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ट्रेकमेंटनर साथियों के कार्यस्थल पहुंच महामंत्री ने उनके सवालों को समझा, एवं अपने अनुभव से समस्या का हल बताया।

Reaching the workplace of Trekmentner colleagues, the General Secretary understood their questions and explained the solution to the problem from his experience. हरिप्रसाद गोहेआमला,छिंदवाड़ा ! रेल्वे यूनियन मान्यता चुनाव को दृष्टिगत रख नेशनल रेल्वे मजदूर यूनियन महामंत्री मजदूर मसीहा कामरेड वेणु पी नायर, मंडल सचिव कामरेड एस के झा मंडल अध्यक्ष कामरेड मनोज चोइथानी, मान्यता चुनाव प्रभारी ( नार्थ साईड ) कामरेड राजेश आर रावत एवं टीम सदस्य कामरेड दिगंबर घाटोड़े,वैभव अलने,राकेश झड़बड़े,आतिश घरघटे, व साथी कामरेड़ो के साथ नेशनल रेल्वे मजदूर यूनियन जुनारदेव शाखा के कामरेड़ो के साथ मिलकर छिंदवाड़ा, गांगीवाड़ा,परसिया के ट्रेकमेंटनर साथियों के पास उनके कार्यस्थल पहुंच उनके सवालों को समझा गया। इस दौरान महामंत्री कामरेड वेणु पी नायर ने रेल साथियों से वन टू वन चर्चा का उनके सवाल जाने एवं कामरेड नायर ने अपने पुराने अनुभवो से रेल साथियों को उनकी समस्या का मौके पर हल भी बताया । इस मौके पर उपस्थित रेल साथियों से आगामी मान्यता चुनाव में नेशनल रेल्वे मजदूर यूनियन के पक्ष में मतदान करने अपील की । इस मौके पर महामंत्री ने कहा यूनियन NRMU ही क्यों चाहिए NRMU ने रेल कर्मचारीयों के हित के लिए कितना बलिदान दिया संघर्ष किया हैं,जो आज हम सब हर्ष पूर्ण जीवन जी रहे…एक रेल एक यूनियन…एक रेल नेक यूनियन…समस्याओं का समाधान NRMUनहीं चाहिए अनेक यूनियन…इंकलाब जिंदाबाद जिंदाबाद

आमला : रेल्वे यूनियन मान्यता चुनाव की बढ़ी सरगर्मियां ।

Increased enthusiasm for railway union recognition elections. हरिप्रसाद गोहेआमला । जैसे जैसे रेल्वे यूनियन मान्यता चुनाव की तारीख नजदीक आ रही वैसे वैसे यूनियन संगठनों ने मतदाताओं को रिझाने ताकत झोकना शुरू कर दिया है। कोई नुक्कड़ सभा लेकर रेल कामगारों से अपनी यूनियन के पक्ष में मतदान करने अपील कर रहा तो कोई रेल कामगारों के कार्यस्थल पहुंच यूनियन की उपलब्धि बता अपने पक्ष में मतदान करने कामगारों से अपील कर रहा है। गोरतलब हो की नागपुर मंडल में प्रमुख रूप से नैशनल रेल्वे मजदूर यूनियन एवं सेंट्रल रेल्वे मजदूर यूनियन के बीच आमने सामने का रोचक मुकाबला देखा जाता रहा है बहरहाल दोनो ही मजदूर यूनियन अपने अपने झंडे के बैनरतले रेल कामगारों से अपने, अपने पक्ष में मतदान करने अपील कर रहे हैं । आगामी दिनों में देखना होगा की कामगारों ने किस यूनियन का दिया साथ किसको मिलेंगी रेल यूनियन की मान्यता जिसका अभी करना होंगा इंतजार। आपको बतादे यूनियन मान्यता चुनाव क्रमशः 4,5,6 दिसंबर को सेक्शन वाइस होना है वहीं मतों की गणना एवं परिणामों की घोषणा नागपुर मंडल स्तर पर पूर्ण होंगी। नेशनल रेल्वे यूनियन ने झोंकी ताकत नार्थ साईड चुनाव प्रभारी कामरेड राजेश आर रावत से प्राप्त जानकारी अनुसार नेशनल रेल्वे मजदूर यूनियन कोंकण रेलवे के महामंत्री कॉमरेड वेणु पी.नायर एवं नागपूर मंडल परिषद के विचारों से प्रभावित होकर कल शाम कॉमरेड दीपक बालाजी परतेती सिनियर सेक्शन इंजीनियर वर्धा जो कि पांढुरना के रहवासी हैं, कॉमरेड दीपक बालाजी परतेती के नेशनल रेल्वे मजदूर यूनियन से जुड़ने से युवा वर्ग को सीधा और साफ़ इशारा जाता हैं कि युवाओं का सम्मान और युवा वर्ग को प्रोत्साहित करने के लिए नेशनल रेल्वे मजदूर यूनियन वचन बद्ध हैं और मान्यता चुनाव प्रभारी(नॉर्थ) साइड कॉमरेड राजेश आर रावत, युवाओं के लिए ताज़ा उदाहरण हैं अपने पुराने अनुभवों से सभी समस्याओं का हल… नेशनल रेल्वे मजदूर यूनियन,सभी रेल कर्मचारीयों के हित के लिए कई कॉमरेडो ने कितना बलिदान दिया संघर्ष किया हैं,जो आज हम सब हर्ष पूर्ण जीवन जी रहे…एक रेल एक यूनियन…एक रेल नेक यूनियन…समस्याओं का समाधान ने.रे.म.यू.नहीं चाहिए अनेक यूनियन…इंकलाब जिंदाबाद जिंदाबाद

