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कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा की मुश्किलें बढ़ती जा रही, जारी गैर-जमानती वॉरंट

Ladli sisters, Mohan government gave a big shock

बेंगलुरु ‘यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण’ (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दर्ज मामले में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु की एक अदालत ने गुरुवार को कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के खिलाफ POCSO मामले में गैर-जमानती गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया है। कोर्ट द्वारा वॉरंट ऐसे समय में जारी किया गया है जब कुछ ही घंटे पहले कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने बृहस्पतिवार को कहा था कि येदियुरप्पा के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मामले की जांच कर रहे अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने उन्हें पूछताछ के लिए पेश होने का नोटिस जारी किया है और अगर जरूरत पड़ी तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता को गिरफ्तार भी किया जा सकता है। क्या है पूरा मामला? पुलिस के मुताबिक, 17 वर्षीय एक लड़की की मां की शिकायत के आधार पर येदियुरप्पा के खिलाफ पॉक्सो और भारतीय दंड संहिता की धारा 354 ए (यौन उत्पीड़न) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि इस साल दो फरवरी को येदियुरप्पा ने यहां डॉलर कॉलोनी में अपने आवास पर मुलाकात के दौरान उनकी बेटी का यौन उत्पीड़न किया था। सदाशिवनगर थाने में मुकदमा दर्ज किए जाने के कुछ ही घंटे बाद 14 मार्च को कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक आलोक मोहन ने एक आदेश जारी कर मामले को तत्काल प्रभाव से जांच के लिए सीआईडी ​​को सौंप दिया था। येदियुरप्पा के खिलाफ आरोप लगाने वाली 54 वर्षीय महिला की पिछले महीने यहां एक निजी अस्पताल में फेफड़ों के कैंसर के कारण मौत हो गई थी। येदियुरप्पा (81) ने आरोपों को खारिज कर दिया है और कहा कि वह कानूनी तरीके से मामले में लड़ेंगे। उन्होंने अदालत से प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध किया है। कर्नाटक में यौन उत्पीड़न के सनसनीखेज आरोपों के परिप्रेक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की ओर से पूछताछ के लिए बुलाये जाने तथा गैर-जमानती वारंट की मांग किये जाने से यौन अपराध बाल संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) मामले में उनकी (श्री येदियुरप्पा) गिरफ़्तारी की संभावना जतायी जा रही है। इस बीच श्री येदियुरप्पा ने मामले को खारिज करने के लिए यह कहते हुए कर्नाटक उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है कि उन्होंने पूरे जांच के दौरान अधिकारियों के साथ लगातार सहयोग किया है।गौरतलब है कि एक महिला ने श्री येदियुरप्पा पर अपनी बेटी का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। तथ्य यह भी है कि कथित पीड़िता की हाल ही में मृत्यु हो गयी है, जिससे मामले में और अधिक जटिलताएं सामने आयी है। मामले की गंभीरता से जांच कर रही सीआईडी की ओर से 15 जून तक आरोप पत्र प्रस्तुत किये जाने की उम्मीद है।    

भोपाल में हजारों वृक्षों को कटने से बचाने अनोखा आंदोलन, पेड़ों से लिपट गईं महिलाएं

भोपाल  भोपाल के शिवाजी नगर और तुलसी नगर क्षेत्र में 29 हजार पेड़ों को कटने से बचाने के लिए भोपाल की महिलाएं सड़क पर उतर आईं. बुधवार को हरियाली बचाने के लिए पेड़ से लिपट कर महिलाओं ने इसका विरोध दर्ज कराया. भोपाल में पेड़ बचाओ आंदोलन चलाया जा रहा है. प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि भोपाल में पेड़ काट कर मंत्री, विधायकों और अफसरों के लिए घर बनाए जाएंगे. हम इसका विरोध में कर रही हैं. इसके खिलाफ प्रदर्शन जारी रहेगा.महिलाओं ने कहा कि ये पेड़ उनके बच्चों जैसे हैं. कई लोग इन इलाकों में 50 साल से भी ज्यादा समय से रह रहे हैं. पेड़ उनके जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं. भोपाल में पेड़ काटे जाने के विरोध में 14 जून को बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा, जिसमें महिलाएं पेड़ों से लिपट कर चिपकू आंदोलन करेंगी. पेड़ों की उम्र 50 से 70 साल तक की बताई जा रही है.बता दें कि सरकारी आवास को बनाने के लिए 297 एकड़ जमीन में कुल 29 हजार पेड़ों को काटने की योजना है. महिलाओं का कहना है कि इन पेड़ों को काटे जाने से शहर में तापमान में वृद्धि होगी, जिसको रोकने के लिए आंदोलन चलाया जा रहा है. गुरुवार सुबह शिवाजी नगर और तुलसी नगर इलाके के लोग 5 नंबर स्टॉप के पास राम मंदिर परिसर में जुटे। इसके बाद महिलाएं पेड़ों से चिपक गईं। विद्या पाटिल, सुखबाला तो रुआंसी हो गईं। सुखबाला कहा कि ये पेड़ हमारे परिवार का हिस्सा है। इनके साथ ही हम भी बड़े हुए हैं, लेकिन अब इन्हें काटने का फरमान आया है। विद्या ने कहा कि इन पेड़ों को बच्चों की तरह पाला जा रहा है। हमें कहा जा रहा है कि आपको कलखेड़ा भेजा जाएगा। यदि भेजना ही है तो मंत्री-विधायकों को भेजें। पेड़ों को बचाने के लिए महिलाएं पेड़ों से चिपक गईं। सरकार का फरमान गलत, विरोध करते रहेंगे रूपाली शर्मा ने कहा, तुलसीनगर और शिवाजी नगर में शहर की सबसे ज्यादा हरियाली है। उसी को काटने की अब बात हो रही है। सरकारी बंगले बनाए जाएंगे। यह फरमान गलत है। सरकार एक बार फिर से सोंचें। ये पेड़ कतई न कटे, क्योंकि ये हमारी ऑक्सीजन बैंक है। यदि पेड़ काटे जाते हैं तो सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगे। पेड़ काटना बड़ा अपराध है अभिभाषक विजय सिरवैया ने कहा, स्मार्ट सिटी के दौरान भी आंदोलन किया था। वहीं पर मंत्री और विधायकों के आवास बनने चाहिए। हरियाली कट जाएगी तो भोपाल का टेम्प्रेचर बढ़ जाएगा। इसलिए सरकार इन्हें न काटे। कोरोना के दौरान पेड़ों की ऑक्सीजन के दौरान ही इंसान बचे हैं। पेड़ काटना बड़ा अपराध है। कानून में इसे बड़ा अपराध माना गया है। एक दिन पहले भी हो चुका प्रदर्शन इससे पहले बुधवार को 5 नंबर स्टॉप पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन हो चुका है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, पर्यावरणविद् सुभाष सी. पांडे, लोकसभा चुनाव के कांग्रेस कैंडिडेट रहे अरुण श्रीवास्तव, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी, पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्‌डू चौहान, पूर्व पार्षद अमित शर्मा, पर्यावरण मित्र राशिद नूर ने कहा था कि पेड़ काटे जाते हैं तो उग्र प्रदर्शन करेंगे। फिर चाहे सरकार उन्हें जेल में ही क्यों न बंद कर दें। प्लान को सरकार मंजूर न करें। 14 जून को भी होगा बड़ा प्रदर्शन होगा भोजपाल जन कल्याण एवं विकास परिषद भी पेड़ों के काटे जाने के विरोध में है। इसे लेकर एक बैठक भी हो चुकी है। पर्यावरणविद् उमाशंकर तिवारी ने बताया, 29 हजार पेड़ों को बचाने के लिए सड़क पर उतरेंगे। ये पेड़ 50 से 70 साल तक पुराने हैं। 14 जून को शाम 7 बजे नूतन कॉलेज के सामने शिवाजी नगर में पेड़ों का पूजन रक्षा सूत्र बांधकर पेड़ों की रक्षा का वचन दोहराएंगे। साथ ही पेड़ों की रक्षा के लिए शहर के सांसद, विधायक और अधिकारियों के पास जाएंगे। जरूरत पड़ी तो कोर्ट की शरण में जाएंगे। क्या है चिपको आंदोलन 70 के दशक में चिपको आंदोलन में महिलाओं ने ऐसे पेड़ों से चिपक प्रदर्शन किया था। 70 के दशक में चिपको आंदोलन में महिलाओं ने ऐसे पेड़ों से चिपक प्रदर्शन किया था।     यह एक अहिंसक आंदोलन था जो वर्ष 1973 में उत्तर प्रदेश के चमोली जिले (अब उत्तराखंड) में शुरू हुआ था।     इस आंदोलन का नाम ‘चिपको’ ‘वृक्षों के आलिंगन’ के कारण पड़ा, क्योंकि आंदोलन के दौरान ग्रामीणों द्वारा पेड़ों को गले लगाया गया तथा वृक्षों को कटने से बचाने के लिए उनके चारों और मानवीय घेरा बनाया गया।     जंगलों को संरक्षित करने हेतु महिलाओं के सामूहिक एकत्रीकरण के लिए इस आंदोलन को सबसे ज्यादा याद किया जाता है। इसके अलावा इससे समाज में अपनी स्थिति के बारे में उनके दृष्टिकोण में भी बदलाव आया।     इसकी सबसे बड़ी जीत लोगों के वनों पर अधिकारों के बारे में जागरूक करना तथा यह समझाना था कैसे जमीनी स्तर पर सक्रियता पारिस्थितिकी और साझा प्राकृतिक संसाधनों के संबंध में नीति-निर्माण को प्रभावित कर सकती है।     इसने वर्ष 1981 में 30 डिग्री ढलान से ऊपर और 1,000 msl (माध्य समुद्र तल-msl) से ऊपर के वृक्षों की व्यावसायिक कटाई पर प्रतिबंध को प्रोत्साहित किया।     सुंदरलाल बहुगुणा ने हिमालय की ढलानों पर वृक्षों की रक्षा के लिए चिपको आंदोलन की शुरुआत की।     इसके अलावा इन्हें चिपको का नारा ‘पारिस्थितिकी स्थायी अर्थव्यवस्था है’ गढ़ने के लिए जाना जाता है।     1970 के दशक में चिपको आंदोलन के बाद उन्होंने विश्व में यह संदेश दिया कि पारिस्थितिकी और पारिस्थितिकी तंत्र अधिक महत्त्वपूर्ण हैं। उनका विचार था कि पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था को एक साथ चलना चाहिए।     भागीरथी नदी पर टिहरी बाँध के खिलाफ अभियान चलाया । उन्होंने आजादी के बाद भारत में 56 दिनों से अधिक समय तक लंबा उपवास किया।     पूरे हिमालयी क्षेत्र पर ध्यान आकर्षित करने के लिए 1980 के दशक की शुरुआत में 4,800 किलोमीटर की कश्मीर से कोहिमा तक की पदयात्रा (पैदल मार्च) की।     उन्हें वर्ष 2009 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।  

