LATEST NEWS

दमोह के सिंग्रामपुर में 5 अक्टूबर को होगी मंत्रि-परिषद की बैठक, क्षेत्र के समग्र विकास को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल, ग्रामीण अंचलो से लिए जायेंगे जनहितकारी निर्णय जिला प्रशासन द‌मोह ने सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक की तैयारियां पूर्ण दमोह के सिंग्रामपुर में 5 अक्टूबर को होगी मंत्रि-परिषद की बैठक, क्षेत्र के समग्र विकास को मिलेगी गति जिला प्रशासन ने कैबिनेट की तैयारियों को दिया अंतिम रूप भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के समग्र विकास के लिए राजधानी भोपाल से परे संभागीय और आंचलिक क्षेत्रों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ कैबिनेट की बैठकें करने की पहल की है। मोहन सरकार की राजधानी के बाहर पहली कैबिनेट बैठक जनवरी 2024 को जबलपुर में हो चुकी है। इसी क्रम में अगली कैबिनेट दमोह जिले के सिंग्रामपुर में 5 अक्टूबर को होने जा रही है। जिला प्रशासन द‌मोह द्वारा सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक की तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती का योगदान ऐतिहासिक रहा है। द‌मोह जिले सिंग्रामपुर गाँव के नजदीक सिंगौरगढ़ का किला है। यह क्षेत्र रानी दुर्गावती की राजधानी के रूप में इतिहास में दर्ज है। वीरांगना दुर्गावती के 500वें जन्मशती वर्ष के अवसर पर उनके सम्मान में सिंग्रामपुर में कैबिनेट की बैठक करने का निर्णय लिया गया है। आगामी 5 अक्टू‌बर को राज्य मंत्री-मंडल के सभी सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी सिंग्रामपुर पहुंचेंगे, जहाँ प्रदेश के विकास लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिये जायेंगे। लाड़ली बहना सम्मेलन भी होगा ग्राम सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक साथ लाड़ली बहना सम्मेलन भी होगा। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की लाड़ली बहना योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की हितग्राही बहनों के खाते में राशि का अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा बहनों से संवाद भी किया जायेगा। सिंग्रामपुर क्षेत्र का करेंगे भ्रमण सिंग्रामपुर और उसके आस-पास स्थित ऐतिहासिक स्थलों का मंत्रि-परिषद के सदस्यों द्वारा भ्रमण भी किया जायेगा। इसमें रानी दुर्गावती के किले का अवलोकन, रानी मंदिर में पूजा-अर्चना और रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित सभी मंत्रीगण यहाँ पौध-रोपण भी करेंगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव ने सबसे पहले यह निर्णय लिया था कि प्रदेश में नागरिको की समस्याओं के निराकरण, सुशासन, विकास कार्यों और जन-कल्याणकारी काही योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की संभागवार समीक्षा बैठकें होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहली समीक्षा बैठक 17 सितम्बर 2023 को उज्जैन मुख्यालय पर ली। इसी क्रम में अन्य संभागों में भी समीक्षा बैठकें ली जाकर मैदानी स्तर पर प्रशासनिक और योजनाओं के क्रियान्वन की स्थिति को आंका गया। अन्य गतिविधियां दमोह दर्शन पुस्तक का विमोचन।     संकट के साथी एवं दमोह हेल्पलाईन मोबाईल एप की शुभारंभ।     विभिन्न विकास कार्यों के शिलान्यास एवं लोकार्पण।     दमोह जिले के विज़न डाक्यूमेंट का विमोचन।     दमोह जिले की उपलब्धियों के वीडियो का प्रदर्शन।     70 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों के आयुष्मान कार्ड योजना का शुभारंभ।     सिंगल क्लिक से लाड़ली बहनों के खातों में राशि का भुगतान।     विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण।     ग्राम हरदुआ जामशा, विकासखण्ड बटियागढ़ के उत्कृष्ट विद्यार्थियों का सम्मान।     बाढ़ के दौरान बचाव कार्य करने वाली टीम का सम्मान।     स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों से संवाद।  

राज्य सरकार सिंग्रामपुर को पर्यटन के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर कैबिनेट में मोहर लग सकती है

भोपाल मप्र सरकार की डेस्टिनेशन कैबिनेट पॉलिटिक्स का अगला पड़ाव दमोह का सिंग्रामपुर बनने जा रहा है, जहां नवदुर्गा के तीसरे दिन 5 अक्टूबर को डॉ. मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक होगी। इस दिन वीरांगना रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती है। राज्य सरकार सिंग्रामपुर को पर्यटन के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में मोहर लग सकती है। यहां दुर्गावती के नाम पर संग्रहालय, ऑडिटोरियम, सीएम राइज स्कूल, आईटीआई की स्थापना और पेयजल और सिंचाई के लिए तालाब निर्माण के प्रस्तावों समेत बुंदेलखंड क्षेत्र की प्रस्तावित विकास परियोजनाओं को भी मंजूरी दी जा सकती है। इसके अलावा प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के साथ घट रही दुष्कर्म और अत्याचार की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार रानी दुर्गावती के नाम पर वुमन सेफ्टी से जुड़ा कोई बड़ा निर्णय ले सकती है। सिंग्रामपुर में हिल टॉप एक हेलीपैड का निर्माण किया गया है। रानी दुर्गावती के सम्मान में वुमन सेफ्टी से जुड़ा नया कदम उठा सकती है सरकार तीसरी डेस्टिनेशन कैबिनेट सिंग्रामपुर कैबिनेट मीटिंग मोहन सरकार की तीसरी डेस्टिनेशन केबिनेट होगी। इससे पहले उज्जैन और जबलपुर में भी राज्य सरकार की कैबिनेट बैठकें हो चुकी हैं। मोहन यादव अगली कैबिनेट बैठक लोकमाता अहिल्या देवी के 300वें जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में उनकी राजधानी रहे खरगोन के ऐतिहासिक शहर महेश्वर में करने की घोषणा कर चुके हैं। 31 मई 2025 को होल्कर रियासत की महान शासक अहिल्या देवी की 300वीं जयंती है। शिवराज , कमलनाथ भी कर कर चुके ऐसी कैबिनेट बैठकें कांग्रेस की 15 महीने की सरकार में तत्कालीन सीएम कमलनाथ भी उज्जैन और जबलपुर में कैबिनेट बैठकें कर चुके हैं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान भी अपने कार्यकाल में उज्जैन और पचमढ़ी में कैबिनेट बैठकें कर चुके हैं। मोहन सरकार की पिछली दो डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठकें उज्जैन कैबिनेट- सरकार बनने पर दिसंबर माह में मोहन सरकार की पहली केबिनेट बैठक उज्जैन में हुई थी। इस बैठक में सिंहस्थ की तैयारियों और उज्जैन शहर से जुड़ी विकास योजनाओं को प्रमुखता से मंजूरी दी गई थी। जबलपुर कैबिनेट: यह 3 जनवरी को हुई थी। तब यहां 800 करोड़ की लागत से प्रदेश के सबसे लंबे एलिवेटेड कॉरीडोर, 400 करोड़ से आईटी पार्क और 65 करोड़ की लागत के गारमेंट और फैशन डिजाइन क्लस्टर के विकास को मंजूरी दी गई थी। जबलपुर में नर्मदा के 17 घाटों को हरिद्वार की तरह विकसित करने और रानी दुर्गावती की जीवनी को मप्र के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया गया था। जबलपुर में 409.53 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण भी किया था। बरगी डेम के प्रभावित 10 ग्राम के 1414 परिवारों को भू-अभिलेख के पट्टे भी दिए थे।  

