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मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा- भोपाल के प्रवेश मार्गों पर बनेंगे भगवान राम-कृष्ण और राजा विक्रमादित्य के नाम पर द्वार

भोपाल मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा कि सेना के जवान जिस तरह देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर देता हैं, उसी प्रकार सफाई कर्मी स्वच्छता और समाज को स्वस्थ बनाए रखने के लिए दिन-रात सेवा में जुटे रहते हैं। जवानों की तरह ही सफाईकर्मियों का भी सम्मान है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में स्वच्छता दिवस समारोह में भोपाल के प्रवेश मार्गों पर भगवान राम एवं कृष्ण, राजा भोज, राजा विक्रमादित्य, सम्राट अशोक के नाम पर द्वार बनाने की घोषणा भी की। कहा कि भोपाल नगर निगम द्वारा विकसित किए जा रहे नमो-उपवन को सरकार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। समारोह में 685 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। फिल्म का प्रदर्शन किया गया समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वच्छता दिवस संबोधन सुना गया। स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े कार्यों एवं गोसंरक्षण की गतिविधियों पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन और अमृत योजना के अंतर्गत 250 करोड़ रुपये की लागत की 19 परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया। बायो सीएनजी प्लांट का भी वर्चुअल शुभारंभ वहीं, प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश के लिए किए गए 435 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के भूमि-पूजन और लोकार्पण पर आभार व्यक्ति किया गया। इस अवसर पर ग्वालियर की आदर्श गोशाला के 100 टन क्षमता के बायो सीएनजी प्लांट का भी वर्चुअल शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 में नगर निगम उज्जैन को थ्री-स्टार रेटिंग मिलने पर उज्जैन के 2,115 सफाई मित्रों को प्रोत्साहन स्वरूप तीन-तीन हजार रुपये के हिसाब से सिंगल क्लिक के माध्यम से 63 लाख 45 हजार रुपये की धनराशि अंतरित की। स्वच्छता मित्रों से वर्चुअल संवाद कर पूछा कि आपको किसी किस योजना का लाभ मिल रहा है? इस पर रश्मि आयुष्मान, लाड़ली बहना, बीपीएल कार्ड सहित अन्य योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी दी। प्रधानमंत्री द्वारा स्वच्छता का विषय उठाना अभिनंदनीय मुख्यमंत्री डा.यादव ने कहा कि जब प्रधानमंत्री ने लालकिले की प्राचीर से स्वच्छता का विषय उठाया तो हम भी सोच में पड़ गए थे, पर अब समझ में आता है कि यह विषय कितना महत्वपूर्ण है। यह अभिनंदनीय है। प्रधानमंत्री ने गांव-गांव में शौचालय निर्मित करवाकर महिलाओं को बड़ी समस्या और पीड़ा से राहत पहुंचाई है। स्वच्छता सेवा पखवाड़े में प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में 42 हजार 500 से अधिक स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया गया। 968 ब्लैक स्पाट का उन्मूलन और सौन्दर्यीकरण हुआ। स्वच्छतम राज्य के रूप में पहचान स्थापित करेगा मप्र भोपाल के प्रभारी मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच के परिणाम स्वरूप ही स्वच्छता को जन-आंदोलन का रूप प्रदान किया जा सका है। मध्य प्रदेश देश में स्वच्छतम राज्य के रूप में पहचान स्थापित करेगा। सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री कुष्णा गौर और नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री बागरी ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर सांसद भोपाल आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी, महापौर मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी भी उपस्थित रहे।

कूनो नेशनल पार्क में जल्द ही चीतों को जंगल में छोड़ा जाएगा, अब कुल 24 है सख्यां

श्योपुर  कूनो नेशनल पार्क में रह रहे चीतों के साम्राज्य में अब विस्तार होगा। उन्हें जल्द ही खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। इसके बाद वह मध्य प्रदेश ही नहीं, यूपी और राजस्थान में भी छुट्टा घूमेंगे। वो जब चाहे तब जंगल में खुद से लौंटेगे लेकिन उन्हें ट्रैंकुलाइज नहीं किया जाएगा। यह निर्णय तीन राज्यों के वन विभाग के अधिकारियों की हुई मीटिंग में लिया गया है। एमपी, यूपी और राजस्थान के 27 जिलों में चीते घूम सकेंगे। तीन राज्य के अधिकारियों ने की प्लानिंग कूनो नेशनल पार्क में अभी बड़े और छोटे मिलाकर चीतों की संख्या 24 है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के वन अधिकारियों ने इस बारे में योजना बनाई है। चीतों को ट्रेंकुलाइज करके वापस नहीं लाया जाएगा, केवल जान का खतरा होने पर ही उन्हें रेस्क्यू किया जाएगा। विस्तृत योजना की जाएगी तैयार इससे पहले, लगभग दो साल का एक विस्तृत कार्य योजना तैयार किया जाएगा। इस योजना में चीतों के लिए शिकार की व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और वन कर्मचारियों को चीतों की देखभाल का प्रशिक्षण शामिल होगा। पूरी योजना बनने के बाद ही साफ होंगी चीजें कूनो नेशनल पार्क के सीसीएफ उत्तम कुमार शर्मा ने कहा कि पूरी योजना बनने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। सबसे पहले, कूनो से सटे जिलों में चीतों के लिए भोजन की उपलब्धता की जांच की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन जिलों के जंगलों में चीतों के लिए पर्याप्त शिकार उपलब्ध हो। खुले जंगल में पहले छोड़े जाएंगे चीते वहीं, कूनो नेशनल पार्क के 24 चीते जल्द खुले जंगल में छोड़े जाएंगे। खास बात यह है कि इस बार चीतों के विचरण का दायरा बड़ा होगा। ये बाघों की तरह 3 राज्यों के 27 जिलों में घूम सकेंगे। इन्हें ट्रेंकुलाइज कर वापस नहीं लाया जाएगा। जान का खतरा होने पर ही रेस्क्यू किया जाएगा। कूनो से सटे जिलों को किया जाएगा शामिल इस योजना में कूनो से सटे जिलों को भी शामिल किया जाएगा, जहां चीतों के लिए शिकार की व्यवस्था की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि चीतों को जंगल में पर्याप्त भोजन मिले और उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। चीतों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम यह कदम चीतों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। चीतों को खुले जंगल में छोड़ने से पहले यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि उनके लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार हो। इसके लिए वन विभाग द्वारा कई ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं, जैसे कि शिकार की व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और वन कर्मचारियों को प्रशिक्षण देना। इससे चीतों की आबादी को बढ़ाने में मदद मिलेगी।  

स्वच्छ भारत अभियान दुनिया का सबसे बड़ा और सफल जनआंदोलन, विकसित भारत की यात्रा को करेगा मजबूत: मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को स्वच्छ भारत अभियान को इस सदी में दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे सफल जनआंदोलन करार दिया और कहा कि ‘विकसित भारत’ की यात्रा में हर प्रयास ‘स्वच्छता से संपन्नता’ के मंत्र को मजबूत करेगा। स्वच्छ भारत अभियान आरंभ होने के 10 साल पूरे होने के अवसर पर यहां विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वच्छता और सफाई से संबंधित 9,600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने स्वच्छता को हर नागरिक के जीवन का अभिन्न अंग बनाते हुए भावी पीढ़ियों में इस मूल्य का संचार करने पर भी जोर दिया। ‘दुनिया का सबसे सफल जन आंदोलन बना स्वच्छ भारत अभियान’ उन्होंने कहा, ‘‘आज से एक हजार साल बाद भी जब 21वीं सदी के भारत का अध्ययन होगा तो उसमें स्वच्छ भारत अभियान को जरूर याद किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन इस सदी में दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे सफल जनभागीदारी, जन नेतृत्व वाला जन आंदोलन है। इस मिशन ने मुझे ईश्वररूपी जनता-जनार्दन की साक्षात ऊर्जा के भी दर्शन कराए हैं।” उन्होंने कहा, ‘‘विकसित भारत की यात्रा में हमारा हर प्रयास ‘स्वच्छता से संपन्नता’ के मंत्र को मजबूत करेगा।” प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता की प्रतिष्ठा बढ़ने से देश में एक बहुत बड़ा मनोवैज्ञानिक परिवर्तन भी हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले साफ-सफाई के काम से जुड़े लोगों को किस नजर से देखा जाता था, यह पूरा देश जानता है लेकिन स्वच्छ भारत अभियान ने इस सोच को भी बदल दिया। उन्होंने कहा, ‘‘साफ-सफाई करने वालों को आज जब मान-सम्मान मिला तो उनको भी गर्व हुआ।” प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान लाखों भारतीयों की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है और पिछले 10 वर्षों में अनगिनत नागरिकों ने इसे अपनाया है और अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया है। उन्होंने कहा, ‘‘स्वच्छता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता आजीवन प्रतिज्ञा है, न कि एक बार किया गया कोई वादा। हमें स्वच्छता को हर नागरिक के जीवन का अभिन्न अंग बनाते हुए भावी पीढ़ियों में इस मूल्य का संचार करना होगा।” उन्होंने कहा, ‘‘गंदगी के प्रति नफरत ही हमे स्वच्छता के लिए मजबूर कर सकती है और मजबूत भी कर सकती है।” प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर जल संरक्षण, जल शोधन और नदियों की सफाई के महत्व को भी रेखांकित किया और इसे प्राप्त करने के लिए लगातार नई तकनीकों में निवेश करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने पर्यटन पर स्वच्छता के महत्वपूर्ण प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि देशवासियों को पर्यटन स्थलों, पवित्र तीर्थ स्थलों और सांस्कृतिक विरासत की स्वच्छता और साफ-सफाई को बनाए रखना चाहिए। कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों को घेरा मोदी ने इस अवसर पर स्वच्छता पर विशेष ध्यान न देने के लिए कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि उसने आजादी मिलने के बाद महात्मा गांधी के नक्शेकदम पर चलने का दावा किया, उनके नाम पर सत्ता हासिल की लेकिन स्वच्छता को लेकर बापू के दृष्टिकोण की उपेक्षा की। उन्होंने कहा, ‘‘वर्षों तक उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए गांधी जी की विरासत का दोहन किया लेकिन स्वच्छता पर उनके जोर को आसानी से भुला दिया।” मोदी ने कहा, ‘‘उन्होंने गंदगी को ही जिंदगी मान लिया…इसके परिणामस्वरूप लोग गंदगी में रहने के आदी हो गए, गंदगी और नकारात्मकता उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बन गई। साथ ही समाज में स्वच्छता को लेकर होने वाली चर्चाएं भी।” उन्होंने कहा कि इसीलिए उन्होंने लाल किले की प्राचीर से इस मुद्दे को उठाया था लेकिन उनका मजाक उड़ाया गया और कहा गया कि शौचालय के बारे में बात करना प्रधानमंत्री का काम नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘… लेकिन मैं नहीं रुकूंगा… भारत के प्रधानमंत्री के रूप में मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता मेरे साथी नागरिकों के जीवन को आसान बनाना है!” इन परियोजनाओं का किया उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने जिन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया उनमें मिशन अमृत और अमृत 2.0 के तहत शहरी जल और गंदे नाले की व्यवस्था को बेहतर करने के उद्देश्य से 6,800 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत गंगा बेसिन क्षेत्रों में जल गुणवत्ता और अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार पर केंद्रित 1550 करोड़ रुपये से अधिक की 10 परियोजनाएं और गोबरधन योजना के तहत 1332 करोड़ रुपये से अधिक की 15 संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) संयंत्र परियोजनाएं शामिल हैं।  

रिपोर्ट : इजरायल ईरान के तेल कुओं और परमाणु अड्डों पर अटैक कर सकता है, एयर डिफेंस सिस्टम भी निशाने पर रहेगा

तेल अवीव ईरान की ओर से इजरायल पर मंगलवार को 200 मिसाइलें दागे जाने के बाद माहौल बदल गया है। अब तक हमास, हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच ही चल रही जंग दो महाशक्तियों में संघर्ष में बदलती दिख रही है। इस बीच इजरायल ने ईरान को खत्म ही करने की कसम खाई और बदला लेने की धमकी दी है। अमेरिकी वेबसाइट Axios की रिपोर्ट के अनुसार इसके तहत इजरायल अब ईरान के परमाणु ठिकानों और उसके तेल कुओं पर भी अटैक कर सकता है। इससे ईरान के साथ ही आसपास के देशों के लिए भी खतरे की स्थिति पैदा हो सकती है। यही नहीं तेल के ठिकानों पर अटैक की वजह से दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। एक इजरायली अधिकारी ने कहा कि हम यह देखेंगे कि अब हम अटैक करेंगे तो ईरान क्या करेगा। हम ईरान को ऐसा दर्द देंगे कि वह कभी भुलेगा नहीं। कई इजरायली सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के तेल कुओं पर अटैक हो सकता है। इसके अलावा ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम भी निशाने पर रहेगा। अब तक मिली जानकारी के अनुसार इजरायल की ओर से फाइटर जेट्स से हमला किया जा सकता है। इसके अलावा टारगेट अटैक भी हो सकता है, जिसमें ड्रोन जैसी चीजों का इस्तेमाल हो सकता है। इसी तरीके से इजरायल ने तेहरान के अंदर घुसकर इस्माइल हानियेह को मार गिराया था। यह पहला मौका है, जब इजरायल और ईरान इस तरह से आमने-सामने हैं। इसी साल अप्रैल में भी दोनों के बीच मामूली झड़प हुई थी। लेकिन इस बार जंग तेज होती दिख रही है। यहां तक कि अमेरिका ने अतिरिक्त सैनिक भेजने का ऐलान कर दिया है और इजरायल का समर्थन करते हुए कहा है कि उसे ईरान के हमलों से अपनी रक्षा करने का अधिकार है। अब अनुमान है कि इजरायल बड़ा हमला कर सकता है और इससे पूरे मिडल ईस्ट में ही कोहराम की स्थिति पैदा हो सकती है। बता दें कि अब तक ईरान के अलावा किसी भी अन्य मुस्लिम देश ने इजरायल के खिलाफ खुलकर उतरने का ऐलान नहीं किया है। सऊदी अरब, यूएई जैसे देश तो तटस्थ ही हैं। ऐसी स्थिति में इजरायल और ईरान के बीच बड़ा संघर्ष दुनिया को किस तरफ ले जाएगा, यह देखने वाली बात होगी। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू तो वीडियो जारी करके कह चुके हैं कि ईरान को हमले की कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि ईरान यह नहीं समझता कि हमारा अपनी रक्षा को लेकर संकल्प है। यह संकल्प दुश्मनों के खात्मे तक बना रहेगा।

पीएम किसान निधि का पैसा 5 अक्टूबर को आएगा , घर बैठे eKYC करवाएं किसान

नई दिल्ली पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहते किसानों को सालाना 6,000 रुपये मुहैया कराए जाते हैं।देश में ज्यादातर किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं है। बहुत से ऐसे किसान हैं जिन्हें फसल का नुकसान झेलना पड़ता है। ऐसे में केंद्र सरकार ने किसानों की आर्थिक मदद के लिए कई योजनाएं चलाती है। इसी तरह की एक योजना का नाम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) है। इस योजना के तहत किसानों को अब तक 17 किश्तों में पैसे जारी किए जा चुके हैं। जबकि 18वीं किश्त का किसानों को इंतजार है। लेकिन यह इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। केंद्र सरकार की ओर से 5 अक्टूबर को किसानों के अकाउंट में पैस जमा कर दिए जाएंगे। कुल मिलाकर फेस्टिव सीजन में किसानों को पैसे मिल जाएंगे। बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहते किसानों को सालाना 6,000 रुपये मुहैया कराए जाते हैं। किसानों के ये पैसे 3 किश्तों में दिए जाते हैं। हर एक किश्त 2,000 रुपये की होती है। आमतौर पर पीएम किसान सम्मान निधि की पीएम पहली किश्त 1 अप्रैल से 31 जुलाई, दूसरी किश्त 1 अगस्त से 30 नवंबर और तीसरी किश्त 1 दिसंबर से 31 मार्च के बीच आती है। महाराष्ट्र के वाशिम से जारी होगी 18वीं किश्त बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अक्टूबर 2024 को महाराष्ट्र के वाशिम से 18वीं किश्त किसानों के अकाउंट में ट्रांसफर करेंगे। पीएम मोदी डीबीटी के जरिए 9.5 करोड़ से ज्यादा किसानों के अकाउंट में 2000 रुपये ट्रांसफर करेंगे। इसके लिए सरकार 20,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी योजना से जुड़े किसानों के साथ बातचीत भी करेंगे। इससे पहले जून 2204 में पीएम किसान की 17वीं किश्त जारी की गई थी। पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर बेनिफिशियरी लिस्‍ट (PM Kisan beneficiary List) देखकर यह पता चल जाएगा कि आपके खाते में पैसे आएंगे या नहीं। फौरन करें ये काम, तभी मिलेंगे पैसे पीएम किसान योजना की 18वीं किश्त का फायदा उठाने के लिए 5 अक्टूबर से पहले कुछ काम करना बेहद जरूरी है। एक भी गलती करने पर फायदा नहीं मिलेगा। अगर आप पीएम किसान योजना से जुड़े हैं तो बैंक खाते का ई-केवाईसी का पूरा होना जरूरी है। विभाग की तरफ से पहले भी कहा जा चुका है कि अगर किश्त का फायदा चाहिए तो ये काम जरूर करवा लें। वहीं ई-केवाईसी के अलावा दूसरा काम पीएम किसान योजना के लाभार्थी को भू-सत्यापन करवाना भी जरूरी है। इसके साथ ही किसानों के बैंक अकाउंट को उनके आधार कार्ड से लिंक होना बहुत जरूरी है। जिन किसानों ने ये तीन काम करवाएं हैं, वे 18वीं किश्त का फायदा उठा सकते हैं। इस हेल्पलाइन नंबर पर करें कॉल सरकार ने किसानों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अगर आपने अप्लाई किया है। उसका स्टेटस जानने के लिए आप 155261 पर कॉल कर सकते हैं। इस पर सभी तरह की जानकारी हासिल कर सकते हैं। 5 अक्टूबर को हरियाणा में वोटिंग भी  महाराष्ट्र में आने वाले दिनों में विधानसभा चुनाव होने हैं साथ में 5 अक्टूबर, 2024 को जिन दिन पीएम किसान सम्मान योजना के तहत 9.5 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 2000 रुपये ट्रांसफर किए जायेंगे उस दिन हरियाणा में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान भी हो रहा होगा. किसानों को अब तक मिले 3.25 लाख करोड़ रुपये प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना दुनिया की सबसे बड़ी डायरेक्ट ट्रासंफर स्कीमों में से एक है. 2019 के लोकसभा चुनावों के ठीक पहले मोदी सरकार ने अंतरिम बजट पेश करते हुए स्कीम को लॉन्च किया था. पीएम किसान योजना के तहत साल में तीन किस्तों में किसानों को 6000 रुपये सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाती है जिससे महंगे बीज खाद से उन्हें राहत दी जा सके. पीएम किसान योजना में अबतक 17 किस्त में 9.25 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 3.25 लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर किया जा चुका है. पीएम किसान के रजिस्ट्रेशन के लिए eKYC है जरूरी पीएम किसान से सरकार के आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए रजिस्टर्ड किसानों का ई-केवाईसी होना बेहद जरूरी है. पीएमकिसान पोर्टल पर ओटीपी बेस्ट ई-केवाईसी उपलब्ध है. इसके अलावा बायोमेट्रिक बेस्ड ई-केवाईसी के लिए नजदीकी सीएससी सेंटर्स में संपर्क किया जा सकता है.    खाते में पैसा आया या नहीं ऐसे करें चेक पीएम किसान योजना के लाभार्थी किसान सबसे पहले https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं. होमपेज पर सम्बंधित लिंक पर क्लिक कर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर डालें. इसके बाद कैप्चा दर्ज करें. इसके बाद Get Status पर क्लिक करें. इसके बाद स्क्रीन पर किस्त से जुड़ा स्टेटस नजर आएगा. मोबाइल ऐप के माध्यम से किसान अपने भुगतान की स्थिति की जांच कर सकते हैं.  

कार्यक्रम स्थल पर ट्रिपल-आर ऑन व्हील पर वस्तुएं प्रदर्शित की गई

स्वच्छता दिवस कार्यक्रम स्थल पर प्रदर्शनी रही आकर्षण का केन्द्र मुख्यमंत्री ने नगर निगम के सफाई कार्य में लगे उपकरण, ट्रिपल-आर ऑन व्हील और अनुपयोगी वस्तुओं का अवलोकन किया कार्यक्रम स्थल पर ट्रिपल-आर ऑन व्हील पर वस्तुएं प्रदर्शित की गई भोपाल भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में हुए स्वच्छता कार्यक्रम में लगाई गई प्रदर्शनी, स्वच्छता उपकरण और ट्रिपल-आर ऑन व्हील आकर्षण का केन्द्र रहे। स्वच्छता दिवस का कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने नगर निगम भोपाल के सफाई कार्य में लगे उपकरण, ट्रिपल-आर ऑन व्हील और अनुपयोगी वस्तुओं का उपयोग कर बनाई गई सामग्री का अवलोकन किया। ट्रिपल-आर ऑन व्हील कार्यक्रम स्थल पर ट्रिपल-आर ऑन व्हील पर वस्तुएं प्रदर्शित की गई थी। इस वाहन पर रेखा खरे, विशाखा सिलाई मशीन के साथ बैठी थीं। उन्होंने बताया कि अब तक ट्रिपल-आर अर्थात रि-ड्यूस, रि-यूज और रि-सायकल के तीन केन्द्र भोपाल के बोट क्लब, 10 नम्बर बस स्टॉप और विट्ठल मार्केट पर निंरतर संचालित हो रहे हैं। नगर निगम भोपाल में अब इस सुविधा को वाहन के साथ चलित सेवा बना दिया है। रेखा बताती हैं कि चलित वाहन के जरिये जन-सामान्य को पॉलिथिन के उपयोग न करने की समझाइश दी जायेगी और जन-सामान्य द्वारा दी जाने वाली अनुपयोगी कपड़ों से थैले बनाकर दिये जायेंगे। रेखा बताती हैं कि बेकार इलेक्ट्रिक सामान और वैज्ञानिक तरीके से अलग-अलग कचरे को संग्रहण किये जाने की व्यवस्था है। इसके साथ ही अन्य बेकार सामग्री से कॉपी-किताबों के कवर और डेकोरेशन की सामग्री तैयार की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसकी प्रशंसा की। सुअरूणा सिंह स्टार्ट-अप कंपनी से बना रही हैं खिलौने प्रदर्शनी स्थल पर सुअरूणा सिंह भी मौजूद थीं। उन्होंने बताया कि उनकी स्टार्ट-अप कंपनी भोपाल में बच्चों को ईको फ्रेंडली खिलौने उपलब्ध करा रही है। उनकी कंपनी में 20 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। उनके ज्यादातर खिलौने लकड़ी से ही तैयार होते हैं। इनमें प्लास्टिक का उपयोग नहीं होता है। वे बताती हैं कि खिलौनों के माध्यम से बच्चों को अक्षर ज्ञान, भौगोलिक ज्ञान के लिये नक्शे एवं दिमागी कसरत के अनेक खिलौने बनाती हैं। उन्होंने जबलपुर इंजीनियिंग कॉलेज से इंजीनियरिंग की है। सुअरूणा स्वयं का व्यवसाय करना चाहती थीं इसलिये उन्होंने स्टार्ट-अप कंपनी शुरू करने का विचार बनाया और अब सफलतापूर्वक कंपनी का संचालन कर रही हैं। पीएम स्व-निधि से तैयार वस्तुओं का प्रदर्शन कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर पीएम स्व-निधि योजना से लाभान्वित स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने वस्तुओं का प्रदर्शन किया। सुप्रीति राव ने भोपाल की प्राचीन कारीगरी से तैयार जरदोजी़ सामग्री का प्रदर्शन किया। वे बताती हैं कि यह काम सारे हिन्दुस्तान में प्रसिद्ध है। उन्होंने बताया कि उनके समूह ने ‘वन प्रोडक्ट – वन रेलवे स्टेशन’ कार्यक्रम में भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन पर स्टॉल लगाया है। स्टॉल पर प्रदर्शित जरदोजी सामग्री को यात्रियों द्वारा बहुत पसंद किया जा रहा है। इनके साथ ही अन्य स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने आर्टिफिशियल ज्वैलरी, फूड आइटम और हैण्डलूम कपड़ों का प्रदर्शन किया। आज प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाएं स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने को आर्थिक रूप से आत्म-निर्भर बना रहीं हैं। प्रदर्शनी स्थल पर नारियल जूट से तैयार सामग्री का भी प्रदर्शन किया गया।

प्रदेश के इतिहास से जुड़ी महान विभूतियों के नाम पर भोपाल के मार्गों पर स्थापित किए जाएंगे द्वार : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

प्रधानमंत्री मोदी के वर्चुअल संबोधन के साथ आरंभ हुआ स्वच्छता दिवस समारोह स्वच्छ भारत मिशन और अमृत योजना में 685 करोड़ की परियोजनाओं का हुआ भूमि-पूजन और लोकार्पण प्रदेश के इतिहास से जुड़ी महान विभूतियों के नाम पर भोपाल के मार्गों पर स्थापित किए जाएंगे द्वार : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नमो-उपवन को राज्य शासन की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जायेगी हमें स्वस्थ बनाए रखने के लिए स्वच्छता कर्मी प्राण-प्रण से हैं समर्पित मुख्यमंत्री ने स्वच्छता सेवा पखवाड़ा के समापन कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में स्वच्छ भारत दिवस-2024 के अवसर पर नई दिल्ली में हुए कार्यक्रम के क्रम में भोपाल में आयोजित स्वच्छता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के इतिहास से जुड़ी महान विभूतियों के नाम पर भोपाल के मार्गों पर द्वार स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति से जुड़े महापुरुषों भगवान राम, राजा भोज, राजा विक्रमादित्य, सम्राट अशोक आदि के नाम पर इन द्वारों का नामकरण किया जाएगा। भोपाल नगर निगम द्वारा विकसित किए जा रहे नमो-उपवन को राज्य शासन की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में स्वच्छता पखवाड़े के समापन कार्यक्रम में स्वच्छ भारत मिशन और अमृत योजना के अंतर्गत 250 करोड़ रुपये की लागत की 19 परियोजनाओं का भूमि-पूजन और भोपाल नगर निगम के उपकरणों तथा विभिन्न विकास कार्यों को लोकार्पण किया। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्म-दिवस 17 सितम्बर से महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक स्वच्छता सेवा पखवाड़ा का आयोजन किया गया। कर्तव्य पालन के दौरान दिवंगत 26 कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति के प्रमाण पत्र वितरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा स्वच्छ भारत मिशन और अमृत योजना अंतर्गत प्रदेश के लिए 435 करोड़ रूपए की लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं के भूमि-पूजन और लोकार्पण के लिए उनका आभार माना। इस अवसर पर आदर्श गौ-शाला ग्वालियर के 100 टन क्षमता बॉयो सीएनजी प्लांट का भी वर्चुअल शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वच्छता ही सेवा-2024 अभियान अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिक व संस्थाओं को सम्मानित किया। स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 में नगर निगम उज्जैन को थ्री-स्टार रेटिंग मिलने पर उज्जैन के 2 हजार 115 सफाई मित्रों को प्रोत्साहन स्वरूप 3-3 हजार रुपये की राशि प्रदान करने के लिए 63 लाख 45 हजार रुपये की राशि सिंगल क्लिक से नगर निगम उज्जैन को अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के स्वच्छता मित्रों से वर्चुअली आत्मीय संवाद किया तथा कार्य के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर निगम शासकीय सेवा में कर्तव्य पालन के दौरान दिवंगत 26 कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति के प्रमाण पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल नगर निगम के 125 नए डोर-टू-डोर सीएनजी वाहनों, 6 नए हुक लोडर, दो श्रेडर मशीन तथा एक लिटर पिकिंग मशीन का अवलोकन किया तथा मंच से झंडी दिखाकर उनका लोकार्पण किया। अमृत योजना और “रि-ड्यूस, री-यूज, रि-साइकिल” पर केंद्रित रही प्रदर्शनी : तीन लघु फिल्मों का हुआ प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2 अक्टूबर गांधी जयंती “स्वच्छता दिवस” पर स्वच्छता पखवाड़े के समापन कार्यक्रम में प्रदेश में स्वच्छता के लिए संचालित गतिविधियों, अमृत योजना और रि-ड्यूस- रि-यूज- रि-साइकिल पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रदेश को दी गई सौगातों पर केंद्रित फिल्म का प्रदर्शन किया गया। साथ ही गौ-वंश संरक्षण के लिए प्रदेश में जारी गतिविधियों और स्वच्छता ही सेवा अभियान संबंधी गतिविधियों पर तैयार लघु फिल्म का प्रदर्शन हुआ। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा भोपाल के प्रभारी मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद भोपाल आलोक शर्मा, विधायक सर्वरामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, अध्यक्ष नगर निगम किशन सूर्यवंशी उपस्थित हैं। चुनौती भरा और जीवट वाला है स्वच्छता कर्मियों का कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 10 वर्ष पूर्व 15 अगस्त पर लाल किले की प्राचीर से स्वच्छता का विषय उठाना अभिनंदनीय है। भारतीय संस्कृति उत्तम सुख-निरोगी काया के सिद्धांत में विश्वास करती है और स्वच्छता ही अच्छे स्वास्थ्य का आधार है। हमें स्वस्थ रखने के लिए स्वच्छता कर्मी प्राण-प्रण से समर्पित हैं। उनका कार्य चुनौती भरा और जीवटता वाला है, जैसे सेना का सिपाही देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों को कुर्बान कर देता है उसी प्रकार सफाई कर्मी, स्वच्छता और समाज को स्वस्थ बनाए रखने के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करते हैं। इसी का परिणाम है कि 19 सितम्बर को उज्जैन में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु द्वारा स्वच्छता कर्मियों का सम्मान किया गया। स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता ही महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गाँव-गाँव में शौचालय निर्मित करवाकर महिलाओं को बड़ी समस्या और पीड़ा से राहत पहुंचाई है। राज्य सरकार स्वच्छता कर्मियों और उनके परिवारों की बेहतरी के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। यह कार्य सच्चे अर्थों में महात्मा गांधी के विचारों को क्रियान्वित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने का माध्यम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से प्रदेश में 413 नगरीय निकायों में 42 हजार 500 से अधिक स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। प्रदेश में 968 ब्लैक स्पॉट का उन्मूलन और सौन्दर्यीकरण हुआ तथा 800 से अधिक शालाओं में एक लाख से अधिक छात्रों के बीच स्वच्छता संवाद कार्यक्रमों से जन-जागरूकता फैलाई गई। प्रदेश में नगरीय‍निकायों की स्टार रैकिंग प्रणाली के तहत उन्हें पुरस्कृत भी किया गया। मध्यप्रदेश, देश में स्वछतम राज्य के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा – मंत्री काश्यप सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री काश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच के परिणाम स्वरुप ही स्वच्छता को जन-आंदोलन का रूप प्रदान किया जा सका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक गतिविधियों और त्यौहारों के माध्यम से विकास और जन-कल्याण के साथ-साथ स्वच्छता को संस्कार के रूप में अंगीकार करने के लिए प्रदेशवासियों को प्रेरित किया है। स्वच्छता को आदत के रूप में अपनाना और स्वच्छता कर्मियों का … Read more

राज्यपाल हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी सम्मान समारोह में हुए शामिल

हिन्दी, भावों की अभिव्यक्ति और मातृभूमि पर मर-मिटने की भक्ति है: राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल ने कहा  हिन्दी, माँ भारती के मस्तक की बिंदी है, सिर्फ भाषा नहीं, भावों की अभिव्यक्ति और मातृ भूमि पर मर मिटने की भक्ति है राज्यपाल हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी सम्मान समारोह में हुए शामिल मध्यप्रदेश राष्ट्र भाषा प्रचार समिति द्वारा हिन्दी भवन में कार्यक्रम आयोजित भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि हिन्दी, माँ भारती के मस्तक की बिंदी है। यह सिर्फ भाषा नहीं, भावों की अभिव्यक्ति और मातृ भूमि पर मर मिटने की भक्ति है। हिंदी के सतत् विकास, समृद्धि और प्रसार के लिए क्षेत्रीय शब्दों का हिन्दीकरण और सरलीकरण जरूरी है। राज्यपाल पटेल मध्यप्रदेश राष्ट्र भाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित हिन्दी भाषी साहित्यकार और हिन्दी सेवा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सम्मानित लेखकों, प्रशासनिक अधिकारियों, हिन्दी सेवा साधकों और युवा साहित्यकारों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।  राज्यपाल पटेल ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में हिन्दी का प्रसार अहिंदी भाषी राज्यों सहित विदेशों में भी बढ़ा है। यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हिन्दी भाषा की लोकप्रियता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री मोदी विश्व मंचों पर जब अपनी बात हिंदी में रखते हैं तो सम्पूर्ण विश्व बड़े ध्यान से सुनता है। उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में हिंदी एवं क्षेत्रीय भाषाओं में अध्ययन-अध्यापन के अवसर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश इंजीनियरिंग और चिकित्सा जैसे वैज्ञानिक विषयों की सम्पूर्ण पढ़ाई हिंदी में कराने वाला देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश राष्ट्र भाषा प्रचार समिति महात्मा गांधी जी के हिंदी के माध्यम से राष्ट्रीय एकता के सपने को पूरा करने की दिशा में प्रयासरत है। अहिन्दी भाषियों की कठिनाईयों को समझें और समाधान करें राज्यपाल पटेल ने कहा कि हमें अहिंदी भाषियों की हिन्दी के प्रति रूचि बढ़ाने, उनकी कठिनाईयों को समझना होगा। उसका समाधान करना होगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अहिंदी भाषियों को जोड़ कर हिंदी में चर्चा के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयासों पर भी चिंतन किया जाना चाहिए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि हिंदी को वैश्विक बनाने और लोगों की रुचि बढ़ाने वेब-साइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के उपयोग की सम्भावनाओं पर चिंतन किया जाना चाहिए। हिंदी के भाषायी विकास में योगदान देने वालों और हिंदी के क्षेत्र में व्यावसायिक उपलब्धियां प्राप्त करने वालों के सम्मान की पहल भी जरूरी है। विभिन्न श्रेणियों में प्रदान किए गए हिन्दी सेवी सम्मान राज्यपाल पटेल ने समारोह में हिन्दी सेवी सम्मान-2024 प्रदान किया। उन्होंने अलग-अलग श्रेणियों में साहित्यकारों, प्रशासनिक अधिकारियों और हिन्दी सेवा साधकों को सम्मानित किया। पुरस्कारों में हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी, विशिष्ट हिन्दी सेवी सम्मान, स्थापित सम्मान और युवा साहित्यकारों के लिए सम्मान शामिल रहे। राज्यपाल पटेल ने मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लालबहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण किया। पटेल का प्रचार समिति ने पुष्प-गुच्छ से स्वागत, शॉल और श्रीफल से अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्हें समिति की मासिक पत्रिका भी भेंट की गई। स्वागत उद्बोधन समिति के मंत्री संचालक कैलाश चंद्र पंत ने दिया। रघुनंदन शर्मा ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। आभार समिति के उपाध्यक्ष डॉ रंजना अरगढ़े ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में सह-सचिव डॉ संगम सक्सेना, से.नि. वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डॉ. मनोज श्रीवास्तव, सम्मानित लेखक, साहित्यकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।  

कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में भाजपा का जबरदस्त प्रदर्शन, नजर 2028 के विधानसभा चुनाव पर

छिंदवाड़ा कमलनाथ का गढ़ छिंदवाड़ा अब भाजपा का किला बन रहा है. कांग्रेस नेताओं के बाद अब जनता ने भी कमलनाथ से दूरी बनाना शुरू कर दिया है. भाजपा के सदस्यता अभियान के तहत छिंदवाड़ा जिला संगठन ने 24 दिन में 2,69,235 सदस्य बना लिए. इस प्रकार छिंदवाड़ा जिला प्रदेश में इंदौर शहर के बाद नंबर दो पर आ गया है. खास बात ये है कि पहली बार छिंदवाड़ा जिले में कांग्रेस से बीजेपी में आए लोगों ने ऑनलाइन सदस्यता बढ़-चढ़कर ली है. एक दिन में बीजेपी ने जोड़े 39 हजार से ज्यादा सदस्य पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती और प्रदेश में सदस्यता अभियान के अंतिम दिन 25 सितंबर को पूरी भाजपा सदस्यता के महाअभियान में जुटी. 25 सितंबर की सुबह 10.45 बजे से 26 सितंबर को साढ़े 10 बजे तक छिंदवाड़ा जिला भाजपा ने 39,241 सदस्य बनाए. जिससे छिंदवाड़ा जिले में सदस्य की संख्या 2,69,235 तक पहुंच गई है. वहीं पांढुर्ना जिले ने एक दिन में महज 7904 सदस्य बनाए गए. छिंदवाड़ा जिले में बीजेपी ने जोर-शोर से चलाया सदस्यता अभियान विधानसभा लक्ष्य सदस्यता     छिंदवाड़ा 81734 87647     चौरई 65249 51495     अमरवाड़ा 70134 54270     जुन्नारदेव 68590 41411     परासिया 68172 34415     सौंसर 62929 31593     पांढुर्ना 65810 27857 फिर भी लक्ष्य से दूर दोनों जिले, छिंदवाड़ा सम्मानजनक स्थिति में सदस्यता के लिए लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिले वोटों के 75 फीसदी सदस्य बनाने का टारगेट दोनों जिलों को मिला. छिंदवाड़ा जिले को 3 लाख 57 हजार का टारगेट मिला. जबकि अब तक सदस्यता 2,69,235 हो पाई है. पांढुर्ना सदस्यता में फिसड्डी साबित हुआ. यहां 1,26,500 के टारगेट पर अब तक 59,450 सदस्य बन पाए. कम सदस्यता की वजह गुटबाजी और टीम भावना से काम नहीं होना माना जा रहा है. भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव का कहना है “जनता भाजपा के साथ है. लोग आगे आकर भाजपा की सदस्यता ले रहे हैं. इसका नतीजा है कि हम इंदौर के बाद प्रदेश में दूसरे नंबर पर हैं.? सदस्यता अभियान में भी बढ़ाई ताकत चुनावों में शिकस्त देने के बाद भाजपा ने संगठन स्तर पर भी कांग्रेस को मात दे रही है। छिंदवाड़ा में कांग्रेस का सबसे सक्रिय और अनुशासित संगठन था, लेकिन अब ऐसा नहीं दिखता। भाजपा ने जिस तरीके से अपनी सदस्य संख्या बढ़ाई है, अगले चुनाव में कांग्रेस के समक्ष मुश्किल खड़ी हो सकती है। पांढुर्ना जिले में 59,450 सदस्य बने भाजपा ने लोकसभा चुनाव में मिले वोटों के 75 फीसदी यानी 3 लाख 57 हजार सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा था। लेकिन 25 सितंबर तक 2,69,235 सदस्य ही बन पाए हैं। सदस्यता के मामले में पांढुर्ना जिला फिसड्डी साबित हुआ। यहां 1,26,500 के लक्ष्य के मुताबिक, 59,450 सदस्य बने हैं। यहां कम सदस्यता का मूल कारण नेताओं की आपसी गुटबाजी मानी जा रही है। पार्टी ने दूसरे चरण में सदस्य संख्या बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। अभियान नहीं, देश को सशक्त करने का माध्यम सांसद ने कहा-जिस तरह से पहले चरण में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मध्यप्रदेश में एक करोड़ से अधिक सदस्य बनाकर इतिहास रचा है, उसी प्रकार दूसरे चरण में भी अधिक से अधिक लोगों को भाजपा का सदस्य बनाकर रिकार्ड बनाना है। लोगों को भाजपा परिवार से जोड़कर भाजपा परिवार का विस्तार करना है। संगठन पर्व सिर्फ सदस्य बनाने का अभियान नहीं है, बल्कि देश को सशक्त करने का माध्यम भी है। अधिक से अधिक सदस्य बनाने कार्यकर्ता पूरी ताकत लगा दें भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है कि हमें एक करोड़ युवा सदस्य बनना है, जो आने वाले 2047 में भारत का नेतृत्व करेंगे। इस महान संकल्प को पूरा करने के लिए हम सभी कार्यकर्ताओं को सदस्यता अभियान मे अपनी पूरी ताकत लगाकर कार्य करना है। भाजपा कार्यकर्ता उमंग व उत्साह के साथ बूथ पर जाकर लोगों को पार्टी की सदस्यता दिलाएं। अधिक से अधिक लोगों को भाजपा की सदस्यता दिलाएं बूथ विजय अभियान का ही परिणाम है कि भाजपा को विधानसभा चुनावों में 163 सीटों एवं लोकसभा चुनाव में सभी 29 सीटों पर विजय हासिल हुई है। बूथ जीता, चुनाव जीता को लेकर जो कार्य पहले किए गए हैं, उससे भाजपा बूथों पर मजबूत हुई है। बूथों पर भाजपा को और मजबूती देने के लिए अधिक से अधिक लोगों को भाजपा की सदस्यता दिलाएं। छिंदवाड़ा में शानदार प्रदर्शन देश के टाप पांच विधानसभा में छिंदवाड़ा विधानसभा शामिल है। भाजपा के सदस्यता अभियान में यहां सबसे अधिक सदस्य बनाने की जानकारी मिली है। जबलपुर में 2.5 लाख सदस्य बने है जबकि लक्ष्य 2.70 लाख सदस्य बनाने का है। लक्ष्य का प्रतिशत 79 पहै। प्रदेश में सदस्यता अभियान का प्रतिशत 79 प्रतिशत हो चुका है। बूथ के नेटवर्क को और अधिक सक्रिय करें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का सबसे सशक्त बूथ तंत्र हमारे पास है। आवश्यकता है उसे अधिक सक्रिय कर कार्य पर लगाने की। निश्चित रूप से अगर सभी कार्यकर्ता पूरे मनोयोग से जुट जाएंगे तो पार्टी निर्धारित लक्ष्य से आगे जाकर सदस्यता अभियान में देश में अपना एक रिकार्ड बनाएगी। शक्ति केंद्रां में जाकर पार्टी के सदस्यता अभियान को और कैसे मजबूत बनाया जाए इस दिशा में काम करने की आवश्यकता है। कांग्रेस के पूर्व महासचिव को दिलाई भाजपा की सदस्यता विष्णुदत्त शर्मा ने जबलपुर नगर की बैठक के दौरान कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव लक्ष्मी बैन, इंजीनियर तरुण दुबे, एडवोकेट आशीष प्रजापति, जयंत सिंह , संतोष सिंह, रवि त्रिपाठी ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें पार्टी का अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया। दोनों बैठकों के दौरान सांसद आशीष दुबे, वरिष्ठ नेता विनोद गोटिया, पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, जबलपुर नगर जिला अध्यक्ष प्रभात साहू, ग्रामीण जिला अध्यक्ष सुभाष रानू तिवारी, विधायक अशोक रोहणी, अभिलाष पांडे, संतोष बरकड़े, पूर्व विधायक अंचल सोनकर शरद जैन,पूर्व विधायक नीलेश अवस्थी, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी प्रशांत तिवारी गोलू, वीरेंद्र गुप्ता रिंकू विज उपस्थित रहे।  

