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आज देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार का होगा विस्तार

मुंबई महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुती सरकार में नए मंत्रियों का शपथग्रहण आज होने जा रहा है। यह शपथग्रहण समारोह शाम 4 बजे के आसपास होने की संभावना है। राजभवन में मंत्रियों की शपथ लेने के लिए पर्याप्त क्षमता वाला सभागृह नहीं है, इसलिए इस कार्यक्रम को राजभवन के लॉन में आयोजित किया जाएगा। शपथग्रहण के इस कार्यक्रम के लिए जोरदार तैयारियां चल रही हैं। महायुती सरकार में भाजपा के 21, शिवसेना के 12 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के 10 मंत्री शामिल होंगे। तीनों ही पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं ने संभावित मंत्रियों को शपथ ग्रहण के लिए फोन करना शुरू कर दिया है। इसी बीच भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और अजित पवार की एनसीपी से मंत्री पद के लिए संभावित नामों की सूची भी सामने आई है। भाजपा के संभावित मंत्रियों की लिस्ट 1) मंगलप्रभात लोढा, मुंबई 6) शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, पश्चिम महाराष्ट्र 7) गोपीचंद पडळकर, पश्चिम महाराष्ट्र 8) माधुरी मिसाल, पश्चिम महाराष्ट्र 9) राधाकृष्ण विखे पाटील, पश्चिम महाराष्ट्र 10) चंद्रशेखर बावनकुले, विदर्भ 12) गिरीश महाजन, उत्तर महाराष्ट्र 13) जयकुमार रावल, उत्तर महाराष्ट्र 14) पंकजा मुंडे, मराठवाड़ा शिवसेना से इन्हें बनाया जा सकता है मंत्री 1) उदय सामंत, कोकण 2) शंभुराजे देसाई, पश्चिम महाराष्ट्र 3) गुलाबराव पाटील, उत्तर महाराष्ट्र 4) दादा भुसे, उत्तर महाराष्ट्र 6) संजय शिरसाट, मराठवाड़ा 8) प्रकाश अबिटकर, पश्चिम महाराष्ट्र अजित पवार गुट के संभावित मंत्री 1) छगन भुजबल महायुती सरकार के मंत्रिमंडल में भाजपा से 21, शिवसेना के 12 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 10 विधायक शामिल होंगे। इनमें से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने पहले ही शपथ ले ली है। ऐसे में आज भाजपा के 20, शिवसेना के 11 और राष्ट्रवादी कांग्रेस के 9 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। यह शपथग्रहण समारोह नागपुर के राजभवन में चार बजे के बाद आयोजित होगा। इसके लिए राजभवन के लॉन में विशेष तैयारी की गई है। 1991 में शिवसेना के विभाजन के बाद नागपुर में शपथग्रहण समारोह हुआ था। 33 साल बाद आज फिर नागपुर में मंत्रिमंडल का शपथग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस शपथग्रहण कार्यक्रम को लेकर राज्य भर से नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजरें इस पर लगी हुई हैं।

अगर पेंशन किसी वजह से रुकी हो या उसमें देरी हुई हो तो सरकार देगी एरियर, कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी होगी तय

भोपाल राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान में देरी और पेंशन रुकने की स्थिति में एक अहम निर्णय लिया है। अब पेंशनरों को पेंशन के साथ-साथ एरियर (बकाया राशि) भी दी जाएगी, अगर पेंशन किसी वजह से रुकी हो या उसमें देरी हुई हो। इस नए नियम के तहत जितने महीने की पेंशन रुकी होगी, उतने महीने का एरियर भी पेंशनर को दिया जाएगा। राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि जिन पेंशन योजनाओं के तहत पेंशन का भुगतान असफल रहा है, या पेंशन स्वीकृति में विलंब हुआ है, उन्हें एरियर के साथ भुगतान किया जाएगा। सामाजिक न्याय विभाग ने यह निर्देश जारी किया है कि अब से इस तरह के भुगतान को ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा, जिससे हितग्राही की पात्रता की पुष्टि की जा सके। पेंशनर की पेंशन रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।   जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कार्रवाई इस नए प्रविधान के तहत अगर किसी अधिकारी की वजह से पेंशन रुकी है या विलंब हुआ है, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अगर पेंशन स्वीकृति में अनावश्यक देरी हुई, तो संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय पेंशन योजनाओं के सुचारू और समय पर भुगतान को सुनिश्चित करेगा। अधिकारियों के स्तर पर एरियर की स्वीकृति नगर निगम, नगरीय निकाय और पंचायत क्षेत्रों में पेंशन के एरियर की स्वीकृति संबंधित अधिकारियों द्वारा दी जाएगी। इसके लिए सामाजिक न्याय विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है, जो एरियर स्वीकृति की प्रक्रिया को पूरा करेंगे। कौन-कौन सी योजनाएं प्रभावित होंगी इस नए प्रविधान का असर 12 प्रमुख सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं पर पड़ेगा। जिनमें शामिल हैं…     इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना     इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना     इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन योजना     कन्या अभिभावक पेंशन योजना     मंदबुद्धि और बहुविकलांग को आर्थिक सहायता     सामाजिक सुरक्षा वृद्धावस्था पेंशन योजना     सामाजिक सुरक्षा परित्यक्ता पेंशन योजना     सामाजिक सुरक्षा नि:शक्त पेंशन योजना     दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन सहायता राशि     वृद्धावस्था में निवासरत अंत:वासियों की पेंशन     मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा कल्याणी पेंशन योजना     मुख्यमंत्री अविवाहिता पेंशन योजना  

एमपी में शीतलहर, जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी

भोपाल मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। आलम यह कि शहडोल जिले के कल्याणपुर न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। सूबे में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस खंडवा में रिकॉर्ड किया गया। मध्य प्रदेश के कई जिलों में शीत लहर चल रही है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान विभिन्न जिलों में शीत लहर चलने का ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर पाला पड़ने की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान मध्य प्रदेश के विदिशा, रायसेन, सिहोर, शाजापुर, भोपाल, शहडोल, जबलपुर जिलों में कहीं कहीं तीव्र शीतलहर चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर पाला पड़ने की आशंकाएं भी जताई गई हैं। वहीं नर्मदापुरम, बड़वानी, रतलाम, देवास, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, उमरिया, कटनी, सिवनी, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान कहीं कहीं शीत लहर चलने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। नीमच, राजगढ़, बैतूल, धार, इंदौर, उज्जैन, सीधी और नरसिंहपुर जिलों में कहीं-कहीं शीतल दिन देखा जा सकता है। कुछ जगहों पर शीत लहर भी चल सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि 15 दिसंबर को मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में शीत दिवस की स्थिति देखी जाएगी। इसको लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। देश के बाकी हिस्सों की बात करें तो 15 दिसंबर को पंजाब के कुछ हिस्सों में शीत लहर की स्थिति रहने की संभावना है। 14-16 दिसंबर के दौरान जम्मू-कश्मीर, 15 दिसंबर को पंजाब और हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाके, ओडिशा जबकि 17 से 20 दिसंबर के दौरान पश्चिमी राजस्थान, 15 से 20 दिसंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान और 16 दिसंबर को मध्य प्रदेश में कुछ इलाकों में शीत लहर की स्थिति रहने की संभावना है।

MP के रातापानी टाइगर रिजर्व में बाघिन की मौत, जांच जारी

रायसेन मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में ‘रातापानी टाइगर रिजर्व’ के बफर जोन में एक्सीडेंट से बाघिन की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि टाइगर रिजर्व के नेशनल हाईवे 45 पर बिनेका के पास हादसा हुआ है. अज्ञात वाहन की टक्कर से  एक साल की युवा बाघिन की जान चली गई. वन मंडल ओबेदुल्लागंज के डॉ. प्रशांत ओढ़ और वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट के डॉ प्रशांत ने मृत बाघिन का पोस्टमार्टम किया. इसमें जानकारी दी गई कि सड़क हादसे में लगी चोट के कारण बाघिन की मौत हुई. वनरक्षक भोपाल और एनटीसीए के प्रतिनिधियों के सामने मृत बाघिन का अंतिम संस्कार किया गया. बाघिन की मौत की जांच शुरू वन विभाग ने बाघिन की मौत को लेकर फॉरेस्ट क्राइम केस रजिस्टर्ड कर मामले की जांच शुरू की. मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने शुक्रवार (13 दिसंबर) को ही रातापानी टाइगर रिजर्व का उद्घाटन किया था. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस अभयारण्य को अनुमति देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया था. इस दौरान उन्होंने कहा था इससे राज्य में वन और वन्यजीवों को और बढ़ावा मिलेगा. मुख्यमंत्री ने राज्य के आठवें टाइगर रिजर्व का उद्घाटन करने के बाद कहा था, ‘देश के सभी राज्यों की राजधानियों में से भोपाल एकमात्र ऐसी राजधानी है जिसके पिछले हिस्से में रातापानी बाघ अभयारण्य है. उन्होंने ये भी कहा, ”टाइगर रिजर्व का नाम प्रसिद्ध पुरातत्वविद् विष्णु वाकणकर के नाम पर रखा जाएगा, जिन्हें विश्व धरोहर स्थल भीमबेटका रॉक गुफाओं की खोज का श्रेय दिया जाता है.” भीमबेटका रातापानी अभयारण्य वन क्षेत्र में स्थित है. मुख्यमंत्री ने बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा की मौजूदगी में झिरी गेट से रातापानी टाइगर रिजर्व का उद्घाटन किया. एमपी के सीएम यादव ने आगे कहा कि राज्य का अगला टाइगर रिजर्व जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा. एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने राज्य में नौ बाघ अभयारण्यों को मंजूरी दी है, लेकिन राज्य सरकार ने अभी तक माधव बाघ अभयारण्य को अधिसूचित नहीं किया है.

मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र 2024 रहेगा हंगामेदार , सरकार को घेरने कांग्रेस ने की तगड़ी तैयारी

Madhya Pradesh Assembly session will be noisy, Congress made strong preparations to corner the government भोपाल ! मध्यप्रदेश विधानसभा का सोमवार से शुरू होने जा रहे शीतकालीन सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं. 5 दिन चलने वाले इस शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सरकार सदन में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी. यह अनुपूरक बजट करीबन 20 हजार करोड़ का हो सकता है. उधर सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया है. सदन के अंदर सरकार को घेरने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधायक दल की बैठक बुलाई है. कांग्रेस ने बनाई सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति कांग्रेस ने सत्ता पक्ष को घेरने के लिए भरपूर तैयारियां की हैं. कांग्रेस विधायकों ने किसान, बिगड़ती कानून व्यवस्था, जल जीवन मिशन में गड़बड़ी, अधिकारियों के तबादलों जैसे कई मुद्दों को लेकर कई सवाल उठाए हैं. कांग्रेस आष्टा आत्महत्या मामले और विधायक निर्मला सप्रे के इस्तीफे को लेकर भी सरकार को घेरेगी. शीतकालीन सत्र के लिए विधायकों ने कुल 1766 सवाल लगाए हैं. इसमें 1070 सवाल ऑनलाइन और 696 ऑफलाइन सवाल पूछे गए हैं. इनमें तारांकित प्रश्न 888 और अतारांकित सवाल 878 हैं. सत्र में करीबन एक दर्जन विधेयक पेश होंगे विधानसभा सत्र के दौरान सरकार करीबन एक दर्जन विधेयक पेश करेगी. विधानसभा सत्र के लिए जारी कार्ययोजना के अनुसार 16 दिसंबर के पहले दिन सत्र शुरू होने पर प्रश्नोत्तर काल होगा और इसके बाद अलग-अलग विभागों के आधा दर्जन विधेयक पेश किए जाएंगे. 17 दिसंबर को प्रश्नकाल के बाद प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा. इस पर चर्चा 18 दिसंबर को होगी और इसी दिन विनियोग विधेयक 2024 पेश किया जाएगा. कांग्रेस ने रणनीति बनाने बुलाई बैठक उधर, कांग्रेस ने विधानसभा सत्र में सरकार को घेरने कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है. इसमें विधानसभा सत्र की रणनीति के अलावा विधानसभा घेराव को लेकर भी चर्चा होगी. बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित सभी कांग्रेस विधायक मौजूद होंगे. निर्मला सप्रे के शामिल होने पर संशय विधानसभा में बीना विधायक निर्मला सप्रे के शामिल होने पर संशय है. कांग्रेस ने विधायक सप्रे को कांग्रेस खेमे में बैठाने से इंकार किया है. कांग्रेस ने मान लिया है कि निर्मला सप्रे अब पार्टी में नहीं हैं. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने निर्मला सप्रे की विधानसभा की सदस्यता निरस्त को लेकर जुलाई में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर को आवेदन दिया था, लेकिन उनकी सदस्यता समाप्त करने को लेकर स्पीकर ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है. कांग्रेस ने इसको लेकर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है.

मंत्री सारंग ने किया 41वीं इलीट पुरुष एवं 7वीं महिला एम.पी. राज्य स्तरीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2024 का शुभारंभ

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने तात्या टोपे स्टेडियम, भोपाल में स्थित मार्शल आर्ट कॉम्प्लेक्स में “41वीं इलीट पुरुष एवं 7वीं महिला एम.पी. राज्य स्तरीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2024” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए खेल भावना को बनाए रखने का आह्वान किया। मंत्री सारंग ने कहा कि राज्य सरकार खेलों के उन्नयन और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिये निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजन न केवल प्रतिभाओं को उभारने का कार्य करते हैं, बल्कि उनमें अनुशासन और आत्मविश्वास भी पैदा करते हैं। उत्कृष्ट खिलाड़ियों का प्रादेशिक टीम में होगा चयन इस चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से सैकड़ों पुरुष एवं महिला बॉक्सर्स ने भाग लिया है। प्रतियोगिता में प्रतिभागी अपनी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। यह चैंपियनशिप विभिन्न भार वर्गों में आयोजित की जा रही है, जिसमें खिलाड़ी अपनी कौशल और तकनीकी दक्षता के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 16 दिसंबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता से मेन इलीट बॉक्सिंग चौम्पियनशिप बरेली,यूपी एवं इलीट वूमेन बॉक्सिंग चौम्पियनशिप,भोपाल के लिए खिलाड़ियों का चयन किया जायेगा। खेल अधोसंरचनाओं के विकास पर विशेष जोर मंत्री सारंग ने बताया कि प्रदेश में खेल अधोसंरचनाओं के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि बॉक्सिंग जैसे खेलों में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं। उद्घाटन समारोह में विशेष उपस्थिति इस अवसर पर खेल संचालक रवि गुप्ता, संयुक्त संचालक बीएल यादव, मध्यप्रदेश बॉक्सिंग संघ के तकनीकी डायरेक्टर वीरेंद्र सिंह ठाकुर, वरिष्ठ खेल अधिकारी, कोच, और खेल प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मंत्री सारंग ने युवा खिलाड़ियों से आत्मीय संवाद कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

पीएम जन-मन: हितग्राहियों को मिले पक्के घर, कच्चे घर की कठिनाईयों से मिली निजात

भोपाल केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) प्रदेश की तीन विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के सभी पात्र परिवारों के पक्के घर तैयार किये जा रहे हैं। ‘सबको पक्का घर’ देने की लक्ष्य पूर्ति ‍के लिये प्रदेश के पीवीटीजी आबादी बहुल 24 जिलों में बड़ी संख्या में पीवीटीजी परिवार सर्वेक्षित किये गये थे। सभी चिन्हित/पात्र परिवारों को पक्के घर बनाकर देने के लिये केन्द्र सरकार द्वारा दो चरण में कुल एक लाख 87 हजार 138 पीएम आवास मंजूर किये जा चुके हैं। ‘पहले चरण में’ केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 1 लाख 54 हजार पीएम आवासों को मंजूरी दी गई थी। इन मंजूर आवासों में वित्त वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में 1 लाख 44 हजार 200 पक्के घरों का निर्माण कार्य पूरा कर लेना तय किया गया। करीब 288 करोड़ 400 लाख रूपये की लागत से बनने वाले इन पक्के घरों का निर्माण कार्य दिसम्बर 2024 तक पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 36 हजार 720 से अधिक पक्के घर तैयार कर संबंधित पीवीटीजी हितग्राहियों को प्रदाय किये जा चुके हैं। केन्द्र सरकार द्वारा इन पक्के आवासों के निर्माण के लिये पीएम आवास राशि चरणबद्ध रूप से हितग्राहियों के खाते में अंतरित की गई। पहली किश्त में एक लाख 4 हजार 242 हितग्राहियों, दूसरी किश्त में 80 हजार 866 हितग्राहियों एवं तीसरी किश्त 56 हजार 198 हितग्राहियों को निर्माण राशि उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की जा चुकी है। ‘दूसरे चरण में’ इस महाअभियान में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा प्रदेश को 33 हजार 138 अतिरिक्त आवास मंजूर किये गये हैं। केन्द्रीय मंत्रालय द्वारा प्रदेश के 21 जिलों में निवासरत शेष रह गये पीवीटीजी परिवारों को भी पक्के घर की सौगात देने के लिये यह विशेष मंजूरी दी गई है। केन्द्रीय मंत्रालय द्वारा हाल ही में श्योपुर जिले को 7561, शिवपुरी को 5154, उमरिया को 4092, शहडोल 2591, अशोकनगर 2294, गुना 2084, सिंगरौली 1895, डिंडोरी 1532, अनूपपुर 1522, सीधी 1042, मंडला 903, मुरैना 695, विदिशा 448, बालाघाट 401, ग्वालियर 266, छिंदवाड़ा 202, नरसिंहपुर 158, सिवनी 117, दतिया 110, जबलपुर 42 एवं रायसेन जिले को 29 पीएम (पक्के) आवास मंजूर किये गये हैं। इस प्रकार दो चरणों में मध्यप्रदेश को अब तक 1 लाख 87 हजार 138 पीएम आवास की मंजूरी मिल चुकी है। पीवीटीजी परिवारों के ये पक्के घर केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देशानुसार राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कार्ययोजना के अनुसार तैयार कराये जा रहे है। इन्हीं नवनिर्मित पक्के घरों में विद्युतिकरण का कार्य केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय के तकनीकी मार्गदर्शन में प्रदेश के ऊर्जा विभाग द्वारा कार्ययोजना के अनुरूप चरणबद्ध रूप से कराया जा रहा है। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा सभी पीवीटीजी बहुल गांवों तक सम्पर्क/पहुंच रोड का निर्माण भी स्टेप-बाय-स्टेप कराया जा रहा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहुमुखी फिल्मकार स्व. राज कपूर को किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दादा साहब फाल्के पुरस्कार एवं पद्मभूषण से सम्मानित प्रख्यात फिल्म निर्माता, निर्देशक एवं कलाकार स्व. राज कपूर की सौवीं जयंती पर उन्हें सादर नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हिन्दी फिल्म जगत के विकास में फिल्म अभिनेता, निर्माता और निर्देशक के रूप में स्व. कपूर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। स्व. राजकपूर का मध्यप्रदेश से भी पारिवारिक संबंध रहा है। स्व. राजकपूर को कला और सिनेमा जगत में हमेशा याद किया जाएगा।  

प्रदूषण को रोकने के लिए ग्रेप-2 के नियम हुए सख्त, अन्य डीजल इंजन बसों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगाई

नई दिल्ली दिल्ली सहित एनसीआर में सर्दी के मौसम में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) दो, तीन और चार के प्रावधानों को संशोधित किया है। इसके तहत ग्रेप तीन के कुछ प्रावधानों को ग्रेप दो शामिल कर उसे सख्त बनाया गया है। इसके तहत बीएस छह डीजल इंजन, इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों को छोड़कर एनसीआर के रास्ते दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाले अन्य डीजल इंजन बसों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। पहले यह प्रावधान ग्रेप तीन में शामिल था। लेकिन अब सीएक्यूएम ने इसे ग्रेप दो में शामिल कर दिया है। मौजूदा समय में दिल्ली एनसीआर में ग्रेप दो के प्रावधान लागू हैं। इसलिए ग्रेप दो में शामिल नए प्रावधान भी तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। सीएक्यूएम ने दिल्ली और एनसीआर से संबंधित राज्यों के परिवहन विभाग, पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और संबंधित एजेंसियों को इस पर अमल करने का निर्देश दिया है। सीएक्यूएम के अनुसार सर्दी के मौसम में लंबे समय तक हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रहती है। ग्रेप के प्रावधानों में कुछ अहम संशोधन किए गए इसके मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ग्रेप के प्रावधानों में कुछ अहम संशोधन किए गए हैं और ग्रेप तीन के शुरुआती तीन प्रावधानों को ग्रेप दो में शामिल कर दिया गया है। इसके तहत चिन्हित सड़कों की प्रतिदिन मशीन से सफाई और पानी का छिड़काव करना होगा। इसके लिए मशीनों की कार्य अवधि बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। सभी हाट स्पाट व वाहनों के अधिक दबाव वाले सड़कों पर धूल की रोकथाम लिए पानी में रसायन मिलाकर प्रतिदिन छिड़काव करना होगा। ठंड से बचाव के लिए इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने के निर्देश सार्वजनिक परिवहन की मजबूती के लिए सीएनजी व इलेक्ट्रिक बसें और मेट्रो के फेरे बढ़ाने के साथ-साथ सुबह-शाम व्यस्त और गैर व्यस्त समय के लिए अलग-अलग किराए का प्रावधान करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही सीएक्यूएम ने सभी आरडब्ल्यूए को सुरक्षा कर्मचारियों के अलावा सफाई, बागवानी के कर्मचारियों को भी ठंड से बचाव के लिए इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। ताकि कर्मचारी ठंड से बचाव के लिए लकड़ी, उपले या कूड़ा न जलाएं। ग्रेप तीन में ये प्रतिबंध होंगे लागू     ग्रेप तीन में दिव्यांग लोगों को दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर जिले में व्यक्तिगत जरूरत के लिए बीएस तीन पेट्रोल इंजन और बीएस चार डीजल इंजन के हल्के वाहन (कार) का इस्तेमाल की छूट रहेगी।     दिल्ली में माल ढुलाई के लिए बीएस चार के डीजल इंजन वाले एमजीवी (मीडियम गूड्स व्हीकल) पर प्रतिबंध रहेगा। इस प्रतिबंध से सिर्फ आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को छूट रहेगी।     दिल्ली से बाहर पंजीकृत बीएस चार और उससे कम मानक के डीजल इंजन वाहनों को ग्रेप तीन के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश वर्जित रहेगा। पहले ये प्रावधान चौथे चरण में शामिल थे।     ग्रेप तीन में दिल्ली एनसीआर के स्कूल पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में करा सकते हैं। अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार आनलाइन या आफलाइन क्लास का विकल्प चयन कर सकते हैं।     ग्रेप चार में स्कूल छठवीं से नौवीं व 11वीं की कक्षा भी हाइब्रिड मोड में चला सकते हैं। ग्रेप तीन में दिल्ली सरकार और एनसीआर से संबंधित राज्य सरकारें सरकारी विभागों व सिविक एजेंसियों के कार्यालय के समय में बदलाव कर सकती हैं।     आने वाले समय में जब भी ग्रेप तीन व चार लागू होंगे तो उसमें शामिल नए प्रावधानों का पालन संबंधित एजेंसियों को सुनिश्चित करना होगा। हवा की गुणवत्ता के आधार पर लगते हैं ग्रेप के प्रावधान     एयर इंडेक्स खराब श्रेणी- 201-300: ग्रेप एक     एयर इंडेक्स बेहद खराब श्रेणी- 301-400: ग्रेप दो     एयर इंडेक्स गंभीर श्रेणी- 401-450: ग्रेप तीन     एयर इंडेक्स खतरनाक श्रेणी-450 से अधिक: ग्रेप चार  

बुंदलेखंड में ठंड का कहर, बर्फ जमना हुई शुरू, मौसम विभाग का अलर्ट

Cold havoc in Bundelkhand, snow started accumulating, weather department alert मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड रीजन के नौगांव में इस समय तेज ठंड पड़ रही है. यहां का पारा 4.1 डिग्री सेल्सियस चला गया है. छतरपुर ! मध्य प्रदेश में इन दिनों ठंड ने अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है. प्रदेश के ज्यादातर जिलों में पारा गिरा है. जिसके चलते कड़ाके की ठंड पड़ रही है. वहीं बात अगर बुंदेलखंड अंचल की करें तो यहां भी ठंड बहुत बढ़ी है. छतरपुर जिले के नौगांव में सर्दी चरम सीमा पर पहुंच गई है. शनिवार की सुबह तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया. बुंदेलखंड का नौगांव ठंड का केंद्र बना हुआ है. हर दिन ठंड बढ़ रही है. तापमान में भौगोलिक स्थिति का असरछतरपुर जिले के नौगांव और खजुराहो में भौगोलिक स्थिति व ग्रेनाइट पत्थर का बड़ा असर होता है. अंग्रेजों के द्वारा बसाए नौगांव नगर की भौगोलिक स्थिति ही सबसे ज्यादा ठंड व गर्मी की वजह है. इसके साथ ही ग्रेनाइट के पहाड़ों के चलते भी मौसम का असर बढ़ जाता है. इसी तरह खजुराहो में भी भौगोलिक स्थिति व ग्रेनाइट के पहाड़ों के कारण सर्दी और गर्मी का असर आसपास के इलाके से एक से दो डिग्री अधिक बढ़ जाता है. कर्क रेखा के उत्तर में नौगांव विशेष स्थान पर बसा है. जिससे सूर्य की किरणें कम प्रभाव से पहुंचती है. जिससे ज्यादा ठंडा होती है. इसके साथ ही हिमाचल से आने वाली उत्तर पूर्वी हवाएं पहले पहुंचती है, इसलिए ठंड अधिक होती है. वहीं, नौगांव के नीचे चट्टानी मिट्टी की पथरीली परत है, जो जमीन की ऊर्जा विचरण की क्षमता को प्रभावित करती है. नौगांव में लुढ़का पारा, बाइक के ऊपर जमी बर्फजिले में ठंड दिनों-दिन कहर ढहा रही है. मैदानी इलाकों में भी बर्फ जमने लगी है. उमरिया मंदिर रोड निवासी विक्रम सिंह परिहार ने बताया कि “शनिवार सुबह 5:30 बजे जब वे किसी काम से निकले, तो उनकी बाइक की सीट पर बर्फ की परत जमी हुई थी. उन्होंने इसका वीडियो भी बनाया, जिसमें सुबह 5:32 का समय और 14 दिसंबर 2024 की तारीख दर्ज है.” नौगांव और इसके आस-पास के क्षेत्रों में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में मौसम वैज्ञानिक ने लोगों को सतर्क रहने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है.

अध्ययन में पाया गया कि पैरासिटामोल के कारण वृद्ध लोगों में पाचन तंत्र, हृदय और गुर्दे पर पड़ता दुष्प्रभाव

नई दिल्ली चिकित्सक की पर्ची के बिना मिलने वाली दवाओं में शामिल पैरासिटामोल 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों में आंत, हृदय और गुर्दे से संबंधित बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकती है। एक नये अध्ययन में यह दावा किया गया है। हल्के से मध्यम बुखार के दौरान आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली पैरासिटामोल, अस्थियों से जुड़ी बीमारियों के उपचार के लिए भी चिकित्सक द्वारा परामर्श दी जाने वाली पहली दवा है क्योंकि इसे प्रभावी, अपेक्षाकृत सुरक्षित और सुलभ माना जाता है। हालांकि, दर्द निवारण में पैरासिटामोल की प्रभावशीलता पर कुछ अध्ययनों में सवाल उठाये गए हैं, जबकि अन्य अध्ययनों ने लंबे समय तक इसके उपयोग से पाचन तंत्र संबंधी दुष्प्रभावों, जैसे अल्सर और रक्तस्राव, के बढ़ते जोखिम को रेखांकित किया है। ब्रिटेन के नॉटिंघम विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए नवीनतम अध्ययन में पाया गया कि पैरासिटामोल के उपयोग से पेप्टिक अल्सर रक्तस्राव (पाचन तंत्र में अल्सर के कारण रक्तस्राव) के जोखिम में क्रमशः 24 प्रतिशत और 36 प्रतिशत की वृद्धि होती है और आंत संबंधी रक्तस्राव में कमी आती है। अध्ययन के मुताबिक, पैरासिटामोल के सेवन से गुर्दे के गंभीर रोग का खतरा 19 प्रतिशत, दिल का दौरा पड़ने का खतरा नौ प्रतिशत तथा उच्च रक्तचाप का खतरा सात प्रतिशत बढ़ सकता है। आर्थराइटिस केयर एंड रिसर्च पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, ‘‘यह अध्ययन वृद्ध लोगों में गुर्दा, हृदय और आंत संबंधी दुष्प्रभावों को दर्शाता है।’’ नॉटिंघम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मेडिसिन के प्रमुख अनुसंधानकर्ता वेया झांग ने कहा, ‘‘कथित तौर पर सुरक्षित होने की वजह से पैरासिटामोल को अस्थियों से जुड़े रोगों के लिए कई उपचार दिशानिर्देशों में प्राथमिक दवा के रूप में अनुशंसित किया गया है, विशेष रूप से वृद्ध लोगों में, जिनमें दवा से उत्पन्न जटिलताओं का उच्च जोखिम होता है।’’ शोधकर्ताओं ने इन नतीजों पर पहुंचने के लिए 1,80,483 लोगों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का विश्लेषण किया, जिन्हें बार-बार पैरासिटामोल दी गई थी।शोधकर्ताओं ने इसके बाद इन स्वास्थ्य रिपोर्ट की तुलना उसी आयु के 4,02,478 (4.02 लाख) लोगों से की, जिन्हें कभी भी बार-बार पैरासिटामोल नहीं दी गई थी।  

मध्य प्रदेश की सड़कों पर फिर दिखेंगी जल्द सरकारी बसें फर्राटे भरते

Government buses will soon be seen again on the roads of Madhya Pradesh. मध्य प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था एकदम से चरमरा गई है। दो दशक पहले जहां सड़कों पर राज्य परिवहन निगम की बसें फर्राटे भरती दिखाई देती थी वहीं अब निजी बसों का बोलबाला है। तनाकुलित तथा स्लीपर कोच बसें तक प्रदेश की सड़कों पर दौड़ रही है। राज्य परिवहन की बसें प्रदेश के विभिन्न शहरों को जोड़ने के अलावा दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक यात्रियों को लाती ले जाती थी। भोपाल। राज्य परिवहन निगम की इन बसों में जहां किराया वाजिब था तो वहीं विशिष्ट जनों व पत्रकारों के लिए पास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती थी। राज्य परिवहन निगम के संचालक मंडल में पहले नेताओं को रखा जाता था और अध्यक्ष का पद नौकरशाहों के जिम्में में होता था। एक बार का दिलचस्प वाकया है तब राज्य परिवहन निगम के अध्यक्ष एक नौकरशाह थे किसी पत्रकार ने अनौपचारिक चर्चा में उनसे पूछ लिया कि आपने बसों में यात्रा कब से नहीं की तो उन्होंने बड़ी मासूमियत से जवाब दिया था की आखिरी बस यात्रा 15 साल पहले की थी, इस चर्चा के बाद अध्यक्ष महोदय ने समस्त डिपो प्रबंधकों को यह निर्देश दिया कि वह महीने में दो बार बसों में यात्रा करें और यात्रियों से फीडबैक ले कर व्यवस्था सुचारू करें। इसके साथ ही अध्यक्ष ने स्वयं भी हर महीने बस में सफर करना शुरू कर दिया बाद में राज्य परिवहन निगम के अध्यक्ष पद पर नेताओं को पदस्थ किया जाने लगा और यही से पूरे सिस्टम में दीमक लगना शुरू हो गया। जिन डिपो प्रबंधकों को राज्य परिवहन निगम अध्यक्ष अथवा उपाध्यक्ष से अच्छी सेटिंग होती थी वहां मनमानियां करने लगे। दूसरे राज्यों में जाने वाली बसों में उन्ही ड्राइवर व कंडक्टरों को भेजा जाने लगा जो वापसी पर अच्छी खासी रकम उनको भेंट कर सके क्योंकि राज्य की सीमा पार करने के बाद टिकट चेकिंग का कोई डर नहीं, लोकल सवारियों लो और अपनी जेब गर्म करो वाला सिद्धांत चलता था। दूसरे राज्यों में स्थित राज्य परिवहन निगम के डिपो प्रबंधकों के रोस्टर पर अपने नाते रिश्तेदारों को रख लिया जो केवल वेतन लेते थे काम नहीं करते थे। राज्य परिवहन निगम के एक उपाध्यक्ष ने जब विधानसभा का चुनाव लड़ा तो डिपो प्रबंधकों ने उनके चुनावी खर्च में हिस्सेदारी की, किसी डिपो प्रबंधक ने पोस्टर का खर्च उठाया तो किसी ने विज्ञापनों के लिये भुगतान किया। इस तरह की व्यवस्था ने तथा भ्रष्टाचार ने राज्य परिवहन निगम को खोखला करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और आखिरकार 2005 में राज्य परिवहन निगम को बंद करना पड़ा हालांकि इसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई थी। राज्य परिवहन निगम बंद होने का फायदा निजी बस मालिकों ने उठाना शुरू किया यह वह समय था जब दिग्विजय सिंह की सरकार का दूसरा कार्यकाल चल रहा था। दिग्गी सरकार घाटा बताती रही और भाजपा सरकार ने राज्य परिवहन निगम पर ही ताला लगा दिया और कुछ कर्मचारियों को वीआरएस देकर घर बैठा दिया तो कुछ कर्मचारियों को दूसरे विभागों में स्थानांतरित कर दिया गया। खैर यह तो राज्य परिवहन निगम का हाल हुआ उधर निजी बस ऑपरेटर की मनमानी बढ़ने लगी। बस में क्षमता से अधिक यात्री भरना निर्धारित किराए से ज्यादा वसूलना, सवाल करने पर यात्रियों से बदसलूकी करना, यहां तक की मारपीट की नौबत आना इत्यादि। शहरी इलाकों में तो फिर भी ठीक-ठाक मगर ग्रामीण क्षेत्रों में हालत ज्यादा खराब हो गए और लोग परेशान हो गए। राज्य परिवहन निगम बंद हो जाने के बाद भी जिन राज्यों से अंतर राज्य समझौता था उनकी बसे एमपी में आती रही। निजी ऑपरेटर इनका भी विरोध करने लगे। बहरहाल अब मोहन यादव की सरकार ने लोगों की परेशानियों को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को 19 साल बाद फिर से शुरू करने का संकेत दिया है तदनुसार लोक परिवहन सेवा का प्रारूप तैयार कर कैबिनेट में पेश किया जाएगा फिर उस पर अमल होना शुरू होगा वैसे अभी यह तय नहीं है कि लोक परिवहन का संचालन किस तरह होगा महाराष्ट्र का मॉडल अपनाया जाए या पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर अमल किया जाए यह फैसला भी हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने मऊगंज को दी स्टेडियम, सिविल अस्पताल, देवतालाब मंदिर के विकास की सौगात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में चलाये जा रहे जनकल्याण अभियान में प्रत्येक पात्र हितग्राही को शासन की विकास योजनाओं से लाभांवित किया जायेगा। इसके लिये ग्राम पंचायत एवं नगरीय क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर शिविर लगाकर पात्र नागरिकों को योजनाओं से जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि मऊगंज विकास की दौड़ में पीछे छूट गया था। हमारी सरकार ने मऊगंज को जिला बनाया और अब सरकार ही मऊगंज को विकास की सौगाते दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 5041 करोड़ की सीतापुर-हनुमना लिफ्ट इरिगेशन परियोजना का शिलान्यास किया। इस परियोजना से मऊगंज जिले के 400 से अधिक गांवों में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। समारोह में 5175 करोड़ रुपए के 57 निर्माण कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने खटखरी को नगर परिषद बनाने, दो सड़कों के उन्नयन, देवतालाब महाविद्यालय में 5 करोड़ रुपए की लागत से स्टेडियम के निर्माण, हनुमना में सिविल अस्पताल बनाने और देवतालाब शिव मंदिर में 5 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मऊगंज में आयोजित जनकल्याण पर्व समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई शिक्षा नीति में सनातन मूल्यों को समाहित कर शिक्षा को नई दिशा दी है। सनातन मूल्यों का जो विरोध करेगा, देश उसके साथ खड़ा नहीं होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि मऊगंज रीवा और सतना सहित पूरा विंध्य क्षेत्र सादगी, सरलता और सदभाव का क्षेत्र है। भगवान श्रीराम ने अपने जीवन के वनवास के 11 वर्ष इसी क्षेत्र के चित्रकूट में बिताये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए हर मांग पूरी की जाएगी। जन कल्याण अभियान में 16,100 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की कार्ययोजना पूरे प्रदेश के लिए बनाई गई है। इनमें से अकेले मऊगंज जिले को 5041 करोड़ रुपए की सौगात मिली है। पूरे क्षेत्र में विकास के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। आज ही बाणसागर बांध के बीच स्थित मनोरम सरसी टापू का लोकार्पण हुआ है। इससे क्षेत्र में पर्यटन को गति मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को दो नदी जोड़ों परियोजनाओं के लिए एक लाख 70 हजार करोड़ रुपए की मंजूरी देकर किसानों को बहुत बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री मोदी सच्चे अर्थों में आधुनिक भागीरथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 60 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की प्रथम किश्त के रूप में 332 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक से जारी किए। मुख्यमंत्री ने पोषण आहार योजना के तहत दो गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषण आहार से युक्त अक्षय पात्र भेंट किए। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री का जनजातीय लोकनृत्य गुदुम बाजा के मधुर स्वरों से स्वागत किया गया। महिलाओं ने पुष्पवर्षा कर अपने लाड़ले मुख्यमंत्री की अगवानी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौ-पूजन कर गौ-माता का सम्मान किया और गौ-संवर्धन का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने मऊगंज जिले के 100 से अधिक गायों की सेवा कर रहे सौखीलाल यादव को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने पुलिस बैण्ड की सराहना की। समारोह में मुख्यमंत्री को धातु निर्मित राधा-कृष्ण की प्रतिमा और डिजिटल गीता भेंट की गई। समारोह में विधायक देवतालाब एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम और विधायक मऊगंज प्रदीप पटेल ने मुख्यमंत्री का स्वागत कर क्षेत्र के विकास से संबंधित अपने सुझाव रखे। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, जिले के प्रभारी और पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, विधायक मनगवां नरेन्द्र प्रजापति, विधायक त्योंथर सिद्धार्थ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, कमिश्नर बी.एस. जामोद, आईजी एम.एस. सिकरवार, कलेक्टर अजय श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक सुश्री रसना ठाकुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती सपना त्रिपाठी, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार डेंगू का स्वरूप बदला हुआ रहा, लिवर पर भी हो सकता है इसका असर

इंदौर इंदौर शहर में बुधवार रात 13 वर्षीय बच्चे की डेंगू से मौत होने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर चिंता में आ गया है, क्योंकि उसके रिकॉर्ड में 20 नवंबर के बाद डेंगू का कोई नया मरीज दर्ज ही नहीं है। डेंगू हर दो-तीन वर्ष में अपना स्वरूप बदल लेता है। इस कारण मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लग जाती है। इंदौर में इस वर्ष अब तक डेंगू के 550 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 327 पुरुष और 223 महिलाएं हैं। वहीं मलेरिया के सात और चिकनगुनिया के 20 मरीज मिल चुके हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार डेंगू का स्वरूप बदला हुआ रहा, क्योंकि बड़ी संख्या में मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता पड़ी थी। वहीं कई मरीज ऐसे भी थे, जिनमें डेंगू के लक्षण थे लेकिन जांच रिपोर्ट निगेटिव आ रही थी। अचानक से प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं डेंगू में मरीज को लगता है कि वह स्वस्थ हो रहा है, लेकिन अचानक से इसमें प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं। इसलिए इसका समय पर उपचार करवाना काफी आवश्यक होता है। डेंगू के कारण प्लेटलेट्स बहुत तेजी से गिरते हैं। लिवर पर तेजी से असर होता है। मरीजों की बढ़ती संख्या सिर्फ इंदौर में ही नहीं रही, पूरे प्रदेश में इस वर्ष अधिक संख्या रही है। इसके वैरिएंट की जांच के लिए पुणे स्थित लैब में सैंपल भेजे जाते हैं, लेकिन अभी नहीं भेजे गए हैं। डेंगू के लक्षण वाले मरीजों को वायरल हिमोरेजिक फीवर बता दें कि इंदौर में इस वर्ष सात हजार लोगों में डेंगू के लक्षण नजर आने पर अलाइजा टेस्ट किया गया है। इसमें से लगभग 550 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। बाकी मरीजों में लक्षण होने के बाद भी रिपोर्ट निगेटिव पाई गई। सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल के डॉ. अमित अग्रवाल ने दावा किया है कि निगेटिव रिपोर्ट आने वाले मरीजों में से 50 फीसदी में वायरल हिमोरेजिक फीवर पाया गया। इसके सारे लक्षण डेंगू बुखार जैसे ही होते हैं। हालांकि इसमें मरीज को डेंगू की अपेक्षा खतरा बहुत रहता है। निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद लोग समझते हैं कि वह बिल्कुल ठीक है, उन्हें विशेषज्ञ की सलाह से उपचार लेना चाहिए। इससे ठीक होने में पांच से आठ दिन तक का समय भी लग जाता है। वायरल हिमोरेजिक फीवर में प्लेटलेट्स धीरे-धीरे कम होती है।

आधार कार्ड अपडेशन के लिए मुफ्त ऑनलाइन डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने की सुविधा 14 जून 2025 तक बढ़ी

नई दिल्ली आधार कार्ड जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने लाखों आधार धारकों को राहत दी है। अपडेशन के लिए मुफ्त ऑनलाइन डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने की सुविधा 14 जून 2025 तक बढ़ा दी है। मुफ्त अपडेट की समय सीमा शुरू में 14 जून, 2024 के लिए निर्धारित की गई थी, फिर 14 दिसंबर, 2024 तक बढ़ाने से पहले इसे बढ़ाकर 14 सितंबर, 2024 कर दिया गया था। एक्स पर प्राधिकरण ने पोस्ट किया है कि UIDAl लाखों आधार संख्या धारकों को लाभान्वित करने के लिए 14 जून 2025 तक मुफ्त ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा का विस्तार करता है। यह मुफ्त सेवा केवल myAadhaar पोर्टल पर उपलब्ध है। यूआईडीएआई लोगों को अपने Aadhaar में दस्तावेजों को अपडेट रखने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। जो लोग अपने आधार कार्ड की जानकारी बदलने की योजना बना रहे हैं, उनके पास ऐसा करने के लिए 14 जून 2025 तक का समय है। इससे पहले, मुफ्त अपडेट के लिए विंडो 14 दिसंबर को बंद हो गई थी। ऑनलाइन आधार डिटेल्स अपडेट करने के स्टेप्स 1. यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर आधार सेल्फ सर्विसपोर्टल पर जाएं अपने मोबाइल पर भेजे गए अपने आधार नंबर, कैप्चा और ओटीपी का उपयोग करके लॉग इन करें। अब दस्तावेज़ अपडेट वाले मेन्यू पर जाएं और मौजूदा डिटेल्स की समीक्षा करें। 4. ड्रॉप-डाउन सूची से उपयुक्त दस्तावेज के प्रकार का चयन करें और सत्यापन के लिए मूल दस्तावेजो की स्कैन की गई प्रतियां अपलोड करें। 5. सेवा अनुरोध संख्या को नोट करना याद रखें। यह आपके आधार अपडेट अनुरोध की प्रक्रिया के चरण को ट्रैक करने में आपकी सहायता करेगा। क्यों जरूरी है आधार अपडेट करना यदि आपके आधार डेटाबेस में कोई बदलाव शामिल करने की आवश्यकता है, तो आपको बाद में किसी भी परेशानी से बचने के लिए इसे अपडेट करना चाहिए। बच्चों के लिए, आपको यह ध्यान रखना होगा कि यदि आपने अपने बच्चे को आधार के लिए नामांकित किया है , जब वह पांच वर्ष से कम आयु का था, तो आपको कम से कम दो बार बायोमेट्रिक रिकॉर्ड अपडेट करवाना होगा- एक बार 5 वर्ष की आयु पार करने के बाद और दूसरा 15 वर्ष पूरा करने के बाद। बॉयोमीट्रिक जैसे फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन या फोटो से जुड़े अपडेट के लिए, व्यक्तियों को आधार नामांकन केंद्र या आधार सेवा केंद्र पर जाना होगा। ऑफ़लाइन अपडेट के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें… फॉर्म डाउनलोड करें: यूआईडीएआई की वेबसाइट से नामांकन/अपडेट फॉर्म डाउनलोड करें। केंद्र पर जमा करें: फॉर्म भरें, आवश्यक दस्तावेज लगाएं और जमा करें। बायोमेट्रिक डेटा प्रदान करें: बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रॉसेस को पूरा करें। रसीद प्राप्त करें: ट्रैकिंग प्रगति को ट्रैक करने के लिए अपने यूआरएन के साथ एक पर्ची प्राप्त करें।

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