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अमेरिका की इलेक्ट्रॉनिक्स पर टैरिफ छूट से भारत को चीन पर मिलेगी बढ़त: एक्सपर्ट्स

नई दिल्ली इंडस्ट्री लीडर्स और एक्सपर्ट्स ने रविवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रेसिप्रोकल टैरिफ से स्मार्टफोन, कम्प्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स को छूट देना एक स्वागत योग्य कदम है। इससे चीन पर भारत को बढ़त मिलेगी। अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा विभाग के नोटिस के अनुसार, स्मार्टफोन और कंप्यूटर को ट्रंप द्वारा अधिकांश देशों पर लगाए गए 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ तथा चीन द्वारा लगाए गए 145 प्रतिशत के टैरिफ से बाहर रखा जाएगा। इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) के चेयरमैन पंकज मोहिंद्रू ने कहा, “अब कोई असाधारण व्यवधान नहीं होगा। यह क्षमताओं को बढ़ाने का समय है और चीन के खिलाफ लंबी अवधि में रुझान मजबूत रहेगा।” चीन में बने आईफोन, लैपटॉप, टैबलेट और स्मार्टवॉच पर 20 प्रतिशत टैरिफ जारी रहेगा। केवल चीन पर रेसिप्रोकल टैरिफ हटाए गए हैं। दूसरी ओर, रेसिप्रोकल टैरिफ से छूट के बाद अब भारत की ओर से अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले आईफोन, स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट पर टैरिफ जीरो हो गया है। वियतनाम की ओर से अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले सभी सैमसंग (और अन्य) स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट पर भी “शून्य टैरिफ” है। ऐसे में चीन के मुकाबले भारत और वियतनाम बेहतर स्थिति में हैं। कस्टम नोटिस के अनुसार, अमेरिका में प्रवेश करने वाले या 5 अप्रैल से पहले गोदामों से निकाले जाने वाले उत्पादों पर यह छूट लागू होती है। छूट में सेमीकंडक्टर, सोलर सेल और मेमोरी कार्ड सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी शामिल किया गया है। साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) के इंडस्ट्री रिसर्च ग्रुप के उपाध्यक्ष प्रभु राम ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ में छूट से ग्लोबल टेक्नोलॉजी क्षेत्र के लिए बहुत जरूरी राहत है, जिससे उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर्स और हार्डवेयर पर दबाव कम होता है। यह कदम टेक्नोलॉजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों, विशेषकर एप्पल, जो इस विवाद में फंस गई थी, के साथ-साथ व्यापक चिप और हार्डवेयर उद्योगों को भी राहत प्रदान करता है।

भ्रष्टाचार के तीन अलग-अलग मामलों में हसीना समेत 53 लोगों के खिलाफ अदालत ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट

ढाका बांग्लादेश के एक कोर्ट ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, उनकी बहन शेख रेहाना, ब्रिटिश सांसद ट्यूलिप रिजवाना सिद्दीक और 50 अन्य के खिलाफ राजनीतिक सत्ता का दुरुपयोग करके कथित अवैध भूमि अधिग्रहण के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया। ढाका अखबार की खबर के मुताबिक ढाका मेट्रोपोलिटन के वरिष्ठ विशेष न्यायाधीश जाकिर हुसैन ने भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (एसीसी) द्वारा दायर तीन अलग-अलग आरोपपत्रों पर संज्ञान लेने के बाद यह आदेश पारित किया। अखबार ने एसीसी के सहायक निदेशक (अभियोजन) अमीनुल इस्लाम के हवाले से बताया कि न्यायाधीश हुसैन ने गिरफ्तारी वारंट से संबंधित अमल रिपोर्ट की समीक्षा के लिए 27 अप्रैल की तारीख तय की है। अदालती सूत्रों का हवाला देते हुए बंगाली समाचार पत्र प्रोथोम आलो ने खबर दी कि एसीसी ने हाल ही में भूखंड आवंटन में भ्रष्टाचार के तीन अलग-अलग मामलों में हसीना समेत 53 लोगों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है और सभी फरार हैं। कोर्ट के इस फैसले के बाद शेख हसीना के विरोधियों को एक और मौका मिल गया है। अदालत ने राजुक प्लॉट आवंटन मामले में शेख हसीना की बेटी साइमा वाजेद पुतुल और 16 अन्य के खिलाफ भी वारंट जारी किया है। बता दें कि 13 जनवरी को एसीसी के उपनिदेशक ने शेख हेहाना के खिलाफ अधिकार का दुरुपयोग करके पूर्वांचल न्यू टाउन प्रोजेक्ट में 10 कट्टे का प्लॉट हासिल करने का केस दर्ज करवाया था। बाद में इसमें दो अन्य लोगों के नाम भी जोड़ दिए गए। वहीं पिछले साल बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल हुआ और हिंसक प्रदर्शन के बाद शेख हसीना की सरकार गिर गए। वह भागकर भारत आ गईं और इस वक्त भारत की ही शरण में हैं। वहीं बांग्लादेश में सेना ने मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का मुख्य सलाहकार बना दिया। अंतरिम सरकार ने भारत सेशेख हसीना को सौंपने की बात भी कही है। वहीं शेख हसीना के खिलाफ बांग्लादेश में अलग-अलग मामलों में केस दर्ज किए गए हैं। शेख हसीना के हटने के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं को भी निशाना बनाया गया। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार चाहती है कि किसी तरह से शेख हसीना को भारत से लाया जाए ताकि उन्हें दोबारा राजनीति में आने का मौका ही ना मिले।

ट्रंप प्रशासन के नए नियम से अमेरिका में रह रहे अप्रवासियों की मुश्किलें और बढ़ी, पास में रखना होगा पहचान पत्र

वॉशिंगटन नियमों के तहत 14 साल से ज्यादा उम्र के सभी अप्रवासियों को सरकार के समक्ष पंजीकरण कराना होगा और 14 साल से कम उम्र के बच्चों का पंजीकरण उनके माता-पिता को कराना होगा। 11 अप्रैल के बाद अमेरिका में आने वाले सभी अप्रवासियों को 30 दिनों के भीतर खुद का पंजीकरण कराना होगा। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के नए नियम से अमेरिका में रह रहे अप्रवासियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। दरअसल अब सभी अप्रवासियों को 24 घंटे अपने कानूनी दस्तावेज और पहचान पत्र साथ रखने होंगे। राष्ट्रपति ट्रंप का नया कार्यकारी आदेश ‘अतिक्रमण से अमेरिकी लोगों की सुरक्षा’ 11 अप्रैल से लागू हो गया है। इसका उद्देश्य अमेरिका में रह रहे अवैध अप्रवासियों को पकड़ना और उन्हें निर्वासित करना है। कानूनों का सख्ती से होगा पालन अमेरिका में एलियन रजिस्ट्रेशन रिक्वायरमेंट कानून साल 1940 से मौजूद है, जिसके तहत अमेरिका में रहने वाले सभी अप्रवासियों को पंजीकरण कराना होता है, लेकिन अभी तक इस कानून का सख्ती से पालन नहीं हो रहा था। अब ट्रंप के नए कार्यकारी आदेश के बाद इस कानून का सख्ती से पालन किया जाएगा। व्हाइट हाउस की सचिव कैरोलिन लेविट ने बयान जारी कर कहा है कि ‘सभी अवैध अप्रवासी, जो 30 दिन से ज्यादा अमेरिका में रह रहे हैं, उन्हें खुद को संघीय सरकार के समक्ष पंजीकृत कराना होगा। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो अवैध अप्रवासियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और जुर्माना लगाकर निर्वासित कर दिया जाएगा।’ सभी अप्रवासियों को पंजीकरण कराना हुआ अनिवार्य नियमों के तहत 14 साल से ज्यादा उम्र के सभी अप्रवासियों को सरकार के समक्ष पंजीकरण कराना होगा और 14 साल से कम उम्र के बच्चों का पंजीकरण उनके माता-पिता को कराना होगा। 11 अप्रैल के बाद अमेरिका में आने वाले सभी अप्रवासियों को 30 दिनों के भीतर खुद का पंजीकरण कराना होगा। ऐसा नहीं करने वालों को जुर्माने और जेल की सजा, दोनों का प्रावधान है। अगर कोई अप्रवासी अपना पता बदलता है तो इसकी भी जानकारी 10 दिनों के भीतर सरकार को देनी होगी। नए नियमों के बाद अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे लोगों को परेशानी होगी और उन पर निर्वासन की तलवार लटक जाएगी। उल्लेखनीय है कि कानूनी तौर पर अमेरिका में रह रहे अप्रवासियों, ग्रीन कार्ड धारक, एच-1बी वीजा या अन्य वैध अप्रवासियों को भी पंजीकरण कराना होगा। अमेरिका में करीब 54 लाख भारतीय हैं, जिनमें से करीब दो लाख से ज्यादा लोग अवैध अप्रवासी हैं। 

पत्नी ने मेरठ कांड नीले ड्रम’ जैसा हश्र करने की धमकी दी, 55 टुकड़े कर ड्रम में जमा दूंगी, डर से कई दिन से घर भी नहीं गया

गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़) पीड़ित पति ने ससुराल पक्ष से बात की तो उन्होंने भी साथ नहीं दिया। पीड़ित का कहना है कि कुछ दिन पहले उसने पत्नी को समझाने की भी कोशिश की। इस पर पत्नी ने हाल ही में मेरठ मामले का हवाला देते हुए धमकाया। सऊदी अरब से लौटे एक पति को 55 टुकड़े कर ड्रम में फ्रीज करने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित पति ने पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि पत्नी ने मेरठ कांड जैसा हश्र करने की धमकी दी है। इस डर से वह कई दिन से घर भी नहीं गया।   युवक ने बताया कि उसका निकाह वर्ष 2008 में हुआ था। उसके चार बच्चे हैं। मेहनत मजदूरी कर परिवार को पाल रहा है। वर्ष 2019 में वह कमाने के लिए सऊदी अरब चला गया था। करीब चार साल बाद लौटा तो पत्नी का व्यवहार उसके प्रति बेहद खराब दिखा। आस-पड़ोस के लोगों ने बताया कि उसकी गैर मौजूदगी में घर पर गैर लोगों का आना-जाना बढ़ गया था।   उसने गैर लोगों के बारे में पूछा तो पत्नी ने झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। ससुराल पक्ष से बात की तो उन्होंने भी साथ नहीं दिया। पीड़ित का कहना है कि कुछ दिन पहले उसने पत्नी को समझाने की भी कोशिश की। इस पर पत्नी ने हाल ही में मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में हुए हत्याकांड का हवाला देते हुए कहा उसकी भी हत्या के बाद शव के 55 टुकड़े कर ड्रम में फ्रीज कर देगी। पत्नी की इस धमकी से वह डरा सहमा है। कई दिनों से घर भी नहीं जा रहा है। सीओ वरुण कुमार मिश्रा का कहना है कि तहरीर प्राप्त हुई है, जिसके आधार पर जांच कराई जा रही है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पटाखा फैक्टरी में विस्फोट, अग्निकांड में दो महिलाओं सहित कुल आठ लोगों की मौत हुई है और कई अन्य घायल

नई दिल्ली आंध्र प्रदेश के अनकापल्ली जिले में रविवार को एक पटाखा निर्माण इकाई में आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में मारने वाले श्रमिकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। घटना में सात अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। राज्य की गृह मंत्री वी. अनिता ने बताया, इस अग्निकांड में दो महिलाओं सहित कुल आठ लोगों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं।  उन्होंने कहा कि घायलों को इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है।  मुख्यमंत्री नायडू ने अनिता और जिला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए। वहीं आंध्र प्रदेश सीएमओ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सीएम एन चंद्रबाबू नायडू ने अनकापल्ली जिले में एक पटाखा निर्माण इकाई में हुए विस्फोट में आठ श्रमिकों की मौत पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और राज्य की गृह मंत्री अनिता से फोन पर बात कर घटना की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि घायलों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सुविधा मिले। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार पीड़ितों के परिवारों की मदद करे। उन्होंने अधिकारियों को घटना की गहन जांच करने और उन्हें एक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि घायल श्रमिकों में से दो की हालत गंभीर है।

वक्फ कानून को लेकर 400 हिंदुओं को अपना घर-बार छोड़कर पलायन करना पड़ गया, बीजेपी बोली- शह दे रही ममता सरकार

कोलकाता वक्फ कानून को लेकर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के धुलियान में स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है। पश्चिम बंगाल के डीजीपी का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है। वहीं यहां रविवार सुबह भी फायरिंग की खबरें आई थीं। जानकारी के मुताबिक रविवार सुबह बीएसएफ की टीमों को निशाना बनाकर फायरिंग की गई थी। विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी का दावा है कि धुलियान में कम से कम 400 हिंदुओं को अपना घर-बार छोड़कर पलायन करना पड़ गया है। बता दें कि इस हिंसा में कम से कम तीन लोगों की जान गई है। अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति कि वजह से कट्टरपंथियों को छूट और बढ़ावा दिया जाता है। अधिकारी ने सोशल मीडिया पर लिखा, 400 से ज्यादा हिंदुओं को धुलियान छोड़ना पड़ गया है। कट्टरपंथियों के डर के मारे उन्हें पार लालपुर हाई स्कूल, देवनाकुप-सोवापुर जीपी, बैसनाबनगर मालदा में शरण लेनी पड़ी है। इसके अलावा अधिकारी ने वीडियो और फोटो भी शेयर किए। बताया गया कि पार लालपुर हाई स्कूल में कम से कम 500 लोग पलायन करके पहुंचे हैं। वहीं मालदा के स्थानीय लोग उनकी मदद कर रहे हैं। बताया गया कि दो दिनों से लोग पलायन कर रहे हैं। वहां के लोगों ने बताया कि वे जान बचाकर भागे हैं। महिलाओं ने कहा कि पानी में भी जहर मिलाने की धमकी दी गई और इसलिए वे जान बचाकर भाग आए। अधिकारी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में एक शख्स ने कहा कि उसके घर को जला दिया गया है और पुलिस अधिकारियों ने उसकी मदद के लिए कुछ नहीं किया। उसने कहा कि बीएसएफ, पुलिस और जिला प्रशासन को मिलकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि वे अपने घरों को लौट सकें। अधिकारी ने कहा, हम केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, पुलिस और जिला प्रशासन से निवेदन करते हैं कि वे घर से भागे हिंदुओं को वापस घर पहुंचाने में मदद करे। जिहादी आतंकियों से उनकी रक्षा की जाए। बंगाल जल रहा है। सामाजिक तानाबाना बिगड़ चुका है। अब बहुत हो चुका है। बता दें कि मुर्शिदाबाद की हिंसा में कई वाहनों को भी आग लगा दी गई। शुभेंदु अधिकारी ने कहा, बंगाल में धर्म के आधार पर निशाना बनाया जाना आम है। तुष्टीकरण की राजनीति में कट्टरपंथियों को शह दे दी है। हिंदुओं को मारा जाता है। राज्य में बीएसएफ ने पांच कंपनियों को तैनात किया है. बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि राज्य की सरकार हिंदुओं पर हमला करने वालों को बढ़ावा देती है। ऐसे में हिंदुओं को पलायन करना पड़ा रहा है। मंदिर और मूर्तियों को तोड़ा जा रहा है। बंगाल जल रहा है और इसकी जिम्मेदार ममता बनर्जी की सरकार है। उन्होंने कहा कि यह सब उस जमीन पर हो रहा है जहां विवेकानंद जैसे महापुरुष ने जन्म लिया।

नाबालिग से रेप और हत्या के आरोपी ने तलोजा केंद्रीय जेल में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली

मुंबई महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याण शहर में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के आरोपी विशाल गवली ने जेल में ही खुदकुशी कर ली। आरोपी ने रविवार तड़के तलोजा केंद्रीय जेल में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी विशाल गवली (35) सुबह करीब साढ़े तीन बजे जेल के टॉइलट में लटका हुआ पाया गया। खारघर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि गवली शौचालय गया और कथित तौर पर एक तौलिये का इस्तेमाल करके उसने फांसी लगा ली। बाद में जेल अधिकारियों को गवली का शव मिला। स्थानीय पुलिस को तुरंत सूचित किया गया और पंचनामा किया गया। अधिकारी ने बताया कि मौत का वास्तविक कारण जानने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए मुंबई के सरकारी जेजे अस्पताल में भेज दिया गया है। गवली पर 12 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार और उसकी हत्या करने का आरोप था। अधिकारियों ने पहले बताया था कि लड़की 24 दिसंबर को कोलसेवाड़ी इलाके से लापता हो गई थी और बाद में उसका शव पडघा के बापगांव में मिला था। कोलसेवाड़ी पुलिस द्वारा की गई जांच के बाद गवली और उसकी पत्नी साक्षी को फिरौती के लिए अपहरण, बलात्कार, हत्या, सबूतों को गायब करने और भारतीय न्याय संहिता तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत अन्य अपराधों के आरोप में गिरफ्तार किया गया। कल्याण पुलिस ने इस साल फरवरी में दंपति के खिलाफ 948 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था। पुलिस ने पहले एक बयान में कहा था, ‘विशाल गवली ने लड़की के साथ बलात्कार किया और उसकी हत्या कर दी, जबकि साक्षी ने लड़की के शव को बापगांव में फेंकने में मदद की।

UP-बिहार से हरियाणा-पंजाब तक 5 डिग्री तक बढ़ेगा पारा, IMD ने चेताया, हीटवेव के लिए हो जाएं तैयार

नई दिल्ली देश के कई हिस्सों में गर्मी ने समय से पहले ही दस्तक दे दी है। भारत मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमानों के अनुसार, आने वाले दिनों में लू और भीषण तापमान का कहर उत्तर भारत से लेकर महाराष्ट्र तक देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। वहीं, महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में भी भीषण गर्मी और शुष्क हवाओं का दौर जारी रहेगा। विशेष रूप से राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लू चलने की संभावना जताई गई है, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दिल्ली-एनसीआर में भी पारा चढ़ने के संकेत हैं और गर्म हवाओं का असर आने वाले सप्ताह में तेज हो सकता है। जम्मू-कश्मीर में भी असामान्य गर्मी जम्मू-कश्मीर जैसे पर्वतीय राज्य में भी मौसम सामान्य से अधिक गर्म रहने का अनुमान है। घाटी में बर्फबारी कम होने के चलते तापमान में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है, जो पहाड़ी इलाकों में जल संकट और ग्लेशियरों के पिघलने की रफ्तार को बढ़ा सकती है। हीटवेव के लिए रहें तैयार IMD ने अप्रैल के तीसरे सप्ताह से लेकर मई के पहले सप्ताह तक उत्तर भारत और मध्य भारत के बड़े हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बनने की चेतावनी दी है। इसके तहत, लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने, और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है। बिजली और पानी की मांग में उछाल की आशंका गर्मी बढ़ने के साथ बिजली और जल आपूर्ति पर दबाव भी बढ़ सकता है। खासतौर पर दिल्ली, लखनऊ, जयपुर और मुंबई जैसे शहरी क्षेत्रों में एयर कंडीशनिंग और कूलिंग डिवाइसेस के इस्तेमाल में वृद्धि के चलते बिजली कटौती की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। IMD की सलाह: – लू के दौरान बुजुर्ग, बच्चे और हृदय रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता। – सरकारी व निजी संस्थानों को अपने कार्य समय में लचीलापन देने की सिफारिश की गई है। – किसानों को फसलों की सिंचाई समय पर करने और जल संरक्षण उपाय अपनाने की अपील।

NIA अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके नेटवर्क ‘डी कंपनी’ से राणा के संभावित संबंधों की भी गहन जांच कर रही

नई दिल्ली 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) लगातार पूछताछ कर रही है। हमलों की साजिश में उसकी भूमिका के साथ-साथ, NIA अब उन लोगों की कड़ी भी जोड़ने की कोशिश कर रही है जो इस हमले की साजिश में पर्दे के पीछे से शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक, राणा से शनिवार को लगातार दूसरे दिन पूछताछ की गई। जांच एजेंसी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके नेटवर्क ‘डी कंपनी’ से राणा के संभावित संबंधों की भी गहन जांच कर रही है। सूत्रों ने बताया कि राणा और डेविड हेडली के बीच दर्जनों कॉल की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है ताकि हमले की योजना और इसमें शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। दुबई में मिले रहस्यमयी व्यक्ति की तलाश NIA को एक अहम सुराग उस दुबई स्थित व्यक्ति का मिला है जिससे राणा की मुलाकात डेविड हेडली के कहने पर हुई थी। माना जा रहा है कि इस शख्स को हमले की योजना की जानकारी थी। जांच एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह व्यक्ति दाऊद इब्राहिम या डी कंपनी से जुड़ा हुआ था। ISI और लश्कर-ए-तैयबा से भी जोड़ सकते हैं तार NIA यह भी जांच रही है कि राणा का पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से कोई सीधा या अप्रत्यक्ष संबंध था या नहीं। जांचकर्ताओं का मानना है कि मुंबई हमलों की साजिश 2005 के आसपास ही शुरू हो चुकी थी। जांच में सहयोग के लिए राणा के नए वॉइस सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें उन कॉल्स से मिलान के लिए भेजा गया है जो हमले के तुरंत बाद किए गए थे। एजेंसी को शक है कि हमलों से पहले राणा भारत के कई हिस्सों में आया था, जहां उसने संभवतः साजिश में अहम भूमिका निभाई। हाई-सिक्योरिटी में हिरासत गुरुवार शाम अमेरिका से प्रत्यर्पण के बाद राणा को भारत लाया गया। दिल्ली की एक अदालत ने उसे 18 दिन की NIA हिरासत में भेजा और अब वह दिल्ली स्थित एनआईए मुख्यालय की हाई-सिक्योरिटी सेल में बंद है। NIA के अनुसार, राणा से सिर्फ मुंबई हमलों के बारे में ही नहीं, बल्कि अन्य भारतीय शहरों में आतंकी हमलों की संभावित साजिश के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। उस पर साजिश, हत्या और आतंकियों की मदद करने जैसे गंभीर आरोप हैं। गौरतलब है कि 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से आए 10 आतंकी समुद्री रास्ते से मुंबई पहुंचे थे और ताज होटल, CST स्टेशन, नरीमन हाउस समेत कई स्थानों पर हमला किया था। यह हमला तीन दिनों तक चला और इसमें 166 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 230 से अधिक लोग घायल हुए थे। अब, जब तहव्वुर राणा भारत की गिरफ्त में है, NIA को उम्मीद है कि इस भीषण हमले की साजिश में शामिल हर व्यक्ति की पहचान हो सकेगी और न्याय की दिशा में एक अहम कदम आगे बढ़ाया जा सकेगा।

RTI से खुला राज- वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली रेलवे टिकट छूट को बंद करने से 5 साल में जमा किए हजारों करोड़

नई दिल्ली कोविड-19 के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली रेलवे टिकट छूट को बंद किया गया था, और यह छूट आज तक बहाल नहीं हो पाई। लेकिन इस फैसले ने रेलवे को न सिर्फ बुजुर्गों के लिए यात्रा महंगी बना दिया, बल्कि उनकी जेब से 8,913 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुनाफा भी इकठ्ठा कर लिया। यह चौंकाने वाला खुलासा एक आरटीआई (RTI) से हुआ है RTI से आई चौंकाने वाली सच्चाई मध्य प्रदेश के RTI कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौर ने जानकारी हासिल की कि मार्च 2020 से फरवरी 2025 तक 31.35 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों ने बिना किसी छूट के रेल यात्रा की। इनमें शामिल थे:      18.27 करोड़ पुरुष      13.06 करोड़ महिलाएं      43,500 से अधिक ट्रांसजेंडर यात्री इस दौरान रेलवे को कुल 20,133 करोड़ रुपये का टिकट राजस्व प्राप्त हुआ। यदि छूट लागू होती, तो ये रकम लगभग 11,220 करोड़ होती। यानी रेलवे ने 8,913 करोड़ का “छूट बंद लाभ” सीधे-सीधे कमा लिया। क्या कहते हैं रेलवे के आंकड़े?  पुरुषों से – ₹11,531 करोड़ महिलाओं से – ₹8,599 करोड़ ट्रांसजेंडर से – ₹28.64 लाख पूर्व में, वरिष्ठ नागरिक पुरुषों और ट्रांसजेंडर को 40% तथा महिलाओं को 50% टिकट छूट मिलती थी, जिसे 20 मार्च 2020 को कोविड की शुरुआत के बाद तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया था। रेलवे का तर्क – सबको मिल रही है सब्सिडी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि रेलवे अब भी हर यात्री को औसतन 46% सब्सिडी दे रहा है। उन्होंने संसद में बताया कि 2022-23 में रेलवे ने टिकटों पर ₹56,993 करोड़ की सब्सिडी दी, यानी 100 रुपये की सेवा पर यात्री को केवल 54 रुपये देने होते हैं। रेलवे का यह भी कहना है कि मरीज, दिव्यांगजन और छात्रों को अब भी विशेष छूट मिल रही है, लेकिन वरिष्ठ नागरिकों को छूट बहाल करने की कोई योजना फिलहाल नहीं है। बुजुर्गों की नाराज़गी – “हमने देश को दिया, अब हमें छूट चाहिए” सोशल मीडिया से लेकर संसद तक, यह मुद्दा गर्म है। कई लोगों का कहना है कि बुजुर्गों ने जीवन भर देश को टैक्स दिया, सेवाएं दीं — तो क्या उन्हें बुढ़ापे में कुछ राहत नहीं मिलनी चाहिए? -एक यूजर ने लिखा: “सरकार हमें ‘बुजुर्ग’ मानती है वोट के वक्त, लेकिन टिकट पर पूरा किराया वसूलती है!” -वहीं, कुछ लोगों ने कहा: “रेलवे को टिकने के लिए भी पैसा चाहिए। छूट देना हर बार संभव नहीं है।” फिर सवाल वही – क्या अब भी रेल ‘आम आदमी’ की है? वरिष्ठ नागरिकों की छूट पर बहस फिलहाल खत्म होती नहीं दिख रही। कुछ सांसद चाहते हैं कि इसे सीमित श्रेणियों — जैसे सिर्फ स्लीपर या जनरल डिब्बों तक सीमित कर बहाल किया जाए। लेकिन रेलवे इसे अपने आर्थिक लक्ष्यों के लिए चुनौती मानता है। 2025-26 में रेलवे का लक्ष्य है – ₹3 लाख करोड़ की आय, जिसमें से ₹92,800 करोड़ सिर्फ यात्री खंड से आनी है।  

वक्फ कानून, हम हिंसा की हमेशा निंदा करते हैं: ओवैसी

हैदराबाद एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर वक्फ कानून का विरोध करते हुए उसे काला कानून करार दिया और कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस काले कानून के खिलाफ है। बकरीद तक विरोध प्रदर्शन चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि 19 अप्रैल की शाम 7 बजे से  शाम 7 बजे से 10 बजे तक हैदराबाद दारुस्सलाम में एक विरोध जनसभा आयोजित की जा रही है। इस सभा की ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष खालिद सैफुल्लाह रहमानी करेंगे। वक्फ के पक्ष में नहीं है नया संशोधन ओवैसी ने कहा कि इस विरोध जनसभा में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बड़े मुस्लिम संगठन हिस्सा लेंगे। वे अपने भाषणों के माध्यम से जनता को बताएंगे कि यह वक्फ (संशोधन) अधिनियम वक्फ के पक्ष में नहीं है। हम वक्फ कमेटी के सदस्यों से भी बात करने की कोशिश कर रहे हैं और अगर उनका शेड्यूल इजाजत देता है, तो वे भी आकर जनसभा में हिस्सा ले सकते हैं।” ओवैसी ने कहा कि देश के पीएम कह रहे हैं कि आपकी ideology नेशनलिज्म होनी चाहिए। वक्फ बिल में बोहरा कम्युनिटी के बारे में ज़िक्र नहीं है। उनके कंधे पर बंदूक रख कर चला दिया लेकिन उन्हें कुछ नहीं दिया । वहीं मुर्शिदाबाद की घटना पर उन्होंने कहा कि हिंसा की घटनाओं में दो मुस्लिम भी मरे उनके बारे में भी तो बोलिए? उन्होंने कहा कि हिंसा की हम हमेशा से निंदा करते आए हैं। यह ‘लुटेरा (संशोधन) कानून’ है: ओवैसी ओवैसी ने वक्फ (संशोधन) बिल पर लोकसभा में सरकार का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि इस बिल को  ‘लुटेरा (संशोधन) कानून’ कहा जाना चाहिए क्योंकि बीजेपी की अगुवाई वाली सरकरा वक्फ की संपत्तियों को हथियाना चाहती है। ओवैसी ने वक्फ बिल के ड्राफ्ट की कॉपी लोकसभा में फाड़ दी थी। सदन में विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए ओवैसी ने कहा कि यह भारत के ईमान पर हमला है और मुसलमानों को अपमानित करने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘इस विधेयक को लाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समूह के खिलाफ जंग छेड़ दी है।’ ओवैसी ने आरोप लगाया कि यह संविधान के कई प्रावधानों का उल्लंघन करता है, जिसमें अनुच्छेद 14, 26 और 29 शामिल हैं। ओवैसी ने कहा था- ‘ भाजपा और राजग सरकार लुटेरों का काम कर रही है। वे वक्फ संपत्तियों को छीनना चाहते हैं। आप सर्वेक्षण आयुक्त (प्रस्तावित विधेयक के अनुसार) को क्यों हटा रहे हैं। यह वरिष्ठतम पद है। यह सब लूटपाट के लिए है। इसे वक्फ (संशोधन) नहीं बल्कि ‘लुटेरा (संशोधन) कानून’ कहा जाना चाहिए।

नेता अयातुल्ला खामेनेई को ईरानी अधिकारियों ने समझाया, बोले – ट्रंप के सामने सरेंडर कर दो, वरना जलजला आ जाएगा

 ईरान  परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच रिश्ते तल्ख चल रहे हैं। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर डोनाल्ड ट्रंप कई बार सैन्य कार्रवाई की धमकी ईरान दे चुके हैं। ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय बाद एक बार फिर बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। 12 अप्रैल को दोनों देशों के बीच ओमान की राजधानी मस्कट में बातचीत हुई जो करीब ढाई घंटे तक चली। यह बातचीत इनडायरेक्ट थी। यानी दोनों पक्ष दो कमरों में बैठे थे और ओमान के प्रतिनिधि एक-दूसरे को अपना संदेश दे रहे थे। दोनों देशों ने 19 अप्रैल को अगली बैठक करने पर सहमति जताई है। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत के बाद मस्कट में पत्रकारों को संबोधित करते हुए अराघची ने कहा कि वार्ता का पहला दौर “रचनात्मक था और एक शांत और बहुत सम्मानजनक माहौल में आयोजित किया गया था। किसी अनुचित भाषा का इस्तेमाल नहीं किया गया और दोनों पक्षों ने समान स्थिति से पारस्परिक रूप से अनुकूल समझौते की प्राप्ति तक वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। ईरानी मंत्री ने क्या कहा? ईरानी मंत्री सईद अब्बास अराघची ने बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का अगला दौर अगले शनिवार को होगा. हालांकि यह बातचीत मस्कट में न होकर किसी और जगह पर हो सकती है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने तय किया है कि अगली बार बातचीत में वे एक ऐसे सामान्य खाके पर काम करेंगे, जो किसी समझौते की दिशा में ले जाए। अराघची ने उम्मीद जताई कि अगले दौर में बातचीत का एजेंडा तय किया जाएगा और इसके लिए एक टाइम टेबल भी होगा। उन्होंने कहा कि कोशिश होगी कि अब असली और ठोस बातचीत की शुरुआत हो सके। वहीं एक रिपोर्ट के अनुसार, पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई अमेरिका से किसी डील के खिलाफ थे। हालांकि ईरानी अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि अगर ट्रंप के सामने झुके नहीं तो सरकार गिर सकती है और देश में भारी तबाही हो सकती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान की संसद और न्यायपालिका के बड़े नेताओं ने खामेनेई से कहा कि अगर अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई को रोकना है तो बातचीत करना बहुत जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बातचीत नहीं हुई या असफल रही तो नेतांज़ और फोर्दो जैसे परमाणु ठिकानों पर हमला तय है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने भी खामेनेई को बताया कि देश की आर्थिक हालत और आंतरिक स्थिति इतनी कमजोर है कि वह अब किसी युद्ध का बोझ नहीं उठा सकती। अमेरिका और ईरान के बीच यह बातचीत उनके लंबे समय से चले आ रहे तनाव भरे रिश्तों में एक अहम मोड़ साबित हो सकती है, लेकिन इसका नतीजा इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों देश कितनी ईमानदारी और लचीलापन दिखाते हैं। वहीं, बातचीत की शुरुआत एक अच्छा कदम माना जा रही है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला कर सकता है। खामेनेई ने रखी हैं ये शर्तें खामेनेई ईरानी अधिकारियों के दबाव में अब अमेरिका के साथ परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए तैयार हो गए हैं, लेकिन उन्होंने इसके लिए कुछ शर्तें रखी हैं। खामेनेई ने कहा है कि ईरान थोड़ी मात्रा में यूरेनियम संवर्धन कम करने और उस पर सख्त निगरानी रखने की बात पर बातचीत कर सकता है, लेकिन उन्होंने साफ किया है कि ईरान अपने मिसाइल कार्यक्रम पर कोई चर्चा नहीं करेगा, क्योंकि यह उसकी सुरक्षा नीति का अहम हिस्सा है। यही बात अमेरिका के लिए एक बड़ी रुकावट बन सकती है। ईरान अपने क्षेत्रीय नीति और आतंकी संगठनों जैसे हमास, हिजबुल्लाह और हूती को दिए जा रहे समर्थन पर बातचीत के लिए तैयार है। ट्रंप ने बहुत बुरे दिन का सामना करने की दी है चेतावनी वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो ईरान को “बहुत बुरे दिन” का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका का कहना है कि वह हर हाल में ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना चाहता है।

मुंबई हवाई अड्डे पर DRI की बड़ी कार्रवाई, जूतों से निकला 6.3 करोड़ का सोना

मुंबई राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) जूतों में सोना छुपाकर तस्करी करने का खुलासा किया है। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर DRI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक यात्री से करीब 6.3 करोड़ रुपये का सोना जब्त किया है। सोने के बर्स बैंकॉक से जूते में छिपाकर लाए गए थे। इस मामले में तस्करी सिंडिकेट से जुड़े संभावित खरीदार को भी गिरफ्तार किया गया है। डीआरआई अधिकारी ने बताया कि इस मामले में एक यात्री को गिरफ्तार किया गया है, जबकि सोने का खरीदार भी पकड़ लिया गया है। डीआरआई के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें विशेष जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर उन्होंने एक यात्री को इंटरसेप्ट किया. यह यात्री बैंकॉक से मुंबई आया था। उसकी तलाशी ली गई तो उसके जूते में छिपाकर रखे गए 6.7 किलोग्राम सोने के बर्स मिले, जिनकी कीमत करीब 6.3 करोड़ रुपये आंकी गई। गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम सामने नहीं आया है, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि वह इंटरनेशनल गोल्ड स्मगलिंग रैकेट से जुड़ा है। प्रारंभिक पूछताछ में उसके बयान से पता चला है कि वह जो सोना लेकर मुंबई पहुंचा था, वह एक व्यक्ति को बेचना था, इसके बाद डीआरआई ने उस संभावित खरीदार को भी गिरफ्तार कर लिया है। डीआरआई के अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में जांच जारी है और स्मगलिंग के अन्य संभावित लिंक का पता लगाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, यह गिरफ्तारी और सोने की जब्ती तस्करी रैकेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई है. इस पूरे मामले की गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है।

पश्चिम बंगाल वक्फ कानून के विरोध में गोलीबारी, 2 बच्चे घायल, हिंदू पिता-पुत्र समेत अबतक तीन की मौत

पश्चिम बंगाल   वक्फ कानून विरोध की आग में पश्चिम बंगाल झुलस रहा है। बंगाल के कई जिले हिंसा की चपेट में आ चुके हैं। शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, नॉर्थ 24 परगना, हुगली और मालदा जिलों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। वाहनों को आग लगाई और दुकानों-घरों में तोड़फोड़ कर लूट भी की गई। शुक्रवार को भड़की हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है जबकि सैंकड़ों लोग घायल हैं। वहीं मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 150 से ज्यादा उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। सबसे ज्यादा असर बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले हैं। पिछले चार दिन से वक्फ कानून विरोध की आड़ में मुर्शिदाबाद हिंसा की आग में झुलस रहा है। वहीं पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के धुलियान में एक बार फिर गोलीबारी की गई है। फायरिंग की इस घटना में दो बच्चे घायल हो गए हैं। वक्फ कानून के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने बीएसएफ पर भी हमला किया है। वक्फ कानून विरोध की आड़ में उपद्रवी जिव के सुती, समशेरगंज, जलांगी, लालगोला और धुलियान में जमकर हिंसा कर रहे हैं। शनिवार को भी फायरिंग हुई थी. हिंसा के कारण मुर्शिदाबाद में कल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी। हालात यह है कि खुद कलकत्ता हाईकोर्ट को मामले में संज्ञान लेना पड़ा और हिंसाग्रस्त इलाकों में पैरामिलिट्री फोर्स की कंपनियों की तैनाती कराने का आदेश देना पड़ा है। हिंसा के बाद धुलियान, शमसेरगंज समेत बड़े इलाकों में अशांति का माहौल है। वक्फ कानून के खिलाफ मुस्लिम संगठन लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मुर्शिदाबाद में शुक्रवार को हिंसा भड़की थी. तब से स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। इस विरोध प्रदर्शन के बीच कल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भी बयान सामने आया था। उन्होंने कहा था कि बंगाल में वक्फ कानून लागू नहीं होगा। धुलियान के रहने वाले हिंदू पिता-पुत्र की हत्य़ा हिंसा में मरने वालों में धुलियान के रहने वाले पिता-पुत्र भी हैं। हिंसक भीड़ ने पीट-पीटकर हरगोविंद दास (पिता) और चंदन दास (बेटे) को मार डाला। दोनों हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाते थे। तीसरा युवक शुक्रवार को गोली लगने से घायल हुआ था। इलाज के दौरान उसकी मौत हुई। हिंसाग्रस्त इलाकों में 1600 जवान तैनात केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के हिंसाग्रस्त इलाकों में 1600 जवान तैनात किए हैं। 300 के करीब BSF जवान हैं। कुल 21 कंपनियां की तैनात की गई हैं। हिंसाग्रस्त वाले इलाकों में इंटरनेट बैन है। धारा 144 भी लागू है। राज्य में वक्फ कानून के विरोध में 10 अप्रैल से हिंसा जारी है। केंद्रीय गृह सचिव ने मुख्य सचिव-डीजीपी से की बात केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने मुर्शिदाबाद हिंसा पर पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। उन्होंने जल्द से जल्द सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाने को कहा। ADG (लॉ एंड ऑर्डर) जावेद शमीम ने कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया- आज (शनिवार) की घटना का ब्योरा अभी उपलब्ध नहीं है। पुलिस की ओर से गोली नहीं चली है, BSF की ओर से हो सकता है। ये शुरुआती जानकारी है। घायल खतरे से बाहर है। सीएम ममता ने लोगों से शांत रहने और उकसावे में न आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हम किसी भी हिंसक गतिविधि का समर्थन नहीं करते। कुछ दल राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके बहकावे में न आएं। हर इंसान की जान कीमती है; राजनीति के लिए दंगे न भड़काएं। जो लोग दंगे भड़का रहे हैं, वे समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

वक्फ संशोधन कानून को लेकर दिल्ली में मुस्लिम संगठनों की बड़ी बैठक

 नई दिल्ली वक्फ संशोधन कानून को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद की अगुवाई में दिल्ली में मुस्लिम संगठनों की बड़ी बैठक की जा रही है. इस बैठक में देश के अलग-अलग इलाकों से मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं. मुस्लिमों को सर्वोच्च संस्था जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने वक्फ संशोधन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. जमीयत की वर्किंग कमेटी की बैठक मौलाना महमूद मदनी की अध्यक्षता में शुरू हो गई है. वक्फ कानून के लागू होने और मुस्लिम समाज पर पड़ने वाले असर को लेकर इस बैठक में चर्चा होगी. वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद जमीयत की प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी और मुस्लिम संगठन अपनी अगली रणनीति का ऐलान करेंगे. गौरतलब है कि वक्फ कानून में बदलाव को लेकर विपक्ष जहां सरकार पर हमलावर है तो वहीं मुस्लिम संगठन भी इसके खिलाफ हैं. जानकारी के मुताबिक जमीयत की वर्किंग कमेटी की बैठक में वक्फ को लेकर एक अहम फैसला लिया जाएगा. वर्किंग कमेटी की बैठक में इस बात पर चर्चा होगी कि वक्फ कानून लागू होने के बाद इसका क्या असर होगा? मुस्लिम समाज की कैसे कानूनी मदद की जाएगी. इसका समाज पर क्या असर होगा. इसे देखते हुए कुछ फैसले लिए जाने हैं. आपको बता दें कि वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद से देशभर में मुस्लिम संगठन इसका विरोध कर रहे है. वक्फ कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 20 से ज्यादा याचिकाएं दाखिल की जा चुकी है. याचिकाकर्ताओं में मुस्लिम संगठनों के अलावा विपक्षी दल के नेता भी शामिल है. सुप्रीम कोर्ट 16 अप्रैल को इन याचिकाओं की सुनवाई करेगा. वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून के खिलाफ मुस्लिम संगठन सड़कों पर उतर आए है. मुर्शिदाबाद के कई इलाकों में हिंसा से तनाव का माहौल है. वक्फ एक्ट के विरोध के बीच हुई हिंसा में अब तक 3 लोगों की जान जा चुकी है.

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