LATEST NEWS

पेट्रोल, डीज़ल और CNG से चलने वाली गाड़ियों पर आ सकते हैं कई नए नियम

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में आगामी कुछ दिन स्वास्थ्य और परिवहन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने जा रहे हैं. दिल्ली के स्वास्थ्य, परिवहन और आईटी मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने कई अहम घोषणाएं कीं, जिनमें आने वाली EV पॉलिसी से लेकर स्वास्थ्य ढांचे में हो रहे सुधारों तक, दिल्ली सरकार की व्यापक योजनाएं शामिल हैं. दिल्ली सरकार आज नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) 2.0 पॉलिसी का ऐलान कर सकती है. इस नीति के लागू होने के बाद राजधानी में पेट्रोल, डीज़ल और CNG से चलने वाली गाड़ियों पर कई नए नियम आ सकते हैं. डॉ. पंकज सिंह ने बताया कि दिल्ली सरकार 15 अप्रैल को “EV 2.0 पॉलिसी” की घोषणा करने जा रही है, जिसका उद्देश्य वाहनों से होने वाले प्रदूषण को न्यूनतम स्तर तक लाना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को प्राथमिकता दे रही है. इसके अंतर्गत सरकार अगले 10 दिनों में नई इलेक्ट्रिक बसें भी लॉन्च करने जा रही है, जिससे सार्वजनिक परिवहन प्रणाली और अधिक पर्यावरण-मित्र बन सके. डॉ. सिंह के अनुसार, किसी भी देश के विकास में ट्रांसपोर्टेशन एक प्रमुख कड़ी होता है, और दिल्ली सरकार इसी सोच के साथ आगे बढ़ रही है. पिछले 15 दिनों में दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी कई बड़े कदम उठाए गए हैं. 5 अप्रैल को दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच “आयुष्मान भारत योजना” को राजधानी में लागू करने हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता (MOU) हुआ. इसके बाद 10 अप्रैल से इस योजना के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. EV चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाई जाएगी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशनों और बैटरी स्वैपिंग केंद्रों की संख्या को बढ़ाने के लिए नई पॉलिसी लागू की जाएगी, जिससे चार्जिंग की सुविधा अधिक सुलभ हो सके. वर्तमान में, दिल्ली में 1,919 इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशंस, 2,452 चार्जिंग प्वाइंट्स और 232 बैटरी स्वैपिंग केंद्र हैं. इस पॉलिसी के तहत, दिल्ली में 13,200 सार्वजनिक चार्जिंग पॉइंट्स स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिससे हर 5 किलोमीटर के भीतर एक चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हो सकेगा. महिलाओं को 36 हजार तक की सब्सिडी इस पॉलिसी के कार्यान्वयन के बाद, दिल्ली की पहली 10,000 महिलाओं को दो पहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर सरकार 36,000 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान कर सकती है. इसके अतिरिक्त, पुरुषों और पहले 10,000 महिलाओं के बाद अन्य महिलाओं को 2030 तक दो पहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 30,000 रुपये की सब्सिडी मिल सकती है. इसके अलावा, यदि कोई नया इलेक्ट्रिक ऑटो (L5M श्रेणी) खरीदता है, तो सरकार ₹10,000 प्रति किलोवाट के हिसाब से ₹45,000 तक की सब्सिडी दे सकती है. चार पहिया इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन खरीदने पर सरकार ₹75,000 तक की सब्सिडी और चार पहिया कार पर डेढ़ लाख रुपये की सब्सिडी प्रदान कर सकती है, जिसमें कार की अधिकतम कीमत 20 लाख रुपये तक हो सकती है. क्या हो सकते हैं बड़े बदलाव?    •  15 अगस्त 2026 से पेट्रोल और CNG दोपहिया गाड़ियों की बिक्री बंद हो सकती है.   • 15 अगस्त 2025 से दिल्ली में नए पेट्रोल, डीज़ल और CNG थ्री-व्हीलर (जैसे ऑटो) का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा.  •  जो CNG ऑटो 10 साल पुराने हैं, उन्हें इलेक्ट्रिक ऑटो में बदलना अनिवार्य हो जाएगा. तीसरी गाड़ी सिर्फ इलेक्ट्रिक सूत्रों के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति के नाम पर पहले से दो पेट्रोल या डीज़ल गाड़ियां रजिस्टर्ड हैं, तो उसके नाम पर तीसरी गाड़ी केवल इलेक्ट्रिक ही रजिस्टर होगी. सरकारी गाड़ियां भी होंगी इलेक्ट्रिक नई नीति के तहत दिसंबर 2027 तक दिल्ली नगर निगम (MCD), NDMC और जल बोर्ड की सभी गाड़ियां इलेक्ट्रिक हो जाएंगी. हर 5 किलोमीटर पर चार्जिंग स्टेशन  •  इस वक्त दिल्ली में 1,919 चार्जिंग स्टेशन, 2,452 चार्जिंग पॉइंट और 232 बैटरी स्वैपिंग सेंटर हैं.    • पॉलिसी के तहत 13,200 नई चार्जिंग पॉइंट्स लगाने का प्रस्ताव है, ताकि हर 5 किमी पर चार्जिंग की सुविधा मिले. महिलाओं और आम लोगों को मिलेगी सब्सिडी      •  पहली 10,000 महिलाएं अगर इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदती हैं, तो उन्हें 36,000 रुपए तक की सब्सिडी मिल सकती है.        •  बाकी लोगों को 10,000 रुपए प्रति किलोवाट की दर से 30,000 रुपए तक की सब्सिडी 2030 तक मिल सकती है. इलेक्ट्रिक ऑटो, कार और कमर्शियल वाहनों पर भी सब्सिडी       •    नया इलेक्ट्रिक ऑटो (L5M) खरीदने पर 45,000 रुपए तक की सब्सिडी.     •  चार पहिया कमर्शियल EV पर 75,000 रुपए तक की सब्सिडी.     •   चार पहिया कार (20 लाख तक की कीमत वाली) पर ₹1.5 लाख की सब्सिडी. स्क्रैपिंग पर मिलेगा अलग बोनस अगर कोई व्यक्ति 12 साल से कम पुरानी पेट्रोल या डीज़ल बाइक/स्कूटर स्क्रैप करता है, तो EV खरीदते समय उसे अतिरिक्त 10,000 रुपए मिल सकते हैं. लक्ष्य दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि 2027 तक रजिस्टर्ड होने वाली 95% नई गाड़ियां इलेक्ट्रिक हों. और 2030 तक यह आंकड़ा 98% तक पहुंच जाए. पॉलिसी कब तक लागू रहेगी? EV 2.0 पॉलिसी 31 मार्च 2030 तक लागू रहेगी.

धामी सरकार की मदरसों पर है टेढ़ी नजर! हल्द्वानी में 18 मदरसों की जांच, 3 सील

 हल्द्वानी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सख्त निर्देशों का पालन करते हुए राज्य के हल्द्वानी में स्थानीय प्रशासन एक्शन मोड में आया हुआ है। हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में प्रशासन ने अवैध तौर पर संचालित मदरसों के खिलाफ छापेमारी की है। इस दौरान कई मदरसों को सील किया गया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए है। ये इंतजाम इसलिए किए गए हैं क्योंकि इलाके में किसी तरह की अशांति ना फैले और कानून व्यवस्था भी बनी रहे। मदरसे हुए सील बता दें कि अपर जिला अधिकारी विवेक राय ने बताया है कि ये कार्रवाई उन मदरसों पर की गई है, जिनके पास मान्यता नहीं है। जिन मदरसों में शइक्षा विभाग व सरकार के नियमों का पालन नहीं हो रहा था उन्हें सील किया गया है। इन मदरसों ने बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता संबंधित मानकों का पालन किया है। प्रशासन को पहले कुछ मदरसों के खिलाफ गंभीर शिकायतें मिली है। इनमें बच्चों के बैठने की व्यवस्था ना होना, साफ सफाई की कमी, शौचालय ना होना, सीसीटीवी सुरक्षा व्यवस्था ना होगा। कई मदरसों में मस्जिदों में संचालित हो रहे थे। ये सरकारी नियमों के विरुद्ध है। इस कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात हुआ है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि किसी तरह की अफवाह से बचने व शांति बनाए रखें। प्रशासन का कहना है कि ये कार्रवाई अवैध तौर से संचालित हो रहे शिक्षण संस्थानों के खिलाफ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुछ दिन पहले ही निर्देश दिए थे कि राज्य में सभी मदरसों की जांच की जाए।    

तहव्वुर राणा से एनआईए प्रतिदिन लगभग आठ से दस घंटे तक कर रही पूछताछ

नई दिल्ली मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारी रोजाना आठ से दस घंटे पूछताछ कर रहे हैं ताकि इस हमले के पीछे की बड़ी साजिश का पता लगाया जा सके। राणा को पिछले सप्ताह अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लगाया गया था। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को बताया कि एनआईए के अधिकारी राणा की मेडिकल जांच सुनिश्चित कर रहे हैं और उसे उसके वकील से मिलने की भी इजाजत दी जा रही है। दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार सुबह उसे अमेरिका से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद जांच एजेंसी को 18 दिनों की हिरासत में सौंप दिया था। हर दिन एनआईए  8-10 घंटे कर रही है पूछताछ सूत्रों ने बताया कि एनआईए जांचकर्ताओं द्वारा राणा से प्रतिदिन लगभग आठ से दस घंटे तक पूछताछ की जा रही है, ताकि 2008 में लश्कर-ए-तैयबा द्वारा किए गए कायराना हमलों के पीछे की बड़ी साजिश का पता लगाया जा सके। इस हमले में 166 लोग मारे गए थे और 238 से अधिक लोग घायल हुए थे। एक सूत्र ने बताया, पूछताछ के दौरान राणा सहयोग कर रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्य जांच अधिकारी जया रॉय के नेतृत्व में एनआईए अधिकारियों की एक टीम उससे लगातार पूछताछ कर रही है। सूत्रों ने बताया कि राणा ने अब तक केवल तीन चीजें मांगी हैं – एक कलम, कागज की शीट या नोटपैड और कुरान। जो एनआईए की ओर से उसे मुहैया करा दी गई हैं। निगरानी में 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात सूत्रों ने बताया कि राणा ने अब तक भोजन से संबंधित कोई विशेष मांग नहीं की है और उसे बनाए गए मानक प्रोटोकॉल के अनुसार वही खाना दिया जा रहा है, जो किसी अन्य आरोपी को दिया जाता है। सूत्रों ने कहा कि खूंखार आतंकी हमले की साजिश रचने वाले राणा को सीजीओ कॉम्प्लेक्स में एजेंसी के मुख्यालय के अंदर एक उच्च-सुरक्षा सेल में रखा गया है और चौबीसों घंटे सुरक्षाकर्मी उसकी सुरक्षा में तैनात रहते हैं।

वक्फ कानून की आग में जल रहा बंगाल, भारी संख्या में पुलिस बल तैनात, हाई अलर्ट जारी

कोलकाता बंगाल में वक्फ कानून को लेकर जारी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा घटना में इंडियन सेक्युलर फ्रंट के समर्थक पुलिस से भिड़ गए। इस दौरान जमकर बवाल हुआ। हिंसा में कई लोगों के घायल होने की खबर है और कई पुलिस वाहनों को आग लगा दी गई। यह हिंसा बंगाल के दक्षिण 24 परगना में हुई। यह झड़प तब हुई, जब पुलिस ने आईएसएफ समर्थकों को पार्टी के नेता और भांगर विधायक नौशाद सिद्दीकी की रैली में जाने से रोकने की कोशिश की। नौशाद सिद्दीकी की रैली कोलकाता के रामलीला मैदान में हुई। पुलिस का कहना है कि इस रैली के लिए पुलिस की अनुमति नहीं थी। कैसे भड़की हिंसा पुलिस ने बताया आईएसएफ समर्थकों को दक्षिण 24 परगना में बसंती राजमार्ग पर भोजेरहाट के पास रोका गया। यहां पर मीनाखान और संदेशखाली से भी बड़ी संख्या में आईएसएफ समर्थक इकट्ठा हुए थे। पुलिस द्वारा रोके जाने पर भीड़ ने बैरिकेट तोड़ने की कोशिश की, जिससे तनाव बढ़ गया। इसके बाद हिंसा शुरू हो गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शकारियों ने कुछ पुलिस वाहनों में आग लगा दी। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसमें एक आईएसएफ समर्थक के सिर में चोट लगी। इसके बाद आईएसएफ समर्थक राजमार्ग पर धरना देने बैठ गए, जिससे राजमार्ग पर ट्रैफिक जाम हो गया। हालात को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। बाद में प्रदर्शनाकारियों को तितर-बितर कर दिया गया। 

भारतीय रेलवे की कमाई बढ़ी, खर्चे में कमी आई, ऑपरेटिंग रेश्यो बेहतर हुआ, माल ढुलाई में बनाया रेकॉर्ड

नई दिल्ली भारतीय रेलवे ने अपनी वित्तीय स्थिति को बेहतर किया है। रेलवे ने वित्त वर्ष 2024-25 में अपना ऑपरेटिंग रेश्यो (OR) सुधारा है। OR एक महत्वपूर्ण पैमाना है जिससे पता चलता है कि रेलवे का वित्तीय प्रदर्शन कैसा है। यह 98.32% रहा, जो कि 2023-24 में 98.43% था। इसका मतलब है कि 31 मार्च 2025 को समाप्त हुए साल में रेलवे बोर्ड ने 100 रुपये कमाने के लिए 98.32 रुपये खर्च किए। भारतीय रेलवे का कुल खर्च वित्त वर्ष 2024-25 में 2.63 लाख करोड़ रुपये रहा। यह 2023-24 में 2.52 लाख करोड़ रुपये था। कुल कमाई वित्त वर्ष 2024-25 में 2.65 लाख करोड़ रुपये रही। यह पिछले साल 2.56 लाख करोड़ रुपये थी। रेलवे की बिना किराये वाली कमाई भी 11,000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गई है। यह कमाई टिकटों से नहीं, बल्कि दूसरी चीजों से हुई है, जैसे विज्ञापन और पार्सल सेवा। कई तरह से हुआ फायदा रेलवे को यात्री, माल आदि से फायदा हुआ है। यात्रियों से होने वाली कमाई पिछले साल से 6.4% ज्यादा रही, जो 75,239 करोड़ रुपये है। माल से होने वाली आय 1.7% बढ़कर 2024-25 में 1.71 लाख करोड़ रुपये हो गई। यह 2023-24 में 1.68 लाख करोड़ रुपये थी। अन्य राजस्व में सबसे ज्यादा सुधार हुआ है। यह 19.8% बढ़कर वित्त वर्ष 25 में 11,562 करोड़ रुपये हो गया। यह कमाई बिना किराए के स्रोतों से होती है। माल ढुलाई में बनाया रेकॉर्ड रेलवे ने लगातार चौथे साल 2024-25 में माल ढुलाई और राजस्व के रेकॉर्ड तोड़े हैं। इस साल माल ढुलाई 1.61 अरब टन से ज्यादा हो गई। इससे भारत का रेलवे नेटवर्क सालाना माल ढुलाई के मामले में दूसरा सबसे बड़ा नेटवर्क बन गया है। इसने अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है। अभी चीन ही एकमात्र ऐसा देश है जो रेलवे द्वारा माल ढुलाई के मामले में भारत से आगे है। कैसे होगा लक्ष्य पूरा? भारतीय रेलवे का अस्थायी शुद्ध राजस्व वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 2,342 करोड़ रुपये रहा। यह 2023-24 में 3,259.68 करोड़ रुपये था। बजट 2025-26 में आने वाले वित्त वर्ष के लिए 3,041.31 करोड़ रुपये के शुद्ध राजस्व का अनुमान है। यह यात्रियों से 92,800 करोड़ रुपये और माल ढुलाई से 1,88,000 करोड़ रुपये की कमाई से होगा। काम के तरीके में आया सुधार रेलवे का कहना है कि उन्होंने काम करने के तरीके में सुधार किया है। इससे खर्च कम हुआ है और कमाई बढ़ी है। रेलवे ने बताया, ‘हमने लागत को कम करने और आय को बढ़ाने पर ध्यान दिया।’ रेलवे अब और भी बेहतर करने की कोशिश कर रहा है ताकि लोगों को अच्छी सुविधा मिल सके और रेलवे का फायदा भी हो।

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जमकर साधा निशाना, बोले – कांग्रेस का मॉडल फेल साबित हो रहा

हरियाणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यमुनानगर में 800 मेगावाट के थर्मल पावर प्लांट की यूनिट और कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का शिलान्यास किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाने साधे। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस का मॉडल है जो पूरी तरह से फेल साबित हो रहा है, दूसरी तरफ भाजपा का मॉडल है, जो सत्य पर चल रहा है। सपना है देश को विकसित भारत बनाने का। यमुनानगर भी इसी तर्ज पर आगे बढ़ रहा है। नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि हरियाणा के मेरे भाई-बहनों को मोदी की राम-राम साथियों, आज मैं उस धरती को प्रणाम करता हूं, जहां मां सरस्वती का उद्गम हुआ। जहां मंत्रा देवी विराजती हैं। जहां पंचमुखी हनुमान जी हैं। जहां कपाल मोचन साहिब का आशीर्वाद है। जहां संस्कृति, श्रद्धा, समर्पण की त्रिवेणी बहती है। आज बाबा साहब आंबेडकर जी की 135वीं जयंती भी है। मैं सभी देशवासियों को आंबेडकर जयंती की शुभकामनाएं देता हूं। बाबा साहब का विजन, उनकी प्रेरणा, निरंतर विकसित भारत की यात्रा में हमें दिशा दिखा रही है। कहा कि यमुनानगर सिर्फ एक शहर नहीं है, यह भारत के औद्योगिक नक्शे का अहम हिस्सा है। प्लाईवुड से लेकर पीतल और स्टील का यह पूरा क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है। कपाल मोचन मेला, वेद व्यास की तपोभूमि और गुरु गोविंद सिंह की एक प्रकार से शस्त्र भूमि है। साथियों, यह अपने आप में एक गरिमा बढ़ाने वाली बात है। यमुनानगर के साथ तो मेरी कई पुरानी यादें जुड़ी हुई हैं। जब मैं हरियाणा का प्रभारी था, तो पंचकूला से यहां आना-जाना लगा रहता था। यहां काफी पुराने कार्यकर्ताओं के साथ काम किया। बाबा साहब ने भारत में छोटी जोतों की समस्या को पहचाना था- पीएम मोदी ने कहा कि हमारी यह परंपरा आज भी चल रही है। हरियाणा लगातार तीसरी बार डबल इंजन की सरकार की रफ्तार देख रहा है। अब तो सैनी जी कह रहे हैं कि अब यहां ट्रिपल इंजन की सरकार है। हरियाणा के लोगों की सेवा के लिए, यहां के युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए हम ज्यादा गति से, ज्यादा बड़े स्केल पर काम करते रहते हैं। आज यहां शुरू हुई विकास परियोजनाएं भी इसी का उदाहरण हैं। मैं हरियाणा के लोगों को इन विकास परियोजनाओं के लिए बधाई देता हूं। साथियों, मुझे गर्व है कि हमारी सरकार बाबा साहब के विचारों को आगे बढ़ाते हुए चल रही है। बाबा साहेब ने उद्योगों के विकास को सामाजिक न्याय का मार्ग बताया था। बाबा साहेब ने भारत में छोटी जोतों की समस्या को पहचाना था। वे कहते थे कि दलितों के पास खेती के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। इसलिए दलितों को उद्योगों से फायदा होगा। भाजपा सरकार भारत में मैन्युफैक्चरिंग पर दे रही बल- पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार भारत में मैन्युफैक्चरिंग पर इतना बल दे रही है, इस साल के बजट में इसको लेकर हमने घोषणा भी की है। इसका मतलब है कि देश के पिछड़े लोगों और युवाओं को अधिक से अधिक फायदा मिले। एमएसएमई सेक्टर में भी इस पर काम होगा। हमारे उत्पाद दुनिया में सबसे बेहतरीन हों, इस पर हम काम कर रहे हैं। इसके लिए ऊर्जा बहुत जरूरी है, हमें बिजली पर भी आत्मनिर्भर होना ही होगा। इसके लिए यहां तीसरी इकाई का शुभारंभ हुआ है। इसका फायदा यहां के लोगों को होगा। भारत में जितना औद्योगिक विकास, जैसे प्लाईवुड बनता है, उसका आधा तो हरियाणा में ही बनता है। यहीं से पेट्रोकेमिकल प्लांट के उपकरण दुनिया के कई देशों में भेजे जाते हैं। ऊर्जा के क्षेत्र में बढ़ावा होने से उद्योगों को खूब फायदा होगा। घरों में सोलर पैनल लगाकर बिजली का बिल शून्य कर सकते- पीएम पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार बिजली को लेकर पूरी गंभीरता से काम कर रही है। 2014 से पहले जब कांग्रेस की सरकार थी, वे दिन भी देखे हैं, जब पूरे देश में ब्लैकआउट होते थे। कांग्रेस की सरकार यदि रहती तो देश को आज भी ऐसे ही ब्लैकआउट से गुजरना पड़ता। न कारखाने चल पाते, न रेल चल पाती, न खेतों में पानी पहुंचता। यानी कांग्रेस की सरकार रहती तो ऐसे ही संकट बना रहता। आज हालात बदल रहे हैं, बीते 10 सालों में भारत ने बिजली उत्पादन की क्षमता को करीब दो गुना किया है। आज भारत अपनी जरूरत को पूरा करने के साथ-साथ पड़ोसी देशों को बिजली निर्यात भी करता है। आज हरियाणा में 16 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन होता है। आने वाले समय में 24 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य लेकर काम कर रहे हैं। हम थर्मल के साथ ही देश के लोगों को पावर जनरेशन का विकल्प दे रहे हैं। हमने पीएम सूर्य घर बिजली योजना शुरू की है। आप अपने घरों में सोलर पैनल लगाकर बिजली का बिल शून्य कर सकते हैं, जो अतिरिक्त बिजली होगी उसे बेचकर कमाई भी कर सकते हैं। मुझे खुशी है कि हरियाणा के लाखों लोगों ने इसके लिए आवेदन किया है। जैसे-जैसे इस योजना का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे इको-फ्रेंडली विकास भी हो रहा है। हरियाणा के किसानों की मेहनत हर भारतीय की थाली में नजर आती- पीएम पीएम ने कहा कि मुद्रा योजना में पिछले दस साल में देश के सामान्य लोग, जो पहली बार उद्योग के क्षेत्र में आ रहे हैं, उनको बिना गारंटी 33 लाख करोड़ रुपए लोन के रूप में दिए जा चुके हैं। इस योजना के 50% से भी ज्यादा लाभार्थी एसएसी, एसटी, ओबीसी के हैं। ये छोटे उद्योग हमारे नौजवानों के बड़े सपनों को पूरा करें। हमारे हरियाणा के किसानों की मेहनत हर भारतीय की थाली में नजर आती है। हमारा प्रयास है कि हरियाणा के किसानों का समर्थन बढ़े। हरियाणा की सरकार राज्य की 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदती है। हरियाणा के लाखों किसानों को पीएम फसल बीमा योजना का लाभ भी मिला है। करीब 9,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के क्लेम भी किसानों को दिए गए हैं। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 6,500 करोड़ रुपए किसानों को दिए गए हैं। हरियाणा सरकार ने अंग्रेजों के जमाने का आबियाना कानून भी खत्म कर दिया है। अब किसानों को नहर के पानी पर टैक्स नहीं देना … Read more

उत्तर प्रदेश- बिहार और छत्तीसगढ़ समेत उत्तर भारत के कई राज्यों जमकर होगी बारिश: IMD

नई दिल्ली IMD ने उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार झारखंड और पश्चिम बंगाल से लेकर ओडिशा-छत्तीसगढ़ तक अगले 24 घंटे में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक उत्तर पूर्वी मध्य प्रदेश के अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों व दक्षिण में अंडमान निकोबार से लेकर तमिलनाडु व आंध्र प्रदेश में भी आंधी पानी की आशंका जताई है. IMD के मुताबिक इससे राजस्थान और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती से भारी नुकसान हो सकता है. मौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ अब पूर्व दिशा की ओर जा रहा है, जिसकी वजह से दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश पर एक चक्रवाती परिसंचरण बन गया है. इसके अलावा एक नया चक्रवाती परिसंचरण मेघालय पर भी बना है. तेज हवाएं चलने की संभावना इसकी वजह से अगले 24 घंटे में पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के अलावा छत्तीसगढ़ में कहीं मध्यम तो कहीं तेज बारिश हो सकती है. इन राज्यों में 50 किमी प्रतिघंटा की स्पीड से हवा चलने का भी अनुमान है. मौसम विभाग ने उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है. बता दें कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, केरल, तमिलनाडु आदि इलाकों में मौसम बीते 24 घंटे में काफी मेहरबान रहा है. इन राज्यों में कई जगह ओलावृष्टि भी हुई है.इसी प्रकार पूर्वी राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में गरज के साथ बारिश हुई है. बिहार, झारखंड और लक्षद्वीप में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है.

ऊदी सरकार ने जारी किए हज के नए नियम, बिना परमिट के मक्का में नहीं मिलेगी एंट्री

रियाद  सऊदी अरब ने इस साल होने वाले हज के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। हज की तैयारी के तहत सऊदी के गृह मंत्रालय ने हाजियों लिए नए नियम जारी किए हैं। ऐसे में हज से पहले उमराह करने वालों के लिए तारीखें तय कर दी गई हैं। मंत्रालय ने मक्का में एंट्री और बाहर निकलने की तारीखें घोषित कर दी हैं। उमराह के लिए 13 अप्रैल तक उमराह करने वाले सऊदी अरब में एंट्री ले सकते हैं, उनको 29 अप्रैल तक वापसी करनी होगी। वहीं मक्का में 23 अप्रैल, 2025 से एंट्री के लिए सख्त नियम लागू होंगे और बिना परमिट के जाने वालों को वापस भेज दिया जाएगा। सऊदी अरब की होम मिनिस्टरी ने जारी अपने बयान में कहा है कि हज 2025 के लिए कुछ नए नियम बनाए हैं, जिनका मकसद हज यात्रा को सुरक्षित बनाना है। मंत्रालय ने कहा है कि उमराह के लिए आए लोगों को 29 अप्रैल तक वापस जाना होगा, कोई वापस नहीं जाता है तो इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि हाजियों की आमद से पहले तैयारी के लिए पूरा वक्त मक्का की अथॉरिटी को मिल सके। मक्का आने वालों की बढ़ेगी निगरानी सऊदी सरकार ने कहा है कि 23 अप्रैल से मक्का में आने-जाने पर कड़ी निगरानी शुरू की जाएगी। मक्का में एंट्री करने के लिए काम करने का परमिट, मक्का का पहचान पत्र या हज का परमिट दिखाना जरूरी होगा। इनके अलावा किसी को एंट्री नहीं मिलेगी। सऊदी अरब में रहने वाले विदेशी नागरिक, जो मक्का में नहीं रहते हैं, उन्हें भी मक्का में आने के लिए परमिट लेना होगा। टूरिस्ट वीजा पर आए विदेशियों या देश के दूसरे हिस्से से आए लोगों को बिना रजिस्ट्रेशन हज में शामिल होने से रोकने के लिए ये नियम बनाए गए हैं। सऊदी मंत्रालय ने बताया है कि जिनके पास हज वीजा नहीं होगा, उन्हें 29 अप्रैल से मक्का में आने या रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जो विदेशी नागरिक काम के लिए मक्का या आसपास के इलाकों में जाना चाहते हैं, उन्हें परमिट के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। मंत्रालय ने कहा है कि असुविधा से बचने के लिए सभी दस्तावेजों तके साथ ही मक्का आएं। बिना परमिट के प्रवेश करने वालों को अल शुमैसी या दूसरे चेकपॉइंट से वापस भेज दिया जाएगा।

ब्रिटिश फूड व्लॉगर भारतीय रेलवे में फूड डिलेवरी की तेजी को लेकर काफी आश्चर्य में दिखा, बोला – ब्रिटेन के इस मामले में भारत से सीख लेना चाहिए

मुंबई सोशल मीडिया पर आए दिन कुछ न कुछ वीडियोज वायरल होता ही रहतो हैं। कभी यह वीडियोज लोगों की जिज्ञासा का कारण बनते हैं तो कभी लोगों के लिए एक मनोरंजन का साधन बन जाते हैं। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक ब्रिटिश फूड व्लॉगर भारतीय रेलवे में फूड डिलेवरी की तेजी को लेकर काफी आश्चर्य में दिखाई दे रहा है। इतना ही नहीं वह यह भी कहता नजर आता है कि ब्रिटेन के इस मामले में भारत से सीख लेना चाहिए। सोशल मीडिया साइट इंस्टाग्राम पर जॉर्ज बकले नाम का यह इन्फ्लुएंसर बताता है कि वह भारत की यात्रा पर है और यहां पर उसने एक बहुत ही अजीब चीज देखी है। वह बताता है हमें वाराणसी जाते समय भूख का अहसास हुआ तो हमने जोमैटो से कानपुर सेंट्रल पर खाना लाने का ऑर्डर कर दिया। जब हम कानपुर सेंट्रल पर पहुंचे तो हमारा खाना वहां आ गया। इसके लिए हमें केवल 345 रुपए देने पड़े यह बहुत ही बेहतर बात है। बकले ने जो वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया उसके कैप्शन में उन्होंने लिखा की ब्रिटेन को इससे सीख लेने की जरूरत है। आपको बता दें कि ट्रेन में यात्रा करते समय आप आईआरसीटीसी के मान्यता प्राप्त किसी भी एप के जरिए अपना खाना ऑर्डर कर सकते हैं जो आपके द्वारा बताए गए स्टेशन पर ट्रेन के रुकने के समय पर पहुंच जाएगा। इसके लिए आपको बस दस अंकों का पीएनआर नंबर देना होगा। बकले के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अपने-अपने हिसाब से प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा, “यह तो कुछ भी नहीं है एक बार तो मैंने अपनी ट्रेन यात्रा के दौरान पिज्जा ऑर्डर किया था और वह हमारे पास गरमागरम पहुंचा था।” एक और यूजर ने लिखा कि फूड डिलेवरी कोई रॉकेट साइंस नहीं है.. लेकिन तब भी हम कर लेते हैं। एक और यूजर ने लिखा कि यह देखकर अच्छा लगा कि आप भारत में अपना अच्छा समय बिता रहे हैं और यहां के कल्चर को सराह रहे हैं। हां, कभी-कभी कुछ गलत काम हो जाते हैं लेकिन वह दुनिया में कहीं भी हो सकते हैं…आपका कंटेंट बहुत अच्छा है।

भारतीय वायुसेना के विमान पर हवा में उड़ान के दौरान साइबर अटैक, जानें क्या है पूरा मामला

मुंबई ऑपरेशन ब्रह्मा म्यांमार को राहत पहुंचा रहा IAF यानी भारतीय वायुसेना का एक विमान साइबर अटैक का शिकार हो गया। खबर है कि यह हमला उस वक्त हुआ, जब विमान राहत सामग्री लेकर म्यांमार जा रहा था। हालांकि, वायुसेना के जांबाजों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और उन्होंने सूझबूझ से रास्ता निकाला और यात्रा को पूरा किया। अपने सैटेलाइट आधारित जीपीएस सिग्नल में स्पूफिंग के रूप में भारतीय वायुसेना के विमान को साइबर हमलों का सामना करना पड़ा है। अखबार ने सूत्रों क हवाले से बताया है कि म्यांमार के हवाई क्षेत्र में किसने जीपीएस स्पूफिंग की है, इसका पता लगाना मुश्किल साबित हो सकता है। खास बात है कि यहां चीन ने बड़ी रणनीतिक पैठ बना ली है। क्या है जीपीएस स्पूफिंग अखबार से बातचीत में एक सूत्र ने कहा, ‘जीपीएस स्पूफिंग आमतौर पर पायलट को गलत कॉर्डिनेट्स देकर उनकी लोकेशन के बारे में गुमराह करता है। यह ऑपरेशनल इलाकों में आम है। म्यामांर में IAF के पायलट्स ने अपना मिशन पूरा करने के लिए फिर INS यानी इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम का सहारा लिया।’ ऑपरेशन ब्रह्मा भारत ने 28 मार्च को म्यांमार और थाईलैंड में आए भूकंप से हुई तबाही के बाद त्वरित कदम के रूप में अपना राहत मिशन ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ शुरू किया। ऑपरेशन के हिस्से के रूप में भारतीय सेना आपदा में घायल हुए लोगों को तत्काल देखभाल प्रदान करने के लिए 60 बिस्तरों वाला चिकित्सा उपचार केंद्र स्थापित करेगी। यह सुविधा ट्रामा के मामलों, आपातकालीन सर्जरी और आवश्यक चिकित्सा सेवाओं को संभालने में सक्षम होगी, जिससे स्थानीय स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को सहायता मिलेगी, जो आपदा के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई है। भारत 15 टन राहत सामग्री म्यांमार पहुंचा चुका है।

मेहुल चोकसी बेल्जियम में गिरफ्तार हो गया, पीएनबी में लोन घोटाले का आरोप, चोकसी ने स्वास्थ्य कारणों पर जमानत मांगी

नई दिल्ली पंजाब नेशनल बैंक के चर्चित घोटाले के प्रमुख आरोपी मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) को आखिरकार बेल्जियम में गिरफ़्तार कर लिया गया है। यह गिरफ़्तारी भारतीय एजेंसियों के अनुरोध पर हुई है, जो लंबे समय से चौकसी की तलाश में थी। अभी फ़िलहाल बेल्जियम में हिरासत में है और CBI और ED की टीम वहाँ की एजेंसियों से लगातार संपर्क में हैं। आपको बता दें, हाल ही में ख़बर आयी थी कि भगोड़ा हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी जो पंजाब नेशनल बैंक से लोन फ्रोड में भारत से भाग चुका है, वह बेल्जियम में है। बेल्जियम के विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वे मेहुल चोकसी की मौजूदगी से अवगत हैं और इस मामले पर नज़र रख रहे हैं। चोकसी को शनिवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के आग्रह पर गिरफ्तार किया गया और फिलहाल वह जेल में है। भारतीय जांच एजेंसियों ने बेल्जियम के अधिकारियों को एक औपचारिक पत्र भेजा था, जिसमें चोकसी की गिरफ्तारी की मांग की गई थी, क्योंकि उसे उस देश में देखा गया था। इसके बाद बेल्जियम पुलिस ने 23 मई 2018 और 15 जून 2021 को मुंबई कोर्ट से जारी वारंट के आधार पर चोकसी को गिरफ्तार किया। मेहुल चोकसी पर करीब 14,000 करोड़ रुपए के लोन घोटाले में शामिल होने का आरोप है। 65 वर्षीय मेहुल चोकसी एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता ले चुका है। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार भारत अब बेल्जियम से चोकसी के प्रत्यर्पण की मांग करेगा। चोकसी के साथ नीरव मोदी भी भारत में बैंक घोटाले में सह-आरोपी है। वह इस समय लंदन से प्रत्यर्पण का इंतजार कर रहा है। दोनों जनवरी 2018 में भारत से विदेश भाग गए थे। इसके कुछ दिन बाद पंजाब नेशनल बैंक में बड़े घोटाले का पता चला था। चोकसी ने मांगी जमानत बेल्जियम में गिरफ्तारी के बाद मेहुल चोकसी ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत मांगी है। चोकसी के वकील का कहना है कि उसका मुवक्किल बीमार है। इसलिए उन्हें जमानत देते हुए रिहा कर देना चाहिए। वकील ने बताया कि चोकसी इलाज के लिए एंटीगुआ और बारबुडा से बेल्जियम आए थे और अपनी पत्नी प्रीति चोकसी के साथ एंटवर्प में रह रहे थे। यहां उनको गिरफ्तार कर लिया गया। जानकारी के मुताबिक, भारत की एजेंसी सीबीआई और ईडी बेल्जियम की अदालत में चोकसी की जमानत रोकने और उसके प्रत्यर्पण की तैयारी में जुट गई हैं। एजेंसियों की कोशिश है कि चोकसी को भारत वापस लाकर उस पर मुकदमा चलाया जाए। हालांकि चोकसी की नागरिकता, मेडिकल स्थिति और कानूनी प्रक्रिया के चलते ये आसान नहीं होगा। कैसे गिरफ्तार हुआ मेहुल चौकसी? भारतीय अधिकारियों ने बेल्जियम से यह अनुरोध किया था कि वह मेहुल चोकसी को वहाँ ढूंढे और उसके बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करें। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने उसकी गिरफ़्तारी की कार्रवाई शुरू की। जिसके बाद बेल्जियम में मेहुल चोकसी को गिरफ़्तार किया गया है, बताया जा रहा है कि मेहुल चोकसी कैंसर का इलाज कराने के लिए स्विट्ज़रलैण्ड जाने की योजना बना रहा था। फ़िलहाल नीरव मोदी कहाँ है? मेहुल चोकसी का धोखा धड़ी में साथ देने वाला उनका भांजा नीरव मोदी, फ़िलहाल लंदन की जेल में बंद हैं। उसे भारत भेजे जाने की प्रक्रिया लगातार जारी है। नीरव मोदी भी इस मामले में बराबर का दोषी है। इसलिए इसे भी PNB घोटाले का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। मेहुल चोकसी ने कब किया था यह घोटाला? मेहुल चोकसी के द्वारा PNB घोटाला 2018 में हुआ था। इस धोखाधड़ी में मेहुल चोकसी और उसके भांजे ने क़रीब 14,000 करोड़ रुपये का लोन लिया और उसे अभी तक चुकाया नहीं। आपको बता दें, इस धोखाधड़ी की जानकारी फ़रवरी 2018 में सामने आयी थी, जिसके बाद दोनों आरोपी देश से भाग गए थे। मेहुल चोकसी कौन है? मेहुल चोकसी एक भगोड़ा भारतीय व्यवसायी और गीतांजलि समूह का मालिक है। गीतांजलि ग्रुप भारत में करीब 4,000 स्टोर वाली आभूषण फर्म है। चोकसी ने 2018 में भारत से भागने के बाद एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता ली है। चोकसी अपने भतीजे नीरव मोदी के साथ पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 14,000 करोड़ रुपए का घोटाला करने का आरोपी है। इस मामले में भारतीय जांच एजेंसियों क चोकसी की तलाश है। हीरा कारोबारी रहा है चोकसी 65 वर्षीय मेहुल चोकसी इंटरनेशनल हीरा कारोबारी रहा है। उसका कारोबार भारत के साथ अमेरिका, मिडिल ईस्ट और साउथ ईस्ट एशिया तक फैला हुआ था। चोकसी गीतांजलि ग्रुप का मालिक है। गीतांजलि ग्रुप भारत में करीब 4,000 स्टोर वाली आभूषण फर्म है। इसकी कंपनी गीतांजलि जेम्स लिमिटेड हीरे और आभूषणों के व्यापार में अग्रणी मानी जाती थी। इसके दुनिया के दूसरे देशों में भी शोरूम थे। चौकसी का कारोबार गहनों के डिजाइन, निर्माण और बिक्री से जुड़ा हुआ था। एक समय में चोकसी का नाम भारत के प्रमुख ज्वेलर्स में शामिल था। बॉलीवुड सितारे करते थे विज्ञापन चोकसी ने साल 1975 में जेम्स और डायमंड कारोबार में कदम रखा। उसने अपने पिता से गीतांजलि जेम्स के कारोबार की जिम्मेदारी हासिल की। मेहुल ने अपने Gitanjali Gems के कई ब्रांड डेवलप किए। इनमें गिली, नक्षत्र, अस्मि, माया, दिया, संगिनी, डी डमास आदि शामिल हैं। इन ब्रांड्स के विज्ञापनों में कई बड़े बॉलीवुड सितारे नजर आते थे। कितनी है नेटवर्थ? मेहुल चोकसी की नेटवर्थ इस समय कितनी है, इसके बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं है। भारत से भागने से पहले उसकी कंपनी गीतांजलि का कारोबार करोड़ों रुपये में था। कहा जाता है कि पैसा कमाने के लिए चोकसी ने अपने कारोबार को भी दांव पर लगा दिया था। यहां तक कि उसने हीरे की गुणवत्ता से भी समझौता किया था। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में चोकसी की नेटवर्थ करीब 20 हजार करोड़ रुपये बताई गई है। एक इंटरव्यू में मेहुल चोकसी ने खुद बताया था कि भारत छोड़ते वक्त उसके पास 20,000 करोड़ की संपत्ति थी। हालांकि पीएनबी घोटाले के बाद ईडी और सीबीआई ने उसकी संपत्ति जब्त कर ली थी। चोकसी ने बताया था कि संपत्ति जब्त होने के बाद अब उसके पास कुछ नहीं बचा है। पिछले साल दिसंबर में ईडी ने बैंकों को चोकसी की 125 करोड़ रुपये की संपत्ति लौटा दी थी। इसमें मुंबई में चोकसी के फ्लैट, कारखाने, … Read more

हम अमेरिका से आग्रह करते हैं कि वह अपनी गलतियों को सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाए, ट्रंप के सामने झुका चीन!

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ वॉर को लेकर दो महाशक्तियां अमेरिका और चीन आमने सामने हैं. चीन ने पहले तो इसको लेकर कड़े तेवर दिखाए लेकिन धीरे-धीरे उसके तेवरों में नरमी देखने को मिल रही है. ताजा घटनाक्रम में चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने रअमेरिका से अपील की कि वह पारस्परिक टैरिफ को पूरी तरह से रद्द कर दे. प्रवक्ता के हवाले से कहा, “हम अमेरिका से आग्रह करते हैं कि वह अपनी गलतियों को सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाए, पारस्परिक टैरिफ की गलत प्रथा को पूरी तरह से रद्द करे और आपसी सम्मान के सही रास्ते पर लौट आए.” इससे पहले बीते दिन शनिवार (12 अप्रैल, 2025) को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्मार्टफोन, लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ड्स के लिए छूट की घोषणा की थी. ‘टाइगर के गले में बधी घंटी कौन खोलेगा?’ चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, “बाघ के गले में बंधी घंटी को केवल वही शख्स खोल सकता है जिसने उसे बांधा है.” मंत्रालय ने ट्रंप प्रशासन से टैरिफ को लेकर अपने नजरिए को सही करने का आह्वान किया. चीन ने कहा कि वे अभी भी कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स को शुल्क से बाहर रखने के कदम का मूल्यांकन कर रहे हैं, क्योंकि देश को 90 दिन के टैरिफ स्थगन से बाहर रखे जाने के बाद भी ज्यादातर चीनी वस्तुओं पर अभी भी 145 प्रतिशत शुल्क लग रहा है. डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ वॉर में यूएस-चीन आमने सामने इससे पहले शुक्रवार (11 अप्रैल, 2025) को चीन ने अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ 84 प्रतिशत से बढ़ाकर 125 प्रतिशत कर दिया था, जबकि अमेरिका ने चीनी उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाकर कुल 145 प्रतिशत कर दिया था. साथ ही चीन ने अन्य देशों से भी ट्रंप की एकतरफावाद और आर्थिक धौंस के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया और अन्य साझेदारों के साथ व्यापार के अवसरों को आगे बढ़ाने की कोशिश की है.

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून के विकास नगर में बुलडोजर ऐक्शन पर रोक

देहरादून उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून के विकास नगर क्षेत्र में झुग्गी-झोपड़ियों के खिलाफ बुलडोजर ऐक्शन पर रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि ध्वस्तीकरण नोटिस प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और जस्टिस आशीष नैथानी की खंडपीठ ने शनिवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि निवासियों को सुनवाई का मौका दिए बिना ही ध्वस्तीकरण नोटिस जारी कर दिए गए। ऐसे में यह अदालत अगले आदेश तक ध्वस्तीकरण पर रोक लगाती है। जनहित याचिका में कहा गया है कि पीड़ित देहरादून जिले के विकास नगर के विभिन्न गांवों के निवासी हैं। ये लोग देश के वैध नागरिक हैं। इन लोगों को 5 अप्रैल को ध्वस्तीकरण का नोटिस मिला था। इस नोटिस में कहा गया था कि उनकी संपत्तियां ध्वस्त की जानी हैं क्योंकि ये नालियों, मौसमी नदियों और नालों पर बनी हैं। याचिका में दावा किया गया था कि प्रशासन ने संपत्ति का विवरण जाने बिना ही नोटिस जारी कर दिया। याचिका में यह भी कहा गया है कि नोटिस पाने वाले अधिकांश लोग अशिक्षित और समाज के निचले तबके से आते हैं। इन्हें प्रशासन के ऐक्शन के बारे में उचित जानकारी नहीं है। याचिका में यह भी दावा किया गया कि जिन लोगों को नोटिस दिया गया है, उनके पास अपना स्वामित्व साबित करने के लिए वैध संपत्ति के दस्तावेज हैं। इन संपत्तियों में से अधिकांश का जल निकायों और नदियों से कोई लेना-देना नहीं है। याचिका में आगे यह भी दलील दी गई है कि क्षेत्र की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि जिन लोगों को ध्वस्तीकरण नोटिस जारी किए गए हैं, ये लोग मौसमी नदी, नालों और जल निकायों से दूर रहते हैं। याचिका में यह भी बताया गया है कि पीड़ित 15 अप्रैल तक हाईकोर्ट में सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, अपने स्वामित्व को साबित करने वाले संपत्ति के दस्तावेज दाखिल करेंगे।

अफ्रीका में भारत ने इतिहास का सबसे बड़ा नौसैनिक अभ्यास शुरू किया, चीन के खिलाफ अभी तक का सबसे बड़ा मिशन

दोदोमा अफ्रीकी देशों में अपने प्रभुत्व का विस्तार करने के लिए भारत ने इतिहास का सबसे बड़ा नौसैनिक युद्धाभ्यास शुरू किया है। मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भारत का अफ्रीकी देशों के साथ अपना अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त नौसैनिक अभ्यास है, जिसका मकसद अफ्रीकी महाद्वीप में अपने प्रभाव और हिंद महासागर में उपस्थिति को मजबूत करना है। ये वो क्षेत्र है, जहां चीन लगातार अपने कारोबार को बढ़ा रहा है और व्यापार की रक्षा के लिए सैन्य प्रभाव का इस्तेमाल कर रहा है। भारत के उप रक्षा मंत्री संजय सेठ सहित भारतीय सरकार और सैन्य अधिकारियों ने छह दिनों तक चलने वाले इस सैन्य अभ्यास का उद्घाटन किया, जिसकी सह-मेजबानी तंजानिया कर रहा है। इस सैन्य अभ्यास में केन्या, मेडागास्कर, मॉरीशस और दक्षिण अफ्रीका सहित आठ अन्य देश हिस्सा ले रहे हैं। एक्सर्ट्स का मानना है कि हिंद महासागर की सुरक्षा के लिहाज से भारत के लिए अफ्रीकी देश काफी ज्यादा महत्वपूर्ण बन जाते हैं। चीन का पहला विदेशी सैन्य अड्डा जिबूती में पहले से ही ऑपरेशनल है। इसके अलावा बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के जरिए चीन लगातार अफ्रीकी देशों में अपने नियंत्रण को मजबूत कर रहा है। इस सैन्य अभ्यास के जरिए भारत ये संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि अफ्रीकी प्लेग्राउंड में चीन को सिर्फ एकमात्र खिलाड़ी नहीं रहने दिया जाएगा। अफ्रीकी देशों के साथ भारत का विशालकाय अभ्यास एफटी की रिपोर्ट में एक्सपर्ट्स ने कहा है कि यह युद्धाभ्यास समुद्री अभियानों में ज्यादा प्रमुख भूमिका निभाने की नई दिल्ली की व्यापक महत्वाकांक्षाओं को दिखाता है। जिसमें समुद्री डकैती विरोधी प्रयास भी शामिल हैं और अफ्रीकी महाद्वीप के देशों के साथ संबंधों को गहरा करना है। ये वो क्षेत्र है जहां चीन के साथ-साथ रूस, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात भी अपने-अपने प्रभाव को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। एफटी की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने अभ्यास बनाने की योजना बनाई है, जिसमें एक “बंदरगाह स्टेज” और एक “समुद्री स्टेज” दोनों शामिल होंगे। ये नौसैनिक युद्धाभ्यास एक द्विवार्षिक आयोजन है। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जिन्होंने फरवरी में अपने कई अफ्रीकी समकक्षों से मुलाकात की थी, उन्होंने पिछले हफ्ते एक प्रमुख भारतीय गश्ती पोत आईएनएस सुनयना को हरी झंडी दिखाई थी। जिसे भाग लेने वाले देशों के संयुक्त चालक दल के साथ विध्वंसक आईएनएस चेन्नई और अन्य जहाजों के साथ दक्षिण-पश्चिमी हिंद महासागर में तैनात किया गया था। एफटी की रिपोर्ट में गोवा में भारतीय नौसेना युद्ध महाविद्यालय में सहायक प्रोफेसर और नौसेना खुफिया विभाग के पूर्व भारतीय प्रमुख सुदर्शन श्रीखंडे ने कहा कि “गुणात्मक रूप से, यह अभ्यास काफी नई चीज है।” उन्होंने आगे कहा कि यह अभ्यास “अफ्रीका के साथ बढ़ते कूटनीतिक और आर्थिक जुड़ाव का हिस्सा है, जहां बड़ा खिलाड़ी चीन है।” माना जा रहा है कि अफ्रीका में भारत का यह अभ्यास उसकी मल्टी-एलायंस नीति का हिस्सा भी हो सकता है। Quad देश, जिसमें भारत के अलावा अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया सदस्य हैं, उसका मकसद जहां इंडो-पैसिफिक की रक्षा करना है, उसके साथ भारत अफ्रीकी देशों में भी चीन के प्रभाव को कम करने के लिए भविष्य में काम कर सकता है।

तालिबान के एक नेता ने कहा कि मृत्युदंड इस्लाम का हिस्सा है, हत्या के एक मामले में दोषी पाए गए 4 लोगों को गोली मारकर मौत

अफगानिस्तान अफगानिस्तान में हत्या के एक मामले में दोषी ठहराए गए 4 लोगों को गोली मारकर मौत की सजा दी गई। इसके कुछ दिनों बाद तालिबान के एक नेता ने कहा कि मृत्युदंड इस्लाम का हिस्सा है। चारों दोषियों को शुक्रवार को एक खेल स्टेडियम में गोली मारी गई और यह 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से एक दिन में सबसे ज्यादा लोगों को दी गई मौत की सजा है। अधिकार समूहों और संयुक्त राष्ट्र ने इस घटना की निंदा की है। तालिबान नेता हिबतुल्ला अखुंदजादा ने पूर्व में अफगानिस्तान में पश्चिमी कानूनों की जरूरत को खारिज कर दिया था। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने रविवार को एक्स पर एक ऑडियो क्लिप जारी किया। इसमें अखुंदजादा ने कहा, ‘हमें अनुशासनात्मक उपाय, प्रार्थनाएं और इबादत के काम करने चाहिए। हमें पूरी तरह से इस्लाम अपनाना चाहिए। इस्लाम सिर्फ कुछ रस्मों तक सीमित नहीं है। यह सभी अल्लाह के आदेशों की एक व्यापक व्यवस्था है।’ ‘इस्लाम का एक भी आदेश अधूरा नहीं छोड़ेंगे’ दक्षिणी कंधार प्रांत में हज प्रशिक्षकों की संगोष्ठी में 45 मिनट के भाषण के दौरान अखुंदजादा ने कहा कि इस्लाम का एक भी आदेश अधूरा नहीं छोड़ा जाना चाहिए। अखुंदजादा ने कहा कि अल्लाह ने लोगों को इबादत करने और उसकी सजाओं को लागू करने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि तालिबान ने सत्ता या धन के लिए युद्ध नहीं किया बल्कि इस्लामी कानून को लागू करने के लिए युद्ध किया। उन्होंने दोषियों को गोली मारे जाने के लिए हो रही आलोचना को खारिज कर दिया। अफगानिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने चारों लोगों को हत्या का दोषी करार दिया था।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet