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नीट मामला: छात्रों को परीक्षा में फिर से बैठने या बगैर ग्रेस मा‌र्क्स के अपने मूल अंक को स्वीकार करने का विकल्प दिया गया : धर्मेंद्र प्रधान

Finance Minister presents budget amid opposition walkout, government will spend Rs 3.65 lakh crore

नई दिल्ली मेडिकल में दाखिले से जुड़ी परीक्षा नीट-यूजी में बढ़े रजिस्ट्रेशन और स्कोर पर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि यह बढ़ोत्तरी परीक्षा से जुड़े सुधारों के चलते आया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा का आयोजन 13 भारतीय भाषाओं में कराने, मेडिकल की पढ़ाई हिंदी माध्यम में भी कराने, परीक्षा के पाठ्यक्रम को छोटा रखने व राज्यों के शिक्षा बोर्ड के साथ प्रश्नों को लेकर तालमेल स्थापित करना इसकी बड़ी वजह है। प्रधान ने जल्द ही इसके आंकड़े भी जारी की बात कही। केंद्रीय मंत्री प्रधान ने कहा कि इस परीक्षा के लिए देश भर के 24 लाख बच्चों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें से 23 लाख बच्चों ने परीक्षा दी। यह परीक्षा 4750 केंद्रों पर आयोजित की थी। इनमें 14 परीक्षा केंद्र देश के बाहर भी थे। इनमें से छह परीक्षा केंद्रों पर गलत पेपर बंटने से छात्रों को कम समय मिलने का मामला था, जिन्हें इस नुकसान की भरपाई के लिए कमेटी के सुझाव पर ग्रेस मा‌र्क्स दिए गए थे, लेकिन उस पर उठे सवालों के बाद ग्रेस मा‌र्क्स देने का फैसला अब वापस ले लिया गया है। कोर्ट के निर्देशों का पालन करेंगे प्रधान ने कहा कि ऐसे छात्रों को परीक्षा में फिर से बैठने या बगैर ग्रेस मा‌र्क्स के अपने मूल अंक को स्वीकार करने का विकल्प दिया गया है। ऐसे में यह विवाद अब खत्म हो गया है। दूसरा विषय एक-दो परीक्षा केंद्रों पर पेपर लीक होने का है। जिसका विषय सुप्रीम कोर्ट के सामने है। कोर्ट जो भी निर्देश देगा, वह उसका पालन करेंगे। गड़बड़ी करने वालों को बख्शेंगे नहीं प्रधान ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वह परीक्षा को फुलप्रूफ बनाने की दिशा में काम कर रहे है। इस परीक्षा में अब तक जिस तरह की गड़बड़ी की बात सामने आयी है, वह इसकी जांच करा रहे है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्हें कतई छोड़ेंगे नहीं। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की जवाबदेही तय करने की भी बात कहीं और कहा कि चाहे गलत पेपर खुलने का मामला हो या दूसरी कोई भी गड़बडी, जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में परीक्षा केंद्रों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। कांग्रेस की ओर से नीट-यूजी मामले को संसद में उठाने के सवाल पर प्रधान ने कहा कि वह इस मामले में जिस तरह से भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे है। उसका जवाब उन्हें संसद में देंगे। प्रदर्शनकारी छात्रों से की मुलाकात नीट-यूजी में गड़बड़ी को लेकर छात्रों के देश भर में चल रहे प्रदर्शन के बीच छात्रों और अभिभावकों के एक वर्ग ने शुक्रवार को शास्त्री भवन पहुंचकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। प्रधान ने इस दौरान इनकी बातों को ध्यान सुना। साथ ही उन्हें आश्वासन दिया कि उनके साथ किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। इस दौरान छात्रों ने उनके सामने भी पूरी परीक्षा को फिर से कराने की मांग दोहरायी।

केजरीवाल सरकार में मंत्री रहे राजकुमार आनंद की विधानसभा सदस्‍यता हुई अयोग्‍य

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व समाज कल्याण मंत्री राजकुमार आनंद को दिल्ली विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इसकी पुष्टि शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने स्वयं की। आनंद को फोन करने पर कोई जवाब नहीं मिला। BSP में शामिल होने के लिए दिया था मंत्री पद से इस्तीफा आनंद ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) में शामिल होने के लिए अप्रैल में आम आदमी पार्टी (AAP) और दिल्ली सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। गाेयल के मुताबिक, “उन्हें दिए गए नोटिस का जवाब देने के लिए 10 जून की तारीख दी गई थी लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। नोटिस का नहीं दे रहे थे जवाब, इसलिए स्पीकर ने की कार्रवाई उसी नोटिस में उन्हें 11 जून को व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होने के लिए कहा गया था लेकिन वह उपस्थित भी नहीं हुए। इसके बाद उन्हें एक और मौका दिया गया था 14 जून को उपस्थित रहने के लिए लेकिन वह नहीं आए। इसलिए दिल्ली विधानसभा से उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई है।’ आनंद 2020 के चुनाव में पटेल नगर आरक्षित विधानसभा क्षेत्र से चुने गए थे। आनंद ने पार्टी में संगठनात्मक नियुक्तियों में भ्रष्टाचार के साथ-साथ दलित नेताओं और स्वयंसेवकों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए आप छोड़ दी थी।

जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की, लगाया गले

इटली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इटली के अपुलिया क्षेत्र में जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से बातचीत की। पता चला है कि जेलेंस्की ने मोदी को रूस-यूक्रेन संघर्ष के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी। मोदी ने पिछले साल मई में हिरोशिमा में जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर जेलेंस्की से मुलाकात की थी। भारत का कहना है कि यूक्रेन में संघर्ष को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। ऋषि सुनक और इमैनुएल मैक्रों के साथ मुलाकात इससे पहले पीएम मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन से इतर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के साथ द्विपक्षीय बैठक की। प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रमुख वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने के अलावा दोनों देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करने सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इटली के अपुलिया में हैं। सार्थक चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं- मोदी यहां पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह विश्व नेताओं के साथ सार्थक चर्चा करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनका लक्ष्य वैश्विक चुनौतियों का समाधान करना और उज्जवल भविष्य के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सुनक की पिछली मुलाकात 9 सितंबर, 2023 को नई दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। अक्टूबर 2022 में प्रधानमंत्री बनने के बाद प्रधानमंत्री सुनक की यह पहली भारत यात्रा थी। विशेष रूप से, भारत एक आउटरीच देश के रूप में शिखर सम्मेलन में भाग ले रहा है। यह शिखर सम्मेलन 13-15 जून तक इटली के अपुलिया क्षेत्र में शानदार बोर्गो एग्नाज़िया रिसॉर्ट में हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। गुरुवार देर रात (स्थानीय समय) अपुलिया के ब्रिंडिसि हवाई अड्डे पर जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी उतरे, इटली में भारत की राजदूत वाणी राव और अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए पदभार संभालने के बाद यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली विदेश यात्रा है।  

देश में 15 महीने में सबसे ज्यादा बढ़ी थोक महंगाई, मई में 1.26% से बढ़कर 2.61% पर पहुंचा

Stampede breaks out in Bhole Baba Satsang

नईदिल्ली आज 14 जून को वाणिज्य एवं सांख्यिकी मंत्रालय (Ministry of Commerce & Industry) ने मई के थोक महंगाई (WPI) के आंकड़े जारी कर दिए हैं. थोक मुद्रास्फीति अप्रैल महीने में 1.26% के मुकाबले मई महीने में थोक महंगाई दर 2.61% रही. आंकड़े बताते हैं कि थोक महंगाई 15 महीने में सबसे ज्‍यादा बढ़ी है. बता दें कि थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति अप्रैल में 1.26 प्रतिशत थी. वहीं मई 2023 में यह शून्य से नीचे 3.61 प्रतिशत रही थी. देखें क्‍या कहते हैं आंकड़े     मई में होलसेल महंगाई दर 2.61%     होलसेल महंगाई दर 2.61% (2.70% का अनुमान)     होलसेल महंगाई दर 1.26% से बढ़कर 2.61% (MoM)     मई में होलसेल महंगाई दर 15 महीने के ऊपरी स्तर पर)     WPI खाद्य महंगाई दर 5.52% से बढ़कर 7.40% (MoM)     प्राइमरी आर्टिकल WPI 5.01% से बढ़कर 7.20% (MoM)     फ्यूल एंड पावर WPI 1.38% से घटकर 1.35% (MoM)     मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट WPI -0.42% से बढ़कर 0.78% (MoM)     मार्च संशोधित WPI 0.53% से घटकर 0.26% (MoM)     मई में कोर WPI -0.7% से बढ़कर 0.4% (MoM) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, ‘ मई 2024 में मुद्रास्फीति बढ़ने का मुख्य कारण क्रूड ऑयल, नेचुरल गैस, फूड प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रिसिटी आदि की मैन्युफैक्चरिंग की कीमतों में तेजी रही है. आंकड़ों के अनुसार, खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति मई में 9.82 प्रतिशत बढ़ी, जबकि अप्रैल में यह 7.74 प्रतिशत थी. मई में सब्जियों की महंगाई दर 32.42 प्रतिशत रही, जो अप्रैल में 23.60 प्रतिशत थी. प्याज की महंगाई दर 58.05 प्रतिशत, जबकि आलू की महंगाई दर 64.05 प्रतिशत रही. दालों की महंगाई दर मई में 21.95 प्रतिशत रही.  ईंधन व बिजली क्षेत्र में मुद्रास्फीति 1.35 प्रतिशत रही, जो अप्रैल के 1.38 प्रतिशत से मामूली कम है. विनिर्मित उत्पादों में मुद्रास्फीति 0.78 प्रतिशत रही, जो अप्रैल में शून्य से नीचे 0.42 प्रतिशत थी. थोक मूल्य सूचकांक में मई में वृद्धि महीने के खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों के विपरीत है. इस सप्ताह की शुरुआत में जारी आंकड़ों के अनुसार मई में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 4.75 प्रतिशत पर आ गई जो एक साल का सबसे निचला स्तर है. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मौद्रिक नीति तैयार करते समय मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति को ध्यान में रखता है. बता दें कि आरबीआई ने इस महीने की शुरुआत में लगातार आठवीं बार ब्याज दर को यथावत रखने का फैसला किया था. महंगाई कैसे मापी जाती है? भारत में दो तरह की महंगाई होती है। एक रिटेल, यानी खुदरा और दूसरी थोक महंगाई होती है। रिटेल महंगाई दर आम ग्राहकों की तरफ से दी जाने वाली कीमतों पर आधारित होती है। इसको कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) भी कहते हैं। वहीं, होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) का अर्थ उन कीमतों से होता है, जो थोक बाजार में एक कारोबारी दूसरे कारोबारी से वसूलता है। महंगाई मापने के लिए अलग-अलग आइटम्स को शामिल किया जाता है। जैसे थोक महंगाई में मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 63.75%, प्राइमरी आर्टिकल जैसे फूड 20.02% और फ्यूल एंड पावर 14.23% होती है। वहीं, रिटेल महंगाई में फूड और प्रोडक्ट की भागीदारी 45.86%, हाउसिंग की 10.07% और फ्यूल सहित अन्य आइटम्स की भी भागीदारी होती है। ईंधन और बिजली सूचकांक ईंधन और बिजली सूचकांक मई में 2.71 प्रतिशत घटकर 150.6 पर आ गया, जो अप्रैल में 154.8 था। खनिज तेल और कोयले की कीमतें अप्रैल के मुकाबले मई में अपरिवर्तित रहीं, लेकिन बिजली की कीमतों में मई में 11.67% की गिरावट आई।

मध्यप्रदेशमें जल्द दस्तक देगा मानसून! 39 जिलों में बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्यप्रदेश में 17-18 जून को मानसून की एंट्री हो सकती है। इससे पहले, प्रदेश में प्री-मानसून की एक्टिविटी है। कहीं तेज बारिश हो रही है, तो कहीं आकाशीय बिजली गिरने-चमकने या आंधी का दौर है। मौसम वैज्ञानिकों ने बता दिया है कि मानसून की गतिविधियां कब से मध्यप्रदेश में शुरू हो जाएंगी. मध्यप्रदेश में बीते कई दिनों से लोग 46 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गर्मी को झेल रहे हैं और अब सभी को मानसूनी बारिश का बेसब्री से इंतजार है. मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित 27 जिलों में प्री मानसून एक्टिविटी हो सकती हैं. इसका मतलब है कि इन 27 जिलों में से किसी भी जिले में अचानक तेज बारिश और आंधी आ सकती है, जिससे मौसम में ठंडक घुलेगी और गर्मी की तीव्रता कम हो सकेगी. आखिर मौसम में इस बदलाव की वजह क्या है? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय मध्यप्रदेश के आसपास एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस, ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है. इस वजह से आंधी-बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी हुई है.यह अगले कुछ दिनों तक कायम रहेगी. मौसम वैज्ञानिक बता रहे हैं कि मध्यप्रदेश में 18 जून तक मानसून के हर हाल में आ जाने की पूरी संभावना बनी हुई है और यह मध्यप्रदेश में उसके दक्षिणी इलाकों से प्रवेश कर सकता है. यानी बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी आदि शहरों में पहले मानसून की दस्तक हो जाएगी. मध्य प्रदेश में आज कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 39 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बेतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार,  उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगरमालवा, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट,पन्ना,दमोह,सागर और पांढुर्ना में गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है. वहीं सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना और मैहर में लू चलने की संभावना है. सबसे अधिक तापमान खजुराहो में मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी मौसम ऐसा ही रहने का अनुमान जताया है. बीते 24 घंटों में सबसे अधिक तापमान खजुराहो में 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान राजगढ़ में 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. 17-18 जून से मिल सकती है राहत केरल में एक दिन पहले दस्तक देने के बाद मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है. इससे राज्य में मानसून के समय पर पहुंचने की उम्मीद है. मौसम विभाग की ओर से बताया गया केरल में मानसून की एंट्री के बाद करीब 15 दिन में ये मध्य प्रदेश में एंट्री ले सकता है. ऐसे में 17- 18 जून तक प्रदेशवासियों को लू की लपटों और प्रचंड गर्मी से राहत मिल सकती है. 

संसद का मॉनसून सत्र 22 जुलाई से शुरू होगा , वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी पूर्ण बजट

 नई दिल्ली संसद के मानसूत्र सत्र की डेट लगभग फाइनल हो गई है. सूत्रों का कहना है कि मोदी सरकार 3.0 का मानसून सत्र 22 जुलाई से 9 अगस्त तक होगा.  मानसून सत्र के पहले दिन यानी 22 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार 3.0 का बजट पेश कर सकती हैं. हालांकि, अभी सरकार की तरफ से बजट की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 12 जून को लगातार तीसरी बार कार्यभार संभाला है. आने वाले समय में निर्मला सीतारमण एक नया रिकॉर्ड भी बनाने जा रही हैं. वे देश की पहली ऐसी वित्त मंत्री बन जाएंगी, जो लगातार सातवां बजट और लगातार छठा पूर्ण बजट पेश करेंगी. अभी तक उन्होंने 5 पूर्ण बजट और 1 अंतरिम बजट पेश किया है. फरवरी में पेश किया गया था अंतरिम बजट इससे पहले उन्होंने फरवरी में अंतरिम बजट पेश किया था. वित्त मंत्री का कहना था कि 2025-2026 तक राजकोषीय घाटा 5.1% रहने का अनुमान है. 44.90 लाख करोड़ रुपए का खर्च है और 30 लाख करोड़ का रेवेन्यू आने का अनुमान है. पहला संसद सत्र 24 जून से वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पूर्ण बजट अगले महीने नवगठित 18वीं लोकसभा में पेश किया जाना है. बुधवार को नए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि 18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून से शुरू होकर 3 जुलाई को समाप्त होगा. 9 दिवसीय विशेष सत्र के दौरान लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा और नए सांसद (एमपी) शपथ लेंगे. इस बीच, राज्यसभा का 264वां सत्र 27 जून से 3 जुलाई, 2024 तक चलेगा. यह लोकसभा चुनावों के बाद पहला संसद सत्र है. 27 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी. वे अगले पांच साल के लिए नई सरकार के रोडमैप की रूपरेखा पेश करेंगी. राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में अपने मंत्रिपरिषद का परिचय देंगे. सत्र के पहले तीन दिनों के दौरान नवनिर्वाचित सांसद शपथ लेंगे और लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव करेंगे. उसके बाद मानसूत्र सत्र आएगा और इसमें पूर्ण बजट पेश किए जाने की तैयारी चल रही है.

आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने अयोध्या के राम मंदिर को दी धमकी, अलर्ट जारी

अयोध्या अयोध्या के नवनिर्मित राम मंदिर को उड़ाने की एक बार फिर धमकी मिली है। इस बार धमकी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने दी है। इसका एक ऑडियो वायरल होने के बाद यूपी की योगी सरकार ने अलर्ट जारी कर दिया है। राम नगरी में तैनात सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया गया है। अलर्ट के बाद अयोध्या में रामकोट के सभी बैरियरों पर सघन चेकिंग अभियान के साथ जांच शुरू कर दी गई है। रामलला के दर्शन मार्ग पर भी श्रद्धालुओं की निगरानी बढ़ा दी गई है। बताया जाता है कि धमकी वाले ऑडियो में आमिर नामक जैश-ए-मोहम्मद आतंकी को कहते सुना जा रहा है कि हमारी मस्जिद को हटाकर मंदिर बनाया गया है। अब इसे बम से उड़ा दिया जाएगा। आतंकी कह रहा है कि हमारे तीन साथी कुर्बान हुए हैं और अब इस मंदिर को गिराना ही होगा। अलर्ट के साथ ही सुरक्षा एजेंसियां ऑडियो की जांच कर रही हैं। राज्य सरकार की तरफ से निर्देश के बाद केंद्र और प्रदेश सरकार की सभी एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की धमकी इससे पहले भी दो तीन बार मिल चुकी है। पिछले साल भी धमकी मिली थी। हालांकि तब फर्जी निकली थी। इससे पहले 2005 में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने यहां हमला भी किया था। अब एक बार फिर जैश-ए-मोहम्मद के नाम से अयोध्या में आतंकी हमले का ऑडियो वायरल हुआ तो सतर्कता तत्काल बढ़ा दी गई है। अलर्ट के बाद अयोध्या में सतर्कता बढ़ा दी गई है। मंदिर परिसर और आसपास के साथ ही बैरिकेडिंग आदि पर चेकिंग भी बढ़ाई गई है। रामपथ के साथ यहां जगह जगह मौजूद श्रद्धालुओं पर निगरानी बढ़ाने के साथ ही संदिग्ध वस्तुओं और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट के आसपास भी सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी हो रही है। बस अड्डे पर भी संदिग्ध वस्तुओं की जांच हो रही है।  

