LATEST NEWS

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने तीर्थ यात्रियों से संवाद करते हुए रीवा जिले एवं मध्यप्रदेश में की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली

 रीवा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने महाकुंभ जा रहे तीर्थ यात्रियों के लिए रीवा बाईपास पर हरिहरपुर में लगाये गये शिविर में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और तीर्थ यात्रियों को भोजन एवं पानी का वितरण किया। इस अवसर पर उन्होंने तीर्थ यात्रियों से संवाद करते हुए रीवा जिले एवं मध्यप्रदेश में की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। तीर्थ यात्रियों ने उप मुख्यमंत्री शुक्ल को बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मध्यप्रदेश सरकार तीर्थ यात्रियों के लिए जगह-जगह भोजन, पानी, चाय, बिस्किट, फल एवं दूध का वितरण करा रही है। इस वजह से हम लोगों को कहीं भी कोई परेशानी नहीं हो रही है। तीर्थ यात्रियों ने मंत्री शुक्ल का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि रीवा जिले में भी सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। इससे बड़ी संख्या में यात्रीगण लाभान्वित हो रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने शिविर स्थल में लगाये गये चिकित्सा कैंप का भी निरीक्षण किया। सामाजिक संगठनों के सहयोग से विन्ध्य में तीर्थ यात्रियों के लिए नि:शुल्क भोजन, पानी की व्यवस्था की गयी है। साथ ही चिकित्सा व अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गयी हैं।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा बायपास पर प्रयागराज महाकुंभ के श्रद्धालुओं से की भेंट उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बेला बायपास पहुंचकर प्रयागराज महाकुंभ में जा रहे श्रद्धालुओं से की मुलाकात उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर है व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के बेला स्थित बायपास पहुंचकर प्रयागराज महाकुंभ में जा रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनकी यात्रा से संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से बातचीत कर उनकी यात्रा की स्थिति की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर है और हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालु अपनी यात्रा निर्विध्न पूरी कर सकें। श्रद्धालुओं ने उप मुख्यमंत्री शुक्ल को बताया कि प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग में भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सेवाओं की बेहतर व्यवस्था की गई है। उन्होंने प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर भोजन, पानी, स्वास्थ्य सेवाओं और विश्राम स्थलों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें और प्रशासन का सहयोग करें। विधायक नरेंद्र प्रजापति, नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय, पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।  

दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट में “आत्मनिर्भर और स्वावलंबी आदर्श ग्राम” विषय पर कार्यशाला का किया शुभारंभ

प्रदेश सरकार जन सुविधाओं को हर कोने हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिये संकल्पित – उप मुख्यमंत्री शुक्ल अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने में जन-जागरूकता तंत्र की भूमिका महत्वपूर्ण दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट में “आत्मनिर्भर और स्वावलंबी आदर्श ग्राम” विषय पर कार्यशाला का किया शुभारंभ भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जन सुविधाओं को हर कोने हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिये संकल्पित है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं में जन सहभागिता सुनिश्चित करने में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका है और आगे भी रहेगी। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की सोच को साकार करते हुए अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने में शासन के साथ-साथ उसे जन-जागरूकता तंत्र की भूमिका महत्वपूर्ण है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दीन दयाल शोध संस्थान चित्रकूट में “आत्मनिर्भर और स्वावलंबी आदर्श ग्राम” विषय पर दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि गांव में अब पहले से ज्यादा सुविधाएं हैं। आदर्श ग्रामों के विकास के लिए अनुकूल समय है। दीनदयाल शोध संस्थान का मार्गदर्शन और मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद का समर्पण इस दिशा में निर्णायक बदलाव ला सकता है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रऋषि नाना जी देशमुख के आत्मनिर्भर एवं स्वावलम्बी ग्रामों के चित्रकूट मॉडल को सम्पूर्ण प्रदेश में विस्तारित करने के उद्देश्य से दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट और मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला का आयोजन किया गया है। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर ने कहा कि गांव की समृद्धि और विकास के लिये आवश्यक है कि सभी ग्रामवासियों की सम्पूर्ण प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। तभी स्थायी और सतत परिणाम होंगे। उन्होंने परिषद अमले को कहा कि गांव में सिखाने नहीं सीखने के भाव से जाएं। दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन ने कहा कि नाना जी का मानना था कि कर्मठता और स्वावलंबन से ही ग्राम जीवन में बदलाव आ सकता है। नाना जी ने अपने समय की समस्त चुनौतियों को संबोधित किया है। उनका विकास मॉडल सर्वे भवंतु सुखिनः का उदघोष करता है। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ.धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि परिषद की उपस्थिति अधिकांश पंचायतों में है। नवांकुर संस्थाओं और प्रस्फुटन समितियों सहित प्रदेश में सीएमसीएलडीपी के 50 हजार विद्यार्थियों के साथ परिषद सबसे महत्वपूर्ण मैदानी संगठनों में से एक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अपेक्षाओं के अनुरूप इस प्रशिक्षण से परिषद अमले को ग्राम-समाज को समझने और बदलावों की गतिविधियों के चिन्हांकन के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मिलेगा। प्रशिक्षण कार्यशाला में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद राज्य कार्यालय के अधिकारियों सहित समस्त संभाग जिला और विकासखण्ड समन्वयक सहभागिता कर रहे हैं।  

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कैंसर की सही समय में जाँच पर पूर्ण निदान सहजता से संभव

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कैंसर की सही समय में जाँच पर पूर्ण निदान सहजता से संभव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गौरवशाली नेतृत्व में आज आर्थिक संसाधनों की कमी नहीं है। चिकित्सकीय संस्थानों का उन्नयन किया जा रहा है। अधोसंरचना विकास के साथ अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में संसाधनों के साथ चिकित्सकीय मैनपॉवर का मानवीय रवैया, भावनात्मक सहयोग उपचार को आसान करता है। मरीजों और परिजनों में संतोष का भाव जागृत करता है। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े सभी अधिकारियों कार्मिकों में मानवीय संवेदनाओं की समझ और उसका प्रकटीकरण अत्यंत आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्व कैंसर दिवस पर एम्स भोपाल में आयोजित 2 दिवसीय पेलियेटिव केयर प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि कैंसर का निदान सहज और सुलभ बनाने के लिये केंद्रीय बजट में हर ज़िले में कैंसर केयर सेंटर बनाने का ऐतिहासिक प्रावधान किया गया है। साथ ही कैंसर दवाओं को किफायती दरों में उपलब्ध कराने के प्रावधान किये गये हैं। आयुष्मान भारत योजना से हर नागरिक आज उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं सहजता से प्राप्त कर पा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन में स्वस्थ भारत महत्वपूर्ण आयाम है। इसके लिये केन्द्र और राज्य सरकार पूर्ण समर्पण से प्रयास कर रही हैं। इसे साकार करने हेल्थ मैन-पॉवर की महत्वपूर्ण भूमिका है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि चिकित्सक का दायित्व केवल उपचार करने तक सीमित नहीं है। उपचार के साथ और उपचार के बाद मरीज़ को जो मानसिक और भावनात्मक सहयोग चिकित्सक या अस्पताल स्टॉफ से मिल सकता है, वो उसकी रिकवरी को और तेज़ करने में सहायक होता है। उन्होंने उपस्थित चिकित्सकों और नर्सिंग ऑफिसर से प्रशिक्षण का पूर्ण लाभ उठाने का आह्वान किया। असंचारी रोगों के बेहतर प्रबंधन के लिए “टेस्ट और ट्रीट” अवधारणा पर किया जा रहा है कार्य उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेजों में संभागीय मुख्यालयों में लाइनैक मशीन, पेट स्कैन, ब्रेकी थेरेपी एयर कैथ लैब जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के प्रयास किये जा रहे हैं, ताकि हृदय रोग, कैंसर जैसे असंचारी रोगों का समुचित निदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि इन रोगों के बेहतर प्रबंधन के लिए “टेस्ट और ट्रीट” अवधारणा पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मियों से आह्वान किया कि पूरे समर्पण से मिशन मोड में सेवा भाव से कार्य करें। संसाधनों के साथ समर्पित प्रयास से मध्यप्रदेश शीघ्र ही स्वास्थ्य मानकों में अग्रणी राज्य बनेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विगत दिवस जबलपुर, भोपाल और इंदौर में ग्रीन कॉरिडोर बनाकर अंग रिट्रीवल एवं प्रत्यारोपण कर बहुमूल्य जीवन के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले चिकित्सकीय और सहायक चिकित्सकीय स्टॉफ की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा ऐसे समर्पित प्रयासों से चिकित्सकीय कार्मिको का मान बढ़ता है और समाज में अपने प्रतिष्ठित स्थान के साथ वे न्याय करते हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रशिक्षण प्रदान करने वाले मास्टर ट्रेनर और रिसोर्स पर्सन को सम्मानित किया। अध्यक्ष एम्स प्रो. डॉ. सुनील मलिक ने पेलियेटिव केयर के विभिन्न आयामों और महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी ने असंचारी रोगों के बढ़ते दबाव और प्रबंधन के लिए किये जा रहे प्रयासों की संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और एम्स के संयुक्त तत्वाधान में किया गया है। एम्स के वरिष्ठ चिकित्सक, प्रोफेसर्स और विषय विशेषज्ञों ने पेलियेटिव केयर की जिम्मेदारियों और दायित्वों की चिकित्सकों और नर्सिंग ऑफिसर को विस्तारपूर्वक जानकारी दी। क्या है पेलियेटिव केयर.. पेलियेटिव केयर गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए विशेष चिकित्सा देखभाल है। पेलियेटिव केयर का उद्देश्य मरीज़ में दर्द या अन्य कोई शारीरिक, मानसिक या सामाजिक समस्याओं की पहचान और सही मूल्यांकन कर उसकी पीड़ा को कम करने में मदद करना है। इसके लिए ऐसे मरीज़ों के परिजनों को भी परामर्श और तकनीकी कौशल को बढ़ाने की ज़रूरत है ताकि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद घर पर उसकी बेहतर देखभाल हो सके। साथ ही साथ अस्पताल में बार-बार भर्ती होने की संभावनाओं को न्यूनतम किया जा सके। पेलियेटिव केयर कार्यक्रम में कैंसर विभाग, रेडियोथैरेपी, एनेस्थिशिया, मेडिसिन एवं सायकेट्री विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही फंटलाईन डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टॉफ को भी इसकी समझ ज़रूरी है, क्योंकि इन्हीं लोगों के पास सबसे पहले कोई मरीज़ अपनी तकलीफ को लेकर पहुंचता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनियाभर में 5 करोड़ 68 लाख लोगों को पेलिएटिव केयर की आवश्यकता है। इनमें से लगभग 2 करोड़ 57 लाख लोग जीवन के अंतिम पड़ाव पर हैं। वैश्विक स्तर पर 14 प्रतिशत लोगों को ही पेलिएटिव केयर उपलब्ध है।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्री पाटिल को अवगत कराया कि रीवा संभाग की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए बहुती नहर के उन्नयन की महती आवश्यकता

