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खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने दी बधाई, गौरांशी शर्मा और अनिष्का शर्मा ने भारतीय दल में जगह बनाई

मलेशिया में होगी 10वीं एशियन पेसिफिक डीफ गेम्स-2024 खेल अकादमी की गौरांशी शर्मा और कनिष्का शर्मा करेंगी देश का प्रतिनिधित्व खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने दी बधाई, गौरांशी शर्मा और अनिष्का शर्मा ने भारतीय दल में जगह बनाई भोपाल मलेशिया के क्वालालम्पुर में 10वीं एशियन पेसिफिक डीफ गेम्स का आयोजन 1 से 8 दिसम्‍बर तक किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश की 2 होनहार खिलाड़ी बैडमिंटन की गौरांशी शर्मा और ताईक्वान्डो अनिष्का शर्मा ने भारतीय दल में जगह बनाई है। दोनों खिलाडी मध्यप्रदेश राज्य खेल अकादमी की हैं। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दोनों खिलाड़ियों के असाधारण खेल प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को एशियन पेसिफिक डीफ गेम्स के लिये शुभकामनाएं देते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीद की है। गौरांशी शर्मा की खेल उपलब्धियां गौरांशी शर्मा मध्यप्रदेश राज्य बैडमिंटन अकादमी ग्वालियर की अंतर्राष्ट्रीय डीफ खिलाड़ी हैं। हाल ही में उन्हें यूनिसेफ ने भारत का एम्बेसडर बनाया है। इसके तहत उन्हें सितंबर 2024 में न्यूयॉर्क, अमेरिका में आयोजित एक वैश्विक युवा सम्मेलन में आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के सर्वोत्तम हितों को सुनिश्चित करने उनके अनुभवों को साझा करने तथा उन्हें सशक्त बनाने के लिये नेटवर्क तैयार करना था। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गौरांशी की प्रमुख उपलब्धियां डीफ ओलंपिक-2022 (ब्राजील) में गौरांशी ने बैडमिंटन में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। 6वीं वर्ल्ड यूथ बैडमिंटन चैम्पियनशिप ब्राजील-2023 में उन्होंने एक और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। दूसरी यूथ और 6वीं एशिया पेसिफिक डीफ बैडमिंटन चैम्पियनशिप थाईलैंड- 2022 में गौरांशी ने 1 कांस्य पदक अर्जित किया। तीसरी वर्ल्ड यूथ डीफ बैडमिंटन चैम्पियनशिप ब्राजील-2003 में गौरांशी ने कांस्य पदक जीत कर अपने प्रदर्शन को और मजबूती दी। इन पदकों के साथ गौरांशी शर्मा ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 2 स्वर्ण और 3 कांस्य पदक जीते। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर 11 पदकों के साथ देश और प्रदेश को गौरवान्वित किया। इस अद्वितीय उपलब्धियों ने उन्हें डीफ खिलाड़ियों के बीच एक प्रेरणा स्त्रोत बना दिया। कनिष्का शर्मा की खेल उपलब्धियां कनिष्का शर्मा मध्यप्रदेश राज्य ताईक्वान्डो अकादमी भोपाल की होनहार ताईक्वान्डो खिलाड़ी हैं। उन्होंने हाल ही में सहारनपुर, उत्तर प्रदेश में आयोजित हुई 7वीं राष्ट्रीय पैरा ताईक्वान्डो चैम्पियनशिप-2024 में 65 किग्रा. भार वर्ग स्वर्धा में स्वर्ण पदक जीता। फरवरी-2024 में ऑल इंडिया स्पोर्ट्स काउंसिल ऑफ डीफ द्वारा आयोजित ताईक्वान्डो चयन ट्रॉयल में उन्होंने कानपुर, उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर वर्ल्ड डीफ ताईक्वान्डो चैम्पियनशिप के लिये क्वालीफाई किया। कनिष्का एक डीफ खिलाड़ी है और बचपन से सुनने ओर बोलने से असमर्थ हैं। इसके बावजूद उन्होंने सामान्य खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धाओं में भी शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने एस.जी.एफ.आई. राष्ट्रीय खेलों में रजत पदक और राजस्थान में आयोजित दूसरी इंडिया ताइक्वान्डो जूनियर राष्ट्रीय चैम्पियनशिप-2024 में स्वर्ण पदक हासिल किया। यह उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो उनके समर्पण और दृढ़ता को दर्शाता है। कनिष्ठा वर्तमान में ताईक्वान्डो अकादमी भोपाल में मुख्य प्रशिक्षण जगजीत सिंह मांड और प्रशिक्षक अर्जुन सिह रावत के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समर्थन मूल्य पर सोयाचीन की खरीदी आज से 1400 केन्द्रों पर प्रारंभ होगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीदी शुक्रवार से 1400 केन्द्रों पर प्रारंभ होगी। सभी संबंधित अधिकारी सोयाबीन उपार्जन की कार्यवाही संवेदनशीलता से करें। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित मात्रा के अतिरिक्त सोयाबीन का उपार्जन प्रदेश सरकार करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 25 सितम्बर से 20 अक्टूबर तक ई-उपार्जन पोर्टल पर किसानों के पंजीयन की कार्रवाई की गई, जिसमें 3 लाख 44 हजार किसानी ने पंजीयन करवाया है। आवश्यकतानुसार खरीदी केन्द्रों की संख्या में परिवर्तन भी किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समर्थन मूल्य पर खरीदी गई सोयाबीन का भुगतान किसानों को ऑनलाइन किया जाएगा। प्रदेश में 7 जिले दतिया, भिंड, कटनी, मंडला, बालाघाट, सीधी एवं सिंगरौली को छोड़कर शेष सभी जगह सोयाबीन का उपार्जन होगा। इन जिलों से प्रस्ताव आने पर सोयाबीन उपार्जन पर विचार किया जाएगा। सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2024 तक है। न्यूनतम समर्थन मूल्य 4892 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। अधिकारियों को औसत अच्छी गुणवत्ता के सोयाबीन की खरीदी कराने के निर्देश दिए गए हैं। खरीदी केन्द्रों पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों को मौजूद रहने के निर्देश दिये गये है, ताकि व्यवस्थित ढंग से सोयाबीन का उपार्जन किया जा सके। प्रदेश में पहली बार प्राइस सपोर्ट स्कीम(समर्थन मूल्य) के तहत सोयाबीन का उपार्जन किया जा रहा है। इसके लिए कृषि विभाग नोडल विभाग है एवं मार्कफेड राज्य उपार्जन एजेंसी निर्धारित है। सोयाबीन की खरीदी के लिये ई-उपार्जन पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। किसानों को ऑनलाइन ही सोयाबीन की उपज बेचने का भुगतान किया जाएगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री गडकरी का माना आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर रिंग रोड- पैकेज वी(जबलपुर रिंग रोड का अंतिम चरण) से 4 – लेन एक्सेस कंट्रोल हाईवे के विकास के लिए 607.36 करोड़ रुपए की लागत के साथ मंजूरी देने पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क विकास को गति देने के लिए यह महत्वपूर्ण सौगात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यह खंड मार्ग जबलपुर रिंग रोड और रीवा-जबलपुर-रायपुर कॉरिडोर का एक हिस्सा है। इस मार्ग के चौड़ीकरण से जबलपुर शहर में भीड-भाड़ कम होगी। क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर निर्माण होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह परियोजना जबलपुर और क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर क्षेत्र की समृद्धि और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करेगी।  

नई पीढ़ी का कौशल विकास के महत्व को समझना और आत्मसात करना देश के प्रौद्योगिक विकास के लिए आवश्यक – मंत्री टेटवाल

नई पीढ़ी का कौशल विकास के महत्व को समझना और आत्मसात करना देश के प्रौद्योगिक विकास के लिए आवश्यक – मंत्री टेटवाल आईटीआई झाबुआ में हुआ युवा कौशल संवाद- 2024 भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल आईटीआई झाबुआ में युवा कौशल संवाद- 2024 के तहत वी इन स्टेम(we-in stem) ट्रेनिंग प्रोग्राम मे प्रशिक्षित झाबुआ जिले की बालिकाओं के साथ संवाद में सम्मिलित हुए। मंत्री टेटवाल ने बालिकाओं के साथ युवा कौशल संवाद के तहत चर्चा की। उन्होंने बालिकाओं द्वारा “वी इन स्टेम” ट्रेड में प्राप्त शिक्षा, ऑन फील्ड अनुभव, कॉलेज में विभिन्न ट्रेड की स्थिति के सम्बन्ध में भी बात की। उन्होंने कहा कि समय के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है। इसके लिये जरूरी है कि नई पीढ़ी कौशल विकास के महत्व को समझें, साथ ही आत्मसात भी करें। यह देश के प्रौद्योगिक विकास को और अधिक गति प्रदान करेंगा। मंत्री टेटवाल ने उपस्थित बालिकाओं को लोकमाता अहिल्याबाई का उदाहरण देते हुए कहा कि अहिल्याबाई के द्वारा जनता का कौशल विकास कर माहेश्वरी साड़ी का अद्भूत कारखाना लगाया गया, जो आज तक अपनी विशिष्टता के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार भारतीय इतिहास मे महिलाओ की साझेदारी एवं वर्तमान समय में स्टेम फील्ड में महिलाओ के योगदान को नमन करते हुए, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन हम सभी निरंतर कार्य रहे है। कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र महिला की स्टेट हेड ज्योति रे द्वारा बताया गया कि वी इन स्टेम प्रोग्राम यूएन वीमेन (UN-Women) और मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड भोपाल के संयुक्त तत्वाधान में प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। अभी तक प्रदेश के 12 आदिवासी बाहुल्य जिलों में प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। झाबुआ जिले में स्टेम (विज्ञान, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, गणित) ट्रेड में प्रशिक्षित 11 बालिकाओं का टाटा मोटर्स में प्लेसमेंट हुआ है। मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड भोपाल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर गौतम सिंह ने वी इन स्टेम कार्यक्रम का महत्व बताते हुए कहा कि बालिकाओं की साइन्स के प्रति रुचि, उसी ट्रेड में पढ़ाई और प्लेसमेंट हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुसार सर्प अनुसन्धान से सम्बन्धित ट्रेड में कम से कम 10 इच्छुक आवेदकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। मंत्री टेटवाल ने वी इन स्टेम ट्रेनिग प्रोग्राम की 11 बालिकाओं, पीएम विश्वकर्मा योजना के हितग्राहियों एवं एनसीवीटी प्रोग्राम के टॉपर को प्रमाण पत्र वितरण किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड भोपाल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर गौतम सिंह, कलेक्टर नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ल, जन प्रतिनिधि भानु भूरिया उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीएम राइज़ स्कूल रतलाम को सम्मानित होने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षा व्यवस्था में नवाचार की श्रेणी में रतलाम के विनोबा भावे सीएम राइज़ स्कूल को लंदन के T-4 एजुकेशन इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल पुरस्कार-2024 से सम्मानित किए जाने पर देश व प्रदेवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के सीएम राइज़ स्कूल ने विश्व में भारतीय शिक्षा की पताका फहराई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि प्रदेश सरकार सदैव विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य और शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान रचने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। उल्लेखनीय है कि लंदन के T-4 एजुकेशन इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित ये पुरस्कार उन स्कूलों को दिया जाता है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और सामुदायिक प्रभाव का प्रदर्शन किया है। लंदन की संस्था T-4 एजुकेशन ने गुरुवार को वर्चुअल कार्यक्रम में विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल की घोषणा की।  

कार्तिकेय कि मतदाताओं को वार्निंग : कांग्रेस का विधायक आ गया तो गांव में एक भी ईंट नहीं लगने वाली है. समझ लेना आप सब

If a Congress MLA comes, not a single brick is going to be laid in the village. please understand all of you शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक कार्यक्रम में कहा कि उपचुनाव में 19-20 होता है तो आप समझिए, किसका नुकसान होगा? अपने पैरों पर हम क्यों कुल्हाड़ी मारें? MP Bypoll 2024: मध्य प्रदेश के बुधनी विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर अब राजनीति चरम पर पहुंच गया है. इस सीट पर बीजेपी के बीच मुख्य मुकाबला है. इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक चुनावी कार्यक्रम में कुछ ऐसा कह दिया कि उनके बयान को लेकर कांग्रेस ने उन्हें नसीहत देने लगे हैं. एमपी कांग्रेस के बड़े नेता ने उन पर पलटवार करते हुए कार्तिकेय सिंह को नसीहत दी है. दरअसल, कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उपचुनाव में 19-20 होता है तो आप समझिए, किसका नुकसान होगा? अपने पैरों हम क्यों कुल्हाड़ी मारें? ये है कार्तिकेय का बयान एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने कहा, “अपनी पोलिंग में गड़बड़ी कर हम क्यों अपनी इज्जत खराब करें? क्या हम को नहीं जाना काम कराने के लिए मुख्यमंत्री के पास, क्या हमें नहीं जाना काम कराने के लिए कृषि मंत्री के पास. आप ही लोग बताईए, सरपंच जी कैसे कराएंगे आप काम. जबाव दीजिए.” उन्होंने आगे कहा कि यदि उन्नीसा-बीस हुआ तो हम किस मुंह से अपने नेताओं के पास काम कराने जाएंगे. अगर गलती से भी कांग्रेस का विधायक आ जाता है तो एक ईंट गांव में नहीं लगने वाली है. समझ लेना आप सब. दिग्विजय सिंह ने क्या दी नसीहत? एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान के इस बयान पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर उन्हें नसीहत दी है. उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, “कार्तिकेय अभी से इस प्रकार का भाषण ना दो. अपने पिता शिवराज सिंह चौहान जी से सीखो. लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों मिलकर भारत निर्माण में सहयोग करते हैं.” उन्होंने कहा कि 10 साल तक मैं मुख्यमंत्री रहा, लेकिन मैंने इस प्रकार की भाषा का कभी उपयोग नहीं किया. आपके पिता गवाह हैं. पंचायत राज कानून में निर्माण काम करने के जिम्मेदार सरपंच की होती है, ना कि विधायक की. आप तो अभी ना सरपंच हैं ना विधायक. आप मेरे पुत्र नहीं पौत्र समान हैं. यह मेरी राय है. आप मानें ना मानें, आप जानें. जय सियाराम.

प्रदेश के नगरीय निकायों में भू-जल संरक्षण और प्रबंधन के लिये 33 नगरीय निकायों में भू-जल प्लान तैयार किया

भोपाल प्रदेश के नगरीय निकायों में भू-जल संरक्षण और प्रबंधन के लिये 33 नगरीय निकायों में भू-जल प्लान तैयार किया जा रहा है। प्रदेश के 24 नगरीय निकाय ऐसे हैं, जिन्होंने भू-जल प्रबंधन प्लान तैयार भी कर लिया है। भू-जल प्रबंधन प्लान में क्षेत्र के जल स्त्रोतों की पहचान कर उनके वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण के उपाय किये जा रहे हैं। इनमें क्षेत्र के बोरवेल, बावड़ियां, नदी, तालाब, कुंऍ आदि शामिल हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा अमृत योजना 2.0 के अंतर्गत पिछले दिनों आयोजित कार्यशाला में भू-जल विशेषज्ञों ने तैयार किये गये भू-जल प्रबंधन प्लान पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों को जन-भागीदारी से शहरी क्षेत्रों में पौध-रोपण पर विशेष ध्यान देना होगा। वृक्ष, जल-संरक्षण के उपाय में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। प्रदेश के 418 नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों ने भू-जल प्रबंधन प्लान तैयार करने पर गहन विचार-विमर्श किया।

छिंदवाड़ा की सीवरेज परियोजना का प्रायोगिक परीक्षण नवम्बर माह में होगा शुरू

छिंदवाड़ा नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी द्वारा विश्व बैंक की सहायता से छिंदवाड़ा में सीवरेज परियोजना का कार्य तेज गति से चल रहा है, जो लगभग पूर्णता की ओर है। परियोजना में 20 हजार 100 घरों को जोड़ने का लक्ष्य है। लक्ष्य के विरूद्ध 15 हजार से अधिक घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है। परियोजना की कुल लागत लगभग 237 करोड़ रुपये है। इस में 10 वर्षों का संधारण और संचालन भी शामिल है। मल-जल के उचित निस्तारण के लिए छिंदवाड़ा के सर्रा क्षेत्र में 28 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्मित किया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। सीवरेज निस्तारण को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने के लिए 257 किलोमीटर की सीवरेज लाइन बिछाई गई है। स्थायी रोड रेस्टोरेशन का कार्य भी पूर्णता की ओर है। नागरिकों को सीवरेज कनेक्शन लेने के लिए स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाया है। इसका परिणाम यह हुआ कि जन-सामान्य स्वेच्छा से सीवरेज कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित हुए हैं। परियोजना की एक और विशेषता यह भी है कि सीवरेज के शोधित जल का उपयोग बागवानी, अग्निशमन, और सिंचाई जैसे कार्यों में भी किया जाएगा। आगामी नवम्बर माह से छिंदवाड़ा सीवरेज परियोजना का प्रायोगिक परीक्षण शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  

प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जंयती सभागार में होगा समारोह, 14 शिक्षकों को प्रदान करेंगे राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 14 शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। समारोह में नि:शुल्क गणवेश योजना अंतर्गत प्रदेश के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 54 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में करीब 324 करोड़ रूपये की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की जायेगी। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित रहेंगे। इस वर्ष का राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह 25 अक्टूबर को भोपाल के आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जयंती हॉल में प्रात: 10:30 बजे आयोजित किया जा रहा है। राज्य स्तरीय सम्मान से विभूषित सभी शिक्षकों को समारोह में सम्मान राशि 25 हजार रूपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जाएगा। वहीं विगत वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरूस्कार विजेता शिक्षकों को विशेष सम्मान राशि 11 हजार रूपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जाएगा। समारोह में अतिथियों द्वारा राष्ट्रीय इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले भिंड जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उद्योतगढ़ के कक्षा 10वीं के विद्यार्थी दीपक वर्मा को 25 हजार रूपये की विशेष सम्मान निधि राष्ट्रीय स्तर पर पाँचवे स्थान पर रहीं बालाघाट जिले के शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि लांजी की छात्रा सुश्री शिरोमणी दहीकर तथा 31वाँ स्थान प्राप्त करने वाले भोपाल जिले के कक्षा 7वीं के विद्यार्थी श्री आरूष नाग को 15-15 हज़ार रूपयों की विशेष सम्मान निधि प्रदान की जायेगी। इन विद्यार्थियों के साथ ही उनके गाइड शिक्षकों को भी सम्मानित किया जायेगा। अंतर्राष्ट्रीय संस्था T-4 ऐजूकेशन के द्वारा नवाचार श्रेणी में विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त विद्यालय सी.एम. राइज विनोवा रतलाम के शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। राज्य स्तर की शैक्षिक संगोष्ठी से चयनित प्रथम प्रतिभागी को 11 हजार रूपये, द्वितीय प्रतिभागी को 7 हजार एवं तृतीय को 5 हजार रूपये राशि के साथ शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक भी होंगे सम्मानित शिक्षक सम्मान समारोह में पिछले वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2023 से सम्मानित प्रदेश के चयनित शिक्षकों का भी सम्मान किया जायेगा। इनमें सुश्री सारिका घारू माध्यमिक शिक्षक शासकीय हाई स्कूल सांडिया, होशंगाबाद और रतलाम की श्रीमती सीमा अग्निहोत्री शिक्षक सीएम राइज स्कूल विनोबा हायर सेकेण्डरी स्कूल शामिल हैं। समारोह में इन शिक्षकों को विशेष सम्मान राशि 11 हजार रुपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जायेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री ने सम्मानित होने वाले शिक्षकों को दी बधाई स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में सम्मानित होने वाले शिक्षकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि शिक्षक में वह ताकत होती है, जो आदर्श राष्ट्र का निर्माण करने में सहायक होती है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक भविष्य की आदर्श पीढ़ियों की निर्माता है। सम्मानित होने वाले शिक्षकों एवं उनके उल्लेखनीय कार्यों पर हम सब को गर्व है।

दीपावली के बाद भोपाल में 300 क्षेत्रों में बढ़ सकती है प्रॉपर्टी की कीमतें

After Diwali, property prices may increase in 300 areas in Bhopal. भोपाल। भोपाल शहर में बीते छह महीने में एक हजार 294 स्थानों पर जमकर प्रॉपर्टी की खरीद -फरोख्त की गई है। इनमें से 300 स्थान ऐसे हैं, जहां वर्तमान दरों से अधिक दरों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। ऐसे में अब जिला प्रशासन और पंजीयन विभाग ने इन स्थानों पर प्रॉपर्टी की दरें बढ़ाने का निर्णय लिया है। संभवत : दीपावली के बाद यहां प्रॉपर्टी महंगी हो सकती है और इसके लिए किसी भी तरह की कोई दावे-आपत्ति भी नहीं लिए जाएंगे। इस संबंध में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने गुरुवार को वरिष्ठ जिला पंजीयक मुकेश श्रीवास्तव, स्वप्नेश शर्मा सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक ली और उन्हें नई कलेक्टर गाइडलाइन का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल सहित प्रमुख जिलों में प्रॉपर्टी की जमकर खरीद-फरोख्त के चलते पिछले दिनों तीन-तीन महीने में प्रॉपर्टी की दरें तय करने के निर्देश दिए थे। एआई से किया जाएगा सर्वे अधिकारियों ने बताया कि शहर के किन स्थानों पर अधिक दामों में प्रॉपर्टी की ज्यादा खरीद-फरोख्त की जा रही है, इसका पता लगाने के लिए एआई की मदद ली जाएगी। इससे यह पता चल सकेगा कि किन क्षेत्रों में अधिक दामों पर जमकर प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त की जा रही है। इन्हीं स्थानों को प्रस्ताव में शामिल किया जाएगा।उप जिला मूल्याकंन और जिला मूल्यांकन में सहमति के बाद नई दरें एक जनवरी से लागू कर दी जाएंगी। जिले में प्रॉपर्टी की बढ़ती खरीद-फरोख्त के चलते हर तीन महीने यानि अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी में दरें दोबारा से बढ़ाई जाएंगी। ऐसे में एक स्थान पर तीन-तीन महीनों की खरीद-फरोख्त का असर प्रॉपर्टी के दामों पर पड़ेगा।यहां बढ़ सकते हैं प्रॉपर्टी के दाम एआई की मदद से पंजीयन के पोर्टल के बीते छह महीने के डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। क्षेत्रीय स्थान, मेट्रो रूट, प्रमुख सरकारी परियोजनाएं और बस स्टैंड के आसपास की प्रॉपर्टी का मूल्यांकन एआई मॉडल से किया गया है। कोलार सिक्सलेन की वजह से गोल जोड़, थुआखेड़ा से लेकर कजलीखेड़ा तक बदलाव होगा। चूनाभट्टी से नेहरू नगर, कोटरा, वैशाली नगर में भी दरें बदलेंगी।सलैया से बगली के बीच, बैरागढ़ रेलवे लाइन के आसपास, सनखेड़ी, हिनोतिया आलम, बरखेड़ा नाथू, कलखेड़ा, सेवनियां गोंड से लेकर इंद्रपुरी से अयोध्या बायपास और यहां से आशाराम तिराहा तक प्रस्तावित बायपास से 100 मीटर तक की दरों में बदलाव प्रस्तावित किया जाएगा। हुई थी 25 से 95 प्रतिशत वृद्धिअप्रैल 2024 में नई गाइडलाइन लागू की थी, जिसमें कोलार, सलैया, अयोध्या बाइपास और मिसरोद में 25 से लेकर 94 प्रतिशत तक दाम बढ़ाए गए थे। सबसे ज्यादा मिसरोद के कोरल वुड्स के मुख्य मार्ग पर प्रति वर्ग मीटर 94 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। यहां रहवासी प्लाट की कीमत 44 हजार रुपये वर्ग मीटर से बढ़ाकर 70 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर किया गया।

सुकमा में बड़ी सफलता: 24 लाख के इनामी 6 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, दंपती भी शामिल

Big success in Sukma: 6 Naxalites with a reward of Rs 24 lakh surrendered, couple also included सुकमा। छत्‍तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति के तहत सोमवार को बड़ी सफलता मिली, जब कुल 24 लाख रुपये के इनामी 6 नक्सलियों ने पुलिस और सीआरपीएफ के सामने आत्मसमर्पण किया। इन नक्सलियों में एक दंपती भी शामिल है, जिनमें से प्रत्येक पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत शासन की सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इन नक्सलियों ने सीआरपीएफ डीआईजी आनंद सिंह और सुकमा एसपी किरण चव्हाण के सामने आत्मसमर्पण किया। अधिकारियों ने इस मौके पर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास योजनाओं की जानकारी दी और भविष्य में मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया। पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर किया सरेंडरआत्मसमर्पण के दौरान इन नक्सलियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से संगठन में सक्रिय थे, लेकिन नियद नेल्ला नार और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण से बढ़ी सुरक्षा बलों की हौसलाअफजाईयह आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि है, जिससे क्षेत्र में शांति बहाली के प्रयासों को नई ताकत मिली है। सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन और पुनर्वास नीति की वजह से नक्सली संगठनों में फूट पड़ रही है, और कई नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। सरकार की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर किया सरेंडरछत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे समाज में अपनी पहचान बना सकें। नीति के अंतर्गत उन्हें विभिन्न आर्थिक और सामाजिक योजनाओं का लाभ मिलता है। अधिकारियों ने बताया कि इन नक्सलियों को अब पुनर्वास योजना के तहत रोजगार, शिक्षा, और सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाएगा। क्षेत्र में शांति स्थापना की ओर एक कदमसुकमा जिले में आत्मसमर्पण की बढ़ती घटनाओं से यह संकेत मिलता है कि सुरक्षा बलों और पुनर्वास नीति के संयुक्त प्रयासों के कारण नक्सली हिंसा का प्रभाव कम हो रहा है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में और भी नक्सली संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौटेंगे, जिससे क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी।

2024-25 में महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकेंगे

पीएम-यूएसपी योजना की छात्रवृत्ति के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर 31 अक्टूबर तक हो सकेंगे ऑनलाइन आवेदन PM-USP छात्रवृत्ति योजना के लिए सत्र 2024-25 के आवेदन प्रक्रिया आरम्भ, 31 अक्टूबर अन्तिम दिनांक 2024-25 में महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकेंगे भोपाल केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग ने प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना (PM-USP) के अंतर्गत केन्द्रीय क्षेत्रीय छात्रवृत्ति योजना के लिए सत्र 2024-25 के आवेदन प्रक्रिया आरम्भ कर दी है। योजना में महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के पात्र विद्यार्थी, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल https://scholarships.gov.in पर 31 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। सत्र 2024-25 में महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे। नवीनीकरण के लिए पात्र लाभान्वित विद्यार्थियों के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अनुसार ऐसे विद्यार्थी, जिन्होंने 4 अकादमिक सत्र 2020-21, 2021-22, 2022- 23 एवं 2023-24 में योजना अंतर्गत लाभ प्राप्त किया है, वह भी अकादमिक सत्र 2024-25 में नवीनीकरण के लिए 31 अक्टूबर तक आवेदन कर सकेंगे। साथ ही ऐसे विद्यार्थी, जो पिछले सत्र 2023-24 में छात्रवृत्ति नवीनीकरण के आवेदन नहीं कर पाए थे, उन्हें भी सत्र 2024-25 में नवीनीकरण के लिए अवसर दिया गया है। नवीनीकरण के लिए पात्र विद्यार्थियों को 31 अक्टूबर तक राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर अनिवार्य रूप से आवेदन करना होगा एवं इस आवेदन का अपने संस्थान और राज्य नोडल अधिकारी से सत्यापन भी कराना होगा। प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन (पीएम-यूएसपी) योजना सम्बंधित समस्त जानकारी, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल https://scholarships.gov.in पर उपलब्ध है, विद्यार्थी छात्रवृत्ति के सम्बन्ध में आवश्यक सभी जानकारी का पोर्टल पर अवलोकन कर सकते हैं। प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन (पीएम-यूएसपी) योजना प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन (पीएम-यूएसपी) योजना केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय अन्तर्गत उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की केंद्रीय क्षेत्रीय छात्रवृत्ति योजना है। योजना का प्राथमिक उद्देश्य गरीब परिवारों के मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा पाने के दौरान अपने दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। छात्रवृत्तियॉ उच्चतर माध्यमिक/कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणामों के आधार पर प्रदान की जाती हैं। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में स्नातक/स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त करने और मेडिकल, इंजीनियरिंग जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए प्रति वर्ष अधिकतम 82 हजार नई छात्रवृत्तियॉ प्रदान की जाती हैं। प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन (पीएम-यूएसपी) योजना में पात्र विद्यार्थियों को महाविद्यालय और विश्वविद्यालय पाठ्यक्रमों के पहले तीन वर्षों के लिए स्नातक स्तर पर 12 हजार रुपए प्रति वर्ष एवं स्नातकोत्तर स्तर पर 20 हजार रुपए प्रति वर्ष छात्रवृत्ति दी जाती है। व्यावसायिक पाठ्यक्रम करने वाले विद्यार्थियों को चौथे और पांचवें वर्ष में (यदि पाठ्यक्रम की अवधि पांच (5) वर्ष/एकीकृत पाठ्यक्रम है, 20 हजार रुपए प्रति वर्ष छात्रवृत्ति दी जाती है। बी.टेक और बी.ई. जैसे तकनीकी पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को केवल स्नातक स्तर तक ही छात्रवृत्ति दी जाती है अर्थात प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के लिए 12 हजार रुपए प्रति वर्ष तथा चौथे वर्ष में 20 हजार रुपए प्रति वर्ष छात्रवृत्ति दी जाती है। छात्रवृत्ति की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) से सीधे लाभार्थियों के बैंक बचत खातों में वितरित की जाती है। प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना अंतर्गत छात्रवृत्ति के लिए पात्रता प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति के लिए संबंधित बोर्ड की शीर्ष 20 पर्सेंटाइल वाले विद्यार्थी, आवेदन के लिए पात्र होंगे हैं। आवेदक को नियमित डिग्री पाठ्यक्रम में अध्ययनरत होना चाहिए। आवेदक को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और संबंधित नियामक निकायों द्वारा मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों/संस्थानों में पाठ्यक्रम करना चाहिए। आवेदक की सकल पैतृक/पारिवारिक आय 4 लाख 50 हजार रूपये सालाना से अधिक नहीं होनी चाहिए। अध्ययन के प्रत्येक वर्ष में छात्रवृत्ति के नवीनीकरण के लिए वार्षिक परीक्षा में कम से कम 50% अंक प्राप्त करने के अलावा कम से कम 75 प्रतिशत की पर्याप्त उपस्थिति बनाए रखना आवश्यक है। प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना अंतर्गत छात्रवृत्ति के लिए ऐसे विद्यार्थी, जो पत्राचार या दूरस्थ शिक्षा या डिप्लोमा पाठ्यक्रम में अध्ययन कर रहे हैं, वे पात्र नहीं हैं। ऐसे विद्यार्थी, जो पहले से ही राज्य द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं/शुल्क माफी एवं प्रतिपूर्ति योजनाओं सहित किसी अन्य छात्रवृत्ति योजना का लाभ उठा रहे हैं, वे भी पात्र नहीं हैं।  

भोपाल के प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जंयती सभागार में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह समारोह

राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह राज्यपाल और मुख्यमंत्री 14 शिक्षकों को प्रदान करेंगे राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह : 54 लाख विद्यार्थियों के खातों में सीधे अंतरित होगी 324 करोड़ रूपये की गणवेश राशि भोपाल के प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जंयती सभागार में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह समारोह भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 14 शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। समारोह में नि:शुल्क गणवेश योजना अंतर्गत प्रदेश के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 54 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में करीब 324 करोड़ रूपये की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की जायेगी। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित रहेंगे। इस वर्ष का राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह 25 अक्टूबर को भोपाल के आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जयंती हॉल में प्रात: 10:30 बजे आयोजित किया जा रहा है। राज्य स्तरीय सम्मान से विभूषित सभी शिक्षकों को समारोह में सम्मान राशि 25 हजार रूपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जाएगा। वहीं विगत वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरूस्कार विजेता शिक्षकों को विशेष सम्मान राशि 11 हजार रूपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जाएगा। समारोह में अतिथियों द्वारा राष्ट्रीय इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले भिंड जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उद्योतगढ़ के कक्षा 10वीं के विद्यार्थी दीपक वर्मा को 25 हजार रूपये की विशेष सम्मान निधि राष्ट्रीय स्तर पर पाँचवे स्थान पर रहीं बालाघाट जिले के शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि लांजी की छात्रा सुशिरोमणी दहीकर तथा 31वाँ स्थान प्राप्त करने वाले भोपाल जिले के कक्षा 7वीं के विद्यार्थी आरूष नाग को 15-15 हज़ार रूपयों की विशेष सम्मान निधि प्रदान की जायेगी। इन विद्यार्थियों के साथ ही उनके गाइड शिक्षकों को भी सम्मानित किया जायेगा। अंतर्राष्ट्रीय संस्था T-4 ऐजूकेशन के द्वारा नवाचार श्रेणी में विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त विद्यालय सी.एम. राइज विनोवा रतलाम के शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। राज्य स्तर की शैक्षिक संगोष्ठी से चयनित प्रथम प्रतिभागी को 11 हजार रूपये, द्वितीय प्रतिभागी को 7 हजार एवं तृतीय को 5 हजार रूपये राशि के साथ शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक भी होंगे सम्मानित शिक्षक सम्मान समारोह में पिछले वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2023 से सम्मानित प्रदेश के चयनित शिक्षकों का भी सम्मान किया जायेगा। इनमें श्रीमती सारिका घारू माध्यमिक शिक्षक शासकीय हाई स्कूल सांडिया, होशंगाबाद और रतलाम की श्रीमती सीमा अग्निहोत्री शिक्षक सीएम राइज स्कूल विनोबा हायर सेकेण्डरी स्कूल शामिल हैं। समारोह में इन शिक्षकों को विशेष सम्मान राशि 11 हजार रुपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जायेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री ने सम्मानित होने वाले शिक्षकों को दी बधाई स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में सम्मानित होने वाले शिक्षकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि शिक्षक में वह ताकत होती है, जो आदर्श राष्ट्र का निर्माण करने में सहायक होती है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक भविष्य की आदर्श पीढ़ियों की निर्माता है। सम्मानित होने वाले शिक्षकों एवं उनके उल्लेखनीय कार्यों पर हम सब को गर्व है।  

BMHRC में सिकल सेल के मरीजों को समस्त उपचार सुविधाएं निश्शुल्क, विशेष वार्ड तैयार

भोपाल  राजधानी के करोंद इलाके में स्थित भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) में अब सिकल सेल बीमारी की जांच से लेकर पूरा उपचार हो सकेगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने बीएमएचआरसी को सिकल सेल एनीमिया सक्षमता केंद्र का दर्जा दिया है। इस तरह का यह मध्य प्रदेश का पहला संस्थान है। केंद्र सरकार की पहल पर हो रहा काम केंद्र सरकार ने 27 जून 2023 को मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन की शुरुआत की थी। इस मिशन के तहत केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय ने बीएमएचआरसी में सिकल सेल एनीमिया सक्षमता केंद्र बनाने का फैसला किया। सिकल सेल के मरीजों के लिए यह सक्षमता केंद्र निश्शुल्क होगा। ये उपचार सुविधाएं उपलब्ध केंद्र में सिकल सेल की स्क्रीनिंग का काम शुरू हो गया है। इसके लिए अस्पताल में सभी आवश्यक मशीनें आ गई हैं। जल्द ही सिकल सेल के मरीजों के लिए अलग ओपीडी होगी, जहां ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के डाक्टर मरीजों को परामर्श देंगे। मरीजों एवं उनके स्वजनों के लिए क्लीनिकल हेमेटोलाजिस्ट व बाल्य रोग विशेषज्ञ उपस्थित होंगे। मरीजों की काउंसलिंग की जाएगी। दर्द से जूझ रहे सिकल सेल के मरीजों का पेन क्लिनिक में उपचार होगा। हाथ-पैरों में जकड़न की समस्या से ग्रस्त मरीजों को फिजियोथैरेपी की सुविधा मिलेगी। जरूरत पड़ने पर मरीजों को अस्पताल में भर्ती भी किया जाएगा। सिकल सेल बीमारी के लिए यह प्रदेश के 12 जिलों के लिए रेफरल सेंटर की तरह काम करेगा। इन जिलों में स्थित स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल मरीजों को जांच व उपचार के लिए यहीं भेजेंगे। स्पेशल वार्ड तैयार इसके लिए अलग छह बिस्तरों का सिकल सेल वार्ड तैयार किया गया है। मरीजों को निशुल्क दवा भी उपलब्ध कराई जाएगी। सिकल सेल एनीमिया सक्षमता केंद्र में जल्द ही एक टेलिमेडिसिन सेंटर भी शुरू किया जाएगा। इसके तहत एक फोन नंबर जारी किया जाएगा। सिकल सेल से प्रभावित कोई भी व्यक्ति इस नंबर पर फोन करके बीमारी के बारे में सलाह ले सकता है। 17 राज्यों के प्रतिनिधियों ने किया दौरा राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन का प्रशिक्षण लेने भोपाल आए 17 राज्यों के नोडल अधिकारियों ने बुधवार को बीएमएचआरसी के सिकल सेल एनीमिया सक्षमता केंद्र का दौरा किया। यहां उन्होंने बारीकियों को जाना। प्रतिनिधिमंडल ने मालिक्यूलर लैब एवं आनुवांशिक लैब, सिकल सेल वार्ड, फिजियोथैरेपी विभाग व अन्य स्थानों का दौरा भी किया। इनका कहना है यह हमारे लिए गर्व की बात है कि केंद्र सरकार ने बीएमएचआरसी को सिकल सेल जैसी बीमारी के लिए सक्षमता केंद्र बनाया है। यहां मरीजों के लिए निश्शुल्क उपचार सुविधाएं दी जाएंगी। – डा. मनीषा श्रीवास्तव, सक्षमता केंद्र की प्रभारी व बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक

पर्यटन को बढ़ावा देने अब अंतरप्रांतीय जलमार्ग बनेगा, चार करोड़ के कार्यों की डीपीआर तैयार

धार  मध्य प्रदेश में धार जिले के नर्मदा किनारे चंदनखेड़ी मेघनाद घाट अब नदी पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां से गुजरात की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक क्रूज संचालन के लिए पर्यटन विभाग चार करोड़ के कार्यों की डीपीआर तैयार कर रहा है। विभाग क्रूज संचालन के पूर्व अन्य सभी सुविधाएं मेघनाद घाट पर उपलब्ध करवाने की योजना पर कार्य कर रहा है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नर्मदा नदी पर मेघनाद घाट से गुजरात की स्टेच्यू ऑफ यूनिटी केवड़िया तक 120 किमी में प्रदेश का पहला अंतरप्रांतीय जलमार्ग बनेगा। क्रूज संचालन के लिए मध्यप्रदेश टूरिज्म और गुजरात सरकार में एमओयू पर हस्ताक्षर हो गए हैं। मेघनाद घाट पर खड़े हैं दो पोंटून इस 120 किमी के जल मार्ग पर मध्यप्रदेश और गुजरात सरकार को दो-दो फ्लोटिंग जेटी (पोंटून) क्रूज के टर्मिनल के रूप में कार्य करेगी। इसके लिए मध्यप्रदेश को दो पोंटून मिल गए हैं, जो मेघनाद घाट पर खड़े हैं। जल्द ही गुजरात को भी दो पोंटून मिल जाएंगे। प्रदेश के पर्यटन विभाग द्वारा नर्मदा किनारे रिसोर्ट बनाने के लिए धार जिले के मेघनाद घाट के समीप और आलीराजपुर जिले के ककराना में जमीन उपलब्ध करवाने की निविदा आमंत्रित की गई। इसके बाद एक कंपनी की टीम ने मेघनाद घाट का दौरा किया। टीम के अमित महाजन ने बताया कि नर्मदा किनारे रिसोर्ट बनाने को लेकर हमारी मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग से चर्चा चल रही है। स्टेशन के लिए बन रही डीपीआर मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग भोपाल के सलाहकार अनिमेष श्रीवास्तव ने बताया कि मेघनाद घाट पर क्रूज संचालन के लिए विभाग ने चार करोड़ की लागत से डीपीआर तैयार कर ली है। इसमें जेटी तक जाने के लिए फ्लोटिंग पुल, क्रूज को खड़े रहने के स्थान के साथ अन्य आवश्यक सुविधाएं की जाएंगी। इसके लिए पहले चरण की डीपीआर बनाई है। पर्यटन विभाग द्वारा क्रूज संचालन के लिए कंपनियों से चर्चा की जा रही है। यह है खास     गुजरात की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को मध्य प्रदेश के स्टैच्यू आफ वननेस ओंकारेश्वर से जोड़ा जाएगा।     गुजरात के केवड़िया से प्रदेश के मेघनाद तक 120 किमी की यात्रा जलमार्ग क्रूज से होगी।     मेघनाद घाट से ओंकारेश्वर तक की यात्रा बस द्वारा पर्यटकों को करवाई जाएगी।     120 किमी जल मार्ग में तीन स्थानों पर पर्यटकों को क्रूज से उतारकर आदिवासी संस्कृति से रूबरू कराने की योजना।     मध्य प्रदेश में मेघनाद घाट से ओंकारेश्वर तक सड़क मार्ग के मध्य बाग गुफा, डायनासोर पार्क, मांडू और महेश्वर जैसे पर्यटन स्थल का भ्रमण कराने की योजना है।     गुजरात के साथ मध्यप्रदेश से भी क्रूज संचालन किया जाएगा। इसमें गुजरात पर्यटन विभाग स्टैच्यू आफ यूनिटी के आसपास के पर्यटन स्थल जोड़ने की योजना पर कार्य कर रहा है।  

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