किसानों पर मेहरबान प्रदेश सरकार, करेगी पैसों की बारिश, जल्द खातों में आएगी इतनी राशि

The state government is kind to the farmers, it will rain money, this much amount will come into the accounts soon भोपाल : प्रदेश में कोदो-कुटकी जैसे मिलेट्स की पैदावार करने वाले किसानों को मोहन सरकार बोनस देने की तैयारी कर रही है. बोनस के रूप में सरकार किसानों को 40 करोड़ रुपए का बोनस देगी. किसानों को प्रति हेक्टेयर 3900 रुपए का बोनस दिया जाएगा. हालांकि, धान खरीदी के साथ सरकार ने मक्का और बाजरा की खरीदी तो शुरू कर दी, लेकिन इसके साथ कोदो-कुटकी की खरीदी शुरू नहीं की जा सकी है. ऐसी फसलों को बिना खरीदे ही किसानों को राहत देने की तैयारी की जा रही है. बिना खरीदे किसानों को राहत देगी सरकार प्रदेश की मोहन सरकार ने मिलेट्स के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मिलेट्स की खरीदी का निर्णय लिया था. लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी मिलेट्स की खरीदी नहीं कराई जा सकी. ऐसे में किसानों को कोदो-कुटकी की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने किसानों को 3900 रुपए प्रति हेक्टेयर का बोनस देने का निर्णय लिया है. इसलिए नहीं हो पाई मिलेट्स की खरीदी गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी गई थी. सरकार ने निर्णय लिया था कि प्रदेश में कोदो को 20 रुपए और कुटकी को 30 रुपए प्रति किलो के हिसाब से खरीदा जाएगा. किसानों को प्रति किलो 10 रुपए प्रोत्साहन राशि दिए जाने का भी निर्णय लिया गया था. राज्य सरकार ने मिलेट्स की खरीदी से लेकर इसके प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए मिलेट्स फेडरेशन का भी गठन किया था लेकिन फेडरेशन के गठन में देरी, खरीदी, परिवहन और स्टोरेज की व्यवस्था को लेकर सरकार इस साल मिलेट्स की खरीदी नहीं कर सकी. अधिकारी बोले- जल्द जारी होगी राशि कृषि विभाग के सचिव एम.सेलवेंद्रन के मुताबिक, ” किसानों को बोनस की राशि जल्द ही जारी की जाएगी. इसे लेकर तैयारियां चल रही हैं. प्रदेश में करीबन 1 लाख हेक्टेयर में कोदो-कुटकी की बुआई की गई है. प्रदेश में आमतौर पर मंडला-डिंडोरी और जबलपुर इलाके में ही अधिकतर कुटकी का उत्पादन होता है.”