धमना में विस्फोटक बनाने वाली फैक्ट्री में धमाका, 5 लोगों की मौत, कई घायल

नागपुर  महाराष्ट्र में नागपुर शहर के निकट विस्फोटक बनाने वाले एक कारखाने में गुरुवार दोपहर में बड़ा धमाका हो गया। इस धमाके में पांच लोगों की मौत हो गई, वहीं कम से कम पांच अन्य घायल हो गए। इनमें से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना नागपुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर हिंगना पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत धमना गांव में चामुंडी एक्सप्लोसिव प्राइवेट लिमिटेड में हुई। कब हुआ धमाका पुलिस ने बताया कि यह घटना गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे हुई। विस्फोट उस समय हुआ जब श्रमिक विस्फोटक सामग्री पैक कर रहे थे। उन्होंने बताया कि अभी इस संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस ने बताया कि मौके पर राहत और बचाव का काम जारी है। नागपुर पुलिस कमिश्नर रविंदर सिंघल ने बताया कि आज लगभग 1 बजे चामुंडा एक्सप्लोसिव फैक्ट्री में यह ब्लास्ट हुआ है… इस घटना में लगभग 4-5 कामगारों की मृत्यु हुई है। प्रथम दृष्टया पता चला है कि लगभग 4-5 लोग घायल हैं… आगे की जांच जारी है। यह फैक्ट्री नागपुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है. नागपुर पुलिस कमिश्नर रविंदर सिंघल का कहना है, ‘इस घटना में करीब 4-5 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 4 महिलाएं भी शामिल हैं. हमारी जांच जारी है. हमारी टीम, क्राइम ब्रांच और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं, कार्रवाई की जा रही है.’ वहीं, एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने कहा कि विस्फोट दोपहर करीब एक बजे हुआ जब कर्मचारी विस्फोटक पैक कर रहे थे. पुलिस के मुताबिक मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है. अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है और अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं. गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में नागपुर के चकदोह में एक विस्फोटक निर्माण फैक्ट्री में इसी तरह के विस्फोट में नौ लोगों की जान चली गई थी. राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की थी.

जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों पर बोले मोदी, आतंकवाद-विरोधी क्षमताओं की पूरी तरह से तैनाती का आग्रह किया, न छोड़ें कोई कसर

नई दिल्ली   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अन्य अधिकारी भी शामिल रहे। जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों में कई आतंकी हमले हुए हैं। आतंकवादियों ने पिछले चार दिनों में रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में चार स्थानों पर हमले किए हैं, जिसमें नौ तीर्थयात्रियों की मौत और एक सीआरपीएफ जवान शहीद हो गया। वहीं सात सुरक्षाकर्मी और कई अन्य घायल हो गए। गुरुवार की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा संबंधी स्थिति की पूरी जानकारी दी गई। उन्हें आतंकवाद विरोधी प्रयासों से भी अवगत कराया गया। आतंक के खिलाफ नहीं रहे कोई कसर: पीएम मोदी बैठक के दौरान, मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों से भारत की आतंकवाद-विरोधी क्षमताओं की पूरी तरह से तैनाती का आग्रह किया। उन्होंने सुरक्षा बलों की तैनाती और आतंकवाद विरोधी अभियानों के बारे में गृह मंत्री अमित शाह से भी बात की। उल्लेखनीय है कि कठुआ में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी भी मारे गए और उनके पास से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। अधिकारियों के अनुसार, सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने सुबह डोडा जिले में गंडोह के कोटा टॉप, चट्टागल्ला और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान फिर से शुरू किया, जहां मंगलवार और बुधवार को आतंकवादियों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मियों सहित सात सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस ने जारी किया स्केच पुलिस ने बुधवार को दो हमलों में शामिल चार आतंकवादियों के स्केच जारी किए थे और उनकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 20 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। इससे पहले पुलिस ने रविवार को रियासी जिले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर हुए हमले में शामिल एक आतंकवादी पर 20 लाख रुपये का नकद इनाम घोषित किया था और उसका स्केच भी जारी किया था। इस हमले में नौ लोग मारे गए थे और 41 घायल हो गए थे। अधिकारियों ने बताया कि रियासी और राजौरी जिले में तलाशी अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी के स्केच से मिलते-जुलते चेहरे वाले एक शख्स को दोपहर में रियासी में एक बस से हिरासत में लिया गया और उसे पूछताछ के लिए ले जाया गया। उन्होंने बताया कि राजौरी के नौशेरा और पास के पुंछ में भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आतंकी खतरे के बारे में खुफिया जानकारी मिलने के बाद कठुआ, सांबा और जम्मू जिलों में भी सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है। कठुआ में मंगलवार रात से शुरू हुई और 15 घंटे से अधिक समय तक चली भीषण मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया था। इस अभियान में सीआरपीएफ के एक जवान की भी मौत हो गई थी, जबकि एक नागरिक घायल हो गया। पुलिस ने बुधवार को एक परामर्श जारी कर जम्मू क्षेत्र के निवासियों से संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं की आवाजाही के बारे में सतर्क रहने का आग्रह किया था। राजौरी और जम्मू जिलों के कुछ हिस्सों में आतंकी खतरे की आशंका जताने वाली खुफिया सूचनाओं के बाद यह परामर्श जारी किया गया।  

