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‘हेरा फेरी’ को लेकर अक्की का ने दिया बयान, कब से शुरू होगी शूटिंग!

मुंबई राजू भइया के किरदार में अक्षय कुमार को वापसी करते हुए देखने के लिए सिनेप्रेमी काफी बेताब हैं। निर्देशक प्रियदर्शन की क्लट कॉमेडी फ्रेंचाइजी हेरा फेरी से अक्की के इस किरदार को पहचान मिली है। इसके अलावा बाबू भइया (परेश रावल) और श्याम (सुनील शेट्टी) जैसे कैरेक्टर्स ने भी हेरा फेरी की सफलता में अहम भूमिका अदा की है। लंबे समय से फैंस हेरा फेरी की तीसरी किस्त यानी हेरा फेरी 3 को लेकर इंतजार कर रहे हैं। अब अक्षय कुमार ने कुछ ऐसा बयान दिया है, जो इस तरफ इशारा कर रहा है कि जल्द ही उनका ये इंतजार खत्म होने वाला है। बीते समय में कई बार हेरा फेरी 3 की मेकिंग को लेकर अलग-अलग तरीके की खबरें सामने आ चुकी हैं। कभी स्टार कास्ट की अदला-बदली तो कभी डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर को चयन को लेकर पेंच फंसा दिखा है। फिलहाल हेरी फेरी 3 को लेकर खुद अभिनेता अक्षय कुमार ने बिग अपडेट दिया है। हाल ही में एक मीडिया समिट के दौरान अक्की ने इस मामले पर अपनी राय रखी है और कहा है- देखिए फिलहाल हम पूरी तरह से वेलकम की तैयारियों में लगे हुए हैं। इसके बाद अगर निर्माताओं की आपसी हेरा फेरी निपट जाए तो हम उस पर भी फोकस करेंगे। मजाक से अलग हटकर, हो सकता है कि अगले साल हम इसकी शुरुआत कर दें। अक्षय के इस बयान से ये अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है कि अगले साल हेरा फेरी 3 की शूटिंग शुरू की जा सकती है। ऐसे में जो फैंस हेरा फेरी 3 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए अक्की का ये बयान किसी गुड न्यूज से कम नहीं हैं। एक साथ नजर आए थी हेरा फेरी की कास्ट कुछ दिन पहले हेरा फेरी की पूरी मंडली राजू, बाबू भइया और श्याम यानी अक्षय कुमार, परेश रावल और सुनील शेट्टी को एक साथ स्पॉट किया गया था। इन तीनों की लेटेस्ट तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर फैंस के बीच चर्चा का विषय बनी रहीं और जमकर वायरल भी हुईं।

पंडित खुशीलाल शर्मा ने शोध ने प्रमाणित कर दिया आयुर्वेदिक दवाओं को यदि निर्धारित मात्रा दिया जाए तो संक्रमण का खतरा नहीं रहता

भोपाल प्राय: छोटी सी सर्जरी के बाद भी एलोपैथी डॉक्टर कम से कम एक सप्ताह के लिए हाई एंटीबायोटिक्स देते हैं, जिससे घावों में संक्रमण का खतरा नहीं रहे। इसके विपरीत भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा सरकारी आयुर्वेद कॉलेज में हुए एक शोध ने प्रमाणित कर दिया है कि कुछ आयुर्वेदिक दवाओं को यदि निर्धारित मात्रा और दिन तक दिया जाए तो संक्रमण का खतरा नहीं रहता। कॉलेज के गायनी विभाग ने एपिसियोटामी (सामान्य प्रसव के दौरान सर्जिकल चीरा) के घावों के उपचार के लिए आयुर्वेदिक दवाओं का सफल परीक्षण किया है। शोध में निंबादी वटी और शतधौत घृत के साथ-साथ नीम क्वाथ (नीम का काढ़ा) का भी उपयोग किया गया।   महिलाओं को सात दिन तक दी गईं दवाएं ये दवाएं सात दिन तक दी गईं। यहां की स्त्री रोग और प्रसूति तंत्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. बासंती गुरु के मार्गदर्शन में एमडी की छात्रा डॉ. सोनल रामटेके ने यह शोध किया है। शीघ्र ही यह शोध किसी प्रतिष्ठित जर्नल में प्रकाशित होने की संभावना है।   अध्ययन में 10 प्रसूताओं पर मात्र आयुर्वेदिक दवाओं का प्रयोग किया गया, जिनमें संक्रमण और अन्य जटिलताओं का कोई लक्षण नहीं दिखा। निंबादी वटी में मुख्य रूप से नीम, आंवला और हल्दी जैसी औषधियों का उपयोग किया गया है। नीम अपने एंटीबैक्टीरियल गुणों के लिए जाना जाता है। घाव को धोने के लिए नीम क्वाथ का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे संक्रमण का खतरा कम हो गया। डॉ. बासंती ने बताया कि एपिसियोटामी में तीन लेयर काटनी पड़ती हैं। प्रसूताओं की प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती है, ऐसे में कहा जा सकता है कि संक्रमण रोकने ये दवाएं बहुत प्रभावी हैं। आयुर्वेदिक दवाओं का दुष्प्रभाव नहीं डॉ. बासंती गुरु ने बताया कि अभी एपिसियोटामी घाव के उपचार में आधुनिक चिकित्सा पद्धति में एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक और पाविडिन आयोडीन क्रीम का उपयोग किया जाता है। इन दवाओं के साथ अक्सर गैस्ट्रिक समस्या, एसिडिटी, कब्ज, मतली, और कुछ मामलों में एलर्जी जैसे दुष्प्रभाव देखने को मिलते हैं। इसके विपरीत, इस शोध में पाया गया कि आयुर्वेदिक विधि, जिसमें निंबादी वटी, शतधौत घृत, और नीम क्वाथ का प्रयोग किया गया, से कोई दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिला। शतधौत घृत है विशेष प्रकार का मरहम शुद्ध घी को औषधीय तरीकों से 100 बार धोकर शतधौत घृत तैयार किया जाता है। यह एक विशेष प्रकार का मरहम है, जो त्वचा को गहराई से पोषण देता है और उसे ठंडक पहुंचाता है। इसने घाव को तेजी से ठीक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस पायलट शोध की सफलता को देखते हुए इसे अधिक महिलाओं पर करने की योजना बनाई गई है, जिससे बड़े स्तर पर इन दवाओं का उपयोग किया जा सके।

जरूआपुर की खेती की जमीन उगल रही है हीरे, किसान को मिला अपने ही खेत में 7 कैरेट 44 सेंट का हीरा

पन्ना पन्ना जिले में एक ऐसा खेत जिसमें लोग अपनी किस्मत अजमाते हैं और अगर किस्मत चमक जाए तो रातों-रात मालामाल बन जाते हैं। जरूआपुर के किसान दिलीप मिस्त्री को उनकी सालों की मेहनत का फल मिला है। उनको अपने ही खेत में 7 कैरेट 44 सेंट का हीरा मिला है। इसकी अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये बताई जा रही है। इस हीरे को पारखी के द्वारा परख कर शासन के खजाने में भेज दिया गया है। अब इसे 4 दिसंबर को होने वाली हीरे की नीलामी में रखा जाएगा। किसान दिलीप मिस्त्री बताते हैं कि वह और उसके साथी पेशे से किसान हैं और लॉकडाउन के समय उन्होंने हीरा कार्यालय से अपने निजी खेत का पट्टा बनवाकर खदान लगाई। यहां से मिल चुके हैं एक दर्जन हीरे जब से अभी तक उन्हें अलग-अलग साथियों के नाम से एक दर्जन से अधिक हीरे मिल चुके हैं। वहीं अब उन्हें 7 कैरेट 44 सेंट का हीरा मिला। यह उनका इस साल का दूसरा बड़ा हीरा है। इसके पहले भी उन्हें इसी खेत से 16 कैरेट का हीरा मिला था। जो उन्होंने हीरा कार्यालय में जमा किया था। उन्होंने बताया कि हीरा मिलने से काफी खुशी है, जो शब्दों में बयान नहीं की जा सकती है। हीरा नीलामी के बाद मिलने वाले पैसों से वह अपने बच्चों की पढ़ाई एवं उनके भविष्य उज्ज्वल करने में खर्च करेंगे। जरूआपुर की खेती की जमीन उगल रही है हीरे किसान दिलीप मिस्त्री के द्वारा हीरा कार्यालय में जब इस हीरे को जमा किया गया, तो इस बात की चर्चा होने लगी कि जिस जमीन पर कभी किसान सब्जी उगाकर अपना जीवन यापन करते थे। आज वह जरूआपुर की जमीन हीरे उगल रही है। हाल ही में जरूआपुर से बड़े और बेशकीमती हीरे पन्ना कार्यालय में जमा हुए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार जरूआपुर के किसान अब सब्जी उगाने का कार्य छोड हीरे निकालने का काम कर रहे हैं। इसमें उन्हें सफलता भी प्राप्त हो रही है। अब जरूआपुर में किसान हीरे की ‘खेती’ कर रहे हैं।

नागा चैतन्य- शोभिता धुलिपाला की शादी की तारीख और वेडिंग कार्ड की फोटो वायरल

हैदराबाद शोभिता धुलिपाला और नागा चैतन्य शादी के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दोनों के वेडिंग फंक्शन्स गोधुमा रायी पसुपु दंचतम के साथ शुरू हुए थे। शोभिता और नागा चैतन्य ने अपनी सगाई की घोषणा होने तक अपने रिश्ते को सीक्रेट रखा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह जोड़ी दिसंबर 2024 में शादी के बंधन में बंधेगी और हाल ही में, हमें उनकी शादी के कार्ड की एक झलक मिली। यह माना जा सकता है कि शादी का फंक्शन संस्कृति और परंपरा से भरपूर होगा और शादी के कार्ड की एक झलक ने इसे सही साबित कर दिया है। हाल ही में नागा चैतन्य और शोभिता धुलिपाला की शादी के निमंत्रण कार्ड की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। कार्ड पर, शादी की तारीख 4 दिसंबर, 2024 छपी थी, साथ ही होने वाले पति-पत्नी के नाम भी छपे थे। कार्ड पेस्टल रंग पैलेट में बनाया गया था और इसमें आधुनिकता और परंपरा का मिश्रण है। कार्ड में लटकी हुई मंदिर की घंटियां, पीतल के लैंप, बैकग्राउंड में एक मंदिर, हरियाली और केले के पत्ते सहित एक सफेद गाय का प्रिंट था। नागा चैतन्य की शादी का कार्ड कार्ड के साथ मेहमानों के लिए गिफ्ट से भरी बाल्टी भी भेजी गई। बाल्टी इक्कत-मुद्रित कपड़े, चमेली की एक माला और कई सामानों से भरी हुई थी। शादी का निमंत्रण इतना प्यारा लग रहा है कि इसे देखकर ही समझ आ रहा है इनकी शादी में सबकुछ सरल और शांत होगा। कहां होगी शादी? उनकी सगाई के तुरंत बाद, ऐसी खबरें आई थीं कि नागा चैतन्य और शोभिता धुलिपाला वेडिंग वेन्यू की तलाश में थे और वे संभवतः विदेश में शादी के लिए कोई जगह चुनेंगे। खैर, ऐसा लगता है कि यह कपल चाहता है कि सभी चीजें सिंपल, शांत और संस्कृति से भरपूर हों। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शोभिता और नागा चैतन्य संभवत: हैदराबाद के अन्नपूर्णा स्टूडियो में शादी करेंगे। जो लोग नहीं जानते हैं, उनके लिए बता दें कि हैदराबाद में अन्नपूर्णा स्टूडियो की स्थापना नागा चैतन्य के दादा अक्किनेनी नागेश्वर राव ने 1976 में बंजारा हिल्स में 22 एकड़ की जगह पर की थी।

अरमान पोद्दार उर्फ रोहित पुरोहित को लगी चोट

मुंबई टीवी सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ के एक्टर रोहित पुरोहित के हादसा हो गया है। वो कार की बोनट से घायल हो गए हैं। उनकी भौंह (आइब्रो) के पास चोट लग गई है। उनकी वाइफ शीना बजाज ने इसकी पुष्टि की और बताया कि वास्तव में एक्टर के साथ क्या हुआ था। इंडिया फोरम से बात करते हुए शीना बजाज ने बताया कि कैसे Rohit Purohit को कार के बोनट से चोट लगी और खून बहने लगा। फिर उन्होंने गहरे घाव पर मरहम लगाया, तब जाकर खूब बहना रुका। शीना ने बताया कि रोहित सेट पर वापस लौट आए हैं। ‘कार का बोनट खुला था, काफी गंभीर चोट लगी’ शीना ने कहा, ‘हां, रोहित घायल हो गया। कार का बोनट खुला था और गलती से उसे चोट लग गई। यह काफी गंभीर था। मैं पास ही थी और उसने तुरंत मुझे बुलाया। मैं दौड़कर गई और उसकी भौंह के पास गहरे घाव से बह रहा खून कम करने के लिए प्राथमिक उपचार किया। वह अब काफी बेहतर हैं और सेट पर वापसी कर चुके हैं।’ रुपाली के शो को छोड़ा पीछे एक्टर का शो हाल ही में टीआरपी लिस्ट में टॉप पर था। इस शो ने रुपाली गांगुली के ‘अनुपमा’ सीरियल को भी पीछे छोड़ दिया, जोकि हर हफ्ते नंबर वन रहता है। ‘ये रिश्ता…’ में बने हैं अरमान Rohit Purohit के बारे में बता दें कि उन्होंने साल 2009 में ‘शौर्य और सुहानी’ सीरियल से डेब्यू किया था। वो ‘दिल तो हैप्पी है जी’ और ‘उडारिया’ जैसे सीरियल में नजर आ चुके हैं। ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ शो में वो अरमान पोद्दार का रोल निभा रहे हैं।

टॉम्ब रेडर’ की नई सीरीज में अब नजर आएंगी सोफी टर्नर

‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ और X-Men जैसे प्रोजेक्ट्स में नजर आईं प्रियंका चोपड़ा की देवरानी और एक्ट्रेस सोफी टर्नर अब ‘टॉम्ब रेडर’ सीरीज में नजर आ सकती हैं। खबर है वह इसमें लारा क्रॉफ्ट का रोल प्ले करेंगी। मालूम हो कि लारा क्रॉफ्ट असल में एक वीडियो गेम का कैरेक्टर है, जिसे बाद में फिल्म का रूप दिया गया। इस कैरेक्टर और ‘टॉम्ब रेडर’ वीडियो गेम पर कई फिल्में बन चुकी हैं। एक फिल्म में एंजेलिना जॉली नजर आई थीं। उन्होंने लारा क्रॉफ्ट का रोल प्ले किया था। इस फिल्म का नाम था ‘लारा क्रॉफ्ट: टॉम्ब रेडर’, जो साल 2001 में आई थी। पर अब लारा क्रॉफ्ट का रोल सोफी टर्नर के पास है। ‘द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया’ के मुताबिक, नई टॉम्ब रेडर सीरीज में सोफी टर्नर नजर आ सकती हैं। इस सीरीज में लारा क्रॉफ्ट के रोल के लिए लुक टेस्ट अक्टूबर 2024 में किए गए थे। कई एक्ट्रेसेस ने लुक टेस्ट दिया था, जिनमें सोफी टर्नर का भी नाम शामिल था। Mackenzie Davis, Emma Mackey और Lucy Boynton ने भी लारा क्रॉफ्ट के रोल के लिए टेस्ट दिया था। सोफी टर्नर के प्रोजेक्ट्स सोफी टर्नर की बात करें, तो उन्हें ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ में संसा स्टार्क के रोल से पॉपुलैरिटी मिली थी, जो उन्होंने 13 साल की उम्र में निभाया था। उन्होंने X-Men में जीन ग्रे और डार्क फीनिक्स का रोल प्ले किया था। इसके अलावा सोफी टर्नर कई सीरीज और फिल्मों का हिस्सा रह चुकी हैं।

पुलिस ने दो लोगों को अपने भाई की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया, शाकाहारी घर में चिकन लेन का था मामला

भोपाल मध्य प्रदेश में भोपाल के एक शाकाहारी परिवार में चिकन लाने को लेकर हुए विवाद के दौरान दो भाइयों ने मिलकर अपने तीसरे भाई की हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या के आरोपी दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की पहचान अंशुल के रूप में हुई है। पुलिस ने एफआईआर में उनकी मां को नामजद किया है। पुलिस ने बताया कि भोपाल में दो लोगों को अपने भाई की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अंशुल अपने घर पर चिकन लेकर आया था, जबकि पीड़ित के परिवार के सदस्य पूरी तरह शाकाहारी हैं। आरोपी की मां ने अपराध को दूसरों से छुपाया और उसे भी मामले में आरोपी बनाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि अंशुल अपने घर के बाहर नॉन-वेज खाना खाता था और शुक्रवार की रात वह नशे की हालत में अपने घर चिकन लेकर आ गया था, जिससे उसके परिवार के लोग काफी नाराज हुए थे। इसके बाद वह रसोई में गया, अपना खाना लिया और नशे में होने के बावजूद फिर से खाना खाने बैठ गया। खाना खाते समय उसने अपने भाइयों अमन और कुलदीप को चिढ़ाया और उन्हें चिकन दिखाया, जिससे वो दोनों भड़क गए। इसके बाद तीनों भाइयों के बीच बहस हुई और फिर दोनों भाइयों ने रस्सी से अंशुल का गला घोंट दिया। पुलिस को एक निजी अस्पताल से सूचना मिली कि अंशुल को उसके परिवार द्वारा अस्पताल लाया गया था, लेकिन डॉक्टरों द्वारा उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मृतक युवक के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए, जिसके बाद उसके दो भाइयों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस द्वारा मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया तो उसमें अंशुल की गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने दोनों भाइयों और पीड़ित की मां से पूछताछ की और उन्होंने अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने अंशुल की मां को मामले में आरोपी बनाया क्योंकि वह हत्या को छिपाकर अपराध में शामिल थी।

SDM लिखी स्कॉर्पियो ने ईको कार को टक्कर मार दी, जिससे कार में सवार 2 लोगों की मौत, 5 घायल

खरगोन रविवार सुबह मध्य प्रदेश के खरगोन में भीषण सड़क दुर्घटना हो गई। SDM लिखी स्कॉर्पियो ने ईको कार को टक्कर मार दी, जिससे कार में सवार 2 लोगों की मौत हो गई। 5 लोग घायल हैं, जिनमें स्कॉर्पियो का ड्राइवर भी शामिल है। हादसा रविवार सुबह 6.40 बजे हुआ। मृतकों की पहचान रामलाल और शोभाराम के रूप में हुई है। कार डालकी से बुरहानपुर जा रही थी। कार एक बारात का हिस्सा थी। स्कॉर्पियो गाड़ी बड़वानी जिले के सेंधवा एसडीएम की बताई जा रही है। घायल ड्राइवर का भी इलाज जारी है। हादसा पीडब्ल्यूडी ऑफिस के सामने जवाहर मार्ग के मोड पर हुआ। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। खरगोन कोतवाली पुलिस जांच में जुटी है। पुलिस के अनुसार, खरगोन में डायवर्सन रोड पर SDM लिखी स्कॉर्पियो (MP46T-0923) और ईको वाहन (MP09WD-4439) में तेज टक्कर हुई। दर्दनाक हादसे में जिले के टांडाबरूढ थाने के डालकी निवासी 50 वर्षीय रामलाल मांगीलाल और 49 वर्षीय शोभाराम नत्थू प्रजापत की मौके पर मौत हो गई। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। कोतवाली थाने के उपनिरीक्षक श्रीराम भूरिया ने बताया कि बारात की कार टांडा बरूड थाने डालकी से बुरहानपुर जा रही थी। इस दौरान डायवर्शन रोड पर पीडब्लूडी कार्यालय के सामने ईको कार और स्कार्पियो कार में भिड़ंत हो गई। एसडीएम लिखी कार को लेकर कोतवाली पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पता चलेगा कि स्कॉर्पियो कार किसकी थी। कोतवाली थाने में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। बताया जा रहा है की डायवर्सन रोड पर पीडब्ल्यूडी ऑफिस के सामने तेज गति से सेंधवा की ओर जा रही एसडीएम के वाहन ने जवाहर मार्ग के मोड रही ईको कार सीधे टक्कर मारी। 5 घायलों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। सभी खतरे से बाहर बताए जा रहे है। दोनो वाहनों को पुलिस ने मौके से ताबड़तोड़ हटवा दिया है।

