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MP : सीएम साहब- कई बड़े अफसरों के आपत्तिजनक स्थिति में वीडियो वायरल, उन पर कार्रवाई क्यों नहीं

भोपाल.. निलंबित स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम शर्मा ने अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है. उन्होंने अपने ऊपर हुई कार्रवाई को गलत बताया है. अपने बचाव में शर्मा ने कहा कई बड़े अफसरों के महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में वीडियो सामने आ चुके हैं, फिर उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की गयी. निलंबित स्पेशल डी जी पुरुषोत्तम शर्मा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, डीजीपी विवेक जौहरी और आईपीएस एसोसिएशन को चिट्ठी लिखी है. उन्होंने अपने बचाव में दूसरे आईएएस और आईपीएस का उदाहरण देते हुए लिखा है कि अब तक कितने आईएएस और आईपीएस के आपत्तिजनक वीडियो आ चुके हैं, लेकिन उन पर आज तक कार्रवाई नहीं की गई. मैंने तो अपनी रक्षा में पत्नी का सामना किया. मेरे खिलाफ गलत कार्रवाई पुरुषोत्तम शर्मा ने पत्र में अपने ऊपर हुई कार्रवाई को गलत बताया है. उन्होंने लिखा मामले में जांच तक नहीं की गई है. मेरे जवाब को सही तरीके से पढ़ा भी नहीं गया और बिना तथ्यों की जांच के इतना बड़ा फैसला सुना दिया गया. यह गलत है. मेरी छवि खराब करने के लिए सब कुछ किया जा रहा है. इससे पहले भी कई अफसरों के वीडियो और आपत्तिजनक पोस्ट सामने आ चुकी हैं लेकिन किसी पर ऐसी कार्रवाई नहीं की गयी. बिना शिकायत कार्रवाई पुरुषोत्तम शर्मा ने अपनी चिट्ठी में यह भी बताया कि उनकी छवि खराब करने की साजिश है. उन्होंने इस मामले को महिला प्रताड़ना का ना बताते हुए पुरुष प्रताड़ना का बताया है. उन्होंने इस बात का भी जिक्र अपने पत्र में किया है कि हाल ही में कई बड़े अफसरों के रिश्वत लेते वीडियो और महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में वीडियो आ चुके हैं,लेकिन उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई क्यों नहीं की गई.

MP : ब्यावरा सीट से टिकट के दावेदारों के सैकड़ों समर्थकों ने सीएम हाउस के गेट पर धरना दिया

भोपाल। मध्य प्रदेश की ब्यावरा विधानसभा सीट पर उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को लेकर हंगामा हो गया है। शनिवार को टिकट के दावेदारों के सैकड़ों समर्थकों ने भोपाल आकर विधानसभा का घेराव किया। वह 2018 में हारे भाजपा प्रत्याशी रहे नारायण सिंह पवार का विरोध कर रहे हैं। सीएम हाउस के गेट पर धरना देकर नारेबाजी की जा रही है। ब्यावरा में नए प्रत्याशी की मांग की जा रही है। लोग हाथों में पोस्टर और तख्तियां लिए हैं। इसमें लिखा है- ‘ब्यावरा मांगे नया चेहरा।’ इससे पहले शुक्रवार को ब्यावरा में मुख्यमंत्री के काफिले को दो बार रोका गया था। समर्थकों ने भाजपा कैंडिडेट बदलने की मांग की थी। इन लोगों का कहना था कि हमें भाजपा से नया प्रत्याशी चाहिए। पांच किलोमीटर के अंदर दो बार काफिला रोके जाने पर शिवराज नाराज हो गए थे। उनका कहना था कि ये कल्चर बंद करो, भाजपा में ऐसे तमाशे से टिकट नहीं मिलता है। सितंबर में कांग्रेस विधायक के निधन से सीट खाली हुई ब्यावरा के सैकड़ों कार्यकर्ता आज सीएम हाउस के बाहर पहुंच गए। समर्थकों का कहना है कि लोग यहां नए चेहरे को टिकट देने की मांग कर रहे हैं। 2018 के चुनाव में भाजपा के नारायण सिंह पवार सिंह कांग्रेस के गोवर्धन दांगी से चुनाव हार गए थे। सितंबर में दांगी को कोरोना हो गया था। बाद में उनका निधन होने से ब्यावरा सीट खाली हो गई थी। विधानसभा का उपचुनाव: 3 नवंबर को मतदान, 10 को नतीजे मध्य प्रदेश 28 सीटों पर 3 नवंबर को मतदान होगा। नतीजे 10 नवंबर को आएंगे। चुनाव की अधिसूचना 9 अक्टूबर को जारी हो जाएगी। 16 अक्टूबर नामांकन की अंतिम तारीख है। 28 में से 27 पर पहले कांग्रेस का कब्जा था 28 सीटों में से 27 पर पहले कांग्रेस का कब्जा था। प्रदेश में 230 सदस्यीय राज्य विस में बहुमत के लिए 116 सीटें होना जरूरी हैं। अगर भाजपा उपचुनाव में बेहतर प्रदर्शन करती है तो उसकी सरकार और स्थिर होगी। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस की कोशिश है कि वह 20 या उससे ज्यादा सीटें जीत ले, जिससे की एक बार फिर प्रदेश में सत्ता पलट सकती है। मप्र की इन 28 सीट पर विधानसभा का उपचुनाव ग्वालियर, डबरा, बमोरी, सुरखी, सांची, सांवेर, सुमावली, मुरैना, दिमनी, अंबाह, मेहगांव, गोहद, ग्वालियर पूर्व, भांडेर, करैरा, पोहरी, अशोकनगर, मुंगावली, अनूपपुर, हाटपिपल्या, बदनावर, सुवासरा, बड़ामलहरा, नेपानगर, मंधाता, जोरा, आगर, ब्यावरा।

MP : चुनाव प्रचार के दौरान मंच पर बीजेपी प्रत्याशी को साफा पहनाने दौरान हार्ट अटैक, मौत

धार. धार की बदनावर सीट पर से कांग्रेस के पूर्व विधायक राजवर्धन सिंह दत्तीगाँव अब बीजेपी के संभावित उम्मीदवार हैं. उनके दौरे के बीच एक दुखद घटना घट गयी. एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें साफा पहनाते हुए बीजेपी के एक बुज़ुर्ग सक्रिय सदस्य को ऐसा दिल का दौरा पड़ा कि वहीं उनकी मौत हो गयी. दौलतपुरा में ऐसे आयी मौत धार के बदनावर में उपचुनाव को लेकर बीजेपी ने अपना प्रचार शुरू कर दिया है. बीजेपी के संभावित उम्मीदवार राजवर्धन सिंह दत्तीगाँव भी गाँव गाँव चुनाव प्रचार करने में लगे हुए हैं. वो जगह-जगह जन सभाएं कर रहे हैं. लोगों से मेल मुलाकात कर रहे हैं. ऐसा ही एक कार्यक्रम बदनावर सीट के अंतर्गत आने वाले दौलतपुरा गांव में चल रहा था. ये क्या हुआ… दौलपुरा गांव में मंच सजा था. पूरे गांव में हलचल थी. पूर्व मंत्री राजवर्धन सिंह का यहां कार्यक्रम था. स्थानीय नेता और कार्यकर्ता उनके स्वागत में लगे थे. उन्हीं के बीच पार्टी के एक वरिष्ठ सदस्य चंदन सिंह उन्हें साफा पहनाने मंच पर आए. चंदन सिंह राजवर्धन को राजस्थानी साफा पहनाना चाहते थे. वो पूरे सलीके से उनके सिर पर साफा बांध रहे थे. साफा लगभग पूरा बंध चुका था बस आखिरी लपेटा मारकर वो उसे कसने की तैयारी में थे कि बस ये क्या. वो साफे के कपड़े की किनार पकड़े-पकड़े ही अचानक गिर पड़े. मौत से हड़कंप कार्यक्रम स्थल पर एकदम हड़कंप मच गया. सब एकदम हतप्रभ रह गए. मंच पर आसपास खड़े लोग चंदन सिंह को संभालने के लिए दौड़े. लपक कर सबने चंदन सिंह को उठाया. वो बेहोश हो चुके थे. कार्यकर्ता उन्हें लेकर अस्पताल भागे. लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. राजवर्धन सिंह को साफा बांधने के दौरान चंदन सिंह को हार्ट अटैक आया था. उसी ने उनकी जान ले ली.

MP : सिलावट और राजपूत को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ेगा, जानें क्यों ?

भोपाल। मध्य प्रदेश की सत्ता का भविष्य तय करने वाले 28 विधानसभा सीटों के उपचुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। ऐसा पहली बार होगा, जब 14 मंत्री उपचुनाव लड़ेंगे। लेकिन इसमें दो मंत्री तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को मंत्री पद गंवाना पड़ेगा, क्योंकि उनका कार्यकाल 20 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगा। इसलिए मतदान के दिन यानि 3 नवंबर को ये दोनों बगैर मंत्री पद के मैदान में होंगे। दोनों ने कांग्रेस और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद 21 अप्रैल को भाजपा की सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। नियमों के अनुसार, कोई भी ऐसा व्यक्ति 6 माह से ज्यादा समय के लिए मंत्री नहीं रह सकता है, जो विधानसभा का सदस्य न हो। इस हिसाब से 21 अक्टूबर को दोनों मंत्रियों की यह समय-सीमा समाप्त हो जाएगी। इस समय-सीमा में उपचुनाव की प्रक्रिया भी पूरी नहीं होगी। गोविंद सिंह राजपूत सुरखी और तुलसी सिलावट सांवेर से अपनी परंपरागत सीटों से उप चुनाव लड़ रहे हैं। सिंधिया के समर्थन में 10 मार्च को 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके कारण कमलनाथ सरकार गिर गई थी और चौथी बार शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। शिवराज ने 28 दिन बाद 21 अप्रैल को मंत्रिमंडल का गठन किया था, इसमें सिंधिया खेमे के तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ दिलाई गई थी। शिवराज सरकार के इन 14 मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर कांग्रेस के 25 पूर्व विधायकों के इस्तीफे से सरकार अल्पमत में आ गई थी और कमलनाथ सरकार गिर गई। बाद में ये सभी भाजपा में शामिल हो गए, तब इनमें से भाजपा ने 14 को मंत्री पद से नवाजा। इन उप चुनावों में इन बगैर विधायकी के मंत्री बने मंत्रियों की प्रतिष्ठा दाव पर लगी है। इसमें खास ये है कि 20 अक्टूबर को मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और तुलसी सिलावट का मंत्रिपद खत्म हो जाएगा। 3 नवंबर के ये दोनों बगैर मंत्री रहे मैदान में होंगे। इन 14 मंत्रियों में इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, गोविंद सिंह राजपूत, तुलसी सिलावट, प्रभुराम चौधरी, हरदीप सिंह डंग, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, बिसाहूलाल सिंह, एदल सिंह कंसाना, बृजेंद्र सिंह यादव, सुरेश धाकड़, ओपीएस भदौरिया और गिर्राज दंडोतिया शामिल हैं। विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह का कहना है कि प्रावधान यही है कि 6 माह तक ऐसे व्यक्ति को मंत्रिमंडल का सदस्य रखा जा सकता है, जो विधानसभा का सदस्य नहीं है। इस अवधि में उसका विधानसभा का सदस्य निर्वाचित होना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो निर्धारित अवधि के बाद संबंधित व्यक्ति अपने आप ही मंत्री पद से हट जाता है। 21 अक्टूबर को सिलावट और राजपूत को मंत्री बने 6 माह हो जाएंगे। आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो चुकी है और अब मंत्रिमंडल का विस्तार भी नहीं हो सकता है। इसलिए दोनों नेताओं को मंत्री पद से हटना पड़ेगा।

राहुल गांधी गिरफ्तार, धक्कामुक्की में राहुल जमीन पर गिरे, गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मिलने जा रहे थे

नोएडा । उत्तर प्रदेश के हाथरस में गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मिलने जा रहे राहुल गांधी और प्रियंका को ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने पहली बार रोका तो दोनों कार से उतरकर पैदल ही आगे बढ़ गए। कुछ देर बाद ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे के इकोटेक-1 थाना इलाके में पुलिस ने राहुल को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले धक्कामुक्की में राहुल जमीन पर गिर गए। पुलिसवाले ने राहुल की कॉलर भी पकड़ी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल के हाथ में चोट लगी है। राहुल ने कहा, “पुलिस ने मुझे धक्का दिया, लाठी चार्ज किया, मुझे जमीन पर गिराया। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या इस देश में सिर्फ मोदी जी ही चल सकते हैं? क्या सामान्य आदमी नहीं चल सकता। हमारी गाड़ियां रोकी गई थीं, इसलिए हमने पैदल चलना शुरू किया। मैं गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मिलना चाहता हूं, ये मुझे रोक नहीं पाएंगे।” राहुल ने पुलिस से पूछा कि किस धारा में आप मुझे गिरफ्तार कर रहे हैं, जनता और मीडिया को बताइए? पुलिस ने कहा कि सर, वो सबको बता दिया जाएगा। आपने धारा-188 का वॉयलेशन किया है। धारा 188 क्या है? 1897 के महामारी कानून के सेक्शन 3 में जिक्र है कि अगर कोई कानून के निर्देशों और नियमों को तोड़ता है, तो उसे आईपीसी की धारा 188 के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है। उसे सजा भी दी जा सकती है। इस संबंध में किसी सरकारी कर्मचारी के निर्देशों का उल्लंघन करने पर भी यह धारा लगाई जा सकती है। 4 साल पहले राहुल-प्रियंका को नोएडा जाने से रोका गया था 2016 में भी राहुल और प्रियंका गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मुलाकात करने के लिए नोएडा पहुंचे थे, लेकिन तत्कालीन सपा सरकार ने उन्हें रोक दिया था। इसके बाद दोनों को दिल्ली लौटना पड़ा था। प्रियंका का सवाल प्रियंका ने ट्वीट कर कहा है कि गैंगरेप की शिकार लड़की के पिता को जबरदस्ती ले जाया गया। सीएम से वीसी के नाम पर बस दबाव डाला गया। वे जांच की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। अभी पूरे परिवार को नजरबंद रखा है। बात करने पर मना है। क्या धमकाकर उन्हें चुप कराना चाहती है सरकार? हाथरस के मामले में प्रियंका लगातार याेगी सरकार पर हमले कर रही हैं। उन्होंने बुधवार को ट्वीट कर मुख्यमंत्री से 3 सवाल पूछे। सबसे बड़ा सवाल यही था कि परिजन से जबरदस्ती छीनकर पीड़ित के शव को जलवा देने का आदेश किसने दिया? गांव को छावनी बनाया गया पीड़ित के गांव में पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। कोई भी बाहरी व्यक्ति पीड़ित के घर तक न पहुंच सके, इसके लिए गांव के बाहर मेन रोड पर बैरिकेड लगाए गए हैं। मीडिया को भी गांव में आने की परमिशन नहीं है। गांव के एंट्री पॉइंट पर एडीएम लेवल के अधिकारी भी तैनात हैं। पुलिस ने कहा- दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हाथरस के एसपी विक्रांत वीर ने कहा है कि अलीगढ़ अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में पीड़ित के शरीर पर जख्मों की बात है, लेकिन दुष्कर्म की पुष्टि नहीं की गई है। डॉक्टर्स का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर सकते तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। केंद्र सरकार से अपील करती हूं कि योगी को उनकी जगह पर यानी गोरखनाथ मठ भेज देना चाहिए। अगर उन्हें वह भी पसंद नहीं तो राम मंदिर के निर्माण की जिम्मेदारी दे देनी चाहिए। केंद्र सरकार को उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए। कुछ लोग पॉलिटिकल टूरिज्म कर रहे केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का कहना है कि उत्तर प्रदेश की घटनाओं का सभी को दुख है और चाहते हैं कि दोषियों को सजा मिले। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार की कोशिशों के नतीजे जल्द नजर आएंगे। कुछ लोग पॉलिटिकल टूरिज्म के जरिए तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसा नहीं होना चाहिए। सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका राहुल-प्रियंका के पहुंचने से पहले समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पीड़ित के गांव तक पहुंचे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें गांव के अंदर जाने से रोक दिया। विरोध में सपा कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। क्या है पूरा मामला? हाथरस जिले के चंदपा इलाके के गांव में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की युवती से गैंगरेप किया था। आरोपियों ने युवती की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी। दिल्ली में इलाज के दौरान पीड़ित की मौत हो गई। चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं।

MP : सीहोर में किसान ने घर में फांसी लगाकर की आत्महत्या, 7 लाख का बैंक का कर्ज था

सीहोर। प्रकृति की मार से बर्बाद हुए किसान अब खुदकुशी की राह पर चल पड़े हैं। इसका कारण यह है कि एक तरफ सोयाबीन की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है तो दूसरी तरफ बैंक और सोसायटियों के कर्ज की चिंता उनको सता रही है। बुधवार को गांव नापलाखेड़ी में 55 वर्षीय एक किसान ने घर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का कहना है कि उन पर 7 लाख का बैंक का कर्ज था और फसलें खराब होने से वे बहुत परेशान थे। जबकि इस मामले में प्रशासन पारिवारिक विवाद बता रहा है।  इसी दिन केंद्र सरकार की टीमे भी नुकसान का निरीक्षण करने आई थी। मृतक के बड़े बेटे संतोष वर्मा ने बताया कि उनकी 6 एकड़ जमीन है। इसमें सोयाबीन बोई थी जो पूरी तरह से खराब हो चुकी है। घर सहित अन्य कामों के लिए उन्होंने बैंक और सोसायटी से करीब 7 लाख रुपए का कर्ज लिया था। फसलें खराब होने के बाद से ही वे चिंता में थे कि आखिर कर्ज कैसे चुकाएंगे। कुछ दिनों से वे ज्यादा परेशान थे। बेदाखेड़ी में देखा खेत आष्टा | बुधवार को टीम भोपाल-इंदौर हाईवे पर स्थित बेदाखेड़ी गांव पहुंची। गांव के अंतिम छोर पर रुकी और 10 मिनट रूककर एक किसान का खेत देखा तथा चर्चा कर आगे के लिए रवाना हो गई। इसके बाद डाबरी, डोडी में भी कुछ देर फसलों का जायजा लिया। बेदाखेड़ी गांव में किसान हिम्मत सिंह के खेत पर पहुंचकर फसल को देखा। 10 मिनट के अंतराल में रोड किनारे के खेत देखने के बाद किसानों से चर्चा कर निकल गए। बहुत देर कर दी आते-आते भारत सरकार की इंटर मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम ने जिले में विभिन्न गांवों में फसलों का निरीक्षण किया। हालांकि टीम उस समय आई है जब 70 प्रतिशत से अधिक रकबे में फसलों की कटाई हो चुकी है। टीम में संयुक्त सचिव भारत सरकार राजवीर सिंह, ,अवर सचिव हरित कुमार शाक्य शामिल थे। इछावर विधायक करण सिंह वर्मा, सीहोर विधायक सुदेश राय, कलेक्टर अजय गुप्ता भी टीम के साथ रहे।

MP : उपचुनाव : मुकाबला आसान नहीं, बीजेपी और कांग्रेस ने बूथ जीतो की रणनीति पर किया फोकस

भोपाल. मध्य प्रदेश में उपचुनाव के ही चर्चे हैं। बीजेपी और कांग्रेस ने अपने अपने स्तर पर पूरी तैयारी कर ली है. हर विधानसभा क्षेत्र में बैठकों और प्रचार-प्रसार का दौर जारी है. इस बीच बीजेपी ने हर बूथ पर पन्ना प्रमुख की नियुक्ति कर दी है. इन पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारी मतदाता सूची के हर पन्ने पर नज़र रखने की होगी. वहीं, कांग्रेस भी दावा कर रही है कि उसकी भी बूथ स्तर पर तैयारी पूरी है. 28 सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी बूथ स्तर तक रणनीति तैयार कर रही है. इसी के तहत बीजेपी ने खुद को मजबूत करने के लिए 8 हज़ार से ज़्यादा पन्ना प्रभारियों को मुस्तैद कर दिया है. यह पन्ना प्रभारी संबंधित विधानसभा क्षेत्र में वहां के बूथ के लिए तैयारी करेंगे और मतदाताओं पर नजर बनाएंगे. बीजेपी का दावा है कि उसने उपचुनाव के लिए बूथ स्तर तक तैयारी कर ली है. इसके लिए लगातार भोपाल से लेकर संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में बैठकों के दौर जारी हैं. मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा हर बूथ पर पन्ना प्रमुख की नियुक्ति की गई है. बूथ पर आने वाली मतदाता सूची में जितने पन्ने होते हैं. उतने ही बीजेपी के पन्ना प्रमुख हैं. इन पन्ना प्रमुख की मुख्य जिम्मेदारी हर वोटर तक सरकार की उपलब्धियां पहुंचाना और वोटर को अपने पक्ष में करने की होती है. कांग्रेस भी मैदान में तैयार बीजेपी की तरह कांग्रेस का दावा भी है कि उसकी उपचुनाव को लेकर तैयारियां पूरी हैं. संगठन स्तर पर भी उपचुनाव की हर चरण की तैयारी पूरी कर ली गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी ने बताया कि बीजेपी की 15 साल की सरकार और हमारी 15 महीने की सरकार में जमीन आसमान का अंतर है. बूथ स्तर पर जनता के बीच हमारे कार्यकर्ता इस बात को लेकर जा रहे हैं. जिन लोगों ने हमारी सरकार गिराई है, जनता उन्हें उपचुनाव में सबक सिखाएगी. सुरेश पचौरी ने यह भी कहा कि बीजेपी भले ही कितनी तैयारी कर ले, उपचुनाव में जीत कांग्रेस की होगी. जनता सब कुछ समझ चुकी है.

सीएम शिवराज बोले- मुरैना की जनता चंबल का पानी नहीं पिएगी तो सरकार का रहना ही बेकार

मुरैना। कांग्रेस सरकार कहती थी कि खजाना खाली है। पैसे नहीं हैं। अब चिंता मत करो। अब भरपूर पैसा देंगे। चंबल का पानी अगर मुरैना की जनता नहीं पिएगी तो प्रदेश की सरकार का सत्ता में रहना बेकार है। इसलिए हमने उपचुनाव से पहले इस प्रोजेक्ट के लिए 287.57 करोड़ की राशि स्वीकृत की। हो सकता है कि जब तक प्रोजेक्ट पूरा हो यह राशि और बढ़ जाए लेकिन हम इसका इंतजाम करेंगे। यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को रेस्ट हाउस परिसर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य अतिथि के रूप में कही। वे 287.57 करोडड़ से चंबल से मुरैना शहर तक पानी लाने की परियोजना के शिलान्यास समारोह में बोल रहे थे। समारोह में अतिथि के रूप में मौजूद केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भाजपा ने जो कहा, वो किया। हमने तो इस प्रोजेक्ट को वर्ष 2017 में ही वाइल्ड लाइफ से एनओसी दिला दी थी लेकिन कमलनाथ सरकार ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। शहरवासियों की पानी की किल्लत को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस प्रोजेक्ट के लिए 287 करोड़ की राशि जारी की है। पूर्व विधायक रघुराज कंषाना ने इस मौके पर कहा कि हमने मुख्यमंत्री के सामने 12 सितंबर को चंबल वाटर प्रोजेक्ट की मांग रखी, उन्होंने तत्काल इसे स्वीकृत किया। इससे जाहिर होता है कि जनता का हित केवल भाजपा ही कर सकती है। मंच पर सभी के चेहरे पर मास्क, आधे कार्यकर्ता बिना मास्क के रेस्ट हाउस परिसर में हुए शिलान्यास समारोह में मंच पर मौजूद अतिथिगण जहां मास्क लगाए हुए दिखे, लेकिन मंच से नीचे बैठे भाजपा कार्यकर्ताओं में से 50 प्रतिशत बिना मास्क के ही नजर आए। जबकि खुद पीएम मोदी, सीएम शिवराज सिंह चौहान गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा द्वारा मास्क न लगाए जाने के बयान के बाद इसकी आलोचना कर चुके हैं।

MP : बिकी हुई मीडिया और सोई हुई जनता ही देश की बर्बादी का कारण होती है : जीतू पटवारी

भोपाल। कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने बुधवार को एक के बाद एक कई ट्वीट कर सरकार से लेकर मीडिया और आम जनता तक पर हमला बोला। पटवारी ने ट्वीट में लिखा- अब तो विश्वास होने लगा है कि बिकी हुई मीडिया और सोई हुई जनता ही देश की बर्बादी का कारण होती है। काले कानून से किसान परेशान, बेरोजगारी से युवा परेशान, अर्थव्यवस्था कैसे सुधरे, इस पर नहीं सरकार का ध्यान, कंगना, सुशांत, रिया, छज्जा चिल्लाना यही है आज की मीडिया की पहचान, कैसे बने मेरा देश महान। पटवारी ने ट्वीट कर सरकार को भी घेरा 3 नवम्बर को लोकतंत्र के हत्यारों को, किसानों के कर्ज माफी को रोकने के गुनहगारों को, कोरोना में झोंककर कई घरों की रोशनी छीनने वालों को, अतिथि विद्वानों का नियमितीकरण रोकने वालों को, दलबदलू सौदेबाजों को जनता का मिलेगा जवाब.. होगा एक-एक पापों का हिसाब। कोरोना को लेकर सिलावट पर साधा निशाना पिछले 20 दिनों में, 1500 चिताएं जलीं, 500 के लगभग नए संक्रमित रोज, 25000 से ज़्यादा संक्रमित, यह सब सरकारी आंकड़े, सच्चाई इससे और भयंकर है। इसका जिम्मेवार तो बेंगलुरु भागा हुआ पूर्व स्वास्थ्य मंत्री है। इंदौर परिवार जन के लिए कांग्रेस-भाजपा से ऊपर उठकर विचार होना चाहिए। चुनाव की तारीख पर कहा हनुमान भक्त कमलनाथ को मिला वरदान, मंगलवार दिनांक 29 सितंबर को चुनाव की घोषणा हुई, मंगलवार दिनांक 3 नवंबर को वोटिंग होगी और मंगलवार दिनांक 10 नवंबर को काउंटिंग होगी। हनुमान लला की जय। आख़िर वह दिन आ ही गया, लोकतंत्र के गद्दारों से किसानों के हत्यारों से 3 नवंबर को बदला लेना है। 10 नवंबर को पुनः लोकप्रिय और जन हितैषी सरकार कमलनाथ जी के नेतृत्व में बनेगी।

MP : कांग्रेस का दावा- हनुमान भक्त हैं कमलनाथ, इसलिए मंगलवार को चुनाव का ऐलान, पार्टी जीतेगी

भोपाल . मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर विधानसभा उप चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है, इसके साथ ही चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। चुनाव आयोग की तारीखों की घोषणा के साथ ही सियासी पारा चढ़ गया है। 3 नवंबर मंगलवार को मतदान होगा। चुनावों को लेकर कांग्रेस ने कमलनाथ की जीत के दावे कर दिए और कहा कि कमलनाथ को मंगलवार पर जीत का वरदान मिल गया है। अब कांग्रेस कमलनाथ को हनुमान भक्त बता रही है और इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि चुनावों की घोषणा का दिन 29 सितंबर और दिन मंगलवार है। 3 नवंबर को मतदान होगा, वो भी मंगलवार का दिन होगा। वहीं 10 नवंबर को जिस दिन मतगणना होगी, उस दिन भी मंगलवार होगा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया कोऑर्डिनेटर नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट कर लिखा कि ‘हनुमान भक्त कमलनाथ को मिला वरदान-आज मंगलवार दिनांक 29 सितंबर को चुनाव की घोषणा हुई, मंगलवार दिनांक 3 नवंबर को वोटिंग होगी और मंगलवार दिनांक 10 नवंबर को काउंटिंग होगी।’ “हनुमान लला की जय” मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है। 3 नवंबर को वोटिंग होगी और 10 नवंबर को रिजल्ट जारी होंगे। सभी 28 सीटों पर उपचुनाव होंगे। खास बात यह है कि जिस दिन चुनाव कराने की घोषणा वो भी मंगलवार है। साथी जिस दिन वोटिंग होगी उस दिन भी मंगलवार और नतीजों के ऐलान के दिन भी मंगलवार का ही दिन है। यानि इस उपचुनाव में मंगलवार का अजब-गजब संयोग है। उपचुनाव की तारीख घोषित होने पर सीएम शिवराज ने कहा कि हम बहुत दिन से इंतजार में थे कि उपचुनाव की तारीख घोषित हो। सीएम ने कहा कि उपचुनाव में भाजपा सभी सीटें जीत रही है। प्रदेश की जनता ने कमलनाथ की 15 माह की सरकार और 5 माह की सरकार को देख लिया है।

MP : बीजेपी ने 19 मंत्री, 27 सांसद, 90 विधायकों को उतारा मैदान में

भोपाल. भाजपा ने उपचुनाव की 28 सीटें की जिम्मेदारी 19 मंत्री, 25 लोकसभा और दो राज्यसभा सांसद के साथ 90 विधायकों को अलग-अलग टीमें बनाकर सीटें सौंप दी हैं। ये टीम पूरे चुनाव का संचालन करेगी। टीम में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर व प्रहलाद पटेल के साथ पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व लोकसभा में मुख्य सचेतक राकेश सिंह व वरिष्ठ सांसद नंदकुमार सिंह चौहान शामिल हैं। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के निर्देश पर यह टीम बनी है अलग-अलग टीमें बनाकर सीटें सौंप दी हैं। ये टीम पूरे चुनाव का संचालन करेगी। टीम में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर व प्रहलाद पटेल के साथ पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व लोकसभा में मुख्य सचेतक राकेश सिंह व वरिष्ठ सांसद नंदकुमार सिंह चौहान शामिल हैं। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के निर्देश पर यह टीम बनी है। पार्टी की ओर से टीम को कहा गया है कि वे सीटों पर सामंजस्य बिठाने के साथ ही असंतोष को भी खत्म करने का काम करेगी। इस कोर टीम के अलावा भाजपा ने अलग से भी विधानसभा प्रभारी बनाए हैं। पार्टी ने गौरीशंकर बिसेन को ग्वालियर पूर्व का प्रभारी, हरीशंकर खटीक को बड़ा मलेहरा, राजेंद्र शुक्ला व संजय पाठक को अनूपपुर, रामपाल सिंह को रायसेन, इकबाल सिंह गांधी के साथ रमेश मेंदोला को सांवेर, जीतू जिराती व इंदर सिंह परमार के साथ गायत्री राजे को हाटपिपल्या का प्रभारी नियुक्त कर बनाया गया है। ये सभी मंत्री पद के दावेदार रहे। पार्टी ने इन्हें संकेत दिए हैं कि उनकी सीटों के परिणाम से उनका रिपोर्ट कार्ड तय होगा। आगे प्रमुख पदों की जवाबदारी मिलेगी। किस मंत्री को कौन सी सीट नरेंद्र सिंह तोमर : जौरा, सुमावली, मुरैना, दिमनी और अंबाह। यह उनके संसदीय क्षेत्र की सीटें भी हैं। तोमर के साथ जनार्दन मिश्रा भी रहेंगे। राकेश सिंह : अनूपपुर, मुरैना और दिमनी। तोमर भी साथ रहेंगे। प्रहलाद पटेल व वीरेंद्र खटीक : बड़ा मलेहरा। नंदकुमार सिंह चौहान : नेपानगर व मांधाता।

मध्य प्रदेश में उपचुनाव… प्रदेश के 19 जिलों में आचार संहिता लागू

भोपाल। मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव की तारीखों की घोषणा हो गई है। इसके साथ प्रदेश के 19 जिलों में आचार संहिता लागू हो गई है। अब जिन सीटों पर चुनाव हैं, वहां सभी तरह के सरकारी निर्माण कार्यों के भूमिपूजन, लोकार्पण और शिलान्यास पर रोक लग जाएगी। उपचुनाव के दौरान कोई नई घोषणा नहीं हो पाएगी। हालांकि, जो काम पहले से चल रहे हैं, उनमें कोई रुकावट नहीं आएगी। इन जिलों में पूर्ण आचार संहिता 12 जिले-15 सीटें: सांची (रायसेन), अनूपपुर (अनूपपुर), सुवासरा (मंदसौर), बदनावर (धार), ब्यावरा (राजगढ़), अशोकनगर-मुंगावली (अशोकनगर), बामोरी (गुना), करैरा-पोहरी (शिवपुरी), भांडेर (दतिया), बड़ा मलहरा (छतरपुर), मेहगांव-गोहद (भिंड), आगर (आगरमालवा)। यहां सीमित आचार संहिता 7 जिले-13 सीटें: इंदौर, ग्वालियर, बुरहानपुर, खंडवा, सागर, देवास, मुरैना। इनमें जौरा, सुमावली, मुरैना, दिमनी, अंबाह, ग्वालियर 15, ग्वालियर पूर्व, डबरा, मांधाता, नेपानगर, हाटपिपल्या, सुरखी, सांवेर।

MP : उपचुनाव वाले क्षेत्रों में 4 हजार करोड़ के शिलान्यास, 1 हजार करोड़ के लोकार्पण

भोपाल। शिवराज सरकार उपचुनाव वाले क्षेत्रों में फिलहाल इन क्षेत्रों में करीब 4000 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास और 1000 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया है । इसमें सांवेर में 2600 करोड़ रुपए की नर्मदा जल योजना भी शामिल है। सीएम शिवराज ने उपचुनाव वाले क्षेत्रों में जितने भी भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम किए हैं, उन पर चुनाव आचार संहिता लगते ही रोक लग जाएगी। ये काम चुनाव के बाद ही चालू हो जाएंगे। प्रदेश की 28 सीटों में होने वाले उपचुनाव को लेकर चुनाव आयोग भी सक्रिय हो गया है। सभी कलेक्टर्स से जिलों में होने वाले कार्यों, हाल में हुए भूमिपूजन और शिलान्यास का डेटा कलेक्ट किया जा रहा है। मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव की तारीखों की घोषणा हो गई है। इसके साथ प्रदेश के 19 जिलों में आचार संहिता लागू हो गई है। अब जिन सीटों पर चुनाव हैं, वहां सभी तरह के सरकारी निर्माण कार्यों के भूमिपूजन, लोकार्पण और शिलान्यास पर रोक लग जाएगी। उपचुनाव के दौरान कोई नई घोषणा नहीं हो पाएगी। हालांकि, जो काम पहले से चल रहे हैं, उनमें कोई रुकावट नहीं आएगी।

मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर 3 नवंबर को वोटिंग, 10 नवंबर को नतीजे

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने मंगलवार को 56 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और उत्तर प्रदेश समेत 10 राज्यों की 54 विधानसभा सीटों पर 3 नवंबर को मतदान होगा। वहीं, बिहार की एक लोकसभा सीट और मणिपुर की दो विधानसभा सीटों पर 7 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। सभी सीटों के नतीजे 10 नवंबर को आएंगे। असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की 7 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान नहीं किया गया है। चुनाव आयोग का कहना है कि इन राज्यों में कुछ मुश्किलें हैं, इसलिए मौजूदा स्थिति में उपचुनाव नहीं करवाने का फैसला लिया गया। भाजपा अपनी सत्ता बचाने और कांग्रेस नेता कमलनाथ छह महीने पहले खोई सत्ता वापस पाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस उपचुनाव में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया की साख भी दांव पर लगी है, क्योंकि जिन 28 सीटों पर उपचुनाव हो रहा है उनमें 16 सीटें सिंधिया के प्रभाव वाले ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की है। 28 में से 27 पर पहले कांग्रेस का कब्जा था 28 सीटों में से 27 पर पहले कांग्रेस का कब्जा था। प्रदेश में 230 सदस्यीय राज्य विस में बहुमत के लिए 116 सीटें होना जरूरी हैं। अगर भाजपा उपचुनाव में बेहतर प्रदर्शन करती है तो उसकी सरकार और स्थिर होगी। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस की कोशिश है कि वह 20 या उससे ज्यादा सीटें जीत ले, जिससे की एक बार फिर प्रदेश में सत्ता पलट सकती है।

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