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GIS 2025: ‘मप्र के टूरिज्म सेक्टर में निवेश कभी निराश नहीं करेगा’…सेशन में बोले पर्यटन मंत्री शेखावत; जानें

GIS 2025: ‘Investment in Madhya Pradesh’s tourism sector will never disappoint’… Tourism Minister Shekhawat said in the session; know टूरिज्म सेक्टर के सेशन में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, प्रदेश के पर्यटन मंत्री धमेंद्र सिंह लोधी की मौजूदगी में कई बड़े ग्रुपों ने निवेश के प्रस्तावों के करार किए। बता दें कि कुल 4468 करोड़ के निवेश प्रस्ताव टूरिज्म विभाग को प्राप्त हुए। एएमडी बिदिशा मुखर्जी ने बताया कि प्रस्ताव होटल, रिजॉर्ट, क्रूज सहित अन्य पर्यटन गतिविधियों के लिए प्राप्त हुए। वहीं ऑरेंज काउंटी ग्रुप ने मांडव में रिजॉर्ट लाने की घोषणा की। यह ग्रुप 100 करोड़ का निवेश करेगा। केवीडब्लू ग्रुप ने नर्मदा नदी में क्रूज संचालन का करार किया। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भौगोलिक रूप से मध्य प्रदेश बड़ा है। हमने टूरिज्म को बढ़ाने के लिए आंतरिक विमान सेवा शुरू की है। एयर एम्बुलेंस भी शुरू की है। हमने अभ्यारण की संख्या बढ़ाई है। टाइगर, तेंदुआ और घड़ियाल सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश में है। उज्जैन में 3300 हेक्टेयर में धार्मिक सिटी बनाई जा रही है। हम पर्यटन को तीर्थाटन से जोड़ चुके है। हम पर्यटन में लगातार नए कीर्तिमान बना रहे है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। हम भारत के हितों से समझौता न करने की नीति पर चल रहे है। हर सेक्टर में हम आगे बढ़ रहे है। टूरिज्म सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था का ड्राइवर बन रहा है। भारत की ताकत बढ़ गई है। यह विश्व महसूस कर रहा है। दुनिया का सबसे ज्यादा टूरिस्ट फ्रांस में जाता है। दूसरे नंबर पर स्पेन है। भारत में डोमेस्टिक टूरिज्म की अपार संभावना है। मध्य प्रदेश के टूरिज्म सेक्टर में निवेश कभी निराश नहीं करेगा। अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने कहा कि मैं पैदा बिहार में हूँ, कर्मस्थली मुंबई है, लेकिन मध्य प्रदेश में जुड़ाव है। एमपी सच पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्य प्रदेश में 14 यूनेस्को हेरिटेज साइट है। अब प्रदेश सरकार वाटर और इको टूरिज्म पर जोर दे रही है। संस्कृति और संगीत के क्षेत्र में भी पर्यटन विभाग पांच विश्व कीर्तिमान बना चुका है।

देश के ‘दिल’ में आज निवेश की दरियादिली, पीएम करेंगे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का शुभारंभ

Global Investors Summit : देश के ‘दिल’ में बसे प्रदेश में सोमवार को निवेशक दरियादिली दिखाएंगे। पहली बार भोपाल में हो रही 8वीं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस) की थीम ‘अनंत संभावनाएं’ रखी गई हैं। राजधानी के मानव संग्रहालय में करीब सुबह 10.30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीआइएस का शुभारंभ करेंगे। वे एक घंटा जीआइएस में रहेंगे। इस दौरान वे उद्योगपतियों को संबोधित भी करेंगे। इससे पहले मप्र की औद्योगिक व निवेश क्षमता को प्रदर्शित करने वाली 5 मिनट की वीडियो फिल्म दिखाई जाएगी। शुभारंभ कार्यक्रम के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा करेंगे। नवीकरणीय ऊर्जा और आइटी समिट में शामिल होंगे। शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ डिनर होगा। दो दिन की समिट में 34 देशों के राजनयिक और वाणिज्य दूतों के साथ अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी, बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला, आइटीसी के सीएमडी संजीव पुरी समेत देश-विदेश के उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी। समिट में 30 हजार प्रतिभागी शामिल होंगे। इनमें उद्योग जगत के 3,903 विशेष आमंत्रित व 8,046 डेलीगेट्स हैं। 300 से अधिक गेस्ट ऑफ ऑनर, 133 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी, 3398 स्टार्टअप्स प्रतिनिधि, 562 एनआरआइ व मप्र के प्रवासी, समेत 10,491 प्रतिभागी आएंगे। समापन मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में शाम 4.30 से 6 बजे तक होगा।निवेश प्रदेश बनेगा एमपी बच्चों की परीक्षा, इसलिए 15 मिनट देर से जाएंगे कार्यक्रम मेंप्रधानमंत्री मोदी ने भोपालवासियों का दिल जीत लिया। उन्होंने स्कूली बच्चों की परीक्षा देख जीआइएस के शुभारंभ कार्यक्रम का समय 15 मिनट बढ़ा दिया। अब वे सोमवार सुबह 9.45 बजे राजभवन से निकलेंगे। 10.15 बजे मानव संग्रहालय पहुंचेंगे। 10.30 बजे जीआइएस का शुभारंभ करेंगे। पहले उन्हें सुबह 10.15 बजे शुभारंभ करना था। उन्हें पता चला कि सीबीएसई 12वीं की परीक्षा सुबह 9.30 बजे से है। ट्रैफिक में हुए बदलाव से बच्चों को परेशानी होगी। यह देखकर उन्होंने समय में तब्दीली कराई।बड़े उद्योगपतियों से बड़े निवेश की आसयूनिकॉर्न के एमडी-सीईओ भी: 15 से अधिक यूनिकॉर्न बने स्टार्टअप के एमडी-सीईओ भी आ रहे हैं। बोट के को-फाउंडर अमन गुप्ता, अपना के बिजनेस हेड कौशिक बनर्जी, फॉर आई के सीईओ गौतम कुमार, ईज माय ट्रिप के को-फाउंडर निशांत पिट्टी, जेरोधा के दिनेश पाई समेत अन्य भी शामिल होंगे।7 विभागीय समिट और 10 थीमेटिक सेशन: समिट में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 7 विभागीय सम्मेलन और 10 विशिष्ट थीमेटिक सत्र होंगे। प्रमुख सत्रों में फार्मा, मेडिकल डिवाइस, परिवहन-लॉजिस्टिक, कपड़ा उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, कौशल विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, अक्षय ऊर्जा, पर्यटन, खनन, एमएसएमई, शहरी विकास और प्रवासी मध्यप्रदेश शामिल हैं।अंतरराष्ट्रीय राजनयिक और वाणिज्य दूत करेंगे भागीदारीजीआइएस में 34 देशों के राजनयिक प्रतिनिधि, उच्चायुक्त, काउंसल जनरल और अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अफसर भी रहेंगे। प्रमुख भागीदार देशों में जापान, जर्मनी, इंग्लैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर है। समिट में टॉप कंपनियों के 300 से अधिक अध्यक्ष, एमडी, सीईओ शामिल होंगे। इनमें सीएमडी जेके टायर, बालकृष्ण गोयनका अध्यक्ष, वेल्सपेन वर्ल्ड, एमके अग्रवाल, एमडी ग्रासिम, कैलाश झंवर, एमडी अल्ट्राटेक, सुचिता ओसवाल जैन, उपाध्यक्ष वर्धमान, रंजिदर गुप्ता ट्राइडेंट, सीएमडी ब्लू स्टार, पार्थ प्रतिम सेन गुप्ता, एमडी बंधन बैंक आदि शामिल हैं।

पेपर पर आ रहे इन्वेस्टमेंट… कांग्रेस ने निवेश के दावों पर उठाए सवाल, एमपी जीआईएस को लेकर गरमाई सियासत

Investments coming on paper… Congress raises questions on investment claims भोपाल ! कांग्रेस ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार द्वारा आयोजित छह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इन आयोजनों में बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो हुईं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। कांग्रेस ने दावा किया कि इन समिट में राज्य का पैसा पानी की तरह बहाया गया, लेकिन निवेश नाममात्र का ही आया। भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार में ही मध्य प्रदेश ने बीमारू राज्य का ठप्पा छोड़ा है और अब सभी क्षेत्रों में तरक्की कर रहा है। यह बहस मोहन यादव सरकार के पहले जीआईएस के ठीक पहले छिड़ी है, जिसका उद्घाटन 24 और 25 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। कांग्रेस ने जारी किए आंकड़ेकांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘मध्य प्रदेश निवेश सम्मेलन: वादे, दावे और हकीकत’ नामक एक दस्तावेज भी जारी किया। इस दस्तावेज में कांग्रेस ने आंकड़ों के साथ अपने दावों को पुख्ता करने की कोशिश की है। क्या बोले जीतू पटवारीजीतू पटवारी ने कहा कि मोहन यादव की सरकार में खूब खर्चा हो रहा है। पिछले छह सम्मेलनों की तरह इस बार भी करोड़ों रुपये खर्च करके उद्योगपतियों और निवेशकों की मेहमाननवाजी की जा रही है। सरकारी खजाना ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के नाम पर खाली किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने भी साधा निशानाउमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार हर महीने 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज लेती है। जीआईएस पर बेतहाशा पैसा खर्च कर रही है। सिंघार ने कहा कि लेकिन अगर हम 2003 से अब तक के 6 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का रिकॉर्ड देखें, तो जमीनी स्तर पर सफलता दर शून्य प्रतीत होती है। उन्होंने आगे कहा कि 2003 से 2016 तक पहले पांच निवेशक सम्मेलनों में 17.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों का दावा किया गया था। इसके बाद 2023 में इंदौर में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शिवराज सिंह चौहान सरकार ने लगभग 15.40 लाख करोड़ रुपये के निवेश का दावा किया। यानी लगभग 32 लाख करोड़ रुपये का निवेश मध्य प्रदेश की धरती पर आने का दावा किया गया। जबकि हकीकत यह है कि 2003 से 2023 तक केवल 3.47 लाख करोड़ रुपये ही आए, जो सरकार द्वारा प्राप्त कुल निवेश प्रस्तावों का केवल 10% है।

छिंदवाड़ा वन मंडल में चहेतों के लिए टेंडर में गड़बड़झाला

Tender irregularities for favourites in Chhindwara forest division भोपाल। ऑनलाइन टेंडर के नाम पर वन विभाग में बड़ा खेल खेला गया है। चहेते ठेकेदार को करोड़ो की सप्लाई देने के लिए दस्तावेजों का गोलमाल किया गया है। टेंडर प्रक्रिया का यह मामला अब तक भले ही कम्पयुटरों में कैद था लेकिन बाहर आने के बाद दस्तावेज मुहैया कराने में अफसरों की सांसे फूल रही है। खास बात यह कि इस मामले में शिकवा शिकायतों का दौर शुरू होने के बाद भी अफसरों ने टेंडर निरस्त करने के स्थान पर बिना सप्लाई के ही सप्लायर को एक बड़ी राशि का भुगतान भी कर दिया है। दरअसल यह पूरा मामला पूर्व वनमंडल और दक्षिण वनमंडल से जुड़ा है जिसमें चार निविदाकारों में उस फर्म को ठेका दिया गया है जिसने निविदा के नियम और शर्तों का पालन तक नहीं किया है। सूत्रों की माने तो मंडला जिले की इस फर्म को केवल इस बिना पर टेंडर दिया गया है कि वह एक विभागीय अधिकारी से करीबी रखता है जिसके कारण टेंडर प्रक्रिया में उपयोगी दस्तावेजों की कमी को भी नजर अंदाज किया गया और उसे संबंधित फर्म को टेंडर दे दिया गया।  लैब टेस्ट कराने फीस ली कैश निविदा शर्तों के तहत टेंडर भरने वाले निविदाकार को सप्लाई की जाने वाली सामग्री का पहले सेम्पल देना होता है। सेम्पल की गुणवत्ता को परखने केलिए इंदौर की लैब में भेजा जाता है। इसके लिए निविदाकार से ऑन लाइन ही राशि जमा कराई जाती है। लेकिन टेंडर प्रक्रिया में गोलमाल का चक्रव्यूह रचने वालों ने राशि कैश में जमा करा ली। जबकि यह बात अन्य किसी भी निविदा कार को पता नहीं हैकि किस लैब में जांच की गई और उसकी रिपोर्ट वया है। 6 टेंडरों में एक ही शपथ पत्र अलग-अलग तिथि और माह में एक ही फर्म को दिए गए टेंडरों में ऑनलाइन अपलोड होने वाले शपथ फत्र में एक ही शपथ पत्र को सभी टेंडरों में अपलोड किया गया है। इसे भी दबाए रखने का काफी प्रयास किया गया लेकिन जब आरटीआई के माध्यम से दस्तावेजों की मांग की गई तो विभागीय अधिकारियों द्वारा टेंडर से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी आरटीआईकर्ता को समय सीमा के बाद भी जानकारी नहीं दी प्रदान की गई जिसके बाद जानकारी के लिए प्रथम अपील लगाई गई है।

वन विभाग के दागी अफसरों पर मेहरबान है शीर्ष अफसर

The top officers are kind to the tainted officers of the forest department उदिता नारायण  भोपाल। जंगल महकमे के शीर्ष अधिकारी कुछ चहेते अत- फसरों को बचाने के लिए पूरी ताकत लगाते आ रहें है। शीर्ष अधिकारी गंभीर वित्तीय मामले में घिरे आईएफएस अधिकारियों को बचाने के लिए आरोप पत्र  जारी करने के बजाय शो कॉज थमा कर उन्हें बचाया जा रहा हैं। विभाग के रसूखदार आईएफएस अजय पाण्डेय, गौरव चौधरी, अनुराग कुमार, प्रशांत कुमार, अमित निकम समेत एक दर्जन के खिलाफ आरोप पत्र जारी भी कर दिए गए हैं, किन्तु उनके विरुद्ध आगे की कार्यवाही पेंडिंग कर दी गई है। विभाग के शीर्ष अधिकारियों की ढुलमुल रवैया के कारण आरोपित अधिकारी प्राइम पोस्टिंग पार्टी जा रहे हैं और इनमें से कुछ अधिकारी धीरे-धीरे रिटायर भी होते जा रहें है। इसी कड़ी में पीसीसीएफ संरक्षण डॉक्टर दिलीप कुमार के खिलाफ 22 लाख रुपए की रिकवरी है और वह रिटायर हो गए हैं। दिलचस्प पहलू यह है कि विभाग सेवानिवृत्त अधिकारियों पर सद्भावना दिखाते हुए पेंशन भी स्वीकृत कर रहा है। मसलन, एम काली दुर्रई, देवेंद्र कुमार पालीवाल, प्रभात कुमार वर्मा जांच कार्यवाही के लंबित रहते हुए सेवानिवृत्त हो गए और अब उनके समस्त देयकों के भुगतान करने पर उदारता बरती गई । दागी अफसरों को बचाने के लिए शीर्ष अधिकारियों ने क्यों उदारता बरती, शोध का विषय है। इन अफसरों को अभयदान देने के प्रयास एपीएस सेंगर: बालाघाट सर्किल में पदस्थ सीएफ एपीएस सेंगर के खिलाफ 24 अगस्त 2022 को आरोप पत्र जारी हुआ। मामला तब का है, जब वे टीकमगढ़ के डीएफओ हुआ करते थे। इन पर आरोप है कि भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया। खरीदी में गड़बड़ी हुई। इनके खिलाफ आरोपपत्र भी बन गया परंतु  प्रशासन-1 शाखा ने उदारता दिखाते हुए शो कॉज नोटिस जारी कर उन्हें न केवल बालाघाट सर्किल में प्राइम पोस्टिंग दे दी, बल्कि क्लीनचिट भी दे दी। दुर्भाग्यजनक पहलू यह है कि विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने की अद्यतन स्थिति से शासन को अवगत नहीं कराया है। बृजेंद्र श्रीवास्तव: छिंदवाड़ा पूर्व में पदस्थ डीएफओ बृजेंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ 21 जुलाई 2022 को नियम दस के तहत आरोप पत्र जारी किया गया था। इन पर आरोप है कि स्थानांतरण नीति के विरुद्ध जाकर कर्मचारियों के तबादले किए। आरोप पत्र का जवाब अभी तक नहीं दिया गया है।  भारत सिंह बघेल: भोपाल मुख्यालय में पदस्थ भारत सिंह बघेल को आरोप पत्र 22 मई 2006 को जारी किया गया था। बघेल ने अपने प्रभाव अवधि के दौरान पूर्व लांजी क्षेत्र में प्रभार अवधि में राहत कार्य अंतर्गत कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की थी। इनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा कर मामला संघ लोक सेवा आयोग को भेजा गया है। शासन को संघ लोक सेवा आयोग के उत्तर की अपेक्षा है। नवीन गर्ग: बहुउद्देशीय परियोजना के डूब क्षेत्र में आई वन भूमि के बदले में गैर वनभूमि और बिगड़े वन में पौधारोपण कराने में करोड़ों के वनीकरण क्षतिपूर्ति घोटाले में शामिल आईएफएस नवीन गर्ग को डीएफओ दक्षिण सागर (सामान्य) वनमंडल से मप्र ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। यही नहीं, ट्रांसफर के बाद भी उन्हें दक्षिण सागर वन मंडल से कई महीनों तक हटाया नहीं गया था। दिलचस्प पहलू यह है कि वन मंत्री विजय शाह ने बीते विधानसभा सत्र में दक्षिण सागर डीएफओ रहे नवीन गर्ग को निलंबित करके ईओडब्ल्यू से जांच कराने की घोषणा की थी। सदन में की गई घोषणा हवा हो गई. उनकी पोस्टिंग इको पर्यटन बोर्ड में है किंतु वह वन्य प्राणी शाखा में काम कर रहे हैं। प्रशांत कुमार: खंडवा में डीएफओ के पद पर पदस्थ प्रशांत कुमार को आरोप पत्र 4 सितंबर 2020 को जारी किया गया था। प्रशांत कुमार डीएफओ पश्चिम बैतूल वन मंडल में अनियमितता के मामले में जांच हुई थी जिसमें उन्हें दोषी पाया गया। विभाग ने एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोके जाने का दंड आरोपित कर अंतिम निर्णय के लिए संघ लोक सेवा आयोग भेजा है। आयोग से अभी तक अभिमत नहीं आ पाया है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि इस गड़बड़ी में तत्कालीन उप वन मंडल अधिकारी आईएस गडरिया संलिप्त रहे हैं। आरपी राय: खंडवा सर्किल में पदस्थ सीसीएफ आर पी राय के खिलाफ 10 जून 2019 को आरोप पत्र जारी हुआ था। आरोप था कि वन मंडल इंदौर के अंतर्गत वन परीक्षेत्र चोरल में बड़े पैमाने पर अवैध कटाई हुई थी। जांच के दौरान राय अपने दायित्वों का निर्वहन करने में असफल रहे। इसके कारण 6 लाख 93 हजार 361 रुपए की राजस्व हानि हुई थी। अभी इनसे वसूली नहीं हुई है। मामला विभाग में ही ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। राय अगले मई महीने सेवानिवृत्त हो गए। यही नहीं, विभागीय मंत्री की विशेष कृपा होने के कारण इनसे छह लाख 93 हजार की वसूली नहीं हो पाई। एम काली दुर्रई:  1996 बैच के आईएफएस अधिकारी एम काली दुर्रई प्रतिनियुक्ति पर हॉर्टिकल्चर में पदस्थ रहे। यहां पदस्थ रहते हुए दुर्रई ने किसानों की सब्सिडी देने के मामले में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की। इसके चलते उन्हें कमिश्नर हॉर्टिकल्चर पद से हटाया गया। मूल विभाग वन विभाग में लौटते ही उनके खिलाफ  विभागीय जांच शुरू की गई। प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के जांच अफसर सीके पाटिल को जांच के लिए 2 साल का पर्याप्त समय मिलने के बाद भी विभागीय जांच कंप्लीट नहीं कर पाए और वे रिटायर हो गए। राजनीतिक दबाव के चलते विभाग के अफसर उनके खिलाफ कोई बड़ी कार्यवाही नहीं कर पाए। सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले देयकों का भुगतान भी उदारता से किया जा रहा है।  डीके पालीवाल: सीसीएफ शिवपुरी के पद से रिटायर हुए हैं। इनके पेंशन के भुगतान पर आपत्ति की गई है, क्योंकि धार और फिर गुना डीएफओ पद रहते हुए आर्थिक गड़बड़ी कर शासन को नुकसान पहुंचाया है। धार में पदस्थ रहते हुए पालीवाल ने एक रेंजर का समयमान वेतनमान का फिक्सेशन अधिक कर दिया। जब मामला संज्ञान में आया, तब तक पालीवाल वहां से स्थानांतरित हो गए थे। विभाग ने अतिरिक्त भुगतान के गए राशि वसूलने के नोटिस सेवानिवृत्त रेंजर को भेजा तो कोर्ट ने उस के पक्ष में फैसला देते हुए फिक्सेशन करने वाले अफसर पालीवाल से ₹300000 की वसूली करने … Read more

केन्द्र सरकार ने दी मंजूरी, एमपी के 10 शहरों में ‘कचरे’ से बनेगी ‘बिजली’

electricity will be produced from waste in 10 urban bodies of mp नगरीय विकास विभाग ने घरेलू कचरे के निस्तारण के मामले में बड़े जुर्माने से बचने के लिए प्रयास शुरू किए हैं। इसके तहत कहीं कचरे से सीएनजी बनाने के प्लांट लगाए जा रहे हैं तो कहीं कंपोस्टिंग के प्लांट लग रहे हैं। इसी सिलसिले में अब मध्यप्रदेश के 10 शहरों में कचरे से बिजली बनाने के प्लांट लगाए जा रहे हैं। इन्हें केन्द्र से अनुमति मिल गई है। यह वर्ष 2026 तक शुरू होने की संभावना है। सरकार ने प्रदेश में नगरीय निकायों को वर्ष 2027 तक कचरा प्रबंधन में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तय किया है। यहां पहले से बनाई जा रहीरीवा, जबलपुर में कचरे से बिजली बनाने की यूनिट संचालित हैं। प्रतिदिन 950 टन कचरे का प्र-संस्करण कर 18 मेगावॉट बिजली पैदा की जा रही है। लीगेसी वेस्ट खत्म करने में मिलेगी मदद एनजीटी ने 2022 में सॉलिड वेस्ट प्रबंधन में लापरवाही के लिए 3 हजार करोड़ का जुर्माना लगाया था। तत्कालीन सीएस ने छह माह में प्रबंधन करने का शपथ-पत्र दिया था। इसके बाद जुर्माना स्थगित किया गया, लेकिन अब भी निकायों की डंपिंग साइट पर 25 लाख टन से ज्यादा लीगेसी वेस्ट जमा है। बिजली प्लांट बनने से वेस्ट भी खत्म करने में मदद मिलेगी। जुर्माने से बचा जा सकेगा। हाल ही में गीले कचरे की कंपोस्टिंग के लिए कटनी, सागर में स्वचालित यूनिट लगाई गई हैं। इन 10 नई इकाइयों को अनुमति 10 नगरीय निकायों के लिए क्लस्टर आधार पर 1018.85 टन प्रतिदिन क्षमता की इकाइयों के लिए मंजूरी मिली है। इन निकायों में सांची, हरदा, नया हरसूद, शाहगंज, आलीराजपुर, देपालपुर, उन्हेल, बाबई, धारकोटि और इंदौर शामिल हैं। इनमें आसपास के स्थानों को भी जोड़ा गया है। जहां कचरा कम निकलता है वहां समीपस्थ अन्य शहरों को जोड़ा गया है। इंदौर-उज्जैन को मिलाकर 607 टन कचरे से बिजली बनाने की यूनिट्स का काम प्रस्तावित है। इसके शुरू होने से 12.15 मेगावाट बिजली बन सकेगी।

विकसित भारत के संकल्पों को साकार करता ऐतिहासिक बजट – वैभव पंवार

Historic budget realizing the resolutions of developed India – Shri Vaibhav Panwar भोपाल। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2025-26 भारत के समग्र विकास को गति देने वाला है। यह बजट गरीब, युवा, किसान, महिलाएं और मध्यमवर्गीय परिवारों सहित सभी वर्गों के उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह बात भारतीय जनता युवा मोर्चा मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री वैभव पंवार ने बजट 2025-26 के संदर्भ में कही। उन्होंने कहा कि यह बजट राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्टार्टअप्स, इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों को भी प्रोत्साहित करेगा। इसमें कृषि, उद्योग, निवेश, निर्यात, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए ठोस योजनाएं बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने बजट में युवाओं को ध्यान में रखते हुए स्टार्टअप्स के लिए ऋण सीमा को 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये किया गया है। साथ ही 27 फोकस क्षेत्रों में ऋण गारंटी को घटाकर एक प्रतिशत कर दिया गया है। सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए ऋण सीमा को 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया गया है। सरकार ने फंड ऑफ फंड्स की स्थापना की है, जिसके तहत सरकार स्टार्टअप्स के लिए 10 हजार करोड़ की मदद देगी। पंवार ने कहा कि यह बजट अंत्योदय की भावना के अनुरूप समावेशी, कल्याणकारी और सर्वस्पर्शी है, जो सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करेगा। इस दूरदर्शी बजट हेतु माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी का आत्मीय अभिनंदन एवं सादर आभार। अंकित गर्गप्रदेश मीडिया प्रभारीभाजयुमो मप्र

नेता प्रतिपक्ष सिंघार बोले-बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया बजट,वहां कई विशेष पैकेज दिए

Leader of Opposition Singhar said – The budget was made keeping in mind the Bihar elections, many special packages were given there. मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय बजट को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये केंद्रीय बजट बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, वहां कई विशेष पैकेज दिए गए। उन्होंने कहा नीतीश कुमार के भरोसे भाजपा की सरकार चल रही है इसलिए उनपर ही मेहरबानी की गई है। एमएसपी कानून की गारंटी पर कोई बात नहींनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री जी शायद भूल गए हैं कि देश का बजट पूरे देश के लिए होता है। उन्होंने कहा इस बजट में किसानों की एमएसपी कानून की गारंटी पर कोई बात नहीं की गई। प्रधानमंत्री आवाज योजना 13670 करोड़ कर दी गयी। जल जीवन मिशन 70 हजार करोड़ था अब 22694 करोड़ कर दिया। एससी एसटी ओबीसी की योजनाओं में भी कटौती की गई है। एससी एसटी और गरीबों के लिए कुछ नहींनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ये बजट भाजपा सरकार ने एक राज्य में चुनाव जीतने के हिसाब से बनाया गया है। उमंग सिंघार ने कहा कि किसानों के एमएसपी, आवास योजना, एससी एसटी और गरीबों के लिए कुछ नहीं किया गया है, उनकी योजनाओं को लेकर कटौती की गई है। उमंग सिंघार ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी आप इन्हीं लोगों के कारण प्रधानमंत्री बने हैं और उन्हीं को आज भूल गए। ये देश का बजट है देश के हिसाब से होना

कंसोटिया बने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव: तीन आईएएस की जिम्मेदारी बदली; मुखर्जी को बनाया राजस्व मंडल का अध्यक्ष

भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जापान दौर से लौटने से पहले तीन सीनियर आईएएस अफसरों की जिम्मेदारी में बदलाव किया गया है। जेएन कंसोटिया को गृह विभाग को अपर मुख्य सचिव बनाया है। वहीं दो दिन पहले एसीएस बनाए गए अनिरुद्ध मुखर्जी को राजस्व मंडल का अध्यक्ष बनाया गया है। राजस्व मंडल में प्रशासकीय सदस्य और प्रमुख सचिव सचिन सिन्हा को ग्वालियर से भोपाल लाया है। सिन्हा को प्रशासन अकादमी का महानिदेशक बनाया है। बता दें कि एसीएस एसएन मिश्रा शुक्रवार को रिटायर हो गए। जिसके बाद कंसोटिया की उनके पद पर नियुक्ति की गई। वे मोहन सरकार में करीब 1 साल बाद बड़े विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे। कंसोटिया अभी प्रशासन अकादमी के डीजी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। शमी को आवासीय आयुक्त नई दिल्ली का अति. प्रभार अनिरुद्ध मुखर्जी को दो दिन पहले एसीएस बनाकर आवासीय आयुक्त नई दिल्ली की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्हें लोक परिसंपत्ति विभाग का जिम्मा भी सौंपा था। अब उनके पास लोक परिसंपत्ति विभाग की जिम्मेदारी यथावत रखी है। वहीं आवासीय आयुक्त नई दिल्ली का अतिरिक्त प्रभार खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी को सौंपा गया है। परिवहन और जेल विभाग की जिम्मेदारी किसी को नहीं परिवहन और जेल विभाग की जिम्मेदारी अभी किसी को नहीं दी गई है। रिटायर एसीएस एसएन मिश्रा के पास गृह विभाग के एसीएस के साथ परिवहन और जेल विभाग का अतिरिक्त प्रभार था।

सिर्फ कागजों में देश कि सबसे स्वच्छ राजधानी भोपाल: ज़मीनी हकीकत कुछ और, बस स्टैंड बदहाल, कीचड़-गंदगी से भरे पड़े ,,,

Bhopal is the cleanest capital of the country only on paper: Ground reality is different, bus stand is in bad condition, filled with mud and dirt,,, भोपाल । राजधानी भोपाल के नादरा बस स्टैंड और आईएसबीटी की हालत बदहाल है। दोनों बस स्टैंड पर गंदगी पसरी है। पीने के साफ पानी और स्वच्छ शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। नादरा बस स्टैंड रात के समय नशे का अड्डा बन जाता है। यहां चोरी और लड़ाई की घटनाएं भी आम हैं। बता दें कि नादरा बस स्टैंड से रोजाना करीब 5 हजार से अधिक यात्री सागर, बीना, विदिशा, अशोकनगर, गुना, शिवपुरी, आदि शहरों के लिए जाते हैं। वहीं आईएसबीटी से रोजाना करीब 6 हजार यात्री होशंगाबाद, इटारसी, बैतूल आदि जैसे शहरों के लिए निकलते हैं, इसके अलावा अन्य राज्यों जैसे राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश आदि के लिए भी बसें यहां से रवाना होती हैं। खुले में शौच से स्थानीय दुकानदार और यात्री परेशाननादरा बस स्टैंड पर एजेंट का काम करने वाले दयाल सिंह गुर्जर ने बताया कि पानी निकासी की सही व्यवस्था न होने के चलते बस स्टैंड कीचड़ से भरा है। लोग यहां खुले में शौच करते है। इससे पूरे इलाके में बदबू बनी रहती है. जिसकी वजह से स्थानीय दुकानदार और यात्री परेशान रहते हैं। नगर निगम भी हमारे आवाज उठाने पर ही सफाई करवाता है। मुफ्त शौचालय का बोर्ड लगा, फिर भी मांगे जाते हैं पैसेदुकानदार मोहम्मद सईद ने बताया कि वह पिछले 40 सालों से बस स्टैंड पर दुकान चलाते हैं। यहां शौचालय का कोई बोर्ड या निशान नहीं लगा है। इसके चलते विशेषकर महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां बाहर बने शौचालय में महिलाओं के लिए मुफ्त लिखे होने पर भी उनसे पैसे मांगे जाते हैं। जब महिलाएं इस बात को लेकर आवाज उठाती हैं, तो उन्हें शौचालय में काम चलने की दलील दी जाती है। बस स्टैंड पर गुंडे लोगों की वजह से मनमाने तरीके से काम हो रहा है। कम से कम रात के समय प्रशासन को एक आदमी की ड्यूटी लगानी चाहिए जो निगरानी कर सके। रात होते ही नशे का अड्डा बन जाता है नादरा बस स्टैंडऑटो ड्राइवर शेराज ने बताया कि यहां देर रात अक्सर लोगों के साथ चोरी की घटनाएं होती रहती है। लोगों के बैठने और पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है। हालांकि बस स्टैंड पर 2-3 पानी की टंकी लगी हैं, लेकिन सब सालों पुरानी है। जिनकी सफाई होते हुए हमने नहीं देखा। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि रात होते ही बस स्टैंड नशे का अड्डा बन जाता है। जिससे आए दिन यहां लड़ाई-झगड़ा भी होता रहता है। अतिक्रमण की वजह से बस निकालने में दिक्कत बस ड्राइवर जुम्मा खान ने बताया कि नादरा बस स्टैंड शिफ्ट होने की बात कही जा रही है, लेकिन कब तक होगा इसका अनुमान नहीं है। बस स्टैंड की जगह सही से नहीं बनी हुई है, साथ ही अतिक्रमण भी फैला रहता है। इसके चलते यहां से बस निकालने में बहुत परेशानी होती है। आईएसबीटी की हालत भी बदहाल शहर के आईएसबीटी की हालत भी बदहाल है। एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि बस स्टैंड में सीवर लाइन चोक होने की वजह से परिसर में गंदा पानी भरा रहता है। इसके अलावा ड्राइवर बूथ पर लगाकर ही बसे धोते हैं, जिससे कीचड़ फैलता है। बस स्टैंड पर पीने के साफ पानी व्यवस्था नहीं है और शौचालय भी साफ नहीं है। ज्यादातर बस ड्राइवर बस स्टैंड के बाहर मुख्य सड़क पर ही बसे खड़ी करते हैं। इससे सवारियों दिक्कत होती है। इस संबंध में निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का कहना है कि स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर निगम अच्छे प्रयास कर रहा है। दिन-रात सफाई हो रही है। जहां खामी होगी, वहां सुधार करेंगे। बस स्टैंड पर भी विशेष सफाई करवाई जाएगी। शहर के दोनों बस स्टैंडों से कहां जाती हैं बसें आईएसबीटी : होशंगाबाद, इटारसी, बैतूल, मुलताई की ओर बसें जाती हैं। नादरा बस स्टैंड : सागर, बीना, विदिशा, अशोकनगर, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर की बसें जाती हैं।

सीएम मोहन यादव कि फिर चली तबादला एक्सप्रेस,एमपी में 42 आईएएस अफसरों के तबादले: 12 जिलों के कलेक्टर बदले; मुख्यमंत्री कार्यालय से हटे भरत यादव और अविनाश लवानिया

भोपाल। मध्यप्रदेश में एक बार फिर आईएएस अफसरों के थोकबंद तबादले हुए हैं। सोमवार रात को सामान्य प्रशासन विभाग से जारी आदेश में 42 आईएएस अफसरों के ट्रांसफर कर दिए गए। आदेश में मुख्यमंत्री के दो सचिव को भी इधर से उधर किया गया है। 12 जिलों के कलेक्टर बदल दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जापान यात्रा पर जाने से पहले तबादले को हरी झंडी दी है। राज्य प्रशासनिक सेवा के 12 अधिकारियों का भी तबादला किया गया है। मुख्यमंत्री के दो सचिव का ट्रांसफर मुख्यमंत्री के सचिव भरत यादव को हटाकर एमपी सड़क विकास निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है। इसी तरह अपर सचिव से प्रमोट होकर पिछले माह सीएम सचिवालय में सचिव बनाए गए अविनाश लवानिया को भी वहां से हटाते हुए एमडी पावर मैनेजमेंट कम्पनी बनाया गया है। सिबि चक्रवर्ती एम को मुख्यमंत्री का सचिव तथा आयुक्त नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन 12 जिलों के कलेक्टर बदले सोमवार रात को जारी आदेश में गुना, खरगोन, डिंडौरी, सीहोर, सतना, बड़वानी, टीकमगढ़, रायसेन, खंडवा, श्योपुर, देवास और बुरहानपुर जिले के कलेक्टर बदले गए हैं। गुना कलेक्टर सतेंद्र सिंह को एमडी स्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन बनाया गया है। उनकी जगह श्योपुर कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल को गुना कलेक्टर बनाया गया है। खरगोन कलेक्टर कर्मवीर शर्मा को आयुक्त सह संचालक, खाद्य नागरिक आपूर्ति बनाया गया है। उनकी जगह बुरहानपुर की कलेक्टर भव्या मित्तल को खरगोन का नया कलेक्टर बनाया गया है। नेहा मारव्या सिंह को डिंडौरी जिला का कलेक्टर बनाया गया है। सीहोर कलेक्टर प्रवीण सिंह को संचालक लोक स्वास्थ्य बनाया गया गया है। उनकी जगह बाला गुरु के को सीहोर का नया कलेक्टर बनाया है। सतना कलेक्टर अनुराग वर्मा को एमडी, राज्य भंडार निगम बनाया गया है। उनकी जगह सतीश कुमार एस को सतना का नया कलेक्टर बनाया है। बड़वानी कलेक्टर डॉ. फटिंग राहुल हरिदास को आयुक्त, मप्र गृह निर्माण बनाया गया है। उनकी जगह गुंचा सनोबर को बड़वानी कलेक्टर बनाया गया है। टीकमगढ़ कलेक्टर अवधेश शर्मा को ओएसडी, सह-आयुक्त तकनीकी शिक्षा बनाया गया है। उनकी जगह विवेक श्रोत्रिय को टीकमगढ़ जिला का कलेक्टर बनाया गया है। रायसेन कलेक्टर अरविंद कुमार दुबे को अपर सचिव मुख्यमंत्री बनाया गया है। उनकी जगह अरुण कुमार विश्वकर्मा को रायसेन कलेक्टर बनाया गया है। खंडवा के कलेक्टर अनूप कुमार सिंह को एमडी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी बनाया गया है। उनकी जगह देवास के कलेक्टर ऋषभ गुप्ता को खंडवा जिले की कमान दी गई है। डिंडौरी के कलेक्टर हर्ष सिंह को बुरहानपुर का नया कलेक्टर बनाया गया है। ऋतु राज, सीईओ, भोपाल जिला पंचायत को देवास का कलेक्टर बनाया गया है। दमोह के जिला पंचायत सीईओ अर्पित वर्मा को श्योपुर का कलेक्टर बनाया गया है। इन्हें लंबे इंतजार के बाद मिली कलेक्टरी देवास कलेक्टर बनाए गए ऋतुराज सिंह लंबे समय से कलेक्टरी मिलने का इंतजार कर रहे थे। उनके बैच के अधिकांश आईएएस कलेक्टर बन चुके हैं। दूसरी ओर उन्हें भोपाल जिला पंचायत सीईओ बने करीब ढाई साल हो गया था। आखिरकार उन्हें कलेक्टरी मिल ही गई। सोशल मीडिया पर दर्द छलका तो नेहा को मिली कलेक्टरी लंबे समय से कलेक्टरी का इंतजार कर रही 2011 बैच की आईएएस अधिकारी नेहा मारव्या सिंह को आखिरकार कलेक्टरी मिल गई है। वर्तमान में सरकार 2015 बैच के आईएएस अफसरों को कलेक्टरी दे चुकी है। लेकिन, नेहा मारव्या को इसका मौका नहीं मिल पा रहा था। पिछले माह आईएएस सर्विस मीट के पहले दिन आईएएस आफिसर्स एसोसिएशन के ग्रुप में नेहा ने अपना दर्द जाहिर किया था और यह बात मीडिया में भी आई थी। अब नेहा मारव्या को डिंडौरी कलेक्टर पदस्थ किया गया है।

सीएम ने इंदौर में फहराया तिरंगा: जीतू ने पीसीसी कार्यालय में ध्वज फहराया,भोपाल में राज्यपाल ने किया झंडावंदन

Jitu hoisted the flag at the PCC office, CM hoisted the tricolor in Indore: Governor saluted the flag in Bhopal इंदौर में तिरंगा फहराने के बाद सीएम ने परेड की सलामी ली। भोपाल । मध्यप्रदेश में आज 76वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है।  पीसीसी कार्यालय में मना गणतंत्र दिवस गणतंत्र दिवस पर मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पीसीसी कार्यालय में ध्वज फहराया। इसके बाद वे लोगों से मिले। सीएम डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के नेहरू स्टेडियम में सुबह 9 बजे तिरंगा फहराया। राष्ट्रगान के बाद खुली जीम में परेड की सलामी ली। सीएम इसके बाद बाल विनय विद्या मंदिर उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित भोज कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। भोपाल में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने तिरंगा फहराकर संयुक्त परेड की सलामी ली। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर मुरैना में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा देवास और राजेंद्र शुक्ल रीवा में हैं।

मध्य प्रदेश का राज भवन घूमने का सुनहरा अवसर , जाने नियम

Golden opportunity to visit Raj Bhavan of Madhya Pradesh, know the rules MP News: मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल के निर्देश पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर तीन दिनों के लिए राजभवन के दरवाजे आम लोगों के लिए खुले रहेंगे. राजभवन में कई ऐसे दर्शनीय स्थान है जो इतिहास से जुड़े हुए हैं. इनका भ्रमण और अवलोकन आम लोगों द्वारा किया जा सकता है. राजभवन के अपर मुख्य सचिव के सी गुप्ता ने बताया कि राज्यपाल मंगू भाई पटेल के निर्देश पर राजभवन को आम लोगों के अवलोकन के लिए तीन दिनों तक खोला जाएगा. उन्होंने बताया कि आम नागरिक 25 से 27 जनवरी 2025 तक की निर्धारित समय अवधि में राजभवन देख सकते हैं. इसके लिए समय भी तय किया गया है. आम लोगों के लिए दोपहर 2:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक राजभवन खुला रहेगा. इसी प्रकार 26 जनवरी को प्रातः 11 से दोपहर 2:00 बजे तक राजभवन का भ्रमण किया जा सकेगा. संभावना जुटाए जा रही है कि तीन दिन की अवधि में हजारों की संख्या में लोग राजभवन को देखने के लिए जा सकते हैं. उन्हें गेट नंबर 2 से आवागमन की अनुमति मिलेगी. इतिहास को संजोए हुए है राजभवनराजभवन राज्यपाल का निवास होने के साथ-साथ इतिहास को अपने आप में संजोए हुए हैं. यहां पर तोप, आकर्षक प्राचीन‌ वस्तुओं के साथ-साथ एक विशाल वेंकट हाल भी है, जो कि काफी पुराना है. राजभवन की कई प्राचीन वस्तुएं आम लोगों को अपनी और आकर्षित करती है. इसके अलावा प्राचीन समय के लगे हुए झूमर भी राजभवन की खूबसूरती के साथ-साथ लोगों के आकर्षण का केंद्र माने जाते हैं. जिस क्षेत्र में राजभवन स्थित है वह 1880 तक एक सैन्य छावनी क्षेत्र था. इस क्षेत्र में किसी भी निजी निर्माण की अनुमति नहीं थी. 1880 में वर्तमान राजभवन का निर्माण भोपाल की नवाब शाहजहां बेगम ने ब्रिटिश अधिकारियों के ठहरने के लिए किया था. इसे शुरू में लाल कोठी नाम दिया गया था. 1880 के बाद से लाल कोठी भोपाल में तैनात ब्रिटिश राजनीतिक एजेंटों का आधिकारिक निवास बन गया.

कैबिनेट बैठक के लिए महेश्वर तैयार, मंत्रियों को मिलेगा मालवा निमाड़ के व्यंजन

Maheshwar ready for cabinet meeting, ministers will get dishes from Malwa Nimar शुक्रवार को पर्यटन नगरी महेश्वर में होने वाली मंत्रीमंडल बैठक के लिए तैयारियां जोरों पर है। नर्मदा रिट्रीट कैम्पस में एक बड़ा डोम तैयार किया गया है। बैठक में शामिल मंत्रियों को मालवी और निमाड़ी व्यंजन परोसे जाएंगे। दाल बाफले, चूरमा लड्डू, दाल पानिए, बेसन गट्टे की सब्जी सहित अन्य व्यंजन परोसे जाएंगे। माना जा रहा है कि कैबिनेट बैठक में धार्मिक नगरी में शराब बिक्री पर प्रतिबंध के फैसले को मंजूरी दी जाएगी। लोकमाता अहिल्या बाई होलकर का 300 वां जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। इस मौके पर महेश्वर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक करने का फैसला लिया। मुख्यमंत्री व अन्य मंत्री सुबह साढ़े दस बजे महेश्वर पहुंच जाएंगे। पहले अहिल्या प्रतिमा का पूजन होगा, फिर यहां मंत्रियों का सामूहिक फोटो सेशन होगा। दोपहर 12 बजे बैठक शुरू होगी। जिसमे प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे। मालवी-निमाड़ी अंदाज में सजा परिसर जिस परिसर में बैठक होगी। उसे मालवी निमाड़ी अंदाज में सजाया गया है। दीवारों पर मांडने व संजा सजाए गए है। इसके अलावा रंग-बिरंगी वंदनदार भी सजाई गई है। परिसर के मुख्य गेट पर महेश्वर किले की प्रतिकृति बनाई गई है। महेश्वर में मुख्यमंत्री व मंत्री चार घंटे तक रुकेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री हेलीकाप्टर से भोपाल रवाना हो जाएंगे। परिसर के समीप एक हेलीपेड भी बनाय गया है। पहली बार निमाड़ में आने वाले महेश्वर में यह बैठक हो रही है। इससे पहले हनुमंतिया में भी कैबिनेट बैठक हो चुकी है।

सेज यूनिवर्सिटी और एक्सप्रेस ई कनेक्ट का समझौता: कृषि क्षेत्र में नवाचार

Sage University and Express E Connect tie up: Innovation in agriculture sector भोपाल ! दिनांक 22 जनवरी 2025 को एलसीबी फर्टिलाइजर और एक्सप्रेस ई कनेक्ट के प्रबंध निदेशक उदित नारायण और भोपाल स्थित सेज यूनिवर्सिटी के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता जैव उर्वरकों और अन्य संबंधित उत्पादों के प्रदर्शन, प्रमाणन, निर्माण और व्यवसायीकरण को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। इस साझेदारी के तहत शोध और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे कृषि क्षेत्र में क्रांति आने की उम्मीद है। गौरतलब है कि इस समझौते से पहले भी एलसीबी फर्टिलाइजर और एक्सप्रेस ई कनेक्ट ने मध्य प्रदेश में महत्वपूर्ण पहल की है। 25 दिसंबर 2024 को, अटल जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर, पंचायती राज मंत्री माननीय प्रहलाद पटेल जी ने दमोह जिले में एलसीबी फर्टिलाइजर और एक्सप्रेस ई कनेक्ट के साथ मिलकर आत्मनिर्भर गौशाला परियोजना का शुभारंभ किया था। इस पहल का उद्देश्य गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाना और कृषि उत्पादकता में सुधार करना था। इस आत्मनिर्भर गौशाला परियोजना के तहत जैव उर्वरकों का निर्माण गोबर और अन्य जैविक कचरे से किया जाता है। इसका उपयोग खेतों में किया जाने वाला रासायनिक उर्वरकों का स्थान लेने के लिए किया जा रहा है। यह मॉडल न केवल पर्यावरण को सुरक्षित बनाता है, बल्कि किसानों को किफायती और प्रभावी विकल्प भी प्रदान करता है। इस पहल से किसानों के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। Read More: अटल जन्म शताब्दी पर जैविक खेती को बढ़ावा: दमोह में जैविक खाद इकाई का शुभारंभ नए एमओयू के तहत सेज यूनिवर्सिटी शोध और तकनीकी सहयोग में अपनी भूमिका निभाएगी। यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ किसानों और उद्योग के लिए प्रमाणन प्रक्रियाएं विकसित करेंगे। इसके साथ ही, जैव उर्वरकों और संबंधित उत्पादों के प्रदर्शन के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह साझेदारी छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए भी नए अवसर खोलेगी। एलसीबी फर्टिलाइजर और एक्सप्रेस ई कनेक्ट ने इस समझौते के माध्यम से कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने का संकल्प लिया है। आत्मनिर्भर गौशालाओं को और अधिक व्यापक रूप में स्थापित करने और जैव उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने की योजना है। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इस समझौते के माध्यम से मध्य प्रदेश के कृषि क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। माननीय प्रहलाद पटेल जी द्वारा शुरू की गई आत्मनिर्भर गौशाला परियोजना और नई साझेदारी के बीच का यह तालमेल राज्य और देश के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

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