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राज्यपाल पटेल ने जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य परियोजना की विस्तार से जानकारी ली

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गुरुवार को राजभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने विधि विधान से पूजन अर्चन किया और गेती चलाकर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। भूमि-पूजन कार्यक्रम राजभवन प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 पर आयोजित हुआ। राज्यपाल पटेल ने जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य परियोजना की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे। कार्य को समय सीमा में पूर्ण करें। राजभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की कुल लागत 66 लाख 32 हजार 900 रुपये है। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अरविंद पुरोहित, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण यंत्री अवनीन्द्र सिंह, कार्यपालन यंत्री राकेश निगम और एस.डी.ओ. एल. के. गुप्ता, नियंत्रक हाउस होल्ड राजभवन श्रीमती शिल्पी दिवाकर और राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

मंत्री पटेल ने कहा जलगंगा संवर्धन अभियान में पारंपरिक जल स्रोतों की पहचान कर उनके पुनर्जीवन के लिए पूर्व प्रयास करें

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि जलगंगा संवर्धन अभियान में अंतर्गत पारंपरिक जल स्रोतों की पहचान कर उनके पुनर्जीवन के लिए पूर्व प्रयास करें। इस अभियान में मनरेगा योजना और ग्राम पंचायतों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण की ओर बढ़ती ग्राम पंचायतों के लिए योजनाओं में लचीलापन हो और जमीनी हकीकत के अनुसार नीतियों में बदलाव किया जाए। मंत्री पटेल ने मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के प्रशिक्षण सह कार्यशाला (ओरियंटेशन कार्यक्रम) को संबोधित किया। इस अवसर पर अपर सचिव दिनेश जैन, सीईओ एसआरएलएम श्रीमती हर्षिका सिंह, सीईओ आरआरडीए दीपक आर्य, आयुक्त मनरेगा अवि प्रसाद सहित जिला पंचायत सीईओ और जनपद पंचायत सीईओ उपस्थित थे। मंत्री पटेल ने कहा कि जल स्रोतों और नदियों के उदगम स्थलों के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए इन स्रोतों का संरक्षण आवश्यक। सभी जनपद स्तर के अधिकारी इस दिशा में विशेष कार्य करें। उन्होंने बताया कि नरसिंहपुर जिले में मां नर्मदा के तटों की सफाई के लिए अभियान चलाकर कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार जिला स्तर पर उन्होंने नदियों से तटों की सफाई के लिए विशेष प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के भौगोलिक चुनौतियां का अध्ययन भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महानगरों के समीप स्थित ग्राम एवं जनपद पंचायतों को सेमी अर्बन मॉडल पर विकसित किया जाएगा। पौधारोपण के साथ उन पौधों के संरक्षण पर भी दें ध्यान मंत्री पटेल ने कहा कि विगत दिनों आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम के अच्छे परिणाम संवाद के रूप में सामने आए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण एवं कार्यशाला में अपनी पूर्ण तैयारी के साथ आएं। हम अपने क्षेत्र के विकास के लिए अच्छे कार्य करें। उन्होंने कहा कि पंचायत और जनपद स्तर पर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति पर गहन चिंतन करते हुए सभी अधिकारी आत्ममूल्यांकन करें कि क्या वे अपने कार्यों से संतुष्ट हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला पाए हैं। मंत्री पटेल ने कहा कि किसी भी योजना की सफलता अकेले संभव नहीं, बल्कि टीम भावना, सहयोग और सतत संवाद से ही संभव है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर की चुनौतियों से सभी अधिकारी हमें अवगत कराएं, जिससे उन चुनौतियों को ध्यान में रखकर कार्य योजनाएं बनाई जा सके। पौधरोपण जैसे अभियानों में केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनकी देखभाल और जीवित रहने की जिम्मेदारी भी जरूरी है, खासकर जल स्रोतों के पास स्थानीय प्रजाति के पौधों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ओरियंटेशन कार्यक्रम में मनरेगा के तहत जल गंगा संवर्धन अभियान में चिह्नित प्रमुख उद्देश्यों और लक्ष्यों की जानकारी दी गई। क्षेत्र मूल्यांकन, कार्यों के प्रमुख सेटों को चिह्नित करने और प्रभाव मापने को कवर करने वाले एसआईपीआरआई टूल का उपयोग करके कार्य योजना को सुविधाजनक बनाने के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। अमृत सरोवर, खेत तालाब, खोदे गए कुओं के पुनर्भरण कार्यों का तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में एमपी-एसआरएलएम, पंचायत राज, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत योजना और प्रमुख हस्तक्षेपों का रोल आउट की जानकारी साझा की गई।  

राज्यपाल पटेल ने कहा तथ्य ही सत्य, तथ्यों पर आधारित दलील का कानून स्वाभाविक रूप से साथ देता

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि निष्ठा और धैर्य के साथ न्यायसंगत दलील देना लोक अभियोजक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि तथ्य ही सत्य है। तथ्यों पर आधारित दलील का कानून स्वाभाविक रूप से साथ देता है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि क्षमताओं और कार्यकुशलता को विकसित कर विभाग को और अधिक ऊँचाइयों पर पहुँचाने की चुनौती में प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान तथा अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन सहयोगी होगा। राज्यपाल पटेल सोमवार को केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी (सीएपीटी) भोपाल में आयोजित सहायक लोक अभियोजन अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने इस अवसर पर 10 सहायक लोक अभियोजकों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने अकादमी परिसर में गोल्डन चंपा का पौधा भी लगाया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का वो स्तम्भ है, जिस पर नागरिकों की गहरी आस्था है। वह उसे सबसे अधिक आदर भाव से देखते हैं। न्याय व्यवस्था में अभियोजन अधिकारियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है, बहुआयामी है। उनकी जिम्मेदारी पीड़ितों के लिए मुकदमा चलाने तक सीमित नहीं है। कोर्ट के समक्ष सबूत पेश कर दोषी को सजा और पीड़ित को न्याय दिलाना है। अभियोजन अधिकारी के रूप में अपराध नियंत्रण में पुलिस की जांच में गुणवत्ता लाने, शासकीय विभागों को कानूनी सलाह देने, प्रकरणों में अपील करवाने और पीड़ितों को मुआवजा दिलाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि अभियोजन अधिकारी के रूप में उनके पास वंचित, गरीब और पीड़ित व्यक्ति अत्याचार, अनाचार के खिलाफ न्याय के उसके संघर्ष का रक्षक मानकर आएगा। उस समय उनका संवेदनशील व्यवहार, सहानुभूति और सहयोग न्याय में उसके विश्वास को मजबूत बनाएगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सहायक लोक अभियोजक के रूप में उनका चयन कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद हुआ है, क्योंकि सरकारी नौकरी व्यवसाय मात्र नहीं है। यह वंचितों के जीवन में खुशहाली लाकर देश, प्रदेश और समाज के विकास के द्वारा सुखद भविष्य बनाने की प्रतिबद्ध सेवा का संकल्प है। उन्होंने लोक सेवक के रूप में इस चुनौती को स्वीकार करने के लिए प्रशिक्षु अधिकारियों का अभिनंदन किया। यह अपेक्षा की है कि न्याय के मंदिर में वह निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य के उच्च मानदण्ड स्थापित करेंगे। लोकायुक्त न्यायमूर्ति सत्येन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि लोक शांति राज्य का दायित्व है। लोक शांति के लिए अपराधिक न्याय प्रणाली का मजबूत होना आभारभूत आवश्यकता है। इस कार्य में लोक अभियोजकों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे न्याय को सुनिश्चित करने के लिए अभियोजन अधिकारी के विहित दायित्वों का निर्वहन जितनी कुशलता और निष्ठा से करेंगे, परिणाम उतने ही अच्छे मिलेंगे। अपर मुख्य सचिव गृह जे. एन. कंसोटिया ने कहा कि नए विचारों और ऊर्जा के साथ सहायक लोक अभियोजक कार्य को नौकरी की तरह नहीं, सेवा के रुप में करें। उन्होंने न्याय व्यवस्था में लोक अभियोजकों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला और शुभकामनाएं दी। केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी भोपाल के निदेशक अनिल किशोर यादव ने अकादमी की स्थापना, प्रशिक्षण व्यवस्था और कार्यक्रमों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि नवीन कानूनों को लागू होने के 40 घंटों के भीतर अकादमी में उनका प्रशिक्षण प्रारम्भ हो गया था। प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि नये कानून में लोक अभियोजकों की भूमिका काफी मजबूत हो गई है। संचालक लोक अभियोजन बी. एल. प्रजापति ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि सहायक लोक अभियोजन अधिकारियों को 45 दिवस का आधारभूत प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। उन्होंने प्रशिक्षण की गतिविधियों का ब्यौरा दिया। बताया कि प्रशिक्षण के दौरान कानूनों के विभिन्न आयामों के साथ योग एवं व्यायाम के सत्र भी आयोजित किए गए है। समापन सत्र में आभार प्रदर्शन संयुक्त संचालक लोक अभियोजन रामेश्वर कुम्हरे ने आभार प्रदर्शन किया।  

राज्यपाल पटेल महर्षि पाणिनि संस्कृत वैदिक विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

