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नागपुर-रायपुर, बिलासपुर और झारसुगुड़ा के बीच चलने वाली ट्रेनों में लगेगा सुरक्षा कवच

  रायपुर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ट्रेनों की सुरक्षा काे लेकर सख्त नजर आ रहा है. नागपुर-रायपुर, बिलासपुर और झारसुगुड़ा के बीच चलने वाली ट्रेनों में सुरक्षा कवच लगाने की जरूरत महसूस की जा रही है. इसके लिए जोन ने रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा है. बोर्ड से हरी झंडी मिलते ही ट्रेनों में कवच लगाने का काम शुरू हो जाएगा. रायपुर रेल मंडल के DCM अवधेश कुमार त्रिवेदी ने कहा कि झारसुगुड़ा से लेकर नागपुर क्षेत्र में चलने वाली ट्रेनों में सुरक्षा कवच लगाने की तैयारी चल रही है. बहुत जल्दी यह लागू हो जाएगा. सुरक्षा कवच एक ही ट्रैक पर यदि दो ट्रेनें आ रही हैं तो उसे अलर्ट करेगा. सेंसर के जरिए ट्रेन के चालक और सह चालक को भी अलर्ट करेगा. ये है सुरक्षा कवच की खासियत कवच सिस्टम सेंसर के माध्यम से एक ही ट्रैक पर यदि दो ट्रेनें आ रही हैं तो उसे अलर्ट करेगा. सेंसर के जरिए ट्रेन के चालक और सह चालक को भी अलर्ट करेगा. साथ ही ट्रेनों की गति पर कवच सिस्टम खुद ही ब्रेक भी लगा देता है. इससे ट्रेन से होने वाले हादसों में कमी आएगी. घने कोहरे, बरसात जैसे मौसम में यदि लोको पायलट ब्रेक लगाने में विफल रहता है तो भी यह प्रणाली स्वचालित रूप से गति को नियंत्रित करने में मदद करती है. कवच सुरक्षा तकनीक की विशेषताएं सिग्नल पासिंग की रोकथाम: खतरे की स्थिति में सिग्नल को गलत तरीके से पार करने से बचाने के लिए प्रणाली सक्रिय होती है। ड्राइवर मशीन इंटरफेस: लोको पायलट ऑपरेशन कम इंडिकेशन पैनल (एलपीओसीआईपी) में सिग्नल के पहलुओं और मूवमेंट अथॉरिटी की निरंतर निगरानी होती है। ओवर स्पीडिंग की रोकथाम: यदि ट्रेन निर्धारित गति सीमा से अधिक चलती है, तो सिस्टम स्वतः ब्रेक लगा देता है। ऑटोमैटिक सीटी: रेलवे फाटकों के पास पहुंचने पर ट्रेन से स्वचालित रूप से सीटी बजती है, जिससे वाहनों और पैदल यात्रियों को चेतावनी मिलती है। टकराव की रोकथाम: कवच से लैस दो ट्रेनों के बीच टकराव की संभावना को समाप्त करने के लिए प्रणाली कार्यरत रहती है। आपातकालीन एसओएस संदेश: किसी भी आपातकालीन स्थिति में यह तकनीक एसओएस संदेश भेजने की सुविधा देती है। केंद्रीकृत लाइव निगरानी: नेटवर्क मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से ट्रेन की आवाजाही की लाइव निगरानी की जाती है, जिससे परिचालन की निगरानी और प्रबंधन को आसान बनाया जा सके।

उमंग सिंघार ने कहा- हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों पर भरोसा नहीं किया जा सकता, यह BJP की नहीं, EVM की जीत

भोपाल  हरियाणा में बीजेपी ने 48 सीटों पर जीत दर्ज कर पूर्ण बहुमत से सरकार बना ली है। वहीं सत्ता परिवर्तन की उम्मीद लगाए और जलेबी बांटने से लेकर ढोल नंगाड़ों को वापस भेजने वाली कांग्रेस का सपना एक बार फिर चकनाचूर हो गया। लेकिन एक बार फिर विपक्ष ने EVM पर हार का ठीकरा फोड़ा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि बैलेट पेपर से मतदान होता तो नतीजा कुछ और होता। बीजेपी कैसे जीती आश्चर्य की बात मध्य प्रदेश नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हार के बाद ईवीएम पर फिर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हरियाणा_विधानसभा चुनाव के नतीजों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। यह BJP की नहीं, EVM की जीत है। पूरे चुनाव के दौरान साफ लग रहा था कि मतदाता का चुनाव Congress ही थी। आश्चर्य की बात यह कि BJP कैसे जीती? चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर उठाए सवाल उमंग सिंघार ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मतदाता पहले ही EVM से संतुष्ट नहीं था। अब हरियाणा के चुनाव नतीजों ने इसे सच साबित कर दिया चुनाव आयोग रुझानों को बहुत धीमी गति से आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर रहा था। इससे स्पष्ट लग रहा था कि प्रशासन पर दबाव बनाया गया है। बैलेट से मतदान होता तो नतीजा कुछ और होता! उन्होंने कहा कि ये जीत जनता के वोट से नहीं हुई, बल्कि EVM से की गई प्रायोजित जीत है। यदि बैलेट से मतदान होता तो नतीजा कुछ और होता। Congress और हरियाणा की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी। गौरतलब है कि हरियाणा की 90 सीटों में से 48 पर बीजेपी तो 37 पर कांग्रेस को जीत मिली है। वहीं INLD के खाते में 2 और अन्य के खाते में 3 सीट आई है। 37 सीटों पर कांग्रेस कैसे जीती- बीजेपी भारतीय जनता पार्टी के विधायक अनिल जैन ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बयान को हास्यास्पद बताया है. उनका कहना है कि जब भी भारतीय जनता पार्टी की जीत होती है तो कांग्रेस ऐसे ही बेतुके के बयान देती है. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से सवाल किया है कि हरियाणा में जो 37 सीट कांग्रेस के उम्मीदवारों ने जीते हैं उनको लेकर कांग्रेस क्या सोचती है ? विधायक अनिल जैन ने यह भी कहा कि कांग्रेस को आरोप लगाने की बजाय धरातल पर जाकर अपनी नींव मजबूत करने की आवश्यकता है.

ज्वेलरी शॉप में डकैती मामले में फरार चल रहे आरोपियों को औरंगाबाद से पकड़ लाई पुलिस

बलरामपुर ज्वेलरी शॉप में दिनदहाड़े लूट के मामले में फरार 2 आरोपी को पुलिस ने औरंगाबाद, बिहार से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों के कब्जे से 70 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात, एक नग देशी कट्टा, 5 जिंदा कारतूस बरामद किया गया है. इससे पहले पुलिस एक महिला सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. बलरामपुर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल ने पूरे मामले का खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि 11 सितंबर को ज्वेलरी शॉप में दिनदहाड़े हथियारबंद लूटरों ने बंदूक की नोक पर 2 करोड़ 92 लाख रुपए की लूट की घटना को अंजाम दिया था. बलरामपुर पुलिस मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी थी. 5 अलग-अलग राज्यों दिल्ली, झारखंड, बिहार और पंजाब से 6 आरोपियों को पकड़े गए थे. इस आरोपियों से 2 करोड़ 40 लाख का जेवरात जब्त किया गया था. इस वारदात में मुख्य आरोपी सोनू उर्फ आनंद सोनी डकैती के माल को खपाने के लिए गिरोह में अपनी गर्लफ्रेंड अंजनी एक्का को भी रखा था. उसकी गर्लफ्रेंड लूट के सामान को अलग-अलग जगह खपाने का काम करती थी. पुलिस ने युवती के पास से गले हुए सोने के जेवर को जब्त किया था और उसके बैंक अकाउंट को सीज किया था, जिसमें 5 लाख 80 हजार रुपए हैं. इस वारदात में शामिल दो फरार आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार किया गया है. उनके कब्जे से 70 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात, एक नग देशी कट्टा, 5 जिंदा कारतूस बरामद किया गया है. डकैती में पकड़े गए आरोपियों के नाम ज्वेलरी शॉप में डकैती मामले में आरोपी मोनू सोनी उर्फ बुकि (पलामू, झारखंड), सोनू सोनी उर्फ आनंद सोनी (पलामू, झारखंड), राहुल मेहता (औरंगाबाद, बिहार), विक्की सिंह (औरंगाबाद, बिहार), अरविंद सोनी (पलामू, झारखंड) और अंजनी एक्का (आरोपी सोनू की गर्लफ्रेंड) चंडीगढ़ को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. वहीं अब बिहार से फरार आरोपी राधेश्याम पासवान बिहार, रोहित सिंह बिहार को गिरफ्तार किया गया है.

क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली चंद्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) के हर घर में नल से शुद्ध जल पहुंच रहा

भोपाल अलीराजपुर जिले में महान क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली चंद्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) के हर घर में नल से शुद्ध जल पहुंच रहा है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी की इंदौर इकाई द्वारा एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से चन्द्रशेखर आजाद नगर में जल प्रदाय परियोजना का कार्य पूरा किया जा चुका है। नगर के 1520 से अधिक घरों को नल कनेक्शन से जोड़ दिया गया है। हर घर को जल प्रदाय नेटवर्क से जोड़ने के लिए 44 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई गई है। पानी के संग्रहण के लिए 150 किलोलीटर का ओवर हैड टैंक निर्मित किया गया हैं। इस परियोजना में हथनी डैम से जल लिया जा रहा है, जल को शुद्ध करने के लिए 1.6 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र भी स्थापित किया गया है। दस वर्षों के संचालन और संधारण के साथ इस परियोजना की लागत लगभग 24 करोड रूपये है, इससे 8 हजार से अधिक की आबादी को लाभ हो रहा है। जल प्रदाय परियोजना के पहले चंद्रशेखर आजाद नगर के रहवासी पानी के लिए बोरिंग पर निर्भर रहते थे पर अब समय पर भरपूर पानी मिल रहा है। चंद्रशेखर आजाद नगर के वार्ड क्रमांक 5 निवासी बनम सिंह का कहना है पानी घर बैठे मिल रहा है, पहले पानी की किल्लत रहती पर अब पानी समय पर आता है। कमलेश सिंह कहते है कि नल से आने वाले जल की गुणवत्ता अच्छी है, अब जल संबंधित सभी समस्याओं के निराकरण हुआ है। आजाद नगर में जल जनित बीमारियों का ख़तरा भी नहीं है। सपना सिंह का कहना है कि पहले पानी के लिए बाहरी स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था, परंतु अब स्वच्छ एवं पर्याप्त जल घर पर ही नल कनेक्शन के माध्यम से आ रहा है। पानी उचित प्रेशर के साथ आ रहा है। आदिवासी अंचल की यह परियोजना चंद्रशेखर आजाद नगर के नागरिकों के लिए वरदान साबित हुई है।  

सोनी सब के कलाकारों ने दशहरा की अपनी यादें साझा कीं

मुंबई, सोनी सब चैनल के कलाकारों ने दशहरा की अपनी यादें प्रशंसकों के साथ साझा की हैं। श्रीमद् रामायण में श्री राम की भूमिका निभाने वाले सुजय रेउ ने कहा, मैंने टीवी पर रामायण देखने और श्री राम और रावण के बारे में अपनी दादी की कहानियों को सुनने की यादें संजोई हैं। जैसे-जैसे मैं बड़ा हुआ, मुझे दशहरा के गहरे महत्व और यह कैसे बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, इसकी समझ हुई। हालांकि, मैंने कभी रामलीला में भाग नहीं लिया, लेकिन मैंने पूरे भारत में कई प्रदर्शन देखने का आनंद लिया है। यह सोचना ही सपना प्रतीत होता है कि अब मैं श्री राम की भूमिका निभा रहा हूँ। प्रशंसकों के लिए मेरा संदेश है कि हम अपने दैनिक जीवन में श्री राम की बुद्धिमत्ता और निष्ठा को अपनाएँ। आज की भागदौड़ भरी दुनिया में अपना संयम बनाए रखना और उनके जीवन से मूल्यवान सबक सीखना बहुत ज़रूरी है। वागले की दुनिया में राजेश की भूमिका निभाने वाले सुमित राघवन ने कहा, दशहरा बचपन की यादों को ताज़ा करने का समय है, जो खुशी और उत्साह से भरी हुई है। यह मुझे याद दिलाता है कि अच्छाई हमेशा बुराई पर जीत हासिल करती है। मेरा मानना है कि इस त्यौहार का सार हमारे मूल नैतिक मूल्यों और मूल्यों का पालन करने में निहित है। मैं सभी को इस त्यौहार की सकारात्मकता को अपनाने और इसे अपने जीवन में खुशियाँ लाने के लिए प्रोत्साहित करता हूं। बादल पे पांव है में रजत खन्ना की भूमिका निभाने वाले आकाश आहूजा ने कहा, दशहरा से जुड़ी मेरी सुखद यादें हैं। खासकर जब मैं और मेरा भाई एक स्थानीय कार्यक्रम के लिए श्री राम और लक्ष्मण की तरह तैयार हुए थे। इसने मुझे श्री राम के मूल्यों से गहराई से जोड़ा। दशहरा हमें याद दिलाता है कि हम सभी के भीतर अलग-अलग चरित्र हैं। हमें अपने भीतर के रावण से ऊपर उठकर श्री राम के गुणों को अपनाना चाहिए। अपने प्रशंसकों से मैं यही कहना चाहूँगा कि दशहरे की सीख को अपने जीवन में अपनाएँ और नकारात्मकता पर विजय पाने का प्रयास करें। बादल पे पांव है में बिशन खन्ना की भूमिका निभाने वाले सूरज थापर ने कहा, बचपन में दशहरा मीठे चावल और जलेबियों का समय होता था। साथ ही मैं अपने परिवार के साथ रामलीला भी देखता था। मुझे रावण को जलते हुए देखने का उत्साह अच्छी तरह याद है। इस साल भले ही मैं चंडीगढ़ में हूँ और मेरे बच्चे मुंबई में हैं, लेकिन मैं अपनी परंपराओं का जश्न मनाने के लिए उनके लिए कुछ खास बनाने की योजना बना रहा हूँ। दशहरे पर मैं सभी से क्रोध को त्यागने और क्षमा को अपनाने का आग्रह करता हूँ। जिस तरह श्री राम ने सत्य के साथ रावण को हराया था, उसी तरह पुरानी बातों को भूलने से शांति मिलती है और हम खुशियों पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।  

इस समय मिडिल ईस्ट ज्वालामुखी के ढेर पर बैठा, कई मोर्चों पर जंग लड़ रहा इजरायल शांत बैठने के मूड में तो कतई नहीं

 नई दिल्ली इस समय मिडिल ईस्ट ज्वालामुखी के ढेर पर बैठा है, जो किसी भी वक्त भारी तबाही मचा सकता है. कई मोर्चों पर जंग लड़ रहा इजरायल शांत बैठने के मूड में तो कतई नहीं है. लेकिन अमेरिका और अरब देशों ने सीजफायर को लेकर ईरान के साथ बातचीत शुरू कर दी है. इजरायल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और अरब देशों ने मिडिल ईस्ट में सभी मोर्चों पर एक साथ लड़ी जा रही जंग को रोकने के लिए कथित तौर पर ईरान के साथ बैकडॉर बातचीत शुरू कर दी है. कहा जा रहा है कि इजरायल फिलहाल इस बैकडॉर बातचीत में शामिल नहीं है लेकिन उन्हें इस बारे में बता दिया गया है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन प्रयासों से गाजापट्टी पर कितना असर पड़ेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने अभी तक इस बैकडॉर बातचीत को लेकर अमेरिका को अपनी स्थिति के बारे में नहीं बताया है. इजरायल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हम फिलहाल मजबूत स्थिति में है. सीजफायर हमारी शर्तों पर होगा. इन शर्तों में इजरायली सीमावर्ती इलाकों में हिज्बुल्लाह के सभी सैन्य ठिकानों को नष्ट करना भी शामिल है. यह रिपोर्ट ऐसे समय पर सामने आई है, जब हिज्बुल्लाह लेबनान में सीजफायर चाहता है. हिज्बुल्लाह के डिप्टी लीडर नईम कासिम ने हाल ही में कहा था कि उनका संगठन इजरायल के खिलाफ हमास और फिलिस्तीन के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा. बता दें कि नसरल्लाह के बाद कासिम ही अभी हिज्बुल्लाह के शीर्ष अधिकारियों में शामिल है. उन्होंने सीजफायर के लिए लेबनान की संसद के स्पीकर नबीह बेरी के उन प्रयासों का समर्थन किया है, जिन्होंने बिना किसी शर्त पर सीजफायर की पैरवी की. कासिम ने कहा कि हम सीजफायर के लिए बेरी की अगुवाई का समर्थन करते हैं. अगर इजरायल जंग जारी रखेगा तो युद्ध के मैदान में ही इसका फैसला होगा. हिज्बुल्लाह पर कहर बनकर टूटा इजरायल हिज्बुल्लाह पर इजरायल के हमले में हसन नसरल्लाह सहित संगठन के कई बड़े कमांडर्स और अधिकारी मारे गए हैं. जिनमें हिज्बुल्लाह के सर्वोच्च कमांडर फौद शुक्र, सदर्न फ्रंट के कमांडर अली कराकी, ऑपरेशन रेड इब्राहिम अकील सहित हिज्बुल्लाह चीफ के तौर पर नसरल्लाह के संभावित उत्तराधिकारी हाशिम सफीद्दीन भी शामिल हैं.  

नवरात्रि में इस गांव में नौ दिनों तक होती है परेतिन दाई की पूजा

रायपुर यह अनोखा मंदिर छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के अर्जुन्दा नगर पंचायत से महज चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर में परेतिन की पूजा होती है। एक ओर नवरात्रि में नौ दिन मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना की जाती है। दूसरी ओर एक गांव में नौ दिनों तक परेतिन दाई की पूजा होती है। साथ ही 108 मनोकामना ज्योति कलश भी जलाया जाता है। यह मंदिर नवरात्रि पर आस्था का केंद्र बना हुआ है। चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में परेतिन माता के दरबार में विशेष आयोजन किए जाते हैं। 108 मनोकामना ज्योति कलश स्थापना की जाती है। नवरात्र के नौ दिन बड़ी संख्या में भक्तों का तांता लगा रहता है। भले ही मान्यता अनूठी हो, लेकिन सैकड़ों सालों से चली आ रही परंपरा और मान्यता आज भी इस गांव में कायम है। भक्तों की लगती है तांता भूत-प्रेत के नाम सुनते ही आम तौर पर लोग डर जाते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ के एक गांव झिंका में परेतिन का मंदिर बनाया गया है, जहां उसकी पूजा की जाती है। नवरात्र में लोगों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। जिन्हें परेतिन दाई के नाम से जाना जाता है। परेतिन दाई का नाम सुनकर लोग दूर-दूर से दर्शन के लिए आते हैं और मनोकामना के लिए ज्योति कलश जलाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, दूसरे-दूसरे जिले से भी मां की दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह है परेतिन दाई की कहानी गांव की रहस्मय कहानी तब सामने आई जब अमर उजाला की टीम ने गांव के लोगों से बातचीत की। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ सालों पहले जब मार्ग से होकर गुजरने वाले राहगीर इस स्थान को बिना प्रणाम किए यहां से गुजरते थे, तो उनके साथ कुछ ना कुछ अनहोनी या दुर्घटना हो जाती थी। तब से राहगीर इस स्थान पर रुककर वर्षों पुरानी नीम पेड़ को प्रणाम कर गुजरते हैं।   परेतिन दाई को चढ़ाते हैं भेंट इसके साथ ही अपने पास रखें समान का कुछ अंश चढ़ा कर आगे बढ़ते थे। परिणामस्वरूप जिसके बाद अनहोनी होना बंद हो जाता था। ऐसे नहीं करने पर उस इंसान पर अनहोनी होना तय है। अब जो भी व्यक्ति इस जगह से होकर गुजरता है अपने गाड़ी का हॉर्न बजाकर या व्यापारी व्यवसाय से जुड़े सामग्री जैसे की दूध, सब्जी,ईटा, गिट्टी, रेत जैसे तमाम चीजों का कुछ अंश परेतिन दाई को भेंट करते हैं। इसके बाद ही वहां से आगे बढ़ते हैं। ‘मनोकामना होती है पूरी’ गांव वालों ने बताया कि रात या दिन के समय नवजात बच्चा के रोने पर परेतिन माता को काला चूड़ी और काजल चढ़ाने से बच्चे का रोना शांत हो जाता है। इसके अलावा ग्रामीणों का मानना है कि जो भी निःसंतान दंपति सच्ची श्रद्धा से माता के चरणों में फूल अर्पित कर मन्नत मांगती है, तो माता उनकी झोली भर देती है। यानि कि दंपति को संतान प्राप्ति होती है। दोनों ही नवरात्र पर ग्रामीण नौ दिनों तक विधि विधान से पूजा-अर्चना कर मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कर सुख शांति समृद्धि की कामना करते हैं।

महंगे शौक पूरा करने दो बदमाशों ने वाहन चोरी की वारदात को दिय अंजाम, पुलिस के चढ़ा हत्थे

इंदौर महंगे मोबाइल और लग्जरी लाइफ का शौक पूरा करने के लिए दो बदमाशों ने वाहन चोरी की वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिया. राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने चोइथराम अस्पताल के पास से दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से देसी तमंचा बरामद किया है. इसके बाद उनकी निशानदेही पर चोरी की 10 मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं. इंदौर के पुलिस उपायुक्त विनोद कुमार मीणा ने बताया कि अस्पताल सहित कई सार्वजनिक स्थानों से लगातार वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दिया जा रहा था. इसी बीच राजेंद्र नगर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि चोइथराम अस्पताल के बाहर दो संदिग्ध लड़के खड़े हैं, जिनकी गतिविधियां आपत्तिजनक है. इसके बाद राजेंद्र नगर थाना प्रभारी नीरज बिरथरे के नेतृत्व में एक दल मौके पर पहुंचकर संजय और संतोष नामक दो लड़कों को हियासत में लिया और उनकी तलाश ली. दोनों के पास से देसी कट्टा बरामद किया गया. इसके बाद थाने लाकर दोनों से जानकारी ली गई तो उन्होंने मोटरसाइकिल चोरी की वारदात कबूल की. आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की 10 मोटरसाइकिल बरामद की गई है. आरोपियों के खिलाफ अवैध हथियार रखने और वाहन चोरी करने की कार्रवाई की गई है. दोनों आरोपी मूल रूप से धार जिले के रहने वाले हैं लेकिन काफी समय से इंदौर में ही रह रहे हैं. डकैती का पुराना अपराध भी मिला आरोपी संजय अलावा और संतोष सेंगर इंदौर के तेजपुर गड़बड़ी मल्टी और रॉबर्ट चौराहा के पास झुग्गी झोपड़ी इलाके में रहते हैं. आरोपी संतोष का डकैती का पुराना अपराध भी दर्ज है. इसके अलावा संजय के अपराधों की जानकारी भी ली जा रही है. उन्होंने पुलिस को बताया कि वे नशा करने और महंगे मोबाइल सहित अन्य लग्जरी शौक रखते हैं जिसके चलते वाहन चोरी की वारदात को अंजाम देते थे.

दुर्गा पंडालों में ”बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

दुर्गा पंडालों में ”बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम और कन्या शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर मनेन्द्रगढ़/एमसीबी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शहर के विभिन्न दुर्गा पंडालों में नवरात्रि के पावन अवसर पर “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ“ योजना के अंतर्गत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम और कन्या शिक्षा के महत्व पर जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रमों में स्थानीय लोगों को जागरूक करने के लिए प्रेरणादायक स्लोगन और जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ-आने वाली पीढ़ी को सशक्त बनाओ“ जैसे प्रभावशाली संदेश के साथ लोगों को यह बताया जा रहा है कि बेटियां समाज और देश का भविष्य हैं और उनके जीवन और शिक्षा की सुरक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। इस अभियान के अंतर्गत खासतौर पर कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ कठोर संदेश दिए जा रहे हैं, जैसे-“कन्या भ्रूण हत्या बंद करो, बेटी को जीवन का हक दो“। साथ ही बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अपील की जा रही है, ताकि देश को एक सशक्त भविष्य मिल सके। कार्यक्रम आयोजकों का कहना है कि नवरात्रि के इस पावन पर्व पर देवी दुर्गा की पूजा के साथ ही समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और सुरक्षा का भाव जगाना आवश्यक है।

फॉर्टिफाइड चावल स्‍कीम के लिए 17,082 करोड़ रुपये खर्च करेगी मोदी सरकार

नई दिल्‍ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एनीमिया और पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए 17,082 करोड़ रुपये की लागत वाली एक स्‍कीम को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत फोर्टिफाइड चावल को बढ़ावा दिया जाएगा। योजना का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार, 2019 से 2021 के बीच एनीमिया भारत में एक बड़ी समस्या बनी हुई है। यह बच्चों, महिलाओं और पुरुषों सभी को प्रभावित करता है। आयरन की कमी के अलावा, विटामिन बी12 और फोलिक एसिड जैसी अन्य विटामिन और खनिज की कमी भी बनी रहती है। इससे लोगों के स्वास्थ्य और उत्पादकता पर असर पड़ता है। दुनिया भर में एनीमिया और कुपोषण से निपटने के लिए खाद्य पदार्थों को फोर्टिफाइड किया जाता है। भारत में 65% लोग चावल खाते हैं। ऐसे में पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए चावल एक आदर्श माध्यम है। चावल फोर्टिफिकेशन में FSSAI की ओर से निर्धारित मानकों के अनुसार सूक्ष्म पोषक तत्वों (आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन बी 12) से समृद्ध फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) को सामान्य चावल में मिलाया जाता है। इसके अलावा कैबिनेट ने दो और महत्‍वपूर्ण फैसले लिए हैं। इनमें गुजरात में नेशनल मेरिटाइम हेरिटेज कॉम्‍प्‍लेक्‍स का विकास और राजस्थान तथा पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे में सुधार शामिल हैं। नेशनल मेरिटाइम हेरिटेज कॉम्‍प्‍लेक्‍स के विकास को हरी झंडी केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुजरात के लोथल में नेशनल मेरिटाइम हेरिटेज कॉम्‍प्‍लेक्‍स (NMHC) के विकास को मंजूरी दे दी है। यह दो चरणों में पूरा होगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पहले चरण (1A) में 1,238.05 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें प्रमुख बंदरगाह, रक्षा मंत्रालय (भारतीय नौसेना) और संस्कृति मंत्रालय का योगदान होगा। मंत्रिमंडल ने चरण 1B और चरण 2 के लिए भी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इनके लिए धन स्वैच्छिक संसाधनों से जुटाया जाएगा। चरण 1B में 266.11 करोड़ रुपये की लागत से लाइट हाउस संग्रहालय का निर्माण शामिल है। इसके लिए धन लाइटहाउस और लाइटशिप महानिदेशालय की ओर से दिया जाएगा। इस परियोजना से 15,000 प्रत्यक्ष और 7,000 अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय समुदायों, पर्यटकों, शोधकर्ताओं, सरकारी निकायों, शिक्षण संस्थानों, सांस्कृतिक संगठनों, पर्यावरण समूहों और व्यवसायों को लाभ होगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,280 किमी सड़क का निर्माण इसके अलावा, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राजस्थान और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,280 किलोमीटर सड़कों के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इसमें 4,406 करोड़ रुपये का निवेश होगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित करने के अनुरूप है। इसका उद्देश्य ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देना, यात्रा में सुधार करना और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ बेहतर संपर्क सुनिश्चित करना है। यह पहल इन सीमावर्ती क्षेत्रों को बेहतर सड़कों, दूरसंचार संपर्क, पानी की आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा सुविधाओं वाले जीवंत गांवों में बदलने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष शिविर होंगे आयोजित

आंखों की सुरक्षा के लिये स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना है ज़रूरी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल 10 अक्टूबर को “चिल्ड्रन लव योर आईज” थीम पर मनाया जाएगा विश्व दृष्टि दिवस जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष शिविर होंगे आयोजित भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने विश्व दृष्टि दिवस पर कहा है कि आंखों की सुरक्षा केवल बाहरी कारकों से नहीं बल्कि स्वस्थ जीवनशैली से भी जुड़ी होती है। उन्होंने कहा कि हम सभी नेत्र स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और अपने बच्चों को सही दिशा में मार्गदर्शन दें। भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, खट्टे फल और विटामिन ए, सी, और ई से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल होने चाहिए, जो नेत्र स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसके अतिरिक्त, नियमित रूप से आंखों का व्यायाम, पर्याप्त नींद और आंखों को आराम देना भी जरूरी है। स्क्रीन टाइम करें कम, बच्चों को बाहर खेलने के लिये करें प्रेरित उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि कई अनुसंधानों से यह तथ्य सामने आए हैं कि आज के समय में स्क्रीन टाइम के अत्यधिक उपयोग के कारण बच्चों में मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। बच्चों को दिन में कुछ समय बाहर खेलने के लिए प्रेरित करें, क्योंकि प्राकृतिक रोशनी का आंखों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। डिजिटल उपकरणों का उपयोग सीमित करें और हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए आंखों को आराम देने की आदत डालें। सही समय पर बच्चों की आंखों की जांच कराई जाए ताकि गंभीर नेत्र रोगों से बचाव किया जा सके। नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। नेत्रदान को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि नेत्रदान महादान है। नेत्रदान से किसी व्यक्ति के जीवन का प्रकाशमय किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी नागरिक नेत्रदान के प्रति जागरूक हों और इसे एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं। उल्लेखनीय है कि विश्व दृष्टि दिवस प्रतिवर्ष अक्टूबर माह के दूसरे गुरुवार को मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिवस ” चिल्ड्रन, लव योर आईज” की थीम पर मनाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नेत्रदान के लिए भी लोगों को जागरूक एवं प्रोत्साहित कर पंजीयन करवाया जा रहा है। नेत्रदान के इच्छुक लोग राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1800114770 से विस्तृत जानकारी लेकर स्वैच्छिक पंजीयन करवा सकते हैं। विश्व दृष्टि दिवस (10 अक्टूबर) में आंखों की देखभाल के प्रति जागरूकता, आंखों की सुरक्षा और दृष्टि संरक्षण के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां एवं कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष शिविर आयोजित होंगे, जिसमें नेत्र रोग विशेषज्ञों और नेत्र सहायकों द्वारा आंखों की जांच एवं नेत्र देखभाल की सलाह दी जाएगी। सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आंखों की देखभाल के लिए परामर्श कार्यक्रमों एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा । अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत 7 लाख से अधिक नागरिक हो चुके हैं मोतियाबिंद मुक्त नेत्र रोगों के उपचार एवं देखभाल के लिए राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। अंधत्व निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत विगत वर्षों में प्रदेश में मोतियाबिंद के कुल 7,70,866 ऑपरेशन कर नागरिकों को रोग मुक्त बनाया गया। 4 हजार अंधत्व से ग्रसित नागरिकों को कॉर्निया प्रत्यारोपण कर उन्हें रोशनी प्रदान की गई है। वर्ष 2023-24 में 10 जिलो में अत्याधुनिक फेको इमुल्सिफिकेशन मशीने प्रदाय की गयी, जिससे उच्च तकनीकी से मोतियाबिंद ऑपरेशन किये जायेंगे। वर्ष 2023-24 में कुल 15,98,081 विद्यार्थियों का नेत्र परीक्षण किया गया। 65,937 विद्यार्थियों एवं 1,23,013 वृद्धजनों को निःशुल्क चश्में वितरित किए गये। वर्तमान वित्त वर्ष में अब तक मोतियाबिंद के 1,63,600 ऑपरेशन, 2 हज़ार 232 नेत्र परीक्षण शिविर, 32,627 वृद्धजन एवं 5,313 विद्यार्थियों को निःशुल्क चश्मे का वितरण और 625 केराटोप्लास्टी की गयी हैं। वर्तमान वर्ष में 840 व्यक्तियों ने नेत्रदान किया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में चिकित्सकीय दल द्वारा आंखों की जांच की जाती है। कार्यक्रम के तहत जन्मजात दृष्टिदोष जैसे मोतियाबिंद , भेंगापन का उपचार निशुल्क किया जाता है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत विगत वित्तीय वर्ष में 173 आनुवांशिक मोतियाबिंद, 24 रेटिनोपैथी और विज़न इम्पेयरमेंट के 7457 बालकों को लाभान्वित किया गया है।  