दुआए खास के साथ खत्म हुआ 4 दिवसीय इज्तिमा, सड़कों पर लगा लंबा जाम

4 day Ijtima ended with special prayers, long jam on roads भोपाल ! राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी में आयोजित चार दिवसीय आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आज समापन हो गया है. सुबह सबसे पहले फजर की नमाज हुई इसके बाद मौला सआद के खास बयान और फिर सुबह 9 बजे दुआ के साथ इज्तिमा का समापन हुआ. बता दें इज्तिमा के समापन के साथ ही अब सभी जमातें अपने-अपने शहरों को जाने लगी है, जिसकी वजह से भोपाल की सडक़, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड, एयरपोर्ट सहित सभी जगह भीड़ ही भीड़ नजर आ रही है. मालूम हो कि इज्तिमा में करीब 2000 से जमाते अलग-अलग राज्य और देशों से हिस्सा लेने के लिए आई हुईं थी. भोपाल की इन सडक़ों पर ट्रैफिकइज्तिमा के समापन के साथ ही आज भोपाल की सड़कों पर लोग ही लोग नजर आ रहे हैं. लाम्बाखेड़ा से करोंद, मुबारकपुर से पटेल नगर, गांधी नगर से अयोध्या नगर बायपास, रत्नागिरी, भोपाल टॉकीज, पीरगेट, मोती मस्जिद, रॉयल मार्केट, लालघाटी चौराहा, नादरा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अल्पना तिराहा, भारत टॉकीज, बोगदा पुल आदि क्षेत्रों में जमकर ट्रैफिक उमड़ रहा है. रेलवे ने किए ये इंतजामइज्तिमा को लेकर रेलवे ने भी विशेष इंतजाम किए हैं. भोपाल स्टेशन पर आज 4 टिकट काउंटर बढ़ाए गए हैं, जबकि गाड़ी संख्या 11272 भोपाल-इटारसी एक्सप्रेस में 2 और 3 दिसंबर को अतिरिक्त जनरल कोच लगाए गए हैं. इसी तरह गाड़ी संख्या 14814 भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस में 2 और 3 दिसंबर को अतिरिक्त जनरल कोच की व्यवस्था है. इज्तिमा में क्या व्यवस्था थीभोपाल में आयोजित इज्तिमा के कार्यक्रम बड़े स्तर पर किया गया था. सभी जगहों से आए आलमी तब्लीगी जमातों के लिए 500 से ज्यादा चार्जिंग प्वाइंट के अलावा 2 हजार से ज्यादा लोगों के लिए खाने-पीने और सोने की अच्छी व्यवस्था की गई थी. इस आयोजन को लेकर भोपाल प्रशासन ने पहले से ही सभी तैयारियां कर ली थी, ताकि किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े.

प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी आज,एमएसपी 2300 रुपए प्रति क्विंटल, शिकायत के लिए नंबर जारी

Paddy purchased today at support price in the state, MSP Rs 2300 per quintal, number issued for complaints प्रदेश में खरीफ विपणन मौसम 2024-25 के लिये धान की खरीदी सोमवार से शुरू होगी। धान कॉमन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 और धान ग्रेड-ए का 2320 रुपये प्रति क्विंटल है। किसानों की एफएक्यू गुणवत्ता की उपज इन्हीं दरों पर उपार्जित की जायेगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि धान का उपार्जन 2 दिसम्बर से 20 जनवरी 2025 तक किया जायेगा। उपार्जन प्रत्येक सप्ताह के सोमवार से शुक्रवार तक होगा। 45 लाख मीट्रिक टन होगी धान की खरीदी केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित मात्रा के अनुसार समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 45 लाख मीट्रिक टन की जायेगी। गोदाम स्तर पर खाद्यान्न की गुणवत्ता का परीक्षण उपार्जन एजेंसी के गुणवत्ता सर्वेयर द्वारा स्टेक लगाने के पहले किया जायेगा। परिवहनकर्ता द्वारा उपार्जित खाद्यान्न का परिवहन समय-सीमा में नहीं करने पर पेनाल्टी की व्यवस्था साप्ताहिक रूप से की जायेगी। समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के बाद भुगतान, कृषक पंजीयन के दौरान आधार नम्बर से लिंक बैंक खाते में किया जायेगा। धान उपार्जन अवधि के दौरान पड़ोसी राज्यों से उपार्जन केन्द्र पर लायी जाने वाली उपज की अवैध बिक्री को रोकने के लिये समुचित कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर्स को दिये गये हैं। समस्याओं के समाधान के लिए तकनीकी सेल का गठन पंजीयन एवं उपार्जन में आने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिये जिले में और राज्य स्तर पर भी तकनीकी सेल का गठन किया गया है। जिला स्तरीय समिति उपार्जन संबंधी सभी विवादों का अंतिम निराकरण तथा उपार्जित खाद्यान्न की गुणवत्ता की निगरानी करेगी। राज्य स्तर पर एक कंट्रोल-रूम भी स्थापित किया गया है। इसका दूरभाष नम्बर 0755-2551471 है, जो उपार्जन अवधि में सुबह 9 से रात 7 बजे तक संचालित रहेगा।

धान उपार्जन 2024-25: मिलर्स की समस्याओं का समाधान अनिवार्य, लंबित भुगतान और सुविधाओं की मांग

Paddy procurement 2024-25: Solution to millers’ problems mandatory, demand for pending payment and facilities जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता) जबलपुर ! जैसा कि ज्ञात है, 2 दिसंबर से प्रदेश में धान उपार्जन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। शासन की मंशा है कि परिवहन, भंडारण एवं सूखत से होने वाली क्षति को कम करने के लिए अधिक से अधिक धान समितियों से सीधे मिलर्स को मिलिंग हेतु धान का प्रदाय किया जाए। हालांकि, प्रदेश के मिलर्स की कई समस्याओं के निराकरण के बिना वर्ष 2024-25 में उपार्जित धान की मिलिंग प्रक्रिया चालू कर पाना संभव नहीं है। मुख्य समस्याएं और उनके समाधान की मांग: लंबित भुगतान का अभाव: वर्ष 2022-23 और 2023-24 में मिलर्स द्वारा जमा किए गए बारदाने, मिलिंग, परिवहन, और हमाली की राशि अब तक अप्राप्त है। इसके अलावा, सीएमआर के साथ मिक्सिंग में उपयोग किए गए 1% FRK चावल और जमा किए गए अतिरिक्त बारदाने की राज्यांश राशि भी नहीं मिली है।मांग: मिलर्स को इन लंबित राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए ताकि वे आर्थिक कठिनाइयों से उबर सकें और धान मिलिंग अनुबंध करने में सक्षम हो सकें। अपग्रेडेशन राशि का आदेश: भारतीय खाद्य निगम द्वारा प्रतिवर्ष मिलर्स को रेशों अनुसार अपग्रेडेशन राशि दी जाती है। परंतु उपार्जन वर्ष 2023-24 और आगामी 2024-25 के लिए अपग्रेडेशन राशि जारी करने संबंधी आदेश अब तक जारी नहीं हुए हैं।मांग: उपार्जन शुरू होने से पहले अपग्रेडेशन राशि संबंधित आदेश जारी किए जाएं। लोडिंग-अनलोडिंग के भुगतान का अभाव: उपार्जन वर्ष 2023-24 की मिलिंग में चावल की गोदाम प्वाइंट की अनलोडिंग के लिए मात्र 4.75 रुपये प्रति क्विंटल के भुगतान का निर्देश दिया गया है। हालांकि, धान की लोडिंग-अनलोडिंग और चावल की मिल प्वाइंट लोडिंग की राशि पर कोई आदेश नहीं आया है।मांग: बढ़ती महंगाई को देखते हुए सभी प्रकार की लोडिंग-अनलोडिंग के लिए उचित भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश जारी हो। FRK चावल मिक्सिंग का भुगतान: निर्देशानुसार, सीएमआर चावल में 1% FRK (फ्रैक्शनल राइस कर्नेल) मिक्सिंग करके जमा किया जाता है। हालांकि, इस कार्य के लिए प्रतिवर्ष मिलर्स को दी जाने वाली 5 रुपये प्रति क्विंटल की राशि का भुगतान 2023-24 के लिए अब तक नहीं हुआ है।मांग: नान और विभाग मिलर्स को लंबित भुगतान तुरंत करें। समाधान की आवश्यकता: इन समस्याओं के निराकरण के बिना प्रदेश में धान मिलिंग प्रक्रिया शुरू कर पाना असंभव है। मिलर्स की वित्तीय स्थिति सुधारने और अनुबंध प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए सरकार को तत्काल कदम उठाने होंगे।

एमपी गजब: पिटा भाजपाईयों ने पिटें भाजपाई और एफआईआर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर क्यों?

MP Amazing: Why did BJP workers beat up BJP workers and FIR against Congress workers? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज उज्जैन के महिदपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर झूठे एवं द्वेषपूर्ण प्रकरणों के विरोध में प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार और प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर झूठे प्रकरण लादने की हठधर्मिता बंद नहीं हुई, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी। भाजपा की आपसी गुटबाजी का बोझ कांग्रेस पर क्यों? पटवारी ने सवाल उठाया, “जब लड़ाई भाजपाइयों की है, मारपीट पूर्व विधायक के साथ होती है, और हमलावर भाजपा कार्यकर्ता हैं, तो फिर FIR कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर क्यों?” यह भाजपा सरकार की हठधर्मिता और प्रशासन की पक्षपाती कार्रवाई का स्पष्ट प्रमाण है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का स्वाभिमान सर्वोपरि उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं के स्वाभिमान की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ी है। अगर मुख्यमंत्री के गृह जिले की पुलिस पारदर्शिता से काम नहीं करती है, तो कांग्रेस गांधीवादी तरीके से लोकतंत्र का पाठ पढ़ाना जानती है। 24 घंटे का अल्टीमेटम प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि 24 घंटे के भीतर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे प्रकरण वापस नहीं लिए गए, तो उज्जैन की सड़कों पर कांग्रेस का सैलाब दिखाई देगा। उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार और उनका पिट्ठू प्रशासन यह सुन ले कि कांग्रेस अन्याय सहने वाली नहीं है।” कांग्रेस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कार्यकर्ताओं पर झूठे आरोप मढ़ने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर स्तर पर इसके खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी।

