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प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 की हुई शुरूआत, 22 हजार 800 करोड़ रूपये की राशि हुई जारी

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 की शुरूआत हो गई है। इस योजना में प्रदेश के जरूरतमंद हितग्राहियों के लिये 10 आवास बनाये जायेंगे। इस योजना का लाभ उन हितग्राहियों को दिया जायेगा, जिन्हें किसी कारण से अब तक आवास योजना का लाभ प्राप्त नहीं हुआ है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने मैदानी अमले को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के आवेदन संबंधी जानकारी नजदीकी नगरीय निकायों से प्राप्त की जा सकती है। योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिये केन्द्र सरकार ने यूनीफाइड वेब पोर्टल पर भी जानकारी अपलोड की है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में 4 प्रकार के घटक शामिल किये गये हैं। हितग्राही आवेदन करते समय अपनी पात्रता और आवश्यकता के अनुसार घटक का चयन कर सकते हैं। योजना संबंधी निर्देशिका https://pmaymis.gov.in/PMAYMIS2_2023/PmayDefault.aspx पोर्टल से प्राप्त की जा सकती है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में देश में एक करोड़ आवास और मध्यप्रदेश में 10 लाख आवास बनाये जाने का कार्यक्रम तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में विशेष वर्गों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है। इनमें पीएम स्वनीधि योजना, भवन निर्माण श्रमिक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पीएम विश्वकर्मा योजना के कारीगर, सफाई कर्मी और झुग्गी बस्ती में रहने वाले परिवार शामिल है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 में 8 लाख 25 हजार आवास बनकर हो गये हैं तैयार प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में अब तक 8 लाख 25 हजार जरूरतमंद हितग्राहियों के आवास निर्माण पूरे किये जा चुके हैं। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण में 9 लाख 45 हजार आवास स्वीकृत किये गये थे। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के प्रथम चरण के क्रियान्वयन की सम्पूर्ण अवधि में मध्यप्रदेश देशभर में अग्रणी स्थान पर है। योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिये मध्यप्रदेश और प्रदेश की कई नगरीय निकायों को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के प्रथम चरण में प्रभावी क्रियान्वयन का श्रेय न्यूनतम दर पर आवास उपलब्ध कराने के लिये राज्य सरकार द्वारा किये गये कई नवाचारों को जाता है। स्वीकृत आवासों के निर्माण कि लिये केन्द्रांश और राज्यांश की अनुदान राशि 19 हजार 700 करोड़ रूपये एवं क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम (सीएलएसएस) घटक के लिये ब्याज अनुदान के रूप में 3 हजार 900 करोड़ रूपये, इस प्रकार कुल राशि 23 हजार 600 करोड़ रूपये स्वीकृत की जा चुकी है। हितग्राहियों को अब तक 22 हजार 800 करोड़ रूपये की राशि जारी की जा चुकी है।  

खुलासा : शादी करने वाले कैडर आंदोलन से मुंह मोड़ सकते हैं, नतीजतन, शादी करने वाले किसी भी कैडर के लिए नसबंदी अनिवार्य है

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में गृहमंत्री अमित शाह के साथ मिलने आए पूर्व नक्सलियों ने नक्सली नेताओं के बारे में कई खुलासे किए हैं. उनका कहना है कि यदि कोई नक्सल कैडर शादी करना चाहता है, तो उसे पहले नसबंदी करवानी पड़ती है. माओवादी शब्दावली में नसबंदी एक बहुत ही आम शब्द है. शादी से वरिष्ठ सीपीआई (माओवादी) नेताओं के निर्देश पर इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. तेलंगाना के एक पूर्व नक्सली को शादी से पहले नसबंदी की प्रक्रिया से गुजरने का निर्देश दिया गया था. कई साल बाद जब उसने सरेंडर किया, तो प्रक्रिया को उलटने के लिए दूसरी सर्जरी करवाई. इसके बाद एक लड़के का पिता बन पाया. ज्यादातर नक्सली सरेंडर के बाद इसी तरह परिवार शुरू करने के लिए प्रक्रिया को चुनते हैं.  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इसके प्रभाव से अवगत कराया गया. पूर्व नक्सली ने बताया, “जब मैं सीपीआई (माओवादी) का सदस्य था, तो मुझे शादी से पहले नसबंदी करवानी पड़ी. लेकिन जब मैं सरेंडर के बाद मुख्यधारा में शामिल हो गया, तो मैंने एक ऑपरेशन करवाया ताकि मैं पिता बन सकूं. दूसरे ऑपरेशन के बाद, मैं एक बच्चे का पिता बन गया.” दरअसल, नक्सल नेताओं के बीच ये धारणा है कि बच्चे पैदा होने के बाद उनके कैडर के लोग परिवार के मोह में पड़ जाएंगे. इस वजह से नक्सल आंदोलन को नुकसान पहुंचेगा. इस बात की भी आशंका है कि शादी करने वाले कैडर आंदोलन से मुंह मोड़ सकते हैं. नतीजतन, शादी करने वाले किसी भी कैडर के लिए नसबंदी अनिवार्य है. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली मरकम दुला ने कहा कि नक्सली नेता नहीं चाहते कि कोई भी सदस्य भावनात्मक रूप से अपनी संतान से जुड़े, इसलिए ‘नसबंदी’ करवा दी जाती है. ओडिशा के मलकानगिरी के एक पूर्व माओवादी ने भी ऐसी ही कहानी साझा की है. सुकांति मारी ने कहा, “मेरे साथी कैडर से शादी करने से पहले उसे ‘नसबंदी’ करवानी पड़ी.” उसके पति को पुलिस मुठभेड़ में मार दिया गया. इसके बाद में उसने अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. इस बातचीत के दौरान अमित शाह ने कहा कि वो इस बात से बेहद संतुष्ट हैं कि युवा हिंसा का रास्ता छोड़कर हथियार डाल रहे हैं. उन्होंने नक्सलियों से हथियार छोड़ने और मुख्यधारा में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि उनका पुनर्वास सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा, “मैं नक्सलियों से अपील करता हूं कि कृपया आगे आएं. हथियार छोड़ दें, आत्मसमर्पण करें और मुख्यधारा में शामिल हों. आपका पुनर्वास हमारी जिम्मेदारी है.” केंद्र ने आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों और नक्सलियों के लिए पुनर्वास नीति बनाई है.  

आईटी रिटर्न में गड़बड़ी वालों से सरकार ने डेटा और एनालिटिक्स का उपयोग कर, वसूले 37,000 करोड़ रुपये

नई दिल्ली इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने पिछले 20 महीनों में ऐसे लोगों से ₹37,000 करोड़ वसूले हैं, जो टैक्सेबल इनकम होने के बावजूद रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शंस के एनालिसिस के बाद ऐसे लोगों की पहचान की। यह खर्च नकद में किया गया था। इन लोगों ने 2019-20 के दौरान रत्न और आभूषणों की खरीद, प्रॉपर्टी और लग्जरी होलिडेज पर जमकर खर्च किया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने ईटी को बताया कि ये ऐसे मामले हैं, जहां लोग बड़ी खरीदारी करने के बावजूद टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे थे। विभाग ने पिछले 20 महीनों में उनसे संपर्क किया था। अधिकारी ने कहा कि व्यापक और अधिक सख्त टैक्स कलेक्शन और स्रोत पर कटौती (TDS) व्यवस्था ने हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन को ट्रैक करने में मदद की है। ये ऐसे ट्रांजैक्शन थे जो किसी तरह टैक्स अधिकारियों की नजरों से छूट गए थे। कई ऐसे भी मामले भी हैं जिनमें लोगों ने जमकर खर्च किया और टैक्स देनदारी के बावजूद जीरो इनकम घोषित करते हुए रिटर्न दाखिल किया। अधिकारी ने कहा कि ₹37,000 करोड़ में से हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन करने वाले लोगों से ₹1,320 करोड़ की वसूली की गई। विभाग उन टैक्सपेयर्स से संपर्क साध रहा है जिनका खर्च पैटर्न और आईटी रिटर्न में गड़बड़ी है। कैसे पकड़ी गई चोरी इनकम टैक्स विभाग टैक्स चोरी का पता लगाने के लिए डेटा और एनालिटिक्स का उपयोग कर रहा है और ऐसे व्यक्तियों की पहचान करने के लिए वित्त वर्ष 2021 से गैर-फाइलर मॉनीटरिंग सिस्टम को तैनात किया गया है। अधिकारी ने कहा कि कई स्रोतों से प्राप्त डेटा टैप और सिंक्रोनाइज किया जा रहा है। इससे विभाग के लिए टैक्स चोरी की पहचान करना और ऐसे लोगों को पकड़ना आसान हो जाता है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-नवंबर में प्रत्यक्ष कर संग्रह 15.4% बढ़कर ₹12.10 लाख करोड़ हो गया। इसमें ₹5.10 लाख करोड़ का कॉर्पोरेट कर और ₹6.61 लाख करोड़ का गैर-कॉर्पोरेट कर शामिल है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Navi Mumbai के खारघर में Iskcon Temple का करेंगे उद्घाटन

 मुंबई नवी मुंबई के खड़गपुर में 12 साल की मेहनत के बाद भव्य इस्कोन मंदिर बनकर तैयार हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने 15 तारीख को इस मंदिर का उद्घाटन करने वाले हैं। मंदिर का नाम राधा मदनमोहनजी मंदिर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक इस मंदिर के निर्माण में 170 करोड़ रुपये का खर्च आया है। मंदिर के ट्रस्टी और अध्यक्ष सूरदास प्रभु ने कहा कि आधुनिक समय में यह मंदिर बड़ा आध्यात्मिक केंद्र बनने वाला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां कल्चरल सेंटर और वैदिक संग्रहालय का भी शिलान्यास करेंगे। इसमें भारत की महान संस्कृति की छवि देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर देखने आ चुके हैं। 12 अक्टूबर को नवी मुंबई दौरे के समय वह यहां आए थे। उन्होंने कहा कि नवी मुंबई में हरियाली के बीच यह मंदिर बहुत बहुत भव्य नजर आता है। मंदिर के उद्घाटन का कार्यक्रम 9 जनवरी से ही शुरू हो जाएगा। इसके बाद यह कार्यक्रम एक सप्ताह तक चलेगा। 15 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। मंदिर की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक मकर संक्रांति के मौके पर इसका उद्घाटन किया जाना है। इस मंदिर में भक्तिवेदंत कॉलेज ऑफ वैदिक एजुकेशन, एक लाइब्रेरी, आयुर्वेदिक हीलिंग सेंटर, गौशाला, वरिष्ठ नागरिकों के लिए आश्रम, जैविक खेत भी होंगे। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन,मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार भी शामिल हो सकते हैं। एक सप्ताह के कार्यक्रम के दौरान आध्यात्मिक सेमिनार, भजन संध्या, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। इस मंदिर में दशावतार की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं।

फ्रांस में चक्रवात आने से 1000 लोगों के मरने की आशंका, हर तरफ तबाही

पेरिस फ्रांस के मायोट क्षेत्र में चक्रवात ‘चिडो’ के कारण सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है। कई इलाकों पर तबाही का ऐसा मंजर पसरा हुआ है, मानो परमाणु हमले के बाद की तबाही हो। स्थानीय लोगों का हाल इतना बुरा है कि कई दिनों से पीने को पानी नहीं है, खाने को भोजन नहीं और कइयों के तो घर तूफान में उड़ गए। अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या हजारों में भी जा सकती है। चक्रवात चिडो के कारण मायोट इलाके में 225 किमी/घंटा (140 मील प्रति घंटे) से अधिक की गति से हवाएं चलीं। इससे वे क्षेत्र नष्ट हो गए जहां बेसहारा लोग टिन की छत वाली झुग्गियों में रह रहे थे। इलाके के एक स्थानीय ममूदज़ौ ने बीबीसी से बातचीत में कहा, “हमें तीन दिनों से पानी नहीं मिला है।” एक अन्य ने कहा, “मेरे कुछ पड़ोसी भूखे और प्यासे हैं।” मलबे से शवों को निकालने में लगेंगे कई दिन बचावकर्मी मलबे में जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं। बचाव कर्मियों का कहना है कि इलाके में तबाही इतनी ज्यादा है कि मलबे से शवों को निकालने में ही कई दिन लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि मरने वालों की संख्या हज़ारों तक पहुंच सकती है। चक्रवात के कारण हवाई अड्डे सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, इलाके तबाह हो गए हैं और बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। फ्रांस ने 90 साल बाद देखी ऐसी तबाही फ्रांस के एक टीवी चैनल मायोट लाएरे की रिपोर्ट के मुताबिक, यह 90 वर्षों में आया अब तक का सबसे भयंकर तूफान है। इस तबाही में सैकड़ों लोग मारे गए हैं, शायद संख्या लगभग एक हजार के करीब हो सकती है या फिर हजारों में भी पहुंच सकती है।” फ्रांस के गृह मंत्रालय ने सोमवार को कम से कम 11 लोगों की मौत और 250 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि की थी लेकिन कहा कि यह संख्या काफी बढ़ने की आशंका है। अफ्रीका के तट से दूर दक्षिण-पूर्वी हिंद महासागर में स्थित मायोट, फ्रांस का सबसे गरीब द्वीप क्षेत्र और यूरोपीय संघ का सबसे गरीब क्षेत्र है।

सीहोर के कारोबारी मनोज परमार के बच्चों से मिलेंगे पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, भेंट करेंगे ‘गुल्लक’

Former minister Sajjan Singh Verma will meet the children of Sehore businessman Manoj Parmar, will present ‘gullak’ MP News: सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि मनोज परमार के दोनों बच्चों की जीवन भर की पढ़ाई का खर्च उनकी ओर से उठाया जाएगा. इस संबंध में कांग्रेस के कई नेताओं ने आगे बढ़कर मदद करने का वादा भी किया है. मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा सीहोर जिले के कारोबारी मनोज परमार के बच्चों को आज मंगलवार (17 दिसंबर) को बड़ी गुल्लक भेंट करने वाले हैं. इसके अलावा पूर्व मंत्री बच्चों को कई और सुविधा देंगे, जिसके जरिए वह अच्छी तालीम ग्रहण कर सकेंगे. कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान मनोज परमार के बच्चों ने उन्हें गुल्लक भेंट की थी. सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि जब बच्चों ने गुल्लक भेंट की थी, उस समय वे वहीं मौजूद थे. बच्चों ने कहा था, “राहुल गांधी जी, आप अच्छा काम कर रहे हैं और भारत जोड़ने के लिए निकले हैं, हमने अपनी गुल्लक में जो राशि एकत्रित की है वह आपको भेंट कर रहे हैं, आपको जहां भी कोई अच्छा कार्य लगे उस पर यह राशि खर्च कर दीजिएगा.” उन्होंने बताया कि अब वह उन बच्चों को उनकी गुल्लक लौटने जा रहे हैं. मंगलवार को पूर्व मंत्री परमार दंपती के घर जाकर बड़ी गुल्लक बच्चों को सौंपेगे. उन्होंने बताया कि दोनों बच्चों की जीवन भर की पढ़ाई का खर्च उनकी ओर से उठाया जाएगा. इस संबंध में कांग्रेस के कई नेताओं ने आगे बढ़कर मदद करने का वादा भी किया है. परमार दंपती का परिवार कांग्रेस का परिवार है. बड़ी गुल्लक में पांच लाख रुपये पूर्व मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार के जीवन की मुश्किलें आसान करने के लिए उनकी ओर से छोटा सा प्रयास किया जा रहा है. वे बड़ी गुल्लक के रूप में पांच लाख रुपये पीड़ित परिवार के बच्चों को भेंट करने जा रहे हैं. दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय के छापे के बाद परमार दंपती ने आत्महत्या कर ली थी. कांग्रेस से जुड़े मनोज परमार उनकी पत्नी नेहा परमार खुदकुशी करते हुए सुसाइड नोट भी लिखा था. वहीं बच्चों का आरोप है कि उन्हें बीजेपी ज्वाइन करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था. दूसरी तरफ बीजेपी का कहना है कि मनोज परमार पर आपराधिक मामले दर्ज थे. बीजेपी में उनके लिए कोई जगह नहीं थी. इन सबके बीच अब कांग्रेस पूरे मामले को प्रदेश स्तर पर ले जाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है.

शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन, उपमुख्यमंत्री देवड़ा करेंगे बजट पेश; फिर हंगामे के आसार

Today is the second day of the winter session, Deputy Chief Minister Deora will present the budget; chances of uproar again मध्य प्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र का आज यानी 17 दिसंबर को दूसरा दिन है। आज विधानसभा सत्र के दौरान सरकार प्रदेश के लिए सत्र 2024-2025 का अनुपूरक बजट पेश करेगी। बजट उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। ऐसे में विपक्ष की ओर से फिर हंगामे के आसार है।लाइव अपडेट कांग्रेस विधायक रामसिया भारती ने पूछा सवाल मप्र विधानसभा में आज स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में शुरुआत में सिर्फ महिला विधायकों से प्रश्न पूछने की व्यवस्था दी।जिसके बाद बड़ा मलहरा से कांग्रेस विधायक रामसिया भारती ने आंगनबाड़ी केंद्रों में अनियमितताएं होने, पोषण में गड़बड़ी का मामले से संबंधित सवाल पूछा। जिसपर महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने मामले में सफाई दी। पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह का बड़ा आरोप पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सदन में परंपराएं टूट रही है। पहले ध्यानाकर्षण के सवाल को लेकर विधायकों की मंत्रियों से बात हो जाती थी, जिससे संवादहीनता की स्थिति नहीं होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मैंने जो कल अपने क्षेत्र में एक स्कूल को लेकर ध्यानाकर्षण लगाया था, वहां पर प्राइवेट स्कूल के द्वारा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया जा रहा है। हाल ही में वहां पर यौन शोषण की घटनाएं बढ़ी है। मैंने सदन में भी यही बात कही थी, लेकिन स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि वहाँ जन आक्रोश हो यह सही नहीं है। तो क्या यौन शोषण की घटनाओं पर मैं खुश हूं? हाल ही में प्रदेश मे यौन शोषण की घटनाएं बढ़ी है। उन्हें रोकने के लिए सही नीति बनाने की आवश्यकता है। आगे उन्होंने कहा कि परिवहन चेकपोस्ट शासन आदेश के तहत 1 जुलाई 2024 से बंद कर दिये गये थे। परंतु परिवहन विभाग द्वारा शासन के निर्णय विरूद्ध जाकर मेरे विधानसभा क्षेत्र खुरई अंतर्गत म.प्र. उ.प्र. की सीमा पर स्थित मालथौन (अटा) चेकपोस्ट की पुरानी व्यवस्था को स्थाई रूप से चैकिंग पॉइंट बनाकर अनावश्यक रूप से चालकों एवं मालकों को अवैध बसूली कर परेशान किया जा रहा है। दिनांक 8 दिसम्बर 2024 को अवैध बसूली से डरकर भाग रहा एक ट्रक पलट गया ,जिस कारण बड़ी दुर्घटना होने बची। उक्त ट्रक अपनी गति से जा रहा था कि अचानक चेक पॉइंट पर बिना ड्रेस में उपस्थित स्थफ द्वारा बैरीकेट लगा दिये गये और वह ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया और उसमें भरा सामान सड़क पर फैल गया। घटना से प्रताड़ित होकर ट्रक ड्राइवर द्वारा विखरे सामान पर तेल डालकर अपना गुस्सा प्रकट करने का प्रयास किया गया। इस घटना के बाद सभी ट्रक ड्राइवरों, मार्ग से जा रहे दो पहिया और चार पहिया निजी वाहन यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने आऐ दिन इस पॉइंट पर हो रहे घटनाक्रमों के विरोध में चक्काजाम कर दिया जो तीन थानों के पुलिस बल द्वारा कन्ट्रोल किया गया और चक्काजाम दिनभर जारी रहा। इस पॉइंट पर विगत तीन-बार माहों से दिन-प्रतिदिन हो रहे जाम, विवाद से जनमानस परेशान है। पॉइंट पर पदस्थ अमले की बसूली और दुर्व्यवहार के कारण क्षेत्र में हमेशा तनाव की स्थिति बनी रहती है। मेरे क्षेत्र के इस स्थान पर आए दिन हो रहे चक्काजाम के कारण शासन विरूद्ध मानसिकता पनप रही है और असंतोष का वातावरण बन रहा है। परिवहन आयुक्त मध्यप्रदेश द्वारा रोड सेफ्टी एंड इंफोर्समेंट चेकिंग पॉइंट प्रभारियों को जारी आदेश क्र. 47/टीसी/24 दिनांक 12/07/2024 में दिये गये दिशा-निर्देशों का खुलेआम उलंघन इस चेक पॉइंट पर किया जा रहा है। ट्रैफिक जाम न हो, मोटर यान अधिनियम के तहत ही शमन शुल्क बसूली हो, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हो, बर्दी में ही स्टाफ उपस्थित हो, चेक पॉइंट की मुहर (सील) का ही उपयोग हो, अनुशासित व्यवहार हो, कैशबुक और रोजनामचा संचारित हो, रोजनामचा में घटनाक्रमों का संवारण हो, बॉडी बोर्न कैमरे का उपयोग हो, ई-चालान पीओएस मशीन से हो। यहां की गतिविषियों के अनेक वीडियो फुटेज भी उपलब्ध है परंतु पुलिस द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।परिवहन अमला और असामाजिक तत्वों की डबल बसूली से अव्यवस्था की स्थिति बन रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहुंचे विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार विधानसभा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार के अंदर गुटबाजी चल रही है। इनके ही मंत्री एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। बीजेपी को इसपर आत्मचिंतन करना चाहिए। बीजेपी के विधायक ही सवाल उठा रहे हैं। सरकार के कोई काम नहीं हो रहे हैं। अगर सरकार ने कोई काम किया है, तो विकास पर श्वेत पत्र लाए। इन योजनाओं के लिए जारी हो सकती है अतिरिक्त राशि विधानसभा सत्र के दूसरे दिन प्रदेश के तमाम इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों के लिए, लोक निर्माण और जल संसाधन विभाग के साथ अन्य विभागों को अतिरिक्त राशि आवंटित की जा सकती है। किसी भी नई योजना को लाने की फिलहाल तैयारी में सरकार नहीं है। फरवरी में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए उद्योग सहित अन्य विभागों के लिए राशि का प्रावधान किये जाने की संभावना है। सदन के दूसरे दिन चार विधेयकों को पेश किया जाएगा।

WEATHER UPDATE:  एमपी में ठंड का सितम जारी , भोपाल में टूटा 58 साल का रिकॉर्ड 

WEATHER UPDATE: Cold wave continues in MP, 58 year old record broken in Bhopal  8 दिन से चल रही शीतलहर; भोपाल समेत 20 जिलों में आज भी ऐसा ही मौसम भोपाल । मध्यप्रदेश में इस बार जनवरी से भी ठंडा दिसंबर है। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पिछले 8 दिन से शीतलहर चल रही है, जो 9वें दिन मंगलवार को भी चलेगी। मौसम विभाग ने भोपाल, जबलपुर समेत 20 जिलों में कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है। कड़ाके की ठंड की वजह से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए हैं। सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, मंगलवार के बाद शीतलहर का दौर खत्म होने का अनुमान है और कुछ दिन तक थोड़ी राहत मिल सकती है। मंगलवार को 20 जिलों में शीतलहर चलने का अनुमान है। इनमें से 6 जिले- शाजापुर, आगर-मालवा, सीहोर, रायसेन, मंडला और छतरपुर में पेड़-पौधों की पत्तियों पर बर्फ भी जम सकती है। पचमढ़ी में 1.9 डिग्री, शहडोल का कल्याणपुर भी रहा ठंडा  प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। रविवार-सोमवार की रात में इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 1.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीती रात की तुलना में 0.9 डिग्री की बढ़ोतरी जरूर हुई है। शहडोल के कल्याणपुर में तापमान 2.3 डिग्री रहा। राजधानी भोपाल में पारे में गिरावट हुई और यह 3.3 डिग्री पर आ पहुंचा। मंडला में 3 डिग्री और उमरिया, शाजापुर के गिरवर में 3.3 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़, खजुराहो में पारा 5 डिग्री के नीचे ही रहा। भोपाल में टूटा 58 साल का रिकॉर्ड, पारा 3.3 डिग्री रहा भोपाल में दिसंबर की सर्दी का 58 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। 15-16 दिसंबर की रात में टेम्प्रेचर 3.3 डिग्री रहा। अब पारा 0.3 डिग्री लुढ़का तो ओवरऑल रिकॉर्ड टूट जाएगा। कड़ाके की ठंड की वजह से भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों के लिए हीटर लगाए गए हैं। वहीं, हाउस की खिड़कियों को बंद किया गया है। ताकि जानवरों को ठंड न लगे।

17 दिसंबर से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ

मेष राशि- खर्चों पर नियंत्रण रखना होगा। लंबे समय के बाद कार्यों के पूरा होने पर खुशी महसूस होगी। लव लाइफ में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। किसी खास प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है। रोजाना एक्सरसाइज करें। इससे स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। वृषभ राशि– आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। दोस्तों के साथ ट्रिप का प्लान बन सकता है। पारिवारिक जीवन में बदलाव हो सकते हैं। दोस्त आपकी सलाह की तारीफ करेंगे। कुछ तनाव से नींद न आने की समस्या हो सकती है। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। मिथुन राशि- लंबे समय से चली आ रही परेशानी दूर होगी। कार्यों में आ रही बाधाएं समाप्त होंगी। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। फैमिली मेंबर्स के मूड स्विंग से पारिवारिक जीवन में तनाव रह सकता है। कोई ऐसा काम न करें, जो साथी को ना पसंद हो और जिसकी वजह से रिश्तों में तनाव बढ़े। कर्क राशि- अपने फिटनेस पर ध्यान दें। निवेश से जुड़े फैसले होशियारी से लें। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। मूड खराब होने की वजह से पारिवारिक जीवन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सिंगल जातकों को किसी दिलचस्प व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। सिंह राशि- स्वास्थ्य को लेकर मन चिंतित रहेगा। बकाया हुआ धन वापस मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कुछ जातक सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। प्रियजनों का इमोशनल सपोर्ट मिलेगा। घर में मैरिज या किसी फंक्शन के लिए इनविटेशन आ सकता है। लव लाइफ अच्छी रहेगी। कन्या राशि- लंबे समय से चली आ रही परेशानियां दूर होंगी। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर विश्वास न करें। पारिवारिक जीवन में छोटी-मोटी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। रिश्तों में साथी संग आपसी समझ और मान-सम्मान बनाए रखें। इससे आपका रिश्ता मजबूत होगा। तुला राशि- स्वास्थ्य को लेकर मन चिंतित रहेगा। डॉक्टर की सलाह लेने पड़ सकती है। कर्ज से छुटकारा पाएंगे। कार्यों का दबाव कम होगा। धार्मिक स्थल पर यात्रा के योग बनेंगे। पारिवारिक जीवन की दिक्कतें दूर होंगी। प्रेमी के प्यार और सपोर्ट से मन प्रसन्न रहेगा। वृश्चिक राशि- निवेश के कई मौके मिलेंगे। स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ दिक्कतों पर ज्यादा ध्यान देना होगा। पारिवारिक जीवन में तनाव की स्थिति बन सकती है। धैर्य बनाए रखें। परिस्थित को बड़े पिक्चर में देखने का प्रयास करें। जो लोग प्रेमी के साथ कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, उनके लिए यह अच्छा समय है। धनु राशि– धन बचत पर फोकस करें। निवेश के नए विकल्पों की तलाश करें। व्यापार में विस्तार होगा। आय के नए स्त्रोत बनेंगे। घर के किसी गुस्सैल सदस्य की वजह से मूड खराब हो सकता है। ऑफिस में अतिरिक्त कार्य की जिम्मेदारी मिल सकती है। लव लाइफ में सकारात्मक बदलाव होंगे। मकर राशि- घर के किसी छोटे सदस्य की वजह से मूड खराब हो सकता है। स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ छोटी समस्याओं को लेकर घरेलू नुस्खा अपना सकते हैं। अघर आप ट्रिप का प्लान बना रहे हैं ,तो यह उत्तम समय है। ऑफिस में प्रतिस्पर्धा का माहौल रहेगा। सामाजिक कार्यों में दिलचस्पी बढ़ेगी। लव लाइफ शानदार रहेगी। कुंभ राशि– आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। यात्रा के योग बनेंगे। प्रियजन के संग नजदीकियां बढ़ेंगी। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। हेल्दी डाइट लें। रोजाना एक्सरसाइज करें। अपने लक्ष्यों पर फोकस करें और सफलता पाने के लिए खूब मेहनत करें। मीन राशि- आज आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। जीवन में सकारात्मक बदलाव होंगे। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। घर के किसी फैमिली मेंबर्स से तीखी बहस के कारण तनाव हो सकता है। विनम्र रहें। वाणी पर संयम रखें और क्रोध से बचें।

इण्डियन वाटर वर्क्स एसोशिएशन ने राष्ट्रीय सम्मेलन में अध्यक्षता के लिए उप मुख्यमंत्री साव को दिया आमंत्रण

रायपुर इंडियन वाटर वर्क्स एसोशिएशन ने रायपुर में होने वाले अपने 57वें राष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता के लिए उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव को आमंत्रित किया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों एवं एसोशिएशन के सदस्यों ने उप मुख्यमंत्री श्री साव से मुलाकात कर इसके लिए आमंत्रण दिया। श्री साव ने अधिकारियों के आमंत्रण को स्वीकार करते हुए शुभारंभ सत्र की अध्यक्षता की सहमति दी है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता डॉ. एम.एल. अग्रवाल और मुख्य अभियंता श्री राजेश गुप्ता सहित विभागीय अभियंताओं की टीम ने उप मुख्यमंत्री से मिलकर आयोजन की अध्यक्षता का आमंत्रण दिया। इंडियन वाटर वर्क्स एसोशिएशन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को राष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य आतिथ्य के लिए आमंत्रित किया है। उल्लेखनीय है कि इंडियन वाटर वर्क्स एसोशिएशन के 57वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन रायपुर के जैनम मानस भवन में आगामी 10 जनवरी से 12 जनवरी तक किया गया है। तीन दिवसीय इस आयोजन में वाटर वर्क्स से जुड़े देश-विदेश के जाने-माने 400 से अधिक वरिष्ठ एवं अनुभवी इंजीनियर हिस्सेदारी करेंगे। छत्तीसगढ़ को दूसरी बार इस आयोजन की मेजबानी मिली है।

PMML का राहुल को लेटर- नेहरू के डॉक्यूमेंट्स लौटाएं, 2008 में सोनिया ने म्यूजियम से मंगवाए थे

नई दिल्ली भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के पत्र लौटाने के लिए सांसद राहुल गांधी को पत्र लिखा गया है। यह पत्र PMML यानी प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय की ओर से लिखा गया है। हालांकि, अब तक इसे लेकर कांग्रेस की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। खबर है कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के पास इन पत्रों को करीब 16 साल पहले पहुंचाया गया था। 10 दिसंबर को PMML के सदस्य रिजवान कादरी की ओर से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को पत्र भेजा गया है। इसमें उनसे अपील की गई है कि सोनिया गांधी की तरफ से वापस बुलाए गए ओरिजिनल लेटर लौटाएं या उनकी फोटोकॉपी या डिजिटल कॉपी दाखिल करें। खास बात है कि सितंबर में भी सोनिया गांधी से पत्र लौटाने का अनुरोध किया गया था। साल 1971 में इन पत्रों को नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी (अब PMML) में जमा कराए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, कथित तौर पर साल 2008 में 51 बॉक्स में ये लेटर वापस सोनिया गांधी को भेज दिए गए थे। खास बात है कि तब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली UPA सरकार थी। पंडित नेहरू के पत्र इन पत्रों में नेहरू समेत इतिहास के कई बड़े नामों के बीच संवाद हैं। इनमें एडविना माउंटबेटन, एल्बर्ट आइंस्टीन, जयप्रकाश नारायण, पद्मजा नायडू, विजयलक्ष्मी पंडित, अरुणा आसिफ, बाबू जगजीवन राम, गोविंद वल्लभ पंत समेत कई लोग शामिल हैं। PMML की तरफ से भेजे गए पत्र में कहा गया है, ‘हम समझते हैं कि ये पत्र नेहरू परिवार के लिए निजी महत्व रख सकते हैं। हालांकि, PMML का मानना है कि ऐतिहासिक सामग्री तक… आसान पहुंच बनाना स्कॉलर्स और रिसर्चर्स की काफी मदद कर सकता है।’ रिजवान कादरी ने चिट्ठी में क्या लिखा? कादरी ने अपनी चिट्टी में आगे लिखा है,  2008 में तत्कालीन यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी के अनुरोध पर इन दस्तावेजों का एक संग्रह पीएमएमएल से वापस ले लिया गया था। हम समझते हैं कि ये दस्तावेज ‘नेहरू परिवार’ के लिए व्यक्तिगत महत्व रखते होंगे। मगर पीएमएमएल का मानना है कि ये ऐतिहासिक महत्व के दस्तावेज हैं और इन तक पहुंच आवश्यक है। सोनिया गांधी से भी की थी लेटर लौटाने की मांग कादरी ने  बातचीत में बताया कि सितंबर 2024 में भी मैंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि 2008 में नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय से वापस लिए गए 51 डिब्बों को लौटा दिए जाएं या हमें उन्हें देखने और स्कैन करने की अनुमति दी जाए या फिर उनकी एक प्रति हमें प्रदान की जाए ताकि हम उनका अध्ययन कर सकें। इस पर अब तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। तो मैंने विपक्ष के नेता और उनके बेटे राहुल गांधी से उन्हें वापस लाने में हमारी मदद करने का अनुरोध किया। हमें उम्मीद है कि विपक्ष के नेता के रूप में वे इस पर गौर करेंगे और इसे शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराएंगे।” नेहरू ने किसके नाम लिखी थी चिट्ठी बता दें कि नेहरू ने ये चिट्टी अपने शासनकाल में जयप्रकाश नारायण, बाबू जगजीवन राम, एडविना माउंटबेट, पद्मजा नायडू, विजया लक्ष्मी पंडित, अरुणा आसफ और गोविंद बल्लभ समेत अन्य भारतीय इतिहास से संबंधित लोगों के कई महत्वपूर्ण पत्र वहां थे। रिजवान कादरी ने बताया कि ये लेटर जवाहरलाल नेहरु मेमोरियल ने 1971 में नेहरु मेमोरियल म्यूज़ियम एंड लाइब्रेरी (अब पीएमएमएल) को दिए थे। बता दें कि15 जून, 2023 नेहरू मेमोरियल म्यूजियम और लाइब्रेरी का नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री म्यूजियम और लाइब्रेरी सोसाइटी’ रखने का फैसला किया गया था।  

डबरी निर्माण से किसान मोहित हुआ आत्मनिर्भर

एमसीबी छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के  मनेंद्रगढ़ जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत महाई के एक छोटे से किसान श्री मोहित/पिता श्री लल्ला की जिंदगी हर बीतते दिन के साथ सूखती फसल की तरह निराशा में घिरता जा रहा था । मोहित के पास तीन एकड़ जमीन तो थी, लेकिन बिना सिंचाई साधन के वह जमीन सिर्फ बारिश की भरोसे पर निर्भर था । हर साल अनिश्चित बारिश और पानी की कमी ने उनके लिए खेती को घाटे का सौदा बना रहा था । जैसे-जैसे फसलें असफल हो रही थीं, मोहित का आत्मविश्वास टूटता जा रहा था। खेती के घाटे ने उन्हें मजबूर कर दिया कि वे अब मजदूरी का सहारा लें। एक किसान जिसकी जमीन कभी उसके जीवन का आधार थी, अब उसके लिए एक बोझ बन चुका था । लेकिन यह कहानी यहीं खत्म नहीं हुआ। यह कहानी मोहित के संघर्ष और उनकी किस्मत बदलने वाले एक अद्भुत बदलाव की है। मोहित का बारिश के भरोसे से आत्मनिर्भरता तक का सफर जब ग्राम पंचायत महाई में जिला प्रशासन ने किसानों की समस्याओं पर ध्यान दिया, तो मोहित की हालत ने अधिकारियों को सोचने पर मजबूर कर दिया। उनकी जमीन को देखकर यह साफ हो गया कि अगर सिंचाई की सुविधा मिल जाए, तो यह जमीन सिर्फ उपजाऊ ही नहीं, बल्कि समृद्धि का साधन बन सकती है। यहीं से शुरू हुआ बदलाव का सफर। मनरेगा योजना के तहत डबरी निर्माण कार्य को स्वीकृति मिली। डबरी निर्माण के लिए 2 लाख 28 हजार रुपए का प्रशासनिक स्वीकृत बजट पास किया गया। लेकिन सिर्फ बजट ही पर्याप्त नहीं था। सही स्थान का चयन, निर्माण सामग्री की उपलब्धता और जल संग्रहण को सुनिश्चित करना, इन सभी चुनौतियों का सामना ग्राम पंचायत महाई और जिला प्रशासन ने किया। विशेषज्ञों की मदद से मोहित के खेत में जलभराव वाली उपयुक्त जगह का चयन किया गया और मनरेगा के माध्यम से निर्माण कार्य शुरू हुआ। मोहित के साथ-साथ गांव वालों को भी मिला रोजगार इस डबरी निर्माण कार्य में न केवल मोहित का परिवार लाभान्वित हुआ, बल्कि गांव के कई मजदूरों को भी लाभ मिला । डबरी निर्माण ने पूरे गांव को 100 दिनों का रोजगार दिया । यह काम सिर्फ मोहित की जमीन को सिंचाई योग्य बनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह पूरे समुदाय को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम था। जब डबरी का निर्माण पूरा हुआ, तो यह केवल एक जलाशय नहीं था, बल्कि मोहित के सपनों को नया आधार मिला । उनकी जमीन पर अब सिर्फ पानी का इंतजार नहीं था; यह एक ऐसी जमीन बन गई थी, जो सालभर पूरी तरह उपजाऊ होने वाला था । इस डबरी ने मोहित को न केवल पारंपरिक फसलों की पैदावार बढ़ाने का मौका दिया, बल्कि उन्हें नए प्रयोग करने का आत्मविश्वास भी दिया। उन्होंने अपनी जमीन पर सब्जी की खेती शुरू की और पहली बार मछली पालन का साहस किया। इस बार उन्हें मछली पालन से 50 हजार रुपए का मुनाफा हो रहा है। वहीं धान की फसल से 40 हजार रुपए की आय हो रहा है। मोहित कहते हैं कि “पहले मैं सिर्फ बारिश के भरोसे रहता था। फसल खराब होती थी, तो हाथ में कुछ भी नहीं बचता था। लेकिन अब मेरे पास अपनी डबरी है। मैं सब्जी और मछली पालन से भी अच्छी आय अर्जित कर रहा हूं। अब मुझे भविष्य के लिए चिंता नहीं बल्कि नई उम्मीदें हैं।” डबरी निर्माण ने दी मोहित की आत्मविश्वास को नई राह डबरी निर्माण ने सिर्फ उनकी आय नहीं बढ़ाई, बल्कि आत्मनिर्भरता की भावना भी जगाई। अब मोहित अपनी जमीन पर गर्व महसूस करते हैं। उनकी मेहनत और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने जिस तरह से किसानों की समस्याओं को समझते हुए ठोस कदम उठाए हैं, वह ग्रामीण विकास का एक बेहतरीन उदाहरण है। डबरी निर्माण जैसी योजनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि सही नीति और दृढ़ इच्छाशक्ति से छोटे किसानों की जिंदगी बदली जा सकती है। मोहित की डबरी सिर्फ एक जलाशय नहीं, बल्कि उनके संघर्ष की जीत का प्रतीक है। यह कहानी साबित करती है कि छोटे और प्रभावशाली बदलाव किस तरह से बड़े परिणाम ला सकते हैं। डबरी ने मोहित को न केवल आर्थिक स्थिरता दी, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान का तोहफा भी दिया। मोहित की कहानी हर उस किसान के लिए एक प्रेरणा है, जो संसाधनों की कमी के बावजूद बेहतर भविष्य का सपना देखता है। यह सिर्फ एक किसान की नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास की भी कहानी है, जहां हर बूंद से खुशहाली की फसल उगाई जा रही है।

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6 वीं में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि में संशोधन अब अंतिम तिथि 31 दिसम्बर तक

 गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, जिले में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों-डोंगरिया, लाटा एवं नेवसा में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ हो गया है। आवेदन करने की तिथि में संशोधन किया गया है। अब अंतिम तिथि 10 दिसम्बर से बढ़ाकर 31 दिसम्बर (रात्रि 11.59 बजे) तक किया गया है। ऑनलाइन भरे गए फार्म में त्रुटि सुधार की तिथि 01 जनवरी से 08 जनवरी 2025 (रात्रि 11.59 बजे) तक निर्धारित है। प्रवेश परीक्षा 16 फरवरी 2025 रविवार को होगा। विद्यार्थियों के प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन फार्म संबंधित विकासखण्ड के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डोंगरिया, लाटा एवं नेवसा में संपर्क कर निर्धारित तिथि में निःशुल्क भरा जा सकता है। प्रवेश हेतु नियमावली एवं प्रवेश नीति 2025-26 का अवलोकन तथा ऑनलाइन पंजीयन वेबसाइट https://eklavya.cg.nic.in/ पर किया जा सकता है।

गरियाबंद में युवक पर आदमखोर तेंदुए ने हमला कर किया घायल, गांव में दहशत का माहौल

गरियाबंद जिले के बारूका गांव में आज आदमखोर तेंदुए ने एक युवक पर हमला कर दिया है. जिससे युवक मनहरण यादव के सिर, नाक और हाथ में गंभीर चोटे आई है. घायल को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. गांव में पहले भी तेंदुए के घूमने की घटनाएं सामने आई, लेकिन किसी इंसान पर हमले का ये पहला मामला है. घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. दरअसल, तेंदुए ने युवक पर गांव से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर हमला किया है. इसी जगह पर वन विभाग ने दो साल पहले एक तेंदुए को जाल बिछाकर पकड़ था. वहीं ग्रामीणों ने वन विभाग से इस आदमखोर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है. दहशत में ग्रामीण गरियाबंद जिले में आये दिन तेंदुए का आतंक बढ़ते जा रहा है. बरसाती फाल, चिंगरापगार इसी बारूका गांव में स्थित है, जहां बरसात के दिनों में पर्यटक पहुंचते हैं. इस घटना के पहले भी ग्रामीणों ने वन विभाग को शिकायत की थी कि रात के समय तेंदुआ घरों में घुसकर छोटे बछिया, बछड़े, कुत्ता, बकरी तथा मुर्गियों को उठाकर ले जाते हैं. जिस जगह वन विभाग का चेकपोस्ट और बच्चों के स्कूल है, वहां भी तेंदुआ ने पहले पालतु पशुओं का शिकार किया था. युवक पर तेंदुआ के दिन दहाड़े हमले से ग्रामीणों में भय है. जंगली जानवरों से सुरक्षा की मांग बारूका गांव चारों तरफ जंगलों से घिरा हुआ है, जहां बरसात के दिनों में हाथियों का भी आतंक देखने को मिलता है. वहीं इंसान पर हमले का यह पहला मामला है, इससे ग्रामीण में दहशत का माहौल है. शासन प्रशासन से ग्रामीणों ने जंगली जानवरों से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की है.

शातिर ठगों ने एलआईसी अधिकारी के बैंक खाते से उड़ा दिए 26 लाख रुपए

बिलासपुर न्यायधानी में लाखों की सायबर ठगी का मामला सामने आया है. शातिर ठगों ने एलआईसी अधिकारी को सायबर ठगी का शिकार बनाकर लाखों रुपए पार कर दिए. बैंक खाते में केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर ठगों ने एटीएम कार्ड, पेन कार्ड नंबर के साथ ओटीपी की जानकारी ले ली. जिसके बाद एलआईसी अधिकारी के बैंक खाते से 26 लाख से अधिक रुपए निकाल लिया गया. साथ ही क्रेडिट कार्ड से भी शॉपिंग की गई है. बताया जा रहा है कि जॉनसन एक्का एलआईसी ऑफिस बिलासपुर में प्रशासनिक अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं. 7 दिसंबर दोपहर को जब जॉनसन एक्का अपने नेचर सिटी कॉलोनी स्थित घर पर थे, उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आया. कॉल पर बात कर रहे युवक ने खुद को एक्सिस बैंक व्यापार विहार बिलासपुर अधिकारी बताया और अकाउंट का केवाईसी अपडेट कराने के लिए बैंक बुलाया. आगे कहा कि अगर आप बैंक नहीं आना चाहते तो केवाईसी ऑनलाइन भी हो जाएगा. जिसके बाद ठग ने अधिकारी से एटीएम कार्ड, पैन कार्ड के साथ ओटीपी की जानकारी मांग ली. फिर दोपहर तक अपडेट होने की बात कहकर कॉल काट दिया. LIC अफसर ने 10 दिसंबर को उसी नंबर पर कॉल कर के पूछा तो आरोपी ने केवाईसी अपडेट होने और बैंक में आकार पता करने के लिए कहा. लेकिन जब अधिकारी एक्सिस बैंक व्यपार विहार पहुंचा तो उसके होश उड़ गए. बैंक स्टेटमेंट में पता चला कि 7 से 10 दिसंबर के बीच अलग – अलग किस्तों में 26 लाख 74 हजार 701 रूपये निकाला गया. साथ ही क्रेडिट कार्ड के माध्यम से शॉपिंग भी की गई. पीड़ित अफसर ने मामले की शिकायत सकरी थाने में की है, पुलिस अज्ञात आरोपी के खिलाफ जुर्म दर्ज कर जांच कर रही है.

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