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से सौजन्य भेंट की। उन्होंने रीवा और सतना जिलों में संचालित बाणसागर परियोजना की बहुती नहर के उन्नयन के लिए केंद्र सरकार की “मॉडर्नाइजेशन ऑफ कैचमेंट एरिया डेवलपमेंट” योजना के तहत 1700 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया। इस परियोजना के अंतर्गत 85,000 हेक्टेयर कृषि भूमि के आधुनिकीकरण और सिंचाई क्षमता का विकास होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने केंद्रीय मंत्री पाटिल को अवगत कराया कि रीवा संभाग की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए बहुती नहर के उन्नयन की महती आवश्यकता है, क्योंकि वर्तमान नहर संरचना के कारण कई स्थानों पर कमांड क्षेत्र ऊंचे स्तर पर स्थित है। इस स्थिति में सुधार के लिए नहर प्रणाली के आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता है। परियोजना के क्रियान्वयन से न केवल सिंचाई सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि कृषि उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह परियोजना न केवल किसानों के लिए समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगी बल्कि प्रदेश के जल संसाधन प्रबंधन को भी सुदृढ़ बनाएगी। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री पाटिल ने केंद्र सरकार की ओर से आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।  

कैंसर देखभाल में क्रांति लाने के लिए विशेष बजट प्रावधान : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल विश्व कैंसर दिवस (4 फरवरी) के अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कैंसर जैसे गंभीर रोग की समय पर पहचान समुचित उपचार के लिये अहम है। प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ भारत विज़न से प्रेरणा लेते हुए निरंतर प्रयासरत है। हर नागरिक को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ और किफायती रूप से मिल सकें। इसी दिशा में राज्य और केंद्र सरकार ने कैंसर उपचार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में प्रस्तुत केंद्रीय बजट में कैंसर देखभाल के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। कैंसर की दवाओं को सुलभ और सस्ती दर में उपलब्ध कराने के प्रावधान हैं। इसके अलावा, हर ज़िले में कैंसर देखभाल केंद्र स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान किया गया है, जिससे कैंसर डायग्नोसिस और उपचार की सुविधा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को मिल सकेगी। राज्य सरकार भी इन केंद्रों को स्थापित करने के लिए प्राथमिकता दे रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में कैंसर की रोकथाम और उपचार के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल डिस्पेंसरी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सिविल अस्पतालों में सर्वाइकल कैंसर की वीआईए जांच निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इस जांच को प्रत्येक पांच वर्ष में कम से कम एक बार करवाना आवश्यक है। जिला अस्पतालों में बायोप्सी सैंपलिंग और मेडिसिन कीमोथेरेपी की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण सुनिश्चित करते हुए कैंसर के इलाज को मेडिकल कॉलेजों और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान जैसी संस्थाओं में सुलभ बनाया गया है। पहले जहां कैंसर का उपचार केवल निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध था, अब राज्य के विभिन्न जिलों में, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में उन्नत कैंसर उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर कैंसर सहित असंचारी रोगों की पहचान के लिए सीबैक फॉर्म भरवाए गए हैं। जिसके आधार पर एनसीडी पोर्टल के माध्यम से मरीजों का उपचार एवं फॉलो-अप सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डायबिटीज, हाईपरटेंशन और कैंसर जैसे असंचारी रोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, इसलिए इनकी समय पर पहचान और समुचित उपचार आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आयुष्मान भारत निरामयम योजना के तहत कैंसर के उपचार की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क है। अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिक भी इस योजना के तहत महंगे इलाज का लाभ बिना किसी वित्तीय बोझ के उठा सकते हैं। जिला अस्पतालों में एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी उन्नत डायग्नोसिस सुविधाएं पात्र हितग्राहियों के लिए निःशुल्क तथा अन्य नागरिकों के लिए रियायती दरों पर उपलब्ध हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सभी के लिए स्वास्थ्य” विज़न को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और बजट प्रावधान महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाएं और किसी भी प्रकार के लक्षणों को नजरअंदाज न करें। राज्य सरकार हर नागरिक के बेहतर स्वास्थ्य के लिए संकल्पित है।  

हमीदिया अस्पताल को मिलेंगे 3 करोड़ 45 लाख रुपये लागत के अत्याधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपकरण

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। गांधी मेडिकल कॉलेज और हमीदिया अस्पताल में अत्याधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपकरणों की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा लक्ष्य है कि शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों को अत्याधुनिक उपकरणों और उन्नत चिकित्सा सेवाओं से सुसज्जित किया जाए। राज्य के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों को भी ऐसे उन्नत उपकरणों से लैस करने की योजना पर कार्य कर रही है। उन्होंने चिकित्सकों से इन सुविधाओं का उपयोग कर राज्य के नागरिकों को श्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिये हैं। गांधी मेडिकल कॉलेज और हमीदिया अस्पताल में 3 करोड़ 45 लाख रुपये लागत के अत्याधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपकरणों की स्थापना की स्वीकृति दी गयी है। इनमें एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS), एसोफेजियल मैनोमेट्री, पीएच मैट्री और ब्रीथ एनालाइज़र जैसी तकनीकें शामिल हैं। यह उन्नत सुविधाएँ किसी भी सरकारी अस्पताल में पहली बार उपलब्ध कराई गई हैं। इन नवीन उपकरणों की मदद से पाचन तंत्र की गंभीर बीमारियों की सटीक और त्वरित पहचान संभव हो सकेगी। अब मध्य प्रदेश के मरीजों को उन्नत और सटीक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपचार के लिए अन्य राज्यों या निजी अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उपकरणों का विवरण     एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS): पेट और आंतों की गहराई से जांच कर कैंसर, पैंक्रियास की बीमारियों और अन्य गंभीर समस्याओं का जल्द पता लगाने में मदद करता है।     एसोफेजियल मैनोमेट्री: निगलने में होने वाली समस्याओं के सही निदान में सहायक।     पीएच मैट्री: एसिडिटी और रिफ्लक्स से जुड़ी बीमारियों के सटीक निदान के लिए उपयोगी।     ब्रीथ एनालाइज़र: एक दर्द-रहित जांच जो आंतों में बैक्टीरिया की अधिकता और लैक्टोज असहिष्णुता जैसी समस्याओं का पता लगाने में मदद करता है।  

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा 33 हज़ार से अधिक पदों पर की जा रही है भर्ती

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में ईएसबी एवं पीएससी के अंतर्गत प्रक्रियाधीन विभिन्न चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय पदों में भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि सभी भर्ती प्रक्रियाएं निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए मैन-पॉवर की समय पर नियुक्ति अत्यंत आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेजों में पे-प्रोटेक्शन के विषय पर आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर, सभी औपचारिकताओं को पूर्ण करते हुए इसे शीघ्र कैबिनेट अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीधी भर्ती एवं बैकलॉग पदों पर अब तक की गई कार्रवाई की पदवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सभी कैबिनेट स्वीकृत समस्त पदों पर भर्ती तय समय सीमा में पूरी की जाये। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या आने पर उसे तत्काल संज्ञान में लाया जाए। सभी औपचारिकताएं समयबद्ध ढंग से पूरी हों। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में 33 हज़ार से अधिक पदों पर भर्ती की जा रही है। आईपीएचएस मानक अनुसार 18 हज़ार 653 पद पर, 454 उन्नयित स्वास्थ्य संस्थानों में 7 हज़ार 977 पद पर, कैलाशनाथ काटजू हॉस्पिटल में 195 पदों पर, 18 शासकीय नर्सिंग महाविद्यालयों के लिये 414 पद सहित 273 अन्य स्वीकृत स्वास्थ्य संस्थानों में 5 हज़ार 779 चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय पदों पर नियुक्ति प्रक्रियाधीन है। बैठक में आयुक्त स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तरुण राठी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बाबा विश्वनाथ का किया अभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की प्रार्थना की

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ महादेव के दर्शन किये। उन्होंने सपरिवार विधि-विधान से बाबा विश्वनाथ का पूजन एवं अभिषेक किया और प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की प्रार्थना की। वाराणसी कैंट विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री सौरभ श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हृदय रोग के एचओडी डॉ. राजीव गुप्ता को ‘नेशनल वेटरन एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित होने पर बधाई दी

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भोपाल के हमीदिया अस्पताल में हृदय रोग विभाग के एचओडी डॉ. राजीव गुप्ता को ‘नेशनल वेटरन एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित होने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल डॉ. गुप्ता के व्यक्तिगत समर्पण और उत्कृष्टता का प्रमाण है, बल्कि यह मध्यप्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि डॉ. गुप्ता का योगदान भविष्य में अन्य लोगों को भी प्रेरित करेगा तथा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) ने मध्यप्रदेश के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. गुप्ता को ‘नेशनल वेटरन एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित किया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान चिकित्सा क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान और आधुनिक चिकित्सा के प्रति उनकी निष्ठा का प्रमाण है। यह सम्मान समारोह हिटेक्स एग्जीबिशन सेंटर, हैदराबाद, तेलंगाना में आयोजित हुआ, जहां देशभर से चिकित्सा जगत की प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं।  