मध्य प्रदेश में अब खनन की गतिविधियां पर निगरानी के लिए ड्रोन और सैटेलाइट सर्वे का उपयोग किया जाएगा

भोपाल  मध्य प्रदेश में राजस्व बढ़ाने के लिए नवाचार अपनाएं। अन्य राज्यों के अच्छे प्रयासों को अपनाने के साथ राज्य की परिस्थितियों के अनुसार अधिक प्रभावी कार्ययोजना बनाने के लिए विषय-विशेषज्ञों की सलाह ली जाए। राजस्व प्राप्तियां बढ़ाने के लिए ईमानदारी से काम हो। यह भी देखा जाए कि भूमि के वास्तविक मूल्य और जिस दर पर रजिस्ट्री हो रही है, उसमें अधिक अंतर न हो। प्रदेश के जिन स्थानों पर दरों में अधिक असमानता है, वहां दरों को समायोजित किया। यह निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजस्व से संबंधित विभागों के अधिकारियों की मुख्यमंत्री आवास स्थित कार्यालय में हुई बैठक में दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आबकारी से जुड़ी गतिविधियों में जो राजस्व की हानि होती है उसे रोकने और नियमानुसार सामग्री का विक्रय सुनिश्चित करने के लिए आकस्मिक निरीक्षण बढ़ाए जाएं। राजस्व, धर्मस्व सहित अन्य विभागों की भूमियों पर अतिक्रमण न हो और ऐसी भूमियों के महत्व अनुसार राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि की दृष्टि से उनका उपयोग सुनिश्चित किया जाए। मध्य प्रदेश से निकलने वाले खनिज की निगरानी के लिए नई तकनीक का उपयोग करते हुए प्रदेश में नाकों की संख्या बढ़ाएं। खनन की गतिविधियां पर निगरानी के लिए ड्रोन और सैटेलाइट सर्वे का उपयोग किया जाए। खनिज व्यवसाय में प्रदेश के व्यवसायियों को प्रोत्साहित करने के साथ प्रदेश में खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ाने के लिए नीति भी बनाई जाए। वन संपदा और लकड़ी पर आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करें। देश में जिन स्थानों पर लकड़ी की मांग अधिक है, वहां प्रदेश की श्रेष्ठ लकड़ी की नीलामी की व्यवस्था विकसित की जाए। बैठक में वैट, जीएसटी, पंजीयन एवं मुद्रांक, खनिज साधन, आबकारी, राजस्व, परिवहन, ऊर्जा, वन और सिंचाई क्षेत्र से प्राप्त होने वाले राजस्व के लक्ष्य, वर्तमान स्थिति और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई। इस दौरान मुख्य सचिव वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया, एनएन मिश्रा, डा. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त मनीष सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सागरताल पर जनप्रतिनिधियों के साथ सीएम यादव करेंगे श्रमदान

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 जून को ग्वालियर आएंगे। ग्वालियर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव शहर के ऐतिहासिक सागरताल के सौंदर्यीकरण व जीर्णोद्धार कार्य में जनप्रतिनिधियों के साथ सामूहिक श्रमदान कर जिलेवासियों को “जल गंगा संवर्धन अभियान” में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश देंगे। साथ ही शहर में नवनिर्मित शंकरपुर क्रिकेट स्टेडियम में IPL की तर्ज पर आयोजित होने जा रही MPL– 2024 (मध्यप्रदेश लीग-सिंधिया कप) के उदघाटन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रस्तावित ग्वालियर यात्रा की तैयारी के सिलसिले में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह व जिला भाजपा अध्यक्ष अभय चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं संभाग आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस महानिरीक्षक अरविंद सक्सेना, कलेक्टर रुचिका चौहान एवं पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने कार्यक्रम स्थलों पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त हर्ष सिंह, जिला पंचायत सीईओ विवेक कुमार व अपर कलेक्टर अंजू अरुण कुमार व श्री टी एन सिंह सहित जिला प्रशासन, नगर निगम व पुलिस के अन्य अधिकारी मौजूद थे। ऊर्जा मंत्री तोमर व सांसद कुशवाह एवं संभाग आयुक्त डॉ. खाड़े ने कहा कि व्यवस्थायें ऐसी हों, जिससे सागरताल पर आम नागरिक आसानी से पहुंच सकें। साथ ही शहर का आवागमन भी प्रभावित न हो। जनप्रतिनिधिगणों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने सागरताल एवं शंकरपुर स्थित नवनिर्मित क्रिकेट स्टेडियम पहुंचकर व्यवस्थायें देखीं। साथ ही यहाँ की व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारियों से चर्चा की। संभाग आयुक्त एवं कलेक्टर ने सागरताल के समीप स्थापित किए गए वाटर हार्वेस्टिंग के नमूने का जायजा भी लिया।

इंद्रेश कुमार ने सत्तारूढ़ बीजेपी को ‘अहंकारी’ और विपक्षी इंडिया ब्लॉक को ‘राम विरोधी’ करार दिया

Kansotiya removed from forest department due to PP mode, Varnwal got command for the second time

जयपुर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेता इंद्रेश कुमार ने लोकसभा चुनाव के नतीजे पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने सत्तारूढ़ बीजेपी को ‘अहंकारी’ और विपक्षी इंडिया ब्लॉक को ‘राम विरोधी’ करार दिया है. इंद्रेश कुमार ने कहा, राम सबके साथ न्याय करते हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव को ही देख लीजिए. जिन्होंने राम की भक्ति की, लेकिन उनमें धीरे-धीरे अंहकार आ गया. उस पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी बना दिया. लेकिन जो उसको पूर्ण हक मिलना चाहिए, जो शक्ति मिलनी चाहिए थी, वो भगवान ने अहंकार के कारण रोक दी. इंद्रेश कुमार ने आगे कहा, जिन्होंने राम का विरोध किया, उन्हें बिल्कुल भी शक्ति नहीं दी. उनमें से किसी को भी शक्ति नहीं दी. सब मिलकर भी नंबर-1 नहीं बने. नंबर-2 पर खड़े रह गए. इसलिए प्रभु का न्याय विचित्र नहीं है. सत्य है. बड़ा आनंददायक है. गुरुवार को इंद्रेश कुमार जयपुर के पास कानोता में ‘रामरथ अयोध्या यात्रा दर्शन पूजन समारोह’ को संबोधित कर रहे थे. इंद्रेश आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य भी हैं. हालांकि, उन्होंने अपने बयान में किसी पार्टी का नाम नहीं लिया. लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर पक्ष-विपक्ष की तरफ संकेत दे रहा था. लोकतंत्र में राम राज्य का विधान देखिए… इंद्रेश ने बीजेपी के संदर्भ में कहा, जिस पार्टी ने (भगवान राम की) भक्ति की, लेकिन अहंकारी हो गई, उसे 241 पर रोक दिया गया, लेकिन उसे सबसे बड़ी पार्टी बना दिया गया. उन्होंने स्पष्ट रूप से इंडिया ब्लॉक का जिक्र करते हुए कहा, और जिनकी राम में कोई आस्था नहीं थी, उन्हें एक साथ 234 पर रोक दिया गया. उन्होंने आगे कहा, लोकतंत्र में रामराज्य का विधान देखिए, जिन्होंने राम की भक्ति की लेकिन धीरे-धीरे अहंकारी हो गए, वो पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन जो वोट और ताकत मिलनी चाहिए थी, वो भगवान ने उनके अहंकार के कारण रोक दी. जिन्होंने राम का विरोध किया, उनमें किसी को सत्ता नहीं दी उन्होंने कहा, जिन्होंने राम का विरोध किया, उनमें से किसी को भी सत्ता नहीं दी गई. यहां तक ​​कि उन सभी को एक साथ नंबर दो बना दिया गया. भगवान का न्याय सच्चा और आनंद दायक है. उन्होंने कहा, जो लोग राम की पूजा करते हैं उन्हें विनम्र होना चाहिए और जो राम का विरोध करते हैं, भगवान स्वयं उनसे निपटते हैं. भगवान राम भेदभाव नहीं करते हैं उन्होंने कहा कि भगवान राम भेदभाव नहीं करते और दंड नहीं देते. राम किसी को विलाप नहीं कराते. राम सबको न्याय देते हैं. वो देते हैं और देते रहेंगे. भगवान राम हमेशा न्यायप्रिय हैं और न्यायप्रिय रहेंगे. इंद्रेश ने यह भी कहा, भगवान राम ने लोगों की रक्षा की और रावण का भी भला किया. मोहन भागवत ने क्या कहा था? इंद्रेश कुमार की यह टिप्पणी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान के कुछ दिन बाद आई है. मोहन भागवत ने कहा था कि एक सच्चे ‘सेवक’ में अहंकार नहीं होता और वो ‘गरिमा’ बनाए रखते हुए लोगों की सेवा करता है. नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मोहन भागवत ने आगे कहा था, जो सच्चे सेवक हैं, जिसे वास्तविक सेवक कहा जा सकता है, वो मर्यादा से चलता है. उस मर्यादा का पालन करके जो चलता है, वो कर्म करता है लेकिन कर्मों में लिपटा नहीं होता. उसमें अहंकार नहीं आता कि मैंने किया. वही सेवक कहने का अधिकारी रहता है. एक सच्चा ‘सेवक’ गरिमा बनाए रखता है. वो काम करते समय मर्यादा का पालन करता है. उसे यह कहने का अहंकार नहीं है कि ‘मैंने यह काम किया’. सिर्फ उस व्यक्ति को सच्चा ‘सेवक’ कहा जा सकता है.  

जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत मुख्यमंत्री के मुलताई पहुंचने पर ताप्ती के उद्गम स्थल पर किया जलाभिषेक

बैतूल मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव शुक्रवार को बैतूल जिले के मुलताई पहुंचे। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत मुख्यमंत्री के मुलताई पहुंचने पर पुराना नागपुर नाका से रोड शो कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ। जगह-जगह लोगों ने मुख्यमंत्री का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने आंबेडकर चौक पर बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उनके साथ रथ में केंद्रीय राज्यमंत्री व बैतूल सांसद दुर्गादास उईके, विधायक हेमंत खंडेलवाल, चंद्रशेखर देशमुख भी सवार थे। मुख्यमंत्री ने सूर्य पुत्री ताप्ती के उद्गम सरोवर पहुंचकर पुण्य सलिला का पूजन किया और जलाभिषेक कर स्वच्छता अभियान में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने महाआरती भी की और वहां मौजूद सभी लोगों को जल संरक्षण का संकल्प भी दिलाया। इस कार्यक्रम के उपरांत सीएम डा. यादव उत्कृष्ट स्कूल मैदान पर आमसभा में पहुंचे। यहां पर उन्होंने जिले के लिए 347 करोड़ रुपए की लागत से 1008 विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया।

आतंकी हमलों पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, डल झील किनारे योग दिवस मनाएंगे PM मोदी

River blocked the way, Kudmur river in spate due to heavy rains

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में बीते करीब एक सप्ताह से आतंकवादी हमलों की संख्या बढ़ गई। वैष्णो देवी के पास तीर्थयात्रियों से भरी बस पर हमला हुआ तो उसके बाद तीन और अटैक हुए थे। इन आतंकी हमलों के बाद हालात की समीक्षा को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने हाईलेवल मीटिंग भी की थी। इस बीच खबर है कि 21 जून यानी योग दिवस के मौके पर वह श्रीनगर में डल झील के किनारे आयोजन में शामिल होंगे। पीएम के तौर पर अपना तीसरा कार्यकाल शुरू होने के बाद नरेंद्र मोदी का यह पहला कश्मीर दौरा होगा। अब तक पीएम मोदी की विजिट की आधिकारिक सूचना नहीं है। 20 जून को श्रीनगर पहुंचेंगे पीएम एक अधिकारी ने बताया, प्रधानमंत्री 20 जून को श्रीनगर आने वाले हैं ताकि 21 जून की सुबह योग दिवस कार्यक्रम में भाग ले सकें। इस कार्यक्रम में सैकड़ों प्रतिभागियों के रहने की उम्मीद है। योग दिवस की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। कार्यक्रम स्थल को सैनिटाइज किया जाएगा और एसपीजी की एक टीम इस हफ्ते के आखिर में श्रीनगर पहुंचेगी। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था को निर्देश दिया है कि कार्यक्रम को सुरक्षित तरीके से आयोजित किया जाए। जम्मू-कश्मीर खेल परिषद को निर्देश दिया गया है कि वे कार्यक्रम के लिए एथलीटों और खिलाड़ियों को लाएं। सूत्रों का कहना है कि डल झील के किनारे आयोजन की तैयारियां होने लगी हैं। अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था से लेकर आयोजन के इंतजाम तक में जुटे हुए हैं। डल झील के पास ही बने इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में पीएम मोदी आयोजन के मुख्य अतिथि होंगे। एक अधिकारी ने बताया, ‘पीएम नरेंद्र मोदी 20 जून की शाम को ही श्रीनगर पहुंच जाएंगे। इसके बाद वह 21 तारीख को सुबह योग दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे। हमें उम्मीद है कि इसमें सैकड़ों लोग शामिल होंगे। पीएम मोदी की मौजूदगी के चलते यह हाईप्रोफाइल इवेंट है, जिसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।’ इसी सप्ताह एसपीजी की टीम श्रीनगर पहुंचेगी और इलाके की सुरक्षा व्यवस्था चेक की जाएगी। एलजी मनोज सिन्हा ने प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था चौक-चौबंद रखने का आदेश दिया है। इस आयोजन में जम्मू-कश्मीर से जुड़े कुछ बड़े खिलाड़ी और एथलीट भी शामिल हो सकते हैं। इस आयोजन के लिहाज से भाजपा भी तैयारियों में जुटी है। भाजपा के एक नेता ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व की बात है कि पीएम मोदी कश्मीर में योग दिवस में शामिल होंगे। बता दें कि इस साल मार्च में भी पीएम मोदी श्रीनगर गए थे, जब उन्होंने बख्शी स्टेडियम में एक रैली को संबोधित किया था। क्यों अहम है योग दिवस पर पीएम मोदी का कश्मीर जाना पीएम नरेंद्र मोदी के श्रीनगर में योग दिवस मनाने के प्लान को एक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। वह कश्मीर में आयोजन का हिस्सा बनकर यह संदेश देंगे कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है और आतंकवादी हमलों का कोई खास असर नहीं है। दरअसल बीते कुछ दिनों में कश्मीर की बजाय जम्मू से लगते इलाकों को आतंकियों ने निशाना बनाया है। इस ट्रेंड पर संसदीय कार्य़ राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह का कहना है कि यह आतंकवादियों की बौखलाहट है क्योंकि कश्मीर में वह कोई हरकत नहीं कर पा रहे हैं। क्यों अहम है PM मोदी का कश्मीर दौरा? 21 जून को योग दिवस पर प्रधानमंत्री का कश्मीर दौरा काफी अहम माना जा रहा है। इस दौरे के जरिए मोदी जम्मू-कश्मीर के लोगों को एक संदेश देना चाह रहे हैं कि घाटी मोदी राज में सुरक्षित है। पीएम कार्यक्रम में हिस्सा लेकर ये संदेश देंगे कि कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौंबद है। वहीं आतंकियों को भी कड़ा संदेश मिलेगा कि भारत आतंकी साजिशों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। मोदी का ये दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है जब पिछले कुछ दिनों में जम्मू के इलाकों में कई आतंकी हमले हुए। यहां गौर करने वाली बात ये है कि आतंकी अब जम्मू के इलाकों में एक्टिव दिख रहे हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का कहना है कि आतंकियों की बौखलाहट है क्योंकि वे कश्मीर में कोई हरकत नहीं कर पा रहे हैं। कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देना चाहती है मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर राज्य में कई पर्यटक स्थल हैं। लेकिन आतंकी गतिविधियों के चलते जम्मू-कश्मीर का पर्यटन प्रभावित होता रहा है। अब मोदी सरकार फिर से जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने की रणनीति बना रही है। डल झील के पास बड़े स्तर पर योग दिवस का कार्यक्रम आयोजित करना भी इसी रणनीति का हिस्सा है। पिछले साल बॉटनिकल गार्डन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया था, जिसमें एलजी मनोज सिन्हा और जम्मू-कश्मीर के अन्य शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया था। इस बार खुद पीएम मोदी यहां पहुंचेंगे। जम्मू-कश्मीर बीजेपी ने भी शुरू की तैयारियां कश्मीर में बीजेपी इकाई ने भी प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। भाजपा के मुहम्मद आरिफ ने कहा, ‘यह हमारे लिए एक विशेष अवसर और सम्मान की बात है कि हम कश्मीर में पीएम मोदी की मेजबानी कर रहे हैं, जो तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं।’ मोदी की आखिरी यात्रा इस साल मार्च में श्रीनगर हुई थी, जब उन्होंने बख्शी स्टेडियम में एक चुनावी रैली को संबोधित किया था, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए थे, जिनमें सरकारी कर्मचारी भी थे।  

लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर JDU-TDP की नजर, 26 जून को होगा स्पीकर का चुनाव

Mohan government's first budget on July 3, Finance Minister Jagdish Deora will present the budget

नई दिल्ली नई सरकार बनने के बाद अब देश की नजर लोकसभा स्पीकर के चुनाव पर हैं। 18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून से शुरू होकर 3 जुलाई तक चलेगा। 27 जून को राज्यसभा का सत्र बुलाया जाएगा। इस बीच 24 जून को लोकसभा के सांसद शपथ लेंगे। इसके बाद लोकसभा स्पीकर का चुनाव होगा। 25 जून तक स्पीकर के नाम का प्रस्ताव किया जा सकेगा। 26 जून को स्पीकर का चुनाव होगा। इस रेस में सबसे डी पुंदेश्वरी का नाम सबसे आगे चल रहा है। लेकिन नरेंद्र मोदी के वर्किंग स्टाइल को देखते हुए माना ये भी जा रहा है कि ओम बिरला को फिर से लोकसभा का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। बता दें कि नरेंद्र मोदी ने 9 जून यानी रविवार को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ 71 मंत्रियों ने भी शपथ ली। इनमें 30 कैबिनेट मंत्री, 5 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 36 राज्य मंत्रियों ने शपथ ली है। उल्लेखनीय है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को 293 सीटें मिली हैं। इन चुनावों में बीजेपी बहुमत के आंकड़े को नहीं छू पाई है। नरेंद्र मोदी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार बनाई है। उधर, इंडिया गठबंधन को 234 सीटें मिली हैं। फिर से ओम बिरला बन सकते हैं लोकसभा स्पीकर 17वीं लोकसभा में ओम बिरला लोकसभा के स्पीकर चुने गए थे। ओम बिरला राजस्थान की कोटा लोकसभा सीट से तीसरी बार चुनाव जीतकर पहुंचे हैं। माना ये भी जा रहा है कि ओम बिरला को दोबारा लोकसभा स्पीकर बनाया जा सकता है। ओम बिरला दलित चेहरा हैं और इस पर किसी भी पार्टी को आपत्ति नहीं होगी। पिछली लोकसभा में ओम बिरला निर्विरोध स्पीकर चुने गए थे। हालांकि, इस बार के समीकरण अलग हैं। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी स्पीकर पद अपने पास रखेगी और इस रेस में दूसरा नाम आंध्र प्रदेश बीजेपी की अध्यक्ष दुग्गुबति पुरंदेश्वरी का नाम है। पुरंदेश्वरी इस बार राजमुंदरी लोकसभा सीट से चुनाव जीती हैं। सूत्रों के अनुसार पार्टी को लगता है कि अगर पुरंदेश्वरी को स्पीकर बनाया जाता है तो टीडीपी और चंद्रबाबू नायडू इसे लेकर कोई आपत्ति नहीं जताएंगे। लोकसभा चुनाव में राज्य में टीडीपी और जनसेना के साथ बीजेपी के गठबंधन में दुग्गुबति पुरंदेश्वरी ने अहम भूमिका निभाई थी और जनता ने भी गठबंधन पर भरोसा जताया। कौन हैं दुग्गुबति पुरंदेश्वरी? दुग्गुबति पुरंदेश्वरी पूर्व मुख्यमंत्री एनटी रामाराव की बेटी हैं और चंद्रबाबू नायडू की पत्नी नारा भुवनेश्वरी की बहन हैं। आंध्र प्रदेश बीजेपी चीफ के अलावा वह तीन बार की सांसद हैं। 2004 और 2009 में उन्होंने बापतला और विशाखापट्टनम से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। कांग्रेस में आने से पहले वह और उनके पति दुग्गुबति वेंकटेश्वरा राव शुरुआत में चंद्रबाबू नायडू के साथ थे और उन्होंने मिलकर साल 1996 में टीडीपी में तख्तापलट के बाद एनटी रामाराव को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया था। इस घटना के बाद चंद्रबाबू नायडू ने पूरी टीडीपी को अपने कंट्रोल में करके पुरंदेश्वरी और वेंकटेश्वरा को साइडलाइन कर दिया। इस घटना से नाराज पुरंदेश्वरी ने राजनीति में उतरने का फैसला कर लिया और कांग्रेस में शामिल हो गईं। कांग्रेस के टिकट पर दो बार सांसद बनीं और यूपीए की सरकार में मनमोहन सिंह की कैबिनेट में केंद्रीय राज्य मंत्री का भी पदभार संभाला। हालांकि, आंध्र प्रदेश के विभाजन के कांग्रेस सरकार के फैसले से नाराज होकर वह बीजेपी में शामिल हो गईं और उन्हें पार्टी राष्ट्रीय महासचिव बना दिया गया। बाद में वह पार्टी के महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनाई गईं। दुग्गुबति पुरंदेश्वरी के स्पीकर बनने का विरोध कर सकते हैं चंद्रबाबू नायडू? दुग्गुबति पुरंदेश्वरी को अगर बीजेपी स्पीकर बनाती है तो इसकी संभावना कम है कि चंद्रबाबू नायडू उनका विरोध करें। एक तो वह उनकी रिश्तेदार है। हालांकि, वह कभी भी नायडू की समर्थक नहीं रही हैं, लेकिन लोकसभा और विधानसभा चुनाव में बीजेपी-टीडीपी गठबंधन में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। वहीं, एनटी रामाराव की सरकार के तख्तापलट के समय वह चंद्रबाबू नायडू का साथ दिया था।

खेती किसानी से जुड़े अपनें अनुभव साझा करते हुए उत्पादकता बढ़ाने दिए आवश्यक निर्देश

मैराथन बैठकों के पहले ही दिन मुख्यमंत्री साय ने कहा – पारदर्शिता और तत्परता अनिवार्य खेती किसानी से जुड़े अपनें अनुभव साझा करते हुए उत्पादकता बढ़ाने दिए आवश्यक निर्देश वर्षा काल में पशुधन को बिमारियों से बचाने के लिए व्यापक स्तर पर टीकाकरण करने कहा गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए सभी संभागों में बनेगा एक एक गौ अभ्यारण्य देवभोग के दुग्ध उत्पादों की बिक्री बढ़ाने अच्छी ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर जोर: आईआईएम अध्ययन कर देगा सलाह केज कल्चर, बॉयोफ्लाक जैसे नवाचारों से मछली पालन को मिलेगा बढ़ावा रायपुर आचार सहिंता की अवधि समाप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के विकास की गति तेज करने के लिए आज से विभिन्न विभागों की मैराथन समीक्षा बैठकें लेनी शुरू कर दी। आज उन्होंने कृषि से संबंधित विभागों से इसकी शुरूआत करते हुए अधिकरियों से उनकी तैयारियों के संबंध में जानकारी ली और खेती किसानी से जुड़े स्वयं के व्यवहारिक अनुभवों को भी साझा किया। साय स्वयं भी कृषक है और उनका परिवार अपनी आजीविका के लिए मुख्य रूप से खेती किसानी पर ही निर्भर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे परिणाम के लिए पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ काम किया जाना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हमें इस तरह के कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, जो किसानों को उनकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रेरित करें। परंपरागत खेती में हर आवश्यक सहायता उन तक तत्परता से पहुंचाने के साथ-साथ आधुनिक खेती और देश भर में हो रहे नवाचारों से भी उन्हें अवगत कराने की आवश्यकता है। राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि किसानों, पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों की आय में बढ़ोत्तरी हो।  अधिकारियों को अपने अनुभव बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा काल में पशुओं को होने वाली बिमारियों की रोकथाम के लिए मुस्तैदी के साथ काम किया जाना आवश्यक है। साय ने पशुधन विकास विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ और मछली पालन विभाग के कार्यो की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पशुपालन, मछली पालन एवं दुग्ध उत्पादन जैसे व्यवसाय किसानों और पशुपालकों के आय का बड़ा स्त्रोत हैं, इनसे जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से निश्चित रूप से किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। मुख्यमंत्री साय ने पशुधन विकास विभाग की समीक्षा के दौरान के कहा कि प्रदेश में गौवंश की रक्षा और संवर्धन के लिए सभी संभागों के एक-एक जिले में गौ अभ्यारण्य की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों से प्रदेश में पशुधनों की संख्या और वार्षिक दुग्ध, अंडा एवं मांस उत्पादन एवं उपलब्धता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रति वर्ष प्रति व्यक्ति अंडा, दुग्ध और मांस की आवश्यकता को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने वर्षा काल में पशुओं को संक्रामक बिमारियों से बचाने के लिए व्यापक स्तर पर टीकाकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं के नस्ल सुधार के लिए चलाई जा रही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी बल दिया। साथ ही पशुधन विभाग की राज्य और केन्द्र के प्रवर्तित योजनाओं का लाभ भी अधिक से अधिक पशुपालकों तक पहुंचाने को कहा। पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने विभाग की आगामी कार्ययोजना और लक्ष्यों के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के कार्यो की समीक्षा करते हुए कहा कि दूध और दुग्ध उत्पादों की बिक्री एवं दूध उत्पादन करने वाले किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए समुचित उपाए किए जाएं। उन्होंने दुग्ध महासंघ के ब्रांड देवभोग की बिक्री और आमदनी बढ़ाने के लिए आउटलेट की संख्या में वृद्धि और अन्य विकल्पों के लिए भारतीय प्रबंध संस्थान से विस्तृत अध्ययन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए अच्छी मार्केटिंग और ब्रांडिंग जैसी व्यवसायिक पद्धतियों का सहारा भी लिया जाए। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रोसेस फ्लो चार्ट के माध्यम से दुग्ध संकलन से लेकर उपभोक्ता तक पहुंचने तक की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मछलीपालन विभाग के अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यो एवं योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें और ग्रामीण इलाकों में किसानों को जानकारी एवं प्रशिक्षण देें। साय ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से तालाबों का निर्माण कराया जाता है और गर्मियों में तालाब सूखने के कारण अनुपयोगी हो जाते हैं। ऐसे किसानों को चिन्हित कर इन तालाबों में पानी की आपूर्ति के लिए सोलर पंप की व्यवस्था की जाए ताकि सभी मौसमों में मछली पालन किया जा सके। मुख्यमंत्री साय ने मछली उत्पादन के लिए केज कल्चर जैसे बॉयोफ्लाक जैसे नवाचारों का बढ़ावा देने और किसानों को प्रशिक्षित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, डॉ. बसव राजु एस और राहुल भगत, संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला, सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहें।

दतिया जिले में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से पांच लोगों की मौत, 20 घायल

Sanjay Raut had fun by posting photos.

 दतिया मध्य प्रदेश के दतिया जिले से सड़क हादसे की खबर सामने आई है। यहां मंदिर दर्शन के लिए जा रही श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर ट्रॉली पलट गई और 15 फीट नीचे जा गिरी। इस पूरे हादसे में 5 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जिसमें 2 लड़कियां और 2 महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा 20 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दतिया में पलटी श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली रतनगढ़ माता मंदिर की ओर दर्शन के लिए जा रही थी। तभी मैथानी पाली के पास सुबह करीब 4:30 बजे ट्रैक्टर ट्रॉली पलट गई और ये दुर्घटना हो गई। अधिकारी ने आगे जानकारी दी कि वाहन सड़क से उतरकर पलट गया और पुलिया से करीब 15 फीट नीचे जा गिरा। इस दौरान 2 लड़कियों और दो महिलाओं समेत 5  लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। दतिया के पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र मिश्रा ने बताया कि हादसे के पीछे का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। उन्होंने घालयों पर जानकारी दी कि गंभीर रूप से घायल एक लड़की को ग्वालियर रेफर किया गया है और दूसरी को झांसी ले जाया गया है। वहीं अन्य घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। 35 लोग सवार थे ट्राली में ट्राली में कुल 35 लोग सवार थे। जिनमें से कुल पांच लोगों ने दम तोड़ दिया। गांव से सात ट्रेक्टर मंदिर जाने के लिए निकले थे। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं सूचना के बाद दतिया पुलिस एसपी वीरेंद्र मिश्रा जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों से मिलकर हादसे के बारे में जानकारी ली।

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