LATEST NEWS

एग्जाम वर्क में नहीं ब्रेक: छुट्टियों में भी कॉपी चेकिंग, स्कूल परिसरों में सुरक्षा सख्त

राजनांदगांव. संस्कारधानी राजनांदगांव जिला मुख्यालय स्थित स्टेट हायर सेकेंडरी स्कूल में पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 10वीं और 12वीं बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन कराया जा रहा है. बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन अवकाश के दिनों में भी कराया जाएगा जिसके लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं. चार दिनों से बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सुनिश्चित कराया जा रहा है. स्कूल समन्वयक की माने तो अब तक 24000 से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूर्ण कर लिया गया है आज भी 300 शिक्षकों 8000 से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूर्ण किया है. जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल सहित मूल्यांकन प्रभारी के देखरेख में मूल्यांकन कार्य का नियमित रूप से कराया जा रहा है. समन्वयक केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रत्येक शिक्षक प्रतिदिन 40 कॉपियां जांच रहे है. प्रथम चरण में मूल्यांकन के लिए 61,000 से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं पहुंची हैं. स्टेट हायर सेकेंडरी स्कूल में मूल्यांकन कार्य कराए जाने के कारण आसपास के क्षेत्र में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. 100 मीटर के दायरे में लोगों का प्रवेश भी पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है. प्रवेश द्वार से लेकर भीतरी क्षेत्र में मूल्यांकन कार्य में जुटे लोगों को ही की अनुमति दी जा रही है. प्रतिदिन एक से डेढ़ हजार कॉपियों का मूल्यांकन सुनिश्चित कराया जा रहा है. चार दिन के भीतर शिक्षकों ने अब तक 24000 से अधिक कॉपियों का मूल्यांकन पूर्ण कर लिया है.

बस्तर की वादियों में गूँजेगी बदलाव की नई आहट, बस्तर हेरिटेज मैराथन को लेकर पुनर्वासित जनों में अभूतपूर्व उत्साह

हिंसा की राह छोड़, उम्मीदों की दौड़, बस्तर नई पहचान की ओर शांति, विश्वास और विकास-बस्तर हेरिटेज मैराथन एक मज़बूत संदेश बस्तर की वादियों में गूँजेगी बदलाव की नई आहट, बस्तर हेरिटेज मैराथन को लेकर पुनर्वासित जनों में अभूतपूर्व उत्साह खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने 25 लाख रुपये की पुरस्कार की घोषणा  रायपुर बस्तर में आपका स्वागत है, जहाँ विरासत जीवंत है और प्रकृति साँस लेती है। बस्तर हेरिटेज मैराथन में प्राचीन वन, जीवंत आदिवासी संस्कृति और मनमोहक परिदृश्य समाहित हैं। धावक साल के पेड़ों से घिरे सुरम्य मार्गों और प्राचीन गाँवों से गुजरेंगे, और हर कदम पर बस्तर की सुंदरता का अनुभव करेंगे। छत्तीसगढ़ के बस्तर में रोमांच और प्रकृति के बीच एक खास आयोजन होने जा रहा है। 22 मार्च 2026 को बस्तर हेरिटेज मैराथन  2026 का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के धावक हिस्सा ले सकेंगे। इस मैराथन की शुरुआत जगदलपुर के लाल बाग मैदान से होगी और फिनिश लाइन एशिया के नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट जलप्रपात पर होगी। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि की घोषणा की गई है।           बस्तर की शांत वादियों में इस बार केवल प्रकृति का संगीत नहीं, बल्कि बदलाव और विकास के संकल्प की एक अभूतपूर्व गूँज सुनाई देने वाली है।  इस मैराथन की सबसे गौरवशाली और मानवीय तस्वीर उन आत्म-समर्पित माओवादियों के रूप में उभर कर सामने आ रही है, जो कभी दुर्गम जंगलों के अंधेरों में भटकते थे, लेकिन अब समाज की मुख्यधारा का अभिन्न हिस्सा बनकर इस खेल महाकुंभ में अपनी शारीरिक शक्ति और जीवटता का परिचय देने को बेताब हैं। हिंसा का मार्ग त्याग कर शांति की राह चुनने वाले इन युवाओं का यह उत्साह इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि बस्तर अब पुराने संघर्षों के साये से बाहर निकलकर खेल, साहस और शौर्य के वैश्विक मंच पर अपनी एक नई और सकारात्मक पहचान गढ़ रहा है।              इस मैराथन में 42 कि.मी., 21 कि.मी., 10 कि.मी. और 5 कि.मी. जैसी अलग-अलग कैटेगरी रखी गई हैं, ताकि हर स्तर के रनर्स इसमें भाग ले सकें। प्रतियोगिता में 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी रखी गई है और बस्तर संभाग के धावकों के लिए अलग से पुरस्कार की व्यवस्था की गई है। यह आयोजन बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती, संस्कृति और खेल भावना को एक साथ जोड़ने का खास मौका बनने जा रहा है।          बस्तर की फिजाओं में अब हिंसा के बारूद की नहीं, बल्कि उम्मीदों और सपनों की उड़ान की खुशबू तैर रही है। कभी जिन हाथों में बंदूकें हुआ करती थीं और जो पैर घने जंगलों की खाक छानते थे, वे अब बस्तर मैराथन के ट्रैक पर अपनी किस्मत आजमाने और एक नई पहचान बनाने को पूरी तरह तैयार हैं। दंतेवाड़ा के लोन वर्राटू (घर वापस आइए) अभियान और पूना मारगेम” (पुनर्वास से पुनर्जीवन) जैसे प्रभावी पुनर्वास कार्यक्रमों के माध्यम से दर्जनों पूर्व नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में शामिल होने का ऐतिहासिक फैसला किया है। शासन की कल्याणकारी पुनर्वास नीति के तहत ये युवा अब अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग कर रहे हैं और जंगल की संकरी पगडंडियों पर छिपने के बजाय मैराथन की फिनिशिंग लाइन को छूने का लक्ष्य लेकर कड़ी ट्रेनिंग ले रहे हैं।             स्थानीय खेल मैदानों में आयोजित अभ्यास सत्रों के दौरान इन युवाओं का जोश देखते ही बनता है, जहाँ पसीने से तर-बतर चेहरे और दृढ़ संकल्प वाली आँखें बस्तर के बदलते स्वरूप की गवाही दे रही हैं। प्रशिक्षकों का मानना है कि इन युवाओं में अदम्य साहस और बेमिसाल स्टेमिना है, जिसे अब आधुनिक रनिंग तकनीकों के माध्यम से तराशा जा रहा है ताकि वे न केवल दौड़ें, बल्कि जीत का परचम भी लहरा सकें। इस बदलाव का मानवीय पक्ष तब और उभर कर आता है जब शिविर की महिला प्रतिभागी भावुक होकर बताती हैं कि डर के साये से निकलकर अब उन्हें समाज में सम्मान और सुरक्षा मिल रही है। यह अनूठी पहल केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जंगल की हिंसा और भटकाव को पीछे छोड़कर एथलेटिक्स में करियर बनाने का एक सुनहरा अवसर है। अनुभवी कोचों द्वारा दी जा रही प्रोफेशनल ट्रेनिंग इन युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बना रही है, जिससे वे स्थानीय समुदाय के साथ जुड़कर एक नई पहचान तलाश रहे हैं।           अंततः यह प्रयास बस्तर में शांति, विश्वास और प्रगति का एक सशक्त संदेश दे रहा है, जहाँ पूरा दंतेवाड़ा इन युवाओं के हौसले को सलाम करते हुए मैराथन के ट्रैक पर उनकी ऐतिहासिक जीत की राह देख रहा है। इस मैराथन के माध्यम से ये पूर्व माओवादी न केवल अपनी दमखम का प्रदर्शन करेंगे, बल्कि पूरी दुनिया को यह संदेश भी देंगे कि यदि सही दिशा और अवसर मिले, तो बस्तर का हर हाथ राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण सहभागी बन सकता है। ऐतिहासिक लालबाग मैदान की मिट्टी से शुरू होकर विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के कल-कल करते तटों पर समाप्त होने वाली यह 42 किलोमीटर की श्फुल मैराथनश् इन समर्पित युवाओं की भागीदारी को विशेष रूप से रेखांकित करेगी।         आयोजन को पूरी तरह समावेशी बनाने के उद्देश्य से इसमें 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर की दौड़ और 5 किलोमीटर की श्फन रनश् जैसी श्रेणियां भी रखी गई हैं, जहाँ बस्तर के स्थानीय धावकों और मुख्यधारा में लौटे इन युवाओं का एक अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासन ने 25 लाख रुपये की विशाल इनामी राशि की घोषणा की है, जिसमें बस्तर कैटेगरी के विशेष प्रावधानों ने स्थानीय समुदायों के साथ-साथ इन युवाओं के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार किया है। विशेषकर 10 किलोमीटर की श्रेणी में जूनियर और ओपन वर्ग के अलग-अलग प्रावधानों ने पहली बार दौड़ने वाले युवाओं और फिटनेस प्रेमियों के बीच जबरदस्त आकर्षण पैदा किया है। स्थानीय सहभागिता को अधिकतम करने के लिए बस्तर जिले के सभी धावकों हेतु पंजीकरण पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है, ताकि कोई भी प्रतिभा आर्थिक तंगी के कारण इस ऐतिहासिक अवसर से वंचित न रह जाए।         … Read more