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश के हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वास्थ्य जागरूकता, समय पर निदान और रोकथाम के उपायों को सफलतापूर्वक लागू कर, हम प्रदेश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनायेंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर डिलीवरी और स्वास्थ्य मानकों में सुधार के लिए जनता को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, स्वास्थ्य देखभाल के उचित तरीकों और आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चार इमली स्थित निवास कार्यालय पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और प्रदेश में स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने के लिए जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा की। स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिये महत्वपूर्ण है समय पर चिन्हांकन उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि समय पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के लिए सही समय पर चिन्हांकन आवश्यक है। जिससे उनका सही समय पर समाधान भी सुनिश्चित किया जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रोकथाम आधारित स्वास्थ्य देखभाल (प्रिवेंटिव हेल्थ केयर मेजर्स) स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय जितना ही महत्वपूर्ण है। इससे प्रदेश में शिशु मृत्यु दर (IMR) और मातृ मृत्यु दर (MMR) सहित विभिन्न स्वास्थ्य मानकों में सुधार लाया जा सकता है। स्वास्थ्य अभियानों में जन-सहभागिता को करें प्रोत्साहित उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जनता को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने के लिए जन-जागरूकता अभियानों को और प्रभावशाली बनाया जाए। आम नागरिकों को स्वास्थ्य प्रबंधन, सही खानपान, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वास्थ्य देखभाल के सही तरीकों के प्रति शिक्षित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि क्या करें और क्या न करें (Do’s & Don’ts) की स्पष्ट जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए, जिससे बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने पर बल दिया, जिससे स्वास्थ्य अभियानों को सफलतापूर्वक लागू किया जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिये हैं कि एक सप्ताह के भीतर जागरूकता गतिविधियों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। जिसमें स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों, समय पर निदान और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी डिलीवरी को शामिल किया जाए। बैठक में उप मुख्यमंत्री शुक्ल को प्रदेश में चल रही स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी गयी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की प्रबंध संचालक डॉ. सलोनी सिडाना, आईईसी निदेशक डॉ. रचना दुबे और उप निदेशक (आईईसी) डॉ. अर्चना पुंधीर उपस्थित रहीं।  

दमोह में निजी चिकित्सक ओपीडी प्रिस्क्रिप्शन में उप मुख्यमंत्री शुक्ल दे रहे जागरूकता संदेश

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल कहा है कि टीबी उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। नि:क्षय शिविर अभियान सामुदायिक भागीदारी से अपने लक्ष्य को प्राप्त करेगा। उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों और समाजसेवकों से आह्वान किया है कि वे इस अभियान का हिस्सा बनें और हर टीबी मरीज तक जरूरी सहायता पहुंचाने में सहयोग करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आस-पास के टीबी मरीजों की पहचान करने और उन्हें समय पर इलाज दिलाने में सहयोग करें। यदि किसी व्यक्ति को लगातार दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार या वजन घटने जैसी शिकायत हो, तो उसे तुरंत स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है, इसके लिए समय पर पहचान और उपचार महत्वपूर्ण है। सभी के समेकित प्रयास से टीबी मुक्त मध्यप्रदेश का लक्ष्य हम शीघ्र प्राप्त करेंगे। उन्होंने अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों, संस्थाओं, नि:क्षय मित्रों की सराहना की है। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्ष 2025 तक टीबी (क्षय रोग) को समाप्त करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चला रहा है। इस अभियान में समाज के हर वर्ग को जोड़ते हुए, एनजीओ, समाजसेवी संगठनों, और आम जनता से सक्रिय सहयोग की अपील की जा रही है। 100 दिवसीय नि:क्षय शिविर अभियान में प्रदेश के 23 उच्च प्राथमिकता वाले जिलों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, रोग की पहचान, रोकथाम और उपचार को गति देने के प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान में टीबी की घटनाओं में 80% कमी लाने, मृत्यु दर में 90% गिरावट और मरीजों के चिकित्सा व्यय को शून्य करने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिये नि:क्षय मित्रों, स्वयं सेवकों और सामाजिक संगठनों को शामिल कर सघन प्रयास किये जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने टीबी के खिलाफ जागरूकता को जनआंदोलन का रूप देने के लिए विभिन्न रचनात्मक पहलें की हैं। सिवनी जिले में ‘न्यू पहल’ फाउंडेशन ने 400 मस्जिदों में उर्दू भाषा में जागरूकता सामग्री प्रदाय की है, जिससे समुदाय के हर वर्ग तक टीबी की जानकारी पहुंचे। मंदसौर में ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर कमलेश भाटी ने एक शादी समारोह में टीबी जागरूकता का संदेश देकर समाज के बीच जागरूकता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। इसी तरह, जबलपुर रेलवे स्टेशन पर लाखों यात्रियों को टीबी की जानकारी देने के लिए पोस्टर और फ्लेक्स लगाए गए हैं। विशेष शिविर लगाकर की जा रही हैं जाँच दमोह जिले में निजी चिकित्सकों ने अपने मरीजों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए ओपीडी प्रिस्क्रिप्शन में टीबी जागरूकता के संदेश देने की पहल की है। सीधी जिले में स्थानीय “बघेली” भाषा में दीवार लेखन के माध्यम से सैकड़ों प्रेरक नारों को लिखा गया है, जो समुदाय के लोगों के बीच जागरूकता फैलाने में मदद कर रहे हैं। दतिया में आईसीएमआर टीम ने जेल के कैदियों की हैंडहेल्ड एक्स-रे तकनीक से स्क्रीनिंग की, जबकि मंडला जिले के कार्य स्थलों पर शिविर लगाकर 417 मजदूरों की जांच की गई। नीमच जिले में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने टीबी मरीजों को पोषण सामग्री उपलब्ध कराकर उनके समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की कोशिश की है।  