क्यूबा में पहुंचा रूसी युद्धक जहाजों का बेड़ा, परमाणु पनडुब्बी कजान भी शामिल

हवाना  छह दशक से भी ज्याद समय बीत चुका है जब अमेरिका और तत्कालीन सोवियत यूनियन इतिहास में परमाणु युद्ध के मुहाने पर खड़े थे। दुनिया उस घटना को क्यूबा संकट के नाम से जानती है। आज जब रूस की परमाणु पनडुब्बी कजान अमेरिका के दरवाजे पर मौजूद क्यूबा में पहुंची तो दुनिया को एक बार फिर से उस संकट की याद दिला दी है। रूस के युद्धक जहाज फ्रिगेट एडमिरल गोर्शकोव के नेतृत्व में रूसी युद्धक जहाजों का बेड़ा युद्धाभ्यास के लिए क्यूबा के बंदरगाह पर पहुंचा है, जो यहां 5 दिनों तक रहेगा। इसमें रूस की परमाणु पनडुब्बी कजान भी शामिल है। रूसी टेलीग्राम चैनलों ने दावा किया है कि रूसी परमाणु पनडुब्बी कजान गाइडेड मिसाइल से लैस है। बेड़े की अगुवाई कर रहे एडमिरल गोर्शकोव को रूस के सबसे आधनिक युद्धपोत में गिना जाता है। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, गोर्शकोव कैलिबर मिसाइल के साथ ही नवीनतन हाइपरसोनिक मिसाइल जिरकान से भी लैस है। कजान और गोर्शकोव के अलावा रूसी बेड़े में फ्लीट ऑयल टैंकर पाशिन और टग निकोले चिकर भी शामिल है। परमाणु हथियारों की मौजूदगी से इनकार हालांकि, क्यूबा के अधिकारियों ने ये साफ किय है परमाणु पनडुब्बी कजान समेत बेड़े के जहाज पर परमाणु हथियार नहीं हैं। क्यूबा के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ‘किसी भी जहाज पर परमाणु हथियार नहीं है, इसलिए इनके देश में रुकने से क्षेत्र को कोई खतरा नहीं है।’ इन दावों के बावजूद रूसी जहाजों का अमेरिकी जलक्षेत्र से महज कुछ किमी की दूरी से गुजरना महत्वपूर्ण है। खासतौर पर जब पुतिन ने धमकी दी है कि वे अपने शक्तिशाली हथियारों को उन देशों और क्षेत्रों में तैनात करेंगे जहां से पश्चिमी देशों को निशाना बनाया जा सके। क्या है क्यूबा मिसाइल संकट? क्यूबा मिसाइल संकट शीत यु्द्ध के दौरान अमेरिका और तत्कालीन सोवियत यूनियन के बीच एक बड़ा टकराव था, जिसने दुनिया को परमाणु युद्ध के कगार पर खड़ा कर दिया था। यह संकट 1962 में शुरू हुआ था, जो एक महीने से ज्यादा समय तक चला था। तब सोवियत संघ ने इटली और तुर्की में अमेरिकी मिसाइल की तैनाती के जवाब में परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल क्यूबा में तैनात कर दी थी। इसने अमेरिका के ऊपर बड़ा खतरा ला दिया था। अगर इन मिसाइलों को क्यूबा से लॉन्च किया जाता तो कुछ ही मिनटों में अमेरिका के अधिकांश हिस्से को निशाना बना सकती थीं। दिलचस्प बात ये है कि आज जिस यूक्रेन पर हमले को लेकर रूस और अमेरिका टकराव के रास्ते पर हैं, वह उस समय सोवियत संघ का हिस्सा हुआ करता था।

राजस्थान-झुंझुनू में फर्जी सर्टिफिकेट पर डॉ. संजय धनखड़ सहित आठ डॉक्टरों के पंजीयन निरस्त

झुंझुनू. झुंझुनू जिला मुख्यालय पर धनखड़ हॉस्पिटल में हाल ही में महिला की लापरवाही पूर्वक संक्रमित किडनी के स्थान पर सही किडनी निकालने के मामले में आरोपी डॉक्टर संजय धनखड़ का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। राजस्थान मेडिकल काउंसिल की जनरल बॉडी की बैठक आज आयोजित हुई, जिसमें डॉक्टर संजय धनखड़ के साथ आठ चिकित्सकों का पंजीयन निरस्त किया गया है, वहीं दो का निलंबित कर दिया गया है। राजस्थान मेडिकल काउंसिल की जनरल बॉडी की बैठक निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज से 22 मनोनीत सदस्यों ने भाग लिया। निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि बैठक में पैनल एंड एथिकल कमेटी के समक्ष कुल 25 प्रकरण प्रस्तुत किए गए। जिसमें एनएमसी, दिल्ली के दिशा-निर्देश अनुसार 8 चिकित्सकों का पंजीयन निरस्त किया गया एवं दो चिकित्सकों का पंजीयन 6 माह के लिए निलंबित किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट का NEET पर बड़ा फैसला! इन बच्चों की दोबारा परीक्षा लेगा NTA, ग्रेस मार्क्स हटाया

नई दिल्ली मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम यूजी एनईईटी 2024 पर बड़ी खबर आई है। आखिरकार नीट में धांधली के आरोपों को लेकर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बड़ा कदम उठाया है। परीक्षा आयोजित करने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA ने नीट यूजी 2024 ग्रेस मार्क्स वापस ले लिए हैं। इसी के साथ 1563 स्टूडेंट्स का नीट स्कोरकार्ड रद्द कर दिया है। ये वे छात्र छात्राएं हैं, जिन्हें NEET Grace Marks दिए गए थे। अब इन बच्चों का नीट रिजल्ट कैंसिल कर दिया गया है। इसी के साथ एनटीए ने सर्वोच्च न्यायालय मेंक हा है कि इन 1563 स्टूडेंट्स के लिए फिर से नीट की परीक्षा आयोजित की जाएगी। National Testing Agency ने कहा है कि 30 जून से पहले इस Re NEET Exam का रिजल्ट भी जारी कर दिया जाएगा। नीट री एग्जाम डेट 2024, 23 जून रखी गई है। NEET Update: बदल जाएगी पूरी मेरिट लिस्ट 1563 बच्चों का नीट रिजल्ट रद्द होने और इनके लिए नीट री-एग्जाम कराए जाने के बाद फाइनल स्कोर का असर पूरी नीट मेरिट लिस्ट पर पड़ेगा। इन बच्चों के मार्क्स बदलते ही इनकी नीट ऑल इंडिया रैंक भी बदलेगी। इसी के साथ पूरी NEET 2024 Merit List भी बदल जाएगी। लाखों बच्चों की रैंक पर असर पड़ेगा। ऐसे में एनटीए को फिर से NEET Rank List 2024 जारी करने की जरूरत होगी। एनटीए ने कहा है कि जिन स्टूडेंट्स को ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं, अगर वो NEET 2024 Re-Exam में शामिल नहीं होते हैं, तो उनके बिना ग्रेस मार्क्स वाले अंक लागू होंगे। यानी- अगर ग्रेस मार्क्स के साथ किसी को 715 अंक मिले हैं, लेकिन ग्रेस के बिना उसके अंक 640 हैं, तो 640 नंबर पर ही रैंक मिलेगी। NEET Counselling 2024 पर रोक नहीं इन सभी अपडेट्स के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने नीट काउंसलिंग 2024 पर रोक नहीं लगाई है। हालांकि, नीट यूजी काउंसलिंग में कोई अड़चन न आए, इसके लिए जल्द से जल्द नीट परीक्षा दोबारा ली जा रही है और एक सप्ताह के अंदर रिजल्ट की डेट भी तय कर दी गई है। NEET Scam: दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई गुरुवार को नीट पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ‘मामले की जांच होगी और अगर कोई दोषी पाया गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नीट की जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी।’ हालांकि एजुकेशन मिनिस्टर ने नीट पेपर लीक की बात से इनकार किया है। ग्रेस मार्क्स पाने वाले छात्रों के पास ये दो ऑप्शन जिन स्टूडेंट्स को एनटीए की तरफ से ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं उन्हें दो ऑप्शन दिए हैं. ये छात्र या तो 23 जून को री-एग्जाम में बैठ सकते हैं या फिर बिना ग्रेस मार्क्स वाले पुराने स्कोर के साथ ही काउंसलिंग की तरफ आगे बढ़ सकते हैं. जिन कैंडिडेट को कॉन्फिडेंस है कि वे दोबारा परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं तो वे री-एग्जाम में शामिल होने का फैसला ले सकते हैं. केवल 1563 छात्रों का ही नीट एग्जाम दोबारा होगा NEET रिजल्ट के बाद दाखिल की गई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1563 छात्रों का ही री-एग्जाम कराया जाएगा. इससे पहले एनटीए ने कहा था करीब 24 लाख छात्रों में से केवल 1563 छात्रों के परीक्षा परिणाम तक समस्या सीमित है. बाकी स्टूडेंट्स को कोई परेशानी नहीं है. नीट यूजी काउंसलिंग पर रोक नहीं सुप्रीम कोर्ट ने आज फिर दोहराया है कि नीट यूजी की काउंसलिंग पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी. स्टूडेंट्स काउंसलिंग राउंड में शामिल हो सकते हैं. 23 जून को दोबार नीट एग्जाम होगा और 30 जून को इसका रिजल्ट घोषित होने की उम्मीद है. ताकि जुलाई में नीट की काउंसलिंग शुरू हो सके. NTA की तरफ से कहा गया कि छात्रों का डर दूर करने के लिए यह निर्णय लिया जा रहा है. ग्रेस मार्क्स देने से क्या नुकसान हुआ? दरअसल, पांच मई को देशभर में हुई नीट परीक्षा कराने वाली एनटीए ने 4 जून को जब रिजल्ट जारी किया तो देश भर में हंगामा खड़ा हो गया. वजह 67 बच्चों को जहां 720 में 720 नंबर मिले थे, वहीं इससे भी ज्यादा 1563 बच्चों को ग्रेस मार्किंग दी गई थी. यह ग्रेस मार्किंग 10, 20 या 30 नंबर की नहीं 100 से 150 नंबर तक की दी गई थी, जिसकी वजह से कई बच्चे जो मेरिट में बाहर थे वो मेरिट में आ गए और जो मेरिट वाले बच्चे थे उनके लिए गवर्नमेंट कॉलेज में एडमिशन पाना मुश्किल हो गया.

गांव पहुंचा शहीद कबीरदास उइके का पार्थिव शरीर, हुआ अंतिम संस्कार, सीआरपीएफ जवानों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर

छिंदवाड़ा जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद हुए जवान कबीर दास उईके की पार्थिव देह आज छिंदवाड़ा लाई गई। पैतृक गांव पुलपुलडोह में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सीआरपीएफ जवानों ने सलामी दी। कबीर की अंतिम यात्रा के दर्शन करने के लिए लोग घरों से निकले। शहीद की पार्थिव देह पहले हवाई मार्ग से गुरुवार सुबह नागपुर लाई गई। यहां से सड़क मार्ग से पुलपुलडोह (मरजातपुर) लाई लाई गई। अंतिम संस्कार के समय सीआरपीएफ के आईजी सुखबीर सिंह सोढी और डीआईजी नीतू सिंह भी मौजूद रहीं। वही, छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह और एसपी मनीष खत्री भी मौजूद थे। मंगलवार रात 8 बजे जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के हीरानगर स्थित सैदा सुखल गांव में आतंकी हमला हुआ था। सीआरपीएफ के कॉन्स्टेबल कबीर दास गोली लगने से घायल हो गए थे। बुधवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली थी। शहीद की अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब पहले शहीद का पार्थिव शरीर हवाई मार्ग के जरिए नागपुर लाया गया। इसके बाद यहां से सड़क मार्ग से पैतृक गांव पुलपुलडोह लाया गया। शहीद कबीर दास उईके की अंतिम विदाई में जनसैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर फूल बरसा कर श्रद्धांजलि अर्पित की। चौरई के पूर्व विधायक पंडित रमेश दुबे ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वहीं, मध्य प्रदेश की पीएचई मंत्री संपतिया उइके शहीद के घर पहुंचीं। अंतिम संस्कार के समय CRPF के IG सुखबीर सिंह सोढी और DIG नीतू सिंह, छिंदवाडा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह, SP मनीष खत्री मौजूद रहे।मंगलवार (11 जून) रात 8 बजे कठुआ के हीरानगर स्थित सैदा सुखल गांव में हुए आतंकी हमले में CRPF के कॉन्स्टेबल कबीर दास उईके गोली लगने से घायल हो गए थे। जिसके बाद बुधवार (12 जून) सुबह इलाज के दौरान कबीर का निधन हो गया। 2011 में जॉइन की थी सीआरपीएफ छिंदवाड़ा की बिछुआ तहसील के पुलपुलडोह के रहने वाले 35 साल के कबीर दास उईके ने 2011 में सीआरपीएफ जॉइन की थी। साल 2021 में उनकी शादी हुई थी। परिवार में मां इंदरवति उईके, पत्नी ममता उईके और छोटा भाई है। पिता का निधन हो चुका है और दो बहनों की शादी हो चुकी है। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को पैतृक गांव पुलपुलडोह में होगा। विशेष वाहन से शव नागपुर से गांव लाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, 8 दिन पहले ही 20 दिन की छुट्‌टी के बाद वे ड्यूटी पर लौटे थे। उनकी पोस्टिंग भोपाल में होने वाली थी। परिवार से मिलने पहुंचे सांसद-महापौर छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू और महापौर विक्रम अहाके शहीद के घर पहुंचे। परिवार को ढांढस बंधाया। कठुआ और डोडो में आतंकी हमले जम्मू-कश्मीर के डोडा और कठुआ जिले में आतंकवादी विरोधी अभियानों में सेना के पांच जवान और राज्य पुलिस का एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) घायल हो गए, जबकि एक अलग मुठभेड़ में घायल हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक जवान शहीद हो गया। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि चत्तरगला इलाके या डोडा जिले में मंगलवार देर रात आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी हुई। उन्होंने कहा, रात करीब पौने दो बजे सेना और पुलिस डोडा जिले के भद्रवाह के चत्तरगला इलाके में आतंकवादियों से मुठभेड़ हो गई। गोलीबारी में सेना के पांच जवान और एक एसपीओ गोली लगने से घायल हो गए, उन्हें तुरंत बाहर निकाला गया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बीच कठुआ जिले के कूटा मोड़ पर सैदा सुखल गांव में चल रहे एक अन्य अभियान में सीआरपीएफ के जवान को गोली लग गई और बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई। शहीद सीआरपीएफ कर्मियों की पहचान कांस्टेबल जी डी कबीर दास के रूप में की गई। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, हीरानगर के सोहल गांव के 45 वर्षीय नागरिक ओंकार को भी आतंकवादियों द्वारा गोली चलाने से बाएं हाथ में चोट लग गई। उसे सरकारी मेडिकल कॉलेज, कठुआ में भर्ती कराया गया। फिलहाल एक आतंकवादी को मारा गया है जबकि दूसरे आतंकवादी को पकड़ने के लिए क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तलाशी की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार आतंकवादियों की संख्या दो थी। 9 जून को बस पर की थी फायरिंग इससे पहले, रविवार 9 जून की शाम सवा 6 बजे रियासी में आतंकियों ने श्रद्धालुओं को लेकर वैष्णोदेवी जा रही बस पर हमला कर दिया था। इसमें 10 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 41 लोग घायल हो गए थे। बस शिव खोड़ी से कटरा जा रही थी। उसी दौरान कंदा इलाके में बस के मोड़ पर आते ही आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। हमले में ड्राइवर घायल हो गया और बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। बस के खाई में गिरने से पहले आतंकियों ने 25 से 30 गोलियां चलाई थीं। आतंकी हमले में गंभीर रूप से हो गए थे घायल दरअसल मंगलवार को हुए एक आंतकी ‘हमले’ में सीआरपीएफ कांस्टेबल कबीरदास उइघे गंभीर रूप से घायल हो गए थे. जिसके बाद बुधवार की सुबह उनके शहीद होने की खबर सामने आई थी. शहीद सीआरपीएफ जवान उइघे मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के रहने वाले थे.   करीब 8 दिन पहले आए थे छिंदवाड़ा जम्मू कश्मीर में आतंकवादी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान कबीरदास उइके की मां ने एनडीटीवी को बताया कि शहीद उइघे करीब 8 दिन पहले ही छिंदवाड़ा आए थे और जल्द ही उनका ट्रांसफर भोपाल होने वाला था. बता दें, कठुआ जिले में एक मुठभेड़ में 1 आतंकी भी मारा गया और उसके पास से भारी गोला-बारूद बरामद किया गया.  

साय सरकार के छः माह: छत्तीसगढ़ में उम्मीदों की नई रोशनी फैलाने में सफल

एल.डी.मानिकपुरी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी रायपुर लोकतंत्र में जहां जनता अपने नेतृत्व को वायदे पूरे करने के लिए पांच साल का जनादेश प्रदान करती है। ऐसे में किसी प्रदेश के मुखिया से महज छह माह के समय में इन वायदों को पूरा करने की आशा आमतौर पर बेमानी होती है। लेकिन मन में जज्बा, कुछ करने की लालसा, संवेदनशील प्रयास और समन्वित रणनीति के तहत कार्य किया जाए तो छह माह में भी इतिहास गढ़ा जा सकता है। महज़ छह माह में किसी भी सरकार के कामकाज का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता इसके बावजूद विष्णु देव साय सरकार जिस तेजी के साथ काम को आगे बढ़ा रही है, निश्चित ही यह एक मिसाल है।     मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए अधिकांश वायदों को पूरा करने के लिए जरा भी वक्त जाया नहीं किया। इसे कुछ इस तरह से समझा जा सकता है।  शपथ ग्रहण 13 दिसम्बर 2023 के बाद 15 अप्रैल 2024 यानी 4 माह 02 दिन। 16 मार्च 2024 से 6 जून 2024 यानी 2 माह 21 दिन लोकसभा निर्वाचन की वजह से आदर्श आचार संहिता पूरे प्रदेश में प्रभावशील रही। ऐसे में विष्णु देव सरकार को मुख्यमंत्री बने छह माह जरूर हो चुके हैं लेकिन निर्णय, योजनाओं का क्रियान्वयन, भावी रणनीति को मूर्तरूप देने के लिए उन्हें 4 माह का ही समय मिला है।     मुख्यमंत्री साय ने इन सब के बावजूद अपने सटीक निर्णयों से प्रदेश में एक अलग छाप छोड़ने में सफल हुए हैं। जब हम आधी आबादी की बात करते हैं तब उनकी स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वावलम्बन और सशक्तीकरण के लिए ठोस व दूरगामी रणनीति बनानी पड़ती है। प्रदेश के 70 लाख विवाहित महिलाओं के जीवन में एक नई उम्मीद की किरण महतारी वन्दन योजना से मिली है। ईब से इंद्रावती तक यानी प्रदेश के चारों तरफ विवाहित महिलाओं को हर माह एक हजार रूपए दिए जा रहे हैं और इस तरह चार किश्ते दी जा चुकी हैं। राज्य सरकार द्वारा विवाहित माताओं-बहनों के खाते में राशि देने के पीछे आर्थिक सशक्तीकरण करना, उनके आर्थिक हालात को बेहतर करना प्रमुख उद्देश्य है।       दावे और वादे के पक्के मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के लाखों किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदने की गारंटी को पूरा करते हुए 32 हजार करोड़ रुपए के समर्थन मूल्य की राशि का भुगतान किसानों के खाते में किया गया, वहीं 24 लाख 75 हजार किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपए अन्तरित की गई। खरीफ सीजन में रिकॉर्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। इसके अलावा किसानों को दो साल के धान के बकाया बोनस राशि 3 हजार 716 करोड़ रुपए देने जैसे साहसिक निर्णय लिए है।     मुख्यमंत्री साय संवेदनशील सरकार और किसानों के सरकार के रूप में महज छह माह में ही पहचान बनाने में सफल हुए। आदिवासियों की पीड़ा, संघर्ष, सम्मान और जरूरत को उनसे बेहतर कौन समझ पाएगा! सरकार बनाते ही तेन्दूपत्ता प्रति मानक बोरा 5 हजार 500 रूपए की गई, जिससे 12 लाख 50 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभ मिल रहा है। कौन नहीं चाहता कि घर के बुजुर्ग तीर्थ यात्रा करें लेकिन आर्थिक अभाव, सुरक्षा और मार्गदर्शन आड़े आते हैं। ऐसे में विष्णु सरकार की मानवीय पहल यानी रामलला मंदिर दर्शन योजना से मन की मुराद पूरी हो रही है।     कोई न सोए भूखे पेट, इस तरह के विचार को अपनी कार्य योजना में शामिल करें तो वह निश्चित ही मानवीय संवेदना ही है प्रदेश के 68 लाख़ से अधिक गरीब परिवारों को पांच वर्षों तक मुफ्त अनाज देने जैसे निर्णय साबित कर रहे हैं कि सरकार गरीबों के कल्याण को प्राथमिकता दे रही है। खुद का घर, पक्का मकान यह सब सुनने में एक गरीब परिवार के लिए दिन में देखने वाले स्वप्न की तरह होता है। लेकिन इस सपने को सच करने के लिए, 18 लाख प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण की दिशा में प्रदेश जोरशोर से आगे बढ़ चुका है। ऐसे में गरीब के सिर में पक्का छत होना यानी सशक्त परिवार और खुशहाल समाज का प्रतीक बनेगा।     सरकार में आते ही युवाओं की तकलीफ को समझा और पीएससी परीक्षा घोटाले को लेकर युवाओं के गुस्से और हताशा को समझते हुए मुख्यमंत्री साय ने सीबीआई जांच की अनुशंसा की। शासकीय भर्ती आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट देने से युवाओं के मन में खुशियां देखने को मिली है। जिस बस्तर अंचल की पहचान सुंदर प्राकृतिक परिवेश और अकूत संसाधनों से है तथा यहां के भोलेभाले आदिवासियों की कला संस्कृति ने देश और दुनिया को अपनी ओर खींचा है। इस स्वर्ग को दूषित करने का काम कुछ माओवादी आतंकवादी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय के अडिग निर्णय, बेहतर रणनीति का ही परिणाम है कि महज छह माह में 129 माओवादियों को सुरक्षा बलों के जवानों ने ढेर किया है, 488 गिरफ्तार हुए हैं 431 आत्मसमर्पण किया और इस तरह बस्तर की उम्मीद की नई रौशनी देखने को मिलने लगी है।

आज और कल पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड के गंगा के मैदानी इलाकों में लू चलने की संभावना

नई दिल्ली भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में अगले 3 दिनों के दौरान महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बताया है। मौसम एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम समेत 12 राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। साथ ही उत्तर भारत के कई राज्यों में गर्मी का प्रकोप जारी रहने की बात भी कही है। आईएमडी ने उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के लि रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में भी लू की चेतावनी जारी की गई है। आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, 13-17 जून के दौरान उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू चलने की संभावना है। 13 और 14 तारीख को पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड के गंगा के मैदानी इलाकों में लू चलने की संभावना है। अगले 5 दिनों के दौरान उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना है। अगले दो दिनों तक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तर-पश्चिम राजस्थान, उत्तर-पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और ओडिशा में लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले 5 दिनों के दौरान मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी और हल्की बारिश होगी। आईएमडी के मुताबिक 1 जून को सीजन शुरू होने के बाद से भारत में सामान्य से एक प्रतिशत कम बारिश हुई है। इन राज्यों में बारिश के आसार आईएमडी के मुताबिक, अगले पांच दिनों के दौरान मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ हल्की से भारी बारिश होने की संभावना है। 13-16 जून के दौरान नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इन राज्यों में चलेगी लू मौसम अधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और ओडिशा जैसे उत्तरी और पूर्वी राज्यों में चार-पांच दिनों तक हीटवेव जारी रहने की संभावना है। नाम न छापने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि मौसम मॉडल गर्मी से जल्द राहत का संकेत नहीं दे रहे हैं। मॉनसून में देरी का असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ेगा। मॉनसून आगमन में देरी मौसम विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए दावा किया है कि पश्चिमी क्षेत्रों में समय से पहले मॉनसून के पहुंचने के बाद उसकी गति कमजोर पड़ गई है। मुंबई में मॉनसून तय समय से करीब दो दिन पहले पहुंच गया, लेकिन मध्य और उत्तरी राज्यों में इसके आगमन में देरी हो सकती है। उत्तरी राज्यों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और 46 डिग्री सेल्सियस (108 डिग्री फारेनहाइट से 115 डिग्री फारेनहाइट ) के बीच है। जो सामान्य से लगभग 3 डिग्री सेल्सियस से 5 डिग्री सेल्सियस (5 डिग्री फारेनहाइट और 9 डिग्री फारेनहाइट) अधिक है।

छह माह में साय सरकार ने किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए बहुत कम समय में ऐतिहासिक फैसले लिए