इजराइल-ईरान संघर्ष से सहमा भारतीय शेयर बाजार, 1344.45 Point की गिरावट

मुंबई इजरायल और ईरान के बीच तनाव (Israel-Iran Conflict) से दुनिया टेंशन में है. इसका असर दुनियाभर के बाजारों पर दिखा है. भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) भी इससे अछूता नहीं रहा और गुरुवार को मार्केट ओपन होने के साथ ही धड़ाम हो गया. एक ओर जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) 995.92 अंक या 1.18% की तगड़ी गिरावट के साथ 83,270.37 के स्तर पर ओपन हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी (Nifty) ने भी 269.80 अंक या 1.05% फिसलकर 25,527.10 के स्तर पर कारोबार शुरू किया. ये गिरावट और बढ़ती नजर आ रही है और दोपहर 12 बजे तक सेंसेक्स 1300 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया था.    सेंसेक्स 1300 अंक से ज्यादा फिसला इस सप्ताह मंगलवार को Iran ने Israel पर मिसाइल अटैक करके दोनों देशों में तनाव को जंग की आग में झोंकने का काम किया. इसके असर से कच्चे तेल के कीमतों (Crude Oil Price) में तेजी आई, तो ग्लोबल मार्केट टूट गए. बुधवार को गांधी जयंती की छुट्टी के बाद आज जब भारतीय शेयर बाजार खुला, तो यहां भी ईरान-इजराइल जंग का असर देखने को मिला. BSE Sensex अपने पिछले बंद 84,266 की तुलना में 995 अंक टूटकर 83,270 के लेवल पर ओपन हुआ, अगले ही पल 83,002 तक फिसल गया. इसके बाद कुछ रिकवरी जरूर देखने को मिली, लेकिन ये ज्यादा देर तक कायम नहीं रही. दोपहर के 12 बजते-बजते मार्केट पूरी तरह क्रैश नजर आया. Sensex खबर लिखे जाने तक 1344.45 अंक या 1.60 फीसदी की गिरावट के साथ 82,921.84 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था. यही नहीं कारोबार के दौरान ये 82,870.43 तक फिसला था. दूसरी ओर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए NSE Nifty ने भी अपने पिछले बंद 25,796.90 की तुलना में 270 अंक गिरकर 25,527 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की और दोपहर 12 बजे तक ये 400 अंक से ज्यादा गिरकर 25,382.85 के लेवल पर आ गया था. मार्केट ओपन होने के साथ जहां करीब 620 शेयरों में तेजी आई, तो वहीं 2024 कंपनियों के शेयरों ने गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार शुरू किया. वहीं 149 शेयरों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. शुरुआती बाजार में सबसे टाटा मोटर्स, एशियन पेंट्स, टाटा कंज्यूमर, हीरो मोटोकॉर्प और आईसीआईसीआई बैंक में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली. पहले ही मिलने लगे थे संकेत शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के संकेत पहले से ही मिलने लगे थे. अमेरिकी बाजार (US Market) में गिरावट के साथ ही गिफ्ट निफ्टी (Gifty Nifty) ने 200 अंकों का गोता लगा दिया था. वहीं प्रो-ओपन मार्केट में भी सेंसेक्स बुरी तरह से टूटा नजर आया था. प्री-मार्केट में Sensex 1200 अंक तक फिसल गया था और जब शेयर बाजार में कारोबार शुरू हुआ, तो सेंसेक्स-निफ्टी धराशायी हो गए. ईरान-इजराइल जंग ने बिगाड़ा बाजार का मूड Israel-Iran में बढ़े तनाव ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया है. अगर सबसे बड़े डर की बात करें, तो मंगलवार को ईरान ने करीब 180 मिसाइलों से इजरायल पर हमला किया था और इसके बाद Israel ने चेतावनी देते हुए बड़ा पलटवार करने का ऐलान किया था. अब शेयर बाजार को सबसे बड़ा डर ये सता रहा है, कि इजरायल क्या कदम उठाएगा. BSE के 30 में से 28 शेयर बिखरे शेयर बाजार में गुरुवार को आए भूचाल के बीच सबेस ज्यादा गिरावट वाले शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कंपनियों में शामिल BPCL Share 4.60% फिसलकर 351.30 रुपये पर आ गया, तो वहीं Eicher Motors Share 2.62% की गिरावट के साथ 4842.75 रुपये पर आ गया. Tata Motors Share 3.80% फिसलकर 928.70 रुपये पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं Asian Paints Share 3.66% टूटकर 3157 रुपये पर आ गया था. BSE की 30 में से 28 कंपनियों के शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे. इसमें L&T Share (3.41%), Reliance Share (2.55%), Bajaj Finance Share (2.51%), Axis Bank Share (2.45%), Adani Ports Share (2.30%) गिरकर कारोबार रहे थे. तो वहीं Kotak Bank (2.16%), Maruti Share (2.16%), ICICI Bank Share (1.90%) की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे.   मिडकैप कंपनियों की बात करें, तो Phonix Ltd Share 4.37% गिरकर 1675 रुपये पर, Hindustan Petrolium Share 3.49% फिसलकर 429.20 रुपये पर आ गया था. इसके अलावा Godrej India Share 3.54% की गिरावट के साथ 1149 रुपये पर कारोबार कर रहा था. स्मालकैप कंपनियों में शामिल KamoPaints Share 9.97% की गिरावट के साथ 30.24 रुपये पर, KIMS Share 6.09% टूटकर 522.55 रुपये पर और Raclgear Share 6.14% की गिरावट लेकर 969.90 रुपये पर ट्रेड कर रहा था.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजपुर ग्राम नवापारा और वाड्रफनगर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के नवीन भवन का भूमिपूजन

मुख्यमंत्री साय ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 192.60 करोड़ रूपए की लागत के 108 कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कुसमी-सामरी मार्ग का 33.10 करोड़ रूपए की लागत से होगा उन्नयन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजपुर ग्राम नवापारा और वाड्रफनगर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के नवीन भवन का भूमिपूजन नवापारा में 33.95 करोड़ रूपए और वाड्रफनगर में 28.96 करोड़ रूपए की लागत से होगा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के नवीन भवन का निर्माण 16.41 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित होगी बांकी नदी व्यपवर्तन योजना पीवीटीजी की 9 बसाहटों में पीएम जनमन योजना में बनेंगे बहुउद्देशीय केन्द्र भवन बलरामपुर जिला चिकित्सालय में पीडियाट्रिक केयर यूनिट का लोकार्पण बलरामपुर (तामेश्वर नगर) हवाई पट्टी का 4.07 करोड़ रूपए की लागत से होगा उन्नयन रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर में आयोजित ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में 192 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत के 108 विकास कार्यों का भूमिपूजन, शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया। उन्होंने जिलेवासियों को विकास कार्याे के लिए शुभकामनाएं दी। विकास कार्याे में 97 लाख 57 हजार रुपए के 5 कार्यों का लोकार्पण तथा 191 करोड़ 63 लाख रुपए के 103 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री ने जिले से गुजरने वाली प्रमुख सड़कों के मजबूतीकरण, राजपुर के नवापारा और वाड्रफनगर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के नवीन भवन, स्कूल और छात्रावास के नवीन भवन के निर्माण कार्य, छात्रावास आश्रमों में अतिरिक्त कक्ष के निर्माण, जलाशयों के जीर्णोद्धार, आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण, बलरामपुर तामेश्वर नगर हवाई पट्टी के उन्नयन के कार्यों का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने जिन कार्यों का भूमिपूजन किया, उनमें 33.10 करोड़ रूपए की लागत से कुसमी-सामरी तक 16.60 किलोमीटर सड़क के उन्नयन एवं मजबूतीकरण का कार्य, 33.95 करोड़ रूपए की लागत से राजपुर ग्राम नवापारा में और 28.96 करोड़ रूपए की लागत से वाड्रफनगर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के नवीन भवन का निर्माण कार्य, 14.18 करोड़ रूपए की लागत से बसंतपुर रामनगर मार्ग में 14 किलोमीटर सड़क उन्नयन का कार्य, बलरामपुर-रामानुजंगज के लरंगसाय चौक से रिंगरोड एवं पावर हाऊस से जय स्तंभ चौक, 3.81 करोड़ रूपए की लागत से भारत माता चौक से रेस्ट हाऊस एवं जय स्तंभ तक 5.825 किलोमीटर मार्ग का मजबूतीकरण, 13.16 करोड़ रूपए की लागत से जिले में अम्बिकापुर धनवार-वाराणसी मार्ग पर 11.60 किलोमीटर सड़क का उन्नयन, 4.07 करोड़ रूपए की लागत से बलरामपुर (तामेश्वर नगर) हवाई पट्टी का उन्नयन एवं सुधार कार्य, 2.16 करोड़ रूपए की लागत से बलरामपुर-रामानुजगंज के महाराजगंज-पचावल 4 किलोमीटर मार्ग का मजबूतीकरण के कार्य प्रमुख हैं। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने 1.21 करोड़ रूपए की लागत से बरियों में हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन के निर्माण, 67-67 लाख रूपए की लागत से नीलकंठपुर और लुरगीखुर्द शासकीय माध्यमिक शाला भवन के निर्माण कार्य, 3 करोड़ रूपए की लागत से छात्रावास-आश्रमों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के 29 कार्य, 60-60 लाख रूपए की लागत से पीवीटीजी बसाहटों में पीएम जनमन योजना अंतर्गत 9 बहुउद्देशीय केन्द्र भवन के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। पीवीटीजी बसाहटों – शंकरगढ़ विकासखण्ड के आमाकोना ग्राम पोंड़ीखुर्द, कुसमी विकासखण्ड के ढोढ़ाचॉपी ग्राम पंचायत भुलसीखुर्द, महुआटोली ग्राम चरहु, खासपारा ग्राम पेंडारडीह, भुताही ग्राम पुन्दाग, रजुआढोढ़ी ग्राम पोंडीखुर्द, पतरापारा ग्राम भोंदना, जम्होर और शंकरगढ़ विकासखण्ड के दशनी कोरवापारा ग्राम खैरडीह में बनने वाले एक-एक बहुउद्देशीय केन्द्र भवन का भूमिपूजन किया। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने 2.75 करोड़ रूपए की लागत से शंकरगढ़ के धारानगर हायर सेकेण्डरी स्कूल में बालक छात्रावास निर्माण, 1.86-1.86 करोड़ रूपए की लागत से सामरी और बरियों के हायर सेकेण्डरी स्कूल में बनने वाले 50-50 सीटर बालक छात्रावास निर्माण कार्य, 39.01 करोड़ रूपए की लागत से बदौली जलाशय, करवां जलाशय, मुरका जलाशय, जगिमा जलाशय, झिक्की व्यपवर्तन योजना, खर्रा जलाशय, श्रीकोट व्यपवर्तन योजना, कोरंधा जलाशय, उलियाबांध एवं नहर के जीर्णोद्धार तथा बांकी नदी व्यपवर्तन योजना के निर्माण का भूमिपूजन किया। बांकी नदी व्यपवर्तन योजना का निर्माण 16.41 करोड़ रूपए की लागत से किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सामरी रामानुजगंज और प्रतापपुर 4.79 करोड़ रूपए की लागत से 41 नवीन आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 5 कार्यों का लोकार्पण मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 97 लाख रूपए की लागत के 5 कार्यों का लोकार्पण किया। इन कार्यों में 24 लाख रूपए की लागत से कुसमी विकासखण्ड के हर्री में निर्मित नवीन उप स्वास्थ केन्द्र भवन, जिला चिकित्सालय बलरामपुर में 25 लाख रूपए की लागत से निर्मित पीडियाट्रिक केयर यूनिट, विकासखण्ड रामानुजगंज के ग्राम बुद्धुटोला में 23 लाख रूपए की लागत से निर्मित शहरी हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर भवन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शंकरगढ़ में 13 लाख रूपए की लागत से निर्मित 10 बिस्तरीय अतिरिक्त वार्ड और जिला चिकित्सालय बलरामपुर में 9 लाख रूपए की लागत से निर्मित मितानिन शेल्टर शामिल है। इस अवसर पर आदिमजाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद चिंतामणि महराज, विधायकगण राजेश अग्रवाल, प्रबोध मिंज, श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, श्रीमती शकुन्तला पोर्ते भी उपस्थित थीं।  

ईरान ने बरसाई मिसाइलें मारा सिर्फ एक ,वो भी फिलिस्तीनी, हमला रहा नाकाम

तेहरान इजरायल पर अचानक 180 से ज्यादा मिसाइलें दागकर ईरान ने पूरी दुनिया को चौंका दिया. ईरान के इस कदम से पूरा मिडिल ईस्ट जंग के मुहाने पर खड़ा हो गया है. चिंता की बात यह है कि इजरायल ने अब तक ईरान पर कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की है, जिससे इजरायल के मंसूबों का पता नहीं चल पा रहा है. इजरायल पर किये गये मिसाइल अटैक को ईरान भले ही दुनिया के सामने बड़े एक्शन के तौर पर पेश कर रहा है, लेकिन सच्चाई यह है कि ईरानी हमले से इजरायल को कुछ खास नुकसान नहीं पहुंचा है. इजरायल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ज्यादातर मिसाइलों को हवा में ही खत्म कर दिया. इन हमलों में सिर्फ एक शख्स की मौत हुई और वह भी इजरायली नहीं, बल्कि फिलिस्तीनी नागरिक था. जेरिको शहर में आकर लगी मिसाइल ईरानी मिसाइल से जिस शख्स की मौत हुई उसका नाम समेह अल-असाली था, जो पेशे से मजदूर असाली की मौत फिलिस्तीन के जेरिको शहर के पास पश्चिमी तट के नुइमा गांव में हुई. जिस समय (रात) उसे मिसाइल लगी, वह सड़क पर टहल रहा था. दरअसल, जेरिको, फिलिस्तीन के पश्चिमी तट पर स्थित एक शहर है. जेरिको जॉर्डन घाटी में बसा है, जिसके पूर्व में जॉर्डन नदी और पश्चिम में यरुशलम है. चार फिलिस्तीनी घायल भी हुए जेरिको के गवर्नर हुसैन हमायल ने एजेंसी को बताया कि रॉकेट के टुकड़ा सीधे फिलिस्तीनी मजदूर के ऊपर गिर गया, जिसमें गाजा पट्टी के जबालिया का रहने वाले समेह अल-असाली की मौत हो गई. रॉकेट के कुछ टुकड़े लगने से 4 फिलिस्तीनी घायल भी हो गए. जानकारी के मुताबिक तीन बच्चों का पिता अल-असली गाजा के उन हजारों मजदूरों में से एक था, जिनके पास इजरायली वर्क परमिट था. इजरायली राजदूत ने हमले पर क्या कहा? बता दें कि ईरान के हमले के बाद भारत में इजरायल के राजदूत रेवेन अजार इंडिया टुडे को एक इंटरव्यू दिया, जिसमें अजार ने कहा कि ईरान ने 181 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें प्रत्येक में 700 से 1,000 किलोग्राम तक विस्फोटक भरा हुआ था और उससे बड़ा नुकसान हो सकता था. हमले के बाद जो बाइडेन ने क्या कहा? ईरान के मिसाइल अटैक के बाद दोनों मुल्कों में तनाव कम करने के लिए G7 देश एक आपात बैठक कर चुके हैं. इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि वह इजरायल का साथ दे रहे हैं, लेकिन अगर इजरायल ईरान की न्यूक्लियर साइट्स पर हमला करता है तो अमेरिका इसमें उसका साथ नहीं देगा. कैसे फेल हुईं ईरान की मिसाइलें? इजरायल का दावा है कि ईरान की 181 मिसाइलों में से 90 फीसदी फेल हो गईं. इसकी वजह इजरायल के 3-3 सुरक्षा चक्र हैं, जो कि मिसाइल डिफेंस सिस्टम हैं. जिन्होंने एक बार फिर अपना लोहा साबित कर दिया है. पहला मिसाइल डिफेंस सिस्टम आयरन डोम है. जो 152 किलो मीटर के दायरे में और 12 किलो मीटर ऊंचाई के अंदर आने वाले रॉकेट को मार गिराता है. दूसरा मिसाइल डिफेंस सिस्टम डेविड्स स्लिंग है, जिसकी रेंज 301 किलो मीटर है. जो 49 किलो मीटर की ऊंचाई के अंदर आने वाले खतरे को तबाह करने की क्षमता रखता है. तीसरा मिसाइल डिफेंस सिस्टम द एरो सिस्टम है. जो पृथ्वी के वायुमंडल के बाहर ही मिसाइल को ध्वस्त कर देता है. इस तरह इजरायल के तीन-तीन सुरक्षा चक्र ने उसे एक बार फिर बचा लिया.  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फैसले को बताया ऐतिहासिक, गैर-बासमती चावल के निर्यात पर से प्रतिबंध हटाया, किसानों को मिलेगा लाभ

भोपाल केंद्र सरकार के गैर-बासमती चावल के निर्यात पर से प्रतिबंध हटाने का निर्णय देश के चावल उत्पादकों को भरपूर राहत देने वाला साबित होगा। मध्यप्रदेश के चावल उत्पादक किसानों को लाभ होगा। पिछले 10 सालों में 2015 से वर्ष 2024 तक 12,706 करोड़ रूपये का चावल निर्यात हुआ है। सबसे ज्यादा 3634 करोड़ का चावल निर्यात इसी साल हुआ है। उल्लेखनीय है कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत विदेश व्यापार महानिदेशालय की 28 सितंबर को जारी अधिसूचना के अनुसार गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात के लिए 490 डॉलर प्रति टन का न्यूनतम निर्यात मूल्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, पारबॉइल्ड और ब्राउन चावल पर निर्यात शुल्क को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया। इससे किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में और ज्यादा लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में कृषि निर्यात में सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है, जो देश और मध्यप्रदेश के किसानों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान स्थापित करने में मदद करेगा। केन्द्र सरकार के इस फैसले का लाभ मध्यप्रदेश के चावल उत्पादक क्षेत्रों के किसानों को होगा। राज्य के प्रमुख चावल उत्पादन क्षेत्रों में जबलपुर, मंडला, बालाघाट और सिवनी शामिल हैं। ये अपनी उच्च गुणवत्ता वाले जैविक और सुगंधित चावल के लिए प्रसिद्ध हैं। इनमें मंडला और डिंडोरी के जनजातीय क्षेत्रों का सुगंधित चावल और बालाघाट के चिन्नौर चावल को जीआई टैग प्राप्त है। इस पहचान के कारण यहां के चावल को अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में लोकप्रियता मिली है। मध्यप्रदेश से चावल के प्रमुख निर्यात बाजारों में चीन, अमेरिका, यूएई और यूरोप के कई देश शामिल हैं। इस निर्णय से न केवल राज्य के चावल उत्पादकों की आय में वृद्धि होगी बल्कि जनजातीय क्षेत्रों के उत्पादों को भी वैश्विक पहचान मिलेगी। मध्यप्रदेश के चावल उद्योग ने पिछले कुछ वर्षों में अत्यधिक वृद्धि देखी है। इन सालों में 200 से अधिक नई चावल मिलों की स्थापना हुई है। इस फैसले से प्रदेश के किसानों और निर्यातकों को अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। अब वे अपने चावल को न्यूनतम निर्यात मूल्य से अधिक दरों पर अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में बेच सकेंगे।  

अभी भी लोगो के पास है 2000 रुपये के 7,117 करोड़ रुपये के नोट, RBI ने दी जानकारी

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बताया कि 2000 रुपये के 98% नोट वापस आ चुके हैं, जबकि अभी भी 7,117 करोड़ रुपये के नोट लोगों के पास बचे हुए हैं। अक्टूबर 2024 में जारी आंकड़ों के अनुसार, नोटों की वापसी की रफ्तार धीमी हो गई है। प्रमुख बातें: कब और क्यों बंद हुए: 19 मई 2023 को क्लीन नोट पॉलिसी के तहत 2000 रुपये के नोट वापस लेने का निर्णय लिया गया था। वापसी की समयसीमा: 23 मई से 30 सितंबर 2023 तक नोट जमा करने की समयसीमा थी, लेकिन इसे कई बार बढ़ाया गया। अभी भी जमा कर सकते हैं नोट: 2000 रुपये के नोट अब सिर्फ आरबीआई की 19 क्षेत्रीय शाखाओं और डाकघरों में जमा कराए जा सकते हैं। नोट वापसी के आंकड़े: मई 2023 में बाजार में: 3.56 लाख करोड़ रुपये के नोट थे। सितंबर 2024 तक: 7,000 करोड़ रुपये के नोट वापस नहीं हुए हैं। आरबीआई ने 2018-19 से 2000 रुपये के नोटों की छपाई बंद कर दी थी क्योंकि बाजार में अन्य मूल्यवर्ग के नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो चुके थे।

तिरुपति मंदिर में 4 अक्टूबर से 9 दिवसीय ‘ब्रह्मोत्सव’ उत्सव, हर दिन 1 लाख भक्तों के आने की उम्मीद

तिरुपति आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में प्रसाद को लेकर हुए विवाद के बाद अब तिरुपति का श्री वेंकटेश्वर मंदिर ‘ब्रह्मोत्सव’ के लिए तैयारी कर रहा है. यह 9 दिवसीय उत्सव 4 से 12 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें हर दिन लगभग 1 लाख भक्तों के आने की उम्मीद है. बता दें कि लड्डू विवाद के बाद मंगलवार को मंदिर में सफाई अनुष्ठान ‘कोईल अल्वार तिरुमंजनम’ का आयोजन किया गया था.  इस दौरान पूरे मंदिर, मूर्तियों और पूजा के बर्तनों को साफ किया गया. हर दिन बनेंगे 8 लाख लड्डू ब्रह्मोत्सव के दौरान मंदिर प्रशासन बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों की उम्मीद कर रहा है. पवित्र रसोई, जिसे ‘पोटु’ कहा जाता है, जहां प्रतिदिन लगभग 3.5 लाख लड्डू तैयार किए जाते हैं वहां  ब्रह्मोत्सव के दौरान प्रतिदिन कम से कम 8 लाख लड्डू बनाने के लिए तैयार हो रही है. जानकारी के अनुसार, हर दिन एक लाख तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद है. प्रशासन व्यवस्था भी सख्त मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी खास इंतजाम किए जा रहे हैं. 4 से 12 अक्टूबर तक सभी वीआईपी दर्शन की व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है. मंदिर प्रशासन से जुड़े लोगों को भीड़ नियंत्रित करने की खास ट्रेनिंग दी जा रही है. लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा जा रहा है. कौन तैयार करता है लड्डू तिरुपति मंदिर देश के सबसे बड़े मंदिरों में से एक है. यहां हर साल करीब तीन करोड़ श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं यानी रोजाना करीब 82 हजार श्रद्धालु भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन करते हैं. करीब 3.50 लाख लड्डू तैयार किए जाते हैं. सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में लड्डू दिए जाते हैं. इस पूरी व्यवस्था का संचालन उस कमेटी के द्वारा किया जाता है, जिसका गठन हर दो साल में आंध्र प्रदेश की राज्य सरकार करती है. इस कमेटी का नाम है- तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम्. बता दें कि हाल ही में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दावा किया कि पिछली सरकार में तिरुपति मंदिर में मिलने वाले प्रसाद में घी की जगह जानवरों की चर्बी और मछली के तेल का इस्तेमाल किया जा रहा था. इसी साल जून में जगन मोहन रेड्डी की पार्टी आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव हारी और नायडू ने एनडीए की सरकार बनाई. इस दावे के बाद देशभर की सियासत गर्मा गई थी. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था.  

लव जिहाद से भारत देश को अस्थिर करने की साजिश और देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए खतरा बताया : कोर्ट

बरेली आनंद बनकर लव जिहाद करने वाले मोहम्मद आलिम को आजीवन कारावास सुनाने के दौरान बरेली की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की। फास्ट ट्रैक प्रथम रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट ने माना कि लव जिहाद के पीछे विदेशी फंडिंग है। उन्होंने इसे पाकिस्तान, बांग्लादेश की तरह भारत देश को अस्थिर करने की साजिश और देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए खतरा बताया है। कोर्ट ने अपने फैसले में लव जिहाद को भी परिभाषित किया है। फास्ट ट्रैक प्रथम रवि कुमार दिवाकर ने अपने फैसले में लिखा है कि लव जिहाद का मुख्य उद्देश्य हिन्दुस्तान के खिलाफ एक धर्म विशेष के कुछ अराजक तत्त्वों द्वारा जनसांख्यिकीय युद्ध और अंतरराष्ट्रीय साजिश के तहत वर्चस्व स्थापित करना है। आसान शब्दों में कहें तो लव जिहाद समुदाय विशेष के पुरुषों द्वारा गैर समुदायों से जुड़ी महिलाओं को उनके धर्म में परिवर्तित करने के लिए प्रेम का ढोंग करके शादी करना है। लव जिहाद के माध्यम से अवैध धर्मांतरण, उस धर्म विशेष के कुछ अराजक तत्व करते हैं, करवाते हैं, उसमें सहयोग करते हैं या फिर इस षड्यंत्र में शामिल होते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कृत्य कुछ ही अराजक तत्व कराते हैं लेकिन पूरा धर्म विशेष बदनाम होता है। फैसले में उन्होंने इसके पीछे विदेशी फंडिंग की भी आशंका जताई है क्योंकि इस कृत्य के लिए बड़ी मात्रा में रकम की जरूरत होती है। फैसले में लव जिहाद को किया परिभाषित कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि यह प्रकरण लव जिहाद के जरिये अवैध धर्मांतरण का है। ऐसे में सबसे पहले यह जानना भी जरूरी है कि लव जिहाद क्या है? लव जिहाद में समुदाय विशेष के पुरुष शादी के माध्यम से अपने धर्म में परिवर्तन कराने के लिए व्यवस्थित रूप से दूसरे समुदाय की महिलाओं को निशाना बनाते हैं। समुदाय विशेष के ये लोग इन महिलाओं का धर्मांतरण कराने के लिए प्यार का दिखावा करके धोखे से शादी कर लेते हैं। इस केस में भी अभियुक्त मोहम्मद आलिम ने अपना नाम आनंद बताकर पीड़िता को धोखे में रखकर हिंदू रीति रिवाज से शादी कर उसके साथ बलात्कार किया। फिर उसकी फोटो व वीडियो बनाकर बदनाम करने की धमकी देकर कई बार बलात्कार किया। विदेशी फंडिंग से हो रहा लव जिहाद, देश के लिए खतरा कोर्ट ने फैसले में कहा है कि लव जिहाद के माध्यम से अवैध धर्मांतरण होता है। अवैध धर्मांतरण रोकने को उप्र सरकार द्वारा उप्र विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 पारित किया गया। कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा है कि लव जिहाद के माध्यम से अवैध धर्मांतरण किसी अन्य बड़े उद्देश्य की पूर्ति को कराया जाता है। यदि समय रहते भारत सरकार के द्वारा लव जिहाद के माध्यम से अवैध धर्मांतरण पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम देश को भुगतने पड़ सकते हैं। कोर्ट ने माना धर्मांतरण के लिए किया लव जिहाद फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज रवि कुमार दिवाकर ने इसे लव जिहाद का केस मानकर सात मार्च 2024 को आरोप तय कर सुनवाई शुरू की थी। आरोप साबित करने को एडीजीसी क्राइम दिगम्बर पटेल ने पीड़िता छात्रा समेत छह गवाह पेश किए थे। कोर्ट ने दोनों पक्ष की दलीलों को सुनकर धर्मांतरण के उद्देश्य से लव जिहाद करने के दोषी आलिम को आजीवन कैद की सजा सुनाई। धर्मस्थल में की गई शादी अवैध करार कोर्ट ने आलिम द्वारा पीड़िता से फतेहगंज पश्चिमी के धर्मस्थल में की गई शादी को भी अवैध करार दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि हिन्दू विवाह अधिनियम में दोनों का हिन्दू होना जरूरी है जबकि आलिम ने धर्म परिवर्तन नहीं किया है। सिर्फ लव जिहाद और धर्मांतरण के इरादे से उसने युवती को फंसाने के लिए मांग में सिंदूर भर दिया, जिसे शादी नहीं माना जा सकता। प्रमुख सचिव व डीजीपी को भेजी आदेश की कॉपी कंप्यूटर छात्रा से लव जिहाद के मामले में देवरनिया पुलिस ने उप्र विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम में कार्यवाही नहीं की। फास्ट ट्रैक प्रथम के जज रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट ने इस केस में फैसले की प्रति मुख्य सचिव, डीजीपी पुलिस और एसएसपी बरेली को भेजकर लव जिहाद के मामलों में इस अधिनियम के तहत कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। ताकि भविष्य में विधि अनुसार कार्रवाई हो।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए ईरान की यात्रा करने के संबंध में एडवाइजरी जारी की

नई दिल्ली लेबनान में 27 सितंबर को इजरायली हमले में हिजबुल्लाह के चीफ हसन नसरल्लाह की मौत के बाद इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है।  रात ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों से भारी हमले किए। मध्य पूर्व में इस तनाव को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए ईरान की यात्रा करने के संबंध में एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणदीप जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी दी। इस एडवाइजरी में विदेश मंत्रालय की ओर से भारतीय नागरिकों को ईरान की सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी गई है। उन्होंने लिखा, “हम क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति में हाल ही में हुई वृद्धि पर बारीक नजर रख रहे हैं। भारतीय नागरिकों को ईरान की सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी जाती है। वर्तमान में ईरान में रहने वाले लोगों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और तेहरान में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।” बता दें कि रिवोल्यूशनरी गार्ड ने रात इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार की। हमले में मुख्य रूप से “सैन्य और सुरक्षा प्रतिष्ठानों” को निशाना बनाया गया। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के एक बयान का हवाला देते हुए मीडिया रिपोर्टों ने पुष्टि की है कि ईरान से इजरायल की ओर बड़ी संख्या में मिसाइलें दागी गई हैं। आईआरजीसी ने धमकी दी है कि अगर इजरायल जवाब देता है, तो वह दूसरा हमला करेगा। तस्नीम समाचार एजेंसी ने बताया कि आईआरजीसी ने मिसाइल हमले को “इजरायली सेना द्वारा हमास के शीर्ष नेता इस्माइल हनीयेह और आईआरजीसी कमांडर मेजर जनरल सैय्यद अब्बास निलफोरुशन की हत्या का बदला” बताया। इसने कहा कि इसकी वायु सेना ने महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया। इजरायली मीडिया ने बताया कि ईरान ने मंगलवार रात इजरायल पर करीब 180 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी। इजराइल रक्षा बलों (आईडीएफ) के अनुसार, इजरायली वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान द्वारा दागी गई 180 बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक “बड़ी संख्या” को लक्ष्य से पहले ही रोक दिया। द टाइम्स ऑफ इजरायल ने आईडीएफ के हवाले से बताया कि अमेरिका ने इजरायल का साथ देने का ऐलान किया है। भारतीयों को ईरान की गैर जरूरी यात्रा से बचने और दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह सरकार ने सुरक्षा के गंभीर हालात के मद्देनजर भारतीय नागरिकों को ईरान की गैर जरूरी यात्रा से बचने और वहां रह रहे भारतीयों को तेहरान में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी है।विदेश मंत्रालय की ओर से बुधवार को यहां ईरान को लेकर जारी यात्रा परामर्श में कहा गया, “हम क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति में हालिया वृद्धि पर करीब से नजर रख रहे हैं। भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे ईरान की सभी गैर-जरूरी यात्रा से बचें।” परामर्श में कहा गया, “वर्तमान में ईरान में रहने वालों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और तेहरान में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।”  

इतिहास में इजरायल और ईरान ने एक साझा दुश्मन से लड़ने के लिए अमेरिका की मदद से हाथ मिलाया था

नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने मंगलवार को इजरायल पर 200 से ज्यादा मिसाइलें दागीं है जिनमें हाइपरसोनिक हथियार भी शामिल हैं। अब इजरायल ने भी कसम खाई है कि ईरान इस हमले की कीमत चुकाएगा। हालांकि दोनों देशों के बीच रिश्ते हमेशा से खराब नहीं थे। यह सुनने में भले ही अकल्पनीय लगे लेकिन इजरायल और ईरान ने एक साझा दुश्मन से लड़ने के लिए अमेरिका की मदद से हाथ मिलाया था। 1960 के दशक में इजरायल और ईरान दोनों का एक साझा दुश्मन था इराक। जहां इजरायल अरब देशों के खिलाफ संघर्ष में उलझा हुआ था वहीं शाह के नेतृत्व में ईरान के लिए सुरक्षा और क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं को देखते हुए इराक एक सीधा खतरा था। इसके बाद इस समय की सबसे गुप्त साझेदारी के लिए एक आधार तैयार हुआ। इस साझेदारी में इज़राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद और ईरान की सीक्रेट पुलिस SAVAK शामिल थे। दोनों ने इराकी शासन के खिलाफ कुर्द विद्रोहियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इराक के अरब नेतृत्व की कमजोरी के रूप में देखे जाने वाले ये कुर्द समूह इराकी सरकार को अंदर से कमजोर करने के लिए जरूरी थे। खुफिया गठबंधन कोड-नाम ट्राइडेंट के गठन के बाद इज़राइल और ईरान के बीच के रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए थे जिसमें तुर्की भी शामिल था। 1958 की शुरुआत में ट्राइडेंट की मदद से इन तीन समूहों ने कई खुफिया जानकारियों का आदान-प्रदान किया। जैसे-जैसे संबंध परिपक्व होते गए इज़राइल और ईरान और भी करीब होते गए। शाह की महत्वाकांक्षाएं और इज़राइल का प्रभाव ईरान के शाह मोहम्मद रजा पहलवी न केवल साझा भू-राजनीतिक हितों से प्रेरित थे बल्कि अमेरिका में इज़राइल के प्रभाव से भी प्रेरित थे। शाह ने इजराइल को अमेरिका के साथ संबंधों को सुधारने के लिए एक साधन के रूप में देखा। खासकर कैनेडी प्रशासन द्वारा उनके शासन के बारे में चिंता व्यक्त करने के बाद यह और जरूरी हो गया था। इजराइली-ईरानी संबंध ईरान की पश्चिम के साथ खुद को जोड़ने की रणनीति का हिस्सा बन गए। नतीजतन 1960 के दशक के मध्य तक तेहरान में एक स्थायी इजराइली प्रतिनिधिमंडल की स्थापना हुई जो एक दूतावास के रूप में कार्य करने लगी। हालांकि इस संबंध में भी कुछ जटिलताएं थी। शाह अरब दुनिया में व्यापक इजराइल-विरोधी भावना से अवगत थे। उन्होंने ईरान के इजराइल के साथ संबंधों के सार्वजनिक तौर पर इनकार किया। इराक के खिलाफ मिलकर काम करने में दोनों देशों का फायदा ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति ने देश के राजनीतिक परिदृश्य को काफी हद तक बदल दिया और इसे एक इजराइल विरोधी इस्लामी गणराज्य में बदल दिया। फिर भी अयातुल्ला खोईमेनी के सत्ता में आने के बाद भी नए शासन ने इजराइल के साथ गुप्त सहयोग जारी रखा। जैसे-जैसे ईरान-इराक युद्ध (1980-1988) आगे बढ़ा दोनों देशों ने सद्दाम हुसैन के इराक के खिलाफ़ मिलकर काम करने में ही फायदा देखा। इज़राइल ने भी ईरान की मदद करने में एक अच्छा अवसर देखा। अमेरिका और सोवियत संघ दोनों ने इराकी सेना की आपूर्ति की थी और यह एक जोखिम था। इज़राइल द्वारा ईरान को हथियारों की खेप भेजना, खास कर से प्रधानमंत्री मेनाचेम बेगिन द्वारा 1980 में सैन्य उपकरणों की बिक्री को मंज़ूरी दिए जाने के बाद इराक की ताकत को कमज़ोर करने का एक सोचा-समझा फ़ैसला था। ये गुप्त हथियार सौदे अमेरिकी नीति के बावजूद किए गए जिसमें तेहरान में बंधक बनाए गए अमेरिकी लोगों की रिहाई तक ईरान को सैन्य सहायता देने पर रोक लगाई गई थी। इज़राइली सैन्य सहायता के बदले में, खोईमेनी के शासन ने बड़ी संख्या में ईरानी यहूदियों को इज़राइल या अमेरिका में रहने की अनुमति दी। ऑपरेशन फ्लावर इजरायल-ईरानी साझेदारी पारंपरिक हथियार सौदों से आगे तक पहुंच गई थी। सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक ऑपरेशन फ्लावर था जो एक गुप्त करोड़ों डॉलर की योजना थी जो 1977 में शाह के शासन के दौरान शुरू हुई थी। इस सौदे के तहत ईरान ने 1978 में इजरायल को 260 मिलियन डॉलर का तेल भेजकर एक बड़ा अग्रिम भुगतान किया जैसा कि 1986 की न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था। मिसाइल कार्यक्रम पर काम 1979 में इस्लामिक क्रांति तक जारी रहा जिसके बाद खोमेनेई के शासन ने अचानक सहयोग रोक दिया। अक्टूबर 1980 में जब ईरान ने इराक के खिलाफ युद्ध छेड़ा था तब इजरायल ने गुप्त रूप से ईरान को अमेरिकी निर्मित एफ-4 लड़ाकू विमानों के लिए 250 अतिरिक्त टायर भी दिए थे। दुश्मनी की शुरुआत 1990 के दशक तक इज़राइल और ईरान के बीच सहयोग का युग लगभग समाप्त हो गया था। भू-राजनीतिक कारण जैसे अरब समाजवाद, सोवियत प्रभाव और इराक का खतरा, जो कभी उन्हें एकजुट करते थे गायब हो गए थे जिससे सहयोग के लिए वजहें नहीं बची थी। इसके बाद ईरान ने इजरायल विरोधी विचारधारा को अपनाया। ईरान ने इजरायल के साथ संघर्ष में हिजबुल्लाह और हमास जैसे समूहों का समर्थन किया है। 2000 के दशक की शुरुआत में ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद का चुनाव, नरसंहार से इनकार और इजरायल के खिलाफ आक्रामक बयानबाजी ने तनाव को और बढ़ा दिया। इसके बाद ईरान इस क्षेत्र में इजरायल का सबसे प्रमुख विरोधी बन गया। अब मिडिल ईस्ट के ये दो देश पूरी तरह युद्ध की कगार पर हैं।

मोहन सरकार प्रदेश में फ्लोर एरिया रेशियो को 2.5 से बढ़ाकर 5 या 7 कर सकती है, जाने इससे क्या होगा लाभ

भोपाल  मध्य प्रदेश से बड़ी खबर है. अब प्रदेश की कमर्शियल बिल्डिंग और ऊची होंगी. सरकार कर्मशियल बिल्डिंग में फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) को दोगुना कर सकती है. भोपाल में एफएआर फिलहाल 2.5 है, लेकिन अब इसे 5 या 7 करने की योजना है. खास बात यह है कि, इस तरह की बिल्डिंगों में केंद्र सरकार के नेशनल बिल्डिंग कोड का पालन करना जरूरी होगा. इस कोड के पालन से भवन और ज्यादा मजबूत और सुरक्षित होंगे. इसके मद्देनजर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टी एंड सीपी) ने संशोधन प्रस्ताव तैयार किया है. यह प्रस्ताव टी एंड सीपी के भूमि विकास नियम-2012 के लिए तैयार किया गया है. गौरतलब है कि केंद्र सरकार नियमों के बदलाव होने के बाद उन्हीं के आधार पर अनुदान तय करेगी. इस तरह की बिल्डिंग बनने के बाद हर दुकान-मकान में आग के सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने होंगे. इस तरह की ऊंची कॉलोनी बनाने वालों को इलेक्ट्रिक गाड़ियों की चार्जिंग के लिए स्टेशन बनाना होगा. भवन निर्माताओं को ग्राउंड कवरेज की लिमिट से छूट मिल सकती है. उन्हें एक न्यूनतम क्षेत्र की खुला रखना पड़ेगा. अभी तक बनी हाईराइज बिल्डिंगों में 50 फीसदी ग्राउंड कवरेज रखना पड़ता है. रिहाशयी इलाके में 30 फीसदी ग्राउंड कवरेज रखने का नियम है. जबकि, कमर्शियल में अभी तक 40 फीसदी ग्राउंड कवरेज रखा जाता है. केंद्र सरकार तय करेगी अनुदान बताया जाता है कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से कहा है कि वे शहरी क्षेत्रों में सुधार करें. भोपाल से प्रकाशित हिंदी अखबार दैनिक भास्कर के मुताबिक, केंद्र सरकार ने यह इसलिए करने का कहा है, ताकि शहरी विकास योजनाओं और अमृत योजना के लिए अनुदान मिल सके. ये बदलाव होने के बाद जो सुधार होंगे, उन्हीं के आधार पर केंद्र सरकार अनुदान का फंड तय करेगी. इसे लेकर अधिकारियों का कहना है कि टी एंड सीपी ने नगरीय विकास एवं आवास को भूमि विकास नियम में संशोधन के लिए प्रस्ताव दिए थे. विभाग ने उन्हें और बेहतर तरीके से तैयार करने को कहा है. इसके बाद केंद्र सरकार जो मंशा होगी उस पर विचार किया जाएगा. उसके बाद इसे लागू किया जाएगा.

योगी सरकार प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत यूपी के लाभार्थियों को फ्री में दिवाली पर एक सिलेंडर देगी

लखनऊ योगी सरकार हर साल की तरह इस साल भी महिलाओं को दिवाली पर तोहफा देने जा रही है।योगी सरकार प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत यूपी के लाभार्थियों को फ्री में दिवाली पर एक सिलेंडर देगी। लाभार्थियों को फ्री में सिलेंडर देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी सरकार की ओर से कोई आदेश नहीं आया है लेकिन सरकार ने इसका नीतिगत निर्णय ले रखा है, इसलिए आदेश आना औपचारिकता है। फ्री में सिलेंडर कब बांटे जाएंगे ये आदेश आने के बाद ही पता चलेगा। माना जा रहा है कि दो-तीन दिनों में सिलेंडर देने का आदेश जारी हो सकता है। दरअसल प्रधानमंत्री उज्जवला योजना पूरे देश में चलाई जा रही है। इसके तहत साल में दो सिलेंडर निश्शुल्क उज्जवला लाभार्थियों को दिए जाते हैं। पहला सिलेंडर दिवाली पर मिलता है और दूसरा सिलेंडर होली पर दिया जाता है। दिवाली की समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने दिए थे निर्देश त्योहारों को लेकर सीएम योगी ने मंगलवार को समीक्षा बैठक की थी। जिसमें सीएम योगी ने दीपावली पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के सभी लाभार्थियों को मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर बांटने के निर्देश जारी किए थे। सीएम योगी ने कहा था कि त्योहार से पहले इन सभी लाभार्थियों तक रसोई गैस सिलेंडर पहुंच जाना चाहिए। पुलिस और प्रशासन के अफसरों के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग करके त्योहार में सुरक्षा-व्यवस्था पर भी लंबी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने नवरात्र के समय प्रमुख स्थानों पर आवश्यक पुलिस बल रखने को कहा है। मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी धाम, सहारनपुर में मां शाकुम्भरी मंदिर, वाराणसी में विशालाक्षी मंदिर और बलरामपुर में मां पाटेश्वरी धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के सभी इंतजाम कर लिए जाए। हर मंदिर परिसर में सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए। ग्रामीण रूटों पर बसें बढ़ाई जाए मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के समय अक्सर ग्रामीण रूट पर बसों की कमी दिखती होती है। परिवहन निगम को इन रूटों पर बसों की संख्याा बढ़ाने की जरूरत है। निगम यह भी देखे कि बस ड्राइवर व कंडक्टर नागरिकों के साथ अच्छा व्यवहार करें। किसी हाल में डग्गामार और खस्ताहाल बसें नहीं चलाई जाए। शहरी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक बस सेवा को बढ़ाने की जरूरत है।

मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा- गांव के विकास व गांव के उत्थान के लिए ग्रामसभा में जरूर जायें

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में सभी लोगों को आना चाहिये। गांव के विकास व गांव के उत्थान के लिए ग्रामसभा में जरूर जायें। गांव के विकास में जो पैसा लगाया गया है, उसका सुनियोजित तरीके से प्रबंधन हो। यह हम सबकी जिम्मेदारी है। यह बात मंत्री श्री पटेल ने करेली विकासखंड के ग्राम पिपरिया में आयोजित ग्राम सभा में कही। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ से लाभान्वित भी किया गया। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्राम सभा अपने क्षेत्र में अपने सदस्यों के हितों, पर्यावरण में सुधार और स्थानीय रोज़गार बढ़ाने के लिए कार्यक्रम बनाती है। लोगों की भागीदारी के माध्यम से ग्राम स्वराज प्राप्त करना है। ग्राम सभाएं केवल अतीत पर चिंतन करने का समय नहीं हैं, बल्कि भविष्य का मार्गदर्शन करने का एक अवसर भी है। बुजुर्गों के ज्ञान का सम्मान करके और महिलाओं व युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देकर ये सभाएं जमीनी स्तर पर लोकतंत्र और शासन की जड़ों को मजबूत करेंगी। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि शासकीय भूमि पर अंधाधुंध अतिक्रमण नहीं हो। खाली पड़े शासकीय भूमि पर स्कूल, अस्पताल और आंगनबाड़ी भवन बनाकर लोगों को सुविधायें मुहैया करा सकते हैं। इसके लिए आपस में बैठक यह निर्णय करें कि हमारे लिये ही इन जगहों का उपयोग होगा।आज पूरे प्रदेश में आज ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया है। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि अपने गांव की भलाई और विकास के लिए आपको फैसले लेना होगा। हम सभी मिलकर स्वच्छता में अपनी पंचायत को नम्बर वन बना सकते हैं। समय पर स्वच्छता कर, सम्पत्ति कर एवं जल कर का भुगतान करें। इन सभी कार्यों से पंचायत को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो पौधरोपण किया, उसकी सुरक्षा और हमें मिलने वाले जल के प्रबंधन की जिम्मेदारी भी हमारी है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभाव के बारे में बतायें और नशे से उन्हें बचायें। आज स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े का अंतिम दिन है। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर हुई। इस वर्ष इसकी थीम स्वभाव स्वच्छता,संस्कार स्वच्छता है। हमें अपने वैयक्तिक एवं आंतरिक स्वच्छता पर ध्यान रखना होगा। अपनी आदतों में सुधार करना होगा। स्वच्छता अभियान अब एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले चुका है। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि गांधी जी ने स्वावलंबन का पाठ सिखाया है। आप सभी स्वच्छता के प्रति जागरूक हो एवं अन्य लोगों को भी जागरूक करें।  

‘परिवर्तन महारैली’ के दौरान मोदी ने जनता से की अपील, कहा- रोटी, बेटी और माटी बचाने के लिए भाजपा की सरकार बनाइए

हजारीबाग हजारीबाग में ‘परिवर्तन महारैली’ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को झारखंड में रोटी, बेटी और माटी को बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से राज्य में जो ‘परिवर्तन यात्रा’ निकाली गई है, वह झारखंड में सिर्फ सत्ता पाने की लड़ाई नहीं है, बल्कि झारखंड की बेटियों, यहां की माटी और यहां की रोटी को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा की गारंटी है कि यहां सरकार बनने पर इन तीनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। आज की ‘परिवर्तन सभा’ के साथ झारखंड में बदलाव की नई सुबह की शुरुआत होगी। आज एक ओर केंद्र सरकार झारखंड के विकास के लिए दिन-रात मेहनत कर रही है, तो दूसरी ओर झारखंड की मौजूदा सरकार इसे विकास की पटरी से उतारने में लगी है। यहां का बच्चा-बच्चा जान चुका है कि राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा कांग्रेस-झामुमो-राजद का गठजोड़ है। पीएम मोदी ने कहा कि जल, जंगल, जमीन के नाम पर वोट लेने वालों ने ऐसी खुली लूट मचा रखी है, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। झारखंड तभी आगे बढ़ेगा, जब ये सरकार हटेगी। भाजपा की ‘परिवर्तन यात्रा’ कोई राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि जन-जन के सपनों को पूरा करने की संकल्प यात्रा है। इस यात्रा को यहां की जनता का अपार आशीर्वाद, स्नेह और जनसमर्थन मिला है। कांग्रेस पर आदिवासियों की घोर उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इसने एक परिवार को पहचान दिलाने के लिए देश के कोने-कोने में बसे आदिवासी परिवारों की पहचान मिटा दी। आजादी की लड़ाई में बड़ा योगदान देने वाले आदिवासी समाज को कांग्रेस ने महत्व नहीं दिया। सारी योजनाएं एक ही परिवार के बेटे-बेटी के नाम पर लाई गई। ऐसी परिवारवादी सोच ने देश का बहुत नुकसान किया है। आज मुझे गर्व है कि हमारी सरकार ने आदिवासी नायकों को पूरा सम्मान दिया है। हम सब प्रेम से भगवान बिरसा मुंडा को ‘धरती आबा’ कहते हैं। आज उनके नाम पर हमारी सरकार ने ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ शुरू किया है। उन्होंने राज्य की सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इस सरकार में जमीन के दलालों की तूती बोलती है। इसके लोगों ने गरीबों, आदिवासियों और सेना की जमीन तक को लूटा। कोयले की खुली लूट मची है। बालू के ठेके-पट्टे के नाम पर लूट हो रही है। ये लोग गरीब आदिवासियों के नाम पर योजनाओं का पैसा भी खा जाते हैं। उन्होंने झारखंड सरकार की अबुआ आवास योजना और मंईयां सम्मान योजना को भ्रष्टाचार का नया ठिकाना करार देते हुए कहा कि जब चुनाव नजदीक आए हैं, तो ये लोग बड़े-बड़े वादे कर धूल झोंकना चाहते हैं। झारखंड के लोगों को झूठ की दुकान वालों से सावधान रहना है। झूठ की नई जलेबियां परोसने से पहले ये लोग पुराने वादों का हिसाब तो दे दें। उन्होंने पूछा कि इन्होंने बेरोजगार युवाओं को भत्ता देने, नौकरियां देने, हर महिला को चूल्हा खर्च के नाम पर हर माह दो हजार रुपए देने का वादा किया था, उन वादों का क्या हुआ। प्रदेश सरकार के संरक्षण में पेपर लीक कराने वाले गिरोह चल रहे हैं। लाखों रुपए में एक-एक पेपर बेचकर युवाओं का हक मारा जा रहा है। करोड़ों रुपए की कमाई की जा रही है और पैसा मालिकों के पास ऊपर तक पहुंच रहा है। पेपर लीक ने नौजवानों की जिंदगी को तबाह कर दिया है। यह सरकार युवा भाई-बहनों को भला नहीं कर सकती।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet