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WTC Final में भारत को पहुंचने के लिए कम से कम 4 टेस्ट मैच जीतने होंगे और दो टेस्ट ड्रॉ कराने होंगे

नई दिल्ली बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम को मिली जीत के बाद विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्लूटीसी) की अंक तालिका में भारत काफी मजबूत स्थिति में पहुंच गया है। हालांकि डब्लूटीसी के फाइनल में जगह बनाने के लिए रोहित शर्मा एंड कंपनी को अभी कई और जीत की आवश्यकता है। मौजूदा डब्लूटीसी चक्र में 26 टेस्ट मैच शेष हैं और पहले दो स्थान में जगह बनाने की दौड़ काफी रोमांचक होती जा रही है। एक नजर डालते हैं कि अभी तमाम टीमें किस स्थिति में हैं। श्रीलंका- प्रतिशत अंक – 55.56, शेष सीरीज – दक्षिण अफ्रीका (2 टेस्ट, बाहर), ऑस्ट्रेलिया (2 टेस्ट, घर पर) न्यूजीलैंड की टीम को श्रीलंका ने बीती टेस्ट सीरीज में 2-0 से मात दी थी। इस शानदार जीत की वजह से श्रीलंका की टीम को 24 महत्वपूर्ण अंक हासिल हुए हैं। इस कारण से श्रीलंका की टीम भी अब डब्लूटीसी फाइनल में पहुंचने की दावेदार बन गई है। उनके शेष चार टेस्ट मैच उन दो टीमों के विरुद्ध हैं, जो खुद भी डब्लूटीसी फाइनल खेलने की प्रबल दावेदार हैं। अगर श्रीलंका की टीम धीमी ओवर गति के कारण बिना कोई अंक गंवाए चारों मैच जीत लेती है तो उनके पास 69.23 प्रतिशत अंक हो जाएंगे और तब वे अन्य टीमों के नतीजों पर निर्भर नहीं रहेंगे। हालांकि अगर वह एक मैच हार जाते हैं और तीन में उन्हें जीत मिलती है तब ऐसी स्थिति में उनके पास 61.54 प्रतिशत अंक होंगे लेकिन इसके बावजूद उनके फाइनल में पहुंचने की संभावना बनी रहेगी। भारत- प्रतिशत अंक: 74.24, शेष सीरीज : न्यूजीलैंड (3 टेस्ट, घर पर) और ऑस्ट्रेलिया (5 टेस्ट, बाहर) कानपुर में बेहतरीन जीत हासिल करने के बाद भारत अंक तालिका में शीर्ष पर और भी मजबूत हो गया है। शेष सभी मैच जीतने पर उनके 85.09 प्रतिशत अंक हो जाएंगे। हालांकि उनकी कोशिश यही होगी कि वह कम से कम इतने अंक हासिल कर लें कि डब्लूटीसी फाइनल खेलने के लिए उन्हें अन्य नतीजों पर निर्भर न रहना पड़े। इसके लिए उन्हें कम से कम चार टेस्ट मैच जीतने होंगे और दो टेस्ट मैच ड्रॉ (56 अंक) कराने होंगे। जिसकी बदौलत वह 67.54 प्रतिशत अंक तक पहुंच जाएंगे। दक्षिण अफ्रीका अगर अपने शेष सभी छह टेस्ट जीत लेती है तब वह 69.44 अंकों तक पहुंच सकती है। वहीं अगर ऑस्ट्रेलिया चार टेस्ट जीतती है और दो टेस्ट ड्रॉ समाप्त होता है (यह मानते हुए कि वह भारत से एक टेस्ट हारती है, और दो ड्रॉ होता है जबकि अन्य चार टेस्ट जीत लेती है) तब वह 64.04 अंकों तक ही पहुंच सकती है। अगर भारत को 56 से कम अंक हासिल होते हैं तब हो सकता है कि वह शीर्ष दो स्थानों में न रहें। अगर वह चार मैच जीतते हैं और एक मैच ड्रॉ होता है (52 अंक) तब ऐसा संभव है कि ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका भारत से आगे निकल जाएं। श्रीलंका भी 67 से अधिक प्रतिशत अंक के साथ अंक तालिका समाप्त कर सकती है लेकिन उन्हें यहां तक पहुंचने के लिए दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत हासिल करनी होगी जो कि भारत के पक्ष में ही काम करेगा। बांग्लादेश- प्रतिशत अंक : 34.38, शेष सीरीज: वेस्टइंडीज (2 टेस्ट, बाहर), दक्षिण अफ्रीका (2 टेस्ट, घर पर) भारत के खिलाफ दो मैच हारने के बाद बांग्लादेश 45.83% प्रतिशत अंक से 34.38 तक पहुंच गई है। अगर वे अपने शेष चार मैच भी जीत लेते हैं तब भी वह 56.25 प्रतिशत अंकों तक ही पहुंच पाएंगे, जो कि शीर्ष दो स्थान तक पहुंचने के लिए काफी नहीं होंगे। न्यूजीलैंड- प्रतिशत अंक : 37.50, शेष सीरीज : भारत (3 टेस्ट, बाहर), इंग्लैंड (3 टेस्ट, घर पर) कागज पर न्यूजीलैंड अभी भी अपने शेष सभी छह मैच जीतकर 64.29 प्रतिशत अंक तक पहुंच सकती है, लेकिन उनका हालिया फॉर्म इस संभावना के सच होने की उम्मीद पैदा नहीं करता। उनके अगले तीन टेस्ट भारत में भारत के खिलाफ हैं, जिसे उसके घर पर हराना किसी भी अन्य मजबूत टीम के लिए मुश्किल रहता है। अगर न्यूजीलैंड शेष छह में से चार मैच जीतती है और दो हार जाती है तब भी उनके खाते में 50 प्रतिशत अंक होंगे। ऑस्ट्रेलिया- प्रतिशत अंक : 62.50, शेष सीरीज : भारत (5 टेस्ट, घर पर), श्रीलंका (2 टेस्ट, घर पर) ऑस्ट्रेलिया अभी 62.5 प्रतिशत अंकों के साथ तालिका में दूसरे स्थान पर है और अगर वह अपने सभी सात मैच जीत जाती है तब उसके खाते में 76.32 प्रतिशत अंक हो सकते हैं। जिन दो टीमों, भारत और श्रीलंका के खिलाफ उसे दो श्रृंखलाएं खेलनी हैं वे भी फाइनल में पहुंचने के प्रबल दावेदार हैं। पांच जीत उन्हें 65.79 प्रतिशतअंकों तक पहुंचाएगी लेकिन भारत और दक्षिण अफ्रीका तब भी ऑस्ट्रेलिया से आगे जाने की स्थिति में होंगे। भारत के खिलाफ श्रृंखला शुरु होने से चीजें स्पष्ट होने लगेंगी, क्योंकि तब तक भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ घर पर टेस्ट श्रृंखला खेल चुका होगा। दक्षिण- अफ्रीका प्रतिशत अंक : 38.89, शेष सीरीज : श्रीलंका, (2 टेस्ट, घर पर), पाकिस्तान (2 टेस्ट, घर पर), बांग्लादेश (2 टेस्ट, बाहर) अगर दक्षिण अफ्रीका अपने सभी शेष मैच जीत लेता है तब उनके खाते में 69.44 प्रतिशत अंक होंगे जो कि फाइनल में जगह बनाने के लिए काफी होंगे। क्योंकि तब भारत और ऑस्ट्रेलिया में से कोई एक ही इस आंकड़े को पार कर पाएगा। पांच मैच में जीत और एक मैच ड्रा होने पर दक्षिण अफ्रीका के पास 63.89 प्रतिशत अंक होंगे और तब भी वह दावेदार बने रहेंगे। जबकि पांच में जीत और एक में हार नसीब होने पर उनके खाते में 61.11 प्रतिशतअंक होंगे, उनकी दावेदारी तब भी बनी रहेगी लेकिन ऐसी स्थिति में उन्हें अन्य नतीजों पर अधिक रहना पड़ेगा। इंग्लैंड- प्रतिशत अंक : 42.19, शेष सीरीज : पाकिस्तान (3 टेस्ट, बाहर), न्यूजीलैंड (3 टेस्ट, बाहर) श्रीलंका के खिलाफ अंतिम टेस्ट में इंग्लैंड की हार ने यह तय कर दिया है कि वह इस चक्र में 60 प्रतिशत अंकों से आगे नहीं जा सकते। अपने शेष सभी छह टेस्ट जीतकर वह 57.95 अंकों तक ही पहुंच सकते हैं। ऐसी स्थिति में भी उन्हें अन्य नतीजों पर निर्भर रहना होगा। पाकिस्तान- प्रतिशत अंक : 19.05, शेष सीरीज : इंग्लैंड … Read more

हरियाणा में लोगों से मजबूत सरकार चुनने की अपील की, प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणा की जनता के नाम खास संदेश दिया

नई दिल्ली हरियाणा में चुनावी शोर गुरुवार शाम को समाप्त हो गया है। अब शनिवार, पांच अक्टूबर को मतदान होंगे एवं आठ अक्टूबर को मतों की गणना की जाएगी। प्रचार समाप्त होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणा की जनता के नाम खास संदेश दिया, जिसमें उन्होंने लोगों से हरियाणा में मजबूत सरकार चुनने की अपील की। इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने गुरुवार शाम को एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘अब से कुछ देर में हरियाणा विधानसभा चुनाव का प्रचार अभियान समाप्त हो जाएगा। बीते कुछ दिनों में मैंने पूरे राज्य की यात्रा की है। मैंने लोगों का जो उत्साह देखा है, उसे देखकर मुझे ये पक्का विश्वास है कि हरियाणा के लोग भाजपा को फिर अपना आशीर्वाद देने वाले हैं। हरियाणा के देशभक्त लोग, कांग्रेस की विभाजनकारी और नकारात्मक राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।’ ‘घोटालों और दंगों के दौर से बाहर लाए’ पीएम ने आगे लिखा, ‘पिछले 10 वर्षों में भाजपा ने हरियाणा के लोगों के जीवन को समृद्ध बनाने के लिए लगातार काम किया है। हमने सभी वर्गों के कल्याण को प्राथमिकता दी है। किसान हों, युवा हों, महिलाएं हों, गांव और शहरों का विकास हो, हमने कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी। हम हरियाणा को कांग्रेस के घोटालों और दंगों वाले दौर से बाहर निकालकर लाए हैं।’ उन्होंने कांग्रेस पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि हरियाणा की जनता-जनार्दन जानती है कि कांग्रेस का मतलब भ्रष्टाचार, जातिवाद, सांप्रदायिकता और भाई-भतीजावाद की गारंटी है। बापू-बेटे की राजनीति का मूल उद्देश्य सिर्फ स्वार्थ है। कांग्रेस यानि दलाल और दामाद का सिंडिकेट। लोग आज हिमाचल से कर्नाटक तक कांग्रेस सरकारों की विफलता भी देख रहे हैं। कांग्रेस की नीतियां, लोगों को तबाह करती हैं, इसलिए हरियाणा के लोग कांग्रेस को बिल्कुल नहीं चाहते हैं। कांग्रेस कभी स्थिर सरकार नहीं दे सकती पीएम मोदी ने लिखा, ‘हरियाणा की जनता यह जानती हैं कि कांग्रेस कभी स्थिर सरकार नहीं दे सकती। हरियाणा के लोग देख रहे हैं कि कैसे कांग्रेस के नेता आपस में लड़ रहे हैं। ये हाल तब है, जब ये विपक्ष में हैं। हरियाणा के लोगों को इस बात से भी चोट पहुंच रही है कि दिल्ली और हरियाणा में बैठे दो खास परिवारों के इशारे पर पूरा हरियाणा अपमानित हो रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस के नेताओं ने आरक्षण खत्म करने का बयान देकर अपने इरादे जता दिए हैं। हरियाणा का पिछड़ा और दलित समुदाय जातिगत हिंसा रोकने में विफल रहने पर पहले से ही कांग्रेस से नाराज चल रहा है। इसलिए लोगों ने कांग्रेस को फिर कड़ी सजा देने का मन बना लिया है। हरियाणा के गली-गली से एक ही आवाज आ रही है- भरोसा दिल से, भाजपा फिर से।’ हरियाणा के मतदाताओं से की अपील हरियाणा के लोगों से अपील करते हुए पीएम ने कहा, ‘आज पूरी दुनिया की नजरें भारत पर हैं। दुनिया, भारत की ओर बहुत आशा और उम्मीद से देख रही है। ऐसे में यह बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है कि हरियाणा के लोग एक ऐसी सरकार चुनें, जो भारत को मजबूती देने की दिशा में प्रयास करे। कांग्रेस कभी देश को मजबूत नहीं बना सकती। इसलिए मैं हरियाणा के अपने मतदाताओं से ये आग्रह करता हूं कि वे फिर से भाजपा को अपना आशीर्वाद जरूर दें।’

वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित करने की मांग करने वाली याचिकाओं का विरोध किया गया, मैरिटल रेप अपराध नहीं: केंद्र सरकार

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया, जिसमें भारत में वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित करने की मांग करने वाली याचिकाओं का विरोध किया गया है। केंद्र ने कहा कि यौन संबंध पति-पत्नी के बीच संबंधों के कई पहलुओं में से एक है, जिस पर उनके विवाह की नींव टिकी होती है। ये मुद्दा कानूनी से अधिक सामाजिक केंद्र सरकार ने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा कानूनी से अधिक सामाजिक है। इसका समाज पर सीधा असर पड़ता है। इसके साथ ही केंद्र ने यह तर्क भी दिया कि अगर ‘वैवाहिक बलात्कार’ को भी अपराध घोषित किया जाता है, तो ऐसा करना सुप्रीम कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। संबंध को साबित करना चुनौतीपूर्ण केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि तेजी से बढ़ते और लगातार बदलते सामाजिक एवं पारिवारिक ढांचे में संशोधित प्रावधानों के दुरुपयोग से भी इनकार नहीं किया जा सकता है, क्योंकि किसी व्यक्ति के लिए यह साबित करना मुश्किल और चुनौतीपूर्ण होगा कि संबंध के लिए सहमति थी या नहीं। बलात्कार विरोधी कानून शादी में जीवनसाथी से उचित यौन संबंध की अपेक्षा तो की जाती है, लेकिन ऐसी अपेक्षाएं पति को अपनी पत्नी को उसकी इच्छा के विरुद्ध यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर करने का अधिकार नहीं देती हैं। केंद्र ने कहा कि बलात्कार विरोधी कानूनों के तहत किसी व्यक्ति को ऐसे कृत्य के लिए दंडित करना असंगत हो सकता है। क्रूरता पर दंडात्मक कानून संसद ने पहले ही विवाहित महिला की सहमति को सुरक्षित रखने के लिए उपाय प्रदान किए हैं। केंद्र ने कहा कि इन उपायों में विवाहित महिलाओं के साथ क्रूरता करने पर दंडात्मक कानून शामिल हैं। घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 कानून है, जो विवाहित महिलाओं की मदद कर सकता है।

कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में बलात्कार और हत्या की पीड़िता डॉक्टर की मूर्ति स्थापित करने को लेकर विवाद

कोलकाता कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बलात्कार और हत्या की पीड़िता डॉक्टर की मूर्ति स्थापित करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मूर्ति को विरोध प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने बनवाया है। मूर्ति बनाने वाले कलाकार असित सैन के मुताबिक, ‘क्राई ऑफ द ऑवर’ नाम की इस प्रतिमा में पीड़िता की जिंदगी के आखिरी लम्हों में में उसकी पीड़ा और भय को दर्शाया गया है। एक ऊंचे स्लैब पर स्थापित इस मूर्ति में एक महिला जैसी आकृति रोते हुए दिखाई दे रही है और इसे आरजी कर के प्रिंसिपल के कार्यालय के पास लगाया गया है। अस्पताल के एक जूनियर डॉक्टर ने कहा, “यह प्रतिमा पीड़िता की नहीं है बल्कि उसके द्वारा झेले गए दर्द और यातना और चल रहे विरोध का प्रतीक है।” हालांकि ट्रेनी डॉक्टर की मूर्ति की स्थापना को लेकर हंगामा खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसकी निंदा की है और इसे अपमानजनक और असंवेदनशील बताया है। एक यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “क्या आप चाहेंगे कि उनकी प्रतिमा लगाई जाए? उनके पीड़ा भरे चेहरे के साथ ऐसा ना करें। यह जो भी बकवास है यह बेहद परेशान करने वाला है।” वहीं एक दूसरे यूजर ने लिखा, “यह कितना असंवेदनशील है इस से आश्चर्यचकित हूं। किसी के दर्द को अमर कर दिया जाना। किसी को सिर्फ़ यौन शोषण के लिए जाना जाना। मुझे उम्मीद है कि इस मूर्ति को जल्द हटा दिया जाएगा।” TMC नेता कुणाल घोष ने की आलोचना तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने भी प्रशिक्षु डॉक्टर की प्रतिमा स्थापित करने पर डॉक्टरों की आलोचना की है और कहा कि यह पीड़िता का नाम और पहचान उजागर करने के सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के खिलाफ है। उन्होंने ट्वीट किया, “कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति ऐसा नहीं कर सकता। कला के नाम पर भी नहीं। विरोध प्रदर्शन होंगे और न्याय की मांग की जाएगी। लेकिन मूर्ति में दर्द से कराहती लड़की का चेहरा ठीक नहीं है। पीड़िता की तस्वीरों या मूर्तियों का इस्तेमाल न करने के दिशा-निर्देश हैं।” हम न्याय के लिए लड़ते रहेंगे- डॉक्टर वहीं इस मामले पर इंडिया टुडे ने आरजी कर अस्पताल के डॉ. देबदत्त के हवाले से बताया, “हमने कोई नियम नहीं तोड़ा है या अदालत के आदेश की अनदेखी नहीं की है। यह सिर्फ एक प्रतीकात्मक मूर्ति है। हम अथॉरिटीज को दिखाना चाहते हैं कि क्या हुआ था और उसे कैसे पीड़ा हुई। हम न्याय के लिए लड़ते रहेंगे।” डॉक्टर्स की मांगे गौरतलब है कि जूनियर डॉक्टर मंगलवार से दोबारा हड़ताल शुरू कर रहे हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार पर सितंबर में किए गए वादों को पूरा ना करने का आरोप लगाया है। डॉक्टरों ने हड़ताल के 42 दिनों के बाद आंशिक रूप से सेवाएं फिर से शुरू कर दी थीं लेकिन अब उन्होंने वापस काम रोकने का फैसला किया है और आरोप लगाया है कि चिकित्सा कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपायों को बढ़ाने जैसी प्रमुख मांगों को लागू नहीं किया गया। बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगों में अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाना, स्वास्थ्य कर्मियों के लिए चौबीसों घंटे सुरक्षा और चिकित्सा पेशेवरों के खिलाफ हिंसा की इसी तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त प्रोटोकॉल शामिल हैं।

पराली जलाने के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब हो रही, सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा और पंजाब को लगाई फटकार

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पंजाब और हरियाणा सरकारों को पराली जलाने वाले किसानों से केवल नाममात्र का मुआवजा वसूलने पर कड़ी फटकार लगाई। पराली जलाने के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब हो रही है, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाले वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को भी खूब सुनाया। कोर्ट ने कहा कि आयोग पराली जलाने की घटनाओं पर नियंत्रण करने में असफल रहा है। कोर्ट ने कहा कि आयोग ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए उनके निर्देशों को लागू करने का कोई प्रयास नहीं किया है। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की पीठ ने यह भी कहा कि 29 अगस्त को दिल्ली में वायु प्रदूषण पर चर्चा के लिए बुलाई गई आयोग की बैठक में केवल 11 में से 5 सदस्य ही उपस्थित हुए थे, और अदालत के निर्देशों पर कोई चर्चा भी नहीं हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि जब तक लोग यह नहीं समझेंगे कि उन्हें वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, तब तक पराली जलाना नहीं रुकेगा। प्रदूषण फैलाने के खिलाफ कार्रवाई करने की जिम्मेदारी वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को सौंपी गई है। हालांकि अदालत ने पाया कि न तो आयोग और न ही पंजाब और हरियाणा की राज्य सरकारें इस समस्या को समाप्त करने के प्रति गंभीर हैं, जहां पराली जलाने की घटनाएं अब भी हो रही हैं। जस्टिस अभय एस ओका की अध्यक्षता वाली बेंच ने CAQM की स्थिति रिपोर्ट की समीक्षा के बाद ये टिप्पणियां कीं। अदालत ने पिछले हफ्ते आयोग और उसकी विभिन्न उप-समितियों से इस समस्या को सुलझाने के लिए वर्षों से उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी मांगी थी, क्योंकि सर्दियों के महीनों में पराली जलाने से दिल्ली की वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो जाती है। रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए, बेंच जिसमें जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह भी शामिल थे। उन्होंने कहा, “जब तक लोग यह नहीं जानेंगे कि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा, तब तक वे नहीं रुकेंगे और न ही उन्हें उपलब्ध मशीनों का इस्तेमाल करेंगे।” अदालत ने यह भी नोट किया कि आयोग केवल राज्य सरकारों के साथ बैठकें आयोजित करने में व्यस्त है और अपने आदेशों को लागू करने के प्रयास नहीं कर रहा है। अदालत ने कहा कि आयोग को अधिनियम की धारा 14 और 15 के तहत अपराधियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने, जुर्माना लगाने और प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को बंद करने का अधिकार है। अदालत ने कहा, “किसी न किसी कारण से वे किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करना चाहते। आपको अपने आदेशों को पत्र और भावना में लागू करना चाहिए। केवल बैठकें बुलाने से कुछ नहीं होगा, कार्रवाई जरूरी है।” केंद्र और CAQM की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को बताया कि पराली जलाने पर कड़ी कार्रवाई के आदेश 10 जून, 2010 को जारी किए गए थे और उसके बाद कई आदेश पारित हुए, जिनमें आखिरी आदेश अप्रैल 2024 का है। इसमें राज्य सरकारों को अवैध पराली जलाने के खिलाफ कार्रवाई करने और आयोग और केंद्र द्वारा प्रस्तावित अन्य उपायों को लागू करने का निर्देश दिया गया था, जिसमें पराली हटाने की मशीनें उपलब्ध कराना और पराली जलाने वाले किसानों को हतोत्साहित करना शामिल है। ASG ने यह भी बताया कि इस साल अब तक आयोग की तीन उप-समितियों की 11 बैठकें हो चुकी हैं। अदालत ने कहा, “आयोग खुद ही अपने आदेशों को लागू कराने का प्रयास करता नहीं दिख रहा है।” अदालत ने पंजाब और हरियाणा सरकारों से जून 2010 और अप्रैल 2024 के आदेशों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों की रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने यह भी कहा कि आयोग के आदेशों को लागू करने के लिए बनाई गई उप-समिति की अंतिम बैठक 29 अगस्त को हुई थी, जिसमें जून 2010 के आदेश का कार्यान्वयन एजेंडे में नहीं था। अदालत ने कहा, “यदि किसानों के खिलाफ मुकदमा नहीं चल सकता, तो अधिकारियों को दोषी ठहराया जाना चाहिए। आपको दिखाना चाहिए कि आपने जो तंत्र 2021 के अधिनियम के तहत बनाया था, वह अभी भी मौजूद है।” ASG ने अदालत को बताया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज की गई हैं, जो अधिकारियों द्वारा जारी आदेशों की अवहेलना से संबंधित है। बेंच ने कहा, “आपने दंडित करने के लिए सबसे हल्का प्रावधान चुना है, जबकि आपके पास CAQM अधिनियम के तहत कठोर प्रावधान हैं।” CAQM द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों से पता चला कि 15 से 30 सितंबर के बीच पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की 129 अवैध घटनाएं हुईं। अदालत ने कहा कि उनसे जुर्माना वसूलना कोई उद्देश्य पूरा नहीं करेगा, क्योंकि इस समय की जरूरत है कि उन्हें कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाए। पंजाब सरकार ने अदालत को बताया कि किसानों को वैकल्पिक प्रोत्साहन प्रदान करने के बाद ही दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए, जैसे कि पराली हटाने की मशीनें। राज्य के एडवोकेट जनरल गुरमिंदर सिंह ने कहा कि राज्य में 1.4 लाख से अधिक मशीनें उपलब्ध हैं, लेकिन 10 एकड़ से कम भूमि वाले छोटे किसानों को इन मशीनों को चलाने के लिए ड्राइवर और ईंधन चाहिए। 

छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन का भव्य हुआ आयोजन, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया उद्घाटन

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित साइंस कॉलेज ग्राउंड परिसर में आज *प्रथम छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया। कार्यक्रम में प्रदेश की पारंपरिक वन संपदा, औषधीय उत्पादों और सांस्कृतिक धरोहर को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल और प्रदर्शनी लगाई गई थी। मुख्यमंत्री ने इन स्टॉलों का भ्रमण कर उत्पादों की जानकारी ली और कलाकारों व कारीगरों के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप भी उपस्थित थे। *पारंपरिक औषधियों की जानकारी प्राप्त की*   मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ वैद्य संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दशरथ नेताम द्वारा प्रदर्शित पारंपरिक औषधियों का अवलोकन किया। श्री नेताम ने बताया कि ये औषधियाँ जंगलों से विशेष रूप से चुनकर लाई गई जड़ी-बूटियों से तैयार की जाती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत प्रभावी हैं। उन्होंने इन औषधियों की निर्माण प्रक्रिया और उनके उपयोग के लाभों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने इन पारंपरिक विधियों के संरक्षण और प्रसार की आवश्यकता पर जोर दिया। *महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की सराहना*   मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी मर्यादित संघ के स्टॉल पर जाकर विभिन्न वन-आधारित उत्पादों जैसे जशपुर के हैंडमेड ग्रीन टी, हर्बल च्यवनप्राश, और बस्तर क्षेत्र के आदिवासी समुदाय द्वारा तैयार किए गए शुद्ध हर्बल उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने ‘हर्बल छत्तीसगढ़’ ब्रांड के तहत तैयार शहद, रागी-कोदो कुकीज, आँवला कैंडी, और जामुन रस जैसे उत्पादों को देखकर हर्ष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा, “इन हर्बल उत्पादों को बढ़ावा देने से न केवल स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगा।” *लोक कलाकारों के अनोखे प्रदर्शन की प्रशंसा*   मुख्यमंत्री ने देवरी (आरंग) के मोहरी वादक श्री विशाल राम यादव और कोलिहापुरी, दुर्ग के चिकारा वादक श्री मनहरण दास बंजारे के लोक वाद्य प्रदर्शन का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पारंपरिक लोक कलाएँ हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं, जिन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने दोनों कलाकारों को उनके संगीत के प्रति समर्पण के लिए बधाई दी। *रजवार कला के भित्ति चित्रों की सराहना*   भित्ति चित्र कलाकार डॉ. शशिप्रिया उपाध्याय ने मुख्यमंत्री को उनकी टीम द्वारा बनाए गए भित्ति चित्रों के बारे में बताया, जिनमें रजवार कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की आदिम संस्कृति, लोक जीवन, और पारंपरिक वेशभूषा को दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि रजवार कला का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को जीवित रखना और इसे नए आयाम देना है। मुख्यमंत्री ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि, “ऐसी लोककलाओं के संरक्षण और प्रचार-प्रसार से हमारी सांस्कृतिक धरोहर का भविष्य सुरक्षित रहेगा।” *दिव्यांग बच्चों की कला का सम्मान*   मुख्यमंत्री ने शासकीय दिव्यांग महाविद्यालय, माना कैम्प के मूक-बधिर विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई चित्रकला प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस दौरान छात्र धनदास बरमते ने स्वनिर्मित लोककला आधारित चित्र मुख्यमंत्री को भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस उपहार को स्वीकारते हुए धनदास की कला की प्रशंसा की और कहा, “आपकी यह कला हमारी संस्कृति को नई पहचान देने का कार्य करेगी।” उन्होंने धनदास के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। *45 वर्षों से पारंपरिक वाद्य यंत्रों का संरक्षण कर रहे श्री रिखि क्षत्रिय का अभिनंदन*   कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वाद्य यंत्रों के संरक्षण में योगदान देने वाले श्री रिखि क्षत्रिय ने मुख्यमंत्री को अपनी यात्रा के बारे में विस्तार से बताया। श्री क्षत्रिय ने कहा कि वे पिछले 45 वर्षों से छत्तीसगढ़ी वाद्य यंत्रों—जैसे रुंजू बाजा, घूमरा बाजा और चिरई बाजा—का संरक्षण और प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी में पारंपरिक वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। श्री क्षत्रिय ने मुख्यमंत्री को रुंजू बाजा भेंट किया और अपने अद्भुत कौशल का प्रदर्शन करते हुए घूमरा बाजा से शेर की आवाज और चिरई बाजा से चिड़िया की आवाज निकालकर उन्हें आश्चर्यचकित कर दिया। मुख्यमंत्री ने उनके इस अनूठे योगदान की सराहना की और कहा कि ऐसे कलाकार हमारी लोक परंपराओं के सच्चे रक्षक हैं। *छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को मिला मंच*   इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा, “छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन जैसे आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, पारंपरिक उत्पादों और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करते हैं। ये आयोजन हमारे पारंपरिक ज्ञान और संस्कृति को सहेजने के साथ-साथ, इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी सहायक हैं।” कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कला प्रेमियों और स्थानीय निवासियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। साथ ही, मुख्यमंत्री ने सभी कलाकारों, कारीगरों, और प्रतिभागियों को प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और संवर्धित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी शोर गुल ख़त्म, मतदान 5 अक्टूबर को, बीजेपी-कांग्रेस के बीच टक्कर

चंडीगढ़ हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार थम गया है । अब 90 सीटों के लिए मतदान 5 अक्टूबर को होने जा रहा है । हरियाणा चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा-कांग्रेस में है। लेकिन, कुछ सीटों पर निर्दलीय और कांग्रेस-भाजपा के बागियों ने चुनाव दिलचस्प बना दिया है। वहीं हरियाणा में 30 से ज्यादा सीटों पर त्रिकोणीय संघर्ष बना हुआ है। इस पूरे चुनाव में जातीय समीकरण और स्थानीय मुद्दे ही केंद्र में है। यदि जातिगत समीकरणों के लिहाज से देखें ती राज्य की आबादी में 221% हिस्सेदासी रखने वाला एससी बोट महत्वपूर्ण और निर्णायक हो गया है। जहां कांग्रेस तगड़ी चुनौती पेश कर रही है. वहीं भाजपा ने मोदी की 4. शाह व योगी की 6-6 सभाएं कराकर पूरी ताकत लगा दी है। हालांकि इन सबसे इतर निर्दलीय और दोनों बड़े दलों के बागियों ने मुकाबला रोचक कर दिया है। बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा रहा, जिसे दोनों दलों ने अपने-अपने हिसाब से उठाया। महंगाई और स्थानीय मुद्दे जैसे परिवार पहचान पत्र, सम्पति आईडी, सड़क, पानी भी चर्चा में रहे। किसान, जवान और पहलवान के मुद्दे की गूंज तो बहुत रही, लेकिन इन पर पार्टियां अपने घोषणा पत्रों से इस ज्यादा कुछ नहीं कह पाई। अब 5 अक्टूबर को पता चलेगा कि हरियाणा के रण में मतदान का मन किसकी तरफ जाता है । वहीं 8 अक्टूबर को मतगणना होगी ।

30 हजार लोगों से ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता, एल्विश-भारती समेत 5 को समन

नई दिल्ली एल्विश यादव, लक्ष्य चौधरी, अभिषेक मल्हान@फुकरा इंसान, पूर्व झा के साथ कॉमेडियन भारती और रिया चक्रवर्ती एक नए मामले में फंसते नजर आ रहे हैं. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की IFSO यूनिट ने HiBox निवेश घोटाले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है. इसी मामले में इन सभी का नाम सामने आया है. ये कंपनी के मुख्य साजिशकर्ता और रजिस्ट्रार में से एक है, साथ ही भुगतान गेटवे का मालिक भी है और निवेश पेमेंट के लिए इस्तेमाल किए गए चार बैंक खातों का मालिक भी है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की IFSO यूनिट के मुताबिक इन यू ट्यूबर्स को नोटिस इशू किया गया है उनमें एल्विश यादव, लक्ष्य चौधरी, अभिषेक मल्हान@फुकरा इंसान और पूर्व झा का नाम शामिल है. सभी को 4 अक्टूबर को पूछताछ के लिए शामिल होने का नोटिस दिया गया. कल सभी से पूछताछ किया जा सकता है. इसके सभी चार बैंक खातों को ब्लॉक कर दिया गया है और कुल लगभग 18 करोड़ रुपये की राशि जब्त कर ली गई है. कुछ सह-साजिशकर्ता अभी भी फरार हैं. FSO यूनिट, स्पेशल सेल, दिल्ली पुलिस ने “HIBOX” एप्लिकेशन जिसमें गारंटीड रिटर्न देने का वादा किया गया था, में निवेश के बहाने लोगों को ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. IFSO यूनिट, स्पेशल सेल, दिल्ली पुलिसद्वारा “HIBOX” धोखाधड़ी से जुड़े दो मामलों की जांच की जा रही है. अब तक कुल 151शिकायतें एक साथ जोड़ी गई हैं. मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसके चार बैंक खाते हैं, इन खातों में 18 करोड़ रुपये जब्त किए गए. लगभग 500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है. सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स/यूट्यूबर्स को नोटिस जारी किये गये हैं. “EASEBUZZ” और “PHONEPE” की भूमिका की जांच जारीहै. IFSO यूनिट ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो HIBOX मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से 30,000 से अधिक लोगों को ठगने वाले बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी है. इस धोखाधड़ी में निवेशकों को 1% से 5% तक की दैनिक ब्याज दर के झूठे आश्वासन देकर उच्च रिटर्न का वादा किया गया था. कई पीड़ितों को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स द्वारा इस ऐप में निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया था. सूत्रों के मुताबिक इस मामले में स्पेशल सेल phone pay (फोन पे) का रोल और पेमेंट गेटवे की पड़ताल कर रही है ये दोनों पेमेंट मोड हैं जो स्पेशल सेल के रडार पर है. वहीं कॉमेडियन भारती को स्पेशल सेल ने स्मन्स भेजा है. रिया चक्रवर्ती को भी स्पेशल सेल IFSO जल्द स्मन्स करेगी.

सावरकर खाते थे गोमांस कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री का विवादित बयान

बेंगलुरु कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने वीर सावरकर को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि सावरकर एक ब्राह्मण थे, फिर भी मांसाहारी थे। वो बीफ खाते थे। उन्होंने कभी गाय के वध का विरोध नहीं किया। इस विषय पर उनकी सोच काफी आधुनिक थी। उनके विचार एक तरह से कट्टरपंथी थे, जबकि दूसरी तरफ वह आधुनिकता को अपनाते थे। कुछ लोग यह भी कहते हैं कि वह एक ब्राह्मण होने के नाते खुलकर मांस खाते थे और इसका प्रचार करते थे। उन्होंने मोहम्मद अली जिन्ना के मुकाबले सावरकर को ज्यादा कट्टरपंथी बताया है। जिन्ना नहीं थे कट्टरपंथी: राव मोहम्मद अली जिन्ना का जिक्र करते हुए राव ने कहा कि उन्होने एक और चरमपंथ का प्रतिनिधित्व किया। वे कभी भी कठोर इस्लामवादी नहीं रहे, और कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने सूअर का मांस भी खाया। हालांकि वह बाद में मुसलमानों के लिए एक प्रतीक बन गए। जिन्ना कभी भी कट्टरपंथी नहीं थे, लेकिन सावरकर थे। राव ने ये भी कहा कि महात्मा गांधी एक सख्त शाकाहारी थे और हिंदू सांस्कृतिक रूढ़िवाद में उनकी गहरी आस्था थी। उन्होंने गांधी को एक लोकतांत्रिक व्यक्ति बताया, जो अपनी सोच में प्रगतिशील थे। ‘बांटों और राज करो’ नीति को अपना रही कांग्रेस उन्होंने आगे कहा, ‘पहले राहुल गांधी ऐसा कर रहे थे। वहीं अब उनके नेता बयानबाजी कर रहे हैं। कांग्रेस हिंदू समाज को जातियों में बांटकर चुनाव जीतना चाहती है। यह अंग्रेजों की फूट डालो और राज करो की नीति की तरह है। सावरकर के बीफ खाने और गोहत्या का समर्थन करने का बयान गलत है। मैं उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराऊंगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि इंदिरा गांधी ने सावरकर की नीतियां अपनाई थीं। उन्होंने कभी गांधी या नेहरू की कोई नीति नहीं अपनाई। भाजपा नेता ने भी कांग्रेस पर बोला हमला भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, ‘इन लोगों की ऐसी जानकारी साबित करती है कि ये अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। अगर वे इस तरह की जानकारी देते रहेंगे तो समाज उन्हें गंभीरता से नहीं लेगा। उन्हें बेहतर होने और देश की महान हस्तियों के बारे में ज्ञान हासिल करने के लिए एक मानसिक संस्थान में जाना चाहिए।’ ये लोग सावरकर के बारे में कुछ नहीं जानते: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ‘ये लोग सावरकर के बारे में कुछ नहीं जानते। बार-बार उनका अपमान करते हैं। सावरकर ने गाय पर अपनी राय बखूबी रखी है। उन्होंने कहा था कि किसान के जन्म से लेकर मरने तक गायों ने उनकी मदद की है। तो गाय को भगवान का दर्जा दिया गया है। राहुल गांधी ने सावरकर पर इस तरह के झूठे बयान देने का सिलसिला शुरू किया और मुझे लगता है कि वे इसे आगे ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।’ सावरकर के पोते करवाएंगे मानहानि का केस दर्ज कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव के इस बयान पर सावरकर के पोते रंजित सावरकर ने इसे लेकर कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सावरकर को बार-बार बदनाम करने की कांग्रेस की रणनीति है, खासकर जब चुनाव आ रहे हैं। सावरकर के बीफ खाने और गोहत्या का समर्थन करने का बयान गलत है। मैं उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराऊंगा। फडनवीस ने बोला कांग्रेस पर हमला कर्नाटक सरकार के मंत्री दिनेश गुंडूराव के बयान पर भाजपा नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ये बार-बार सावरकर का अपमान करते हैं। सावरकर जी ने गाय पर अपने विचार स्पष्ट तौर पर रखे हैं। उन्होंने कहा है कि किसान को जन्म से लेकर मृत्यु तक गाय मदद करती है इसलिए हमने गाय को ईश्वर का दर्ज़ा दिया है। सावरकर जी पर गलत बयानबाजी करना राहुल गांधी ने शुरू किया है, उसी को आगे ले जाने का प्रयास ये लोग कर रहे हैं।

इजरायली सेना का बड़ा दावा- एक और दुश्मन हुआ ढेर, एयर स्ट्राइक में हमास के प्रमुख रावी मुश्तहा की हुई मौत

यरूशलम इजरायल (Israel) की सेना ने हमास (Hamas) के तीन वरिष्‍ठ नेताओं को मार गिराने का दावा किया है. इजरायल डिफेंस फोर्सेज (Israel Defense Forces) ने गुरुवार को कहा कि तीन महीने पहले एक हमले में गाजा में हमास के तीन सीनियर लीडर मारे गए थे. इनमें हमास सरकार का प्रमुख रावी मुश्‍तहा भी शामिल है. मुश्‍तहा को हमास प्रमुख याह्या सिनवार का करीबी माना जाता है. इजरायल की सेना गाजा में करीब एक साल से हमास के खिलाफ हमले कर रही है. आईडीएफ ने एक्‍स पर पोस्‍ट में कहा कि गाजा पट्टी में हमास सरकार के प्रमुख रावी मुश्तहा और हमास के राजनीतिक ब्यूरो के सुरक्षा विभाग को संभालने वाले समेह अल सिराज और एक कमांडर सामी औदेह की मौत हो गई. इजरायली सेना ने कहा कि तीनों कमांडरों ने उत्तरी गाजा में एक भारी सुरक्षा वाले अंडरग्राउंड कैंपस में शरण ली थी. इस जगह का इस्तेमाल वे अपने कमांड और कंट्रोल सेंटर के रूप में भी करते थे. 3 महीने पहले किया था हमला IDF ने X पर एक पोस्ट में कहा, ‘लगभग 3 महीने पहले गाजा में IDF और ISA के संयुक्त हमले में कई आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिसमें गाजा में हमास सरकार के प्रमुख रावी मुश्तहा, हमास के पॉलिटिकल ब्यूरो और हमास की लेबर कमेटी में सिक्योरिटी पोर्टफोलियो रखने वाले समेह अल-सिराज, हमास के सामान्य सुरक्षा तंत्र के कमांडर समी औदेह शामिल हैं. IAF के लड़ाकू विमानों ने उत्तरी गाजा में एक किलेबंद और अंडरग्राउंड कंपाउंड में छिपे आतंकवादियों पर हमला किया और उन्हें मार गिराया.’ आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करता रहेगा इजरायल IDF ने आगे कहा, यह कंपाउंड हमास के कमांड और कंट्रोल सेंटर के रूप में काम करता था और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को लंबे समय तक इसके अंदर रहने में सहूलियत थी. IDF ने कहा कि वह 7 अक्टूबर के नरसंहार के लिए जिम्मेदार सभी आतंकवादियों को खोजना जारी रखेगा और इजरायल को धमकी देने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा. मुश्तहा हमास के एक टॉप नेता याह्या सिनवार का करीबी सहयोगी था, जिसने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हुए हमले की साजिश रचने में मदद की थी, जिसमें 100 से अधिक लोग मारे गए थे. पिछले सप्ताह लेबनान के बेरूत में एक हमले में इजरायल ने हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह को भी मार गिराया.

देश में यदि कांग्रेस की सरकार नहीं होती तो 75 साल पहले ही अयोध्या में राम मंदिर बन जाता -सरमा

पलवल इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग की गूंज अब हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी सुनाई दे रही है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने  पलवल की एक रैली के दौरान हिजबुल्लाह के प्रमुख हसन नसरल्लाह के मारे जाने का जिक्र किया। इसके साथ ही उन्होंने भगवान से इरायल को शक्ति देने की प्रार्थना भी की। सरमा ने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस की हरियाणा में सरकार बनी तो पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा बुलंद होगा और मामन खान हिंदुओं को बाहर निकाल देगा। हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि देश के कोने-कोने से बाहर को बाहर निकालना है। उन्होंने कहा, ‘पूरे भारत में कांग्रेस ने तुष्टिकरण का महौल बनाकर रखा है। जहां भी जाओ कांग्रेस की एक ही बात है मियां और मुसलमान को कैसे अपने अपने जगह में ले जा सकता है। यदि देश में कांग्रेस की सरकार नहीं होती तो 75 साल पहले ही अयोध्या में राम मंदिर बन जाता। कांग्रेस ने बाबर को पालकर रखा था। अब बाबर की जगह रामलला आ गए, लेकिन देश के कोने-कोने में बाबर छिपे हैं। इन बाबर को हमें देश से धक्का मारकर निकालना है। इसके लिए भाजपा को बार-बार जितवाना है।’ हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता मामन खान का जिक्र करते हुए कहा, ‘वह कहते हैं कि हिंदुओं से हिसाब लेंगे। मैं मामन को कहना चाहता हूं आपने देखा है ना आंतक के खिलाफ इजरायल ने जैसा काम किया है, हमारे भारत में भी आतकंवाद के खिलाफ काम होगा। कोई आतंकवादी को बचा नहीं पाएगा। यह देश हिंदू ने बनाया है और कोई हिंदू से हिसाब नहीं ले सकता है। हिंदू ने इस देश को बनाया और हिंदू ही देश को सुपरपावर बनाएगा।’ सरमा ने कहा कि इजरायल ने नसरल्लाह को मार गिराया तो INDI गठबंधन रो रहा है। उन्होंने पूछा कि क्या सीमा पर सैनिकों के मारे जाने पर ये लोग रोते हैं? उन्होंने कहा, ‘जब हिजबुल्लाह का कमांडर मरता है तो ये रोते हैं। मैं तो मन में यही कामना करता हूं कि विश्व में आतंकवाद खत्म होना चाहिए। भगवान इजरायल को और शक्ति दे कि वह आतंकवाद खत्म कर दे। हम शांतप्रिय लोगों के साथ हैं, लेकिन उनके साथ नहीं जो आतंकवाद को अपना धर्म मानते हैं। भगवान इजरायल को और शक्ति दे कि देश-विदेश में जितना नसरल्लाह है, सबका खात्मा हो जाए।’

शेयर बाजार में आया भूचाल सेंसेक्स 1770, तो निफ्टी 545 अंक टूटा

नई दिल्ली सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को शेयर बाजार (Stock Market) ने खराब शुरुआत की और दिनभर लाल निशान पर कारोबार किया. मार्केट क्लोज होने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) 1700 अंक से ज्यादा फिसलकर बंद हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) 545 अंक से ज्यादा टूटकर क्लोज हुआ. बाजार की इस बड़ी गिरावट में जो शेयर ‘विलेन’ बने, उनमें देश की सबसे बड़ी और वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस (Reliance) से लेकर टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा मोटर्स तक के शेयर शामिल रहे. आखिरी कारोबारी घंटे में तेज गिरावट ईरान और इजरायल के बीच जंग के हालातों के बीच मिडिल ईस्ट के तनाव का असर गुरुवार को शेयर बाजार पर साफ देखने को मिला. BSE Sensex अपने पिछले बंद 84,266 की तुलना में 995 अंक टूटकर 83,270 के लेवल पर कारोबार शुरू किया और फिर मार्केट बंद होने तक टूटता ही चला गया. अंत में सेंसेक्स 1769.19 अंक या 2.10 फीसदी की गिरावट लेकर 82,497.10 के लेवल पर क्लोज हुआ. सेंसेक्स में इस कदर गिरावट का असर बीएसई के मार्केट कैप पर भी दिखाई दिया और ये 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा टूट गया. निफ्टी ने भी निवेशकों पर ढाया कहर एक ओर जहां सेंसेक्स ने बड़ी गिरावट देखी और निवेशकों की गाढ़ी कमाई डुबो दी, तो वहीं दूसरी ओर NSE Nifty ने भी दिनभर गिरावट के साथ ही कारोबार किया. अपने पिछले बंद 25,796.90 की तुलना में 270 अंक गिरकर 25,527 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत करने वाला निफ्टी इंडेक्स मार्केट क्लोज होने तक 546.56 अंक या 2.12 फीसदी तक फिसल गया और 25,250 के लेवल पर आ गया. 5% से ज्यादा टूटे 10 पांच शेयर अब बात कर लेते हैं गुरुवार को शेयर मार्केट (Share Market) के उन शेयरों के बारे में, जिनमें 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई. इनमें Dabur India Share 6.27% गिरकर 580 रुपये के लेवल पर क्लोज हुआ. Power Finance Corp Share 5.37% की गिरावट लेकर 467.55 रुपये पर बंद हुआ. DLF Share 5.25% की फिसलकर 864.85 रुपये पर आ गया. BPCL Share में बड़ी गिरावट आई और ये 5.27% टूटकर 348.85 रुपये पर क्लोज हुआ. इसके अलावा HPCL Share 6.71%, तो Godrej Properties Share 5.57% और Suzlon Energy Share 5% फिसला. अन्य शेयरों की बात करें, तो GMR Airport Share 5.64% गिरा, NBCC India Share 5.34%, तो Sterling Share 5% टूटकर बंद हुआ. रिलायंस से टाटा तक ने हिलाया बाजार गुरुवार को बिखरने वाले शेयरों की तादाद ज्यादा रही. लेकिन बाजार के असली विलेन जो 5 शेयर साबित हुए उनमें पहले नंबर पर देश की सबसे बड़ी और वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर रहा. Reliance Share एक सप्ताह में लगातार दूसरी बार बुरी तरह टूटा और 3.95% की गिरावट के साथ 2813.95 रुपये पर क्लोज हुआ. इसके अलावा Adani Green Energy Share 4.09% फिसलकर 1807.80 रुपये पर बंद हुआ. Tata Motors का शेयर भी 4.09% टूटकर 925.70 रुपये पर, जबकि IRCTC Share 4.81% फिसलकर 886.40 रुपये पर क्लोज हुआ. IOCL Share भी इस लिस्ट में शामिल रहा और ये 4.32% की गिरावट के साथ 171.33 रुपये पर बंद हुआ.

पांच अक्टूबर को सिंग्रामपुर में MP सरकार कैबिनेट बैठक, बनेंगे 3 हेलिपैड, 5 अक्टूबर को पहुंचेंगे CM-मंत्री

दमोह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगली कैबिनेट बैठक 5 अक्टूबर को दमोह के सिंग्रामपुर में होने जा रही है, सिंग्रामपुर रानी दुर्गावती का कार्य क्षेत्र रहा है सिंगौरगढ़ का किला भी ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है, सिंग्रामपुर में ही कैबिनेट की बैठक आयोजित होगी। मंत्री ने किया निरीक्षण मध्य प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने  सिंग्रामपुर में स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बहुत ही सौभाग्य का विषय है कि जबेरा विधानसभा के सिंग्रामपुर में कैबिनेट होने जा रही है। इस मौके पर कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी, सीईओ जिला पंचायत अर्पित वर्मा, डीएफओ एमएस उइके, एडीशनल एसपी संदीप मिश्रा, एसडीएम अविनाश रावत,  सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी कैबिनेट के साथियों के साथ यहां उतरेंगे। बैठक का उद्देश्य सिंग्रामपुर पंचायत से सटे जंगल और रानी दुर्गावती के किले के पर्यटन महत्व में इजाफा करना है। बैठक के चलते यहां के जंगली रास्ते को दुरुस्त करने का काम वन विभाग ने शुरू कर दिया है। पिछले एक सप्ताह से पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की टीम यहां लगातार आवाजाही कर रही है। अलग-अलग स्थानों पर बैरिकेडिंग की भी प्लानिंग की गई है। बतौर सीएस अनुराग जैन की पहली कैबिनेट सिंग्रामपुर की इस कैबिनेट बैठक में नए मुख्य सचिव अनुराग जैन पहली बार कैबिनेट सचिव के रूप में मौजूद रहेंगे। हालांकि, मुख्यमंत्री सचिवालय ने अभी तक बैठक के लिए अधिकृत तौर पर दमोह जिला प्रशासन को सूचना नहीं दी है, लेकिन 24 सितंबर को हुई कैबिनेट बैठक में लिए फैसले के आधार पर सागर संभागायुक्त, आईजी और दमोह कलेक्टर-एसपी यहां विजिट कर व्यवस्था बनाने में जुट गए हैं। सागर संभाग कमिश्नर डॉ. वीरेंद्र कुमार रावत और आईजी प्रमोद कुमार वर्मा ने संयुक्त रूप से सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक स्थल, वीरांगना रानी दुर्गावती प्रतिमा स्थल, लाड़ली बहना एवं स्व सहायता समूह कार्यक्रम स्थल के साथ वीरांगना रानी दुर्गावती का किला, तालाब, वीरांगना रानी दुर्गावती के देवी पूजन स्थल के अलावा निदान कुंड स्थल का जायजा लिया है। दिए निर्देश राज्यमंत्री महेंद्र लोधी ने सिंग्रामपुर में खेल मैदान, वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा स्थल, गुबरा में हैली पेड स्थल सहित अन्य स्थानों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों से इस संबंध में विचार विमर्श किया। सिंग्रामपुर से 4 किमी दूर जंगल में है महल दमोह से 60 किमी दूर सिंग्रामपुर ग्राम पंचायत है। वहां से 4 किमी दूर पहाड़ी पर रानी दुर्गावती का महल है। उनका पूजा स्थल अभी भी है। यहां जंगल के रास्ते ही पहुंचा जा सकता है। यहीं पर निदान वाटरफॉल है। दुर्गा अष्टमी के दिन रानी की 500वीं जयंती रानी दुर्गावती का जन्म उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के कालिंजर किले में सन 1524 में दुर्गाष्टमी के दिन हुआ था। कालिंजर के राजा कीर्ति सिंह चंदेल की इकलौती संतान का नाम दुर्गावती रखा गया था। दमोह जिले के सिंग्रामपुर के सिंगौरगढ़ में रानी दुर्गावती का किला आज भी है। यह किला रानी की वीरता की कहानियां बताता है। जिले के बटियागढ़ ब्लॉक के आंजनी गांव में रानी की 7वीं पीढ़ी रहती है। इसी साल दुर्गा अष्टमी को उनकी 500वीं जयंती है।    

हरियाणा चुनाव के बीच BJP को बड़ा झटका, पूर्व सांसद अशोक तंवर की हुई घर वापसी

 महेंद्रगढ़ हरियाणा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ भाजपा का करारा झटका लगा है। वोटिंग से ठीक दो दिन पहले पूर्व सांसद और दलित नेता अशोक तंवर ने कांग्रेस में वापसी कर ली है। महेंद्रगढ़ की चुनावी रैली में राहुल गांधी की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी में वापसी की। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी मौजूद थे। बड़ी बात यह है कि अशोक तंवर घंटे भर पहले भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांग रहे थे लेकिन कुछ ही समय बाद उनका हृदय परिवर्तन हो गया। उनकी घर वापसी पर कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा, “कांग्रेस ने लगातार शोषितों, वंचितों के हक़ की आवाज़ उठाई है और संविधान की रक्षा के लिए पूरी ईमानदारी से लड़ाई लड़ी है। हमारे इस संघर्ष और समर्पण से प्रभावित होकर आज BJP के वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद, हरियाणा में BJP की कैंपेन कमेटी के सदस्य और स्टार प्रचारक श्री अशोक तंवर (@Tanwar_Indian) कांग्रेस में शामिल हो गए। दलितों के हक़ की लड़ाई को आपके आने से और मज़बूती मिलेगी। कांग्रेस परिवार में आपका पुनः स्वागत है, भविष्य के लिए शुभकामनाएं। बता दें कि अशोक तंवर हिसार से लोकसभा सांसद रह चुके हैं। वह हरियाणा कांग्रेस के भी अध्यक्ष रह चुके हैं। अक्तूबर 2019 में उन्होंने हुड्डा से कथित मनमुटाव की वजह से कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद वह आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे। जब आप और कांग्रेस के बीच गठबंधन की बातें होने लगी तब उन्होंने जनवरी 2024 में आप का भी साथ छोड़ दिया और भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्हें खुद मनोहर लाल खट्टर ने पार्टी में शामिल करवाया था। हरियाणा चुनाव के लिए प्रचार थमने से कुछ घंटे पहले अशोक तंवर ने राहुल गांधी की जींद रैली में पहुंचकर कांग्रेस का हाथ थाम लिया. अशोक तंवर हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. कांग्रेस ने अशोक तंवर के राहुल गांधी के मंच पर पहुंचने, पार्टी में शामिल होने का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है. पार्टी के ऑफिशियल एक्स हैंडल से वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा गया है, “कांग्रेस ने लगातार शोषितों, वंचितों के हक की आवाज उठाई है और संविधान की रक्षा के लिए पूरी ईमानदारी से  लड़ाई लड़ी है. हमारे इस संघर्ष और समर्पण से प्रभावित होकर आज BJP के वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद, हरियाणा में BJP की कैंपेन कमेटी के सदस्य और स्टार प्रचारक अशोक तंवर कांग्रेस में शामिल हो गए. दलितों के हक की लड़ाई को आपके आने से और मजबूती मिलेगी. कांग्रेस परिवार में आपका पुनः स्वागत है, भविष्य के लिए शुभकामनाएं.”

भारत 2028 तक 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार -आस्क कैपिटल

नई दिल्ली सरकार की डिजिटल पहल के साथ, भारत के वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में पिछले कुछ वर्षों में एक बड़ा बदलाव आया है। आस्क कैपिटल की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि गहरी इंटरनेट पहुंच, कुशल और सस्ती 4 जी और 5 जी सेवाओं और डिजिटल क्षेत्र में सरकार की पहल से भारत 2028 तक 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार है। भारत वास्तविक समय के भुगतान का एक वैश्विक उदाहरण बन गया है, जो UPI जैसे घरेलू तकनीकी नवाचारों से लाभान्वित हो रहा है। भारत का डिजिटल परिवर्तन आर्थिक विकास के लिए एक गेम चेंजर साबित होगा। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण के साथ-साथ स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग ने कैशलेस लेनदेन और ऑनलाइन खरीदारी को बढ़ावा दिया है। भारतीय अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंध अनुसंधान परिषद (ICRIER) के अनुसार, डिजिटल कौशल पर भारत का स्कोर डिजिटलीकरण के समग्र स्तर पर जापान, यूनाइटेड किंगडम और जर्मनी जैसे विकसित देशों से आगे निकल गया है। प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) जैसी सरकारी पहलों ने देश में सार्वभौमिक पहुंच और वित्तीय समावेशन को बढ़ाने में मदद की है। मोबाइल और ब्रॉडबैंड की बढ़ती पहुंच वित्तीय समावेशन को और गहरा करेगी और नई डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देगी। भारत में डिजिटल मनोरंजन, ऑनलाइन शिक्षा, टेली-मेडिसिन, डिजिटल स्वास्थ्य, डिजास्टर रिस्पॉन्स और जीवन रक्षक सेवाएं बेहतर मोबाइल व इंटरनेट सेवाओं का लाभ उठा रही हैं। किफायती डेटा, स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं की बढ़ती संख्या और ई-कॉमर्स में वृद्धि भारत के डिजिटल परिवर्तन को गति दे रही है। मार्च 2024 तक, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में लगभग 120 करोड़ दूरसंचार ग्राहक हैं। मार्च 2023 में इंटरनेट ग्राहकों की कुल संख्या 88.1 करोड़ से बढ़कर मार्च 2024 के अंत तक 95.4 करोड़ हो गई, जिनमें से लगभग आधे ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। पिछले एक साल में 7.3 करोड़ से अधिक इंटरनेट ग्राहक और 7.7 करोड़ से अधिक ब्रॉडबैंड ग्राहक जोड़े गए हैं।

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