LATEST NEWS

इंदौर को बड़ी उपलब्धि, पानी बचाने में भी नंबर वन, तीसरी बार जीता नेशनल वाटर अवॉर्ड

इंदौर  भारत का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर ने फिर इतिहास रच दिया है। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर ने पानी बचाने में भी नंबर वन का तमगा अपने नाम किया है। घोषित 5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों में इंदौर को वेस्ट जोन का नंबर वन जिला घोषित किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 22 अक्टूबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में इंदौर को पुरस्कृत करेंगी। बता दें कि इंदौर ने तीसरी बार नेशनल वाटर अवॉर्ड पर कब्जा जमाया है। इंदौर को मिले 10 में से 10 नंबर केंद्रीय दल की टीम ने मई में इंदौर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कई चरणों में परीक्षण किया था।  टीम ने इंदौर के जल स्रोत, संरचनाओं और पानी बचाने के विकल्प का परीक्षण करने के साथ ही एक दिन नगर निगम सीमा में पानी बचाने और जल स्रोत पर हुए कार्य की जानकारी ली। इस शहर के रिचार्ज सॉफ्ट के तहत पानी बचाने के कामों के प्रेजेंटेशन की सराहना भी की थी। सबकुछ देखने परखने के बाद राष्ट्रीय पुरस्कार के मूल्यांकन में इंदौर को 10 में से 10 अंक दिए गए। जानें क्यों मिला नंबर वन का पुरस्कार भीषण गर्मी में भी इंदौर में नदियों का जल प्रवाह नहीं टूटा। झरनों की रवानी भी पहले से अधिक समय तक बरकरार रही। जल संरक्षण के लिए इंदौर ने 419 फॉर्म पोंड, 101 अमृत सरोवर और 185 डगआउट पॉड का निर्माण किया। बामनिया कुंड, मेहंदी कुंड और पातालपानी झरनों में पानी के प्रवाह की मात्रा और अवधि में वृद्धि हुई। पारंपरिक जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए 22 अमृत सरोवर से अतिक्रमण हटाया और 25 तालाबों का क्षेत्रफल बढ़ाया गया। इसलिए इंदौर को पहला पुरस्कार दिया गया। शैक्षिक संस्थानों में सीकर का सरकारी स्कूल अव्वल‎‎ जल प्रबंधन में सर्वश्रेष्ठ स्कूल का पहला पुरस्कार राजस्थान के सीकर के गवर्नमेंट अपर प्राइमरी स्कूल को मिलेगा। दूसरा‎ पुरस्कार नई दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित गवर्नमेंट सर्वोदय कन्या विद्यालय को दिया जाएगा। इसके अलावा उच्च शिक्षण‎ संस्थानों में पहला पुरस्कार कोयंबटूर के तमिलनाडु एग्रीकल्चरल यूनीवर्सिटी को दिया जाएगा।‎‎ इंदौर 10/10: तालाब बचाए, झरनों को दिया जीवन, घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग     नेशनल पुरस्कार के आकलन में इंदौर को 10 में से 10 अंक मिले। मई में आई टीम ने ग्राम मलेंडी, बड़िया, बुरालिया, जाम बुजुर्ग में बहती नदियां देखीं।     इंदौर ने जल संरक्षण के लिए 419 फॉर्म पोंड, 101 अमृत सरोवर, 185 डगआउट पॉड बनाए।     बामनिया कुंड, मेहंदी कुंड, पातालपानी झरनों में पानी के प्रवाह की अवधि और मात्रा में बढ़ोतरी की।     नगर निगम क्षेत्र में 1.14 लाख घर व ग्रामीण क्षेत्र में 1400 शासकीय भवनों पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग लगाए।     परंपरागत जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए 22 अमृत सरोवर से अतिक्रमण हटाया। 25 तालाबों का क्षेत्रफल बढ़ाया।     सामुदायिक और निजी फलोद्यान में 3 लाख पौधे मनरेगा से लगाए गए। नगर निगम सालाना 1 लाख पौधे लगा रहा है। शहर में 100 अहिल्यावन बनाए।     जल संरक्षण के प्रति जनजागरण के लिए सभी 334 ग्राम पंचायतों का वाटर बजट तैयार किया गया। जलदूत ऐप के माध्यम से भूजल स्तर की निगरानी की जा रही। ओडिशा ने 53 हजार जलाशय व रेनवाटर हार्वेस्टिंग ढांचे बनाए‎‎ ओडिशा में कुछ वर्षों में 53 हजार‎ जलाशय और रेनवाटर हार्वेस्टिंग ढांचे‎ खड़े किए गए। जल‎ संरक्षण व प्रबंधन के लिए सर्वश्रेष्ठ जिलों में पूर्वी जोन से ओडिशा का बालांगीर, नॉर्थ ईस्ट से त्रिपुरा का ढालई, दक्षिणी से आंध्र प्रदेश का विशाखापट्टनम और उत्तरी जोन से जम्मू-कश्मीर के गांदरबल व‎ उप्र के बांदा जिले को चुना गया है। ओडिशा सर्वश्रेष्ठ राज्य ओडिशा को वर्ष 2023 के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य घोषित किया है। जल जीवन मिशन के तहत 72.78% गांवों को नल से जल पहुंचाने और 15 हजार अमृत‎ सरोवर विकसित करने के लिए उत्तरप्रदेश दूसरे स्थान पर रहा। गुजरात और पुडुचेरी संयुक्त रूप से तीसरे पायदान पर हैं। केरल की इस पंचायत को पहला पुरस्कार केरल के तिरुअनंतपुरम जिले के पुल्लमपारा गांव को जल प्रबंधन में सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायतों में पहला पुरस्कार दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ के कांकेर के मासुलपानी गांव को दूसरा पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। गुजरात के‎ सूरत को सर्वश्रेष्ठ नगर निकाय के लिए पहला पुरस्कार मिलेगा। ओडिशा के पुरी को दूसरा और महाराष्ट्र के पुणे को तीसरा पुरस्कार दिया जाएगा। राजस्थान के इस स्कूल को पहला पुरस्कार जल प्रबंधन में उत्कृष्टता के लिए पहला पुरस्कार राजस्थान के सीकर के गवर्नमेंट अपर प्राइमरी स्कूल को प्रदान किया जाएगा। दूसरा पुरस्कार नई दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित गवर्नमेंट सर्वोदय कन्या विद्यालय को दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उच्च शिक्षा संस्थानों में पहला पुरस्कार तमिलनाडु एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, कोयंबटूर को मिलेगा। पिछले साल भरे गए थे नामांकन भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की ओर से 5वें नेशनल वाटर अवॉर्ड के जिए पिछले साल दिसंबर में नामांकन प्रक्रिया की गई थी। मंत्रालय की ओर से चयनित शहरों के अवॉर्ड में वेस्टर्न जोन में इंदौर को सिलेक्ट किया गया। इस जोन के लिए प्रदेश के 2 शहरों का नाम प्रक्रिया में शामिल किया गया था, जिसमें इंदौर रतलाम का नाम था। इसके साथ ही इसी जोन से गुजरात राज्य के कच्छ शहर का नाम भी शामिल किया गया था।  