विश्व के प्राचीन ज्ञान का बोध संस्कृत भाषा से ही संभव – राज्यपाल पटेल संस्कृत शास्त्रों में करुणा संवेदना और संस्कृति का समावेश- राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल महर्षि पाणिनि संस्कृत वैदिक विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में हुए शामिल भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि संस्कृत भाषा विश्व की सबसे प्राचीन भाषाओं में से एक है। विश्व के प्राचीन ज्ञान का बोध संस्कृत भाषा के माध्यम से ही संभव हो सकता है। हमारी भारतीय संस्कृति के खजाने में छुपे ज्ञान और विज्ञान को अपनी प्रतिभा से जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प समस्त उपाधी प्राप्तकर्ता विद्यार्थी लें। विद्यार्थी प्रयास करें कि वे अपने ज्ञान से वंचित लोगों का उद्धार करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि समाज और राष्ट्र की शिक्षा जगत पर बहुत सारी आशाएं टिकी हैं। आने वाले समय में भारत को विकसित बनाने में सभी विद्यार्थी अपना योगदान दें। राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने कालिदास संस्कृत अकादमी उज्जैन के पंडित सूर्य नारायण व्यास संकुल सभागृह में महर्षि पाणिनि संस्कृत वैदिक विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की। वैदिक ज्ञान के महत्व को विस्तारित करने के करें प्रयास राज्यपाल पटेल ने आह्वान किया कि वैदिक ज्ञान के उपयोग, महत्व और संभावनाओं विस्तारित करने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि कभी यह न सोचें कि आप अकेले हैं, आप सभी संसार में ज्ञान के बल पर परिवर्तन ला सकते हैं। आज की पीढ़ी को संस्कृत और परंपराओं के ज्ञान की आवश्यकता है। अच्छे संस्कारों के अंकुरण से ही संस्कृति का रक्षण संभव है। संस्कृत शास्त्रों में करुणा संवेदना और संस्कृति का समावेश है। समय और शिक्षा का सही उपयोग व्यक्ति को जीवन में बनाता है सफल राज्यपाल पटेल ने कहा कि कहा कि समय और शिक्षा का सही उपयोग ही व्यक्ति को जीवन में सफल बनाता है। राज्यपाल पटेल ने सभी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि जीवन में सफल होने पर अपने माता-पिता, शिक्षकों, समाज को न भूलें। राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालय से प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन किया। उन्होंने योग, आयुर्वेद, संस्कृत एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के क्षेत्र में विगत 35 वर्षों से अनवरत सेवारत तथा अविस्मरणीय योगदान देने के लिये महर्षि पतंजलि विश्वविद्यालय हरिद्वार के कुलपति आचार्य बालकृष्ण और नृत्य, नाट्यशास्त्र, संस्कृत एवं भारतीय जान परंपरा के क्षेत्र में अनवरत साधनारत, अध्यक्ष केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली डॉ. संध्या पुरेचा को महामहोपाध्याय (डी.लिट.) की मानद उपाधि से विभूषित किया। राज्यपाल पटेल ने महर्षि पाणिनि संस्कृत वैदिक विश्वविद्यालय को ए-प्लस ग्रेड मिलने की शुभकामनाएं दीं। भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने में दें योगदान- मंत्री परमार उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि विद्यार्थी भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें। भारतीय संस्कृति और मान्यताओं को पूरे विश्व-पटल पर लाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने की संकल्पना को ध्यान में रखते हुए निरंतर परिश्रम करें। मंत्री परमार ने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में वार्तालाप में अधिक से अधिक संस्कृत भाषा का उपयोग किया जाए। भारतीय संस्कृति की सभी भाषाओं का सम्मान करें और उन पर गर्व करें। शीघ्र ही प्रदेश के विश्वविद्यालयों में भारत के अन्य राज्यों की भाषाओं का भी अध्यापन करने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। कुलपति को कुलगुरु नाम से संबोधित करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति को कुलगुरु नाम से संबोधित करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी कभी भी विद्या अर्जन के कार्य से मुक्त न हों। राष्ट्र निर्माण के लिए विद्या अर्जन करना,अध्ययन और अध्यापन करना अत्यंत जरूरी है। डॉ. संध्या पुरेचा ने कहा कि संस्कृत भाषा हमारी संस्कृति की आत्मा है। यह एक सोच है, विचार है, भाव है। इसमें हमारी भारतीय संस्कृति का मूल तत्व निहित है। हमेशा इस पर गर्व करें। कुलगुरु आचार्य विजय कुमार सीजी नेबताया कि पाणिनि संस्कृत विश्वविद्यालय को हाल ही में नेक से ए ग्रेड मिला है। यहां विद्यार्थियों के लिए ई लाइब्रेरी का निर्माण किया गया है। साथ ही कंप्यूटर प्रयोगशाला भी शुरू की गई है। विश्वविद्यालय में तीन नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। साथ ही एक करोड रुपए की लागत से अलग-अलग प्रोजेक्ट विश्वविद्यालय में चल रहे हैं। विश्वविद्यालय में एनसीसी भी शुरू किया गया है और राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय को दो पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, कुल सचिव दिलीप सोनी उपस्थित रहे।  

राज्यपाल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल ‘सदाकाल गुजरात’ कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गुजराती में कहा कि गुजराती संस्कृति में समरसता का अद्भुत भाव है। गुजरातियों में मेलजोल और आपसी भाईचारे का व्यवहार होता है। राज्यपाल पटेल रवीन्द्र भवन में अखिल भारतीय गुजराती समाज के कार्यक्रम ‘सदाकाल गुजरात’ को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद थे।     राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि “जहां बसे गुजराती, वहां बसे सदाकाल गुजरात” कहावत को गुजरातियों ने हमेशा चरितार्थ किया है। मध्यप्रदेश की संस्कृति में भी गुजराती समाज रच, बस गया है। गुजराती समाज का मध्यप्रदेश के विकास में विशेष योगदान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत को बनाने में मध्यप्रदेश की जनता के साथ गुजराती समाज लगातार सहयोग और सहभागिता कर रहा है। राज्यपाल पटेल ने केंद्र और राज्य सरकार के सामाजिक सहभागिता पर आधारित कार्यक्रमों को सफल बनाने में अखिल भारतीय गुजराती समाज संस्था के सहयोग और सक्रियता की सराहना की। गुजरात देश का ग्रोथ इंजन : मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल ने गुजराती में कहा कि गुजराती संस्कृति गर्व का प्रतीक है। आजादी के आन्दोलन में देश को गुजरात ने ही महात्मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल के रूप में मजबूत नेतृत्व दिया है। अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित और विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने गुजरात राज्य की भौगोलिक चुनौतियों को अवसरों में बदल कर गुजरात को देश का ग्रोथ इंजन बनाने वाले प्रधानमंत्री मोदी की कार्यकुशलता, नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति की सराहना की। मुख्यमंत्री पटेल ने मध्यप्रदेश के गुजराती समाज को प्रदेश के विकास में हमेशा योगदान देने और “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” निर्माण में बढ़-चढकर भाग लेने का आव्हान किया। गुजरात पर ईश्वर की विशेष कृपा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि गुजरात राज्य पर ईश्वर की विशेष कृपा और आशीर्वाद है। आजादी से लेकर देश के विकास और अर्थव्यवस्था में आज गुजरात का अहम योगदान है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अब आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। गुजरात-मध्यप्रदेश की रीति-नीति-संस्कृति एक जैसी: गृह राज्य मंत्री संघवी गुजरात राज्य के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने गुजराती में कहा कि गुजरात और मध्यप्रदेश का इतिहास, भूगोल और संस्कृति एक समान है। दोनों राज्य के लोगों का व्यवहार, रीति-नीति और संस्कृति एक जैसी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में रहने वाला प्रत्येक गुजराती, गुजरात की संस्कृति का ब्रांड एम्बेसडर है। संघवी ने कहा कि वर्तमान और भावी पीढ़ी को गुजरात दर्शन जरूर कराए। कोरोना काल में गुजराती समाज ने की मानवता की सराहनीय सेवा : सांसद शर्मा खजुराहो सांसद वी. डी. शर्मा ने कहा कि कोरोना काल में प्रदेश के गुजराती समाज ने पीड़ित मानवता की सराहनीय सेवा की है। अनेक अवसरों पर भी गुजराती समाज द्वारा मानव सेवा के उत्कृष्ट और अनुकरणीय उदाहरण मिलते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूती में गुजराती समाज की सक्रिय भागीदारी कर रहा है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दीप प्रज्ज्वलन कर, कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उनका गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल और अखिल भारतीय गुजराती समाज के अध्यक्ष संजय पटेल ने स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में गुजरात के विकास पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। अध्यक्ष संजय पटेल ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में एन.आर.जी. विभाग गुजरात के चेयरमेन हरीश शुक्ला, प्रदेश और अन्य राज्यों के गुजराती समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।        

नए वित्तीय वर्ष में अधोसंरचना क्षेत्र में सरकार सर्वाधिक खर्च करेगी, कर्ज चुकाने, ब्याज के लिए 58 हजार करोड़

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य में अब बजट का सूखा समाप्त होने वाला है। सरकारी महकमों को खर्चे के लिए एक अप्रेल से रकम मिल जाएगी। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 4.21 लाख करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है। हाल ही में समाप्त हुए बजट सत्र में सदन से यह बजट पारित करवाकर राज्य सरकार ने राजभवन भेजा था। नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के साथ ही विभागों में खर्चों पर लगी रोक भी हट जाएगी। MP में 4.21 लाख करोड़ के बजट को मिली हरीझंडी मध्यप्रदेश में अब बजट का सूखा समाप्त होने वाला है। सरकारी महकमों को खर्चे के लिए एक अप्रैल से रकम मिल जाएगी। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 4.21 लाख करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है। हाल ही में समाप्त हुए बजट सत्र में सदन से यह बजट पारित करवाकर राज्य सरकार ने राजभवन भेजा था। नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के साथ ही विभागों में खर्चों पर लगी रोक भी हट जाएगी। नए वित्तीय वर्ष में अधोसंरचना क्षेत्र में सरकार सर्वाधिक खर्च करेगी। अधोसंरचना क्षेत्र में 70515 करोड़ रुपए इस बार खर्च करने की तैयारी है। अधोसंरचना पर ज्यादा नए वित्तीय वर्ष में अधोसंरचना क्षेत्र में सरकार सर्वाधिक खर्च करेगी। अधोसंरचना क्षेत्र में 70515 करोड़ रुपए इस बार खर्च करने की तैयारी है। जबकि कृषि क्षेत्र में 39207 करोड़ रुपए, सामाजिक स्वास्थ्य एवं महिला विकास विकास के लिए 50333 करोड़ रुपए की व्यवस्था सरकार ने की है। नगरीय एवं ग्रामीण विकास के लिए यह राशि 51074 करोड़ रुपए है। कर्ज चुकाने, ब्याज के लिए 58 हजार करोड़ कर्ज का बोझ कम करने के लिए भी सरकार ने व्यवस्था की है। इस बजट में कर्ज चुकान और ब्याज भुगतान के लिए 58 हजार करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। इसमें ब्याज भुगतान के लिए 28636 करोड़ रुपए एवं कर्ज भुगतान के लिए 29980 करोड़ रुपए का प्रावधान है। यही नहीं पेंशन भुगतान के लिए 28961 करोड़ रुपए की व्यवस्था इस बजट में है।

राज्यपाल पटेल ने आचार्य बालकृष्ण को राष्ट्रीय सिकल सेल मिशन के तहत किए जा रहे उपचार और पुनर्वास प्रयासों के बारे में बताया

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने आयुर्वेद में सिकल सेल उपचार अनुसंधान प्रयासों में पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट से सहयोग की अपेक्षा की है। राज्यपाल पटेल द्वारा पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के संस्थापक सचिव आचार्य बालकृष्ण से महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन के दीक्षांत समारोह में चर्चा के दौरान इस विषय पर विचार विमर्श किया गया। राज्यपाल पटेल ने आचार्य बालकृष्ण को राष्ट्रीय  सिकल सेल मिशन के तहत किए जा रहे उपचार और पुनर्वास  प्रयासों के बारे में भी बताया। उल्लेखनीय है कि पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के संस्थापक सचिव बालकृष्ण को महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन द्वारा मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल सुबह 10:30 बजे कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे

भोपाल राजभवन में “कर्मयोगी बनें” विषय पर 28 मार्च 2025 को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल सुबह 10:30 बजे कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी कार्यशाला में शामिल होंगे। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के. सी. गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य प्राचीन ज्ञान और आधुनिक नेतृत्व-विधाओं के साथ संयोजित कर उपयोग करने का प्रशिक्षण देना है। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों में कर्मयोग के सिद्धांतों के समावेश, विकास और सेवा का वातावरण बना कर सकारात्मक बदलाव लाना है। कार्यशाला में मध्यप्रदेश के सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के कुलगुरू एवं कुलसचिव, पी.एम. एक्सीलेंस और स्वशासी कॉलेज के प्राचार्य सहित विभिन्न संकायों के प्राध्यापक शामिल होंगे। तकनीकी सत्र “शैक्षणिक नेतृत्व और शिक्षा में कर्मयोग” विषय पर दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे तक होगा। इस सत्र के मुख्य वक्ता मानव संसाधन क्षमता निर्माण आयोग और केन्द्र सरकार के ‘मिशन कर्मयोगी’ के सदस्य प्रो. बालासुब्रमण्यम, ग्लोबल कन्वर्टर यूनाइटेड कॉन्शसनेस के संयोजक डॉ. विक्रांत सिंह तोमर, आई.आई.टी. कानपुर बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष प्रो. के. राधाकृष्णन और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली की कुलपति प्रो. शांतिधुलीपुडी पंडित होंगे। “एक कर्मयोगी शिक्षाविद्-चुनौतियां और उसके समाधान” विषय पर चर्चा एवं संवाद सत्र का आयोजन दोपहर 2:30 बजे से शाम 4 बजे तक होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में विकसित मध्यप्रदेश को बनाने के लिए बजट पेश किया गया : मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को साकार करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में विकसित मध्यप्रदेश को बनाने के लिए बजट पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीबों अन्नदाता किसानों युवाओं और महिलाओं के उत्थान के लिए समर्पित है। मंत्री पटेल ने कहा कि सरकार ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए वर्ष 2025-26 के लिए 19 हजार 50 करोड रुपए का प्रावधान किया है, यह बजट ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार तथा श्रेष्ठ स्टार शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं ग्रामीण सड़कों का विस्तार हर घर जल का लक्ष्य रोजगार के अवसर और आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार के दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित करता है। मंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करने के लिए ग्रामीण विकास से संबंधित महत्वपूर्ण योजना प्रधानमंत्री ग्रामीण योजना के लिए 4 हजार 400 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। मंत्री पटेल ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को वैकल्पिक सकारात्मक उपयोग की ओर हम आगे बढ़ाएंगे। इसके लिए 4 हजार 50 करोड रुपए का बजट का प्रावधान है, पी.एम.जन-मन आवास योजना जिसमें कि हम देश में नंबर वन है और उनके लिए 1100 करोड़ और पीएम जन-मन सड़क योजना के लिए 1 हजार 56 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अति पिछड़ी जनजाति समूह बैग भारिया, और सहरिया के लिए ऐतिहासिक कार्य हुआ है और उनको विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए यह बजट सहायक होगा। मंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के लक्षित कार्यक्रम प्रधानमंत्री पोषण निर्माण के लिए 960 करोड़, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 800 करोड़ और प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी तथा जमीन के अंदर जल भराव की योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 274 करोड रुपए इस बजट में आवंटित किए गए हैं। मंत्री पटेल ने पशुपालन मछली पालन तथा खाद्य प्रसंस्करण को लेकर कहा कि हम उत्पादन में नंबर वन हैं, लेकिन दूसरे चरण में जो औद्योगिककरण है, प्रोसेसिंग करके हम वैल्यू एडिशन के आधार पर दूसरे आयाम भी हासिल करेंगे, जो हमारे अर्थव्यवस्था को बढ़ाएगा और रोजगार का सृजन भी करेगा। इसके लिए भी 100 करोड रुपए का प्रावधान सराहनीय है। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायत के सर्वांगीण विकास के लिए सुव्यवस्थित ई पंचायत के लायक व्यवस्थित भवन दे सके, संसाधन दे सकें उसकी तरफ हम अग्रसर हैं। अटल ग्राम सेवा सदन के माध्यम से, अटल सामुदायिक भवनों के माध्यम से गतिविधियों का वो केंद्र बने और प्रशासनिक दक्षता प्राप्त करेगा, जिसके लिए 6 हजार 7 करोड़ रुपए की राशि दी गई है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करता हूं। हमने स्टांप ड्यूटी का सदुपयोग किया है इस क्रम में पंचायत का वित्तीय सामर्थ बढ़ाने की दृष्टि से ग्राम स्वराज अभियान में कुल 238 करोड़ तथा अतिरिक्त स्तंभ शुल्क वसूली अनुदान में 2 हजार 41 करोड़ का प्रावधान सरकार के दूरदर्शिता को दर्शाता है। यह राशि बढ़ोतरी हमें काम करने में और सुविधा प्रदान करेगी। मंत्री पटेल ने कहा कि संबल गरीब आदमी के लिए आपदा में सबसे बड़ा सहारा है और हमारी सरकार इस लक्ष्य के लिए समर्पित है इसलिए संबल योजना के अंतर्गत 700 करोड रुपए की यह राशि उन गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित है।  

राज्यपाल पटेल ने छात्र छात्राओं को प्रदान किए उपाधियाँ और स्वर्ण पदक

जबलपुर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि पशु संपदा ग्रामीण क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में महत्‍वपूर्ण योगदान देते है। पशुपालन के माध्‍यम से आत्‍मनिर्भरता की ओर पहुंचा जा सकता है। उन्‍होंने पंचगव्‍य के उपयोग और महत्‍ता के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मूक प्राणी और पशुओं की सेवा पुण्य का कार्य है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति पटेल की अध्यक्षता में आज नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर का सप्तम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने इस अवसर पर भारत रत्न नानाजी देशमुख की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा प्रांगण में वृक्षारोपण भी किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सभी विद्यार्थी नानाजी की जीवन यात्रा से प्रेरणा ले और समाज सेवा के भाव को अपने जीवन में आत्मसात करें। उन्होंने संस्कारधानी में नानाजी के आदर्शों पर संचालित प्रदेश के एकमात्र पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के कार्यो की सराहना की। विश्वविद्यालय में हो रहे वन्य जीवन संरक्षण तथा रोग निदान अनुसंधान कार्य को अनुकरणीय बताया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि दीक्षांत प्रतिज्ञा को हमेशा याद रखें। शपथ का समाज और राष्ट्र सेवा में पालन करें। उन्होंने सभी दीक्षित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। कन्या छात्रावास का किया निरीक्षण राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालय प्रांगण स्थित नर्मदा कन्या छात्रावास का भ्रमण कर साफ़ सफाई, पानी, रसोई घर आदि की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, आवश्यक निर्देश दिए। राज्यपाल पटेल ने छात्राओं से आत्मीय चर्चा भी की। राज्यपाल पटेल ने दीक्षांत स्मारिका का लोकार्पण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के विभिन्न इकाइयों के कार्यों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री पटेल ने कहा कि जिन विद्यार्थियों ने आज उपाधि प्राप्‍त कर समाज और राष्‍ट्र की प्रगति की शपथ ग्रहण की हैं उनके जीवन का यह महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्‍होंने कहा कि मूक पशुओं का इलाज कर उनके तकलीफों को समझकर दूर करने का प्रयास करते रहे। कार्यक्रम में कुलगुरू डॉ. मनदीप शर्मा द्वारा विश्वविद्यालय की प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया गया। दीक्षांत समारोह में जनप्रतिनिधी, विभिन्न विश्विद्यालयों के कुलगुरु, छात्र छात्राएं व अभिभावकगण उपस्थित रहे।  

नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में सातवां दीक्षा समारोह आयोजित, राज्यपाल ने 1029 छात्रों को उपाधि प्रदान की

जबलपुर नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय का सातवां दीक्षा समारोह शुक्रवार को आयोजित किया गया। विवि के सभागार में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि प्रदेश के राज्यपाल व विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मंगू भाई पटेल की गरिमामय उपस्थिति में 1029 छात्रों को उपाधि प्रदान की। साथ ही 12 छात्र स्वर्ण पदक से नवाजे गए। समारोह में पशुपालन मंत्री लखन पटेल विशिष्ट अतिथि रहे। दीक्षा भाषण कुलगुरु डॉ बीएन त्रिपाठी शेरे कश्मीर एग्रीकल्चर साइंस व टेक्नोलाजी विश्वविद्यालय द्वारा दिया गया। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर मनदीप शर्मा भी मंचासीन थे। तीन पीएचडी योग्यता प्रमाण पत्र शामिल सुबह 11:00 बजे आरंभ सातवें दीक्षा समारोह में शैक्षणिक सत्र 21-22, 22-23 तथा 23-24 के छात्रों को उपाधि प्रदान की गई। जिसमें बीवीएससी के 678, एमबीएससी के 229, पीएचडी 34, बीएफसी के 76, एमएफएससी के 12, 12 स्वर्ण पदक, तीन पीएचडी योग्यता प्रमाण पत्र शामिल हैं। साथ ही आरवीसी में चयनित पूर्व छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इस मौके पर कुलसचिव डॉ एसएस तोमर, उपकुलसचिव डॉ रामकिंकर मिश्रा सहित अन्य मंचासीन थे।

राज्यपाल ने सुप्रसिद्ध पद्मप्राप्त स्व. जोधाईया बाई बैगा के परिजनों से बैगा आर्ट के संबंध में की चर्चा

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सभी को कार्य ऐसा करना चाहिए, जिससे हमेशा ही सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज को शासन की सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ मिलें, सभी ऐसा प्रयास करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनप्रतिनिधियों को अपने कार्यकाल के दौरान एक ऐसा कार्य अवश्य करना चाहिए, जिन कार्यों को लोग एवं समाज हमेशा याद रखें। राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय पेंटिंग एवं कलाकृतियों को और अधिक प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है, इसके लिए भी अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि विशेष प्रयास करें। राज्यपाल पटेल ने उमरिया जिले के ग्राम पंचायत लोढ़ा में विवेकाधीन अनुदान मद से लगभग 5 लाख रुपए लागत से निर्मित आदिवासी कला संकुल भवन (आर्ट सेंटर) का फीता काटकर शुभारंभ किया। राज्यपाल ने सुप्रसिद्ध पद्मतथा नारी शक्ति सम्मान प्राप्त स्व. जोधाईया बाई बैगा के परिजन श्रीमती रिंकू भाई बैगा, दुखिया बाई बैगा एवं अमर बैगा से बैगा पेंटिंग आर्ट एवं बैगा कलाकृतियों के संबंध में चर्चाएं कीं। उन्होंने कहा कि यह हुनर दूसरे जनजातीय व्यक्तियों को भी अवश्य सिखाएं। इस दौरान राज्यपाल ने प्रशासन द्वारा दिए जा रहे सहयोग के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की तथा प्रशासन द्वारा किए गए सहयोग की प्रशंसा भी की। इस दौरान राज्यपाल को प्रशासन द्वारा बैगा पेंटिंग स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट की गई। राज्यपाल पटेल का स्वागत बैगा जनजातीय के लोगों द्वारा पारंपरिक सैला नृत्य एवं कलश यात्रा निकालकर किया गया। राज्यपाल ने कक्षा आठवीं की छात्रा अल्का बैगा एवं शालिनी बैगा से भी चर्चा की तथा उनके शैक्षणिक गतिविधि एवं भविष्य में वह क्या बनना चाहती हैं, के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा बुंदेलखंड की धरती शौर्य और साहस के साथ कला और संस्कृति का ऐसा संगम है

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि बुंदेलखंड की धरती शौर्य और साहस के साथ कला और संस्कृति का ऐसा संगम है, जहाँ शस्त्र और शास्त्र के समन्वय की पराकाष्ठा देखने को मिलती है। अद्वितीय वास्तुकला, सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक विरासत की नगरी खजुराहो, भारतीय संस्कृति और कला का अद्वितीय गौरव है। उन्होंने कहा कि खजुराहो नृत्य समारोह ने भारतीय कला और संस्कृति की विविधता में एकता को देश-विदेशों में मजबूत किया है। भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविधता और समृद्धता को प्रदर्शित करने और विस्तारित करने में समारोह का उल्लेखनीय योगदान है। राज्यपाल पटेल खजुराहो में 51वें खजुराहो नृत्य समारोह के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने कहा है कि मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग के आयोजन में 139 नृत्य कलाकारों ने 24 घंटे, 9 मिनट, 26 सेकंड तक लगातार नृत्य कर, जो गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है। इससे हमारी संस्कृति का गौरव बढ़ा है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिये आयोजकों को बधाई दी है। समारोह मे सुप्रसिद्ध अभिनेत्री और नृत्यांगना सुमीनाक्षी शेषाद्रि की ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति हुई। अपनी प्रस्तुति में उन्होंने नृत्य के अधिपति भगवान शिव की स्तुति की। अगली प्रस्तुति पद्मभूषण राधा—राजा रेड्डी के कुचिपुड़ी नृत्य की हुई। इसके बाद ‘जतीस्वरम’ की राग मांडारी और ताल आदि में निबद्ध प्रस्तुति हुई। यह प्रस्तुति बिना किसी गीत और शब्द के विशुद्ध नृत्य का एक उत्कृष्ट उदाहरण मानी गई। कलावार्ता : कलाविदों एवं कलाकारों के मध्य संवाद कलावार्ता में मंदिर स्थापत्य और नृत्य कला का दार्शनिक और आध्यात्मिक परिप्रेक्ष्य में कलाविदों एवं कलाकारों के मध्य संवाद हुआ। कलावार्ता का प्रवर्तन दिल्ली से आये कलाविद आनंदवर्धन ने किया। बाल नृत्य महोत्सव में युवा कलाकारों को भी मिला मंच     युवा कलाकारों को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लिये पहली बार आयोजित खजुराहो नृत्य महोत्सव के अंतिम दिन मंच प्रदान किया गया। इसमें युवा कलाकारों ने कथक और भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुतियां दीं।  

राज्यपाल पटेल पं. शंभूनाथ विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भावी जीवन में कैरियर की सफलताओं में माता-पिता, गुरूजन और समाज के जरूरतमंद व्यक्ति के प्रति अपने कर्तव्यों को भूलना नहीं चाहिए। पालकों का संघर्ष, समाज के सबसे पिछड़े, गरीब व्यक्ति के आपकी शिक्षा-दीक्षा में योगदान की स्मृतियां सदैव बनी रहनी चाहिए। याद रहे कि आपकी शिक्षा-दीक्षा में इन सभी का प्रत्यक्ष और परोक्ष त्याग और सहयोग शामिल है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत शपथ सामाजिक दायित्वों का दस्तावेज है। भावी जीवन में इसे संभाल कर रखें। प्रतिदिन उसे दोहराएं और उसके अनुसार आचरण करें। अपने आस-पास के वंचितों की जरूरतों की जानकारी लें। उनको पूरा करने का यथा संभव प्रयास करें। राज्यपाल पटेल मंगलवार को पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि अतीत की साधना भविष्य के निर्माण पथ पर आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। यहां से भावी जीवन में नए अवसरों को प्राप्त करने और नई चुनौतियों के समाधान खोजने होंगे। जरूरी है कि अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर अपडेट करते रहें। जीवन में निरंतर सीखने की भावना जागृत रखें। तेजी से बदलते आज के तकनीकी युग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में निरंतर ज्ञान की खोज समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि साहस और धैर्य के साथ प्रयासों से सपने साकार होते हैं। अनुभवों से सीख कर, स्वयं में बदलाव करते हुए आगे बढ़े और अपनी अपार क्षमताओं को पहचानें। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्वस्थ मानसिकता के लिए स्वस्थ शरीर का विकास जरूरी है। विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा स्वस्थ तन-मन के लिए नियमित व्यायाम, मिलेट्स/श्रीअन्न खाने, अधिक पानी पीने और भरपूर नींद लेने के चार मंत्र बताए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को मध्यप्रदेश के जनजातीय महानायक टंट्या मामा, रानी दुर्गावती, रानी कमलापति, रघुनाथ शाह एवं शंकर शाह सहित अन्य विभिन्न महानायकों से प्रेरणा लेना चाहिए। उन्होंने जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र में सिकल सेल एनीमिया के फैलाव को देखते हुए विद्यार्थियों को उनके क्षेत्र में सिकल सेल एनीमिया से बचाव के लिए जागरूकता फैलाने तथा रोग की स्क्रीनिंग में सहयोग के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विश्वविद्यालयों से अपेक्षा है कि शिक्षा के मंदिर में विद्यार्थियों को बौद्धिकता, ज्ञान, विज्ञान और संस्कारों के के साथ समन्वय की सीख भी दें। हर विधा के विद्यार्थियों को शोध एवं नवाचारों को समझने और अपनाने का अवसर भी मिलना चाहिए। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दीक्षांत समारोह में पं. शंभुनाथ विश्वविद्यालय की स्मारिका का लोकार्पण किया। विश्वविद्यालय के प्रतिभावान 45 छात्र-छात्राओं को पदक एवं उपाधि प्रदान की। राज्यपाल पहुंचे धुरवार के नन भईया बैगा के घर राज्यपाल मंगुभाई पटेल शहडोल जिले के प्रवास के दौरान विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवार के नन भईया बैगा के घर ग्राम धुरवार पहुंचे। राज्यपाल की गांव पहुंचने पर नन भईया बैगा एवं ग्रामीणों ने कलश से अगुवाई की। जनजातीय संस्कृति के अनुसार टिमकी तथा नगरिया से लैस नृत्य दल ने परंपरागत तरीके से स्वागत किया। राज्यपाल पटेल ने ग्रामीणों से जन-मन योजना से उनके जीवन में हुए बदलाव के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल को नन भईया बैगा ने घर आगमन पर पारंपरिक भोजन कराया। बैगा परिवार द्वारा फंसई का चावल, इंदरहर की कढ़ी, लहसुन और टमाटर की सिल-बट्टे पर बनी चटनी, कुटकी की खीर, सेमी का साग, पापड़, सलाद, गेंहू रोटी के साथ प्रस्तुत किया गया। परिवार के सह-भोज में सरपंच श्रीमती मीरा बाई बैगा और जन मन योजना के हितग्राही भी शामिल हुए।  

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि गांव का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता

गांवों का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता: मंत्री पटेल मंत्री पटेल ने प्रदेश भर से आए पंचायत प्रतिनिधियों से की मुलाकात पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि गांव का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि गांव का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी पंचायत भवन विहीन 1153 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन स्वीकृत किए गए हैं। मंत्री पटेल ने कहा कि पुराने जर्जर पंचायत भवनों के संबंध में निर्णय लेने के लिए एक विशेष समिति गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि आगामी पंचायत चुनाव तक कोई भी ग्राम पंचायत भवन विहीन न रहे। मंत्री पटेल ने गुरुवार को प्रदेश भर से आए पंचायत प्रतिनिधियों से निवास पर मुलाकात की।    मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायतों को स्वावलंबी बनाने के लिए प्राथमिकताओं को चिन्हित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत में शमशान घाट हो और साथ ही गौ-वंश संरक्षण के लिए विशेष उपाय किए जाए। मंत्री पटेल ने पौध-रोपण के दौरान सावधानी और सतर्कता बरतने और नियमित मॉनिटरिंग के लिए एक ठोस योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों को ग्राम पंचायतों में कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स बनाने के लिए सुझाव देने के लिए कहा। मंत्री पटेल ने कहा कि सभी पंचायत प्रतिनिधि सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष प्रयास करें, इससे पंचायतों को भूमि को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने ग्राम पंचायतों के कार्यक्षेत्र में रेत संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कपिलधारा और सामुदायिक पेयजल परियोजनाओं की लागत को बराबर करने की दिशा में विचार किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को सुगमता से लाभ मिल सके। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायत सचिवों और जीआरएस के लिए एमआईएस पोर्टल को और अधिक सुलभ बनाया जाएगा। उन्होंने कार्य अनुमोदन में पारदर्शिता लाने पर बल दिया। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायतें मजबूत होंगी, तो प्रदेश सशक्त बनेगा। इस अवसर पर सरपंच संघ के प्रतिनिधियों ने विभिन्न मुद्दों को मंत्री पटेल के समक्ष रखा।  

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