स्व. माधवराव सिंधिया जी की प्रतिमा के आपत्तिजनक स्थानांतरण पर गंभीरतापूर्वक संज्ञान ले: विष्णुदत्त शर्मा

कटनी राष्ट्रीय राजमार्ग 30, कटनी बायपास मार्ग पर स्थापित श्रद्धेय स्व. माधवराव सिंधिया जी की प्रतिमा के आपत्तिजनक स्थानांतरण पर प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा जी ने तत्काल गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेते हुए कड़ाई से कलेक्टर और NHAI के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मूर्ति का विस्थापन सौंदर्यीकरण के साथ अच्छे से अच्छी जगह किया जाए। राष्ट्र एवं समाज के निर्माण में योगदान देने वाले महापुरूषों की प्रतिमा के साथ इस प्रकार की असंवेदनशिलता अस्वीकार्य है । इसके बाद  NHAI के परियोजना निदेशक ने जिम्मेदार सीनियर इंजीनियर श्री मनोज वर्मा एवं इंजीनियर श्री आशीष सिंह परिहार तथा टीम लीडर श्री राजेश कुमार नेमा एवं सहायक ब्रिज इंजीनियर श्री दीपक सोनी को दोषी पाए जाने के बाद त्वरित रूप से सेवा से निलंबित कर दिया गया है। स्वर्गीय सिंधिया जी की प्रतिमा सम्मान से स्थापित की गई है तथा उत्कृष्ट सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

‘गोरखधंधा’ नाटक का मंचन दिल्ली के द ब्लैंक कैन्वस थियेटर में किया

मुंबई मशहूर क्राइम शो सनसनी के एंकर श्री वर्धन त्रिवेदी की गरिमामय उपस्थिति में  “मास्क प्लेयर्स आर्ट ग्रुप” (एम पी ए जी) ने ‘गोरखधंधा’ नाटक का मंचन दिल्ली के द ब्लैंक कैन्वस थियेटर में किया। शनिवार 16 नवंबर, 2024 को खेला गया ये नाटक जयवर्धन का लिखा और चन्द्र शेखर शर्मा द्वारा निर्देशित किया गया।  नाटक में दिल्ली प्रॉपर्टी का मालिक सज्जन और उसका नौकर गुल्लू अवैध तरीके से सरकारी घर किराए पर देकर किराएदारों संग गोरखधंधा करते हैं।  मकान खाली कराने और रुपये  ठगने के लिए वो झूठी- झूठी  कहानियाँ बनाते हैं। लेकिन एक किराएदार गीता इनके झूठ के जाल में इन्हीं को फंसा कर नाक रगड़वा देती है। नाटक की कहानी और डायलाग्स का दर्शकों ने जमकर मज़ा लिया। निर्देशन सधा हुआ रहा और एक्टर्स की कामेडी टाईमिंग ने  दर्शकों को हँसा-हँसा कर लोटपोट  कर दिया। इस अवसर पर नाटक के लेखक जयवर्धन भी उपस्थित रहे और कलाकारों की सराहना की। सज्जन की भूमिका में आशीष शर्मा, गुल्लू- निखिल झा, गीता- इवा दंदोना,नटवर- आशुतोष श्रीवास्तव, गुप्ता जी – पुष्कर सागर,भास्कर व कृष्ण कुमार की भूमिका  जतिन शौर्य ने निभायी। मंच के पीछे  रजत शर्मा, मनोज, मयंक शर्मा, सरिता राणा, शिवदत्त पाँडे, ममता रानी, विपिन गुप्ता  व राकेश शर्मा ने अच्छा सहयोग किया।

एनसीएल की बड़ी योजना: सिंगरौली में बस्ती का पुनर्वास और 60 करोड़ टन कोयला खनन का लक्ष्य

NCL’s big plan: rehabilitation of settlement in Singrauli and target of mining 60 crore tonnes of coal सिंगरौली  । कोल इंडिया की शाखा एनसीएल एक बड़ी पुनर्वास और पुनर्स्थापन (आरएंडआर) परियोजना की योजना बना रही है। कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) बी साईराम ने कहा कि इसके तहत मध्य प्रदेश के सिंगरौली में एक बस्ती के निवासियों को स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है, जिसके नीचे 60 करोड़ टन खनन योग्य कोयला है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि मध्य प्रदेश के सिंगरौली में मोरवा बस्ती 927 हेक्टेयर में फैली हुई है। यह एक बड़ी परियोजना है, जिसमें नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की मोरवा बस्ती को पूरी तरह स्थानांतरित किया जाएगा। साईराम ने कहा, अच्छी बात यह है कि इस अधिग्रहण में लोग पुनर्वास के लिए तैयार हैं। इसलिए आधी समस्या हल हो गई है, क्योंकि पहला प्रतिरोध लोगों की तरफ से ही आता है। उन्होंने कहा कि अब केवल मुआवजे की दरों और आरएंडआर लाभ को अंतिम रूप देना बाकी है। पिछले छह महीनों से एनसीएल पुनर्वास और पुनर्स्थापन पर लोगों के साथ नियमित रूप से बातचीत कर रही है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन एनसीएल की मदद कर रहा है और पुनर्वास के पहले चरण का ब्यौरा तैयार किया जाना है। सीएमडी ने कहा, मई से हम मुआवजे का पहला चेक देना शुरू कर देंगे। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 572.5 हेक्टेयर कृषि भूमि खाली कराई जानी है। सूत्रों के अनुसार कंपनी अभी भी योजना के विवरणों पर काम कर रही है, जिसमें वित्तीय पक्ष भी शामिल हैं। मोरवा बस्ती पुनर्वास और पुनर्स्थापन परियोजना बहुत बड़ी होगी और इस पर 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का अनुमानित व्यय होने का अनुमान है। इस परियोजना से 30 हजार परिवार प्रभावित होंगे और इसमें 22 हजार घरों, संरचनाओं का स्थानांतरण शामिल होगा।

ठेके पर चलती शासकीय प्राथमिक पाठशाला, विभाग की मोन स्वीकृति के चलते सालों से नहीं आए शिक्षक पढ़ाने

 टीकमगढ़ मध्य प्रदेश का टीकमगढ़ जिला  इन दिनों काफी सुर्खियां बटोर रहा है अधिकारियों की साठ गाठ के चलते शिक्षा के अभाव में बच्चों का भविष्य ही चौपट हो रहा है  जहां एक ओर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबका साथ सबके विकास के लिए प्रतिबद्ध नजर आते हैं  वहीं दूसरी ओर प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव प्रदेश को विकास की गति देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं लेकिन शिक्षा के बिना कोई भी प्रदेश विकास नहीं कर सकता है प्रदेश में शिक्षा का स्तर गिरने का कारण ही ऐसे शिक्षक हैं जो सरकार द्वारा मोटी सैलरी तो लेते हैं मगर स्कूल जाकर बच्चों को पढ़ाना उन्हें गवारा नहीं है जी हां हम बात कर रहे हैं लिधौरा संकुल के कछियाना खिरक मरगुवा  शासकीय प्राथमिक बिद्यालय की जहां पर शासन द्वारा दो शिक्षक नियुक्त हैं मगर अरविंद दांगी नाम के एक शिक्षक ऐसे भी हैं जो आज से नहीं बल्कि कई सालों से विद्यालय ही नहीं आए हैं और उनकी सैलरी तैयार होकर उनके अकाउंट में चली जाती है यह इतने दबंग शिक्षक हैं कि यदि ग्रामीण गार्जियन विद्यालय में आने के लिए फोन लगाते हैं तो बह ग्रामीणों को धमकी तक दे डालते हैं आप विद्यालय की हालत का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि दो-दो टीचर होने के बावजूद भी विद्यालय में महीनों प्राइवेट टीचर से बच्चों को पढ़ाया गया मामला मीडिया के संज्ञान में आते ही लिधौरा संकुल प्राचार्य ने ऑडी पर एक टीचर की आनन फानन में नियुक्ति कर दी इस प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चे पढ़ते हैं जिनको पानी भी पीने के लिए नसीब नहीं होता है बात यहीं पर समाप्त नहीं होती है बच्चों को बाथरूम के लिए खेतों में जाना पड़ता है यहां पर जो बाथरूम बने हुए हैं उनकी महीना से कोई सफाई नहीं हुई है और जर्जर हालत में हैं

प्रदेश में खूब बिक रहा गेहूं का बिजवारा, अब तक हो चुकी 50 फीसदी बोवनी, लोकवन पूर्णा, 513 जैसी किस्म का जोर

उज्जैन  इस वर्ष मालवा की माटी में गेहूं की बंपर पैदावार होने की संभावना है। करीब 4.5 लाख हेक्टेयर में बोवनी की जा रही है। चने की बोवनी का रकबा कम बताया जा रहा है। किसान तेजस, पोषक, 322 किस्म के गेहूं का बीज ज्यादा पसंद कर रहे हैं। बीते तीन वर्षों से किसानों को सोयाबीन भाव ठीक नहीं मिल रहे हैं, जबकि गेहूं के भाव काफी अच्छे मिल रहे हैं। यही कारण है कि किसानों का रुझान चने की बनिस्बत गेहूं की बोवनी पर अधिक है। अब तक हो चुकी 50 फीसदी बोवनी     कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष 4.50 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी की जा रही है। अब तक 50 फीसद बोवनी हो चुकी है। किसान अधिक उत्पादन के किस्म का गेहूं अधिक बो रहे हैं।     व्यापारी अखिलेश जैन के अनुसार, किसानों ने पोषक, तेजस, 322 किस्म का बिजवारा अधिक खरीदा। इस किस्म के गेहूं का उत्पादन काफी अच्छा बताया जा रहा है।     बीज कंपनी से लेकर व्यापारिक क्षेत्र में यह गेहूं 3300 से 4500 रुपया क्विंटल तक बिक गया। इसके बाद किसानों ने पर्याप्त पानी के चलते लोकवन पूर्णा, 513 जैसी किस्म को बोया है। इनके भाव भी ऊंचे में 4000 रुपया क्विंटल तक रहे। देशावर में खूब बिक रहा गेहूं का बिजवारा इस वर्ष देशावर में गेहूं के बीज की आपूर्ति मालवा क्षेत्र से हो रही है। 322, लोकवन, पूर्णा, पोषक गेहूं के बीजवारे की मांग महाराष्ट्र, पंजाब, बिहार में काफी चल रही है। इस कारण गेहूं के भाव भी ऊंचे हैं। शरबती की बोवनी नगण्य किसी समय में मालवा की माटी का शरबती की मिठास देश के महानगरों में काफी पसंद की जाती थी। मुंबई में इस गेहूं की कीमत 5 से 8 हजार रुपये क्विंटल तक होती थी, लेकिन जिले के सभी क्षेत्र में पानी पर्याप्त मात्रा में होने से किसानों ने शरबती गेहूं की बोवनी से किनारा कर लिया। बता दें इस किस्म का गेहूं काफी कम पानी की पैदावार है। उत्पादन भी अन्य गेहूं की बनिस्बत कम है। अब अधिक उत्पादन पर किसान ध्यान देता है।

हरियाणा टीईटी परीक्षा फॉर्म में सुधार करने आज अंतिम मौका, इसके बाद विंडो हो जाएगी बंद, परीक्षा 7 और 8 दिसंबर को होगी

नई दिल्ली हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा फॉर्म में सुधार करने का कल आखिरी मौका है। बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन हरियाणा की ओर से आज टीईटी करेक्शन विंडो को बंद कर दिया जाएगा। इसलिए, परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट https://bseh.org.in/home पर जाकर आवेदन पत्र में सुधार कर लें। अभ्यर्थी इस बात का ध्यान रखें कि हरियाणा बोर्ड ने यह स्पष्ट किया है कि सुधार करने की अंतिम तिथि बीतने के बाद दूसरा मौका नहीं दिया जाएगा। इसलिए समय पर अपनी गलती को सुधार लें। हरियाणा बोर्ड की ओर से हाल ही में एक नोटिफिकेशन जारी किया गया था। इसमे टीईटी परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि को एक दिन के लिए बढ़ाया दिया गया था। नई तिथि के मुताबिक, कैंडिडेट्स को 15 नवंबर, 2024 तक का समय दिया गया था, जबकि पहले यह 14 नवंबर, 2024 थी। साथ ही यह जानकारी भी दी गई थी कि 17 नवंबर, 2024 तक करेक्शन विंडो ओपन रहेगी। इसके बाद किसी भी अनुरोध को पर विचार नहीं किया जाएगा। उम्मीदवारों की सहूलियत के लिए नीचे आसान स्टेप्स दिए जा रहे हैं, जिनको फाॅलो करके अभ्यर्थी आसानी से परीक्षा फॉर्म में करेक्शन कर सकते हैं।   सबसे पहले कैंडिडेट्स को बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन हरियाणा आधिकारिक वेबसाइट bseh.org.in पर जाना होगा। अब, होम पेज पर उपलब्ध हरियाणा टीईटी सुधार विंडो लिंक पर क्लिक करें। एक नया पेज खुलेगा, जहां उम्मीदवारों को लॉगिन विवरण दर्ज करना होगा। सबमिट पर क्लिक करें और आवेदन पत्र खुल जाएगा। आवेदन पत्र में बदलाव करें और सबमिट पर क्लिक करें। एक बार हो जाने पर, पुष्टिकरण पृष्ठ डाउनलोड करें। आगे की आवश्यकता के लिए इसकी एक हार्ड कॉपी अपने पास रखें।   हरियारणा, एचटीईटी परीक्षा का आयोजन 7 दिसंबर और 8 दिसंबर को किया जाएगा। यह एग्जाम विभिन्न पालियों में कंडक्ट कराया जाएगा। जारी शेड्यूल के मुताबिक 7 दिसंबर 2024 को लेवल-III की परीक्षा शाम 3 बजे से 5.30 बजे तक ली जाएगी। लेवल-I की परीक्षा 8 दिसंबर को दोपहर 3 बजे से 5.30 बजे तक ली जाएगी। इसी तारीख को लेवल-II की परीक्षा सुबह 10 बजे से 12.30 बजे तक कंडक्ट कराई जाएगी।

ग्वालियर नगर निगम अपने इस कदम से होगा 01 करोड़ 33 लाख रुपए का फायदा, जाने क्या है मामला

ग्वालियर मध्यप्रदेश में डीजल और पेट्रोल (Petrol-Diesel) पर भारी टैक्स लगता है, इससे ईंधन के दाम पड़ोसी राज्य की तुलना में बढ़े हुए हैं. महंगे पेट्रोल-डीजल की खरीदी की मार राज्य के नागरिक पहले ही परेशान थे लेकिन अब राज्य सरकार और उससे जुड़े संस्थान भी इससे चिंतित हो रहे हैं. अब वे भी पड़ेसी राज्य यूपी (UP) से सस्ता डीजल व पेट्रोल खरीदने की तैयारी में हैं. सरकार से अनुदान लेने वाली ग्वालियर नगर निगम (Nagar Nigam Gwalior) ने अब यूपी से डीजल-पेट्रोल खरीदने का फैसला लिया है. साल भर में होगी इतने की बचत MP में पेट्रोल-डीजल पर अधिक वैट (VAT) और अन्य टैक्स के चलते निगम ने UP के झांसी शहर से डीजल खरीदने का निर्णय लिया है, जिससे निगम को सालाना  लगभग 01 करोड़ 33 लाख रुपए का फायदा होगा, इस के लिए बाकायदा परिषद से प्रस्ताव पास भी हो चुका है. ऐसे में पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने एक बार फिर से प्रदेश सरकार से MP में पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने की मांग की है. क्या कहते हैं आंकड़े?     MP के ग्वालियर में डीजल 91.80 रु./लीटर है. इस पर VAT 19%, अतिरिक्त VAT 1.50 रु/ली. और सेस 11% लगता है.     UP के झांसी में डीजल 87.49 रु./लीटर है. वहां पर वैट 17.08% लगता है. इसके अलावा अन्य कोई टैक्स नहीं लिया जाता है.     UP से डीजल खरीदने के लिए निगम परिषद में आए प्रस्ताव को सभापति मनोज तोमर ने मंजूरी दे दी है.     ग्वालियर नगर निगम में अधिकारियों के वाहन सहित छोटे-बड़े लगभग 770 वाहन हैं. जबकि एक सैकड़ा वाहन और आने वाले हैं.  डीजल खपत (3 लाख लीटर) होती है. एक टैंकर में 12 हजार लीटर डीजल होता है.     UP-झांसी से डीजल खरीदने पर नगर निगम को 1 लीटर डीजल पर 3 रुपये 70 पैसे की बचत होगी, यानी एक महीने में 11लाख 10 हज़ार और एक साल में 1करोड़ 33 लाख रुपए का फायदा होगा. एमपी में बॉर्डर पर मौजूद पंप संचालक भी हैं परेशान मध्यप्रदेश में डीजल-पेट्रोल पर ज्यादा वैट होने और अन्य टैक्स लगने से यहां  इसकी कीमतें बहुत ज्यादा हैं. यूपी के सीमावर्ती जिले भिंड, मुरैना, दतिया, रीवा, सतना, सीधी और ग्वालियर के पेट्रोल पम्प मालिक यह आरोप लगाते रहे हैं कि इस दाम के चलते सीमावर्ती इलाकों के पम्प बदहाली में हैं. लोग इटावा, आगरा और झांसी से माल खरीद लाते हैं क्योंकि दोनों प्रदेशों की दरों में भारी अंतर है. ग्वालियर नगर निगम के UP से डीजल खरीदने के निर्णय के बाद अब ग्वालियर पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने भी मध्य प्रदेश सरकार से मांग की है कि MP के बॉर्डर पर संचालित पेट्रोल पंपों की स्थिति खराब है, अधिकतर बंद होने के कगार पर हैं ऐसे में MP में पेट्रोल डीजल पर वैट कम किया जाए. नगर निगम अधिकारी का क्या कहना है? नगर  निगम कमिश्नर अमन वैष्णव ने खुद एमआईसी के माध्यम से इसका प्रस्ताव परिषद में ये प्रस्ताव लेकर आए थे. प्रस्ताव में UP के झांसी से डीजल खरीदने की बात कही गई है, जिसे सभापति मनोज तोमर ने सर्वसम्मति से पास कर दिया.  

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