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बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत, कमजोर सूचना तंत्र और उपचार में देरी हो सकती है वजह

उमरिया बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत की तीन अहम वजह जंगल की जानकारी रखने वाले लोग बता रहे हैं। पहली वजह तो यह है कि माइकोटॉक्सिन प्रभावित कोदो खाने के बाद हाथियेां के बीमार होने की सूचना प्रबंधन तक लगभग 14 घंटे देरी से मिली। दूसरी वजह यह है कि बीमार हाथियों का उपचार लगभग 16 से 17 घंटे बाद शुरू हो पाया। तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण वजह यह है कि न सिर्फ बांधवगढ़ में बल्कि दूसरे जंगलों और ग्रामीण क्षेत्रों में हुई इस तरह की घटनाओं को पार्क प्रबंधन ने अपने अध्ययन की न तो कभी विषयवस्तु बनाया और न ही उन घटनाओं से अनुभव प्राप्त करके खुद को इस तरह की घटनाओं के लिए तैयार रखा। रात में प्रभावित और शाम को उपचार बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में दस हाथियों की मौत के बाद जांच करने पहुंची सभी टीम घटनाक्रम के पल-पल का ब्यौरा ले रहीं हैं। जांच टीमों को मिली जानकारी में यह महत्वपूर्ण है कि जंगली हाथियों ने रात में दस से ग्यारह बजे के बीच खेतों में कोदो की फसल को खाया था। जब यहां से उन्हें हांका जाने लगा तो वे पानी पीने के बाद सलखनिया गांव के नजदीक उस स्थान पर पहुंच गए जहां उन्हें बीमार और बेहोशी की हालत में दोपहर तीन बजे गश्तीदल द्वारा देखा गया। जब हाथियों को बीमार हालत में देखा गया तब तक दो हाथियों की मौत भी हो चुकी थी। इस घटना की सूचना मिलने और अधिकारियों के पहुंचने तक दो से तीन घंटे का समय और बीत गया। नहीं था कोई डॉक्टर घटना की जानकारी मिलने के दौरान बांधवगढ़ में कोई डॉक्टर भी मौजूद नहीं थे। यहां के डॉक्टर नितिन गुप्ता संजय धुबरी में प्रोजेक्टर गौर की मानिटरिंग के लिए गए थे। वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने एनटीसीए से की गई शिकायत में यह जानकारी दी है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों के जहरीले पदार्थ के सेवन बाद निकट के आपातकाल स्थिति में सरकारी पशु चिकित्सकों ने मदद करने से इनकार किया जो बेहद गंभीर अपराधिक लापरवाही है और दंड के पात्र हैं।सबसे पहले केवल एक डॉक्टर मधु जैन ही अकेले पहुंची और इलाज शुरू किया। अन्य डॉक्टरों को यहां पहुंचने और फिर उनके अनुमान लगाने के बाद दवाओं के पहुंचने में भी काफी समय लग गया। चुपचाप जलाया था हाथी का शव वर्ष 2022 नवंबर में ही पनपथा के छतवा बीट घोरीघाट में कोदो खाने से एक हाथी इसी तरह से बीमार हो गया था। सूचना के बाद हाथी का उपचार किया गया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका था। उस हाथी को रेंजर शीलसिंधु श्रीवास्तव ने चुपचाप जलवा दिया था। इस मामले में रेंजर के खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी और उन्हें सस्पेंड भी किया गया था। वह मामला अभी भी जांच में है। इसी तरह की घटनाएं छत्तीसगढ़ के सूरजपुर और बलराम पुर में भी हुई थी लेकिन वहां डॉक्टरों ने हाथियों को बचा लिया था। कान्हा नेशनल पार्क में भी कोदो खाने से जंगली हाथी बीमार हो चुके हैं लेकिन उन्हें बचा लिया गया था। लग रहे हैं आरोप वन्यप्राणी प्रेमी नरेन्द्र बगडि़या का कहना है कि हाथियों की मौत बांधवगढ़ प्रबंधन के सूचना तंत्र की कमजोरी की वजह से हुई है। हाथियों की बीमार होने के बाद उन्हें जो उपचार दिया गया वह भी बेहद साधारण था और यह इसलिए हुआ क्योंकि पहले हुई घटनाओं से प्रबंधन ने कोई सबक लिया ही नहीं था। वंदना द्विवेदी का कहना है कि पार्क प्रबंधन को हमेशा ही अलर्ट रहना चाहिए कि हाथी या दूसरे जानवर कुछ खाकर बीमार हो तो उन्हें कैसे बचाना है।

देर रात लाउंज में दोस्तों के साथ की पार्टी, सुबह कमरे में मिली फ्लोर मील मालिक की लाश

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में फ्लोर मील मालिक की संदिग्ध परिस्तिथियों में मौत हो गई। बताया गया कि वह बीती रात लाउंज में दोस्तों के साथ पार्टी कर रहा था। अपने फ्रेंड्स के साथ ही वह रूम में सो गया। आज सुबह लाउंज के कमरे में उसका शव बरामद हुआ है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, वैशाली नगर का रहने वाला सुमित काबूललाशी मंडीदीप में फ्लोर मील का संचालन करता था। शनिवार देर रात रातीबड़ इलाके में स्थित पीजी लाउंज में दोस्तों के साथ सुमित ने पार्टी की थी। दोस्त की शादी की बैचलर पार्टी के बाद वह रूम में हो सो गया था। आज रविवार की सुबह लाउंज से उसका घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव का पंचनामा बनाकर पोस्मार्टम के लिए भिजवाया। वहीं पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। सुमित की मौत कैसे हुई इसका कारण फिलहाल अज्ञात है। पुलिस ने मर्ग कामय कर जांच शुरू कर दी है। मृतक सुमित के दोस्तों से पूछताछ की जा रही है। पीएम रिपोर्ट के बाद ही खुलासा हो सकेगा।

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर जिला स्तरीय आयोजन में हुई रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां

अनूपपुर  मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय के शासकीय एकलव्य आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के आडोटोरियम में जिला स्तरीय कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति सिंह, विंध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष रामदास पुरी, कलेक्टर हर्षल पंचोली, पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय वशिष्ठ शर्मा, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती पार्वती राठौर, नगरपालिका अनूपपुर की अध्यक्ष द्वारा ज्ञान की देवी, वीणावादिनी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर जनपद पंचायत अनूपपुर की अध्यक्ष श्रीमती धनमती सिंह, जनपद पंचायत जैतहरी के अध्यक्ष राजीव सिंह, एसडीएम अनूपपुर महिपाल सिंह गुर्जर, संयुक्त कलेक्टर दिलीप कुमार पाण्डेय, जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी के.के. सोनी, तहसीलदार अनुपम पाण्डेय, लोकतंत्र सेनानी मूलचंद्र अग्रवाल, आधाराम वैश्य, पार्षद श्रीमती ऋतु सोनी, अभियोजन अधिकारी पुष्पेन्द्र मिश्रा, जनजातीय कार्य विभाग के क्षेत्र संयोजक संतोष कुमार बाजपेयी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, नागरिक, छात्र-छात्राएं, शिक्षक तथा शासकीय सेवक, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिन्ट मीडिया के पत्रकार उपस्थित थे। स्थापना दिवस कार्यक्रम के शुभारम्भ के पश्चात् कन्या पूजन किया गया। तत्पश्चात् राष्ट्रगान व मध्यप्रदेश गान का कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति देकर समा बांधा गया। इस अवसर पर भारत ज्योति उ.मा.वि. के विद्यार्थियों ने जनजागरूकता पर आधारित नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी। जनजातीय परम्परा के गुदुम दल द्वारा परम्परागत वेशभूषा में पुष्पराजगढ़ के गुदुम दल के नृतकों ने प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में उत्साह, उमंग व हर्ष का वातावरण निर्मित किया। कार्यक्रम का संचालन शा. कन्या उ.मा.वि. के प्राचार्य डॉ. कौशलेन्द्र सिंह व जिला पंचायत के पीआरओ श्री अमित श्रीवास्तव द्वारा किया गया। आभार प्रदर्शन जनजातीय कार्य विभाग के क्षेत्र संयोजक श्री संतोष बाजपेयी द्वारा किया गया।    स्थानीय रंगारंग प्रस्तुतियों ने बांधा समा मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर शासकीय एकलव्य आदर्श उ.मा.वि. के आडोटोरियम में आयोजित जिला स्तरीय आयोजन में विविध सांस्कृतिक लोकरंग की प्रस्तुति के तहत केन्द्रीय विद्यालय अनूपपुर द्वारा स्वागत गीत, शासकीय कन्या शिक्षा परिसर अनूपपुर द्वारा यह देश है वीर जवानों का गीत का, शासकीय कन्या उ.मा.वि. अनूपपुर द्वारा शुभारंभ हो शुभारंभ मंगल बेला गीत का, सरस्वती उ.मा.वि. अनूपपुर द्वारा उठो जवान देश की वसुन्धरा पुकारती, शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि. अनूपपुर द्वारा आयो रे शुभ दिन आयो रे, शासकीय मॉडल उ.मा.वि. अनूपपुर द्वारा डांडिया नृत्य, संकल्प महाविद्यालय अनूपपुर द्वारा कर्मा लोकनृत्य तथा भारत ज्योति उ.मा.वि. अनूपपुर द्वारा नुक्कड़ नाटक की व पुष्पराजगढ़ के गुदुम दल द्वारा लोकनृत्य की शानदार, मनभावन प्रस्तुतियां दी गई। सांस्कृतिक प्रस्तुति के लिए सम्मानित किए गए प्रतिभागी इस अवसर पर अतिथियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देने वाले सभी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को ट्रॉफी तथा प्रशस्ति पत्र व मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति में शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि. अनूपपुर ने प्रथम स्थान, शासकीय कन्या शिक्षा परिसर अनूपपुर ने द्वितीय स्थान व सरस्वती उ.मा.वि. अनूपपुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

भिंड में चली गोली, पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद, एक की मौत

भिंड मध्य प्रदेश के भिंड में शनिवार देर रात पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच फायरिंग हो गई। इस दौरान गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई। जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद मृतक के परिजनों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है।   सिटी कोतवाली थाना प्रभारी प्रवीण चौहान घटना की जांच पड़ताल कर आरोपियों की धरपकड़ में जुट गए हैं। बताया जा रहा है कि मृतक के नाम सिटी कोतवाली थाने में दर्जनों अपराध दर्ज है। थानें की हिस्ट्रीशीटर लिस्ट में मृतक का नाम शामिल था। घटना के बाद देर रात सिटी कोतवाली थाना पहुंचे CSP अरुण उईके ने आरोपियों की धरपकड़ के निर्देश दिए। मृतक के परिजनों ने इटावा रोड एनएच 719 पर सड़क पर शव रखकर चक्काजाम प्रदर्शन किया। परिजन आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप पाठक ने उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द हम आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एक टीम गठित कर धरपकड़ के लिए उन्हें रवाना कर दिया गया है। 

वन राज्य मंत्री श्री अहिरवार ने मृतक रामरतन यादव और खेरूकोल के परिजन से मिलकर शोक-संवेदना व्यक्त की

भोपाल वन राज्य मंत्री श्री दिलीप सिंह अहिरवार ने आज उमरिया जिले के चंदिया तहसील के बांका और देवरी गाँव पहुँचकर हाथियों के हमले के शिकार हुए मृतक रामरतन और खेरूकोल के परिजन से मिलकर शोक-संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार परिजनों को 8-8 लाख रुपये की अनुग्रह राशि के आदेश सौंपे। श्री अहिरवार ने कहा कि इस दुखद घड़ी में राज्य सरकार और वन विभाग पूरी तरह पीड़ित परिवारों के साथ है और उनकी हर संभव मदद की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर वन राज्य मंत्री श्री अहिरवार ने चंदिया पहुँचकर घटना-स्थल का मुआयना किया और मृतक खैरूकोल के घर पहुँचकर शोक-संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद घटना है। उन्होंने मृतक खैरूकोल की बेटी सपना कोल को 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के स्वीकृति-पत्र सौंपे। श्री अहिरवार ने कहा कि बेटी सपना की पढ़ाई एवं छात्रावास में रहने की सुविधा के अलावा अन्य सुविधाएँ एवं सहयोग भी दिया जायेगा। वन राज्य मंत्री श्री अहिरवार ने ग्राम देवरा में मृतक रामरतन यादव के घर पहुँचकर उनकी पत्नी श्रीमती कल्लीबाई यादव को 8 लाख रुपये की अनुग्रह राशि का स्वीकृति-पत्र सौंपा। श्री अहिरवार ने कहा कि आपको चिंता करने की जरूरत नहीं, सरकार आपकी हर संभव मदद करेगी। इस अवसर पर नगरपालिका चंदिया अध्यक्ष श्री पुरुषोत्तम कोल, वन मण्डलाधिकारी श्री विवेक सिंह, एसडीएम बाँधवगढ़ सुश्री रीता डहरिया, उप वन मण्डलाधिकारी श्री कुलदीप त्रिपाठी और जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

बुरहानपुर में पाड़ों की टक्कर करा पशुओं के साथ क्रूरता का लागया आरोप, मेला समित के अध्यक्ष समिह 9 लोगों पर FIR

बुरहानपुर परंपरा के नाम पर पाड़ों की टक्कर करा पशुओं के साथ क्रूरता करने के आरोप में शाहपुर थाना पुलिस ने मेला समिति के अध्यक्ष मनोज चौधरी सहित नौ लोगों पर प्रकरण दर्ज किया है, हालांकि रविवार शाम तक किसी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। करीब 200 पाड़ों को किया गया था शामिल शनिवार दोपहर एक बजे से शाहपुर स्थित अमरावती नदी के तट पर पाड़ों की टक्कर का आयोजन किया गया था। इस आयोजन में मप्र और महाराष्ट्र के करीब दो सौ पाड़ों को शामिल कराया गया था। उनकी टक्कर को देखने के लिए भी करीब एक लाख लोग शाहपुर पहुंचे थे। कई सालों से हो रहा आयोजन बीते कई दशक से यह आयोजन होता आ रहा है। इस बार कुछ समाज सेवियों ने इस आयोजन का विरोध करते हुए इसे पशुओं के साथ क्रूरता बता कार्रवाई की मांग की थी। कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश पर पुलिस ने देर रात आयोजकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया। इनके खिलाफ दर्ज हुआ प्रकरण थाना प्रभारी शाहपुर अखिलेश मिश्रा ने बताया कि मेला समिति के अध्यक्ष मनोज चौधरी 38 वर्ष निवासी शाहपुर के साथ ही कन्हैया नवलखे, दिनकर चौहान, सुधीर महाजन, दीपक येवले, उमाकांत पाटिल, गोकुल महाजन, सुनील वानखेड़े और वासुदेव महाजन सभी निवासी शाहपुर के खिलाफ बीएनएस व पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।

इंदौर की सड़कों पर बिना नंबर प्लेट की गाड़ियां ‘भाई’, ‘दादा’, ‘प्रेस’, और ‘पुलिस’ लिखे हुए दौड़ती आती है नजर

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर की सड़कों पर बिना नंबर प्लेट की गाड़ियां ‘भाई’, ‘दादा’, ‘प्रेस’, और ‘पुलिस’ लिखे हुए दौड़ती नजर आ रही हैं। जिससे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या पुलिस राजनीतिक दबाव या फिर अपने विभागीय लोगों को छूट दे रही है। इन वाहनों पर कार्रवाई नहीं होने से चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक तरफ शहर में पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में यातायात सुधार के लिए शराब पीकर वाहन चलाने वालों, बुलेट से गोलियों की आवाज निकालने वाली गाड़ियों पर कार्रवाई और तुरंत उनके साइलेंसर निकाल कर कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही यातायात के नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ भी सड़कों पर पुलिस कार्रवाई जरूर कर रही है और साथ ही सड़क पर उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है। वहीं दूसरी ओर इन विशेष पहचान वाली गाड़ियों पर पुलिस का ध्यान न देने की चर्चा है। पुलिस का यह रवैया लोगों में सवाल पैदा कर रहा है कि क्या पुलिस राजनीतिक दबाव या अपने विभागीय लोगों को छूट दे रही है। पुलिस द्वारा इन गाड़ियों पर कार्रवाई न करना चर्चा का विषय बन गया है। क्योंकि ये वाहन कई बार शहर के पुराने पुलिस कंट्रोल रूम के अंदर भी खड़ी देखी जाती हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह इन बिना नंबर वाली गाड़ियों पर कब सख्त कदम उठाते हैं और क्या शहर की सड़कों पर इन गाड़ियों की दबंगई पर रोक लगाने में कामयाब हो पाएंगे।

दतिया के मां रतनगढ़ माता मंदिर मेले में 30 लाख से अधिक श्रृद्धालुओं ने किए दर्शन

भोपाल दतिया जिले की सेवढ़ा तहसील में स्थापित मां रतनगढ़ माता मंदिर मेले में 30 लाख से अधिक श्रृद्धालुओं ने मां रतनगढ़ माता मंदिर एवं कुंअर बाबा मंदिर के दर्शन किए। जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा श्रृद्धालुओं के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थी। श्रृद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा और उन्होंने श्रृद्धा-पूर्ण तरीके से दर्शन किये। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक तथा जिला प्रशासन की टीमों एवं अन्य विभागों ने पूर्ण रूप से अपनी-अपनी पूरी ज़िम्मेदारियों का निर्वाह किया है। उल्लेखनीय है कि प्रति वर्ष लगने वाले इस मेले का आयोजन इस बार 1 से 3 नवम्बर तक किया गया। कलेक्टर श्री संदीप माकिन एवं पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र कुमार मिश्रा ने मेला प्रबंध में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारियों और जिले के नागरिकों का आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया के साथियों के साथ मनाया दीपोत्सव, मुख्यमंत्री निवास पर दीपावली मिलन समारोह

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पत्रकार बंधुओं से निवास परिसर में भेंट कर उन्हें दीपावली पर्व की मंगलकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के संपादक, संवाददाता, रिपोर्टर आदि को दीपावली मिलन के लिए निवास पर आमंत्रित कर मंगलकामनाओं का आदान-प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीपावली मिलन कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर पुलिस बैंड द्वारा सुमधुर धुनों की प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस बैण्ड के सभी सदस्यों को 11-11 हजार रुपये देने की घोषणा की। साथ ही प्रदेश में विकास, जन-कल्याणकारी योजनाओं, पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्र में हो रही प्रगति पर केन्द्रित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। पारम्परिक रूप से सुसज्जित कार्यक्रम स्थल पर, राज्य शासन द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आमंत्रितों को बधाई देते हुए कहा कि सबके जीवन में शुभता, समृद्धि और सौभाग्य के दिव्य दीप सदैव प्रज्ज्वलित रहें, यही कामना है। पत्रकार बंधुओं ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिलकर दीपोत्सव की शुभकामनाएँ दीं।  

मध्य प्रदेश में उज्जैन और बुरहानपुर में जल्द ही किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू होने जा रही

भोपाल मध्य प्रदेश में अब तक लोगों को अंग प्रत्यारोपण यानी ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए भोपाल, इंदौर जैसे बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता था, लेकिन अब छोटे जिलों में भी यह सुविधा शुरू होने जा रही है। इन जिलों में अंगदान के बाद प्रत्यारोपण हो सकेगा। उज्जैन और बुरहानपुर में जल्द ही किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू होने जा रही है। इसके लिए वहां के निजी अस्पतालों को स्टेट ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन (सोटो) ने अनुमति जारी कर दी है। इससे पहले रीवा और जबलपुर के अस्पतालों में भी प्रत्यारोपण शुरू हो चुका है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पिछले माह आयोजित प्रत्यारोपण समन्वयक प्रशिक्षण कार्यक्रम के कारण संभव हो पाया है। यहां प्रदेशभर के सभी जिलों के साथ ही छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात से भी प्रत्यारोपण समन्वयक प्रशिक्षण प्राप्त करने आए थे। इसमें नेशनल ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन (नोटो) के डायरेक्टर डा. अनिल कुमार भी शामिल हुए थे।   बढ़ेगी अंगदान की प्रवृत्ति अधिकारियों ने बताया कि छोटे जिलों में अंग प्रत्यारोपण की सुविधा होने से अंगदान को बढ़ावा मिलेगा। वहां जो भी ब्रेन डेड मरीज अस्पताल में होंगे, वहां की कोऑर्डिनेटर टीम उनके परिवार के लोगों से चर्चा करेगी। उन्हें अंगदान का महत्व समझाएगी, क्योंकि अब तक ऐसे मरीजों को अंगदान के लिए बड़े शहरों में भेजना पड़ता था। नहीं बिकते हैं अंग अधिकारियों ने बताया कि लोगों में अभी भी भ्रांतियां हैं कि अंगों को बेच दिया जाता होगा, लेकिन जागरूक होना होगा कि ऐसा नहीं होता है, क्योंकि सभी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज होता है। यहां जो सूची बनती है, उसी के हिसाब से अंगों को दिया जाता है। सूची में जिसका नाम ऊपर है और वह कहीं दूर है तो दूसरे नंबर वाले को अंग दिया जाता है। इसलिए लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक होकर आगे आना चाहिए, ताकि बीमार व्यक्ति को नया जीवन मिल सके। इन अंगों का हो सकता है दान अगर आप चाहें तो जीवित रहते हुए यह सहमति दे सकते हैं कि मृत्यु के बाद मेरे इन अंगों का दान ले लिया जाए। दान किए जा सकने वाले अंगों में कार्निया, हृदय के वाल्व, हड्डी, त्वचा जैसे ऊतकों को प्राकृतिक मृत्यु के बाद दान किया जा सकता है। हृदय, यकृत, गुर्दे, फेफड़े और अग्नाशय जैसे अन्य महत्वपूर्ण अंगों को केवल ब्रेनडेड के मामले में ही दान किया जा सकता है।