हमीदिया में वार्ड ब्वॉय और टेक्नीशियन चार महीने से वेतन नहीं मिलने के चलते 500 कर्मचारी हड़ताल पर

भोपाल हमीदिया अस्पताल में वार्ड ब्वॉय और टेक्नीशियन चार महीने से वेतन नहीं मिलने के चलते लगभग 500 कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते सुबह से ही यहां आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार इन सभी कर्मचारियों को एजाइल सिक्योरिटी सर्विस कंपनी द्वारा वेतन दिया जाता है। यह सभी हमीदिया में एजाइल कंपनी के आउट सोर्स कर्मचारी हैं। इससे पहले इन कर्मचारियों ने तीन से चार बार कंपनी को पत्र लिखकर शिकायत की थी। पत्र के जवाब में कंपनी द्वारा सिर्फ आश्वासन दिया गया। इसके चलते कर्मचारियों ने हडताल कर दी। अब अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में कंपनी के अलावा शासन स्तर पर भी बातचीत की है, ताकि जल्द से जल्द ये मामला खत्म हो। कर्मचारियों की मांग- जिस विभाग में काम, वहीं से मिले वेतन वार्ड ब्वॉय रज्जू लाल ने कहा, हमारी मांग है कि जिस विभाग में हम काम कर रहे हैं, उसी विभाग से पेमेंट दिया जाए। वार्ड ब्वॉय, हाउस कीपिंग, लैब टेक्नीशियन, ऑपरेटर किसी की भी पेमेंट नहीं आई है। हम लोग पेमेंट के लिए कई बार लगातार आवेदन दे चुके हैं। लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया है। अगर हमारी बात नहीं सुनी गई, तो हम यहां से जिला कलेक्टर के पास जाएंगे। इसके अलावा हम मुख्यमंत्री के सामने भी अपनी परेशानी बताएंगे। पर्चा नहीं बनने से हो रही परेशानी आष्टा से आए मरीज के परिजन बताया कि वे सुबह से अपनी पत्नी को लेकर आए हैं। पत्नी को दर्द की शिकायत है, मगर पर्चा नहीं बनने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मध्य प्रदेश उपचुनाव: 13 नवंबर को 2 विधानसभा सीटों पर मतदान, EC ने किया शेड्यूल जारी

Madhya Pradesh by-election: Voting on 2 assembly seats on November 13, EC released schedule MP Bypoll 2024 Schedule: मध्य प्रदेश की दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान हो गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार (15 अक्टूबर) को प्रेस कांफ्रेंस कर चुनाव के शेड्यूल की जानकारी विस्तार से दी है. मध्य प्रदेश की बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों पर 13 नवंबर को मतदान होंगे और 23 नवंबर को मतगणना के बाद नतीजे सामने आ जाएंगे. मध्य प्रदेश विधानसभा उपचुनाव 2024 का शेड्यूलचुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए शेड्यूल के मुताबिक, नोटिफिकेशन जारी करने की तारीख 10 अक्टूबर 2024 होगीनामांकन भरने की आखिरी तारीख 25 अक्टूबर 2024 होगीनामांकन पत्रों की जांच 28 अक्टूबर 2024 को होगीनाम वापस लेने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर तक होगीमतदान की तारीख 13 नवंबर 2024 होगीमतगणना 23 नवंबर 2024 को होगी इन वजहों से खाली हुईं बुधनी और विजयपुर सीटेंसीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट और श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं. बुधनी सीट पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लंबे समय तक विधायक रहे. इस बार के लोकसभा चुनाव में विदिशा से सांसद चुने जाने के बाद शिवराज सिंह को केंद्रीय मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली और इसी के साथ बुधनी सीट खाली हो गई. वहीं, विजयपुर विधानसभा सीट रामनिवास रावत के कांग्रेस छोड़ने के बाद से खाली है. रामनिवास रावत अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं. ऐसे में बीजेपी उन्हें ही इस सीट से फिर चुनाव में उतार सकती है. https://www.facebook.com/share/uhUckjZ3M64hNZUq बीजेपी और कांग्रेस की ओर से अभी बुधनी और विजयपुर सीट पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किया गया है. हालांकि, बीजेपी नेताओं की मांग है कि बुधनी से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह को टिकट दिया जाए. वहीं, विजयपुर सीट से रामनिवास रावत का टिकट लगभग फाइनल माना जा रहा है. वहीं, कांग्रेस में अभी नामों पर विचार मंथन चल रहा है. माना जा रहा है कि एक-दो दिन में दोनों ही पार्टियां प्रत्याशियों की घोषणा कर देंगी. . राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के विज्ञान भवन स्थित प्लेनरी हॉल में दोपहर को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस (पीसी) के दौरान उन्होंने यह भी बताया, “महाराष्ट्र में एक चरण में ही चुनाव होगा. 20 नवंबर को मतदान होगा, जबकि 23 नवंबर, 2024 को मतगणना की जाएगी. झारखंड में दो चरण में मतदान होगा. पहले चरण के तहत 13 नवंबर को तो दूसरे फेज में 20 नवंबर, 2024 को वोट डाले जाएंगे और वोटों की गिनती 23 नवंबर को की जाएगी.” उप-चुनावों का कार्यक्रम कुछ इस तरह रहेगा सीईसी राजीव कुमार ने आगे उप-चुनावों के बारे में भी जानकारी दी और कहा, “उत्तर प्रदेश (यूपी) की 10 विधानसभा सीटों पर 13 नवंबर को मतदान होगा. केरल की वायनाड लोकसभा सीट पर 13 नवंबर को वोट डाले जाएंगे और उत्तराखंड में 20 नवंबर को बाई-इलेक्शन होगा.”

