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बलरामपुर में सीएम योगी ने की पाटेश्वरी देवी की पूजा-अर्चना, मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया

बलरामपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बलरामपुर दो दिवसीय दौरे का आज दूसरा दिन है। आज सुबह सीएम योगी देवीपाटन शक्तिपीठ पहुंचे। यहां पर उन्होंने मां पाटेश्वरी के दर्शन-पूजन कर मां का आशीर्वाद लिया। पूजन के बाद आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर का भी भ्रमण करके व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। ‘योगी ने सुखी-स्वस्थ व समृद्ध यूपी की कामना की’ राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने को बताया कि बलरामपुर के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने बुधवार को समीक्षा बैठक की। उसके बाद उन्होंने मेडिकल कॉलेज व निर्माणाधीन विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। इसके बाद गोरक्षपीठाधीश्वर तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देवीपाटन शक्तिपीठ पहुंचे। प्रवक्ता के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि में बृहस्पतिवार की सुबह मां पाटेश्वरी देवी का दर्शन-पूजन किया और सुखी-स्वस्थ व समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना की। पूजन के बाद आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर का भी भ्रमण करके व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। योगी ने गायों को हरा चारा तथा गुड़ खिलाया जानकारी के मुताबिक, सीएम योगी मंदिर परिसर में स्थित गौशाला पहुंचकर गायों को हरा चारा तथा गुड़ खिलाया। उन्होंने गायों का प्यार दुलार भी किया। मंदिर परिसर में चल रहे राजकीय मेले का निरीक्षण भी किया। श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था दिए जाने का निर्देश भी दिया। यहां से मुख्यमंत्री और वहां से अगले गंतव्य के लिए रवाना हो गए। इस दौरान शक्तिपीठ के महंत योगी मिथलेश नाथ सहित कई जनप्रतिनिधि पदाधिकारी तथा प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। श्री पाटेश्वरी देव्यै नमः ‘शारदीय नवरात्रि’ के पावन अवसर पर आज जनपद बलरामपुर के तुलसीपुर स्थित ‘आदिशक्ति माँ पाटेश्वरी देवी शक्तिपीठ’ में माँ भगवती के दर्शन-पूजन का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। अपना आशीर्वाद सम्पूर्ण जगत पर बनाए रखेंः योगी सीएम योगी ने एक्स पर लिखा, ”श्री पाटेश्वरी देव्यै नमः ‘शारदीय नवरात्रि’ के पावन अवसर पर आज जनपद बलरामपुर के तुलसीपुर स्थित ‘आदिशक्ति माँ पाटेश्वरी देवी शक्तिपीठ’ में माँ भगवती के दर्शन-पूजन का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। जगद्धात्री माँ जगदम्बा से प्रार्थना है कि अपना आशीर्वाद सम्पूर्ण जगत पर बनाए रखें।”

SEBI ने च्वाइस इक्विटी ब्रोकिंग पर ठोका 2 लाख रुपये का जुर्माना

नई दिल्ली  मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने ब्रोकरेज फर्म चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग पर निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने के आरोप में 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सेबी के आदेश के मुताबिक चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग ने एक्सचेंज को ऑथराइज्ड पर्सन (एपी) से जुड़े क्लाइंट्स की सही जानकारी नहीं दी। बताया गया है कि ब्रोकरेज के ऑथराइज्ड पर्सन और क्लाइंट के बीच तीन मामलों में एपी सर्विसेज के लिए फंड की लेनदेन हुई। इस दौरान एपी टर्मिनल्स का इस्तेमाल अनऑथराइज्ड लोगों द्वारा किया गया। सेबी के आदेश में जांच के परिणामों की जानकारी देते हुए बताया गया है कि ब्रोकरेज फर्म के ऑथराइज्ड पर्सन्स में से एक ने एक्सचेंज को 226 क्लाइंट्स की जानकारी नहीं दी, जबकि दूसरे ने 118 क्लाइंट्स की और तीसरे ने 7 क्लाइंट्स की जानकारी एक्सचेंज को उपलब्ध नहीं कराई। सेबी की जांच में इस बात का भी पता चला कि ब्रोकरेज फर्म के ऑथराइज्ड पर्सन्स में से एक ग्रो कैपिटल फाइनेंस सर्विसेज अपने क्लाइंट को फंड ट्रांसफर कर रहा था। हालांकि ब्रोकरेज फर्म की ओर से सफाई दी गई कि फंड ट्रांसफर का ये काम ऑथराइज्ड पर्सन ने पर्सनल कैपेसिटी में क्लाइंट के साथ किया था, जिसके लिए ब्रोकरेज फर्म को जिम्मेदार नहीं माना जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि सेबी के नियमों के तहत ऑथराइज्ड पर्सन को क्लाइंट के फंड और सिक्योरिटीज की किसी भी पेमेंट या डिलीवरी को स्वीकार करने से रोका गया है। इस नियम में कहा गया है कि ऑथराइज्ड पर्सन क्लाइंट से कोई भी फंड या सिक्योरिटीज कलेक्ट नहीं करेगा और एजेंट के रूप में मेंबर की ओर से दी गई सर्विसेज के लिए क्लाइंट से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई भुगतान या राशि नहीं लेगा। सेबी ने अपनी जांच में इसी नियम के उल्लंघन के कारण चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग पर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया है।    

अब मीटर रीडर कहलाएंगे विद्युत सहायक

भोपाल मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निर्णय लिया गया है कि कंपनी कार्यक्षेत्र में बाह्य स्रोत एजेंसी के मार्फत अनुबंधित किए गए मीटिर रीडरों को अब विद्युत सहायक पदनाम दिया गया है। कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल नर्मदापुरम, ग्‍वालियर तथा चंबल संभाग के 16 जिलों में मीटर रीडर अब विद्युत सहायक कहलाएंगे। कंपनी ने मीटर रीडरों की जिम्मेदारी में भी बढ़ोतरी की है। अब वे लाइनों के रखरखाव एवं कुशल तकनीकी कार्य जैसे राजस्‍व संग्रह आदि भी कर सकेंगे।

संपदा पोर्टल 2.0 के नवाचार से होंगे किसान भाई भी लाभान्वित, मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसान संघ पदाधिकारियों ने दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के हित में सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीदी का उत्सव गौवर्धन पूजा के साथ पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा। साथ ही जन-प्रतिनिधियों और किसानों की उपस्थिति में कृषक कल्याण के फैसलों और किसानों के लिए लाभकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में पर भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए राज्य सरकार पूर्ण सजग है। किसान हितेषी फैसले निरंतर लिए जाएंगे, साथ ही किसानों के साथ नियमित संवाद भी होता रहेगा। बैठक में जानकारी दी गई की भारत सरकार की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के कम्प्यूट्राइजेशन के अंतर्गत प्रदेश में 4536 पैक्स में कार्यवाही की गई है। बैठक में कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त श्री मो. सुलेमान, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक वर्णवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ल और श्री राघवेंद्र कुमार सिंह, कृषि सचिव श्री एम सेलवेन्द्रन, राजस्व सचिव श्री विवेक पोरवाल, आयुक्त एवं सचिव जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल सिंह आंजना, महामंत्री श्री चंद्रकांत गौर, के अलावा श्री राघवेन्द्र जी, श्री राजेन्द्र पालीवाल, श्री प्रमोद चौधरी, श्री आर.सी. पटेल, श्री भवानी शंकर शर्मा, श्री नमो नारायण दीक्षित, श्री शिवनंदन रघुवंशी आदि उपस्थित थे। संपदा पोर्टल 2.0 किसानों को देगा ई रजिस्ट्री की सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय किसान संघ के विभिन्न सुझावों पर राज्य सरकार आवश्यक कदम उठाएगी। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर शुरू डिजिटल इंडिया मिशन के अंतर्गत ई-रजिस्ट्री की नवीन प्रणाली पर विकसित संपदा 2.0 पोर्टल और मोबाइल एप का आज ही शुभारंभ किया है। इस नवाचार का लाभ बड़ी संख्या में किसान वर्ग को प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी बताया कि उन्होंने आज हांगकांग निवासी श्री चंद्रावत और दिल्ली के एक बुजुर्ग दंपत्ति से संपदा 2.0 की विशेषताओं पर चर्चा भी की। सभी वर्गों द्वारा डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में इसे मील का पत्थर बताया जा रहा है। नवीन तकनीक पर आधारित संपदा 2.0 ऑनलाइन दस्तावेज पंजीयन एक क्रांतिकारी कदम है। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने इस व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई दी। किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पोर्टल और एप के माध्यम से नागरिकों को घर में ही यह सुविधा प्रदान किए जाने की शुरूआत और प्रदेश के सभी जिलों में जीआईएस लैब स्थापित करने का महत्वपूर्ण फैसला मध्यप्रदेश की नई पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के राजस्व से जुड़े अन्य कार्यों को भी आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि फौती नामांतरण और अन्य प्रकरणों के निराकरण से 3.96 लाख आवेदक लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं के लिए किसानों की भूमि के उपयोग पर किसान को राशि देने के स्थान पर उन्हें परियोजना में भागीदार बनाने के सुझाव पर भी विचार किया जाएगा। इसके साथ ही बन्दोबस्त कार्य से संबंधित विभिन्न शिकायतों को हल करने के लिए ड्रोन सर्वे का उपयोग भी बढ़ाया जाएगा। खेतों के पारम्परिक रास्ते बनाए रखने की पद्धति भी विकसित की जाएगी। किसान अपनाएं सोलर संयंत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में थर्मल पावर के साथ ही सोलर एनर्जी का प्रयोग निरंतर बढ़ाया जा रहा है। नवीन और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। किसानों द्वारा सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाता है तो उन्हें पूर्ण प्रोत्साहित किया जाएगा। सौर ऊर्जा संयंत्रों का उपयोग कृषि कार्य में भी हो रहा है। सौर ऊर्जा को एक महत्वपूर्ण समाधान के रूप में देखा जा रहा है। कृषि कार्य में सोलर पम्प के उपयोग और उद्योग क्षेत्र में भी औद्योगिक संस्थानों को अपनी बिजली बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार ने पीएम कृषक मित्र सूर्य योजना में बड़ी संख्या में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए सहयोग देने पर सहमति दी है। निश्चित ही यह योजना किसानों को सोलर संयंत्रों के उपयोग पर आत्मनिर्भर बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। कृषि के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के प्रयास बढ़ाएं किसान मख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि कार्य के साथ ही पशुपालन, किसानों की आय बढ़ाने का जरिया है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से भी प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए करारनामा हुआ है। किसानों और पशुपालकों को प्रोत्साहन के लिए बोनस देने का विचार है। शीघ्र ही इस संबंध में निर्णय लिया जा रहा है। देसी गाय और अच्छी नस्ल के देसी नंदी के पालन के लिए मध्यप्रदेश प्राकृतिक कृषि विकास योजना में भी प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है। किसान खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाने के लिए भी आगे आएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में उपस्थित भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों को लगभग 80 एफपीओ (फार्मर्स प्रोडयूसर ऑर्गेनाइजेशन) बनाने के लिए बधाई देते हुए कहा कि खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां लगाने के लिए भी किसान आगे आएं। कोदो-कुटकी के उत्पादन पर राज्य सरकार रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना में 3900 प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त सहायता राशि की मंजूरी दे चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाने के साथ इनसे विभिन्न उत्पाद तैयार करने के लिए इकाइयां लगाई जा सकती हैं। इससे किसानों को भी अधिक आय प्राप्त होगी। मटर एवं अन्य फसलों के उत्पादन में वृद्धि का लाभ भी तभी प्राप्त हो सकेगा, जब फूड प्रोसेसिंग प्लांट भी लगाए जाएं। किसान संघ के पदाधिकारी इस क्षेत्र में किसानों का मार्गदर्शन एवं सहयोग करें। बैठक में इन विषयों पर भी हुई चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों की चर्चा में भूमि अधिग्रहण, बंटवारा, नामांतरण, इंद्राज दुरूस्ती, क्षेत्रीय स्तर पर फसल कटाई प्रयोग, सीमांकन कार्य के लिए मशीनों की संख्या … Read more