आरबीआई ने वित्त वर्ष की तीसरी और चौथी तिमाही के अपने वृद्धि दर के अनुमान को 7.3 और 7.2 से बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत किया

मुंबई  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने उपभोक्ता मांग तथा निवेश बेहतर रहने की संभावना के बीच चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि के अनुमान को 7.2 प्रतिशत पर कायम रखा है। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने दूसरी तिमाही के अपने वृद्धि दर के अनुमान को 7.2 प्रतिशत से घटाकर सात प्रतिशत कर दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रही। पहले इसके 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। इसके अलावा आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी और चौथी तिमाही के अपने वृद्धि दर के अनुमान को क्रमश: 7.3 और 7.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत कर दिया है। आरबीआई ने अगस्त में अपनी पिछली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर के 7.2 प्रतिशत पर रहने का ही अनुमान लगाया था। गवर्नर दास ने चालू वित्त वर्ष की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि भारत की वृद्धि गाथा कायम है क्योंकि वृद्धि को रफ्तार देने वाले कारक उपभोग तथा निवेश मांग में मजबूती है। उन्होंने कहा, ‘‘कुल मांग में महत्वपूर्ण हिस्सा रखने वाले निजी उपभोग की संभावनाएं बेहतर हैं क्योंकि कृषि परिदृश्य और ग्रामीण मांग की स्थिति बेहतर हुई है। सेवाओं में तेजी से शहरी मांग को भी समर्थन मिलेगा। केंद्र और राज्यों के सरकारी खर्च के बजट अनुमान के अनुरूप तेजी पकड़ने की उम्मीद है।’’ गवर्नर ने कहा कि उपभोक्ता और कारोबारी भरोसे से निवेश गतिविधियों को लाभ होगा। इसके अलावा सरकार निवेश पर जोर दे रही है और बैंकों तथा कॉरपोरेट जगत का बही-खाता भी मजबूत है। उन्होंने कहा, ‘‘ इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए हमारा अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहेगी। दूसरी तिमाही में इसके सात प्रतिशत, तीसरी में 7.4 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। अगले वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था के 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है।’’   मुद्रास्फीति पर सख्ती से लगाम लगानी होगी, अन्यथा यह फिर बढ़ सकती है: आरबीआई गवर्नर  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए खुदरा मुद्रास्फीति के अपने अनुमान को बुधवार को 4.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने चालू वित्त वर्ष की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद बुधवार को इस बात पर जोर दिया कि केंद्रीय बैंक को कीमतों की स्थिति पर कड़ी नजर रखनी होगी और ‘‘मुद्रास्फीति’’ पर सख्ती से लगाम लगानी होगी, नहीं तो इसमें फिर से तेजी आ सकती है। गवर्नर ने यह भी कहा कि लचीले मुद्रास्फीति लक्ष्य (एफआईटी) ढांचे को 2016 में लागू किए जाने के बाद से आठ वर्ष पूरे हो गए हैं और यह भारत में 21वीं सदी का एक प्रमुख संरचनात्मक सुधार है। केंद्रीय बैंक ने एफआईटी के तहत यह सुनिश्चित किया है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर बनी रहे। आरबीआई ने 2024-25 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के अपने अनुमान को 4.5 प्रतिशत पर कायम रखा है। महंगाई दर के दूसरी तिमाही में 4.1 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 4.8 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 4.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए मुद्रास्फीति के 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। जोखिम समान रूप से संतुलित हैं। दास ने कहा, ‘‘ प्रतिकूल आधार प्रभाव तथा खाद्य पदार्थों कीमतों में तेजी से सितंबर में महंगाई दर में तेजी देखने को मिल सकती है। अन्य कारकों के अलावा 2023-24 में प्याज, आलू और चना दाल के उत्पादन में कमी इसकी प्रमुख वजह होगी।’’ उन्होंने कहा कि हालांकि अच्छी खरीफ फसल, अनाज के पर्याप्त भंडार और आगामी रबी मौसम में अच्छी फसल की संभावना से इस वर्ष की चौथी तिमाही में कुल मुद्रास्फीति की दर में क्रमिक रूप से नरमी आने का अनुमान है। दास ने कहा कि प्रतिकूल मौसम और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की स्थिति में मुद्रास्फीति के ऊपर जाने का जोखिम है। अक्टूबर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम में काफी उतार-चढ़ाव रहा है। जुलाई और अगस्त में खुदरा मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय गिरावट आई है। इसकी मुख्य वजह आधार प्रभाव है। दास ने कहा कि खाद्य कीमतों में निकट अवधि में तेजी की आशंका के बावजूद घरेलू स्तर पर कीमत को लेकर जो स्थितियां बन रही हैं उससे आगे कुल मुद्रास्फीति में कमी आने का संकेत मिलता है।     आरबीआई की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की मुख्य बातें  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की चालू वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की मुख्य बातें इस प्रकार हैं- * मुख्य नीतिगत दर रेपो लगातार दसवीं बार 6.5 प्रतिशत पर यथावत। * फरवरी 2023 से रेपो दर में बदलाव नहीं। * मौद्रिक नीति रुख को बदलकर ‘तटस्थ’ किया गया। * यह पुनर्गठित मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की पहली बैठक थी। * चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि का अनुमान 7.2 प्रतिशत पर बरकरार। * दूसरी तिमाही के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान सात प्रतिशत, तीसरी तिमाही के लिए 7.4 प्रतिशत और चौथी तिमाही के लिए 7.4 प्रतिशत। * चालू वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान 4.5 प्रतिशत पर कायम। * यूपीआई123पे (फीचर फोन के लिए) प्रति लेनदेन सीमा दोगुनी कर 10,000 रुपये करने का प्रस्ताव। * यूपीआई लाइट वॉलेट की सीमा बढ़ाकर 5,000 रुपये और प्रति लेनदेन सीमा बढ़ाकर 1,000 रुपये करने का प्रस्ताव। * एमपीसी की अगली बैठक चार से छह दिसंबर को होगी।      

