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उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि ऑडिटोरियम, खेल सुविधाएँ, फर्नीचर और अन्य निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं

रीवा उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में सांदीपनि विद्यालय और अन्य विद्यालयों के उन्नयन एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पी.के. गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल, रीवा को सांदीपनि विद्यालय के रूप में विकसित किए जाने के लिए किए जा रहे कार्यों की विशेष चर्चा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि ऑडिटोरियम, खेल सुविधाएँ, फर्नीचर और अन्य निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। जिससे आगामी शैक्षणिक सत्र से सेवाओं का संचालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की तकनीकी अड़चनों को त्वरित रूप से उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर प्राथमिकता के आधार पर निराकृत किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा शहर के समीपवर्ती क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों के प्रस्तावित उन्नयन कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की और निर्देशित किया कि सभी आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्रता से पूर्ण कर प्रस्तावों को सक्षम स्तर पर अनुमोदन के लिए भेजा जाए। उन्होंने कहा कि रीवा शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों के उन्नयन को प्राथमिकता से किया जाये, जिससे इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और उन्हें शिक्षा के लिये शहर आने की असुविधा न हो। आयुक्त, स्कूल शिक्षा श्रीमती शिल्पा गुप्ता, पीआईयू, एवं एप्को के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

वरुण बडोला ने बोला – एकता कपूर ने कर दी टीवी इंडस्ट्री बर्बाद , बस पैसे से मतलब

मुंबई टीवी एक्टर वरुण बडोला कई सालों से भारतीय टेलीविज़न पर एक जाना-माना नाम रहे हैं और हाल ही में उन्होंने स्ट्रीमिंग पर भी काम करना शुरू किया है। हाल ही में एक इंटरव्यू में वरुण ने भारतीय टेलीविज़न की स्थिति के बारे में बात की और पिछले कुछ सालों में इस माध्यम पर एकता कपूर के राज करने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि एकता से इस बारे में बात की थी कि वह किस तरह के शो बना रही हैं, लेकिन उन्हें एहसास हुआ कि वह सुनने को तैयार नहीं हैं। एकता कपूर के बारे में अपनी बात रखते हुए वरुण ने ‘ज़िंदगी विद ऋचा’ यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘टीवी पर कंटेंट को खराब करने से ज़्यादा, एकता कपूर ने भारतीय टेलीविज़न का चेहरा बदल दिया, चाहे वह अच्छे के लिए हो या बुरे के लिए। वह लगातार मज़बूत होती गईं क्योंकि शो पैसे कमा रहे थे। हमारी इंडस्ट्री में जब कॉर्पोरेट शामिल होते हैं, तो उन्हें कला की परवाह नहीं होती, वे सिर्फ़ पैसे कमाना चाहते हैं। एकता ने एक बार एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर आप अपने तरीके से शो बनाना चाहते हैं, तो अपना पैसा लगाएं और बनाएं और वह गलत नहीं थीं। आपको बहुत ज़्यादा दबाव से निपटना पड़ता है।’ वरुण बडोला ने एकता कपूर पर निकाली भड़ास वरुण बडोला ने कहा, ‘जब लोग कहते हैं कि बी-टियर और सी-टियर के दर्शक ऐसे कंटेंट देखना पसंद करते हैं, तो मैं इससे सहमत नहीं हूं। जब डीडी पर अच्छे शो आए, तब भी लोग उन्हें देख रहे थे। लॉकडाउन में महाभारत और रामायण को खूब देखा गया। मुझे लगता है कि प्रतिगामी शो को लोग कॉमेडी के तौर पर देखते हैं। एकता ने एक अवसर देखा और उसने इसका फायदा उठाया। हम पांच, कोशिश… एक आशा उसके शो थे और मैंने स्टार प्लस की एक महिला से इस बारे में चर्चा की जो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के खिलाफ थी। वह शिक्षित थी और सोच रही थी कि क्या दर्शकों को इस तरह के कंटेंट दिखाना सही होगा। लेकिन उन्होंने उसकी बात को इग्नोर कर दिया और शो शुरू कर दिया।’ एकता की परेशानी से कोई दिक्कत नहीं आगे उनसे पूछा गया कि क्या ये कमेंट एकता को परेशान करेंगे, तो वरुण बडोला ने कहा, ‘कहानी घर घर की के साथ सारे सेट एक जैसे दिखते थे लेकिन फिर भी उनकी बात नहीं मानी गई। और देखिए कैसे शो बहुत लोकप्रिय हो गए। बालिका वधू एक बेहतर शो था, इसमें अलग-अलग बातें थीं। लोग टीवी से प्रभावित होते हैं, इसलिए पहली बात जो हमें हमेशा बताई जाती थी, वह यह थी कि शो को इंट्रेस्टिंग होना चाहिए।’ एकता ने बात नहीं सुनी उन्होंने आगे कहा, ‘शुरुआत में मैंने कंटेंट के संबंध में एकता से अपनी असहमति जताई लेकिन मुझे तब ही पता चल गया था कि वह ऐसी नहीं हैं जो मेरी बात सुनेंगी। मैं तब सिर्फ़ एक छोटा एक्टर था। उन्होंने एक मौके का लाभ उठाया और एक बिजनेस वुमन होने के नाते, उन्हें ऐसा करने का पूरा अधिकार था। मैं उनके एक भी शो से सहमत नहीं हूं, मैंने उनसे यहां तक कहा था कि मैं उनके शो के अलावा कुछ और करूंगा। कोशिश के बाद, ‘अपहरण’ तक मैंने बालाजी के साथ कुछ नहीं किया। वह जानती हैं कि मैं एक बहुत अलग मानसिकता वाला एक्टर हूं।’

स्टारलिंक को India सरकार से मिल गया लाइसेंस, एलन मस्क की भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में एंट्री

 नई दिल्ली  भारत में एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक की एंट्री बहुत जल्द होने जा रही है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि स्टारलिंक को भारत के दूरसंचार मंत्रालय से एक महत्वपूर्ण लाइसेंस मिल गया है। इस लाइसेंस का मिलना स्टारलिंक के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। बता दें कि स्टारलिंक भारत में तीसरी कंपनी होगी, जिसको दूरसंचार मंत्रालायल द्वारा सैटकॉम लाइसेंस मिला है। इससे पहले जियो और एयरटेल को भी ये लाइसेंस मिल चुका है। इससे पहले गुरुवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया था कि जल्द ही स्टारलिंक सैटकॉम लाइसेंस दिया जा सकता है, इसके लिए प्रक्रिया चल रही है।  एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार से मंजूरी के बाद अब स्टारलिंक भारत में अपने सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस की शुरुआत करने के और करीब पहुंच गया है. अब स्टारलिंक भारत की तीसरी ऐसी कंपनी बन गई है जिसे सैटेलाइट इंटरनेट सेवा देने की अनुमति मिली है. संचार मंत्री ने मंजूरी के बारे में बताया देश के संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यह जानकारी दी कि अब स्टारलिंक को भारत में सेवा शुरू करने की अनुमति दे दी गई है. उन्होंने बताया कि इससे पहले भारती एयरटेल की OneWeb और रिलायंस की Jio को भी सरकार की तरफ से लाइसेंस जारी किया गया था. अब स्टारलिंक को भी ये लाइसेंस मिलने से भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं एक नया रूप लेंगी. उन्होंने कहा कि स्टारलिंक की सैटेलाइट कनेक्टिविटी देश की टेलीकॉम सेवाओं में एक महत्वपूर्ण जोड़ है. पहले सिर्फ फिक्स्ड लाइन कनेक्शन होते थे, फिर मोबाइल नेटवर्क आया, फिर ब्रॉडबैंड और अब ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क भी आ गया है. इन सबके साथ-साथ अब सैटेलाइट कनेक्टिविटी भी बेहद जरूरी हो गई है. सिंधिया ने यह भी कहा कि देश के उन इलाकों में जहां परंपरागत टावर या केबल लगाना मुश्किल होता है, वहां तक इंटरनेट पहुंचाना अब सैटेलाइट तकनीक से संभव होगा. इससे दूर-दराज और पहाड़ी क्षेत्रों में भी अच्छी इंटरनेट सेवा मिल सकेगी और डिजिटल इंडिया की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ेगा.. क्या है Starlink? Starlink, एलॉन मस्क की कंपनी SpaceX की एक सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस है. ये लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस है. इसकी मदद से दुनिया के दूर-दराज के इलाकों में हाई स्पीड इंटरनेट पहुंचाया जा सकता है. पिछले काफी समय से चर्चा है कि स्टारलिंक की सर्विस भारत में लॉन्च होगी. स्टारलिंक 500 से 550 किलोमीटर की ऊंचाई पर बहुत से छोटे सैटेलाइट्स के जरिए काम करती है. ये कोई पहला मौका नहीं जब भारत में स्टारलिंक की चर्चा हो रही हो. कंपनी ने साल 2021 में भारत में प्री-बुकिंग शुरू कर दी थी. हालांकि, भारत सरकार से जरूरी लाइसेंस ना मिलने की वजह से उस वक्त कंपनी को प्री-बुकिंग रोकनी पड़ी थी. जियो और Airtel से करना होगा मुकाबला भारत में इस कंपनी का सीधा मुकाबला रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के OneWeb से होगा. हालांकि, हाल में ही स्टारलिंक ने इस दोनों कंपनियों के साथ साझेदारी का ऐलान किया था. ये ऐलान स्टारलिंक की किट और हार्डवेयर डिस्ट्रिब्यूशन को लेकर है. स्टारलिंक कई देशों में उलपब्ध है और भारत में इसकी सर्विस शुरू होने में अभी वक्त है.   जरूरी लाइसेंस मिलने के बाद भी अभी तक सैटेलाइट स्पेक्ट्रम की तस्वीर साफ नहीं हुई है. सैटेलाइट स्पेक्ट्रम बंट जाने के बाद ही कोई कंपनी भारत में अपनी सर्विस शुरू कर पाएगी. यहां एक चुनौती स्पेक्ट्रम आवंटन के तरीके पर है. जहां जियो और एयरटेल पारंपरिक तरीके से स्पेक्ट्रम की नीलामी चाहते हैं. वहीं Starlink एडमिनिस्ट्रेटिव तरीके से बंटवारा चाहती है. फायदे और कीमत अब सवाल है कि Starlink या फिर सैटेलाइट इंटरनेट से लोगों को क्या फायदा मिलेगा. रिमोट एरिया में इससे कनेक्टिविटी आसान हो जाएगा. खासकर ऐसी जगहों पर जहां टावर लगाना या फिर ब्रॉडबैंड की सर्विस पहुंचाना मुश्किल है. सैटेलाइट इंटरनेटज की वजह से ऐसे एरिया में भी बेहतर स्पीड मिलेगी. हालांकि, ये सर्विस किस कीमत पर लॉन्च होती है, ये भी एक बड़ा सवाल है. अभी तक के अनुमान के मुताबिक कंपनी की सर्विस महंगी होगी. स्टारलिंक की किट के लिए आपको अच्छी-खासी राशि देनी पड़ सकती है. वहीं मंथली या ऐनुअल प्लान भी रेगुलर ब्रॉडबैंड प्लान के मुकाबले काफी महंगे होंगे.  

विष्णु सरकार ने गोतस्करी जैसे संगठित अपराध पर लगाम कसने के लिए बड़ा फैसला लिया, गोतस्करी में लिप्त वाहनों की होगी निलामी

रायपुर  राज्य सरकार ने गोतस्करी जैसे संगठित अपराध पर लगाम कसने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब इस अपराध में लिप्त आदतन आरोपितों पर सफेमा के तहत कार्रवाई की जाएगी। ऐसे आरोपितों की संपत्ति को जब्त कर नीलाम किया जाएगा और प्राप्त राशि को गोसेवा में लगाया जाएगा। गृहमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें सभी जिलों के एडिशनल एसपी स्तर के नोडल अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में जिलेवार समीक्षा की गई और 15 जुलाई 2024 को लागू की गई एसओपी के तहत अब तक हुई कार्रवाई पर चर्चा की गई। गोतस्करी में लिप्त वाहनों की होगी निलामी उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गोतस्करी में लिप्त पाए गए पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाएगा। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहनों को राजसात कर उनकी नीलामी की जाएगी। इस धन का उपयोग गोसेवा के लिए किया जाएगा। गोसेवा आयोग को गोसेवकों के लिए पहचान पत्र जारी करने का भी आग्रह किया जाएगा। जिन जिलों में अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है, वहां के अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। गोतस्करी केवल अपराध नहीं, संगठित नेटवर्क है: डिप्टी सीएम उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि पुलिस को सफेमा और रासुका जैसे कानूनों को प्रभावी हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों से ठोस कार्रवाई के प्रमाण और आगामी बैठक में पूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि गोतस्करी केवल अपराध नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क है। डिप्टी सीएम ने यह दिए सुझाव उन्होंने हाईवे पर कमजोर बैरिकेडिंग और तस्करों द्वारा पैदल रास्तों के इस्तेमाल पर चिंता जताई। उन्होंने गोसेवकों व एनसीसी से जुड़े युवाओं को चिन्हित कर निगरानी तंत्र में शामिल करने का सुझाव दिया। साथ ही युवाओं और पुलिस के बीच संवाद स्थापित करने विशेष पास जारी करने पर जोर दिया। टेक्नोलाजी के माध्यम से सूचना तंत्र मजबूत करने की बात भी कही।

संसद के परिसीमन 2026 को लेकर एक अनुमानित रिपोर्ट सामने आई है,

An estimated report has come out regarding the delimitation of Parliament 2026, भोपाल। जिसमें देश भर में लोकसभा और राज्यसभा सीटों की संख्या में बदलाव का खाका पेश किया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कुल 800 लोकसभा सीटें और 432 (320+112) राज्यसभा सीटें होंगी, जो कुल मिलाकर 1132 संसद सदस्यों का प्रतिनिधित्व करेंगी। यह परिसीमन 90% वजन जनसंख्या और 10% क्षेत्रफल के आधार पर किया गया है।रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 121 लोकसभा सीटें और 47 राज्यसभा सीटें होंगी, जो कुल 168 सांसदों का प्रतिनिधित्व करेंगी। वहीं, बिहार में 61 लोकसभा और 24 राज्यसभा सीटें होंगी, जो कुल 85 सांसदों को जगह देंगी। महाराष्ट्र में 76 लोकसभा और 31 राज्यसभा सीटें होंगी, जिससे कुल 107 सांसद होंगे।क्षेत्रीय आधार पर देखें तो दक्षिण भारत में तमिलनाडु को 48 लोकसभा और 19 राज्यसभा सीटें मिलेंगी, जबकि तेलंगाना में 25 लोकसभा और 10 राज्यसभा सीटें होंगी। पश्चिमी भारत में गुजरात को 42 लोकसभा और 17 राज्यसभा सीटें मिलेंगी। पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल को 57 लोकसभा और 23 राज्यसभा सीटें दी जाएंगी। उत्तरी भारत में राजस्थान को 46 लोकसभा और 18 राज्यसभा सीटें मिलेंगी।रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सीटों की संख्या में मामूली बदलाव होगा। उदाहरण के लिए, चंडीगढ़ और दादरा नगर हवेली को 1-1 लोकसभा सीट मिलेगी। इस परिसीमन से क्षेत्रीय और जनसंख्या के आधार पर संसद में प्रतिनिधित्व को संतुलित करने की कोशिश की गई है।यह अनुमान 2011 की जनगणना के आधार पर तैयार किया गया है, और इसके लागू होने पर संसद में राज्यों के प्रतिनिधित्व में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, यह अभी केवल एक अनुमान है, और अंतिम निर्णय सरकार और संबंधित समितियों द्वारा लिया जाएगा

सतर्क रहें किसान…अंबिकापुर में नकली धान और मक्का बीज के अवैध कारोबार का राजफाश

अंबिकापुर  अंबिकापुर में नकली धान और मक्का बीज के अवैध कारोबार का राजफाश हुआ है। अंबिकापुर के गंगापुर इलाके में जिला प्रशासन और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने एक अवैध नकली बीज निर्माण और पैकिंग फैक्ट्री पर छापा मारकर भारी मात्रा में नकली धान और मक्के के बीज बरामद किए हैं। बता दें कि छापे के दौरान फैक्ट्री से हजारों तैयार पैकेट, पैकिंग सामग्री, सीलिंग मशीन, केमिकलयुक्त रंगीन तरल और नामी बीज कंपनियों नकली पैकेट बरामद किए गए। कुछ पैकेट खाली थे तथा कुछ पैकेटों में बीज भरा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और बड़ी मात्रा में नकली बीज बाजार में खप चुके हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान होने की संभावना है। जानकारी के अनुसार, तहसीलदार उमेश कुमार बाज और कृषि विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि गंगापुर क्षेत्र में नकली बीज की एक फैक्ट्री संचालित हो रही है। सूचना की पुष्टि होते ही टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री पर छापा मारा। छापे के वक्त फैक्ट्री के बाहर एक ट्रक खड़ा था। इस ट्रक से 750 बोरी धान मंगाए गए थे। धान की बोरियों को रायगढ़ के सरिया और चंद्रपुर से लोड किया गया था। इसी प्रकार स्थानीय धान से नकली बीज तैयार करने के खेल की पुष्टि जांच के दौरान हुई। फैक्ट्री के भीतर बड़े पैमाने पर नकली बीजों की पैकिंग की जा रही थी। धान और मक्के को रंगीन केमिकल में डुबोकर उन्हें नया और आकर्षक दिखाया जा रहा था, फिर इन्हें नामी कंपनियों के खाली पैकेटों में भरकर सील किया जा रहा था। रात में चलती थी मशीनें, दिन में पैकेजिंग का काम धान और मक्के की नकली बीज तैयार करने वाली फैक्ट्री खुले जगह पर थी। अगल-बगल मकान थे और बीच में रिक्त जगह पर सामने लोहे के टिन से घेरा किया गया था। इसके पीछे दो कमरे थे। बीच के खाली हिस्से को तिरपाल और प्लास्टिक से ढक कर वहां नकली बीज तैयार किया जा रहा था। जांच में पता चला कि रात को यहां मशीनें चलती थी। स्थानीय धान और मक्का की खरीदी कर उसमें केमिकलयुक्त रंग मिलाकर बीज तैयार किया जाता था। रात आठ बजे से सुबह पांच बजे तक नकली बीज तैयार होता था। उस दौरान मशीनों से आवाज आती थी। दिन में नकली बीजों की पैकेजिंग का काम चलता था। किसानों को गुमराह करने की साजिश मौके से बड़ी संख्या में नामी कंपनियों के खाली पैकेट मिले हैं। इससे साफ जाहिर है कि किसानों को भ्रमित कर उनकी मेहनत और फसलों से छलावा करने की सुनियोजित साजिश रची जा रही थी। ये पैकेट बाजार में बिकते असली बीजों जैसे ही दिखते हैं, जिससे आम किसान के लिए नकली और असली में फर्क कर पाना लगभग असंभव होता। यदि बाजार में यह नकली धान और मक्का बीज खप गया होगा तो किसानों को नुकसान हो सकता है। संचालक फरार, एफआइआर की तैयारी फैक्ट्री में कार्यरत मजदूरों ने बताया कि इसका संचालन इंद्रजीत नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था, जो छापे के समय मौके से फरार हो गया। प्रशासन ने ट्रक को भी जब्त कर लिया है और मामले में एफआइआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तहसीलदार उमेश कुमार बाज ने बताया कि फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है और संचालक की तलाश जारी है। प्रशासन का कहना है कि यह केवल आर्थिक धोखाधड़ी का नहीं बल्कि आपराधिक षड्यंत्र का मामला है, जिसमें खाद्य सुरक्षा, कृषि कानून और किसान हितों का गंभीर उल्लंघन हुआ है। सतर्क रहें किसान, बीज खरीद में सावधानी बरतें प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे बीज खरीदते समय लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही खरीदारी करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सामग्री की तत्काल सूचना नजदीकी कृषि कार्यालय या प्रशासनिक अमले को दें।यह केवल एक फैक्ट्री की बात नहीं है। संभाग के दूसरे जिलों में भी ऐसे गिरोह सक्रिय हो सकते हैं जो किसानों की मेहनत को निशाना बना रहे हैं।

जसविंदर आत्महत्या मामले में बड़ा खुलासा… बॉयफ्रेंड सहित 8 आरोपी गिरफ्तार, 6वीं मंजिल से कूदकर दी थी जान

रायपुर रायपुर राजेंद्र नगर इलाके में छह मंजिला बिल्डिंग से युवती के कूदकर जान देने की वजह का खुलासा हो गया है। युवती को पूर्व प्रेमी काफी परेशान कर रहा था। साथ ही वर्तमान पुरुष मित्र और अन्य लोग मिलकर उसे धमका रहे थे। इससे भयभीत होकर युवती ने खुदकुशी कर ली। इस आत्महत्या के मामले में पुलिस ने युवती को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप में 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें जसविंदर के पूर्व और वर्तमान ब्वायफ्रेंड के अलावा चार युवतियां भी शामिल हैं। आठ लाख रुपये के कर्ज ने छीनी चैन की नींद पुलिस की जांच में सामने आया है कि जसविंदर और आरोपियों के बीच करीब 8 लाख रुपये का लोन लिया गया था, लेकिन दुकान बंद हो जाने के बाद सभी आरोपी लगातार जसविंदर पर पैसे लौटाने का दबाव बना रहे थे। मानसिक और शारीरिक रूप से की जा रही यह प्रताड़ना जसविंदर के लिए असहनीय हो गई थी। दोनों ब्वायफ्रेंड्स के बीच में फंसी रही जसविंदर पुलिस के अनुसार जसविंदर फिलहाल नीरज मजूमदार नामक युवक के साथ रिश्ते में थी, जबकि उनके पूर्व ब्वायफ्रेंड का नाम प्रशांत लांडे है। दोनों युवकों के बीच लगातार तनाव चल रहा था, जिसका प्रभाव जसविंदर पर पड़ रहा था। मंगलवार दोपहर को प्रशांत ने जसविंदर को फोन कर पैसों की मांग की। फिर अन्य साथियों से भी फोन करवाया। नीरज भी लगातार जसविंदर पर दबाव बना रहा था कि वह प्रशांत से बात न करे। कॉलोनी पहुंचे आरोपी शाम होते-होते सभी आरोपी जसविंदर की कॉलोनी पहुंच गए। उनके साथ चार युवतियां रोशनी साहू उर्फ तन्नू, साबिया परवीन, तिलोत्मा पांडेय और नेहा यादव भी थीं। सभी ने मिलकर जसविंदर को नीचे बुलाने की कोशिश की। वह नहीं आई तो वे उसके अपार्टमेंट की ओर बढ़े। जसविंदर स्थिति बिगड़ती देख छत पर चली गई। वहां दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद जसविंदर ने छत से छलांग लगा दी। पुलिस ने सभी आरोपियों को किया गिरफ्तार घटना के तुरंत बाद पुलिस ने सभी आठ आरोपियों नीरज मजूमदार, प्रशांत लांडे, आकाश वैष्णव, दीपक पाटले और चार युवतियों को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस आत्महत्या के लिए उकसाने और मानसिक प्रताड़ना की धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच कर रही है।

जापान का महत्वाकांक्षी मून मिशन फिर फेल, सॉफ्ट लैंडिंग के दौरान क्रैश हुआ

टोक्यो  जापान का महत्वाकांक्षी मून मिशन को बड़ा झटका लगा है। देश की एक निजी मून लैंडर शुक्रवार 6 जून को चंद्रमा पर लैंडिंग का प्रयास करते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जापानी कंपनी आईस्पेस ने लैंडर से संपर्क टूटने के कई घंटे बाद मिशन के फेल होने की पुष्टि की है। कंपनी का यह दूसरा चंद्र अभियान था। जापानी कंपनी के रेजिलिएंस अंतरिक्ष यान को जापान के स्थानीय समयानुसार 6 जून को सुबह 4.17 बजे चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करनी थी, लेकिन निर्धारित लैंडिंग से एक मिनट 45 सेकंड पहले लैंडर से संपर्क टूट गया। फ्लाइट कंट्रोलर ने संपर्क स्थापित करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद मिशन को समाप्त करने की घोषणा की गई। पहले भी नाकाम रही थी लैंडिंग चंद्रमा पर पहली निजी लैंडिंग की कोशिश कर रही ispace के लिए यह बड़ा झटका है। इसके पहले आईस्पेस ने अप्रैल 2023 में पहली बार मून लैंडिंग की कोशिश की थी। उस दौरान भी अंतरिक्ष यान नाकाम रहा था और मिशन को अंततः नाकाम घोषित करना पड़ा था। आईस्पेस के सीईओ और संस्थापक ताकेशी हाकामाडा ने मिशन की नाकामी पर दुख जताया और मिशन में योगदान देने वाले सभी लोगों से माफी मांगी। कंपनी के सीईओ ने मांगी माफी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ताकेशी हाकामाडा ने कहा, ‘हम मिशन 2 को सफल बनाना चाहते थे, लेकिन दुर्भाग्य से हम लैंडिंग करने में विफल रहे।’ हाकामाडा ने कहा, ‘जिन लोगों ने हमारा समर्थन किया है, हम उनसे माफ़ी मांगना चाहते हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि आईस्पेस भविष्य की उड़ानों के लिए अपनी विफलताओं से सीखने के लिए प्रतिबद्ध है। स्पेसडॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, रेजिलिएंस के अंतिम क्षणों से टेलीमेट्री पर आधारित प्रारंभिक डेटा से पता चलता है कि लैंडर के लेजर रेंजफाइंडर ने जांच की चंद्र सतह से दूरी मापते समय किसी प्रकार की देरी का अनुभव किया। आईस्पेस के अधिकारियों ने एक अपडेट में बताया कि लैंडर मून लैंडिंग के लिए जरूरी स्पीड तक पहुंचने के लिए पर्याप्त धीमा नहीं हो सका। इन परिस्थितियों के आधार पर वर्तमान में यह माना जाता है कि लैंडर ने चंद्रमा की सतह पर संभवतः हार्ड लैंडिंग की।  

साउथ सुपरस्टार नागार्जुन के घर फिर जश्न का माहौल, छोटे बेटे अखिल ने गर्लफ्रेंड संग रचाई शादी

मुंबई साउथ सुपरस्टार नागार्जुन के घर फिर जश्न का माहौल है। नागार्जुन के छोटे बेटे और नागा चैतन्य के भाई अखिल अक्किनेनी शादी के बंधन में बंध गए हैं। उन्होंने 6 जून को हैदराबाद में अपनी गर्लफ्रेंड जैनब रावजी से शादी कर ली है, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। हालांकि, अखिल अक्किनेनी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर शादी की पहली तस्वीरें शेयर नहीं की हैं, लेकिन उनकी शादी फंक्शन की कई इंटरनेट पर वायरल हो गईं। वायरल हो रही फोटोज में अखिल को ट्रेडिशनल व्हाइट आउटफिट में देखा जा सकता है, जबकि जैनब आइवरी की कढ़ाई वाली एक ऑफ-व्हाइट साड़ी में बेहद खूबसूरत लग रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने सुंदर डिजाइन वाले हीरे के आभूषणों भी पहने हैं और बालों को व्हाइट फूलों से सजाया है। ओवरऑल लुक में दुल्हन बनी जैनब बेहद प्यारी लग रही हैं।   इसके अलावा एक अन्य फोटो में नागार्जुन अपने बेटे के साथ शादी की रस्म निभाते नजर आ रहे हैं। अखिल की शादी में नागार्जुन के बड़े बेटे नागा चैतन्य और उनकी पत्नी शोभिता धुलिपाला भी मौजूद रहे।   सगाई में नजर आई थीं कई बड़ी हस्तियां बता दें, अखिल और जैनब ने पिछले साल नवंबर में अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में सगाई की थी। इससे पहले दोनों ने लगभग तीन साल तक एक-दूसरे को डेट किया था। वहीं, अब फाइनली ये कपल पति-पत्नी बन गए हैं। कौन हैं जैनब?  बता दें कि जैनब इंडस्ट्रियलिस्ट ज़ुल्फ़ी रावदजी की बेटी हैं, जिन्हें कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री का पायनियर माना जाता है। ज़ैनब खुद एक कलाकार हैं जो प्रकृति, संतुलन और सांस्कृतिक प्रभावों के विषयों को दर्शाती पेंटिंग्स बनाती हैं और काफी ज्यादा पॉपुलर हैं। मालूम हो कि जै़नब अखिल से 9 साल बड़ी हैं। बता दें, इससे पहले एक्टर नागा चैतन्य ने 4 दिसंबर, 2024 को गर्लफ्रेंड व एक्ट्रेस शोभिता धूलिपाला संग दूसरी शादी रचाई थी, जिसकी तस्वीरों ने खूब चर्चा बटोरी थी। वहीं, अब एक साल के अंदर नागार्जुन के घर दूसरी बहू भी आ गई है।  घरों में आई। भारत में फिल्म ने अब तक 94.22 करोड़ रुपये, जबकि वैश्विक स्तर पर 363 मिलियन डॉलर की कमाई कर ली है।  

बुर्का पहन पति संग राम मंदिर पहुंची मुस्लिम महिला, गाने लगी भजन, महिला को देखकर लोगो को हुआ आश्चर्य

अयोध्या अयोध्या के राम मंदिर में 5 जून को राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में राम भक्त अयोध्या पहुंचे थे। लेकिन भक्तों की भीड़ के बीच एक जोड़ा ऐसा था जिस पर हर किसी की नजर टिक गई। लखीमपुर खीरी के अमीन और उनकी पत्नी राम लला के दर्शन को पहुंचे थे। दोनों पूरी तरह राम लला की भक्ति में लीन नजर आए। अमीन ने जहां यह कहा कि श्री राम जैसा जगत में कोई नहीं है, वहीं उनकी पत्नी ने ‘भीलनी परम तपस्विनी शबरी जाको नाम, गुरू मतंक कहकर गए, तोही मिलेंगे राम…’, भजन गाकर सबको मंत्र मुग्ध कर दिया। दोनों ने प्रशासन से राम मंदिर में राम लला के दर्शन की इजाजत मांगी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें इसकी इजाजत मिल गई। गंगा दशहरा के मौके पर दोनों ने राम लला के दर्शन किए। भक्तों की कतार में बुर्का पहनी महिला को देखकर कई लोगों को आश्चर्य हुआ लेकिन इस बारे में अमीन ने जो कुछ कहा उसने सबका दिल जीत लिया। एक निजी चैनल से बातचीत में अमीन ने कहा कि जो राम को नहीं जानता है उससे बड़ा मूर्ख कोई नहीं है। श्री राम जैसा नहीं जगत में कोई। राम नाम भजे हर कोई। राम का नाम बड़ा सुखदाई। अन्य कोई न पार लगाए। राम के आगे शीश झुकाए। राम मुझे जीना सिखलाए। राम जैसा कोई आम इंसान नहीं बन सकता। अमीन ने कहा कि राम फरिश्ता हैं। वह मुझे बहुत अच्छे लगते हैं। अच्छा हुआ कि आज राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर आ गया। अमीन ने बताया कि वह अन्य मंदिरों में भी दर्शन करते रहते हैं। गोला गोकर्णनाथ में भी तीन बार कांवड़ लेकर जा चुके हैं। अमीन ने सीएम योगी की तारीफ करते हुए उन्हें अच्छा नेता बताया। उन्होंने सीएम को जन्मदिन की बधाई भी दी। अमीन और उनकी पत्नी मीडिया चैनल्स से बात कर ही रहे थे कि चेक पोस्ट पर तैनात पुलिस कर्मियों ने वीआईपी विजिट का हवाला देते हुए उन्हें दर्शन के लिए जाने को कहा। इसके बाद वे दर्शन के लिए चले गए। सुरक्षा के लिहाज से कुछ पुलिसकर्मी भी उनके साथ गए। दर्शन की मिली इजाजत राम मंदिर आए मुस्लिम पति-पत्नी को दर्शन की इजाजत मिल गई। महिला सुरक्षा कर्मियों ने बुर्कानशीं महिला की जांच की। उनके पति की भी जांच की गई। इसके बाद उन्हें राम मंदिर की ओर भेजा गया।  

ED के चंगुल में फंसे एक्टर डिनो मोरिया, मीठी नदी स्कैम से जुड़ा है मामला

मुंबई बॉलीवुड अभिनेता डिनो मोरिया अब फिर मुश्किलों में फंस गए हैं। दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को मीठी नदी से गाद निकालने के कथित 65 करोड़ रुपये के घोटाले के सिलसिले में मुंबई और केरल के 15 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की। इस छापेमारी में बॉलीवुड अभिनेता डिनो मोरिया, बीएमसी के सहायक अभियंता प्रशांत रामुगाड़े और कई ठेकेदारों के घर भी शामिल हैं। क्यों डिनो मोरिया के घर हुई छापेमारी? बता दें कि इस मामले में अभिनेता डिनो मोरिया से ईओडब्ल्यू ने पहले भी दो बार पूछताछ की थी। अब इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी अवैध धन के प्रवाह का पता लगाने के लिए छापेमारी के दौरान जब्त किए गए फाइनेंशियल दस्तावेजों और अन्य मैटेरियल्स की जांच कर रहे हैं। यह छापेमारी मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज किए गए एक मामले के बाद धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत धन शोधन जांच का हिस्सा है। कैसे फंसे डिनो मोरिया? बता दें कि EOW ने जब एक्टर को पूछताछ के लिए बुलाया था, तो उसकी वजह थी कि डिनो और उनके भाई ने इस केस के मुख्य आरोपी केतन कदम से फोन पर कई बार बातचीत की। ऐसे में EOW यह जानना चाहता है कि आखिर उनके और केतन के बीच क्या बातचीत हुई है। इस खबर को विस्तार से यहां पढ़ें। डिनो मोरिया के भाई का नाम भी आया सामने बता दें कि शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे के करीबी सहयोगी अभिनेता डिनो मोरिया से पहले ईओडब्ल्यू ने दो बार पूछताछ की थी. ईडी अब अवैध धन के फ्लो का पता लगाने के लिए छापेमारी के दौरान जब्त किए गए फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट्स और दूसरे मैटिरियल्स को रिव्यू कर रही है. ED द्वारा करीब एक दर्जन लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई की गई. सूत्र के मुताबिक, इस घोटाला मामले में मुख्य आरोपी के कॉल रिकॉर्ड्स से कई नाम सामने आए हैं. इसमें डिनो मोरिया के अलावा उनके भाई सैंटिनो का नाम भी शामिल है, जिनकी मीठी नदी घोटाले के आरोपी केतन से कई बार फोन कॉल पर बातचीत हुई है. ED से पहले मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की टीम के फिल्म स्टार डिनो मोरिया और उनके भाई दोनों से पूछताछ कर चुकी है. पिछले हफ्ते ही दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था. करोड़ों का हुआ नुकसान दरअसल, मुंबई महानगरपालिका द्वारा पिछले कुछ समय पहले मीठी नदी की सफाई करवाई गई थी. जिसके बाद मीठी नदी की सफाई अब एक बड़े घोटाले में बदल गई है. आरोप है कि सफाई के लिए इस्तेमाल की गई स्लज पुशर और ड्रेजिंग मशीनों को कोच्चि की कंपनी मैटप्रॉप टेक्निकल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से अत्यधिक दरों पर किराए पर लिया गया, जिससे नगर निगम को ₹65.54 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है. इस मामले में मुख्य आरोपी केतन कदम और जय जोशी बताए जा रहे हैं. इन दोनों पर मैटप्रॉप कंपनी के अधिकारियों और बीएमसी के स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये का घोटाला करने का आरोप है. इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहे हैं, और मुंबई व कोच्चि में कई ठिकानों पर छापेमारी की गई है. कैसे मामले से जुड़ा डिनो मोरिया का नाम? दरअसल, मुंबई महानगरपालिका द्वारा मीठी नदी की सफाई करवाई गई थी। इसके लिए स्लज पुशर और ड्रेजिंग मशीनों का इस्लेमाल किया गया है। मशीनों को कोच्चि की कंपनी मैटप्रॉप टेक्निकल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड से बड़ी रकम पर लिया था। मामले की जांच में सामने आया कि केतन कदम और जय जोशी ने मैटप्रॉप कंपनी के अधिकारियों और बीएमसी के स्टॉर्म वॉटर ड्रेन्स विभाग के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर सफाई के नाम 65 करोड़ रुपए का घोटाला किया। जब घोटाले के मुख्य आरोपी केतन कदम के कॉल रिकॉर्ड्स की जांच हुई तो इसमें एक्टर डिनो मोरिया और उनके भाई का नाम सामने आया। दोनों ने कई मौकों पर केतन कदम से बात की थी। जांच अधिकारियों का मानना है कि डीनो मोरिया और केतन महज दोस्त नहीं हैं, बल्कि उनके बीच पैसों का लेन-देन भी हो सकता है। यही वजह है कि डिनो को जांच के दायरे में लेकर पूछताछ की जा रही है। क्या है मीठी नदी घोटाला मामला इसमें शामिल आरोपियों ने कथित तौर पर 2021 और 2023 के बीच मीठी नदी से गाद निकालने, परिवहन और डंपिंग में अनियमितताएं करके बीएमसी को धोखा देने की साजिश रची। यह नदी शहर से होकर अरब सागर में गिरती है। आरोप है कि विशेष ड्रेजिंग उपकरण किराए पर लेने के लिए टेंडर में कुछ सप्लायर को लाभ पहुंचाने के लिए हेरफेर किया गया था। एसआईटी वर्तमान में व्यापक वित्तीय अनियमितताओं की पहचान करने के लिए 2005 से 2021 के बीच मीठी नदी की गाद निकालने की परियोजना पर किए गए 1,100 करोड़ रुपये के व्यापक व्यय की जांच कर रही है।

भारत में 24 घंटे में कोरोना-19 से 4 मौतें, सक्रिय मामले बढ़कर 5364 हुए

नईदिल्ली कोरोना वायरस धीरे-धीरे पूरे देश में फैल रहा है। इस वायरस की चपेट में अबतक देश के 5364 से ज्यादा लोग आ चुके हैं। वहीं, मौतें भी 30 से अधिक हो चुकी हैं। इस बीच पानीपत में कोरोना का पहला पॉजिटिव केस सामने आया है और गाजियाबाद में भी कोविड के कुल एक्टिव केस 48 हो चुके हैं। दिल्ली से सटे फरीदाबाद में भी गुरुवार को कोरोना के नए केस मिले हैं। यहां 7 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, जिसके बाद यहां भी संक्रमितों की संख्या 38 हो गई है। देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पिछले 20 दिन में केसों की संख्या में 58 गुना की बढ़ोतरी हुई है। 16 मई को देशभर में कोविड के 93 एक्टिव केस थे, जिनकी संख्या अब 5364 पहुंच गई है। कोरोना 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैल गया है। बीते 24 घंटे में 500 नए मामले सामने आए हैं। केरल में सबसे ज्यादा 1679 मामले हैं। इसके बाद गुजरात में 615, पश्चिम बंगाल में 596, दिल्ली में 592 और महाराष्ट्र में 548 एक्टिव केस हैं। कोरोना के नए वैरिएंट्स से जनवरी से अब तक 55 मौतें हो चुकी हैं। इनमें से 53 की मौत 15 दिनों में हुई हैं। गुरुवार को दिल्ली में कोविड से दो और मौतें दर्ज की गईं। इनमें एक पांच महीने का बच्चा भी शामिल है। वहीं, केरल में 2, कर्नाटक और पंजाब में 1-1 मौत हुई है। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 17 मरीजों ने जान गंवाई है। ओडिशा में गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल कोविड गाइडलाइन के तहत खोले गए हैं। शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने बताया कि जिन बच्चों को सर्दी, खांसी या बुखार जैसे हल्के लक्षण हैं, उन्हें स्कूल में मास्क पहनना अनिवार्य है। गंभीर लक्षण वाले बच्चों को घर पर ही रहकर आइसोलेट होने की सलाह दी गई है। कोरोना को लेकर राज्यों में मॉक ड्रिल हुई केंद्र सरकार गुरुवार को देश भर के राज्यों के चुनिंदा अस्पतालों में मॉक ड्रिल हुई। इस दौरान इन अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई, जरूरी दवाओं की स्थिति और वेंटिलेटर की व्यवस्थाओं को परखा गया। इससे बनी रिपोर्ट में कोरोना की चौथी लहर आने की स्थिति में अस्पतालों की तैयारियों पर रेटिंग दी जाएगी। इससे पहले 2 जून को एक शुरुआती मॉक ड्रिल हुई थी। इसमें हेल्थ सर्विस इन्फ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता के लिए अस्पतालों की रेटिंग दी गई थी। इसमें लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन टैंक, प्रेशर स्विंग एडजॉर्पशन प्लांट और मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम पर फोकस किया गया था। राज्यों से कोरोना अपडेट…     केरल: स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को कोविड-19 और इन्फ्लूएंजा के लक्षणों वाले मरीजों का इलाज करते समय जून 2023 में जारी की गई कोविड गाइडलाइन पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में सभी को मास्क लगाना अनिवार्य है। साथ ही ​​​​​​जुकाम, खांसी और बुखार जैसे लक्षण वाले मरीजों का कोविड टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है।     महाराष्ट्र: राज्य सरकार के मुताबिक राज्य में जनवरी से अब तक मरने वालों की कुल संख्या 17 है। इनमें से 16 अन्य बीमारियों से भी पीड़ित थे। इस साल अब तक 13,707 सैंपल की टेस्टिंग हुई है। इनमें से 1064 कोविड पॉजिटिव आए।     गुजरात: सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 508 कोरोना मरीजों में से 18 अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 490 होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे हैं। प्रेस रिलीज में कहा गया है कि आमतौर पर 6 या 8 महीनों में कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है।     कर्नाटक: गुलबर्गा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने में 25 बेड का कोविड वार्ड बनाया गया है। इनमें से पांच-पांच बेड ICU (वेंटिलेटर समेत), हाई डिपेंडेंसी यूनिट और पांच प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए हैं। बाकी 10 नॉर्मल बेड हैं।     उत्तराखंड: राज्य सरकार ने बुधवार को गाइडलाइन जारी कर जिला प्रशासन से अस्पतालों में ऑक्सीजन तथा जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियों, सांस की जुड़े गंभीर इंफेक्शन और कोविड मामलों की रिपोर्टिंग करने के भी निर्देश दिए हैं।     सिक्किम: राज्य के स्वास्थ्य मंत्री जीटी धुंगेल ने बताया कि 29 मई से अब तक राज्य में 526 सैंपल की टेस्टिंग की गई। इनमें से 15 लोग पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद सभी अस्पतालों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना, मास्क पहनना और सैनिटाइजर का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है।     हिमाचल प्रदेश: राज्य में कोविड का पहला मामला सामने आने बाद बुधवार को अस्पताल में सभी को मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया। सिरमौर जिले के नाहन में 3 जून को पहला केस मिला था। भारत में मिले कोविड-19 के 4 नए वैरिएंट भारत के कई राज्यों में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बीच देश में चार नए वैरिएंट मिले हैं। ICMR के डायरेक्टर डॉ. राजीव बहल ने बताया कि दक्षिण और पश्चिम भारत से जिन वैरिएंट की सीक्वेंसिंग की गई है, वे LF.7, XFG , JN.1 और NB.1.8.1 सीरीज के हैं। बाकी जगहों से नमूने लेकर सीक्वेंसिंग की जा रही है, ताकि नए वैरिएंट की जांच की जा सके। मामले बहुत गंभीर नहीं हैं और लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए, बस सतर्क रहना चाहिए। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने भी इन्हें चिंताजनक नहीं माना है। हालांकि निगरानी में रखे गए वैरिएंट के रूप में कैटेगराइज किया है। चीन सहित एशिया के दूसरे देशों में कोविड के बढ़ते मामलों में यही वैरिएंट दिख रहा है। NB.1.8.1 के A435S, V445H, और T478I जैसे स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन अन्य वैरिएंट की तुलना में तेजी से फैलते हैं। इन पर कोविड के खिलाफ बनी इम्यूनिटी का भी असर नहीं होता। भारत में कोविड का JN.1 वैरिएंट सबसे आम है। टेस्टिंग में आधे से ज्यादा सैंपल में यह वैरिएंट मिलता है। इसके बाद BA.2 (26 प्रतिशत) और ओमिक्रॉन सबलाइनेज (20 प्रतिशत) वैरिएंट के मामले भी मिलते हैं।    

मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकमान्य तिलक शिक्षण समिति के अभिनंदन समारोह में हुए शामिल

गुरू ही जीवन की दिशा तय करते है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि लोकमान्य तिलक विद्यालय परिसर में भविष्य के विकास का संकल्प निर्मित हुआ मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकमान्य तिलक शिक्षण समिति के अभिनंदन समारोह में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शुक्रवार को लोकमान्य तिलक शिक्षण समिति के अभिनंदन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि लोकमान्य तिलक विद्यालय परिसर में भविष्य के विकास का संकल्प निर्मित हुआ है। ये परिसर राष्ट्रवादी विचारों का जीवंत केंद्र है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों में कुलपति के स्थान पर कुलगुरु संबोधित किए जाने पर कहा कि गुरु शब्द अंधेरे से प्रकाश को जोड़ता है। माता-पिता के बाद गुरु ही जीवन की दिशा तय करते हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में लोटी स्कूल से जुड़े अपने विद्यार्थी परिषद के समय के अनुभव भी साझा किए। विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम में स्वागत भाषण किशोर खंडेलवाल ने दिया। मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्रों को पुरस्कार प्रदान किये। खंडेलवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष शिक्षकों के उन्नयन के लिए 3 दिवसीय अभ्यास वर्ग के चलते आयोजित किया जाता है। इसमें अलग-अलग विषय होते हैं। कार्यकम में विद्यालय का स्टाफ उपस्थित रहा। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कार्यक्रम में 10वीं में टॉपर 3 छात्र, छात्राओं एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिता मल्लखम्भ खेल में मैडल हासिल करने वाले 4 खिलाड़ी छात्र, छात्राओं का सम्मान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष किशोर खंडेलवाल, सचिव विश्वनाथ सोमन और गिरीश भालेराव ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन गिरीश भालेराव ने किया और आभार प्रदर्शन विश्वनाथ सोमन ने किया।  

इंदौर में क्रिकेट का मचेगा धमाल, विमेंस वर्ल्ड कप के होंगे मैच, शेड्यूल जारी

इंदौर  इंदौर को एक बड़ी जिम्मेदारी मिली है। यह जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट से जुड़ी है। ऐसा इसलिए क्योंकि महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 की शुरुआत होनी है। जिसके मैच इंदौर के होलकर स्टेडियम में भी होंगे। इसकी जानकारी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दी है। उनका कहना है कि होने वाले सभी मैच बेहद रोमांचक होंगे। बता दें कि महिला वनडे विश्व कप 2025 के वेन्यू का ऐलान कर दिया गया है। 8 टीमों का यह टूर्नामेंट 30 सितंबर से 2 नवंबर तक भारत और श्रीलंका के पांच अलग-अलग शहरों – बेंगलुरु, गुवाहाटी, इंदौर, विशाखापत्तनम और कोलंबो में आयोजित किया जाएगा। भारतीय टीम बेंगलुरु में पहला मैच खेलेगी। वहीं पाकिस्तान अपने सभी मैच कोलंबो में खेलेगा। 2 नवंबर को होने वाला फाइनल बेंगलुरु या कोलंबो में होगा। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि पाकिस्तान फाइनल मुकाबले के लिए क्वालीफाई होता है या नहीं। आईसीसी ने महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 के शेड्यूल का ऐलान कर दिया है। दरअसल इस बार इस मेगा इवेंट की मेजबानी भारत करेगा और मुकाबले 30 सितंबर से 2 नवंबर तक चलेंगे। ये वर्ल्ड कप भारत के लिए खास इसलिए भी है क्योंकि देश में 12 साल बाद महिला वर्ल्ड कप का आयोजन हो रहा है। इससे पहले 2016 में महिला टी20 वर्ल्ड कप भारत में खेला गया था। इस बार मुकाबले बेंगलुरु, गुवाहाटी, इंदौर, विशाखापत्तनम और कोलंबो में होंगे। दरअसल महिला वर्ल्ड कप 2025 में पाकिस्तान की टीम भारत नहीं आएगी। पाकिस्तान के मुकाबले कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में कराए जाएंगे। वहीं भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और बांग्लादेश भारत में अपने मुकाबले खेलेंगे। टूर्नामेंट राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में होगा, जिसमें सभी टीमें एक-दूसरे से खेलेंगी। कुल 28 लीग मैच होंगे, जिसके बाद दो सेमीफाइनल और एक फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। भारत अपना पहला मैच 30 सितंबर को बेंगलुरु में खेलेगा। अगर पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल या फाइनल में पहुंचती है, तो उसके मुकाबले भी कोलंबो में ही आयोजित किए जाएंगे। पहला सेमीफाइनल 29 अक्टूबर को गुवाहाटी या कोलंबो में खेला जाएगा और दूसरा सेमीफाइनल 30 अक्टूबर को बेंगलुरु में होगा। फाइनल मुकाबला 2 नवंबर को बेंगलुरु या कोलंबो में आयोजित किया जाएगा। भारत पर रहेंगी निगाहें दरअसल महिला वर्ल्ड कप 2025 में कुल 8 टीमें खेलेंगी, जिनमें भारत, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका, श्रीलंका और बांग्लादेश शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया मौजूदा चैंपियन है और इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम भी रही है, जिसने अब तक 7 बार खिताब जीता है। 2022 में न्यूजीलैंड में हुए पिछले वर्ल्ड कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को हराया था। इस बार भारत घरेलू मैदान पर खेल रहा है, ऐसे में फैंस को महिला टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। भारत की कप्तानी किस खिलाड़ी को मिलेगी, इसका ऐलान आने वाले हफ्तों में बीसीसीआई कर सकती है। टूर्नामेंट को लेकर भारत में क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है और उम्मीद की जा रही है कि स्टेडियम खचाखच भरे नजर आएंगे। महिला T20 वर्ल्ड कप 2026 की भी घोषणा दरअसल आईसीसी ने महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 के साथ ही महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मेजबान की भी घोषणा कर दी है। इस बार यह टूर्नामेंट इंग्लैंड में खेला जाएगा, जिसकी शुरुआत 12 जून 2026 से होगी। पहला मुकाबला इंग्लैंड बर्मिंघम के एजबेस्टन स्टेडियम में खेलेगा। फाइनल 5 जुलाई को लंदन के प्रतिष्ठित लॉर्ड्स मैदान में खेला जाएगा। इस टूर्नामेंट में कुल 33 मुकाबले होंगे, जो 7 अलग-अलग शहरों में आयोजित किए जाएंगे। द ओवल दोनों सेमीफाइनल मैचों की मेजबानी करेगा, जो 30 जून और 2 जुलाई को खेले जाएंगे। बाकी मुकाबले मैनचेस्टर, लीड्स, साउथैम्प्टन और ब्रिस्टल में होंगे। इंग्लैंड को घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिल सकता है, लेकिन भारत, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसी टीमें भी खिताब की प्रबल दावेदार रहेंगी। 2024 में खेला गया था आखिरी टी-20 मध्यप्रदेश को 2018 के बाद लगातार 7वें साल आईपीएल का एक भी मैच नहीं मिला है। इससे यहां के फैंस मायूस नजर आ रहे हैं। 14 जनवरी 2024 को इंदौर में आखिरी इंटरनेशनल टी-20 मैच खेला गया था। यह मैच होलकर स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच था। इसके बाद यह माना जा रहा था कि 2025 के शेड्यूल में इंदौर को एक मैच जरूर मिल सकता है। इंदौर के होलकर स्टेडियम में अब तक 9 इंटरनेशनल मैच और इतने ही आईपीएल मैच हो चुके हैं।  

सामने आईं लखनऊ कांड के दीपक वर्मा के वहशीपन की तस्वीरें, बच्ची को गोद में ले जाता दिखा दरिंदा

लखनऊ  यूपी की राजधानी लखनऊ के आलमबाग मेट्रो स्टेशन के नीचे मां-बाप के पास सो रही बच्ची को अगवा कर उसके साथ दरिंदगी करने के आरोपी दीपक के वहशीपन की तस्वीरें एक-एक कर सामने आ रही हैं। वारदात के 24 घंटे के अंदर दीपक को शुक्रवार तड़के पौने 4 बजे लखनऊ पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। एनकाउंटर के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक सीसीटीवी वीडियो में दीपक मासूम बच्ची को अपनी गोद में ले जाता दिख रहा है। वह उसे लिफ्ट के पास ले जाता है। गुरुवार की सुबह बच्ची के मां-बाप को बच्ची वहीं लिफ्ट के पास गलियारे में खून से लथपथ रोती बिलखती मिली थी। उसके निजी अंगों से रक्तस्राव हो रहा था। बताया जा रहा है कि आरोपित की तलाश में लगी पुलिस टीमों ने पांच किलोमीटर के दायरे में 200 से अधिक सीसी कैमरे खंगाले। एक सीसी कैमरे में दरिंदा बच्ची को ले जाते दिखा। अन्य कैमरों में वारदात के बाद दिखा है। माता-पिता बच्ची को लेकर ई-रिक्शे से लोकबंधु अस्पताल पहुंचे जहां से बाद में उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। उसे ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे सीधे पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में भर्ती किया। अस्पताल में बच्ची दर्द से लगातार कराह रही थी। केजीएमयूी पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ.जे.पी.रावत ने बताया कि बच्ची की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। हालांकि उसके निजी अंगों पर गंभीर चोटें हैं। डॉक्टर बच्ची की सर्जरी प्लान कर रहे हैं। दरिंदे पर पुलिस ने घोषित किया था एक लाख का इनाम बच्ची को उसके मां-बाप से उठाने के लिए दरिंदा सफेद रंग की स्कूटी से आया था। पुलिस उपायुक्त मध्य आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि इस घटना के खुलासे के लिए मैंने 5 टीमें बनाई थीं। लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट से इस घटना के संबंध में जानकारी देने वाले को एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की पड़ताल में देखा गया कि रात में 3 बजे सफेद रंग की स्कूटी से आए करीब 25 साल के शख्स ने पहले बच्ची को उसके मां-बाप के पास से अगवा किया फिर शर्मनाक घटना को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज से स्कूटी का नंबर निकालकर आरटीओ से जांच की गई तो पता चला कि स्कूटी विष्णु वर्मा की है। मुखबिरों से पता चला कि स्कूटी को चलाता विष्णु का छोटा भाई दीपक वर्मा है। पता चला कि सीसीटीवी फुटेज में मासूम को ले जाता शख्स दीपक वर्मा ही है। डीसीपी ने बताया कि शुक्रवार रात में जब पुलिस की टीमें उसे पकड़ने का प्रयास कर रही थीं तब उसने पुलिस पर फायरिंग करके भागने की कोशिश की। जवाबी फायरिंग में उसे गोली लगी। उसे लोकबंधु अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद उसका शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रेलवे का वेंडर था दीपक, एक मुकदमा दर्ज था डीसीपी मध्य ने बताया कि दीपक वर्मा रेलवे में वेंडर था। वह पानी वगैरह बेचने का काम करता था। उसके खिलाफ थाना हजरतगंज एक मुकदमा दर्ज है। वह कभी-कभी जगराते में झांकियां वगैरह लगाता था। कैसे हुई थी घटना मासूम पीड़िता का परिवार मूल रूप से उन्नाव का रहने वाला है। ये लोग लखनऊ में कबाड़ बीनते हैं। पीड़िता के पिता ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात वह मेट्रो स्टेशन के चबूतरे पर पत्नी और बच्ची के साथ सोए थे। तड़के करीब तीन बजे आंख खुली तो बच्ची पास में नहीं थी। खोजबीन शुरू की तो एक वृद्ध ने बताया वह मेट्रो स्टेशन की लिफ्ट के पास गलियारे में रो रही है। वहां बच्ची खून से लथपथ पड़ी थी।  

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