अब एमपी पुलिस सीएम-मंत्रियों को नहीं देगी सलामी

मध्यप्रदेश में अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही परंपरा को खत्म करते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पुलिस विभाग के जरिए दी जाने वाली सलामी परेड को हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया है। पुलिस विभाग(MP Police) द्वारा जारी आदेश में लिखा गया है की, ‘सलामी अंग्रेजों की याद दिलाती है।’ बता दें कि पुलिस विभाग द्वारा जारी इस आदेश का कड़ाई से पालन करवाने के लिए भी फरमान जारी कर दिया गया है। खत्म हुई पुरानी परंपरामध्य प्रदेश(MP Police) में लंबे समय से पुलिस प्रदेश के सीएम और मंत्रियों के लिए सलामी परेड(MP Police will not Salute CM) करती आ रही थी। अब इस व्यवस्था को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया गया है। विशेष पुलिस महानिदेशक शैलेश सिंह की ओर से कहा गया है कि सलामी खत्म करने को लेकर जारी हुए इस आदेश का पूरी कड़ाई के साथ पालन कराया जाएगा। क्योंकि इसके तहत पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी पर खास प्रभाग पड़ता है। उन्होंने कहा कि, सलामी प्रथा से अंग्रेजों की याद आती है। इस तरह सलामी लेना असंवैधानिक है, जो उपनिवेशवाद को दर्शाता है। पुलिस विभाग एक अनुशासित विभाग है। इस विभाग में आदेश का उल्लंघन करना गलत प्रभाव डालता है।सिर्फ राज्यपाल को दी जाएगी सलामीबता दें कि जारी आदेश में सलामी परेड की व्यवस्था को सिर्फ सीएम और मंत्रियों के लिए खत्म कर किया गया है। वहीँ प्रदेश के राज्यपाल के लिए यह परंपरा पहले की तरह ही चलती रहेगी।

सपनों को हकीकत में बदलने की बानगी है “बुरहानपुर का बनाना पावडर”

“Burhanpur’s Banana Powder” is a symbol of turning dreams into reality. मध्यप्रदेश का एक छोटा सा जिला बुरहानपुर बरसों से अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और हरे-भरे खेतों के लिए प्रसिद्ध है। अब यह जिला “एक जिला-एक उत्पाद” पहल के तहत सफलता के नये आयाम गढ़ रहा है। केले की फसल, जो इस जिले की मूल पहचान है, अब न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि एक नई उद्यम क्रांति का प्रतीक भी बन गई है। इसी साल फरवरी में हुए “बनाना फेस्टिवल” में यहां के उद्यमियों और किसानों के बीच संवाद का परिणाम अब धरातल पर नजर आ रहा है। इसी प्रेरणा से बुरहानपुर के उद्यमी श्री रितिश अग्रवाल ने “बनाना पाउडर” बनाने की यूनिट स्थापित की हैं। यह यूनिट जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग के सहयोग से खकनार के धाबा गांव में संचालित की जा रही है। “बनानीफाय” ब्रांड के नाम से तैयार किया जा रहा यह बनाना पाउडर शारीरिक पोषण से भरपूर है। यह बच्चों और बड़ों सभी के लिए ऊर्जा और सेहत का खजाना है। इस यूनिट में केले से तीन प्रकार का पाउडर तैयार किया जा रहा है। खाने योग्य पाउडर (केले के गूदे से), जो शुद्ध और बेहद उच्च गुणवत्ता वाला है। सादा पाउडर (केले के छिलके सहित), जो खाने योग्य है और फाइबर से भी भरपूर है। केले के छिलके से तैयार पाउडर को खाद (मैन्योर) के रूप में उपयोग किया जाएगा। इसके उपयोग से सभी प्रकार की फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादन मात्रा में भी सुधार होगा। इस प्रोजेक्ट को “प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना” के तहत 10 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। कुल 75 लाख रुपये पूंजी निवेश से बनी यह यूनिट एक मिसाल बन गई है। इसमें अहमदाबाद से लाई गई आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जो उत्पादन प्रक्रिया को तेज और कुशल बनाती हैं। “बनानीफाय” ब्रांड के उत्पादों को न केवल मध्यप्रदेश बल्कि महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, और दिल्ली जैसे राज्यों में भी भेजा जा रहा है। इसके 250 ग्राम और 500 ग्राम पैकेट क्रमशः 280 रुपये और 480 रुपये की कीमत पर उपलब्ध हैं। यूनिट की खासियत यह है कि यहां केले के छिलके को भी व्यर्थ नहीं जाने दिया जाता। छिलकों से बना पाउडर नर्सरियों और उद्यानिकी फसलों में खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। यह पर्यावरणीय संरक्षण और कृषि उत्पादकता बढ़ाने का एक बेहतरीन उदाहरण है। नेपानगर की विधायिका सुश्री मंजू दादू और कलेक्टर बुरहानपुर सुश्री भव्या मित्तल द्वारा शुभारंभ की गई यह यूनिट अब न केवल बुरहानपुर के किसानों और उद्यमियों के लिए प्रेरणा बन गई है। यह यूनिट “एक जिला-एक उत्पाद” योजना की वास्तविक सफलता का प्रतीक बन गई है। “बनानीफाय” का बनाना पावडर न केवल आर्थिक समृद्धि ला रहा है, बल्कि यह एक उदाहरण है कि सही दिशा में किए गए प्रयास किस तरह से छोटे जिलों को भी अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिला सकते हैं। बुरहानपुर के मस्त केले अब सबकी जुबां पर मिठास घोल रहे हैं।

मोहन यादव ने IAS अनुपम राजन को सौंपी बड़ी जिम्मेदार, शिक्षा विभाग में लाएंगे क्रांति

Mohan Yadav handed over big responsibility to IAS Anupam Rajan, will bring revolution in education department भोपाल ! मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव अनुपम राजन को शासन ने पदोन्नत करते हुए अपर मुख्य सचिव यानी एसीएस के पद पर नियुक्त किया है. वे 1 दिसंबर को पदभार ग्रहण करेंगे. वहीं अब उन्हें प्रदेश के मुख्य सचिव के बराबर वेतन मिलेगा. सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को आदेश जारी कर जानकारी साझा की है. बता दें कि आदेश में लिखा गया है कि अनुपम राजन के पास उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी रहेगी. साथ ही अनुपम राजन के पास उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा. 20 अगस्त को राजन की फील्ड में हुई वापसीअनुपम राजन 1993 बैच के आईएएस अधिकारी है. मध्यप्रदेश में करीब 3 साल तक अनुपम राजन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रहे हैं. हाल में ही 20 अगस्त को उनकी फील्ड में वापसी हुई थी. जिसके बाद उन्हें उच्च शिक्षा विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया था. इसके साथ ही उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था. इससे पहले अनुपम राजन कई जिलों में कलेक्टर व विभिन्न विभागों में सेवाएं दे चुके हैं. उनके साथ एक विवाद भी जुड़ा हुआ है. जिसका मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. आज रिटायर होंगे डीजीपी सक्सेना और एसीएस मलय श्रीवास्तवमध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं. उनकी जगह प्रदेश का नया डीजीपी आईपीएस कैलाश मकवाना को बनाया गया है. इसके साथ ही अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पंकज श्रीवास्तव को विशेष महानिदेशक पद पर पदोन्नत किया गया है. वहीं 1992 बैच के आईएएस अधिकारी मलय श्रीवास्तव भी 30 नवंबर को रिटयर हो जाएंगे. शनिवार को सेवानिवृत्त हो रहे सुधीर सक्सेना और मलय श्रीवास्तव को शुक्रवार को मंत्रालय में विदाई दी गई.

‘CM मोहन आप विदेश क्या गए यहां…’, उज्जैन में पूर्व विधायक की पिटाई मामले पर उमंग सिंघार का तंज

‘CM Mohan, why did you go abroad here…’, Umang Singhar’s taunt on the case of beating of former MLA in Ujjain मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन के महिदपुर विधानसभा में प्रभारी मंत्री और सांसद के सामने दो गुटों की भिड़ंत हो गई. इस दौरान पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान के साथ जमकर मारपीट हुई. प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल और स्थानीय सांसद अनिल फिरोजिया ने मैदान में उतर कर बीच बचाव किया. बीजेपी के दो गुटों की भिड़ंत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अब इस मामले को लेकर अब कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने बीजेपी पर तंज कसा है. उंमग सिंघार ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर ट्वीट कर कहा, “ये है संस्कारित और अनुशासित पार्टी बीजेपी की असलियत. उज्जैन जिले की महिदपुर विधानसभा में पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान की प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल और सांसद अनिल फिरोजिया की मौजूदगी में पिटाई हुई.” बिना बुलाए मंच पर जाने वालों के साथ यही होगा- सिंघार उन्होंने कहा, “खास बात ये कि पिटाई करने वाले बीजेपी के ही कार्यकर्ता थे. अब बिना बुलाए मंच पर जाने वालों के साथ तो यही होगा. सीएम साहेब, आप विदेश क्या गए, यहां आपके गृह जिले में ही पार्टी वाले मारपीट करने लगे. ये न तो राजनीतिक संस्कार और सामाजिक व्यवहार हैं.” क्या है पूरा मामला? खेड़ा खजुरिया गांव में बिजली विभाग के ग्रिड और स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया था. इस बीच कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों से कहासुनी हो गई. विवाद बढ़ने के बाद पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान पर हमला हो गया. बीजेपी नेता प्रताप सिंह आर्य ने बताया कि बहादुर सिंह चौहान के मंच से उतरते ही विवाद की स्थिति बनने लगी. देखते-देखते अचानक मारपीट शुरू हो गई.

प्रशासन या राजतंत्र? आगर-मालवा में कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा?

Administration or monarchy? Threat to employees’ jobs in Agar-Malwa? त्वरित टिप्पणी विशेष संवाददाता: उदित नारायण आगर-मालवा का प्रशासन इन दिनों कर्मचारियों के लिए डर और तनाव का केंद्र बनता जा रहा है। हाल ही में सहायक ग्रेड-03 सुरेश चौहान को नौकरी से बाहर करने का मामला सामने आया है, जिसने पूरे जिले में चर्चा को जन्म दे दिया है। यह कोई नया मामला नहीं है, इससे पहले भी तीन पटवारियों को नौकरी से निकाला गया था। हैरानी की बात यह है कि जब इन पटवारियों ने हाई कोर्ट का रुख किया, तो अदालत ने कलेक्टर के निर्णय को त्रुटिपूर्ण बताते हुए कर्मचारियों को बहाल करने का आदेश दिया। परंतु, कलेक्टर साहब ने आदेश को नजरअंदाज कर दिया। उनके इस रवैये ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे न तो किसी का जवाब सुनने को तैयार हैं और न ही अदालत के आदेश को मानने को। इसी बीच, एक नए विवाद ने आग में घी डालने का काम किया है। सूत्रों के अनुसार, मुआवजे से जुड़े एक प्रकरण में लगभग 5 करोड़ रुपये की राशि गलत तरीके से वितरित की गई। जब यह मामला उजागर हुआ, तो गलती छुपाने के लिए साहब ने पटवारियों और राजस्व निरीक्षकों को निलंबित कर दिया और एक आदेश जारी कर दिया कि किसी भी तरह से यह पैसा वापस जमा कराया जाए। यह फरमान कर्मचारियों पर अप्रत्यक्ष दबाव बनाने का प्रतीक है, जबकि गलती का असली स्रोत कहीं और है। कर्मचारियों के बीच माहौल बेहद तनावपूर्ण है। उनका कहना है कि यहां किसी की भी नौकरी कब चली जाए, इसका कोई भरोसा नहीं। एक कर्मचारी ने व्यंग्यात्मक स्वर में कहा, “साहब को तो बस दूसरों की गलतियां पकड़ने का शौक है। अपनी गलतियों पर कोई सफाई नहीं देते। और अगर गलती दिखा दो, तो सीधे नौकरी से निकाल देते हैं।” अब सवाल उठता है कि क्या कलेक्टर साहब की यह “राजशाही” कभी समाप्त होगी या हाई कोर्ट के आदेशों को अनदेखा करना, अपनी गलतियों का ठीकरा कर्मचारियों पर फोड़ना और तनावपूर्ण माहौल बनाना क्या प्रशासनिक आदर्श का हिस्सा है या राजतंत्र

एमपी गजब: ग्रामीणों ने आरआई और पटवारी की पिटाई, नक्शा-खसरा भी फाड़ा

MP Amazing: Villagers beat RI and Patwari, even tore map and Khasra कटनी । जिले के एक गांव में सीमांकन करने गए आरआई और पटवारी के साथ ग्रामीण ने जमकर पिटाई कर दी। गांव के एक युवक ने नक्शा खसरा भी फाड़ दिया। राजस्व संघ की शिकायत पर पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। दरअसल कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम गूडा में जमीन सीमांकन के दौरान गांव के ही युवक ने आरआई और पटवारी के साथ मारपीट कर दी। आरआई मोहन साहू ने बताया की गांव के सरपंच ने जमीन सीमांकन का आवेदन दिया था तहसीलदार के निर्देश पर सीमांकन करने के बाद पंचनामा कार्रवाई की जा रही थी, तभी गांव का महेंद्र लोनी आया और गाली गलौज करते हुए मारपीट करने लगा। विवाद के दौरान युवक ने नक्शा खसरा भी फाड़ दिया। विवाद में पटवारी मृगेंद्र शुक्ला और दान सिंह के साथ भी युवक ने मारपीट की। घटना की जानकारी तत्काल पुलिस और राजस्व अधिकारियों को दी गई। देर शाम पटवारी संघ के द्वारा FIR लिखाई गई। थाना प्रभारी मोहम्मद शाहिद खान ने बताया कि आरआई के आवेदन पत्र के मारपीट और धमकाने वाले के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है

राजेश आर रावत एवं टीम का परिजनों ने किया भव्य स्वागत ।

The family members gave a grand welcome to Rajesh R Rawat and the team. हरिप्रसाद गोहेआमला। नेशनल रेल्वे मजदूर यूनियन मान्यता चुनाव नार्थ साईड प्रभारी कामरेड राजेश आर रावत को बनाए जाने पर सामाजिक, ग्रामिणजनो एवं ईस्ट मित्रो में हर्ष व्याप्त है। गौरतलब हो की कामरेड राजेश आर रावत मूलतः आमला विकास खंड के ग्राम खापा ग्राम के स्थाई निवासी है । कामरेड राजेश आर रावत ,महामंत्री कामरेड वेणु पी नायर,मंडल अध्यक्ष कामरेड मनोज चोइथानी, मंडल सचिव कामरेड एस के झा के मान्यता चुनाव प्रचार प्रसार पर प्रथम बार आमला नगर आगमन पर परिजनों एवं ईस्ट मित्रो ने ग्राम कजली जोड़ पर एकत्रित होकर कामरेड राजेश आर रावत एवं उनकी टीम का फूल माला पहनाकर एवं गुलदस्ता भेंटकर जोरदार स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस मौके पर प्रमुख रूप से रामपाल मोड़क भाजपा किसान मोर्चा आमला मंडल अध्यक्ष ,रामदास कापसे,मनोज रहड़वे ग्राम खापा खतेड़ा सरपंच संघ उपाध्यक्ष आमला राजू कापसे ग्राम छावल सरपंच,रामदास तुलसीराम माथानकर ग्राम काजली, मनोज नावंगे जिला अध्यक्ष भारतीय किसान संघ राजेश रावत ग्राम छावल राजू पोटफोड़े , मारोति खवादे,मुकेश मोड़क, बंटी कापसे, राजेश रहड़वे,सुखदेव पटवारी, मुकेश रहदवे,प्रेम शंकर बेदरे,टीकाराम रहदेवे आदि मौजूद रहे।सभी ग्राम वासियों ने नेशनल रेल्वे मजदूर यूनियन के चुनाव चिन्ह लेंप पर ही वोट देने अपील की ।

शावकों के शव क्षत-विक्षत कैसे हुए, 36 घंटे बाद भी फारेस्ट नहीं ढूंढ पा रहें है जवाब

How did the bodies of the cubs get mutilated, the forest is not able to find the answer even after 36 hours उदित नारायणभोपाल। कूनो नेशनल पार्क से जन्मे दोनों शावकों की मौत पर प्रबंधन पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि शावकों के शव क्षत-विक्षत कैसे हुए..? क्या बाड़े में कोई और वन्य प्राणी पहुंचे थे या फिर मां स्वयं ही अपने शावकों पर हमला करके उन्हें मौत के घाट उतार दिया..? मौत के चार दिन बाद भी वन विभाग द्वारा अधिकृत जवाब नहीं आया है। सबसे बड़ा सवाल लिया है कि प्रधानमंत्री की ड्रीम प्रोजेक्ट में इतनी बड़ी लापरवाही के लिए कौन अफसर जवाबदेह है।श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में चीतों के वंश वृद्धि की कड़ी में 22 नवंबर को चीता निर्वा ने शावकों को जन्म दिया था। जन्म के 2 दिन बाद यानि 25 को दोनों शावकों की मौत हो गई। डीएफओ कुनो के अधिकृत प्रेस नोट में दोनों मृत शावकों के शव को क्षति-विक्षिप्त बताया। अर्थात शावकों की मौत किन जानवरों के हमले से हुई? इस सवाल का उत्तर खोजा जा रहा है। हालांकि सीसीएफ उत्तम कुमार शर्मा ने आशंका व्यक्त की है कि निर्वा पहली बार मां बनी है, इसलिए वहीं हमले कर सकती है। बिल्ली प्रजाति के एनिमल का यह स्वभाव भी होता है। इसके बावजूद भी आखिरकार कुनो पार्क के प्रबंधन पर सवाल उठना लाजमी है। 24 घंटे की मॉनिटरिंग कैसे की जा रही थी? सभी चीता को कॉलर आईडी से मीनिंग हो रही है तो फिर निर्वा के मूवमेंट पर नजर क्यों नहीं रखी गई..? यदि निर्वाह पर नजर रखी जाती तो उसके हमले से शावकों को बचाया जा सकता था।

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