उप मुख्यमंत्री से वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य भेंट

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के हर व्यक्ति को समय पर, सुलभ और उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और अन्य चिकित्सा मैनपावर की कमी एक प्रमुख चुनौती है, जिसे प्रभावी रणनीतियों से दूर किया जाना जरूरी है। इसके लिए मेडिकल के साथ नॉन-मेडिकल हस्तक्षेपों पर भी काम करना होगा। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि प्रदेश में सभी स्वास्थ्य सेवाओं और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो ताकि स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदेश के हर क्षेत्र और हर वर्ग तक पहुँच सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल से आज मंत्रालय भोपाल में वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को और सशक्त बनाने के लिए विभिन्न विषयों और अंतःक्षेपों पर विस्तृत चर्चा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को मजबूत बनाने के लिए फर्स्ट रेफरल यूनिट्स के रूप में विकसित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में वृद्धि के साथ मैनपॉवर व्यवस्था के लिये व्यापक भर्तियाँ की जा रही है। इन प्रयासों के सदुपयोग से स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य मानकों में सुधार शासन का लक्ष्य है। तात्कालिक और दीर्घकालिक लाभ के लिये दें सुझाव उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विशेष रूप से शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) और मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानकों में सुधार लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन मानकों में सुधार के लिए ऐसी रणनीतियां बनाई जानी चाहिए जो शॉर्ट टर्म में त्वरित प्रभाव दें साथ ही दीर्घकालिक समाधान भी प्रदान करें। उन्होंने वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधि मंडल से प्रदेश की वर्तमान स्वास्थ्य चुनौतियों का सटीक आकलन कर ऐसे सुझाव देने के लिये कहा जिनसे तात्कालिक और दीर्घकालिक लाभ चरणबद्ध रूप से प्राप्त हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि वर्ल्ड बैंक का यह अध्ययन प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को समझने और सुधारात्मक कदम उठाने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगा। बैठक में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति, स्वास्थ्य सूचकांकों का अध्ययन, गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के विस्तार और बीमारियों के भौगोलिक वितरण के विश्लेषण पर गहन मंथन हुआ। उल्लेखनीय है कि वर्ल्ड बैंक प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र का अध्ययन कर मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तीकरण के लिए सुझाव प्रस्तुत करेगा ताकि हर नागरिक को यूनिवर्सल और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो सकें। “गेटिंग हेल्थ रिफॉर्म राइट” फ्रेमवर्क के तहत वर्ल्ड बैंक मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सुधार के लिए अध्ययन कर देगा सुझाव वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधि अमित नागराज ने बताया कि “गेटिंग हेल्थ रिफॉर्म राइट” फ्रेमवर्क के तहत वर्ल्ड बैंक मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सुधार के लिए एक समग्र और साक्ष्य-आधारित अध्ययन करेगा। यह अध्ययन प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र की मौजूदा चुनौतियों और अवसरों का विश्लेषण करेगा और यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यूएचसी) के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सुधारात्मक कदम सुझाएगा। इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य तंत्र को अधिक प्रभावी, सशक्त और समान बनाने के साथ-साथ प्रदेश के नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है। वर्ल्ड बैंक प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए गए अपने कार्यों और सफल योजनाओं के आधार पर मध्यप्रदेश के लिए उपयुक्त और व्यावहारिक सिफारिशें देंगे। यह अध्ययन जनवरी 2025 से शुरू होगा और मार्च 2025 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट और कार्यान्वयन रोडमैप प्रस्तुत करेगा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, ऐग्पा के एडिशनल सीईओ लोकेश शर्मा, वर्ल्ड बैंक की हेल्थ स्पेशलिस्ट सुजिज्ञासा शर्मा, क्रिस एंडरसन और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री से एशियन डेवलपमेंट बैंक के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य भेंट