सर्राफा बाजारों में आज 24 कैरेट सोना 77 हजार के स्तर से नीचे गिर कर 76,830 प्रति 10 ग्राम में कारोबार कर रहा

सर्राफा बाजार में गिरावट जारी, 760 रुपये तक सस्ता हुआ सोना, चांदी की भी घटी चमक नवरात्रि के दौरान सर्राफा बाजार में गिरावट लगातार जारी सर्राफा बाजारों में आज 24 कैरेट सोना 77 हजार के स्तर से नीचे गिर कर 76,830  प्रति 10 ग्राम में कारोबार कर रहा नई दिल्ली नवरात्रि के दौरान घरेलू सर्राफा बाजार में गिरावट लगातार जारी है। आज सोना की कीमत में 700 से 760 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट के कारण आज देश के अधिकांश सर्राफा बाजारों में आज 24 कैरेट सोना 77 हजार के स्तर से नीचे गिर कर 76,830 रुपये से लेकर 76,680 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज 70,440 रुपये से लेकर 70,290 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। चांदी की कीमत में भी आज बड़ी गिरावट आई है। इस गिरावट के कारण दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी आज 93,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना आज 76,830 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 70,440 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 76,680 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 70,290 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 76,730 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 70,340 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 76,680 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 70,290 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। इसी तरह कोलकाता में भी 24 कैरेट सोना 76,680 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 70,290 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 76,830 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 70,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। वहीं, पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 76,730 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जबकि 22 कैरेट सोना 70,340 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह जयपुर में 24 कैरेट सोना 76,830 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 70,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी गिरावट आने की वजह से सोना सस्ता हुआ है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना आज 76,680 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 70,290 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।    

यूपी में रेल पटरी पर अज्ञात लोगों ने रखे छोटे पत्थर, फिर ट्रेन पलटाने की साजिश

बिजनौर उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक बार फिर ट्रेन पलटाने की साजिश की गई है। यहां पर बृहस्पतिवार की सुबह रेल की पटरी पर अज्ञात लोगों ने छोटे पत्थर रख दिए, लेकिन ट्रेन उन पर से सकुशल गुजर गई और एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। अप और डाउन लाइन की रेल पटरी पर लगभग 20 मीटर तक रखे छोटे-छोटे पत्थर तेज आवाज के साथ टूटे तो चालक की सांसें थम गईं। लोको पायलट की सूचना पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी।   छोटे-छोटे पत्थरों को पीसटी हुई निकली ट्रेन बता दें कि रेलवे पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। राजकीय रेलवे पुलिस थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि सहारनपुर से मुरादाबाद जा रही मेमू ट्रेन जब गढ़मलपुर क्रासिंग पर पहुंची तो पटरी पर पत्थर टूटने की आवाज आई। हालांकि ट्रेन सकुशल निकल गयी। बाद में चालक ने मुर्शदपुर स्टेशन पहुंच कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मौके पर की गयी जांच में पता चला कि पटरी पर किसी ने छोटे-छोटे पत्थर रख दिए थे जिन्हें पीसती हुई ट्रेन आगे निकल गयी। जांच में जुटे पुलिस अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि रेलवे पुलिस जांच पड़ताल कर रही है कि यह बच्चों की शरारत है या साजिश के तहत पटरी पर पत्थर रखे गये। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में कानपुर, जौनपुर और बागपत समेत कई जगहों पर पटरी पर रसोई गैस सिलिंडर, खम्बा और लट्ठा आदि रखे जाने की घटनाएं सामने आयी हैं। इनमें से कुछ मामलों में ट्रेन को पलटाने की साजिश की आशंका भी जाहिर की गयी है। ​​​​​​​उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बलरामपुर दो दिवसीय दौरे का आज दूसरा दिन है। आज सुबह सीएम योगी देवीपाटन शक्तिपीठ पहुंचे। यहां पर उन्होंने मां पाटेश्वरी के दर्शन-पूजन कर मां का आशीर्वाद लिया। पूजन के बाद आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर का भी भ्रमण करके व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।  

प्रधानमंत्री मोदी ने रॉयल थिएटर ऑफ लुआंग प्रबांग में रामायण का मंचन भी देखा, कलाकारों से की मुलाकात

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21वें आसियान-भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए लाओस पहुंचे। जहां पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए वियनतियाने के होटल डबल ट्री में भारतीय समुदाय के लोग बड़ी संख्या में जुटे थे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यहां के प्रमुख रॉयल थिएटर ऑफ लुआंग प्रबांग में रामायण का मंचन भी देखा। इसे ‘फरा लक फरा राम’ के नाम से भी जाना जाता है। इससे समझा जा सकता है कि प्रभु श्रीराम की कहानी पूरे आसियान क्षेत्रों को आपस में जोड़ती है। जैसा कोई अन्य ग्रंथ नहीं कर सकते। सनातन धर्म की जड़ें ना केवल भारत, बल्कि आस-पास के क्षेत्रों में गहरी हो चली है। लाओस में रामायण सदियों से मनाई जाती रही है, जो दोनों देशों के बीच साझा विरासत और सदियों पुरानी सभ्यताओं के संबंधों को दर्शाती है। ‘फ्रा लॉक फ्रा राम’ लाओ संस्करण है। लाओस रामायण की कहानी यहां के मेकांग नदी के किनारे आसपास घूमती है। जो यहां पर गंगा के समान पवित्र मानी जाती है। इसमें लाओस की बौद्ध संस्कृति की बेहद शानदार झलक देखने को मिलती है। लाओस के अलावा यहां फ्रा राम को गौतम बुद्ध का अवतार माना जाता है। जो भगवान श्रीराम के रास्तों पर चलते थे। इसके अलावा लाओ में रावण को राक्षस मारा का अवतार माना जाता है। जो गौतम बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति में बाधा डालने का प्रयास करता है। पीएम मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसका वीडियो शेयर किया है। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, ”विजयादशमी कुछ ही दिन दूर है और आज मैंने लाओ पीडीआर में लाओ रामायण का एक हिस्सा देखा, जिसमें रावण पर प्रभु श्री राम की जीत पर प्रकाश डाला गया है। यह देखकर बहुत खुशी होती है कि यहां के लोग रामायण से जुड़े हुए हैं। प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद हम पर सदैव बना रहे।” कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी ने रामायण के कलाकारों से मंच पर मुलाकात भी और उनके संग फोटो भी खिंचवाई। उन्होंने फोटो शेयर करते हुए लिखा, ”लाओ पीडीआर में मेरे द्वारा देखे गए फलक फलम या फ्रा लाक फ्रा राम के यादगार प्रकरण की कुछ झलकियां।” इससे पहले वियनतियाने में होटल डबल ट्री में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए भारतीयों और लाओस समुदाय के लोगों ने गायत्री मंत्र का पाठ किया। पीएम मोदी के सामने भारतीयों ने हाथ में तिरंगा लेकर गायत्री मंत्र का जाप भी किया। इस दौरान पीएम मोदी भी उनके सामने हाथ जोड़कर गायत्री मंत्र का पाठ करते दिखे। पीएम मोदी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके अलावा एक अन्य वीडियो में लाओस समुदाय के लोगों ने पीएम मोदी का हिंदी में अभिवादन करते हुए ग्रैंड वेलकम किया।

पंचतत्व में विलीन हुए अनमोल रतन, पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

नई दिल्ली उद्योगपति रतन टाटा का मुंबई में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। वर्ली स्थित श्मशान घाट में उन्हें पंचतत्व में विलीन किया गया। कोलाबा स्थित टाटा के आवास से लेकर NCPA (राष्ट्रीय प्रदर्शन कला संस्थान) और फिर श्मशान घाट तक लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। उनके अंतिम दर्शन के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से लेकर राजनीतिक, कारोबारी, खेल, मनोरंजन जगत के कई बड़े नाम पहुंचे। बुधवार को 86 वर्ष की उम्र में उन्होंने मुंबई के अस्पताल में अंतिम सांस ली। महाराष्ट्र और झारखंड व गुजरात सरकार ने टाटा के निधन पर एक दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है। इससे पहले रतन टाटा के पार्थिव शरीर को दक्षिण मुंबई स्थित राष्ट्रीय कला प्रदर्शन केंद्र (एनसीपीए) में जनता के अंतिम दर्शन के लिए सुबह 10.30 बजे से अपराह्न 3.55 बजे तक रखा गया था जहां विभिन्न वर्गों के हजारों लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। टाटा समूह को विश्व स्तर पर प्रसिद्धि दिलाने का श्रेय रतन टाटा को दिया जाता है। उनका बुधवार रात शहर के ब्रीच कैंडी अस्पताल में 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। पल-पल के अपडेट्स के लिए बने रहिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ शवदाह गृह में मौजूद एक धर्म गुरु ने बताया कि अंतिम संस्कार पारसी परंपरा के अनुसार किया गया। उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार के बाद दिवंगत उद्योगपति के दक्षिण मुंबई के कोलाबा स्थित बंगले में तीन दिन तक अनुष्ठान किए जाएंगे। पंचतत्व में विलीन हुए अनमोल रतन, पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार। मुंबई पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल इस दौरान मध्य मुंबई स्थित शवदाह गृह में उपस्थित थे।    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य नेता मुंबई में दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा के अंतिम संस्कार में मौजूद हैं। दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा का अंतिम संस्कार मुंबई के वर्ली श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ किया जा रहा है।

महाराष्ट्र – झारखंड विधानसभा चुनाव जल्द ऐलान, साथ ही देश की 50 सीटों पर उपचुनाव

नई दिल्ली देश में ‘एक देश एक चुनाव’ के मुद्दे पर बात हो रही है। पीएम नरेंद्र मोदी समेत केंद्र सरकार इस पर जोर दे रही है और मंथन चल रहा है। लेकिन इस बीच देश चुनाव में ही बिजी है। जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे मंगलवार को ही आए हैं और अब इलेक्शन के नए राउंड का ऐलान एक सप्ताह के अंदर हो सकता है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार 18 अक्टूबर तक कभी भी महाराष्ट्र से लेकर झारखंड तक विधानसभा चुनाव कराने का ऐलान हो सकता है। इसके साथ ही यूपी, बंगाल, असम और राजस्थान समेत देश की 50 सीटों पर उपचुनाव हो सकता है। महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर तक है। ऐसे में नई राज्य सरकार का गठन इससे पहले ही हो जाना चाहिए। इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार ने अपील की है कि 15 नवंबर के बाद ही चुनाव का आयोजन हो। इसलिए क्योंकि 31 अक्टूबर को चुनाव है और फिर अगले कुछ दिन तक अन्य त्योहार हैं। यही नहीं देव दीपावली भी बड़े पैमाने पर मनाई जाती है। इसलिए 15 नवंबर के बाद ही चुनाव हो। ऐसी स्थिति में चुनाव आयोग के पास कम ही दिन का समय होगा और उसे 20 नवंबर तक किसी भी तरह मतदान कराना होगा ताकि अगले कुछ दिनों में नई सरकार का गठन हो सके। इसके लिए एक ही राउंड में महाराष्ट्र में चुनाव कराए जा सकते हैं। आमतौर पर राज्य में चुनाव कई राउंड में होते रहे हैं। लेकिन इस बार पुलिस प्रशासन और सरकार का दावा है कि हम एक राउंड में ही चुनाव करा लेंगे। इसके लिए सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था भी हो जाएगी। दरअसल महाराष्ट्र में 2019 में भी एक ही राउंड में मतदान हुआ था। महाराष्ट्र के साथ ही झारखंड में भी चुनाव हो सकता है। हालांकि झारखंड के लिए फिलहाल वक्त है और वहां 5 जनवरी तक मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल है। इनके अलावा 50 सीटों के उपचुनाव भी आयोग को कराने होंगे। दरअसल 18वीं लोकसभा में कई लोग सांसद बन गए हैं, जो विधायक थे। नियम के अनुसार 6 महीने के अंदर ही खाली सीटों पर चुनाव हो जाना चाहिए। इस लिहाज से नवंबर तक रिक्त सीटों पर नए सदस्य चुने जाने चाहिए। रिक्त सीटों की बात करें तो यूपी में सबसे ज्यादा 10, बंगाल में 6, असम और राजस्थान में 5-5 सीटें खाली हैं। इसके अलावा बिहार और राजस्थान में 4-4 सीटें खाली हैं। कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में भी तीन सीटें खाली हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन चुनावों के बाद दिल्ली में भी इलेक्शन की तैयारी शुरू हो जाएगी। वहां 5 फरवरी तक ही विधानसभा का कार्यकाल है।

बेटे दीपेंद्र को नहीं बना पाए मुख्यमंत्री, भूपेंद्र हुड्डा का टूटा सपना

चंडीगढ़ हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को इस बार हाथ से सत्ता जाने का गम तो है ही, साथ ही अपने सांसद बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री नहीं बनवा पाने की कसक भी कम नहीं है। कांग्रेस की सरकार बनने की स्थिति में जब भी मुख्यमंत्री के पद की दावेदारी का सवाल आया, हुड्डा ने हर बार यही कहा कि वे अभी ना तो टायर्ड (थके) हुए और ना ही रिटायर्ड (सेवानिवृत्त) हुए हैं, लेकिन हुड्डा चाहते थे कि यदि उन्हें मौका मिला तो वह अपने सांसद बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए कांग्रेस हाईकमान के समक्ष मुख्यमंत्री के पद की पैरवी करेंगे। सपना रह गया अधूरा मगर राज्य में हवा के बावजूद कांग्रेस सत्ता से चूक गई और हुड्डा का बेटे को मुख्यमंत्री बनवाने का ख्वाब भी अधूरा रह गया।  कांग्रेस को पूरी उम्मीद थी कि राज्य में उनकी पार्टी की सरकार बनेगी, लेकिन भाजपा ने धरातल पर ऐसा गेम पलटा कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री बनने के दावेदारों के सारे अरमान रखे रह गए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ कांग्रेस की दलित नेता कुमारी सैलजा ने पूरे चुनाव के दौरान अपनी मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को कमजोर नहीं पड़ने दिया। सैलजा की दावेदारी के बीच कांग्रेस महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी सीएम बनने की इच्छा जताई। दीपेंद्र हुड्डा ने खुद कभी नहीं की दावेदारी हालांकि, रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने एक बार भी अपने मुंह से ऐसा नहीं बोला कि वे मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। अपने भाषणों में दीपेंद्र ने मुख्यमंत्री पद के लिए हमेशा पिता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की दावेदारी ही पेश की। इसके विपरीत कांग्रेस में चल रही इस कलह के बीच भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाने की जोड़तोड़ में लगे रहे। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने जनसभाओं में दीपेंद्र के कामकाज की दिल खोलकर तारीफ की। इससे हुड्डा को अपने बेटे किए माहौल बनाने में आसानी हो गई। दीपेंद्र हुड्डा के लिए था अच्छा मौका कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया, पार्टी पर्यवेक्षक अशोक गहलोत और अजय माकन तथा संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल तक अधिकतर वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के भरोसेमंद हैं। इसलिए उन्हें बेटे के लिए पैरवी करने में ज्यादा परेशानी नहीं आती, मगर मामला सिरे चढ़ने से पहले ही बिगड़ गया। हुड्डा की उम्र इस समय 77 साल है। भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार के पांच साल पूरे होने के बाद अब राज्य में 2029 में चुनाव होंगे। उस समय हुड्डा की उम्र करीब 82 साल होगी। ऐसे में तब की परिस्थिति के अनुमान के हिसाब से इस बार हुड्डा के लिए बेटे की पैरवी करना ज्यादा आसान रह सकता था। हुड्डा के नेतृत्व में लड़े गए 4 चुनाव हरियाणा में कांग्रेस ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में अब तक चार चुनाव लड़े हैं, लेकिन किसी भी चुनाव में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत नहीं मिल पाया है। साल 2005 में कांग्रेस ने तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था और कांग्रेस को 67 सीटें मिली थी, लेकिन हाईकमान ने हुड्डा को सांसद होते हुए भी मुख्यमंत्री बना दिया था। इसके बाद साल 2009 का पहला चुनाव हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस ने लड़ा। उस समय कांग्रेस को 40 सीटें मिली, जो कि पूर्ण बहुमत से छह कम थी, राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी हुड्डा ने अपने रणनीतिक कौशल के चलते विधायकों का इंतजाम कर लिया था और सरकार बना ली थी। इसी तरह साल 2014 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ 15 सीटों पर संतोष करना पड़ा था, जबकि साल 2019 के चुनाव में कांग्रेस की 31 सीटें आई, जो कि बहुमत से 15 सीट कम थी। इस बार साल 2024 के चुनाव में कांग्रेस की 37 सीटें आई हैं, जो कि बहुमत से 11 सीट कम हैं।

बिल गेट्स बड़ा सुंदर बिजनेस तो कर पा रहे हैं, परिवार नहीं चला पा रहे हैं, पत्नी को खुश नहीं रख पा रहे: अनिरुद्धाचार्य

नई दिल्ली कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स और उनकी एक्स वाइप मेलिंडा गेट्स के तलाक पर बयान दिया है। उन्होंने कहा, “आज देखिए बड़े-बड़े डॉक्टर्स हैं, बड़े-बड़े जज हैं, बड़े-बड़े इंजीनियर हैं, बड़े-बड़े एडवोकेट हैं…पढ़ा-लिखा समाज है। ये लोग बड़ा सुंदर व्यापार तो कर पा रहे हैं। बड़ा सुंदर बिजनेस तो कर पा रहे हैं। लेकिन वही लोग अपना परिवार नहीं चला पा रहे हैं, अपनी पत्नी को खुश नहीं रख पा रहे हैं, अपने बच्चों को सही रास्ता नहीं दिखा पा रहे हैं।” दिया बिल गेट्स का उदाहरण अनिरुद्धाचार्य ने भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के पॉडकास्ट में कहा, “एक छोटा उदाहरण मैं हमेशा देता हूं बिल गेट्स का। बिल गेट्स जैसा सफल व्यापारी धरती पर कौन होगा? सफल बिजनेसमैन कौन होगा? उसने व्यापार चलाना तो सीख लिया पर परिवार चलाना नहीं सीख पाया। इसलिए 27 सालों के बाद बिल गेट्स की पत्नी ने उसे तलाक दे दिया।” बताया परिवार का महत्व अनिरुद्धाचार्य ने अपनी बात को समझाते हुए आगे कहा, “परिवार चलाना अलग है और व्यापार चलाना अलग। आज कल लोग सिर्फ पैसों के पीछे भाग रहे हैं। पैसा होना चाहिए। पैसा बुरा नहीं है। लेकिन पैसे से ज्यादा महत्व परिवार काे देना चाहिए। परिवार को सबसे ऊपर रखना चाहिए। अगर पत्नी, बेटा और मां-बाप खुश रहेंगे न तो पैसा अपने आप आ जाएगा। जरूरत के वक्त पैसा काम आता है, लेकिन जो चीज पैसा भी नहीं कर पाता वो परिवार कर देता है। इसलिए उसका महत्व पैसों से कहीं ज्यादा है।”

कारोबारी पहुंचे GST दफ्तर, छत्तीसगढ़-रायपुर में आगरा से अज्ञात मालिक की 928 किलो चांदी पहुंची

रायपुर। राजधानी रायपुर के मौदहापारा इलाके में पुलिस को चेकिंग के दौरान एक मालवाहक वाहन से 928 किलो चांदी की सिल्लियां मिली थीं। पुलिस ने मालवाहक वाहन में बैठे युवक सन्नी कुमार सिंह से चांदी से संबंधित कोई वैध डॉक्यूमेंट मांगा, लेकिन वह नहीं दिखा सका। इसके बाद पुलिस ने सन्नी के कब्जे से 51 कार्टूनों में बंद चांदी की सिल्लियों को जब्त कर छत्तीसगढ़ कमर्शियल टैक्स (GST) को सौंप दिया था। इस घटना को आज पूरे दो दिन हो गए हैं, लेकिन विभाग के अधिकारी अभी तक चांदी के मालिकों का पता नहीं लगा पाए हैं। सूत्रों के मुताबिक, चेकिंग में जब्त की गई इस चांदी का बड़ा हिस्सा शहर के कुछ व्यापारियों का है। इस खेप को आगामी दिवाली त्योहार के लिए पिघलाकर आभूषण बनाने के लिए अवैध तरीके से रायपुर लाया गया था। यह खेप सही ठिकानों पर पहुंचने से पहले ही चेकिंग के दौरान पुलिस के हाथ लग गई। इसके बाद आज दो कारोबारियों ने GST दफ्तर पहुंचकर इस चांदी के बारे में पूछताछ की है। बता दें कि जिस ट्रांसपोर्टर सन्नी कुमार सिंह की गाड़ी से यह चांदी का जखीरा बरामद हुआ है, वह डेली बुकिंग पर माल लाना-ले जाना करता है। GST विभाग के अधिकारियों के अनुसार 51 कार्टून में से केवल 11 के बिल और 12 की बिल्टी हैं। माना जा रहा है कि माल के खरीददार और विक्रेता ने कुछ बिल वाले माल के साथ शेष का लेनदेन बिना बिल के किया है। सभी की बिलिंग आगरा से की गई है। इसके बावजूद अधिकारी मालिकों का नाम बताने से बच रहे हैं।

रतन टाटा ने की थी विदेशी कंपनियों को खरीदने की शुरुआत, JLR को खरीदकर टाटा मोटर्स ग्लोबल प्लेयर बन गई

नई दिल्ली दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा का 9 अक्टूबर की देर रात देहांत हो गया। यह भारतीय कारोबार जगत के लिए एक स्वर्णिम युग के अंत सरीखा है। रतन टाटा साल 1991 में जेआरडी टाटा की जगह टाटा ग्रुप के चेयरमैन बने। उन्होंने एक के बाद एक कंपनियों को खरीदकर टाटा ग्रुप के साम्राज्य को बढ़ाया। ये सौदे न सिर्फ देश में हुए, बल्कि रतन टाटा ने कई बड़ी विदेशी कंपनियों को खरीदा। टाटा कंज्यमूर प्रोडक्ट्स पहले टाटा टी नाम से कारोबार करती थी। इसने साल 2000 में दिग्गज ब्रिटिश चाय कंपनी- टेटली (Tetley Tea) को खरीदा। यह डील 45 करोड़ डॉलर में हुई। इस डील ने दुनिया को इसलिए भी हैरान किया, क्योंकि टेटली साइज में टाटा के मुकाबले दोगुनी बड़ी थी। इस डील के बाद टाटा टी दुनिया की सबसे बड़ी चाय कंपनियों में शुमार हो गई। यह पहली दफा था, जब किसी भारतीय कंपनी ने विदेशी कंपनी का अधिग्रहण किया हो। इससे टाटा ग्रुप के वैश्विक विस्तार की शुरुआत भी हो गई। दो बड़े ऑटोमेकर की खरीद टाटा मोटर्स ने दुनिया के दो बड़े ऑटोमेकर को खरीदा। पहली डील साल 2004 में हुई दक्षिण कोरिया की देवू (Daewoo) से। टाटा मोटर्स ने देवू की कमर्शियल व्हीकल यूनिट को 10.2 करोड़ डॉलर में खरीद लिया। इससे टाटा ग्रुप के पास ट्रक बनाने वाली एडवांस तकनीक आ गई। फिर टाटा मोटर्स ने 2008 में अमेरिकी ऑटोमेकर फोर्ड से Jaguar Land Rover (JLR) की खरीदा। इस 230 करोड़ डॉलर की डील ने टाटा मोटर्स को ऑटो सेक्टर की वैश्विक कंपनी बना दिया। दो स्टील कंपनियों से डील टाटा स्टील ने रतन टाटा की अगुआई में दो बड़े सौदे करके अपना दबदबा बढ़ाया। पहली डील2004 में हुई, जब टाटा स्टील ने सिंगापुर की स्टील कंपनी NatSteel को 48.6 करोड़ डॉलर में खरीदा। वहीं, दूसरा सौदा 2007 में हुआ। इस बार टाटा स्टील ने ब्रिटेन की Corus Steel को 1290 करोड़ डॉलर में खरीदा। यह अपने समय की सबसे बड़ी डील थी और इसने टाटा स्टील की दुनिया की टॉप-10 स्टील कंपनियों में शुमार कर दिया। अमेरिकी होटल में भी चेक-इन टाटा ग्रुप की होटल कंपनी- ताज होटल ने साल 2006 में अमेरिका के The Ritz-Carlton Boston Hotel को खरीदा। यह सौदा करीब 17 करोड़ डॉलर में हुआ। इससे ताज लग्जरी ब्रांड को वैश्विक विस्तार का मौका मिला और कंपनी ग्लोबल हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में अपना दबदबा मजबूत किया। Brunner Mond को खरीदा टाटा ग्रुप की केमिकल कंपनी टाटा केमिकल्स ने 9 करोड़ पौंड में ब्रिटेन की सोडा ऐश बनाने वाली Brunner Mond को अपना बना लिया। इस अधिग्रहण की बदौलत टाटा केमिकल्स सोडा ऐश बनाने के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल हो गई। Starbucks के साथ ज्वाइंट वेंचर टाटा ग्लोबल बेवरेजेज ने अमेरिका की Starbucks के साथ फ्रेंचाइजी मॉडल की डील की। यह एक ज्वाइंट वेंचर था। इसकी बदौलत टाटा ग्रुप को भारत में स्टारबक्स आउटलेट्स लॉन्च करने की इजाजत मिल गई और उसने तेजी से बढ़ रहे कॉफी रिटेल मार्केट में एंट्री कर ली। BigBasket का अधिग्रहण रतन टाटा ने साल 2012 में रिटायर हो गए थे, लेकिन वह टाटा ग्रुप के चेयरमैन एमेरिटस बने रहे। टाटा ग्रुप ने मई 2021 में बिग बास्केट का अधिग्रहण किया। टाटा डिजिटल ने बिग बास्केट में मेजॉरिटी हिस्सेदारी खरीदी। इससे टाटा ग्रुप के लिए ई-कॉमर्स सेक्टर में एंट्री का रास्ता साफ हो गया। Air India को फिर अपना बनाया एयर इंडिया के साथ टाटा ग्रुप का भावनात्मक रिश्ता रहा है। इसकी शुरुआत 1930 के दशक में जेआरडी टाटा ने की थी। लेकिन, साल 1953 में इसका राष्ट्रीयकरण कर दिया गया। साल 2022 में टाटा सन्स ने 18,000 करोड़ में एयर इंडिया को खरीदा। तब टाटा ग्रुप के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन और चेयरमैन एमेरिटस रतन टाटा थे।

हरियाणा में कांग्रेस की हवा, प्रदीप गुप्ता समेत कई चुनावी पंडित इस बार गलत साबित हुए हैं और उनमें से एक योगेंद्र यादव भी हैं

नई दिल्ली हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले योगेंद्र यादव ने राज्य में कांग्रेस के आने की भविष्यवाणी की थी। यही नहीं उन्होंने कांग्रेस की हवा, आंधी और सुनामी जैसा दावा भी कर दिया था। इसे लेकर अब वह ट्रोल हो रहे हैं। प्रदीप गुप्ता समेत कई चुनावी पंडित इस बार गलत साबित हुए हैं और उनमें से एक योगेंद्र यादव भी हैं। योगेंद्र यादव ने अब बताया है कि आखिर कहां उनसे हरियाणा के माहौल को समझने में चूक हुई और कैसे भाजपा की सत्ता में वापसी हो गई। योगेंद्र यादव कहते हैं कि यह चुनाव एक टी-20 मैच की तरह था, जो आखिरी गेंद तक खेला गया और अंत में जीत भाजपा को मिली। योगेंद्र यादव ने इंडियन एक्सप्रेस के लिए लिखे लेख में कहा, ‘भाजपा और कांग्रेस के बीच वोट शेयर का अंतर 1 फीसदी से भी कम का रहा है। क्रिकेट की भाषा में बात करें तो यह टी-20 मैच जैसा था, जो दो ओवर रहते हुए ही खत्म होना चाहिए था। लेकिन यह आखिरी गेंद तक खिंच गया। अब तीन सवाल पर मंथन करना चाहिए। हमने इसे इतना आसान चुनाव क्यों माना? यह इतनी टाइट फाइट वाला संघर्ष कैसे बन गया? आखिर हरियाणा के चुनाव में कैसे हार गए?’ मुख्य तौर पर हरियाणा में कांग्रेस की नीति की भाजपा ने काट खोज ली और अपने समीकरणों के जरिए चुनाव जीत लिया। वह कहते हैं कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के वोट प्रतिशत में 19 फीसदी का इजाफा हुआ था। राज्य में किसान, पहलवान और जवान का नैरेटिव बना था। योगेंद्र यादव लिखते हैं, ‘मैं भी मान रहा था कि यह जो नैरेटिव बना है, उससे कांग्रेस को बढ़त मिलेगी। वह अब कमजोर नहीं होगी। ऐसा अनुमान इसलिए था क्योंकि किसान, पहलवान के नैरेटिव पर पड़ने वाला वोट जेजेपी और इनेलो को मिलता नहीं दिख रहा था। इसके अलावा राहुल गांधी के आक्रामक अभियान से ऐसा लग रहा था कि दलित वोट बड़ी संख्या में कांग्रेस को ही मिलेगा।’ लोकसभा में अच्छी बढ़त, पर विधानसभा में कैसे हार गई कांग्रेस यह स्थिति लोकसभा चुनाव में दिखी भी थी और 19 फीसदी वोट शेयर बढ़ाते हुए कांग्रेस ने भाजपा के मुकाबले एक पर्सेंट की बढ़त पा ली थी। लेकिन ऐसा लगता है कि किसान, पहलवान, संविधान और जवान के नारे ने काम नहीं किया। यही नहीं ऐसा लगा कि कांग्रेस अति-आत्मविश्वास में आ गई है। 10 साल की सरकार के खिलाफ जमीन पर ऐंटी इनकम्बैंसी थी और ऐसा लग रहा था कि भाजपा की स्थिति 2014 और 2019 के मुकाबले कमजोर होगी। यह चुनाव दो तरफा था और कांग्रेस भाजपा को मिलाकर 79 फीसदी वोट पड़ा, जो 2014 में 55 पर्सेंट ही था। कांग्रेस जाट समुदाय के भरोसे रह गई, भाजपा ने बना ली रणनीति योगेंद्र यादव लिखते हैं, ‘किसान जवान पहलवान और संविधान के नैरेटिव में यह गलती हुई। मैं भी उन विश्लेषकों में से एक था, जो मानते थे कि इसका तात्कालिक लाभ कांग्रेस को होगा। हालांकि मैंने लोकसभा चुनाव की तरह ही इस बार भी सीटों का अनुमान जाहिर नहीं किया था, लेकिन यह साफ कहा था कि कांग्रेस को फायदा मिलेगा।’ योगेंद्र यादव ने कहा कि कांग्रेस शायद जाट समुदाय पर ज्यादा निर्भर हो गई, जबकि भाजपा अपनी रणनीति पर अमल करती रही। वहीं सब कोटा वाले विवाद से उसे दलित वोटों के बंटवारे का भी मौका मिला। इसके अलावा नायब सिंह सैनी को सीएम बनाने को भी वह भाजपा की कामयाब रणनीति मानते हैं।

देर रात तक खंगाले दस्तावेज, छत्तीसगढ़-कोरबा में इलेक्ट्रानिक्स दुकान में जीएसटी की छापेमारी

कोरबा। जीएसटी की नजर व्यापारियों के कारोबार पर लगातार बनी हुई है. इसी कड़ी में जीएसटी की टीम ने बीती रात कटघोरा स्थित ज्योति इलेक्ट्रानिक्स में छापा मारा. इस कार्रवाई से कटघोरा से लेकर कोरबा तक के व्यापारियों में हड़कंप मचा रहा. इलेक्ट्रानिक्स कारोबारियों के लिए साल में व्यापार के सबसे अच्छे मौकों में से एक नवरात्रि के अवसर पर जीएसटी की टीम पहुंची. जीएसटी की टीम चार वाहनों में ज्योति इलेक्ट्रानिक्स में दबिश दी. कटघोरा के प्रतिष्ठित प्रतिष्ठानों में से एक ज्योति इलेक्ट्रानिक्स में टीम पहुंची. दुकान संचालक पवन अग्रवाल से पूछताछ करने के साथ देर रात तक दस्तावेज खंगालती रही. हालांकि, इस कार्रवाई में क्या-क्या खामियां पाई गई इसका खुलासा नहीं हुआ है.

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