PWD ने 6 फ्लैग स्टाफ रोड मुख्यमंत्री आवास को सील कर , गेट पर डबल लॉक लगाया

 नई दिल्ली दिल्ली में एक बार फिर बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिल रहा है. कारण, PWD ने 6 फ्लैग स्टाफ रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास को सील कर दिया है. इसके गेट पर विभाग ने डबल लॉक लगा दिया है. अरविंद केजरीवाल द्वारा सीएम पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद इस सरकारी आवास को खाली किया गया था. वहीं आतिशी सीएम बनने के बाद इसमें शिफ्ट हुई थीं. आवास को खाली करने और हैंडओवर को लेकर ही विवाद है, जिसके बाद पीडब्लूडी ने एक्शन लिया है. इसके अलावा दिल्ली के विजिलेंस डिपार्टमेंट में पीडब्ल्यूडी के दो सेक्शन ऑफिसर और अरविंद केजरीवाल के पूर्व स्पेशल सेक्रेटरी को तरीके से हैंडओवर लेने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद से दिल्ली की सियासत गरमाई हुई है, जहां अब दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी बन तो गई हैं लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री आवास आवंटित नहीं हुआ है, जिसको लेकर आप सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि बीजेपी सीएम आवास पर कब्जा करना चाहती है. संजय सिंह ने कहा कि पिछले कई दिनों से भारतीय जनता पार्टी झूठ और भ्रम फैलाने के काम में लगी हुई है और कई हथकंडे दिल्ली में अपनाए हैं. हमारी पार्टी को तोड़ने का प्रयास किया. 27 साल से BJP दिल्ली में चुनाव हार रही है. चुनाव हारने के बाद आम आदमी पार्टी और केजरीवाल को खत्म करने का प्रयास किया. उसके बाद हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं को तोड़ने का प्रयास किया. उसमें भी फेल हो गए और किसी को तोड़ नहीं पाए तो अब मुख्यमंत्री के आवास पर कब्जा करना चाहते हैं. बीजेपी पर लगाया यह आरोप उन्होंने आगे कहा कि मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि जब अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री आवास खाली किया, तब भी इन्होंने दुष्प्रचार फैलाया. उन्होंने पेपर दिखाते हुए कहा कि यह प्रमाण पत्र है कि अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री आवास खाली कर दिया है. यह उसका प्रमाण है. उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में आतिशी को उस आवास में जाना था लेकिन मुख्यमंत्री होने के बावजूद वह आवास सीएम आतिशी को आवंटित नहीं किया जा रहा है. अब जो चुनाव नहीं जीत पाते और मुख्यमंत्री नहीं बना पाते वह मुख्यमंत्री आवास पर कब्जा करना चाहते हैं. चुनावी नतीजों पर कही यह बात इसके साथ ही संजय सिंह ने मंगलवार को आए हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के चुनाव परिणाम को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि हरियाणा चुनाव के नतीजे पर आज तक वह थर्मामीटर नहीं मिला जो यह तय करता हो कि हमने किसी पार्टी का वोट लिया हो. हम जाती धर्म की बात नहीं करते है, हम स्वास्थ्य, शिक्षा की बात करते है जो हर जाति धर्म के लोगों को मिलता है. इसलिए लोग चाहते है कि ऐसी पार्टी आए जो सबकी बात करती है.जम्मू कश्मीर में आप पार्टी एक सीट पर चुनाव जीती है, पूरे चुनाव में वहां पर केजरीवाल के मॉडल की बात की गई. देश के 5 वें राज्य में आप पार्टी की एंट्री हो चुकी है यह हमारे लिए सुखद बात है   केजरीवाल ने खाली किया विवादों से सुर्खियों में रहा आवास  दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अरविंद केजरीवाल ने आज अपना सरकारी आवास खाली कर दिया. राजनीति में आने से पहले दिल्ली से सटे गाजियाबाद में अरविंद केजरीवाल परिवार के संग रहते थे. जब वे पहली बार 2013 में दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे, तब आईटीओ के समीप तिलक लेन के सरकारी फ्लैट मैं कुछ समय तक रहे. दोबारा वर्ष 2015 में जब पूर्ण बहुमत से आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तब से लेकर अभी तक अरविंद केजरीवाल सिविल लाइंस स्थित इसी सरकारी आवास में रह रहे थे. शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा. इसी आवास के एक हिस्से में मुख्यमंत्री कार्यालय भी चल रहा था. लेकिन वर्ष 2020 में जब तीसरी बार केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बने तब इस सरकारी आवास के सौंदर्यीकरण का फैसला लिया गया. उसके बाद से यह सरकारी आवास विवादों के चलते सुर्खियों में आ गया. विपक्ष ने इसे शीशमहल का नाम दिया. इसके सौंदर्यीकरण पर करोड़ों रुपए खर्च हुए और तब से आम आदमी पार्टी में केजरीवाल के करीबी नेताओं को ही इस आवास में एंट्री थी. बाहर से आए आगंतुकों के लिए एक क्षेत्र विशेष तक ही सीमित रखा गया था. आज आखिरकार यह आवास छोड़कर अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी के सांसद अशोक मित्तल को नई दिल्ली के फिरोजशाह रोड स्थित बंगला नंबर 5 में परिवार संग शिफ्ट हो रहे हैं.   सरकारी आवास के रेनोवेशन में 45 करोड़ खर्च, हो रही है जांच सिविल लाइंस 6 फ्लैग स्टाफ रोड स्थित इस सरकारी आवास में रेनोवेशन के नाम पर करीब 45 करोड़ खर्च हुए हैं. कांग्रेस नेता अजय माकन और बीजेपी नेता मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी ने इसकी शिकायत की तब उपराज्यपाल ने इस मामले की अनियमितता की जांच दी. सरकारी आवास में हुए रेनोवेशन के संबंध में एलजी ने तत्कालीन मुख्य सचिव से विस्तृत जानकारी मांगी थी और इससे संबंधित सभी दस्तावेज सुरक्षित रखने को कहा था. सुनीता केजरीवाल ने सौंपी घर की चाबियां दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यह सौंदर्यीकरण नहीं था पुराने ढांचे के स्थान पर एक नया घर बनाया गया और वहां उनका कैंप ऑफिस भी है. खर्च लगभग 45 करोड़ रुपये हुए हैं. लोक निर्माण विभाग ने ऑडिट के बाद इसके जीर्णोद्धार की रिपोर्ट दी थी. पुराने ढांचे के स्थान पर एक नया ढांचा बनाया गया है. दस्तावेज के अनुसार निर्माण पर 43.70 करोड़ की स्वीकृति राशि के मुकाबले कुल 44.78 करोड़ रुपये सिविल लाइंस में के 6 फ्लैग स्टाफ रोड पर केजरीवाल के सरकारी आवास पर खर्च हुए हैं. लोक निर्माण विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार 1970 के आसपास इस घर का निर्माण हुआ था और यह घर दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी को रहने के लिए बनाया गया था. अरविंद केजरीवाल ने छोड़ा मुख्यमंत्री आवास सरकारी आवास के आंतरिक साज-सज्जा पर करोड़ों खर्चउपराज्यपाल को सरकारी आवास के सौंदर्यीकरण पर पानी की तरह करोड़ों खर्च करने की … Read more

लड़ाई-झगड़ा न करने साले को समझा रहा था जीजा, उतारा मौत के घाट

कोरबा कोरबा जिलान्तर्गत सिविल लाइन थाना के सिंगापुर क्षेत्र में महिला सिपाही के पति की हत्या करने वाले कथित आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सिविल लाइन एसएचओ प्रमोद डडसेना ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक अपने साले को लोगों से लड़ाई-झगड़ा न करने हेतु समझा रहा था। इस बात से नाराज साले ने घर में रखे कुल्हाड़ी से जीजा की हत्या कर दी। फिलहाल कथित आरोपी को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। कोरबा में पदस्थ महिला सिपाही सुक्रिता सिंह कंवर के पति के कथित हत्यारे को सिविल लाइन रामपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार की रात 46 वर्षीय शिव प्रसाद कंवर की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या की खबर पर पुलिस ने एक्शन मोड में काम करते हुए मृतक के साले यानी उसकी होमगार्ड पत्नी महिला सिपाही सुकृति सिंह कंवर के भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो हत्या का राज खुल गया। पुलिस द्वारा दी जानकारी के अनुसार मृतक शिव प्रसाद अपने साले को घर मे पनाह दी थी और उसका छोटेमोटे खर्च भी उठाता था। मंगलवार की रात बस्ती में किसी विवाद की बाद कहते हुए कथित आरोपी किसी को जान से मारने की बात कह रहा था। जिस पर मृतक ने उन्हें समझाने का प्रयास करते हुए लड़ाई न करने सलाह दी। इससे नाराज साले द्वारा घर मे रखे कुल्हाड़ी से जीजा की हत्या कर देने की बात कही जा रही हैं। रात में महिला सिपाही ड्यूटी पर थी और उनका बेटा गरबा खेलने गया था। इस दौरान शिव प्रसाद क्लास उसके ही घर के आंगन में रक्तरंजिश हालत में मिली थी जहां घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेहा वर्मा और सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच कार्यवाही शुरू की आरोपी को पकड़ने फोरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वायड की भी मदद ली गई। इस मामले में पुलिस मृतक के ही साले को आरोपी बनाया है बता जा रहा है कि शराब के नशे मे जीजा के घर पहुचा जहां वह अकेले था इसी बात को लेकर विवाद हुआ और उसने टांगी से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया फिर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने शराब के नशे में हत्या करना बताया है जहाँ आगे की कार्रवाई कर आगे की कार्यवाही की जा रही है।

युवाओं को कर रही नशे से भी दूर, छत्तीसगढ़-बिलासपुर में गरीब बच्चों को पढ़ाएगी महिला दुर्गोत्सव समिति

बिलासपुर. नवरात्र के दौरान भव्य दुर्गा पंडाल और साज सज्जा की कहानी तो आपने बहुत देखी होगी, लेकिन बिलासपुर के मिनी बस्ती इलाके में झुग्गी झोपड़ियां के बीच महिलाओं की एक ऐसी दुर्गोत्सव समिति है, जिसने बस्ती के बच्चों की पढ़ाई लिखाई और युवाओं को नशे से दूर रखने का जिम्मा उठाया है. महिलाएं तीन साल से यह काम कर रहीं बिलासपुर के जरहाभाटा इलाके में स्थित मिनी बस्ती के महिला दुर्गोत्सव समिति के सदस्यों ने बस्ती में लगातार फैल रहे नशे के काले बादल को हटाने के लिए एक नई पहल शुरू की है. समिति के सदस्य नवरात्र के 9 दिनों तक बस्ती के बच्चों को पढ़ाने और शिक्षा के प्रति उनकी लगन जगाने का प्रयास कर रहे हैं. दरअसल बिलासपुर का मिनी बस्ती इलाका अत्यंत पिछड़े इलाकों में आता है और यहां के युवा नशे की गिरफ्त में घिरते जा रहे हैं. गरीब बच्चों को कापी-किताब भी बांट रहे मिनी बस्ती के शिव मंदिर परिसर में बीते 3 सालों से महिलाओं की समिति दुर्गा प्रतिमा की स्थापना करती आ रही है. नवरात्र के दौरान पूरे 9 दिन समिति के सदस्य स्थानीय बस्ती के बच्चों को पढ़ाते-लिखाते नजर आते हैं. साथ ही उनके घरों में संपर्क करके शिक्षा के लिए बच्चों के साथ-साथ परिजनों को जागरूक कर रहे हैं. नशे की गिरफ्त में जा रहे युवाओं को जागरूक करने के साथ नशे से दूर रहने की प्रेरणा भी दे रहे हैं. साथ ही समिति की महिलाएं इलाके के गरीब बच्चों को कापी किताब और शिक्षा में जरूरी अन्य सामग्री का वितरण भी करती हैं, जिससे बच्चों को पढ़ाई-लिखाई करने में कोई असुविधा न हो.

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