अनूपपुर पुलिस की बडी कामयाबी: खडेश्वरी बाबा उर्फ भालागिरी की अंधी हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझायी

अनूपपुर दिनांक 09.08.2024 को थाना राजेन्द्रग्राम में सूचना प्राप्त हुई कि गढीदादर में अपने शिवदामा आश्रम में खडेश्वरी बाबा उर्फ भोलागिरी उम्र 55 वर्ष का शव पड़ा है। उक्त सूचना को थाना प्रभारी राजेन्द्रग्राम के द्वारा को गंभीरता से लेते हुए तत्काल घटनास्थल पहुंच कर सूचना की तश्दीक किया गया। जहां बाबा मृत अवस्था में अपने आश्रम में पडें थें। थाना प्रभारी द्वारा तत्काल बाबा के शव को पोस्टमार्टम हेतु चिकित्सालय भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डाक्टर के द्वारा बताया गया कि बाबा की मृत्यु गला दबाने से हुई है। जिसके आधार पर थाना राजेन्द्रग्राम में अपराध क्र.213/24 हत्या का प्रकरण पंजीबद्ध कर जॉच प्रारंभ किया गया। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर रहमान के द्वारा उक्त घटना को गंभीरता से लेते हुए बाबा के हत्यारे की गिरफ्तारी हेतु अति.पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री इसरार मन्सूरी के नेत्त्व में विषेष टीम गठित कर शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिये। जिस पर गठित विशेष टीम के द्वारा घटना का बरीकी से अध्ययन कर हर संभव पहलू पर गंभीरता से जॉच की गयी, आस पास के लगभग 100-150 लोगो से पूछताछ एवं संदिग्ध व्यक्यिों को चिन्हित कर उनसे पूछताछ किया गया तथा अनुसंधान की वैज्ञानिक पद्धति का सहारा लेते हुए विवेचना प्रारंभ की गयी। विवेचना के दौरान  यह तथ्य सामने आया कि बीरेन्द्र सिंह जो खडेश्वरी बाबा का परिचित था प्रायः खडेश्वरी बाबा से मिलने शिवदामा आश्रम आया करता था। दिनांक 07.08.24 को भी बाबा से मिलने बाबा के आश्रम आया था। जहां पर बाबा और बीरेन्द्र सिंह के बीच वाद-विवाद हो गया और बीरेंद्र सिंह अपना आपा खो बैठा और गुस्से में आकर खड़ेश्वरी बाबा की गला घोटकर हत्या कर दी। जिसकी पुष्टि पीएम रिपोर्ट से भी होती है। चूंकि खडेश्वरी बाबा का शिवदामा आश्रम एकांत में था, जिसका फायदा उठाकर आरोपी बीरेन्द्र सिंह घटना स्थल से फरार हो गया। जिसे विशेष टीम के द्वारा आरोपी बीरेन्द्र सिंह को जमशेदपुर झारखण्ड से पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। अभिरक्षा में लेकर घटना के संबंध में पूछताछ करने पर आरोपी के द्वारा अपना जुर्म स्वीकार कर लिया गया है। पुलिस के द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। उक्त सम्पूर्ण कार्यवाही में पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर रहमान के निर्देशन, अति.पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री इसरार मन्सूरी के मार्गदर्शन, एसडीओपी पुष्पराजगढ श्री नवीन तिवारी के नेतृत्व में थाना प्रभारी राजेन्द्रग्राम निरी. बीरेन्द्र बरकडे, थाना प्रभारी बिजुरी निरी. विकास सिंह, थाना प्रभारी अमरकंटक निरी. कलीराम परते, उनि. सुमित कौशिक, उनि. मंगला दुबे, सउनि. सुरेश अहिरवार, प्रआर. राजेन्द्र यादव एवं सायबर सेल के प्रआर. राजेन्द्र अहिरवार, पंकज मिश्रा व राजेन्द्र केवट का सराहनीया योगदान रहा।

बांधवगढ़ पहुंचकर नए विवाद में उलझे वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार

State Forest Minister Dilip Ahirwar got embroiled in a new controversy after reaching Bandhavgarh उदित नारायणभोपाल। वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने स्वयं वन्य प्राणी प्रोटेक्शन एक्ट की धज्जियां उड़ाते नजर आए। वह अपने गनमैन के साथ शनिवार को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की कुछ स्थल पर पहुंचे, जहां जहरीला पदार्थ खाने से जंगली हाथी दम तोड़ रहे थे। देश का यह पहला मामला है जब बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तीन दिन में 10 जंगली हाथियों की मौत हो गई।मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर शनिवार को वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार विभाग के अपर मुख्य सचिव और वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव के साथ बांधवगढ़ पहुंचे थे। वन्य प्राणी एक्सपर्ट अधिकारियों की मौजूदगी में वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार अपने गनमैन के साथ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पहुंच गए। वहां उपस्थित किसी भी अधिकारी ने राज्य मंत्री को यह बताने की कोशिश नहीं की कि वन्य प्राणी प्रोटेक्शन एक्ट के तहत अश्वशास्त्र के साथ टाइगर रिजर्व अथवा सेंचुरी में जाना वर्जित है। वन्य प्राणी प्रोटेक्शन एक्ट की धारा 31के अनुसार – अस्त्र-शस्त्र के साथ अभयारण्य में प्रवेश का निषेध है। इसमें यह भी प्रावधान किया है कि कोई भी व्यक्ति मुख्य वन्य जीव संरक्षक या प्राधिकृत अधिकारी से लिखित पूर्व अनुमति के बिना किसी भी हथियार के साथ अभयारण्य अथवा टाइगर रिजर्व में प्रवेश नहीं करेगा। सूत्रों के अनुसार वनराज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने गनमैन के साथ टाइगर रिजर्व में जाने हेतु पीसीसीएफ वन्य प्राणी वीएन अम्बाड़े से लिखित में पूर्व से अनुमति नहीं ली थी। अब सवाल यह भी उठने लगा है कि क्या फॉरेस्ट के अधिकारी अपने राज्य मंत्री के खिलाफ एक्शन की हिम्मत जुटा सकेंगे..?

जंगलों में अतिक्रमण रोकने पर वन माफिया का कहर, वन अमले पर जानलेवा हमला फिर भी पुलिस ने नहीं किया मामला दर्ज

Forest mafia wreaked havoc on forest encroachment, deadly attack on forest staff but police did not register a case मध्य प्रदेश में जंगलों में अतिक्रमण करने वाले वन माफिया के हौसले अब इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे उन्हें रोकने की कोशिश करने वाले वन अमले पर भी हमला करने से बाज नहीं आ रहे हैं। प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र से वन अमले पर इसी तरह से कई प्राण घातक हमले करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला निमाड़ के ही खंडवा जिले के गुड़ी वन परीक्षेत्र का है, जहां जंगल में किये जा रहे अतिक्रमण की जानकारी मिलते ही वन अमला हरकत में आया और उसे रोकने पहुंचा था। इस दौरान जंगल की जमीन पर जुताई कर रहा एक ट्रैक्टर चालक वन अमले को देख, उसका कल्टीवेटर जंगल में ही छोड़कर फरार हो गया। वहीं जब वन अमला उस कल्टीवेटर को जब्त कर वापस लौट रहा था। इस बीच करीब 30 से 35 महिलाओं के झुंड ने वन अमले पर लाठी, पत्थरों और डंडों से हमला कर दिया और उन्हें वहां से भाग जानें, नहीं तो जान से मार देने की धमकियां देने लगा। यही नहीं, कुछ महिलाओं ने तो वन अमले के साथ झूमा झटकी कर वन कर्मचारियों की वर्दी तक फाड़ दी। हालांकि इसकी नामजद शिकायत पिपलोद थाना में शुक्रवार को करने के बावजूद भी पुलिस ने इसपर कोई एक्शन नहीं लिया। निमाड़ के जंगलों में लगातार अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है और यहां की बेशकीमती वन संपदा का अतिक्रमणकारी जमकर दोहन कर प्रकृति के साथ ही शासन को आर्थिक नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। इन वन माफियाओं के खिलाफ पुलिस की पुख्ता कार्रवाई नहीं होने के चलते अब इस तरह की घटनाओं में लगातार इजाफा होते जा रहा है। ऐसा ही मामला गुडी वन परिक्षेत्र में बीते गुरुवार को सामने आया, जब सभी दीपावली पर्व की खुशियां मना रहे थे, तब जिले के गुड़ी रेंज के रेंजर नरेंद्र सिंह और उनकी टीम सूचना मिलने पर अतिक्रमण रोकने बीट भिलाईखेड़ा के कक्ष क्रमांक 749 में नवाड की भूमि पर पहुंची थी। यहां टीम को देख मौके से जुताई कर रहा ट्रैक्टर चालक उसका कल्टीवेटर निकालकर भाग गया। टीम ने मौके से कल्टीवेटर को जब्त कर इस मामले में वन अपराध का प्रकरण दर्ज किया। वन अमले पर इस तरह हुआ हमला बताया गया कि जब्ती कार्रवाई के बाद जब वन अमला दो दलों में वापस लौट रहा था। इस बीच दोपहर करीब 2 बजे सरपंच टांडे की लगभग 30-35 महिलाओं ने पीछे रह गए वन स्टॉफ के परिक्षेत्र सहायक सरमेश्वर के शांतिलाल चौहान, परिक्षेत्र सहायक कोठा के पंजावराव पंडाग्रे, परिक्षेत्र सहायक आराखेडा के कैलाश लोवंशी सहित वन रक्षकों जितेन्द्र पगारे, मनोज तंवर और भरत भूषण मिश्र एवं सुरक्षा श्रमिक गनिया को घेर लिया। यही नहीं, इन महिलाओं के झुंड ने इस वन अमले के साथ मारपीट की एवं धमकी देते हुए कहने लगी कि यहां से भाग जाओ नहीं तो जान से मार देंगे। इस दौरान महिलाओं के हाथों में दराती, पत्थर एवं लाठी डंडे भी थे। महिलाओं ने वन स्टाफ को डंडे से पीटा और वर्दी तक फाड़ दी। इस हमले में जितेन्द्र पगारे वन रक्षक की पीठ पर डंडे से पिटाई के निशान थे, तो वहीं मनोज तंवर के गले मे नाखून के निशान थे, जिसके फोटोग्राफ भी लिए गये। वन अमले ने की थी नामजद शिकायत वहीं इस पूरे मामले में गुड़ी रेंजर नरेंद्र पटेल ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को रोकने पहुंचे वन अमले के साथ 31 अक्तूबर को हुई इस घटना की जानकारी एक शिकायत पत्र के जरिए उसी दिन संबंधित पिपलोद थाना पर दी गई थी। इसके बाद अगले दिन वन अमला एक बार फिर से हमला करने वाली महिलाओं की पहचान करने उस जगह पहुंचा था, जहां से कुछ महिलाओं के नाम मालूम चलने पर 1 तारीख को थाने पर उन महिलाओं के नाम बताते हुए इसकी लिखित शिकायत की गई थी। साथ ही पीड़ित स्टाफ के चोट के निशान एवं फटी वर्दी भी थाना प्रभारी पिपलोद को दिखाई गयी थी। जांच के बाद ही हो सकेगा मामला दर्ज इधर पिपलोद थाना प्रभारी एसएन पांडे का कहना है कि वन अमले के साथ महिलाओं के द्वारा मारपीट करने और वर्दी फाड़ने जैसी शिकायत को लेकर उन्हें आवेदन तो मिला है, जोकि अभी जांच में है। इसलिए अब तक इस मामले में किसी तरह की एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। हालांकि जब उनसे पूछा गया कि शासकीय कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट को लेकर तीन दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं करने का क्या कारण रहा? तब उन्होंने बताया कि अभी जांच जारी है, जिसके बाद ही मामला दर्ज हो पाएगा। वहीं इसको लेकर खंडवा डीएसपी अनिल चौहान ने बताया कि जानकारी मिली है कि फॉरेस्ट टीम पर हमला करने को लेकर शिकायत की गई है। इस मामले में पिपलोद थाने के द्वारा जांच की जा रही है।

मधुवन खुशबू देता है,सागर सावन देता है। जीना उसका जीना है, जो औरों को जीवन देता है।

Madhuvan gives fragrance, Sagar gives monsoon. Life is life for the one who gives life to others. हरिप्रसाद गोहेआमला। प्रसिद्ध गायक येशुदास की आवाज में गाई गई उपरोक्त पंक्तियां केवल एक गाने का हिस्सा नही बल्कि विशिष्ट जीवनशैली का सार भी है, और इस गीत को अपने जीवन मे सार्थक करने वाले चुनिंदा लोगो मे से एक रामानन्द बेले भी है, जमदेही कला में शिक्षक के रूप में पदस्थ आमला के रामानंद बेले द्वारा विगत दिनों शहरवासियों की सहायता के लिए एक व्हीलचेयर व दो आक्सीजन सिलेंडर कीट प्रदान की। अपने स्वर्गीय पिता श्री पंक्षीलाल बेले की स्मृति में उन्होंने शहर की अग्रणी व सामाजिक कार्यो में दृष्टांत बन चुकी जनसेवा कल्याण समिति को ये सामग्री प्रदान की।शिक्षक रामानंद बेले जी ने बताया कि उनके स्वर्गीय पिता ने उन्हें हमेशा ये शिक्षा दी थी कि इंसान दुनिया मे सिर्फ जीने नही आया है और न ही सिर्फ सुख सुविधाओं का आनंद लेने आया है बल्कि इंसान का जीवन तब सार्थक और सफल माना जाता है जब उसकी उपस्थिति से या उसके प्रयास से दूसरों का जीवन सरल हो सके। उन्होंने आगे बताया कि पिता की दी उस सीख ने मुझे इन सत्कार्यो के लिए प्रेरित किया, और फिर इस पुण्य प्रयास का सहभागी बनाने के लिए जनसेवा कल्याण समिति के अलावा दूसरा कोई नाम हो ही नही सकता था, जनसेवा कल्याण समिति ने अपने कार्यो व सेवा से शहर के मष्तिष्क पटल पर एक अमिट छाप अंकित कर दी है। परोपकारी प्रयासो,मानव सेवा,पशुसेवा में समिति का कोई सानी नही,इसलिए जनसेवा कल्याण समिति के माध्यम से इस प्रयास को हमारे द्वारा पूर्ण किया गया।ज्ञात हो कि श्री बेले विगत वर्षों से उनके पिताजी की पुण्यतिथि पर स्मृति स्वरूप विभिन्न परोपकारी कार्य व सांस्कृतिक आयोजन करते रहे है, फिर चाहे वो आर्थिक सहयोग हो या अस्पताल में पानी की व्यवस्था के लिए टँकी वितरण या फिर कवि सम्मेलन, अपने सत्कार्यो से वे सार्थक कार्य करते रहे है। विगत 30 अक्टूबर को भी एक सादे आयोजन में उनके द्वारा विशेष पहल करते हुए एक व्हीलचेयर व दो ऑक्सीजन किट शहरवासियों के उपयोग के लिए प्रदान की। जनसेवा कल्याण समिति के राहुल धेण्डे व अमित यादव ने बताया कि जनसेवा कल्याण समिति पिछले डेढ़ दशक से लगातार घायल व रोगियों की सेवा में जुटी हुई है,इस दौरान कई गम्भीर रोगी व घायलों के रेस्क्यू के दौरान व्हील चेयर की आवश्यकता महसूस होती थी, रामानन्द बेले जी द्वारा इस आवश्यकता की पूर्ति करते हुए एक व्हील चेयर समिति को दी गई, जिससे रोगियों व घायलों की सेवा में बहुत मदद मिलेगी। समिति के सागर चौहान व नितिन ठाकुर ने कहा कि व्हीलचेयर के साथ दो ऑक्सीजन सिलेण्डर किट भी समिति को प्रदान की, आपातकालीन अवस्था मे ऑक्सीजन किट बहुत उपयोगी साबित होगी। श्री बेले द्वारा इस कार्यक्रम को बिरसा मुंडा परिसर में आयोजित किया गया, जिसमे प्रगतिशील व्यापारी संघ के अध्यक्ष अनिल सोनी, देवेंद्र राजपूत, व्यापारी संघ सचिव हेमन्त गुगनानी, जनसेवा कल्याण समिति के राहुल धेण्डे, अमित यादव, नितिन ठाकुर, सागर चौहान,भावेश मालवीय समेत कई समाजसेवी व युवा उपस्थित रहे। उपस्थित सदस्यों द्वारा श्री बेले के इस पुण्य प्रयास की बहुत प्रसंशा की।

डीजल इंजन में 80 प्रतिशत डीजल के साथ 20 प्रतिशत हाइड्रोजन गैस का उपयोग किया जा सकता : शोध

 भोपाल  दुनियाभर के वाहनों में ईंधन के रूप में उपयोग हो रहे पेट्रोल और डीजल पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में वैज्ञानिक हाइड्रोजन को भविष्य के ईंधन के रूप में देख रहे हैं। हाइड्रोजन के उपयोग को लेकर विश्व के तमाम संस्थानों में शोधकार्य किया जा रहा है। भोपाल में स्थित मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में एनर्जी सेंटर के तीन प्रोफेसर और एक पीचएचडी छात्र ने भी ईंधन के रूप में हाइड्रोजन गैस के उपयोग को लेकर एक वर्ष तक शोध किया। इस अनुपात में सुरक्षित शोध में उन्होंने पाया कि डीजल इंजन में 80 प्रतिशत डीजल के साथ 20 प्रतिशत हाइड्रोजन गैस का उपयोग किया जा सकता है। उनके अनुसार अगले पांच वर्षों में वाहनों में हाइड्रोजन का उपयोग शुरू हो जाएगा, जो वाहन चालकों के लिए सुरक्षित रहेगा। साथ ही पर्यावरण के अनुकूल होगा और इंजन को अधिक ऊर्जा भी प्रदान करेगा। इन्होंने किया शोध मैनिट में स्थापित एनर्जी सेंटर ने सितंबर 2023 में 25 लाख रुपये की लागत से हाइड्रोजन ईंधन के उपयोग को लेकर प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसमें विभिन्न विभागों के प्रोफेसर डॉ. प्रशांत बारेदार, डॉ. गौरव द्विवेदी, डॉ. टिकेंद्रनाथ वर्मा और पीएचडी छात्र कौस्तुभ ने ड्युअल फ्यूल इंजन में हाइड्रोजन गैस के ईंधन के रूप में उपयोग को लेकर शोध किया। धीरे-धीरे बढ़ाई मात्रा डॉ. गौरव द्विवेदी ने बताया कि शुरुआत के चार महीने हमने सिर्फ डीजल के साथ हाइड्रोजन गैस की अलग-अलग मात्रा को ईंधन के रूप में जांचा। शुरुआत पांच प्रतिशत से की, इसके बाद मात्रा बढ़ाते हुए 20 प्रतिशत तक लेकर गए। आगे जब ईंधन में हाइड्रोजन की मात्रा बढ़ी तो हीटिंग की समस्या होने की आशंका हुई, जिसके बाद इंजन में 20 प्रतिशत ईंधन के रूप में हाइड्रोजन का आठ माह तक उपयोग किया। चूंकि हाइड्रोजन का एनर्जी कंटेंट पेट्रोकैमिकल्स से अधिक है, इसलिए इंजन को अतिरिक्त ऊर्जा मिली और संतुलित उपयोग से इंजन में गर्मी की समस्या भी नहीं हुई। इनका शोध एक रिसर्च जर्नल में भी प्रकाशन हो चुका है। इस तरह से इंजन में काम करता है हाइड्रोजन पीएचडी स्कॉलर कौस्तुभ ने बताया कि ड्युअल फ्यूल इंजन में डीजल टैंक के साथ हाइड्रोजन सिलेंडर भी लगाया जाता है। इंजन में दोनों की सप्लाई की जाती है। इंजन को डीजल सप्लाई से चालू किया जाता है और इंजन गर्म होने पर हाइड्रोजन की सप्लाई शुरू की जाती है। इसका कितनी मात्रा में उपयोग करना है, इसे सप्लाई को रोककर कंट्रोल किया जाता है। इंजन में जिस रास्ते से एयर प्रेशर किया जाता है, उसी जगह से हाइड्रोजन की सप्लाई की जाती है।

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