कॉमेडियन एक्टर अतुल परचुरे का निधन, लंबे समय से कैंसर से थे पीड़ित

मुंबई फिल्म इंडस्ट्री से एक शॉकिंग खबर आ रही हैं. दिग्गज मराठी एक्टर-कॉमेडियन अतुल परचुरे का निधन हो गया है. उन्होंने 57 की उम्र में आखिरी सांस ली. मराठी के साथ-साथ हिंदी फिल्मों और टीवी सीरियल्स में काम करने वाले अतुल परचुरे लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे. हालांकि कैंसर पर काबू पाने के बाद उन्होंने फिर से जोश के साथ काम करना शुरू किया था और कई मराठी शोज में अपनी भूमिकाओं से दर्शकों के दिलों पर राज किया. लेकिन उनकी सेहत लगातार गिरती जा रही थी. वो कैंसर के बाद होने वाली शारीरिक समस्याओं और कमजोरी से जूझ रहे थे. खबरों की मानें तो उन्हें फिर से कैंसर की बीमारी ने घेर लिया था. अतुल अपने पीछे मां, पत्नी और बेटी को छोड़ गए हैं. उनके अचानक इस दुनिया को अलविदा कर चले जाने से परिवार गमगीन है और फैंस के बीच मातम छा गया है. मराठी के साथ हिंदी सिनेमा का जाना माना चेहरा अतुल परचुरे के जाने से मराठी के साथ-साथ हिंदी फिल्म और टीवी इंडस्ट्री को भी एक गहरा झटका लगा है. वो कपिल शर्मा के साथ कॉमेडी नाइट्स शो पर भी अपनी कॉमेडी का तड़का लगा चुके हैं. इसके अलावा वो कॉमेडी सर्कस, यम हैं हम, आरके लक्ष्मण की दुनिया जैसे कई हिट सीरियल्स कर चुके हैं. एक्टर ने हाल ही में अपने नए थियेटर प्ले सूर्याची पिल्लई की अनाउंसमेंट की थी. अतुल ने हिंदी सिनेमा में भी कई अहम किरदार निभाए थे. वो शाहरुख खान की बिल्लू, सलमान खान की पार्टनर, और अजय देवगन की ऑल द बेस्ट में भी अपनी कॉमिक टाइमिंग से हर किसी का दिल जीत चुके हैं. इसके अलावा अतुल ने क्योंकि, सलाम-ए-ईश्क, कलयुग, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी, और खिचड़ी जैसी कई फिल्में की हैं. महाराष्ट्र सीएम ने जताया शोक महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने एक्टर अतुल परचुरे के निधन पर शोक जताया. सीएम ने मराठी में एक्टर के लिए अपनी फीलिंग्स बयां की और बताया कि वो एक्टिंग के कितने बड़े महारथी थे. सीएम ने लिखा- तेज तर्रार एक्टर की असमय विदाई- ”कभी दर्शकों को हंसा रहे हैं तो कभी भौंहें चढ़ा रहे हैं. हमेशा अंतर्मुखी रहने वाले क्लासिक अभिनेता अतुल परचुरे की असामयिक मृत्यु दुखद है. अतुल परचुरे ने अपने शानदार अभिनय करियर की शुरुआत बच्चों के थिएटर से की थी. उन्होंने नाटक, फिल्म और धारावाहिक तीनों ही क्षेत्रों में अपनी छाप छोड़ी. चाहे वो तरूण तुर्क मातरे अरका, नाटीगोटी या पु जैसे नाटक हों. चाहे वो देशपांडे की मौखिक, गीतात्मक कॉमेडी हो, अतुल परचुरे ने अपने जन्मजात गुणों से इसमें गहराई जोड़ दी है. उन्होंने मराठी और हिंदी फिल्मों में भी बेहतरीन किरदार निभाए हैं. उनके जाने से मराठी ने एक कालजयी अभिनेता खो दिया है. इस नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती. परचुरे के हजारों प्रशंसकों में से एक के रूप में, मैं परिवार का दुख साझा करता हूं. भगवान उन्हें ये दुख सहने की शक्ति दे. राज्य सरकार की ओर से मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. ॐ शांति.” अमिताभ के हाथों मिला सम्मान अतुल परचुरे को हाल ही में मराठी सिनेमा में योगदान के लिए मास्टर दीनानाथ मंगेश्कर अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था. खुद सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने उन्हें ये सम्मान दिया था. इसके बाद अतुल ने एक पोस्ट शेयर कर अपनी फीलिंग्स भी बयां की थी. एक्टर ने लिखा था- मंगेशकर परिवार के प्रशंसक के रूप में, ये मान्यता और प्यार पाने का सर्वोच्च रूप है. श्री अमिताभ बच्चन की उपस्थिति में इसे प्राप्त करना एक और सपना है जो कल रात सच होते हुए मैंने देखा. एक शानदार शाम और इस सम्मान के लिए धन्यवाद.  

इंदौर के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिये पर्याप्त संख्या में बनाये जाएंगे अंडरपास और फ्लाय-ओवर मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विकास को नई गति देकर लिखा जाएगा नया अध्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में रचा गया विकास का स्वर्णिम इतिहास, मुख्यमंत्री ने एक साथ 222 करोड़ रुपये लागत के 4 फ्लाय-ओवर का किया लोकार्पण इंदौर के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिये पर्याप्त संख्या में बनाये जाएंगे अंडरपास और फ्लाय-ओवर  मुख्यमंत्री डॉ. यादव संत सेवालाल के नाम पर होगा फूटी कोठी ओवर ब्रिज और चौराहा इंदौर इंदौर में आज स्वर्णिम इतिहास रचा गया। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक ही दिन में एक साथ लगभग 222.25 करोड़ रुपये लागत के 4 फ्लाय-ओवर का लोकार्पण किया। यह पहली बार हो रहा है जब इंदौर में एक ही दिन में एक साथ 4 फ्लाय-ओवर का लोकार्पण हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फूटी कोठी (संत सेवालाल चौराहा) सहित भंवरकुंआ, खजराना और लवकुश चौराहे के फ्लाय-ओवर का लोकार्पण किया। चारों फ्लाय-ओवर इंदौर के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने में मददगार होंगे। फ्लाय-ओवर के प्रारंभ होने से इंदौर के लाखों नागरिकों को सुगम एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी। फूटी कोठी फ्लाय-ओवर का नाम प्रसिद्ध संत सेवालाल जी महाराज के नाम पर किया गया है। फ्लॉय-ओवर लोकार्पण अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और विधायक और पूर्व मंत्री सुउषा ठाकुर, महेन्द्र हार्डिया, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, महेन्द्र हार्डिया और मनोज पटेल, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना मालवीय, पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे, गौरव रणदिवे, चिन्टू वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि विशेष रूप से मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फूटी कोठी (संत सेवालाल चौरहा) में आयोजित फ्लाय-ओवर के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास को नई गति देकर विकास का नया अध्याय लिखा जाएगा। विकास के सभी अवरोधों को हटाकर प्रदेश के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर का चहुँमुखी विकास और सुरक्षित यातायात हमारी प्राथमिकता है। हमारा प्रयास है कि इंदौर के किसी भी चौराहे पर यातायात बाधित न हो और वाहन चालकों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने इंदौर की यातायात संबंधी परेशानियों के निराकरण के लिए कहा कि यहाँ जितने भी अंडरपास/ओवर ब्रिज की आवश्यकता होगी, वह सभी बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इंदौर में 400 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज लाइन का कार्य करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नशे का अवैध कारोबार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। नशे के अवैध कारोबार करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मनुष्यों की सोच जहां समाप्त होती है, वहीं से संतों की सोच शुरू होती है। मनुष्यों एवं देवताओं के बीच संत सेतु के रूप में होते हैं। समाज के किसी भी संत के योगदान को भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने प्रदेश में गायों के संरक्षण, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा गौ-शालाओं के संचालन के संबंध में राज्य शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि फूटी कोठी चौराहे का नाम संत सेवालाल चौराहा होगा। इंदौर के चौराहों पर आवश्यकतानुसार अंडर-पास और ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। आगामी 3 वर्षों में एक कार्य-योजना बनाकर लगभग 20 से 25 अंडरपास/ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। इंदौर शहर में यातायात सुधार के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज बनाना हमारा संकल्प है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने लोकार्पित हुए 4 ओवर ब्रिज के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को संत गोपाल चैतन्य महाराज ने भी संबोधित किया। एकलव्य सिंह गौड़ ने आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने इंदौर भ्रमण के दौरान सबसे पहले फूटी कोठी फ्लाय-ओवर का लोकार्पण किया। यह फ्लाय-ओवर 610 मीटर लंबा है। इसकी चौड़ाई 24 मीटर एवं 6 लेन है। इसके निर्माण पर 57.70 करोड़ रूपये लागत आयी है। इसी तरह उन्होंने भवर कुआं के फ्लाय-ओवर का लोकार्पण भी किया। भंवरकुंआ में 625 मीटर लंबे और 24 मीटर चौड़ाई के 6 लेन फ्लाय-ओवर का निर्माण 55.77 करोड़ रूपये की लागत से किया गया है। इसी तरह लवकुश चौराहा और खजराना चौराहा के फ्लाय-ओवर की एक-एक भुजा का लोकार्पण भी किया गया। खजराना के फ्लाय-ओवर की लागत 41.19 करोड़ और लवकुश चौराहे के फ्लाय-ओवर की लागत 66.88 करोड़ रूपये हैं। उक्त दोनों फ्लाय-ओवर भी 6 लेन हैं। इन दोनों फ्लाय-ओवर की दूसरी भुजाओं का कार्य भी लगभग 90 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। शेष कार्य भी जल्द ही पूरा हो जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौरी जायके का लिया स्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर भ्रमण के दौरान विजय नगर स्थित एक रेस्टॉरेंट पर रूके। यहाँ उन्होंने अपने मंत्री के साथी कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट सहित अन्य जन-प्रतिनिधियों के साथ इंदौरी जायके का स्वाद लिया। उन्होंने रेस्टॉरेंट में पानीपुरी, भजिये और छोले भटूरे भी खाये।  

उभरते हुए वेडिंग और MICE डेस्टिनेशन के रूप में बना रहा पहचान

भोपाल प्राकृतिक सौंदर्य के बीच रोमांचक और साहसिक अनुभव का संगम “गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट” के तीसरे संस्करण की शुरुआत मंदसौर में हुई। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति और प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड, शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मंदसौर में गांधीसागर के बैकवाटर्स किनारे स्थापित गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट रोमांच, मनोरंजन और सांस्कृतिक अनुभवों का एक अद्भुत संगम होने के साथ साथ, उभरता हुआ MICE और वेडिंग डेस्टिनेशन भी है। ऑल वेदर टेंट सिटी में लग्जूरियस स्टे के साथ पर्यटक कई रोमांचक गतिविधियों जैसे हॉट एयर बैलूनिंग, पैरामोटरिंग, जेट स्कीइंग, कयाकिंग, मोटर बोटिंग का आनंद ले सकेंगे। गांधीसगर फॉरेस्ट रिट्रीट की शुरुआत रंगारंग लोकगीत लोकनृत्य के साथ हुईं। कार्यक्रम के अंत में नयासा म्यूजिक बैंड की परफॉर्मेंस भी हुई। अपने अनोखे और अद्वितीय स्वरूप में गांधी सागर अब वेडिंग और MICE डेस्टिनेशन के रूप में पहचान बना रहा है। पर्यटकों के लिए प्राकृतिक सौन्दर्य, रोमांचक गतिविधियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का यह बेमिसाल संयोजन है। इच्छुक पर्यटक 07808780899 पर संपर्क कर बुकिंग संबंधी डिटेल्स जान सकते है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पर्यटन द्वारा नए टूरिज्म उत्पाद ऑफबीट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित और प्रस्तुत किए जा रहे हैं। इसमें चंदेरी, गांधी सागर फॉरेस्ट रिट्वीट और हनुवंतिया टेंट सिटी प्रमुख रूप से पर्यटन की अधोसंरचना के विकास के साथ-साथ स्थानीय रोजगार को बढ़ावा दे रहा है। इसके साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल दे रहा है।     

मंत्री तोमर ने उपनगर ग्वालियर के विभिन्न बाजारों व बस्तियों में भ्रमण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया

ऊर्जा मंत्री तोमर ने उपनगर ग्वालियर में भ्रमण कर सफाई व्यवस्था का लिया जायजा मंत्री तोमर ने फावड़ा लेकर राजामंडी क्षेत्र में साफ-सफाई कर आम जनता को दिया स्वच्छता का संदेश मंत्री तोमर ने उपनगर ग्वालियर के विभिन्न बाजारों व बस्तियों में भ्रमण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने उपनगर ग्वालियर के विभिन्न बाजारों व बस्तियों में भ्रमण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी न हो। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय निवासियों से रू-ब-रू होकर उनकी समस्यायें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही लोगों से साफ-सफाई के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उपनगर ग्वालियर की राजा मंडी बस्ती से ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भ्रमण प्रारंभ किया। इस दौरान उन्हें गंदगी मिलने पर नाराजगी व्यक्त की तथा स्वयं ही फावड़ा मंगा कर नाली की सफाई की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया क्षेत्र में प्रतिदिन साफ-सफाई समय पर हो। कहीं भी कचरा इकठ्ठा नहीं हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही लोगों से कहा कि वे स्वच्छता को लेकर सजग रहें। ऊर्जा मंत्री तोमर ने राजा मंडी से किला गेट, गल्ला मंडी, कोटा वाला मोहल्ला, रामटापुरा, गुदड़ी, किलामेट होते हुए, बाबा कपूर की दरगाह, काशी नरेश की गली, मंगलेश्वर रोड, सुभाष विद्यालय होते हुए घास मंडी चौराहा, गोलंदाज घंटाघर, डोडापुर तिराहा, मिर्जापुर होते हुए शील नगर पहुँचे। इन क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के बाद उन्होंने शीलनगर के हनुमान जी मंदिर पर रात्रि विश्राम भी किया। भ्रमण के दौरान ऊर्जा मंत्री तोमर ने विद्युत, सीवर, साफ सफाई आदि सहित अन्य बुनियादी समस्याओं का निरीक्षण किया। उन्होंने भ्रमण के दौरान एक बुजुर्ग महिला की वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत करने के निर्देश मौके पर मौजूद अधिकारियों को दिए। उन्होंने रमटापुरा एवं गुदड़ी में गंदगी मिलने पर काफी नाराजगी व्यक्त की। भ्रमण के दौरान क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने लोकार्पण किया

संजीवनी क्लीनिक से घर के नजदीक मिलेगा नि:शुल्क इलाज – ऊर्जा मंत्री तोमर काशी नरेश की गली में किया संजीवनी क्लीनिक का लोकार्पण – ऊर्जा मंत्री तोमर मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने लोकार्पण किया भोपाल काशी नरेश की गली किला गेट में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत निर्मित मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का सोमवार को ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संजीवनी क्लीनिक के माध्यम से सब को स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार हर व्यक्ति को उसके घर के नजदीक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिये कटिबद्ध है। इसी उद्देश्य से संजीवनी क्लीनिक खोले जा रहे हैं। मंत्री तोमर ने कहा कि गरीब एवं जरूरतमंद को घर के नजदीक ही नि:शुल्क स्वास्थ्य लाभ मिले, इसी धारणा से सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वार्ड में संजीवनी क्लीनिक खोले जा रहे हैं, जहां दवाईयों के साथ ही कई प्रकार की स्वास्थ्य जाचों का लाभ निशुल्क मिलेगा। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं क्षेत्रीण गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  

इंदौर की है प्रदेश में एक विशिष्ट पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर प्रदेश में विकास, उन्नति, प्रगति, व्यापार- व्यवसाय, कला, साहित्य और संस्कृति के लिए एक विशेष पहचान रखता हैं। इंदौर से मध्यप्रदेश की पहचान है जो हमारे लिए गर्व और आनंद की बात हैं। इंदौर जो करता है सबसे अलग करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दशहरे के मौके पर इंदौर को आज 4 फ्लाय-ओवर की बड़ी सौगात मिली हैं। यातायात की समस्या को हल करते हुए इंदौर को प्रायोरिटी पर लिया गया है। इंदौर में ट्रैफिक समस्या को देखते हुए फ्लाय-ओवर की श्रृंखला बनी है, जो निरंतर जारी रहेगी। विकास के नए पैमाने पर इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर काम किया जा रहा है, जिसके परिणाम जल्द आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यात्रियों की समस्या को देखते हुए लोकार्पण करने का नया तरीका निकाला हैं। पहले ब्रिज बनने के बाद लोकार्पण करते थे, हमने थोड़ा बदलाव किया हैं। जनता की समस्या को देखते हुए अभी जितना ब्रिज बना है उतना ही शुरू कर रहे हैं। इससे लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकास निरंतर जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को इन्दौर प्रवास के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए यह बात कही।  

मुख्यमंत्री ने कहा- राज्य सरकार द्वारा 17-18 अक्टूबर 2024 को भोपाल में खनन कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के महत्वाकांक्षी विकसित भारत-2047 के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए राज्य सरकार द्वारा 17-18 अक्टूबर 2024 को भोपाल में खनन कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। यह महत्वपूर्ण आयोजन राज्य में खनन, तेल, गैस और खनिज आधारित उद्योगों की व्यापक संभावनाओं को प्रदर्शित करेगा, जो विकास की रीढ़ के रूप में कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्य है और देश के खनन क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह देश का एकमात्र राज्य है जो हीरे का उत्पादन करता है साथ ही मैंगनीज और तांबा अयस्क के उत्पादन में भी अग्रणी है, जो विभिन्न औद्योगिक उपयोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा राज्य रॉक-फॉस्फेट उत्पादन में दूसरे, सीमेंट उद्योग के लिए आवश्यक चूना पत्थर उत्पादन में तीसरे और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर है। कोल-गैस के उत्पादन में भी राज्य दूसरे स्थान पर है, जो वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और स्थिरता की दिशा में उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कॉन्क्लेव से मध्यप्रदेश सरकार राज्य को खनन और खनिज-आधारित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाने के लिये की पहल कर रही है। इससे राज्य में आर्थिक संमृद्धि और रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी होगी। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सभी हितधारकों, उद्योगपतियों और खनन क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल होने के लिये आमंत्रित किया गया है। इनकी रहेगी विशेष उपस्थिति खनन कॉन्क्लेव में केंद्रीय खनन मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री एस.सी. दुबे और सचिव केन्द्रीय खान मंत्रालय श्री वी.एल. कांता राव शामिल होंगे, जो राज्य में खनन क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिये केन्द्र सरकार की ओर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराऐंगे इस कार्यक्रम में 600 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी। इसमें एन.सी.एल, एच.सी.एल, एन.एम.डी.सी., ओ.एन.जी.सी., और जी.ए.आई.एल जैसी प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि और अन्य राज्यों के उद्योगपति शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि कॉन्क्लेव खनिज कंपनियों, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य प्रमुख हितधारकों को एक मंच पर लाएगा, जिससे सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा। इस आयोजन का उद्देश्य मध्यप्रदेश के समृद्ध खनिज संसाधनों को प्रदर्शित करना है, जिससे राज्य में निवेश को आकर्षित किया जा सके। इसमें कोयला, चूना पत्थर, तेल और गैस, सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही खनन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग की भूमिका पर भी जोर दिया जाएगा। इस आयोजन में डिजिटल परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें खनन कार्यों में ऑटोमेशन के साथ एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग पर चर्चा होगी। कोल गैस (CBM) जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की संभावनाओं का भी अन्वेषण किया जाएगा। सीमेंट, ऊर्जा, और खनिज-आधारित उद्योगों से संबंधित मुद्दों पर गहन चर्चा के लिए एक राउंड टेबल मीटिंग भी होंगी। कॉन्क्लेव में कई संस्थानों के साथ एमओयू भी होंगे, जो राज्य के खनन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए निवेश प्रस्तावों को औपचारिक रूप देंगे।

संस्कृत में हायर एजुकेशन कर बनायें शानदार करियर, पतंजलि यूनिवर्सिटी में कई कोर्स

संस्कृत भाषा, भारतीय संस्कृति और दर्शन की आधारभूत भाषा है. धार्मिक ग्रंथों से लेकर साहित्य और कला तक, संस्कृत ने भारतीय संस्कृति को आकार दिया है. इसका वैज्ञानिक व्याकरण भाषा विज्ञान में महत्वपूर्ण रहा है. आज भी संस्कृत का उपयोग पूजा, संगीत और चिकित्सा में किया जाता है. कई अंतरराष्ट्रीय संगठन संस्कृत भाषा के संरक्षण और प्रचार के लिए काम कर रहे हैं, जिससे इसे विश्व स्तर पर मान्यता मिल रही है. संस्कृत को पिछले 3,500 वर्षों से पढ़ाया जा रहा है और इसकी विरासत भारत की सच्ची संस्कृति को समृद्ध करते हुए लंबे समय से जारी है. माना जाता है कि सबसे पुरानी इंडो-यूरोपियन भाषाओं में से एक, जिसके लिए पर्याप्त लिखित दस्तावेज मौजूद हैं. संस्कृत तेजी से आम लोगों के बीच एक लोकप्रिय भाषा विकल्प बन रही है. ऐसे में संस्कृत के पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वालों और संस्कृत भाषा में हायर एजुकेशन प्राप्त करने वालों की संख्या में वृद्धि हो रही है. अगर आप भी संस्कृत में कोई कोर्स करना चाहते हैं, तो हम आपको पतंजलि यूनिवर्सिटी के द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले संस्कृत भाषा के पाठ्यक्रमों और करियर के विकल्पों के बारे में बताने जा रहे हैं. पतंजलि यूनिवर्सिटी में है संस्कृत विभाग हरिद्वार, उत्तराखंड में स्थित पतंजलि यूनविर्सिटी में संस्कृत विभाग की स्थापना 2009 में की गई थी. ये विभाग विभिन्न पाठ्यक्रम और रिसर्च के अवसर प्रदान करता है. संस्कृत व्याकरण और साहित्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए, विभाग प्राचीन ग्रंथों का विश्लेषण करने और उनको संरक्षित करने के लिए भी काम कर रहा है. यही नहीं, विभाग संस्कृत कम्प्यूटेशनल लैंग्वेज सांइस  जैसे क्षेत्रों में भी शामिल है. विभाग के छात्र और शोधकर्ता लगातार संस्कृत के रहस्यों की खोज कर रहे हैं और ज्ञान के नए रास्ते खोज रहे हैं. इस विभाग के अंतर्गत छात्रों को फीस में 50 प्रतिशत छूट दी जाती है. साथ ही, प्रामाणिकता से अध्ययन करने वाले योग्य छात्रों को नौकरी की गारंटी भी दी जाती है. इसके अलावा, अजीवन ब्रह्मचारियों और संन्यासियों को विशेष 100 प्रतिशत छूट दी जाती है. विद्यार्थी शास्त्र स्मरण के माध्यम से एक लाख रुपये तक की राशि प्राप्त कर सकते हैं. ये हैं पाठ्यक्रम, इतनी है फीस पतंजलि यूनिवर्सिटी में भी लगभग सभी विश्वविद्यालयों की तरह ही बीए, एमए, पीजी डिप्लोमा और पीएचडी प्रोग्राम ऑफर किए जाते हैं. साथ ही, शास्त्री, आचार्य, शिक्षा शास्त्री, शिक्षा आचार्य, संयुक्ताचार्य (एकीकृत), योग विज्ञान शास्त्री, योग विज्ञान, विद्यानिधि (पीएचडी के समकक्ष), ज्योतिष शास्त्र में सर्टिफिकेट / डिप्लोमा इत्यादि कोर्सेस भी उपलब्ध हैं. इन कोर्सेस की अवधि नियमानुसार एक वर्ष से छह वर्ष तक की हो सकती है. वहीं, कोर्सेस की फीस प्रति सेमेस्टर 11,000 रुपये से शुरू होती है. इसके अलावा, एप्लीकेशन फीस, काउंसलिंग फीस, रजिस्ट्रेशन फीस आदि शुल्क भी जोड़े जाते हैं. अधिक जानकारी के लिए पतंजलि यूनिवर्सिटी की अधिकारिक वेबसाइट में जा सकते हैं. संस्कृत में करियर की संभावनाएं यदि आप संस्कृत में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो हाई स्कूल की पढ़ाई से ही संस्कृत विषय का चुनाव करिए. 12वीं पास करने के बाद की उच्च शिक्षा भी संस्कृत विषय में कर सकते हैं. संस्कृत के माध्यम से छात्र शिक्षक बन सकते हैं, अपने डॉक्टरेट को पूरा कर सकते हैं और प्रोफेसर बन सकते हैं और यदि वे चाहते हैं तो अनुवादक, लेखक, कवि और बहुत कुछ बन सकते हैं. इसके अलावा और भी बहुत सारे विकल्प मौज़ूद हैं, जैसे- सलाहकार (संस्कृत प्रूफ़ पढ़ना), संस्कृत शिक्षक, कंटेंट राइटर, संस्कृत अनुवादक आदि.

अब प्रदेशभर के अस्पतालों में ऐसी मशीनों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा, जो धूल खा रही

भोपाल मध्य प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में ऐसी सैकड़ों मशीनें हैं, जिनका उपयोग नहीं किया जा रहा है। ये मशीनें कमरों में पड़ी धूल खा रही हैं। कई जगह वजह यह बताई जा रही है कि नया बजट मिलने के कारण नई मशीन खरीद ली गई है और अच्छी-भली मशीन को पुरानी बताकर उसे बंद कर दिया गया। इस स्थिति को देखते हुए अब प्रदेशभर के अस्पतालों में ऐसी मशीनों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। यानी उद्देश्य यह कि जिन अस्पतालों में इनकी जरूरत है, वहां स्थानांतरित किया जाएगा। अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों से मांगी मशीनों की जानकारी भोपाल से चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों को पत्र भेजकर अस्पतालों में उपलब्ध तथा काम नहीं आ रहीं सभी मशीनों की जानकारी मांगी गई है। साथ ही यह भी जानकारी मांगी गई है कि किन मशीनों की कहां आवश्यकता है। छोटे शहरों के अस्पतालों में काम आ सकेंगी ये मशीनें यह जानकारी मिलने के बाद जहां मशीनें बेकार पड़ी हैं, उन्हें वहां भेजा जाएगा, जहां उसकी आवश्यकता है। इससे प्रदेश के बड़े शहरों के मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों में धूल खा रही मशीनें छोटे शहरों के अस्पतालों या मेडिकल कॉलेजों में काम आ सकेंगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि मशीनों को संचालित करने के लिए जो भी उपकरण लगते हैं, उन्हें पहले से ही खरीद लें ताकि मरीजों को असुविधाओं का सामना न करना पड़े। साथ ही डॉक्टरों के लिए निर्देश हैं कि सीटी स्कैन और एमआरआई के प्रिस्क्रिप्शन स्पष्ट लिखे जाएं। कई अस्पतालों में मशीनों की आवश्यकता मध्य प्रदेश के कई अस्पतालों में मशीनों की आवश्यकता है। खासतौर पर जो नए मेडिकल कॉलेज खुले हैं, वह कम संसाधनों के बीच संचालित हो रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि कई छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों को महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों की आवश्यकता है। बजट की कमी के कारण ग्रामीण अस्पताल नहीं खरीद पा रहे मशीन बजट की कमी के चलते ग्रामीण अस्पताल इन्हें खरीद नहीं पा रहे हैं। ऐसे में बड़े शहरों के अस्पतालों और मेडिकल कालेजों में काम नहीं आ रहीं मशीनों को वहां स्थानांतरित किया जाएगा, जहां उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। इससे उन क्षेत्रों के मरीजों को सुविधाएं मिलने लगेंगी। अभी सुविधा के अभाव में कई जांचों के लिए मरीजों को बड़े शहरों में आना पड़ता है।

साल में तीसरी बार होगा Nursing exam, अब सत्र 2022-2023 के छात्रों को मौका

जबलपुर नर्सिंग के पिछड़े सत्र को पटरी पर लाने के लिए मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय इस वर्ष तीसरी बार संबंधित संकाय की मुख्य परीक्षा कराएगा। सत्र 2020-21 और 2021-22 के बाद अब सत्र 2022-23 की परीक्षा होगी। ये सभी परीक्षाएं नर्सिंग प्रथम वर्ष की हैं। नर्सिंग कॉलेजों के फर्जीवाड़े की जांच एवं कार्यवाही में यह परीक्षाएं अटकी हुई थीं। सत्र 2022-23 की परीक्षा वर्षांत तक आयोजित की जाएगी। इसके लिए विश्वविद्यालय ने तैयारियां आरंभ कर दी है। संबंधित सत्र के नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए शीघ्र ही नामांकन प्रक्रिया होगी। नामांकन प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन कंपनी को व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देशित किया जा चुका है। संबंधित सत्र में स्नातक और स्नातकोत्तर नर्सिंग पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में 25 हजार विद्यार्थी हैं। इसी सप्ताह खुलेगा पोर्टल मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय ने सत्र 2022-23 में प्रवेशित छात्रों के लिए इस वर्ष अगस्त माह में नामांकन प्रक्रिया करने की योजना बनाई थी। तभी सत्र 2021-22 की नामांकन प्रक्रिया भी संचालित थी। इस वर्ष की तीन परीक्षाओं में बैठने वाले विद्यार्थी सत्र     विद्यार्थी     विद्यार्थी 2020-21     मई     30 हजार 2021-22     सितंबर     10 हजार 2022-23     दिसंबर     25 हजार दो सत्र की प्रक्रिया एक साथ होने के कारण समस्या हो सकती थी। सुचारु नामांकन के लिए तब प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी। सत्र 2021-22 की परीक्षा गत माह हो चुकी है। इससे सत्र 2022-23 के नामांकन की बाधा दूर हो गई है। संबंधित सत्र के नामांकन के लिए इसी सप्ताह पोर्टल खोलने की तैयारी है। करीब 45 हजार आंसर शीट्स का मूल्यांकन मध्य प्रदेश में नर्सिंग की अब तक तीन परीक्षा हो चुकी हैं। इसके पहले 2019-2020 के थर्ड ईयर की रुकी हुई परीक्षा मई महीने में हुई थी। इधर मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय एमएससी, पीबीएससी और बीएससी परीक्षाओं के मूल्यांकन में जुट गया है। इन परीक्षाओं की करीब 45 हजार आंसर शीट्स का मूल्यांकन किया जाना है। मूल्यांकन कार्य कराया जा रहा है     नर्सिंग की आयोजित परीक्षाओं के परिणाम शीघ्र घोषित करने के प्रयास है। अभी मूल्यांकन कार्य कराया जा रहा है। सत्र 2022-23 की परीक्षा की योजना पर भी कार्य कर रहे है। – डॉ. सचिन कुचिया, परीक्षा नियंत्रक, मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय  

16 करोड़ रुपये की लागत से ओंकारेश्वर में वॉटर टूरिज्म बढ़ाने की योजना, राजस्व में होगी वृद्धि

खंडवा टूरिज्म के लिहाज से बड़ी खबर है. मध्य प्रदेश टूरिज्म डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन (MPTDC) बोट क्लबों सहित वॉटर टूरिज्म की उन सभी जगहों को विकसित कर रहा है, जहां टूरिस्ट को आकर्षित किया जा सकता है. इसी सिलसिले में कॉर्पोरेशन ने ओंकारेश्वर में वॉटर टूरिज्म बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है. इसमें मिनी क्रूज, पैरासिलिंग और मैकेनिकल बोट चलाने की योजना बनाई जा रही है. इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 16 करोड़ रुपये है. अधिकारी बताते हैं कि सरकार को वित्तीय वर्ष 2023-24 में बोट क्लब से 6 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है. इनके दोबारा बनने से राजस्व में वृद्धि हो सकती है. मध्य प्रदेश टूरिज्म डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन (MPTDC) के अधिकारियों ने बताया कि हमने प्रदेश की कई जगहों पर नए बोट क्लबों की स्थापना के साथ-साथ पहले से स्थापित जगहों को और खूबसूरत बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है. ताकि, टूरिस्ट को प्रदेश के टूरिज्म स्पॉट पर और ज्यादा सुविधाएं मिल सकें. हमने नए वॉटर टूरिज्म के नए केंद्रों को स्थापित करने का भी प्रस्ताव दिया है. गौरतलब है कि, ओंकारेश्वर में पहले से ही छोटा सा बोट क्लब है. इसमें चार स्पीड बोट चलाई जाती हैं. इन्हें एक साल पहले यहां लाया गया था. अब इसे और विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है. यह है पूरा प्रस्ताव अधिकारी बताते हैं कि ओंकारेश्वर में हमने पैरासेलिंग बोट चलाने का प्रस्ताव दिया है. इससे एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए नया केंद्र होगा. भोपाल से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि टूरिस्ट को यहां तक लाने के लिए कई सुविधाओं और गतिविधियों की योजना बनाई जा रही है. हम यह भी कोशिश कर रहे हैं कि डीजल की जगह इलेक्ट्रिकल-सोलर ऊर्जा की इस्तेमाल किया जाए. दूसरे डैम भी होंगे विकसित इसके अलावा कॉर्पोरेशन गंभीर डैम और सरसी बोट को भी विकसित किया जाएगा. उज्जैन के गंभीर डैम में भी मिनी क्रूज, इलैक्ट्रिक बोट और शिकारा चलाया जाएगा. इंदौर क्षेत्र में ओंकारेश्वर, सैलानी, गांधी सागर और चोरल में टूरिज्म एक्टिविटी होती हैं. प्रदेश में फिलहाल 15 बोट क्लब संचालित हैं.

जबलपुर केंद्रीय जेल में हाथ धुलाई दिवस के मौके पर स्वच्छता के प्रति जागरूकता कार्यक्रम संपन्न

Awareness program towards cleanliness completed on the occasion of Hand Washing Day in Jabalpur Central Jail जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता) जबलपुर ! नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर में 15 अक्टूबर 2024 को अंतर्राष्ट्रीय हाथ धुलाई दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन जेल अधीक्षक श्री अखिलेश तोमर जी के मार्गदर्शन में किया गया। पूर्वी खंड के सभाकक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में बंदियों ने “अंतर्राष्ट्रीय हाथ धुलाई दिवस” के महत्व को समझाते हुए अस्वच्छ हाथों से होने वाले विभिन्न रोगों के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया। कार्यक्रम के दौरान बंदियों ने स्वरचित निबंध, लेख, कविता और लघु नाटिका प्रस्तुत की। इसके साथ ही, 101 बंदियों ने सही तरीके से हाथ धोकर “हाथों को स्वच्छ रखने” का संदेश भी दिया। कार्यक्रम का संयोजन एवं मंच संचालन कल्याण अधिकारी श्रीमती सरिता घारू द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि, “रोजमर्रा के जीवन में जाने-अनजाने हमारे हाथ कई वस्तुओं एवं व्यक्तियों के संपर्क में आते हैं, जिससे वे अदृश्य रोगाणुओं से ग्रसित हो जाते हैं। इसलिए, विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाव हेतु समय-समय पर सही तरीके से हाथ धोना अत्यंत आवश्यक है।” इस अवसर पर जेल अधीक्षक श्री अखिलेश तोमर, उप जेल अधीक्षक श्री मदन कमलेश, सहायक जेल अधीक्षक श्री प्रशांत चौहान, और अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम ने सभी उपस्थित लोगों को हाथ धोने के महत्व के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह आयोजन न केवल बंदियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास था, बल्कि उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा भी दी।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet