आने वाले पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्र के समूह में नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। भारतीय ज्योतिष शास्त्र की गणना से देखें तो पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि और उप स्वामी बृहस्पति है। शनि को काल पुरुष की ऊर्जा और पुरुषार्थ की प्रेरणा का कारक माना जाता है। बृहस्पति को ज्ञान, त्याग, शिक्षा और आध्यात्मिक का कारक बताया जाता है।’  ‘यही कारण है कि भौतिक समृद्धि को प्राप्त करने के लिए सुख – सुविधा की दृष्टि से खरीदारी करने की मान्यता है। इसके अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स, सोने-चांदी के आभूषण, चांदी की मूर्तियां, दोपहिया वाहन, चारपहिया वाहन, वस्त्र, जमीन, प्लॉट, मकान, कारखाने आदि क्षेत्र में लोग निवेश करते हैं और समृद्धि का कारण इस नक्षत्र की शुभता को मानते हैं।’ नए कार्यों का श्री गणेश भी कर सकते हैं पुष्य नक्षत्र के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग होने से इस दिन सभी प्रकार के कार्य को सिद्ध माना जाता है। अपने ग्रह नक्षत्र के आधार पर यदि कोई कार्य योजना बना रखी है, तो इस योजना का शुभारंभ इस दिन कर सकते हैं या कोई नया व्यापार या व्यवसाय या प्रतिष्ठान के प्रमुख स्थापना है तो इस दिन का लाभ लिया जा सकता है। शनि गुरु के केंद्र त्रिकोण का मिलेगा लाभ ग्रह गोचर की गणना के अनुसार, वर्तमान में शनि कुंभ राशि पर, बृहस्पति वृषभ राशि पर गोचर कर रहे हैं। इस दिन पुष्य नक्षत्र का प्रभाव दिनभर विद्यमान रहेगा। शनि का केंद्र योग और गुरु का त्रिकोण योग आदि की स्थिति बनेगी, जो समृद्धि को स्थायित्व प्रदान करेगा। इस दृष्टि से भी स्वर्ण का आभूषण, लोहे के उत्पाद या वाहनों का संचय कर सकते हैं। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि होने से स्थाई संपत्ति की खरीदी की योजना भी बनाई जा सकती है, जिसमें भूमि, भवन, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, टेक्सटाइल मिल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केटिंग से जुड़े सभी प्रकार के विभिन्न क्षेत्रों में अपने स्थायित्व को आगे बढ़ाने के लिए इस दिन विशेष का लाभ लिया जा सकता है। भारतीय विदेश नीति का प्रभाव बढ़ेगा  ग्रहों की स्थिति और नक्षत्र की गणना के अनुसार शनि विदेश नीति और कूटनीति का कारक हैं। वहीं गुरु ज्ञान, श्रेष्ठता और वरिष्ठता के साथ परम पद का भी कारक माना जाता है। दोनों के संयोजन से यह नक्षत्र आने वाले 3 महीने में भारत की विदेश नीति और कूटनीति को प्रबल बनाएगा। पश्चिमोत्तर दिशा और एशिया मध्य में अपने विशिष्ट प्रभाव की छाप छोड़ते हुए भारतीय बाजार को विश्व में आगे की पंक्तियों में खड़ा कर देगा।  

DA Hike 2024: दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को मिला गिफ्ट, 3% बढ़ा DA, सैलरी में होगा इतना इजाफा

नई दिल्ली दिवाली से पहले केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (PM Modi Govt) केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है. जी हां, सूत्रों के हवाले से जो अपडेट सामने आया है उसके मुताबिक, केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 फीसदी का इजाफा (DA Hike) करने का ऐलान कर दिया है. इस इजाफे के बाद डीए बढ़कर 53 फीसदी हो गया है. इससे पहले इसी साल मार्च में 4 फीसदी का डीए हाइक मिला था. 53% हो गया कर्मचारियों का डीए केंद्रीय कर्मचारियों को फिलहाल 50 फीसदी DA मिल रहा था और सरकारी सूत्रों के मुताबिक दिवाली से पहले ही सरकार इसमें 3 फीसदी का इजाफा करके उन्हें बड़ा तोहफा दे दिया है. डीए में ये ताजा बढ़ोतरी का लाभ 1 जुलाई 2024 से मिलेगा. मतलब केंद्रीय कर्मचारियों की दिवाली (Diwali) और भी रोशन हो गई है, क्योंकि उनकी सैलरी में बंपर इजाफा देखने को मिलेगा. साल 2024 का ये दूसरा DA Hike आम तौर पर केंद्र सरकार जनवरी और जुलाई में कर्मचारियों के डीए में संशोधन करती है. इससे पहले बीते 24 मार्च 2024 को केंद्रीय कर्मचारियों को 4% DA Hike का तोहफा दिया था. इस इजाफे के साथ उन्होंने मिलने वाला महंगाई भत्ता 46% से बढ़ाकर 50% कर दिया गया था. अब ताजा इजाफे के बाद ये बढ़कर 53 फीसदी हो गया है. कर्मचारियों की सैलरी का कैलकुलेशन अब बात करते हैं कि सरकार द्वारा महंगाई भत्ते में 3 फीसदी के इजाफे के बाद कर्मचारियों की सैलरी में कितना इजाफा होगा. तो कैलकुलेशन के मुताबिक, किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 55,200 रुपये है, तो फिलहाल 50% पर उनका महंगाई भत्ता 27,600 रुपये है. वहीं अगर डीए 53  फीसदी हो जाता है तो उनका महंगाई भत्ता बढ़कर 29,256 रुपये हो जाएगा. यानी कर्मचारियों का वेतन 29,256 रुपये – 27,600 रुपये = 1,656 रुपये बढ़ेगा. 3 महीने का एरियर भी मिलेगा मोदी सरकार द्वारा महंगाई भत्ते में किए गए इजाफे के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों को तीन महीने का एरियर भी मिलेगा. इसके तहत कर्मचारियों को मिलने वाली अक्टूबर की सैलरी में जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने का एरियर भी जुड़कर आएगी. यानी दिवाली के मौके पर उनके हाथ में मोटी रकम आएगी. यहां बता दें कि कर्मचारियों को मिलने वाले डीए की गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) से संबंधित होती है, जो बीते 12 महीनों में रिटेल इन्‍फ्लेशन को ट्रैक करता है. दुनिया के महंगाई के दबाव और बढ़ती लागतों के साथ, यह निर्णय देश भर में घरेलू बजट के मैनेजमेंट के लिए महत्वपूर्ण है. 3 महीने का एरियर भी बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी जुलाई से दिसंबर महीने तक के लिए है। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों को अक्टूबर की सैलरी में तीन महीने- जुलाई, अगस्त और सितम्बर का DA एरियर भी मिलेगा। क्या है डिटेल बता दें कि केंद्र सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देता है, जबकि पेंशनभोगियों को डीआर दिया जाता है। सामान्य तौर पर, डीए और डीआर में साल में दो बार बढ़ोतरी की जाती है – जनवरी और जुलाई। अभी एक करोड़ से ज्यादा केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 50 फीसदी महंगाई भत्ता मिल रहा है। इससे पहले बीते मार्च महीने में सरकार ने 4% डीए बढ़ाने का ऐलान किया था। 2006 में, केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए डीए और डीआर की गणना करने के फॉर्मूले को संशोधित किया था। 30 सितंबर को कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लेटर लिखकर डीए/डीआर बढ़ोतरी की घोषणा में देरी पर चिंता व्यक्त की थी। DA कैलकुलेशन आपको बता दें कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों का DA उनके बेसिक सैलरी के आधार पर तय किया जाता है। मान लीजिये कि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 30 हजार रुपये है और उसका डीए 3 फीसदी बढ़ाया गया है तो उसकी सैलरी में 900 रुपये का इजाफा होगा। अगर बेसिक सैलरी, DA और आवास भत्‍ता यानी HRA जोड़कर उसकी सैलरी 55000 हजार रुपये पहले आती थी, तो अब 55,900 रुपये आएगी।

जयशंकर ने पाकिस्तान की धरती पर उसे ही सुनाई खरी-खरी,लगाया हिंदुस्तानी पंच

इस्लामाबाद शंघाई सहयोग संगठन की मीटिंग के लिए इस्लामाबाद पहुंचे विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान को उसकी ही धरती पर खूब सुनाया है। विदेश मंत्री ने कहा कि यदि आतंकवाद जारी रहेगा तो फिर कारोबार को प्रोत्साहन नहीं दिया जा सकता। ये दोनों चीजें एक साथ नहीं चल सकतीं। उन्होंने कहा कि दो देशों के बीच आपसी सहयोग तभी हो सकता है, जब दोनों एक-दूसरे का सम्मान करें। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सहयोग तभी संभव है, जब साझेदारी वास्तविक हो। एकतरफा एजेंडों के जरिए रिश्ते आगे नहीं बढ़ सकते। उन्होंने कहा कि यदि एससीओ के चार्टर के अनुसार हम बर्ताव करेंगे, तभी विकास कर सकते हैं। उन्होंने साफ कहा कि यदि सीमा पार आतंकवाद और कट्टरवाद का इस्तेमाल किया जाता है तो फिर उससे कारोबार, ऊर्जा और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में प्रगति नहीं हो सकती। एस. जयशंकर ने कहा कि हम ऐसे समय में बैठक कर रहे हैं जब दुनिया कठिनाई के दौर से गुजर रही है; दो बड़े संघर्ष जारी हैं, जिनका पूरे विश्व पर असर होगा। भारत की ओर से एससीओ में प्रतिनिधित्व के लिए इस्लामाबाद पहुंचे एस. जयशंकर का पाकिस्तान में भी वही तेवर बरकरार रहा, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। तीन बुराइयों का दृढ़ता से मुकाबला करने की जरूरत विदेश मंत्री एस जयशंकर ने SCO शिखर सम्मेलन में कहा कि SCO का प्राथमिक लक्ष्य आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद का मुकाबला करना है. वर्तमान समय में ये और भी महत्वपूर्ण है. इसके लिए ईमानदार बातचीत, विश्वास, अच्छे पड़ोसी और एससीओ चार्टर के प्रति प्रतिबद्धता की आवश्यकता है. एससीओ को इन ‘तीन बुराइयों’ का मुकाबला करने में दृढ़ और संकल्पित होने की आवश्यकता है. CPEC की ओर इशारा, संप्रभुता की सम्मान की बात उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण और पुनर्संतुलन वर्तमान समय की वास्तविकताएं हैं. एससीओ देशों को इसे आगे बढ़ाने की आवश्यकता है. विदेश मंत्री ने कहा कि परस्पर सम्मान और संप्रभु समानता पर आधारित होना चाहिए, क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को मान्यता देनी चाहिए और वास्तविक साझेदारी पर निर्माण करना चाहिए, न कि एकतरफा एजेंडे पर. एससीओ वैश्विक प्रथाओं को चुनिंदा तरीके से अपनाकर प्रगति नहीं कर सकता है, खासकर व्यापार और परिवहन के मामले में. UNSC में सुधार की पहल करे SCO विदेश मंत्री ने कहा कि SCO को कोशिश करनी चाहिए कि वैश्विक संस्थाएं रिफॉर्म्स के साथ कदम ताल करे. इसकी कोशिश होनी चाहिए कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भागीदारी बढ़ाई जाए, इसे समावेशी, पारदर्शी, कुशल, प्रभावी, लोकतांत्रिक और जवाबदेह बनाया जाए.   उन्होंने कहा कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि विकास और प्रगति के लिए शांति एवं स्थिरता की जरूरी है। यदि ये चीजें नहीं होंगी तो फिर विकास की बात नहीं हो सकती।विदेश मंत्री ने कहा कि यदि सभी मिलकर कनेक्टिविटी के लिए प्रयास करें तो उससे नई क्षमताएं विकसित होंगी। दुनिया में इससे ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। यह दुनिया में बड़े बदलाव की नींव रखेगा। भारत की ओर से कई बार पाकिस्तान से कहा जा चुका है कि जब तक सीमा पार आतंकवाद नहीं रुकेगा, पाकिस्तान से वार्ता संभव नहीं है। भारत के इस स्टैंड को दोहराते हुए एस जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद और उग्रवाद से जुड़ी सीमा पार गतिविधियों से व्यापार, ऊर्जा प्रवाह और संपर्क सुविधा को बढ़ावा मिलने की संभावना नहीं है।

केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर को मिला पहला मुख्यमंत्री, उमर अब्दुल्ला ने ली सीएम पद की शपथ…

श्रीनगर उमर अब्दुल्ला ने जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण कर ली है. समारोह में सुरिंदर चौधरी ने डिप्टी सीएम की शपथ ली. उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (SKICC) में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा पहले उमर अब्दुल्ला को शपथ दिलाई, इसके बाद सुरिंदर चौधरी ने डिप्टी सीएम की शपथ ग्रहण की. बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव कराए गए थे। जम्मू-कश्मीर में 90 विधानसभा सीटों पर तीन चरणों में मतदान हुए थे जबकि 8 अक्टूबर को नतीजे आए थे। शपथ लेने से पहले उमर अब्दुल्ला ने अपने दादा स्वर्गीय शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की मजार पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उमर अब्दुल्ला के शपथ ग्रहण में कई दिग्गज नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। नेकां-कांग्रेस की सरकार के बहाने आईएनडीआई गठबंधन के शक्ति प्रदर्शन की भी तैयारी है। शपथ ग्रहण में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल, शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, माकपा नेता प्रकाश करात और भाकपा नेता डी राजा सहित लगभग 50 नेताओं को आमंत्रित किया गया है। राहुल, प्रियंका समेत कई नेता बने समारोह का हिस्सा इंडिया गठबंधन दलों के कई नेता शपथ समारोह में शामिल हुए. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, JKNC प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती, AAP नेता संजय सिंह, CPI नेता डी राजा सहित INDIA गठबंधन के अन्य नेता यहां मौजूद हैं. सरकार में शामिल नहीं हुई कांग्रेस कांग्रेस पार्टी सरकार में शामिल नहीं हुई है. कांग्रेस ने उमर सरकार को बाहर से समर्थन देने के फैसला लिया है. उमर अब्दुल्ला के साथ नेशनल की तरफ से सुरिंदर चौधरी,सतीश शर्मा, सकीना इटू ने मंत्री पद की शपथ ली है. सुरिंदर चौधरी डिप्टी सीएम बनाए गए हैं. सुरक्षा के भी बेहद कड़े बंदोबस्त शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिपरिषद के सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह हुआ. शपथ ग्रहण समारोह स्थल के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. शपथ समारोह से पहले उमर अब्दुल्ला ने नेकां के संस्थापक शेख मुहम्मद अब्दुल्ला के स्मारक पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. पठानी सूट और कोट पहने 54 वर्षीय अब्दुल्ला ने पार्टी संस्थापक के स्मारक पर फूल चढ़ाए. उमर अब्‍दुल्‍ला ने CM बनने से पहले जम्‍मू-कश्‍मीर को फिर स्‍पेशल स्‍टेटस दिलाने के लिए संघर्ष करने का किया वादा जम्‍मू-कश्‍मीर के होने वाले नए सीएम आज शपथ लेने को तैयार हैं. यह पहला मौका है जब घाटी में धारा-370 हटने के बाद सरकार बनने जा रही है. 2014 में जब चुनाव हुए थे तब बीजेपी और पीडीपी के गठबंधन की सरकार बनी थी. तब जम्‍मू-कश्‍मीर के पास स्‍पेशल स्‍टेटस था. अब यह राज्‍य एक केंद्र शासित प्रदेश है. एक दिन पहले उमर अब्‍दुल्‍ला ने कहा था कि वो जम्‍मू-कश्‍मीर को फिर स्‍पेशल स्‍टेटस दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे. सतीश शर्मा और सुरिंदर चौधरी जम्‍मू-कश्‍मीर में बनने जा रहे उमर अब्‍दुल्‍ला सरकार में मंत्री जम्मू से सतीश शर्मा और सुरिंदर चौधरी बनेंगे मंत्री. सुरिंदर चौधरी ने नौशहरा से रवींद्र रैना को हराया था. सतीश शर्मा ने कांग्रेस से टिकट न मिलने पर निर्दलीय उम्मीदवार बन लड़े थे चुनाव. बाद में ज्वाइन की NC. सतीश शर्मा कांग्रेस के पूर्व सांसद मदन लाल शर्मा के बेटे हैं. मैं मंत्रीपद में 9 सीट खाली रखूंगा… कांग्रेस के गठबंधन में शामिल नहीं होने पर बोले उमर अब्‍दुल्‍ला  उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस मंत्रिमंडल से बाहर नहीं है. यह उन्हें तय करना है, और हम उनके साथ चर्चा कर रहे हैं. मैं मंत्रिपरिषद में सभी 9 रिक्तियों को नहीं भरूंगा. कुछ रिक्तियों को खुला रखा जाएगा क्योंकि हम कांग्रेस के साथ बातचीत कर रहे हैं. एनसी और कांग्रेस के बीच सब कुछ ठीक है, अन्यथा खरगे जी, राहुल जी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता यहां नहीं आते. उनकी उपस्थिति इस बात का संकेत है कि गठबंधन मजबूत है, और हम लोगों जम्‍मू-कश्‍मीर के लिए काम करेंगे.  

उत्तर प्रदेश में बीजेपी के नए दस्यों की संख्या पहुंची दो करोड़, मुख्यमंत्री योगी ने किया स्वागत

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी से दो करोड़ नए सदस्य जुड़ गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन सदस्यों का भाजपा परिवार में स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखकर इस उपलब्धि पर कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयास की सराहना की।उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी से दो करोड़ नए सदस्य जुड़ गए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन सदस्यों का भाजपा परिवार में स्वागत किया. मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के निर्देशन और कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयास से भाजपा उत्तर प्रदेश परिवार के सदस्य के रूप में राष्ट्रीय विचारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा के संस्कारों से जुड़ने का सौभाग्य प्राप्त करने वाले दो करोड़ नए सदस्यों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन, राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के कुशल निर्देशन और देवतुल्य कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयास से भाजपा उत्तर प्रदेश परिवार के सदस्य के रूप में राष्ट्रीय विचारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा के संस्कारों से जुड़ने का सौभाग्य प्राप्त करने वाले 2 करोड़ नए सदस्यों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है! राष्ट्र प्रथम की भावना से ओतप्रोत है भाजपा का प्रत्येक सदस्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि पूर्ण विश्वास है कि नेशन फर्स्ट की भावना से ओतप्रोत उत्तर प्रदेश भाजपा परिवार का प्रत्येक सदस्य ‘विकसित उत्तर प्रदेश-विकसित भारत’ के संकल्प की पूर्णता में पूरी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ सहयोगी सिद्ध होगा।

शपथ से पहले कश्मीर में पलट गई बाजी ! सरकार के साथ नहीं कांग्रेस

श्रीनगर  विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस की जीत के बाद उमर अब्दुल्ला के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने की तैयारियां पूरी हो गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिपरिषद के सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा सुबह 11:30 बजे पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। शपथ समारोह में शामिल होने के लिए I.N.D.I.A. गठबंधन को निमंत्रण भेजा गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी श्रीनगर में मुख्यमंत्री पद के लिए नामित उमर अब्दुल्ला के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। इधर शपथ ग्रहण समारोह से पहले जम्मू-कश्मीर के मनोनीत मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में शेर-ए-कश्मीर शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की मजार-ए-अनवर पर पुष्पांजलि अर्पित की। जिसमें 10 कैबिनेट मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है. इस आयोजन में कांग्रेस सहित INDIA ब्लॉक के कई दिग्गज शामिल होने वाले हैं. लेकिन आयोजन से पहले ही इस समारोह के रंग में भंग पड़ता दिखाई दे रहा है. दरअसल, पहले कहा जा रहा था कि जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के चीफ तारिक हमीद कर्रा भी इस कैबिनेट में शामिल होकर मंत्री पद की शपथ लेंगे, लेकिन अब कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि आज उनकी पार्टी का कोई भी विधायक मंत्री पद की शपथ नहीं लेगा और पार्टी बाहर से समर्थन करने पर भी विचार कर रही है. जम्मू-कश्मीर के कांग्रेस प्रभारी भरत सिंह सोलंकी का कहना है कि फिलहाल नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के बीच बातचीत चल रही है. चर्चा पूरी होने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा. बात पूरी न हो पाने के कारण आज कोई भी कांग्रेस विधायक शपथ नहीं लेगा. इस बात को लेकर भी चर्चा चल रही है कि कांग्रेस सरकार का हिस्सा रहेगी या फिर उसे बाहर से समर्थन करेगी. कांग्रेस के इस बयान से सियासी गलियारों में हलचल शुरू हो गई है. बता दें कि जम्मू-कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था और माना जा रहा था कि कांग्रेस भी इस सरकार का हिस्सा रहेगी. लेकिन आज शपथ ग्रहण से पहले कांग्रेस के ऐलान ने सभी को चौंका दिया है, क्योंकि कांग्रेस विधायक के शपथ न लेने का सीधा मतलब है कि फिलहाल कैबिनेट शेयरिंग को लेकर बात फाइनल नहीं हो सकी है और कांग्रेस के पास बाहर से समर्थन देने का विकल्प भी है ताकि किसी तरह का दबाव भी न रहे. NC-कांग्रेस गठबंधन को 48 सीटें बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद हुए विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन ने जीत हासिल की. 90 सीटों में से नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 42 और कांग्रेस ने 6 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं, बीजेपी 29 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करने में सफल रही. महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी इस चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी. ये है जम्मू-कश्मीर का नंबर गेम जम्मू कश्मीर विधानसभा की 90 सीटों के लिए चुनाव हुए थे और उपराज्यपाल की ओर से पांच विधायकों के मनोनयन को भी जोड़ लें तो सदन की स्ट्रेंथ 95 पहुंचती है. 10 फीसदी वाली कैप भी है, ऐसे में मंत्रिमंडल में सदस्यों की कुल संख्या 9.5 यानि अधिकतम 10 ही हो सकती है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के 42 विधायक चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं और चुनाव पूर्व गठबंधन में शामिल रही कांग्रेस के छह, सीपीएम के एक विधायक हैं. चुनाव पूर्व गठबंधन से ही 49 विधायक हैं और अब पांच निर्दलीय विधायकों ने भी उमर सरकार के समर्थन का ऐलान कर दिया है. आम आदमी पार्टी भी गिव एंड टेक के फॉर्मूले पर समर्थन ऑफर कर चुकी है.

Salary Hike Prediction: अगले साल 9.5% बढ़ सकती है आपकी सैलरी!

नईदिल्ली  एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि देश की कॉरपोरेट कंपनियों में काम कर रहे लोगों के वेतन में 2025 में 9.5 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है। यह अनुमान 2024 की वास्तविक वेतन वृद्धि के समान ही हैं। डब्ल्यूटीडब्ल्यू की नवीनतम वेतन बजट योजना रिपोर्ट के अनुसार, भारत में औसत वेतन वृद्धि 2025 में 9.5 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, वर्ष 2024 की वास्तविक वेतन वृद्धि भी 9.5 प्रतिशत ही रही है। भारत में यह वेतन वृद्धि पूरे क्षेत्र में सबसे अधिक है। वियतनाम (7.6 प्रतिशत), इंडोनेशिया (6.5 प्रतिशत), फिलीपींस (5.6 प्रतिशत), चीन (5 प्रतिशत) और थाईलैंड (5 प्रतिशत) जैसे बाजारों में भी अगले साल मजबूत वेतन वृद्धि दिख सकती है। वेतन बजट योजना से जुड़ी रिपोर्ट डब्ल्यूटीडब्ल्यू के रिवार्ड्स डेटा इंटेलिजेंस प्रैक्टिस द्वारा संकलित की जाती है। यह सर्वेक्षण अप्रैल और जून 2024 में आयोजित किया गया था। इस दौरान दुनिया भर के 168 देशों की कंपनियों से लगभग 32,000 प्रतिक्रियाएं ली गईं थी। सर्वेक्षण में भारत से 709 प्रतिभागी शामिल किए गए थे। WTW इंडिया के कंसल्टिंग लीडर, वर्क एंड रिवॉर्ड्स, राजुल माथुर के अनुसार भारत में कंपनियाँ विकास के बारे में आशावादी हैं। वे आशावाद को सावधानी के साथ संतुलित भी कर रहे हैं। इस्तीफे का दौर पीछे छूट गया है। नियोक्ता और कर्मचारी दोनों अब स्थिरता चाहते हैं और बाजार की भावना भी स्थिर बनी हुई है। 2025 में, फार्मास्यूटिकल्स (10 प्रतिशत), मैन्युफैक्चरिंग (9.9 प्रतिशत), बीमा (9.7 प्रतिशत), कैप्टिव और एसएसओ सेक्टर (9.7 प्रतिशत) और रिटेल (9.6 प्रतिशत) जैसे उद्योगों में वेतन वृद्धि सामान्य उद्योगों के वेतन औसत से अधिक रहने की संभावना है। सॉफ्टवेयर और बिजनेस सर्विसेज के क्षेत्र में 9 प्रतिशत तक की वेतन वृद्धि हो सकती है। इस क्षेत्र में वेतन वृद्धि औसत 9.5 प्रतिशत से नीचे रहने का अनुमान है। इस सर्वे के मुताबिक देश में अगले साल यानी 2025 में लोगों को पहले से ज्यादा सैलरी मिलेगी, रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में लोगों की औसतन सैलरी साढ़े 9 फीसदी तक बढ़ सकती है, जबकि 2024 में ये बढ़ोतरी 9.3 फीसदी रहने का अनुमान है. सबसे ज्यादा इन सेक्टर्स में बढ़ेगी सैलरी ऐसा अलग-अलग सेक्टर्स में पॉजिटिव कारोबारी माहौल की वजह से होने का अनुमान है. अगर अलग-अलग सेक्टर्स की बात करें तो इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल सेक्टर्स में 10 फीसदी की वेतन बढ़ोतरी का अनुमान है. जबकि फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस और ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर्स में सैलरी इंक्रीमेंट 9.9 फीसदी हो सकता है.   वहीं टेक्निकल प्रॉडक्शन के कर्मचारियों को 9.3 फीसदी वेतन बढ़ोतरी मिलने की उम्मीद है, और सर्विस सेक्टर में सैलरी इंक्रीमेंट 8.1 परसेंट हो सकता है. एऑन के मुताबिक वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत में कई सेक्टर्स में पॉजिटिव माहौल बना हुआ है. ये मैन्युफैक्चरिंग, बायोसाइंस और रिटेल सेक्टर्स में अनुमानित वेतन बढ़ोतरी से साफ नजर भी आ रहा है. ऐसे कर्मचारियों को मिल रही है तगड़ी सैलरी इसके अलावा भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था कई क्षेत्रों में कारोबार को बढ़ा रही है. इसके लिए कंपनियों को अच्छे कर्मचारी चाहिए तो वो ज्यादा वेतन दे रही हैं, और महंगाई में हो रही बढ़ोतरी भी कर्मचारियों के ज्यादा वेतन की वजह बन रही है. सर्वे में ये भी बताया गया है कि नौकरी बाजार में प्रतिस्पर्धा के चलते कंपनियों को बदलते बाजार के आंकड़ों का ध्यान में रखकर रणनीति बनानी चाहिए. इस साल औसतन 16.9 फीसदी कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ी, जबकि 2023 में ये अनुपात 18.7 फीसदी और 2022 में 21.4 फीसदी था. एऑन के मुताबिक नौकरी छोड़ने की दर में कमी कंपनियों को अंदरुनी विकास और उत्पादकता को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने का मौका देती है. एऑन का ये सर्वे 40 उद्योगों की 1176 से ज्यादा कंपनियों के आंकड़ों पर आधारित है.

न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की तीन मैचों के टेस्ट सीरीज का आज से होगा आगाज, पहला टेस्ट मैच 16 से 20 अक्टूबर तक खेला जाएगा

बेंगलूर रोहित शर्मा की अगुवाई वाली भारतीय टीम टेस्ट सीरीज में बांग्लादेश का सूपड़ा साफ करने के बाद अब न्यूजीलैंड की चुनौती से निपटने के लिए तैयार है। इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का बुधवार से आगाज होने जा रहा है। यह सीरीज आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2023-25 का हिस्सा है। रोहित ब्रिगेड डब्ल्यूटीसी पॉटइंट्स टेबल में फिलहाल शीर्ष पर है। भारत आगामी सीरीज में कीवियों को रौंदकर अपनी स्थिति को और मजबूत करने की फिराक में होगा। चलिए, आपको बताते हैं कि भारत और न्यूजीलैंड सीरीज में धूम-धड़ाके का लुत्फ कब-कहां और कैसे उठा सकते हैं? टेस्ट सीरीज का शेड्यूल इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज का पहला मैच 16 से 20 अक्टूबर तक खेला जाएगा। यह मुकाबला बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होगा। दूसरे टेस्ट का आयोजन 24 से 28 अक्टूबर तक पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में होगा। तीसरा मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होना है। आखिरी टेस्ट 1 से 5 नवंबर तक खेला जाएगा। लाइव स्ट्रीमिंग कहां देखें? आप भारत-न्यूजीलैंड टेस्ट मैचों का लाइव प्रसारण स्पोर्ट्स18 नेटवर्क के चैनलों पर देख सकते हैं। वहीं, जियो सिनेमा ऐप और वेबसाइट पर लाइव स्ट्रीमिंग का लुत्फ सकते हैं। मुकाबले से जुड़ी खबरों के लिए आप लाइव हिंदुस्तान के क्रिकेट पेज पर विजिट कर सकते हैं। मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 9:30 बजे शुरू होगा। टॉस के लिए दोनों कप्तान आधे घंटे पहले मैदान पर उतरेंगे। ऐसा है दोनों का स्क्वॉड भारतीय स्क्वॉड: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, विराट कोहली, केएल राहुल, सरफराज खान, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, आकाश दीप, जसप्रीत बुमराह, यशस्वी जायसवाल, रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा। न्यूजीलैंड स्क्वॉड : टॉम लाथम (कप्तान), डेवोन कॉनवे, मार्क चैपमैन, विल यंग, डेरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, मिचेल ब्रासवेल, मिचेल सेंटनेर, रचिन रविंद्र, टॉम ब्लंडेल, ऐजाज पटेल, जैकब डफी , मैट हेनरी, टिम साउदी, विलियम ओ राउरकी, केन विलियमसन। केन बेंगलुरु टेस्ट से बाहर न्यूजीलैंड के दिग्गज बल्लेबाज केन विलमयमसन बेंगलुरु टेस्ट में नहीं खेलेंगे। विलियमसन को चोट के कारण बाहर होना पड़ा है। न्यूजीलैंड टीम को सीरीज शुरू होने से पहले एक और झटका लगा है। दरअसल, तेज गेंदबाज बेन सीयर्स घुटने की चोट के कारण पूरी सीरीज से ही बाहर हो गए हैं। न्यूजीलैंड ने उनकी जगह जैकब डफी को टीम में शामिल किया गया है। डफी ने अभी तक एक भी टेस्ट नहीं खेला है।

खेत में ऊंचे लगेंगे सोलर पैनल, नीचे होगी सब्जी और फूलों की खेती, कृषि विश्वविद्यालय परिसर में नवाचार

 ग्वालियर  सोलर पैनल के जरिए सौर ऊर्जा उत्पादन के साथ फूल और सब्जी की खेती का प्रदेश में पहली बार राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय परिसर में नवाचार किया जाएगा। सौर ऊर्जा के इस माडल से बनने वाली बिजली का व्यवसायिक उपयोग किया जाएगा। आमतौर पर कम हाइट के सोलर पैनल लगाए जाते हैं, लेकिन यहां आठ फीट के सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इस माडल के निर्माण पर 180.62 लाख रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। प्रोजेक्ट के प्रारूप की जानकारी देते हुए डा. वायपी सिंह निदेशक विस्तार सेवा ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत इस माडल को लगाया जाएगा। इससे बिजली और फसल दोनों का उत्पादन संभव हो सकेगा। इसीलिए इस प्रोजेक्ट को गहन सब्जी खेती के लिए सौर ऊर्जा माडल नाम दिया गया है। सोलर प्लेट लगे होने के बावजूद भिंडी, टमाटर, गोभी, मिर्च, लौकी के साथ फूलों की खेती की जा सकेगी। वर्षा के पानी को हार्वेस्टिंग से तालाब में ले जाया जाएगा डा. सिंह ने बताया कि सोलर पैनल पर गिरने वाले वर्षा के पानी को तालाब में ले जाया जाएगा। इस पानी का री-यूज भी किया जाएगा। बिजली उत्पादन कर बिजली कंपनी को देंगे। सोलर पैनल के अलग-अलग सिस्टम लगाए जाएंगे। इस माडल को टेस्ट भी किया जाएगा, जो माडल अच्छा होगा उसे किसानों को दिखाया जाएगा। इसके साथ ही किसानों को बताया जाएगा कि इस तरह सब्जी व फूलों की खेती करें। इसके साथ ही खुले में होने वाली खेती और सोलर पैनल में नीचे होने वाली खेती पर जलवायु के प्रभाव का अध्ययन भी किया जाएगा।     विश्वविद्यालय पहला संस्थान होगा जहां सौर ऊर्जा माडल का उपयोग बतौर नवाचार के रूप में किया जाएगा। इस योजना के तहत सोलर पैनल के नीचे सब्जी और फूलों की खेती की जाएगी। साथ ही जलवायु परिवर्तन की स्टडी भी हम करेंगे। डा.अरविंद शुक्ला, कुलपति, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय किसानों ने सीखी पौध उत्पादन की बारिकियां मेला रोड स्थित शासकीय पौधशाला में शुरू हुए चार दिवसीय जिला स्तरीय किसान मेले में  भितरवार विकासखंड के किसान पहुंचे। संयुक्त संचालक उद्यान बृजेन्द्र भदौरिया ने कहा कि किसान संरक्षित बागवानी, नर्सरी उत्पादन के साथ अन्य तरीकों से भी अपनी आमदनी में बढ़ोतरी कर सकते हैं। सहायक संचालक उद्यान महेश प्रताप सिंह बुंदेला ने किसानों को विभिन्न प्रकार की खेती के लिए बनाए जाने वाले ढांचों के बारे में बताया।

एयर प्यूरीफायर कंपनियों पर कसेगी नकेल, केंद्र सरकार Air Purifiers की क्‍वालिटी को लेकर गंभीर

नई दिल्ली बदलते मौसम, पराली के चलते दिल्‍ली-एनसीआर की आबोहवा दिवाली से पहले ही खराब होना शुरू हो गई है. कुछ जगहों पर तो प्रदूषण का स्‍तर डेंजर जोन की ओर बढ़ गया है. ऐसे में आने वाले दिनों में AQI का स्‍तर और भी खराब होने की संभावना है. ऐसे में बाजार में Air Purifiers की मांग भी तेजी से बढ़ने लगी है. ऐसे में सरकार भी एयर प्यूरीफायर की क्‍वालिटी को लेकर काफी गंभीर हो गई है. फिल्‍टर घटिया पाया गया तो लिया जाएगा एक्‍शन ग्राहक की चिंता, एयर प्यूरीफायर की क्वालिटी, सर्विस और दावे को लेकर सरकार अब सख्‍त कदम उठाने की तैयारी में है. इसके तहत एयर प्यूरीफायर की क्वालिटी को जांचने के लिए सर्विलांस बढ़ाया जाएगा. फैक्ट्री, आउटलेट से रैंडम सैंपलिंग ली जाएगी. एयर फिल्टर के लिए QCO है, ऐसे में अगर फिल्‍टर घटिया पाया गया तो BIS एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी. सरकार ने ग्राहकों से भी अपील की है कि वे बिना ISI मार्क वाला एयर प्यूरीफायर न खरीदें. साथ ही सर्विस सेंटर की जानकारी भी आसानी से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. अभी से खतरनाक स्‍तर पर पहुंच रहा है प्रदूषण बता दें कि दिल्‍ली-एनसीआर में प्रदूषण एक बहुत बड़ा मुद्दा है. हर साल दिवाली के बाद यहां प्रदूषण इतना बढ़ जाता है कि लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है. अभी दिवाली आई भी नहीं और तमाम जगहों पर एक्‍यूआई खतरनाक स्‍तर पर पहुंचने लगा है. नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में प्रदूषण का हाल अभी से काफी खराब है. नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक सोमवार को सुबह 10 बजे 259, ग्रेटर नोएडा का AQI (Air Quality Index) 270 और गाजियाबाद में 265 दर्ज किया गया है.  नोएडा के सेक्टर 116 में वायु सूचकांक 306 मापा गया है, जो खतरनाक जोन में पहुंच गया है. इसी तरह ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क 5 में वायु सूचकांक 310 पर पहुंचा हुआ है. वहीं गाजियाबाद के लोनी इलाके में स्थिति और भी गंभीर हो चुकी है. यहां पर वायु सूचकांक 335 पर पहुंच गया है. हालातों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने भी सोमवार को आदेश जारी करते हुए 1 जनवरी तक पटाखे के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर रोक लगा दी है. क्‍या होता है AQI हवा की क्वालिटी मापने के लिए एयर क्वालिटी इंडेक्स (Air Quality Index-AQI) का इस्तेमाल किया जाता है. AQI एक ईकाई है, जिसके आधार पर ये पता चलता है कि उस जगह की हवा सांस लेने लायक है या नहीं.  AQI में 8 प्रदूषक तत्वों सल्फर PM10, PM2.5, NO2, SO2, CO, O3, NH3 और PB को देखा जाता है कि उनकी मात्रा कितनी है. अगर उनकी तय लिमिट से ज्यादा मात्रा होती है, तो समझ जाता है कि वहां की हवा प्रदूषित है. AQI के छह मानक एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के छह मानक  होते हैं, जो ये बताते हैं कि शहर की हवा सांस लेने योग्‍य है या नहीं. ये छह मानक हैं- अच्छी, संतोषजनक,सामान्‍य, खराब, बहुत खराब और गंभीर जैसी कैटेगरी शामिल हैं. 0-50 के बीच ‘अच्‍छी’, 51-100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘सामान्य’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है. भ्रामक दावों के साथ कंपनियां करती हैं विज्ञापन मसलन, कंपनियां अक्सर भ्रामक विज्ञापनों के जरिए अपने प्रोडक्ट्स का प्रचार करती हैं, जबकि प्रोडक्ट्स में क्वालिटी नहीं पाई जाती. इस मामले पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने वर्ल्ड स्टैंडर्ड्स डे इवेंट में बात भी की थी और मिसलीडिंग विज्ञापनों पर चिंता जाहिर की थी. उन्होंने कहा था, “एयर प्यूरीफायर बनाने वाली कंपनियां गलत दावे करती हैं और हम देखते हैं कि कितना कुछ लिखा होता है, लेकिन उसमें कुछ नहीं होता. उसमें मात्र एक फैन लगा होता है, फिर भी दावे किए जाते हैं. प्रदूषण बढ़ने के बीच सर्विलांस अहम प्रह्लाद जोशी ने इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए BIS, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय और उपभोक्ताओं के बीच सहयोग की शुरुआत करने की बात कही थी. इस पहल का समय अहम है क्योंकि भारतीय शहरों में बढ़ते प्रदूषण स्तर ने एयर प्यूरीफायर की डिमांड बढ़ाई है और ऐसे में कंपनियां अक्सर भ्रामक दावों के साथ अपने प्रोडक्ट्स के विज्ञापन करती हैं. भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाना मकसद इस कदम से यह उम्मीद की जा रही है कि उपभोक्ताओं को अच्छी क्वालिटी के एयर प्यूरीफायर मिल सकें और यह सुनिश्चित करने की कोशिश होगी कि कंपनियां भ्रामक दावों के साथ अपने प्रोडक्ट्स का विज्ञापन करने पर रोक लगाएं. एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि इस तरह की जांच से क्वालिटी कंट्रोल को बेहतर किया जा सकता है और कंपनियों के गलत दावे करने पर लगाम लगाई जा सकती है.  

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