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‘बिग बॉस 18’ में सलमान ने ईशा सिंह को कथित बॉयफ्रेंड का नाम लेकर चिढ़ाया

मुंबई फेमस रियलिटी शो ‘बिग बॉस 18’ धीरे-धीरे खत्म होने की कगार पर है लेकिन ड्रामे हैं कि खत्म होने का नाम नहीं ले रहे। इस हफ्ते घर के अंदर काफी ड्रामा हुआ जहां दर्शकों ने लड़ाई-झगड़े देखे जिसमें घरवालों ने एक-दूसरे पर कड़े आरोप लगाए। हालांकि, ‘वीकेंड का वार’ एपिसोड के नए प्रोमो में, सलमान खान ने अविनाश मिश्रा, ईशा सिंह और कशिश कपूर को खूब डांटा लेकिन ईशा की लव लाइफ को लेकर भी सवाल किया जिसने हर किसी को चौंका दिया है। प्रोमो में, सलमान खान ने ईशा सिंह को कथित बॉयफ्रेंड शालीन भनोट का नाम लेकर मजाक में चिढ़ाया। सलमान ने पूछा, ‘आपने शिल्पा से कहा था कि आपका बाहर कोई बॉयफ्रेंड है?’ ईशा ने जवाब दिया, ‘नहीं सर कोई बॉयफ्रेंड नहीं है।’ सलमान ने आगे कहा, ‘बॉयफ्रेंड नहीं होगा, बहुत करीबी दोस्त होगा, शायद मैं उनको जानता होऊंगा, नेचर के बहुत शांत होंगे, शालीन होंगे। आखिरी फ़ोन कॉल किससे था जब आप इस घर में आईं थीं?’ ईशा इतना सुनकर ही शरमाने लगीं। शालीन को डेट कर रहीं ईशा सिंह? जैसे ही यह क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई, लोग तुरंत अंदाजा लगाने लगे कि ईशा शालीन भनोट को डेट कर रही हैं। एक यूजर ने कहा- मुझे नहीं पता कि शालीन को इस बात से कोई परेशानी है कि नहीं कि ईशा हर समय अविनाश के साथ गले मिलती रहती है? वह उसे थपथपाकर सुलाता है और वह उसके साथ एक बच्चे की तरह रहती है। वे सिर्फ दोस्त से कहीं अधिक हैं और वे अब शालीन का नाम लेकर उसे छेड़ रहे हैं? बहुत गड़बड़ है। लोगों ने उड़ाया ईशा का मजाक एक यूजर ने कहा- ईशा सिंह बहुत क्यूट एक्ट कर रही थीं, सब खत्म कर दिया सलमान सर ने। एक ट्वीट में लिखा था- ईशा के साथ बहुत अच्छा हुआ। एक यूजर ने कमेंट किया- सलमान खान का ईशा को शालीन नाम से चिढ़ाना मजाकिया था लेकिन कशिश कैसे मुंह बना रही। एक नेटिज़न ने कहा- शालीन ने आकर ईशा को ट्रोल मटेरियल बना दिया। भाई के सामने बहस करने जाओगे तो यही होगा। सारा हुईं घर से बेघर इसी के साथ बताते चलें कि इस हफ्ते के लिए जो कंटेस्टेंट्स घर से बेघर होने के लिए नॉमिनेट हुए वे थे अविनाश मिश्रा, विवियन डीसेना, रजत दलाल, कशिश कपूर, सारा अरफीन खान, चाहत पांडे और ईशा सिंह। इनमें से सारा अरफीन खान को एलिमिनेट कर दिया गया है।

एमपी गजब : मऊगंज में ‘धूम-3’ स्टाइल में चोरी: जुड़वा भाइ एक चोरी करता..दूसरा CCTV के सामने खड़ा रहता

MP Amazing: ‘Dhoom-3’ style theft in Mauganj: Twin brothers, one would steal and the other would stand in front of the CCTV. रीवा, मऊगंज। मध्यप्रदेश के नवगठित मऊगंज जिले में चोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। चोरी करने का तरीका बॉलीवुड की मशहूर फिल्म धूम-3 से प्रेरित था, जिसमें जुड़वा भाइयों ने मिलकर पुलिस को चकमा दिया। लेकिन पुलिस की सतर्कता ने इस चालाकी का पर्दाफाश कर दिया। 22 दिसंबर की रात हुई थी चोरी यह मामला तब उजागर हुआ जब मऊगंज पुलिस ने 22 दिसंबर की रात चाकमोड़ निवासी सत्यभान सोनी के घर हुई चोरी के आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस वारदात में घर से लाखों के जेवरात और नकदी चोरी हुई थी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों—रविशंकर विश्वकर्मा, संजीव वर्मा, और जगन्नाथ केवट—को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी का सामान बरामद किया। जुड़वा भाइयों की अनोखी चालाकी जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी संजीव वर्मा का जुड़वा भाई सौरभ वर्मा उसकी हर चोरी में शामिल था। दोनों भाइयों की शक्ल और कद-काठी एक जैसी होने का फायदा उठाते हुए उन्होंने पुलिस को गुमराह करने की योजना बनाई थी। जब संजीव चोरी करने जाता, तो सौरभ ठीक उसी वक्त एक जैसे कपड़े पहनकर किसी सीसीटीवी कैमरे के सामने अपनी उपस्थिति दर्ज कराता था। इस तरीके से, यदि चोरी के संदेह में पुलिस संजीव तक पहुंचती, तो सौरभ के सीसीटीवी फुटेज दिखाकर उनकी मौजूदगी किसी अन्य जगह साबित हो जाती थी। पुलिस ने किया पर्दाफाश हालांकि, पुलिस की गहन जांच और सावधानी ने इस अनोखी चालाकी का भंडाफोड़ कर दिया। मऊगंज पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके जुड़वा भाई वाली योजना का राज़ उजागर किया। आरोपियों के पास से चोरी हुए जेवरात और नकदी भी बरामद कर ली गई है। फिल्मी कहानी, लेकिन हकीकत में असफल यह मामला अपने आप में अनोखा है और इसे फिल्मी कहानी जैसा बताया जा रहा है। धूम-3 की कहानी में जुड़वा भाई अपने चालाक तरीकों से सभी को मात देते हैं, लेकिन मऊगंज में असल जिंदगी में जुड़वा भाइयों की चालाकी पुलिस के आगे टिक नहीं पाई। नवगठित मऊगंज पुलिस की सराहना इस सफलता के बाद मऊगंज पुलिस की सतर्कता और कार्यकुशलता की सराहना हो रही है। नवगठित जिले में यह मामला न केवल पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था, बल्कि उनकी क्षमता को साबित करने वाला भी रहा। पुलिस की सतर्कता ने अपराधियों को पकड़कर एक बार फिर यह दिखा दिया कि कानून से बच पाना मुश्किल है। मऊगंज पुलिस की इस कामयाबी से स्थानीय लोग भी राहत महसूस कर रहे हैं, और यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

सेलेना गोमेज ने मंगेतर की गोद में ऐसे गुजारी दिसंबर की ठंड, 2 करोड़ की अंगूठी पर टिकी लोगों की नजर

न्यूयॉर्क सिंगर और एक्ट्रेस सेलेना गोमेज और उनके मंगेतर बेनी ब्लैंको हर दिन कपल गोल्स देकर सिंगल्स की नींदे हराम कर रहे हैं। सेलेना गोमेज और बेनी ब्लैंको कोजी फोटोज शेयर करके सर्दी में बाकी लोगों का दिल जला रहे हैं। उन्होंने फिर से कुछ ऐसा ही किया है। हाल ही में 36 वर्षीय बेनी ब्लैंको ने ठंड में एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें वे एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं। ब्लैंको और सेलेना को देखकर लोग खूब सारे फनी कमेंट्स भी कर रहे हैं। इस बीच सेलेना भी किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने भी बॉयफ्रेंड के साथ कोजी फोटोज शेयर की हैं। मंगेतर की बांहों में सेलेना गोमेज तस्वीर में सेलेना गोमेज को ब्लैंको की बाहों में बैठे हुए देखा गया और दोनों एक-दूसरे को किस करने में डूबे हुए हैं। ठंड में सेलेना ने टोपी पहनी हुई है और ऊनी कपड़े पहनकर वो मंगेतर की गोद में बैठी हुई हैं। दोनों को ऐसे देखकर फैंस की नजरें उनसे हट नहीं रही हैं और खासकर हर कोई सेलेना की हीरे की रिंग की ही बात कर रहा है। सेलेना की अंगूठी की कीमत रिपोर्ट के मुताबिक, अंगूठी की कीमत करीब 225,000 डॉलर यानी लगभग 2 करोड़ आंकी गई है। जब सेलेना ने पहली बार अपनी रिंग फ्लॉन्ट की थी, तभी से इसे लेकर चर्चा हो रही थी कि ये बेहद शानदार है। सेलेना और ब्लैंको के फैंस अब जल्द से जल्द उनकी शादी का इंतजार कर रहे हैं। सेलेना ने मंगेतर के लिए पकाया मनपसंद खाना सेलेना ने एक वीडियो भी शेयर किया था और इसके साथ लिखा, ‘भले ही आप खाना पकाने में बहुत खराब हों, आपके साथी को यह पसंद आएगा क्योंकि आपने इसे बनाया है। अपने साथी से पूछें कि वे क्या खाना चाहते हैं। उन्हें वही खिलाने की कोशिश करें जो वो खाना चाहते हैं। यदि आप इसे पकाना नहीं जानते हैं, तो इसे सीखें।’ ब्लैंको ने भी एक पोस्ट शेयर किया और सेलेना के लिए भर-भरके प्यार बरसाया।

मौनी रॉय भी निकल पड़ी हैं न्यू ईयर मनाने

मुंबई न्यू ईयर सेलिब्रेट करने के लिए फिल्मी और टीवी सितारे लगातार मुंबई से अपने-अपने डेस्टिनेशंस के लिए रवाना होते दिख रहे हैं। जहां बीती रात एयरपोर्ट पर आलिया भट्ट और रणबीर कपूर अपनी बेटी राहा के साथ दिखे, वहीं शनिवार सुबह मौनी रॉय भी हसबैंड और अपने पेट डॉग के साथ एयरपोर्ट पर नजर आईं। आलिया-रणबीर और राहा के बाद अब एयरपोर्य से मौनी रॉय और उनके हसबैंड सूरज नांबियार की कई सारी तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें दोनों की गोद में उनका Pet डॉग दिख रहा है।     मौनी रॉय की गोद में उनका चहेता थियो दिख रहा है। मौनी अक्सर ही थियो के साथ अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर किया करती हैं।  वहीं शादी के तुरंत बाद वाली तस्वीरों में भी थियो मौनी की गोद में दिखा था। इन तस्वीरों में साफ दिख रहा कि थियो मौनी के लिए किसी जिगर के टुकड़े से कम नहीं।     वहीं इन तस्वीरों में कभी थियो मौनी के कंधे तक चढ़ा दिख रहा तो कभी इधर-उधर पलट रहा।  कुछ तस्वीरों में ऐसा लग रहा जैसे थियो भी मौनी के साथ कैमरे के सामने पोज़ दे रहा हो। मौनी ने भी उसे ठीक वैसे ही गोद से चिपका रखा है जैसे कोई मां अपने छोटे बच्चे को लेकर ट्रैवल करती है। बताते चलें कि मौनी रॉय ने 27 जनवरी 2022 को पणजी, गोवा में दुबई-बेस्ड बिजनेसमैन सूरज नाम्बियार से शादी रचाई थी। दोनों बंगाली और मलयाली रीति-रिवाज से एक-दूसरे के साथ शादी के बंधन में बंधे थे।  मौनी रॉय के वर्कफ्रंट की बात करें तो चर्चा है कि साल 2025 में ‘सालाकार’ में नजर आ सकती हैं। हालांकि, इसे लेकर अभी अनाउंसमेंट का इंतजार है। वहीं ‘द वारदात ट्री’ नाम की फिल्म को लेकर भी चर्चा हो रही है।  

मध्यप्रदेश बीजेपी में जबर्दस्त खींचतान, मोहन-शर्मा-सिंधिया सबके पावर खत्म, हाईकमान का सीधा हस्तक्षेप

Tremendous tussle in Madhya Pradesh BJP, Sharma-Scindia lose power, direct intervention of high command भोपाल ! मध्यप्रदेश में संगठन चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। पार्टी के भीतर मंडल अध्यक्षों और जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर खींचतान साफ झलकी। पार्टी ने पहले पारदर्शिता का दावा करते हुए कहा था कि नियुक्तियां किसी मंत्री, सांसद, विधायक, या जिलाध्यक्ष की पसंद से नहीं, बल्कि योग्यता के आधार पर होंगी। लेकिन व्यवहार में यह वादा अधूरा ही रहा। हाईकमान का नया निर्देश बीजेपी हाईकमान ने इस स्थिति से निपटने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नेताओं का जिला अध्यक्षों के चयन में सीधा हस्तक्षेप समाप्त कर दिया गया है। हाईकमान ने स्पष्ट कर दिया है कि जैसे सांसद और विधायक के टिकट का निर्णय केंद्रीय नेतृत्व करता है, वैसे ही अब जिलाध्यक्षों का चयन भी दिल्ली से होगा। जिला अध्यक्षों के चयन प्रक्रिया में बदलाव मध्यप्रदेश में बीजेपी जिलाध्यक्षों की चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जिला स्तर पर चुनाव अधिकारियों ने तीन नामों का पैनल तैयार कर प्रदेश संगठन को सौंप दिया है। अब इन नामों पर अंतिम निर्णय हाईकमान करेगा। यह पहली बार है जब मध्यप्रदेश बीजेपी में जिलाध्यक्षों का निर्धारण सीधे दिल्ली से किया जाएगा। पारदर्शिता और योग्यता पर जोर इस बदलाव का उद्देश्य संगठन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। अब तक जिलाध्यक्षों का चयन स्थानीय नेताओं द्वारा किया जाता रहा, जिसमें कई बार सांसद और विधायकों ने अपनी पसंद के लोगों को ही प्राथमिकता दी। इससे योग्यता को दरकिनार किया गया। नई व्यवस्था के तहत काबिल और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को प्रमुख जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। मंडल अध्यक्षों के चुनाव में विवाद हाल ही में हुए मंडल अध्यक्षों के चुनावों में कई गड़बड़ियां सामने आईं। पार्टी द्वारा तय किए गए क्राइटेरिया, जैसे 45 साल की आयु सीमा, आपराधिक रिकार्ड न होना, और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल न होना, का पालन कई जगहों पर नहीं हुआ। कई मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियों पर विवाद हुआ, और कुछ को चयन के तुरंत बाद हटा भी दिया गया। नई व्यवस्था से उम्मीदें मंडल अध्यक्षों के चुनाव में सामने आए विवादों और शिकायतों के बाद हाईकमान ने जिलाध्यक्षों के चयन को लेकर सख्ती दिखाई है। अब दिल्ली से चयन होने से पारदर्शिता और निष्पक्षता की उम्मीद बढ़ गई है। इससे कार्यकर्ताओं का विश्वास भी मजबूत होगा और पार्टी संगठन को नई दिशा मिलेगी। यह कदम मध्यप्रदेश बीजेपी के संगठन को न केवल मजबूती देगा, बल्कि योग्यता और पारदर्शिता के नए मानदंड भी स्थापित करेगा।

क्या बोतल बंद पानी सेफ? वैज्ञानिकों की यह रिसर्च उड़ा देगी आपकी नींद

Is bottled water safe? This research by scientists will blow your mind कुछ साल में हुए रिसर्च में पाया गया कि औसतन एक लीटर पानी की बोतल में 240,000 प्लास्टिक कण पाए जाते हैं.यह एक बहुत ही चिंताजनक आंकड़ा है, क्योंकि नल के पानी के एक लीटर में औसतन 5.5 प्लास्टिक कण होते हैं. नैनोप्लास्टिक के कारण कैंसर, जन्म दोष और प्रजनन जैसी समस्याओं से जोड़ा जाता है. नैनोप्लास्टिक अपने छोटे आकार के कारण खतरनाक होते हैं – जिससे वे सीधे रक्त कोशिकाओं और मस्तिष्क में प्रवेश कर सकते हैं. बोतलों को बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले प्लास्टिक में आमतौर पर थैलेट्स होते हैं, जिन्हें विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ा गया है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एनवायर्नमेंटल हेल्थ साइंसेज के अनुसार, थैलेट्स ‘विकासात्मक, प्रजनन, मस्तिष्क, प्रतिरक्षा और अन्य समस्याओं से जुड़े हैं’. पॉलियामाइड नामक एक प्रकार का नायलॉन पानी की बोतलों में पाया जाने वाला एक और प्लास्टिक कण था. हाल ही में हुए एक स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. एक लीटर के पानी की बोतल में लगभग 2, 40,000 प्लास्टिक के टुकड़े होते हैं. नॉर्मल एक लीटर के पानी की बोतल में पानी पी रहे हैं तो हो सकता है आप प्लास्टिक के टुकड़े पी रहे होंगे. हो सकता है आप प्लास्टिक के कण भी पी रहे होंगे. प्लास्टिक की बोतल में पानी पीना क्योंकि है नुकसानदायक? हमारी खराब लाइफस्टाइल के कारण अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में प्लास्टिक का खूब इस्तेमाल करते हैं. घर हो या ऑफिस प्लास्टिक बंद बोतल में पानी पीना हम खूब पसंद करते हैं. अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं तो संभल जाएं क्योंकि आपके शरीर में धीमा जहर पहुंच रहा है. प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज नाम की संस्थान ने एक स्टडी में डराने वाला खुलासा किया है. जिसमें बताया गया है कि एक लीटर बोतलबंद पानी में करीब 2.40 लाख प्लास्टिक के महीन टुकड़े मौजूद होते हैं.जिसकी वजह से सेहत को गंभीर और जानलेवा खतरे (Bottled Water Harmful Effects) हो सकते हैं.प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज नाम की ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक प्लास्टिक के बोतल में पानी पीने के कारण कई गंभीर जानलेवा बीमारी हो सकती है. क्या है रिसर्च हाल ही में कुछ रिसर्च के मुताबिक बोतल में मौजूद बोतल बंद पानी में 100,000 से ज्यादा नैनोप्लास्टिक मिले हैं. यह इतने छोटे कण होते हैं कि ब्लड सर्कुलेशन तक को खराब कर सकते हैं. यह दिमाग और सेल्स को भी नुकसान पहुंचाते हैं. प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने से इन बीमारियों का बढ़ता है खतरा? डायबिटीज और दिल की बीमारी हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की रिसर्च के अनुसार, पॉली कार्बोनेट की बोतलों के पानी में बिस्फेनॉल ए केमिकल होता है, जो जब शरीर में जाता है तो दिल की बीमारियों और डायबिटीज का खतरा कई गुना तक बढ़ा सकता है. कैंसर का खतरा एक्सपर्ट्स के मुताबिक प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ता है. इससे ब्रेस्ट और ब्रेन कैंसर का जोखिम बढ़ता है. प्लास्टिक बर्तन में रखी गर्म चीजों को खाने से बचना चाहिए. Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

‘ये आदेश एलजी नहीं, अमित शाह के ऑफिस से आया है’, महिला सम्मान योजना के जांच के आदेश पर भड़के केजरीवाल

‘This order has come from Amit Shah’s office, not from LG’, Kejriwal angry over the order to investigate Mahila Samman Yojana दिल्ली ! उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने महिला सम्मान योजना की जांच के आदेश दिए हैं। इसे लेकर अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर हमला बोला है। केजरीवाल का कहना है कि भाजपा दिल्ली में महिला सम्मान योजना रोकना चाहती है। ये आदेश एलजी ऑफिस से नहीं, अमित शाह के ऑफिस से आया है। भाजपा महिलाओं का सम्मान नहीं करती है। भाजपा दिल्ली चुनाव में हार मान चुकी है। दिल्ली में महिला सम्मान योजना को महिलाओं का पूरा समर्थन मिल रहा है। अब तक 22 लाख से ज्यादा महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। केजरीवाल ने कहा कि महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना से दिल्ली के लोग खुश थे। भाजपा इन योजनाओं को रोकना चाहती है। भाजपा महिला सम्मान योजना से बौखला गई है। भाजपा वाले दिल्ली में पैसे बांट रहे हैं। मैंने कहा था कि चुनाव जीतने के बाद हम महिलाओं को 2100 रुपए देंगे और 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों को मुफ्त इलाज देंगे। ये दोनों योजनाएं जनता के लिए इतनी फायदेमंद थीं कि लाखों लोगों ने पहले ही इनके लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया था। इससे भाजपा घबरा गई, कई भाजपा नेताओं ने मुझसे कहा कि जीतना तो छोड़िए, कई जगह भाजपा की जमानत जब्त हो जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि पहले उन्होंने अपने गुंडे भेजे, फिर पुलिस भेजकर रजिस्ट्रेशन कैंप उखाड़ दिया, आज उन्होंने फर्जी जांच के आदेश दे दिए कि जांच होगी। किस बात की जांच होगी? हमने चुनावी घोषणा की थी कि चुनाव जीतेंगे तो इसे लागू करेंगे। मुझे खुशी है कि इस कदम से भाजपा ने साफ कर दिया है कि वे चुनाव क्यों लड़ रहे हैं। आज उन्होंने बता दिया है कि अगर आप उन्हें वोट देंगे तो वे महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना को लागू नहीं करेंगे। वे बसों में महिलाओं की मुफ्त यात्रा बंद कर देंगे, वे आपकी मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी, मोहल्ला क्लीनिक, मुफ्त इलाज और मुफ्त शिक्षा बंद कर देंगे।उपराज्यपाल ने महिला सम्मान योजना के जांच के आदेश दिएएलजी सचिवालय ने महिला सम्मान योजना के जांच के आदेश दिए हैं। एलजी सचिवालय ने दिल्ली के मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं। डिविजनल कमिश्नर से जांच करने को कहा गया है। सचिवालय ने पुलिस कमिश्नर से कहा है कि वे उन लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई करें जो लाभ देने की आड़ में डेटा की गोपनीयता भंग कर रहे हैं।

एमपी में बड़ा हादसा : हटा-पन्ना राजमार्ग पर बस और ट्रक की टक्कर में 25 घायल, दोनों वाहनों के चालक फरार

Major accident in MP: 25 injured in collision between bus and truck on Hata-Panna highway, drivers of both vehicles absconding जिले के हटा पन्ना राजमार्ग पर गैसाबाद में व्यारमा नदी पुल के पास शनिवार सुबह यात्री बस और ट्रक की आमने सामने टक्कर हो गई। हादसे में बस में सवार करीब 25 यात्री घायल हो गए और अफरा तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को हटा सिविल अस्पताल भिजवाया। घटना के बाद बस और ट्रक चालक मौके से भाग निकले। हादसे के बाद घायलों को बाहर निकालने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ा] क्योंकि बारिश हो रही थी] जिससे रेस्क्यू में समय भी लग गया। जानकारी के अनुसार बस क्रमांक एमपी 34 पी 0241 दमोह से पन्ना की ओर जा रही थी। ट्रक क्रमांक एमपी 33 एच 2852 सीमेंट लोड कर रीवा से सागर की तरफ जा रहा था। गैसाबाद में पुल के पास पहुंचते ही दोनों वाहनों की आमने सामने टक्कर हो गई। जिससे बस में सवार यात्री घायल हो गए और चीख पुकार मच गई। हादसे में दोनों वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। सूचना मिलते ही मौके पर गैसाबाद थाना प्रभारी प्रीति पांडे पुलिस बल के साथ पहुची गंभीर घायलो को 108 की मदद से हटा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया वहीं कुछ घायल सिमरिया अस्पताल चले गए। मौके से ट्रक ड्राइवर व बस ड्राइवर भाग गए हैं। सिविल अस्पताल में घायलों का इलाज शुरू किया गया। एक घायल सतीश कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि हादसा कैसे हुआ कुछ समझ नहीं आया। अचानक दोनों वाहन आपस में टकरा गए और यात्रियों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। घायलों की जानकारी लेने के हटा तहसीलदार प्रवीण त्रिपाठी एसडीएम राकेश मरकाम भी पहुंच गए। एसडीएम ने बताया ट्रक और बस की टक्कर में 20 से अधिक यात्री घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए हटा सिविल अस्पताल लाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है हादसा कैसे हुआ।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का आलेख

Article by former Chief Minister of Madhya Pradesh Kamal Nath कमलनाथमध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार का एक साल का कार्यकाल 13 दिसंबर को पूरा हो गया। अब बीजेपी इस एक साल को स्वर्णिम कार्यकाल बताकर अपनी पीठ थपथपा रही है। लेकिन मोहन सरकार ने गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, दलितों और सभी वर्गों के लोगों के लिए क्‍या किया है यह विचारणीय है। महिला सुरक्षा, दलित और आदिवासी सुरक्षा के मामले में मध्यप्रदेश का रिकॉर्ड और भी खराब हो गया है। स्वास्थ्य शिक्षा का हाल यह है कि मध्यप्रदेश की पहचान व्यापमं और नर्सिंग जैसे घोटालों से होने लगी है। समाज की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था, हर पहलू पर इतनी नाकामी क्यों हासिल हो रही है? इससे बढ़कर चिंता की बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार इन सारे विषयों पर एकदम चुप है। क्या जनता के विकास के ये सबसे महत्वपूर्ण पैरामीटर सरकार की प्राथमिकता से बाहर हो गए हैं? ऐसा लगता है कि मध्य प्रदेश की सरकार ने जमीनी सच्चाई से पूरी तरह पीठ फेर ली है और प्रदेश को उसके हाल पर छोड़ कर, खुद सिर्फ झूठी ब्रांडिंग से अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त हो गई है। हकीकत से मुंह फेर कर मोहन सरकार झूठे प्रचार-प्रसार में मस्‍त है। जबकि चुनावों के पहले बीजेपी ने बड़े-बड़े वादे कर जनता को गुमराह करने का काम किया। आज प्रदेश की जनता खुद सरकार से सवाल करना चाहती है कि वादों का क्‍या हुआ? सरकार कर्ज पर कर्ज लेकर अपनी गाड़ी को चला रही है। और सपने ऐसे दिखाए जा रहे हैं कि प्रदेश ने विकास के कई सोपान गढ़ लिए हैं। दलितों पर अत्‍याचार पिछले एक साल में प्रदेश में दलितों पर काफी अत्‍याचार हुए हैं। वह चाहे शिवपुरी की घटना हो या सागर की घटना हो। सारे प्रदेश में दलितों पर हो रहे अत्‍याचारों से यही लगता है कि यह साल दलित अत्‍याचार पर केन्द्रित रहा है। शिवपुरी के इंदरगढ़ में एक दलित युवक की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मध्यप्रदेश के सागर जिले के ग्राम बरोदिया नोनागिर में दलित युवती द्वारा छेड़छाड़ की शिकायत से गुस्साए गुंडों ने युवती के भाई की पिछले वर्ष अगस्त माह में हत्या कर दी थी। हत्या में बीजेपी नेताओं पर आरोप लगे। पीड़ित परिवार समझौते के लिये तैयार नहीं हुआ तो दो दिन पूर्व पीड़िता के चाचा की भी हत्या कर दी गई। मंदसौर जिले के एक गांव में एक महिला का पीछा करने के आरोप में दलित व्यक्ति को चेहरा काला करके, गले में जूतों की माला डालकर घुमाया गया। यह दोनों घटनाएं तो सिर्फ ऐसी थी जो सुर्खियों में ज्‍यादा रहीं लेकिन‍ ऐसी न जाने हजारों घटनाएं हैं जो रोज दलितों से साथ घटती रहीं। दुर्भाग्य की बात है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस तरह के विषयों पर कुछ भी कहने से बचते रहे और दलितों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने में पूरी तरह नाकाम रहे। कर्ज के भरोसे सरकार मध्य प्रदेश में कर्ज दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। ऐसा कोई महीना नहीं बीतता है जब सरकार कर्ज न ले रही हो। सरकार पिछले 11 महीनों में 40 हजार 500 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। राज्य यादव सरकार के एक साल पूरे होने के साथ कर्ज का आंकड़ा 52.5 हजार करोड़ तक पहुंचने वाला है। दिसंबर 2023 से अब तक सरकार ने 47.5 हजार करोड़ का कर्ज लिया है। साल 2024 के अंत तक राज्य पर कुल कर्ज 4 लाख करोड़ से अधिक हो जाएगा। पिछले 6 माह में हर महीने 05-05 हजार करोड़ का कर्ज लिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक 30 हजार करोड़ का कर्ज लिया जा चुका है। 31 मार्च 2025 तक मप्र सरकार का कर्ज 4.21 लाख करोड़ पहुंचेगा। मौजूदा वित्त वर्ष में सरकार अपनी जरूरतों के लिए लगभग 25 हजार करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेगी। पिछले साढ़े चार साल में मप्र सरकार पर कर्ज का बोझ सबसे तेजी से बढ़ा है। मार्च 2020 की स्थिति में सरकार पर लगभग 2.01 लाख करोड़ का ही कर्ज था, लेकिन पिछले साढ़े चार साल में यह दोगुना हो गया है। वादे पूरे करने में नाकाम मोहन सरकार सरकार अपने कार्यकाल का एक साल पूरा होने का जश्न मना रही है। लेकिन‍ अपने वादों को भूल गई है। चुनावों के समय जो वादे किये थे उन पर ध्‍यान ही नहीं है। लाडली बहनों को 3,000 रुपये की राशि देने का वादा, किसानों को उपज का दाम मिलना, युवाओं को रोजगार देने का वादा, महिलाओं को सुरक्षा देने का वादा, भ्रष्‍टाचार मुक्‍त प्रदेश बनाने का वादा ऐसे तमाम वादे थे जो एक साल में शुरू ही नहीं हुए हैं। किसान परेशान, जश्‍न में सरकार मध्य प्रदेश में खाद की कमी के कारण किसानों की आय पर भी काफी असर पड़ा है। किसानों ने खाद की कमी के कारण अपनी फसल ही नहीं बोई। किसानों को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पहले साल के कार्यकाल में ऐसे मामले हैं जहां मोहन यादव की सरकार बैकफुट पर नजर आई। राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल 13 दिसंबर 2023 को मोहन यादव राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। मोहन यादव के पहले कार्यकाल में मध्य प्रदेश में क्राइम के कई ऐसे मामले आए जिसके राज्य सरकार की किरकिरी हुई। वैसे तो प्रदेश को शांति का टापू कहा जाता है लेकिन प्रदेश में दिनोंदिन बढ़ रहे अपराधों ने मध्‍यप्रदेश को बदनाम किया है। अपराधों के आंकड़ों में लगातार इजाफा हो रहा है। क्‍या महिलाएं क्‍या बच्चियां, कोई सुरक्षित नहीं है। साइबर क्राइम भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। नौकरियों की घोषणा पर भर्ती नहीं राज्य के युवाओं को साधने के लिए मोहन यादव की सरकार ने एक लाख पदों पर भर्ती की घोषणा की थी। दिसंबर महीने से भर्ती शुरू होनी थी लेकिन कई विभाग ऐसे हैं जो यह रिपोर्ट तक नहीं दे पाए हैं कि उनके विभाग में कितने पद खाली हैं। बीते एक साल से भर्ती नहीं होने पर युवाओं में ओवरएज होने का डर है। नर्सिंग घोटाला से धूमिल हुई छवि राज्य में नर्सिंग घोटाले के बाद प्रदेश सरकार की छवि धूमिल हुई है। राज्य में कॉलेजों की संख्या कम की गई है। नर्सिंग घोटाले … Read more

क्या वेजिटेबल जूस में मिला सकते हैं फ्रूट्स, क्या यह सेहत के लिए हो सकता है खतरनाक?

lifestyle health mixing fruits and vegetables in juice can be dangerous to your health कुछ लोग ऐसे होते हैं जो कच्ची सब्जियों का जूस पीना पसंद करते हैं. फिटनेस फ्रिक वाले लोग हरी सब्जियों को ज्यादा से ज्यादा अपनी डाइट में शामिल करते हैं. ऐसे डाइट लेने वाले समर्थकों का दावा है कि कच्ची सब्ज़ियों में कई जरूरी विटामिन और खनिज होते हैं जो खाना पकाने के दौरान खत्म हो जाते हैं और ये इम्युनिटी को बढ़ाने और बीमारियों को रोकने के लिए बहुत बढ़िया हैं. यह बात सही हो सकती है लेकिन किसी भी चीज़ को हद से ज्यादा खाना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. सर्दियां आ रही हैं और यह वह मौसम है जब हरी पत्तेदार सब्जियां काफी ज्यादा मार्केट में होती हैं और लोग हर संभव दिलचस्प तरीके से उन्हें अपने आहार में शामिल करके उनका अधिकतम लाभ उठाने की कोशिश करते हैं. कुछ लोग इस मौसम में कच्ची सब्जियों का जूस पीना भी पसंद करते हैं. लेकिन क्या ये सभी वाकई सेहतमंद और सुरक्षित हैं? आपको हरी सब्जियां किस तरह खानी चाहिए – उन्हें पकाकर या कच्चे रूप में खाकर. आयुर्वेद और आंत स्वास्थ्य कोच डॉ. डिंपल जांगडा ने अपने हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा है कि अधिक मात्रा में कच्चे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पेट में कुछ संक्रमण या अपच का खतरा हो सकता है. पके हुए भोजन की तुलना में कच्चे खाद्य पदार्थों को पचाना शरीर के लिए अधिक कठिन होता है, क्योंकि पके हुए भोजन पहले से ही गर्मी, मसालों और पकाने की विधि से टूट जाते हैं. वे अवशोषण के लिए अधिक जैविक रूप से उपलब्ध होते हैं और पाचन अग्नि पर तनाव को कम करते हैं. कुछ कच्चे खाद्य पदार्थों में एंटी-पोषक तत्व भी होते हैं जो वास्तव में खाद्य पदार्थों के पोषण अवशोषण को पूरी तरह से अवरुद्ध कर देते हैं.हल्का खाना पकाने की सलाह दी जाती है. विशेषज्ञ कहते हैं, यदि आप मतली, थकान, चक्कर आना, पेट फूलना, दस्त या आईबीएस जैसे लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो आपका शरीर आपसे बात कर रहा है. आयुर्वेद बड़ी मात्रा में कच्चे खाद्य पदार्थों या ठंडे खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह नहीं देता है, क्योंकि वे परजीवियों का घर होते हैं, जिन्हें केवल धोने से नष्ट नहीं किया जा सकता है. कच्ची सब्ज़ियां जिनसे बचना चाहिए Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

लोहे की काली कड़ाही को मिनटों में चमका देगी 10 रुपये की फिटकरी, सालों पुरानी जमी कालिख भी हो जाएगी साफ

shopping how to clean cast iron pan or lohe ki kadhai quickly by using alum or fitkari लोहे की काली कड़ाही को साफ करने में अच्छे-अच्छों की हालत पतली हो जाती है। जलने के बाद कड़ाही पर लगे दाग इतने ज्यादा जिद्दी हो जाते हैं कि आसानी से निकलते ही नहीं है। ऐसे में हम आपको 10 रूपये की फिटकरी का इस्तेमाल करने का तरीका बता रहे हैं, जिससे सालों पुरानी जमी कालिख भी साफ हो जाएगी। माना जाता है कि लोहे की कड़ाही में भोजन पकाने से स्वादिष्ट और पोष्टिक बनता है। मगर, सबसे बड़ी दिक्कत है कि यह बहुत जल्दी काली और गंदी हो जाती है। जिसकी वजह से पकने वाला भोजन भी काला हो जाता है और जल्दी जलने लगता है। अगर, ज्यादा दिनों तक कड़ाही को साफ ना किया जाए तो इसमें कालिख जमने लग जाती है। अब लोहे की काली कड़ाही को साफ करना बहुत ही मेहनत का काम होता है। आज भी गांव के लोग इसे साफ करने के लिए ईंट या राख की मदद लेते हैं। लेकिन हर कोई इतनी मेहनत नहीं कर सकता है और शहरों में ईंट या राख कड़ाही साफ करने के लिए मुश्किल ही है। ऐसे में 10 रुपये की फिटकरी वाला सस्ता और आसान तरीका बता रहे हैं। कड़ाही क्लीन करने की पहली स्टेप सबसे पहले आप काड़ाही को गैस पर रखकर गर्म कर लीजिए। अब इस पर फिटकरी को रगड़ दीजिए। जब आप लोहे की गर्म कड़ाही पर फिटकरी को रगड़ेंगी को कालिख छूटना शुरू हो जाएगी। रगड़ने के बाद आपको इसपर पानी डालना होगा। साथ ही बचे फिटकरी के तुकड़े को एक चम्मच नमक के साथ डालकर 5 मिनट के लिए छोड़ दीजिए। यूं चमक जाएगी लोहे की काली कड़ाही तय समय बाद आप कड़ाही में मिक्स घोल को किसी कटोरी में निकाल लीजिए। अब कड़ाही पर डिश बार या लिक्विड डालकर थोड़ा सा रगड़कर साफ कर लीजिए। इस दौरान फिटकरी घुले पानी का इस्तेमाल भी करते रहें। इस तरह थोड़ी देर में फिटकरी की मदद से आपकी काली कड़ाही नई जैसी चमक जाएगी।

UPI नहीं, कैश… इंदौर के व्यापारियों का ऐलान, दुकानों के बाहर क्यों लगाए ऐसे पोस्टर?

indore traders declare that they will not accept payments through upi posters put up outside shops stwma देश भर में साइबर फ्रॉड के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. इसी के तहत साइबर क्राइम टीम भी लगातार काम कर रही है. कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है और कई लोगों के खिलाफ अभी भी लगातार जांच जारी है. इसमें सबसे बड़ी समस्या व्यापारियों के लिए सामने आती है. इंदौर ! मध्य प्रदेश के इंदौर में व्यापारियों ने UPI पेमेंट लेने से इनकार कर दिया है. कोई भी दुकानदार ग्राहक से यूपीआई के जरिए पेमेंट नहीं लेंगे. इसकी जानकारी वह अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर पोस्टर लगाकर दे रहे हैं. दुकानदारों के इस निर्णय से ग्राहक परेशान हो रहे हैं. इस मामले को लेकर जिला कलेक्टर व्यापारियों से बात करेंगे. वहीं, यूपीआई पेमेंट ने लेने पर व्यापारियों का कहना है कि साइबर फ्रॉड के कारण वह परेशान हो रहे हैं, पुलिस भी उनके अकाउंट होल्ड कर देती है. पूरी दुनिया डिजिटलाइजेशन पर निर्भर हो चुकी है. अब हर चीज मोबाइल से ऑपरेट की जाती है. इसके कई फायदे भी हैं तो कई नुकसान भी. व्यापारियों का कहना है कि सबसे बड़ा नुकसान साइबर फ्रॉड है. उनका कहना है कि जब कोई बदमाश एक अकाउंट से पैसा लेकर दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर करता है और उसी अकाउंटस से वह किसी व्यापारी के यहां से खरीदारी करता है. जांच में वह अकाउंट पाया जाता है तो व्यापारी का भी अकाउंट सीज कर लिया जाता है. इस समस्या से परेशान इंदौर के व्यापारियों ने यूपीआई पेमेंट को अब ना कह दिया है. कैश और क्रेडिट कार्ड से लेंगे पेमेंट इंदौर के व्यापारी ग्राहक से कैश और क्रेडिट कार्ड के जरिए पेमेंट लेंगे. उन्होंने यूपीआई के जरिए पेमेंट लेने से इनकार कर दिया है. इसका फैसला राजवाड़ा के व्यापारी एसोसिएशन ने लिया है. व्यापारियों का कहना है कि अगर कोई ग्राहक उनकी दुकान पर आता है और वह यूपीआई पेमेंट करता है, जब पुलिस जांच में वह ग्राहक गुनाहगार निकलता है तो पुलिस व्यापारियों का अकाउंट भी सीज कर देती है. उसको खुलवाने में कई महीनों लग जाते हैं. तब तक व्यापारी का पैसा उसी अकाउंट में रखा रह जाता है. इस बीच न वो उसका इस्तेमाल कर सकता है और न पेमेंट निकाल सकता है, जिससे की कई व्यापारी परेशान हो जाते हैं. कलेक्टर करेंगे व्यापारियों से बात इस मामले में इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने शुक्रवार को बताया कि जैसे ही साइबर फ्रॉड की शिकायत आती है, पुलिस प्रशासन उस पर तुरंत कार्रवाई करता है. अगर एक दो ट्रांजेक्शन के कारण ऐसा हुआ है और यूपीआई पेमेंट को गलत कहना गलत हे. वहीं व्यापारियों द्वारा लगाए गए पोस्टरों पर कहा कि हम एक टीम भेजकर उनसे बातचीत करेंगे, क्योंकि डिजिटल इकोनॉमी भी बहुत आवश्यक है. उसमें अगर किसी चीज की कमी है तो उसको दूर किया जाना चाहिए

नीतीश रेड्डी ने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर जड़ा ऐतिहासिक शतक, भारत के सभी बल्लेबाज छूटे पीछे

nitish kumar reddy first indian batter to score hundred in australia at number 8 or below नीतीश कुमार रेड्डी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट मैच में शतक जड़ने में कामयाब रहे. ये उनके इंटरनेशनल करियर का पहला शतक है. नीतीश ने ये पारी 8वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए खेली. वह जब बल्लेबाजी के लिए उतरे थे को भारतीय टीम पर फॉलो ऑन का खतरा मंडरा रहा था. नीतीश कुमार रेड्डी… क्रिकेट की दुनिया में नाम नया है, लेकिन कारनामा बड़ा करके दिखाया है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट मैच में वह शतक जड़ने में कामयाब रहे. नीतीश रेड्डी की ये पारी एक अहम मौके पर आई. वह जब बल्लेबाजी करने उतरे तो टीम इंडिया ने 191 रन पर ही 6 विकेट गंवा दिए थे. इसके बाद नीतीश रेड्डी ने टीम इंडिया की पारी को संभालने का काम किया और मैदान के चारों ओर रन भी बनाए. ये उनके इंटरनेशनल करियर का पहला शतक है. उन्होंने इस पारी से ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया. नीतीश रेड्डी का ऐतिहासिक शतक नीतीश रेड्डी ने इस सीरीज के पहले मुकाबले से ही दमदार खेल दिखाया है और हर अहम मौके पर टीम इंडिया के लिए रन बनाए हैं. मेलबर्न में भी उन्होंने ऐसे समय पर रन बनाए जब टीम इंडिया पर फॉलो ऑन का खतरा मंडरा रहा है. वह इस मैच में 8वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे, ऐसे में उनके साथ कोई भी फुल टाइम बल्लेबाज नहीं था. इन सब के बावजूद उन्होंने इस ऑस्ट्रेलियाई बॉलिंग अटैक का जमकर सामना किया और एक यादगार शतक जड़ा. उन्होंने 100 रन तक पहुंचने के लिए 171 गेंदें लीं. बता दें, नीतीश कुमार रेड्डी ने इस शतकीय पारी के साथ ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर इतिहास भी रच दिया है. वह नंबर-8 या उससे नीचे खेलकर ऑस्ट्रेलिया में शतक जड़ने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने हैं. वहीं, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नंबर-8 पर खेलकर शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय हैं. इससे पहले रिद्धिमान साहा भी ये कारनामा कर चुके हैं. हालांकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ये शतक भारत में लगाया था. बॉक्सिंग डे टेस्ट में शतक जड़ने वाले सबसे युवा भारतीयनीतीश कुमार रेड्डी इसी के साथ बॉक्सिंग डे टेस्ट में शतक लगाने वाले सबसे युवा भारतीय भी बन गए हैं. नीतीश ने ये कारनामा 21 साल 216 दिन की उम्र में किया है. वहीं, इससे पहले कार्ल हूपर ने 21 दिन 011 दिन की उम्र में बॉक्सिंग डे टेस्ट में शतक लगाया था.

मध्यप्रदेश शासन कि फिर चली ट्रांसफर बुलेट ट्रेन: 18 आईएफएस बदले: इंदौर, देवास डीएफओ बदले, जे देवा पेंच के फील्ड डायरेक्टर

Madhya Pradesh government’s transfer bullet train started again: 18 IFS transferred: Indore, Dewas DFOs transferred, J Deva Pench’s field director भोपाल । राज्य शासन ने शुक्रवार देर रात को 18 आईएफएस और 11 राज्य वन सेवा के अधिकारियों के तबादले कर दिए। इंदौर, देवास, और बालाघाट के डीएफओ बदल दिए गए हैं। 2006 बैच के आईएफएस जे. देवा प्रसाद को छिंदवाड़ा सीसीएफ के पद से मुक्त करते हुए पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी का स्थाई फील्ड डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, अभी तक उनके पास इसका अतिरिक्त प्रभार था। जबलपुर में वर्किंग प्लान सीएफ रमेश चंद्र विश्वकर्मा और सिवनी के वर्किंग प्लान सीएफ हरिशंकर मिश्रा दोनों को वन मुख्यालय भोपाल में पदस्थ किया गया है। इंदौर वर्किंग प्लान सीएफ आदर्श श्रीवास्तव को शिवपुरी सर्किल का सीएफ बनाया गया है। नर्मदापुरम वर्किंग प्लान के सीएफ पीएन मिश्रा को इंदौर सर्किल में सीएफ बनाकर भेजा गया है। सामाजिक वानिकी सर्किल ग्वालियर के सीएफ नरेश यादव को सीएफ छतरपुर सर्किल बनाया है। वहीं राज्य वन सेवा के 11 अफसरों को पदोन्नत होने से पहले ही बदल दिया गया है।

मध्यप्रदेश के कईं जिलों में अलर्ट; भोपाल-इंदौर, उज्जैन में आधी रात तेज बारिश: 1 जनवरी से पड़ेगी कड़ाके की ठंड

Alert in many districts of Madhya Pradesh; Heavy rain in Bhopal-Indore, Ujjain at midnight: Severe cold will start from January 1 इंदौर और उज्जैन में देर रात तेज बारिश शुरू हो गई। भोपाल । मध्यप्रदेश में ओले-बारिश का दौर शुरू हो गया है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में देर रात को गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। शुक्रवार को रतलाम, मंदसौर, बैतूल, आलीराजपुर समेत कई जिलों में बारिश के साथ ओले गिरे। शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रहेगा। मौसम विभाग भोपाल के मुताबिक, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा समेत 12 जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट है। जबकि 40 से 50 Km प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन समेत 25 जिलों में हल्की बारिश, बादल छाए रहेंगे। उज्जैन में तेज बारिश के बीच महाकाल लोक की बिजली चली गई। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। वहीं, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से हवा नमी लेकर आ रही है। जिसकी वजह से प्रदेश में ओले और बारिश का दौर शुरू हो गया है। अगले 24 घंटे भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। 1 जनवरी से तेज सर्दी का दौर शुरू हो जाएगा। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 28 दिसंबर: उमरिया, डिंडौरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और पांढुर्णा में ओले-बारिश का दौर बना रहेगा। यहां 30 से 40 Km प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। वहीं, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, दतिया, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में हल्की बारिश, बादल और तेज हवा चलने का अलर्ट है। 29 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहेगा। 30 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कोहरा छाया रहेगा। 31 दिसंबर से बढ़ेगी ठंड सिस्टम के गुजरने के बाद प्रदेश में कोहरे और ठंड का असर बढ़ जाएगा। यानी, नए साल पर लोगों को कड़ाके की ठंड के दौर से गुजरना पड़ सकता है। इसके बाद पूरे एक महीने तक कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है।

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