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महादेव बेटिंग एप के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को यूएई (UAE) में गिरफ्तार, भारत लाने की तैयारी

नई दिल्ली महादेव बेटिंग ऐप केस में भारत की जांच एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है. सूत्रों के मुताबिक बेटिंग ऐप के मालिक सौरभ चंद्राकर को इंटरपोल ने डिटेन कर लिया है, जिसके बाद उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. सूत्रों के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम महादेव ऐप के मालिक सौरभ चंद्राकर को एक हफ्ते के अंदर भारत लेकर आ सकती है. बताया जा रहा है कि इंटरपोल ने सीबीआई को सूचित किया है, जो नोडल एजेंसी है. बता दें कि इस मामले में ईडी ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था. बता दें कि महादेव ऐप के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर का D कंपनी (दाऊद इब्राहिम) से भी कनेक्शन है. देश के कई राज्यों में महादेव ऐप के खिलाफ केस दर्ज है. ED में भी ऐप को लेकर शिकायत दर्ज की गई है. बता दें कि इससे पहले दिसंबर 2023 को भी सौरभ चंद्राकर को दुबई में हिरासत में लेने के बाद ‘घर में नजरबंद’ किया गया था. केंद्र ने महादेव बेटिंग ऐप पर लगाया बैन केंद्र सरकार ने 5 नवंबर 2023 को महादेव बेटिंग ऐप समेत अवैध सट्टेबाजी वाले 22 ऐप और वेबसाइटों को ब्लॉक करने का आदेश दिया था. ED की सिफारिशों के बाद इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी अधिनियम की धारा 69ए के तहत आदेश जारी किए गए थे. महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामला तब सुर्खियों में आया था, जब ईडी ने दावा किया कि उसने एक ‘कैश कूरियर’ के ईमेल स्टेटमेंट को रिकॉर्ड किया है, जिसमें खुलासा हुआ है कि छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यूएई में स्थित ऐप प्रमोटरों से कथित तौर पर 508 करोड़ रुपये लिए थे. हालांकि, बघेल ने आरोपों को खारिज किया था. ईडी ने 8 नवंबर को दर्ज किया था केस महादेव बेटिंग ऐप और उसके प्रमोटर्स के खिलाफ धोखाधड़ी को लेकर मुंबई पुलिस ने 8 नवंबर 2023 को केस दर्ज किया था. आरोपियों पर चीटिंग करने और जुआ खिलाने के आरोप लगे थे. इस मामले में माटुंगा पुलिस थाने में सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल समेत 30 से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज हुआ था, जिसे बाद में मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपा गया और बाद में इसकी जांच के लिए एक एसआईटी बनाई गई. दरअसल, इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता ने निचली अदालत में याचिका दायर की थी. इसमें ऐप और इसके प्रमोटर्स के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की गई थी. इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने माटुंगा पुलिस को केस दर्ज करने को कहा था. पुलिस ने बताया कि सौरभ, रवि आदि के खिलाफ FIR दर्ज की गई. FIR के मुताबिक, आरोपियों ने लोगों को करीब 15 हजार करोड़ का चूना लगाया है.  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के 15 अखाड़ों को प्रोत्साहन स्वरूप 2-2 लाख रुपए देने की घोषणा

प्रदेश में कुश्ती सहित अन्य सभी खेलों को निरंतर बढ़ावा दिया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में मलखंभ अकादमी शीघ्र चालू होगी  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के 15 अखाड़ों को प्रोत्साहन स्वरूप 2-2 लाख रुपए देने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के क्षीरसागर सागर स्टेडियम ऑडिटोरियम में आयोजित कुश्ती दंगल कार्यक्रम में पहुंचे उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में कुश्ती सहित अन्य सभी खेलों को निरंतर बढ़ावा दिया जाएगा। उज्जैन में मलखंभ अकादमी शीघ्र चालू होगी। मलखंभ के साथ जिम्नास्टिक की भी सौगात मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को उज्जैन के क्षीरसागर स्टेडियम के ऑडोटोरियम में सॉवरियाँ ग्रुप द्वारा आयोजित कुश्ती दंगल प्रतियोगिता के प्रतिस्पर्धियों को संबोधित किया1 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान उज्जैन के सभी 15 अखाड़ों को आवश्यक उपकरण और सामग्री के लिए 2-2 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने सभी खेल प्रेमियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विवेक जोशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री उज्जैन के विभिन्न गरबा कार्यक्रमों में हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाष्टमी के पर्व पर आयोजित विभिन्न गरबा कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने देवी माँ की पूजा-अर्चना कर सभी के लिये मंगल-कामनाएँ कीं।  

अटल पेंशन योजना 18 से 40 वर्ष की उम्र के नागरिकों के लिए लाई गई है, इस योजना से 10वें वर्ष में जुड़े 56 लाख लोग

नई दिल्ली भारत सरकार नागरिकों के लिए कई योजनाएं चला रही है। इन्हीं योजनाओं में से एक अटल पेंशन योजना है। यह योजना 18 से 40 वर्ष की उम्र के नागरिकों के लिए लाई गई है। अटल पेंशन योजना यानी एपीआई के 9 वर्ष पूरे हो चुके हैं। योजना के दसवें वर्ष में पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) की ओर से मंगलवार को सकल पंजीकरण के आंकड़ों की जानकारी दी गई है। पीएफआरडीए द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक,अटल पेंशन योजना से अब तक 7 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं। इस योजना के तहत वर्ष 2024- 25 में अब तक 56 लाख से अधिक नामांकन हुए हैं। प्राधिकरण ने कहा, “यह योजना अपने 10वें वर्ष में है और इसने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।” अटल पेंशन योजना के तहत नागरिकों को 60 वर्ष की उम्र में पेंशन की सुविधा दी जाती है। यह भारत में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों पर केंद्रित पेंशन योजना है, जिसे पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण द्वारा रेगुलेट किया जाता है। योजना के तहत लाभार्थी को 1,000- 5000 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है। पेंशन की राशि लाभार्थी को उसके द्वारा योजना में दिए योगदान के आधार पर तय होती है। भारत का कोई भी नागरिक इस योजना में नामांकन करवा सकता है। योजना के लिए व्यक्ति का डाकघर या बैंक में एक बचत खाता होना अनिवार्य है। पीएफआरडीए ने कहा, “समाज के सबसे कमजोर वर्गों को पेंशन के दायरे में लाने की यह उपलब्धि सभी बैंकों और एसएलबीसी/यूटीएलबीसी के अथक प्रयासों से संभव हो पाई है।” हाल के दिनों में, नियामक प्राधिकरण ने योजना के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए राज्य और जिला स्तर पर एपीवाई आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करना, जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना, विभिन्न मीडिया चैनलों के माध्यम से प्रचार करना और नियमित निष्पादन समीक्षा करना जैसी पहल की है।  

भारत सरकार ने परमाणु पनडुब्बी बनाने के लिए ₹40 हजार करोड़ मंजूर किए

नई दिल्ली भारत सरकार की CCS यानी प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने दो स्वदेशी परमाणु पनडुब्बियों को बनाने की अनुमति दे दी है. इससे भारतीय नौसेना की सामरिक और आक्रामक क्षमता में बढ़ोतरी होगी. इन पनडुब्बियों के बनने से नौसेना की ताकत हिंद महासागर क्षेत्र और दक्षिण चीन सागर में अधिक हो जाएगी. इन पनडुब्बियों को विशाखापट्टनम के शिप बिल्डिंग सेंटर में बनाया जाएगा. इस बनाने में लार्सेन एंड टुब्रो जैसी निजी कंपनियों की मदद भी ली जा सकती है. पनडुब्बियां 95 फीसदी तक स्वदेशी होंगी. ये पनडुब्बियां अरिहंत क्लास से अलग होंगी. इन्हें प्रोजेक्ट एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वेसल के तहत बनाया जाएगा. अभी दो पनडुब्बियां बनेंगी, इसके बाद चार और बनाई जा सकती है. जबकि भारत ने हाल ही में अपनी दूसरी SSBN यानी परमाणु पनडुब्बी INS Arighat कमीशन की है. अगले साल भर के अंदर भारतीय नौसेना में अलग-अलग तरह के कई युद्धपोत और सबमरीन मिलने वाले हैं. कौन-कौन से जंगी जहाज होंगे शामिल… इन 12 जंगी जहाजों में फ्रिगेट्स, कॉर्वेट्स, डेस्ट्रॉयर्स, सबमरीन और सर्वे वेसल भी हैं. नौसेना में इनके शामिल होने से इंडियन ओशन रीजन (IOR) में सुरक्षा का स्तर बढ़ जाएगा.   आईएनएस विशाखापट्टनम (INS Vishakhapatnam)… विशाखापट्टनम क्लास में चार युद्धपोत शामिल हैं. विशाखपट्टनम अपने क्लास की प्रमुख जंगी जहाज है. ये इस साल दिसंबर में नौसेना में शामिल होगा. इसमें कुछ अपग्रेडेशन का काम चल रहा है. इसी साल दिसंबर में इसी क्लास का आईएनस सूरत भी शामिल होगा. इस क्लास के डेस्ट्रॉयर्स में 32 बराक 8 मिसाइलें, 16 ब्रह्मोस एंटी शिप मिसाइल 4 टॉरपीडो ट्यूब्स, 2 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर्स, 7 प्रकार के गन्स होते हैं. ध्रुव और सी किंग हेलिकॉप्टर तैनात हैं. ये ऐसे युद्धपोत हैं, जिनसे लगातार ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया जा रहा है. आईएनएस वाघशीर (INS Vagsheer)… ये कलवारी क्लास यानी स्कॉर्पीन क्लास की डीजल-इलेक्ट्रिक अटैक पनडुब्बी है. यह पनडुब्बी इस साल दिसंबर में तैनात हो जाएगी. यह एंटी-सरफेस, एंटी-सबमरीन वारफेयर में माहिर है. आईएनएस वाघशीर कई मिशन कर सकती है. जैसे सतह-विरोधी युद्ध, पनडुब्बी रोधी युद्ध, खुफिया जानकारी जमा करना, समुद्री बारूदी सुरंग बिछाना, क्षेत्र की निगरानी आदि. पनडुब्बी को ऑपरेशन के समय हर परिस्थिति में संचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी लंबाई लगभग 221 फीट, बीम 20 फीट और ऊंचाई 40 फीट होती है. पानी की सतह पर इसकी गति 20 KM प्रतिघंटा है. पानी के अंदर ये 37 KM प्रतिघंटा की स्पीड से चलती हैं. यह 50 दिनों तक पानी के अंदर बिता सकती है. अधिकतम 350 फीट की गहराई जा सकती है. इसमें 8 सैन्य अधिकारी और 35 सेलर तैनात किए जा सकते हैं. इनके अंदर एंटी-टॉरपीड काउंटरमेजर सिस्टम लगा है. इसके अलावा 533 मिमी के 6 टॉरपीडो ट्यूब्स होते हैं, जिनसे 18 एसयूटी टॉरपीडोस या एसएम.39 एक्सोसेट एंटी-शिप मिसाइल लॉन्च की जा सकती हैं. इसके अलावा यह पानी के अंदर 30 समुद्री बारूदी सुरंग बिछा सकती है. आईएनएस संशोधक (INS Sanshodhak)… यह अगले साल जून में नेवी में शामिल होगी. यह संध्यक क्लास का सर्वे शिप है. इसकी मदद से नौसेना समंदर के नीचे और ऊपर किसी भी तरह का रिसर्च और सर्वे मिशन कर सकती है. आईएनएस निर्देशक (INS Nirdeshak)… ये भी संध्यक क्लास का सर्वे वेसल है. ये इस साल अगस्त में शामिल हो चुकी है. इसमें एडवांस हाइड्रोग्राफिक जांच करने की क्षमता है. साथ ही यह नौसेना के मेरिटाइम ऑपरेशन और सुरक्षित नेविगेशन में मदद करेगा. आईएनएस इक्छक (INS Iskshak)… संध्यक क्लास का यह सर्वे वेसल अगले साल मार्च में मिलेगा. इससे नौसेना हाइड्रोग्राफिक सर्वे कर पाएगी. और साथ ही मेरीटाइम डेटा जमा करने में मदद करेगा. आईएनएस अरनाला (INS Arnala)… यह इस साल नवंबर में नौसेना को मिलेगा. इसका डिस्प्लेसमेंट 900 टन होगा. यह करीब 255 फीट लंबा है. बीम 34 फीट ऊंची है. यह अधिकतम 46 km/hr  की रफ्तार से चलेगा. इसकी रेंज 3300 km है. इस युद्धपोत पर 7 अधिकारियों समेत 57 नौसैनिक तैनात हो सकते हैं. इसमें ASW कॉम्बैट सूइट लगा है, जो दुश्मन के हमलों से टकराने के लिए हथियारों को तैयार करेगा. उनपर नजर रखेगा. इसपर 4 तरह के मैनेजमेंट सिस्टम लगे हैं, जो जंग में युद्धपोत को सही-सलामत रखने में मदद करेंगे. RBU-6000 एंटी सबमरीन रॉकेट लॉन्चर लगा होगा. यह 213 mm की एंटी-सबमरीन रॉकेट सिस्टम है, जो दुश्मन की पनडुब्बियों के ऊपर ताबड़तोड़ रॉकेट फायरिंग करता है. इसके अलावा इस पर 6 हल्के वजन वाले ASW टॉरपीडो लगे हैं. साथ ही एंटी-सबमरीन समुद्री बारूदी सुरंगें रहेंगी. आईएनएस अरनाला पर 30 मिलिमीटर की एक CRN-91 नेवल गन होगी. यह एक ऑटोमैटिक गन होती है, जो हर मिनट 550 गोलियां दाग सकती है. यानी दुश्मन का जहाज छलनी हो जाएगा. इसकी रेंज 4 km है. इसके अलावा 2 ओएफटी 12.7 मिलिमीटर एम2 स्टेब्लाइज्ड रिमोट कंट्रोल्ड गन लगी होगी. यह भारतीय नौसेना का वाटर जेट प्रोपल्शन पावर्ड सिस्टम से लैस सबसे बड़ा युद्धपोत होगा.   आईएनएस माहे (INS Mahe)… यह अगल साल अगस्त में मिलने वाला ASW-SWC कॉर्वेट है. यह एक माइनस्वीपर है. इसके अलावा इसमें सबकुछ अरनाला जैसा ही होगा.   आईएनएस तमाला (INS Tamala)… तलवार क्लास का फ्रिगेट. इसे फरवरी 2025 में नौसेना में शामिल किया जाएगा. इन जंगी जहाजों का समंदर में डिस्प्लेसमेंट 3850 टन होता है. लंबाई 409.5 फीट, बीम 49.10 फीट और ड्रॉट 13.9 फीट है. ये जंगी जहाज समंदर में अधिकतम 59 km/hr की रफ्तार से चलते हैं. यह जंगी जहाज 18 अधिकारियों समेत 180 सैनिकों को लेकर 30 दिन तक समंदर में तैनात रह सकता है. ये जंगी जहाज इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम से लैस हैं. साथ ही 4 केटी-216 डिकॉय लॉन्चर्स लगे हैं. इसके अलावा इसमें 24 Shtil-1 मीडियम रेंज की मिसाइलें तैनात हैं.   8 इगला-1ई, 8 वर्टिकल लॉन्च एंटी-शिप मिसाइल क्लब, 8 वर्टिकल लॉन्च एंटी-शिप और लैंड अटैक ब्रह्मोस मिसाइल भी तैनात है. इसमें एक 100 मिलिमीटर की A-190E नेवल गन लगी है. इसके अलावा एक 76 mm की ओटो मेलारा नेवल गन लगी है. 2 AK-630 सीआईडब्लूएस और 2 काश्तान सीआईडब्लूएस गन लगी हैं. इन खतरनाक बंदूकों के अलावा दो 533 मिलिमीटर की टॉरपीडो ट्यूब्स हैं. और एक रॉकेट लॉन्चर भी तैनात की गई है. इस जंगी जहाज पर एक कामोव-28 या एक कामोव-31 या ध्रुव हेलिकॉप्टर लैस … Read more

शिमला मस्जिद मामले में संजौली की दुकानों पर लगाए गए ‘सनातनी सब्जी वाला’ बोर्ड, देवभूमि संघर्ष समिति लगा रही पोस्टर

शिमला हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली इलाके में देवभूमि संघर्ष समिति ने एक नया अभियान शुरू कर दिया है. यहां देवभूमि संघर्ष समिति की ओर से हिंदू दुकानदारों की सब्जी की दुकान के बाहर एक बोर्ड लगाया जा रहा है. इस बोर्ड में ‘सनातन सब्जी वाला’ लिखा गया है. इसका उद्देश्य यह है कि स्थानीय लोग हिंदू दुकानदारों से खरीदारी करें और बाहरी लोगों का बॉयकॉट किया जाए. देवभूमि संघर्ष समिति के राज्य सह संयोजक विजय शर्मा ने कहा कि समिति की ओर से यह अभियान शुरू किया गया है. इस अभियान का उद्देश्य संजौली इलाके में हिंदू सब्जीवालों को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा कि वे लोगों से यह भी अपील कर रहे हैं कि बाहरी लोगों से वह खरीददारी न करें और स्थानीय दुकानदारों को आगे बढ़ाएं, ताकि उनका रोजगार चल सके. विजय शर्मा ने कहा, “हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली इलाके में रोहिंग्या जैसे लोगों का आना शुरू हो गया है. यह लोग यहां पर व्यापार कर रहे हैं. इस बीच देवभूमि संघर्ष समिति ने स्थानीय दुकानदारों को आगे बढ़ने का बीड़ा उठाया है.” नेम प्लेट को लेकर पहले मच चुका बवाल हिमाचल में इससे पहले भी दुकानों में नेम प्लेट लगाने को लेकर विवाद हो चुका है। शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बयान पर पूरे देश में बवाल मचा था। दरअसल, पिछले महीने विक्रमादित्य सिंह ने कहा था कि सभी दुकानों में उत्तर प्रदेश की तर्ज पर नेम प्लेट लगानी होगी। इस बयान के बाद देशभर में कांग्रेस बेक फुट पर आ गई थी, क्योंकि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने जब कावड़ यात्रा के दौरान नेम प्लेट लगाना अनिवार्य किया था, उस दौरान देशभर में कांग्रेस ने विरोध किया था। विक्रमादित्य के इस बयान के बाद कांग्रेस सरकार ने भी मंत्री के बयान से किनारा कर दिया था और मंत्री का निजी बयान बताया था। बहुदलीय कमेटी स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी के लिए रूल्स तैयार कर रही हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने उद्योग मंत्री हर्ष वर्धन चौहान की अध्यक्षता में रेहड़ी फड़ी वालों की समस्या के समाधान के लिए उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर रखी है। यह कमेटी स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी के लिए रूल्स तैयार कर रही है। नेम प्लेट वाले मामले पर हो चुका है विवाद हिमाचल प्रदेश देवभूमि संघर्ष समिति के इस अभियान के बाद अब संजौली में सब्जी बेच रहे दुकानदारों का धर्म प्रदर्शित होगा. इससे पहले हिमाचल प्रदेश में शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह के नेम प्लेट वाले बयान को लेकर भी खासा विवाद हो चुका है. विक्रमादित्य सिंह ने उत्तर प्रदेश के तर्ज पर हिमाचल प्रदेश के रेहड़ी-फड़ी वालों के नाम प्रदर्शित करने की बात कही थी. हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया था कि इस पूरे मामले का उत्तर प्रदेश और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मॉडल से कोई लेना-देना नहीं है. विधानसभा अध्यक्ष ने की कमेटी गठित हिमाचल प्रदेश में स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी के लिए विधानसभा अध्यक्ष की ओर से जो कमेटी गठित की गई है, वहीं इस संबंध में फैसला लेगी. गौरतलब है कि कि हिमाचल प्रदेश में स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत जो भी व्यक्ति वेंडिंग करता है, उसे नगर निगम की ओर से लाइसेंस दिया जाता है. इस लाइसेंस में पहले से ही व्यक्ति की पहचान से जुड़ी जानकारी होती है. इस लाइसेंस को दुकान में लगाना पहले से ही अनिवार्य है.

“उद्योग मित्र योजना से कनेक्शन जोड़ने एवं विद्युत विक्रय में वृद्धि होने से राजस्व में वृद्धि भी होगी : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि प्रदेश के उच्चदाब एवं निम्नदाब श्रेणी के औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं की सुविधा के लिये स्थायी रूप से विच्छेदित विद्युत कनेक्शनों को पुन: जोड़ने एवं बकाया राशि के भुगतान में राहत तथा नवीन औद्योगिक एवं वाणिज्यिक आवेदकों को आवश्यक अधोसंरचना निर्माण की लागत के भुगतान में राहत देने के लिये “उद्योग मित्र योजना-2024” लागू की गई है। यह योजना 2 वर्षों के लिये प्रभावशील रहेगी। मंत्री तोमर ने कहा है कि इस योजना से वितरण कंपनियों की स्थायी रूप से विच्छेदित उपभोक्ताओं से बकाया राशि की वसूली हो सकेगी। साथ ही फिर से कनेक्शन जोड़ने एवं नवीन कनेक्शनों से विद्युत विक्रय में वृद्धि होने से राजस्व में वृद्धि भी होगी। यह योजना राज्य के औद्योगिक विकास के लिये भी सहायक होगी। पात्रता योजना में सभी उच्च एवं निम्न दाब श्रेणी के स्थायी रूप से विच्छेछित औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ता, जो कि योजना अनुसार बकाया राशि जमा कर पुनर्संयोजन या नया कनेक्शन लेना चाहते हैं, पात्र होंगे। साथ ही ऐसे औद्योगिक एवं वाणिज्यिक श्रेणी के नवीन आवेदक भी पात्र होंगे, जो विद्युत कनेक्शन के लिये विद्युत अधोसंरचना का निर्माण विद्युत वितरण कंपनियों से करवाना चाहते हैं। प्रावधान योजना में उपभोक्ताओं को स्थाई विच्छेदन के दिनांक पर देय कुल बकाया राशि का न्यूनतम 20 प्रतिशत भुगतान कनेक्शन जोड़ने के पूर्व एक मुश्त देना होगा। नवीन कनेक्शनों के प्रकरणों में जरूरी अधोसंरचना लागत की राशि का न्यूनतम 20 प्रतिशत भुगतान आवेदन के साथ एक मुश्त देना होगा। शेष राशि का भुगतान मासिक बिल के साथ ब्याज सहित अधिकतम 3 वर्ष में किया जा सकेगा। योजना का लाभ लेने के लिये आवेदक को महाप्रबंधक/वृत्त कार्यालय में आवेदन देना होगा। साथ ही 500 रूपये के स्टॉम्प पेपर पर इस आशय का शपथ-पत्र देना होगा कि वह योजना के प्रावधान के अनुसार राशि का भुगतान करेंगे। नवीन कनेक्शनों के लिये आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन देना होगा एवं विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित सर्विस कनेक्शन शुल्क, सुरक्षा निधि आदि भी देय होगा। आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण बिजली कम्पनियों द्वारा निर्धारित एसओआर के अनुसार किया जायेगा। निर्धारित किश्तों एवं मासिक देयकों का भुगतान नहीं किये जाने पर 15 दिवस की सूचना देकर बिजली कनेक्शन काटा जा सकेगा। योजना का लाभ उपभोक्ताओं को केवल एक बार ही प्राप्त हो सकेगा। योजना अवधि में कोई उपभोक्ता अपने परिसर का हस्तांतरण किसी अन्य व्यक्ति को करता है, तो निर्धारित शर्तों के तहत सभी सुविधाएं नये उपभोक्ता को प्राप्त हो सकेंगी। योजनांतर्गत किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में प्रकरण का निराकरण विभागीय समिति द्वारा किया जायेगा। समिति में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा, प्रबंध संचालक एमपी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी और विधि विशेषज्ञ होंगे। समिति के संयोजक संबंधित विद्युत वितरण कम्पनी के प्रबंध संचालक होंगे। योजनावधि में प्राप्त होने वाले आवेदनों पर भी विचार किया जायेगा। योजनावधि समाप्ति के अंतिम दिन तक प्राप्त सभी आवेदनों के निराकरण हर स्थिति में योजना समाप्ति दिनांक से 30 दिन के अंदर कर दिया जायेगा।  

मार्गदर्शिका का क्षेत्रीय परीक्षण चयनित जिलों में, एक नवीन पहल है, जो बालकों में एक नयी सोच का संचार करेगी

भोपाल प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों में पढ़ने वाले बालकों में सकारात्मक सोच के लिये उज्ज्वल कार्यक्रम में प्रशिक्षण मार्गदर्शिका तैयार की जा रही है। इसका प्रमुख उद्देश्य बालकों को बढ़ती उम्र के साथ विभिन्न पहलुओं और बदलाव में उनकी सकारात्मक भूमिका के प्रति सजग करना है। यह एक नवीन पहल है, जो बालकों में एक नयी सोच का संचार करेगी, जिससे वे सकारात्मक सोच के साथ विभिन्न मुद्दों को समझ पायें। किशोर अवस्था में अर्जित ज्ञान और कौशल का प्रभाव आजीवन रहता है। इसलिये आवश्यक है कि “पौरूष” की अवधारणा से बालक प्रारंभ से ही परिचित हो सकें और उनके अनुकूल जीवन में व्यवहार करने की सोच उनके अंदर विकसित हो सके। स्कूल शिक्षा विभाग ने यूनाइटेड नेशन पॉपुलेशन फण्ड एक्टिविटी (यूएनएफपीए) के सहयोग से इस नवीन आवधारणा को लेकर मार्गदर्शिका उज्ज्वल का निर्माण किया है। उज्ज्वल में शामिल मुद्दे मार्गदर्शिका “उज्ज्वल” में भेदभाव, हिंसा, टकराव, सायबर अपराध, लैंगिक अपराधों और कुप्रथाओं को रोकने में बालकों की भूमिका, घरेलू कामों में बालकों व पुरूषों की बराबरी की भागीदारी जैसे विभिन्न मुद्दे शामिल किये गये हैं। मार्गदर्शिका का क्षेत्रीय परीक्षण प्रदेश के डिंडोरी, बैतूल, गुना एवं भोपाल जिलों में कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के साथ चर्चा की गई। उनसे मिली प्रतिक्रियाओं और सुझावों को मार्गदर्शिका की विषय-वस्तु में शामिल किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने मार्गदर्शिका का प्रथम प्रारूप तैयार कर इसकी समीक्षा शिक्षकों के साथ की है। विभाग संशोधित मार्गदर्शिका को अंतिम स्वरूप देने पर काम कर रहा है। किशोरियों के लिये भी मार्गदर्शिका कन्या छात्रावासों में अध्ययन करने वाली कक्षा 9वीं से 12वीं की किशोरियों के लिये भी सशक्त मार्गदर्शिका तैयार की जा रही है। मार्गदर्शिका के सहयोग से किशोरियां दक्षता अर्जित कर पाएंगी, जो उनके भावी जीवन को बेहतर बनाने में सहायक होगी। किशोरियां विभिन्न जीवन कौशल विकसित कर जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने में अधिक सक्षम हो पायेंगी। किशोरियां अपने अधिकारों, कर्त्तव्यों और सामाजिक जिम्मदारियों के प्रति जागरूक होकर हॉस्टल, घर और समुदाय में परिवर्तन लाने की दिशा में भी सहयोग कर पायेंगी।  

बीजेपी का मातृ संगठन आरएसएस जातिगत जनगणना बात के बाद अब टीडीपी ने भी मांग दोहरा दी

नई दिल्ली देश भर में राजनीतिक दल और कई सामाजिक संगठन जातिगत जनगणना की मांग कर रहे हैं। बिहार में तो नीतीश कुमार जब आरजेडी के साथ सरकार चला रहे थे, उसी समय उन्होंने जातिगत जनगणना करा दी थी। इसके बाद से ही वह पूरे देश में ऐसा करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा गठबंधन के एक और सहयोगी चिराग पासवान भी ऐसी मांग करते रहे हैं। यूपी से अनुप्रिया पटेल, संजय निषाद और ओपी राजभर भी यह दोहरा चुके हैं। इस बीच एनडीए सरकार के सबसे बड़े गठबंधन सहयोगी टीडीपी ने भी यह मांग दोहरा दी है। भाजपा का मातृ संगठन आरएसएस भी इसके पक्ष में बात रख चुका है। संघ का कहना था कि ऐसा किया जा सकता है, बस राजनीतिक इस्तेमाल न हो। तेलुगु देशम पार्टी के मुखिया चंद्रबाबू नायडू ने दिए इंटरव्यू में जातिगत जनगणना को जरूरी बताया है। उन्होंने कहा कि कास्ट सेंसस होनी चाहिए। यह जनता की भावना है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। नायडू ने कहा, ‘आप जातिगत जनगणना कराएं। फिर आर्थिक विश्लेषण करें। स्किल सेंसस करें। इससे आपको पता चलेगा कि किसकी क्या स्थिति है और फिर उसके आधार पर आर्थिक गैर-बराबरी दूर करने में मदद मिलेगी।’ नायडू ने कहा कि जनभावना है कि जातिगत जनगणना होनी चाहिए। यदि ऐसा है तो फिर उसका सम्मान जरूरी है। यह बात सही है कि देश में गरीबी सबसे बड़ा मुद्दा है। यहां तक कि आप निचली जाति से हैं और पैसे वाले हैं तो लोग आपका सम्मान करेंगे। समाज में आपकी इज्जत होगी। लेकिन आप भले ही ऊंची जाति के हैं, लेकिन गरीब हैं तो फिर कोई आपको महत्व नहीं देगा। यह सच्चाई है। इसलिए आर्थिक स्थिति ही समानता का सबसे बड़ा पैमाना है। इसलिए आपको समाज में संतुलन के लिए आर्थिक गैर-बराबरी खत्म करने के लिए ही काम करना होगा। बता दें कि आरएसएस ने अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की मीटिंग के बाद जातिगत जनगणना को लेकर सधा हुआ जवाब दिया था। संघ का कहना था कि यदि समाज को ऐसा लगता है तो कराई जा सकती है, लेकिन इसका प्रयोग राजनीतिक लाभ के लिए नहीं होना चाहिए। इससे समाज में वैमनस्यता बढ़ती है।

TESLA के लिए भारतीयों को करना होगा इंतज़ार! नई EV नीति की घोषणा के बाद सरकार ने पॉलिसी नहीं बदली

मुंबई एलन मस्क की टेस्ला के लिए भारतीय बाजार का रास्ता एक बार फिर मुश्किल हो गया है। दरअसल, इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई नई EV पॉलिसी में टेस्ला और अन्य ग्लोबल व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों रुचि नहीं लेने के बाद भी सरकार इसमें कोई बदलाव करने का मन नहीं है। एक सरकारी अधिकारी ने साफ कहा है कि सभी कंपनियों के लिए EV नीति के मापदंड़ समान रहेंगे। विदेशी इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता कंपनियों को भारत में लाने के लिए इस साल मार्च में नई EV नीति घोषित की गई थी। हैवी इंडस्ट्री मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने मनीकंट्रोल को बताया कि मौजूदा EV नीति का लाभ उठाने का इरादा रखने वाले कार निर्माताओं के लिए पात्रता मानदंड और अन्य शर्तें समान रहेंगी। अगर टेस्ला या किसी कार निर्माता ने इस नीति के लिए आवेदन नहीं किया है तो हमें चिंता नहीं है। हम किसी विशेष कंपनी के अनुरूप EV नीति में संशोधन नहीं करेंगे। इसे बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस बयान के बाद टेस्ला की इलेक्ट्रिक कारों को भारतीय बाजार में एक्स्ट्रा छूट या दूसरे बेनिफिट्स मिलने का रास्ता भी बंद होता दिख रहा है। अधिकारी ने ये भा बताया कि हमारा रुख साफ है। आप कम टैक्स पर कारों का आयात कर सकते हैं, बशर्ते आप भारत में EV निर्माण प्लांट लिए नया निवेश करें। मार्च में सरकार ने टेस्ला जैसी कंपनियों को आकर्षित करने के लिए नई EV नीति घोषित की थी, जिसमें 5 साल तक चुनिंदा इलेक्ट्रिक कारों पर आयात शुल्क 15 फीसदी तक कम करने की छूट दी थी। इसके लिए कंपनी को 3 साल में EV निर्माण प्लांट लगाने की शर्त रखी गई। हालांकि, टेस्ला की तरफ से भी प्लांट को लेकर अभी तक कोई डिटेल नहीं आई है।

आज हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद, 2500 से अधिक श्रद्धालु रहे मौजूद

हेमकुंड श्री हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मन्दिर के कपाट गुरुवार को दोपहर एक बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अंतिम अरदास का साक्षी बनकर पवित्र सरोबर में डुबकी लगाई। कपाट बंद होने से पहले श्रद्धालुओं द्वारा निशान साहिब के वस्त्र भी बदले गए। इस वर्ष यात्रा काल के दौरान 1.84 लाख श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के दर्शन कर माथा टेका है। तीन कुंतल फूलों से सजाया हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने की प्रक्रिया सुबह से ही प्रारंभ हो गयी थी। हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मंदिर को तीन कुंतल फूलों से सजाया गया गया था। कपाट बंदी के कार्यक्रम को गौरवमयी बनाने के लिए पंजाब से सतनाम सिंह के नेतृत्व में सेवानिवृत सेना के जवानों का बैंड व गढ़वाल स्काउट के बैंड की धुन पर तड़के 2500 से अधिक श्रद्धालु हेमकुंड के बेस कैंप घाघरिया से हेमकुंड पहुंचे। कब क्‍या हुआ? प्रात: नौ बजकर 30 मिनट पर मुख्य ग्रंथी मिलाप सिंह व ग्रंथी कुलबंत सिंह के नेतृत्व में सुखमणि साहिब पाठ हुआ। 10 बजकर 50 मिनट पर पुणे से आए अमित सिंह के जत्थे ने सबद कीर्तन गायन किया। 12 बजकर 15 मिनट पर साल की अंतिम अरदास हुई। 12 बजकर 30 मिनट पर गुरु ग्रंथ साहिब का हुक्मनामा पढ़ने के बाद पंच प्यारों के नेतृत्व में गुरु ग्रंथ साहिब को सच्चखंड में विराजमान कर दोपहर एक बजे गुरुद्वारा के कपाट बंद किए गए। इसकी के साथ लोकपाल लक्ष्मण मंदिर में भी पूजा अर्चना के बाद मुख्य पुजारी ने सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में मंदिर के कपाट विधि विधान से शीतकाल के लिए बंद किए। 1886 में हुई थी खोज हेमकुंड साहिब की खोज अमृतसर पंजाब के पत्रकार पंडित तारा सिंह नरोत्तम ने 1886 में की थी। तब उन्होंने गुरूवाणी के दसम ग्रंथ में लिखित हेमकुंंड पर्वत है जहां, सप्तश्रंख शोबत है तहां, के आधार पर इस स्थान को खोज कर इसे गुरू की तपस्थली बताते हुए देश दुनिया के सामने विचार रखे थे। दशम ग्रंथ में लिखा है कि गुरू गोविंद सिंह ने अपने पूर्व जन्म में हेमकुंड साहिब में दुष्टदमन के रूप में कठोर तपस्या की थी। इसके बाद 1934 में बंगाल इंजीनियरिंग के हवलदार मोदन सिंह के साथ टिहरी राजदरबार में मुख्य ग्रंथी संत सोहन सिंह से मिलकर हेमकुंड पहुंकर यहां पर पूजा अरदास शुरू कराई। इसके बाद से ग्रीष्मकाल में हमेशा यहां की यात्रा सुचारू रही। 1992 में हेमकुंड गुरूद्वारा का भव्‍य निर्माण हुआ।

जब दुनिया के कई हिस्से संघर्ष और तनाव का सामना कर रहे हैं, भारत-आसियान की दोस्ती बहुत महत्वपूर्ण है: प्रधानमंत्री

वियनतियाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को आसियान-भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए लाओस पहुंचे। पीएम मोदी ने कहा कि जब दुनिया के कई हिस्से संघर्ष और तनाव का सामना कर रहे हैं, ऐसे समय में भारत-आसियान की दोस्ती बहुत महत्वपूर्ण है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम एक शांतिप्रिय राष्ट्र हैं। हम राष्ट्रों की एकता और अखंडता को महत्व देते हैं। हम अपने युवाओं को उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आसियान देशों के साथ ऐतिहासिक संबंध 21वें भारत-आसियान शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने 10 साल पहले एक्ट ईस्ट पॉलिसी की घोषणा की थी और पिछले दशक में इसने भारत और आसियान देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को नई ऊर्जा, दिशा और गति दी है। पीएम मोदी ने कहा, ‘पिछले दशक में भारत-आसियान व्यापार दोगुना हो गया है और अब यह 130 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी जिसे एशियाई सदी भी कहा जाता है, वह भारत और आसियान देशों की सदी है।’ छात्रों को स्कॉलरशिप का लाभ पीएम मोदी ने कहा कि जन-केंद्रित दृष्टिकोण हमारी डेवेलपमेंट पार्टनरशिप का आधार है। 300 से अधिक ASEAN छात्रों को नालंदा यूनिवसिर्टी में स्कॉलरशिप का लाभ मिला है। नेटवर्क ऑफ यूनिवर्सिटी लॉन्च की गई है। लाओस, कंबोडिया, वियतनाम, म्यांमार, इंडोनेशिया में साझी विरासत और संरक्षण के लिए काम किया गया है। भारत और लाओस के संबंध     पीएम मोदी ने विएंतियाने पहुंचने पर भारतीय प्रवासियों से बातचीत की। उन्होंने लाओस में होटल के बाहर भारतीय समुदाय के सदस्यों का अभिवादन किया।     लाओस के गृह मंत्री, शिक्षा और खेल मंत्री, बैंक ऑफ लाओस के गवर्नर और विएंतियाने के मेयर समेत कई कई राजनेताओं ने पीएम मोदी का स्वागत किया।     भारत और लाओस के बीच ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध हैं, जो बौद्ध धर्म और रामायण की साझा विरासत में परिलक्षित होते हैं। लाओस के साथ द्विपक्षीय संबंध मैत्रीपूर्ण हैं और 1956 में स्थापित हुए थे। पीएम मोदी का भव्य स्वागत विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले विशेष स्वागत के महत्व पर प्रकाश डाला और लाओस के साथ भारत के सदियों पुराने संबंधों और सभ्यतागत जुड़ाव पर जोर दिया। पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर पीएम मोदी की लाओस यात्रा का विवरण साझा करते हुए जायसवाल ने कहा कि पीएम मोदी के आगमन पर लाओस के गृह मंत्री विलायवोंग बौडाखम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। पीएम मोदी को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। गायत्री मंत्र का पाठ जायसवाल ने बताया कि लाओस समुदाय के सदस्यों और भारतीय समुदाय के सदस्यों ने गायत्री मंत्र का पाठ किया और उनका स्वागत किया। उन्होंने पीएम के लिए बिहू नृत्य भी किया। इसके बाद पीएम ने आशीर्वाद समारोह में भाग लिया, जिसमें वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं ने भाग लिया।

संपदा पोर्टल 2.0 के नवाचार से होंगे किसान भाई भी लाभान्वित, मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसान संघ पदाधिकारियों ने दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के हित में सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीदी का उत्सव गौवर्धन पूजा के साथ पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा। साथ ही जन-प्रतिनिधियों और किसानों की उपस्थिति में कृषक कल्याण के फैसलों और किसानों के लिए लाभकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में पर भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए राज्य सरकार पूर्ण सजग है। किसान हितेषी फैसले निरंतर लिए जाएंगे, साथ ही किसानों के साथ नियमित संवाद भी होता रहेगा। बैठक में जानकारी दी गई की भारत सरकार की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के कम्प्यूट्राइजेशन के अंतर्गत प्रदेश में 4536 पैक्स में कार्यवाही की गई है। बैठक में कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त श्री मो. सुलेमान, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक वर्णवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ल और श्री राघवेंद्र कुमार सिंह, कृषि सचिव श्री एम सेलवेन्द्रन, राजस्व सचिव श्री विवेक पोरवाल, आयुक्त एवं सचिव जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल सिंह आंजना, महामंत्री श्री चंद्रकांत गौर, के अलावा श्री राघवेन्द्र जी, श्री राजेन्द्र पालीवाल, श्री प्रमोद चौधरी, श्री आर.सी. पटेल, श्री भवानी शंकर शर्मा, श्री नमो नारायण दीक्षित, श्री शिवनंदन रघुवंशी आदि उपस्थित थे। संपदा पोर्टल 2.0 किसानों को देगा ई रजिस्ट्री की सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय किसान संघ के विभिन्न सुझावों पर राज्य सरकार आवश्यक कदम उठाएगी। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर शुरू डिजिटल इंडिया मिशन के अंतर्गत ई-रजिस्ट्री की नवीन प्रणाली पर विकसित संपदा 2.0 पोर्टल और मोबाइल एप का आज ही शुभारंभ किया है। इस नवाचार का लाभ बड़ी संख्या में किसान वर्ग को प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी बताया कि उन्होंने आज हांगकांग निवासी श्री चंद्रावत और दिल्ली के एक बुजुर्ग दंपत्ति से संपदा 2.0 की विशेषताओं पर चर्चा भी की। सभी वर्गों द्वारा डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में इसे मील का पत्थर बताया जा रहा है। नवीन तकनीक पर आधारित संपदा 2.0 ऑनलाइन दस्तावेज पंजीयन एक क्रांतिकारी कदम है। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने इस व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई दी। किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पोर्टल और एप के माध्यम से नागरिकों को घर में ही यह सुविधा प्रदान किए जाने की शुरूआत और प्रदेश के सभी जिलों में जीआईएस लैब स्थापित करने का महत्वपूर्ण फैसला मध्यप्रदेश की नई पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के राजस्व से जुड़े अन्य कार्यों को भी आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि फौती नामांतरण और अन्य प्रकरणों के निराकरण से 3.96 लाख आवेदक लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं के लिए किसानों की भूमि के उपयोग पर किसान को राशि देने के स्थान पर उन्हें परियोजना में भागीदार बनाने के सुझाव पर भी विचार किया जाएगा। इसके साथ ही बन्दोबस्त कार्य से संबंधित विभिन्न शिकायतों को हल करने के लिए ड्रोन सर्वे का उपयोग भी बढ़ाया जाएगा। खेतों के पारम्परिक रास्ते बनाए रखने की पद्धति भी विकसित की जाएगी। किसान अपनाएं सोलर संयंत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में थर्मल पावर के साथ ही सोलर एनर्जी का प्रयोग निरंतर बढ़ाया जा रहा है। नवीन और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। किसानों द्वारा सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाता है तो उन्हें पूर्ण प्रोत्साहित किया जाएगा। सौर ऊर्जा संयंत्रों का उपयोग कृषि कार्य में भी हो रहा है। सौर ऊर्जा को एक महत्वपूर्ण समाधान के रूप में देखा जा रहा है। कृषि कार्य में सोलर पम्प के उपयोग और उद्योग क्षेत्र में भी औद्योगिक संस्थानों को अपनी बिजली बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार ने पीएम कृषक मित्र सूर्य योजना में बड़ी संख्या में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए सहयोग देने पर सहमति दी है। निश्चित ही यह योजना किसानों को सोलर संयंत्रों के उपयोग पर आत्मनिर्भर बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। कृषि के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के प्रयास बढ़ाएं किसान मख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि कार्य के साथ ही पशुपालन, किसानों की आय बढ़ाने का जरिया है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से भी प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए करारनामा हुआ है। किसानों और पशुपालकों को प्रोत्साहन के लिए बोनस देने का विचार है। शीघ्र ही इस संबंध में निर्णय लिया जा रहा है। देसी गाय और अच्छी नस्ल के देसी नंदी के पालन के लिए मध्यप्रदेश प्राकृतिक कृषि विकास योजना में भी प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है। किसान खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाने के लिए भी आगे आएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में उपस्थित भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों को लगभग 80 एफपीओ (फार्मर्स प्रोडयूसर ऑर्गेनाइजेशन) बनाने के लिए बधाई देते हुए कहा कि खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां लगाने के लिए भी किसान आगे आएं। कोदो-कुटकी के उत्पादन पर राज्य सरकार रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना में 3900 प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त सहायता राशि की मंजूरी दे चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाने के साथ इनसे विभिन्न उत्पाद तैयार करने के लिए इकाइयां लगाई जा सकती हैं। इससे किसानों को भी अधिक आय प्राप्त होगी। मटर एवं अन्य फसलों के उत्पादन में वृद्धि का लाभ भी तभी प्राप्त हो सकेगा, जब फूड प्रोसेसिंग प्लांट भी लगाए जाएं। किसान संघ के पदाधिकारी इस क्षेत्र में किसानों का मार्गदर्शन एवं सहयोग करें। बैठक में इन विषयों पर भी हुई चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों की चर्चा में भूमि अधिग्रहण, बंटवारा, नामांतरण, इंद्राज दुरूस्ती, क्षेत्रीय स्तर पर फसल कटाई प्रयोग, सीमांकन कार्य के लिए मशीनों की संख्या … Read more

पंचतत्व में विलीन हुए अनमोल रतन, पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

नई दिल्ली उद्योगपति रतन टाटा का मुंबई में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। वर्ली स्थित श्मशान घाट में उन्हें पंचतत्व में विलीन किया गया। कोलाबा स्थित टाटा के आवास से लेकर NCPA (राष्ट्रीय प्रदर्शन कला संस्थान) और फिर श्मशान घाट तक लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। उनके अंतिम दर्शन के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से लेकर राजनीतिक, कारोबारी, खेल, मनोरंजन जगत के कई बड़े नाम पहुंचे। बुधवार को 86 वर्ष की उम्र में उन्होंने मुंबई के अस्पताल में अंतिम सांस ली। महाराष्ट्र और झारखंड व गुजरात सरकार ने टाटा के निधन पर एक दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है। इससे पहले रतन टाटा के पार्थिव शरीर को दक्षिण मुंबई स्थित राष्ट्रीय कला प्रदर्शन केंद्र (एनसीपीए) में जनता के अंतिम दर्शन के लिए सुबह 10.30 बजे से अपराह्न 3.55 बजे तक रखा गया था जहां विभिन्न वर्गों के हजारों लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। टाटा समूह को विश्व स्तर पर प्रसिद्धि दिलाने का श्रेय रतन टाटा को दिया जाता है। उनका बुधवार रात शहर के ब्रीच कैंडी अस्पताल में 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। पल-पल के अपडेट्स के लिए बने रहिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ शवदाह गृह में मौजूद एक धर्म गुरु ने बताया कि अंतिम संस्कार पारसी परंपरा के अनुसार किया गया। उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार के बाद दिवंगत उद्योगपति के दक्षिण मुंबई के कोलाबा स्थित बंगले में तीन दिन तक अनुष्ठान किए जाएंगे। पंचतत्व में विलीन हुए अनमोल रतन, पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार। मुंबई पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल इस दौरान मध्य मुंबई स्थित शवदाह गृह में उपस्थित थे।    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य नेता मुंबई में दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा के अंतिम संस्कार में मौजूद हैं। दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा का अंतिम संस्कार मुंबई के वर्ली श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने रॉयल थिएटर ऑफ लुआंग प्रबांग में रामायण का मंचन भी देखा, कलाकारों से की मुलाकात

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21वें आसियान-भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए लाओस पहुंचे। जहां पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए वियनतियाने के होटल डबल ट्री में भारतीय समुदाय के लोग बड़ी संख्या में जुटे थे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यहां के प्रमुख रॉयल थिएटर ऑफ लुआंग प्रबांग में रामायण का मंचन भी देखा। इसे ‘फरा लक फरा राम’ के नाम से भी जाना जाता है। इससे समझा जा सकता है कि प्रभु श्रीराम की कहानी पूरे आसियान क्षेत्रों को आपस में जोड़ती है। जैसा कोई अन्य ग्रंथ नहीं कर सकते। सनातन धर्म की जड़ें ना केवल भारत, बल्कि आस-पास के क्षेत्रों में गहरी हो चली है। लाओस में रामायण सदियों से मनाई जाती रही है, जो दोनों देशों के बीच साझा विरासत और सदियों पुरानी सभ्यताओं के संबंधों को दर्शाती है। ‘फ्रा लॉक फ्रा राम’ लाओ संस्करण है। लाओस रामायण की कहानी यहां के मेकांग नदी के किनारे आसपास घूमती है। जो यहां पर गंगा के समान पवित्र मानी जाती है। इसमें लाओस की बौद्ध संस्कृति की बेहद शानदार झलक देखने को मिलती है। लाओस के अलावा यहां फ्रा राम को गौतम बुद्ध का अवतार माना जाता है। जो भगवान श्रीराम के रास्तों पर चलते थे। इसके अलावा लाओ में रावण को राक्षस मारा का अवतार माना जाता है। जो गौतम बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति में बाधा डालने का प्रयास करता है। पीएम मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसका वीडियो शेयर किया है। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, ”विजयादशमी कुछ ही दिन दूर है और आज मैंने लाओ पीडीआर में लाओ रामायण का एक हिस्सा देखा, जिसमें रावण पर प्रभु श्री राम की जीत पर प्रकाश डाला गया है। यह देखकर बहुत खुशी होती है कि यहां के लोग रामायण से जुड़े हुए हैं। प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद हम पर सदैव बना रहे।” कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी ने रामायण के कलाकारों से मंच पर मुलाकात भी और उनके संग फोटो भी खिंचवाई। उन्होंने फोटो शेयर करते हुए लिखा, ”लाओ पीडीआर में मेरे द्वारा देखे गए फलक फलम या फ्रा लाक फ्रा राम के यादगार प्रकरण की कुछ झलकियां।” इससे पहले वियनतियाने में होटल डबल ट्री में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए भारतीयों और लाओस समुदाय के लोगों ने गायत्री मंत्र का पाठ किया। पीएम मोदी के सामने भारतीयों ने हाथ में तिरंगा लेकर गायत्री मंत्र का जाप भी किया। इस दौरान पीएम मोदी भी उनके सामने हाथ जोड़कर गायत्री मंत्र का पाठ करते दिखे। पीएम मोदी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके अलावा एक अन्य वीडियो में लाओस समुदाय के लोगों ने पीएम मोदी का हिंदी में अभिवादन करते हुए ग्रैंड वेलकम किया।

महाराष्ट्र – झारखंड विधानसभा चुनाव जल्द ऐलान, साथ ही देश की 50 सीटों पर उपचुनाव

नई दिल्ली देश में ‘एक देश एक चुनाव’ के मुद्दे पर बात हो रही है। पीएम नरेंद्र मोदी समेत केंद्र सरकार इस पर जोर दे रही है और मंथन चल रहा है। लेकिन इस बीच देश चुनाव में ही बिजी है। जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे मंगलवार को ही आए हैं और अब इलेक्शन के नए राउंड का ऐलान एक सप्ताह के अंदर हो सकता है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार 18 अक्टूबर तक कभी भी महाराष्ट्र से लेकर झारखंड तक विधानसभा चुनाव कराने का ऐलान हो सकता है। इसके साथ ही यूपी, बंगाल, असम और राजस्थान समेत देश की 50 सीटों पर उपचुनाव हो सकता है। महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर तक है। ऐसे में नई राज्य सरकार का गठन इससे पहले ही हो जाना चाहिए। इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार ने अपील की है कि 15 नवंबर के बाद ही चुनाव का आयोजन हो। इसलिए क्योंकि 31 अक्टूबर को चुनाव है और फिर अगले कुछ दिन तक अन्य त्योहार हैं। यही नहीं देव दीपावली भी बड़े पैमाने पर मनाई जाती है। इसलिए 15 नवंबर के बाद ही चुनाव हो। ऐसी स्थिति में चुनाव आयोग के पास कम ही दिन का समय होगा और उसे 20 नवंबर तक किसी भी तरह मतदान कराना होगा ताकि अगले कुछ दिनों में नई सरकार का गठन हो सके। इसके लिए एक ही राउंड में महाराष्ट्र में चुनाव कराए जा सकते हैं। आमतौर पर राज्य में चुनाव कई राउंड में होते रहे हैं। लेकिन इस बार पुलिस प्रशासन और सरकार का दावा है कि हम एक राउंड में ही चुनाव करा लेंगे। इसके लिए सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था भी हो जाएगी। दरअसल महाराष्ट्र में 2019 में भी एक ही राउंड में मतदान हुआ था। महाराष्ट्र के साथ ही झारखंड में भी चुनाव हो सकता है। हालांकि झारखंड के लिए फिलहाल वक्त है और वहां 5 जनवरी तक मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल है। इनके अलावा 50 सीटों के उपचुनाव भी आयोग को कराने होंगे। दरअसल 18वीं लोकसभा में कई लोग सांसद बन गए हैं, जो विधायक थे। नियम के अनुसार 6 महीने के अंदर ही खाली सीटों पर चुनाव हो जाना चाहिए। इस लिहाज से नवंबर तक रिक्त सीटों पर नए सदस्य चुने जाने चाहिए। रिक्त सीटों की बात करें तो यूपी में सबसे ज्यादा 10, बंगाल में 6, असम और राजस्थान में 5-5 सीटें खाली हैं। इसके अलावा बिहार और राजस्थान में 4-4 सीटें खाली हैं। कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में भी तीन सीटें खाली हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन चुनावों के बाद दिल्ली में भी इलेक्शन की तैयारी शुरू हो जाएगी। वहां 5 फरवरी तक ही विधानसभा का कार्यकाल है।

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