लोकसभा चुनाव 2024 के लिए 43 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी की गई।
The second list of Congress candidates for 43 Lok Sabha seats was released for the Lok Sabha elections 2024.
The second list of Congress candidates for 43 Lok Sabha seats was released for the Lok Sabha elections 2024.
Ramakrishna Paramhansa’s birth anniversary was celebrated like a festival. हरिप्रसाद गोहेआमला। हर्ष वर्ष की तरह इस वर्ष भी मां महाकाली मंदिर समिति सासाबड़ द्वारा महाकाली के परम् भक्त श्री, श्री रामकृष्ण परमहंस का जन्म उत्सव सोमवार को महोत्सव की तरह मनाया गया । जन्म उत्सव को मानने महाकाली मंदिर में व्यापक स्तर पर त्ययारी कर मंदिर में बेहतर रंग रोगन, आकर्षक विद्युत साज सज्जा झंडे तोरण लगा भव्य रूप दिया गया था । महाकाली दरबार की भव्यता देखते ही बन रही थी । इस मौके पर मंदिर समिति द्वारा विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन आयोजित कर मंदिर परिसर में महा भंडारे का आयोजन आयोजित किया गया था । जहां बढ़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तो ने पहुंच धूमधाम से जन्म उत्सव मना महाकाली के दर्शन कर भंडारे की भोजन प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया मिली जानकारी अनुसार महाकाली मंदिर समिति द्वारा बीते कई वर्षो से महाकाली के भक्त श्री राम कृष्ण परम् हंस का जन्म उत्सव मनाया जा रहा है उक्त परंपरा का निर्वहन आज भी सतत जारी है। महाकाली के परम् भक्त कमल मालवीय ने चर्चा के दौरान बताया प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी महाकाली मंदिर परिसर में श्री रामकृष्ण परमहंस जी के जन्म उत्सव के मौके पर सोमवार अल सुबह से भगवान राम, महाकाली, की पूजा अर्चना एवं अनुष्ठान कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया । बाद श्री परम् हंस जी का जन्म दिन मनाया गया । इस मौके पर भजन कीर्तन के साथ महा भंडारे का आयोजन किया गया जहा बड़ी संख्या में भक्तो ने पहोंच प्रसाद ग्रहण किया ।
Demonstration of selected teachers demanding promotion, sat outside BJP office and recited Sunderkand. भोपाल ! भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर पदवृद्धि की मांग को लेकर चयनित शिक्षकों ने धरना प्रदर्शन किया। चयनित शिक्षक भाजपा कार्यालय के बाहर बैठे गए। उन्होंने श्री राम दरबार की तस्वीर रख सुंदरकांड का पाठ किया। उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती (वर्ग-1) में पदवृद्धि की मांग को लेकर चयनित शिक्षकों ने मंगलवार को भाजपा कार्यालय के के बाहर प्रदर्शन किया। बच्चों के साथ महिला चयनित शिक्षक प्रदर्शन करने पहुंची थी। तेज धूम में सड़कों पर बैठने से दो महिला चयनित शिक्षकों की तबीयत भी खराब हो गई। मंगलवार को चयनित शिक्षक रेलवे स्टेशन के पास एकजुट हुए। वह जयश्री राम के नारे लगा भगवान श्रीराम दरबार की तस्वीर लेकर भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां पर भगवान श्री राम की तस्वीर को रखकर सुंदरकांड का पाठ भी किया। चयनित शिक्षकों ने भाजपा कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस ने सभी को बस में बैठा कर कटारा हिल्स थाने भेजा। प्रदर्शन करने वाले चयनित शिक्षकों का कहना है कि सरकार ने वर्ग-1 में करीब 8 हजार 700 पदों पर भर्ती निकाली। इनमें से तीन हजार पद बैकलॉग के है। पांच हजार पद आरक्षित वर्ग ओबीसी, एससी-एसटी के साथ ही ईओडब्ल्यू के लिए है। इसके बाद भी जो कुछ थोड़े बहुत पद है उनको भी एक दर्जन से ज्यादा विषयों में बांटा गया है। ऐसे में कोई उम्मीदवार टॉप टेन में भी आ जाए तो उसे जॉब मिलना मुश्किल है। यही वजह है कि हम पदवृद्धि की मांग कर रहे है। महिला चयनित शिक्षक कृति के बच्चे को लेकर प्रदर्शन में आने पर कहा कि उसके भविष्य के लिए हम संघर्ष कर रहे है। सरकार की तरफ से पदवृद्धि का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन कार्रवाई कुछ भी नहीं की जा रही है।
As soon as Union Minister Jyotiraditya Scindia became Guna candidate, Mungawali Ashoknagar Badarwas got a big gift for the Railways. संतोष सिंह तोमर गुना। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने पुराने लोकसभा क्षेत्र गुना से भाजपा के प्रत्याशी बनाए गए है । हालाँकि वह लगातार अपने क्षेत्र का भ्रमण व केंद्र एवं राज्य सरकार से विकास योजनाओं को गुना लाने का प्रयास कर रहे थे । पहले पास्पोर्ट केंद्र व आगरा तक हाईवे लाने में उन्होंने बड़ी भूमिका निभाई, हाल ही में उन्होंने शिवपुरी और गुना में हवाईअड्डों के निर्माण की भी घोषणा की थी और आज रेलवे विभाग द्वारा बड़ी सौग़ात गुना लोकसभा क्षेत्र में लाने का काम भी उन्होंने किया है। बड़ी और लम्बी दूरी वाली कई ट्रेन अब इन स्टेशन पर रुकेंगी: •VISAKHAPATNAM -BHAGAT KI KOTHI EXPRESS – अशोक नगर रुकेगी20482 केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पिछले कई समय से लम्बी दूरी विभिन्न राज्यों को जोड़ने वाली ट्रेन को ग्वालियर – चम्बल संभाग के स्टेशन पर रुकवाने के लिए प्रयासरत रहे हैं। अब गुना क्षेत्र के निवासियों को इन ट्रेनों को पकड़ने के दूर बड़े स्टेशन जाना नहीं पड़ेगा जिनसे क्षेत्र की जनता को बड़ी सुलभता मिलेगी।
State got fourth Vande Bharat train, CM Mohan Yadav expressed gratitude to PM Modi भोपाल ! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 85 हजार करोड़ से अधिक की रेल परियोजनाओं के वर्चुअल शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस अवसर पर सीएम डॉ. मोहन यादव भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश में हजरत निजामुद्दीन से खजराहो के बीच चौथी वंदे भारत ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित कार्यक्रम से प्रधानमंत्री ने देश में 10 नई वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि रेलवे आधुनिक समय में देश का भाग्य बदलने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के बाद रेलवे की कई पुरानी परंपराओं को बदलकर रेलवे के विकास को गति प्रदान की है। केंद्रीय बजट और रेलवे बजट को एक कर भारत सरकार के संसाधनों के रेलवे के विकास में उपयोग का मार्ग प्रशस्त किया है। उनकी पहल से देशवासियों ने स्वच्छ रेलवे स्टेशन और विश्व स्तरीय रेलवे सुविधाओं का अनुभव प्राप्त किया है। मध्य प्रदेश को मिलने वाला रेलवे बजट 2014 से पहले लगभग 275 करोड़ हुआ करता था जो अब 15000 करोड़ हो गया है, यह डबल इंजन की सरकार का प्रभाव है। प्रदेश केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणीउप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विश्व की सर्वोच्च अर्थव्यवस्था बनेगा, इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अधोसंरचना विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों और समन्वय के परिणाम स्वरूप प्रदेश सभी केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणी है। विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने भोपाल, संतहिरदाराम नगर, रानी कमलापति रेलवे स्टशनों के विकास तथा विस्तारीकरण के लिए रेलवे का आभार माना। कार्यक्रम में रेलवे की महाप्रबंधक शोभना वनोपाध्या और मंडल रेलव प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी विशेष रूप से उपस्थित थे।
Digvijay Singh acquitted in defamation case पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ दायर मानहानि के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें दोषमुक्त करार दिया है। ग्वालियर। जिला अदालत की एमपी एमएलए कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ चल रहे मानहानि के दावे की सुनवाई के दौरान मंगलवार को उन्हें दोषमुक्त करार दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना कि जिन तथ्यों को आधार बनाकर यह केस दायर किया गया है उनके हिसाब से मानहानि का दावा चलाए जाने योग्य नहीं है। जिला अदालत ने मामले में फैसला सुनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री को दोषमुक्त कर दिया। दरअसल, एडवोकेट अवधेश सिंह भदौरिया ने स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा काे लेकर दिए गए विवादित बयान को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह पर मानहानि का मामला दायर किया था। आरोप यह था कि 31 अगस्त 2019 को भिंड प्रवास के दौरान दिग्विजय सिंह ने मीडिया से संवाद करते हुए बजरंग दल,आरएसएस और भाजपा के कार्यकर्ताओं पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से पैसे लेकर जासूसी करने का आरोप लगाते हुए विवादित टिप्पणी की थी। जिसके बाद इस बयान को आधार बनाकर एडवोकेट अवधेश ने पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ मानहानि का दावा पेश किया था। यह थी विवादित टिप्पणी31 अगस्त 2019 को दिग्विजय सिंह ने भिंड के एक राजनीतिक कार्यक्रम में टिप्पणी करते हुए कहा था ‘कि एक बात मत भूलिए जितने भी पाकिस्तान के लिए जासूसी करते पाए गए हैं, वह भाजपा, आरएसएस व बजरंग दल से पैसे ले रहे हैं। एक बात और बताता हूं कि पाकिस्तान की आईएसआई के लिए जासूसी मुसलमान कम, गैर मुसलमान ज्यादा कर रहे हैं।’ दिग्गी बोले – नरोत्तम मिश्रा के यहां सीजीएसटी छापे में डेढ़ करोड़ मिले, सैकड़ों करोड़ मिलने थे ग्वालियर की एमपी एमएलए कोर्ट में फैसला आने के बाद दिग्विजय सिंह ने ग्वालियर में रिसोर्ट में सीजीएसटी छापे के सवाल पर कहा कि यह तौहीन की बात है। नरोत्तम मिश्रा के यहां डेढ़ करोड़ मिले हैं सैकड़ों करोड़ मिलने थे। इस रिसोर्ट में मिश्रा के बेटे भी डायरेक्टर हैं।
Narottam Mishra’s son’s resort raided, tax evasion of Rs 2.5 crore revealed खास बात यह है कि SGST और CGST कार्यालय से यह रिसॉर्ट महज एक या दो किलोमीटर के बीच स्थित है. अब बड़ा सवाल है कि दोनों कार्यालय इतने पास होने के बावजूद रिजॉर्ट पर अभी तक क्यों नहीं की गई कार्रवाई थी? भोपाल ! केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) के अफसरों ने सोमवार को ग्वालियर में इंपीरियल गोल्फ रिसॉर्ट पर छापा मारा. भोपाल और ग्वालियर की सीजीएसटी टीम ने मंगलवार सुबह तक दस्तावेज खंगाले. बताया गया कि करीब ढाई करोड़ रुपए की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है. यह रिसॉर्ट प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के बेटे अंशुमन मिश्रा और बिल्डर रोहित वाधवा का है इंपीरियल गोल्फ रिसॉर्ट की बिलिंग में गड़बड़ी का टैक्स चोरी ही नहीं, बल्कि इनपुट टैक्स क्रेडिट भी लिया जा रहा था. रेस्तरां और 7500 से ज्यादा के टैरिफ के रूम पर कम जीएसटी लिए जाने के साथ इन सभी के बिलिंग पर पहले से तय टैक्स को कम किया जा रहा था. रिसॉर्ट से मिले दस्तावेजों की सीएसटी की टीम गहनता से पड़ताल कर रही है. इसके साथ ही रिसॉर्ट के कमरों सहित कुछ हिस्से को सील भी किया जा सकता है. सीएसटी की कार्रवाई अभी जारी है और पेनल्टी ब्याज का आकलन किया जा रहा है. इसके साथ ही बिल्डर वाधवा की और भी प्रॉपर्टी सीएसटी की रडार पर है. चर्चा यह है भी है कि दूसरे प्रतिष्ठानों पर भी इसी तरह की टैक्स गड़बड़ पकड़ी जा सकती बता दें कि ग्वालियर रायरू बाईपास स्थित इंपीरियल गोल्फ रिजॉर्ट है. इसके डायरेक्टर बिल्डर रोहित वाधवा और पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के बेटे अंशुमान मिश्रा भी डायरेक्टर हैं. सीएसटी के अफसर की स्क्रूटनी के दौरान यह पता चला है कि ग्वालियर के इस रिसॉर्ट में सीएसटी के नियमों को तोड़कर टैक्स वसूली में गड़बड़ की जा रही है. इसके आधार पर टीम तैयार की गई और 11 अधिकारियों की टीम को छापेमारी के लिए अधिकृत किया गया. भोपाल के अधिकारियों के साथ स्थानीय अफसर भी पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में पड़ताल शुरू की. इस पूरे मामले पर जब डायरेक्टर रोहित वाधवा और अंशुमान मिश्रा से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं नहीं किया. खास बात यह है कि एसजीएसटी और सीजीएसटी ग्वालियर कार्यालय से यह रिसॉर्ट महज एक या दो किलोमीटर के बीच स्थित है. अब बड़ा सवाल है कि दोनों कार्यालय इतने पास होने के बावजूद इस रिजॉर्ट पर अभी तक क्यों नहीं की गई कार्रवाई? पूर्व गृहमंत्री पर यह कार्रवाई किसके इशारे पर हुई? क्या आगे भी है कार्रवाई जारी रहेगी, क्योंकि शहर के अंदर रोहित वाधवा ने सैकड़ों एकड़ जमीन को खरीद कर कॉलोनी काटी हैं और कई एकड़ जमीन पर रिसॉर्ट और स्कूल कॉलेज भी बने हुए हैं.
Arbitrariness of private schools continues, information is not uploaded on the portal भोपाल। फीस का ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड करने को लेकर प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी जारी है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आदेश जारी होने के एक माह बाद भी स्कूलों ने जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं की है। हालात यह है कि राजधानी भोपाल में ही भोपाल में 321 स्कूलों में से करीब 13 स्कूलों ने ही जानकारी अपलोड की है। दरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग ने आठ फरवरी को आदेश जारी कर प्रदेश में फीस विनियमन अधिनियम 2020 कानून का पालन करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत प्रदेश के निजी स्कूलों से फीस, पाठ्यक्रम और किताबों की जानकारी मांगी गई थी, लेकिन स्कूलों ने जानकारी अपलोड नहीं की है। उल्लेेखनीय है कि राज्य शासन ने मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) 2017 एवं नियम-2020 लागू कर चुका है। जिसके तहत निजी स्कूलों को विगत तीन वर्षों (2020-21, 2021-22, 2022-23) के बजट की जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। बैलेंस शीट, प्राप्ति एवं भुगतान पत्रक, आय-व्यय शेड्यूल सहित अंकेक्षण प्रतिवेदन शामिल होंगे। इसके बाद संबंधित विषयों के पालन में निजी स्कूलों द्वारा 100 रूपये के गैर न्यायिक स्टांप पेपरों पर आवश्यक वचन पत्र भी अपलोड करना होगा।
Round of transfers continues in the state, transfer of eight IPS officers
“Capacity Building Program” organized on the theme “Happy Classroom” हरिप्रसाद गोहे आमला । नगर के भीमनगर क्षेत्र स्थित प्राइवेट शैक्षणिक संस्थान लाइफ कैरियर सीनियर सेकेंडरी सीबीएसई स्कूल में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के निर्देशानुसार कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया ! यह कार्यक्रम सीबीएसई स्कूल प्रिंसिपल और मास्टर ट्रेनर कविता त्रिवेदी के मुख्य आतिथ्य प्राचार्य एवं ट्रेनर अनिल अहिरवार के विशिष्ट आतिथ्य एवं संगीता यादव की अध्यक्षता में आयोजित किया गया ! मुख्य अतिथि और मास्टर ट्रेनर कविता त्रिवेदी ने बताया कि अध्यापकों की क्षमता को निखारने के लिए “हैप्पी क्लासरूम” विषय पर “कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम ” का आयोजन किया गया ! जिसमें बैतूल जिले के लगभग पचास शिक्षक- शिक्षिकाओं ने भाग लिया और एक दिवसीय कार्यशाला से लाभान्वित हुए ! इसमें उपस्थित ट्रेनर ने अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से शिक्षक -शिक्षिकाओं को सीबीएसई में नई शिक्षा नीति से संबंधित जानकारी एवं शिक्षा नीति मे आए बदलावों से अवगत कराया ! जहां श्री अहिरवार ने शिक्षा नीति में आए परिवर्तनों की जानकारी व परिवर्तन की आवश्यकता को बताया ! वही श्रीमती त्रिवेदी ने हास्य व्यंग, चार्ट, ड्राइंग व विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षक- शिक्षिकाओं को नई नीतियों व स्कूल में कक्षा के माहौल, शिक्षक व छात्र के मध्य सामंजस्य तथा पालक व शिक्षक के बीच सामंजस्य कैसा हो जैसी महत्वपूर्ण जानकारी दी , उन्होंने यह भी कहा कि कक्षा का वातावरण आनंदमय होना चाहिए और आनंदमय माहौल के लिए पहले स्वयं शिक्षक को खुश होना चाहिए क्योंकि जो स्वयं खुश होगा वह दूसरों को खुश रख सकता है एवं उसकी कार्य क्षमता बेहतर होती है तथा उसके कार्य में रचनात्मक भी शामिल होती है l अंत में उन्होंने अपनी सिखाई जानकारी का मूल्यांकन शिक्षक- शिक्षिकाओ के अभिनय मंचन के माध्यम सेकिया ! श्रीमती त्रिवेदी व श्री अहिरवार ने अंत में सभी को शुभकामनाएं प्रेषित कर समय के अनुरूप स्वयं को ढालने व स्वयं को निरंतर गतिशील रखने को कहा !
Misled in getting government job in health department by giving fake certificate कटनी। सरकारी नौकरियों में फर्जीवाड़े के किस्से अक्सर सामने आते रहते है जिनमे न्यायालय के आदेश पर कार्यवाही भी होती है। इसके बावजूद भी फर्जीवाड़ा कम होने का नाम नही ले रहा। ताजा मामला बड़वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा हुआ है जहा एक आरटीआई कार्यकर्ता ने स्वास्थ्य विभाग को हायर सेकंडरी के फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले शख्स को उजागर किया है। आरटीआई कार्यकर्ता कमल शर्मा ने बताया की एसपी पाटकर नामक व्यक्ति ने बोर्ड मार्कशीट लगाकर एमपीडब्लू की पोस्ट हासिल की थी। आरटीआई के जरिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई जानकारी से बात उजागर हुई है की एस पी पाटकर ने जो मार्कशीट लगाई थी उसमे किसी भी तरह की सील मुहर, या प्राचार्य के साइन नहीं है।वही फर्जी दस्तावेज से नौकरी करने वाला सुदर्शन प्रसाद पाटकर बड़वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुपरवाइजर के पद पर आसीन है। यह मामला अपने आप में बेहद संगीत है। आरटीआई एक्टिव विस्ट द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों को अगर सही माने तो कई वर्षों से बड़वारा में सदस्य सुपरवाइजर शासन की आंखों में धूल झोंक रहा है। इस मामले की सूक्ष्म जांच कराए जाने से सारी सच्चाई सामने आ सकती है।इनका कहना हैइस पूरे मामले को लेकर बातचीत करते हुए खुद सुदर्शन पाठ करने कहा कि आगजनी की एक घटना में मेरे सभी दस्तावेज जलकर खाक हो गए हैं। मेरे द्वारा किसी तरह का कोई फर्जी बाड़ा नहीं किया गया है। जांच कराई जानी चाहिए जिससे मामला स्पष्ट हो सके।
Action is being taken on war footing against adulterators एफ.आई.आर सहित लायसेंस निलंबन और दुकानों को सील करने का सिलसिला जारी कटनी । खाद्य पदार्थों में मिलावट गंभीर अपराध है। जिले में इसे रोकने के लिये सख्त कार्यवाही का सिलसिला जारी है। कलेक्टर अवि प्रसाद के निर्देश पर जिले में चल रहे मिलावट से मुक्ति अभियान के तहत जहां कई प्रतिष्ठानों को सील किया जा चुका है। वहीं कई मामलों में एफ.आई.आर भी दर्ज कराई गई है। साथ ही अर्थदण्ड भी किया गया है।जिले के इतिहास में मिलावट खोरो के विरूद्ध हो रही युद्ध स्तर पर सख्त कार्यवाही से हड़कंप की स्थिति है। कई प्रतिष्ठानों के लायसेंस और पंजीयन भी निलंबित किये गये हैं।न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 96 के तहत दो अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा अधिरोपित की गई शस्ति की राशि आदेश उपरान्त भी जमा नहीं किये जाने पर भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल करने एवं शस्ति संदाय होने तक की अवधि तक के लिए दोनों अनुज्ञप्ति की अनुज्ञप्ति लायसेंस निलंबित किये जाने का आदेश पारित किया है। अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेश मे तहसीलदार कटनी नगर को उक्त राशि की मांग कायम कर वसूली की कार्यवाही करनें तथा अनुज्ञापन प्राधिकारी को लायसेंस निलंबन की कार्यवाही पूर्ण कर इस न्यायालय को अवगत कराने हेतु निर्देशित किया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 96 के अधीन अधिरोपित कोई शस्ति, यदि उसका संदाय नहीं किये जाने पर भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल करने और शस्ति का संदाय होने तक व्यतिक्रमि की अनुज्ञप्ति निलंबित रखे जानें का प्रावधान है।उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य सुरक्षा प्रशासन विरूद्ध राजकुमार तीर्थानी पुत्र पेशुराम तीर्थानी निवासी शम्भू टॉकीज के सामने, नई बस्ती कटनी प्रो प्रा. मेसर्स आर.वी. इन्टरप्राईजेज नई बस्ती कटनी के राजस्व प्रकरण पारित आदेश को इस न्यायालय द्वारा खाद्य सामग्री नॉवल्टी आईसकीम का विक्रय मिथ्याछाप पाए जाने पर 50 हजार रूपये की शस्ति अधिरोपित की गई थी। अनावेदक द्वारा उक्त अधिरोपित राशि जमा कर चालान की प्रति इस न्यायालय में प्रस्तुत नही की गई। एक अन्य प्रकरण में मध्यप्रदेश शासन द्वारा खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य सुरक्षा प्रशासन विरूद्ध जगदीश चांदवानी पिता श्री गिरधारी लाल चांदवानी, निवासी जगमोहन दास वार्ड नई बस्ती कटनी, प्रो प्रा, मेसर्स न्यू सुमित किराना भण्डार, सुक्खन चौक, रघुनाथ गंज कटनी के राजस्व प्रकरण मे पारित आदेश को इस न्यायालय द्वारा खाद्य सामग्री पायल गोल्ड मिक्स गरम मसाला बिना पंजीयन,अवमानक एवं मिथ्याछाप पाए जाने पर अधिरोपित 30 हजार रूपये जमा नहीं किया गया और न ही चालान की प्रति न्यायालय में प्रस्तुत की गई। राजकुमार तीर्थानी पुत्र पेशुराम तीर्थानी निवासी शम्भू टॉकीज के सामने, नई बस्ती कटनी प्रोप्रा, मेसर्स आर.वी. इन्टरप्राईजेज तथा अनुज्ञप्तिधारी जगदीश चांदवानी पिता गिरधारी लाल चांदवानी, निवासी जगमोहन दास वार्ड नई बरती कटनी प्रो प्रा. मेसर्स न्यू सुमित किराना भण्डार, को अधिरोपित राशि जमा करने के संबंध में न्यायालय द्वारा पुनः नोटिस तामील कराया गया, किन्तु अनावेदक के द्वारा अधिरोपित राशि जमा नहीं की गई है और न ही अधिरोपित राशि जमा करने के संबंध में इस न्यायालय को कोई सूचना नहीं दिए जाने पर उक्त कार्यवाही की गई है।
Deepak Joshi in the mood to return home, Arunoday Choubey from Sagar can also join BJP भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत से फिर बड़ी खबर सामने आ रही है। पूर्व सीएम कैलाश जोशी के बेटे और भाजपा से तीन बार विधायक रहे दीपक जोशी सोमवार को एक बार फिर भाजपा में शामिल हो सकते हैं। दीपक विधानसभा चुनाव 2023 से पहले कांग्रेस में शामिल हो गए थे। दीपक जोशी के साथ पन्ना गुनौर से कांग्रेस विधायक रहे शिवदयाल बागरी और सागर की खुरई सीट से विधायक रहे अरुणोदय चौबे भी भाजपा की सदस्यता ले सकते हैं। विधानसभा चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस जॉइन ली थी बता दें कि 2020 में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ देवास जिले की हाटपिपल्या से कांग्रेस विधायक मनोज चौधरी ने भाजपा जॉइन की थी। दीपक जोशी को हराकर मनोज चौधरी विधायक बने थे। चौधरी के बीजेपी में आने के बाद दीपक जोशी को चुनाव लड़ने के लिए टिकट की संभावना नहीं बची थी। दीपक ने तत्कालीन शिवराज सरकार पर अपने पिता स्वर्गीय कैलाश जोशी के स्मारक बनवाने में उदासीनता बरतने और खुद की उपेक्षा के आरोप लगाकर बीजेपी छोड़ दी थी। विधानसभा चुनाव के ठीक पहले दीपक ने कांग्रेस जॉइन कर ली थी। एक दिन पहले: अरुणोदय चौबे का चुनाव लड़ने से इनकार बता दें कि एक दिन पहले रविवार को सागर जिले के खुरई से पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता अरुणोदय चौबे ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। अरुणोदय को सागर लोकसभा सीट से कांग्रेस का दावेदार बताया जा रहा था। अरुणोदय ने फेसबुक पर लिखा है कि व्यक्तिगत कारणों से सागर लोकसभा सीट से अपना नाम वापस ले रहा हूं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को अवगत करा दिया है। मेरे नाम पर विचार नहीं किया जाए।
State government will give a bonus of Rs 125 per quintal on the purchase of wheat. लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले मोहन यादव कैबिनेट की अंतिम बैठक आयोजित हुई। जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। भोपाल। लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले मध्य प्रदेश की मोहन यादव कैबिनेट की अंतिम बैठक आज आयोजित की गई। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी। पूरे प्रदेश में साइबर तहसील लागू करने के निर्णय का अनुसमर्थन किया गयामध्य प्रदेश में 13 नर्सिंग महाविद्यालय खोले जाएंगेउज्जैन में मेडिकल कॉलेज और 100 बिस्तर के लिए अस्पताल लगभग 600 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।पीएम श्री एंबुलेंस सेवा का अनुमोदन कैबिनेट ने किया। जिसमें एक हेलीकॉप्टर और हवाई जहाज रहेगा। जिसके पास आयुष्मान का कार्ड होगा। उसे निश्शुल्क ले जाने की सुविधा होगी। मरीज कौन होगा, इसका निर्णय कलेक्टर सीएमओ करेंगे। यदि कोई व्यक्ति निजी अस्पताल में इलाज कराने जाएगा तो उसके लिए एक शुल्क रखा जाएगा।गेहूं के उपार्जन के लिए 30 हजार करोड़ रुपये की प्रतिभूति होती की गारंटी सरकार ने दी है।प्रदेश सरकार गेहूं के उपार्जन पर प्रति क्विंटल 125 रुपए का बोनस देगी। अभी 2 हजार 275 रुपये समर्थन मूल्य है उसके ऊपर यह राशि मिलेगी उज्जैन में आईआईटी इंदौर का कैंपस कॉलेज खोलने की स्वीकृति दी गई।प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत बैगा, भारिया सहरिया के आवास पर विद्युतीकरण कराया जाएगा।
Umang expressed objection on the appointment of Lokayukta, wrote a letter to the government लोकायुक्त की नियुक्ति संबंधित अधिसूचना निरस्त करने की मांग भोपाल। संभवत: पहली बार ऐसा हुआ है कि लोकायुक्त की नियुक्ति में संसदीय परंपरा का पालन नहीं किया गया। राज्य सरकार ने लोकायुक्त के नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए पर नेता प्रतिपक्ष से कोई सहमति नहीं ली गई। सरकार द्वारा लोकायुक्त की नियुक्ति हेतु अपनाई गई उक्त प्रकिया विधि संगत न होकर अवैध है। लोकायुक्त पद पर नियुक्ति के संबंध में आवश्यक शर्त मध्यप्रदेश लोकायुक्त एवं उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1981 की धारा 3 (1) के परंतुक (क) में परिभाषित है। नेता-प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि वे अब राज्यपाल पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे।नेता प्रतिपक्ष ने प्रेस को जारी अपने बयान में कहा है कि लोकायुक्त की नियुक्ति निश्चित् रूप से जनहित का कार्य है। सरकार द्वारा एक नाम पर अपना अंतिम निर्णय लेकर लोकायुक्त नियुक्ति की अधिसूचना 9 मार्च 2024 को जारी कर दी गई है, जिसमें मुझ नेता प्रतिपक्ष से कोई परामर्श नहीं लिया गया है। सरकार द्वारा लोकायुक्त की नियुक्ति हेतु अपनाई गई उक्त प्रकिया विधि संगत न होकर अवैध है। राज्यपाल द्वारा लोकायुक्त पद पर नियुक्ति मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय और मुझ नेता प्रतिपक्ष से परामर्श लेने के उपरांत ही की जाना चाहिए। इसीलिए मेरे द्वारा सरकार को पत्र लिखकर यह अपील की है कि सरकार द्वाराविधि की प्रक्रिया का पालन किये बिना लोकायुक्त की नियुक्ति के संबंध में अवैध रूप से जारी अधिसूचना 9 मार्च 24 तत्काल प्रभाव से निरस्त की जाए। नेता प्रतिपक्ष के रूप में सरकार द्वारा किये गए अवैध कार्य पर मेरी मौन स्वीकृति जनतंत्र एवं जनहित में नहीं होगी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि सरकार से मैंने यह भी अनुरोध किया है कि लोकायुक्त नियुक्ति की प्रकिया पुनः विधि अनुसार संपादित कर मेरे परामर्श उपरांत ही की जाए।