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन के ट्रैक पर छत्तीसगढ़ ने फिर से विकास की रफ्तार पकड़ ली है। बीते छह माह पर नजर डाले तो साय सरकार ने किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए बहुत कम समय में ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए वर्ष 2047 तक विकसित-छत्तीसगढ़ का निर्माण के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का काम भी शुरू कर दिया गया है।     विधानसभा चुनाव के दौरान छत्तीसगढ़ के लोगों को गारंटी दी थी कि छत्तीसगढ़ में लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि के लिए सुशासन की स्थापना की जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अलग सुशासन और अभिसरण विभाग का गठन किया है। यह विभाग कल्याणकारी नीतियों के सफल क्रियान्वयन, उपलब्ध संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग और जन समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए काम कर रहा है। सभी विभागों को सुशासन के लिए अधिक से अधिक आईटी का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की निगरानी और समीक्षा के लिए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर 2023, सुशासन दिवस पर अटल मॉनिटरिंग पोर्टल का शुभारंभ किया गया है।     साय सरकार ने आवासहीन और जरूरतमंद 18 लाख परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, 13 लाख से अधिक किसानों को धान की बोनस राशि, 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी, महतारी वंदन योजना में 70 लाख से अधिक गरीब परिवारों की महिलाओं को हर माह एक-एक हजार रूपए देने जैसे अनेक निर्णयों पर क्रियान्वयन किया है। राज्य के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में माओवाद उन्मूलन के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नियद नेल्लानार योजना शुरू की गई है। महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, रामलला दर्शन योजना, उद्यम क्रांति योजना जैसी कई अभिनव योजनाओं की शुरूआत हुई है। लोकतंत्र सेनानियों (मीसा बंदियों) की सम्मान निधि फिर से शुरू कर दी गई है।     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 13 जून से सभी विभागों में प्रशासनिक कसावट लाने के लिए समीक्षा बैठक लेने का सिलसिला शुरू कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जन कल्याणकारी कार्यक्रम का क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता रखें। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा है कि आम नागरिकों की दिक्कतें दूर करने के लिए संवेदनशील होकर कार्य करें। लोकसभा निर्वाचन के बाद अब शासन की योजनाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार तेजी से काम कर रही है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना जैसी अनेक योजनाओं के क्रियान्वयन पर तैयारी शुरू कर दी गई है। राजस्व प्रशासन को भी मजबूत किया जा रहा है। भूमि संबंधी विवादों और दिक्कतों को दूर करने के लिए भू-नक्शों की जियो रिफरेसिंग पर भी रणनीति तैयार कर ली गई है। 18 लाख आवास स्वीकृत-     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक आयोजित कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की गारंटी के अनुरूप 18 लाख 12 हजार 743 जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने स्वीकृति दे दी। इसके लिए 12 हजार 168 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। 13 लाख किसानों को धान का बोनस-     मोदी जी ने प्रदेश के किसानों को गारंटी दी थी कि सरकार बनने पर राज्य के किसानों को 2 साल का बकाया धान बोनस देंगे। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस, सुशासन दिवस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 13 लाख किसानों के बैंक खातों में 3716 करोड़ रुपए का बकाया धान बोनस अंतरित कर इस गारंटी को भी पूरा किया है। 3100 रूपए में धान की खरीदी-     साय सरकार ने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदने की गारंटी को पूरा करते हुए 32 हजार करोड़ रुपए के समर्थन मूल्य की राशि का तत्काल भुगतान किसानों को किया और फिर 12 जनवरी को 24 लाख 75 हजार किसानों को कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की है। इस साल खरीफ सीजन में राज्य में 145 लाख मीटिरक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई है। 70 लाख महिलाओं का वंदन –     महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं के बैंक खातों में राशि अंतरण का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की वर्चुअल उपस्थिति में 10 मार्च 2024 को हुआ। इस योजना के अंतर्गत राज्य की पात्र महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। योजना का लाभ 70 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रहा है। अब तक इस योजना की चार माह की राशि जारी की जा चुकी है। पिछली सरकार ने महिला स्व सहायता समूहों से रेडी टू ईट का काम छीन लिया था। छत्तीसगढ़ सरकार ने अब फिर से उन्हें यह काम सौंप दिया है। रामलला दर्शन योजना-     छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्या में विराजमान रामलला के दर्शन हेतु निःशुल्क आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य में रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना संचालित की जा रही है। शासकीय व्यय में अब तक हजारों दर्शनार्थी रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या भेजे जा चुके हैं।   तेन्दूपत्ता संग्रहण दर अब 5500 रूपए-     राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर अब 5500 रुपए प्रति मानक बोरा कर दी गई है। चालू तेंदूपत्ता सीजन से ही 12 लाख 50 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को योजना का लाभ मिल रहा है। संग्राहकों के लिए राज्य सरकार द्वारा चरण पादुका योजना भी शुरू की जाएगी, साथ ही उन्हें बोनस का लाभ भी दिया जाएगा।   भर्ती में युवाओं को पांच वर्ष की छूट-     युवाओं की बेहतरी के लिए राज्य सरकार ने अहम निर्णय लेते हुए पुलिस विभाग सहित विभिन्न शासकीय भर्तियों में युवाओं को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट का निर्णय लिया है। अभ्यर्थियों को 31 दिसंबर 2028 तक आयु सीमा में 05 वर्ष छूट का लाभ मिलेगा। यूपीएससी की तर्ज पर … Read more

ओडिशा : सत्ता में आते ही सीएम माझी ने पूरा किया वादा, जगन्नाथ मंदिर के चारों द्वार खुले

भुवनेश्वर ओडिशा के पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर के सभी चारों द्वार को गुरुवार को एक बार फिर से खोल दिया गया है. इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जगन्नाथ मंदिर में पूजा अर्चना की. इस दौरान बालासोर से सांसद प्रतापचंद्र सारंगी और अन्य मंत्री भी मौजूद रहे. राज्य की नवनिर्वाचित बीजेपी सरकार ने बुधवार को पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर के सभी चार द्वारों को फिर से खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. सरकार ने मंदिर से जुड़े अहम मुद्दों की देखभाल के लिए 500 करोड़ रुपये के विशेष कोष का भी ऐलान किया गया था. एजेंसी के मुताबिक ओडिशा के मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने कहा कि चुनाव के दौरान हमने कहा था कि हम सभी 4 द्वार फिर से खोलेंगे. मंदिर के सभी चार द्वार आज खुलने जा रहे हैं. मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य यहां मौजूद हैं, सीएम भी मौजूद हैं. विकास परियोजनाओं के लिए 500 करोड़ रुपये के कॉर्पस फंड की भी घोषणा की गई है. हमने कल शपथ ली और हम आज द्वार खोल रहे हैं. प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद मोहन चरण माझी ने मीडिया से कहा, “राज्य सरकार ने गुरुवार सुबह सभी मंत्रियों की मौजूदगी में पुरी जगन्नाथ मंदिर के सभी चार द्वार फिर से खोलने का फैसला किया है. श्रद्धालु सभी चार द्वारों से मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे.” ‘श्रद्धालुओं को हो रही थी परेशानी…’ मांझी ने आगे कहा कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को द्वार बंद होने के की वजह से परेशानी हो रही थी और हाल ही में लिए गए फैसले से उनकी यात्रा आसान हो जाएगी. गौरतलब है कि बीजेपी ने अपने विधानसभा चुनाव घोषणापत्र में भी जगन्नाथ मंदिर के सभी द्वार खोलने का वादा किया था. कोविड-19 महामारी के बाद से ही बीजेडी की पिछली सरकार ने मंदिर के चारों द्वार बंद रखे थे. श्रद्धालु केवल एक द्वार से ही प्रवेश कर सकते थे और सभी द्वार खोलने की मांग की जा रही थी. इससे पहले बुधवार को, चार बार के विधायक और क्योंझर जिले के आदिवासी नेता मोहन चरण माझी ने भुवनेश्वर में एक समारोह में ओडिशा के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री शामिल हुए. एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मंत्री बुधवार रात को पुरी के लिए रवाना होंगे और तीर्थ नगरी में रुकेंगे ताकि बृहस्पतिवार सुबह जब चारों द्वार खोले जाएं तो वे वहां मौजूद रह सकें. माझी ने कहा कि राज्य सरकार धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाकर 3100 रुपये प्रति क्विंटल करने के लिए भी कदम उठाएगी और संबंधित विभाग को इस संबंध में कदम उठाने को कहा गया है. उन्होंने कहा कि धान के लिए एमएसपी बढ़ाकर 3100 रुपये प्रति क्विंटल करने के प्रस्ताव पर अमल के लिए बहुत जल्द एक समिति गठित की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा, “यह काम सरकार के पहले 100 दिन के भीतर पूरा कर लिया जाएगा.” नई सरकार 100 दिन के अंदर सुभद्रा योजना लागू करेगी, जिसके तहत महिलाओं को 50,000 रुपये का नकद ‘वाउचर’ मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा, “विभागों को सुभद्रा योजना के कार्यान्वयन के लिए दिशानिर्देश और रूपरेखा तैयार करने को कहा गया है.”

कुवैत अग्निकांड में गई 40 भारतीयों की जान? 10 प्वाइंट में जानें कब-क्या हुआ, विदेश राज्य मंत्री कुवैत रवाना

 कुवैत कुवैत की एक इमारत में बुधवार तड़के लगी भीषण आग में 50 से ज्यादा लोगों के मरने की खबर हैं. इनमें बड़ी संख्या भारतीयों की हैं. बताया जा रहा है कि मृतकों में 40 से अधिक भारत के नागरिक हैं. इस अग्निकांड को लेकर कुवैत से लेकर भारत में सनसनी मची हुई है. कुवैत सरकार ने इस घटना में लापरवाही को जिम्मेदार ठहाराते हुए बिल्डिंग मालिक और अन्य लोगों की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं. सरकार ने इस आग को लालच का नतीजा बताया है. पीएम मोदी ने की अहम बैठक, मुआजवे का एलान प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना को ‘दुखद’ बताया। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव विनय क्वात्रा, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में इस घटना के बाद स्थिति की समीक्षा की। पीएम मोदी ने इस ‘दुर्भाग्यपूर्ण घटना’ पर गहरा दुख जताया। उन्होंने मृतक भारतीय नागरिकों के परिवारों के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि भी घोषित की। कुवैत अग्निकांड में DNA जांच के बाद चार और भारतीयों की शिनाख्त हुई है. ये चारों केरल के रहने वाले थे. 1) कुवैत अग्निकांड में केरल के पथानामथिट्टा जिले के रहने वाले आकाश एस नायर की भी मौत हुई है. 32 साल का आकाश कुवैत में बीते आठ साल से काम कर रहा था. 2) पथानामथिट्टा के ही 65 साल के चेन्नासेरिल साजू की भी इस अग्निकांड में मौत हुई है. वह 22 सालों से कुवैत में काम कर रहे थे. 3) केरल के इसी इलाके से 23 साल के एक और शख्स आकाश की भी मौत हुई है. 4) केरल के Changanassery में श्रीहरि प्रदीप की भी मौत हो गई है. वह मैकेनिकल इंजीनियर थे. उनके पिता प्रदीप भी कुवैत में काम कर रहे हैं.  विदेश मंत्री ने की कुवैती समकक्ष से बात, की यह अपील विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फोन पर अपने कुवैती समकक्ष अब्दुल्ला अली अल-याह्या से बातचीत की। उन्होंने यह सुनिश्चित करने की अपील की कि आग लगने के कारण जान गंवाने वाले भारतीयों के शव शीघ्र भारत भेजे जाएं। जयशंकर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया,  ‘कुवैत में आग लगने की घटना पर कुवैती विदेश मंत्री अब्दुल्ला अली अल-याह्या से बातचीत की। इस संबंध में कुवैती अधिकारियों द्वारा किए गए प्रयासों के बारे में बताया गया। हमें आश्वासन दिया गया कि इस घटना की पूरी जांच की जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी।’ हताहत हुए भारतीयों में ज्यादातर केरल के मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि हताहत हुए भारतीयों में ज्यादातर केरल के हैं। ज्यादातर लोगों की मौत धुएं से दम घुटने की वजह से हुई। हादसे वक्त वे सभी सो रहे थे। हालांकि, कई लोगों को बचा भी लिया गया। उन्होंने बताया कि आग कुवैत के दक्षिणी अहमदी गवर्नेट के मंगफ क्षेत्र में छह मंजिला इमारत की रसोई में लगी। इमारत में एक ही कंपनी के 195 मजदूर रहते थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों में अधिकतर केरल, तमिलनाडु और उत्तर भारतीय राज्यों के भारतीय नागरिक शामिल हैं, जिनकी उम्र 20 से 50 साल के बीच थी। संबंधित इमारत को एनबीटीसी समूह ने किराए पर ले रखा था। आग की घटना की जांच के आदेश दिए कुवैत के गृह मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ अल सबाह ने आग की घटना की जांच के आदेश दिए और अल-मंगफ इमारत के मालिक तथा चौकीदार को पकड़ने के निर्देश जारी किए। वहीं, कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबाह ने भी अधिकारियों को भीषण आग की जांच करने का आदेश दिया और त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा देने के लिए प्रतिबद्धता जताई। देश के युवराज शेख सबाह खालिद अल-हमद अल-सबाह और प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह ने लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। अचानक कैसे लगी आग? दक्षिणी कुवैत के मंगाफ में NBTC ग्रुप ने इस बिल्डिंग को किराए पर लिया था. कंपनी ने अपने यहां काम करने वाले मजदूरों का इस बिल्डिंग में रहने का इंतजाम किया था. इस बिल्डिंग में कुल 196 लोग रह रहे थे, जो कि क्षमता से बहुत अधिक था. कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इन मजदूरों को ठूंस-ठूंसकर इस बिल्डिंग में रहने को मजबूर किया जा रहा था. नाइट शिफ्ट करके आए मजदूर सो रहे थे ये आग बुधवार तड़के चार बजे के आसपास लगी. छह मंजिला इस इमारत के किचन में आग लगी, जो पूरी बिल्डिंग में फैल गई. यहां रहने वाले अधिकतर मजदूर नाइट शिफ्ट करके लौटे थे और सो रहे थे. आग लगने की वजह से कई लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. तंग जगह होने की वजह से कई लोगों को भागने तक का मौका नहीं मिला. वहीं, कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए अपनी-अपनी मंजिलों से छलांग भी लगाई. गृहमंत्री का कहना है कि अधिकतर मौतें दम घुटने की वजह से हुई हैं. वहीं, कुवैत के अमीर मिशाल अल अहमद अल जबेर अल सबाह ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं. इस अग्निकांड में एक बड़ी लापरवाही ये भी सामने आई है कि पूरी बिल्डिंग में एंट्री गेट एक ही था. इमारत की छत पूरी तरह से बंद थी, जिस वजह से छत के रास्ते भी मजदूर खुद को बचाने में असफल रहे. कुवैत सरकार ने उठाए सवाल? इस अग्निकांड के बाद कुवैत सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है. आग लगने की घटना के बाद कुवैत के गृहमंत्री शेख फहद अल यूसुफ अल सबह घटनास्थल पर पहंचे और बिल्डिंग मालिक की गिरफ्तारी का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि इस मामले में आवासीय कानून (Law of House) का उल्लंघन हुआ है. नियमों का उल्लंघन करके विदेशी मजदूरों को अत्यधिक असुरक्षित स्थितियों में रहने को मजबूर किया जा रहा था ताकि कंपनी मालिक खर्चों में कटौती कर सकें. बिल्डिंग का मालिक है मलयाली कुवैत की जिस इमारत में आग लगी है. वह मलयाली कारोबारी केजी अब्राहम नाम के शख्स की है. केजी अब्राहम केरल के तिरुवल्ला के बिजनेसमैन हैं, जिनकी कंपनी 1977 से कुवैत की ऑयल एंड इंटस्ट्रीज का हिस्सा है. मारे गए मजदूर इसी कंपनी में काम करते थे. विदेशी कामगारों पर … Read more

मध्यप्रदेश में पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा शुरू, भोपाल से इंदौर 55 मिनट में पहुंचेंगे, एक माह तक किराये में 50 फीसदी छूट

भोपाल मध्यप्रदेश में पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा शुरू हो गई है। अब भोपाल से इंदौर का सफर 55 मिनट में पूरा हो जाएगा। भोपाल एयरपोर्ट से सीएम डॉ. मोहन यादव ने फ्लैग ऑफ कर पहली उड़ान को रवाना किया। मुख्यमंत्री गुरुवार को सुबह 9 बजे राजा भोज अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भोपाल से जबलपुर जाने वाली पहली फ्लाइट को फ्लैग ऑफ किया। यह फ्लाइट भोपाल से जबलपुर होकर रीवा जाएगी, वहां से सिंगरौली लैंड होगी। मुख्यमंत्री भोपाल एयरपोर्ट पर शुरू किये जा रहे टिकिट बुकिंग काउंटर का भी शुभारंभ कर यात्रियों को बोर्डिंग पास प्रदान किए। राज्य स्तरीय शुभारंभ समारोह में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी, प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति एवं प्रबंध संचालक मप्र टूरिज्म बोर्ड के शिव शेखर शुक्ला, प्रबंध संचालक पर्यटन विकास निगम डॉ. इलैयाराजा टी,  अपर प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड बिदिशा मुखर्जी उपस्थिति रही।   “पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा” के तहत प्रदेश के आठ शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, ग्वालियर, सिंगरौली और खजुराहो को हवाई सेवा के माध्यम से जोड़ा जाएगा। “पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा” का संचालन मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा लोक निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर मेसर्स जेट सर्व एविएशन प्राइवेट लिमिटेड (फ्लायओला) द्वारा किया जा रहा है। सेवा की शुरुआत से अगले एक महीने तक 50 प्रतिशत ही किराया लगेगा।    इसके तहत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, ग्वालियर, सिंगरौली एवं खजुराहो के लिए हवाई सेवाएं शुरू की जा रही हैं। 6 सीटर वाले दो एयरक्राफ्ट इन शहरों के बीच उड़ान भरेंगे। “पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा” का संचालन मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा लोक निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर मेसर्स जेट सर्व एविएशन प्राइवेट लिमिटेड (फ्लायओला) द्वारा किया जा रहा है। टिकट बुकिंग के लिए आनलाइन सुविधा फ्लायओला वेबसाइट डेवलप की गई है। एक माह तक किराये में 50 प्रतिशत डिस्काउंट पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा में बुकिंग करवाने पर अभी एक माह तक 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इंदौर से उज्जैन तक का किराया 3000 के करीब है, जो छूट के बाद 1500 रुपये होगा। छूट के बाद इतना ही किराया भोपाल का भी होगा। यह वंदे भारत ट्रेन के किराये से भी कम है। इस वायु सेवा की बुकिंग के लिए इंदौर, भोपाल एवं जबलपुर के एयरपोर्ट पर बुकिंग काउंटर स्थापित किए जा चुके हैं। प्रदेश के 8 शहरों को हवाई सेवा के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। जिसका विस्तार आने वाले समय में कुछ और शहरों तक किया जाएगा। इस तरह हवाई सेवा से जुड़ेंगे शहर पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा के अंतर्गत रीवा शहर को सप्ताह में सोमवार व गुरुवार दो दिवस इंदौर, जबलपुर व भोपाल से जोड़ा जा रहा है। ग्वालियर शहर को सप्ताह में दो दिवस मंगलवार को इंदौर, भोपाल एवं उज्जैन व शनिवार को भोपाल से जोड़ा जा रहा है। उज्जैन शहर को सप्ताह में तीन दिवस मंगलवार को इंदौर, भोपाल एवं ग्वालियर व बुधवार को इंदौर, भोपाल तथा जबलपुर व रविवार को इंदौर और भोपाल से जोड़ा जा रहा है। खजुराहो शहर को सप्ताह में एक दिवस शुक्रवार को भोपाल और जबलपुर से जोड़ा जा रहा है। ऐसे कराएं बुकिंग “पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा” के तहत ग्वालियर से 15 जून को और 16 जून को उज्जैन से हवाई यात्रा की शुरुआत होगी। हवाई सेवा के लिए 6 पैसेंजर सीट वाले दो एयरक्राफ्ट का संचालन किया जाएगा। इच्छुक पर्यटक https://flyola.in/ पर ऑफर शेड्यूल और किराए संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे जुड़ेंगे शहर     रीवा सप्ताह में 2 दिन सोमवार व गुरुवार को इंदौर, जबलपुर एवं भोपाल से जुड़ेगा।     ग्वालियर को सप्ताह में 2 दिन मंगलवार को इंदौर, भोपाल-उज्जैन और शनिवार को भोपाल से जुड़ेगा है।     उज्जैन शहर को सप्ताह में 3 दिन मंगलवार को इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, बुधवार को इंदौर, भोपाल, जबलपुर एवं रविवार को इंदौर, भोपाल से जोड़ा जाएगा।     खजुराहो को सप्ताह में 1 दिन शुक्रवार को भोपाल व जबलपुर से जोड़ा जा रहा है। ऐसे कर सकते हैं बुकिंग     यदि किसी को ऑनलाइन टिकट बुक करना है तो वह फ्लाई ओला वेबसाइट पर जाकर बुकिंग कर सकते हैं। www.flyola.in पर ऑफर, शेड्यूल और किराए से जुड़ी सारी जानकारी मिल जाएगी।     पर्यटन एवं संस्कृति के प्रमुख सचिव और टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक शिवशेखर शुक्ला ने बताया- वायु सेवा की बुकिंग के लिए इंदौर-भोपाल एवं जबलपुर के एयरपोर्ट पर बुकिंग काउंटर भी स्थापित किए गए हैं।     अभी प्रदेश के 8 शहरों को हवाई सेवा के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। जिसका विस्तार आने वाले समय में कुछ और शहरों तक किया जाएगा। अंदर से ऐसा है एयर क्राफ्ट। अंदर से ऐसा है एयर क्राफ्ट। डिस्काउंट ​​​​​​के बाद ​वंदे भारत ट्रेन के आसपास किराया एयर टैक्सी के किराए को लेकर दावा है कि यह किराया वंदे भारत ट्रेन के आसपास ही रहेगा। विभाग का कहना है कि 50% डिस्काउंट मिलने के बाद एयर टैक्सी सेवा का किराया वंदे भारत ट्रेन के किराए के आसपास रहने ही रहेगा। जैसे- भोपाल से इंदौर तक यदि वंदे भारत ट्रेन से सफर किया जाए तो एग्जीक्यूटिव कार (ईसी) का किराया 1600 रुपए है, जबकि एयर टैक्सी के 2062 रुपए 50 पैसे चुकाने होंगे। 30 दिन के बाद यह किराया दोगुना हो जाएगा। हालांकि, कुछ उड़ानें ऐसी हैं, जिनका किराया अधिक है। इसके पीछे तर्क है कि स्टॉप अधिक होने और 6 सीटर होने की वजह से यह किराया है।  

सेंसेक्स करीब 400 अंक बढ़कर 77145.46 पर ओपन हुआ

मुंबई भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) हर रोज नया रिकॉर्ड बना रहा है और सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को भी मार्केट ओपन होने के साथ ही सेंसेक्स और निफ्टी ने अपने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. जोरदार तेजी के साथ शुरुआत करते हुए BSE Sensex 77,145.46 के नए ऑल टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया, तो वहीं NSE Nifty ने भी ताबड़तोड़ तेजी दिखाते हुए 23,481.05 का नया हाई छू लिया. बीते कारोबारी दिन भी निफ्टी-50 ने रिकॉर्ड बनाया था. शेयर बाजार  (Share Market) में गुरुवार को तेजी के साथ हरे निशान पर कारोबार की शुरुआत की और सेंसेक्स करीब 400 अंक बढ़कर 77145.46 पर ओपन हुआ. वहीं दूसरी ओर सेंसेक्स की ही तरह तूफानी तेजी के साथ एनएसई निफ्टी 118.35 अंक 0.51% बढ़कर 23,441.30 पर खुला और कुछ ही मिनटों में ये 23,481 के स्तर पर पहुंच गया. शुरुआती कारोबारी में Nestle India, HCL Tech, Infosys, Wipro में जोरदार तेजी देखने को मिली. इससे पहले बीते कारोबारी दिन बुधवार को Nifty ने अपना नया हाई बनाया था और आज उसे तोड़ दिया.   सुबह के कारोबार में नए शिखर पर पहुंचा था निफ्टी घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत में निफ्टी ने 48.70 अंक या 0.21 फीसदी 23,313.50 अंक के स्तर पर अपने कारोबार की शुरुआत की और सेंसेक्स 147.65 अंक या 0.19 फीसदी की मजबूती के साथ 76,604.24 अंक के स्तर पर खुला. इसके बाद सुबह के ही कारोबार में करीब 11 बजे के आसपास एनएसई निफ्टी कारोबार में 177.1 अंक या 0.76 फीसदी बढ़कर 23,441.95 अंक के अपने नए शिखर पर पहुंच गया. हालांकि, मंगलवार के कारोबार में निफ्टी 5.65 अंक या 0.02 फीसदी की मजबूती के साथ 23,264.85 अंक के स्तर पर बंद हुआ था. वहीं, सुबह के कारोबार में 30 शेयर वाला बीएसई सेंसेक्स 593.94 अंक या 0.77 फीसदी चढ़कर 77,050.53 अंक पर रहा. बीएसई सोमवार को अपने पिछले सर्वकालिक शिखर 77,079.04 को छूने से सिर्फ 28.51 अंक दूर रह गया था. मंगलवार 11 जून 2024 को सेंसेक्स 33.49 अंक या 0.04 फीसदी टूटकर 76,456.59 अंक पर बंद हुआ था. टॉप गेनर शेयर घरेलू शेयर बाजार के सेंसेक्स में सूचीबद्ध कंपनियों में जिन कंपनियों के शेयरों में तेजी आई, उनमें एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, कंटेनर कॉरपोरेशन, एचडीएफसी एएमसी, अंबुजा सीमेंट्स, फेडरल बैंक, ओरेकल फाइनांशियल सर्विस, एलएंडटी फाइनांस, सन टीवी नेटवर्क, बैंक ऑफ बड़ौदा, एनएमडीसी, परिमल एंटरप्राइजेज, कोल इंडिया, पावरग्रिड कॉरपोरेशन, गोदरेज प्रॉपर्टीज, एसीसी और आरबीएल बैंक शामिल हैं. वहीं, जिन कंपनियों के शेयरों में नरमी का रुख रहा, उनमें पिडिलाइट इंडस्ट्रीज, मैरिको, यूनाइटेड स्प्रिट, डॉ लाल पैथ लैब, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बायोकॉन और इंटरग्लोब एविएशन शामिल हैं. एशियाई बाजारों का हाल दुनिया के दूसरे शेयर बाजारों की बात करें, तो एशियाई बाजारों में जापान के निक्केई, हांगकांग के हैंगसेंग, जकार्ता के जकार्ता कंपोजिट में नरमी का रुख रहा. वहीं, चीन के शंघाई कंपोजिट, दक्षिण कोरिया के कॉस्पी और ताइवान के ताइवान वेटेड में तेजी बनी रही. हालांकि, अमेरिका का डाऊ जोंस भी तेजी के साथ कारोबार कर रहा है. वैश्विक बाजारों में सोना नरमी के साथ 2,313.87 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर यह बढ़त के साथ 71,510 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल मजबूती के साथ 78.78 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 82.70 के स्तर पर कारोबार कर रहा है.

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