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राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने रतन टाटा के निधन पर गहन शोक व्यक्त किया

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने रतन टाटा के निधन पर गहन शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि रतन टाटा के निधन से देश ने एक दूरदर्शी उद्योगपति और एक सच्चे देशभक्त को खो दिया है। राज्यपाल पटेल ने शोक संदेश में कहा है कि टाटा एक महान उद्योगपति और समाजसेवी थे। उनका निधन भारतीय उद्योग जगत और समाज के लिए बड़ी क्षति है। टाटा ने भारतीय उद्योग को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है। उनकी विरासत हमेशा हमारे दिलों में रहेगी। राज्यपाल पटेल ने परमपिता परमेश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और दुख की इस घड़ी में उनके परिजन, मित्रों और प्रशंसकों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है।  

बिग बॉस 18: अनिरुद्धाचार्य महाराज ने शो में उपस्थिति के लिए माफी मांगी और स्पष्टीकरण दिया

‘बिग 18’ के प्रीमियर पर अमेरिका के अनिरुद्ध महाराज को देखकर लोग काफी हैरान हो गए। इसके लिए सोशल मीडिया पर उन्हें खूब आलोचनाएं भी झेलनी पड़ीं। अनिरुद्ध महाराजचार्य के फैन फॉलोइंग हैं, लेकिन उन्हें इस शो में देखकर लोगों का दिमाग खराब हो गया है। जबकि उन्होंने खुद सबसे पहले इस शो को गुड-बुरा कहा था। आख़िरकार, इस शो में आने के लिए उन्हें अपने संस्कारों से माफ़ी मांग ली है। याद दिला दें कि इससे पहले अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा था कि उन्हें ‘बिग बॉस 18’ का ऑफर आया था, लेकिन करोड़ों का ये ऑफर उन्होंने ठुकरा दिया। उन्होंने सबसे पहले ‘बिग बॉस’ की आलोचना करते हुए कहा था कि वो कभी भी ऐसे शो का हिस्सा नहीं बनेंगे, इसके लिए उन्हें पैसे का ऑफर ही क्यों न दिया जाए। लेकिन प्रीमियर पर उन्हें देखकर जब लोग नाराज और निराश होने लगे तो अब वे अपने आदर्श से छुट्टी ले लेंगे। कहा- ये बेटा, तेरा भाई, तेरा दास.. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में अनिरुद्ध कहते दिख रहे हैं, ‘अगर मेरे उस बिग बॉस में जाने से अगर किसी सनातनी का दिल दुखा है तो ये बेटा, आपका भाई, आपका दास। सभी सनातनियों से क्षमाप्रार्थी है। आप अवश्य क्षमा करें, क्योंकि मेरा उद्देश्य तो सनातन का प्रचार करना है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं बिग बॉस में नहीं गया, उसका हिसा नहीं रहा’ , मैं बिग बॉस में नहीं गया… बिग बॉस के जो अंदर जाने वाले मेहमान हैं 18, मैं उसका नहीं रहा। मैं केवल अतिथि के रूप में आशीर्वाद देता हूं। उस अतिथि के रूप में पर्यटक ने वहां मुझे भगवत गीता के बारे में बताया।’ अनिरुद्धाचार्य बोले- मैं वहां अच्छी बातें करता था। अनिरुद्ध इस वीडियो के अंत में कह रहे हैं, ‘मैं वहां अच्छी बातें करता हूं। अगर मेरे वहां गीता देने से, अगर भगवत गीता का प्रचार करने से…जितने लोग वहां आए सबने राधे-राधे कहा से, अगर मेरे द्वारा गीता देने से, अगर किसी की आस्था प्रभावित हुई है, मेरे कोई सनातनी नहीं हुए मेरे बिग बॉस जाने से…चुंकी मैं बार-बार फिर कह दूं कि मैं बिग बॉस नहीं गया, गेस्ट बना। फिर भी किसी की भावना नापसंद है तो बार-बार, करोड़ों बार ये दास क्षमाप्रार्थी है। आप निश्चिंत रहिए, जब तक ये शांति रहेगी न…तब तक निरंतरता की ही बात होगी।’ अनिरुद्धाचार्य ने कहा था- हमारे संस्कारों से मैच नहीं कर रहा था याद दिला दें कि शो में जाने से पहले जब अनिरुद्धाचार्य महाराज के नाम की चर्चा चल रही थी तो उन्होंने शो में जाने से पहले साफ शब्दों में कहा था। उन्होंने कहा था, ‘हम इंसान से देवता बने कि इंसान से और कुत्ता-बिली बने, जानवर बने। देवता की श्रेणी हो वहां तो हम., हम ऊपर की तरफ क्यों., हम टूटे की तरफ क्यों? लोग तो अभी जान रहे हैं, कौन नहीं जान रहे हैं, उसके बाद थोड़ा जानेंगे।’ उन्होंने आगे ये भी कहा, ‘वो बस ही मुझे पॉप अप-यूनिफाइड चाहते हैं, वो हमें क्या लोकप्रिय कहेंगे, हम जाएंगे तो वो पॉप अप-यूनिक हो जाएंगे, इसलिए तो वो हमें कॉल कर रहे हैं।’ इसलिए हम वहां नहीं जा रहे, वो हमारे संस्कारों से मैच नहीं कर रहे।’

दमोह में भीषण सड़क हादसे में दो की मृत्यु, यादव की राहत राशि की घोषणा

दमोह मध्यप्रदेश के दमोह जिले में एक भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की मृत्यु पर शोक जताते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। डॉ यादव ने कल देर रात एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘दमोह जिले अंतर्गत चैनपुरा में ऑटो और ट्रक की भीषण टक्कर में दो अनमोल जिंदगियों के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायी है। मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी।’ उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को हादसे में घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। साथ ही घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद भी करने के निर्देश दिए हैं। सभी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना है। दमोह जिले के चैनपुरा में कल एक ट्रक और ऑटो के बीच भीषण टक्कर हो गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 लोग घायल हैं। घायलों में से कुछ की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है, जिन्हें जबलपुर रेफर किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुरजनपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का किया उद्घाटन, स्व. अमर सिंह डण्डोतिया की समाधि पर पुष्प अर्पित किये

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के चहुँमुखी विकास के लिये हरसंभव कार्य किये जा रहे हैं। चंबल की पवित्र भूमि में विकास की गंगा बहेगी। चंबल का कोई भी क्षेत्र विकास के किसी भी पहलू में पीछे नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुरैना के सुरजनपुर में विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यहाँ 35 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सीएम राइज़ स्कूल का भूमि-पूजन और लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि दिमनी में 2 करोड़ रुपये की लागत से सामुदायिक भवन बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुरजनपुर में स्व. अमर सिंह डण्डोतिया की समाधि पर पुष्प अर्पित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष और क्षेत्रीय सांसद ने इस क्षेत्र के लिये जो मांगे रखी है, उन सभी मांगो को पूर्ण करने की घोषणा की जाती है। दिमनी में 2 करोड़ की लागत से सामुदायिक भवन, क्वारी नदी को रोककर कमतरी बिरहरूआ-गोपी कंचनपुर के मध्य बांध निर्माण कार्य, बड़ेगांव से महेबा का पुरा होकर अजनौधा बाया सिरमिती डोंगरपुर मार्ग, दोहाटी, बरगमां, कटेलापुरा पी.डब्ल्यू.डी. मार्ग पर क्वारी नदी पर पुल निर्माण कार्य, ग्राम चैटा बरैथा में 33/11 के.वी. सब स्टेशन निर्माण कार्य, ग्राम नयापुरा खिरेंटा में 33/11 के.वी. सब स्टेशन निर्माण कार्य, ग्राम लहर में 33/11 के.वी. सब स्टेशन निर्माण कार्य की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति-2020 तय की गई थी, जिसमें भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण और महापुरूषों की जीवनी शामिल की गई है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति को प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया गया है। मुरैना का यह क्षेत्र मथुरा के नजदीक है। इस क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण की कृपा बनी रहे। मुरैना से मथुरा ज्यादा दूर नही है, जल्दी ही यहाँ नया सिक्स लेन रोड बनना शुरू हो जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुरजनपुर के साथ दिमनी की भूमि को पवित्र भूमि बनाना है। यह कर्मशील लोगों की भूमि है। दिमनी विधानसभा के वर्तमान विधायक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष और हमारी पार्टी के दो बार प्रदेश अध्यक्ष रहे नरेंद्र सिंह तोमर की कर्मभूमि है। साथ ही हमारे वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद वी.डी. शर्मा की जन्मभूमि है। यहां आकर हमको ऐसा लगा कि इस भूमि में अलग ही बात है। यहां की मिट्टी की खुशबू में भी एक अलग ही प्रकार की ऊर्जा महसूस हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं स्वर्गीय अमर सिंह डंडोतिया जी को भी नमन करता हूं। उन्होंने अपने सपूत को पूर्णकालिक रूप से देश की सेवा के रूप में सौंप दिया है। दिमनी की भूमि एक की कर्म-भूमि है और एक की जन्म-भूमि है। इस भूमि पर आकर जब मैं बीडी शर्मा के घर गया तो उनकी माताजी से मिल कर मुझे अपनी मां की याद आ गई। मैं यहाँ आकर अपने आप को गौरांवित महसूस कर रहा हूं। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि ग्राम सुरजनपुर में सीएम राइज स्कूल और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खुलने से इस क्षेत्र की जनता को सीधा लाभ मिलेगा और बच्चों को उच्च स्तर की शिक्षा ग्रहण करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यो में प्रदेश सरकार ने कोई कमी नहीं छोड़ी है। विकास कार्य किसी से छिपे नहीं है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, प्रभारी मंत्री करण सिंह वर्मा, खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर हितानंद, विधायक, जन-प्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

बनर्जी साहब ने हमेशा ही माइनिंग सुपरवाइजरों ऐसोसिएशन के हित में किया कार्य किया: वेकोलि क्षेत्रीय इनमोसा संगठन पाथाखेड़ा

Banerjee Saheb always worked in the interest of the Mining Supervisors Association: Vekoli Regional Inmosa Organization Pathakheda हरिप्रसाद गोहेआमला/पाथाखेड़ा । वेस्टर्न कोल फील्ड के इनमोसा भवन में 8 अक्टूबर बुधवार इनमोसा ऐसोसिएशन की 68 वी वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई । इस दौरान संगठन के रचयिता स्वर्गीय जे. के .बनर्जी साहब द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान इनमोसा ऐसोसिएशन विकास एवं सुपरवाइजर स्टॉफ के हित में किए गए कार्यों का सार्वजनिक मंच से उल्लेख कर सभी ने उन्हें याद किया। इस दौरान सभी ने कहा बनर्जी साहब ने सदैव कोल माइनिंग सुपरवाइजरों के हित में अंतिम सांस तक काम किया उनके उल्लेखनीय कार्यों को भुलाया नहीं जा सकता । ये रहे उनके प्रयास चार्ज एलाउंस, केडर स्कीम 1991से1993 मे संसोधन- अन्यइनमोसा के रचयिता स्व .जे .के. बनर्जी साहब युवा माइनिंग सुपरवाइजर के पद पर कोल नगरी में पदस्थ हुए सन् 1952 में माइन एक्ट आया जे.के . बनर्जी साहब ने 07 अक्टूबर तक माइनिंग सुपरवाइजरों से हित के मुद्दों पर पांचों श्रमिक संगठनों से चर्चा की लेकिन उनकी कार्यप्रणाली से माइनिंग सुपरवाइजरों के हित के लिए कोई संतुष्ट जनक जबाब नहीं मिला आप लोग 5% माइनिंग सुपरवाइजर है 95% अन्य कामगार है जे .के .बनर्जी साहब ने तुरंत उनके नेतृत्व में जो कमेटी बनाई थी बनर्जी साहब कमेटी के प्रमुख थे उन्होंने दिनांक 08/ अक्टूबर को ( कलकत्ता) रजिस्टार आफिस जाकर रजिस्ट्रेशन कराया जिसका नंबर 3887 है ऐसोसिएशन का नाम (इनमोसा)- इंडिया नेशनल माइन आफिसियल & सुपरवाइजरी स्टाफ ऐसोसिएशन – है उसके बाद निरन्तर ही अंतिम सांस तक माइनिंग सुपरवाइजरों के लिए उनके हित में कार्य किया आजीवन केवल (इनमोसा) के सदस्य रहे उनकी याद में 68 वा स्थापना दिवस (वेकोलि के इनमोसा भवन) में मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य -अतिथि ( एल .के . महापात्रा (क्षेत्रीय जनरल मैनेजर पाथाखेड़ा )- जे .के. गुप्ता क्षेत्रीय जी .एम.-आपरेशन- संचालन पाथाखेड़ा – क्षेत्र) शैलेन्द्र शेंडे -(कार्मिक – प्रबंधक – पाथाखेड़ा – क्षेत्र) किशोर वरर्दे (नगर अध्यक्ष – सारणी) माननीया- कविता पटैया वार्ड – पार्षद ,शेर सिंह परमार (संरक्षक – वेकोलि इनमोसा) लक्ष्मी कांत राठौर (डिविजनल अध्यक्ष वेकोलि इनमोसा) गोकुल प्रसाद गोहे ( -उप-महासचिव वेकोलि इनमोसा) श्री शाहिद अख्तर ( कोषाध्यक्ष- वेकोलि ) -ललित राठौर – क्षेत्रीय अध्यक्ष इनमोसा रमेश अमरूते (महामंत्री इनमोसा) अनिल चौरसिया (कोषाध्यक्ष) विषेश योगदान – सभी खानों के अध्यक्ष/सचिव/ उमेश चौकीकर, शाबीर अलि,चंचल, नियाज़, पटैया, रज्जू गोहे,उदय प्रताप पाथाखेड़ा – क्षेत्र के इनमोसा सदस्यों कि महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है साथ ही पेंच क्षेत्र, कन्हान क्षेत्र के पदाधिकारियों ने अहम् योगदान दिया ।

BPSC 70th CCE प्रारंभिक परीक्षा स्थगित, अब इस दिन होगा एग्जाम

पटना बीपीएससी 70वीं CCE परीक्षा अब 17 नवंबर 2024 को नहीं होगा. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने बीपीएससी 70वीं इंटीग्रेटेड संयुक्त प्रतियोगिता प्रारंभिक परीक्षा (BPSC 70th CCE Prelims) आगे टालने का फैसला लिया है. यह परीक्षा अब दिसंबर में आयोजित की जाएगी. बीपीएससी 70वीं सीसीई प्रीलिम्स एग्जाम पहले 17 नवंबर 2024 को आयोजित किया जाना था, जिसे अब दिसंबर तक के लिए टाल दिया गया है. यह परीक्षा अब 13 और 14 दिसंबर 2024 को आयोजित की जाएगी. हालांकि इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अभी जारी है, जो 18 अक्टूबर तक चलेगी. इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं. क्यों स्थगित हुई बीपीएससी की परीक्षा? आयोग ने एक पत्र के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों को सूचित किया कि परीक्षा ‘अपरिहार्य कारणों’ से स्थगित कर दी गई है. पत्र में, उन्होंने 7 से 8 लाख बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के परीक्षा में बैठने की संभवना है. उम्मीदवारों की अतनी बड़ी संख्या को समायोजित करने के लिए जिला स्तर पर पर्याप्त संख्या में परीक्षा केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया. वैकेंसी डिटेल्स इस परीक्षा के माध्यम से कुल 1957 रिक्तियों को भरा जाएगा, इनमें 70वीं सीसीई के लिए 1954 रिक्तियां और बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) पदों के लिए 4 रिक्तियां शामिल हैं. इससे पहले कुल 1929 रिक्तियां निकाली गई थीं, जिन्हें बाद में बढ़ा दिया गया है. कैसे करें अप्लाई? स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट onlinebpsc.bihar.gov.in पर जाएं. स्टेप 2: यदि यह पहली बार आवेदन कर रहे हैं, तो उम्मीदवारों को एक बार पंजीकरण करना होगा. अगर पहले से रजिस्टर्ड हैं, तो वे क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके सीधे लॉग इन कर सकते हैं. स्टेप 3: एप्लीकेशन फॉर्म भरें, फीस जमा करें और जरूरी दिशानिर्देशों के अनुसार सभी वेलिड डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें. स्टेप 4: एक बार डॉक्यूमेंट्स अपलोड हो जाने के बाद, सबमिट बटन पर क्लिक करें. स्टेप 5: आपका फॉर्म जमा हो जाएगा. आगे के लिए कंफर्मेशन पेज डाउनलोड करें और उसका प्रिंटआउट ले लें. एग्जाम पैटर्न 2024 में बीपीएससी 70वीं सीसीई परीक्षा के दो चरण होंगे- एक प्रारंभिक परीक्षा और उसके बाद मुख्य परीक्षा. प्रारंभिक परीक्षा दो घंटे लंबी होगी और इसमें कुल 150 अंकों के ऑब्जेक्टिव टाइप सवाल शामिल होंगे. गलत आंसर के लिए नेगेटिव मार्किंग लागू होगी. प्रारंभिक परीक्षा में क्वालीफाई होने वाले उम्मीदवार मुख्य परीक्षा दे सकेंगे. आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में 600 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि अन्य सभी आवेदकों के लिए शुल्क 150 रुपये है. जो लोग पहचान के लिए अपने आधार कार्ड का उपयोग करते हैं उन्हें 200 रुपये का अतिरिक्त बायोमेट्रिक शुल्क भी देना होगा.

श्री रतन टाटा का निधन उद्योग जगत की बड़ी क्षति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

श्री रतन टाटा का निधन उद्योग जगत की बड़ी क्षति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने किया शोक व्यक्त भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जाने माने उद्योगपति श्री रतन टाटा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री रतन टाटा का निधन उद्योग जगत की बड़ी क्षति है। देश की अर्थव्यवस्था और वाणिज्य-उद्योग क्षेत्र में श्री रतन टाटा के योगदान को सदैव रेखांकित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. रतन टाटा की आत्मा की शांति और उनके मित्रजन एवं परिजन को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना भगवान महाकाल से की है।  

स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए प्राइवेट सेक्टर की भी भागीदारी जरूरी – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिये अत्याधुनिक निजी अस्पताल भी जरूरी – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में किया 100 बिस्तरीय देवराज मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल का उदघाटन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भविष्य में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिये अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित निजी अस्पताल भी जरूरी हैं। खुशी की बात है ग्वालियर की धरती पर आज ऐसे ही एक बड़े अस्पताल की शुरूआत हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम ग्वालियर में 100 बिस्तरीय देवराज अस्पताल (देवराज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस) के उदघाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अस्पतालों को आरोग्य मंदिर का नाम दिया है। प्रसन्नता का विषय है कि एक किसान परिवार ने ग्वालियर में अपने बेटे की स्मृति में एक अस्पताल अर्थात आरोग्य मंदिर की स्थापना की है। उन्होंने इसके लिये देवराज अस्पताल के संस्थापक करन सिंह किरार एवं उनके परिवार को बधाई और शुभकामनायें दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी इस पुनीत पहल के लिये करन सिंह के परिवार का सम्मान और आदर करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब पूरी दुनिया में कोरोना का हाहाकार मचा हुआ था, तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के संसाधनों और बौद्धिक क्षमताओं का उपयोग कर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के समस्त नागरिकों को कोरोना से बचाव के नि:शुल्क टीके लगवाए। साथ ही दुनिया भर में कोरोना वैक्सीन भेजकर “जियो और जीने दो” के सिद्धांत को चरितार्थ करके दिखाया। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि ऋषि गालव की तपोभूमि, तानसेन की साधना स्थली, वीरांगना लक्ष्मीबाई की बलिदान स्थली एवं राजमाता विजयाराजे सिंधिया की कर्म भूमि ग्वालियर में यह अस्पताल गरीब मरीजों के इलाज में अहम योगदान देगा। परिवार में आई रिक्तता को सेवा से भरने का काम सराहनीय – विधानसभा अध्यक्ष तोमर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि नवरात्रि के पावन पर्व पर ग्वालियर में स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ा अस्पताल जुड़ रहा है। उन्होंने कहा परिवार में किसी भी व्यक्ति के असमय चले जाने से परिवार में बड़ी रिक्तता आती है। बिरले ही लोग होते हैं जो इस रिक्तता को सेवा से भरने के प्रयासों को मूर्तरूप दे पाते हैं। ग्वालियर में स्व. शीतला सहाय जी ने अपने पुत्र की कैंसर से मृत्यु होने पर देश का प्रतिष्ठित कैंसर हॉस्पिटल स्थापित कर यह काम करके दिखाया था। उसी श्रृंखला में आज करन सिंह किरार ने अपने दिवंगत पुत्र स्व. देवराज सिंह किरार की याद को चिरस्थायी बनाने के लिये बड़े अस्पताल की स्थापना की है। उन्होंने ईश्वर से कामना की है कि यह अस्पताल उत्तरोत्तर प्रगति करे, जिससे ग्वालियर क्षेत्र के निवासियों को बेहतर से बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए समर्पित भाव से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में मध्यप्रदेश में केवल ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर व रीवा में मेडिकल कॉलेज थे। अब प्रदेश में 14 सरकारी मेडीकल कॉलेज हो गए हैं। इसके अलावा निजी मेडिकल कॉलेज की भी स्थापना हुई है। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए प्राइवेट सेक्टर की भी भागीदारी जरूरी – उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएँ तभी बेहतर और पर्याप्त होंगी, जब सरकार के साथ प्राइवेट सेक्टर भी बराबरी के साथ खड़ा होगा । उन्होंने दिल्ली, नागपुर व मुम्बई का उदाहरण देते हुए कहा कि प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी से ही ये महानगर मेडिकल हब के रूप में स्थापित हुए हैं। शुक्ल ने कहा खुशी की बात है कि ग्वालियर में 100 बैड के अत्याधुनिक अस्पताल की स्थापना हुई है और यह अस्पताल आगे चलकर एक हजार बैड और मेडिकल कॉलेज के साथ तैयार होगा। इससे प्रदेश सरकार भी उत्साहित है कि इस अस्पताल में सस्ती दर पर गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएँ मिलेंगीं। उन्होंने पीड़ित मानवता की सेवा के क्षेत्र में कदम बढ़ाने के लिये देवराज अस्पताल प्रबंधन को बधाई व शुभकामनाएं दीं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के इलाज के लिये रियायत सराहनीय पहल – सांसद शर्मा सांसद एवं प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा ने कहा खुशी की बात है कि देवराज अस्पताल में मात्र 50 रूपए कंसलटेशन फीस पर इलाज की सुविधा मिलेगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मरीज भी एक अच्छे अस्पताल में अपना इलाज करा सकेंगे। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिये आयुष्मान भारत जैसी क्रांतिकारी योजना को मूर्तरूप दिया है। हमें आशा है कि प्रधानमंत्री मोदी की भावना के अनुरूप देवराज अस्पताल भी गरीब मरीजों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। भगवान गणेश का पूजन एवं फीता काटकर किया अस्पताल का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य सभी अतिथियों ने भगवान गणेश का पूजन कर और फीता काटकर देवराज अस्पताल का उदघाटन किया। साथ ही अस्पताल परिसर में स्व. देवराज सिंह किरार की प्रतिमा का अनावरण भी किया। अस्पताल का जायजा भी लिया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उदघाटन करने के बाद देवराज अस्पताल का जायजा भी लिया। उन्होंने अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर, जनरल और प्राइवेट वार्ड, आईसीयू, ओपीडी और फॉर्मेसी सहित अस्पताल में उपलब्ध अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर उदघाटन समारोह का शुभारंभ किया। ज्ञात हो राष्ट्रीय राजमार्ग क्र.-44 पर ग्राम खुरैरी – बड़ागाँव के समीप देवराज मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल का निर्माण किया गया है। इस अस्पताल में 24 घंटे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हैं। साथ ही अत्याधुनिक तकनीक के साथ ऑपरेशन थियेटर बनाए गए हैं। इसके अलावा वातानुकूलित जनरल वार्ड, सेमी प्राइवेट एवं प्राइवेट वार्ड, अत्याधुनिक आईसीयू और सीसीयू, फूड कोर्ट, फॉर्मेसी (मेडिकल स्टोर), सीएससीडी रेडियो इमेजिंग सुविधाएँ (एक्सरे, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउण्ड) की सुविधा उपलब्ध है। हॉस्पिटल के उदघाटन कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, लोक स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, सांसद भारत सिंह कुशवाह, महापौर श्रीमती शोभा सिकरवार, विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह, श्रीमती सरला रावत एवं अस्पताल के संस्थापक प्रबंधन से जुड़े अधिकारी, चिकित्सक व … Read more

आईआईटी इंदौर ने स्वदेशी तकनीक से बनाया स्तन कैंसर की पहचान करने वाला उपकरण

इंदौर  इंदौर के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) ने खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं में स्तन कैंसर का समय रहते पता लगाने के लिए छोटा और किफायती उपकरण विकसित किया है। आईआईटी इंदौर के एक अधिकारी को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि आईआईटी इंदौर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर श्रीवत्सन वासुदेवन का विकसित किया गया यह उपकरण, शुरुआती चरण में ही स्तन कैंसर की पहचान कर मरीजों की जान बचाने के मकसद से ईजाद किया गया है। उन्होंने बताया कि ‘‘फोटोएकाउस्टिक स्पेक्ट्रल रिस्पॉन्स’’ के सिद्धांत पर आधारित उपकरण मानव शरीर के ऊतकों में असामान्य परिवर्तनों का पता लगाने के लिए ‘‘ऑप्टिकल’’ और ‘‘एकाउस्टिक’’ सिग्नल को एक साथ जोड़ता है। आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी ने कहा, ‘बीमारियों का पता लगाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एमआरआई और सीटी स्कैनर आमतौर पर आयातित और महंगे होते हैं। इससे वे देश की आबादी के बड़े हिस्से की पहुंच से बाहर हो जाते हैं।’’ उन्होंने बताया कि इस चुनौती से निपटने के लिए आईआईटी इंदौर ने स्वदेशी तकनीक से किफायती उपकरण विकसित किया है ताकि खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों में कैंसर का वक्त रहते पता लगाकर उनकी जान बचाने में मदद मिल सके। प्रोफेसर वासुदेवन ने कहा कि यह उपकरण प्रकाश उत्पन्न करने के लिए ‘‘कॉम्पैक्ट पल्स्ड लेजर डायोड’’ का उपयोग करता है जो ऊतक के संपर्क में आता है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया से मिले परिणामों का विश्लेषण करके उपकरण पता लगाता है कि कहीं संबंधित ऊतक कैंसरग्रस्त तो नहीं है।      

वन स्टॉप सेंटर संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही स्थान पर आपातकालीन एवं गैर-आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराना है

वन स्टॉप सेंटर के प्रयासों से लौट रहा महिलाओं का सम्मान महिला सशक्तिकरण की दिशा में संबल उपयोजना के अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर की स्थापना महत्वपूर्ण पहल वन स्टॉप सेंटर संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही स्थान पर आपातकालीन एवं गैर-आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराना है भोपाल महिलाओं के खिलाफ हिंसा एक गंभीर सामाजिक समस्या है जिससे निपटने और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिये प्रदेश में वन स्टॉप सेंटर की स्थापना की गई है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिशन शक्ति की संबल उपयोजना के अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर की स्थापना महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की हिंसा से प्रभावित और संकटग्रस्त महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर विभिन्न आपातकालीन एवं गैर-आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराना है। महिला सशक्तिकरण में वन स्टॉप सेंटर की भूमिका      सुरक्षित आश्रय एवं तात्कालिक सहायता – वन स्टॉप सेंटर उन महिलाओं को तत्काल आश्रय और सुरक्षा प्रदान करता है जो घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन हिंसा अथवा किसी भी प्रकार की शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का शिकार होती है। सेंटर में महिलाओं को तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाती है और उन्हें सुरक्षित वातावरण में आश्रय दिया जाता है।      कानूनी सहायता और परामर्श – वन स्टॉप सेंटर पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता प्रदान करता है ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सके और आवश्यक कानूनी कदम उठा सकें। कानूनी परामर्श और न्यायिक प्रक्रियाओं में सहायता मिलने से महिलाएँ अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ न्याय पाने की दिशा में सशक्त हो सकें।      चिकित्सा सहायता – वन स्टॉप सेंटर पर महिलाओं को तत्काल चिकित्सा सहायता मिलती है। हिंसा या प्रताड़ना से घायल महिलाओं को नजदीकी स्वास्थ्य सेवाएँ के साथ समन्वय कर चिकित्सा सेवाएँ दी जाती है।      मनोवैज्ञानिक परामर्श – हिंसा की शिकार महिलाएँ अक्सर मानसिक आघात से गुजरती है, वन स्टॉप सेंटर पर प्रशिक्षित परामर्शदाता महिलाओं को मानसिक और भावनात्मक समर्थन प्रदान करते है जिससे उनका आत्म-विश्वास मजबूत होता है।      पुनर्वास सेवाएँ एवं समाज में पुनर्स्थापना – वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को पुनर्वास सेवाएँ भी प्रदान करते है। जरूरत पड़ने पर महिलाओं को उनके परिवार के साथ पुनर्स्थापित करने अथवा उन्हें स्वतंत्र जीवन जीने, अपने पैरों पर खड़ाहोने का अवसर प्रदान करता है।      आर्थिक सशक्तिकरण के लिये प्रशिक्षण और रोजगार – वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को रोजगार और स्व-रोजगार देने के लिये प्रशिक्षण देने का भी प्रयास करते है। महिलाओं को विभिन्न कौशल में प्रशिक्षित किया जाता है। इससे वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन सकें और समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकें। प्रदेश के 52 जिलों में 57 वन स्टॉप सेंटर संचालित किये जा रहे है। प्रारंभ से अगस्त 2024 तक 98 हजार 636 महिलाओं को पंजीकृत कर विभिन्न प्रकार की सहायता प्रदान की गई, जिसमें लगभग 78 प्रतिशत महिलाएँ (76,499) को घरेलू हिंसा से संबंधित सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त दहेज उत्पीड़न, बलात्कार, यौन अपराध, बाल विवाह, गुमशुदा, अपहरण, निराश्रित आदि से संबंधित प्रकरणों में यथोचित मदद की गई। वर्ष 2019-20 में कुल 6 हजार 352 महिलाओं को सहायता दी गई थी। वर्ष 2023-24 में 21 हजार 490 महिलाओं को मदद प्रदान की गई। अब सभी वन स्टॉप सेंटर में वाहनों का प्रावधान भी किया गया है, जिससे दूरस्थ महिलाओं को भी त्वरित सहायता मिल सकेगी।  

अनैतिकता को कानून का जामा पहनाने के लिए किया गया कोई अनुबंध भी अनैतिक ही माना जाएगा: अदालत

ग्वालियर  ‘भारतीय समाज और विधि के अनुसार शादी एक पवित्र बंधन है और शादी के होते हुए किसी दूसरे के साथ संबंध रखना अनैतिक है। इस अनैतिकता को कानून का जामा पहनाने के लिए किया गया कोई अनुबंध भी अनैतिक ही माना जाएगा।’ यह टिप्पणी मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिला न्यायालय के न्यायाधीश ने दुष्कर्म के मामले को झूठा पाने पर आरोपित को बरी करते हुए कही। न्यायाधीश ने कहा कि कानून महिलाओं को अपराध से सुरक्षित करता है और अपराधी को सजा देता है, लेकिन कोई अगर अनैतिक संव्यवहार करे, चाहे महिला हो या पुरुष, वह व्यवहार कानून की दृष्टि में अवैध ही होगा। दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाने का यह था मामला     एक तलाकशुदा महिला द्वारा अभिषेक राजौरिया पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया था। इसकी सुनवाई के दौरान कोर्ट में यह तथ्य सामने आया कि महिला उस व्यक्ति के साथ लिव इन रिलेशन में रह रही थी।     इसके साथ ही महिला ने युवक के साथ एक अनुबंध किया था, जिसमें युवक को उस महिला को हर महीने एक तय रकम देना थी। जैसे ही महिला को रकम मिलना बंद हुई, वैसे ही उसने युवक पर दुष्कर्म का झूठा मुकदमा कर दिया।     सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि महिला 2015 में किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी ऐसा कर चुकी है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने बचाव पक्ष के तर्कों और तथ्यों से सहमति जताते हुए युवक को दोषमुक्त कर दिया। महिला ने पुलिस के सामने गढ़ी थी यह झूठी कहानी महिला ने पड़ाव थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी वर्ष 1999 में हुई थी। पति शराब पीता था तो उसने पति को तलाक दे दिया और अपने पिता के साथ रहने चली गई। महिला के साथ उसकी एक 16 वर्ष और एक 11 वर्ष आयु की बेटी भी रहती है। इस दौरान महिला की पहचान अभिषेक नामक युवक से हुई। दोनों के बीच दोस्ती हुई तो महिला ने उससे काम दिलवाने की बात कही। युवक ने जून 2016 में काम दिलवाने के बहाने महिला को एक होटल में बुलाया और दुष्कर्म कर दिया। इसके बाद कई बार उसने महिला को शादी का झांसा देकर संबंध बनाए। जब महिला ने शादी के लिए दबाव डाला तो युवक उसे टालने लगा। अप्रैल 2019 में महिला को पता चला कि युवक ने किसी और से शादी कर ली है। इसके बाद महिला ने उसके खिलाफ मामला दर्ज करवाया।

जंगल महकमे में प्रभार का खेला, चहेतों को किया जा रहा उपकृत एसीएस की सिफारिश की गई अनदेखी

उदित नारायणभोपाल। जंगल महकमे में प्रभार देने का कोई क्राइटेरिया नहीं बनाया गया है । ऐसे में प्रशासन-एक के मुखिया ने अपने चहेते आईएफएस देवांशु शेखर को प्रभार देने में इतनी जल्दबाजी दिखाई कि सागर वर्किंग प्लान अफसर का पदभार ग्रहण करने से पहले उन्हें सामाजिक वानिकी का प्रभार दे दिया ही दे दिया। जबकि कैडर में यह पद सीसीएफ स्तर के अधिकारी का है। वैसे जब रीवा में सामाजिक वानिकी वृत का अतिरिक्त प्रभार वन संरक्षक रीवा के राजेश कुमार राय को दिया है तो फिर सामाजिक वानिकी का प्रभार डीएफओ को क्यों दिया गया, यह शोध का विषय है। जबकि सागर में सीसीएफ कार्यरत है।प्रधान मुख्य वन संरक्षक विवेक जैन ने बुधवार को जारी आदेश में 2011 बैच के डीएफओ वर्किंग प्लान ऑफिसर देवांशु शेखर को सामाजिक वानिकी वृत सागर का प्रभार दिया है। सनद रहे कि 27 सितंबर को राज्य शासन द्वारा जारी आदेश में देवांशु शेखर को उत्तर बैतूल डीएफओ से हटकर सागर वर्किंग प्लान ऑफिसर के पद पर पदस्थ किया है। देवांशु शेखर ने अभी तक वर्किंग प्लान ऑफिसर का पदभार भी ग्रहण नहीं किया है। अपने मूल पोस्टिंग का पदभार ग्रहण करने से पहले ही उन्हें पीसीसीएफ विवेक जैन ने एक आदेश जारी कर सामाजिक वानिकी वृत सागर का प्रभार देकर उपकृत कर दिया। विवेक जैन के इस आदेश को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि वर्किंग प्लान ऑफिसर देवांशु शेखर को सामाजिक वानिकी का अतिरिक्त प्रभार दिया जा सकता है तो फिर 2009 बैच के प्रशांत कुमार सिंह, किरण बिसेन और अनुराग कुमार समेत अन्य पांच वर्किंग प्लान ऑफिसर को सामाजिक वानिकी का अतिरिक्त प्रभार क्यों नहीं दिया गया ? जबकि भोपाल को छोड़कर सामाजिक वानिकी वृत के पद खाली है और वे सभी प्रभार में चल रहें हैं। शेखर पर विशेष कृपा के संबंध में चर्चा इस बात की शुरू हो गई है कि शहर के अलावा अन्य वर्जन प्लान ऑफिसर को सामाजिक वानिकी वृत का प्रभाव क्यों नहीं दिया गया? सागर वर्किंग प्लान अफसर डीएफओ देवांशु शेखर को पीसीसीएफ विवेक जैन ने किस फॉर्मूले के तहत उपकृत किया। क्या उनके बनाए फॉर्मूले में अन्य 5 वर्किंग प्लान अफसर फिट नहीं आ रहे हैं ? जबकि डीएफओ शेखर के खिलाफ की गई जांच रिपोर्ट अंतिम निर्णय के लिए शासन के पास विचाराधीन है। एससीएस की सिफारिश को किया दरकिनार सूत्रों ने बताया कि अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल ने वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव को एक नोटशीट लिखी है। इसके अनुसार सिवनी वन वृत के मुख्य वन संरक्षक एसएस उद्दे से सामाजिक वानिकी का प्रभार लेकर जबलपुर वर्किंग प्लान सबमिट कर चुके वन संरक्षक रमेश विश्वकर्मा को सौंप दिया जाए। वैसे भी वन संरक्षक विश्वकर्मा को अपनी पोस्टिंग का इंतजार है। एसीएस की सिफारिश में यह भी उल्लेख है कि सामाजिक वानिकी रीवा वृत्त वहां के वन संरक्षक राजेश राय और सामाजिक वानिकी सागर वृत्त का प्रभार मुख्य वन संरक्षक सागर अनिल कुमार सिंह को अतिरिक्त प्रभार के रूप में दे दिया जाए। यह बात अलग है कि वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव इस बात से इनकार किया है कि सामाजिक वानिकी का आर्थिक प्रभार देने संबंधित एसीएस की कोई नोटशीट उनके पास आई है। प्रभार देने से वर्किंग प्लान में होगी देरी एक पीसीसीएफ अधिकारी का कहना है कि वर्किंग प्लान ऑफिसर को आर्थिक प्रभार दिए जाने से कार्यायोजना बनाने में देरी होगी , क्योंकि अतिरिक्त प्रभार वाला पद अफसरों के लिए लाभप्रद होता है। वे ज्यादातर समय वर्किंग प्लान पर नहीं देकर शुभ-लाभ को ध्यान में रखते हुए काम करते है। जबकि वर्किंग प्लान बनाने का कार्य गंभीरता और बारीकी से किया जाता है।

राज्य पुलिस सेवा के चार अधिकारियों को इस वर्ष IPS संवर्ग आवंटित होगा, इन अधिकारियों के नाम का प्रस्ताव

भोपाल राज्य पुलिस सेवा के चार अधिकारियों को इस वर्ष IPS संवर्ग आवंटित होगा। इसके लिए विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक करने का प्रस्ताव गृह विभाग ने संघ लोक सेवा आयोग को भेजा है। इसमें एक पद के लिए तीन अधिकारियों के नाम के हिसाब से 12 अधिकारियों के नाम भेजे गए हैं। उधर, आठ राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को भी IAS अवार्ड होगा। इसके लिए संभागायुक्तों से रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। अब मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के अनुमोदन से प्रस्ताव संघ लोकसेवा आयोग को भेजा जाएगा। वर्ष 2024 के लिए राज्य पुलिस सेवा से आईपीएस संवर्ग में नियुक्ति के लिए चार पद उपलब्ध हैं। इसके लिए 1995 और 1997 बैच के अधिकारियों के नाम भेजे गए हैं।   इन अधिकारियों के नाम का प्रस्ताव सूत्रों का कहना है कि वरिष्ठता और सेवा अभिलेख के आधार 1995 बैच के अधिकारी प्रकाश परिहार, 1997 बैच के दिलीप सोनी, अवधेश बागरी और राजेंद्र वर्मा को आईपीएस अवार्ड हो सकता है। वहीं, राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस संवर्ग में नियुक्ति के लिए आठ पदों के विरुद्ध 24 अधिकारियों के नाम प्रस्तावित किए जा रहे हैं। इसमें 2006 और 2007 बैच के अधिकारियों के नाम रखे गए हैं। इनको लेकर कमिश्नरों से जो रिपोर्ट मांगी गई थी, वह सामान्य प्रशासन विभाग को प्राप्त हो गई है। अब अंतिम परीक्षण के बाद मुख्यमंत्री का अनुमोदन लेकर प्रस्ताव संघ लोकसेवा आयोग को भेजकर विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक करने तिथि निर्धारित करने का अनुरोध किया जाएगा।

मोबाइल लोकेशन के आधार पर महाराष्ट्र पुलिस ने खरगोन पुलिस के सहयोग से 22 दिन से लापता बिल्डर के शव का पता लगाया

खरगोन जिले के सनावद थाना क्षेत्र के घोड़वा के जंगल में महाराष्ट्र के औरंगाबाद के बिल्डर का शव मिलने से हडकंप मच गया। बिल्डर की हत्या के बाद लाश को जलाने की आशंका व्यक्त की जा रही है। मोबाइल लोकेशन के आधार पर महाराष्ट्र पुलिस ने खरगोन पुलिस के सहयोग से 22 दिन से लापता बिल्डर के शव का पता लगाया है। शव की हुई पहचान जिले के भीकनगांव सनावद मार्ग पर घोड़वा घाट में औरंगाबाद के 45 वर्षीय किशोर लोहकरे का शव मिला है। इसके बाद सनावद थाना पुलिस और एफएसएल की टीम ने जांच की। महाराष्ट्र से पहुंचे असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर संजय गीत्ते और मृतक के भाई ने शव की पहचान कर पुष्टि कर दी है। औरंगाबाद का बड़ा बिल्डर मृतक किशोर लोहकरे औरंगाबाद नामी बिल्डर है। औरंगाबाद के बालूद थाने में 17 सितंबर से बिल्डर की गुमशुदगी दर्ज है। महाराष्ट्र पुलिस की विवेचना में बड़ा खुलासा हुआ है। खरगोन एसपी धर्मराज मीना ने मीडिया से प्रारंभिक जांच में हत्या कर लाश फेंकने की आशंका जताई है। एसपी ने बताया की महाराष्ट्र पुलिस के साथ ही जिले की सनावद थाना क्षेत्र में मिली लाश की विवेचना की जा रही है। औरंगाबाद के बिल्डर 17 सितंबर से मुम्बई जाने के बाद से लापता है। औरंगाबाद के बालूद थाने में इसी दिन गुमशुदगी दर्ज है। पुलिस विवेचना कर रही है। महाराष्ट्र पुलिस की खरगोन पुलिस सहयोग कर रही है। हत्या की आशंका लग रही है। फरार साथियों पर शक मामले में बिल्डर के साथ रहने वालों लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथियों पर हत्या की आशंका है। इसमें तीन लोग फरार भी बताए जा रहे हैं। उधर, पुलिस की माने तो शव पूरी तरह गल चुका है। कई दिन से जंगल में पड़े शव को जानवरों ने खाया है। इसकी जांच में परेशानी आएगी।

कंपनी कार्यक्षेत्र के 10 शहरों को मिली राउंड द क्लॉक (24X7) त्वरित विद्युत सुधार की सुविधा

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संचालक मंडल ने निर्णय लिया है कि अब भोपाल क्षेत्र अंतर्गत मुलताई, बासौदा, सिरोंज, ब्यावरा, इटारसी, पिपरिया नगर, रातीबड़ वितरण केन्द्र, आष्टा नगर तथा ग्वालियर क्षेत्र अंतर्गत राघौगढ़ नगर एवं करैरा नगर के बिजली उपभोक्ताओं को राउंड द क्लॉक (24X7) स्थानीय बिजली अवरोध अथवा घरेलू फॉल्ट होने पर बिजली कंपनी की रख रखाव टीम त्वरित विद्युत सुधार हेतु उपभोक्ता के घर दस्तक देगी। यह सुविधा अगले कुछ दिनों में ही इन शहरों और कस्बों के नागरिकों को मिलने वाली है। इसके अलावा भोपाल शहर के चांदबढ़ और ग्वालियर शहर के दीनदयाल नगर में वर्तमान में कार्यरत एक टीम के स्थान पर एक अतिरिक्त एफओसी टीम स्वीकृत की गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने बताया है कि कंपनी ने व्हाट्सएप चेटबोट एवं उपाय ऐप के साथ ही अपने केन्द्रीयकृत कॉल सेन्टर 1912 की सेवाओं का विस्तार कर इन शहरों और कस्बों के लगभग 2 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को बिजली संबंधी शिकायतें हल कराने की सुविधा उपलब्ध कराई है। कंपनी के प्रबंध संचालक ने बताया है कि राउंड द क्लॉक (24X7) तीन शिफ्टों में पृथक-पृथक तकनीकी लाइन स्टॉफ की टीमें काम करेंगी। इसके लिए प्रत्येक शहर में 7 लाइन स्टॉफ को नियुक्त किया जाएगा। इसी प्रकार इन सभी टीमों के पास सभी उपकरणों से लैस वाहन होगा जो तीन शिफ्टों में काम करेगा। साथ ही इस टीम के पास एक अत्याधुनिक स्मार्ट फोन रहेगा जो कि कंपनी के केन्द्रीयकृत कॉल सेन्टर से जुड़ा रहेगा। प्रबंध संचालक का कहना है कि इन शहरों और कस्बों के नागरिकों को राउंड द क्लॉक (24X7) विद्युत सुधार की सुविधा मिलने से उपभोक्ता संतुष्टि में वृद्धि होगी साथ ही इन उपभोक्ताओं से राजस्व संग्रह में भी आसानी होगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि बिजली उपभोक्ताओं को व्यवधान रहित और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ ही उपभोक्ता सुविधाएं प्रदान करना कंपनी की प्राथमिकताओं में शामिल है और अंतिम छोर के विद्युत उपभोक्ता तक पर्याप्त वोल्टेज पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिले इसी दिशा में कंपनी द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।  

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