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राष्ट्रपति पद के चुनावों की उल्टी गिनती शुरू, डेमोक्रेट पार्टी के दानदाताओं की धमकी बाइडेन उम्मीदवार रहे तो पार्टी की फंडिंग बंद

कैलिफ़ोर्निया अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनावों के लिए उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. 5 नवंबर को होने वाले यूएस राष्ट्रपति चुनाव के लिए सभी नेता ऐड़ी-चोटी का जोर लगाने में लगे हुए हैं. इस बीच खबर ये हैं कि उपराष्ट्रपति कमला हैरिस चुनावों में जो बाइडेन को पीछे छोड़ सकती हैं. कमला का सिक्का जो बाइडेन पर भारी पड़ता नजर आ रहा है. इसकी वजह ये है कि डेमोक्रेट पार्टी के दानदाताओं ने धमकी दी है कि अगर जो बाइडेन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बने रहे तो वे पार्टी की फंडिंग को रोक सकते हैं. जो बाइडेन के खिलाफ उठ रहे विद्रोह के इस स्वर को देखते हुए पार्टी ने जो बाइडेन के विकल्प पर विचार करना शुरू कर दिया है. हालांकि बाइडेन का दावा है कि वे ही राष्ट्रपति पद की रेस में हैं. उधर, कुछ लोगों को कहना है कि बाइडेन की दावेदारी में उनकी बढ़ती उम्र आड़े आ रही है. इन सबके बीच उपराष्ट्रपति कमला हैरिस बाइडेन को पछाड़ती नजर आ रही हैं. कमला हैरिस के बारे में कहा जा रहा है कि पार्टी के साथ-साथ देश में उनकी अलग पहचान है और डेमोक्रेटिक पार्टी के दिग्गज उनके पीछे खड़े होने लगे हैं. पार्टी के शीर्ष नेताओं का कहना है कि अगर जो बाइडेन चुनावी दौड़ से बाहर होने का फैसला करते हैं तो वह चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को नामित किया जा सकता है. बता दें कि पिछले महीने अटलांटा में प्रेसिडेंशियल डिबेट में जो बाइडेन का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था. इस प्रदर्शन के बाद से सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी में बाइडन के चुनावी दौड़ से दूर करने की मांग बढ़ने लगी है. 81 साल के बाइडन की सेहत पर सवाल उठ रहे हैं. इन सब अटकलों से परे जो बाइडेन कहते हैं कि, ‘अगर खुद भगवान आसमान से धरती पर आकर कहें कि जो इस रेस से निकल जाओ तभी मैं बाहर आऊंगा और भगवान तो नीचे आएंगे नहीं.’ बाइडन को राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर होते देखना चाहते हैं डेमोक्रेटिक पार्टी के पांच सांसद  डेमोक्रेटिक पार्टी के कम से कम पांच सांसदों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पांच नवंबर को होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से जो बाइडन को बाहर हो जाना चाहिए। कई समाचारों में यह जानकारी दी गई। अटलांटा में 27 जून को हुई बहस में रिपब्लिकन पार्टी से अपने प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बाइडन के निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा फोन कॉल पर की गई चर्चा के दौरान सांसदों- जेरी नाडलर, मार्क ताकानो, जो मोरेल, टेड लियू और एडम स्मिथ ने अपने विचार व्यक्त किए। बहस में अपने प्रदर्शन को खुद बाइडन ने ‘‘एक बुरी रात’’ बताया है। उनकी लोकप्रियता की रेटिंग में गिरावट आई है और उनकी अपनी पार्टी के सहयोगियों ने उनके स्वास्थ्य और आगामी चार वर्षों तक शासन करने की उनकी क्षमता पर सवाल खड़े करना शुरू कर दिया है। बाइडन ने जोर देकर कहा कि वह दौड़ में बने रहेंगे और विश्वास जताया कि वह नवंबर में ट्रंप के खिलाफ चुनाव जीतेंगे। सदन में अल्पमत के नेता हकीम जेफरीज ने 27 जून को बाइडन और ट्रंप के बीच बहस के बाद राजनीतिक परिदृश्य पर प्रतिनिधि सभा में अपनी पार्टी के सहयोगियों के साथ फोन कॉल पर चर्चा की। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की खबर के अनुसार, इस फोन वार्ता सत्र को ‘‘विचार व्यक्त करने का सत्र’’ बताया गया, जिसका उद्देश्य पार्टी सहयोगियों से बाइडन की दावेदारी की व्यवहार्यता के बारे में जानकारी प्राप्त करना था। खबर में यह भी बताया गया कि इस बैठक से पहले ही कई शीर्ष नेताओं का मानना था कि बाइडन को राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर हो जाना चाहिए। इस मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों के हवाले से खबर में बताया गया कि सशस्त्र सेवा समिति के सदस्य स्मिथ ने कहा कि बाइडन के जाने का समय आ गया है। चार अन्य सांसदों ने भी यही विचार व्यक्त किए और उनका मानना है कि बाइडन के लिए इस दौड़ से बाहर हो जाने का समय आ गया है। कमला हैरिस के पक्ष में बनता माहौल पूर्व अमेरिकी सीनेटर और कैलिफ़ोर्निया अटॉर्नी जनरल कमला हैरिस, अगर पार्टी की उम्मीदवार होती हैं और चुनाव जीत जाती हैं, तो संयुक्त राज्य अमेरिका की राष्ट्रपति बनने वाली पहली महिला होंगी. वह उपराष्ट्रपति के रूप में सेवा करने वाली पहली अफ्रीकी अमेरिकी और एशियाई व्यक्ति हैं. हाल के सर्वे से पता चलता है कि कमला हैरिस रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ जो बाइडेन से बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं, हालांकि उन्हें कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा. 2 जुलाई को जारी एक सीएनएन सर्वे में पाया गया कि मतदाताओं ने जो बाइडेन के मुकाबले डोनाल्ड ट्रम्प को छह प्रतिशत अंक, 49% से 43% तक पसंद किया. कमला हैरिस भी ट्रम्प से 47% से 45% तक पीछे रहीं. सर्वे में पाया गया कि निर्दलीय उम्मीदवारों ने डोनाल्ड ट्रम्प की तुलना में 43%-40% कमला हैरिस को समर्थन दिया, और दोनों पार्टियों के मतदाता उन्हें 51-39% पसंद करते हैं. डोनाल्ड ट्रम्प और लड़खड़ाते जो बाइडेन के बीच पिछले सप्ताह टेलीविजन पर बहस के बाद एक रॉयटर्स/इप्सोस सर्वे में पाया गया कि कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रम्प लगभग बराबरी पर थे. आंतरिक मतदान से पता चलता है कि हैरिस के पास भी जो बाइडेन के समान ही ट्रम्प को हराने की संभावना है. इनमें 45% मतदाताओं ने कहा कि वे उनके लिए वोट करेंगे, जबकि 48% ट्रम्प के लिए. 2 रिपब्लिकन दानदाताओं ने रॉयटर्स को बताया कि कमला हैरिस को इतनी गंभीरता से लिया जाता है कि वे चाहेंगे कि जो बाइडेन के मुकाबले वे ट्रम्प का सामना करें. पोलिंग आउटलेट फाइव थर्टी एट ने कहा कि 37.1% मतदाता हैरिस को स्वीकार करते हैं और 49.6% मतदाता उन्हें नापसंद करते हैं. उन संख्याओं की तुलना जो बाइडने के लिए 36.9% और 57.1% तथा डोनाल्ड ट्रम्प के लिए 38.6% और 53.6% से की जाती है.

ग्रीन हाइड्रोजन के पहले चरण में अडानी का नौ अरब डॉलर के भारी-भरकम निवेश का प्लान, 10,000 लोगों को रोजगार मिलेगा