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार का प्राथमिक लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को उन्नत और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार मैनपावर प्रबंधन, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था और संकेंद्रित प्रयासों के जरिये स्वास्थ्य मानकों में सुधार पर लगातार काम कर रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल से मंत्रालय भोपाल में एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। बैठक में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सर्वसुलभ बनाने के लिए निजी निवेश और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर गहन चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए प्रदेश में निजी निवेश के विभिन्न मॉडलों पर विचार किया जा रहा है। शासन का उद्देश्य है कि चिकित्सकीय मैनपावर की उपलब्धता बढ़ाई जाए, अधोसंरचना को आधुनिक तकनीकी के साथ उन्नत किया जाए और उन क्षेत्रों में उच्च स्तरीय सेवाएँ प्रदान की जाएँ जहाँ अभी इनकी कमी है। इसके लिए निजी निवेश के माध्यम से गैप फिलिंग का प्रयास किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने एडीबी प्रतिनिधियों से ऐसे संभावित क्षेत्रों की पहचान और उनके समाधान के लिए प्रभावी सुझाव प्रस्तुत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार लाने के लिए एडीबी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के अनुभव और विशेषज्ञता का उपयोग किया जाएगा। एशियन डेवलपमेंट बैंक के प्रतिनिधि मंडल ने विभिन्न देशों और राज्यों में उनके अनुभव साझा किए और बताया कि उन्होंने अन्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुधार के लिए किस प्रकार के संयुक्त प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भी इस प्रयास के लिए जल्द ही विस्तृत सुझाव प्रस्तुत करेंगे । प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, ऐग्पा के एडिशनल सीईओ लोकेश शर्मा, एडीबी के धवल झंब सहित अन्य प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा सामंजस्य और आपसी सहयोग से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करना संभव

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सामंजस्य और आपसी सहयोग से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करना संभव है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अपोलो सेज हॉस्पिटल परिसर में “ओरल कैंसर डिटेक्शन और डेंटल ट्रीटमेंट वैन” सेवा का शुभारंभ किया। यह मोबाइल वैन अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस है, जो मुंह के कैंसर की शीघ्र पहचान और संपूर्ण दंत चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में सक्षम है। इस पहल को डेनेशिया ग्रुप और रोटरी क्लब के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, यह वैन विशेष रूप से उन नागरिकों की सेवा के लिए समर्पित है जो आर्थिक अथवा भौगोलिक कारणों से चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। इस वैन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों और भोपाल के आस-पास के जिलों कर कैंसर एवं दंत रोगों की पहचान और उपचार की सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने डेनेशिया ग्रुप और रोटरी क्लब के सहयोग की सराहना करते हुए इसे मानवता की सेवा का अनुकरणीय उदाहरण बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के विजन में सामूहिक प्रयासों का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि इस वैन के संचालन से न केवल ओरल कैंसर की शीघ्र पहचान और उपचार होगा, बल्कि दंत चिकित्सा सेवाओं से भी हजारों नागरिक लाभान्वित होंगे। यह पहल समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। शुक्ल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह वैन लोगों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अपोलो सेज हॉस्पिटल की सुविधाओं का अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि वैन में उन्नत तकनीक से लैस ओरल कैंसर डिटेक्शन सिस्टम है, जो कुछ ही मिनटों में कैंसर की पहचान कर सकता है। इसके अतिरिक्त, वैन में एक आधुनिक डेंटल चेयर और अन्य चिकित्सा उपकरण हैं, जो जटिल से जटिल दंत समस्याओं का इलाज कर सकते हैं। वैन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह बिजली न होने की स्थिति में भी पेट्रोल जनरेटर की सहायता से निर्बाध रूप से कार्य करती है। यह वैन न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि प्रदेश के हर कोने तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है। सेज ग्रुप के चेयरमैन संजीव अग्रवाल, डेनेशिया ग्रुप के चेयरमैन पी के त्रिपाठी सहित रोटरी क्लब के प्रतिनिधि, चिकित्सा विशेषज्ञ उपस्थित रहे।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet