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विधानसभा में छातिम वृक्ष पर बहस तेज, मंत्री ओपी चौधरी ने किसी भी रोक से किया इनकार

रायपुर. विधानसभा में आज फिर एक बाद छातिम वृक्ष का मुद्दा गूंजा. फिर एक बार भाजपा विधायक सुनील सोनी छातिम वृक्ष को जीवन के लिए खतरनाक बताते हुए इसे हटाने के संबंध में सवाल किया. सुनील सोनी ने प्रश्नकाल में पर्यवारण मंत्री ओपी चौधरी से पूछा कि क्या छातिम पेड़ के दुष्प्रभाव को देखते हुए इसके रोपण पर रोक लगाई है ? क्या रोपित वृक्षों को हटाकर अन्य जगह विस्थापित किया जाना प्रस्तावित है? मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि न तो अभी छातिम वृक्षों का रोपण किया जा रहा है और न इस पर अभी रोक लगाई गई है. और न ही अभी विभाग की ओर से रोपित वृक्षों को हटाने का कोई प्रस्ताव या कार्ययोजना है. मुख्यमंत्री साय आज पेश करेंगे दो विधेयक रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज 15वां दिन काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है. सदन की कार्यवाही के दौरान कई अहम विषयों पर चर्चा और निर्णय होने की संभावना है. प्रश्नकाल के दौरान मंत्री ओपी चौधरी, राजेश अग्रवाल और रामविचार नेताम विधायकों के सवालों के जवाब देंगे. इसके अलावा वित्तमंत्री ओपी चौधरी विभिन्न पत्रों को सदन के पटल पर रखेंगे. आज सदन में कुल 71 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लगाए जाएंगे, जिनमें जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाया जाएगा. वहीं विधायक पुन्नूलाल मोहले प्रतिवेदन की प्रस्तुति करेंगे. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सदन में दो महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेंगे. वहीं वित्तमंत्री ओपी चौधरी छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक को भी प्रस्तुत करेंगे. विधायक अजय चंद्राकर और सुशांत शुक्ला सदन में दो अशासकीय संकल्प प्रस्तुत करेंगे. आज की कार्यवाही में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं, जिससे सदन का माहौल गरमाने की संभावना है.

आनंद केवल अंतस से अनुभूत होता है, यह अर्थ क्रय से नहीं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आनंद एक ऐसी सुखानुभूति है, जो अर्थ क्रय से नहीं, अंतस से होती है अनुभूत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दूजे के सुख में भी स्व का आनंद ढूंढ़ना है भारतीय संस्कृति की चेतना का आधार मुख्यमंत्री ने आनंदोत्सव के विजेताओं को किया पुरस्कृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आनंद के आयाम राष्ट्रीय संगोष्ठी में हुए शामिल प्रशासन अकादमी में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम मनुष्य आदतन सुख-सुविधाओं की वस्तुओं और विलासतापूर्ण जीवन में ही सुख ढूंढ़ते रहते हैं। भौतिक सुख की अभिलाषा सबको है पर आत्मिक सुख और शांति की दरकार कम ही लोगों को है। जबकि जीवन का आनंद भौतिकता में नहीं, मन के भावों की संतुष्टि में निहित है। उन्होंने कहा कि आनंद एक ऐसी सुख की अनुभूति है, जो धन से सुख-सुविधाओं के यंत्र वस्तुएं खरीदकर नहीं, बल्कि अपने अंतस में जागे मानवीय भावों के तृप्त होने पर भीतर से उपजती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस के अवसर पर आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में राज्य आनंद संस्थान द्वारा आयोजित आनंद के आयाम-राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलन कर राष्ट्रीय संगोष्ठी का मंगल आरंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में 14 से 28 जनवरी तक मनाए गए आनंदोत्सव के विजेताओं को पुरस्कार के रूप में नकद राशि और प्रशस्ति पत्र दिए। फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी विधा में प्रथम पुरस्कार के रूप में 25 हजार रूपए, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 15 हजार रूपए एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में 10 हजार रूपए दिए गए। मुख्यमंत्री ने फोटोग्राफी विधा में मिलिंद कुमार को प्रथम, शैलेंद्र बिहार को द्वितीय एवं सुसीमा अग्निहोत्री को तृतीय पुरस्कार दिया। वीडियोग्राफी विधा में सैयद अफजान को प्रथम, राजा खान को द्वितीय एवं जीवन रजक को तृतीय पुरस्कार दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम दूसरों के सुख में भी अपने आनंद की अनुभूति प्राप्त कर लें, यही सनातन संस्कृति की चेतना का आधार है। हम सभी को अपने कार्यों को पूरे आनंद, उत्साह और दक्षता के साथ संपादित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन में आनंद के आयाम, हमारे सुख और दु:ख के बीच के अंतर को समझने से पता चलते हैं। आदिकाल से भारतीय संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम की रही है, जिसमें परिवार की धारणा को विशेष महत्व दिया गया है। वर्ष 1956 के विश्व हिंदू सम्मेलन में मार्गेट थेचर ने भारत और इंग्लैंड की संस्कृति का मूल अंतर सबको समझाया था। उन्होंने कहा था कि भारतीय परिवारों की व्यवस्था में अगर कोई एक सदस्य भी कमाई करता है तो पूरा परिवार आनंद और सम्मान के साथ जीवन जीता है। यह दुनिया में सिर्फ भारत में ही संभव है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण, माता देवकी के जीवन में भारी कष्टों से निवृत्ति के बाद मिले आनंद पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यशोदा मैया और नंद बाबा ने कन्हैया के लालन-पालन में ही आनंद की अनुभूति की। उन्होंने कभी ये नहीं सोचा कि यह किसी और का शिशु है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सुख और दु:ख बिना विचलित हुए आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। जबकि महाभारत में उन्हीं के सैनिक उनके सामने युद्ध लड़ रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ के आयोजन में साधु-संत भीषण गर्मी में अग्नि स्नान करते देखे जाते हैं। उनके शरीर पर मौसम और कांटों तक का कोई असर नहीं पड़ता है, क्योंकि वे भगवान के समीप साधना के मार्ग से आनंद में डूबते हैं। सनातन संस्कृति में हमारे संत अग्नि वस्त्र धारण कर समाज की कई उलझनों को दूर करने के लिए अपने जीवन का निचोड़ देते हैं। हरिद्वार से आए महर्षि मधुसूदन जी महाराज ने कहा कि संसार के भौतिक जगत को मापने का मापदंड मैटा फिजिक्स तय करती है। इसके दो भागों में संसार के तत्व ज्ञान और ब्रह्म ज्ञान का अध्ययन किया जाता है। आनंद की प्राप्ति के लिए वेदांत में कई स्थानों पर उल्लेख मिलता है। आनंद ही ब्रह्म है, जो पूरे संसार को गति प्रदान करता है। देश की गुलामी के समय बेलियम हेस्टिंग ने गीता को पढ़कर कहा था कि भारत अब लंबे समय तक गुलाम नहीं रहेगा, क्योंकि उन्होंने गीता में आनंद के तत्व ज्ञान को जाना था। बाद में गीता लंदन पहुंची और वहां हर विचारधारा के विद्वानों ने गीता को हाथों हाथ लिया। अमेरिका के विद्वान भी गीता के ज्ञान को परफेक्शन के रूप में देखा है। परफेक्शन अभ्यास से ही आता है। अमेरिकी जीवन सिद्दांत से देखें, तो जब कोई अपनी विधा में, अपने काम में परफेक्शन प्राप्त कर लेता है, तो वह योगी हो जाता है। आज हमारा भारत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में फिर से विश्व गुरु बनने की यात्रा कर रहा है। आनंद विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आनंद विभाग प्रदेश के सभी ब्लॉक स्तर पर शासकीय सेवकों के लिए आनंद से रहने की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। शासकीय सेवक स्वयं आनंदित रहना और नागरिकों के साथ कुशल व्यवहार करना सीख रहे हैं। विद्यार्थियों को स्कूल से लेकर कॉलेज तक मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर हमारे चित्त में प्रसन्नता है, तो समझिए सारा संसार खुश है। राष्ट्रीय संगोष्ठी में वक्ता के रूप में दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट के सचिव अभय महाजन, कमलेश पटेल, डॉ. जामदार सहित आरसीवीपी नरोन्हा अकादमी के महानिदेशक सचिन सिन्हा, राज्य आनंद संस्थान के सीईओ आशीष कुमार, उप निदेशक प्रवीण गंगराड़े एवं बड़ी संख्या में प्रदेश के जिलों से आए आनंदक एवं गणमान्यजन उपस्थित थे। राज्य आनंद संस्थान के कार्यक्रम समन्वयक मनु दीक्षित ने सभी का आभार माना।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, ‘सिंहस्थ-2028 में सनातन संस्कृति का वैभव देखेगी दुनिया

सिंहस्थ-2028 में दुनिया देखेगी सनातन संस्कृति का वैभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुड़ी पड़वा, सृष्टि आरम्भ उत्सव पर धर्मनगरी उज्जैन में राम घाट पर हुआ भव्य आयोजन पार्श्व गायक विशाल मिश्रा की प्रस्तुति, ड्रोन शो, लेजर शो और भव्य आतिशबाजी ने बांधा समां उज्जैन  विक्रमोत्सव-2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि धार्मिक नगरी उज्जैन का परमात्मा ने भाग्य विशेष रूप से लिखा है। जो भी व्यक्ति एक बार उज्जैन आता है, उसका जीवन संवर जाता है। मां शिप्रा के पावन तट पर बसी यह नगरी अनादि काल से अस्तित्व में है और हर युग में इसकी महिमा अक्षुण्ण रही है। उज्जैन, जिसे प्राचीन काल में अवंतिका और उज्जयिनी के नाम से जाना जाता था, 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर का धाम है। वर्षप्रतिपदा के इस विशेष दिन विक्रम संवत 2083 के आगमन का उल्लास पूरे शहर में देखा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को विक्रमोत्सव-2026 अंतर्गत उज्जैन के राम घाट पर आयोजित सृष्टि आरंभ उत्सव का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज जब दुनिया आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रोन का उपयोग युद्ध में कर रही है, वहीं ड्रोन तकनीक उज्जैन में देवी-देवताओं की झलक आस्था और संस्कृति का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रही है। यह सनातन संस्कृति की वैश्विक स्वीकृति का प्रतीक है। करीब दो हजार वर्ष पूर्व उज्जैन के महान सम्राट विक्रमादित्य ने विदेशी आक्रांताओं को परास्त कर राष्ट्र की रक्षा की और सुशासन की मिसाल कायम की। उनका 32 पुतलियों वाला सिंहासन, नवरत्नों की विद्वता, वीरता और दानशीलता आज भी प्रेरणा का स्रोत है। आज विक्रमादित्य की इसी गौरवगाथा को पुनर्जीवित करते हुए पूरे प्रदेश में विक्रमोत्सव-2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह उत्सव न केवल संस्कृति का उत्सव है, बल्कि सुशासन और प्रशासनिक आदर्शों की पुनर्स्थापना का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार का सिंहस्थ अभूतपूर्व और ऐतिहासिक होने वाला है। उज्जैन को जोड़ने वाले सभी मार्गों को फोरलेन और सिक्सलेन बनाया जा रहा है, वहीं मां शिप्रा के तट पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे नवीन घाट विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन को व्यापार और उद्योग की दृष्टि से भी विकसित किया जा रहा है। विक्रम उद्योगपुरी, मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 12,500 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र पूर्ण रूप से विकसित हो चुका है और अतिरिक्त 5 हजार एकड़ क्षेत्र में नया पार्क तैयार किया जा रहा है। साथ ही नए एयरपोर्ट और हेलीकॉप्टर सेवाओं की योजना से धार्मिक तीर्थाटन को नई ऊंचाई देने का प्रयास है। आने वाले समय में उज्जैन न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक, औद्योगिक और वैश्विक पहचान का केंद्र बनेगा। जब 2028 में सिंहस्थ का विराट स्वरूप दुनिया के सामने आएगा, तब पूरी दुनिया सनातन संस्कृति का वैभव देखेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत 19 मार्च को गुड़ी पड़वा, सृष्टि आरम्भ उत्सव के पावन अवसर पर धर्मनगरी उज्जैन में भव्य और आकर्षक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिप्रा तट स्थित रामघाट,दत्त अखाड़ा घाट पर आयोजित इस महोत्सव में आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। इसके बाद प्रसिद्ध पार्श्व गायक विशाल मिश्रा ने अपनी मधुर आवाज से श्रद्धालुओं और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने संगीत का आनंद लिया और नववर्ष का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। गुड़ी पड़वा, जिसे हिंदू नववर्ष एवं चैत्र नवरात्रि के प्रारंभ का प्रतीक माना जाता है, से पूरे शहर में धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। भव्य ड्रोन-शो, लेजर-शो और आकर्षक आतिशबाजी से आकाश को भर दिया रोशनी और रंगों से कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भव्य ड्रोन-शो, लेजर-शो और आकर्षक आतिशबाजी रही, जिसने शिप्रा तट के आकाश को रोशनी और रंगों से भर दिया। ड्रोन-शो के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक संदेशों का मनोहारी प्रदर्शन किया गया, जिससे उपस्थित जनसमूह अभिभूत हो उठा। विभिन्न साहित्य का विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा कार्यक्रम में महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ का विक्रम पंचांग 2083, संस्कृति संचालनालय का कला पंचांग, बिमल कृष्ण दास की 84 महादेव, रामस्वरूप दास की ओरछाधीश, वीर भारत न्यास के महर्षि अत्रि, महर्षि अंगिरा, धनवंतरी, महर्षि अगस्त्य, भरत मुनि के भारत निधि मोनोग्राफ, महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ की अष्टावक्र गीता, नारद गीता, ब्राह्मण गीता, गर्भ गीता, उत्तर गीता का विमोचन किया। विक्रमोत्सव अंतर्गत आयोजित सृष्टि आरम्भ उत्सव ने धार्मिक आस्था के साथ संगीत, संस्कृति और तकनीक के संगम के रूप में उज्जैन को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान प्रदान की। सृष्टि आरम्भ उत्सव ने उज्जैन की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आस्था और आधुनिक आयोजन क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज,विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा,महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, विक्रमादित्य शोधपीठ निदेशक डॉ. श्रीराम तिवारी, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़, राजेश कुशवाह, नरेश शर्मा, राजेंद्र भारती और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री साय ने कहा, डबल इंजन सरकार ने नक्सलवाद को दूर कर प्रदेश के विकास में गति दी

प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद को डबल इंजन की सरकार ने किया दूर : मुख्यमंत्री साय नेशनल डिफेंस कॉलेज के प्रशिक्षु सैन्य और गैर सैन्य अधिकारियों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात विदेशी मेहमानों ने कहा – अद्भुत है छत्तीसगढ़, सुंदर स्मृतियों के साथ पूरी हुई यात्रा राज्य की भौगोलिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक विशेषताओं की हुई सराहना नेशनल डिफेंस कॉलेज का 15 सदस्यीय अध्ययन दल 05 दिवसीय यात्रा पर पहुंचा है छत्तीसगढ़ रायपुर  छत्तीसगढ़ की हमारी धरती   सघन वन, प्राकृतिक संसाधन, खनिज संपदा के विपुल भंडार, लोक संस्कृति की अमूल्य विरासत और नैसर्गिक सौन्दर्य का अद्भुत संगम है। इस सुंदर धरती के विकास की सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद को हमारे डबल इंजन की सरकार ने अब दूर कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में नेशनल डिफेंस कॉलेज के सैन्य एवं सिविल सेवा अधिकारियों के अध्ययन दल से मुलाकात कर आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने देश-विदेश से आए अधिकारियों का स्वागत करते हुए शाल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। अध्ययन दल का नेतृत्व कर रहे एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी ने छत्तीसगढ़ प्रवास के अनुभव साझा करते हुए राज्य की भौगोलिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक विशेषताओं की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री को सैन्य स्मृति चिन्ह भी भेंट किया।          मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सघन वनों, खनिज संपदा, समृद्ध लोक संस्कृति और नैसर्गिक सौंदर्य का अद्वितीय संगम है। उन्होंने बताया कि राज्य का लगभग 46 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है, जिसमें “एक पेड़ मां के नाम” अभियान और कैम्पा योजना का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। साय ने कहा कि राज्य खनिज संसाधनों से परिपूर्ण है—कोयले से लेकर हीरे तक यहां उपलब्ध हैं। छत्तीसगढ़ वर्तमान में विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में सरप्लस राज्य है, जहां लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है, जिससे आने वाले समय में इतनी ही अतिरिक्त उत्पादन क्षमता विकसित होगी।          मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से अब नक्सल समस्या समाप्ति की ओर है। इससे प्रदेश में शांति और विकास की गति और तेज होगी। कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” कहा जाता है और यहां किसानों के लिए प्रभावी धान खरीदी नीति लागू है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में ‘महतारी वंदन योजना’ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके तहत 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को प्रदान की जा चुकी है। इसके अलावा 05 लाख 30 हजार से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति, खान पान, रीति रिवाज परंपरा पर खुलकर बातें की और अपने राजनीतिक और सामाजिक अनुभव भी उनके साथ साझा किए।  विदेशी मेहमानों ने कहा – अद्भुत है छत्तीसगढ़, सुंदर स्मृतियों के साथ पूरी हुई यात्रा           अध्ययन दल में शामिल विदेश के सैन्य अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ प्रवास को “अद्भुत और यादगार” बताते हुए कहा कि राज्य भौगोलिक विविधताओं और उर्वर भूमि से समृद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र की जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य की प्रशंसा की।              एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी ने कहा कि स्पष्ट नेतृत्व और सशक्त नीति के कारण प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों का मनोबल बढ़ा है जिससे नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्य हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं—जैसे महिला सशक्तिकरण और आवास योजनाओं—का जमीनी स्तर पर सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को कुशल नेतृत्व का परिणाम बताया।          इस दौरान मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, आईजी ओ पी पाल, अध्ययन दल में आईपीएस अमनदीप सिंह कपूर, म्यांमार कर्नल लू जॉ आंग, ब्रिगेडियर मोहम्मद शाहिद अहमद, जापान के कर्नल उचीनो तोमोफुमी, ब्रिगेडियर कुंवर मान विजय सिंह राणा, सुसुप्रिया घाघ, ब्रिगेडियर शिशिर थमैय्या, बांग्लादेश के ब्रिगेडियर जनरल फिरदौस आरिफ अहमद, ब्रिगेडियर केतन अरुण मोहिते, ब्रिगेडियर अनिरुद्ध चौहान, एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी, एयर कमोडोर मूलनाथ गिरीश, डॉ. राजेश कुमार अस्थाना, भूटान के कर्नल समतेन चेनोर, ग्रीस के कर्नल कॉन्सटेंटिनॉस नीरस शामिल है।             उल्लेखनीय है कि नेशनल डिफेंस कॉलेज द्वारा प्रतिवर्ष एक साल का कोर्स आयोजित किया जाता है। इस वर्ष 66वाँ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसमें 120 सैन्य तथा गैर सैन्य अधिकारियों का दल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 15 अधिकारियों का दल आर्थिक सुरक्षा और रणनीति विषय पर अध्ययन के लिए छत्तीसगढ़ पहुँचा, जिसमें 05 विदेशी सैन्य अधिकारी भी शामिल है। प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों ने बताया कि सबसे पहले उन्होंने नया रायपुर में शहर की व्यवस्था और प्लान, कृषि और वन विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा, कांकेर के जंगल वारफेयर कॉलेज और कृषि विज्ञान केंद्र का अवलोकन किया। इसके साथ ही बस्तर में सुरक्षा संबंधी विषयों से जुड़ी विशेष चर्चा, सुरक्षाबलों के साहसिक कार्य, पर्यटन स्थल, विभिन्न शासकीय आयोजनों में बस्तर की कला-संस्कृति, चित्रकोट जलप्रपात, कोंडागांव में शिल्पग्राम का भ्रमण किया। अगले दिन उन्होंने भिलाई स्टील प्लांट और भिलाई के पुलिस थाना का भ्रमण कर कानून व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की।

आतंकवाद का केंद्र बने पाकिस्तान, सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक सुधार नहीं होगा

संयुक्त राष्ट्र   भारत ने दोहराया है कि सिंधु जल संधि तब तक निलंबित रहेगी जब तक “आतंक का वैश्विक केंद्र” पाकिस्तान अपने तरीकों में सुधार नहीं करता। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने गुरुवार को विश्व जल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि पाकिस्तान को “संधियों की पवित्रता बनाए रखने की बात करने से पहले मानव जीवन की पवित्रता का सम्मान करना चाहिए।” उन्होंने कहा, “भारत हमेशा एक जिम्मेदार उच्च जलधारा वाला राज्य रहा है लेकिन जिम्मेदारी दोतरफ़ा रास्ता है। पाकिस्तान को अपनी राज्य नीति के उपकरण के रूप में आतंकवाद का उपयोग करना पूरी तरह से छोड़ना होगा।” हरीश का यह बयान उस समय आया जब पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि को ऐसा प्रस्तुत किया मानो वह हताहत पक्ष हो, जबकि कार्यक्रम का विषय था सुरक्षित जल और स्वच्छता तक सभी के लिए पहुंच सुनिश्चित करना, जो कि संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) से जुड़ा है। हरिश ने कहा, “भारत ने इस संधि पर 1960 में सद्भाव और मित्रता की भावना में हस्ताक्षर किए लेकिन पाकिस्तान ने इस भावना का उल्लंघन करते हुए भारत पर तीन युद्ध और हजारों आतंकी हमले किए।” उन्होंने कहा, “दसियों हजार निर्दोष भारतीय पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवादी हमलों के शिकार बने।” पिछले साल द रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा पहलगाम में धर्म आधारित आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ हस्ताक्षरित सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया। उन्होंने कहा, “हमारी सहनशीलता और उदारता ने पाकिस्तान के तरीकों को नहीं बदला। अंततः हमें घोषणा करनी पड़ी कि यह संधि तब तक निलंबित रहेगी जब तक पाकिस्तान, जो आतंकवाद का वैश्विक केंद्र है, सभी प्रकार के आतंकवाद के लिए अपने समर्थन को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से समाप्त नहीं करता।” उन्होंने कहा कि तकनीकी, जनसांख्यिकीय और पारिस्थितिक बदलावों के कारण पिछले 65 वर्षों में क्षेत्र में मौलिक बदलाव हुए हैं, जिसके लिए पाकिस्तान चर्चा करने से इंकार करता रहा। उन्होंने कहा, “संधि में संशोधन पर पाकिस्तान के साथ हमारी सभी कोशिशें ठुकरा दी गईं।” कार्यक्रम के विषय पर बोलते हुए, उन्होंने कहा कि इस साल 22 मार्च को विश्व जल दिवस रविवार को पड़ रहा है और भारत ने सुरक्षित जल और स्वच्छता तक सार्वभौमिक पहुंच के सतत विकास लक्ष्य को उच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा, “जल जीवन मिशन के माध्यम से भारत ग्रामीण घरों में पाइप से पीने के पानी की आपूर्ति कर दुनिया के सबसे बड़े कार्यक्रमों में से एक को लागू कर रहा है।” 2019 में शुरू हुए इस मिशन ने अब तक ग्रामीण घरों के 81.76 प्रतिशत घरों (कुल 1.58 करोड़) तक सुरक्षित नल का पानी पहुंचाया है। उन्होंने कहा, “सामुदायिक भागीदारी इस प्रयास की आधारशिला है, जिसमें गांव जल समितियां, जिनमें से कई महिलाओं द्वारा नेतृत्व की जाती हैं, स्थानीय जल प्रणालियों की योजना, निगरानी और रखरखाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।” उन्होंने जोड़ा, “संयुक्त राष्ट्र में हमारे सामूहिक प्रयास तब सबसे प्रभावी होंगे जब वे ऐसे क्षेत्रों पर केंद्रित हों जो हमें जोड़ते हैं, जैसे कि राष्ट्रीय क्षमताओं को मजबूत करना, विशेष रूप से विकासशील देशों में, तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना और वैज्ञानिक सहयोग को आगे बढ़ाना।”

ऑस्ट्रेलियाई पेस चौकड़ी से IPL में हड़कंप, टीमों का गेम प्लान हुआ खराब

 नई दिल्ली 28 मार्च से इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन की शुरुआत हो रही है. सीजन का ओपनर मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होना है. आईपीएल के लिए सभी 10 टीमें तैयारियों में जुटी हैं, वहीं खिलाड़ियों की इंजरी से भी टीमों को दो चार होना पड़ा है। आईपीएल शुरू होने से ठीक पहले बड़ी टेंशन ऑस्ट्रेलिया के स्टार तेज गेंदबाजों ने बढ़ाई है. मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस और जोश हेजलवुड टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में उपलब्ध नहीं होंगे. वहीं सबसे बड़ा झटका चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को लगा है क्योंकि फास्ट बॉलर नाथन एलिस हैमस्ट्रिंग इंजरी के चलते पूरी आईपीएल सीजन बाहर हो गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक सीएसके अब उनके रिप्लेसमेंट की तलाश में है। जोखिम नहीं लेना चाहता बोर्ड क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) अपने प्रमुख तेज गेंदबाजों को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता. आने वाले 12 महीनों में टीम को करीब 21 टेस्ट मैच खेलने हैं, जिसमें भारत, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के बड़े दौरे शामिल हैं. इसके अलावा 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी भी ध्यान में रखी जा रही है। सनराइजर्स हैदराबाद के नियमित कप्तान पैट कमिंस बैक इंजरी से परेशान हैं. उधर जोश हेजलवुड हैमस्ट्रिंग और अकिलिज टेंडिनाइटिस (एड़ी की नस में सूजन) से जूझ रहे हैं. मिचेल स्टार्क ने हालिया समय में काफी ज्यादा टेस्ट क्रिकेट खेला है. तीनों तेज गेंदबाजों को धीरे-धीरे वापसी के लिए तैयार किया जा रहा है। कप्तान पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में सनराइजर्स हैदराबाद की गेंदबाजी थोड़ी कमजोर हो गई है. कमिंस की अनुपस्थिति में ईशान किशन इस टीम की कप्तानी करने जा रहे हैं. दूसरी तरफ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को जोश हेजलवुड की अनुपस्थिति में गेंदबाजी कॉम्बिनेशन बदलना पड़ेगा. दिल्ली कैपिटल्स (DC) को निश्चित तौर पर शुरुआती मैचों में मिचेल स्टार्क की कमी खलेगी। एलिस का विकल्प खोज पाएगी CSK? नाथन एलिस के बाहर होने से सीएसके के पास डेथ ओवर्स स्पेशलिस्ट गेंदबाज की कमी हो गई है. एलिस के बाहर होने की वजह पुरानी हैमस्ट्रिंग इंजरी का दोबारा उभरना है, जो उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप से पहले झेली थी. हाल ही में होबार्ट में हुए वनडे कप फाइनल के दौरान यह चोट फिर से गंभीर हो गई। मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस और जोश हेजलवुड की वापसी उनकी फिटनेस प्रगति पर निर्भर करेगी. अगर सब कुछ ठीक रहा, तो ये खिलाड़ी टूर्नामेंट के बीच में जुड़ सकते हैं. लेकिन शुरुआती मुकाबलों में इनकी गैरमौजूदगी ने आईपीएल टीम्स का संतुलन जरूर बिगाड़ दिया है।

चेटीचंड पर्व के माध्यम से अखंड भारत का सपना जागृत रहता है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

चेटीचंड पर्व अखंड भारत की याद दिलाकर भारतीयों के हृदय में जागृत रखता है अखंड भारत का सपना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा महाकाल की नगरी से देश, प्रदेशवासियों को दी चेटीचंड महापर्व की मंगलकामनाएं भगवा ध्वज लहराकर चेटीचंड महापर्व पर सिंधी समाज के चल समरोह का किया शुभारंभ जनप्रतिनिधि और मशहूर हस्तियां भी शामिल हुई चल समारोह में भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि चेटीचंड का पर्व अखंड भारत की याद दिलाता है और भारतीयों के हृदय में अखंड भारत का सपना जागृत रखता है। सामाजिक उत्सवों से एक दूसरे के प्रति प्रेम और आत्मीयता बढ़ती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य को उनकी वीरता, न्यायप्रियता और दानशीलता के लिए याद किया उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य से प्रेरित होकर शासन उन गुणों को आत्मसात कर सुशासन के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के टावर चौक पर चेटीचंड महापर्व पर आयोजित सिंधी समाज के चल समरोह का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रम संवत 2083 में बाबा महाकाल की नगरी से देश एवं प्रदेशवासियों को चेटीचंड के महापर्व की मंगलकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश, प्रदेश विकास के नवीन आयाम स्थापित कर रहा है। सिंहस्थ 2028 के लिए सरकार नवीन विकास के कार्य कर रही है। सभी गणमान्य नागरिक भी विकास कार्यों में अपना योगदान दे रहे है। आगामी सिंहस्थ के दिव्य आयोजन से प्रदेश और उज्जैन की वैश्विक पटल पर नवीन पहचान स्थापित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवा ध्वज लहराकर चल समारोह का शुभारंभ किया। रैली में विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद और एक्ट्रेस सुजयाप्रदा, मशहूर एक्टर आफताब शिवदासानी, तारक मेहता का उल्टा चश्मा फेम गोली उपस्थित रहे। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, संजय अग्रवाल, महेश पारियानी, डॉ. जितेंद्र जेठवानी और बड़ी संख्या में सिंधी समाजगण उपस्थित रहे।  

आस्था का ऐतिहासिक केंद्र कैलादेवी शक्तिपीठ: नवरात्रि में लाखों श्रद्धालु, लक्खी मेले की रौनक

करौली उत्तर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल कैलादेवी धाम करौली जिला मुख्यालय से करीब 23 किलोमीटर दूर त्रिकूट पर्वत पर स्थित है। यह मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है, जहां सालभर भक्तों का आना-जाना लगा रहता है। इतिहासकार वेणु गोपाल शर्मा के अनुसार कैलादेवी माता की मूर्ति की स्थापना वर्ष 1114 ई. में महात्मा केदार गिरि ने की थी। इसके बाद 1116 ई. में खींची राजा मुकुंद दास ने मंदिर का निर्माण कराया, जबकि 1153 ई. में रघुनाथ दास खींची ने इसका विस्तार किया। बाद में 1753 में राजा गोपाल सिंह ने मंदिर को भव्य स्वरूप दिया। करौली राजघराने ने माता को कुलदेवी के रूप में स्थापित किया, जिसके बाद से मंदिर का महत्व लगातार बढ़ता गया। अरावली पर्वतमाला के बीच स्थित इस धाम में माता कैलादेवी के साथ मां चामुंडा की प्रतिमा भी विराजमान है। मंदिर परिसर आज विशाल और भव्य स्वरूप में विकसित हो चुका है। कैलादेवी धाम में साल में दो बार मेला लगता है। चैत्र नवरात्रि के दौरान यहां लख्खी मेला भरता है, जो करीब 20 दिन तक चलता है। इस दौरान 50 लाख से अधिक श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिससे यहां लघु कुंभ जैसा दृश्य देखने को मिलता है। शारदीय नवरात्रि में भी करीब 10 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। करौली राजपरिवार से जुड़े राजऋषि प्रकाश जती के अनुसार नवरात्रि में घट स्थापना के समय माता को धारण कराई गई पोशाक अष्टमी तक नहीं बदली जाती। इस दौरान माता के प्राचीन आभूषण भी धारण कराए जाते हैं। अष्टमी के बाद ही माता का विशेष शृंगार किया जाता है। मान्यता है कि विवाह, संतान प्राप्ति, नए वाहन पूजन या मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त माता के दरबार में दर्शन के लिए अवश्य आते हैं। बच्चों का पहला मुंडन संस्कार भी यहां कराना शुभ माना जाता है। कैलादेवी धाम में भक्ति का अनोखा रंग लांगुरिया गीतों के रूप में देखने को मिलता है। ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु नृत्य करते हैं। यहां भगवान कृष्ण को लांगुरिया के रूप में पूजा जाता है। माता के दर्शन के बाद बोहरा भगत के दर्शन करना अनिवार्य माना जाता है। श्रद्धालुओं के अनुसार इनके दर्शन के बिना कैलादेवी की यात्रा अधूरी मानी जाती है।

तीसरे T20 में NZ का दबदबा, लैथम की फिफ्टी ने SA की उम्मीदें तोड़ी

वेलिंग्टन न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। मेजबान न्यूजीलैंड ने शुक्रवार को तीसरे टी20 में 9 विकेट से दमदार जीत दर्ज की। न्यूजीलैंड ने 137 रनों का टारगेट 17.2 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर आसानी से चेज कर लिया। ओपनर टॉम लैथम की फिफ्टी ने साउथ अफ्रीका का बेड़ा गर्क किया। वह 55 गेंदों में 63 रन बनाकर रहे, जिसमें सात चौके और दो छक्के हैं। लक्ष्य का पीछा करते हुए लैथम और डेवोन कॉनवे (26 गेंदों में 39) ने न्यूजीलैंड को शानदार शुरआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 96 रनों की साझेदारी की। कॉनवे को कार्यवाहक कप्तान केशव महाराज ने 12वें ओवर में पवेलियन भेजा। इसके बाद, लैथम और रॉबिन्स ने दूसरे विकेट के लिए 40 रनों की पार्टनरशिप की। रॉबिन्स 17वें ओवर में सिपामला का शिकार बने। उन्होंने 16 गेंदों में दो चौकों के जरिए 17 रन बटोरे। निक केली (नाबाद 1) ने विजयी रन बनाया। आज न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के बीच तीसरा टी20 मुकाबला ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेला जा रहा है। साउथ अफ्रीका ने मेजबान न्यूजीलैंड के सामने 137 रनों का टारगेट रखा है। साउथ अफ्रीका ने निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट पर 136 रन जुटाए। दसवें नंबर पर उतरे नकोबानी मोकोएना ने सर्वाधिक रन बनाए। उन्होंने 20 गेंदों में एक चौके और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 26 रनों की पारी खेली।  उन्होंने जॉर्ज लिंडे ने 23, डियान फॉरेस्टर ने 17 और गेराल्ड कोएत्जी ने 16 रनों का योगदान दिया। टोनी डी जोरजी और कॉनर एस्टरहुइजन के बल्ले से 15-15 रन निकले। ओपनर वियान मुल्डर का खाता नहीं खुला। काइल जैमीसन, मिचेल सेंटनर और बेन सियर्स ने दो-दो शिकारिए। दोनों टीम पांच मैचों की सीरीज फिलहल 1-1 की बराबरी पर है। केशव महाराज की कप्तानी वाली साउथ अफ्रीकी टीम ने पहला मैच सात विकेट से अपने नाम किया जबकि मिचेल सेंटनर की अगुवाई वाली टीम ने दूसरे टी20 में 68 रनों से जीत दर्ज कर धमाकेदार वापसी की।

जंग की आहट महंगी पड़ी: ईरान तनाव से पेट्रोल कीमतों में बड़ा इजाफा

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बाद बनी ईंधन संकट की स्थिति का पहली बार पेट्रोल की कीमतों पर असर पड़ा है। देश में प्रीमियम यानी पावर पेट्रोल की कीमतें बढ़ा दी गई हैं। जानकारी के मुताबिक, प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2.30 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल डीलरों ने इस बात की पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल यह कीमतें सिर्फ पावर पेट्रोल की कीमतों पर लागू होंगी और रेगुलर पेट्रोल की कीमत नहीं बढ़ाई गई है। इस बढ़ोतरी का असर मुख्य रूप से उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो हाई-ऑक्टेन या प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल करते हैं। बता दें कि प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल आमतौर पर बेहतर इंजन परफॉर्मेंस और ज़्यादा माइलेज के लिए किया जाता है। फिलहाल तेल कंपनियों की ओर से कीमतों में बढ़ोतरी का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। हालांकि जानकारों का मानना ​​है कि ईरान युद्ध के चलते ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और लॉजिस्टिक्स खर्च में बदलाव कीमत में बढ़ोतरी की मुख्य वजह हो सकती हैं।  

नवरात्रि के दौरान तरावली माता मंदिर में एसपी का निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था में कड़ी निगरानी

बैरसिया  नवरात्रि पर्व के मद्देनज़र जिला भोपाल (देहात) पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। थाना बैरसिया क्षेत्र के प्रसिद्ध तरावली माता मंदिर में 19 मार्च से 27 मार्च तक आयोजित होने वाले नवरात्रि महोत्सव के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री रामशरण प्रजापति ने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने मंदिर परिसर, प्रवेश एवं निकास मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, बैरिकेडिंग और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना पुलिस की पहली जिम्मेदारी है। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. नीरज चौरसिया, एसडीओपी बैरसिया सुश्री वैशाली एवं थाना प्रभारी वीरेंद्र सेन सहित पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। एसपी के सख्त निर्देश— नवरात्रि के दौरान सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निम्न निर्देश दिए— मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार पुलिस पेट्रोलिंग की जाए। भीड़ नियंत्रण हेतु पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर प्रभावी बैरिकेडिंग सुनिश्चित की जाए। यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए डायवर्जन प्लान का सख्ती से पालन कराया जाए। वाहन पार्किंग केवल निर्धारित स्थलों पर ही कराई जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जूते-चप्पल रखने हेतु पृथक स्टैंड बनाए जाएं। महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था सुनिश्चित हो। संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। महिला सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस बल एवं हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएं। ड्यूटी में तैनात सभी अधिकारी-कर्मचारी पूरी मुस्तैदी और जिम्मेदारी से कार्य करें। एसपी श्री प्रजापति ने दो टूक कहा कि नवरात्रि पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिला भोपाल (देहात) पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस पावन पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफल .

माफिया पर कसा शिकंजा: संयुक्त दबिश में 11 हाइवा और जेसीबी समेत बड़ी जब्ती

आरंग/रायपुर. महानदी से रेत के अवैध दोहन का काला कारोबार करने वालों पर प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद रायपुर खनिज विभाग, राजस्व और आरंग पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात एक बड़ा ‘स्ट्राइक’ करते हुए करोड़ों की मशीनरी और वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है. प्रशासन को सूचना मिली थी कि आरंग के कुम्हारी, कुरूद और मोहमेला घाटों पर रात के अंधेरे में अवैध उत्खनन का खेल धड़ल्ले से चल रहा है. योजनाबद्ध तरीके से की गई इस छापेमारी में प्रशासन ने रेत के अवैध परिवहन में लगे 11 हाइवा वाहन, नदी के बीच से रेत निकालने के लिए इस्तेमाल में लाया जा रहा एक चैन माउंटेन मशीन और घाटों पर लोडिंग के लिए तैनात दो जेसीबी मशीन को जब्त किया है. इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए जिले के आला अधिकारियों ने मोर्चा संभाला. इसमें मुख्य रूप से एएसपी, रायपुर ग्रामीण अभिषेक झा, खनिज अधिकारी उमेश भार्गव, नायब तहसीलदार गजानंद सिदार, आरंग थाना प्रभारी हरीश साहू शामिल रहे. पकड़े गए सभी वाहनों और मशीनों को जब्त कर गिधपुरी, उपरवारा और आसपास के स्थानीय थानों की सुपुर्दगी में दे दिया गया है. इन सभी पर खनिज अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है. इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है और कई लोग घाट छोड़कर भाग खड़े हुए. ग्रामीणों ने ली राहत की सांस आरंग महानदी से बेतहाशा रेत चोरी के कारण न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा था, बल्कि भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीण सड़कें भी जर्जर हो रही थीं. प्रशासन की इस सख्ती के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि अब अवैध उत्खनन पर पूरी तरह से लगाम लगेगी.

जयपुर में उद्योगपतियों से संवाद करेंगे सीएम मोहन यादव, मध्यप्रदेश में निवेश के नए अवसरों की जानकारी देंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश को देश का भरोसेमंद और तेजी से उभरता निवेश गंतव्य बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हैं। इसी कड़ी में वे विभिन्न राज्यों में रोड-शो और उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन संवाद कर राज्य की औद्योगिक संभावनाओं को साझा कर रहे हैं। 21 मार्च को जयपुर के आईटीसी राजपूताना में आयोजित इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्यूनिटीज इन मध्य प्रदेश में वे उद्योग जगत से सीधे संवाद करेंगे और राज्य में निवेश के अवसरों, नई औद्योगिक नीतियों और बेहतर अधोसंरचना के बारे में जानकारी देंगे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश अब संभावनाओं तक सीमित राज्य नहीं रहा। नीतिगत स्पष्टता, त्वरित निर्णय क्षमता और मजबूत औद्योगिक आधार के साथ राज्य निवेश को धरातल पर उतारने में अग्रणी बन गया है। उनका मानना है कि निवेश केवल पूंजी नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, कौशल विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षेत्रीय विकास का माध्यम है। जयपुर सत्र में कृषि, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, टेक्सटाइल, गारमेंट्स, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, नवीकरणीय ऊर्जा, माइनिंग और पर्यटन क्षेत्रों के उद्योगपति और संगठन शामिल होंगे। वन-टू-वन बैठक और प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से सेक्टर-विशेष अवसर, परियोजना स्तर के सहयोग और समयबद्ध निवेश क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। डॉ. यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश ने हाल ही में 18 नई औद्योगिक नीतियों को लागू किया और दो ‘जन विश्वास अधिनियमों’ के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया। राज्य में औद्योगिक विकास को पूरे प्रदेश में संतुलित रूप से फैलाने की योजना भी है। इसके तहत उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, नर्मदापुरम में पावर और रिन्यूएबल एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, ग्वालियर में फुटवियर पार्क, जबलपुर में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब, रतलाम में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क और धार में पीएम मित्रा पार्क जैसी पहलें शामिल हैं। इसके साथ ही भोपाल में संत रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क और इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रीवा में विकसित हो रहे आईटी पार्क राज्य के नवाचार, कौशल और प्रतिभा विकास को गति दे रहे हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जयपुर और आसपास के उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश के औद्योगिक अवसरों, निवेश प्रोत्साहनों और मजबूत अधोसंरचना से परिचित कर उन्हें निवेश के लिए प्रेरित करना है। 

बड़वानी सांसद ने मोनालिसा की शादी को लेकर लव जिहाद के आरोप लगाए, जांच की मांग

बड़वानी   मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की रहने वाली मोनालिसा द्वारा फरमान खान से विवाह करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. इस विवाह को लेकर ‘लव जिहाद’ के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसके बाद क्षेत्र की राजनीति भी गरमा गई है. बड़वानी में आयोजित विक्रमोत्सव 2026 के एक कार्यक्रम के दौरान सांसद गजेंद्र पटेल ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए इस पर गंभीर सवाल उठाए हैं. सांसद बोले- मोनालिसा की शादी सुनियोजित साजिश बड़वानी सांसद ने कहा, ” प्रथम दृष्टया यह सामान्य विवाह नहीं प्रतीत होता, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश की आशंका है.” उन्होंने दावा किया कि युवती को कथित रूप से फिल्म शूटिंग के नाम पर केरल ले जाया गया, जहां उससे विवाह कराया गया. सांसद ने यह भी कहा कि इस मामले में अलग-अलग राज्यों की कड़ियां जुड़ी हुई हैं. लड़का उत्तर प्रदेश का, लड़की मध्य प्रदेश की और विवाह केरल में हुआ. ऐसे में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और गहन जांच आवश्यक है. उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रकरण में संगठित स्तर पर कार्य किया गया हो सकता है, जिसकी सच्चाई सामने आना जरूरी है. माता-पिता भी पहुंचे थाने, प्रताड़ना के आरोप इधर, मोनालिसा के परिजनों ने भी इस विवाह को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं. परिवार का कहना है कि यह संबंध सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुआ, बल्कि युवती को बहला-फुसलाकर या दबाव में निर्णय लेने के लिए मजबूर किया गया. परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें भी प्रताड़ित किया गया और मामले को दबाने का प्रयास हुआ है. बीते मंगलवार को मोनालिसा के माता-पिता फिल्ममेकर सनोज मिश्रा के साथ मंडलेश्वर पहुंचे, जहां उन्होंने डीएसपी श्वेता शुक्ला को लिखित शिकायत की है.शिकायत में उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. सांसद ने सीएम मोहन यादव से की मुलाकात सांसद गजेंद्र पटेल ने इस संबंध में मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने कहा, ” यदि समय रहते सच्चाई सामने नहीं आई तो यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है.” वहीं, सांसद ने मीडिया के माध्यम से मोनालिसा से अपने परिवार के बारे में सोचने की अपील करते हुए कहा कि इस मामले में सच्चाई सामने आने पर कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजरें शासन-प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं.

समर सीजन में सुविधा, अहमदाबाद-कोलकाता और सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस में थर्ड एसी कोच जोड़े गए

भोपाल  गर्मियों में बढ़ती यात्रियों की भीड़ को देखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे ने दो प्रमुख ट्रेनों में थर्ड एसी कोच बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे प्रशासन के अनुसार गाड़ी संख्या 19413/14 अहमदाबाद-कोलकाता-अहमदाबाद एक्सप्रेस में 27 मई से अहमदाबाद से चलने वाली तथा 30 मई से कोलकाता से चलने वाली ट्रेनों में थर्ड एसी कोच की संख्या 5 से बढ़ाकर 6 कर दी जाएगी। थर्ड एसी कोच 6 से बढ़ाकर 7 किए जाएंगे इसी तरह गाड़ी संख्या 22947/48 सूरत-भागलपुर-सूरत एक्सप्रेस में 23 मई से सूरत से तथा 25 मई से भागलपुर से चलने वाली ट्रेनों में थर्ड एसी कोच 6 से बढ़ाकर 7 किए जाएंगे। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रेनों के कोच संयोजन, समय और ठहराव की जानकारी रेलवे की अधिकृत सूचना प्रणाली से जरूर प्राप्त कर लें। अहमदाबाद-कोलकाता और सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस के लिए नए नियम रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 19413/14 अहमदाबाद-कोलकाता-अहमदाबाद एक्सप्रेस में 27 मई को अहमदाबाद से और 30 मई को कोलकाता से चलने वाली ट्रेन में अब 5 की जगह 6 थर्ड एसी कोच लगाए जाएंगे। इसी तरह, गाड़ी संख्या 22947/48 सूरत-भागलपुर-सूरत एक्सप्रेस में 23 मई को सूरत से और 25 मई को भागलपुर से चलने वाली ट्रेन में 6 के स्थान पर 7 थर्ड एसी कोच जोड़े जाएंगे। रेलवे की यात्रियों से अपील रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेनों के कोच संयोजन, समय और ठहराव की जानकारी रेलवे की आधिकारिक सूचना प्रणाली से अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

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