नई दिल्ली  भारत और एशिया के दूसरे सबसे बड़े अमीर गौतम अडानी (Gautam Adani) ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में बड़ा दांव खेलने की तैयारी में हैं। मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक अडानी ग्रुप (Adani Group) ने ग्रीन हाइड्रोजन बिजनस के पहले चरण के लिए नौ अरब डॉलर के निवेश की योजना बनाई है। इसमें से चार अरब डॉलर का निवेश मशीनरी, मैन्युफैक्चरिंग प्लांट आदि पर किया जाएगा जबकि पांच अरब डॉलर 5 गीगावॉट इलेक्ट्रोलाइजर मेकिंग कैपिसिटी के विकास पर खर्च किए जाएंगे। माना जा रहा है कि इससे करीब 10,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। अडानी ग्रुप ने तीन मिलियन टन ग्रीन हाइड्रोजन कैपेसिटी का टारगेट रखा है। इसमें से एक मिलियन टन कैपेसिटी 2030 तक हासिल करने का लक्ष्य है। अडानी कई बार यह दावा कर चुके हैं कि उनकी दुनिया की सबसे सस्ती ग्रीन हाइड्रोजन बनाएगी। सूत्रों के मुताबिक ग्रीन हाइड्रोजन का प्रॉडक्शन शुरू होने के बाद अडानी ग्रुप इसे जहाजों के जरिए यूरोप और कुछ एशियाई देशों को एक्सपोर्ट करेगा। इस सेक्टर में अडानी ग्रुप का मुकाबला लार्सन एंड टुब्रो, इंडियन ऑयल और ऑयल इंडिया से हो सकता है। ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने में ग्रीन हाइड्रोजन की भूमिका को अहम माना जा रहा है। ग्रीन हाइड्रोजन पानी और क्लीन इलेक्ट्रिसिटी से बनती है और इसे भविष्य का ईंधन कहा जा रहा है। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी ग्रीन एनर्जी में में 75 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। इलेक्ट्रोलाइजर सूत्रों का कहना है कि अडानी ग्रुप के ग्रीन हाइड्रोजन बिजनस का पहले चरण एल्केलाइन इलेक्ट्रोलाइजर पर आधारित होगा। इसमें एक किलो हाइड्रोजन बनाने के लिए कम से कम नौ किलो पानी की जरूरत होती है। बाद में एनियन एक्सचेंज मेंबरेन पर आधारित इलेक्ट्रोलाइजर बनाएगा। ग्रीन बिजनस के लिए अडानी ग्रुप ने अडानी न्यू इंडस्ट्रीज नाम से एक कंपनी बनाई है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में अडानी ग्रुप की टोटल इनकम में इसकी हिस्सेदारी नौ फीसदी थी। अडानी ग्रुप की बिजनस कई सेक्टर्स में फैला है और यह मार्केट कैप के हिसाब से टाटा ग्रुप और रिलायंस के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा औद्योगिक घराना है।  

अमरनाथ यात्रा तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य सेवा में एक ओर अध्याय जोड़ते हुए प्रशासन ने ‘पोनी एम्बुलेंस’ शुरू

श्रीनगर  जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक अनोखी एम्बुलेंस सेवा शुरू की है। यह सेवा पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों पर पवित्र गुफा मंदिर की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए है। इसका नाम पोनी एंबुलेंस रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार इस एम्बुलेंस का उद्देश्य अमरनाथ यात्रा तीर्थयात्रियों को महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है। आक्सीजन सिलेंडर से लैस एंबुलेंस इस एंबुलेंस में घोड़े पर चढ़ा एक आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र चिकित्सा किट और ऑक्सीजन सिलेंडर से लैस है। यह तंत्र बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर तीर्थयात्रियों के साथ जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पोनी एम्बुलेंस को प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा नियंत्रित किया जाएगा। ये कर्मी यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं या आपात स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार हैं। तीर्थयात्रियों ने इस पहल को सराहा स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा सचिव सैयद आबिद रशीद शाह ने कहा कि हम अमरनाथ यात्रियों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पोनी एम्बुलेंस सेवा ने यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों के आत्मविश्वास और आराम को बढ़ाया है। शाह ने कहा कि यह सेवा, जिसे तीर्थयात्रियों द्वारा व्यापक रूप से सराहा गया है, कश्मीर में स्वास्थ्य सेवा विभाग द्वारा शुरू की गई है। इस सेवा की परिकल्पना विभाग के निदेशक मुश्ताक अहमद राथर ने की थी। स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस सेवा ने दूरदराज के इलाकों में आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए एक नया मानक स्थापित किया है। यह कश्मीर के स्वास्थ्य सेवा नवाचार को प्रदर्शित करता है।

ICICI बैंक ने दी वॉर्निंग, ईमेल, कॉल और मेसेज से रहें अलर्ट, साइबर क्रिमिनल्स की नई चाल

मुंबई यूजर्स के ऊपर एक बड़े फ्रॉड का खतरा मंडरा रहा है। यह खतरा बैंकिंग से जुड़ा है। इसी को देखते हुए ICICI बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए वॉर्निंग जारी की है। टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार ICICI बैंक ने कहा है कि साइबर क्रिमिनल यूजर्स को एक्सटॉर्शन स्कैम में फंसा रहे हैं। इस स्कैम में साइबर क्रिमिनल इंडिविजुअल या ऑर्गनाइजेशन को मेसेज भेज कर सेंसिटिव और सीक्रेट इन्फर्मेशन को लीक करने की धमकी देते हैं। ऐसा न करने के लिए ये जालसाज बैंक के कस्टमर से पैसों की मांग करते हैं। बैंक इस स्कैम के बारे में ग्राहकों को ईमेल भेज कर सतर्क कर रहा है। क्या है एक्सटॉर्शन स्कैम एक्सटॉर्शन स्कैम ईमेल से शुरू होता है। इसमें साइबर क्रिमिनल दावा करते हैं कि उनके पास टारगेट किए गए यूजर के प्राइवेट फोटो और पर्सनल डेटा मौजूद है। अपने शिकार को डराने के लिए ये जालसाज इन फोटो और प्राइवेट डेटा को पैसे न मिलने पर फ्रेंड, फैमिली के साथ ही पब्लिक प्लैटफॉर्म लीक करने की धमकी देते हैं। कई मामलों में साइबर क्रिमिनल्स के पास ऐसा कोई डेटा नहीं होता, लेकिन यूजर डर कर इनकी चाल में फंस जाते हैं। ऐसे करें एक्सटॉर्शन स्कैम की पहचान आईसीआईसीआई बैंक ने भेजे गए ईमेल में इस तरह के स्कैम की पहचान करने के कुछ तरीकों के बारे में बताया है। बैंक के अनुसार साइबर क्रिमिनल हैकर को जाल में फंसाने के लिए कॉल, मेसेज या ईमेल कर सकते हैं, जिसमें वे खुद को किसी सरकारी विभाग या कलेक्शन एजेंसी का बता सकते हैं। साइबर क्रिमिनल अपने शिकार को लीगल ऐक्शन और गिरफ्तारी की धमकी देते हैं। डरे हुए बैंक कस्टमर को फिर स्कैमर पैसों के बदले मामले को रफा-दफा करने का ऑप्शन देते हैं। साइबर क्रिमिनल हैकर से पासपोर्ट डीटेल, डेट ऑफ बर्थ और बैंक डीटेल भी मांग सकते हैं। ग्राहकों जल्द से जल्द पैसे दे दे इसके लिए ये जालसाज पुलिस के घर तक पहुंचने का भी झूठा दावा करते हैं। खुद को ऐसे रखें सेफ 1- पैसे की मांग करने वाले किसी भी अनजान कॉलर से परेशान न हों और कॉलर को कोई जवाब न दें। 2- किसी को भी गिफ्ट, हैंपर, वाउचर या वायर ट्रांसफर में पेमेंट न करें। 3- कॉलर के दिए गए किसी भी कॉन्टैक्ट डीटेल को यूज न करें। ऑर्गनाइजेशन में डायरेक्ट कॉल करके कॉलर की आइडेंटिटी को वेरिफाइ करें। 4- किसी भी अनजान इंसान को पैसे न भेजें। साथ ही किसी के साथ भी ईमेल या फोन पर क्रेडिट कार्ड, ऑनलाइन अकाउंट डीटेल, डाइवर लाइसेंस और पासपोर्ट की डीटेल को शेयर न करें। 5- अनजान लिंक से आए ईमेल में दिए गए अटैचमेंट पर क्लिक न करें। साथ ही इसमें दी गई किसी फाइल को डाउनलोड करें। ऐसा करने से आपका कंप्यूटर में वायरस आ सकता है। फेक Extortion Scam को कैसे पहचानें ? मीडिया रिपोर्ट्स में ICICI Bank के ईमेल के हवाले से बताया है कि आप इस स्कैम को कैसे पहचान सकते हैं. इसके लिए आपको हाल ही में होने वाले लेटेस्ट स्कैम के बारे में पता होना चाहिए. अक्सर इस तरह के स्कैम में एक अनजान नंबर से कॉल आता है, कॉल करने वाला खुद को किसी सरकारी एजेंसी का ऑफिसर बताता है या फिर पुलिस वाला भी बता सकता है, जबकि ये फेक होते हैं. फेक केस को लेकर डरा और धमका सकता हैं इसके बाद ये आपको फेक केस, ड्रग केस या मनी लाउंड्रिंग केस को लेकर धमकी दे सकते हैं, यहां तक की गिरफ्तारी तक का डर दिखा सकते हैं. इसके अलावा वे साइबर ठग विक्टिम को इतना डरा देते हैं कि आपको गिरफ्तार करने आपके घर आ रहे हैं. इसके बाद वे आपकी जरूरी डिटेल्स, ओटीपी या फिर सीधे रुपयों की डिमांड कर सकते हैं. लगा सकते हैं लाखों रुपये का चूना इस तरह की कॉल पर बैंक डिटेल्स या फिर रुपयों को ट्रांसफर नहीं करना चाहिए. इसके अलावा किसी भी लिंक आदि पर क्लिक नहीं करना है. ना ही स्कैमर्स के कहने पर कोई ऐप इंस्टॉल करना है. ऐसे में आपको नजदीकी पुलिस स्टेशन जाना चाहिए और उस नंबर के बारे में बताना चाहिए. इसके बारे में आप साइबर सेल में भी शिकायत कर सकते हैं.

SC ने महिलाओं के लिए मासिक धर्म में अवकाश पर केंद्र सरकार को अहम दिशा-निर्देश दिए

नई दिल्ली  महिलाओं को पीरियड के दौरान छुट्टी को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सकारात्मक रुख दिखाया है। कोर्ट ने मामले में केंद्र को कुछ निर्देश भी दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह इसको लेकर राज्य सरकारों और सभी स्टैकहोल्डर्स से बात करे। साथ ही देखे कि क्या इस पर कोई मॉडल पॉलिसी बनाई जा सकती है। हालांकि कोर्ट ने माना कि इस दौरान छुट्टी मिलने से महिलाओं में काम को लेकर उत्साह बढ़ेगा, लेकिन यह भी कहा कि इसे अनिवार्य किए जाने के नुकसान भी हो सकते हैं। कोर्ट की चिंता, महिलाओं के काम पर पड़ सकता है नकारात्मक प्रभाव CJI डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि यह मुद्दा नीति से जुड़ा है ये कोई ऐसा मुद्दा नहीं है जिस पर न्यायालयों को गौर करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि यदि महिलाओं को मासिक धर्म अवकाश देने का फैसला कोर्ट देता है तो इसका विपरीत असर हो सकता है प्राइवेट सेक्टर में उनके नौकरी के अवसरों पर इसका असर हो सकता है, निजी कंपनियां महिलाओं को नौकरी देने से बचेंगी इससे महिलाओं के नौकरी के अवसर कम हो सकते हैं। हम सचिव से अनुरोध करते हैं कि वे नीति स्तर पर मामले को देखें कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि वे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी के समक्ष अपना मामला लेकर जा सकते है। कोर्ट ने आदेश दिया – ‘हम सचिव से अनुरोध करते हैं कि वे नीति स्तर पर मामले को देखें और सभी हितधारकों से परामर्श करने के बाद निर्णय लें और देखें कि क्या एक आदर्श नीति तैयार की जा सकती है , सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने स्पष्ट किया कि यदि राज्य इस संबंध में कोई कदम उठाते हैं तो केंद्र की परामर्श प्रक्रिया उनके आड़े नहीं आएगी। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि पीरियड के दौरान छुट्टी मिलने से महिला कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे उनके अंदर काम को लेकर अधिक उत्साह पैदा होगा। हालांकि कोर्ट ने यह भी माना कि इस तरह की छुट्टियों को अनिवार्य किए जाना महिलाएं वर्कफोर्स से दूर हो जाएंगी। शीर्ष अदालत ने कहा कि हम यह नहीं चाहते हैं। इसमें कहा गया है कि महिलाओं की रक्षा के लिए हम जो करने की कोशिश करते हैं, उससे उन्हें नुकसान हो सकता है। घर में पैसे उधार न दें… पत्नी के यौन उत्पीड़न केस में क्यों बोला SC शीर्ष अदालत ने आगे कहा कि यह एक पॉलिसी डिसीजन हैं। इस केंद्र सरकार और राज्य सरकारें ही फैसला ले सकती हैं। इसके साथ ही उन्होंने याचिकाकर्ता को महिला और बाल विकास मंत्रालय के सामने जाने की बात कही। बता दें कि याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई थी कि वह राज्य सरकारों को महिलाओं के लिए पीरियड के दौरान छुट्टी के लिए नियम बनाने का निर्देश जारी करे। इसमें छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को पीरियड के दौरान छुट्टी की मांग की गई थी। Period Leave कोर्ट ने क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह याचिकाकर्ता को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में सचिव और एएसजी ऐश्वर्या भाटी के समक्ष अपना पक्ष रखने की अनुमति देता है। इसके साथ ही कोर्ट ने सचिव से अनुरोध किया कि वह नीतिगत स्तर पर मामले को देखें और सभी पक्षों से बात करके निर्णय लें कि क्या इस मामले में कोई आदर्श नीति बनाई जा सकती है। महत्वपूर्ण बिंदु:     कोर्ट का तर्क:         पीरियड लीव को अनिवार्य बनाने से महिलाओं के रोजगार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।         यह नीतिगत मामला है, जिस पर सरकार को विचार करना चाहिए।     आगे की राह:         केंद्र सरकार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर “मॉडल नीति” तैयार करेगी।         नीति में पीरियड लीव से संबंधित मुद्दों को संबोधित किया जाएगा।     वर्तमान स्थिति:         बिहार एकमात्र ऐसा राज्य है जो 1992 की नीति के तहत मासिक धर्म दर्द अवकाश प्रदान करता है। वकील शैलेंद्रमणि त्रिपाठी द्वारा दायर याचिका दरअसल, याचिकाकर्ता वकील शैलेंद्रमणि त्रिपाठी ने महिलाओं को पीरियड्स के दौरान होने वाली परेशानियों के चलते सुप्रीम कोर्ट से राज्य सरकारों को छुट्टी के नियम बनाने के निर्देश जारी करने की मांग की थी। याचिका में मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 की धारा 14 को लागू करने के निर्देश दिए गए थे। जिसके तहत छात्राओं और महिला कर्मचारियों को पीरियड्स के दौरान छुट्टी देने की मांग की गई थी। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि:     सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला पीरियड लीव के अधिकार को खत्म नहीं करता है।     यह महिलाओं और उनके संगठनों को इस मुद्दे पर आगे बढ़ने और नीतिगत बदलाव लाने के लिए प्रोत्साहित करता है। बिहार में पीरियड्स के दौरान Period Leave मिलती याचिकाकर्ता ने जनहित याचिका में कहा है कि मातृत्व लाभ अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए निरीक्षकों की नियुक्ति भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बिहार एकमात्र ऐसा राज्य है जो 1992 की नीति के तहत विशेष मासिक धर्म पीड़ा अवकाश देता है।  

अलमारी के छोटे से ‘बॉक्‍स’ से न‍िकले 4 खूंखार आतंकी,दहशतगर्दों का नया ठ‍िकाना

कुलगाम जम्मू कश्मीर में सेना द्वारा आतंकवादियों के सफाए के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं. शनिवार को कुलगाम जिले में दो जगहों पर हुई मुठभेड़ में  6 आतंकियों को सुक्षाबलों ने ढेर कर दिया. कुलगाम के मोदरगाम मुठभेड़ स्थल से दो आतंकवादियों के शव बरामद किए गए जबकि चिन्नीगाम स्थल से रविवार को चार शव बरामद किए गए. इस बीच चिन्निगाम फ्रिसल से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जो हैरान करने वाला है. दरअसल शनिवार रात को मुठभेड़ में मारे गए हिजबुल मुजाहिदीन के चार आतंकवादियों ने चिन्निगाम फ्रिसल में एक घर के अंदर ऐसा ठिकाना बना रखा था जिसका वीडियो देखकर सुरक्षाबल भी हैरान हैं. आतंकियों ने एक अलमारी के अंदर बंकर बना रखा था. घर के अंदर आतंकियों का खुफिया ठिकाना कुलगाम के चिनीगाम क्षेत्र जिस घर में आतंकी छिपे थे, वहां उन्होंने अलमारी के पीछे बंकर बना रखा था. मुठभेड़ में हिजबुल के चारों आतंकियों के मारे जाने के बाद सुरक्षाबलों ने घर के अंदर तलाशी ली तो उन्हें तयखाना मिला. इसका इस्‍तेमाल आतंकी खुद छिपने और हथियार व गोलाबारूद छिपाने के लिए करते थे. कुलगाम के चिन्निगाम में मारे गए सभी आतंकवादी हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े हुए थे. ड्रॉवर के अंदर सीक्रेट बंकर वायरल हो रहे वीडियो में सुरक्षाकर्मी एक घर के अंदर हैं जहां अलमारी के पीछे आतंकियों ने सीक्रेट बंकर बना रखा है. जवान जब एक कमरे में लगी कपड़े की अलमारी को देखते हैं तो उन्हें कुछ शक सा होता है. जैसे अलमारी के नीचे की तरफ बना ड्रॉवर को खोला जाता है तो इसमें अंदर की तरफ एक रास्ता जाता दिखा. फिर यहां लाइट जलाकर एक शख्स को अलमारी के अंदर बने सीक्रेट रास्ते के जरिए बंकर तक भेजा गया और वीडियो रिकार्डिंग की गई. इस दौरान साफ देखा जा सकता है कि अलमारी के पीछे की तरफ आतंकियों ने एक सीक्रेट बंकर बना रखा था. जिसमें वह खुद भी छिप सकते थे और हथियार भी छिपा सकते थे. बताया जा रहा है कि कुलगाम में मारे गए आतंकी इसी बंकर में छिपे थे. दो जवान भी हुए थे शहीद आपको बता दें कि कुलगाम जिले के दो गांवों में शनिवार को मुठभेड़ शुरू हुई थी. पहली मुठभेड़ मोदरगाम गांव में हुई, जहां पैरा कमांडो लांस नायक प्रदीप नैन कार्रवाई में शहीद हो गए. सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान शुरू किया और कम से कम दो से तीन आतंकवादियों को उनके ठिकाने पर घेर लिया. वहीं दूसरी मुठभेड़ फ्रिसल चिनिगाम गांव में हुई, जब सुरक्षा बलों को इलाके में संभावित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों के बारे में सूचना मिली. ऑपरेशन के दौरान प्रथम राष्ट्रीय राइफल्स के हवलदार राज कुमार शहीद हो गए. गांव पहुंचने पर, एक घर में छिपे आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर अचानक से गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. मुठभेड़ में एक पैरा कमांडो समेत दो सैन्यकर्मी शहीद हो गए. अभियान के बारे में बताते हुए जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक आरआर स्वैन ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आतंकवादियों का सफाया करना एक बड़ी उपलब्धि है. स्वैन ने कहा कि अभियान की सफलता इस बात का संकेत है कि जम्मू-कश्मीर में आतंक के खात्मे की लड़ाई अपने अंजाम तक पहुंचेगी. आतंकियों की थी बड़ी साजिश आर्मी के इस ऑपरेशन में दो सुरक्षा बल भी शहीद हो गए। वहीं दो अलग-अलग जगह पर हुए एनकाउंटर में हिजबुल मुजाहिद्दीन के कुल 6 आतंकी मारे गए हैं। इस ऑपरेशन के बारे में बात करते हुए जम्मू कश्मीर के डीजीपी आर.आर स्वैन के अनुसार कुलगाम में छिपे ये आतंकी कोई बड़ी साजिश रच रहे थे, जिसे सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया है। सुरक्षा बलों ने मार गिराए 6 आतंकी बता दें कि जम्मू कश्मीर में हुए पहले एनकाउंटर में दो आतंकियों को मारा गया। इस मुठभेड़ में एक जवान भी शहीद हो गया। दूसरा एनकाउंटर कुलगाम के चिनिगम में हुआ, जहां चार आतंकियों को ढेर किया गया। इस दौरान हुई गोलीबारी में एक और जवान की शहादत हो गई। 2 एनकाउंटर में मारे गए 6 आतंकी हिजबुल मुजाहिद्दीन के थे। कुलगाम में मारे गए आतंकियों की पहचान यावार बशीर धर, जहीद अहमद धर, तौहीद अहमद और शकील अहमद वाणी के रूप में की गई है।  

उप मुख्यमंत्री ने 15 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन, छत्तीसगढ़ के शहरों के विकास में राशि की कमी नहीं होगी

रायपुर. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगर निगम क्षेत्र में शामिल वार्डों के विकास के लिए 14 करोड़ 73 लाख रुपए के 94 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं भूमिपूजन किया। बिलासपुर के जिला खेल परिसर में आयोजित समारोह की अध्यक्षता विधायक सुशांत शुक्ला ने की। उप मुख्यमंत्री श्री साव की पहल और विधायक श्री शुक्ला के विशेष प्रयासों से 15वें वित्त आयोग, अधोसंरचना मद एवं निकाय मद के अंतर्गत ये विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। अधिकांश स्वीकृत कार्य सीसी रोड, नाली निर्माण तथा स्ट्रीट लाइट से संबंधित हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव एवं विधायक श्री शुक्ला ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत खेल परिसर में नीम के पौधे भी लगाए। भूमिपूजन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि विगत पांच सालों में पहली बार विकास कार्यों के लिए लगभग 15 करोड़ की एकमुश्त राशि मिली है। हमारी सरकार नगरीय क्षेत्रों के विकास के लिए संकल्पबद्ध है। शहरों के विकास के लिए राशि की कोई कमी नहीं होगी। जनभावना के अनुरूप तमाम विकास कार्य होंगे। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के संबंध में केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर से हाल ही में मुलाकात हुई है। हमें जल्द ही और आबंटन मिलने की संभावना है। इससे हर जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्ति को रहने के लिए पक्का छत मिल सकेगा। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सभी को पेड़ लगाने का आह्वान किया। उन्होंने इसे बड़े होते तक सहेजने को भी कहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि उप मुख्यमंत्री अरुण साव शहर की समस्याओं से अवगत हैं। धीरे-धीरे पूरी समस्याओं का समाधान होगा। इससे शहर की दशा एवं दिशा जरूर बदलेगी। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने कार्यक्रम में स्वागत भाषण एवं प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बिलासपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष श्री राजेश सिंह, जिला पंचायत के सीईओ रामप्रसाद चौहान और प्रभारी डीएफओ अभिनव कुमार सहित विभिन्न वार्डों के पार्षद, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

फ्रांस के आम चुनावों में वामपंथी गठबंधन की जीत, गठबंधन की जीत के बाद फ्रांस में भीषण दंगे भड़क गए

पेरिस फ्रांस के आम चुनावों में वामपंथी गठबंधन की जीत हुई है। वामपंथी गठबंधन की जीत के बाद फ्रांस में भीषण दंगे भड़क गए हैं और प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं। यह प्रदर्शनकारी दंगे कर रहे हैं और पेट्रोल बम चला आगजनी कर रहे हैं। फ्रांस में इससे बचने के लिए भारी पुलिस बंदोबस्त किया गया है। फ्रांस में वामपंथी गठबंधन की जीत अप्रत्याशित तरीके से हुई है। चुनाव से पहले लगातार यह माना जा रहा था कि इन चुनावों में दक्षिणपंथी गठबंधन की जीत होगी। दक्षिणपंथी गठबंधन की नेता मरीन ली पेन के प्रधानमंत्री बनने के आसार जताए जा रहे थे। लेकिन दूसरे चरण की वोटिंग के बाद पासा पलट गया और वामपथी गठबंधन सबसे अधिक सीटें लाने में सफल रहा। देशभर में भेजी गई दंगा विरोधी पुलिस वीडियो फुटेज में नकाबपोश प्रदर्शनकारियों को सड़कों पर आग जलाते और उपद्रव करते हुए देखा गया है। हिंसा को देखते हुए देश भर में दंगा पुलिस पुलिस को भेजा गया है। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांसीसी चुनाव के बाद आए एग्जिट पोल में वामपंथी गठबंधन की जीत की संभावना के बाद पेरिस में जश्न और हिंसा दोनों का माहौल बन गया। धुर-वामपंथी गठबंधन के अप्रत्याशित रूप से आगे निकलने की खबर पर हजारों लोग जश्न मनाने के लिए पेरिस के प्लेस डे ला रिपप्लिक में जमा हो गए। वहीं, इस खबर से सत्ता हासिल करने की उम्मीद कर रहे मरीन ले पेन की नेशनल रैली के समर्थन हैरान रह गए। फ्रांस के इन चुनावों में वामपंथी गठबंधन ने 577 सीटों में से लगभग 182 सीटों पर जीत हासिल कर ली है। वहीं दूसरी तरफ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों की रिनेसां पार्टी ने 163 सीटें जीती हैं। तीसरे नम्बर पर धुर दक्षिणपंथी गठबंधन है, जिसने 132 सीटें जीत ली है। अभी अंतिम परिणाम नहीं सामने आए हैं। पुलिस ने किया आंसू गैस का इस्तेमाल इस बीच फ्रांस के विभिन्न शहरों से हिंसा की खबरें आने लगीं। जगह-जगह पर प्रदर्शनकारियों की हिंसा के वीडियो सामने आए हैं। वहीं, दंगा विरोधी पुलिस भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश करती नजर आई। झड़पों के बीच कई जगह पर पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया है। ब्रिटिश टैबलायड द सन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह पता नहीं चल पाया है कि बढ़ते तनाव के बीच सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी किस दल के समर्थक है। इसके पहले यह आशंका जताई गई थी कि अगर दक्षिणपंथी जीत जाते हैं तो हिंसा भड़क सकती है। अंतिम परिणामों के सामने आने से पहले ही फ्रांस में भीषण हिंसा का माहौल है। प्रदर्शकारियों ने चुनाव नतीजों के रुझानों के साथ फ्रांस की सड़कों पर कब्जा कर लिया है। फ्रांस की राजधानी पेरिस में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर गाड़ियों को इकट्ठा करके आग लगा दी और पुलिस से भी भिड़ गए। दंगाइयों ने पुलिस पर पत्थर भी फेंके। कहीं कहीं कूड़ेदानों में भी आग लगा दी गई। फ्रांस के शहर नान्तेस में भी दंगाइयों ने कहर बरपाया है। अभी यह नहीं साफ है कि दंगाई किस समूह के हैं। पुलिस उन पर कब्जा करने में जुटी हुई है। दंगाइयों ने पेरिस के महत्वपूर्ण स्थानों पर तोड़फोड़ भी की है। फ्रांस में दंगों के इतिहास को देखते हुए पहले से ही इस हिंसा का अंदाजा लगाया जा रहा था। वामपंथियों के इस हिंसा करने की आशंका जताई जा रही थी। इसके लिए फ्रांस में 30,000 पुलिसकर्मी लगाए गए थे। पेरिस समेत बड़े शहरों में महंगी दुकानों में बैरिकेड लगा दिए गए थे ताकि दंगे के दौरान उन्हें लूट से बचाया जा सके। कुछ दुकानों के शीशों पर लकड़ी तक ठोंक दी गई ताकि प्रदर्शनकारी यहाँ से ना घुसें। गौरतलब है कि वामपंथियों ने पहले चरण की वोटिंग पूरी होने के बाद फ्रांस में कसके दंगे किए थे। 30 जून, 2024 को इन दंगाइयों ने फ़्रांस में कसके कहर बरपाया था। वामपंथियों ने पहले चरण के चुनाव में दक्षिणपंथियो की बढ़त के बाद सार्वजनिक सम्पत्ति को जलाया था और पुलिस पर हमले किए थे। दूसरे चरण के बाद हिंसा किस समूह ने की है, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। चुनाव नतीजों के बाद अब फ्रांस में वामपंथी प्रधानमंत्री बनने के कयास लगाए जा रहे हैं। पहले से तीसरे स्थान पर पहुंची नेशनल रैली इसके पूर्व हुए पहले दौर के मतदान में एक तिहाई वोट के साथ जीत हासिल करने के बाद नेशनल रैली से संसदीय चुनाव में जीत की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन 7 जुलाई को हुए चुनाव के बाद एग्जिट पोल ने संकेत दिया कि न्यू पॉपुलर फ्रंट के बैनर तले वामपंथी दल 172 सीटें जीतेगा जबकि इमैनुएल मैक्रों की अगुवाई वाला एनसेंबल के 150 सीट जीतने का अनुमान लगाया गया। नेशनल रैली लगभग 132 के साथ तीसरे स्थान पर दिख रही थी।  

सुप्रीम कोर्ट सबसे बड़ा सवाल…नीट यूजी पेपर लीक मामले में सरकार ने अब तक क्या किया?अगली सुनवाई 11 जुलाई को

नई दिल्ली नीट पेपर लीक विवाद इन दिनों देश में बड़ा मुद्दा बना हुआ है. आज सुप्रीम कोर्ट में नीट पेपर लीक, री-एग्जाम और परीक्षा से जुड़ी अन्य अनियमितताओं पर सुनवाई हुई है. इस पीठ का नेतृत्व भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और दो अन्य न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा कर रहे थे. सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने सुनवाई के दौरान नीट परीक्षा और पेपर लीक के कई तथ्यों पर बात की है और कहा है कि याचिकाकर्ता की ओर से पेश सभी वकील इस बात पर अपनी दलीलें पेश करेंगे कि दोबारा परीक्षा क्यों होनी चाहिए और केंद्र तारीखों की पूरी सूची भी देगा. सीजेआई के अनुसार, अगली सुनवाई 11 जुलाई को होनी है. सुनवाई में सीजेआई ने क्या-क्या कहा? याचिकाकर्ताओं के वकील ने बहस शुरू करते हुए कहा 9 फरवरी को सभी कैंडिडेट्स ने नीट के लिए आवेदन किए थे. इसके बाद परीक्षा हुई और 4 जून को परिणाम सामने आए. वकील ने बताया कि 5 मई को परीक्षा आयोजित की गई थी और 4 मई को टेलिग्राम पर पेपर के प्रश्न और उत्तर वायरल हो रहे थे. इसपर सीजीआई ने सबसे पहले पूछा कि यह बताइए कि एनटीए ने एग्जाम की घोषणा कब की थी. बैंक से लीक हुए पेपर पर CJI ने पूछा आधार जब वकील ने बताया कि बैंक से पेपर आने में देरी हुई और इस दौरान लीक की घटना हुई है तो इसपर सीजेआई ने कहा कि ‘क्या इस बात को माना जाए कि पेपर लीक हुआ है?’ आपके मुताबिक परीक्षा की पूरी विश्वसनीयता खत्म हो गई है और दागी व बेदाग लोगों में अंतर करना संभव नहीं है. साथ ही पूछा कि इसका तथ्यात्मक आधार क्या है? पेपर लीक को लेकर क्या बोले CJI? सीजेआई ने कहा कि यदि परीक्षा की पवित्रता खत्म हो जाती है, तो दोबारा परीक्षा का आदेश देना होगा. यदि दागी और बेदाग को अलग करना संभव नहीं है, तो दोबारा परीक्षा का आदेश देना होगा. यदि लीक इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से हुआ है, तो यह जंगल में आग की तरह फैल सकता है और बड़े पैमाने पर लीक हो सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने पूरी प्रक्रिया में “रेड फ्लैग” की जांच के लिए एक समिति गठित करने का सुझाव दिया है. सीजेआई ने आगे कहा कि यह प्रतिकूल मुकदमा नहीं है, क्योंकि हम जो भी निर्णय लेंगे, वह छात्रों के जीवन को प्रभावित करेगा. 67 उम्मीदवारों ने 720/720 अंक प्राप्त किए थे, अनुपात बहुत कम था. दूसरा, केंद्रों में बदलाव, यदि कोई अहमदाबाद में पंजीकरण करता है और अचानक चला जाता है. हमें अनाज को भूसे से अलग करना होगा ताकि पुन: परीक्षण किया जा सके. हम NEET के पैटर्न को भी समझना चाहते हैं. गलत करने वालों का पता लगाया जाए सीजेआई ने आगे कहा कि सवाल यह है कि इसकी पहुंच कितनी व्यापक है? यह एक स्वीकार्य तथ्य है कि लीक हुआ है. हम केवल यह पूछ रहे हैं कि लीक से क्या फर्क हुआ है? हम 23 लाख छात्रों के जीवन से निपट रहे हैं. यह 23 लाख छात्रों की चिंता है जिन्होंने परीक्षा की तैयारी की है, कई ने पेपर देने के लिए काफी ट्रैवल भी किया है. इसमें खर्चा भी हुआ है. इसके बाद सीजेआई ने वकीलों ने पूछा लीक के कारण कितने छात्रों के परिणाम रोके गए हैं? छात्र कहां हैं? 23 जून को 1563 छात्रों की दोबारा परीक्षा हो चुकी है. क्या हम अभी भी गलत काम करने वालों की तलाश कर रहे हैं. क्या हम छात्रों का पता लगा पा रहे हैं? इसमें बहुत से छात्र शामिल हैं. परीक्षा रद्द करना अंतिम उपाय तब ही होगा जब जांच में सामने आएगा कि लीक कैसे और कहां से हुआ है. सीजेआई ने सरकार से किया सवाल CJI ने पूछा कि हमारी साइबर फोरेंसिक टीम के पास किस तरह की टेक्नोलॉजी है. क्या हम सभी संदिग्ध का एक डेटा तैयार नहीं कर सकते. इस परीक्षा में जो हुआ और हम जो कदम उठा रहे हैं उससे आगे पेपर लीक नहीं होना चाहिए. क्या इस मामले में किसी एक्सपर्ट को शामिल कर सकते है? इस मामले में सेल्फ डिनायल सही नहीं होगा. CJI ने पूछा कि हमें ये बात भी देखनी है कि भविष्य में इस तरह की बात न हो. उसको लेकर क्या किया जा सकता है. हम इस प्रतिष्ठित परीक्षा की बात कर रहे हैं. मिडिल क्लास परिवार के अभिभावक बच्चे मेडिकल में जाने के लिए लालायित रहते हैं. CJI ने कहा कि हम सरकार से ये जानना चाहते हैं कि सरकार ने इस मामले में क्या किया है? 100 फीसदी अंक 67 छात्रों को मिले हैं. हमें इस बात को समझना होगा कि मार्क देने का तरीका क्या है. 11 जुलाई को होगी अगली सुनवाई क्या हम इस डेटा को साइबर फोरेंसिक विभाग में डेटा एनालिटिक्स यूनिट में डालकर पता लगा सकते हैं, क्योंकि हमें यह पहचानना है कि क्या पूरी परीक्षा प्रभावित हुई है, क्या गलती करने वालों की पहचान करना संभव है, ऐसी स्थिति में केवल उन्हीं छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा का आदेश दिया जा सकता है. आखिर में सीजेआई ने कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से पेश सभी वकील इस बात पर अपनी दलीलें पेश करेंगे कि दोबारा परीक्षा क्यों होनी चाहिए और केंद्र तारीखों की पूरी सूची भी देगा और हम इस मामले को बुधवार को सुन सकते हैं. सीबीआई भी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर सकती है.

सांसद महुआ मोइत्रा फिर नई मुसीबत में फंसती दिख रही, क्या सांसदी फिर जाएगी

नई दिल्ली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा फिर नई मुसीबत में फंसती दिख रही हैं. उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. ये केस राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा पर अभद्र टिप्पणी को लेकर दर्ज किया गया है.  भारतीय न्याय संहिता के तहत दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की ये पहली एफआईआर है. राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से दिल्ली पुलिस कमिश्नर के सामने महुआ मोइत्रा के खिलाफ शिकायत दी गई थी. इसी आधार पर स्पेशल सेल ने केस दर्ज किया है. क्या है मामला? दो जुलाई को यूपी के हाथरस में सत्संग के बाद भगदड़ मची थी. इस भगदड़ में 120 से ज्यादा मौतें हुई थीं. मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं थीं. चार जुलाई को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा हाथरस गई थीं. इस दौरान एक शख्स पीछे छाता लेकर चल रहा था. इसका वीडियो सामने आया, जिस पर महुआ मोइत्रा ने अभद्र टिप्पणी की थी. हालांकि, बाद में महुआ ने इसे डिलीट कर दिया था. इस पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया. महिला आयोग ने अपनी शिकायत में कहा कि महुआ की टिप्पणी बेहद अपमानजनक हैं और महिलाओं के सम्मान के साथ जीने के अधिकार का सरासर उल्लंघन है. महिला आयोग ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है. इसके अलावा, तीन दिन के भीतर एक्शन रिपोर्ट भी मांगी है. एफआईआर में कौनसी धारा? महिला आयोग ने आरोप लगाया था कि महुआ मोइत्रा की टिप्पणी न सिर्फ अपमानजनक है, बल्कि एक महिला के गरिमा के अधिकार का उल्लंघन भी है. महिला आयोग ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79 के तहत केस दर्ज करने की मांग की थी. महिला आयोग की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 79 के तहत केस दर्ज किया है. X पर महिला आयोग की पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए महुआ ने लिखा, ‘दिल्ली पुलिस इस स्वतः संज्ञान आदेश पर तुरंत कार्रवाई करें. अगर आपको अगले तीन दिन में तुरंत गिरफ्तारी के लिए मेरी जरूरत हो तो मैं नादिया में हूं.’ महुआ ने महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा पर तंज कसते हुए भी लिखा, ‘मैं अपना छाता खुद पकड़ सकती हूं.’ कितनी सजा हो सकती है? भारतीय न्याय संहिता की धारा 79 कहती है कि जो कोई भी महिला की गरिमा को अपमानित करने के इरादे से कुछ बोलता है, कुछ आवाज निकालता है, कुछ इशारे करता है या फिर कुछ भी ऐसा करता है जिससे महिला की निजता में दखल होता है तो दोषी पाए जाने पर जेल की सजा होगी, जिसे तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है. इसके साथ ही ऐसे मामले में दोषी पाए जाने पर जुर्माने की सजा का भी प्रावधान है. तो क्या चली जाएगी सदस्यता? कानूनन अगर किसी सांसद या विधायक को किसी आपराधिक मामले में दो साल या उससे ज्यादा की सजा होती है तो तत्काल उसकी सदस्यता रद्द कर दी जाएगी. 1951 में आए जनप्रतिनिधि कानून की धारा 8(3) में लिखा है कि अगर किसी सांसद या विधायक को दो साल या उससे ज्यादा की सजा होती है तो तत्काल उसकी सदस्यता चली जाएगी. इसके अलावा, सजा पूरी होने के बाद अगले छह साल तक चुनाव लड़ने पर भी रोक लग जाती है. जुलाई 2010 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर किसी मौजूदा सांसद या विधायक को दोषी ठहराया जाता है तो जनप्रतिनिधि कानून की धारा 8(1), 8(2) और 8(3) के तहत वो अयोग्य हो जाएगा. ऐसे में अगर इस मामले में महुआ मोइत्रा को दो साल या उससे ज्यादा की सजा होती है तो उनकी लोकसभा की सदस्यता चली जाएगी. पिछले साल चली गई थी सदस्यता टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पिछले साल ‘कैश फॉर क्वेरी’ मामले में फंस गई थीं. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने उनपर रिश्वत लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप लगाया था. महुआ मोइत्रा पर आरोप लगा था कि उन्होंने कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत लेकर संसद में सवाल पूछे थे. ये भी आरोप था कि उन्होंने हीरानंदानी और हीरानंदानी ग्रुप को लोकसभा वेबसाइट के लिए अपने लॉगइन क्रेडेंशियल दिए थे, ताकि वो इसका इस्तेमाल अपने निजी फायदे के लिए कर सकें. महुआ ने हीरानंदानी को पासवर्ड देने की बात मानी थी. उन्होंने कहा था कि उन्होंने हीरानंदानी को पासवर्ड इसलिए दिया था, ताकि उनके ऑफिस से कोई सवाल टाइप और अपलोड कर दे. उन्होंने कहा था कि कोई भी उनकी जानकारी के बगैर सवाल नहीं डाल सकता था. हालांकि, लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने महुआ को दोषी मानते हुए सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की थी. इसके बाद 8 दिसंबर 2023 को उनकी लोकसभा की सदस्यता रद्द कर दी गई थी.  

पहले चरण में छत्तीसगढ़ी, सरगुजिहा, हल्बी, सादरी, गोंडी और कुडुख में कोर्स होंगे तैयार

छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में स्थानीय बोली में प्रारंभिक शिक्षा जल्द नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत आदिवासी समुदायों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने महत्वपूर्ण कदम 18 स्थानीय भाषाओं-बोलियों में स्कूली बच्चों की पुस्तकें की जा रही तैयार पहले चरण में छत्तीसगढ़ी, सरगुजिहा, हल्बी, सादरी, गोंडी और कुडुख में कोर्स होंगे तैयार रायपुर छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों के बच्चे स्थानीय बोली व भाषा में जल्द ही पढ़ाई कर सकेंगे। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए विष्णुदेव सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत सरकार आदिवासी अंचलों में बच्चों को उनकी स्थानीय बोली और भाषा में शिक्षा देने की पहल शुरू कर रही है। इसका उद्देश्य आदिवासी समुदायों में शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता को बढ़ाना है, जिससे बच्चे अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त कर सकें और अपनी संस्कृति से जुड़े रहें। बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने और उन्हें स्कूल में नामांकन के लिए प्रेरित करने के लिए नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में शाला प्रवेशोत्सव मनाया जाता है। इस बार राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के दूरस्थ आदिवासी जिले जशपुर के बगिया गांव में किया गया। राजधानी रायपुर से हटाकर इस आदिवासी बहुल क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम ने राज्य के सुदूर कोने तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्थानीय भाषाओं में प्रारंभिक शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा इससे बच्चों की समझ और सीखने की प्रक्रिया में सुधार होगा। वहीं, यह पहल स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में भी मददगार होगी। इस पहल के तहत पाठ्यपुस्तकों और शिक्षण सामग्री को स्थानीय बोलियों में अनुवादित किया जाएगा और शिक्षकों को भी इन भाषाओं में प्रशिक्षित किया जाएगा। स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 18 स्थानीय भाषाओं-बोलियों में स्कूली बच्चों की पुस्तकें तैयार की जा रही हैं। पहले चरण में छत्तीसगढ़ी, सरगुजिहा, हल्बी, सादरी, गोंडी और कुडुख में कोर्स तैयार होंगे। इसके लिए प्रदेशभर के साहित्यकारों, लोक कलाकारों,  संकलनकर्ताओं की मदद ली जाएगी। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिक और शिक्षकों से भी सहयोग लिया जाएगा। हाई स्कूल बगिया के प्रधानाचार्य दिनेश शर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा आदिवासी बच्चों में प्रतिभाएँ होती हैं। स्थानीय बोली में शिक्षा से आदिवासी अंचलों के ज्यादा से ज्यादा बच्चों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने जशपुर के सरकारी स्कूल के अटल टिंकरिंग लैब में रोबोटिक्स मॉडल विकसित करने वाले छात्रों के साथ बातचीत करते हुए छात्रों के साथ मिट्टी के बर्तन बनाकर प्रीवोकेशनल गतिविधियों में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने सरकारी स्कूलों में हर साल ग्रीष्मकालीन शिविर आयोजित किए जाने की भी घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए राज्य सरकार इस साल से दो बोर्ड परीक्षाएं आयोजित होंगी। वहीं, मुख्यमंत्री ने बताया पीएमके तहत राज्य में प्रथम चरण में 211 स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

बाजारों में लाल टमाटर की कीमतों में गजब की तेजी, धनिया और मिर्च भी 200 से 300 रुपए किलो

भोपाल  मध्य प्रदेश के बाजारों में लाल टमाटर की कीमतों में गजब की तेजी देखी जा रही है। भोपाल में सब्जियों की बढ़ती कीमतें चर्चा का विषय बन गई हैं। बाजार में लाल टमाटर 100 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। इसके साथ साथ धनिया और मिर्च भी 200 से 300 रुपए किलो बिक रहे हैं। वहीं दूसरी ओर आलू और प्याज की कीमतें 40 और 50 रुपए प्रति किलो पर रूक गई हैं। टमाटर की बढ़ती कीमतों के बारे में पूछे जाने पर बिट्टन मार्केट सब्जी व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष हरिओम खटीक ने कहा कि यह एक आम बात है। इस मौसम में प्रदेश में टमाटर की फसल खत्म हो जाती हैं। बाजार दूसरे राज्यों से आने वाले टमाटर पर ही निर्भर रहता है। यह नाजुक होता है जिससे जल्दी खराब हो जाता है। इसलिए व्यापारी भी टमाटर को आयात करने में सावधानी बरत रहे हैं। इस मौसम में यह समय से नहीं बिक पाया तो सड़कर खराब हो सकता है। एक जगह से दूसरे जगह लाते जाते समय में भी इनके खराब होने का खतरा है। जिससे व्यापारियों को नुकसान हो सकता है। इसलिए वे कम मात्रा में टमाटर आयात करते हैं और कीमतें बढ़ जाती हैं। मंहगाई से आम लोगों को परेशानी वहीं दूध, दाल और दूसरी जरूरी चीजों की कीमतों में बढ़त ने पहले से ही आम लोगों को परेशान कर रखा है। अब टमाटर, धनिया, मिर्च, आलू और प्याज की कीमतों में उछाल ने उन्हे और परेशान कर दिया है। इन सब्जियों का उपयोग गरीब हो या अमीर हर घर में होता है। बारिश के मौसम में सब्जियों की कीमतें बढ़ती हैं। पर इस बार बाकी सब्जियों पर भी मंहगाई का ज़्यादा असर होने वाला है, क्योंकि आलू और प्याज़ की कीमतें कुछ महीने पहले से ही बढ़नी शुरू हो गई थीं। सब्जियों की कीमतें आसमान पर इस पर एक टीचर राखी ने बात करते हुए कहा कि मुझे पता चला है कि सरकार ने आलू और प्याज़ की कीमतों को स्थिर करने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। वे अब कुछ दिनों से स्थिर हैं, लेकिन टमाटर की कीमतें बहुत तेज़ी से बढ़ रही हैं। बाकी सब्जियां भी चाहे वह करेला हो या शिमला मिर्च, 80 रुपए किलोग्राम या उससे ज़्यादा ही बिक रही हैं। जब त्रिलंगा में एक दुकानदार से सब्ज़ियां खरीदते हुए एक युवक ने कहा कि सब्जियां बहुत महंगी हैं, तो उसने ने हां में सिर हिलाया। फिर युवक ने थोड़ी बहुत सब्जियां खरीदी। इसके बाद युवक ने मुफ़्त में कुछ हरी मिर्च और धनिया मांगा तो दुकानदार ने साफ कहा कि मिर्च 200 रुपये और धनिया 300 रुपये किलो है, मुफ़्त में कहां से देंगे। कब होगी गिरावट खटीक से जब पूछा गया कि सब्जियों की कीमतों में कब गिरावट शुरू होगी। इस बात पर उन्होंने कहा कि इसमें समय लगेगा। सब्जियों की कीमतें गर्मी और बरसात दोनों मौसम में ऊंची रहती हैं। अगर भारी बारिश होती है तो कीमतें और भी बढ़ सकती हैं। अभी तक सब्जियों की कीमतों में कमी आने की कोई संभावना नहीं दिखती है।

नेपाल का पानी यूपी में मचाएगा तबाही, प्रदेश के दो जिले बाढ़ की चपेट में, श्रावस्ती से 11 और कुशीनगर से 76 लोगों को किया गया रेस्क्यू

 कुशीनगर  उत्तर प्रदेश में मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने के बीच नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है और कुशीनगर, बलरामपुर तथा श्रावस्ती जिलों के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है. राज्य सरकार की ओर से रविवार को यहां जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि नेपाल में मूसलाधार बारिश के बाद अचानक पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण श्रावस्ती और कुशीनगर में बाढ़ में फंसे 87 लोगों को राहत अभियान चलाकर सुरक्षित निकाला गया है. सीएम ने दिए ये निर्देश बयान के अनुसार श्रावस्ती जिले में बाढ़ में फंसे 11 और कुशीनगर जिले के 76 लोगों को बाहर निकाला गया है. मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों में मुस्तैदी बढ़ाने के आदेश के बाद अधिकारियों ने राहत अभियान चलाकर लोगों की जान बचायी. श्रावस्ती जिले में 18 गांव के करीब 400 ग्रामीणों को बाढ़ को देखते हुए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया जबकि कुशीनगर में बचाव अभियान के दौरान फंसे हुए मवेशियों को भी सुरक्षित निकाला गया. योगी ने जिलाधिकारियों को 24 घंटे के भीतर क्षतिग्रस्त फसल की सर्वेक्षण रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिये और प्रशासन स्तर के अधिकारियों को सर्वेक्षण रिपोर्ट मिलते ही मुआवजा प्रदान करने को कहा है. नेपाल से अचानक छोड़े गए पानी में 11 लोगों के फंसे होने की सूचना राहत आयुक्त जी एस नवीन ने बताया कि शनिवार रात करीब आठ बजे राज्य स्तरीय आपातकालीन अभियान केंद्र को श्रावस्ती के तहसील जमुनहा की ग्राम पंचायत गजोभरी के ग्राम मोहनपुर भरथा एवं केवटन पुरवा में नेपाल से अचानक छोड़े गए पानी में 11 लोगों के फंसे होने की सूचना मिली, जिसमें तीन बच्चे, पांच महिलाएं और तीन पुरुष शामिल थे. सूचना मिलते ही तत्काल श्रावस्ती के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी को इस संबंध में जानकारी दी गयी. इसके बाद लगभग आठ घंटे की कड़ी मेहनत के बाद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और सभी का चिकित्सकों की टीम द्वारा प्राथमिक उपचार भी कराया गया. साथ ही सभी पीड़ितों को राप्ती बैराज स्थित गेस्ट हाउस में पहुंचाया गया. वहीं, रविवार को बाढ़ से प्रभावित श्रावस्ती जिले के 18 गांवों के करीब चार सौ लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है, जहां पर उन्हें पौष्टिक भोजन के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं. राहत आयुक्त ने बताया कि शनिवार रात करीब आठ बजे राज्य स्तरीय आपातकालीन अभियान केंद्र को नेपाल में मूसलाधार बारिश के बाद देवघाट बैराज से 5,71,850 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना मिलने पर कुशीनगर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को बड़ी गंडक में बाल्मीकि नगर बैराज द्वारा तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की संभावना पर तहसील खड्डा के गांवों के प्रभावित होने की तत्काल जानकारी दी गयी. इसके बाद प्रशासन ने तहसील खड्डा के प्रभावित 13 गांवों का निरीक्षण किया और राहत अभियान चलाकर कड़ी मशक्कत के बाद 76 लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. इस दौरान टीम ने 20 मवेशियों को भी सुरक्षित बचाया. इसके पहले, राहत आयुक्त कार्यालय से जारी रिपोर्ट में कहा गया कि कुशीनगर में गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है और खड्डा तहसील के 13 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. रिपोर्ट के अनुसार बाढ़ की वजह से जिले के नारायणपुर के एक टापू पर 66 लोग फंस गए थे जिनमें से अब तक 62 लोगों को निकाला जा चुका है बाकी को निकालने का काम जारी है. श्रावस्ती में 18 गांव प्रभावित राप्ती नदी श्रावस्ती में खतरे के निशान को पार कर गई है. यहां 18 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. बाढ़ प्रभावित इलाकों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक और पीएसी की दो टीम तैनात हैं. जिले में 19 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं और राप्ती बैराज पर लगातार निगरानी की जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक श्रावस्ती जिले में शनिवार रात बाढ़ के पानी से घिरीं 12 श्रमिक महिलाओं और उनके बच्चों को बचाने के लिए अभियान चलाया गया और उन सभी को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया. तड़के करीब तीन बजे यह अभियान संपन्न हुआ. रिपोर्ट के अनुसार बलरामपुर में भी बाढ़ की स्थिति है. यहां भी राप्ती नदी खतरे के निशान को पार कर गई है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत के लिए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और बाढ़ पीएसी की एक-एक टीम तैनात हैं. इसके अलावा 32 चिकित्सा दल भी गठित किए गए हैं. बस्ती में भी बारिश के आसार उत्तर प्रदेश के पूर्वी इलाकों में मानसून जोर पकड़ चुका है और इन इलाकों के विभिन्न जिलों में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है. आंचलिक मौसम केंद्र लखनऊ की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के गोरखपुर, बहराइच, गोंडा, बस्ती, संत कबीर नगर, महराजगंज, बलरामपुर, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी तथा उसके आसपास के जिलों में रविवार को भी भारी बारिश होने का अनुमान है.

महतारी वन्दन:रुपया हजार,खुशियां अपार बाजार में रौनक,महिलाओं में उत्साह और घर परिवार में खुशियां बिखेर रही है यह योजना

रायपुर यह महतारी वंदन योजना है। एक ऐसी योजना ,जिसमें सुनहरे भविष्य की उम्मीद और बेबस, लाचार महिलाओं के साथ-साथ अपने जरूरी खर्चों के लिए पैसों की मोहताज महिलाओं की खुशियां ही नहीं छिपी है, इन खुशियों के पीछे आर्थिक सशक्तिकरण का वह आधार भी है, जो कि महतारी वंदन जैसी योजना के बलबूते छत्तीसगढ़ की गरीब महिलाओं में आत्मनिर्भरता की नींव को शनैः-शनैः मजबूत करती जा रही है। महज चार महीनों में ही विष्णु सरकार की इस महतारी वंदन योजना ने छत्तीसगढ़ की न सिर्फ महिलाओं में अपितु घर-परिवार में भी खुशियों की वह मिठास घोल दी है, जिसका परिवर्तन उनके जीवनशैली में भी बखूबी नजर आने लगा है। आर्थिक रूप से सशक्तिकरण ने परिवार के बीच रिश्तों की गाँठ को और भी मजबूती से बाँधना शुरू कर दिया है। इस योजना से महिलाओं का सम्मान भी बढ़ा है।     छत्तीसगढ़ में  इस साल के 10 मार्च से महिलाओं के खाते में भेजी गई पहली किश्त एक हजार रुपए से आरंभ हुई छत्तीसगढ़ महतारी वंदन योजना का लाभ प्रदेश की लगभग 70 लाख 12 हजार से अधिक महिलाओं को मिल रहा है। साल में 12 हजार रुपये कोई छोटी रकम नहीं है..यह जरूरतमंद गरीब महिलाओं के लिए आर्थिक आधार भी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत चार महीनों से लगातार हर महीने के पहले सप्ताह में महिलाओं के बैंक खाते में इस योजना अंतर्गत एक हजार की राशि ऑनलाइन माध्यम से अंतरित करते हैं। मुख्यमंत्री के बटन दबाते ही महिलाओं के खाते में पहुँचने वाली यह राशि प्रदेश की लाखों महिलाओं की खुशियों का पर्याय बन जाती है। पहले कुछ रुपयों के लिए मोहताज महिलाओं को एक हजार की राशि मिलने पर उनकी अपनी छोटी-छोटी जरूरतों का सपना भी पूरा होता है। इस राशि का उपयोग वह सिर्फ अपने ही लिए नहीं करती…घर के राशन से लेकर अचानक से पति को कुछ रुपयों की पड़ी आवश्यकता, बच्चों के लिए कुछ जरूरी सामान, नाती-नतनी की खुशियों के ख़ातिर स्नेहपूर्वक उन्हें उनकी जरूरतों का उपहार देने में भी करती हैं। महिलाओं को हर महीने इस राशि का बेसब्री से इंतजार रहता है। ऐसी ही इस योजना की हितग्राही मीरा बाई हैं। पति शारिरिक रूप से असमर्थ है।  किसी तरह मजदूरी कर घर के खर्चों को पूरा करती है। तीन बच्चे हैं और वे स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। स्कूल खुलते ही अपने बच्चों  के लिए आई जरूरतों को पूरा करने के साथ घर की जरूरतों में भी महतारी वंदन योजना की राशि का उपयोग करती हैं। उन्होंने बताया कि घर के प्रति उनकी जिम्मेदारी है और हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि उनके लिए एक बहुत बड़ा योगदान है। इस राशि से ऐन वक्त पर बच्चों और पति को आई जरूरतों को भी पूरा कर पाती हैं। गाँव में रहने वाली सविता बाई के पति खेतों में काम करते हैं। बारिश में चाय की चुस्कियां लेती सविता बाई ने महतारी वंदन न्याय योजना का नाम आते ही चेहरे पर मुस्कान लाकर इस योजना से मिल रही खुशियों को प्रकट किया। उन्होंने कहा कि गाँव की महिलाओं के लिए एक हजार की राशि एक बड़ी राशि होती है। उन्होंने बताया कि महिलाओं की आदत होती है कि दो-चार-पाँच रुपए बचा कर सौ-दो सौ जोड़ लें। यहां तो एक हजार रुपए मिल रहे हैं ऐसे में उनकी जरूरतों के लिए यह रकम कठिन समय में संजीवनी की तरह साबित हो रही है। बच्चों के लिए भी वह इस राशि को खर्च कर पाती है। उन्होंने बताया कि पैसा खाते में आने के बाद छोटी जरूरतों के लिए पति से अनावश्यक पैसा मांगना भी नहीं पड़ता। वनांचल में रहने वाली श्रीमती बुधवारों बाई राठिया  गाँव के हाट बाजार पहुँची थीं। अपने नाती आशीष को लेकर आईं बुधवारो बाई ने बाजार में नाती को न सिर्फ उनके पसंद का मिष्ठान खिलाया अपितु अन्य नाती-नतनिनों के लिए बाजार से मिष्ठान लिया और उनका नाती आशीष बारिश में नंगे पैर न घूमे इसे ध्यान रखते हुए महतारी वंदन योजना की राशि से स्नेहपूर्वक चप्पलें भी खरीदी। उन्होंने बताया कि उनका जो कुछ है उनके बेटे और नाती-नतनी ही हैं और बहुत ही खुशी मिलती है कि वृद्धावस्था में वह अपने नाती-नतनियों की कुछ जरूरतों को पूरा कर पाती हैं। यह सब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनकी सरकार की बदौलत ही हो पाया है। उन्होंने हमारे संघर्षमय जीवन में खुशियों की मिठास घोल दी है।।।

प्रदेश के सोलह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट,दो सिस्टम एक्टिव, जानें अपने शहर के मौसम का हाल

भोपाल  मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। प्रदेश के कई हिस्सों में जलभराव से नदी नाले उफान पर है, जिससे जल भराव जैसी स्थिति निर्मित हो गई है। प्रदेश से द्रोणिका गुजरने के साथ ही तीन अलग-अलग वेदर सिस्टम एक्टिव हैं। जिसके चलते भोपाल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर सहित इंदौर संभाग के कई जिलों में मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में अलर्ट जारी किया है। मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल में लगातार चौथे दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल में देर रात से झमाझम बारिश का दौर जारी है। इंदौर संभाग के जिलों के साथ छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सागर, शाजापुर, राजगढ़, निवाड़ी और सिवनी में भी तेज वर्षा हो सकती है। नॉर्थ-ईस्ट राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन है। एक अन्य साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव है। इस वजह से ज्यादातर जिलों में तेज बारिश हो रही है, जो आगे भी जारी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, शिवपुरी, श्योपुर कलां, ग्वालियर, गुना, अशोकनगर, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर जिले में बिजली के साथ भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है। इंदौर, धार, सीहोर, देवास, शाजापुर, रायसेन, विदिशा, मुरैना, दतिया, सागर, दमोह, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और डिंडोरी में मध्यम गरज के साथ बारिश हो सकती है। वहीं बुरहानपुर, राजगढ़, खंडवा, हरदा, खरगोन, नर्मदापुरम, झाबुआ, उज्जैन, अलीराजपुर, बड़वानी, आगर मालवा, भिंड, भोपाल, बैतूल, सिवनी, छिंदवाड़ा, छतरपुर, पन्ना सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज में हल्की गरज के साथ वर्षा हो सकती है। सिवनी में ढाई इंच बारिश, सतना-खजुराहो में भी गिरा पानी इससे पहले रविवार को भी मध्यप्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहा। सिवनी में ढाई इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना में 1.7 इंच और खजुराहो में 1.3 इंच बारिश हुई। छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, नौगांव, बालाघाट जिले के मलाजखंड, बैतूल, धार, गुना, खरगोन समेत कई जिलों में बारिश हुई। बारिश की वजह से सिवनी में टेम्प्रेचर सबसे कम 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी, मलाजखंड और खंडवा में भी पारा 30 डिग्री से कम रहा। इस बार एमपी में ऐसे पहुंचा मानसून     21 जून को 6 जिले- पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी और अनूपपुर में सबसे पहले मानसून पहुंचा।     23 जून को 26 जिले- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, सीहोर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, सीधी, सिंगरौली में मानसून एंटर हुआ।     25 जून को 17 जिले- झाबुआ, रतलाम, नीमच, मंदसौर, आगर, शाजापुर, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा और मऊगंज जिलों में मानसून आया।     27 जून को 6 जिले- ग्वालियर, श्योपुरकलां, भिंड, मुरैना, दतिया और निवाड़ी में मानसून पहुंचा।

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