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प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मुख्य राजधानी से तीन गुना ज्यादा रियलिटी प्रोजेक्ट के रजिस्ट्रेशन हुए

भोपाल.  मध्य प्रदेश के लोग भोपाल से ज्यादा इंदौर में रहना पसंद करते हैं. यह बात उन रियलिटी प्रोजेक्ट के आंकड़ों से निकलकर आई है, जो दोनों शहरों में तैयार हो चुके हैं. प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मुख्य राजधानी से तीन गुना ज्यादा रियलिटी प्रोजेक्ट के रजिस्ट्रेशन हुए. इस बात ने ये साबित कर दिया कि भोपाल से ज्यादा लोग इंदौर को पसंद कर रहे हैं. रियल एस्टेट रेगुलेटरी ऑथोरिटी (RERA) के मुताबिक साल 2022-23 में इंदौर में 258 प्रोजेक्ट के रजिस्ट्रेशन हुए, जबकि भोपाल में प्रोजेक्ट की संख्या महज 78 थी. प्रदेश में भोपाल और इंदौर ही ऐसे शहर हैं जहां रियल एस्टेट में सबसे ज्यादा काम होता है. साल 2022-23 में राज्य की संस्कारधानी जबलपुर में 40 प्रोजेक्ट, उज्जैन में 29 प्रोजेक्ट और ग्वालियर में 12 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन हुआ. हैरान करने वाली बात है कि खरगोन में जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर से भी ज्यादा प्रोजेक्ट के रजिस्ट्रेशन हुए. साल 2022-23 में यहां 45 प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन हुआ. रेरा के आंकड़े बताते हैं कि मध्य प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर ने पिछले कुछ सालों में अच्छी रफ्तार पकड़ी है. गौरतलब है कि राज्य में रेरा का गठन 1 मई 2017 को हुआ था. बिल्डरों, प्रमोटरों और एजेटों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलने के बाद सरकार ने रेरा का गठन किया था. लोगों की थीं ये शिकायतें दरअसल, लोगों ने उन दिनों सरकार से शिकायतें की थीं कि उन्हें घरों का पजेशन नहीं मिल रहा, जबकि वे बिल्डर को पूरा भुगतान कर चुके हैं. इसके अलावा लोगों को ये भी शिकायत थी कि रियल एस्टेट के प्रमोटरों का व्यवहार ठीक नहीं है. वे लापरवाह हैं. वे एग्रीमेंट पर साइन करने के बाद पूरी तरह से बदल जाते हैं और रूखा व्यवहार करते हैं. इन सब शिकायतों देखते हुए ही सरकार ने रेरा के गठन का फैसला किया था. जानकारी के मुताबिक, मार्च 2023 तक रेरा के पास 846 पेंडिंग शिकायते हैं. गौरतलब है कि सरकार की नोटबंदी और कोरोना की वजह से रियल एस्टेट कारोबार पूरी तरह थम गया था. लेकिन, अब बिल्डरों का कहना है कि उनके बिजनेस में स्थिरता आ रही है. अब नोटबंदी और कोविड-19 के बाद से स्थितियां बदल गई हैं. इस वजह से बढ़ते हैं दाम भोपाल से प्रकाशत अंग्रेजी अखबार  के मुताबिक, बिल्डरों का कहना है कि रेरा आने के बाद स्थितियां बदल गई हैं. त्योहारों के सीजन में रिएल एस्टेट के कारोबार में तेजी आती है. लोग इस सीजन में नया घर खरीदते हैं. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस सेक्टर को और गति देने के लिए राज्य में और प्रोजेक्ट लाए जाने की जरूरत है. प्रशासन को मास्टर प्लान लाना चाहिए, ताकि बिल्डरों को और ज्यादा जमीनें मिल सकें. फिलहाल जितनी भी जमीन हैं उनका इस्तेमाल हो चुका है. जब शहर में जमीन नहीं बचती तो प्रॉपर्टी के रेट बढ़ जाते हैं. प्रॉपर्टी की ज्यादा मांग और कम विकल्प होने की वजह से दामों पर असर पड़ता है.

इंडियन बैंक में 1500 अप्रेंटिस पदों पर बम्पर भर्ती की निकली वैकेंसी, उम्र सीमा 28 साल, सैलरी 15 हजार

इंडियन बैंक में 1500 अप्रेंटिस पोस्ट के लिए वैकेंसी निकली है। इच्छुक व योग्य कैंडिडेट इन पोस्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन इंडियन बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट Indianbank.in के माध्यम से कर सकते हैं। एप्लीकेशन प्रोसेस 10 जुलाई से शुरू हुई है और 31 जुलाई, 2024 को बंद हो जाएगी। नोटिफिकेशन के अनुसार 12 महीने की ऑन जॉब ट्रेनिंग के दौरान शहरी क्षेत्र के कैंडिडेट को 15 हजार रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में पोस्टेड उम्मीदवारों को 12 हजार रुपये महीने स्टाइपेंड दिये जायेंगे। पात्रता मापदंड इंडियन बैंक में 1500 अपरेंटिस पदों पर भर्ती के लिए आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री या केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त समकक्ष योग्यता सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है।  आयु सीमा आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु सीमा 20 है जबकि अधिकतम आयु सीमा 28 वर्ष है। SC, ST, OBC, PWBD कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में सरकारी नियम अनुसार छूट लागू है।  चयन प्रक्रिया अपरेंटिस पदों के लिए कैंडिडेट का चयन ऑनलाइन लिखित परीक्षा के बाद स्थानीय भाषा दक्षता की परीक्षा के माध्यम से होगा। परीक्षा सामान्य अंग्रेजी को छोड़कर जोकि अंग्रेजी में होगी, प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित की जाएगी। ऑब्जेक्टिव टाइप क्वेश्चन में गलत उत्तरों के निगेटिव मार्किंग की जायेगी। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए प्रत्येक प्रश्न के अंक का एक-चौथाई हिस्सा काट जाएगा।  कॉल लेटर कब टेस्ट के लिए कॉल लेटर उम्मीदवारों को ईमेल या बैंक वेबसाइट या https://apprenticeshipindia.org/ या https://nsdcindia.org/apprenticeship या http://bfsissc.com के माध्यम से जारी किए जाएंगे।  फीस     सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपये है।     एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी कैटेगरी के उम्मीदवारों को कोई आवेदन शुल्क नहीं भरना है।     एग्जाम फीस पेमेंट ऑनलाइन किया जाना चाहिए।     अधिक संबंधित डिटेल के लिए कैंडिडेट इंडियन बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

नर्मदा घाटी की परियोजनाओं के लिए निविदा आमंत्रण की स्वीकृति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध-घुमन्तु जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावास, आश्रम और सामुदायिक कल्याण केन्द्रों में निवासरत विद्यार्थियों को अनुसूचित जाति कल्याण/ जनजातीय कार्य विभाग द्वारा निर्धारित शिष्यवृत्ति दरों के अनुरूप युक्त-युक्तीकरण की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार बालकों को वर्तमान में प्रतिमाह देय शिष्यवृत्ति 1230 रुपए में वृद्धि कर 1550 रूपये एवं बालिकाओं को 1270 रूपये में वृद्धि कर  1590 रूपये प्रतिमाह दी जाएगी। साथ ही अनुसूचित जाति कल्याण/ जनजातीय कार्य विभाग द्वारा मूल्य सूचकांक के आधार पर आगामी शिष्यवृत्ति की दर में वृद्धि, विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध-घुमन्तु कल्याण विभाग के लिए भी मान्य किए जाने का निर्णय लिया गया है। “नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन” (नेवा) के क्रियान्वयन का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजना “नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन” (नेवा) को मध्यप्रदेश विधान सभा में क्रियान्वित करने के लिए 23 करोड़ 87 लाख रूपये की परियोजना का अनुमोदन दिया हैं। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम में देश की समस्त विधान सभाओं को पेपर लेस करने एवं उन्हें एक प्लेटफार्म पर लाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजना “नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन” (नेवा) लांच की गई है।  लागत की 60 प्रतिशत राशि भारत सरकार तथा 40 प्रतिशत राज्य शासन द्वारा वहन की जाएगी। नर्मदा घाटी की परियोजनाओं के लिए निविदा आमंत्रण  की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदा घाटी विकास विभाग की 9,271 करोड़ 96 लाख रूपये की लागत की 7 परियोजनाओं के निविदा आमंत्रण की अनुमति प्रदान की है। सोण्डवा उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, निवाली उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, सेंधवा उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, महेश्वर जानापाव उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, धार माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना, बड़ादेव संयुक्त माईक्रो सिंचाई परियोजना एवं माँ रेवा उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए निविदा आमंत्रण की अनुमति प्रदान की गई है। बोकारो माइक्रो इरीगेशन की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा बोकरो माइक्रो सिंचाई परियोजना लागत राशि 46 करोड़ रूपये, सैंच्य क्षेत्र 3310 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना से तहसील रामपुरा नैकिन के 11 ग्रामों के कृषकों को सिंचाई सुविधा का लाभ प्राप्त होगा। इंदौर में केन्द्रीय जेल के शेष रहे कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने इंदौर में सांवेर रोड़ पर निर्माणाधीन केन्द्रीय जेल के शेष रहे निर्माण कार्यों के लिए 217 करोड़ 73 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। राज्य शासन के लिए विमान खरीदने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य शासन के लिए विमान खरीदने का अनुमोदन दिया गया है। राज्य शासन के लिये अति विशिष्ट व्यक्तियों की उड़ान के लिए “मध्यप्रदेश शासन के लिये विमान/हेलीकाप्टर क्रय-विक्रय नियम, 2019” के अंतर्गत बुलाए गए टेण्डर में निम्नतम (L1) निविदाकार संस्था से विमान मॉडल Challenger 3500 जेट विमान क्रय किये जाने के निर्णय का अनुमोदन दिया गया।

अब हमीदिया अस्पताल में गर्भाशय कैंसर का इलाज मिलेगा, प्रदेश की इकलौती ओपीडी, अब तक 150 से अधिक मरीजों का इलाज

भोपाल गांधी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हमीदिया अस्पताल में गर्भाशय कैंसर के निदान के लिए इलाज शुरू हो गया है। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में यह गर्भाशय कैंसर की यह इकलौती ओपीडी है। यहां हर सोमवार को उक्त बीमारी से संबंधित मरीजों को देखा जाता है। दो सप्ताह में अब तक 150 से अधिक रोगियों क जांच की जा चुकी है। इसकी शुरुआत गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डा. कविता एन. सिंह की पहल पर हुई है। उन्हें गर्भाशय कैंसर के उपचार का 20 वर्षाें का अनुभव भी है। वे स्वयं ओपीडी में रोगियाें की जांच करती है, साथ में विशेषज्ञ और मेडिकल छात्र भी होते हैं, ऐसा होने से कॉलेज के विद्यार्थियों और डाॅक्टरों को भी गर्भाशय कैंसर के उपचार के लिए अहम जानकारियां मिल रही हैं। डीन डा. कविता ने बताया कि गर्भाशय कैंसर के लिए ओपीडी शुरू करने का उद्देश्य गायनी विभाग के डाॅक्टरों और जूनियरों इसके इलाज और तरीकों से अवगत कराया जाना है। अगर मरीज का केस मुश्किल होता है तो उस समय में किस तरह से सर्जरी की जा सकती है, यह भी बताया जाएगा। जांच सोमवार को की जाती है, सर्जरी का दिन बुधवार को निर्धारित किया गया है। चिकित्सा छात्रों को मिलेगा अनुभव इस पहल के साथ गायनी विभाग के डाॅक्टरों और जूनियर डाक्टरों को अनुभव भी मिल रहा है। डीन डा कविता ने बताया कि मैं गर्भाशय कैंसर के लिए पिछले 20 वर्षाें से काम कर रही हूं। विशेषकर गर्भाशय कैंसर रोकथाम काल्पोस्कोपी से संबंधित कार्य निरंतर कर रही हूं। इस विषय में डा. सिंह का शोध जर्मनी के एक मोनोग्राफ में प्रकाशित हुआ है। उन्होंने इस कैंसर को लेकर महिलाओं की काउंसिलिंग का काम भी किया है।

उज्जैन-भोपाल-उज्जैन के मध्य ट्रेन 09313, 09314 स्पेशल ट्रेन प्रतिदिन चलाने का निर्णय लिया गया, रेलवे का फैसला

भोपाल भोपाल में अतिरिक्त यात्री यातायात को क्लियर करने एवं यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। उज्जैन-भोपाल-उज्जैन के मध्य ट्रेन 09313, 09314 स्पेशल ट्रेन प्रतिदिन चलाने का निर्णय लिया गया है। ट्रेन 09313 उज्जैन-भोपाल स्पेशल 11 जुलाई से 31 अगस्त तक उज्जैन से प्रतिदिन नौ बजे चलकर मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए अगले दिन 12:40 बजे संत हिरदाराम नगर और एक बजे भोपाल पहुंचेगी। इसी प्रकार ट्रेन 09314 भोपाल-उज्जैन स्पेशल 12 जुलाई से एक सितंबर तक भोपाल से प्रतिदिन 02:10 बजे चलकर, 02.35 बजे संत हिरदाराम नगर और मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए 07:20 बजे उज्जैन पहुंचेगी। यहां होगा ट्रेन का स्‍टापेज ट्रेन रास्ते में दोनों दिशाओं में तराना रोड, मक्सी, काली सिंध, अकोदिया, शुजालपुर, कालीपीपल, सीहोर, संत हिरदाराम नगर स्टेशनों पर रुकेगी। निजामुद्दीन से सिंगरौली एवं सिंगरौली से भोपाल ट्रेनें रहेगी निरस्त नान इंटरलाकिंग कार्य के चलते हजरत निजामुद्दीन से सिंगरौली एवं सिंगरौली से भोपाल एक्सप्रेस ट्रेनें पूर्व सूचना के अनुसार निरस्त चल रही थी। इसके चलते रेल प्रशासन ने एक-एक ट्रिप और निरस्त करने का निर्णय लिया है। 11 जुलाई को अपने प्रारंभिक स्टेशन निजामुद्दीन से चलने वाली ट्रेन 22168 निजामुद्दीन – सिंगरौली एक्सप्रेस ट्रेन को निरस्त किया है। इसी प्रकार 12 जुलाई को अपने प्रारंभिक स्टेशन सिंगरौली से चलने वाली ट्रेन 22166 सिंगरौली – भोपाल एक्सप्रेस ट्रेन को निरस्त किया है। ये दोनों ट्रेन पश्चिम मध्य रेल से होकर गुजरती है।

मध्यप्रदेश के 63.54% घरों में पहुँचा नल से जल, बहनों का जीवन हुआ आसान

भोपाल मध्यप्रदेश 71 लाख पांच हजार घरों में नल से जल उपलब्ध कराकर देश के अव्वल राज्यों में शामिल हो गया है। यह लक्षित घरों का 63.54 प्रतिशत है। घरों में नल लगने से गाँवों की बहनों का जीवन आसान हो गया है। कई बहनें जल सखी बनकर ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के सदस्य के रूप में काम कर रही है। छिंदवाड़ा के गढ़मऊ गांव की जल योद्धा श्रीमती अनीता चौधरी को नल-जल योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन एवं संधारण के लिए विज्ञान भवन नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु ने स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान से पुरस्कृत किया। श्रीमती अनीता चौधरी ने सामुदायिक योगदान के लिए अपने गांव के लोगों को प्रेरित कर गाँव की जलापूर्ति योजना के लिये गांव के सभी परिवारों से सामुदायिक अंशदान की राशि रूपये 2,88,135 इकटठा किए। अब श्रीमती अनिता चौधरी को गांव में जल योद्धा के नाम से जानते हैं। निवाड़ी जिले के टीला ग्राम पंचायत के टीला गांव की छात्रा मोनिका गौतम कहती हैं कि नल-जल योजना से पहले पानी की ज्यादा समस्या होती थी। हमारे घर से एक किलोमीटर दूर लगे हैण्डपम्प से पानी भरने जाना पड़ता था। कई बार समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाती थी। पढ़ाई का बहुत नुकसान होता था। जब से गांव में नल से जल मिलने लगा है, तब से घर पर ही पानी मिल रहा है। समय पर स्कूल भी जा पा रही हूँ। अब पढ़ाई के साथ-साथ घर के कामों में मम्मी की मदद भी करती हूँ। मुरैना जिले के गांव घडोर की रहने वाली श्रीमती त्रिवेणी जाटव कहती हैं कि पहले जब हमारे गांव में नल-जल योजना नहीं थी तब गाँव में पानी की व्यवस्था को लेकर बहुत समस्याएं थी। गांव के लोग दूर चलकर बड़ी मुश्किल से पानी लाते थे, जिससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। गर्मी के मौसम में पेयजल की स्थिति बहुत ही गंभीर हो जाती थी। गांव में जल स्रोत भी सीमित हैं। गर्मी के मौसम में जल स्तर नीचे चले जाने से जल संकट पैदा हो जाता था। नरेहला ग्रामीण समृद्ध जल प्रदाय योजना हमारे गाँव में आई तब से घर पर ही नल से शुद्ध पेयजल मिलने लगा है। शुद्ध पानी से परिवारजनों के स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है। नीमच जिले के गांव पड़दा की श्रीमती ललिता बैरागी ने अपने घर के दरवाजे पर नल से जल पाने की खुशी का इजहार करते हुए बताया कि घर-घर नल कनेक्शन होने से गांव वालों के चेहरे खिल उठे हैं। पहले हैण्डपम्प ही सहारा था। लम्बी लाईन लगानी पड़ती थी। कई बार पानी भरने के लिये एक दूसरे से कहा-सुनी भी हो जाती थी। पड़दा गांव कभी बूंद-बूंद पानी को तरसता था मगर जल जीवन मिशन में गंगा बावड़ी समूह जल प्रदाय योजना ने ग्रामीणों की प्यास बुझाई। अब पेयजल घर पर ही नियमित रूप से प्राप्त हो रहा है। फील्ड टेस्टिंग किट से लगातार पानी की गुणवत्ता की जांच भी की जाती है। दतिया जिले के गांव बसई की श्रीमती पुष्पा वंशकार का कहना है कि पहले काफी दूर से रात भर जाग कर हैण्डपम्प से साइकिल पर लादकर पानी लाना पड़ता था। बसई ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना से घर पर ही नल से शुद्ध जल मिलने लगा है। सीहोर जिले के ग्राम कोसमी की रहने वाली निशा सोलंकी बताती हैं कि गर्मी में कुंए का पानी सूख जाता था तो दूर पैदल चलकर नदी से पानी लाना पड़ता था। हमारा काफी समय बर्बाद होता था। अब पानी की समस्या दूर हो गई है। बच्चों को समय पर स्कूल भेज पा रही हूं। इसी जिले की गीता प्रजापति कहती हैं कि जल जीवन मिशन से खुशहाली आई है। समय पर खाना बना पा रहे हैं। घर के कामों को समय पर कर पाते हैं। पानी लाने की परेशानियां खत्म हो गई है।  

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक, नर्मदा घाटी की परियोजनाओं के लिए निविदा आमंत्रण की स्वीकृति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध-घुमन्तु जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावास, आश्रम और सामुदायिक कल्याण केन्द्रों में निवासरत विद्यार्थियों को अनुसूचित जाति कल्याण/ जनजातीय कार्य विभाग द्वारा निर्धारित शिष्यवृत्ति दरों के अनुरूप युक्त-युक्तीकरण की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार बालकों को वर्तमान में प्रतिमाह देय शिष्यवृत्ति 1230 रुपए में वृद्धि कर 1550 रूपये एवं बालिकाओं को 1270 रूपये में वृद्धि कर  1590 रूपये प्रतिमाह दी जाएगी। साथ ही अनुसूचित जाति कल्याण/ जनजातीय कार्य विभाग द्वारा मूल्य सूचकांक के आधार पर आगामी शिष्यवृत्ति की दर में वृद्धि, विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध-घुमन्तु कल्याण विभाग के लिए भी मान्य किए जाने का निर्णय लिया गया है। “नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन” (नेवा) के क्रियान्वयन का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजना “नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन” (नेवा) को मध्यप्रदेश विधान सभा में क्रियान्वित करने के लिए 23 करोड़ 87 लाख रूपये की परियोजना का अनुमोदन दिया हैं। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम में देश की समस्त विधान सभाओं को पेपर लेस करने एवं उन्हें एक प्लेटफार्म पर लाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजना “नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन” (नेवा) लांच की गई है।  लागत की 60 प्रतिशत राशि भारत सरकार तथा 40 प्रतिशत राज्य शासन द्वारा वहन की जाएगी। नर्मदा घाटी की परियोजनाओं के लिए निविदा आमंत्रण  की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदा घाटी विकास विभाग की 9,271 करोड़ 96 लाख रूपये की लागत की 7 परियोजनाओं के निविदा आमंत्रण की अनुमति प्रदान की है। सोण्डवा उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, निवाली उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, सेंधवा उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, महेश्वर जानापाव उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, धार माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना, बड़ादेव संयुक्त माईक्रो सिंचाई परियोजना एवं माँ रेवा उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए निविदा आमंत्रण की अनुमति प्रदान की गई है। बोकारो माइक्रो इरीगेशन की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा बोकरो माइक्रो सिंचाई परियोजना लागत राशि 46 करोड़ रूपये, सैंच्य क्षेत्र 3310 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना से तहसील रामपुरा नैकिन के 11 ग्रामों के कृषकों को सिंचाई सुविधा का लाभ प्राप्त होगा। इंदौर में केन्द्रीय जेल के शेष रहे कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने इंदौर में सांवेर रोड़ पर निर्माणाधीन केन्द्रीय जेल के शेष रहे निर्माण कार्यों के लिए 217 करोड़ 73 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। राज्य शासन के लिए विमान खरीदने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य शासन के लिए विमान खरीदने का अनुमोदन दिया गया है। राज्य शासन के लिये अति विशिष्ट व्यक्तियों की उड़ान के लिए “मध्यप्रदेश शासन के लिये विमान/हेलीकाप्टर क्रय-विक्रय नियम, 2019” के अंतर्गत बुलाए गए टेण्डर में निम्नतम (L1) निविदाकार संस्था से विमान मॉडल Challenger 3500 जेट विमान क्रय किये जाने के निर्णय का अनुमोदन दिया गया।  

विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु समुदाय की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में लाए तेजी : राज्य मंत्री श्रीमती गौर

भोपाल   पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण एवं विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा है कि प्रदेश की विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु जातियों के कल्याण की योजनाओं के क्रियान्वन में तेजी लाए। उन्होंने कहा कि डेटाबेस के आधार पर परिवारों को विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाये। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने यह निर्देश विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध-घुमन्तु विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने विमुक्त घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु जातियों के कल्याण की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वन की प्रगति की समीक्षा की। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु समुदाय के अधिक से अधिक परिवारों को लाभान्वित किया जाए। बैठक में बताया गया कि शैक्षणिक योजनाओं में समुदाय की 71 हजार छात्र-छात्राओं को वर्ष 2023-24 में छात्रवृत्ति प्रदान की गई। विभाग के अंतर्गत 141 छात्रावास, आश्रम, सामुदायिक कल्याण केन्द्र संचालित हैं। इनमें 4485 बालक और 2065 बालिका के लिए कुल 6550 सीटे स्वीकृत है। विमुक्त जाति बस्ती विकास योजना में वर्ष 2024-25 के लिए 516 लाख रूपये के बजट का प्रावधान है। अपर मुख्य सचिव पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध-घुमन्तु श्री अजीत केसरी, विमुक्त घुमक्कड़, अर्द्ध-घुमक्कड़ जाति विकास अभिकरण के अध्यक्ष श्री बाबूलाल बंजारा, उप सचिव श्री कुमार पुरूषोत्तम, संचालक विमुक्त, घुमन्तु, अर्द्ध-घुमन्तु कल्याण श्री नीरज वशिष्ठ और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

सात सिंचाई परियोजनाओं और पेपरलेस विधानसभा पर मोहन सरकार की मंजूरी

भोपाल मध्य प्रदेश की विधानसभा पेपरलेस बनने जा रही है। इस योजना में 60 प्रतिशत लागत का वहन केंद्र सरकार करेगी और राज्य सरकार 40 प्रतिशत खर्च करेगी। इस योजना पर राज्य सरकार के 24 करोड़ रुपये खर्च होना प्रस्तावित है। यह योजना एक साल में पूरी तरह क्रियान्वित हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है। प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि राज्य सरकार ने संसदीय कार्य विभाग के मध्य प्रदेश विधानसभा को पेपरलेस बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस पर 24 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। एक साल में प्रोजेक्ट पूरा किया जाएगा। देश की सभी विधानसभाओं को पेपरलेस बनाने और उन्हें एक प्लेटफॉर्म पर लाने के उद्देश्य से भारत सरकार ने नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन लॉन्च किया है। मध्य प्रदेश की विधानसभा देश की 13वीं विधानसभा होगी, जो पेपरलेस होने जा रही है। आदिवासी क्षेत्रों में सात सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी राज्य सरकार ने नर्मदा घाटी विकास विभाग की सात सिंचाई परियोजनाओं के टेंडर निकालने की अनुमति दी है। नौ हजार 271 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं में सेण्डवा माइक्रो सिंचाई परियोजना, निवाली माइक्रो सिंचाई परियोजना, सेंधवा माइक्रो सिंचाई परियोजना, महेश्वर-जानापाव माइक्रो सिंचाई परियोजना, धार माइक्रो सिंचाई परियोजना शामिल है। यह सभी परियोजनाएं आदिवासी इलाकों में है, जिससे वहां के किसानों को लाभ मिलेगा। इसी तरह कैबिनेट ने सीधी में नई बोकरो माइक्रो सिंचाई परियोजना को भी मंजूरी दे दी है। इस पर 46 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस परियोजना से 3310 हैक्टेयर की जमीन की सिंचाई हो सकेगी। इसका लाभरामपुरा नेकिन तहसील के 11 गांवों को मिलेगा। छात्रवृत्ति में वृद्धि विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्वघुमन्तु कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावासों और सामुदायिक केंद्रों में रह रहे छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति बढ़ाई गई है। अब विभाग के छात्र-छात्राओं को अनुसूचित जाति कल्याण जनजातीय कार्य विभाग से निर्धारित छात्रवृत्ति की दरों में वृद्वि दी जाएगी। बालकों को 1,230 की जगह 1,550 रुपये मिलेंगे। बालिकाओं को 1,270 की जगह अब 1,590 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। सांवेर जेल के लिए 217 करोड़ रुपये मंजूर कैबिनेट ने इंदौर में सांवेर रोड पर निर्माणाधीन केंद्रीय जेल के शेष निर्माण कार्यों के लिए 217 करोड़ रुपये की राशि के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।

राज्यमंत्री श्रीमती बागरी ने एमपी हाउसिंग बोर्ड की समीक्षा बैठक ली, कमिश्नर ने दी सभी योजनाओं की जानकारी

भोपाल राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने आज एमपी हाउसिंग बोर्ड की समीक्षा बैठक ली। भोपाल स्थित मुख्यालय पर्यावास भवन में आयोजित बैठक में मंत्री महोदया ने विभाग की पूरी कार्यप्रणाली के साथ सभी योजनाओं की जानकारी ली। हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर श्री चंद्रमौलि शुक्ला ने प्रेजेन्टेशन के माध्यम से मंत्री जी को विभाग और सभी प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर ने मण्डल की अधोसंरचना, मण्डल की रिक्त/अविक्रित संपत्तियों की जानकारी, मण्डल की अतिक्रमण की गई संपत्तियों की जानकारी, मण्डल द्वारा अधिग्रहण की गई संपत्तियों की जानकारी, मण्डल द्वारा निर्मित आवासीय भवनो/व्यवसायिक सम्पत्तियों, लीज रेन्ट की जानकारी, वृत्त रीवा अंतर्गत वर्तमान में चल रहे मण्डल के विकास कार्य संबंधी योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में हाउसिंग बोर्ड की मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सुश्री तृप्ति श्रीवास्तव, मुख्य संपदा अधिकारी श्री डी.एस. तोमर, एडिशनल हाउसिंग कमिश्नर श्री शैलेंद्र वर्मा, श्री सुमन सिंह व एन. डी. अहिरवार सहित मंडल के प्रमुख अधिकारीगण शामिल हुए।  

अनियंत्रित बस सड़क किनारे बाउंड्री से टकराई, 14 घायल

सागर गढ़ाकोटा-रहली रोड पर रहली की ओर जा रही बस अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इससे 14 लोग घायल हुए हैं। एक महिला को गंभीर चोट आने के कारण जिला अस्पताल रेफर किया गया है। प्रथम दृष्टया सामने आया है कि चालक की गलती से हादसा हुआ है। बता दें कि रुद्राक्ष ट्रेवल्स की बस दमोह से गढ़ाकोटा होते हुए रहली अनंतपुरा तक जाती है। रोजाना की तरह बुधवार को भी बस गढ़ाकोटा आने के बाद रहली के लिए रवाना हुई थी। गढ़ाकोटा से करीब 2 किलोमीटर आगे जैसे ही कृषि मंडी के पास पहुंची तो वहां हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि ड्राइवर की लापरवाही की वजह से यह घटना हुई है। चलती बस में उसने पानी पीने के लिए जैसे ही पानी की बोतल उठाई और ढक्कन खोलने का प्रयास करने लगा तो इस दौरान बस अनकंट्रोल्ड हो गई। बस सड़क से उतरकर बाउंड्री से टकरा गई। इससे 14 लोग घायल हुए हैं। मौके पर चीख-पुकार मच गई। विज्ञापन सूचना पर थाना गढ़ाकोटा की टीम मौके पर पहुंची एवं एंबुलेंस की सहायता से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़ाकोटा ले जाया गया। डॉक्टर ने प्राथमिक इलाज किया है तथा एक महिला जिसको गंभीर चोटें आई हैं, उसे जिला अस्पताल सागर रेफर कर दिया गया है। गढ़ाकोटा थाना प्रभारी रजनीकांत दुबे ने बताया कि इसमें 14 लोग घायल हुए हैं। सभी को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, एक महिला को गंभीर चोट होने के चलते उसे सागर रेफर किया गया है।

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