सीएम डॉ मोहन यादव ने दी विकास की सौगात, सफाई मित्रों के खाते में ट्रांसफर की राशि

भोपाल आज राष्ट्रपति महात्ममा गांधी की जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वच्छता पखवाड़े के समापन कार्यक्रम में विकास की अनेक सौगात दी। इसके अलावा सफाई मित्रों को सम्मानित कर उनके खातों में तीन-तीन हजार की प्रोत्साहन राशि 69 लाख 42 हजार रूपये  सिंगल क्लिक के जरिए ट्रांसफर की। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वर्चुअली शामिल हुए। इस दौरान 685 करोड़ रूपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया गया। 125 सीएनजी रोड टू डोर वाहनों को सीएम मोहन ने हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने महात्मा गांधी को उनकी जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि दी और कहा कि भारत देश को स्वतंत्र कराने में उनके योगदान को कभी नहीं भूलेगा। सीएम यादव ने देश के दूसरे प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी जयंती पर याद करते हुए कहा कि हम उनके जीवन से सीख सकते हैं कि कठिनाइयों के बावजूद कैसे महान ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है। सीएम मोहन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर क्षेत्र और हर क्षेत्र में प्रगति के साथ आगे बढ़ रहे हैं। खासकर, दक्षिण एशियाई देशों में मौजूदा अस्थिरता के बीच पीएम मोदी शांति का संदेश फैला रहे हैं। यह भारत के गौरव को बढ़ाता है और महात्मा गांधी की परंपरा को आगे बढ़ाता है।” उन्होंने कहा, “महात्मा गांधी के साथ-साथ लाल बहादुर शास्त्री की भी जयंती है। हम राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद करते हैं। कठिनाइयों से जूझते हुए भी कोई व्यक्ति किस तरह से ऊंचाइयों को छू सकता है, यह हम उनसे सीख सकते हैं। इतनी ऊंचाई पर पहुंचने के बावजूद भी उन्होंने सादगी की छाप छोड़ी। मैं उन दोनों को नमन करता हूं। हम कामना करते हैं कि मध्य प्रदेश और देश उनके बताए मार्ग पर आगे बढ़े।” स्वच्छता कर्मी के कार्यों को पीएम मोदी ने सराहा   मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने स्वच्छता अभियान 2 अक्टूबर को मनाया। जब हम अपने घरों में सो रहे होते हैं, उसके पहले ही स्वच्छता कर्मी काम पर निकल जाते हैं। जैसे सिपाही देश के लिए अपना बलिदान देता है, वैसे ही स्वच्छता कर्मी अपने शहर को साफ रखने के लिए काम करता है। स्वच्छता कर्मियों के इस बड़े काम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहा। महात्मा गांधी जी ने स्वच्छता को महत्व दी, उन्होंने आजादी की लड़ाई के साथ स्वच्छता को भी महत्व दिया। सीएम मोहन ने कहा कि 19 सितंबर के दिन उज्जैन में राष्ट्रपति जी के साथ हमने स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने गांधी जयंती के अवसर पर खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के प्रदर्शनी का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चाक पर दिखाई कलाकारी, बनाई मिट्टी की कटोरी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्थानीय बुनकरों से खरीदी गोदना पेंटिंग वाली कोसा साड़ी मुख्यमंत्री ने गांधी जयंती के अवसर पर खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के प्रदर्शनी का किया अवलोकन रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम परिसर में गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित खादी और ग्रामोद्योग विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने चाक पर अपनी कलाकारी दिखाते हुए मिट्टी की कटोरी बनाई और स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार गोदना पेंटिंग वाली कोसा साड़ी भी खरीदी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर आज दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की प्रदर्शनी, स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े का समापन सहित कई गतिविधियों का आयोजन किया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन रायपुर के मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए अभियान का शुभारंभ किया और साइंस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित होने वाले सैन्य प्रदर्शनी में शामिल सैन्य वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने एआई तकनीक से कराई टीबी की जांच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एआई तकनीक से टीबी की जांच कराई और 2 मिनट में ही उनका रिपोर्ट प्राप्त हो गया। मुख्यमंत्री जांच में सामान्य पाए गए। उन्होंने जिला प्रशासन के इस विशेष पहल की सराहना की और कहा अधिक से अधिक लोगों टीबी की जांच करें ताकि इसका प्रभावी रोकथाम हो सके। मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टालों का किया अवलोकन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े 2024 के समापन के अवसर पर पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम परिसर में लगाये गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने रायपुर नगर निगम के स्टालों के निरीक्षण के दौरान मौली माता स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित प्लास्टिक फ्री सेनेटरी नेपकिन की जानकारी ली और वहां मौजूद स्वच्छता दीदियों को सेनेटरी नेपकिन भेंट किया। इस दौरान समृद्धि महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को फूलों से निर्मित दशांग, धूप बत्ती और डेकोरेटेड दिया भेंट किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि ये उत्पाद मंदिर में चढ़ाये गए फूलों से बनाये जाते हैं। मुख्यमंत्री ने समूह के महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री साय ने स्वच्छता कर्मचारियों को स्वच्छता किट भेंट कर सुरक्षित रहकर कार्य करने की बात कही।          मुख्यमंत्री ने गांधी जयंती के अवसर पर लगाए गए खादी एवं ग्रोमोद्योग विभाग अंतर्गत छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड और रेशम विभाग के स्टालों को देखा। उन्होंने बिलाईगढ़ के संत बिसाहू दास महंत राज्य पुरस्कार से पुरस्कृत देवानंद देवांगन द्वारा तैयार गोदना पेंटिंग आर्ट वाली कोसे की साड़ी भी खरीदी। मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक चॉक पर हाथ आजमाते हुए मिट्टी की कटोरी तैयार की और 5 माटी शिल्पकारों को इलेक्ट्रिक चॉक भेंट किए। मुख्यमंत्री को हाथकरघा प्रभाग के स्टॉल में सिवनी से आये गजानंद देवांगन ने कोसा से निर्मित शॉल भेंट की। मुख्यमंत्री ने देवांगन भेंट के लिए धन्यवाद दिया। गौरतलब है कि विभागों द्वारा शहतूत रेशम बाड़ी योजना के तहत री रीलिंग मशीन, नैसर्गिक कोसा प्रगुणन कैंप, बुनियाद रिलिंग मशीन का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मलबरी रेशम, डाबा और टसर रेशम की भी जानकारी उपलब्ध है। इस अवसर पर विधायकगण पुरंदर मिश्रा, मोती लाल साहू, नगर निगम प्रतिपक्ष नेता श्रीमती मीनल चौबे, सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग डॉ. वसवराजु एस., सचिव ग्रामोद्योग विभाग यशवंत कुमार, संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग कुंदन कुमार, संभागायुक्त महादेव कांवरे, कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह, आयुक्त नगर निगम रायपुर अविनाश मिश्रा, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी विश्वजीत सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

प्रदेश का पहला बायो CNG प्लांट ग्वालियर को मिलेगा, सफाईकर्मियों का हुआ सम्मान

ग्वालियर मध्यप्रदेश की पहली ऐसी वायो सीएनजी बनाने वाली यूनिट शुरू होने जा रही है जहां गाय के गोबर से बायो सीएनजी बनेगी।इससे तैयार गैस से ग्वालियर नगर निगम के वाहन तो चलेंगे ही बल्कि इसे आम लोगो को उपयोग के लिए देने की भी योजना है। ग्वालियर में स्थित प्रदेश की सबसे बड़ी लाल टिपारा गौशाला में तैयार किये गए। 2 सितंबर मंगलवार को इस बायोसीएनजी प्लांट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल किया। इस दौरान कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सहित तमाम मंत्रीगण और अधिकारी मौजूद रहे। ग्वालियर में नगर निगम द्वारा संचालित प्रदेश की सबसे बड़ी गौशाला लाल टिपारा में है।इसका संचालन कुछ वर्ष पहले संतों को सौंपा गया तो यह देश की सबसे आदर्श गौशाला बन गयी, जहां लोग अपना जन्मदिन से लेकर मेरिज एनिवर्सरी तक मनाने आते है। इस गौशाला में अभी 9850 गौवंश का बसेरा है।यहां हर रोज 100 टन गोबर निकलता है। इससे यहाँ स्थापित हो रहे संयंत्र से अभी 2 टन बायो सीएनजी तैयार होगा। गौ शाला के प्रबंधन से जुड़े संत स्वामी ऋषभ देवानंद का कहना है कि यह मध्यप्रदेश में किसी गौशाला में अनूठी पहल है और गोबर सच मे धन के रूप में बदलेगा। गैस बनने के बाद निकलने वाले वेस्ट को खेती में उपयोग के लिए बेचा जाएगा। बताया गया कि यह मध्यप्रदेश का अपने तरह का पहला वायो संयंत्र है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि गोबर से गैस बनाने वाला राज्य का अपने तरह का यह पहला संयंत्र है। यूं तो इंदौर में पहले से वायो सीएनजी प्लान्ट है। लेकिन वहां इसके लिए गीले कचरे का उपयोग किया जाता है। जबकि यहां सिर्फ गोबर का उपयोग होगा वह भी सिर्फ गौवंश का गोबर। इसकी स्थापना पर लगभग 31 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।यह खर्च इंडियन ऑयल कोर्पोरेशन ने उठाया है। रोज निकलता है 100 टन गोबर नगर निगम द्वारा संचालित राज्य की सबसे बड़ी गौशाला ग्वालियर के लाल टिपारा में है। इसका संचालन कुछ साल पहले संतों को सौंपा गया तो यह देश की सबसे आदर्श गौशाला बन गई। यहां लोग अपने जन्मदिन से लेकर मैरिज एनिवर्सरी तक मनाने आते हैं। इस गौशाला में अभी 9850 गौवंश का बसेरा है। यहां हर रोज 100 टन गोबर निकलता है। इससे यहां स्थापित हो रहे प्लांट से अभी 2 टन बायो सीएनजी तैयार होगा। गौशाला के प्रबंधन से जुड़े संत स्वामी ऋषभ देवानंद का कहना है कि यह मध्यप्रदेश में किसी गौशाला में अनूठी पहल है। गोबर सच मे धन के रूप में बदलेगा। गैस बनने के बाद निकलने वाले वेस्ट को खेती में उपयोग के लिए बेचा जाएगा। प्लांट बनाने में कुल 31 करोड़ की लागत बताया गया कि यह मध्य प्रदेश का अपने तरह का पहला बायो प्लांट है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि गोबर से गैस बनाने वाला राज्य का अपनी तरह का यह पहला संयंत्र है। यूं तो इंदौर में पहले से बायो सीएनजी प्लांट है लेकिन वहां इसके लिए गीले कचरे का उपयोग किया जाता है। जबकि यहां सिर्फ गोबर का उपयोग होगा। वह भी सिर्फ गौवंश का गोबर। इसकी स्थापना पर लगभग 31 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। यह खर्च इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने उठाया है। इस समय बायो सीएनजी की मांग सामान्य सीएनजी से ज्यादा है। क्योंकि बायो सीएनजी में 95 फीसदी मीथेन होता है। जबकि सामान्य सीएनजी में 90 फीसदी। यही वजह है कि बायो सीएनजी से मिलने वाले वाहनों का माइलेज ज्यादा निकलता है। इस समय बायो सीएनजी की मांग सामान्य सीएनजी से ज्यादा है। क्योंकि बायो सीएनजी में 95 फीसदी मीथेन होता है। जबकि सामान्य सीएनजी में 90 फीसदी। यही वजह है कि बायो सीएनजी से मिलने वाले वाहनों का माइलेज ज्यादा निकलता है। PM मोदी की ग्वालियर को बड़ी सौगात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्वालियर को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। पीएम मोदी आज बुधवार को यहां एमपी के पहले बायो CNG प्लांट का वर्चुअली शुभारंभ करेंगे। ग्वालियर की लाल टिपारा गौशाला में आयोजित इस कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सहित अन्य मंत्री मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव भी वर्चुअली तरीके से शामिल होंगे।  

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ड्रग्स तस्करी करने वाला अंतरराष्ट्रीय गैंग का खुलासा, 2000 करोड़ की 500 KG कोकीन बरामद

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने ड्रग्स की एक बहुत बड़ी खेप बरामद की है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने करीब 2 हजार करोड़ रुपये की कोकीन बरामद की है. एक बरामदगी दक्षिण दिल्ली में एक छापे के बाद हुई है. दिल्ली पुलिस के अनुसार स्पेशल सेल ने करीब 565 किलो से ज्यादा कोकीन बरामद की है. इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस ड्रग्स की कीमत 2000 करोड़ रुपये आंकी गई है. पुलिस गिरफ्तार लोगों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है और ये ड्रग्स राजधानी में किसके लिए गए थे, इसकी डिलीवरी किसको होनी थी, इस गिरोह के साथ कौन कौन से लोग जुड़े हैं. इन सवालों का जवाब तलाश रही है. दिल्ली पुलिस के अनुसार ये राजधानी अबतक की सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी है. पुलिस इसे बड़ी कामयाबी मान रही है. रिपोर्ट के मुताबिक इस सप्लाई के पीछे इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट काम कर रहा है. पुलिस अब इसकी जानकारी हासिल कर रही है. ये दिल्ली में कोकीन का अब तक का सबसे बड़ा सीजर है. कोकीन हाई प्रोफाइल पार्टी में इस्तेमाल होने वाला ड्रग्स है. पुलिस के अनुसार, यह गैंग काफी समय से दिल्ली और आस-पास के इलाकों में नशे की तस्करी कर रहा था और त्योहारों के अवसर पर भारी मात्रा में नशीले पदार्थों को बाजार में लाने की योजना बना रहा था। इस बड़ी खेप को पकड़कर दिल्ली पुलिस ने न केवल नशे की लत में फंसे लोगों की जिंदगी बचाई है, बल्कि ड्रग्स के खिलाफ अपनी कड़ी कार्रवाई का एक और उदाहरण पेश किया है। पकड़ी गई कोकीन की खेप की मात्रा और उसकी बाजार में कीमत ने पुलिस और प्रशासन को सकते में डाल दिया है। स्पेशल सेल के अनुसार, इस मामले में नार्को-टेरर एंगल की भी जांच की जा रही है। इसका मतलब है कि तस्करी से मिले पैसों का उपयोग आतंकवादी गतिविधियों में होने की आशंका भी है। इसलिए, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच का दायरा और व्यापक कर दिया है और नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और अन्य संबंधित एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए चार लोगों से पूछताछ के बाद यह जानकारी मिली है कि इस गैंग के तार कई देशों से जुड़े हुए हैं। यह अंतरराष्ट्रीय तस्कर नेटवर्क था जो विभिन्न देशों से ड्रग्स की तस्करी कर भारत में उन्हें बेचने की योजना बना रहा था। पुलिस को इस बात का भी अंदेशा है कि इसमें कई और लोग शामिल हो सकते हैं और जांच के जरिए इस पूरी तस्करी श्रृंखला का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। स्पेशल सेल की इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि तस्करी के इस गिरोह का नेटवर्क न केवल दिल्ली बल्कि देश के अन्य हिस्सों तक भी फैला हुआ था। गिरफ्तार किए गए तस्करों में से कुछ विदेशियों के संपर्क में थे, जो ड्रग्स की आपूर्ति करते थे। इस मामले में पुलिस ने कई संदिग्ध लोगों की पहचान की है और उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा, पुलिस उन स्थानों की भी जांच कर रही है जहां तस्करों ने कोकीन की खेप को छुपाने का प्रयास किया था। पुलिस की यह कार्रवाई एक बड़े अभियान का हिस्सा थी, जिसमें राजधानी में तस्करी के माध्यम से नशे के पदार्थों को फैलाने की कोशिश को नाकाम किया गया है। त्योहारों का समय होता है जब नशे का कारोबार तेजी से बढ़ता है और नशीले पदार्थों की मांग भी बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाने के लिए यह अंतरराष्ट्रीय गिरोह इतनी बड़ी खेप दिल्ली लाया था, जिसे पुलिस ने समय रहते पकड़ लिया। स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि पकड़ी गई कोकीन की क्वालिटी बहुत उच्च स्तर की है और इसे विभिन्न देशों से लाया गया था। गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि उनके पास कई फर्जी दस्तावेज थे, जिनकी मदद से वे आसानी से ड्रग्स की तस्करी कर रहे थे। पुलिस अब इन फर्जी दस्तावेजों के नेटवर्क को भी ध्वस्त करने की कोशिश कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसे तस्करों को पकड़ा जा सके। इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि ड्रग्स की तस्करी का पैसा आतंकवादी गतिविधियों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए, दिल्ली पुलिस इस मामले में नार्को-टेरर एंगल से भी जांच कर रही है। इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि तस्करी के माध्यम से जुटाए गए पैसे का उपयोग देश की सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए हो सकता है। दिल्ली पुलिस की इस बड़ी सफलता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियों ने भी इस मामले में दिलचस्पी दिखाई है और आगे की जांच में सहयोग कर रही हैं। नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो भी इस जांच में शामिल हो चुका है और ड्रग्स की तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने इस बात के संकेत दिए हैं कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि पकड़े गए तस्करों से मिली जानकारी के आधार पर कुछ और लोगों की पहचान हुई है। ड्रग्स की तस्करी का यह मामला दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अपने साहसिक और सूझबूझ भरे काम से न सिर्फ दिल्ली बल्कि देश के युवाओं को एक बड़ी मुसीबत से बचा लिया है। दिल्ली पुलिस का यह कदम नशे के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संदेश देता है और ड्रग तस्करों को यह चेतावनी है कि कानून के हाथ लंबे हैं और वे कहीं भी छुप नहीं सकते। ड्रग्स की तस्करी समाज के लिए एक बड़ी चुनौती है, और यह घटना इस बात का प्रमाण है कि नशे के कारोबारी किस तरह से समाज को जकड़ने का प्रयास कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल तस्करों के हौसले पस्त हुए हैं, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी एक संदेश है जो नशे के इस अवैध कारोबार में शामिल हैं। पुलिस प्रशासन … Read more

बागडे और भजनलाल ने बापू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनके जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि “सभी देशवासियों की ओर से पूज्य बापू को उनकी जन्म-जयंती पर शत-शत नमन। सत्य, सद्भाव और समानता पर आधारित उनका जीवन और आदर्श देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणापुंज बना रहेगा।” अगले पोस्ट में श्री मोदी ने कहा कि “देश के जवान, किसान और स्वाभिमान के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि।” वही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तथा पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर आज नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री गांधी पार्टी के अन्य नेताओं के साथ सुबह बापू की समाधि स्थल राजघाट गए और उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री खरगे ने कहा “सत्य, अहिंसा व सत्याग्रह जैसे उच्चतम मूल्य से संपूर्ण विश्व को शांति का मार्ग दिखाने वाले, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सूत्रधार, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के विचार व उनके आदर्श हमारे लिए सदैव प्रेरणादायी हैं। आज उनके विचारों को जो चुनौती मिल रही है, इसका मुक़ाबला हम बापू के सिद्धांतों पर चलकर कर रहें हैं। सभी देशवासियों को गांधी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।” श्री गांधी ने कहा “बापू ने ही मुझे सिखाया है, जीना है तो डरे बिना जीना है – सत्य, प्रेम, करुणा और सौहार्द के रास्ते पर सबको जोड़ते हुए चलना है। गांधी जी एक व्यक्ति नहीं, जीने और सोचने का तरीका हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।” राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने बुधवार को यहां गांधी जयंती पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। श्री बागडे एवं श्री शर्मा ने गांधी सर्किल स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर यह श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने बाद में मौन रहकर श्रद्धा निवेदित की तथा वहां रामधुन और भक्ति संगीत भी सुना। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, राज्य मंत्री ओटाराम देवासी आदि ने भी गांधीजी को पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धा दी। गहलोत ने गांधी जयंती पर किए श्रद्धासुमन अर्पित राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर बुधवार को यहां गांधीजी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री गहलोत ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा ” दुनिया के सबके बड़े ब्रिटिश साम्राज्य को अहिंसा के बल पर भारत छोड़ने पर मजबूर करने वाले, आधुनिक दुनिया को सत्याग्रह की ताकत समझाने वाले एवं विश्वभर में पूजनीय भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी जयंती पर नमन करता हूं।” इस मौके पर पूर्व मंत्री महेश जोशी एवं प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।  

तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह दुनिया के शीर्ष तेज गेंदबाज बने, रविचंद्रन अश्विन को पीछे छोड़ा

मुंबई  भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बुधवार को दुनिया के शीर्ष तेज गेंदबाज बन गए। उन्होंने रविचंद्रन अश्विन को पीछे छोड़ दिया। दिग्गज गेंदबाज ने हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ खेली गई दो मैचों की टेस्ट सीरीज में अपने सनसनीखेज प्रदर्शन के दम पर आईसीसी की ताजा टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया। वहीं, युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली को भी टेस्ट रैंकिंग में फायदा हुआ है। बुमराह बने नए बादशाह भारत और बांग्लादेश के बीच खेली गई दो मैचों की टेस्ट सीरीज में तेज गेंदबाज ने 11 विकेट चटकाए थे। अब उन्हें इसका फायदा मिला है। एक स्थान की छलांग लगाकर वह शीर्ष पर पहुंच गए। अब उनके 870 प्वॉइंट्स हो गए हैं। वहीं, अश्विन दूसरे पायदान पर खिसक गए। उनके खाते में 869 अंक हैं। पहले भी शीर्ष पर काबिज हो चुके बुमराह यह दूसरा मौका है जब बुमराह टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचे हैं। इससे पहले इसी साल फरवरी में इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के बाद तेज गेंदबाज ने पहला स्थान हासिल किया था। तब उन्हें तीन स्थानों का फायदा हुआ था। वह शीर्ष टेस्ट गेंदबाज बनने वाले पहले भारतीय तेज गेंदबाज बन गए थे। उनसे पहले पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव टेस्ट गेंदबाजों में सर्वोच्च रैंकिंग हासिल करने वाले इकलौते भारतीय गेंदबाज थे। वह दिसंबर, 1979 से फरवरी, 1980 के बीच दूसरे स्थान पर रहे थे। बांग्लादेश के इन गेंदबाजों को भी हुआ फायदा कानपुर टेस्ट में बुमराह ने कुल सात विकेट हासिल किए, जबकि अश्विन को पांच सफलता मिलीं। वहीं, बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज चार स्थान के फायदे के साथ 18वें पर पहुंच गए जबकि अनुभवी स्पिनर शाकिब अल हसन 28वें पायदान पर पहुंच गए हैं। उन्हें पांच स्थानों का फायदा हुआ है। जायसवाल तीसरे स्थान पर पहुंचे बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाले युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल दो स्थानों के फायदे के साथ तीसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। अब उनके 792 अंक हो गए। चार पारियों में उन्होंने 47.25 के औसत से 189 रन बनाए। इस दौरान 22 वर्षीय बल्लेबाज ने तीन अर्धशतक लगाए। बल्लेबाजों की टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर जो रूट का कब्जा है जबकि दूसरे स्थान पर केन विलियमसन बने हुए हैं।  

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