राजनीतिक नियुक्तियों के बीच मध्यप्रदेश में राज्य वित्त आयोग का गठन, जयभान सिंह पवैया बने अध्यक्ष

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। जिन नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद थी, अब उन्हें निगम-मंडल और आयोगों में एडजस्ट किया जा सकता है। भाजपा नेतृत्व जल्द ही राजनीतिक नियुक्तियों की बड़ी सूची जारी कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, 2023 विधानसभा चुनाव में जीतने के बाद भी कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मंत्रियों को कैबिनेट में जगह नहीं मिल पाई थी। ऐसे नेताओं को अब निगम-मंडल अध्यक्ष बनाकर संतुलन साधने की रणनीति बनाई जा रही है। मध्य प्रदेश में मंडल आयोग में नियुक्तियों की शुरुआत हो गई है। मध्यप्रदेश शासन के वित्त विभाग  राज्य वित्त आयोग के गठन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। आयोग में जयभान सिंह पवैया को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि केके. सिंह सदस्य और वीरेंद्र कुमार सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। अन्य सदस्यों की नियुक्ति अलग से की जाएगी। भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 के तहत तथा मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के अनुसार राज्यपाल द्वारा नए राज्य वित्त आयोग का गठन किया गया है।  इन कामों पर देगा अपनी सिफारिश आयोग के अध्यक्ष और सदस्य अपने पद ग्रहण करने की तिथि से 31 अक्टूबर 2026 तक कार्य करेंगे। आयोग का मुख्य कार्य पंचायतों और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति का पुनर्विलोकन करना होगा। आयोग राज्य के करों, शुल्कों, पथकरों और फीस से प्राप्त आय के राज्य एवं स्थानीय निकायों के बीच वितरण के सिद्धांत तय करेगा। साथ ही पंचायतों और नगरीय निकायों को मिलने वाले अनुदानों, वित्तीय सुधार उपायों और संसाधनों के न्यायसंगत बंटवारे पर सुझाव देगा। मंत्रिमंडल के दावेदारों को मिलेगा नया मौका भाजपा संगठन उन नेताओं को जिम्मेदारी देने की तैयारी में है, जो मंत्री पद के प्रबल दावेदार थे लेकिन कैबिनेट में शामिल नहीं हो पाए। इनमें कुछ कांग्रेस से आए विधायक भी शामिल बताए जा रहे हैं। चर्चा में शामिल प्रमुख नामों में गोपाल भार्गव, मालिनी, लक्ष्मण सिंह गौड़, बृजेंद्र सिंह यादव, अजय विश्नोई और अर्चना चिटनीस जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं। दिल्ली तक पहुंचा मामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पूरे मामले पर दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा की है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah  से मुलाकात कर क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को लेकर रणनीति पर विचार किया है।  2028 चुनाव की तैयारी भाजपा का फोकस अब 2028 के विधानसभा चुनाव पर है। पार्टी पुराने अनुभवी नेताओं और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाकर संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। सूत्रों का कहना है कि यह नियुक्तियां पार्टी के भीतर असंतोष को कम करने और नेताओं को “एडजस्ट” करने के लिए की जा रही हैं। कई महत्वपूर्ण आयोगों में खाली पद राज्य में कई अहम आयोग लंबे समय से नेतृत्व विहीन हैं— महिला आयोग अनुसूचित जाति आयोग अनुसूचित जनजाति आयोग पिछड़ा वर्ग आयोग अल्पसंख्यक आयोग इन सभी में अध्यक्ष और कई पद खाली हैं, जिससे लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कब आएगी सूची? पार्टी सूत्रों के अनुसार, चैत्र नवरात्र के बाद कभी भी निगम-मंडल और आयोगों की नियुक्तियों की सूची जारी हो सकती है। इन मुद्दों पर भी देगा अपनी सिफारिशें  आयोग स्थानीय निकायों की वित्तीय मजबूती के लिए कई अहम बिंदुओं पर अनुशंसाएं देगा, जिनमें भूमि कर एवं राजस्व के बंटवारे के प्रावधान, पेट्रोलियम उत्पादों से मिलने वाले कर का हिस्सा, पंचायतों व नगरीय निकायों की ऋण सीमा और पुनर्भुगतान व्यवस्था, स्थानीय निकायों के व्यय और आय के संतुलन के उपाय, जन-सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के सुझाव और पर्यावरण संरक्षण और योजनाओं के प्रभावी संचालन के उपाय शामिल हैं। आयोग 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली पांच वर्ष की अवधि के लिए अपनी सिफारिशें राज्यपाल को प्रस्तुत करेगा। 

5 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ, धामी कैबिनेट का हुआ विस्तार

देहरादून   उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार के कैबिनेट का आज विस्तार हुआ। कैबिनेट विस्तार में 5 मंत्रियों को राज्यपाल गुरमीत सिंह ने शपथ दिलाई। कैबिनेट में मंत्री की शपथ लेने वाले विधायकों में मदन कौशिक प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, भरत सिंह चौधरी और खजान दास शामिल रहे। इन विधायकों के शपथ के साथ ही पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट में अब मुख्यमंत्री समेत 12 सदस्य हो गए हैं। अभी कैसा है धामी कैबिनेट का स्वरूप उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट में अब मुख्यमंत्री समेत12 सदस्य हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज 5 नए मंत्रियों को शपथ दिलाने के बाद कैबिनेट सदस्यों की संख्या 7 से अब 12 हो गई। इन पांच विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ  1    मदन कौशिक 2. खजान दास 3. राम सिंह कैडा 4. प्रदीप बत्रा 5. भरत चौध ये रहे धामी सरकार के नए सिपाही खजान दास (अनुसूचित जाति): देहरादून जिले की राजपुर सीट से लगातार दो बार चुनाव जीतने वाले खजान दास भुवन खंडूरी सरकार में शिक्षा राज्यमंत्री रह चुके हैं. साल 2007 में टिहरी जिले से जीते थे चुनाव. संगठन के पदों पर भी रह चुके हैं खजान दास. फिलहाल बीजेपी के प्रवक्ता भी हैं खजानदास. प्रदीप बत्रा (पंजाबी समाज): हरिद्वार जिले में रुड़की विधानसभा से तीन बार के विधायक प्रदीप बत्रा पंजाबी समाज से आते हैं. हरीश रावत सरकार के दौरान जिन कांग्रेसी विधायकों ने बगावत करके बीजेपी का दामन थामा था, उसमें बत्रा भी शामिल रहे हैं. बीजेपी संगठन में बत्रा की अच्छी पकड़ मानी जाती है. मदन कौशिक (ब्राह्मण): हरिद्वार से पांच बार के विधायक मदन कौशिक, बीजेपी का बड़ा ब्राह्मण चेहरा हैं। पूर्व मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे, कौशिक बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने सदस्य हैं. कौशिक 2002 में पहली बार हरिद्वार से विधायक चुने गए थे. तब से लगातार हरिद्वार से विधायक हैं कौशिक. राम सिंह कैड़ा (ठाकुर): नैनीताल जिले की भीमताल सीट से दो बार के विधायक राम सिंह कैड़ा पहली बार बीजेपी के टिकट पर विधायक बने हैं। 2017 में कैड़ा, निर्दलीय के तौर पर भीमताल से जीते थे. छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाले राम सिंह कैड़ा लंबे समय तक कांग्रेस से भी जुड़े रहे. भरत चौधरी (ठाकुर): रुद्रप्रयाग जिले की रुद्रप्रयाग विधानसभा से दो बार के बीजेपी विधायक भरत चौहान राजनीति में चार दशक से हैं. इनको मंत्री बनकर बीजेपी ने क्षेत्रीय संतुलन साधने का मैसेज दिया है. भरत चौधरी ने संस्कृत भाषा में शपथ लिया.

दुर्ग में विकास की नई पहल: 2 करोड़ खर्च कर तैयार होंगे 4 सुंदर उद्यान

दुर्ग. दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में 4 नये उद्यान निर्माण किया जाएगा. शहर विधायक एवं केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव के पहल से यह संभव हो सका है. मंत्री के वार्ड भ्रमण दुर्ग के नागरिकों ने बच्चों के खेलने और सुबह शाम टहलने के लिए व्यवस्थित उद्यान की मांग किये थे. उन्होंने तत्काल विभागीय अधिकारियों से इस्टीमेट बनाकर शासन को प्रस्ताव भेजे जिस पर उद्यान बनाने की सहमति मिलने के साथ ही राशि भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है. केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि दुर्ग शहर के प्रत्येक वार्ड में नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्य लगातार किए जा रहे हैं. प्रदेश की भाजपा सरकार के नेतृत्व में दुर्ग को एक विकसित और सुव्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है. विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है और लगातार नई-नई योजनाओं की स्वीकृति मिल रही है. उन्होंने बताया कि इन उद्यानों के निर्माण से बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में खेलने का अवसर मिलेगा, वहीं बुजुर्गों और अन्य नागरिकों को सुबह-शाम टहलने, व्यायाम करने और समय बिताने के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होगा. इन उद्यानों में साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था, बच्चों के लिए झूले, ओपन जिम जैसी सुविधाएं विकसित करने का भी प्रयास किया जाएगा, ताकि हर आयु वर्ग के लोग इसका लाभ उठा सकें. इन वार्डों में होगा उद्यान निर्माण : वार्ड 45, पद्मनाभपुर ( पूर्व ) 64.98 लाख वार्ड 46, पद्मनाभपुर (पश्चिम) 15.54 लाख वार्ड 49, विद्युत नगर वार्ड 51, बोरसी (उत्तर) 57.48 लाख 62.47 लाख

ओलावृष्टि और बारिश ने मचाई हलचल, 34 जिलों में अलर्ट, फसलों को हुआ नुकसान

भोपाल मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। 24 घंटों के दौरान प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। आज सुबह से भी भोपाल सहित कई जिलों में बादलों का डेरा है और रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। वहीं राजधानी भोपाल में देर रात 1:30 बजे भी तेज आंधी के साथ बारिश हुई। इधर, उज्जैन, पांढुर्णा, बैतूल, झाबुआ और बड़वानी में ओले गिरे हैं। तेज आंधी और बेमौसम बारिश की वजह से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बैतूल और दमोह में करीब आधा इंच पानी गिरा है, जबकि इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन समेत दो दर्जन से अधिक जिलों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ीं। मऊगंज में सुबह गरज-चमक के साथ हलकी बारिश शुरू हो गई, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। अचानक हुई इस बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलों पर इसके असर की आशंका जताई जा रही है। वहीं मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी। आज यहां ओले गिरने का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, आज प्रदेश के 34 जिलों में बारिश की संभावना है। इनमें बालाघाट, मंडला, सिवनी, दतिया, टीकमगढ़ और निवाड़ी में ओले भी गिर सकते हैं। वहीं, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, विदिशा, शिवपुरी, रायसेन, अशोकनगर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, दमोह, सागर, छतरपुर, सतना, पन्ना, रीवा, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और डिंडोरी में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में बारिश और आंधी भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, छतरपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, दतिया, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, पचमढ़ी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, मऊगंज, सतना, मुरैना, उमरिया, झाबुआ, बड़वानी और पांढुर्णा में मौसम विभाग ने तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की है। सतना में भी सुबह-सुबह बूंदाबांदी सतना में शुक्रवार सुबह मौसम ने अचानक करवट बदली है। सुबह से आसमान में बादलों का डेरा और तेज हवाओं का दौर जारी है। तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई है और जिले में कहीं-कहीं रुक-रुक कर बूंदाबांदी भी हो रही है। वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। तेज हवाओं के साथ बारिश होने से खेतों में खड़ी और कटी फसलों के नुकसान की संभावना है।   इन जिलों में दर्ज हुई बारिश और आंधी भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, छतरपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, दतिया, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, पचमढ़ी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, मऊगंज, सतना, मुरैना, उमरिया, झाबुआ, बड़वानी और पांढुर्णा में मौसम विभाग ने तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान सिस्टम के सक्रिय रहने से अगले 24 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हलकी बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। मंडला में 3.8 मिमी बारिश मंडला जिले में शुक्रवार तड़के 4 से 5 बजे के बीच जोरदार बारिश हुई। तेज हवाओं के साथ हुई इस वर्षा ने भीषण गर्मी से राहत दिलाते हुए पूरे वातावरण में ठंडक घोल दी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटों के दौरान जिले में 3.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। बेमौसम हुई इस बारिश ने जहां आम जनमानस को सुहावने मौसम का तोहफा दिया है। वहीं किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। जबलपुर में सुबह 4 बजे से बारिश जबलपुर में आज सुबह 4 बजे से शुरू हुई रुक-रुक कर बारिश ने सुबह 9 बजे के बाद तेजी पकड़ ली। इस बेमौसम बरसात और ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन सड़कों पर जलभराव से आवाजाही प्रभावित हुई।   छतरपुर में किसानों की बढ़ी चिंता इधर, बुंदेलखंड के छतरपुर के मौसम में अचानक बदलाव आया है। आज सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और बूंदाबांदी से वातावरण में ठंडक घुल गई। इस बेमौसम बदलाव से खेतों में कटी रखी फसलों को लेकर किसान चिंतित हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि शनिवार तक मौसम साफ होने पर फसलें सूख जाएंगी और बड़ा नुकसान टल सकता है।   शुजालपुर में रुक-रुक बारिश शुजालपुर में बीती रात से मौसम अचानक बदल गया। यहां रुक-रुक कर दो बार बारिश हुई। इससे खेतों में कटाई के लिए खड़ी फसल को निकालने के लिए अचानक हार्वेस्टर मशीन की मांग बढ़ गई है। वहीं मौसम में ठंडक घुली हुई है।  अन्नदाता पर दोहरी मार, उज्जैन में गरज-चमक के साथ बारिश और ओले गिरे मालवा अंचल में एक बार फिर मौसम की बेरुखी ने किसानों की कमर तोड़ दी। ओलावृष्टि, तेज हवा और बारिश ने तैयार और कटी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। शहर में शाम 7 बजे तेज हवा के साथ आकाश में बिजली चमकने लगी। कुछ बौछारे आईं। रुनीजा, पासलोद, खेड़ाखजुरिया, महिदपुर रोड और जगोटी समेत आसपास के गांवों में अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। तेज हवा, बारिश और कई जगह ओलावृष्टि ने गेहूं, सरसों, लहसुन व अन्य रबी फसलों को प्रभावित किया। खेतों में खड़ी फसल जहां आड़ी पड़ गई, वहीं कटी फसल पानी में भीगकर खराब होने लगी। खुले में पड़ी उपज बनी सबसे बड़ी चिंता खरीदी की तारीख 15 मार्च से बढ़ाकर 1 अप्रैल किए जाने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। कई किसानों की उपज अभी भी खेतों और खलिहानों में खुले में पड़ी है। ऐसे में बारिश से फसल की गुणवत्ता खराब होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे खरीदी में रिजेक्शन की आशंका भी बढ़ गई है। 50% फसल अभी खेतों में, कटाई पर असर क्षेत्र में करीब आधी गेहूं की फसल अभी भी खेतों में खड़ी है। बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन रही है, जिससे कटाई कार्य प्रभावित हो रहा है। यदि मौसम ऐसा ही रहा तो उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा। इंदौर में गरज-चमक के साथ बारिश, 52 कि.मी की रफ्तार से चली हवा वहीं, बात करें इंदौर जिले की तो यहां चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के असर देखने को मिला, जिसके बाद गुरुवार रात को तेज हवा चलने लगी और गरज-चमक के … Read more

कुवैत रिफाइनरी पर ईरानी ड्रोन हमले से भारी नुकसान, आग में कई यूनिट्स बंद, तीन को फांसी

तेहरान  अमेरिका–ईरान युद्ध अपने 20वें दिन पूरे होने के साथ ही पूरे क्षेत्र में हमले तेज हो गए हैं. हालांकि इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वह “कहीं भी सेना तैनात करने” पर विचार नहीं कर रहे हैं. वहीं इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने दावा किया है कि वो यह जंग जीत रहे हैं और ईरान युद्ध में पूरी तरह तबाह हो गया है. नेतन्याहू ने कहा कि यह अभियान “जब तक आवश्यक होगा” तब तक जारी रहेगा। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने अमेरिकी सेना के एक F-35 लड़ाकू विमान पर हमला किया है जिससे उसे नुकसान पहुंचा है. जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि फिलहाल अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपने ग्राउंड ट्रूप्स नहीं भेज रहा है। कुवैत की रिफाइनरी पर ड्रोन अटैक कुवैत ने जानकारी दी है कि मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर रात में ड्रोन हमला हुआ, जिससे कुछ यूनिट्स में आग लग गई. KPC के अनुसार, दमकल टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कार्रवाई की और सुरक्षा के मद्देनजर कुछ यूनिट्स को बंद कर दिया गया। ईरान पर अचानक हमला करना सरप्राइज था- डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई. बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने 1941 के पर्ल हार्बर हमले का उल्लेख किया, जिस पर प्रधानमंत्री ताकाइची कुछ असहज दिखाई दीं। ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हालिया हमलों से पहले किसी को जानकारी नहीं दी गई क्योंकि अमेरिका सरप्राइज देना चाहता था. उन्होंने आगे कहा कि सरप्राइज के महत्व को जापान से बेहतर कौन समझ सकता है, जैसे कि पर्ल हार्बर हमले से पहले भी कोई सूचना नहीं दी गई थी। ईरान ने मोजतबा खामेनेई का ‘रेयर वीडियो’ किया जारी अमेरिका-इजरायल के ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद से ही जंग जारी है, लेकिन अभी तक जंग थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं. इस बीच ईरान के इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने मोजतबा खामेनेई का एक रेयर वीडियो जारी किया है। ट्रंप को कौन बता सकता है कि क्या करना है? – बेंजामिन नेतन्याहू इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यह दावा खारिज किया है कि उन्होंने अमेरिका को इजरायल-ईरान संघर्ष में शामिल किया है. नेतन्याहू ने कहा, “क्या सच में कोई सोचता है कि कोई राष्ट्रपति ट्रंप को बता सकता है कि उन्हें क्या करना है?” ईरान पर किए गए हमले का आज 20वां दिन है. इस दौरान युद्ध में कोई कमी नहीं आई है. साथ ही युद्ध थमने के आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं. अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर लगातार हमले जारी है. इसी क्रम में ईरान के इंटेलिजेंस मंत्री इस्माइल खतीब के भी मारे जाने की ताजा खबर सामने आई है. अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इसकी पुष्टि की है. इस तरह पिछले दो दिनों में ईरान के तीन ताकतवर लोग मारे गए. इससे पहले मंगलवार को इजराइल के हवाई हमलों में ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी और बासिज अर्धसैनिक बल के प्रमुख गुलामरेजा सुलेमानी भी मारे गए थे. इस बीच ईरान ने लारिजानी के मारे जाने के बदले में इजराइल और खाड़ी देशों में हमले तेज कर दिए. अबु धाबी मीडिया ऑफिस ने बताया कि अबु धाबी में हबशान गैस प्लांट को हाल ही में रोकी गई मिसाइलों के मलबे से हुई एक घटना के बाद इसे बंद कर दिया गया है। ऑफिस ने आगे बताया कि अधिकारी बाब ऑयलफील्ड और गैस प्लांट में हुई घटनाओं पर भी कार्रवाई कर रहे हैं. मीडिया ऑफिस ने पुष्टि की, गैस प्लांट में काम रोक दिया गया है, और किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है. कतर में बीती रात फारसी खाड़ी में अहम ऊर्जा इंफ़्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की चेतावनियों के बाद कतर की एक बड़ी फैसिलिटी में आग लगने की खबरें आई और सऊदी अरब के ऊपर हवाई खतरों को रोका गया. कतर के गृह मंत्रालय ने बुधवार को पर एक पोस्ट में बताया कि सिविल डिफेंस की टीमें रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी में आग लग गई। यह जगह प्राकृतिक गैस प्रोसेसिंग का एक अहम केंद्र है और कतर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. सऊदी अरब, कुवैत और अन्य अरब देशों को भी बुधवार को ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों और ड्रोनों की बौछार का सामना करना पड़ा, जिन्हें हवाई सुरक्षा प्रणालियों द्वारा बीच में ही रोक दिया गया. वैश्विक ऊर्जा संकट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, एक ईरानी अधिकारी ने कहा कि तेहरान का होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली शिपिंग पर अपनी कड़ी पकड़ छोड़ने का कोई इरादा नहीं है. यह जलडमरूमध्य तेल परिवहन के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। यूरोपियन देशों और जापान ने होर्मुज में जहाजों पर ईरानी हमलों की निंदा की लंदनः यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स और जापान के नेताओं ने गुरुवार को खाड़ी में बिना हथियार वाले कमर्शियल जहाजों और तेल और गैस प्लांट समेत सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर ईरानी हमलों की निंदा की, क्योंकि इस इलाके में संघर्ष बढ़ रहा है. एक जॉइंट स्टेटमेंट में, देशों ने ईरानी सेना द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को असल में बंद करने पर चिंता जताई और तेहरान से धमकियों, माइन बिछाने, ड्रोन और मिसाइल हमलों, और स्ट्रेट को ब्लॉक करने वाली दूसरी कार्रवाइयों को तुरंत रोकने की अपील की, और यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल रेजोल्यूशन 2817 का पालन करने की अपील की। बयान में कहा गया, “नेविगेशन की आज़ादी इंटरनेशनल कानून का एक बुनियादी सिद्धांत है, जिसमें यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी भी शामिल है.” बयान में ईरान की कार्रवाइयों के दुनिया भर में असर पर ज़ोर दिया गया, खासकर सबसे कमज़ोर आबादी पर, और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने वाले हमलों पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई. देशों ने होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता पक्का करने की कोशिशों में मदद करने की तैयारी जताई और दूसरे देशों की तैयारी की प्लानिंग का स्वागत किया। बयान में आगे कहा गया, “UNSC रेज़ोल्यूशन 2817 के मुताबिक, हम इस बात पर ज़ोर देते हैं … Read more

सरपंच रामदीन पिपरदे की पहल रंग लाई—निमझिरी में जल संकट हुआ खत्म,पानी से लेकर सड़क तक विकास की रफ्तार—निमझिरी पंचायत बनी मिसाल

Sarpanch Ramdin Piparde’s initiative has paid off—the water crisis in Nimjhiri has ended, and development from water to roads has accelerated—Nimjhiri Panchayat has become an example. संवाददाता : हरिप्रसाद गोहे आमला/निमझिरी। बैतूल विकास खंड अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत निमझरी के ग्रामीणों की बसाहट की अगर बात करे तो यह विकास खंड बैतूल की आखिरी पंचायत है। यहां के ग्रामीणों के लिए व्यवसायिक,व्यापारिक दृष्टि से आमला बाजार की दूरी बेहद करीब हे। निमझिरी ग्राम में ग्रामीणों के भवन ऊंचे टेक पर बने है वहीं कुछ के ढलानों पर बने हुए हैं। जिस कारण पूर्व में ग्रीष्म ऋतू के दौरान लोगों को पानी की व्यवस्था बनाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पेय जल की समस्याओं से निजात पाने के लिए लोग जुगाड कर पेय जल की उपलब्धता सुनिश्चित करते देखे जाते थे। वर्तमान ग्राम प्रधान रामदीन पिपरदे के कार्यभार संभालने के बाद जहां ग्राम पंचायत निमझिरी विकास कार्यों की ओर निरंतर प्रगतिरत हे वहीं उनके प्रयासों से से क्षेत्र के ग्रामीणों सरकार की समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी तय समय सीमा में मिल रहा है। हमारे प्रतिनिधि से चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने बताया गर्मी के दिनों में पहले हमें जुगाड कर पानी व्यवस्था बनाना पड़ता था अब हमें ऊंचे टेक पर भी नल हर घरों में पर्याप्त पानी मिल रहा हे हम ग्राम सरपंच सहित सरकार का धन्यवाद ज्ञापित करते हे।उधर ग्राम सरपंच रामदीन पिपरदे ने चर्चा के दौरान बताया ग्राम विकास करना मेरी पहली प्राथमिकता थी। जिसके लिए मेरे द्वारा शुरुवाती दौर शासन से मांग कर जनकल्याण कारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को दिलाए जाने ग्राम पंचायत सचिव सुखदेव मगरदे के साथ मिलकर प्रयास किए गए। जिसकी बदौलत आज भीषण गर्मी में भी ग्रामीणों को नलों से हर घर में पानी मिल रहा है। अन्य ग्राम विकास कार्यों की बात करे तो सर्वसुविधायुक्त कार्यालय भवन में सीसी टीव्ही कैमरे,एलईडी टीव्ही के माध्यम से समय पर लोगो को शासन की हर योजनाओं का लाभ दिलवाया जा रहा है । ग्राम पहुंच मार्ग पर सुंदर स्वागत द्वारा निर्माण कार्य किया गया। मोक्षधाम में बाउंड्रीवाल कार्य के साथ वहां बैठक व्यवस्था के साथ वृक्षारोपण कार्य कराया जा रहा है। लोगों को आवागमन को दृष्टिगत रख ग्राम में सीसी सड़कों का निर्माण करवाया गया। साथ ही महत्वपूर्ण कार्य में शासन की नल जल योजना अंतर्गत पेयजल टंकी, संपवेल, पेयजल पाईप लाईन विस्तारीकरण कार्य करा निमझिरी ग्राम के पांच ढानो के कोई 150 घरों में नलों के माध्यम से हर घर पानी पहुंचाया जा रहा है। जिससे ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है।

दुर्ग में RTE का दायरा छोटा: हजारों में से सिर्फ 1425 बच्चों को मिलेगा मौका

दुर्ग. आरटीई के तहत प्रवेश के लिए निर्धारित सीटों की संख्या में भारी कटौती की गई है. पिछले वर्ष की तुलना में इस बार करीब एक तिहाई सीटों की कटौती हुई है. इस वर्ष केजी – 1, केजी -2 तथा नर्सरी का कांक्सेप्ट खत्म कर दिया गया है. इस वजह से निजी स्कूलों में आरटीई के तहत केवल पहली कक्षा में प्रवेश दिया जा रहा है, जिसके लिए प्रथम चरण में ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च से निर्धारित है. विभाग को अब तक 2533 आवेदन मिल चुके हैं. इस बार मात्र मात्र 1425 सीट निर्धारित है. पिछले वर्ष आरटीई की 4267 सीट थी. यानी इस बार 2842 सीटों की कटौती की गई है. इससे चलते जिले के कई बड़े नामी स्कूलों में आरटीई की सीटों में भारी कमी आई है. वैसे पिछले वर्ष आरटीई में प्रवेश के लिए 540 निजी स्कूल चिन्हाकित थे. इस बार यह संख्या घटकर 528 हो गई है. निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम अन्तर्गत वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश में संचालित निजी विद्यालयों में आरटीई पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन/भर्ती की कार्यवाही की जानी है. गरीब तथा मध्यम तबके परिवार के बच्चों को आरटीई के तहत दिए जाने वाले प्रवेश प्रक्रिया में इस वर्ष से एक बड़ा बदलाव किया गया है. केजी- 1, केजी -2 तथा नर्सरी का कांक्सेप्ट खत्म कर आरटीई में अब पहली कक्षा में प्रवेश दिए जाने का प्रावधान किया गया है. इसके पहले तक जिले के बड़े निजी विद्यालयों में केजी-1, केजी 2 तथा नर्सरी कक्षा में बच्चों को प्रवेश दिया जाता था. बहरहाल, आगामी शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए आरटीई के तहत प्रवेश दिए जाने राज्य से शेड्यूल जारी कर दिया गया है. प्रथम चरण में प्रवेश का शेड्यूल इस प्रकार ऑनलाइन आवेदन 31 मार्च तक . नोडल वेरीफिकेशन 16 फरवरी से 31 मार्च तक | लॉटरी एवं आबंटन 13 अप्रैल से 17 अप्रैल तक . स्कूल दाखिला 1 मई से 30 मई तक. 2025-26 की शुल्क प्रतिपूर्ति का सत्यापन कार्य 25 मई से 25 जून तक. द्वितीय चरण में प्रवेश की समय सारणी इस तरह न्यू स्कूल रजिस्ट्रेशन 8 से 20 जून तक . नोडल प्राचार्य, डीईओ द्वारा सत्यापन, ( सीट प्रकटीकरण) 8 जून से 25 जून तक छात्र पंजीयन 1 जुलाई से 11 जुलाई तक. नोडल वेरीफिकेशन 1 जुलाई से 15 जुलाई तक लॉटरी एवं आबंटन 27 से 31 जुलाई तक स्कूल दाखिला 3 अगस्त से 17 अगस्त तक .

न्यायपालिका में बदलाव: अम्बिकापुर में नई जिम्मेदारी पर पहुंचे जस्टिस शक्ति सिंह राजपूत

बिलासपुर. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की अनुशंसा पर रजिस्टार जनरल ने प्रदेश के न्यायिक अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया है। जारी सूची के मुताबिक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जांजगीर -चाम्पा शक्ति सिंह राजपूत का अम्बिकापुर सरगुजा, रजिस्टार न्यायिक हाई कोर्ट खिलावन राम रिगरी का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोंडागाँव, प्रधान जिला एवं सत्र परिवार न्यायालय जांजगीर संघरत्ना भटपहरी का कबीरधाम कवर्धा तबादला किया गया है। जयदीप गर्ग विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी कोरबा से जांजगीर चाम्पा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सुमित कपूर एडिशनल रजिस्टार न्यायिक हाई कोर्ट को रजिस्टार न्यायिक स्थापना, द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित कुमार कोहली जगदलपुर से एडिशनल डारेक्टर छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी बिलासपुर, सप्तम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिग्विजय सिंह रायपुर से एडिशनल डारेक्टर न्यायिक अकादमी बिलासपुर, अष्टम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश उमेश कुमार उपाध्याय रायपुर से एडिशनल रजिस्टार न्यायिक हाई कोर्ट, परिवार न्यायाधीश लीलाधर सारथी कवर्धा से विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी कोरबा तबादला किया गया है। सिविल जज जूनियर अंकिता अग्रवाल भाटापारा से महासमुंद, दिव्या गोयल सक्ती से जशपुर, शैलेश कुमार वशिष्ठ बलरामपुर से दुर्ग, हरषी अग्रवाल राजनांदगांव से जगदलपुर, मीनू नंद धमतरी से दंतेवाड़ा, काम्या घरघोड़ा से बलौदाबाजार, सिद्धार्थ आनन्द सोनी कटघोरा से नावगढ़ जांजगीर, तन्मय ब्रहम्म महासमुंद से बिलासपुर, श्वेता ठाकुर बचेली से रायपुर, विनय कुमार साहू सरायपाली से धमतरी, प्रेरणा वर्मा बिलाईगढ़ से कटघोरा, पारुल साय अम्बिकापुर से महासमुंद, मिनी ठाकुर रायपुर से घरघोड़ा, रिद्धि बुरड़ रायपुर से भाठापारा, ओम चौहान रायपुर से बैकुंठपुर, सिद्धार्थ देवांगन रायपुर से बिलाईगढ़, अंकिता देवदास रायपुर से सक्ती, माला यादव बलौदाबाजार से बेमेतरा, प्रगति गुर्दे रायपुर से महासमुंद एवं सीमा लकड़ा का कोंडागांव से रायपुर तबादला किया गया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से मिलकर राधे-राधे से किया स्वागत

मथुरा ब्रज प्रवास के दूसरे दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मथुरा के वृंदावन में संत प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात की. राधा केली कुंज आश्रम में  दोनों के बीच करीब 27 मिनट तक बातचीत हुई. आश्रम पहुंचने पर प्रेमानंद महाराज ने राधे-राधे कहकर राष्ट्रपति का स्वागत किया. इसके बाद दोनों के बीच आध्यात्म, समाज और ब्रज की परंपरा को लेकर चर्चा हुई. बताया जा रहा है कि इस दौरान प्रेमानंद महाराज ने नाम जप की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यही मनुष्य के जीवन के उद्धार का सरल मार्ग है। मुलाकात के दौरान आश्रम की ओर से राष्ट्रपति को प्रसाद स्वरूप दुपट्टा, माला और प्रसाद भेंट किया गया. इस दौरान राष्ट्रपति अपने परिवार के साथ मौजूद रहीं. इससे पहले दौरे के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रेम मंदिर पहुंचकर भगवान राधा-कृष्ण के दर्शन किए थे. मंदिर में उनका प्रवेश भोग घर द्वार से हुआ, जहां मंदिर प्रबंधन की ओर से उनका स्वागत किया गया. गर्भगृह में पहुंचकर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आरती में शामिल हुईं. उस समय संकीर्तन मंडली द्वारा भजन गाए जा रहे थे, जिससे पूरा वातावरण भक्ति में डूबा हुआ था. राष्ट्रपति ने मंदिर में आयोजित लेजर शो भी देखा और दर्शन के बाद प्रसाद ग्रहण किया. इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर की परिक्रमा की। प्रथम तल पर भी किया पूजन प्रेम मंदिर के प्रथम तल पर पहुंचकर राष्ट्रपति और राज्यपाल ने श्री सीता-राम सहित अन्य विग्रहों के दर्शन किए. वहां भी उन्होंने विधिपूर्वक पूजा की और परिक्रमा की. मंदिर प्रबंधन की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह और धार्मिक साहित्य भेंट किया गया. अपने कार्यक्रम के अगले चरण में राष्ट्रपति ने इस्कॉन मंदिर (श्री श्री कृष्ण बलराम मंदिर) का दौरा किया. यहां मंदिर के संतों और पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया. राष्ट्रपति ने मुख्य मंदिर में जाकर भगवान कृष्ण-बलराम के दर्शन किए और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना की. उन्होंने पूजा सामग्री अर्पित की और कुछ समय मंदिर में ध्यान भी लगाया. मंदिर परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत नृत्य को उन्होंने देखा और सराहा. इसके साथ ही उन्होंने कीर्तन भी सुना, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। सुरक्षा और व्यवस्थाएं रहीं सुदृढ़ राष्ट्रपति के दौरे को लेकर पूरे वृंदावन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रही. मंदिर परिसरों में भी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रखी गईं. ब्रज प्रवास के दूसरे दिन की शुरुआत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के साथ हुई, जिसने इस दौरे को खास बना दिया. यह मुलाकात आस्था और संवाद का संतुलित उदाहरण रही, जहां देश की सर्वोच्च संवैधानिक पद और संत परंपरा के बीच सहज बातचीत देखने को मिली।

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026: अवैध धर्मांतरण पर कड़ी कार्रवाई,CM साय का बयान

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 से अवैध धर्मांतरण पर सख्त नियंत्रण के साथ ही आस्था और सामाजिक समरसता को मिलेगा बल: CM साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पारित किए जाने को राज्य की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक संतुलन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को हिंदू नववर्ष एवं चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए माँ दुर्गा से प्रदेश की समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले कुछ समय से समाज के कमजोर वर्गों को निशाना बनाकर प्रलोभन, दबाव अथवा भ्रम फैलाकर धर्मांतरण कराने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि नए विधेयक के लागू होने से ऐसी प्रवृत्तियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और समाज में संतुलन तथा विश्वास कायम रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब धर्म परिवर्तन से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया को विधिसम्मत और पारदर्शी बनाना अनिवार्य होगा। इसके तहत संबंधित पक्षों को पूर्व में ही प्राधिकृत अधिकारी को सूचित करना होगा, जिसके बाद आवेदन की सार्वजनिक सूचना जारी कर निर्धारित समयसीमा में उसका परीक्षण किया जाएगा। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि धर्मांतरण किसी भी प्रकार के प्रलोभन, दबाव या अनुचित प्रभाव के बिना ही किया जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व में लागू कानून अपेक्षाकृत कम प्रभावी था, जिसके कारण अवैध गतिविधियों को रोकने में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई। नए प्रावधानों में कठोर दंडात्मक व्यवस्थाएं जोड़ी गई हैं, जिससे ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित धर्मांतरण से कई बार सामाजिक असंतुलन और अशांति की स्थिति उत्पन्न होती है। इस विधेयक के माध्यम से राज्य में शांति, सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा को और सुदृढ़ किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने धर्मांतरण के विरुद्ध जनजागरण का जो अभियान चलाया, वह आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि समाज की जागरूकता और सहभागिता से ही इस दिशा में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन संभव है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह विधेयक प्रदेश में पारदर्शिता, न्याय और सामाजिक एकता को मजबूती देगा तथा छत्तीसगढ़ को एक सशक्त, संतुलित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित करेगा।

200 करोड़ के आंकड़े को पार किया धुरंधर 2 ने, रणवीर सिंह और आदित्य धर का जश्न

मुंबई आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर 2’ का फैन्स बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. दर्शकों का इंतजार खत्म हुआ और 19 मार्च को फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. ‘धुरंधर’ की तरह ‘धुरंधर 2’ को भी फैन्स का बेहतरीन रिसपॉन्स मिल रहा है. लोग अपने बिजी शेड्यूल से वक्त निकालकर थिएटर फिल्म देखने पहुंच रहे हैं. मेकर्स और स्टारकास्ट फिल्म की सक्सेस से बेहद खुश हैं. खुशी में रणवीर सिंह तो डांस किए बिना नहीं रह पाए।  रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म का ओपनिंग डे वर्ल्डवाइड कलेक्शन 200 करोड़ से ऊपर जा रहा है. फिल्म रिलीज के बाद मुंबई में इसकी स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई. स्क्रीनिंग में फिल्म की स्टारकास्ट को जश्न में डूबा देखा गया।  रणवीर का डांस वायरल  आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर 2’ साल की सबसे बड़ी हिट मानी जा रही है. फिल्म में हमजा के किरदार में रणवीर सिंह ने बेहतरीन एक्टिंग की है. उन्होंने सिर्फ हमजा का रोल निभाया नहीं, बल्कि उसे जिया है. इसलिए फिल्म की सक्सेस के बाद रणवीर Fa9la सॉन्ग पर डांस करते दिखे. रणवीर का बेफिक्र होकर डांस करना बताता है कि वो ‘धुरंधर 2’ की सक्सेस काफी खुश हैं।  रणवीर सिंह का एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो आदित्य धर से कुछ बात करते दिख रहे हैं. रणवीर ने फिल्म को प्यार देने के लिए फैन्स का शुक्रिया भी अदा किया. आदित्य धर के चेहरे पर भी फिल्म के सक्सेस की खुशी है।  एक वीडियो में आदित्य धर, उनकी पत्नी यामी गौतम और ‘धुरंधर 2’ की लीड एक्ट्रेस सारा अर्जुन तीनों साथ में चहकते दिख रहे हैं. ‘धुरंधर 2’ स्टार्स के ये वीडियो बताते हैं कि इन्हें पहले से ही अंदाजा था कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुनामी लाएगी. आदित्य धर ‘धुरंधर 2’ की जो आंधी लाए हैं. देखकर लगता है कि ये जल्दी थमने वाली नहीं है।  ये भी कहना गलत नहीं होगा कि आदित्य धर ने जितनी इंटेलीजेंस के साथ फिल्म बनाई है, उतनी ही इंटेलीजेंस के साथ इसे रिलीज भी किया है. फिल्म को ईद के मौके पर रिलीज किया गया, जिसका इसकी कमाई में बड़ा फायदा होता दिख रहा है। 

Eid-ul-Fitr 2026: भारत में ईद की तारीख का ऐलान, ईद-उल-फितर का त्योहार कैसे मनाते हैं?

 नई दिल्ली Eid-ul-Fitr 2026: ईद उल फितर इस्लाम धर्म का बहुत ही पवित्र और खुशियों वाला त्योहार है, जो रमजान के पूरे महीने रोजे रखने के बाद मनाया जाता है. यह त्योहार नए चांद (शव्वाल महीने की शुरुआत) के दिखने पर मनाया जाता है. ईद का मतलब होता है ‘खुशी’ और ‘उल-फितर’ का मतलब है ‘रोजा खोलना’. यानी यह त्योहार रोजों के पूरा होने की खुशी में मनाया जाता है. इस दिन लोग अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं कि उन्होंने उन्हें रोजे रखने की ताकत दी। इस्लामी (हिजरी) कैलेंडर में दो बड़ी ईद मनाई जाती हैं. पहली ईद-उल-फितर, जो रमजान के अंत में आती है. दूसरी ईद-उल-अजहा होती है, जो इस्लामी साल के आखिरी महीने जिलहिज्जा की 10, 11 और 12 तारीख को मनाई जाती है. तो आइए अब जानते हैं कि ईद-उल-फितर भारत में कब मनाई जाएगी और कैसे मनाई जाएगी। भारत में कब मनाई जाएगी ईद-उल-फितर? इस्लाम जानकारों के मुताबिक, वैसे तो ईद 20 मार्च को मनाई जानी चाहिए थी. लेकिन, 19 मार्च को शव्वाल का चांद ना दिखने के कारण अब 21 मार्च, शनिवार को भारत में ईद का त्योहार मनाया जाएगा. वहीं, सऊदी अरब में 20 मार्च को ईद मनाई जा रही है.  कितने दिनों तक मनाई जाती है ईद-उल-फितर? ईद-उल-फितर आमतौर पर एक दिन का त्योहार होता है. इस्लामी कैलेंडर हिजरी के अनुसार, ईद-उल-फितर शव्वाल महीने के पहले दिन मनाई जाती है. इस दिन ईद की नमाज अदा की जाती है. हालांकि, कई मुस्लिम देशों में ईद का जश्न 2 से 3 दिनों तक चलता है. इन दिनों में छुट्टी रहती है, लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर खुशियां मनाते हैं और रोजे खत्म होने का जश्न मनाते हैं. ईद-उल-फितर, ईद-उल-अजहा से अलग होती है, क्योंकि ईद-उल-अजहा तीन दिन तक मनाई जाती है. ईद-उल-फितर पर क्या करें? ईद की नमाज पढ़ें- हर मुसलमान को चाहिए कि वह मस्जिद या ईदगाह में जाकर मिलकर ईद की नमाज अदा करें और अल्लाह का शुक्रिया करें. आने-जाने का रास्ता बदलें– सुन्नत के अनुसार, ईद की नमाज के लिए जाते समय और वापस आते समय अलग-अलग रास्ता अपनाना अच्छा माना जाता है. साफ सुथरे और नए कपड़े पहनें- इस दिन साफ-सुथरे होकर, अच्छे कपड़े पहनकर ही नमाज के लिए जाना चाहिए. तोहफे और मुबारकबाद दें– ईद उल फितर के दिन अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों को ईद मुबारक’ कहें और गले लगाकर एक दूसरे के साथ खुशियां बांटें. दुआ और इबादत करें– इस दिन अल्लाह से दुआ करें और ज्यादा से ज्यादा इबादत करें, क्योंकि यह दिन खास बरकत वाला होता है. ईद-उल-फितर के पीछे की कहानी ईद-उल-फितर की शुरुआत पैगंबर हजरत मुहम्मद ने 624 ईस्वी में मदीना में की थी. यह हिजरत के बाद दूसरा साल था, जब मुसलमानों ने पहला रमजान पूरा किया था. जब वे मदीना पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि लोग दो खास दिनों पर जश्न मनाते हैं. इसके बाद उन्होंने बताया कि मुसलमानों के लिए दो ईद होंगी- ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा. 

बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026: जगदलपुर में धावकों का ऐतिहासिक मुकाबला

बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026” का आयोजन  22 मार्च को जगदलपुर में ‘रन फॉर नेचर-रन फॉर कल्चर‘ की थीम होगी आयोजन अलग-अलग श्रेणियों में कुल 25 लाख रूपए तक का पुरस्कार  रायपुर  छत्तीसगढ़ में खेलों को बढ़ावा देने और बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर लाने के उद्देश्य से “बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026” का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह आयोजन राज्य के लिए एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है। 22 मार्च को आयोजित होने वाली यह मैराथन जगदलपुर के लालबाग मैदान से प्रारंभ होकर चित्रकोट जलप्रपात तक पहुंचेगी। यह रूट प्रतिभागियों को बस्तर के प्राकृतिक और ऐतिहासिक सौंदर्य से रूबरू कराएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह आयोजन ‘रन फॉर नेचर-रन फॉर कल्चर‘ की थीम के साथ राज्य की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेगा। मैराथन में 42 किलोमीटर, 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर जैसी अलग-अलग श्रेणियां रखी गई हैं, जिसमें देशभर से धावकों के शामिल होने की उम्मीद है। विजेता प्रतिभागियों के लिए कुल 25 लाख रूपए तक का आकर्षक पुरस्कार रखा गया है। साथ ही प्रतिभागियों को फिनिशर मेडल, ई-सर्टिफिकेट और रनिंग फोटोज़ दिए जाएंगे। कार्यक्रम में ज़ुम्बा सेशन और लाइव डीजे जैसी गतिविधियां भी होंगी। प्रतिभागी इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए वेबसाईट https://www.bastarheritage.run/registration एवं https://www.bastarheritage.run/registration  का अवलोकन कर सकते हैं।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet